bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्घाटन
04-23-2019, 12:01 PM,
#11
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
पायल दीदी और जय भैया मेरे दाँये-बाँये के सिंगल सोफे पर और काजल मेरे साथ लंबे सोफे पर आकर बैठ गयी, मूवी शुरू हुई तो सभी उसमे खो से गये, एक के बाद एक डरावने सीन को देख कर सभी की हालत खराब हो रही थी.

अचानक काजल ने मेरे बाजू मे अपनी बाहे फसा दी और खिसक कर मेरे करीब आ गयी और धीरे से बोली – “ये तो बड़ी डरावनी मूवी है… मुझे तो डर लग रहा है…”

उसकी बात सुनकर दूर बैठा जय बोला : “तुझे बोला था ना कि तू मत देख, बेकार मे डरेगी…” और फिर सभी मूवी देखने मे व्यस्त हो गये…

सिर्फ़ मुझे छोड़कर क्योंकि काजल के इतने करीब आने की वजह से उसके नन्हे स्तन मेरी बाजू से टकरा कर मुझे एक अलग ही आनंद प्रदान कर रहे थे, उसकी नरम चुचियाँ रूई के गोले की तरह मेरी बाहों पर रगड़ खा रही थी. मेरा लंड धीरे-2 खड़ा होने लगा..

अचानक एक सीन आया जिसमे दरवाजा खुलते ही कुछ उपर गिरता है हीरो के, और वो देख कर काजल के मुँह से जोरदार चीख निकल गयी… मैने हंसते हुए उसके सिर पर थपकी देते हुए कहा : “काजल, तू एक काम कर, डर लग रहा है तो उपर चली जा, वरना यहीं सो जा..”

उपर जाने का तो सवाल ही नही था, डरावनी मूवी देख कर अकेले मे वो कैसे सो पाएगी. इसलिए वो वही लेट गयी, सिर को उसने मेरी गोद मे रखा और मेरे पेट की तरफ मुँह करके आँखे बंद करके सो गयी..

जय भी बोला : “हां, ये सही किया तूने, वरना पूरी रात जागना पड़ता तुझे सुलाने के लिए…”

जय और पायल दीदी तो दोबारा मूवी देखने मे मस्त हो गये पर मेरी हालत खराब थी, कारण था मेरा खड़ा हुआ लंड, जो पिछले 10 मिनट से खड़ा होकर स्टील का डंडा बन चुका था और उसी के बिल्कुल करीब आकर काजल ने अपना मुँह लगा दिया था… और वो इतना करीब था कि उसकी गरम साँसे मैं अपने लंड पर सॉफ महसूस कर पा रहा था, सिर्फ़ 1-2 कपड़े थे बीच मे.. और कुछ नही…

सबकी मूवी देख कर और मेरी काजल को देख कर हालत खराब हो रही थी.. सब सोच रहे थे कि वो सो गयी है पर सिर्फ़ मैं ही जानता था कि वो जाग रही है..

क्योंकि उसने अपने हाथ से मेरी जाँघ वाले हिस्से को सहलाना शुरू कर दिया था… पता नही क्यो पर वो उसे लगातार सहलाए जा रही थी अपने नखुनो से… मुझे मज़ा तो बहुत आ रहा था ऐसे सेनुयल टच से पर मेरी फट भी रही थी क्योंकि जय भैया वही बैठे थे..

फिर कुछ देर बाद मैने भी हिम्मत करके अपना एक हाथ उसकी जाँघ पर रख दिया और उसे भी ठीक वैसे ही सहलाने लगा जैसे वो सहला रही थी. मेरे हाथो को महसूस करके वो मुस्कुरा उठी और धीरे-2 वो अपनी उंगलियो को और उपर लाने लगी.. मेरे लंड की तरफ.

मेरे हाथ भी उसी के अनुसार उसकी जाँघ से खिसकते हुए उसकी चूत की तरफ जाने लगे… मैं उसके चेहरे को देखे जा रहा था ताकि मुझे ये पता चल सके कि वो अब भी मेरी हरकतों को एंजाय कर रही है या नही…

उसके चेहरे से तो नही पर उसकी तेज हो चुकी सांसो को अपने लंड पर महसूस करके मुझे पता चल रहा था कि उसकी हालत भी मेरी तरह ही है… उसकी नन्ही छातियाँ उपर नीचे हो रही थी, उत्तेजित हो चुकी थी वो भी..

पर यहाँ हम कर भी क्या सकते थे, मेरी बहेन थी वहाँ, काजल का भाई भी वही था.. ऐसे मे कुछ करने का तो सवाल ही नही पैदा होता था.. पर एक बात तो तय थी कि काजल की जवानी भी लहरे मार रही है… और उसे अपनी बोतल मे उतारना मुश्किल नही होगा..
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04-23-2019, 12:01 PM,
#12
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
पायल दीदी तो पहले ही स्टाचु की गेम के ज़रिए मेरे करीब आ चुकी थी और अब ये काजल भी आने को तैयार थी.. मुझे बस हर दाँव सोच समझ कर चलना होगा ताकि किसी को कानो कान खबर ना हो कि हमारे बीच क्या चल रहा है..







पर शायद ये मेरी ग़लत फहमी थी कि काजल और मेरे बीच जो चल रहा था वो कोई समझ नही पा रहा था..



पायल दीदी को सब पता चल चुका था कि काजल सोने का नाटक कर रही है, क्योंकि उन्होने मेरे हाथ को उसकी चूत की तरफ जाते हुए देख लिया था और काजल के कसमसाते हुए जिस्म पर भी उनकी पेनी नज़र थी.



पर वो कुछ बोली नही, शायद भरी महफ़िल मे वो मुझे रुसवा नही करना चाहती थी..



काजल का चेहरा मेरे लंड से सिर्फ़ एक इंच की दूरी पर था, मैं तो सोच रहा था कि काश मैं इस वक़्त नंगा बैठा होता तो एक झटके मे अपने लंड को उसके मुँह मे ठूंस देता..



और आप यकीन मानो दोस्तो, मैं ये सोच ही रहा था और काजल ने जैसे मेरे मन की बात जान ली, उसने अपना मुँह खोला और कपड़े समेट मेरे लंड के निचले हिस्से को मुँह मे भरकर काट लिया.. दर्द सा हुआ, शरीर अकड़ भी गया, पर मुँह से कुछ निकाल नही पाया..



जय भैया का डर था.. पर काजल की हिम्मत की दाद देनी पड़ी मुझे..



फिर वो मेरे लंड को पजामे के उपर से ही ऐसे चूसने लगी जैसे इंग्लीश मूवीस मे दिखाते है और वो देख कर एक बात तो पक्की थी कि वो ये काम पहले भी कर चुकी है..



मैने जय की तरफ देखा, वो पूरी तरह से मूवी मे डूबकर उसे एंजाय कर रहा था.. पर जैसे ही मेरी नज़र पायल दीदी की तरफ गयी तो उन्हे अपनी तरफ ही घूरते हुए पाया..



उनकी नज़रें कभी मेरे चेहरे को और कभी काजल की जाँघो के बीच फँसे मेरे हाथ को देख रही थी, मतलब सॉफ था कि वो जान चुकी थी की मैं क्या हरकत कर रहा हूँ और उनकी आँखो मे जैसे यही सवाल था कि ‘ये क्या हो रहा है ?’



मैं घबरा गया, और मैने अपना हाथ वापिस खींच लिया.. काजल भी मेरे हाथ के हटने से सहम सी गयी, उसे लगा कि ज़रूर कोई देख रहा है, इसलिए उसने भी अपने मुँह से मेरे खूँटे जैसे लंड को बाहर निकाल दिया..



कुछ देर बाद वो जमहाई लेती हुई उठी और सभी को देख कर बोली : “आप लोग अभी तक मूवी देख रहे हो… मुझे तो पता ही नही चला कि मैं कब सो गयी…”



जय ने कुछ ध्यान नही दिया उसकी बात का, पर पायल दीदी बोली : “भाई की गोद मे सोने को मिलेगा तो गहरी नींद तो आएगी ही ना…”



बेचारी काजल कुछ ना बोल पाई.. मैने भी नज़रें घुमा ली…



मुझे पता नही चल पा रहा था कि दीदी को इस बात का बुरा लगा है कि मैं काजल के साथ भी वैसा खेल खेल रहा हूँ जैसा कि उनके साथ या फिर इस बात का बुरा लगा है कि उन्हे जलता हुआ छोड़कर मैं अपनी ही मस्ती मे लगा हुआ हूँ..



पर जो भी था, उन्हे गुस्सा तो आ ही रहा था.



कुछ ही देर मे मूवी ख़तम हो गयी और पायल दीदी के साथ काजल उनके रूम मे सोने चली गयी, जय भैया मेरे रूम मे आ गये और हम दोनो सो गये.



मैं काफ़ी देर तक पायल दीदी के गुस्से के बारे मे ही सोचता रहा, और आख़िर मे जाकर मैं इसी निसकर्ष पर निकला कि दीदी को इस बात का ही गुस्सा है कि मैं उन्हे अब अटेन्षन नही दे रहा और काजल के साथ लग गया हूँ.. इसलिए पहले मुझे दीदी को ही सॅटिस्फाइ करना पड़ेगा, वरना काजल के साथ कुछ करना तो पासिबल ही नही हो सकेगा..



मैने जय भैया के सो जाने का इंतजार किया, कुछ ही देर मे, थकान की वजह से उन्हे गहरी नींद आ गयी और मैं चुपचाप अपने रूम मे निकल कर दीदी के रूम की तरफ चल दिया.. वहाँ जाते हुए मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था कि कहीं किसी ने देख लिया तो मेरा क्या हाल होगा..



मैं धीरे से रूम मे घुसा, अंदर ज़ीरो वॉट का बल्ब जल रहा था, दीदी अपने मोबाइल मे कुछ चेक कर रही थी और उनकी बगल मे काजल बेसूध होकर खर्राटे मारती हुई सो रही थी..



दीदी की पीठ मेरी तरफ थी, मैने दरवाजे की चिटकनी बंद की और दबे पाँव उनके बेड तक गया और उनके पीछे जाकर लेट गया, उन्हे जैसे ही ये एहसास हुआ कि कोई उनके बेड पर आकर लेटा है तो वो घबरा गयी और जैसे ही वो चिल्लाने लगी मैने उनके मुँह पर हाथ रख दिया और उनसे लिपट कर बोला ”दीदी, मैं हूँ… राज…”



वो तो हैरान रह गयी मेरी ये हिम्मत देख कर, और फटी हुई आँखो से मुझे देखती हुई वो मेरी तरफ पलट गयी… और फुसफुसा कर बोली : “राज, तू… यहाँ क्या कर रहा है… कोई देख लेगा तो… जय भैया कहाँ है…”


मैं : “दीदी, वो भी काजल की तरह खर्राटे मारकर सो रहे है, 6 घंटे का सफ़र करके आए है दोनो, अब सुबह से पहले नही उठने वाले… और मैने ये दरवाजा भी अंदर से बंद कर दिया है, सो डॉन’ट वरी…”
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04-23-2019, 12:01 PM,
#13
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
पायल दीदी ने प्यारा सा मुँह बना लिया और बोली : “वैसे अब क्या करने आया है यहाँ, ऐसी क्या मजबूरी पड़ गयी जो इतनी रात को मेरे पास आ गया…”

मैने प्यार भरी आवाज़ मे कहा : “दीदी, मुझे लगा कि शायद आप मुझसे नाराज़ हो गयी हो… इसलिए सोचा कि…”

पायल : “क्या सोचा ? बोल…. बोल ना…”

मैं : “आप सब जानती हो दीदी… मुझसे क्यो बुलवा रही हो…”

पायल : “वो इसलिए कि मैं देख रही हूँ कि एक ही दिन मे तेरे दोनो हाथ मे लड्डू आ गये है और तुझे पता नही है कि पहले कॉन्सा लड्डू खाना चाहिए था…”

मैं : “इसी लिए तो मैं इस वक़्त यहाँ आया हूँ दीदी…”

पायल (आँखे नचाते हुए) : “लड्डू खाने …”

मैं : “हां… और खिलाने भी…”

इतना कहते हुए मैने उनका हाथ पकड़ कर अपने लंड के नीचे लटक रही गोटियों पर रख दिया और मैने उनके बूब्स पर पंजा जमाकर उन्हे दबोच लिया…

ये सब इतनी जल्दी हुआ कि उन्हे भी यकीन नही हुआ कि मैने इतनी हिम्मत अपनी तरफ से दिखा दी है…

पर वो सिसक ज़रूर उठी अपने कबूतरों को मेरे हाथों मे महसूस करके.. और मैं भी जन्नत मे पहुँच गया उनके नर्म और मुलायम मम्मों को पकड़ कर..

पर उनके दिमाग़ मे शायद मुझसे बदला लेने का विचार आ चुका था, क्योंकि मैने उन्हे अनदेखा करके जो काजल के साथ किया था वो उन्हे बिल्कुल भी पसंद नही आया था… और इसलिए जैसे ही मैने उनके रसीले होंठों को किस करना चाहा वो धीरे से मेरे कान मे बोली स्टाचु!!!

मैं तो झल्ला सा गया इस बात पर.. भला ऐसी सिचुयेशन मे ये बोलने का मतलब ही क्या था.. ये भी कोई खेल खेलने का वक़्त है… पर मैं समझ तो चुका ही था कि दीदी ये सब किसलिए कर रही है…

इसलिए मैं बुत सा बनकर लेटा रहा.. मेरा एक हाथ अभी भी उनके मम्मे पर था..

वो बोली : “अब बताती हूँ बच्चू, मुझे सताने का क्या अंजाम होता है…”

इतना कहते हुए उन्होने बड़ी ही बेबाकी से अपनी टी-शर्ट को उतार दिया.. त-शर्ट उतारने से पहले उन्होने मेरा हाथ नीचे कर दिया था.. अंदर उन्होने कुछ भी नही पहना हुआ था.. और अब वो मेरे सामने उपर से नंगी होकर लेटी थी…

मेरे चेहरे के ठीक सामने उनके मोटे मम्मे थे, इतने मोटे… इतने गोल… और उपर ब्राउन रंग का निपल उसकी शोभा बढ़ा रहा था… मेरे तो मुँह मे पानी आ गया और मन किया कि उसे दबोच कर पी जाउ..

पर ऐसा हो नही सकता था.. मैं स्टाचु बन चुका था.. और अपनी तरफ से मैं इस खेल के नियम कभी तोड़ना नही चाहता था…

वो मेरे सकपकाए चेहरे को देख कर मुस्कुरा रही थी.. सॉफ जाहिर था कि वो मेरी इस सिचुयेशन का मज़ा ले रही है.. वो मुझे ललचा रही थी, अपने योवन को दिखा कर.. उसकी जल रही आग मे झुलसा कर..

पायल : “अब बोलो, कॉन्सा लड्डू ज़्यादा पसंद है तुम्हे.. मेरा या उसका…”

उन्होने साथ सो रही काजल की तरफ इशारा किया…
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04-23-2019, 12:01 PM,
#14
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
मेरी आँखे कभी उनके और कभी काजल के मम्मों का अवलोकन करने लगी..

वो बोली : “इट्स ओके… तुम स्टाचु की पोज़िशन मे हिल तो नही सकते पर बोल सकते हो… बोलो…”

मुझे थोड़ी राहत मिली..

मैं बोला : “दी… आपके ही सही लग रहे है अभी तो…”

वो तुनक सी गयी मेरा जवाब सुनकर , और बोली : “अभी तो से क्या मतलब है… मेरे ही अच्छे है… उसके तो छोटे है… देख ले..”

उसने टी-शर्ट के उपर से ही काजल के मम्मों को उभार कर उपर कर दिया.. मेरी तो फट कर हाथ मे आ गयी, ऐसे मे अगर काजल जाग गयी तो उसने सब देख लेना था, मैं दीदी के उपर ही लेटा सा हुआ था और वो इस वक़्त टॉपलेस थी, हम दोनो को ऐसी हालत मे देख कर अगर उन्होने शोर मचा दिया तो सारा खेल खराब हो जाएगा…

पर ऐसा हुआ नही, वो अभी भी गहरी नींद मे थी, उसे तो कोई फ़र्क ही नही पड़ा दीदी के हाथ लगाने से, उसके खर्राटे पहले की तरह निकलते रहे..

मैने एक बार और चैन की साँस ली..

और बोला : “दीदी… ऐसा मत करो.. वो जाग गयी तो सब गड़बड़ हो जाएगा…”

पायल : “वो नही जागेगी, मुझे पता है कि वो कितनी गहरी नींद मे सोती है.. इसके सारे कपड़े भी उतार दे तो भी ये ऐसे ही सोती रहेगी…”

मैं : “सच मे…”

पायल : “और नही तो क्या… देखना चाहता है… रुक…”

इतना कह कर उन्होने पहले तो मुझे रिलीस कहा, ताकि मैं स्टाचु की पोज़िशन से बाहर निकल आउ और फिर धीरे से उन्होने काजल की टी शर्ट को उपर करना शुरू कर दिया.. पूरी उतारना तो मुश्किल था पर उन्होने उसे उपर लेजाकर उसकी छातियो से उपर ज़रूर कर दिया…

नीचे उसने ब्लॅक कलर की एक ब्रा पहनी हुई थी.. दीदी ने उसकी ब्रा का कप्स को नीचे कर दिया और उसकी नन्ही बूबीयाँ बाहर खींच कर निकाल दी…

एक तो पहले ही दीदी अपनी छातियों का जलवा दिखाकर मुझे ललचा रही थी और अब काजल को भी उन्होने अपने जैसा टॉपलेस बनाकर मेरी हालत पतली करने मे कोई कसर नही छोड़ी थी..

अब आप ही बताओ दोस्तो, जिसने आज तक कोई नंगी लड़की ना देखी हो, उसे एक ही दिन मे 2-2 नंगी लड़कियाँ देखने को मिल जाए, उसका क्या हाल होगा… और उपर से वो दोनो उसकी सेक्सी बहने हो…

बस वही हाल मेरा हो रहा था… समझ नही आ रहा था कि किसकी छातियो पर नज़र जमा कर रखूं.. दीदी की ब्रेस्ट थोड़ी बड़ी थी, पर काजल की एकदम कड़क और अन्छुई सी थी.. उसके निप्पल्स बहुत लंबे थे, सोए होने के बावजूद वो दीदी के निपल्स से बड़े लग रहे थे, उन्हे चूसने मे कितना मज़ा आएगा, ये बस मैं ही जानता था…

पायल : “अब बोलो … किसके बढ़िया है…”

अब मैं इस अवस्था मे भला क्या बोलता.. काजल के बूब्स की तारीफ करने का मतलब था कि दीदी को एक बार फिर से नाराज़ करना.. इसलिए मैने कहा : “दीदी.. आपके… इनसे अच्छे बूब्स किसी के हो ही नही सकते…”

ये सुनकर दीदी मुस्कुरा दी… उनके चेहरे पर एक अभिमान सा आ गया.. जैसे कोई जंग जीत ली हो उन्होने…

और अब मैं अच्छी तरह से जान चुका था कि दीदी को इसी तरह मक्खन लगा कर अपना काम निकलवाया जा सकता है… और इस काम मे तो मैं माहिर था..

आज की रात मुझे इसी बात का ध्यान रख कर उनके साथ पूरी तरह से मज़े लेने थे और मैं झुलस भी रहा था, इतना कि मेरे लंड का बुरा हाल हो रहा था, उसमे दर्द होने लगा, ऐसा लग रहा था जैसे वो फट ही जाएगा..



मेरी मनोदशा शायद वो समझ चुकी थी, इसलिए उनके हाथ सीधा मेरे पाजामे के उपर आकर मेरे लंड को टटोलने लगे.. वो तो पहले से ही उनके हाथो मे जाने के लिए कुलबुला रहा था, उन्होने एक ही झटके मे मेरे पाजामे को नीचे किया और उसे आज़ाद करा लिया.

पिछली बार की तरह आज भी जैसे ही उन्होने मेरे लंड को अपनी नर्म हथेली मे पकड़ कर ज़ोर से मसला, मेरे मुँह से एक जोरदार सिसकारी निकल गयी.

”अहह डीईईईईईई.. आप इसको धीरे पकड़ा करो.. नाआ.. अहह’

पर उन्हे शायद मेरे दर्द को देख कर कुछ अलग ही मज़ा मिलता था, वो मुस्कुरा दी, मैं समझ गया कि शेतानी प्रवृति की इंसान है वो.. मैं भी कम नही था, मैं भी उनके नंगे स्तनों पर टूट पड़ा और अपने पैने दांतो से उनके निपल्स को काट डाला…

वो तड़प उठी.. और अपना शरीर उन्होने कमान की भाँति हवा मे उठा लिया, मेरा खड़ा हुआ लंड बुरी तरह से उनकी चूत वाले हिस्से पर घिस्से लगा रहा था.

एक बार फिर से दीदी के पाजामे ने उन्हे चुदने से बचा लिया वरना इस वक़्त मेरा खड़ा हुआ लंड सीधा उनकी चूत मे उतर गया होता..

दीदी की चूत मे लंड घुसने की कल्पना मात्र से मैं सिहर उठा… काश ऐसा हो जाए कभी… पर अपनी ठरक को मैं खुद दिखाकर वो गंदा काम नही करना चाहता था, क्या पता दीदी सिर्फ़ उपर के मज़े लेना चाहती हो, चुदाई करने की बात बोलकर मैं उनके सामने कोई गुस्ताख़ी नही करना चाहता था, पता चले कि ये जो मिल रहा है वो भी हाथ से निकल जाए…

इसलिए उस बात की फिकर छोड़कर मैं उन्हे चूमने मे लग गया… इनकी नारंगियो मे काफ़ी माल भरा हुआ था, जिसे मसल्ने मे काफ़ी मज़ा मिल रहा था..

अचानक दीदी की गहरी सांसो मे डूबी आवाज़ सुनाई दी मुझे… वो मेरे लंड को पकड़ कर बोली : “उम्म… ये कितना सख़्त है… आइ वॉंट टू सक इट.. मुझे ये चूसना है… अभी के अभी..”

इतना कहते हुए उन्होने मुझे अपनी जगह पर लिटा दिया और खुद उठकर मेरी टाँगो के बीच बैठ गयी… मेरा पाजामा तो पहले ही नीचे तक गिर चुका था, अपनी दोनो टाँगो के बीच बैठी हुई पायल दीदी इस वक़्त मुझे ऐसी लग रही थी जैसे झील मे कोई नंगा कमल खिल गया हो… उनके उपर नीचे हो रहे बूब्स देख कर मेरी उत्तेजना अपने चरम पर पहुँच चुकी थी.

फिर उन्होने मेरी आँखो मे देखते-देखते मेरे लंड पर अपने होंठों का रिंग लगा दिया… ऐसा लगा जैसे मेरे लंड पर कोई गुब्बारा बाँध दिया हो, जिसके अंदर पानी भरा हुआ था..
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04-23-2019, 12:02 PM,
#15
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
वो अपने मूह के अंदर लगी जीभ से मेरे लंड के छेद को कुरेद रही थी… भले ही छोटा छेद था पर उसमे जीभ को घुसाने का प्रयत्न कर रही थी… फिर उन्होने हर तरीके से उसे चूसा, कभी पूरा अंदर ले-जाकर कभी बाहर निकाल कर गोटियो को मुँह मे लिया, कभी पूरा लंड बाहर निकाल कर उसे चेहरे पर किसी डंडे की तरह मारा और कभी लंड के साथ-2 गोटियाँ भी मुँह मे लेकर चूस गयी… ऐसी कलाकारी करने वाली लड़की अगर मिल जाए तो समझ लेना चाहिए कि आपकी सेक्स लाइफ कभी बेकार नही होगी.

पायल दीदी के चेहरे को उनके बालों ने ढक रखा था, मेरी भी आँखे बंद थी और मैं उस लंड चुसाइ के आनंद मे डूबा हुआ दीदी के बिस्तर पर तड़प रहा था और अचानक मेरा हाथ साइड मे हुआ तो वो काजल से जा टकराया…

मुझे जैसे कुछ याद सा आया, मैने आँखे खोल कर देखा, वो अभी तक गहरी नींद मे थी, खर्राटे मार रही थी और अभी भी उसकी टी शर्ट उसकी छातियो से काफ़ी उपर थी… मैने पायल दीदी की तरफ देखा, वो अपनी ही लगन मे डूबकर मेरे लंड को चूस रही थी…

दीदी की बात याद करके मुझमे थोड़ी हिम्मत आई कि काजल के साथ कुछ भी कर लो, उसे पता नही चलता… ये सोचते हुए मैने अपने काँपते हुए हाथ उसकी छाती पर लेजाकर रख दिए.

उसकी तरफ से कोई हलचल नही हुई… पर मेरा बुरा हाल हो गया… ऐसा लग रहा था जैसे मैने हाथ मे कोई रूई का गोला पकड़ लिया है… इतनी नन्ही और कोमल छातियाँ थी उसकी और निप्पल्स भी नन्हे -2 से थे, शायद सो रही थी इस वजह से ऐसे लग रहे थे.

पर जो भी था, उन्हे पकड़ने मे दुगना मज़ा मिल रहा था… शायद इसलिए भी क्योंकि काजल मुझे शुरू से ही सेक्सी लगती थी..

मन तो मेरा कर रहा था कि उसे भी अपनी तरफ खींच लूँ और उसके नर्म और मुलायम मम्मों को चूस कर उनका दूध पी जाउ… पर दीदी के सामने ऐसा करने के मतलब था कि उन्हे एक बार फिर से नाराज़ करना… वो तो उसके साथ बात करने को लेकर भी मुझे सुना चुकी थी, ऐसे मे उसके साथ भी मज़े करूँगा तो वो मेरा क्या हाल करेंगी… ये जो थोड़े बहुत मज़े मिल रहे है, उनसे भी हाथ धोना पड़ेगा..

पर अभी के लिए जो मैं कर रहा था, वो करता ही रहा… मैने अपना दूसरा हाथ नीचे लेजाकर पायल दीदी के बूब्स को पकड़ लिया… उनका बूब तो मेरे हाथ मे ऐसे आया जैसे मैने किसी बकरी का दूध से भरा थन पकड़ लिया हो… मेरा दूसरा हाथ अभी भी काजल की छाती पर ही था…

अब मैने धीरे-2 दोनो हाथों मे फँसे स्तनो को दबाना शुरू किया…

दोस्तो, इसे कहते है किस्मत, एक ही दिन मे, दोनो बहनो के बूब्स दबा रहा था मैं और दोनो को ही इस बात की जानकारी नही थी कि मैं इस वक़्त दोनो से मज़े ले रहा हूँ… काजल तो खैर सो रही थी, पर पायल दीदी भी लंड चूसने मे इतनी बिज़ी थी कि उनका मेरे दूसरे हाथ पर ध्यान ही नही गया..

पर जो भी था, मज़ा बहुत मिल रहा था… मैने महसूस किया कि मेरे लगातार मसल्ने से काजल के निपल धीरे-धीरे अकड़ने लगे है.. यानी नींद मे ही सही पर वो उत्तेजित हो रही है.

एक बार के लिए तो मुझे लगा कि वो जाग ना जाए पर उसके बूब्स को मसल्ते हुए ना जाने कैसा नशा सा चढ़ गया था मुझपर की मैं भी रिस्क लेते हुए उसके बूब्स को मसल्ने मे लगा रहा और दोनो बहनों के बूब्स मसल्ते हुए मेरे लंड मे एक अजीब सी खरीश होने लगी जो इस बात का संकेत था कि मैं कभी भी झड सकता हूँ…
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04-23-2019, 12:02 PM,
#16
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
एक बार के लिए तो मुझे लगा कि वो जाग ना जाए पर उसके बूब्स को मसल्ते हुए ना जाने कैसा नशा सा चढ़ गया था मुझपर की मैं भी रिस्क लेते हुए उसके बूब्स को मसल्ने मे लगा रहा और दोनो बहनों के बूब्स मसल्ते हुए मेरे लंड मे एक अजीब सी खरीश होने लगी जो इस बात का संकेत था कि मैं कभी भी झड सकता हूँ…

मैं पायल दीदी को सचेत करना चाहता था कि मेरे लंड से कभी भी माल निकल सकता है पर पता नही क्या लालच मुझे वो बोलने से रोक गया… शायद मेरी एक फॅंटेसी थी जिसमे मैं अपने लंड का पानी किसी लड़की को पूरा पिला देना चाहता था, उसी ने मुझे उन्हे सचेत होने से रोक दिया…

और फिर वही हुआ, जिसे ना जाने कितनी बार सोचकर मैने बाथरूम मे मूठ मारी थी… मेरे लंड से धड़ाधड़ सफेद पानी निकल कर पायल दीदी के मूह मे जाने लगा…

पहले तो वो एक दम से हड़बड़ा सी गयी, पर ना जाने मुझमे कहाँ से इतनी बेशर्मी आ गयी कि मैने उनके सिर के उपर हाथ लगाकर लंड को बाहर ही नही निकालने दिया और झक्क मारकर उन्हे वो सारा रस पीना ही पड़ा…

और शायद एक-दो घूँट पीने के बाद उन्हे भी उसका स्वाद अच्छा लगा था क्योंकि फिर वो खुद ही अपने सिर को उपर नीचे करके मेरे लंड को किसी आइस्क्रीम की तरह चूस रही थी और आख़िरी की बूँद निकल जाने के बाद भी वो उसे चूसने मे लगी रही जैसे कोई करिश्मा होगा और एक बार फिर से दूध निकलेगा मेरे लंड से.

मैने अपना हाथ तब तक काजल के बूब्स से हटा लिया था… मेरे लंड का सूप पीकर वो मुस्कुराती हुई सी उपर आई और मुझे दबोच कर बोली : “बड़ा चालाक होता जा रहा है तू… क्यो मेरा सिर प्रेस करके मुझे अपनी क्रीम खिलाई…”

मैने भी मुस्कुराते हुए पूछा : “क्यो… अच्छी नही लगी क्या मेरी क्रीम….”

वो मेरे नीचुड़े हुए लंड को मरोड़ती हुई बोली : “अच्छी तो मुझे ये इतनी लगी है कि आज के बाद इसमे से निकलने वाली हर बूँद पर मेरा ही हक होगा… समझे… और खबरदार जो कभी भी मास्टरबेट करके इसको वेस्ट करने की सोची तो… जब भी मन करे तो मुझे . देना… आइ विल सक इट ऑफ….”

इतना कहते हुए उसने अपनी लंबी सी जीभ निकाल कर मेरे होंठों को किसी नागिन की तरह चाट लिया… मुझे तो दीदी के इस रूप को देख कर डर सा लग रहा था कि आगे ना जाने और कैसे-कैसे रूप दिखाएगी ये…

काफ़ी देर हो चुकी थी, मन तो मेरा और भी कुछ करने को था पर डर भी लग रहा था क़ि कोई आ ना जाए, इसलिए अभी के लिए दीदी को गुड नाइट कह कर अपने रूम मे जाना ही सही समझा मैने..

जाते हुए मैने आख़िरी बार काजल के नंगे सीने को जी भरकर देखा, और मुझे उसकी तरफ घूरते देखते हुए दीदी ने भी देख लिया और सबसे पहले उन्होने उसकी टी शर्ट को नीचे किया, बाद मे अपनी टी शर्ट पहनी..

सॉफ जाहिर था वो मुझपर अपना ही हक़ समझ रही थी, और मुझे किसी और की तरफ आकर्षित होते हुए भी नही देखना चाहती थी… मुझे आगे जो भी करना था, वो सब इन सब बातों का ध्यान करते हुए ही करना था.

पर वो कहते है ना जो किस्मत मे लिखा होता है, उसे तुम्हारे पास आने से कोई रोक ही नही सकता…

दीदी ने अपनी तरफ से तो कोशिश कर ली थी कि काजल को देख कर मैं आकर्षित ना हो जाउ, पर काजल पर तो उनका कोई कंट्रोल नही था ना, और अगले दिन कुछ ऐसा हुआ कि वो बेचारी भी कुछ नही कर पाई काजल और मुझे कुछ ख़ास करने से…



अगले दिन जब सभी नाश्ता कर रहे थे तो मोम ने जय भैया से कॉलेज अड्मिशन प्रोसेस के बारे मे पूछा, क्योंकि पायल दीदी भी बोर्ड एग्ज़ॅम्स के रिज़ल्ट के बाद कॉलेज मे ही जाने वाली थी.

जय भैया ने डीटेल मे सारी प्रोसेस बताई और ये भी कहा कि आजकल कुछ कॉलेजस मे न्यू सेशन के लिए इंडक्षन प्रोग्राम्स भी चल रहे है, जिसमे अड्मिशन प्रोसेस के बारे मे बताया जाता है.

ये सुनते ही पायल दीदी बोली : “हां, ये तो मेरी एक फ्रेंड ने भी कहा था, वो शायद नेक्स्ट वीक स्टार्ट होगा..”

जय : “नेक्स्ट वीक नही, इसी वीक स्टार्ट हो चुका है वो, न्यूसपेपर मे भी आया था कल के, ”

पायल ये सुनते ही न्यूसपेपर लेने भागी, और जय ने जब वो कोलम दिखाया तब उसने वो बात मानी,
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04-23-2019, 12:02 PM,
#17
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
मोम ने पायल को डाँटने के लहजे से कहा : “यही हाल रहा तो अड्मिशन की डेट्स भी निकल जाएँगी, तू अभी के अभी निकल और जाकर देख ज़रा, ”

जय : “तुम चाहो तो मैं भी चल सकता हूँ, आइ विल हेल्प यू अंडरस्टॅंड बेटर, ”

मों को भी ये बात पसंद आई और कुछ ही देर मे पायल दीदी और जय भैया बाहर निकल गये,

पापा तो ऑलरेडी ऑफीस जा चुके थे, मोम ने हाफ डे ऑफ लिया हुआ था, वो हमे नाश्ता करवाकर और . का खाना बनाकर ऑफीस के लिए निकल गयी.

और पीछे रह गये मैं और काजल.

ये सब बातें जब हो रही थी तो काजल के चेहरे के एक्सप्रेशन बता रहे थे कि आने वाली संभावनाओ को सोच कर वो कितनी खुश हो रही है, और मेरा भी लगभग वही हाल था, कल रात के बाद तो काजल को देखने की नज़र ही बदल चुकी थी, उसमे खोट आ चुका था..

सबके जाने के बाद जैसे ही मैं दरवाजा बंद करके पलटा, काजल लगभग भागती हुई सी मेरे पास आई और बोली : “जब हम कॉलेज मे जाएगे तो एक साथ ऐसे इंडक्षन प्रोग्राम्स अटेंड करेंगे, आउटिंग भी हो जाएगी और डेट भी मार लेंगे..”

मैं : “अच्छा जी, डेट मारने का बड़ा मन है तुम्हारा, कभी मारी है क्या किसी के साथ, ”

काजल : “पागल हो क्या, पापा और भाई मार देंगे मुझे, जब टाइम आएगा तब मारूँगी, ”

मैने घूरकर उसके बूब्स को देखा और बोला : “टाइम तो आ ही चुका है तुम्हारा, बस तुझे ही पता नही है, ”

मेरी नज़रों का पीछे करते हुए उसने अपने बूब्स को देखा तो शर्मा सी गयी, वैसे भी कल शाम को मेरी गोद मे लेट के उसने मेरे पप्पू को जब अपने मुँह मे लिया था तो अपनी तरफ से तो उसने छूट दे ही डाली थी, ऐसे मे मैं अगर थोड़ी बहुत फ्लर्टिंग कर लूँ तो क्या प्राब्लम होगी..

और कुछ सोचकर मैं बोला : “डेट पर जाने का मतलब भी पता है तुझे, ”

उसने बड़ा ही भोला सा फेस बनाया और बोली : “हां, घूमते है, खाते है, मूवी देखते है, और मस्ती करते है, ”

मैने उसका हाथ पकड़कर सोफे पर बिठाया और उसके करीब बैठते हुए बोला : “अच्छा जी, और ये मस्ती मे क्या-2 इंक्लूड होता है, ”

उसके होंठ काँप से रहे थे, शायद वो जो कुछ बोलना चाहती थी, बोल नही पा रही थी.

फिर हिम्मत करके वो बोली : “पता नही, आप ही बताओ, ”

मैने उसका हाथ अपने हाथ मे लिया और बोला : “सबसे मैं काम तो तुमने बताया ही नही, किस भी करते है, ”
इतना कहते हुए मैने उसके हाथ को उपर करते हुए अपने होंठों से लगा लिया और एक गीला सा चुम्मा कर दिया उसकी हथेली पर.

वो सिसक उठी.. उसका पूरा बदन काँप सा रहा था, सीना उपर नीचे हो रहा था, पर उसने अपना हाथ छुड़ाने की कोई कोशिश नही की.

वो धीरे से बोली : “तो क्या, ऐसी किस तो कोई भी कर सकता है, मैने भी की है अपने फ्रेंड्स को तो ऐसी वाली किस, ”

मैं समझ गया कि वो मुझे उकसा रही है, वो अपनी गोल आँखो से मुझे ऐसे देख रही थी जैसे कुछ कर बैठेगी,

मैं : “चल एक गेम खेलते है, आज तो घर पर कोई नही है, क्यो ना हम दोनो डेट पर चलने की प्रॅक्टीस करे, ”

वो चहकति हुई बोली : “कैसे ?”

मैं : “सुन, थोड़ी देर के लिए मुझे अपना बाय्फ्रेंड समझ ले, ओके.. और फिर हम दोनो वही सब करेंगे जो डेट पर जाकर करते है, समझी, ”

मैने आँख मारकर जब ये बात बोली तो वो समझ गयी कि इस गेम की आद मे मैं क्या-2 करने के मूड मे हूँ..

उसे भला क्या प्राब्लम होने वाली थी, उसने झट से हां कर दी..

ऐसी बक्चोदि करते हुए मुझे हँसी भी आ रही थी, पर जिस तरह स्टाचु गेम के थ्रू पायल दी के साथ वो सब करना आसान हो गया था वैसे ही मैं काजल के साथ करके इन सबको ईज़ी बना देना चाहता था, ताकि ये सब जान बूझकर किया हुआ ना लगे, और इस गेम के ज़रिए मैं धीरे-2 आगे बढ़ कर ये भी जान लेना चाहता था कि वो किस हद तक मेरे साथ आगे जा सकती है.
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04-23-2019, 12:02 PM,
#18
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
मैने उसे कुछ बाते समझाई और मैं भागकर अपने रूम मे गया और उसके मोबाइल पर फोन लगाया.. और जब उसने हेलो कहा तो मेरे लंड का बुरा हाल हो गया दोस्तो, उसके हेलो कहने का स्टाइल इतना सेक्सी था, इतना उत्तेजक था कि मैने बाकी की बात करते हुए.

”हेलो काजल, मैं राज बोल रहा हूँ, हाउ आर यू..”

काजल : “मैं ठीक हूँ, आज सुबह-2 मेरी याद कैसे आ गयी, ”

मैं : “याद तो रात से ही आ रही है पर आज सुबह का मौसम ही इतना सेक्सी था कि सोचा तुमसे पूछ लूँ कि मूवी देखने चलोगि क्या मेरे साथ, ”

काजल : “ओके..तुम 5 मिनट मे मेरे घर आ जाओ, मैं तब तक तैयार हो जाती हूँ, ”

इतना कह कर उसने फोन रख दिया, मैने उसे पहले ही समझा दिया था कि तुम डेट पर जाने के लिए अच्छे कपड़े पहेनना.. वो पायल दीदी के रूम मे घुस गयी और अंदर से बंद करके कपड़े बदलने लगी..

करीब 5 मिनट के बाद मैने उस रूम का दरवाजा खटकाया और जब वो बाहर निकल कर आई तो मैं उसे देखता रह गया, काजल ने जो कपड़े पहने हुए थे उनमे शायद मैने उसे पहली बार देखा था,

उसने एक वाइट कलर की टी शर्ट पहनी हुई थी जो उसके बदन से बुरी तरह चिपकी हुई थी, और वो इतनी टाइट थी कि उसकी ब्रा की पूरी रूपरेखा मुझे दिखाई दे रही थी, और उसमे उसके बूब्स काफ़ी बड़े लग रहे थे, मैं तो रात को उसके बूब्स को नंगा देख चुका था इसलिए मुझे उनका असली साइज़ पता था, वरना इस पॅड वाली ब्रा मे उसके बूब्स देख कर मैं तो बेहोश ही हो जाता,

और नीचे उसने छोटी सी स्कर्ट पहनी हुई थी, जो उसकी जाँघो तक ही थी, वो भी काफ़ी टाइट थी, और उसे पहेन कर चलने मे उसे काफ़ी परेशानी हो रही थी..साथ मे उसने हाइ हील के सेंडिल पहने हुए थे..

कुल मिलाकर वो देखने मे एक कड़क माल लग रही थी, वो अगर मेरी कजिन ना भी होती तो इस वक़्त मैं उसे देख कर मर मिट ता..

मैने उसे देख कर सीटी मारी और वो शर्मा गयी, उसने अपना हाथ आगे किया क्योंकि उसे चलने मे परेशानी हो रही थी, मैने भी उसके हाथ के साथ-2 उसकी कमर को भी पकड़ लिया ताकि वो गिर ना जाए..

फिर हम पूरे घर मे इधर उधर घूमे. मैने उससे जब पूछा कि खाने मे क्या लोगि तो उसने चहकते हुए पिज़्ज़ा बोल दिया, मैने भी फोन उठाकर डोमिनोस से पिज़्ज़ा मंगवा लिया..

फिर मैने पूछा कि कौनसी मूवी देखोगी तो वो बोली कि जो तुम्हे पसंद हो..

मेरे चेहरे पर एक बार फिर से शरारत भरे एक्सप्रेशन आ गये.

मैं : “मुझे जिस तरह की मूवीस पसंद है वो तुम देख नही पाओगि, सोच लो, ”

उसके चेहरे पर एक बार फिर से लालिमा छा गयी , वो समझ चुकी थी कि मैं किस तरह की मूवीस की बात कर रहा हूँ..

वो बोली : “आज तुम मुझे डेट पर लाए हो, इसलिए पसंद भी तुम्हारी चलेगी, ”

यानी उसने मना नही किया, एक बार के लिए तो मैने सोचा कि इस खेल को इतनी दूर ले जाना सही नही है, जो थोड़ी बहुत चूमा चाटी करनी है वो ऐसे ही कर लेनी चाहिए क्योंकि वो मना तो करने वाली नही थी, पर फिर भी उस वक़्त उस गेम मे बाय्फ्रेंड-गर्लफ्रेंड का रोल प्ले करने मे जो रोमांच आ रहा था वो अलग ही था, इसलिए मैने भी सोच लिया कि गेम के ज़रिए ही करूँगा जो करना है..

मैं उसे लेकर अपने रूम मे आ गया, इस तरह की पॉर्न मूवीस का तो खजाना था मेरे पास, मुझे एक मूवी याद आ गयी जो इन्सेस्ट थीम पर ही थी, उसमे रियल ब्रदर-सिस्टर रात को माँ बाप के सोने के बाद आपस मे सेक्स करते है, वो मूवी मैने फुल स्क्रीन करके लगा दी.

मूवी शुरू होने से पहले मैं 2 कोल्ड ड्रिंक्स और पॉपकॉर्न ले आया ताकि मूवी देखने का मज़ा पूरा मिले..और मूवी शुरू करके मैने उसकी कमर मे हाथ डालकर हाथ पकड़ा और आराम से मूवी देखने लगा..

अब दोस्तो, आपको तो पता ही है, पॉर्न मूवी मे वैसे तो कोई ख़ास स्टोरीलाइन होती नही है, ये भी लगभग वैसी ही थी.. शुरू होने के एक मिनट के अंदर ही एक गरमा गरम सीन आ गया जिसमे वो लड़का अपनी बहेन को स्वीमिंग पूल मे नहाते हुए देखता है, और वो साली भी पूरी नंगी होकर नहा रही थी.

ये सोचकर कि वो घर पर अकेली है, लौन्डा चेयर के पीछे छुपकर अपनी बहेन के नंगे बदन को पूरा देखता है, और जब कॅमरा लड़की के बूब्स और चूत को क्लोज़ अप पर से दिखाने लगा तो मेरा लंड तंन करके खड़ा हो गया, मेरे हाथ का दबाव उसके हाथ पर बढ़ गया, काजल भी नज़रे गाढ कर वो मूवी देख रही थी, और वो शायद उसकी लाइफ की पहली पॉर्न मूवी थी जो वो इस तरह से किसी और के साथ देख रही थी.
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04-23-2019, 12:03 PM,
#19
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
ये सोचकर कि वो घर पर अकेली है, लौन्डा चेयर के पीछे छुपकर अपनी बहेन के नंगे बदन को पूरा देखता है, और जब कॅमरा लड़की के बूब्स और चूत को क्लोज़ अप पर से दिखाने लगा तो मेरा लंड तंन करके खड़ा हो गया, मेरे हाथ का दबाव उसके हाथ पर बढ़ गया, काजल भी नज़रे गाढ कर वो मूवी देख रही थी, और वो शायद उसकी लाइफ की पहली पॉर्न मूवी थी जो वो इस तरह से किसी और के साथ देख रही थी.



जैसे ही वो लड़की टावल लपेट कर अंदर जाने लगती है वो लड़का पहले से अंदर जाकर बैठ जाता है, अपने भाई को अंदर बैठे देख कर वो घबराने का नाटक करती है, पर उसके खड़े हुए लंड को देख कर वो समझ जाती है कि वो उसे छुपकर देख चुका है, वो भी सेनुयल तरीके से चलती हुई उसके पास आती है और अपना टावाल खोल देती है, और अपनी आँखो के बिल्कुल करीब अपनी बहेन के बूब्स देख कर वो बोलता है वाउ..



मेरे मुँह से भी वाउ निकल गया वो देख कर.



ये सुनकर वो शरारती आँखो से मुझे देख कर बोली : “भाई, तू बहुत बदमाश हो गया है, उसे तो वहाँ देख कर मज़े आ रहे है, तुम क्यो इतना खुश हो रहे हो यहाँ बैठ कर..”



मैने भोला सा चेहरा उसके सामने बनाया और कहा : “मैने कभी देखे नही है ना किसी के , इसलिए वाउ निकल गया, ”



वो मेरे गालो को पकड़कर बोली : “ओले ओले, लगता तो नही है कि तुमने ऐसा कुछ देखा नही है लाइफ मे, ”



और फिर एक बार फिर से वो मूवी देखने मे व्यस्त हो गयी.



इसी बीच लड़की अपने भाई की गोद मे बैठकर उसे जोरदार तरीके से स्मूच करने लग जाती है. ये देख कर मेरा मूड एकदम से उसे किस करने का बन गया और मैं अपने होंठ उसके कानो के बिल्कुल करीब लाकर गहरी साँसे लेने लगा.. समझ तो वो भी गयी क्योंकि उसके कानो मे मैं अपनी गर्म साँसे छोड़ने मे लगा हुआ था..



उसका बदन अब पूरा काँप सा रहा था, और काँपते हुए उसने जैसे ही मेरी तरफ चेहरा किया, मैं उसके गुलाबी होंठों पर टूट पड़ा, वो इतने मोटे और रसीले थे जैसे चाशनी वाले बंगाली रसगुल्ले.. उन्हे चूस्कर मुझे इतना मज़ा मिला जितना आज तक किसी और को किस करने मे नही मिला था,



वो भी अपनी तरफ से मुझे किस करने मे लगी थी, और वो किस कम मुझे काट ज़्यादा रही थी, पर उसके काटने मे भी एक अलग ही मज़ा मिल रहा था.



उधर मूवी मे भी गर्मी काफ़ी बढ़ चुकी थी, लड़के ने भी अपने कपड़े उतार दिए थे और लड़की ने उसके लंड को मुँह मे लेकर चूसना शुरू कर दिया था..



मैने उसका हाथ पकड़ कर अपने खड़े हुए लंड पर रख दिया, और अपना हाथ उसके बूब्स पर रखकर उन्हे दबा दिया, मेरे लंड पर हाथ लगाते ही वो और भी ज़्यादा उत्तेजित हो गयी, उसकी लाइफ का पहला लंड था ये जिसे वो इस तरह अपने हाथो मे पकड़ रही थी.



रात के मुक़ाबले इस वक़्त ज़्यादा मज़ा मिल रहा था उसकी चुचियों को दबाने मे..



इसी बीच जब उसकी नज़र स्क्रीन पर पड़ी जहाँ वो लड़की अपने भाई का लंड चूस रही थी तो वो शरमाते हुए बोली : “मुझे ये बहुत पसंद है, पर कभी करने का मौका ही नही मिला, ”



उफफफफ्फ़.. उसकी इस बात ने तो मेरा दिल ही जीत लिया, ऐसी लड़किया बहुत कम ही मिलती है जिन्हे लंड चूसने का शॉंक हो, लड़के तो होते ही हरामी है शुरू से, वो तो जवानी की दहलीज पर कदम रखते ही चुचि और चूत चूसने के सपने देखने लग जाते है, और वही दूसरी तरफ कयि लड़किया और औरतें लंड चूसने के नाम से ही बिदक जाती है.



और यहाँ काजल तो खुद ही इस बात को कबूल रही थी कि उसे लंड चूसने का मन करता है.



मैं : “ओहो, तभी रात को मेरी गोद मे लेटकर तुम मेरे शेर को अपने मुँह मे दबोच रही थी, ”



उसने हां मे सिर हिलाया और मुस्कुराते हुए मेरी पेंट मे हाथ डालकर मेरे फड़कते हुए लंड को पकड़ लिया..



मैं ज़ोर से सीसीया उठा.



उसने आनन फानन मे मेरी जीन्स खोली और मेरे लंड को बाहर निकाल लिया, और नीचे झुककर जब उसने मेरे लंड को पहली बार देखा तो उसकी आँखो की भूख बता रही थी कि मेरे लंड का वो क्या हाल करने वाली है..



और उसने किया भी.. एक ही झटके मे उसने मेरे लंड को केले की तरह मुँह मे लिया और उसे चूसने लगी.



मैने उसके बालों को ज़ोर से पकड़ लिया क्योंकि उसके हमले काफ़ी ख़तरनाक लग रहे थे और मुझे डर था कि कहीं वो मेरे लंड को कोई नुकसान ना पहुँचा दे, और इससे पहले कि मैं उसके बालों को खींचकर उसकी लगाम रोक पाता, बाहर की घंटी बज गयी.



मेरी और काजल, दोनो की फट कर हाथ मे आ गयी.



मैने फटाफट अपना हुलिया ठीक किया, लॅपटॉप को बंद किया औट दरवाजा खोलने भागा..







दरवाजा खोलते ही मेरी जान मे जान आई, वो पिज़्ज़ा वाला था… इनकी टाइमिंग इतनी पर्फेक्ट होती है, दूसरो से तो कोई मतलब ही नही है ना इनको, वो क्या कर रहे है, क्या नही, उन्हे कुछ सरोकार नही होता, बस अपना पिज़्ज़ा टाइम से पहुँचाना होता है..



खैर, मैं पिज़्ज़ा लेकर वापिस अंदर आ गया, बेचारी तब तक बाथरूम मे जाकर अपना हुलिया ठीक कर आई थी, उसके चेहरे का रंग अभी तक उड़ा हुआ था, उसे लगा था कि उसका भाई जय और पायल दीदी वापिस आ गयी है.. और मन मे चोर हो तो ऐसे अचानक दखल मिलने की वजा से इंसान डर ही जाता है.



काजल का भी यही हाल था, मैं उसके करीब गया और उसे गले लगाकर कूल डाउन होने के लिए कहा…



वो डरी हुई सी आवाज़ मे बोली : “भाई, हमे ये नही करना चाहिए, किसी को पता चल गया तो मैं किसी को मुँह दिखाने के काबिल नही रहूंगी…”



मेरी तो झान्टे सुलग उठी ये सुनकर, साली कल रात को सबके सामने मेरी गोद मे लेटकर मेरे लंड को मुँह मे ले रही थी, तब तो डर नही लगा था, आज ये पिज़्ज़ा वाले के आने भर से इसकी फट कर हाथ मे आ गयी.



मैने उसे चूमना चाहा तो उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लिया, मेरी और सुलग गयी… अभी कुछ देर पहले तक तो सही थी ये एकदम से क्या हो गया इसे..



मैं बोला : “अगर ये सब करना है तो बंद करते है ना ये सब…”



कहते हुए मैने अपना लॅपटॉप उठा कर वापिस रख दिया, मुझे लगा कि वो रोकेगी पर ऐसा कुछ नही हुआ, वो शायद सच मे अंदर तक डर सी चुकी थी, पर मेरे सिर पर भी जैसे कोई सनक सी चढ़ चुकी थी, उसका ये रवैय्या मुझे सच मे पसंद नही आ रहा था.



पर ज़बरदस्ती भी तो नही कर सकता था ना, और जब मैने देखा की लॅपटॉप उठाने के बाद भी उसे कोई फ़र्क नही पड़ा तो मैं पैर पटकता हुआ अपने रूम की तरफ चला गया और टीवी ऑन करके बैठ गया..


मैने सोच लिया कि अब वो खुद ही आकर मेरे से माफी माँगेगी तो कुछ करूँगा, पर वो नही आई और मैं अपने लंड को मसलता हुआ, उसे अंदर से गालियाँ निकालता हुआ कुछ देर मे सो गया.
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04-23-2019, 12:03 PM,
#20
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
जब उठा तो शाम के 6 बज चुके थे, बाहर से पायल दीदी और जय भैया की बातों की आवाज़ें आ रही थी… मैं उठकर बाहर आया तो देखा कि काजल भी उनके साथ ही बैठी है पर उसका चेहरा अभी भी उतरा हुआ था.

पायल दीदी ने बताया कि आज जाने का काफ़ी फ़ायदा हुआ और जय भैया ने भी उनकी काफ़ी हेल्प की… मैं देख रहा था कि वो जय भैया की तरफ कुछ ख़ास नज़रों से देख रही है. पर इस वक़्त मेरा सारा ध्यान काजल की तरफ ही था, मैं नही चाहता था कि हाथ आई चिड़िया ऐसे ही निकल जाए.. उसके दाँतों की चुभन मुझे अभी तक अपने लंड पर महसूस हो रही थी.

मेरा मन तो यही कर रहा था कि उसे जिस तरह का डर लग रहा है वो पायल दीदी के बारे मे उसे बताकर दूर किया जा सकता है पर वो बात काजल को बताना सही नही था, पायल दीदी नाराज़ हो गयी तो क्या होगा, मैं ना इधर का रहूँगा और ना ही उधर का.. मैं परेशान हो गया और उठकर मैं छत पर चला गया.

उपर काफ़ी ठंडी हवा चल रही थी, मैं ठंडी हवा का मज़ा लेते हुए रलिंग के पास जाकर खड़ा हो गया. छत पर घुप्प अंधेरा था, चाँद भी नही निकला था आज.

तभी पीछे से मुझे किसी के आने का एहसास हुआ, कोई दबे पाँव मेरी तरफ आ रहा था. मैं समझ गया कि ये काजल ही है, मैं भी अपनी अकड़ मे ही रहा और उसकी तरफ पलटा नही, वो मेरे पीछे आई और मेरी कमर से अपना सीना लगाकर मुझसे लिपट गयी…

गर्म साँसों और नर्म सीने का एहसास मुझे अंदर तक झंझोड़ गया.. मैं ठंडी हवा और गर्म जिस्म के मिले जुले एहसास को महसूस करके सिहर उठा..वो अपना बदन मेरी पीठ पर उपर से नीचे तक रगड़ने लगी.. उसके कड़क मम्मे मेरी पीठ पर हल जोतने का काम कर रहे थे, उसके निप्पल्स मुझे बुरी तरह से चुभ रहे थे पर इन सबके लिए मैं शिकायत नही कर सकता था क्योंकि ये सब महसूस करके मुझे एक अलग ही तरह के आनंद की अनुभूति हो रही थी.

अचानक उसने अपना एक हाथ आगे किया और मेरे लंड के उपर लेजाकर उसे सहलाने लगी… मैने उसके हाथ को झटक दिया, ताकि उसे भी मेरे गुस्से का एहसास हो… पर ऐसा कुछ नही हुआ, उसने फिर से अपना हाथ मेरे लंड पर लगा कर उसे सहला दिया, इस बार मैने कुछ नही किया, क्योंकि स्वार्थ तो मेरा ही था ना, और वैसे भी उसके लिपटने के बाद से ही मेरे लंड ने फिर से खड़ा होना शुरू कर दिया था, उसे एक बार फिर से बिठा कर मैं कोई ग़लती नही करना चाहता था..

पर उसकी दोपहर वाली ग़लती का बदला तो मुझे लेना ही था, इसलिए मैने बिजली की तेज़ी से अपने लंड को बाहर निकाला और उसके हाथ मे पकड़ा दिया… और साथ ही उसकी तरफ घूमते हुए उसे अपने घुटनो पर बिठाया और बड़ी ही बेदर्दी से उसके मुँह मे अपना लंड ठूंस दिया…

वो बेचारी घिघिया कर रह गयी पर कुछ बोली नही, मेरी बेरूख़ी और जंगलिपन को उसने बड़े प्यार से कबूल करते हुए मेरे लंड को अपने मुँह मे भर लिया और उसे चूसने लगी… उसके गर्म मुँह मे मेरा कड़क लंड घुसते ही मेरी आँखे बंद हो गयी, मैं ठंडक से भरे माहॉल मे अपना लंड चुस्वाता हुआ हवा मे उड़ने लगा… सारी दुनिया से बेख़बर होकर मैं इस वक़्त अपनी छत पर खड़ा होकर काजल से अपना लंड चुस्वा रहा था, इस वक़्त मुझे इस बात का भी डर नही था कि कोई नीचे से उपर आ जाएगा, कोई हमे पकड़ लेगा … बस अपनी ही मस्ती मे भरकर मैं अपना लंड चुस्वा रहा था…

काजल भी बड़ी तेज़ी से मेरे लंड को चूस रही थी, उसके चूसने की ताक़त ही इतनी तेज थी कि मेरे लंड की हालत एकदम से खराब होने लगी, सच मे लंड चूसने मे उसका कोई मुकाबला नही था…

और जल्द ही उसके मुँह की ताक़त के आगे मुझे हारना पड़ा और मेरे लंड का पानी निकल कर उसके मुँह मे जाने लगा..

और सबसे बड़ी ग़लती मुझसे ये हो गयी उस वक़्त की झड़ते वक़्त मेरे मुँह से ‘आआहह काजल’ निकल गया…

और ग़लती मैने इसलिए कहा क्योंकि जब मेरे मुँह से उसने ये सुना और अपना चेहरा उपर उठाया तो मेरी फट कर हाथ मे आ गयी

क्योंकि वो काजल नही बल्कि मेरी बहन पायल थी…

मैं तो अभी तक समझ नही पा रहा था कि ये कैसे हो गया, मैने कैसे इतनी बड़ी भूल कर दी, क्यो मैने पहले गोर से नही देखा कि वो काजल नही बल्कि पायल दीदी है… और आख़िर मे आकर मैने जो काजल का नाम ले लिया था उसके बाद तो पायल दीदी मेरी जो हालत करने वाली थी उसका मुझे अंदाज़ा भी नही था.

भले ही एक बार का मज़ा मुझे अभी के लिए मिल गया था पर आगे ये सब मिलना दूर की बात थी. अपनी एक ग़लती की वजह से मैने खुद ही अपना पर्दाफाश कर दिया था.


पायल दीदी धीरे से उठी, उनका चेहरा भी देखने लायक था, बाल बिखर से चुके थे, चेहरे पर, होंठों पर मेरे लंड से निकला सफेद माल चमक रहा था, आँखे लाल हो चुकी थी, अब वो उत्तेजना की वजह से थी या गुस्से की, मुझे नही पता था..

पर उनकी टी शर्ट मे से उभरे हुए निप्पल्स सॉफ दिख रहे थे, यानी उत्तेजित तो वो भी थी इस वक़्त पर मेरी टाइमिंग की वजह से सब गड़बड़ हो चुका था..

वो मुझे घूरते हुए बोली : “अच्छा, तो मेरा अंदाज़ा सही निकला, ये सब चल रहा है तेरे और काजल के बीच, ”

मैं : “न, नही दी, ये बात नही है, वो तो बस, मैं, ”

पायल (थोड़ी तेज आवाज़ मे) : “क्या ये बात नही है, मैं तुम्हे सक कर रही हूँ और तुम काजल का नाम ले रहे हो, क्या मतलब है इसका.. यही ना की ज़रूर तुम्हारे बीच कुछ हुआ है आज दिन मे, वैसे भी कोई नही था आज घर पर, बोलो, क्या किया तुम दोनो ने आज बोलो राज, ”

मैं तो सहम सा गया, दीदी की डाँट सुनकर, मैने आज से पहले सोचा भी नही था कि पायल दीदी की लाइफ मे पहली बार मुझे ऐसी बात पर डाँट पड़ेगी, आज से पहले उन्होने ऐसी कोई बात नही की थी..

और मैं तो उनकी डाँट सुनकर इतना सहम सा गया कि सब उगलने को तैयार हो गया, पर जैसे ही मैने अपना मुँह खोलना चाहा, मुझे सीडियो से किसी के आने की आहट हुई.

और वो आहट पायल दी ने भी सुनी और जैसे ही वो पलटी, तो हमने देखा कि काजल और जय भैया भी उपर आ रहे है, उन्होने मुझे घूर कर देखा और चुप रहने का इशारा किया, मैने भी उन्हे इशारा करके उनके चेहरे और होंठों पर लगे सफेद माल को सॉफ करने को कहा.

जय (पायल दी से) : “अर्रे, तुम उपर थी और हम दोनो तुम्हे नीचे ढूँढ रहे थे, ”
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