खाला की चुदाई के बाद आपा का हलाला
04-15-2022, 09:29 AM,
#31
RE: खाला की चुदाई के बाद आपा का हलाला
मजे - लूट लो जितने मिले

पांचवा अध्याय - वासना भरी ताबड़ तोड़ चुदाई

भाग 5

मजो की दुनिया में मेरे अनुभव

सारा की गर्म चुदाई. 





मेरा हाथ अभी भी सारा के स्तन पर रखा था और उसकी सांसों, धड़कन का स्पंदन मैं अपनी हथेली पर महसूस कर रहा था। मैंने दूसरी करवट ले ली सारा पर तो जैसे साक्षात् रति देवी सवार थी उस रात!

मेरे करवट लेते ही सारा मेरे ऊपर से लुढ़क कर मेरे सामने की तरफ आ गई।

'अच्छा ये लो, आज मुंह में लेकर चूसती चूमती हूँ इसे। बहुत दर्द हुआ न आपको अब मैं इसे आराम देती हूँ सारा बोली और मेरा लंड पकड़ कर उस पर झुक गई और अपनी जीभ की नोक से उसे छुआ, फिर फोरस्किन को नीचे खिसका के सुपारा अपने मुंह में ले लिया। मेरा लण्ड तो सारा के मुंह में प्रवेश करते ही फूल के कुप्पा हो गया।

सारा ने पूरा सुपारा अपने मुंह में भर लिया और एक बार चूसा जैसे पाइप से कोल्ड ड्रिंक चूसते हैं।

सारा ने फिर मेरे लंड की चमड़ी को चार छः बार ऊपर नीचे किया जैसे मुठ मारते हैं और फिर लंड को फिर से अपने मुंह में भर लिया, इस बार उसने पूरा सुपारा मुंह में ले लिया, मुंह को ऊपर नीचे करने लगी जिससे लगभग एक तिहाई लंड उसके मुंह में आने जाने लगा।

कुछ देर ऐसे ही करने में बाद सारा बेगम मेरे ऊपर आ गई और लंड को मेरे पेट पर लिटा दिया और अपनी चूत से लंड को दबा दबा के रगड़ा मारने लगी।

सारा के इस तरह रगड़ने से उसकी चूत के होंठ स्वतः ही खुल गये और मेरा लंड उसकी चूत के खांचे में फिट सा हो गया।

सारा जल्दी जल्दी अपनी चूत को मेरे लंड पे घिसने लगी, उसकी बुर से रस बहता हुआ मेरे पेट तक को भिगो रहा था।

अचानक उसकी रगड़ने की स्पीड बहुत तेज हो गई और उसके मुंह से सिसकारियाँ निकलने लगीं 'आह, जानू, कितना अच्छा लग रहा है इस तरह! आपके लण्ड पर अपनी चुत ऐसे रगड़ने का मज़ा आज पहली बार मिल रहा है, आह! ओह!... उई माँ!... बस मैं आने ही वाली हूँ मेरे राजा!... जानू। इसे एक बार घुसा दो न प्लीज, उम्म्ह!... अहह!... हय!... याह!... फिर मैं अच्छे से आ जाऊँगी!

ऐसा कहते हुए सारा अपनी चूत को कुछ ऐसे एंगल से लंड पर रगड़ने लगी कि वो उसकी चूत में चला जाए।

लेकिन मैंने वैसा होने नहीं दिया इस पर सारा खिसिया कर पागलों की तरह अपनी चूत को मेरे लंड पर पटक पटक कर रगड़ते हुए मज़ा लेने लगी।
लंड पर मेरा कोई वश नहीं था, वो तो जवान कसी हुई नर्म गर्म चूत के लगातार हो रहे वार से आनन्दित होता हुआ मस्त था।

उधर सारा की चूत मेरे लंड पे रगड़ती हुई संघर्षरत थी और झड़ जाने की भरपूर कोशिश कर रही थी।

सारा के नाखून मेरे कन्धों में गड़ रहे थे और वो लगातार अपनी चूत मेरे बिछे हुए लंड पर रगड़ती हुई अपनी मंजिल की तरफ पहुँच रही थी।

मेरा बदन भी किसी रिफ्लेक्स एक्शन की तरह अनचाहे ही सारा का साथ देने लगा था और मैं अपनी कमर उठा उठा कर सहयोग दे रहा था।
अचानक अनचाहे ही मैंने सारा को अपनी बाहों में जोर से भींच लिया, उसके सुकोमल स्तन मेरे कठोर सीने से पिस गये। फिर मैंने पलटी मारी, अगले ही क्षण सारा मेरे नीचे थी, मैंने झुक कर उसके फूल से गालों को चूमा और उसका निचला होंठ अपने होंठों में कैद करके चूसने लगा।

सारा ने भी अपनी बाहें मेरे गले में लपेट दीं और मुझे चुम्बन देने लगी।

सब कुछ जैसे अनायास ही हो रहा था, पता नहीं कब मेरी जीभ सारा के मुंह में चली गई और वो उसे चूसने लगी। फिर अपनी जीभ निकाल के मेरे मुख में धकेल दी।

नवयौवना के चुम्बन का आनन्द ही अलग होता है, अब मैं सारा की गर्दन चूम रहा था, कभी कान की लौ यूं ही चुभला देता और वो मेरे नीचे मचल रही थी चुदने के लियेl बार बार अपनी कमर उठा उठा कर, मुझे जैसे उलाहना दे रही थी,अब जल्दी से पेल दो लंड को!

लेकिन मैं अपने अनुभव से जानता था कि खुद पर काबू कैसे रखना है और अपनी संगिनी को कैसे चुदाई का स्वर्गिक आनन्द देना है।

मैं सारा रानी को चूमता हुआ नीचे की तरफ उतर चला और उसका दायां मम्मा अपने मुंह में भर के पीने लगा, साथ ही बाएं मम्मे को मुट्ठी में ले के धीरे धीरे खेलने लगा उससे!

मेरी हरकतें सारा रानी को कामोन्माद से भर रहीं थीं और अब वो मुझे अपने से लिपटाने लगी थी।

मैं भी अत्यंत उत्तेजित हो चुका था, बढ़ती उत्तेजना में मैंने सारा के दोनों स्तन मुट्ठियों में जकड़ कर उसके गाल काटना शुरू कर दिया।

'राजा .... जानू, गाल मत काटो ना जोर से! निशान पड़ जायेंगे तो सवेरे मैं डॉक्टर को कैसे मुंह दिखा पाऊँगी?' सारा बहुत भोलेपन से बोली।
फिर मैंने सारा के गाल काटना छोड़ के उसके स्तनों को ताकत से गूंथते हुए पीना शुरू कर दिया।

'जानू, अब सब्र नहीं होता! समा जाओ मुझमें! अब और मत सताओ राजा!' सारा की शहद सी मीठी कामुक थरथराती हुई आवाज मेरे कानों में गूंजी।
पर मैं तो अपनी ही धुन में मग्न था, मैं उसे पेट पर से चूमते हुए उसकी नाभि में जीभ से हलचल मचाते हुए उसकी चूत को अपनी मुट्ठी में ले लिया।
सारा की पाव रोटी सी फूली गुदाज, नर्म चूत पर हल्की हल्की झांटें थीं और चूत से जैसे रस का झरना सा धीरे धीरे बह रहा था।

मुझसे भी सब्र नहीं हुआ और मैं चोदने की मुद्रा में उसकी टांगों के बीच बैठ गया।

सारा ने तुरन्त अपनी टाँगें उठा कर अपने हाथों में पकड़ लीं, उस अँधेरे में दिख तो कुछ रहा नहीं था, मैंने अंदाज से अपने लंड को उसकी चूत से भिड़ाया और उसकी रसीली दरार में ऊपर से नीचे तक रगड़ने लगा।

'अब घुसा भी दो जल्दी से, क्यों पागल बना रहे हो मुझे?' सारा मिसमिसाती हुई सी बोली।

मैंने उस अँधेरे में सारा की चूत का छेद अपनी उंगली से तलाशा और फिर सुपाड़े को की चूत के छेद पर टिकाया और फिर धकेल दिया आगे की तरफ!

चूत की चिकनाई की वजह से सुपारा गप्प से समा गया उसकी चूत में!

'उई माँ! धीरे से डालो, कितना मोटा लग रहा है यह आपका आज!' सारा थोड़े दर्द भरे स्वर में विचलित होकर बोली।

लेकिन मैंने उसके दर्द की परवाह किये बगैर लंड को थोड़ा और आगे हांक दिया।

'उफ्फ जानू, आपका यह लण्ड कितना मोटा लग रहा है आज! मेरी चुत की नसें खिंच गईं पूरी!' सारा बोली और फिर अपने हाथ चूत पे ले जाकर टटोलने लगी।

अभी मेरा सिर्फ सुपारा तीन इंच ही घुसा था उसकी चूत में, अभी भी कोई सात आठ अंगुल बाहर था चूत से!

मैं इसी स्थिति में कुछ देर रुका रहा, फिर जब सारा की चूत ने मेरा लंड ठीक से एडजस्ट कर लिया तो मैंने लंड को जरा सा पीछे खींच कर एक करारा शॉट लगा दिया।

पूरा लंड फचाक से उसकी चूत में समा गया और मेरी झांटें सारा की झांटों से जा मिलीं।

'हाय! लगता है फट गई! उफ्फ! आज पहली बार इतनी चौड़ी कर दी आपने! भीतर की नसें टूट सी गईं हैं।' सारा कराहते हुए बोली।

मैं चुप रहा और शांत लेटा रहा उसके ऊपर!

मेरा लंड सारा की चूत में फंस सा गया था, जैसे किसी ने ताकत से मुट्ठी में जकड़ रखा हो।

मैंने एक बार लंड को पीछे खींचना चाहा तो लंड के साथ चूत भी खिंचती सी लगी मुझे!

मैं रुक गया, फिर मुझे लगा कि सारा अपनी चूत को ढीला और शिथिल करने का प्रयास कर रही थी।

कुछ ही देर बाद सारा ने गहरी सुख की सांस ली और मेरी पीठ को सहलाते हुए अपनी कमर को हल्के से उचकाया जैसे उलाहना दे रही थी कि अब चोदो भी या ऐसे ही पड़े रहोगे?

सारा का संकेत पाकर मैंने लंड को पीछे लिया और फिर से धकेल दिया गहराई तक!

बदले में सारा के नाखून मेरी पीठ में गड़ गये और उसने अपनी चूत को उछाल कर जवाबी कार्यवाही की।

फिर तो यह सिलसिला चल पड़ा, तेज और तेज! मैं लंड को खींच खींच कर फिर फिर उसकी चूत में पेलता और सारा रानी पूरी लय ताल के साथ साथ निभाती हुई अपनी कमर उठा उठा के अपनी चूत देती जाती!

जब मैंने अपनी झांटों से सारा रानी के भागंकुर को रगड़ना शुरू किया तो जैसे वो उत्तेजना के मारे पगला सी गई और किलकारी मार कर मेरे कंधे में

अपने दांत जोर से गड़ा दिए और मेरे बाल अपनी मुट्ठियों में कस लिए और किसी हिस्टीरिया के मरीज की तरह पगला के अपनी चूत उछाल उछाल के


मेरा लंड सटासट लीलने लगी अपनी चूत में, और उसकी चूत से रस का झरना सा बहते हुए मेरी झांटों को भिगोने लगा।

मैंने भी अपने धक्कों की स्पीड और बढ़ा दी, अब चुदाई की फचफच और सारा की कामुक कराहें और किलकारियां गूँज रही थी-'राजा, बहुत मज़ा आ रहा आज तो और जोर से करो न,फाड़ डालो इसे आज!

सारा सटासट चलते लंड का मज़ा लेती हुई मुग्ध स्वर में बोली।

मेरी उत्तेजना भी अब चरम पर थी, मैं झड़ने की कगार पर था, मैंने बहूरानी के दोनों मम्मे कस के अपनी मुट्ठियों में जकड़ लिए और पूरी बेरहमी से उसकी चूत चुदाई करने लगा।

सारा भी तरह तरह की सेक्सी आवाजें निकालती हुई अपनी चूत मुझे परोसने लगी।

मेरी भोली भाली सौम्य सी लगने वाली सारा कितनी कामुक और चुदाई में सिद्धहस्त थी मुझे उस रात साक्षात अनुभव हुआ।अपनी चूत को सिकोड़
सिकोड़ के कैसे लंड लेना है उसे बहुत अच्छे से पता था, वो मज़ा लेना जानती थी और मज़ा देना भी जानती थी।

'जानू, निहाल हो गई आज मैं, ऐसा मज़ा पहले क्यों नहीं दिया आपने? बस चार छः करारे करारे शॉट और लगा दो, मैं आने ही वाली हूँ।' सारा मेरा गाल चूमते हुए बोली।

मैं भी झड़ जाने को बेचैन था, मैंने कुछ आखिरी धक्के सारा के मनमाफिक लगा कर उसे अपने सीने से लिपटा लिया और मेरे लंड से वीर्य की पिचकारियाँ निकल निकल के चूत में भरने लगीं।

मेरे झड़ते ही सारा ने मुझे कस के पूरी ताकत से भींच लिया और अपनी टाँगें मेरी कमर में लॉक कर दीं। वो भी झड रही थी लगातार और उसका बदन धीरे धीरे कंप कंपा रहा था।

जब सारा की चूत से स्पंदन आने शुरू हुए तो उस जैसा अलौकिक सुख मुझे शायद ही कभी किसी चूत ने दिया हो।

सारा रानी की चूत सिकुड़ सिकुड़ कर मेरे लंड को जकड़ती छोड़ती हुई सी वीर्य की एक एक बूँद निचोड़ रही थी।

बहुत देर तक हम दोनों इसी स्थिति में पड़े रहे, फिर सारा रानी ने अपनी टाँगें फैला दीं, मेरा लंड भी झडा तो फिर चूत ने उसे बाहर धकेल दिया।
झड़ने के बाद भी लंड बदस्तूर खड़ा था।

उधर सारा रानी गहरी गहरी साँसें भरती हुई खुद को संभाल रही थी, वो मुझसे एक बार फिर से लिपटी और मुझे होंठों पर चूम लिया। मैंने उसके मुंह से अपने वीर्य की गंध महसूस की जो संभोग के उपरान्त कुछ ही स्त्रियों के मुंह से आती है।

जल्दी ही सारा रानी का बाहुपाश शिथिल होने लगा और वो जम्हाई लेने लगी।

मेरी नज़र दरवाजे पर पड़ी तो देखा डॉक्टर जूली हमारा पूरा कार्यकर्म मुस्कुरा कर देख रही थीl

कहानी अगले भाग में जारी रहेगीl
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04-15-2022, 09:30 AM,
#32
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मजे - लूट लो जितने मिले

पांचवा अध्याय - वासना भरी ताबड़ तोड़ चुदाई 

भाग 6

मजो की दुनिया में मेरे अनुभव 

डॉक्टर जूली की चुदाई



डॉक्टर जूली ने भी मुझे और मेरे खड़े लैंड को देखाl मेरा लंड हर वक्त तना हुआ रहने लगा, इसीलिए लंड सामान्य स्थिति में नहीं आ रहा हैl डॉक्टर जूली ने लंड को पकड़, एक बार मुआयना किया, और उसे सहलाने लगीl

उसके होंठों पर सुर्ख लाल रंग की लिपस्टिक थी और तन पर काली पारदर्शी नाइटी थीl ये नाइटी उसको लूसी ने दी थी, उसके अन्दर उसने ब्रा और पैंटी नहीं डाली हुई थीl

वो ऐसी मस्त माल लग रही थी कि क्या बताऊंl उसकी तैयारी देख कर लग रहा था कि वो चुदने की पूरी तैयारी के साथ आई थीl

उसके एक हाथ को पकड़ कर मैंने झटके से अपनी ओर खींचा तो वह एकदम से मेरी तरफ आ गईl

मैंने उसके बालों से होते हुए उसके चेहरे को पकड़ा और उसके लाल होंठों पर धीरे से किस कियाl

मैंने जो बाबा ने दिए थे उनमे से एक  मेवा उसके मुँह में डाल कर उसे खिला दिया l

वो सिहर गई और मुझसे चिपक गईl

फिर हम दोनों धीरे धीरे किस करने लगेl कभी मैं उसके ऊपर के होंठों को चूसता, तो कभी वो मेरे होंठों को चूसतीl

धीरे से मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाली, जिसे उसने प्यार से चूसा और अगले ही उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी, जिसे मैंने भी प्यार से चूसाl

और शर्मा कर मुझ से लिपट गयीl मुझ से रहा नहीं गया और मैंने उसे किस कर दियाl

वह थोड़ा दूर हुईl जुली बोली आमिर मैं तुम्हे बहुत चाहती हूँ, आज हिम्मत कर तुम्हे अपने दिल के बात कहने आयी हूँl

मैं उसे देखता रह गया और उसके हाथ को पकड़ कर अपनी और खींचा और उसके होंठो पर अपने होंठ लगा कर किस करने लगा, और बोला जुली, तुम बहुत सुन्दर हो और प्यारी भी होl

मैंने जुली को अपनी गोदी में उठा लिया और किस करना लगाl जुली बोली प्लीज रुकोl तो मैंने उसे अंदर सोफे पर बिठा दियाl मैंने कहा जुली तुम बहुत सुन्दर हो अब जब मैंने तुम्हे आधा नंगा देख ही लिया है तो अब तुम शर्म छोड़ कर मुझे प्यार करने दोl

जुली बोली मैं मन ही मन तुम्हे अपना मान चुकी हूँl मैंने सिर्फ मर्द के तौर पर तुम्हे नंगा देखा है और तुमने मुझे नंगा देखा है, और मैंने उसे पकड़ कर गले लगा लियाl

जुली मुझसे लिपट गयीlऔर मैं उसके ओंठ चूसने लगा वह भी मेरा साथ देने लेगीl

इसके बाद वो एक दम से हटी और एक कोने में सिमट कर दुबक कर बैठ गयीl

एक डॉक्टर होने के बाद भी उसका ये व्यवहार मुझे समझ नहीं आयाl

मैंने उससे पुछा तुम तो डॉक्टर हो यह सब तो जानती होगी? वह बोली हाँ पढ़ा तो सब है, पर देखा सिर्फ तुम्हे l बचपन से ही तुम्हे चाहती थीl फिर पढाई के लिए दिल्ली आ गयीl सोचती थी तुम मुझे भूल गए होंगेl मेरा परिवार बहुत पुराने ख़यालात का हैl कल जब तुम्हे सेक्स करते हुए देखा तो मेरी दबी हुई कामनाये जाग उठीl इसलिए यहाँ आयीl

फिर मैंने पुछा क्या तुम कुंवारी होl

तो जुली  कुछ नहीं बोली l

तो मैंने पुछा कोई बॉय फ्रेंड थाl तो बोली हां एक बना था , उसी से एक बार सेक्स किया था l उसका लंड बहुत पतला थाl बस उसने कुछ धक्के लगा के दम निकल गया और वह शर्म के मारे भाग गयाl

फिर कभी भी इसलिए हिम्मत नहीं की कोई बॉय फ्रेंड बनाने की फिर सेक्स तो दूर की बात हैl आज मैं अपने सुख का अहसास करना चाहती हूँ।'

उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली- आज अपनी इच्छा से अपने लिये कुछ कर रही हूँ और मेरे परिवार में किसी को कुछ नहीं मालूम है।

मैंने कहा- कोई बात नहीं, अगर तुम नहीं चाहती तो कोई बात नहीं, कोई जबरदस्ती नहीं हैl

वो आगे कुछ नहीं बोली बस मेरे लिप्स को किश करने लगीl मैंने उसका ओंठो पर एक नरम सा चुम्बन ले लिया, और जुली के चेहरे को अपने हाथों में लेकर गाल पर किस किया, और वह फिर शर्मा कर सिमट कर मुझ से लिपट गयीl मैंने जुली को अपने गले लगाया और पीठ पर हाथ फिरा दियाl उसकी पीठ बहुत नरम मुलायम और चिकनी थीl

ओए होएll क्या बताऊँll जुली जो की 21 साल की बला की ख़ूबसूरत हैl उसे देख मेरा लंड बेकाबू हो गयाl जुली का रंग दूध से भी गोरा, इतना गोरा के छूने से मैली हो जाए l बड़ी बड़ी काली मदमस्त आँखे, गुलाबी होंठ, हलके भूरे रंग के लम्बे बाल, बड़े बड़े गोल गोल बूब्सl नरम चूतड़, पतली कमर, सपाट पेट, पतला छरहरा बदन और फिगर ३6 २४ ३६ थाl कद ५ फुट ५ इंच थाl दिखने में एकदम माधुरी जैसी है और आवाज़ मीठी कोयल जैसीl जुली किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी। मेरा 7 इंची हथियार शिकार के लिए तैयार l

उसे गोदी उठा कर बेड रूम में ले गया और उसे बिस्तर पर बिठा दिया मैं थोड़ा सा आगे होकर बिस्तर पर बैठ गया और उसका हाथ पर अपना हाथ रख दिया l उसका नरम मुलायम मखमल जैसा गर्म हाथ पकड़ते ही मेरा लंड फुफकारे मारने लगा और सनसनाता हुआ पूरा 8 इंची बड़ा हो गया थाl

उसकी चमड़ी इतनी नरम मुलायम नाजुक और पारर्दर्शी थी के उसकी फूली हुई नसे साफ़ नज़र आ यही थीl मैने एक गुलाब उठा कर उसके हाथो को छू दिया और वह कांप कर सिमटने लगी दूध जैसी गोरी चिट्टी लाल गुलाबी होंठ!

तुम तो बेहद हसीं हो हो मेरी जान l मैंने धीरे से उसके चेहरे को ऊपर किया जुली की आँखे बंद थी ll उसने आँखे खोली और हलकी से मुस्करायीl

जुली ने सिर्फ नाइटी डाली हुई थी, अन्दर उसने ब्रा और पैंटी नहीं डाली हुई थीl उसके गोल गोल सुडोल मम्मी मुझे ललचा रहे थे फिर मेरे हाथ फिसल कमर तक पहुँच गए थेll क्या चिकनी नरम और नाजुक कमर थीl और उसे घूरने लगाl मेरे इस तरह घूरने से जुली को शर्म आने लगी और वो पलट गयी l

मैंने उसे अपनी बाहों में लिया, वो शरमाई लेकिन मैं तो पक्का खिलाड़ी था। उसको खड़ा किया और पूरे जिस्म को अपने बाँहों में जकड़ लिया। मैंने उसे दीवार के साथ खड़ा कर दिया। उसके दोनों हाथ दीवार के साथ सटे हुए थे गांड मेरी तरफ थी, मैंने पीछे से उसके मोम्मे पकड़ लिए और दबाना शुरू कर दिया, वो कसमसाने लगी। मैंने उसकी गांड पर हाथ फिराते हुए उसे गर्म कर दिया, और धीरे धीरे नाइटी उतार कर उसे बेपर्दा कर दिया, और मैं तो नंगा था हीl

उसके बूब्स को पकड़ कर सहलाने लगा और चूमने लगा क्या मस्त बूब्स थे उसकेll एकदम सेक्सी बड़े बड़ेll फिर में धीरे धीरे उसकी चूत तक पहुंचा और उसकी चूत को देखने लगा। तभी वो बोली कि क्या देखते ही रहोगे या कुछ करोगे भी? और फिर में अपने मुहं को उसकी चूत के पास ले जाकर मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटना शुरू किया और जीभ से चोदने लगा।

वो शरमा रही थी लेकिन मैं पागल हुआ जा रहा था। एक भरी-पूरी जवान लड़की मेरे सामने नंगी खड़ी थी। मैंने उसके मोम्मे चूसना शुरू कर दिया। उसे भी मजा आने लगा लेकिन मुझ से रहा नहीं गया। मैं जल्दी से जल्दी उसे चोदना चाहता था।

लंड पकड़ कर बोली तुम्हारे लंड से चुदने में बहुत मजा आएगा और उसे सहलाने लगीl

मैंने उसे किस चूमने और सहलाने के बाद तभी करीब दस मिनट बाद मैंने उसके दोनों पैरो को फैलाकर. उसे लिटा लिया और लंड उसकी चूत पर रख दिया। जैसे ही धक्का लगाया वो सिहर उठी। उसकी चूत कसी थी। जैसे ही मैंने जोर लगाया वो रोने लगी।

मैंने जोर से धक्का लगाया, लंड पूरा अंदर चला गया वो चीख पड़ी- मर गई मां, फाड़ दिया! मार दिया, बचाआआआआओ! कोई है मुझे इस जालिम से बचाओ! फाड़ दी मेरी, धीरे डालो!

लंड ने जुली की चूत के अन्दर जगह बना ली थी। पर जुली मुझे मेरा लंड निकालने के लिये लगातार बोले जा रही थी, कह रही थी- आमिर , प्लीज मेरे अंदर बहुत जलन हो रही है। निकालो!

मैंने उसकी बात को अनसुना करते हुए अपने काम को करना चालू रखा, बस हल्के-हल्के मैं अपने लंड को अन्दर बाहर कर रहा था, दोनों हाथ मेरे पूरे जिस्म का बोझ उठाये हुए थे और वो भी दर्द करने लगे थे, तो मैंने अपना पूरा बोझ जुली के ऊपर दे दिया और उसके होंठों को चूसने लगाl

धीरे-धीरे मेरी मेहनत रंग लाने लगी और अब जुली अपनी कमर भी उचकाने लगी, मैंने अपने को रोका और जुली की तरफ देखते हुए बोला- तुम अपनी कमर को क्यों उचका रही हो?

तो बड़ी ही साफगोई से बोली- मेरी चूत के अन्दर जहाँ-जहाँ खुजली हो रही है, तुम्हारे लंड से खुजलाने का मन कर रहा है। कितनी मीठी! यार ये बहुत ही मीठी-मीठी खुजली है, जितनी मिटाने की कोशिश कर रही हूँ, उतनी ही बढ़ती जा रही है।

'मजा आ रहा है?'

'बहुत मजा आ रहा है!' जुली बोली- मैं चाहती हूँ कि तुम अपना लंड मेरी बुर के अन्दर डाले ही रहो।

उसके इतना कहने के साथ ही मैं रूक गया और उसके चूची को मैं अपने मुंह के अन्दर भर लेता, तो कभी उसके दाने पर अपनी जीभ चलाता. या फिर उन दानों को बोतल में भरे हुए आमरस के अन्तिम बूंद समझ कर चूसता।

मुझे बहुत मजा आ रहा था कि जुली एक बार फिर बोली- आमिर, खुजली और बढ़ रही है।

मैं समझ चुका था, अब उसे मेरे लंड के धक्के चाहिये थे, इसलिये मैं एक बार फिर पहली वाली पोजिशन में आया और अपने दोनों हाथों को एक बार फिर बिस्तर पर टिकाया और इस बार थोड़ा तेज धक्के लगाने लगाl

जुली भी अपनी कमर उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगी, करीब 10 मिनट तक दोनों एक दूसरे से दंगल लड़ रहे थे कि जुली ढीली और सुस्त हो गई और अब उसने अपनी कमर उचकाना बंद कर दिया थाl वो झड़ गयी थीl तो मैंने उसे दुबारा किस करना शुरू किया और उसके मोमे चूसने लगा वो दुबारा गर्म हो गयीl


एक बार  जब लंड बाहर निकल आया था. लंड पर उसके योनि  से निकली कुछ खून के बूंदे लगी हुई थी मतलब उसका बॉय फ्रेंड उसकी कौमार्य की झिल्ली का भेदन नहीं कर  पाया  था और वो अभी तक कुंवारी ही थीl

 मैंने अपना लंड तभी उसकी चूत में डालकर धीरे धीरे चोदने लगाll लेकिन वो दर्द से अपनी आंखे बंद करके, मुझे जोर से पकड़कर चुपचाप पड़ी रही, और कहने लगी कि और जोर से चोदो मुझेll कर दो आज मुझे पूराll दो मुझे आज चुदाई का पूरा मजाl लेकिन उसकी चूत बहुत टाईट थीl तभी में उसे स्पीड बड़ा कर चोदे जा रहा था और उसे जबरदस्त धक्को के साथ चोदने लगाl

मुझे मजा आने लगा। मेरे धक्के बढ़ने लगे और डॉक्टर जुली को भी स्वाद आने लगा। वो लगातार बोले जा रही थी- फ़क फ़क कम फ़क मि हार्डर! आह आह ओह्ह! वो चीखे जा रही थी, मैं धक्के मारता चला जा रहा था। मज़ा दोनों को आ रहा था। 15 मिनट की चुदाई के बाद मैं झड़ने जा रहा था। मैं भी चिल्लाने लगा- हाय जुली, मेरी जान! मजा आ गया तुझे चोद कर कर! वाह क्या जवानी है! ले मेरी जान, ले ले ले! वो भी बोले जा रही थी- आह आह आह आआआआआआआ! और मैं झड़ गया। वो भी तीन बार झड़ चुकी थी। अपना पूरा वीर्य चूत में छोड़कर उसके ऊपर ही लेटा रहा और उसके बूब्स को चूसने लगा।

लंड महाराजा झड़ने के बाद भी बादस्तूर खड़े थेl

कहानी जारी रहेगीl
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04-15-2022, 09:34 AM,
#33
RE: खाला की चुदाई के बाद आपा का हलाला
मजे - लूट लो जितने मिले

पांचवा अध्याय - वासना भरी ताबड़ तोड़ चुदाई 

भाग 7

मजो की दुनिया में मेरे अनुभव 

जूली अपने पूरे रंग में


थोड़ी देर बाद लूसी और सारा कमरे में ख़ास मेवों और केसर वाला दूध चाय ले कर आयीं और हमें उठायाl वो दोनों एक स्वर में बोलीं- मुबारक हो! बना गयी जूली के साथ सुहाग रात, आमिर मियाँ! जहाँ जाते हो नयी-नयी हसीनाओं को अपने बीवी बना लेते होl एक और नयी बेगम मुबारक होl

उन्होंने जूली से लिपट कर उसे मुबारकबाद दीl

जूली शरमा कर अपने बदन को चादर से ढकने लगी तो सारा बोली- मुझसे क्यों शर्मा रही हो जूली आपा? मैंने और लूसी ने आपका पूरा सुहाग रात खड़े होकर देखा हैl तुम दोनों तो एक दूसरे में इतना खोये हुए थे कि कुछ होश ही नहीं था तुम्हें!

फिर वो जूली को पकड़ कर वॉशरूम में ले गयी और उसे नहलायाl नहलाने के बाद उन्होंने जूली को अच्छी तरह साफ़ कियाl मैं भी अंदर चला गया और खुद को साफ़ कियाl मेरा लंड अभी भी तना हुआ थाl सारा ने भी कोई कपड़ा नहीं पहना हुआ थाl

सारा ने जूली की झाटें साफ़ कर दींl फिर हम तीनों ने एक साथ शावर लिया और मैंने शावर में ही जूली को किस करना शुरू कर दियाl ऊपर से शावर का पानी जैसे बदन में आग लगा रहा थाl जूली के गीले बदन से चिपकने के बाद मेरी वासना भड़कने लगी थी, जूली भी मुझसे लिपट गयीl

मैंने पूछा- कैसा लगा मेरे साथ चुदाई करके मेरी जान?

वो बोली- शुरू में तो दर्द हुआl लेकिन फिर बहुत मजा आयाl आई लव यू आमिर! (मैं तुमसे प्यार करती हूँ आमिर)। तुमने मुझे वह सुख दिया जिससे मैं आज तक महरूम रहीl

हम तीनों बाहर आ गए और एक दूसरे के भीगे हुए बदनों को चाट-चाट कर सुखाने लगेl तीनों पूरे गर्म हो गए थेl

जूली बोली- आमिर, मैंने तुम्हारे जैसा लंड नहीं देखाl डॉक्टरी पढ़ने में मैंने कई शरीर देखेl मगर इतना लम्बा और तगड़ा लंड नहीं देखाl

सारा बोली- आमिर, तुम जूली को फिर से चोदोl लगता है इसको तुम्हारे लंड से कुछ ज्यादा ही लगाव हो गया हैl जब से इसने तुमको नंगा देखा है इसकी आंखें तुम पर ही लगी रहती हैंl इसकी प्यास अच्छे से बुझाओ मेरे शौहर!

सारा की बात सुन कर मैंने जूली को चूमना शुरू कर दियाl उसकी चूत पर हाथ रखा तो उसकी चूत सूजी हुई थी और गीली भी लग रही थीl मैंने धीरे-धीरे उसके चूचे दबाये और निप्पल से खेलने लगाl उसके बूब्स और निप्पल कड़े हो गएl सारा भी उसकी नाभि को चूम रही थीl जूली ने भी सारा के चूचों से खेलना शुरू कर दियाl

मैं घूम कर उसके पीछे गया और उसके कंधे पर अपनी ठोड़ी टिकाकर उसके गाल से अपने गाल सटाकर बोला- जूली, तुम बहुत सुन्दर लग रही हो मेरी जान! तुम्हारे अन्दर से आती हुई महक मुझे और भी ज्यादा मदहोश करके तुम्हारा दीवाना बना रही है।

जूली भी मेरे गालों को सहला रही थी। मैं पीछे से ही उसकी तनी हुई चूचियों को दबाने लगाl

उसने अपने दोनों हाथों को पीछे की तरफ लाते हुए उनकी माला बनाकर मेरी गर्दन के पिछले हिस्से पर डाल दीl मेरे हाथ जब उसकी चूचियों को सहलाते हुए उसकी बगल में गये तो वहां बिल्कुल भी बाल नहीं थेl मुझे उसकी बगलों को सहलाने में बड़ा मजा आ रहा था।

थोड़ा सा और आगे झुकने के बाद मेरी नजर जब उसकी चिकनी चूत पर पड़ी तो मुझे लगा कि वास्तविक खजाना तो अब दिखाई पड़ रहा है। क्या उभारदार गुलाबी रंग की चूत थी उसकी!

अब मैं आगे की तरफ आया और अपने घुटनों पर बैठ गयाl मेरी उंगलियाँ उसकी चिकनी और सफाचट चूत को केवल सहला रही थीं। अब बाल का नामोनिशान नहीं था उसकी चूत परl झाटें साफ होने के बाद क्या मुलायम चूत लग रही थी!

मैंने जूली से कुर्सी पर बैठने के लिये कहाl मैं उसकी चूत को अच्छे से देखना चाहता थाl पहली बार की चुदाई के समय तो कुछ समझ में भी नहीं आया था।

मैंने उसकी चूत की फांकों को फैलायाl उसकी लाल-लाल गहराई में उसकी चॉकलेटी रंग की पत्तियां छुपी हुई थी। मैंने एक बार प्रशंसा भरी नज़र से जूली को देखा और फिर बिना उसके उत्तर का इंतजार किये ही मेरे होंठ उस मदहोश कर देने वाली चूत से टच हो गये।

शुरू में तो मैं उसकी कोमल चॉकलेटी चूत को बस चूमने के इरादे से ही छू रहा थाl मगर उसकी चूत की मदहोशी ऐसी थी कि पता नहीं कब मेरी जीभ उसकी चूत पर चलने लगीl उसके दाने को होंठों के बीच फंसा कर लॉलीपॉप की तरह चूस रहा था मैं।

मुझे तो पता ही नहीं चला कि कब मेरे दांत उसकी चूत के उभारों को काटने लगे, वासना इतनी प्रबल हो रही थी कि मैं उसकी चूत को खा जाना चाहता थाl

वो मेरे बालों को सहला रही थीl मगर जूली की उत्तेजना शायद मुझसे भी ज्यादा थीl इसी उत्तेजना का परिणाम था कि वो जल्दी ही खल्लास हो गई और उसका पानी मेरे मुंह में गिरने लगा। वो शायद संकोचवश मेरे मुंह को अपनी चूत से अलग करना चाह रही थी लेकिन वो असफल रहीl कुछ पल की कोशिश के बाद उसने प्रयास करना बंद कर दिया।

उसकी चूत के रस को चाटते हुए, नाभि से होते हुए उसके दूध को पीते हुए मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिएl उसने कोई प्रतिरोध नहीं कियाl

मैंने होंठ चूमने के बाद पूछा- जूली मैंने तुम्हारी मलाई चखीl मुझे बहुत पसंद आईl क्या तुम मेरी मलाई चखोगी?

वो खड़ी हुई और मुझे अपनी जगह बैठाकर खुद नीचे बैठ गई और मेरे लंड को अपने मुंह में भर लिया। मेरे लौड़े को मुंह में प्यार से भरने के बाद उसने अपने होंठों को भींचते हुए मेरे लंड की मैथुन शुरू कीl जूली बहुत प्यार से मेरे लंड को चूस रही थीl

उसके मुंह में लंड जाते ही मेरे मुंह से काम की ज्वाला सिसकारियों के साथ आनंद के रूप में आवाज बनकर मेरे होंठों से फूटने लगी- उम्म्ह! अहह! हय! याह! स्स्! आह्ह! जूली! मेरी जान! उफ्फ ओह्ह!

कभी वो लंड को पूरा मुंह में भर लेती तो कभी सुपाड़े की खोल को खींचकर अग्रभाग पर अपनी जीभ चला देतीl

वो मुझे दीवाना बना रही थीl कभी टट्टों को भी बारी-बारी से मुंह में भर लेती तो कभी फिर से पूरे लंड को मुंह गलप जातीl इधर मैं भी उसकी दोनों चूचियों से खेल रहा था।

जब उसने काफी देर मेरा लंड चूस लिया तो मैंने उसे अपनी गोदी में उठाया और बेड पर लेटा दिया और उसकी दोनों जांघों के बीच बैठकर उसकी चूत पर लंड सेट कियाl उसकी चूत अभी भी धधक रही थीl मैंने एक जोर का झटका दियाl

"आह्ह, बस!" जूली के मुंह से निकला।

मैंने तुरन्त ही अपने आपको काबू में किया और रुक गया और फिर धीरे-धीरे करके लंड को उसकी चूत के अन्दर पेवस्त किया। मैं उसके ऊपर लेट गया और उसकी चूची को अपने मुंह में भर लिया।

"आमिर, तुम बहुत अच्छे हो। मैं आज दुनिया के सब सुख पा गई!" जूली के मुंह से आनंद के सीत्कार बहने लगेl

मुझे लगा कि ये उसके इमोशन हैंl मैंने अपना काम चालू रखा। अब मैं धीरे-धीरे अपने लंड को आगे-पीछे करने लगा और धक्के की स्पीड भी धीरे-धीरे बढ़ाने लगा।

एक जैसी पोजिशन में धक्के मारते-मारते मैं थकने लगा तो मैं चित लेट गया और जूली को अपने ऊपर कर लिया और फिर उसकी चूत में लंड डालकर नीचे से अपनी कमर उठा-उठाकर उसको चोदने लगा।

जूली भी अब समझ चुकी थीl वो भी मुझे चोदने की कोशिश कर रही थीl हालांकि उसके इस प्रयास से उसकी चूत से लंड बाहर आ जा रहा था।

लेकिन एक बार जब वो समझ गई तो एक एक्सपर्ट की तरह वो भी मुझसे खेलने लगी।

कई मिनट तक जूली मेरे लंड पर कूदती रही और मैं आनंद में गोते लगाता रहाl मगर मेरे लौड़े की चुदाई से जूली जल्दी ही स्खलित होने के कगार पर पहुंच गईl उसके मुंह से तेजी के साथ जोर की आवाजें निकलने लगींl आह्ह ll आह्ह! उम्म! ओ! आमिर! आह्ह! मजा आ रहा है बहुत!

कुछ ही पल के बाद जूली की चूत से एक बार फिर उसकी मलाई मेरे लंड पर फैलकर उसको चिकना कर गईl जूली एक तरफ जाकर गिर गईl लंड अभी भी टॉवर की तरह तना हुआ था तो सारा मेरे ऊपर चढ़ कर लंड को अपने अन्दर ले कर ऊपर-नीचे उछलने लगीl

जब तक सारा भी झड़ नहीं गयी तब तक वह भी मेरे लौड़े पर बैठ कर उछलती रहीl सारा को चोदते हुए मैं जूली की चूचियां भी साथ के साथ ही सहलाता रहा और उसे लिप-किस करता रहाl

मेरे इन प्रयासों से कुछ देर में जूली फिर गर्म हो गयी और सारा को एक तरफ हटा कर मेरे ऊपर आ गयीl उसका मुंह मेरे पैरों की तरफ था और उसकी पीठ मेरे मुंह की तरफl मेरे लंड को उसने अपने हाथ में पकड़ा और अपनी चूत पर सेट करके उसने अपने शरीर का भार मेरे लंड पर छोड़ना शुरू कर दियाl

धीरे-धीरे मेरा लंड उसकी चूत के अंदर समा गयाl वह फिर से उछल-उछल कर मुझे चोदने लगीl मैंने भी उसकी चूत में लंड को अंदर-बाहर करते हुए उसका पूरा साथ देना शुरू कर दियाl

कुछ देर इसी पोजीशन में चुदने के बाद वो मेरे कहने से उठी और उठ कर सीधी बैठ गईl अब उसका मुंह मेरी छाती की ओर आ गया था और उसकी गांड मेरे पैरों की ओर थीl

कई बार उसने ऐसे ही पोजीशन बदलीl जब भी वह उठती तो उसकी तनी हुई चूचियां देख कर मेरे लंड में वासना की एक लहर सी उठ पड़तीl मन करता कि उसको पटक-पटक चोद दूं लेकिन मैं नीचे लेटा हुआ था और जूली को अपने मन की हसरत पूरी करने का पूरा मौका दे रहा थाl

उसके इस तरह के प्रयास में ही मेरा लंड जवाब देने लगा थाl दो-तीन बार पोजीशन बदलने के बाद मैंने जूली को नीचे उतारा और उससे बोला- अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हारी चूत के बाहर अपना पानी निकाल सकता हूँ और अगर तुम चाहो तो मेरी मलाई को अपने मुंह में ले सकती हो!

मेरी बात सुनने के बाद उसने मेरे लंड को अपने मुंह में भर लियाl

वह मेरे लंड को मुंह में लेकर तेजी से चूसने लगीl चूंकि मैं अपने आनंद की परम सीमा पर पहुंच चुका था इसलिए उसके सिर को पकड़ कर अपने लंड पर जोर से दबाते हुए उसके मुंह को चोदने लगाl उसको खांसी हुई तो मैंने उसके सिर को आजाद कर दियाl

उसके बाद फिर से मैं उसके मुँह में धक्के लगाने लगा और आखिरकार मेरा वीर्य मेरे टट्टों से चलकर मेरे लंड से होता हुआ बाहर आने को हुआ तो मैंने जूली के मुंह को पीछे की तरफ करके अपने लंड को हाथ में ले लियाl

मेरी बीवी सारा मंझी हुई खिलाड़ी थी तो मेरी हालत समझ गईl उसने तुरंत ही जूली के मुंह के साथ ही अपना मुंह भी सटा कर मेरे लंड के सुपाड़े की तरफ वीर्य की आस में लगा लियाl हाह!आह्ह! होफ! ओ! हह्ह! की आवाजों के साथ मेरा बदन अकड़ने लगा और मेरे लंड ने वीर्य की पिचकारियां दोनों के मुंह पर बरसानी शुरू कर दींl उन दोनों ने मेरे वीर्य की हर एक बूंद को चाट लियाl

जूली की चूत फूल कर लाल हो गई थीl वहीं सारा ने भी वीर्य की बहती नदी में चूत को धो लिया थाl दोनों की दोनों खुश लग रही थींl मैं भी उन दोनों को खुश करने के बाद थक सा गया थाl यूँ तो तीनों ही थके हुए थे मगर मैं अब कुछ देर लेटना चाहता थाl लंड की तरफ देखा तो वो पहले से ज्यादा मोटा लग रहा थाl

जूली की टाइट चूत को चोदने के बाद उसकी मोटाई शायद और बढ़ गई थीl कुछ पहले से ही सूजन थी ऊपर से जूली की कसी हुई चूत और साथ में सारा की चुदाई करके लंड लाल गाजर के जैसा हो गया थाl मगर एक कहावत है कि रस्सी जल गई मगर बल नहीं गयाl मेरे लंड के साथ भी यही हो रहा थाl दो बार झड़ चुका था मगर अकड़ यूं की यूं बनी हुई थीl

खैर, इस सामूहिक स्खलन के बाद हम तीनों के तीनों थोड़ी देर तक एक-दूसरे के साथ चिपक कर लेटे रहे।

पहली बार तो जूली के साथ सब कुछ जल्दी जल्दी में हुआ था मगर दूसरी बार में जूली भी अपने पूरे रंग में आ गई थीl इस दूसरी बार में जूली की चूत को चोद कर लंड को अबकी बार कुछ ज्यादा सुकून सा मिलाl जूली भी पहले से ज्यादा संतुष्ट दिखाई दे रही थीl

मगर लंड महाराज ज्यों के त्यों तने हुए खड़े थेl

कहानी जारी रहेगीl
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05-08-2022, 06:09 PM,
#34
RE: खाला की चुदाई के बाद आपा का हलाला
मजे - लूट लो जितने मिले

पांचवा अध्याय - वासना भरी ताबड़ तोड़ चुदाई

मजो की दुनिया में मेरे अनुभव


आपने अब तक मेरी कहानी "मजे - लूट लो जितने मिले: के अध्याय 1-5 में आपने पढ़ा कैसे मैंने सारा आपा के हलाला से पहले नूरी खाला को चोदाl मेरा निकाह सारा आपा से हुआl सारा को चोदने के बाद कैसे मैंने अपनी दूसरी बीबी ज़रीना को चोदाl

वलीमे की रात मैंने दोनों की गांड मारी और सुबह डॉक्टर को दिखाना पड़ा और डॉक्टर ने ३ दिन चुदाई बंद का हुकुम सुना दियाl

उसके बाद मैंने अपनी बीबियो और सालीयो को सुहागरात की चुदाई की कहानी और लूसी के साथ मेरी पहली चुदाई की कहानी सुनाई

रात को दिलिया के साथ सुहागरात मनाई और वहां हुई झूले पर घमासान चुदाई के बाद, मेरे लंड की नसें दब गईंl मेरा लंड हर वक्त तना हुआ रहने लगाl मेरे लंड का बूरा हाल हो गयाl उस पर नील पड़ गए और सूजा हुआ लंड बस खड़ा रहा l

लंड पर नील पड़ गए और सूज भी गया थाl डॉक्टर जूली ने चेक-अप के बाद प्राथमिक जांच में बताया था कि चुदाई करते वक्त लंड की नसें नीचे दबी रह गई होंगी, शायद इसीलिए लंड सामान्य स्थिति में नहीं आ रहा हैl डॉक्टर ने आगे गहन जांच की बात करिl

उसके बाद मैंने लूसी और सारा के साथ दिल्ली जाकर चेक-अप करवाने का प्लान बनायाl डॉक्टर जूली की दिल्ली में जान-पहचान थी और उसने मेरे सारे टेस्ट जल्दी ही करवा दियेl

फिर कुछ दिन बाद मैं लूसी और सारा चेकउप के लिए डॉक्टर जुली के साथ दिल्ली आ गए और जुली मेरे घर आयी और मैंने डॉक्टर जूली को सारा के बेडरूम में ले जाकर चोद दियाl


ll पांचवा अध्याय समाप्त ll


अगले छठे अध्याय में पढ़िए -खड़े लंड की दास्ताँ.



कहानी जारी रहेगी
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05-08-2022, 06:10 PM,
#35
RE: खाला की चुदाई के बाद आपा का हलाला
मजे - लूट लो जितने मिले

छठा अध्याय -खड़े लंड की दास्ताँ.

भाग 1


जन्नत



रात को डॉक्टर जुली और सारा के साथ घमासान दो राउंड चुदाई हुई l और मैं दोनों के साथ चिपक कर सो गयाl

सुबह सुबह लूसी मेरे पास आयी सारा और डॉक्टर जूली दोनों नंगी थकी हुई सो रही थी और मुझे चूमा और बोली आपसे बात करनी हैl

तो मैं दुसरे कमरे में चला आया तो लूसी मुझ से चिपक गयी और किस करते हुए लेंस पर हाथ फेरते हुए बोली कैसे हैं?

मैंने कहा अब दर्द तो नहीं है पर ये लंड अब बैठ नहीं रहा जबकि इस वक़्त मेरे मन में कुछ भी सेक्स का नहीं है l

तो लूसी बोली जब से आप कश्मीर हो कर आये हो, मुझे तो भूल ही गए हैंl उधर मैं आपकी चुदाई देख देख कर तड़प रही हूँ l मैं बोला मेरी जान मैं तो कश्मीर से सिर्फ तुम्हारे चक्कर में ही जल्दी वापिस आया, जबकि खाला तो कह रही थी कुछ दिन रूक जाओ और अपनी तीनो बीवियों के साथ यही पर सुहागरात और हनीमून मना लो फिर चले जाना, पर मेरे मन में उस समय तुम घूम रही थी, इसीलिए भागा चला आया, पर फिर मौका ही नहीं मिला तुमसे मिल कर चुदाई करने काl

मैंने कहा मेरी लूसी तो चलो सुबह सुबह एक राउंड हो जाए लंड महाराज तो त्यार ही हैं और लूसी को लिप किस करने लगाl मैंने लूसी के सारे कपडे उतार दिए और बेड पर पटक कर कस कर चोदा और उसकी चूत के अंदर ही पानी छोड़ा l

लंड महाराजा झड़ने के बाद भी बादस्तूर खड़े थेl

हमारी आवाज़े सुन डॉक्टर जग गयीl चाय नाश्ते के बाद जूली बोली मुझे कुछ जरूरी काम है थोड़ी देर में आती हूँl डॉक्टर जुली, ये कह कर मेरे लंड पर पैंट के ऊपर से हाथ फेरने लगीl धीरे धीरे खड़ा लंड और कड़क होने लगाl डॉक्टर बोली लूसी तुम और सारा आमिर और उसके लंड का ख्याल रखो, मैं कुछ जरूरी काम और सामान चाहिए वो सब ले कर आती हूँ और डॉक्टर बाहर चली गयीl

लूसी ने मुझे लिप किस किया और लण्ड सहला का बोली जानू चिंता मत करो मैं तुम्हारा पूरा ख्याल रखूंगी और चाय बनाने चली गयीl हम दोनों ने चाय पी

तो सारा भी वहां आ गयी और मेरा खड़ा लंड देख कर बोली क्या आपका लंड अब ऐसे ही खड़ा रहेगा तो मैंने कहा

जब से फ़क़ीर ने बोला है तुम्हे जन्नत के मजे यहीं पर मिलेंगे तब से मेरे साथ ऐसा हो रहा है और उन्होंने मुझे दुआ दी थी के मेरी तकलीफ बहुत जल्द दूर हो जायेगी और मुझे इस तकलीफ के बदले अद्भुत सुख मिलेगा

तो सारा बोली जानू कहते हैं जन्नत में मर्दो का लंड हमेशा खड़ा रहता है और अद्भुत सुख मिलता है कहते हैं ''जन्नत में एक पुरुष को एक सौ पुरुषों के बराबर कामशक्ति दी जाएगी'' l जन्नत में ऐश व निशात के लिए दुनिया की औरतें और जन्नत की हूरें हैं। जो बेइंतेहा हसीन वह खूबसूरत हैं मर्द वहां अपनी हुरों से खूब आनंद लेंगे.

तो मैंने कहा हूरे तो मेरी बीविया हैं ही और मजे तो मुझे मिल ही रहे हैं

लूसी ने मुझे लिप किस किया और लण्ड सहला का बोली जानू चिंता मत करो मैं तुम्हारा पूरा ख्याल रखूंगी और बोली हज़ूर आज सारा का जन्मदिन है और आज उसका चौदहवा दिन हैं वह आपसे से जल्द से जल्द बच्चा चाहती हैl मैंने डॉक्टर जुली से बात करि है उसने बताया है के माहवारी के 10-15 दिन में गर्भादान की संभावना सब से ज्यादा होती है आज आप उसे जी भर कर चोदे और माँ बना देl

मैंने कहा ठीक है और सारा के पास जा कर उसे किस करि आज उसमे से बहुत अच्छी महक आ रही थी ऐसी महक मैंने कभी सारा में महसूस नहीं करि थीl उससे मेरा लंड भड़क गया और पूरा तन गया मैंने सारा को बोला हैप्पी बर्थडे जानू आज तुम्हे मुझ से क्या तोहफा चाहिए तो सारा बोली मेरे खाबिन्द आज मेरा चौदहवा दिन हैं आज आप मुझे माँ बना दे और बोलै मेरी जान आज तुम्हे बहुत प्यार करूंगा तो वह बोली आमिर आप थोड़ा सा इंतज़ार करो फिर अपने कमरे में आ जाना l

लगभग सुबह 10 बजे लूसी मुझे मेरे कमरे में ले गयी फिर गहनों और फूलों से सजी धजी सारा को मेरे फूलों से सजे कमरे में ले आयी और मुझे छेड़ने लगी हैl आज सारा के सारी हसरते निकाल देना आज उसका चौदहवा दिन है आज कस कर चोदना के माँ बन जाए कोई कसर मत छोडना वह हँसते हुए सारा को मेरे पास छोड कर दरवाजा बंद कर चली गयीl

सारा ने मुझसे पूछा कि आपको मेरे जन्मदिन के बारे में कैसे पता चला? तो मैं बोलै लूसी ने बताया सारा इस बात से बहुत खुश थी और हम दोनों ने उस दिन साथ में केक काटा। हम दोनों एक साथ में बैठे हुए थे और सारा ने मुझे केक खिलाया तो वह कहने लगी आप बहुत ही अच्छे हो मैं सारा की तारीफ करने लगा उन्होंने मुझे कहा कि मुझे आज आपके साथ आपका बर्थडे मनाना बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने उनको कहा मुझे भी आपके साथ बहुत अच्छा लग रहा है सारा बोली काफी समय बाद मेरे जीवन में इतनी खुशियां आई है। मैंने सारा को गले लगा लिया जब मैंने सारा को गले लगाया तो वह मुझे कहने लगी कि आप बहुत अच्छे हैं। उसने यह कहते ही मेरे होठों पर अपने गुलाबी होठों को टकरा दिया और जिस प्रकार से वह मेरे होठों का रसपान कर रहे थी उससे मैं बहुत ज्यादा खुश था और वह भी बहुत खुश नजर आ रहे थी ।

काफी देर तक मैंने उसके होठों को चूमा जब वो पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगी तो हम दोनों ही अब रह ना सके क्योंकि मैं भी अपने अंदर की गर्मी को निकालना चाहता था । मैंने सारा के और अपने सारे कपडे निकाल दिएl

उसके बाद मैंने केक उसके मुँह बदन पर पर चुचो पर और चूत पर लगा दिया उसकी चूत की महक से मेरा लंड भड़कने लगा और उसके साथ चिपक गया तो मेरे बदन पर भी केक लग गयाl जिसे सारा ने मेरे पूरे बदन पर हाथ फिर कर फैला दिया दोनों के बदन केक की क्रीम से एकदम चिकने हो गए मैंने उसकी मोमे चूत ,और बाकी बदन पर लगे केक को चाट चाट कर साफ़ कर दिया और फिर सारा ने भी केक मेरे लैंड पर लगा दिया, और उसे चाट चाट कर साफ़ कर दिया पर केक पर लगी क्रीम के वजह से दोनों के बदन एक दम चिकने हो गएl

उसने मुझ से कहा मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही हूं। मुझे भर दो आज, कोई कसर मत छोड़नाl मैंने कहा मैं आपकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा देता हूंl मैंने सारा को पीठ के बल लिटाया और एक ही झटके में अपने मोटे लंड को उसकी चूत के अंदर पूरा घुसा दिया। वो चिल्लाने लगी उसके मुंह से बड़ी तेज चीख निकलने लगी थी और अपने आपको रोक नहीं पा रही थी उसे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था।

आज उसकी चूत कुछ ज्यादा ही टाइट लग रही थी और रसीली हो गयी थी मुझे भी बहुत मजा आ रहा थाl मैंने रेलगाड़ी की स्पीड से धक्के लगाने शुरू कर दिएl वह भी अपने चूतड़ उठा कर कर लंड को ज्यादा से ज्यादा अंदर लेने लगीl हम दोनों एक दूसरे के साथ ऐसे ही मजे करते रहेl मुझे भी बहुत अच्छा लगा, फिर तो मैंने रेल ही चला दी, और वो दनादन धक्के मारे, और सारा भी चूतड़ उठा उठा कर साथ देती रही, और रस उसकी चूत में ही छोड़ दिया और सारा भी मेरे साथ ही झड़ गयीl

कुछ देर बाद फिर मैंने सारा को घोड़ी बनाकर लंड घुसा कर बड़ी तेजी से वह धक्के मारने लगा सारा भी अपने चूतडो को मुझसे टकरा रही थीl जिस प्रकार उसके चूतडो को टकरती जा रही थी उससे चूतडो का रंग भी लाल होने लगा था मैंने चूतड़ों पर जोर से चांटे मार दिएl जिससे वह बिलबिला उठी, और मेरे हर धक्के के साथ उसके आह निकलती थी, और वह कहती थी आह! और जोर से, आमिर और जोर से, चोदो मुझे! मैं उसके बूब्स दबाता रहा l लगभग २० मिनट के जोर दार चुदाई के बाद मैं भी अपने आपको बिल्कुल ना रोक सका, और जैसे ही मैंने चूत के अंदर आपने माल को गिराया, और सारा भी मेरे साथ ही झड़ गयीl उसने कहा मुझे बहुत ही अच्छा लगा और आपने आज मेरे बर्थडे कि मुझे बहुत ही अच्छी ही खुशी दी l मैं आपसे बहुत खुश हूं।

तो मैंने उसे सीधा लेटा दिया, और सारा को बोलै मेरे माल को अंदर ले जाओ, और बिलकुल बाहर मत निकलने देनाl उसके बाद, मैंने थोड़ी देर बाद उसकी एक बार और चुदाई की, और उसकी चूत को अपने रस से भर दिया l मैंने कहा सारा ऐसी चुदाई करके मुझे आज बहुत मजा आया l

इसके बाद हम सब सो गएl

लंड महाराजा झड़ने के बाद भी बादस्तूर खड़े थेl

कहानी जारी रहेगी

आमिर खान हैदराबाद
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05-08-2022, 06:12 PM,
#36
RE: खाला की चुदाई के बाद आपा का हलाला
मजे - लूट लो जितने मिले

छठा अध्याय -खड़े लंड की दास्ताँ.

भाग 2


खड़े लण्ड की अजीब दास्ताँ -Priapism

दोपहर लगभग २ बजे सारा में मुझे जगाया और बोली जानू उठो खाना खा लो और डॉक्टर जुली भी वापिस आ गयी हैl

डॉक्टर जुली बाजार से खाना ले आयी थी जुली बोली आमिर तुम्हारी डॉक्टरी जांच की रिपोर्ट आ गयी हैं जुली के साथ एक बहुत खूबसूरत लड़की भी आयी थी जुली ने उसका नाम जेसिका (बदला हुआ) बताया और मैं इसे प्यार से जस्सी कहती हूँl

तो मैंने जस्सी से पुछा क्या आप पंजाबी हैं तो वो बोली जी मैं पंजाब के सिख परिवार से हूँl

जुली बोली आमिर जस्सी भी डॉक्टर है और सेक्स विशेषज्ञ हैl इन्हे मैंने तुम्हारी खड़े और न बैठने वाले लंड की दिक्कत के बारे में बताया है, और इन्होने ही जो टेस्ट बताये थे, वह मैंने करवाए थे, और तुम्हारी सारी रिपोर्ट भी देखि हैं l

जुली बोली "जस्सी" आमिर और हमे और तुम्हारी मदद चाहिए l तुम जानती हो आमिर मेरे बचपन के दोस्त हैं और इनके लण्ड की इस हालत को परिअपीज़म ( PRIAPISM ) कहते हैं और इसके खतरे तुम्हे अच्छी तरह मालूम हैंl

जुली बोली आमिर रायपिज्म पुरुषों को होने वाली एक गंभीर समस्या है जिसमें कई बार लगातार इरेक्शन या दर्दनाक इरेक्शन होता है। वैसे यह मेडिकल कंडिशन सामान्य नहीं है, लेकिन जब होती है तो आमतौर पर 30 साल की उम्र के पुरुषों में अधिक होती है। प्रायपिज्म से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें तुम्हे मालूम होनी चाहिएl

यौन संबंध बनाने के दौरान पुरुषों में इरेक्शन सामान्य है, लेकिन क्या आपको पता हैकि इरेक्शन बिन पर्याप्त ब्लड फ्लो के नहीं हो सकता। जब पुरुष उत्तेजित होते हैं तो उनके पेल्विस और पेनिस की धमनियां रिलैक्स होकर बड़ी हो जाती हैं, जिससे पेनिस के स्पंजी टिशू (उत्तकों) में रक्त प्रवाह अधिक होता है। उसी समय नसों के वॉल्व बंद हो जाते हैं, जिससे उस हिस्से में रक्त फंस जाता है और इरेक्शन होता है। इसके बाद उत्तेजना समाप्त हो जाती है, नसों के वॉल्व खुल जाते हैं और रक्त बाहर आ जाता है और पेनिस सामान्य स्थिति में आ जाता है। लेकिन जब यह रक्त प्रवाह सामान्य नहीं होता तो प्रायपिज्म होता है। इरेक्शन जब 4 घंटे से अधिक समय तक रहता है और यह दर्दनाक होता है और बिना यौन उत्तेजना के होता है तो यह प्रायपिज्म है।

कम प्रवाह या इस्केमिक प्रायपिज्म तब होता है जब रक्त इरेक्शन चेंबर के बीच फंस जाता है। टूटी धमनियों के कारण पेनिस में रक्त प्रवाह ठीक तरह से नहीं हो पाता जिससे इरेक्शन का प्रवाह अधिक होता है या नॉनइस्केमिक प्रायपिज्म होता है। ऐसा चोट लगने की वजह से हो सकता है। यदि इरेक्शन 4 घंटे से अधिक समय तक होता है तो यह एक मेडिकल इमरेंजी है और तुरंत डॉक्टर के पास जाने की जरूरत है। पेनिस में मौजूद रक्त में ऑक्सिजन की कमी हो जाती है जिससे टिशू के क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है। यदि प्रायपिज्म का उपचार न किया जाए तो पेनिस टिशू को नुकसान पहुंचता है या परमानेंट इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है।

तो मैंने पुछा डॉ इसके क्या कारण हैं

जस्सी बोली आमिर प्रायपिज्म कई कारणों से हो सकता है जिसमें शामिल हैः

दवाएं- कुछ दवाएं शरीर के नर्व को प्रभावित करती हैं जिसमें पेनिस भी शामिल है। आमतौर पर, ये नर्व (तंत्रिकाएं) लिंग को आपूर्ति करने वाली धमनियों को चौड़ा करती हैं, जिससे यह उत्तेजित और इरेक्ट होती हैं।

सिकल सेल एनीमिया: वैज्ञानिकों को लगता है कि सिकल सेल रोग वाले लगभग 42% पुरुषों को किसी न किसी बिंदु पर प्रतापवाद मिलेगा।

ड्रग्स: कुछ ड्रग्स जिसमें क्रिस्टल मेथ, मारिजुआना, कोकीन आदि शामिल है, के सेवन से भी यह समस्या हो सकती है।

कैंसर: दुर्लभ मामलों में प्रायपिज्म किसी तरह के कैंसरस ग्रोथ के कारण होता है।

रक्त से जुड़ी बीमारी- दुर्लभ मामलों में कुछ ब्लड कंडिशन भी प्रायपिज्म का कारण हो सकता है। थायलसेमिया, क्रॉनिक ल्यूकेमिया और मल्टिपल मायेलोमा प्रायपिज्म से संबंधित हैं।

चोट: पेनिस और पेरिनियम में किसी तरह की चोट लगने पर रक्त प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता। यह नॉन इस्केमिक प्रायपिज्म का कारण है।

जुली बोली आमिर जैसा तुमने बताया जोरदार चुदाई के दौरान पेनिस औ र पेरिनियम में किसी तरह की चोट लगने पर रक्त प्रवाह ठीक से नहीं हो रहा यही तुम्हारी समस्या का मुख्या कारण हैl

अन्य कोई समस्या तुम्हारे टेस्ट में नज़र नहीं आयी हैl जुली बोली जब ये मेरे पास पहली बार इस समस्या को ले कर आये थे, मैं तभी इनकी बिमारी को पहचान गयी थी ये प्रायपिज्म के लक्षण हैं?

लंबे समय तक इरेक्शन प्रायपिज्म का एक लक्षण हैं। इसके अन्य लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि आपको लो फ्लो या हाई फ्लो प्रायपिज्म हैं। यदि आपको लो फ्लो प्रायपिज्म हैं तो आपको दिखने वाले लक्षणों में शामिल हैः

चार घंटे से अधिक समय तक इरेक्शन

ऐसा इरेक्शन जिसमें पेनिस का ऊपरी हिस्सा कोमल ही रहता है

पेनिस में दर्द

लो फ्लो या इस्केमिक प्रायपिज्म बार-बार हो सकता है। शुरुआत में जब इसके लक्षण दिखते हैं तो इरेक्श कुछ मिनट के लिए होता है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है इरेक्शन बार-बार और लंबे समय के लिए होता है।

तो जस्सी बोली मुझे एक बार आमिर का मुआयना करने दो, तो शर्म भूल कर मैंने अपना पायजामा अंडरवियर नीचे कर दियाl इतनी खूबसूरत लड़कियों सारा. गुलाबो, डॉ जुली, और जस्सी के बीच में मेरा लंड उनको सलामी देने लगा और एक दम कड़क हो गया l

मुस्कराते हुए डॉ जस्सी ने मेरी और देखाl मेरा लंड पकड़ कर हिला हिला कर मुआयना किया और बोली डॉ जुली जो तुमने बताया है, दिक्कत वैसी ही हैl इसके लिए मुझे एक बार इनको सेक्स करते हुए देखना पड़ेगा और फिर क्या इनका लणड झड़ने के बाद भी खड़ा रहता है, वह भी देखना चाहूंगीl

फिर मुझसे बोली "क्या आप अभी हमारे सामने सेक्स कर सकेंगे?"

तो मैं बोला क्यों नहीं मैं तो हमेशा तैयार हूँ l जब डॉ जुली के सामने सारा और अपनी दूसरी बीवी को चोद ही चूका हूँ, तो अब आपसे क्या शर्म, क्योंकि आप भी डॉक्टर ही हैंl डॉक्टर से कैसी शर्मl अगर आप से शर्म करूंगा, तो आप मेरा इलाज और मदद कैसे करेंगीl

मैंने पुछा लड़कियों में से कौन तैयार है? तो लूसी बोली आज का दिन सारा का हैl आज आप सारा को ही चोदिये तो मैंने सारा से पुछा क्यों सारा क्या इरादा है, तो वो मेरे पास आ कर मेरा लैंड सहलाने लगी और बोली मैं तो आपकी चुदाई की दीवानी हूँl

सारा नहा कर आयी थी बहुत हॉट लग रही थी और उसमे के ख़ास महक आ रही थी l मैंने उसे हाल में ही बांहों में भर लिया और उसे किस करने लगाl वो भी मेरे मुँह में जुबान डाल के मेरा साथ दे रही थीl

फिर 5 मिनट तक हम एक दूसरे के बदन से खेलते रहे और फिर वो मेरा लंड मुँह में रख के चूसने लगीl मैं सारा से बोला- एक पैर बेड पर रख लो खड़े खड़े और थोड़ा आगे झुक जाओ।

तो वैसे ही झुक गयी। मैं पीछे से चूत पर आया और अपना लन्ड चूत के मुंह पर रगड़ने लगा, तो सारा को बड़ी बैचनी सी होने लगी।

सारा बोली बोली- डालो न, रगड़ क्या रहे हो?

तो मैंने ने एक झटके से लन्ड खड़े खड़े ही पूरा अंदर घुसा दिया और हल्की सी आउच की आवाज के साथ आगे को झटके से हिलीl

मैंने सारा की कमर को हाथों से पकड़ा और धक्के मार मार के चोदने लगा। आ उम्म्, अहह, हय, याह, अहह! कर के सारा ज़ोर ज़ोर से आवाजें कर रही थी l सारा के बूब्स, बाल सारा शरीर धक्कों से आगे पीछे हिल रहा था। मैं सारा को हूँ, हूँ, आह! आह, हम्म, म्म, हम्म, कर के चोदे जा रहा था और पट्ट पट्ट की आवाज आ रही थी।

फिर मैंने लंड बहार निकाला, सारा को सीधा घुमा लिया, और अपनी गोदी में उठा लियाl सारा ने भी अपनी बाहे मेरे गले में डाल दी और दोनों एक दुसरे को बेकरारी के साथ किस करने लगेl

उसके बाद सारा ने मुझे पकड़ कर वापिस मेरे होंठो को किस किया l और मेरे सर को जकड़ के अपने मुंह से मुंह लगा दियाl वह मेरे ओंठ चूसने लगी और मैं उसके ओंठ चूसने लगाl थोड़ी देर बाद वह मेरा निचला होंठ चूसने लगी और मैं उसका ऊपर का ओंठ चूसने लगाl फिर उसने अपना मुंह थोड़ा सा खोला और मेरी जीभ सारा के मुंह में चली गयीl

सारा मेरी जीब चूसने लगी फिर सारा मेरी झीब से खेलने लगी और मैं सारा की झीभ से खेलने लगाl जो सारा करती थी मैं भी वही कर उसका जवाब देता थाl वह जीभ फिराती मैं जीभ फिराता, वह ओंठ चूसती मैं ओंठ चूसता, वह मेरे साथ लिपट गयीl उसका बदन मेरे बदन से चिपक गया उसके दूध मेरी छाती में दब गए थेl सारा के हाथ भी मेरे बदन पर फिर रहे थेl हम दोनों एक दुसरे को बेकरारी से चूमने लगी और हमारे मुंह में एक दूसरे का स्वाद घुल रहा था। कम से कम 5 मिनट हम एक दुसरे के लबों को चूमते रहेl फिर रुक कर सांस लेती हुई बोली सच मजा आ गयाl

मेरे हाथ सारा के नंगे बदन पर फिर रहे थे, मह्सूस कर रहे थे, सहला रहे थे, कुछ अंगो को दबा रहे थे, और उसके हाथ भी शररराते कर रहे थेl मेरा खड़ा लड उसकी चूत को छु रहा था और दो शरीर एक दुसरे में समां जाने को आतुर हो गए थेl

मैंने देखा डॉक्टर जस्सी हमारी और हैरानी से बिना पलक झपकाए आँखे फाड़े हमारी चुदाई देख रही थीl मैंने जस्सी को आँख मारी तो वह मुस्कुरा कर बोली लगे रहो l

फिर मैंने अपने लंड पकड़ कर सारा की चुत पे लगा दिया और सारा जो मेरी गोद में थी उसे निचे दबा दिया, और लंड फच की आवाज के साथ पूरा का पूरा अंदर चला गयाl मैंने अपने आठ उसके चूतड़ों के नीचे लगा कर और ऊपर नीचे कर गोद में उठा कर खड़े खड़े ही चोदने लगा l सच बहुत मजा आ रहा था मुझेl

अब मैंने अपनी स्पीड बहुतबढ़ा दी थी और 8-9 मिनट से लगातार चोदे जा रहा था। सारा झड़ने के करीब पहुँचने लगी थी तो बहुत ज़ोर ज़ोर से बोलने लगी 'आहह ... आहह! मेरे सरताज और तेज़ ... और तेज़l '

मैंने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी और तेज़ तेज़ चोदने लगा, ऐसा करने से मैं भी झड़ने के करीब पहुँचने लगा।

थोड़ी देर बाद ही सारा का शरीर और टांगें अकड़ने सी लगी, तो सारा ने पीछे हाथ लगा के मुझे रोक लिया, और फच्छ-फच्छ कर के, मेरे लन्ड और जांघों पर ही झड़ गयी, और बेड पर उल्टी ही गिर गयी।

मैं उस वक़्त झड़ने के करीब था, तो तुरंत उसकी चूत पर आ के पीठ की तरफ से ही आखिरी झटकों से उम्मह... ओम्महह... मह्ह!... करता हुआ चोदने लगा, और अपनी 3-4 पिचकारियाँ छोड़ता हुआ आहह! करते हुए चूत में झड़ गया, और सारा के बगल में आकर लेट गया, और हाँफने लगा।

मैं भी उल्टी पड़े पड़े उसकी तरफ देखते हुए, हूंह... हूंह... हूंह! कर के हाँफ रही थी। मेरा लन्ड खुद के वीर्य और उसकी चूत के पानी में सना हुआ था और सारा की चूत से भी पानी और मेरे वीर्य के बूंदे टपक रही थी जो मैंने उसकी चूत में ही डाल दी थी।

मैं कोहनी बेड में रखते हुए सिर को हाथ के टेक लगा के उसकी तरफ घूमा और पूछा- मजा आया ना? एक बार फिर से हॅप्पी बर्थडे।

उसने लेटे लेटे ही मेरे बालों में हाथ फिराया और बोली - बहुत मजा आया जानूl

लंड महाराजा झड़ने के बाद भी बादस्तूर खड़े थेl

डॉ जस्सी ने मेरा लंड पकड़ कर हिला हिला कर मुआयना कियाl

डॉक्टर जस्सी बोली जैसा की डॉक्टर जूली ने बताया, तुम्हारी जबरदस्त चुदाई के तुम्हारी कुछ नसे इस तरह से हो गयी है, की अब तुम्हारा लंड खड़ा ही रहता हैl ये साधारणतया नहीं होता है, उसका सीधा सीधा इलाज नहीं है l लेकिन तुम्हे ये कुदरत से ख़ास मिली है तो इसे बचा कर रखो l

वैसे तो चुदाई मर्द के झड़ने के बाद ख़तम हो जाती है, क्योंकि झड़ने के बाद लंड में आया फ़ालतू खून वापिस चला जाता है, और लंड बैठ जाता है, पर तुम्हारे केस में ऐसा नहीं है, खून नसे में आयी हुई सुकड़न के बाद वापिस नहीं जाता है, और लंड खड़ा रहता हैl इसमें लड़कियों की और तुम्हारी बीवियों की तो मौज ही मौज है, वह जितनी देर चाहे चुद सकती हैl

मैंने जब इनको सेक्स करते देखा तो मह्सूस किया कुदरत की इन पर मेहरबानी रही है वो यह है कि इनके लंड से वीर्य भी निकलता है जैसे कि नार्मल पुरुषों के साथ होता है लेकिन यह क्रिया प्रियापिज्म के असली बीमार मर्दों में नहीं होती। वो बेचारे फुल इरेक्शन होते हुए ही भी किसी स्त्री को गर्भवती नहीं कर सकते।

लेकिन यह नार्मल प्रियापिज्म के बीमारों के साथ नहीं होता, उनके लंड की नसों में खून हर वक्त जमा रहता है, जिसके कारण उनका लंड हर वक्त खड़ा रहता है, और कुछ ही वर्षों में वो नपुंसक हो जाते है, यानि उनका लंड खड़ा होने की शक्ति खो देता है।

डॉक्टर जस्सी बोली आमिर का जब लंड खड़ा होता है तो खून लंड की नसों में आ जाता है जैसा कि साधारण इरेक्शन ( errection ) में पुरुषों के साथ होता है। लेकिन इनके लंड की नसों में जो खून आ जाता है वो कई घंटे वापस नहीं जाता है (जैसा कि आम आदमियों के साथ होता है) जिसके कारण इनका लंड खड़ा रहता है

सारा और डॉ जुली बोली आप इनका ऐसा इलाज करिये जिससे इनकी कबबलियत बची रहेl

डॉक्टर जस्सी मुस्कुराते हुए बोली, इस क़ाबलियत को बचा कर रखने का उपाय आमिर के अपने पास है, इनके पास जो क़ाबलियत है उसे बचाने में मैं तुम्हारी मदद करूंगी l सेक्स का दरअसल दिमाग से सीधा नाता हैl उत्तेजना यौन-सम्बंधित दृश्यों, आवाजों, स्पर्श या कामुक यादों से होती है। इस उत्तेजना का संकेत उसके मस्तिष्क (para-ventricular nucleus) में पैदा होकर, रीढ़ की हड्डी की विशेष नसों से गुजरता हुआ, श्रोणि (pelvis) नसों और प्रोस्टेट ग्रंथि से होता हुआ लण्ड तक पहुँचता है।

आमिर प्रायपिज्म का उपचार उसके प्रकार और कारण पर निर्भर करता है। डॉक्टर आपकी जांच करके पहले यह पता लगाता है कि प्रायपिज्म लो फ्लो है या हाई फ्लो।

यदि इरेक्शन 4 घंटे से कम समय के लिए रहता है तो पेनिस में रक्त प्रवाह कम करने के लिए डिकन्जेस्टैंट दवाएं दी जाती हैं। ये दवाएं आमतौर पर 4-6 घंटे तक होने वाले इरेक्शन पर प्रभावी होती है, लेकिन यदि किसी मामले में दवा का असर नहीं होता है या इरेक्शन 6 घंटे से भी अदिक होता है तो उपचार के लिए अन्य तरीके अपनाए जाते हैं, इसमें शामिल हैः

एस्पीरेशन- इस प्रक्रिया में पेनिस को दवा से सुन्न कर दिया जाता है और सुई डालकर डॉक्टर रुके हुए ब्लड को निकालता है। इस प्रक्रिया के तुरंत बाद दर्द और सूजन कम हो जाती है।

आइस पैक्स- पेनिस या पेरिनियम पर आइस पैक लगाने से सूजन और नॉन इस्केमिक प्रायपिज्म से आराम मिलता है।

सर्जरी- यदि आइस पैक और एस्पीरेशन से समस्या हल नहीं होती है तो पेनिस में सामान्य रक्त प्रवाह बनाए रखने के लिए सर्जरी की जरूरत होती है।

जब भी दर्द ज्यादा हो तो पेनिस पर आइस पैक लगाने से सूजन और नॉन इस्केमिक प्रायपिज्म से आराम मिलता है। तुम वो लगा सकते होl

तो मैंने कहा नहीं अब दर्द नहीं है पर अगर होगा तो मैं आइस पैक लगा लूँगा l

डॉक्टर जस्सी बोली आमिर मैं तुम्हे वह तरीका बताती हूँ, जिससे जब भी तुम्हारे मन से सेक्स का विचार दूर हो जायेगा. तो तुम्हारे लंड में आया खून वापस चला जाएगा ।

आमिर सेक्स का मतलब सिर्फ चूत में लण्ड डाल कर धक्के लगाना नहीं हैl लण्ड और चूत के मिलन से पहले चूमना चाटना सहलाने भी जरूरी हैl और मैंने अनुभव किया है तुम्हे चूमने चाटने सहलाने और दबाने में मजा आता हैl तुम्हारी बीविया भी कहे न कहे, उन्हें भी चूमने, चाटने, और सहलाने में मजा आता हैl

एक तो आमिर जब तुम्हे लगे तुम जड़ने वाले हो तो अपने धक्के लगाने की स्पीड कम कर दिया करो जिससे तुम झड़ोगे नहीं l

दूसरा जब तुम्हारी साथी को ओर्गास्म हो जाए या वह झड़ जाए तो तुम रुक जाया करोl

तीसरा बार बार पोज़ या आसान बदल लिया करो ताकि तुम्हे थोड़ा आराम मिल जाएl

सम्भोग के बाद भी अपने साथी को सहलाने और चूमने से आनंद आता है और वह प्यार का इजहार बहुत जरूरी हैl

चौथा जब मन भर कर सेक्स कर चुके हो, तो मन से सेक्स के विचार निकाल कर कुछ और सोचा करोl जिससे तुम्हारे लण्ड में आया हुआ अतिरिक्त खून धीरे धीरे वापिस चला जाए और ये नार्मल पोजीशन में आ जाएl

डॉक्टर जुली बोली आमिर तुम्हारी 3 बीविया हैं, इसलिए सब को खुश रखने के लिए तुम्हे सब से सम्भोग करो l लेकिन तुम अपने झड़ने पर अपने मन और दिमाग से नियंत्रण कर लो, ताकि जब तक तुम न चाहो, तुम न झडो, इस तरह तुम अपना वीर्य भी बचा सकोगे और नपुंसक नहो होंगेl इस तरह पूरे मजे ले सकोगे और अपनी सभी बीवियों को खुश रखोगेl

डॉक्टर जस्सी बोली जब तक तुम दिल्ली में रहोगे तुम मेरे बताये हुए नुस्खे आजमानाl अब सब आराम करो, बाकी जुली तो है हीl अब तुम्हारे साथ वह तुम्हारा पूरा ख्याल रखेगीl

कल सुबह तुम मेरे घर पर आना वह मेरा क्लिनिक भी है और कुछ टेस्ट भी वही करूंगी और डॉक्टर जस्सी चली गयीl

कहानी जारी रहेगीl

आमिर खान हैदराबाद

---------------------

Note:- मैं स्वास्थ्य या किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं 
दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप किसी योग्य डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।


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कहानी जारी रहेगी
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05-08-2022, 06:13 PM,
#37
RE: खाला की चुदाई के बाद आपा का हलाला
मजे - लूट लो जितने मिले

छठा  अध्याय  -खड़े लंड की दास्ताँ.

भाग- 3

गेंद खेलती लड़की के साथ बगीचे में सेक्स


अगले दिन मैं, सारा और डॉक्टर जुली, डॉक्टर जस्सी के घर जो की उसका क्लिनिक भी था वहाँ पर गएl तो डॉक्टर के पास कुछ लोग बैठे थे तो सब वही इंतज़ार करने लगे तो सारा बोली आमिर अभी डॉ जस्सी को देर लगेगी कुछ लोग आ गए हैं तुम चाहो तो बाहर बगीचे में घूम आओ डॉक्टर जस्सी का घर बहुत शानदार था पूरा फार्म हाउस था उसमे पिछले भाग में स्विमिंग पूल भी था और उसके आगे एक बहुत सुन्दर बगीचा थाl

मैं बगीचे में घुमते हुए काफ़ी दूर निकल गया। मैं एक रंग-बिरंगे फूलों से भरे-पुरे उपवन में पहुँच गया l वहाँ उन्होंने बड़े ही सुन्दर साड़ीपहने हुए, कमर में करधनी पहने. एक बहुत सुन्दर गोरी कमसिन लड़की को गेंद के साथ खेलते हुए देखा। वह गेंद से खेल रही थी और खेलते-खेलते उसकी साड़ी का पल्लू सरक कर गिर गया और उसकी चोली में उसके बड़े-बड़े सुडोल स्तन नज़र आने लगेl मैं पेड़ो के पीछे छिप कर उसे देखने लगाl उसे देख मेरा लंड तन कर कड़क हो गया, तभी वह खेलती हुई मेरी तरफ़ ही आ रही थीl

उन ने लज्जा भाव से मुस्कराकर तिरछी नज़र से मेरी और देखा और एक तेज हवा का झोंका आया तो उसकी साड़ी से उसके उरोज आजाद हो गए, बस फिर क्या था मेरा मन मेरे हाथ से निकल गया। मैं उसे एकटक निहारने लगा उसकी चितवन के रस में डूब इतना भावातुर हो गया की अपने आप की भी सुध न रहीं। जहाँ मेरी उस लड़की पर आंखें लग जाती थीं, लगी ही रहती थीं तथा उनका मन वही रमण करने लगता था, मैं उस लड़की पर अत्यंत आकृष्ट हो गया l

तभी उसकी गेंद उछली और मेरी और आ गयी तो पीछे-पीछे वह भी आ गयीl

उसने भी मेरा तना हुआ पायजामा देखा तो देखती ही रह गयी और गेंद को जैसे भूल गयी मुझे वह भी अपने प्रति आसक्त जान पड़ती थीं, उसके हाव-भाव के मेरा विवेक शून्य हो गया था और मैं सेक्स में डूब गया l

वो मुझे देख शर्म से मुस्करायी और उसने पुछा आप कौन हैं. यहाँ क्यों आये है?
तो मैंने बोला मेरा नाम आमिर हैl मैं डॉक्टर जस्सी से मिलने आया हूँl
वह बोली आप डॉक्टर जूली के दोस्त हैं मुझे दीदी (डॉक्टर जस्सी) ने आपके बारे में बताया था कि आप आज आने वाले हैंl मेरा नाम मोनी (बदला हुआ नाम) हैl मैं डॉक्टर जस्सी की बहन हूँ और अपना हाथ आगे बढ़ा दिया तो मैंने हाथ उससे हाथ मिलाया और ऐसा खोये के दोनों ही हाथ छुड़ाना भूल गए और एक दुसरे में जैसे खो गएl

फिर जैसे मोनी होश में आयी और हाथ छुड़ा कर बोली अरे मेरा हाथ छोड़िये क्या कभी कोई लड़की नहीं देखि है आपने?

मैंने कहा बहुत देखि हैं मोनी जी पर आप जैसी कोई नहीं मिली!

उसने पुछा क्या आप खेलेंगे मेरे साथ और गेंद की और भाग गयी और खेलने लगीl उसने गेंद मेरी और फेंक दी और मैंने भी गेंद पकड़ कर उसकी और फेंकीl हवा का झोंका गेंद को दूर ले गया और वह गेंद के पीछे भागने लगीl मैं भी उसके पीछे-पीछे दौड़ने लगाl
डॉक्टर से मिलने और अपनी जांच का ख़्याल त्याग कर मैं मोनी के पीछे लग गया। उसने गेंद मुझे ज़ोर से फेंक कर मारी तो मैंने भी गेंद उठा कर उसकी तरफ़ ऊपर उछाल दी और गेंद पकड़ने के चक्कर में दोनों एक दुसरे से टकरा गएl मोनी मेरे नीचे थी और मैं उसके ऊपर। मैं मोनी से बोला तुमने मुझे गेंद क्यों मारी तो उसने कटीली स्माइल दी और ज़ोर से हसी। मैंने उन्मत्त होकर मोनी के बाल पकड़ लिए और उसे किस करने के लिए अपने होंठ उसके गालो को छुआ दिए, तो मोनी अपने बालो को छुडवाकर फिर वहाँ से चल दी और बोली मुझे पकड़ कर दिखाओ फिर किस मिलेगीl

मैंने दौड़कर गेंद से खेलती हुई मोनी को ज़बरदस्ती दोनों बाजुओं के बीच पकड़ लिया।
तब दोनों बाजुओं के बीच से अपने को छुड़ाकर मोनी भाग चली, मैं उसके पीछे भगा और उसको पकड़ने की कोशिश करने लगाl मेरे हाथ उसकी साडी का एक सिरा आ गया, पर वह भागती रही और मैं साडी खींचने लगा, तो साडी खुलने लगी और पूरी उतर lमोनी रुकी नहीं, सिर्फ़ पेटीकोट और चोली में भागती रही और मैं दीवानो की तरह उसके पीछे भागने लगा l मैं ज़ोर से भाग कर उसको पकड़ने लगा, तो इस बार मेरे हाथ में उसकी चोली की डोरी आ गयी और चोली उत्तर गयीl उसने ब्रा नहीं पहनी थी और मोनी ऊपर से पूरी नंगी हो गयी, तो मोनी अपनी बाजुओं से अपने उरोज छुपाने लगी l

उसके भागने की स्पीड कम हो गयी, तो मैंने उसे पकड़ लियाl मैंने अपनी बाहो में जकड लिया और बोला मोनी मैंने तुम्हे पकड़ लियाl अब लाओ मेरा इनामl मोनी बोली यहाँ नहीं पीछे चलते हैंl और मेरा हाथ पकड़ कर ले झाड़ियों में चली मैं भी मंत्रमुग्ध उसके पीछे-पीछे चल दिया l

आगे एक जगह झाड़ियों का झुरमुट था और उसके बीच में फूल गिरे हुए थेl मानो फूलो का बिस्तर लगा हुआ थाl वह मेरे पास आयी, उसने अपने बाल पीछे किये और गाल आगे कर दिए, तो मैंने उसके गालो पर किस किया ,और उसके ओंठो पर अपने ओंठ रख दिएl

उसके जवाब में मोनी ने मुझे पकड़ कर, वापिस मेरे होंठो को किस किया. और मेरे सर को जकड़ के अपने मुंह से मुंह लगा दियाl वह मेरे ओंठ चूसने लगी और मैं उसके ओंठ चूसने लगाl थोड़ी देर बाद वह मेरा निचला होंठ चूसने लगी और मैं उसका ऊपर का ओंठ चूसने लगाl फिर उसने अपना मुंह थोड़ा-सा खोला और मोनी की जीभ मेरे मुंह में चली गयी.l

मैं मोनी की जीब चूसने लगाl फिर मोनी मेरी झीब से खेलने लगी और मैं मोनी की झीभ से खेलने लगाl जो मोनी करती थी, मैं भी वही कर उसका जवाब देता थाl वह जीभ फिराती मैं जीभ फिराताl वह ओंठ चूसती मैं ओंठ चूसताl वह मेरे साथ लिपट गयीl उसका बदन मेरे बदन से चिपक गयाl उसके दूध मेरी छाती में दब गए थेl मोनी के हाथ भी मेरे बदन पर फिर रहे थे। हम दोनों एक दुसरे को बेकरारी से चूमने लगे और हमारे मुंह में एक दूसरे का स्वाद घुल रहा था। कम से कम 15 मिनट हम एक दुसरे के लबों को चूमते रहेl

मेरे हाथ मोनी के नंगे बदन पर फिर रहे थे मह्सूस कर रहे थे, सहला रहे थे, कुछ अंगो को दबा रहे थे और उसके हाथ भी शररराते कर रहे थेl फिर मैं उसे अपने नीचे करके उसके पेटीकोट और पैंटी को उतर डाला मेरा खड़ा लड उसकी चूत को छु रहा था और दो शरीर एक दुसरे में समां जाने को आतुर हो गए थेl

फिर मैं एक हाथ से उसके मम्मों को दबाने लगा और किस करता रहा। वह भी गर्म होने लगी। फिर मैं पीछे होकर उसकी गर्दन और कानों पर किस करने लगा। उसकी ख़ुशबू मुझे मदहोश करने लगी। मैंने आगे दोनों हाथ करके उसके मम्मों को पकड़ लिया और दबाने लगा। वह मचलते हुए सिसकारी भरने लगी ' ओह्ह आह प्लीज धीरे दबाओ दर्द होता है

उसके मुँह से कामुक सिसकारी सुन कर मैं भी जोश में आ गया। मैं पागलों की तरह उसे किस करने लगा और काटने लगा l

यह सब करते-करते मैं धीरे-धीरे सरक-सरक कर मोनी को एक पेड़ के पास ले गया और मोनी मेरे साथ लिपट गयी उसका बदन मेरे बदन से चिपक गया उसके दूध मेरी छाती में दब गए थे और मुझे पेड़ से सटा दिया मोनी के हाथ भी मेरे बदन पर फिर रहे थे और वह मेरी जीभ को चूसने लगी। फिर मैंने भी उसकी जीभ को चूसा। मोनी मुझे बेकरारी से चूमने लगी और हमारे मुंह में एक दूसरे का स्वाद घुल रहा था। कम से कम 15 मिनट तक वह मेरे लबों को चूमती चुस्ती रही l फिर रुक कर सांस लेने लगी और अपने होंठो को जीब पर फिरते हुए बोली सच मज़ा आ गयाl

मोनी की सारी लिपस्टिक मेरे और उसके मुँह पर फ़ैल गयी थी और मोनी के होंठ फिर मेरे होंठो से जुड़ गएl हम दुबारा किस करने में लग गएl हमारे नाक आपस में टकरा रहे थे और कभी सीधे और कभी दाए कभी बायीं और मुँह घुमा-घुमा कर किस कर रही थीl मोनी की गर्म-गर्म मादक साँस मेरे मुंह पर लगने लगी मुझेl उसके होंठ बहुत नरम थे। उसे मैंने भी कस कर किश किया और जैसे वह किस करती थी, वैंसे ही जवाब दियाl मेरे हाथ उसकी पीठ पर पहुँच गए;
l

हम एक दुसरे के ओंठ चूसने लगे और हमारे मुँह खुल गए और मुँह का रास एकदूसरे के मुँह में रस घुलने लगा। उसकी गरम साँसे और ख़ुशबू मुझे मदहोश करने लगी। सच में मोनी बहुत सेक्सी थी। तभी मोनी ने पायजामे के ऊपर से मेरा लैंड पकड़ लिया और दबाने लगी लंड कड़ा हो चूका था। उसने मेरा पूरा लंड हाथ से सहलाया, और एक झटके में पायजामे का नाडा खोल. अंडरवियर निचे कर लंड पकड़ लिया. और हाथ फेरने लगी. और बोली सच में बहुत बड़ा लंड हैl आमिर का 7-8 इंच का तो होगाl आमिर अपना कुरता भी उतार दो मुझसे इंतज़ार नहीं हो रहा, मैं कामाग्नि में जल रही हूँl

मैंने अपना कुरता बनियान उतार दिया और बिलकुल नंगा हो गया । तबतक मोनी नीचे बैठ कर लंड के सुपडे पर अपनी जीब फेरने लगी । तो मैं एक हाथ से उसके दूध दबाने लगा उसके दूध बिलकुल गोल सुडोल और बिलकुल ढलके हुए नहीं थे ऐसा लगता था दो कटोरे छाती पर चिपके हुए हो और दूसरा हाथ उसकी कमर पर फिराने लगा l वाह! क्या चिकनी कमर थी l.

फिर मोनी मेरा पूरा लंड चूसने लगी और चूसने से लैंड बिलकुल कड़ा हो गया । वह और उतावली हो गयी और पेटीकोट और पैंटी उतार कर बिलकुल नंगी हो गयी और मुझे जहाँ तहँ चूमने लगी । मैंने भी उसकी चुचकों को चूसा और चूत पर हाथ फेरा तो वह एक दम चिकनी थी कोई बाल का नामोनिशान नहीं ।बोली आज ही साफ़ करि है मैंने अपनी ऊँगली पर लगा उसका चुतरस चाट लिया । वाह क्या स्वाद था । मुझे उसका चुतरस अच्छा लगातो मैंने दुबारा ऊँगली लगाई तो थोड़ी से अंदर घुसा कर घुमा दी मोनी उचक गयी बोली वाह! जी यह अदा और मेरा हाथ पकड़ कर मेरी उंगलिया चाट गयी बोली कुंवारी चूत है आज इसे फाड़ दोl

मैंने उसको गालो को चूमा फिर कंधो को पहले किस किया फिर गर्दन का पास दाए कंधे को पहले चूसा वहाँ निशान पड़ गया और मोनी के मुँह के आह निकलीl

मैंने उसकी आँखों में देखा उसकी आँखे कह रही थी प्लीज दर्द होता है ... मैंने धीरे से जहाँ निशान था वहाँ किस किया और पूरा दाया कन्धा जीभ से चाट लिया। वह क्या नमकीन स्वाद था। फिर वैसे ही बाये कंधे को चूमा और चाटा मोनी मेरे चूमने से सिहर जाती थी। अब मोनी का ख़ुद के ऊपर काबू नहीं रहा था। वह मेरे लोडे को हिला के बोली, जल्दी से अपना हथियार डाल दो मेरे अंदर अब मेरे से रहा नहीं जा रहा हेl.

और मोनी उत्तेजना में भर बोली फाड् दो मेरी चूत एक ही झटके से मेरी कुंवारी चूत की सील अपने हथियार से चीर कर रख दो l

कुछ देर बाद उसने धक्का देकर, मुझे घास और फूलो पर गिरा दियाl मेरे ऊपर चढ़ गयी और लंड पकड़ कर सर्र से लैंड के ऊपर बैठ गयीl अब वह मुझे मेरे होंठो गालो सीने और गले पर पागलों की तरह किस करने लगी और काटने लगी। फिर मैंने उसकी चूत पर अपना लंड टिकाया और फनफनाते हुए लंड से उसकी चूत रगड़ने लगा और मोनी मज़े ले रही थीl

फिर मैं नीचे लेट गया और उसे ऊपर बिठा लियाl वह बोली-आपका बहुत बड़ा हैl आप लेटे रहो, मैं ऊपर से धीरे-धीरे एडजस्ट करूँगी। मैं चित लेटा रहा। वह मेरे ऊपर मेरे लंड पर बैठने लगी और धीरे-धीरे ओंठो को भींचते हुए लंड पर बैठ गयी। लंड अंदर घुसवाने के बाद वह शांत होकर अपने होंठ काटने लगे। मेरा लंड उसकी चुत में फंस गया था। वह भी दर्द सहते हुई लंड पर बैठी रही। लंड उसकी चुत के अन्दर सेट हो गयाl वह दर्द से कराह उठी और उसके मुँह से चीख़ निकल गयी ' उम्म्ह! अहह! हय! याह!

तभी मैंने नीचे से धक्का लगा दिया और वह चिल्ला उठी प्लीज आराम से डालो l '

अपना औज़ार एक ही झटके में उसकी चूत में दे मारा, एक हलकी-सी रुकावट और फिर फचक की आवाज़ से लुंड पूरा जड़ तक समां गया और मोनी की चीख निकल गयीl आईई याह!

लैंड उसकी चूत में एक झटके में ही पूरा समां गया और उसकी आह्हः निकली। फिर कुछ देर बाद-बाद वह ऊपर नीचे होने लगी। अब उसे भी मज़ा आने लगा था। वह ऊपर से कूद रही और मैं नीचे से गांड उठा कर उसकी चूत चोद रहा था। पूरा कमरा हमारी मादक सिसकारियों से गूंज रहा थाl

तो वह धीरे-धीरे ऊपर नीचे होने लगी पूरी 6-7 इंच ऊपर उठतीl सिर्फ़ 1-2 इंच सुपर अंदर रह जाता और फिर बैठ जाती और मैं भी चुतर उठा कर धक्का दे देताl

और वह आह करती थी । ऐसा उसने कई बार किया और वह मुझे चोद रही थी। फिर उसकी स्पीड बढ़ गयी और उसके गोल सुडोल चूचे उछलने लगे । मेरे हाथ उसके दूध दबाने खींचने लगा लगे तो वह बोली आराम से दबाओ। मैं उसके हर झटके का साथ चुतर उठा कर दे रहा था और मेरे हर झटके से हर बार उसके मुँह से आह निकलती थी । इस तरह ले में 5-6 मिनट धक्के लगाने के बाद वह मेरे ऊपर झुक गयी और मेरे ओंठो की लिपकिस करने लगी मैंने भी लिप किस का जवाब लिप किस से दिया और दोनों एक दुसरे के ओंठो में खो गए । उसके झटको की रफ़्तार कुछ मंद हुई तो बोली अपनी चूत 6-7 इंच ऊपर उठा कर बोली अब तुम झटके मारो तो मैं नीचे से कस-कस कर झटके मारने लगा l

दस मिनट चुदने पर वह झड़ गयी। करीब 20 मिनट की चुदाई में वह 2 बार झड़ चुकी थी। अब झड़ने की मेरी बारी थी। मैंने अपना सारा रस उसकी चुत में डाल दिया और खून चूत रास और वीर्य से सना लंड बाहर निकाल लिया । वह मेरे ऊपर गिर गयी और मैं उसकी पीठ पर हाथ फेरता रहा । वह बोली सच में आमिर बहुत मज़ा आयाl

लंड महाराजा झड़ने के बाद भी बादस्तूर खड़े थेl

आप आपने कमैंट्स भेजते रहिये इससे और बेहतर कहानी लिखे को प्रोत्साहन मिलता है।

कहानी जारी रहेगी…

आमिर खान हैदराबाद
Reply
05-08-2022, 06:14 PM,
#38
RE: खाला की चुदाई के बाद आपा का हलाला
मजे - लूट लो जितने मिले

छठा  अध्याय  -खड़े लंड की दास्ताँ.

भाग- 4 

डॉ जस्सी के क्लिनिक पर मेरे लंड की जांच


मोनी की चुदाई के बाद मैं टॉयलेट गया, वहां लंड को साफ़ किया और वापिस क्लिनिक में आयाl डॉ जस्सी के मेहमान जा रहे थेl डॉ जस्सी मेरे पास आयी और माफ़ी मांगते हुए बोली कुछ गेस्ट आ गए थेl इसलिए आपको इंतज़ार करना पड़ा, उसके लिए माफ़ी चाहती हूँl

मैंने कहा कोई बात नहीं, मैं आपके बगीचे में घूमने चला गया थाl बहुत सूंदर बगीचा और आलीशान घर है आपकाl इतने में मोनी भी वही आ गयी ,तो डॉ जस्सी बोली आमिर इनसे मिलो ये मेरी बहन है डॉ मोनीl मोनी ने मुझे आँख मारी, तो मैंने भी आँख मार कर जवाब दियाl मोनी ने पुछा दीदी क्या ये वही हैं जिनके बारे में आप बता रही थीl तो डॉक्टर जस्सी बोली हाँ बहन एक बार तुम भी इनका मुआयना कर लो, फिर कुछ और टेस्ट कर लेते हैंl इनका एक अलग ही केस हैl

जैसे मैंने तुम्हे बताया ऐसे बहुत से केस आते हैं जिनके लंड खड़ा नहीं होताl जो लोग आप से पहले आये थे, उनकी भी दिक्कत यही थी, उनके लड़के का लंड खड़ा नहीं होताl उसका इलाज भी लम्बा हैl

पर इनका बैठता नहीं है l रिसर्च के लिए एक अच्छा प्रोजेक्ट है, मोनी l

इससे पहले मोनी कुछ बोलती. मैंने सारा की तरफ देखते हुए बोला मेरा भी कजिन है इमरान उसकी भी यही दिक्कत है, लंड खड़ा नहीं होताl क्या आप उसका इलाज कर देंगी तो मैं उसको भी यही बुलावा लेता हूँ l तो डॉक्टर जस्सी बोली ऐसे केस की तो मोनी एक्सपर्ट है l आप उसको बुलवा लो, तो मैंने वही से खाला को फ़ोन कर बताया और इमरान को आने को बोलाl खाला बोली ज़रीना और दिलिया भी तुम्हे बहुत मिस कर रही हैं l मैं उनको भी इमरान के साथ ले कर आती हूँl

कुछ देर बाद खाला का वापिस फ़ोन आया. इमरान कश्मीर चला गया है, कल सुबह सीधा दिल्ली फ्लाइट से आ जायेगाl खाला के साथ ज़रीना , दिलिया और मेरी बाकी चारो सालिया भी कल सुबह दिल्ली आ रही हैंl मैंने उन्हें लाने के लिए डॉ जुली को बोलाl डॉ जस्सी ने कहा आमिर चिंता मत करो सब इंतज़ाम हो जाएगा l

तो मैंने डॉक्टर से अगले दिन का इमरान के लिए टाइम ले लियाl मोनी आँख मारते हुए बोली आमिर आप भी साथ आइयेगाl मैंने कहा जो हुकुम डॉ साहब l

उसके बाद डॉ मुझे जांच कक्ष में ले गयी और दोनों ने मिल कर मेरे कुछ हुए टेस्ट किये lटेस्ट करते हुए दोनों एक दुसरे को देख करे मुस्कुरा रही थी l और मोनी तो मेरे लंड को ऐसे देख रही थी जैसे अभी चूसने लग जायेगी l

उसके बाद मैंने डॉ जस्सी से पुछा फिर अब क्या प्रोग्राम है?

जुली बोली- अब मैं तुम्हे सिखाऊंगी कैसे तुम्हे अपना ख्याल रखना है और कैसे अपने लण्ड के ऊपर निय्रंत्रण पाना हैl उसकी बात सुन मैंने जेसिका और मोनी की और देखा, तो जुली बोली ये दोनों भी डॉक्टर है और इस काम में मेरी मदद करेगी l हम उसके लिए तैयार होकर आई है आज हम यही रहेंगे।

जुली बोली-जस्सी, तुम मेरे साथ आओ।

वो दोनों चले गए तो मैंने सारा से पूछा- कहाँ गई हैं दोनों?

सारा बोली - वो कुछ नहीं, ज़रा जस्सी से कुछ बातें कर रही है।

थोड़ी देर में दोनों वापस आ गई और जुली बोली- सब ठीक है आमिर, थोड़ी देर तुम आराम करो तब तक हम तैयारी करते हैं ।

यह कह कर हम तीनो बैडरूम में चली गयी। मैं सोफे पर ही ऊँघने लगाl

करीब घंटे के बाद सारा के साथ जुली बाहर आ गई और - मैं अभी आती हूँ कह वापिस गई। वह कमरे में गयी और थोड़ी देर बाद कुछ लेकर कमरे में चली गयीl

सारा ने आगे बढ़ कर मुझ को लबों पर चूम लिया और मैंने भी उसको एक बहुत ही गहरी चुम्मी दी।

फिर मैंने एक हाथ सारा के चूतड़ पर रख दिया और उसको हल्के हल्के मसलने लगा।

सारा बड़े ही प्यारे रंग की सिल्क की साड़ी पहने हुए थी और मेरे हाथ उसके चूतड़ों पर नहीं टिक रहे थे।

अब मैं सारा के मम्मों के साथ खेल रहा था और उसका हाथ मेरे अंडकोष पर था। फिर मैंने सारा के मम्मों को उसके ब्लाउज के ऊपर से चूमना शुरू कर दिया।

मैं अपने लंड को उसकी चूत को साड़ी के ऊपर से रगड़ रहा था। फिर हम एक दुसरे को थोड़ी देर हम यु ही एक दुसरे से खेलते रहे। फिर थोड़ी देर हमारा चूमना चाटना रगड़ना चलता रहा । हम दोनों एक दुसरे के होंठ चूसने लगे ।

कुछ देर बाद जुली बाहर आयी और बोली आमिर आज मैं तुम्हे एक नयी दुल्हन का तोहफा दे रही हूँ। जस्सी दुल्हन बनी तुम्हारा सुहाग की सेज पर इंतज़ार कर रही रही। जाओ प्यार से करना। l वह चूंकि सेक्स की विशेषज्ञ है तुम्हारी पूरी समस्या समझ कर पूरी मदद करेगी। मैंने जुली को पकड़ कर किस किया उसने भी शिद्दत के साथ चूमने में मेरा साथ दिया।

फिर जुली बोली मुझे छोड़ो आमिर जस्सी तुम्हारा इंतज़ार कर रही हैl मैं और सारा भी अंदर रहेंगीl मैंने कहा जस्सी को कोई ऐतराज तो नहीं हैl जुली बोली नहीं वह मेरी बहुत पुराणी सहेली हैl हमारा आपस में कुछ भी छुपा हुआ नहीं है l

जुली बोली जस्सी कुवारी है, इसलिए धीरे धीरे करनाl जुली बोली पहले सेक्स में कभी भी जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहियेl लण्ड को चूत के अंदर डालने के बाद चूत और लंड को पूरा मौका देना चाहये. कि वो आपस में हिलमिल सके और एक दूसरे को पहचान सकें। चुदाई के दौरान होंठो पर चुम्बन और मम्मों को सहलाना दबाना और चूसना चाहिएl ।

चूत को चूसना और लण्ड को भी चूसना चाहिएl इससे चुसवाने वाले को अच्छा लगता हैl चूत में ऊँगली डालने से भी लड़कियों को मजा आता हैl

फिर जुली और सारा मुझे जसिका के कमरे में ले गयी और हंसते हुए कमरे के अंदर सोफे पर बैठ गयी l कमरा गुलाब के फूलों से सज़ा था और सेज़ पर जस्सी दुल्हन सज धज कर बैठी थीl

कहानी जारी रहेगीl

आमिर खान हैदराबाद

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Note:- मैं स्वास्थ्य या किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप किसी योग्य डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
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05-08-2022, 06:16 PM,
#39
RE: खाला की चुदाई के बाद आपा का हलाला
मजे - लूट लो जितने मिले

छठा  अध्याय  -खड़े लंड की दास्ताँ.

भाग- 5  

कुंवारी जस्सी के साथ सेक्स 


जस्सी मेरे न बैठने वाले लंड से चुदने के लिए दुल्हन बन कर बैठी थी और बला की खूबसूरत लग रही थी, हाईट 5 फुट 6 इंच, गोरी, काले बाल, पतला बदन, वो एकदम जूही चावला जैसी लगती थीl मेरी उससे कल ही मुलाकात हुई थी और बहुत कम बात हुई थीl मैंने उसे ठीक से देखा भी नहीं थाl लेकिन मुझे मालूम चल चूका था किआज एक नयी जन्नत की सैर करने का मौका खुदा ने दे दिया हैl

मुझे फ़क़ीर की बात का ख्याल हो आया, के मुझे नियामत मिलने वाली हैl सच में ये मेरे लिए एक अनोखा समय था, जब इतनी जल्दी जल्दी नयी हसीनाएं मिल रही थी, जो बिलकुल हूरो जैसे थीl

फिर में जस्सी के पास गया, उनका हाथ अपने हाथ में लेकर उनसे बातें करने लगा, और बोला कि आप तो यह बताओ कि आपको मेरे बारे में क्या मालूम है, जो आप मेरे साथ सुहाग की सेज पर आने को तैयार हो गयी ? तो जस्सी ने शरमाते हुए मुझे अपनी बाहों में लिया और कहने लगी कि मेरा आमिर राजा मुझे जुली ने आपके बारे में सब बता दिया हैl फ़क़ीर की बात याद करके तुरंत मैंने सबसे पहले जस्सी को एक मेवा खिलाया l

मैं आपके लंड को देखकर आपकी मुरीद हो गयी हूँl आप बाते भी बहुत अच्छी करते हैंl आप मेरे मुरीद हो जाएंगेl मैं आपसे चुदने और आपका इलाज करने ही आपको यहाँ बुलाया हैl

जस्सी ने मुझ से पुछा अब आपके लंड में दर्द तो नहीं है तो मैंने कहा नहीं अब बिलकुल दर्द नहीं हैl

जस्सी ने मेरे सबसे पसंदीदा लाल रंग की साड़ी पहनी हुई और गहनों से लदी हुई थी और फूलो से सजी हुई थीl जुली ने उसे हल्का सा मेकउप भी किया थाl वह गजब की सुन्दर लग रही थीl उसने चेहरा घूंघट में छुपाया हुआ थाl

मैंने एक गुलाब का फूल उठाया और सारा की और देखा llसारा उठ कर एकअंगूठी लायी और मुझे दियाl मैंने गुलाब के फूल से जस्सी का घूंघट उठाया और कहा मोहतरमा एक तोहफा पेश करता हूँ नज़राना कबूल फरमाएl उसने बायां हाथ आगे किया और बोली हज़ूर आप ही पहना दीजियेl मैंने उसे अंगूठी पहना दी और उसके हाथो को चूम लियाl मेरे चूमते ही उसकी सिहरन और सोने के कंगनो की टकराहट से छन की आवाज़ मेरे लंड को फौलादी बना गयी थीl

फिर मैंने धीरे से उनके होंठो को चूमा, उफ उसकी खुशबू ही क्या सेक्सी थी? l फिर मैंने धीरे से उन्हें अपनी बाहों में लिया और उनके होंठो पर चूमना और अपनी जीभ से गीली चटाई शुरू कर दीl अब जस्सी सिहरकर मुझसे लिपट गयी थी और उसकी 36 साईज की चूचीयां मेरे सीने से दब गयी थीl

फिर मैंने उत्तेजना में उसे जकड़कर अपनी बाहों में मसल डालाl तो जस्सी ने कहा कि आमिर धीरे करो बहुत दर्द होता हैl फिर मैंने उनके गालों पर गुलाब छुआ और ओंठो पर गुलाब फिर दियाl फिर गालो पर जीभ फैरनी चालू कर दी और फिर उनके ऊपर के होठों को चूमता हुआ, उनके नाक पर अपनी जीभ से चाट लियाl अब जस्सी भी उत्तेजित हो चुकी थी और सिसकारियां भरती हुई मुझसे लिपटी जा रही थीl अब में उनके चेहरे के मीठे स्वाद को चूसते हुए उनकी गर्दन को चूमने, चाटने लगा था और मेरे ऐसा करते ही वो सिसकारी लेती हुई मुझसे लिपटी जा रही थीl

मैं जस्सी के ब्लाउज के ऊपर से ही उनके बूब्स को सहलाने लगा थाl उसके बूब्स दबाने से वो सिहरने, सिकुड़ने और छटपटाने लगी थी, जिससे मैंने जोश में आकर उनका ब्लाउज जो की आगे से खुलता था उसके हुक धीरे धीरे खोल दिए और उसे अलग करके लाल ब्रा भी उतार दीl उफ़फ्फ़! अल्लाह ने उसे क्या खूबसूरती से बनाया था? अब मेरा खड़ा लंड तनकर पूरा खड़ा हो गया था और जस्सी का चिकना, गोरा बदन, मेरी बाहों में सिर्फ़ साड़ी और पेटीकोट में थाl

अब उनके होंठो को किस करते हुए उनके मुँह का स्वाद और उनके थूक का मीठा और सॉल्टी टेस्ट मुझे मधहोश कर रहा थाl अब उनकी आहें भरने की सेक्सी आवाज़ और नंगे जिस्म पर आभूषण से मेरा लण्ड एकदम तन गया थाl वो उत्तेजना से सिसकारी भरते हुए बोली कि ओह! आमिर मेरे राजा मेरी प्यास बुझा दोl

यह देख कर सारा का एक हाथ अपने आप ही अपनी चूत के ऊपर चला गयाl

तब जुली ने कहा- आमिर , क्यों न सारा को भी साथ ले लो वो बेचारी यूँ ही गर्म हो रही है।

मैंने कहा- हाँ हाँ, आ जाओ सारा और जुली, तुम दोनों भी शामिल हो जाओ हमारे खेल में।

जुली बोली नहीं मैं थोड़ी देर बाद आऊँगी अभी तुम जस्सी और सारा को प्यार करो और बाहर चली गयी

सारा झट से उठी और आकर हमारे बीच में खड़ी गई और हम दोनों को जफी डाली।

मैंने एक हाथ अब सारा के कूल्हों के ऊपर रख दिया और उसकी कमीज के ऊपर से उसके चूतड़ों को रगड़ने लगा।

फिर मैंने जस्सी के खुले हुए होटों के ऊपर एक चुम्मी दे दी और फिर मैंने दोनो हाथों से जस्सी और सारा को पकड़ा और दोनों को अपने से पूरी तरह से लिपटा लियाl अपने हाथ मैंने दोनों के उरोजों पर रख दिए, जो गोल और बहुत ही सॉलिड थे।

इतने में दरवाज़ा खुला जुली और मोनी एक ट्रे में हम चारो के लिए खास दूध लेकर आई और बोली- चलो चलो, तुम सब यह दूध पहले पी लो फिर और कुछ करना।

हम भी गिलास पकड़ कर दूध पीने लगे तब मैंने देखा की सारा और जस्सी की नज़र मेरी पैंट पर थी जिसमें मेरा लंड एकदम खड़ा और बाहर निकलने के लिए छटपटा रहा था।

सारा ने एक हाथ से मेरी पैंट के बटन खोल दिए और लपक कर लंड को खींच कर बाहर निकाल लिया।

जस्सी एकटक मेरे लंड को देख रही थी और मुझको लगा कि उसने पहले इतना लम्बा तगड़ा खड़ा लंड नहीं देखा थाl जस्सी बोली उफ़ इतना लम्बा तगड़ा मेरे अंदर कैसे जाएगाl ये तो मुझे फाड़ देगाl

दूध खत्म होने के बाद जुली ने हम सबका चार्ज अपने हाथों में ले लिया।

जुली बोली- सबसे पहले आमिर सारा को चोदेंगे और जस्सी इस चुदाई के खेल को ध्यान से देखगी। क्यूंकि चुदाई के समय थोड़ी बहुत तकलीफ तो होगी जस्सी को, तो इन दोनों की गरम चुदाई देख कर थोड़ी गरम भी हो जायेगी, क्यों ठीक है न?

हम सबने हामी में सर हिला दिया, फिर मैं जस्सी के कपड़े उतारने में लग गया। जहाँ के भी कपडे उतरता वहां मैं जस्सी को चूमता गयाl सारा ने अपने, जुली के और मेरे कपडे निकाल दिएl

सारा को तो नंगी मैंने देखा ही था, लेकिन जस्सी को पहली बार देख रहा था तो उसको मैं बड़ी उत्सुकता से देख रहा था।

जब दोनों नंगी हो गई तो मैंने देखा कि सारा के मम्मी गोल और मोटे हैं, लेकिन जस्सी के गोल और बहुत ही मोटे लगे। मैंने आगे बढ़ कर जस्सी के मम्मों को हाथ से तोलना शुरू किया।

वास्तव में वो काफी उम्दा किस्म के मम्मे थे और जस्सी के शरीर की शान थे। उसके चूतड़ भी गोल और ज़्यादा उभरे हुए थे और बार बार घोड़ी बना कर चोदने लायक थे।

उस की चूत भी कुछ ज़्यादा उभरी हुई थी, हालांकि घने काले बालों के बीच छुपी हुई थी।

यह सारा नीरीक्षण करने के बाद, मेरे लंड की अकड़ और अधिक हो गई और वो सीधा जस्सी की तरफ ही इशारा कर रहा था।

तब तक जस्सी को लेकर जुली पलंग के दूसरी तरफ चली गई और मुझको, सारा को पलंग की ओर धकेल दिया।

मैंने सारा को एक बहुत सख्त जफ़्फ़ी मारी और उसको चूमते हुए पलंग पर ले आया, उसकी चूत को हाथ लगाया तो वो बेहद गीली हो चुकी थी।

अब मैंने सारा को घोड़ी बनाया और उसकी चूत पर थोड़ी क्रीम लगाई और उस पर अपना लंड रख कर जुली की तरफ देखने लगा।

उसने हल्के से आँख का इशारा किया और मैंने झट से लंड पहले थोड़ा और फिर पूरा का पूरा सारा की चूत में डाल दिया।

उसके मुंह से आनन्द की सिसकारी निकल पड़ी और वो स्वयं ही अपने चूतड़ आगे पीछे करने लगी।

यह देख कर मैं अपने घोड़े को सरपट दौड़ाने लगा और रेल के इंजिन की तरह अंदर बाहर करने लगा।

मेरे हाथ उसके मम्मों की सेवा में लग गए।

सारा की चुदाई को जस्सी बड़े आनन्द और गौर से देख रही थी और जुली के हाथ की उंगली जस्सी की कुंवारी चूत पर चल रही थी और उसको मस्त कर रही थी।

जस्सी का मुंह खुला हुआ था और उसका एक हाथ अपने मम्मे को टीप रहा था और उसकी जांघें जुली को हाथ को कभी जकड़ रही थी और कभी उसको छोड़ रही थी।

कोई 6-7 मिन्ट में ही सारा बड़ी तीव्रता से झड़ गई और पलंग पर पसर गई।

मैंने उसको सीधा किया और ताबड़तोड़ उसके होटों को चूमने लगा और उसके मम्मों को चूसने लगा। वो बुरी तरह से कसमसाने लगी लेकिन मैंने उसको सांस लेने के लिए भी समय नहीं दिया।

तब जुली आई और मुझको उठा कर जस्सी की तरफ ले गई और मेरे लौड़े को भी गीले कपड़े से साफ़ कर दियाl

मैंने जाते ही जस्सी को अपनी बाहों में बाँध लिया और उसके लबों को चूसने लगा।

उसका हाथ अब मेरे लौड़े से खेल रहा था।

तब जुली ने जस्सी को बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी चूत पर थोड़ी क्रीम लगाई और मेरे लंड को भी क्रीम लगा कर तैयार कर दिया।

मैं जस्सी के गोल और मोटे मम्मों को चूसने लगा, उसके खड़े निप्पलों को भी बारी बारी लोली पोप की तरह चूसने लगा।

जुली ने मेरे चूतड़ पर हल्की सी थपकी मारी और मैं समझ गया कि चूत में लंड के जाने का समय निकट आ गया हैl मैंने लंड को हल्का से एक धक्का दिया और वो एक इंच अंदर चला गया और फिर एक और धक्का मारा तो आगे का रास्ता बंद मिला।

मैंने लंड को बाहर निकाला और उसको उसकी भग पर रगड़ा और फिर एक ज़ोर का धक्का मारा तो लंड पूरा अंदर और जस्सी जोर से चिल्लाई- हायययययय मर गई रे! मार डाला, मेरी फट गयी!

अब मैं लंड को अंदर डाल कर आराम करने लगा। यह पहला प्रवेश चूत और लंड के पहले मिलाप की घड़ी होती है और एक दूसरे को पहचानने को और एडजस्ट करने का समय होता है। जुली के मुताबिक़ इस वक्त कभी भी जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिये और चूत और लंड को पूरा मौका देना चाहये, कि वो आपस में हिलमिल सके और एक दूसरे को पहचान सकें।

मैं भी जुली की बताई हुई बातों का ध्यान रखते हुए जस्सी को होटों पर चुम्बन और मम्मों को चूसने में लग गया।

ऐसा करने से जस्सी अपनी चूत में हो रहे दर्द को भूलने लगी और नीचे से चूतड़ की थाप देकर मुझको लंड चलाने के लिए उकसाने लगी।

मैं भी धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करने लगा। पूरा लौड़ा निकाल कर फिर धीरे से अंदर डालने में मुझको भी बहुत मज़ा आने लगा और जस्सी के भी आनन्द की सीमा नहीं रही।

जुली हमारे दोनों के पसीने पौंछ रही थी और सारा एक हाथ से अपनी भग को रगड़ रही थी और दूसरे हाथ से मेरे लंड को अंदर बाहर होते महसूस कर रही थी।

जस्सी की चूत में से अब काफी रस निकल रहा था । उसके मम्मों के निप्पल एकदम खड़े थे और मैंने चूस चूस कर अपने अंदर कर लिया था।

जुली मुझको चूतड़ों पर बराबर थपकी दे रही थी और मैं उसकी थपकी के कारण अपनी स्पीड बढ़ाने लगा।

ऐसा करने के कुछ मिन्ट में ही जस्सी छूट गई और चूतड़ उठा कर मुझसे नीचे से लिपट गई और मुझको कस कर अपने बाहों में जकड़ लिया जबकि उसका शरीर ज़ोर से कांपने लगा। मैं भी उसके अन्दर झड़ गया ।

हम दोनों कुछ क्षण इसी तरह एक दूसरे की बाहों में लिपटे रहेl जब सांस ठीक हुई तो जस्सी ने मेरे मुंह अपने मुंह के पास लाकर ज़ोरदार किस होटों पर किया और बोली- थैंक यू आमिर! मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। सच में बहुत मजा आया l शुरू में थोड़ा दर्द हुआ, बाद में तुमने बहुत मजे दिएl

मैं बोला- तुम्हारा भी थैंक यू जस्सीऔर जुली, तुमने मुझको लाजवाब तोहफा दिया।

जुली ने दौड़ कर हम दोनों का बदन साफ़ कर दिया और जस्सी की चूत पर लगे खून के धब्बे भी अछी तरह से साफ़ कर दिए।

जस्सी अब बिस्तर पर पसर गई थी और जुली उसकी चूत पर क्रीम लगा रही थी ताकि उसको कम दर्द हो।

सारा की नज़र अभी तक मेरे लौड़े पर अटकी थी क्यूंकि वो अभी भी खड़ा था।

सारा ने मुझ को और जस्सी को स्पेशल दूध का गिलास दिया।

दूध पीने के बाद मैं काफी फ्रेश हो गया था और जुली की चूत और मम्मों की तरफ देख रहा था।

सारा धीरे से आई और मेरे लंड से खेलने लगी और हैरान होकर जुली से पूछने लगी- यह आमिर का लंड अब कभी भी नहीं बैठेगा यह सारा दिन रात इसी तरह खड़ा रहेगा।

सारा के लिए ये और भी हैरानी की बात इसलिए भी थी क्योंकि उसके पहले पति इमरान का लंड तो खड़ा ही नहीं होता था और मेरा लंड बैठ नहीं रहा थाl

जुली बोली- तुम जैसी खूबसूरत और कमसिन लड़की को देख कर मेरा भी अगर लंड होता तो वो भी ऐसे ही खड़ा रहता।

मैं बोला- तुम चीज़ ही बड़ी मस्त हो जुली,और तुम्हारी सहेली जस्सी भी कम नहीं यार!

जुली भी मेरे लंड के साथ खेल रही थी और मुझको यकीन था कि वो और भी चुदाई के मूड में है। मैंने सारा को इशारा किया कि वो जुली को संभाल ले थोड़ी देर तक!

उसने जुली की कमर में हाथ डाला और उसके मुंह पर ज़ोरदार चुम्मी की।

पहले तो जुली हैरान होकर देख रही थी कि यह क्या हो रहा है और फिर उसको मज़ा आने लगा, उसने भी चुम्मी का जवाब चुम्मी से दिया।

तब सारा ने उसको ज़ोर से अपनी मोटी बाँहों में भींच लिया, फिर उसके मम्मों को चूसने लगी, पहले दायाँ और फिर बायाँ।

एक हाथ उसने उसकी बालों भरी चूत में डाल दिया और उसकी भग को मसलने लगी। फिर उसने जस्सी की गोल मस्त गांड को गोल गोल मसलना शुरू कर दिया।

जुली को खूब मस्ती चढ़ गई, वो भी सारा की चूत को छेड़ने लगी।

इधर जस्सी की भी आँखें दोनों की तरफ ही थीं, वो यह अजीब तमाशा देख रही थी और अपनी चूत पर हाथ फेरने लगी।

उसके हाथ को हटा कर अब मैं भी उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा।

तब तक सारा जुली के साथ मेरे पास आई और आते ही बोली- सरकार आपका स्पेशल गिफ्ट तैयार है। इस गीले और चुदासे गिफ्ट को कबूल फरमायें।

मैंने भी उसी लहजे में कहा- शाबाश मलिका-ए-औरतजात, आपने पूरी मेहनत से यह तोहफा तैयार किया है, यह हमको कबूल है!

यह कह कर मैंने जुली को अपने आगोश में भर लिया और ताबड़तोड़ चूमने का दौर शुरू कर दिया।

उसकी चूत को हाथ लगाया तो वो एकदम तरबतर थी अपने सुगन्ध भरे पानी से।

मैंने जुली को जस्सी की बगल में लिटा दिया और झट से उसकी खुली टांगों में बैठ कर अपनी तोप का निशाना साधने लगा।

जुली ने अपनी टांगें बिलकुल फैला दी तो शाहे-ऐ-आलम समझ गए की भट्टी पूरी तरह से गर्म है, पहले धीरे से डाला लंड को और वो पानी की फिसलन से एकदम आधा अंदर चला गया, अगला धक्का लंड को उसकी चूत की गहराई तक ले गया, अंदर पहुंचा कर कुछ दम लेने लगे हम दोनों।

उधर जस्सी के साथ सारा छेड़छाड़ कर रही थी क्योंकि उसको अभी भी चूत में थोड़ा सा दर्द था लेकिन वो जुली और मेरी चुदाई को बड़े ध्यान से देख रही थी।

अब धीरे धीरे मैंने जुली को अपनी पूरी स्पीड से चोदना शुरू किया, पहले लेट कर फिर उसको अपने ऊपर लेकर पोजीशन बदल बदल कर चोदना शुरू किया।

अंतिम धक्के उसको घोड़ी बना कर लगाए, फिर जब वो छूटी तो उठ कर मेरे गले से लिपट गई।

हम, चोदते और सोते रहे। यही क्रम काफी देर चला और फिर हम चारो थक कर सो गए।

जुली और जस्सी शाम को उठी और फ्रेश होने के बाद हम बगीचे में आ गएl वहां पर सारा चाय ले आयीll

चाय पीने के बाद जस्सी बोली थैंक यू जुली आमिर तुम्हे मुझे मेरी जिंदगी का सबसे हसीं तोहफा दिया सच में बहुत मजा आयाl आमिर तुम बहुतअच्छा चोदते हो, तुम्हारी बीवी हमेश तुमसे खुश रहेगीl सारा हंसती हुई बोली बीवी नहीं बीविया इनकी अब 5 बीविया हैं l सारा, ज़रीना, दिलिया, डॉ जुली और लूसीl अगर आपको भी मिला लू तो 6 हो जाएंगीl

जस्सी बोली इनसे शादी करके तो मेरी लाटरी ही निकल जायेगी लेकिन अभी मैं आगे पढाई करना चाहती हूँl हाँ, जब भी मौका मिलेगा मैं इनकी सेवाएं लेती रहूंगीl आमिर तुम बहुत ही लकी हो, इस मामले में! तुम्हारा केस अजीब और अनोखा है, लेकिन हम लड़कियों के लिए बहुत ही फायेदमंद है।

लंड महाराजा बार बार झड़ने के बाद भी बादस्तूर खड़े थे

कहानी जारी रहेगीl

आमिर खान हैदराबाद

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05-08-2022, 06:18 PM,
#40
RE: खाला की चुदाई के बाद आपा का हलाला
मजे - लूट लो जितने मिले

छठा अध्याय -खड़े लंड की दास्ताँ.

भाग- 6

हूर जैसी लड़की ने लिया मेरा इम्तेहान

मेरी अब तक की  कहानी "खड़े लण्ड की अजीब दास्ताँ: जो की "खाला को चोदा, खाला की चुदाई के बाद आपा का हलाला और मजो की दुनिया में मेरे अनुभव" के अगले भाग हैं l

मेरी पिछली कहानी में आपने पढ़ा डॉक्टर जुली वापिस आ गयी जुली बोली आमिर तुम्हारी डॉक्टरी जांच की रिपोर्ट आ गयी हैं जुली के साथ एक बहुत खूबसूरत लड़की भी आयी थी जुली ने उसका नाम डॉक्टर जेसिका (जस्सी) बताया जो की सेक्स विशेषज्ञ है इन्हे मैंने तुम्हारी खड़े और न बैठने वाले लंड की दिक्कत के बारे में बताया है और इन्होने ही जो टेस्ट बताये थे वह मैंने करवाए थे और तुम्हारी सारी रिपोर्ट भी देखि हैं फिर डॉक्टर जस्सी के कहने पर उनके सामने मैंने सारा की एक बार और चुदाई की l

डॉक्टर जूली और जस्सी ने बताया तुम्हारी डिलिया के साथ जबरदस्त चुदाई के तुम्हारी कुछ नसे इस तरह से हो गयी है की अब तुम्हारा लंड खड़ा ही रहता है ये साधारणतया नहीं होता है उसका सीधा सीधा इलाज नहीं है .l लेकिन तुम्हे ये कुदरत से ख़ास मिली है तो इसे बचा कर रखोl

वैसे तो चुदाई मर्द के झड़ने के बाद ख़तम हो जाती है क्योंकि झड़ने के बाद लंड में आया फ़ालतू खून वापिस चला जाता है और लंड बैठ जाता है पर तुम्हारे केस में ऐसा नहीं है खून नसे में आयी हुई सुकड़न के बाद वापिस नहीं जाता है और लंड खड़ा रहता हैl इसमें लड़कियों की और तुम्हारी बीवियों की तो मौज ही मौज है वह जितनी देर चाहे चुद सकती है l

और डॉक्टर जूली और डॉ जस्सी ने मुझे मेरी दिक्कत के बारे में समझाया की आगे से सेक्स में क्या क्या ध्यान रखना है और अपने क्लिनिक पर अगले दिन चेकउप के लिए बुलाया

खड़े लण्ड की अजीब दास्ताँ Chl 02 में आपने पढ़ा मैं, सारा और डॉक्टर जुली डॉक्टर जस्सी के घर जो की उसका क्लिनिक भी था वहां पर गए तो डॉक्टर के पास कुछ लोग बैठे थे तो मैं उसके घर के बग़ीचे में चला गया वह मुझे जस्सी की बहन मोनी मिली जो बहुत सूंदर थी और गेंद से खेल रही थी वहां मैं उसके साथ खेला और फिर उसको वहॉ पार्क में चोदा .l

खड़े लण्ड की अजीब दास्ताँ भाग 3 में आपने पढ़ा पार्क में डॉ जासी की बहन मोनी की चुदाई के बाद डॉ जस्सी के यहाँ मेरे कुछ और टस्ट हुए और उसके बाद मैंने कुंवारी जस्सी की सील तोड़ी और सारा जुली और जस्सी के साथ सेक्स किया

अब आगे

सारा ने मुझ से पुछा आपको कैसा लग रहा है?

तो मैंने कहा ऐसा लग रहा है जैसे जीते जी जन्नत में आ गया हूँl

मुझे इतनी खूबसूरत हूर जैसी महबूबाएं मिली हैंl

सारा मुस्कुराते हुए बोली हाँ लगता हैं उन फ़क़ीर बाबा की बात सच हो गयी हैl

मैंने पुछा वो कैसे सारा?

तो सारा बोली "इस्लाम में ऐसी मान्यता है कि खुदा के बन्दों को जन्नत नसीब होती है। जन्नत वह स्थान है जहाँ मानव जीवन के रूप में होने वाले सभी कष्ट खत्म हो जाते हैं। प्रत्येक व्यक्ति जो 'जन्नत' में जाता है, उसको जन्नत में 72 कुंवारी हूरें दी जाएँगी।

हदीस तिरमिज़ी में दिए गए हूरों के सौंदर्य के वर्णन इस प्रकार है;

हूर एक अत्यधिक सुंदर युवा स्त्री होती हैl उसका रंग सफेद है, और साधारण स्त्रियों की तरह शारीरिक कमियों जैसे मासिक धर्म, रजोनिवृत्ति, मल व मूत्रा विसर्जन, गर्भधारण इत्यादि संबंधित विकारों से मुक्त होती है।

प्रत्येक हूर किशोर वय की कन्या होती है। उसके उरोज उन्नत, गोल और बडे होते हैं जो झुके हुए नहीं हैं। हूरें भव्य परिसरों वाले महलों में रहतीं हैं।

हूर का मुख दर्पण से भी अधिाक चमकदार होता है, तथा उसके गाल में कोई भी अपना प्रतिबिंब देख सकता है।

सारा बोली खुदा के बन्दों को कुरान पर तफ़सीरों और टिप्पणियों में, ऑवरिस का वर्णन इस प्रकार है:

चौड़ी और सुंदर आँखें वालीl माणिक या मूंगा के रूप में सुरुचिपूर्ण या आदमी द्वारा पहले से अछूती 72 हूरे मिलती हैं और मर्द का लंड कभी भी न बैठने वाला होता हैl"

एक तो आपका लंड बैठ नहीं रहा ऊपर से इतनी खूबसूरत हूरो जैसी रोज नयी नयी कुंवारी महबूबाएंl

मैं उसकी बात सुन बस मुस्कुरा दिया और बोला बस 6 ही तो मिली हैं, तो लूसी इसी के साथ अंदर आयी और बोली आपकी सभी महबूबाएं मुझे मालूम हैं l मैंने पुछा लूसी तुम कब आयी तो जुली बोली मैंने गाडी भेज कर लूसी को भी बुला लिया थाl

सब कहने लगी हमें भी आमिर की सब महबूबाओं के बारे में जानना हैl

तुम्हे सबकी कहानी एक-एक करके सुना दूंगाl जो आगे मिलेंगी उन्हें तुम सब देख जान ही लोगीl

फिर हम चारो एक साथ स्विमिंग पूल में नहाये और चारो को एक बार फिर चोद डालाl जस्सी बोली आमिर आज यही रुक जाओl आराम करने की लिए मैं और जस्सी चिपट के सो गएl

शाम के समय मुझे जूली ने जगाया और पुछा आमिर अब कैसे हो मैंने कहा तरोताजा महसूस कर रहा हूँl तभी जस्सी भी बोली जो मैंने सुबह बताया था, वह सब याद हैं न? मैंने कहा हाँ सब याद हैl तो वह बोली आज रात देखेंगे तुम्हे कितना याद है? मैंने कहा हाँ देख लेना l

फिर हमने चाय पी और मैं और सारा बाहर फार्म हाउस में सैर करने चले गएl

रात में लूसी और जूली ने स्पेशल खाना बनाया और सबने बड़े मजे ले कर खायाl फिर मैंने जूली से पुछा आज क्या करना हैl जूली बोली आज तुम्हारा इम्तेहान हैं, देखना है जस्सी ने जो पढ़ाया सिखाया उसे तुम कितना समझेl

जूली बोली आमिर जाओ जस्सी के कमरे में तुम्हारा परचा है हम आते हैंl मैं कमरे में चला गयाl दरवाजा जैसे ही सरकाया, तो अंदर लाल रंग की धीमी रौशनी थी और कमरा पूरा फूलो से सजा हुआ थाl कलियों फूलो से पूरा कमरा महक रहा थाl बिस्तर भी सुहाग की सेज बना हुआ था और बिस्तर पर एक मोहतरमा दुल्हन के लिबास में फूलों से सजी गहनों से लदी हुई मेरा इंतज़ार कर रही थीl

मुझे अंदर आया देख वो बिस्तर पर बैठ गई और सर पर पल्लू डाल लिया। मैं समझ आया मेरा इम्तेहान इन्ही मोहतरमा ने लेना हैl

मैं उसके पास आकर बैठ गया और अपना कान पकड़ते हुए कहा कि सुहागरात के दिन आपको इस तरह इंतजार कराने के लिए माफी चाहता हूँl आप जो सजा देना चाहो, मुझे कुबूल है!

उस वक्त वो नजरें झुकाए बैठी थी, उसने पलकों को थोड़ा उठाया और मुस्कुरा कर कहा- अब आगे से आप हमें कभी इंतजार ना करवाइएगाl आपके लिए इतनी ही सजा काफी है।

मैंने 'सजा मंजूर है..' कहते हुए उसे बांहों में भर लियाl मैंने पुछा आपका नाम क्या है वह धीरे से बोली सोनी (बदला हुआ नाम ) इतने में मोनी, सारा, जूली, और जस्सी भी हंसती हुई अंदर आ गयी मोनी बोली ये मेरी छोटी बहन सोनी हैl ये भी डॉक्टर हैl हम दोनों ने एक दुसरे को वादा किया हुआ हैl हमारा पहला सेक्स एक ही पुरुष के साथ होगाl इसलिए आमिर आज पेश इ खिदमत है तुम्हारी नयी मल्लिकाl

मैंने मोनी को पुछा ये सब क्या है डॉ साहब? तो मोनी बोली ये भी हमने प्लान किया था और मेरी और तुम्हारी मुलाकात भी प्लान की गयी थीl जस्सी और जुली दीदी को हमारी पार्क की चुदाई की बारे में सब मालूम है और जुली ने सारा को भी सब समझा दिया थाl

मैंने सारा की और देखा तो उसने आगे आ कर मुझे एक अंगूठी पकड़ा दी.l मैंने एक गुलाब उठाया और सोनी को पेश करते हुए बोला मल्लिका ऐ हुस्न पेश खिदमत है आपके गुलाम की और से मोहब्बत का पहले नज़रानाl सोनी ने हाथ आगे बढ़ाया तो मैंने उसे अंगूठी पहना दी, फिर धीरे से उसका घूंघट उठा दियाl

मैं उसे देखता रह गयाl सोनी हूबहू मोनी की कार्बन कॉपी थीl मैं कभी सोनी तो कभी मोनी की और देखने लगाl मोनी फिर बोली आमिर सोनी मेरी जुड़वाँ बहन हैl लेकिन मुझ से छोटी हैl जेसिका बोली परचा कैसा लगा जनाब?

मैंने कहा बड़ा हसीं परचा है l ऐसा परचा पहले कभी नहीं लिया गया मेराl

फिर मैंने सोनी के ओंठ चूमे और सोनी के गहने बड़ी नजाकत से उतारने लगा ।

पहले तो सोनी शर्म से दोहरी हो गई, किसी पुरुष का ऐसा आलिंगन पहली बार था, सोनी के शरीर में कंपकपी सी हुई.l पर वो जल्द ही संयत होकर मेरा साथ देने लगी।

गहनों के बाद मैंने उसकी दुल्हन चुनरी भी उतार दी, मेरे दिल की धड़कनें और तेज होने लगीं, मैं उसके और करीब आ गया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिएl वो घबराहट, शर्म और खुशी से लबरेज होने लगी।

उसने तुरंत ही अपना चेहरा घुमा लिया.l पर मैंने अपने हाथों से उसका चेहरा थाम लिया और अपनी ओर करते हुए कहा कि जानेमन शर्म औरत का सबसे मंहगा गहना होता है, लेकिन सुहागरात में ये गहना भी उतारना पड़ता है.l तभी तो पूर्ण मिलन संभव हो पाएगा।

वो मुस्कुरा कर रह गई, और कहती भी क्या.l लेकिन उसकी शर्म अब और बढ़ गई, तभी मैंने उसके कंधे पर चुम्बन अंकित कर दिया और उसने अपना चेहरा दोनों हाथों से ढक लिया। मैंने अपने एक हाथ से उसकी पीठ सहलाई और दूसरे हाथ को सोनी के लंहगे के अन्दर डाल कर जांघों को सहलाने लगाl

मैंने उसके जननांग को छूना चाहा और मेरे छूने के पहले ही उसमें सरसराहट होने लगी, सोनी के सीने के पर्वत कठोरतम होने लगे, वो शर्म से लाल होकर चौंकने की मुद्रा में लंहगे में घुसे हाथ को पकड़ कर निकालने लगी।

मैंने हाथ वहाँ से निकाल तो दिया, पर तुरंत ही दूसरा पैंतरा आजमाते हुए, उसके उरोजों को थाम लिया।

वो अब समझ चुकी थी कि आज उसकी जिन्दगी की सबसे हसीन रात की शुरूआत हो चुकी है, पर उस पर शर्म हावी थी, तो मैंने कहा- जान अब शरमाना छोड़ कर थोड़ा साथ दो ना!

तो उसने आँखें खोल कर मेरी आँखों में देखा और झिझक से थोड़ा बाहर आते हुए मस्ती से मेरी गर्दन में अपनी बांहों का हार डालकर मुझे अपनी ओर खींचा और मेरे कानों में कहा कि जनाब सल्तनत तो आपको जीतनी है, हम तो मैदान में डटे रहकर अपनी सल्तनत का बचाव करेंगें। अब आप ये कैसे करते हैं आप ही जानिए।

इतना सुनते ही मेरे अन्दर अलग ही जोश आ गया.l मैंने उसका ब्लाउज का हुक खोला नहीं.l बल्कि सीधे खींच कर तोड़ दिया और मिनटों में ही अपने कपड़ों को भी निकाल फेंका।

अब मैं केवल अंतर्वस्त्र में रह गए था । मैंने अगले ही पल उसका लंहगा भी खींच दिया, उसने हल्का प्रतिरोध जताया, लेकिन वो खुद भी इस कामक्रीड़ा में डूब जाना चाहती थी। अब मैं उसके ऊपर छा गया और उसके सीने पर उभरी दोनों पर्वत चोटियों को एक करने की चेष्टा करने लगा । अनायास ही सोनी के मुंह से सिसकारी निकलने लगी, तभी मैंने उसके सीने की घाटी पर जीभ फिरा दी।

उधर नीचे मेरा लण्ड सख्त हो चुका l लण्ड चुत को ढूंढ रहा था, सोनी ने लण्ड को अंडरवियर के ऊपर से हाथ लगा कर लम्बाई का अनुमान लगांने कोशिश की!

सोनी बोली मुझे खून खराबे का डर तो था, लेकिन यह भी पता था कि आज नहीं तो कल ये तो होना ही है, वह आँखें मूँदे ही आने वाले पलों का आनन्द लेने लगी, उसका प्रतिरोध भी अब सहयोग में बदलने लगा था।

मैं अब उसके अंतर्वस्त्रों को भी फाड़ने की कोशिश करने लगाl मेरे इस प्रयास से उसे तकलीफ होने लगी.l तो उसने खुद ही उन्हें निकालने में उनकी मदद कर दी। उसके उरोज आज़ाद हो गए वाह क्या गोलाईयाँ थीl बड़े बड़े नरम नरम पर बिलकुल भी ढलके हुए नहीं थे और गुलाबी रंग के छोटे छोटे निप्पलl मैं निप्पल बारी बारी किस कर चूसने लगाl और वह सिसकारियां भरने लगी तभी मैंने एक झटके में अपने बचे कपड़े भी निकाल फेंके। मेरे लिंग को देखते हो वह चिल्ला उठी l जस्सी दीदी इनका लण्ड इतना बड़ा है, यह तो आपने नहीं बताया, ये तो मुझे चीर के रख देगाl मोनी बोली सोनी घबराओ नहीं तुम्हारा और मेरा शरीर एक जैसा हैl देखो मुझे कुछ नहीं हुआ सही सलामत खड़ी हूँ यहाँ तुम्हारे पास l सोनी यह तो मजे का औजार है, जितना बड़ा तगड़ा होगा उतने ही ज्यादा मजे देगाl चाहो तो सारा आपा से पुछा लोl

तभी किसे पूर्वनियोजित स्कीम के अनुसार जूली और सारा ने मेरे ऊपर हमला बोल दियाl दोनों अपने पूरे कपडे उतार चुकी थीl सारा ने घुमा कर मुझे किस करना शुरू कर दिया और जूली ने मेरा लण्ड पकड़ कर सहलाना शुरू कर दियाl मैं भी सारा की किस का जवाब उसके ओंठ चूस कर देने लगा और जूली के मम्मो को दबाने लगाl फिर मैं बोला आज की रात की रानी सोनी है थोड़ा रुको जान, पहले सोनी को प्यार कर लू फिर तुम्हारा भी नंबर लगेगाl

दोनों बोली अच्छा ठीक है फिर अब सोनी को पहचानो तो जानेl

मैं सोनी की और पलटा तो देखा बिस्तर पर मोनी और सोनी दोनों बिलकुल नंगी लेटी हुई थीl दोनों हूबहू एक दुसरे की कार्बन कॉपी; कौन सोनी? और कौन मोनी? पहचानना बहुत मुश्किल था l

मैंने गौर से देखा दोनों की चुत बिलकुल सफाचट थीl

फिर मैंने दोनों के चेहरे देखे एक के चेहरे पर शर्म के भाव थे दूसरी के चेहरे पे उत्तेजना थीl मैंने जो शर्मा रही थी उसे चूमना शुरू किया और बोला यही सोनी हैl

चारो बोली वाह क्या पहचाना हैl जूली बोली आमिर तुमने तो सोनी को एक बार देख कर ही सटीक पहचान लियाl जबकि मेरी दोनों बहुत पुराणी सहेलिया हैं मैं फिर भी भूल कर जाती हूँl

फिर मैं सोनी और मोनी, दोनों की चुत को सहलाने लगाl मोनी की चुत चुदाई से सूज कर फूली हुई थी, जबकि सोनी की चुत एकदम कोरी कुंवारी थीl मैंने दो उंगलियों से सोनी की चुत को खोलाl वह अंदर से गुलाबी रंग की थी और बहुत मुश्किल से खुली.l जबकि मोनी की चुत थोड़ा आराम से खुल गयी और फटने के बाद अंदर से लाल थीl मोनी ने मुझे किस किया l

मोनी बोली आमिर सोनी अब तुम्हारी हुई तुम एक इम्तेहान में पास हो गएl

इतने में लूसी एक ट्रे में हम सब के लिए खास दूध लेकर आई और बोली- चलो चलो, सब यह दूध पहले पी लो फिर और कुछ करना।

हम सब ने दूध पिया l

लंड महाराजा बादस्तूर खड़े थेl

कहानी जारी रहेगीl


आमिर खान हैदराबाद
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