Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
03-11-2020, 10:42 AM,
#41
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
priti214 - पागल हो क्या तुम बस इतनी सी बात के लिए हमारा रिलेशन तोड़ रहे हो
raj2002 - तो और क्या करू तुम तो मुझे बार बार हर्ट करती रहती हो ये जता के की तुम्हें मुझ पे भरोसा ही नहीं है
priti214 - अरे जानू ऐसा कुछ नहीं है ओके यार आइ विल गिव माय नेकेड पिक्स टू यू
raj2002 - ह्म्म्म पक्का
priti214 - हाँ जानू बताओ कैसी चाहिए कैसी कैसी खींचू
raj2002 - तुम्हारे पास ब्लैक कलर की ब्रा और पेंटी है जान
priti214 - हाँ जानू है
raj2002 - हम्म तो फिर जान कल वो वाली ब्रा और पेंटी पहनना अपनी स्कूल ड्रेस के नीचे फिर पहली पिक तो तुम्हारी पूरी फुल कल की स्कूल ड्रेस वाली लेना फिर सेकंड पिक स्कूल की टी शर्ट और टॉप उतार के ब्रा और पेंटी में लेना और थर्ड पिक विथआउट ब्रा एंड पेंटी तुम्हारी पूरी नंगी फोटो लेना और हाँ जान बाल खोल के लेना सेक्सी तरह से
priti214 - ठीक है जानू मैं कल सुबह खींच के स्कूल ले आउंगी
raj2002 - ह्म्म्म आइ लव यू जान
priti214 - आइ लव यू टू जानू , अच्छा अब बंद करे चैटिंग
raj2002 - अरे रुको ना जान अभी लॉग इन किया ही है तो विडियो चैटिंग कर लो ना थोड़ी देर बहुत मूड हो रहा है यार
priti214 - पागल हो क्या मेरा छोटा भाई बैठा है मेरे सामने
raj2002 - प्लीज ना यार बस अपना कुर्ता और ब्रा हटा के दिखा दो थोड़ी देर
priti214 - कल तक रुक जाओ ना कल पिक्स दे रही हूँ ना
raj2002 - प्लीज जान
priti214 - ह्म्म्म क्या क्या करूँ
raj2002 - पहले कुर्ते के गले में से झुक कर गला चौड़ा करके अपनी ब्रा और बूब्स दिखाओ फिर कुर्ता ऊपर करके और ब्रा नीचे करके बूब्स दिखाओ
priti214 - ह्म्म्म्म लो
raj2002 - वाओ जान यू आर सो सेक्सी यार
priti214 - ह्म्म्म्म बस
raj2002 - नहीं जान थोडा और दिखाओ ना थोडा और चौड़ा करो ना
priti214 - हाँ जानू लो
raj2002 - अब जान अपना पूरा कुर्ता ऊपर करो ना और अपनी ब्रा का कप नीचे करके दिखाओ ना
priti214 - ह्म्म्म्म
raj2002 - बहुत मजा आ रहा है यार यू आर लुकिंग सो सेक्सी यार
priti214 - बस
raj2002 - नहीं जान अब अपनी ब्रा के दोनों कप नीचे करके अपना बोबे दिखाओ ना जान
priti214 - ह्म्म्म्म
raj2002 - वाव जान आई लव यू सो मच यार दबाओ ना जान इन्हें अपने हाथ से दबाओ ना अपने निप्पल पे ऊँगली फेरो ना जान
priti214 - ह्म्म्म्म बस
raj2002 - बस थोड़ी देर और यार मेरा होने वाला है......आअह्ह्ह .....आई लव यू सो मच जान यू आर सो सेक्सी यार...योर बूब्स आर सो सेक्सी यार मजा आ गया
priti214 - ह्म्म्म हो गया ......
raj2002 - हाँ जान हो गया
priti214 - चलो बाय गुड नाईट
raj2002 - गुड नाईट ....

प्रीती दीदी की चैटिंग पढ के मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो चुका था मैं सोचने लगा की आज दीदी ने रेड टी शर्ट के नीचे ब्लैक कलर की ब्रा और ब्लैक कलर की पेंटी पेहेन रखी है और आज वो अपने बॉयफ्रेंड को अपनी नंगी पिक्स देने वाली है मुझे ये सब पढ के अंदर से अच्छा नहीं लग रहा था मैं चाहता की प्रीती दीदी को सबसे पहले पूरी तरह नंगी मैं ही देखूं वो सबसे पहले मुझसे ही चुदे वो सबसे पहले मेरा ही लंड चूसे और हमेशा मुझसे ही चुदे और मेरा ही लंड चूसे हालांकि मैं प्रीती दीदी को अपना लंड चुसवा चुका था पहले उनके बोबे भी दबा चुका था उनकी चूत भी सहला चुका था चाट चुका था

लेकिन आज तक जितनी बार भी ऐसा हुआ था वो सब अँधेरे में हुआ था मैं अब ये चाहता था की प्रीती दीदी सब अपनी मर्जी से करे प्यार से करे जैसे वो अपने बॉयफ्रेंड के लिए सब कुछ करने के लिए तैयार थी वैसा मेरे लिए भी करे और हमेशा मेरे लिए ही करे लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था की मैं ऐसा क्या करूँ क्योंकि प्रीती दीदी अपने बॉयफ्रेंड से बहुत प्यार करती थी और उसके लिए कुछ भी कर सकती थी

इसीलिए वो अपनी नंगी पिक्स उसे देने को तैयार हो गई थी और मंडे को उसके घर जाने के लिए भी तैयार हो गई थी फिर मैं वो सोचने लगा की प्रीती दीदी का बॉयफ्रेंड पहले उनकी नंगी पिक्स देखेगा फिर उनके घर ले जाकर उन्हें पूरी नंगी करेगा फिर उन्हें पूरी नंगी निहारेगा फिर उनके कोमल बदन से खेलेगा उन्हें अपना लंड चुस्वाएगा जिसे चूसने के लिए प्रीती दीदी भी तैयार हो गई थी मैं यही सब सोच रहा था तभी मम्मी का सेल बजा मम्मी ने फोन उठाया "हेलो हाँ प्रीती बोल ये किसका नंबर है हाँ तो सोनू से बात करवा रही हूँ ना इतनी परेशान क्यों है क्या हुआ हाँ रुक देती हूँ " और मम्मी मेरे पास आई और बोली "सोनू ले प्रीती का फोन है तुझसे बात करनी है " मम्मी ने मुझे फोन दिया और वहीँ खड़ी हो गई शायद वो भी जानना चाहती थी की प्रीती दीदी इतनी परेशान क्यों है मैंने फोन पे बात की "हेलो हाँ प्रीती दीदी बोलो "

प्रीती दीदी - "सोनू मेरा एक काम करेगा "
मैं - "हाँ दीदी बोलो "
प्रीती दीदी - "अरे यार मेरा जो पर्स है उसमे मेरा मोबाइल रह गया है वो प्लीज जल्दी से जल्दी स्कूल लेके आजा मेरी स्कूटी लेके आजा उसकी चाभी भी उसी पर्स की आगे वाले पॉकेट में है प्लीज जल्दी आजा और मम्मी से कुछ मत कहना "
मैं - "हाँ दीदी वो तो मैं ले आऊंगा बट आप इतनी परेशान क्यों हो दीदी हुआ क्या "
प्रीती दीदी - "तू बस मोबाइल लिया भाई जल्दी प्लीज और मम्मी को कुछ मत बताना कुछ पूछे तो संभाल लेना तू ओके चल बाय "

मेरे फोन रखते ही मम्मी ने पूछा "क्या हुआ सोनू प्रीती इतनी परेशान क्यों थी क्या हुआ " मैंने कहा "कुछ नहीं मम्मी प्रीती दीदी अपना मोबाइल यहीं भूल गई और उनके हाउस कम्पटीशन का मेटर उनके सेल में है तो उनके हाउस का नंबर आने वाला है और उन्हें अभी पता चला की वो सेल ही भूल गई तो वो लेके बुलाया है मुझे स्कूल " मम्मी बोली "हे भगवान ये लड़की भी ना चल जा तू स्कूटी ले जा और देके आ उसका मोबाइल स्कूल में " और ये कह के मम्मी चली गई और मेरे मन में लड्डू फूट रहे थे की इसे कहते है किस्मत अब प्रीती दीदी की नंगी फोटो सबसे पहले मैं देखूंगा उन्होंने फोटो खींची थी अपने बॉयफ्रेंड के लिए और देख के मजे लूँगा मैं , मैंने फटाफट प्रीती दीदी का सेल लिया अपने रूम का गेट बंद किया प्रीती दीदी ने सेल ऑफ कर रखा था मैंने फटाफट सेल ओन किया और सेल ओन करते ही मेरा दिमाग ख़राब हो गया प्रीती दीदी ने सेल पे पासवर्ड लगा रखा था मैंने काफी बार ट्राई किया लेकिन सेल ओपन ही नहीं हुआ तभी मुझे एक आईडिया आया मैंने सेल का मेमोरी कार्ड निकाला और उसे लैपटॉप में लगाया लेकिन उनका मेमोरी कार्ड लैपटॉप में भी ओपन नहीं हुआ मुझे बहुत तेज गुस्सा आ रहा था प्रीती दीदी की नंगी पिक्स मेरे पास थी लेकिन फिर भी मैं उन्हें देख नहीं पा रहा था तभी मम्मी की आवाज आई "अरे सोनू तू गया नहीं अभी तक जल्दी जा ना प्रीती वेट कर रही होगी जा जल्दी" मैंने कहा "हाँ मम्मी' फिर मैं बाहर निकला और स्कूटी लेके स्कूल की तरफ चल पड़ा

स्कूल जाते समय मेरे दिमाग में बस यहीं घूम रहा था की प्रीती दीदी की नंगी पिक्स उनके मोबाइल में है जिसे वो अपने बॉयफ्रेंड को देने वाली है लेकिन मैं ऐसा नहीं चाहता था उनकी नंगी पिक्स मैं देखना चाहता था और उन्हें चोदना भी चाहता था लेकिन क्या करूँ कुछ समझ नहीं आ रहा था क्या बोलता प्रीती दीदी को क्योंकि उन्होंने मुझे साफ़ साफ़ सब समझा दिया था मैं यही सब सोच रहा था इतने में स्कूल आ गया स्कूल खाली ही था क्योंकि दो क्लासों के बच्चे ही आये थे सीनियर क्लासों के मैं अंदर गया अब मुझे ये नहीं पता था की प्रीती दीदी की क्लास 12th A कहाँ पे है क्योंकि हमारे स्कूल में तीन फ्लोर्स थे फर्स्ट फ्लोर पर नर्सरी तो 5th तक क्लासेज थी सेकंड फ्लोर पे 6th to 10th तक क्लासेज थी जिसमे मेरी क्लास भी थी और थर्ड फ्लोर पर सीनियर क्लासेज 11th एंड 12th और प्रैक्टिकल लेब्स थी हमारे स्कूल में जूनियर स्टूडेंट्स को सीनियर फ्लोर्स पे जाने की परमिशन नहीं थी तो मुझे नहीं पता था की प्रीती दीदी की क्लास कहाँ थी मैं ऊपर की सीडियों पे चढ़ा ऊपर पहुंचा तो सामने बोयस टॉयलेट था ...
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03-11-2020, 10:43 AM,
#42
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
मैं अंदर गया और अंदर केबिन में जा कर गेट बंद कर लिया और टॉयलेट करने लगा तभी मुझे किसी के अंदर आने की आवाज सुनाई दी वो तीन लड़के थे वो अंदर आए और बातें करने लगे मैं चुप चाप केबिन के अंदर से सुनने लगा मैंने उनके मुंह से काफी बार प्रीती प्रीती नाम सुना मैंने केबिन के गेट के नीचे के गैप से झुक के देखा तो उनमे से एक लड़का प्रीती दीदी का बॉयफ्रेंड राज था मैं ध्यान से उनकी बातें सुनने लगा और फिर जो कुछ भी मैंने सुना मेरे कानो को विश्वास ही नहीं हुआ थोड़ी देर बाद वो लोग चले गए लेकिन मैं वहीँ छुपा रहा थोड़ी देर बाद मैं बाहर निकला और प्रीती दीदी की क्लास ढूँढने लगा मुझे उनकी क्लास दिख गई स्कूल पूरा खाली था क्योंकि सब बाहर की तरफ ऑडिटोरियम में थे जैसे ही मैं क्लास के पास पहुंचा मुझे बातें करने की आवाज सुनाई दी मैंने छुप के देखा तो वहां प्रीती दीदी और राज बैठे हुए थे प्रीती दीदी ऊपर डेस्क पे बैठी हुई थी और राज उनके सामने नीचे बेंच पे मैंने देखा राज का हाथ प्रीती दीदी की स्कर्ट में था उसका हाथ प्रीती दीदी की स्कर्ट में उनकी दोनों झांघो के बीच था वो अपनी उँगलियाँ उनकी दोनों झांगों में घुमा रहा था और उसका दूसरा हाथ प्रीती दीदी के रेड टी शर्ट पे था वो उनकी टी शर्ट पे से उनके बोबे दबा रहा था मेरा ये सीन देखते हुए लंड खड़ा होने लगा मैंने उन्हें देखते देखते उनकी बातें सुनी


प्रीती दीदी - छोड़ो ना राज
राज - क्यों जान आज तो हाथ में आई हो
प्रीती दीदी - हाथ मत फेरो यार
राज (उनकी स्कर्ट में हाथ फेरते हुए ) - क्यों जान
प्रीती दीदी - अजीब सा हो रहा है
राज - यार सेक्सी तुम्हारी पेंटी तो गीली हो गई है
(और वो उनकी चुत पे धक्का मारता है ऊँगली से )
प्रीती दीदी - स्स्स्स्स्स्स्स ...ऐसा मत करो प्लीज यार
राज - आज वही ब्रा पेंटी पेहेन के आई हो क्या
प्रीती दीदी - हाँ जानू
राज - देखूं तो
(और वो प्रीती दीदी की टी शर्ट का कोलोर सामने से खींच कर अंदर देखने लगता है फिर थोड़ी देर बाद टी शर्ट पे से उनके बोबे दबाते हुए बोलता है )
राज - बड़ी सेक्सी लग रही हो यार ब्लैक ब्रा में
प्रीती दीदी - हाँ हाँ तुम्हे तो मैं हमेशा सेक्सी लगती हूँ

मैं ये सब देख रहा था तभी मुझे कोई आता हुआ दिखा मैं वापस पीछे गया और खांसते हुए और प्रीती दीदी को आवाज देते हुए उनकी क्लास के बाहर रेलिंग के पास खड़ा हो गयावो दोनों जल्दी से क्लास के बाहर आ गए मुझे देख के प्रीती दीदी बोली "अरे सोनू बेटा आ गया ला मोबाइल दे " मैंने कहा "हाँ दीदी " और मैंने प्रीती दीदी का मोबाइल अपनी जेब से निकाला और उन्हें देने लगा इस से पहले प्रीती दीदी मोबाइल पकडती मैंने मोबाइल छोड़ दिया और प्रीती दीदी का मोबाइल जमीन पर गिर गया और सब कुछ अलग हो गया प्रीती दीदी मुझ पे जोर से चिल्लाई "बेवकूफ गधे क्या किया ये कहाँ ध्यान है तेरा एक काम ढंग से नहीं कर सकता तोड़ दिया ना मेरा इतना महंगा मोबाइल" उन्होंने अपने मोबाइल को उठाया और वापस ओन करके देखा वो ओन हो गया फिर वो बोली "और मेमोरी कार्ड कहाँ गिरा इसका जल्दी देख " मैंने कहा "दीदी मेमोरी कार्ड तो नीचे गया वो वाटर फ़िल्टर के टैंक में जहाँ से नीचे वाली क्लास के बच्चे पानी पीते है " दीदी बोली "देखा तूने " मैंने कहा "हाँ दीदी " उन्होंने मुझे घूर के देखा और राज तो मुझे इतने गुस्से से देख रहा था की पता नहीं कितनी बड़ी गलती कर दी मैंने मैंने कहा "सॉरी दीदी मैंने जान के नहीं तोडा " प्रीतो दीदी बोली "चल कोई बात नहीं जा अब तू " मैं गया और कोने में छुप गया और उनकी बातें सुन ने लगा

प्रीती दीदी - सॉरी राज
राज - हाँ जानता था मैं तो की तुम कोई पिक विक नहीं देने वाली बस नाटक कर रही हो
प्रीती दीदी - अरे राज तुम्हारी कसम मैंने पिक्स खींची थी बस तुम्हें देनी थी
राज - बस बस अब और झूठ मत बोलो
प्रीती दीदी - सच में जानू मैं कल वापस खींच के ले आउंगी इतना गुस्सा मत करो प्लीज जानू तुम्हें अभी जो करना है वो करलो मेरे साथ इस खाली क्लास में तुम जो बोलोगे मैं वो करुँगी बस नाराज मत हो जानू
राज - एहसान कर रही हो क्या मुझ पे जो करना है करलो
प्रीती दीदी - अरे जानू मैंने ऐसा कब कहा
राज - अब तुम कल पिक्स ही नहीं अपना कपडे उतारते हुए विडियो भी बना के लाओगी पिक्स इस स्कूल ड्रेस में औरविडियो घर वाले कपडे उतारते हुए नहीं तो मिस प्रीती इट विल बी ओवर बिटवीन अस ओके बाय

और ये कहते हुए राज गुस्से के अंदर ऑडिटोरियम की तरफ चला गया और प्रीती दीदी आँखों में आंसू लिए उसके पीछे पीछे चल दी थोड़ी देर बाद मैं स्कूटी लेके घर आ गया और प्रीती दीदी के आने का वेट करने लगा थोड़ी देर बाद प्रीती दीदी आ गई मम्मी ने कहा "आ जाओ बच्चो खाना खा लो " प्रीती दीदी बोली "नहीं मम्मी भूख नहीं है' मैंने कहा "क्या हुआ दीदी मुझसे गुस्सा हो क्या" उन्होंने कहा "नहीं" मैंने कहा "बताओ ना" और वो जोर से चिल्लाई 'कहा ना नहीं जा खाना खाले" मैं रूम से चला गया खाना खाने के बाद मैं वापस आया और प्रीती दीदी के पास बैठ गया उन्होंने मुझे देखते हुए पूछा "क्या है" मैंने उनका हाथ अपने हाथ में लिया और कहा "बहुत गुस्सा हो दीदी मुझसे" उन्होंने मेरा हाथ दबाते हुए कहा "नहीं यार तू क्यों सॉरी बोल रहा है सॉरी तो मुझे बोलना चाहिए तुझपे चिल्लाई तूने भी कुछ जान कर के तो नहीं किया ना" मैंने उनकी आँखों में देखते हुए कहा "हाँ दीदी मैंने सब जान कर के किया" उन्होंने मुझसे हाथ छुड़ा के कहा "मतलब" मैंने कहा "मुझे पता है राज और आपके बीच कल रात को फोन पे क्या बात हुई थी और आपकी चैटिंग भी मैंने पढी थी और उस मेमोरी कार्ड में आपकी पिक्स थी ब्रा पेंटी और फिर पूरी नूड जो अपने राज के कहने पे खींची थी उसे देने के लिए क्योंकि आप उस से बहुत प्यार करती है आप दोनों क्लास में क्या कर रहे थे ये भी मैंने छुप के देखा था राज का हाथ आपके कहाँ कहाँ चल रहा था ये भी मैंने देखा था " प्रीती दीदी आंखें फाड़ फाड़ के मुझे देख रही थी और मेरी बातें सुन रही थी मैंने कहा "अब सुनो दीदी आपकी क्लास में आने से पहले मैं टॉयलेट गया था और वहां जो कुछ भी मैंने सुना उसके बाद ही मैंने ये सब कुछ किया आप मेरी बात का विश्वास नहीं करती इसीलिए मैंने इन पूरी बातों का विडियो बना लिया अपने मोबाइल में ये विडियो आपके बॉयफ्रेंड राज बेस्ट फ्रेंड निलय और राज का फ्रेंड दीप की बातों का है आप ये इअर फोन लो और ये विडियो देखो मेरे मोबाइल में " मैंने उन्हें मोबाइल और इअर फोन दिया और उठ के जाने लगा प्रीती दीदी ने फटाफट मेरा मोबाइल उठाया और इअर फोन लगा के सुनने लगी विडियो स्टार्ट हुआ और राज निलय और दीप टॉयलेट के अंदर आये

निलय - यार राज तेरी प्रीती तो क्या सेक्सी लग रही है यार
राज - ओये सेक्सी तो तेरी स्वाति भी बड़ी लग रही है ग्रीन टी शर्ट क्या पेहेन के आई है आज वो अंदर
निलय - भाई वाइट ब्रा और पिंक पेंटी लेकिन यार उसने अपनी चूत नहीं मसलने दी साली पीरियड्स में है
राज - और दीप तेरी निशा
दीप - भाई मेरी वाली की तो देखी ही नहीं अभी बस जब सुबह मिली थी तब ऊपर से दबाये थे फिर उसकी फ्रेंड्स आ गयी अब बुलाऊंगा उसे क्लास में
निलय - लेकिन भाई आज प्रीती तो बड़ी ही सेक्सी लग रही है यार
राज - क्यों खड़ा हो गया देखते ही
दीप - भाई खड़ा तो तबसे है जबसे तू क्लास में उसके मजे ले रहा था कैसे उसके मोटे बोबे दबा रहा था उसकी स्कर्ट में हाथ डाल के उसकी चूत मसल रहा था
निलय - हाँ यार मन तो किया की विडियो बना लूं लेकिन साला क्लास में अँधेरा था प्रीती को मोबाइल की लाइट जलते ही पता चल जाता की हम भी वहां छुपे हुए है
राज - ही ही ही ही ही
दीप - भाई क्या पेहेन के आई थी अंदर साली रांड
राज - वही जो मैंने कहा था ब्लैक कलर की ब्रा और ब्लैक कलर की पेंटी
निलय - आये हाय यार अपनी नंगी पिक्स दी क्या उसने दिखा ना राज यार
राज - नहीं अभी नहीं दी
दीप - भाई जब भी वो पिक्स दे हमें भी जरुर देगा ना देखने को
राज - ओये दूंगा नहीं मेरे मोबाइल में देख लेना लेकिन दूंगा नहीं कहीं लीक हो गई तो सब फंस जाएँगे
दीप - लेकिन भाई तो उसकी विडियो चैटिंग को ही रिकॉर्ड कर लेता ना
राज - अरे यार मेरे पास सॉफ्टवेर नहीं था और मोबाइल से पिक खींची थी बहुत ही धुंधली थी कुछ दिख ही नहीं रहा था
दीप - भाई फिर कुछ मामला सेट हुआ क्या इसे तो चोदना ही है यार
राज - हाँ भाई पहले मैं तो चोद लूं हो गया सेट मामला तो आ रही है मंडे को घर पे
दीप - आये हाय यार मजा आगया कबसे मेरा लंड प्रीती की चूत में जाने को बेताब है
निलय - लेकिन भाई ये हम से कैसे चुदवाने को राजी होगी
राज - वैसे ही जैसे तेरी स्वाति राजी हुई थी
निलय - ही ही ही ही ही
दीप - मतलब वही प्लान
राज - हाँ मैं इसे घर पे बुलाऊंगा इसे चोदूंगा मैं जिस रूम में इसे चोदूंगा उसकी कुण्डी खोल दूंगा एक घंटे बाद तुम सीधा रूम में घुस जाना मुझे आवाज लगाते हुए और मुझे प्रीती को चोदता हुआ देख के ऐसा नाटक करना की ये तुमने क्या देख लिए फिर मैं कहूँगा की यार किसी से कुछ मत कहना फिर तुम कहना की हाँ नहीं कहेंगे लेकिन हमारी एक शर्त है फिर ये भी वही करेगी जो स्वाति ने किया था और तुम भी चढ़ जाना इसके ऊपर
दीप - सही है भाई
निलय - हाँ भाई सही है
राज - ओये दीप अब तो बस निशा ही बची है उसे कब चुदवा रहा है हमसे
दीप - बस भाई अगले हफ्ते ही मैं उसे अपने घर बुला रहा हूँ
राज - सही है ही ही ही ही
और तीनो टॉयलेट से बाहर निकल जाते है और विडियो बंद हो जाता है प्रीती दीदी मेरा फोन बेड पे रख के फफक फफक के रोने लगती है मैं उनके पास आके कहता हूँ "दीदी ये रहा आपका मेमोरी कार्ड अगर आप अभी भी उस से प्यार करती है तो ये लो " प्रीती दीदी मेरे गले लगती है और जोर जोर से रोने लग जाती हैमैंने कहा "बस दीदी जब तक मैं हूँ तब तक कुछ नहीं होगा आपके साथ बुरा "

उन्होंने कहा "सोनू मैंने कभी सोचा भी नहीं था की वो इतना गिरा हुआ इन्सान निकलेगा आज मैं अपनी नजरो से ही गिर गई " मैंने कहा "ऐसा कुछ नहीं है प्रीती दीदी मैं हू ना हमेशा आपके साथ " वो बोली "थैंक यू सो मच सोनू तूने मुझे बचा लिया और वो रोने लगी मैंने प्रीती दीदी को खुद से अलग करना चाहा लेकिन वो मुझे छोड़ ही नहीं रही थी मैंने थोडा जोर लगा के उनको खुद से अलग किया वो मुझसे अलग हुई मैंने उनका मुंह अपने हाथ से ऊपर किया वो मुझसे नजरें नहीं मिला रही थी मैंने उनसे कहा "दीदी मेरी तरफ देखो " उन्होंने मेरी तरफ देखा और हम दोनों की आँखें मिली और मैंने उनके होंठो पे एक छोटा सा किस किया वो मेरी तरफ देखती रही उन्होंने कहा "सोनू ये गलत है" मैंने कहा "दीदी मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ " और मैंने वापस उनके होंठ पे एक छोटा सा किस किया वो मुझे देख रही थी मैंने कहा "दीदी क्या सही है क्या गलत ये मुझे नहीं पता मुझे बस इतना पता है की मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ "


और तभी प्रीती दीदी ने मुझे पकड़ा और मुझे किस करने लगी मैं भी उनके होंठ चूसने लगा वो पागलों की तरह मेरे होंठ चूस रही थी और मैं उनके होंठ चूस रहा था फिर उन्हें किस करते हुए मैं उनकी टी शर्ट पे से उनके बोबे दबाने लगा वो मुझे चूमे जा रही थी फिर मैंने उनकी टी शर्ट के नीचे से अंदर हाथ डाला और उनकी ब्रा पे से उनके बोबे दबाने लगा वो और ज्यादा उत्तेजित हो गई फिर हम दोनों बेड पे गिर गए प्रीती दीदी अभी भी मेरे होंठ चूस रही थी फिर मैंने अपना हाथ बाहर निकाला और उन्हें किस करते हुए उनकी स्कर्ट के अंदर हाथ डाल दिया और उनके पेंटी
पे से उनकी चूत को अपने हाथ से सहलाने लगा फिर थोड़ी देर तक उनकी चूत सहलाने के बाद मैं उनके ऊपर लेट गया हम लगातार एक दुसरे को किस कर रहे थे तभी मम्मी ने आवाज लगाई और हम दोनों अलग हुए हम दोनों ने एक दुसरे को देखा मुझे बहुत नशीला सा लग रहा था मेरा सर हल्का हल्का घुमने लगा था तभी प्रीती दीदी के सेल पे फोन आया वो फोन राज का था...

तभी प्रीती दीदी के सेल पे फोन आया वो फोन राज का था...

प्रीती दीदी ने फोन उठाया और बात करने लगी मैं वहां से बाहर चला गया और छुप के प्रीती दीदी की बातें सुनने लगा प्रीती दीदी - "हेल्लो ......यू ब्लडी बास्टर्ड ....आई एम ओवेरिंग इट नाउ .....जस्ट शट अप ...गेट द हेल आउट ऑफ़ माय लाइफ ......मैं ही पागल थी तुम्हारे प्यार में एक फोन करने का पैसा तो है नहीं तुम्हारे पास और गर्लफ्रेंड रखनी है .......मैं ही पागल थी जो तुझ जैसे घटिया इंसान से प्यार करती थी ......अच्छा मुझसे पूछ रहे हो तुम की क्या हुआ .....अब तुम्हें क्यों प्रॉब्लम हो रही है जब मैं ये रिश्ता ही नहीं रखना चाहती ..तुम तो हर बात पे मुझे छोड़ के जाने की बात करते थे ....पता चल चुका है मुझे की तुम बस सेक्स चाहते थे मुझसे तुम्हे मुझसे नहीं मेरे बदन से प्यार था क्या क्या नहीं किया तुम्हें खुश रखने के लिए ...नफरत है मुझे तुमसे ......के कभी तुमने मुझे हाथ लगाया था ...अब तुम देखो मैं निशा और स्वाति तीनो मिल के क्या करते है .....तुम्हारा असली चेहरा तुम्हारे घर पे पता चलेगा अब ...अब ये सारी बातें जाएंगी तुम्हारी बड़ी दीदी के पास ...और वहां से तुम्हारे पापा के पास ..और तुम्हारी अक्ल तो तम्हारे पापा ही ठिकाने लगायंगे आखिर पुलिस में है वो ..दूसरी लड़कियों को छेड़ने वाले लडको को तो बहुत मारा है उन्होंने ...अब खुद के बेटे की खाल उतारेंगे .........सोच के ही मजा आ रहा है मुझे तो की जब तुम्हारे मार्क्स कम आते है तो पेरेंट्स मीटिंग में वो टीचर और सब के सामने तुम्हें थप्पड़ मार देते है तो जब उन्हें ये सब पता चलेगा तो वो तुम्हारा क्या हाल करेंगे ............अरे सबूत भी दूंगी ना ...विडियो रिकॉर्डिंग है तुम तीनो की जब तुम टॉयलेट मे बात कर रहे थे और मेरे बारे में जो जो बोला और स्वाति के साथ जो किया और जो निशा के साथ करने वाले हो सब कुछ है उसमे ....तुम तो गए अब .......ओहो किस बात की सॉरी ....मुझसे क्यों सॉरी बोल रहे हो ......मुझसे माफ़ी मत मांगो ......तुम्हे माफ़ कर दू ........मैं तो बताउंगी सब तुम्हारे घर पे ...तुम्हारा स्कूल अगर मैंने नहीं छुडवाया तो देखो ...मुझे कुछ नहीं सुनना जस्ट गो टू हेल एंड नेवर ट्राई टू कांटेक्ट मी अगेन यू पिग ...."


और प्रीती दीदी ने फोन रख दिया
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03-11-2020, 10:43 AM,
#43
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
मैं ये सारी बातें सुन के बहुत खुश हो रहा था मुझे खुद पर फक्र महसूस हो रहा था मैं अंदर गया और प्रीती दीदी का हाथ पकड़ के पूछा "क्या कह रहा था राज " वो बोली "कुछ नहीं मैंने बहुत सुनाया उसे और खत्म कर दिया सब थैंक यू सो मच सोनू " मैंने कहा "थैंक यू मत बोलो प्रीती दीदी आई लव यू बोलो " वो मुस्कुराते हुए बोली "धत ....." मैं अपने होंठ उनके पास ले जाने लगा उन्होंने बोला "सोनू नहीं मम्मी आ जाएगी " मैं दूर हो गया मम्मी की वापस आवाज आई और प्रीती दीदी मम्मी के पास चली गई खाना बनवाने मैं बहुत खुश था क्योंकि प्रीती दीदी भी अब मुझसे प्यार करने लग गई थी उनके पास होने से उनको छूने से उनकी बदन की खुशबू से ही मुझे कुछ होने लग जाता था मुझे प्रीती दीदी को चोदने की कोई जल्दी नहीं थी क्योंकि मुझे उनके बदन को छूना ज्यादा अच्छा लगता था मैंने सोचा की पहले प्रीती दीदी को नार्मल किया जाए ये सब उनके लिए नया था एक तो राज से ब्रेकअप और एक उनके छोटे भाई के साथ इतना आगे एकदम से बड जाना आसान नहीं था क्योंकि अपने छोटे भाई के साथ सेक्स करना तो उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा मैंने यही फैसला किया की पहले प्रीती दीदी को कम्फर्टटेबल किया जाए इतना की वो अपने कपडे उतार के मेरे सामने नंगी हो सके तभी उनको चोदने का मजा था हालाँकि अभी भी प्रीती दीदी मुझे मना तो नहीं करती लेकिन मुझे ये तो यकीन था की वो अपनी पेंटी तो मुझे नहीं उतारने देंगी वो उतारूंगा तो हाथ पकड़ लेंगी मैं यही सब सोच रहा था तभी प्रीती दीदी ने मुझे किचन में आवाज दी मैं अंदर गया तो प्रीती दीदी आटा गूंथ रही थी और मम्मी बाहर दूध लेने गई थी मैंने पीछे से प्रीती दीदी को देखा वाइट स्कर्ट रेड टी शर्ट उन्होंने अभी तक अपनी स्कूल की ड्रेस चेंज नहीं की थी मैंने कहा "क्या हुआ दीदी " वो बोली "भाई जरा एक लोटा पानी भर के रख दे यहाँ " मैंने पानी भर के रख दिया और प्रीती दीदी को पीछे से पकड़ के उनके कान के पास किस किया और बोला "दीदी एक किस दो ना " प्रीती दीदी बोली "पागल है क्या मम्मी आ जाएंगी" मैंने कहा "वो तो बाहर है प्लीज दो ना" और ये कहते हुए मैंने उनको पीछे से टाइट पकड़ लिया और उनसे चिपक गया वो बोली "छोड़ ना यार" लेकिन मैंने उन्हें नहीं छोड़ा



मैंने कहा "पहले किस दो" उन्होंने कहा "अभी तो दी थी रूम में" मैंने कहा "वापस दो ना आपके होंठ है ही इतने मीठे" वो मुस्कुराते हुए बोली "अरे साइड में तो आ मुंह पीछे कैसे घुमाऊं डफर" मैंने उन्हें घुमा लिया और उन्होंने अपने होंठ मेरे होंठो पे रख दिए प्रीती दीदी मुझे किस करने लगी और मैं भी उनके नरम मुलायम होंठो को चूसने लगा उनके होंठ चूसते चूसते मैं उनकी टी शर्ट पे से उनके बोबे सहलाने लगा उन्हें दबाने लगा तभी उन्होंने मेरे होंठ छोड़ दिए और बोली "बस अब बाकी बाद में " मैंने कहा "क्या दीदी बस इतना सा " वो मुस्कुराते हुए बोली "हाँ इतना सा चल जा अब यहाँ से " और मैं भी मुस्कुराते हुए बाहर आ गया थोड़ी देर बाद मम्मी अंदर आई मम्मी बोली "अरे प्रीती ये स्कूल की ड्रेस तो चेंज कर ले इसी में काम कर रही है क्या " प्रीती दीदी बोली "अरे रेहने दो ना मम्मी कल तो वैसे ही छुट्टी है स्कूल की और फिर तो ये नेक्स्ट हाउस डे पे काम आएगी " मम्मी बोली "हाँ फिर भी चेंज कर ले वाइट स्कर्ट है ख़राब हो जाएगी " प्रीती दीदी बोली "हाँ मम्मी नहाउंगी अभी वेसे भी तो चेंज कर लूंगी " मैं उनकी बात सुनके सोचने लगा प्रीती दीदी नहाने वाली है मैं उनको नंगी नहाते हुए देखूं या उनके साथ ही मैं भी नहा लूं मैं यही सब सोच रहा था इतने में प्रीती दीदी मेरे सर पे चपत मारते हुए मेरे पास बैठ गयी और बोली "क्या सोच रहा है " मैंने धीरे से कहा "दीदी आपके साथ नहाने की सोच रहा हूँ " वो बोली "चुप कर भंगी प्राणी " मैंने कहा दीदी मैं नहला दूं क्या आपको उन्होंने कहा "रहने दे कोई जरुरत नहीं है " मैंने कहा "क्यों दीदी" तो वो मुस्कुराते हुए धीरे से बोली "मुझे नहलाते नहलाते तू कुछ और ही करने लग जाएगा" मैंने कहा "क्या करने लग जाऊंगा" वो बोली "चुप कर" मुझे प्रीती दीदी से ऐसी बातें करने में बहुत मजा आ रहा था उनसे ऐसी बातें करते हुए मेरा लंड टाइट खड़ा हुआ था इतने में मम्मी का फोन बजा मम्मी फोन उठाने बेडरूम में गयी

और मैंने प्रीती दीदी को अपनी बाँहों में जकड लिया और उनके होंठ चूमने लगा प्रीती दीदी मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी लेकिन मैं उन्हें चूमता रहा उनके नरम होंठ चूसता रहा तभी मम्मी की बात करने की आवाज आने लगी और मैंने जल्दी से प्रीती दीदी को छोड़ दिया जैसे ही मैंने उन्हें छोड़ा वो बोली "ओए पागल है क्या तू अगर मम्मी देख लेती तो बस मौका ही ढूंढता रहता है कभी फंस जाएँगे अपन " मैंने कहा "तो दीदी आप किस देती ही नहीं हो कभी" तो वो बोली "लालची इन्सान ज्यादा लालच मत किया कर कभी मम्मी ने पकड़ लिया ना तो दोनों फंस जाएँगे बहुत बड़ी प्रॉब्लम हो जाएगी" मैं उनकी बात सुनके हँसने लगा फिर वो उठ कर जाने लगी

मैंने पूछा "कहा जा रही हो दीदी" वो बोली "नहाने जा रही हूँ" मैंने कहा "मैं भी चलू क्या" वो बोली "चुप कर" मैंने कहा "प्लीज दीदी मुझे आपको नहाते हुए देखना है" वो बोली "नहीं" मैंने कहा "क्यों दीदी" उन्होंने कहा "बस ऐसे ही" और वो रूम में चली गयी मैं सोचने लगा की प्रीती दीदी मेरे साथ थोडा थोडा खुलने तो लग गयी है लेकिन उन्हें शर्म आ रही है मुझसे शायद अभी भी मैं वहीँ बैठ गया और सोचने लगा की आगे क्या किया जाए थोड़ी देर बाद प्रीती दीदी नहा के आई उनको देखते ही मैं पागल हो गया नहा के उन्होंने ब्राउन कलर का वी नेक का टॉप और क्रीम कलर की कैप्री पहनी थी वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी गीले गीले ढीले से बाल जिन्हें उन्होंने क्लिप से बांध रखा था गले में पतली सी चेन कान में छोटे छोटे टोप्स ब्राउन कलर का टॉप जो उनके बदन से चिपका हुआ था उनके चिपके हुए टॉप में से उनके मोटे मोटे नरम बोबे बाहर की तरफ निकलते हुए बहुत ही सेक्सी शेप बना रहे थे उनके गोरे चिकने चमकते हाथ उसके नीचे उनकी क्रीम कलर की कैप्री वो मेरे सामने घूम रही थी तो उन्हें देख देख के मैं पागल हुए जा रहा था फिर वो बॉडी लोशन की बोतल लेके मेरे सामने बैठ गयी और अपने हाथ में लोशन लेके अपने हाथों पे लगाने लगी मैं उन्हें लोशन लगाते हुए देख रहा था और उनकी खूबसूरती को निहार रहा था और वो भी बीच बीच में मुझे मुस्कुराते हुए देख रही थी


हाथों पे लोशन लगाने के बाद वो पैरों पे लोशन लगाने के लिए झुकी और उनके टॉप के गले में से मुझे अंदर की एक झलक दिखी प्रीती दीदी ने ब्राउन टॉप के अंदर वाइट कलर की शमीज और उसके अंदर वाइट कलर की ब्रा पेहेन रखी थी पूरे रूम में उनके बदन की डियो की और लोशन की खुशबू महक रही थी फिर लोशन लगा के उन्होंने बोतल साइड में रखी और मुस्कुराते हुए अपनी आईब्रो ऊपर करके मुझे इशारा किया मैंने उनसे कहा "दीदी बहुत सेक्सी लग रही हो यार" वो बोली "अच्छा मुझे तो पता ही नहीं था" और हसने लगी हम दोनों मुस्कुराते हुए एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे तभी मम्मी आई और बोली "नहा ली प्रीती " उन्होंने कहा "हाँ मम्मी " मम्मी बोली "चलो तुम दोनों खाना खा लो" प्रीती दीदी बोली "पापा को आ जाने दो मम्मी साथ में खाते है " मम्मी ने कहा ठीक है फिर मम्मी रूम में चली गयी और थोड़ी देर बाद उन्होंने प्रीती दीदी को रूम में बुला लिया मैं वहीँ बैठा बैठा अपने लंड पे हाथ फेरने लगा और वो सीन याद करने लगा जब प्रीती दीदी झुकी थी और उनकी वाइट ब्रा मुझे दिखी थी मैं बस यही सोच रहा था की प्रीती दीदी की ब्रा मैं कब उतारूंगा आज रात को जब हम दोनों रूम में अकेले होंगे तब क्या होगा क्या प्रीती दीदी मुझे अपने कपडे उतारने देंगी मेरे सामने वो नंगी होंगी मैं यही सब सोच रहा था
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03-11-2020, 10:43 AM,
#44
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
तभी प्रीती दीदी ने मुझ पर थोडा सा पानी फेंका और हँसने लगी मैं उनके पीछे भागा और उन्हें पकड़ लिया और उनके गुदगुदी करने लगा वो मुझे खुद से छुड़ाने लगी फिर उन्होंने मेरे हाथ पे काट लिया मैंने उन्हें छोड़ दिया फिर वो मुझे पकड़ने लगी मैं भाग के बेडरूम में चला गया बेडरूम में मम्मी कुर्सी पे बैठी थी टीवी देख रही थी मम्मी के कुर्सी से पहले आगे की तरफ डबल बेड था मैं भाग के डबल बेड पे चढ़ गया प्रीती दीदी ने मुझे पकड़ के बेड पे लिटा दिया और मेरे ऊपर क्रोस लेग करके बैठ गयी और मुझे गुदगुदी करने लगी प्रीती दीदी की पीठ मम्मी की तरफ थी मम्मी भी हमें देख के हंस रही थी प्रीती दीदी मेरे गुदगुदी करे जा रही थी मेरे हाथ प्रीती दीदी के कंधों पे थे प्रीती दीदी झुक के मुझे गुदगुदी कर रही थी मुझे उनके ब्राउन टॉप के लटके हुए गले में से उनकी वाइट ब्रा दिख रही थी बहुत ही सेक्सी शेप बन रहा था प्रीती दीदी की ब्रा का , उनके झुके होने के कारण उनके बोबे भी थोड़े से लटके हुए थे एक दम से मैंने अपने दोनों हाथ प्रीती दीदी के कंधों पे से हटा के उनके दोनों बोबो पे रख दिए और उनके बोबे दबाने लगा और एक नजर से मम्मी को देखने लगा मम्मी टीवी देख रही थी और मैं प्रीती दीदी के बोबे दबा रहा था जब भी मम्मी का मुंह घूमता मैं अपने हाथ दीदी के कंधो पे रख देता इस तरह से मैं प्रीती दीदी के बोबे दबाने लगा हम दोनों को बहुत मजा आ रहा था हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देखते रहे और मैं प्रीती दीदी के बोबे दबाता रहा थोड़ी देर बाद पापा आ गए


और हम सब खाना खाने बैठ गए मैं और मेरी प्यारी दीदी डाइनिंग टेबल पे एक तरफ बैठे थे और पापा और मम्मी हमारे सामने हम खाना खाने लगे खाना खाते हुए मैंने प्रीती दीदी की कैप्री पे से उनकी झांग पे हाथ रखा प्रीती दीदी ने जल्दी से मेरा हाथ हटा दिया मैंने वापस अपना हाथ रखा और उनकी झांग को सहलाने लगा वो चुप चाप खाना खाने लगी फिर मैंने टेबल के नीचे से उनका हाथ पकड़ा और उसे सहलाने लगा फिर धीरे धीरे मैंने उनका हाथ ले जाके अपने लोअर पे से अपने खड़े हुए लंड पे रख दिया प्रीती दीदी थोडा सा खांसी और पानी पीने लगी उन्होंने अपना हाथ छुडाना चाहा लेकिन मैंने उनका हाथ नहीं छोड़ा और उनके हाथ को पकडे हुए उनके हाथ से अपने लंड को सहलाने लगा थोड़ी देर बाद उन्होंने अपना हाथ छुड़ाना बंद कर दिया मैंने उनका हाथ छोड़ दिया और वो खुद अपने हाथ से लोअर पे से मेरा लंड सहलाने लगी और मैं अपने हाथ से प्रीती दीदी की कैप्री पे से उनकी चूत को सहला रहा था मैंने उनकी टांगें थोड़ी चौड़ी करने की कोशिश की ताकि मैं अच्छी तरह से प्रीती दीदी की चूत सहला सकू लेकिन प्रीती दीदी ने अपनी टांगें ज्यादा नहीं खोली वो बहुत ही सेक्सी सीन था सामने पापा मम्मी और हम दोनों भाई बेहेन एक हाथ से खाना खा रहे थे और टेबल के नीचे अपने दूसरे हाथ से एक दूसरे के लंड चूत को सहला रहे थे

थोड़ी देर बाद प्रीती दीदी ने अपना हाथ हटा लिया मैंने भी अपना हाथ हटा लिया हम सबने खाना खा लिया था अब मैं बस यही सोच रहा था की अब हम दोनों रूम में अकेले होंगे मैं अब प्रीती दीदी को और खोलना चाहता था और मैंने इसके लिए एक आईडिया भी सोच लिया थोड़ी देर बाद पापा मम्मी अपने रूम में चले गए और हम अपने रूम में आ गए रूम में आते ही मैंने प्रीती दीदी को हग कर लिया वो भी मुझसे लिपट गई फिर हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगा उनके होंठ चूसने के बाद मैंने उनका हाथ पकड़ के उन्हें बेड पे ले गया वो शर्माती हुई मेरे साथ साथ चलने लगी मैंने उन्हें बेड पर बिठा दिया और उनके पास बैठ के उनसे कहा




"दीदी मुझे आपसे कुछ कहना है" उन्होंने कहा "क्या" मैंने कहा "मैंने आपकी और राज की सारी चैटिंग पढी थी" ये कहते हुए मैंने उनके टॉप के गले को खींचा और अंदर देखने लगा उनकी ब्रा को फिर मैंने कहा "सारी पढी थी की दिनेश अंकल ने आपके साथ क्या क्या किया और जीजू ने भी" प्रीती दीदी ने कहा "सोनू पहले लाइट बंद कर दे मुझे बहुत शर्म आ रही है" मैंने कहा "दीदी मुझे आपको ढंग से देखना है" तो उन्होंने कहा "अभी नहीं प्लीज समझ लाइट बंद कर दे" मैंने कहा "ठीक है एक शर्त पे" उन्होंने कहा "क्या" मैंने कहा "आप अपने हाथ से सहलाओगी" उन्होंने कहा "क्या" मैंने कहा "मेरा लंड" उन्होंने धीरे से कहा "ह्म्म्म तू पहले लाइट बंद कर जल्दी" मैंने लाइट बंद की और बेड पे सहारा लेके बैठ गया और प्रीती दीदी को खुद से चिपका के अपनी बाँहों में भर के बिठा लिया प्रीती दीदी भी मुझसे चिपक के बैठ गयी और अपने हाथ से लोअर पे से मेरा लंड सहलाने लगी मैंने कहा "दीदी उस दिन जब दिनेश अंकल घर आये थे और आपके साथ जो भी हुआ था वो मैंने ही किया था आपके पास बैठे हुए और जो बस में आपके साथ हुआ वो भी मैंने ही किया था वो अँधेरे में बस में मैं ही था जिसका लंड आपने हिलाया था और चूसा था और जिसने आपके कुर्ते में हाथ डाला था जब भी आपके बदन को किसी ने छुहा वो मैं ही था" प्रीती दीदी बोली "क्या वो तू था मैं तुझे कितना शरीफ समझती थी मुझे नहीं पता था की मेरा छोटा भाई इतना बड़ा हो गया है" मैंने कहा "दीदी सहलाती रहो ना मेरा लंड" प्रीती दीदी बोली "हाँ सहला तो रही हूँ" और वो मेरा लंड सहलाने लगी फिर वो बोली "मुझे दो तीन बार पता चला था जब तूने मेरे बदन पे हाथ फेरा था जब मैं सो रही थी" मैंने कहा "क्या दीदी आपको पता था तो अपने कुछ बोला क्यों नहीं" वो बोली "क्या बोलती" फिर मैंने कहा "दीदी आपने टेबल के नीचे अपनी टांगें क्यों नहीं खोली थी ना आप अभी खोल रही हो मुझे सहलाने दो ना आपकी चूत" वो बोली "अरे समझा कर" मैंने कहा "क्या आपको मजा नहीं अत जब मैं सहलाता हूँ आपकी चूत" तो वो बोली "वो बात नहीं है सोनू प्रॉब्लम है " मैंने कहा 'क्या" वो बोली "डाउन हूँ" मैंने कहा "मतलब" तो वो बोली "अरे सिली पीरियड्स में हूँ" मैंने कहा "कैसे दीदी शाम को जब मैंने आपकी पेंटी में हाथ डाला था तब तो कुछ नहीं था" वो मेरा लंड सहलाते हुए बोली "अरे स्कूल से आके पैड हटा दिया था जलन हो रही थी"


मैंने पूछा "दीदी आप कौनसा पैड यूज़ करते हो" वो बोली "व्हिस्पर अल्ट्रा" मैंने कहा "दीदी आप फ्री कब होगे" वो बोली "मंडे को" उनकी ये सब बातें सुन के मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उन्होंने सब कुछ मुझे बता दिया था मैं प्रीती दीदी को किस करने लगा फिर उनके टॉप पे से उनके बोबे दबाते हुए कहा "दीदी लोअर के अंदर हाथ डालो ना अंदर से सहलाओ ना" उन्होंने हाथ अंदर डाला और मेरे नंगे लंड को सहलाने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा था फिर मैंने प्रीती दीदी के टॉप के अंदर हाथ डाला और उनकी ब्रा पे से उनके बोबे दबाने लगा और वो मेरा नंगा लंड अपने हाथ से सहलाने लगी तभी लाइट चली गयी पंखा कूलर बंद हो गया मम्मी की आवाज आई "अरे प्रीती लाइट चली गई है तुम लोग हमारे रूम में आजाओ पता नहीं कब आएगी लाइट अब इन्वर्टर दो रूम का लोड नहीं ले पाएगा यहीं आजाओ दोनों " प्रीती दीदी बोली "हाँ मम्मी" वो उठने लगी मैंने उनका हाथ पकड़ा और बोला "बट दीदी" वो बोली "चल आजा बाथरूम में मैं तुझे फ्री कर देती हूँ नहीं तो दर्द होगा और जल्दी कर फटाफट मम्मी कहीं अंदर ना आजाए" हम बाथरूम में गए बाथरूम में अँधेरा था कुछ दिख नहीं रहा था फिर प्रीती दीदी ने मेरा लोअर नीचे कर दिया और मेरे नंगे लंड को अपने हाथ से ऊपर नीचे करने लगी मैं उन्हें किस करने के लिए आगे बड़ा वो बोली "किस नहीं आवाज होगी" वो जल्दी जल्दी मेरे लंड को हिलाने लगी और मैं उनके टॉप पे से उनके बोबे दबाने लगा फिर मैंने उनका टॉप ऊपर कर दिया उन्होंने शमीज भी पेहेन रखी थी लेकिन शमीज बार बार नीचे आ रही थी प्रीती दीदी बोली "रुक" उनके हाथ मेरे लंड से हट गए थोड़ी देर बाद उन्होंने वापस मेरा लंड हिलाना शुरू कर दिया और बोली "अब कर ले" मैंने हाथ फेरा तो उनके खड़े हुए निप्पल मुझे टच हुए मैंने कहा "दीदी आपने सब कुछ ...." इतने में वो बोल पड़ी "हाँ मैंने टॉप शमीज और ब्रा सब उतार दी है जल्दी कर"


मुझे यकीन ही नहीं हुआ की उस वक़्त प्रीती दीदी मेरे साथ बिलकुल नंगी थी ऊपर से उन्होंने बस कैप्री पेहेन रखी थी वो जल्दी जल्दी मेरा लंड हिला रही थी मुझे इतना मजा पहले कभी नहीं आया था मैं भी प्रीती दीदी के नंगे बोबे दबाने लगा उनके बोबे दबाते हुए मैंने कहा "दीदी मुंह में लो ना" वो बोली "आवाज होगी पता चल जाएगा लाइट नहीं है शांति है सब जगह" मुझे उनकी बात सही लगी वो जल्दी जल्दी मेरे लंड को हिला रही थी और मैं उनके नंगे बोबे दबा रहा था थोड़ी देर में मेरा मुट निकल गया प्रीती दीदी ने कहा "हो गया" मैंने कहा "हाँ दीदी" उन्होंने पूछा "मजा आया" मैंने कहा "बहुत दीदी" वो बोली "चल अब बाहर जा जल्दी से कहीं मम्मी यहाँ न आ जाये बहुत देर हो गई और उनसे बोल देना मैं आ रही हू अभी" मैं बाहर निकला और पापा मम्मी के रूम की तरफ चल दिया ...

मैं पापा मम्मी के रूम कि तरफ चला पड़ा मैं बहुत खुश था आज वो दिन आ गया था जब प्रीती दीदी ने अपने सारे कपडे अपनी ख़ुशी से उतार दिए वो भी मेरे लिए मैं सोच रहा था कि प्रीती दीदी अभी थोड़ी देर पहले नंगी थी मेरे साथ लेकिन मैं उनके बदन को देखना चाहता था उन्हें पूरी नंगी निहारना चाहता था मैं चाहता था कि बस प्रीती दीदी हमेशा अपनी उँगलियों से मेरे लंड को सहलाती रहें और मैं उनके बोबे और चूत से खेलता रहूँ ये सब सोचते सोचते मेरा लंड वापस खड़ा होने लगा मैं रूम में गया मम्मी बोली "आजा सोनू प्रीती कहाँ है " मैंने कहा "मम्मी वो अभी आ रही है" मम्मी बोली "चल तू यहाँ सोजा पापा के पास मैं और प्रीती नीचे सो जाते है " लेकिन मैं प्रीती दीदी के साथ सोना चाहता था तो मैंने कहा "लेकिन मम्मी मैं नींद में फिर लातें मारूंगा तो पापा डिस्टर्ब होगे ना " तो मम्मी बोली कि "फिर कैसे करे सोने का " इतने में प्रीती दीदी रूम में आ गई और बोली "मम्मा सोनू और मैं नीचे सो जाते है पापा और आप ऊपर सो जाओ" हम दोनों एक दूसरे को देख के मुस्कुरा रहे थे मम्मी बोली "बेटा फिर नीचे तुम लोगो को नींद नहीं आएगी ना" तो मैंने कहा "मम्मी जब लाइट आ जाएगी तो हम अपने रूम में चले जाएंगे" मम्मी बोली "ठीक है" हम दोनों नीचे लेट गए थोड़ी देर बाद मम्मी ने रूम की लाइट बंद कर दी लाइट बंद होते ही मैं प्रीती दीदी से चिपक गया

वो बोली "हाँ इसीलिए मेरे साथ सोना था " मैंने धीरे से कहा "हाँ दीदी" और मैंने अपना हाथ प्रीती दीदी के टॉप के ऊपर से उनके बोबे पे रखा और उनके बोबे दबाने लगा वो बोली "फिर शुरू हो गया अभी अभी तो किया था" मैंने कहा "दीदी आप हो ही इतनी सेक्सी के हमेशा आपको प्यार करने कि इच्छा होती है" उनसे बातें करते हुए मैं उनके टॉप पे से उनके बोबे दबा रहा था फिर मैं अपना हाथ उनके टॉप के नीचे से अंदर डालने लगा वो बोली "ओए अब यहाँ पे भी सब उतारेगा क्या अगर मम्मी को जरा सी भी भनक लग गई ना तो बहुत बड़ी प्रॉब्लम हो जाएगी ऊपर ऊपर से ही कर " और मैंने अपना हाथ उनके टॉप के अंदर से निकाल लिया और प्रीती दीदी के टॉप पे से उनके बोबे दबाने लगा थोड़ी देर तक प्रीती दीदी के बोबे दबाने के बाद मैं अपना हाथ नीचे लेके जाने लगा और उनकी कैप्री पे से उनकी चूत को सहलाने लगा प्रीती दीदी ने अपने आप अपनी टांगें चौड़ी कर ली ताकि मैं उनकी चूत को अच्छी तरह से सेहला सकू प्रीती दीदी की पतली सी कैप्री पे से मुझे उनकी चूत अच्छी तरह से महसूस हो रही थी

मैंने उनकी चूत सहलाते हुए उनसे पूछा "दीदी आपका पैड कहाँ गया " उन्होंने कहा "हटा दिया बहुत कम हो रही थी इसीलिए" मैंने उनकी चूत सहलाते हुए उनसे कहा "प्रीती दीदी मुझे आपकी वेजिना लिक करनी है " उन्होंने मेरे कान में कहा "अभी नहीं बाद में जब फ्री हो जाउंगी तब करना" मैं उनकी बात सुन के बहुत उत्तेजित हो गया मैंने करवट ली और मैं प्रीती दीदी के ऊपर लेट गया और उनके ऊपर लेट के उन्हें किस करने लगा वो भी मुझे किस कर रही थी लेकिन हम दोनों ही बहुत धीरे धीरे किस कर रहे थे ताकि कोई आवाज ना हो हम दोनों धीरे धीरे और बड़े ध्यान से एक दूसरे को किस करने लगे मैं प्रीती दीदी के होंठ चूस रहा था और प्रीती दीदी मेरे फिर मैं नीचे जाने लगा और प्रीती दीदी के टॉप पे से उनके बोबो पे स्मूच करने लगा उन्हें किस करने लगा उन्हें दबाने लगा मैंने उनके टॉप के ऊपर से ही उनके बोबे को अपने मुह में ले लिया प्रीती दीदी मेरे बालों में हाथ फेर रही थी और मैं उनके बोबे चूस रहा था मैंने उनका टॉप ऊपर करना चाहा
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03-11-2020, 10:43 AM,
#45
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
लेकिन उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया मुझे उनकी बात याद आ गई और मैं वापस उनके टॉप के ऊपर से उनके बोबो पे स्मूच करने लगा फिर मैं नीचे गया और उनके पेट पे किस किया उनके पेट पे स्मूच किया फिर मैं और नीचे गया और प्रीती दीदी कि कैप्री पे से उनकी चूत पे किस करने लगा उनकी चूत पे अपने होंठ फेरने लगा प्रीती दीदी को बहुत मजा आ रहा था वो मेरे बालों को सेहला रही थी मैंने उनकी टांगें चौड़ी की और उनकी कैप्री पे से उनकी पूरी चूत पे किस करने लगा और जल्दी जल्दी अपने होंठो से स्मूच करने लगा तभी प्रीती दीदी के मुंह से एक सिसकी निकल गई "स्स्स्स्स्स्स्स्स्स ........." और मम्मी ने जल्दी से पूछा "क्या हुआ प्रीती" मैं फटाफट उनके ऊपर से उतर के साइड में लेट गया मम्मी ने लाइट जलाई और पूछा "क्या हुआ प्रीती" प्रीती दीदी बोली "कुछ नहीं मम्मी शायद चींटी खा गई" मम्मी बोली "इसीलिए केह रही कि नीचे नहीं सो पाओगे दिखा जरा मुझे " तभी प्रीती दीदी ने बात पलट दी वो बोली "अरे मम्मा शायद लाइट आ गई " मम्मी ने चेक किया और बोली अरे हाँ आ गई लाइट चलो अब तुम अपने रूम में चले जाओ और सो जाओ मैं बहुत खुश था हम दोनों अपने रूम में आये मैंने हमारे रूम का गेट थोडा सा ढलका दिया और उसके पीछे एक चेयर रख दी ताकि अगर कोई गेट खोले तो हमें पता चल जाए चेयर रख के मैंने जल्दी से प्रीती दीदी को पकड़ लिया और उन्हें टाइट हग कर लिया और उन्हें पकड़े हुए मैं उनकी कैप्री पे से उनके हिप्स को दबाने लगा उन्हें सहलाने लगा आज प्रीती दीदी कि गांड मेरे हाथों में थी जिसको देख देख के मैं मचलता था आज वो मेरे हाथ में थी मैं प्रीती दीदी को टाइट हग करके खड़ा हुआ था और उनके हिप्स सेहला रहा था उन्होंने भी मुझे कस के पकड़ रखा था थोड़ी देर तक उनके हिप्स सहलाने के बाद मैंने उन्हें खुद से अलग किया और उन्हें किस करने लगा हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे उन्हें किस करते हुए मैंने उनकी कैप्री पे से उनकी चूत सहलाना शुरू किया इस से प्रीती दीदी और ज्यादा उत्तेजित हो गई और मुझे कस के पकड़ के किस करने लगी उनकी आँखें बंद थी मैं उन्हें किस करते हुए उनकी चूत को उनकी कैप्री के ऊपर से सेहला रहा था फिर मैंने उनकी कैप्री के अंदर अपना हाथ डाल दिया और प्रीती दीदी कि पेंटी पे से उनकी चूत को सहलाने लगा उन्हें बहुत मजा आ रहा था फिर मैंने उनके होंठ छोड़े और घुटनों के बल नीचे बैठ गया और एक झटके में उनकी कैप्री नीचे कर दी अब प्रीती दीदी पेंटी में मेरे सामने थी उनकी गोरी चिकनी टांगें चमक रही थी उन्होंने पिंक कलर की पेंटी पेहेन रखी थी मैंने उनकी पेंटी पे से उनकी चूत पे अपना हाथ फेरा फिर उनकी पेंटी पे से उनकी चूत पे किस करने ही वाला था कि उन्होंने मेरा सर अपने हाथ से पकड़ लिया मैंने ऊपर देखा तो उन्होंने कहा "अभी वहाँ गंदा है सोनू बाद में करना" मैं मुस्कुराते हुए उनकी आँखों में देखते हुए उनकी पेंटी पे से उनकी चूत को अपने हाथ से सहलाने लगा


उनकी आँखें बंद हो गई मैं उनकी चूत सेहला रहा था और उन्हें बहुत मजा आ रहा था फिर मैं ऊपर उठा और इस बार प्रीती दीदी ने मुझे पकड़ लिया और मुझे किस करने लगी वो मेरे सामने अपने टॉप और पेंटी में थी वो मुझे किस करने लगी और मुझे किस करते हुए उन्होंने मेरे लोअर पे से मेरे लंड को पकड़ लिया और मेरे लंड को अपने हाथ से सहलाने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं भी प्रीती दीदी को किस करते हुए उनकी पेंटी पे से उनकी चूत को सहलाने लगा थोड़ी देर तक किस करने के बाद हम दोनों अलग हुए हम दोनों एक दूसरे कि आँखों में देख रहे थे और प्रीती दीदी मेरा लंड सेहला रही थी और मैं उनकी चूत थोड़ी देर तक उनकी चूत सहलाने के बाद मैंने उनसे कहा "प्रीती दीदी मैं आपको बस ब्रा और पेंटी में देखना चाहता हूँ टॉप उतारो ना " प्रीती दीदी नीचे देखते हुए बोली "मुझे शर्म आती है " मैंने कहा "प्लीज दीदी " और उन्होंने मेरा लंड छोड़ा और अपने दोनों हाथो से अपना टॉप नीचे से पकड़ा उसे थोडा सा ऊपर किया और वापस नीचे कर लिया मैंने कहा "उतारो ना दीदी प्लीज" उन्होंने फिर अपना टॉप पकड़ा और जल्दी से उतार दिया लेकिन अपना टॉप उतारते ही प्रीती दीदी ने अपने दोनों हाथों से अपने बोबे छुपा लिए और घूम गई उन्हें बहुत शर्म आ रही थी अब प्रीती दीदी घूमी हुई थी और वो बस ब्रा और पेंटी में थी मैंने उनकी ब्रा के हुक पे किस किया


फिर उनकी पूरी पीठ पे स्मूच किया फिर उनकी पेंटी पे से उनके हिप्स पे किस किया फिर वापस पीछे से उनकी पूरी पीठ और कंधों पे स्मूच किया फिर उन्हें पकड़ा और घुमाया अब प्रीती दीदी सामने से ब्रा पेंटी में थी वो वाइट ब्रा और पिंक पेंटी में बहुत ही सेक्सी लग रही थी उन्होंने अपने बोबो को हाथों से ढक रखा था और उनकी आँखें बंद थी मैंने उनके दोनों हाथ पकड़ के अलग किये और उनकी गर्दन पे किस करने लगा और उनकी ब्रा पे से उनके बोबे दबाने लगा फिर मैं स्मूच करते हुए नीचे गया और उनकी ब्रा पे से उनके बोबो को दबाने लगा उन्हें किस करने लगा फिर मैंने प्रीती दीदी कि ब्रा को ऊपर किया और उनके नंगे बोबे मेरी आँखों के सामने थे कितने प्यारे बोबे थे मेरी प्रीती दीदी के मोटे मोटे गोरे गोरे नरम नरम और उनपे बहुत छोटे छोटे खड़े हुए उनके ब्राउन निप्पल मैंने प्रीती दीदी के नंगे बोबे पे अपने होंठ फेरे और उनके एक निप्पल को अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगा प्रीती दीदी मेरे बालों में हाथ फेरने लगी फिर मैं उनके दूसरे निप्पल को चूसने लगा प्रीती दीदी कि सांसें बहुत तेज चल रही थी उनके मुंह से सिसकियाँ भी निकल रही थी लेकिन वो उन्हें दबा लेती थी क्योंकि रात के टाइम रूम में आवाज गूँज सी रही थी प्रीती दीदी के दोनों बोबे चूसने के बाद मैं ऊपर हुआ अब प्रीती दीदी कम शर्मा रही थी


मैंने कहा "दीदी हुक खोलो ना " वो अपने हाथ पीछे लेके गई और अपनी ब्रा का हुक खोल दिया प्रीती दीदी कि वाइट ब्रा नीचे गिर गई मैं प्रीती दीदी के सेक्सी बदन को निहारने लगा अब वो मेरे सामने बस पेंटी में थी मैं उनके नंगे बोबे देख रहा था इतने मैं वो बोली "ऐसे मत देख ना मुझे शर्म आ रही है " मैंने कहा दीदी आपके बूब्स बहुत प्यारे है बहुत ही सेक्सी है" और ये केह के मैं अपने हाथों से उनके दोनों नंगे बोबे दबाने लगा फिर मैंने उनका एक बोबा अपने मुंह में लिया और उसे चूसने लगा और अपने दूसरे हाथ से प्रीती दीदी कि पेंटी पे से उनकी चूत को सहलाने लगा उन्हें बहुत मजा आ रहा था मैंने उनके दोनों बोबे चूसे और फिर मैंने अपना हाथ प्रीती दीदी कि पेंटी में डालना चाहा लेकिन उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली "सोनू अभी नहीं ना और अब ज्यादा मत कर नहीं तो प्रॉब्लम होगी मुझे पेन भी हो रहा और अपन ने गेट भी ढलका रखा है अगर पापा मम्मी में से कोई भी उठा और उन्होंने देखा तो उन्हें शक ना हो जाए " मैंने उनसे कहा "ठीक है दीदी लेकिन आप मुंह में लो ना मेरा "


उन्होंने कहा "हम्म्म्म " और वो घुटनो के बल बैठ गई और मेरा लोअर नीचे किया मेरा खड़ा हुआ लंड उनके सामने था उन्होंने पहले मेरा लंड अपने हाथ से सहलाया उसे ऊपर नीचे किया फिर उसे किस किया और फिर उसे अपने मुंह में ले लिया मैं तो जैसे जन्नत में पहुँच गया आज मेरा लंड मेरी प्यारी दीदी के मुंह में था मैंने देखा प्रीती बस पेंटी में बैठी थी और मेरा लंड उनके मुंह में था मुझे बहुत मजा आ रहा था वो मेरा लंड चूस रही थी मैंने प्रीती दीदी का क्लिप उनके बालों में से हटा दिया और उनके बाल खुल गए मैं उनके लम्बे घने खुले हुए बालों को सहलाने लगा मैंने एक चीज़ नोटिस की शिप्रा दीदी बहुत अच्छी तरह से लंड चूसती थी लेकिन प्रीती दीदी तो बस मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर ही कर रही थी मैं समझ गया कि प्रीती दीदी को लंड चूसना नहीं आता और वेसे भी मेरा लंड ही था जो उन्होंने पहली बार चूसा होगा ये मुझे पता था वो मेरा लंड चूस नहीं रही थी बस उसे अपने मुंह के अंदर बाहर कर रही थी उन्हें शायद नहीं पता था कि लंड कैसे चूसा जाता है लेकिन मैं बहुत खुश था क्योंकि मेरा लंड मेरी प्यारी प्रीती दीदी चूस रही थी मेरा लंड उनके मुंह में था

उनके बाल मेरे एक हाथ में थे मैं थोडा सा नीचे हुआ और झुक के अपने दूसरे हाथ से प्रीती दीदी कि नंगे बोबे को पकड़ लिया और उसे दबाने लगा अब प्रीती दीदी मेरा लंड चूस रही थी और मैं उनके नंगे मुलायम गोरे बोबे दबा रहा था मुझे बहुत मजा आ रहा था तभी प्रीती दीदी ने मेरा लंड अपने मुंह से निकाला और बोली "जब होने वाला हो तो बता देना " मैंने कहा "हाँ दीदी लेकिन मुझे आपके बूब्स पे निकालना है " वो मुस्कुराई और वापस मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं जल्दी जल्दी उनके बोबे दबाने लगा और वो समझ गई उन्होंने मेरा लंड अपने मुंह से बाहर निकाला और मुझे देखते हुए जल्दी जल्दी उसे हिलाने लगी ऊपर नीचे करने लगी और मैंने उनके बाल छोड़े और अपने दोनों हाथों से उनके दोनों बोबो को पकड़ लिया और उन्हें जोर जोर से दबाने लगा और थोड़ी ही देर में मेरा मुट निकल गया मेरा थोडा सा मुट प्रीती दीदी के चेहरे पे गया और बाकि उनके बोबो पे मेरा मुट निकलने के बाद भी वो मेरे लंड को हिलाती रही फिर वो उठी और हमने एक लम्बा सा किस किया फिर वो पलट के जाने लगी मैंने कहा "कहाँ जा रही हो दीदी " वो बोली "साफ करने खुद को और कपडे पहनने ऐसे ही सो जाऊं और सुन वो कुर्सी हटा और गेट खोल दे " और वो बाथरूम में चली गई ........

थोड़ी देर बाद प्रीती दीदी बाहर आयी और हम दोनों एक दूसरे से चिपक के सो गए दूसरे दिन संडे था प्रीती दीदी और मैं सुबह लेट उठे


samapt
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09-10-2022, 01:56 PM,
#46
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
Bf se chudte dekh bhi mja aata hi preety ko
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09-13-2022, 07:25 PM,
#47
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
(03-11-2020, 10:36 AM)sexstories Wrote: शाम को घर आया तो दीदी उठ चुकी थी और तैयार थी कही जाने के लिए दीदी ने ऑरेंज कलर का चूड़ी दार सलवार सूट पेहेन रखा था मेरी दीदी सेक्सी आइटम लग रही थी उनके बदन से चिपका हुआ कुरता जिसमे से उनके बोबे बाहर की तरफ निकल रहे थे जिनको उन्होंने अपनी चुन्नी से ढक रखा था , उनके thighs और हिप्स से चिपकी हुई उनकी टाइट और चूड़ी दार सलवार जिसमे से उनकी सेक्सी पैरो और झांघो की सुन्दरता साफ़ नजर आ रही थी उनकी काजल लगी हुई आँखें नाक में छोटी सी नोज रिंग बाल ढीले clutcher से बंधे हुए बाल जिनमे से साइड से सामने के बालो की 2 लम्बी लटें जो बार 2 आकर उनके गालों पे गिरती जिन्हें दीदी बार 2 अपनी उँगलियों से अपने कान के पीछे करती कुल मिलाके बहुत ही सेक्सी और हॉट लग रही थी दीदी , जब भी दीदी बैठती मैं उनके कुर्ते के कट में से उनकी साइड की झांगो से लेके गांड तक का शेप देखता उनकी सलवार उनकी टांगो से इतनी चिपकी हुई थी की उनकी गांड तक का शेप साफ़ 2 नजर आ रहा था दीदी मुझे देख के बोली "और भंगी कहाँ से मिटटी में लोट के आ रहा है " मैंने कहा " दीदी खेलने गया था आप कहाँ जा रहे हो " दीदी बोली " अरे यार मार्केट जा रही हु 2 -3 सब्जेक्ट की रिफ्रेशर लेके आनी है एग्जाम आने वाले है ना " मैंने कहा "अकेले जा रहे हो क्या " दीदी बोली " हाँ क्यों ? "



मैंने कहा " मैं भी चलू दीदी मुझे भी अपनी ड्राइंग की बुक और कलर्स लाने है " इतने में मम्मी बोल पड़ी "हाँ प्रीती तू सोनू को भी लेजा वैसे भी शाम हो रही है आते 2 रात न हो जाये और जल्दी आ जाना " मैं खुश हो गया और मन ही मन सोचने लगा वाह मजा आ गया अब दीदी के कोमल और मुलायम मुलायम बदन को वापस छूने का उन्हें पकड़ने का मौका मिलेगा मैंने दीदी से कहा " दीदी 2 मिन रुको मैं अभी हाथ मुह धोके और जीन्स टी शर्ट पेहेन के आता हू " तो दीदी ने कहा "ओये डेट पे जा रहा है क्या जो इतना तैयार होक आ रहा है " मैंने दीदी से कहा "यही सोच लो दीदी आप जैसे सुंदर लड़की के साथ जा रहा हु तो डेट ही हुई ना हा हा हा " दीदी बोली "ओये चुप कर और जल्दी तैयार होके आ " मैं गया और तैयार होके आया दीदी बाहर स्कूटी पे ही बैठी थी मैं दीदी के पीछे बैठ गया और बोला "चलो दीदी " दीदी बोली "मुझे पकड़ ले अच्छी तरह से " मैंने मन में सोचा अरे दीदी इसलिए तो चल रहा हु आपके साथ की आपका सब कुछ पकड़ सकू लेकिन पता नहीं आप मेरा कब पकड़ोगी अपने हाथ से , मैंने अपने दोनों हाथो से दीदी के पेट वाले हिस्से को पकड़ लिया और कहा चलो दीदी

दीदी चल पड़ी और मैं दीदी के पीठ पे अपना सर लगा के उनके बदन की खुशबू सूंघ रहा था मैंने दीदी की पीठ पर उनके कुर्ते पे से उनकी ब्रा की स्ट्रेप को उनके ब्रा के हुक को महसूस करने की कोशिश की मुझे बहुत ही मजा आ रहा था कभी ,दचके में स्कूटी ऊपर नीचे होती तो मेरा हाथ भी कभी दीदी के पेट से ऊपर होता कभी नीचे उनकी सलवार के नाड़े को टच करता मैं यही सब कुछ कर रहा था इतने मे दीदी ने स्कूटी रोकी उनकी 1 फ्रेंड उनको रस्ते में मिल गयी थी वो भी मार्किट ही जा रही थी दीदी ने स्कूटी रोक के बोला "अरे श्वेता यहाँ कैसे कहाँ जा रही है ? " श्वेता ने बोला "हाय ! प्रीती अरे यार वो मार्किट जा रही हु कुछ सामान लेने " दीदी बोली "क्या लेने " श्वेता ने मुझे देखा और धीरे से दीदी को इशारा करके बोला "वो लेने " मैं समझ गया की दीदी की फ्रेंड जरुर व्हिस्पर या स्टेफ्री लेने जा रही होगी तभी मुझे देख के धीरे से इशारे में बताया उसने दीदी को दीदी बोली " अच्छा ठीक है चल आजा बैठ जा मैं भी मार्किट ही जा रही हु तूझे ड्राप कर दूंगी " अब मेरा मन ख़ुशी से पागल हो गया की अरे वाह आगे सेक्सी दीदी बीच में मैं और पीछे उनकी हॉट फ्रेंड श्वेता मजा आ गया दीदी की फ्रेंड श्वेता ने ब्लैक और ग्रीन कलर का टोपर और ब्लैक कैपरी पेहेन राखी थी बड़ी ही सेक्सी लग रही थी उसके बोबे बहुत मोटे मोटे थे जो उसके टोपर में से बाहर आ रहे थे श्वेता मेरे पीछे बैठ गयी

अब हम स्कूटी पे 3 जने थे जिस से मुझे बड़ा मजा अगया था क्योंकि मैं मेरी दीदी से और चिपक के बैठ गया था और पीछे श्वेता मुझसे चिपक के बैठी थी दीदी और उनकी फ्रेंड आपस में बात कर रहे थे और मैं मेरी दीदी के मजे ले रहा था मैं पीछे से उनके पीठ पे अपना सर लगा के बैठा था ताकि श्वेता को कुछ पता नहीं पड़े और धीरे 2 अपनी दीदी की पीठ पर अपने होंठ फेर रहा था उनके ब्रा स्ट्रैप्स को फील कर रहा था मैं थोडा सा भी साइड की तरफ मुह करता तो मेरे सामने श्वेता का मोटा बोब आ जाता मुझे बड़ा मजा आ रहा था थोड़ी देर में हम मार्किट पहुँच गए थे दीदी ने श्वेता को ड्राप किया स्कूटी पार्क की और हम बुक स्टाल की तरफ बढ गए रास्ते में सामने से 2 लड़के आ रहे थे उन्होंने मेरी दीदी के पास आके बोला " आओ सेक्सी रानी " मैंने ये सुन लिया था पता नहीं दीदी ने सुना या नहीं वो तो आगे चलती जा रही थी वो दोनों लड़के पता नहीं कहाँ से घूम के आये और वापस सामने से आ गये और इस बार दीदी के पास से धीरे 2 निकलते हुए उन्होंने बोला "आ ना मेरी जान लंड ले ले मेरा अपनी चिकनी चूत में जानेमन " मैंने वापस ये सुन लिया था लेकिन पता नहीं दीदी ने कुछ रियेक्ट क्यों नहीं किया फिर हम बुक स्टाल पे खड़े हुए और दीदी बुक्स खरीदने लगी वो दोनों लड़के भी वही आगये और खड़े हो गए और मेरी दीदी को देखने लगे दीदी के पीछे मैं खड़ा था और मेरे से थोड़ी दूर वो लड़के उनमे से 1 बोला "यार भाई क्या कातिल सामान है यार " दूसरा बोला " हाँ यार क्या कंचा है साली तू क्या बोलता है इसकी चूत पे बाल होंगे क्या " पहला वाला बोला "यार साली के कपडे पहनने के स्टाइल से तो लगता है की नहीं होंगे इसकी चूत तो चिकनी होगी ये साफ़ रखती होगी और इसके गांड को देख के लगता है की साली चुद्वाती होगी पता नहीं कितने लंड ले रखे होंगे इसने "

मुझे ये सब सुन के पता नहीं क्यों बहुत मजा आ रहा उनकी बातें सुन सुन के मेरा लंड टाइट खड़ा हो गया था और मेरी दीदी के बारे में वो गन्दी 2 बातें बोल रहे थे जिस सुनने में मुझे बहुत मजा आ रहा था तभी दूसरा वाला बोला "यार अगर इसका कोमल बदन छूने को मिल जाये तो मजा आ जाये मैं जाऊ क्या इसके पास लगता है अकेली आई है " अब मै पलटा और मैंने उन दोनों को घूर के देखा वो समझ गए की मैं दीदी के साथ हु मैंने अपना सेलफोन निकाला और झूटमूठ का फोन किया और बोला "हा आकाश भैया विजय भैया और पापा को बोलो यहाँ आ जाये नेक्स्ट शॉप है न बुक वाली वहां पे " अब उन दोनों लडको के चेहरे देखने लायक थे वो समझ गए थे की हम अकेले नहीं है हमारे साथ तो पूरी पलटन है इसलिए वो ऐसे भागे की उन्होंने मुड के भी नहीं देखा मैं तो अपनी हंसी ही नहीं रोक पाया मुझे खुद पर बहुत गर्व महसूस हो रहा था दीदी ने अपनी बुक्स ले ली थी और मेरी ड्राइंग बुक भी हम वापस स्कूटी की तरफ चल पड़े दीदी ने स्कूटी स्टार्ट की लेकिन वो स्टार्ट नहीं हुई दीदी ने काफी बार स्कूटी स्टार्ट करने की कोशिश की लेकिन वो स्टार्ट हो ही नहीं रही थी

फिर दीदी ने स्कूटी को किक मार्के स्टार्ट करने की कोशिश की जब भी दीदी किक मारती दीदी के बोबे ऊपर नीचे होते और जोर 2 से हिलते ये सीन देख 2 के मुझे बहूत मजा आ रहा था आखिर थक हार के जब स्कूटी स्टार्ट नहीं हुई तो दीदी ने मम्मी को फोन किया "हेलो मम्मी अरे यार ये खटारा स्कूटी स्टार्ट ही नहीं हो रही है क्या करूँ अब अच्छा चलो ठीक है , हाँ ठीक है " मैंने पूछा क्या हुआ दीदी अब क्या करें दीदी बोली "सोनू मम्मी ने कहा है की स्कूटी यही पार्किंग मे लगा दे पापा ठीक करा के ले आयेंगे अभी तो अपन को बस में जाना पड़ेगा " मैंने कहा " ठीक है " अँधेरा हो चूका रात के 8:15 बज रहे थे हमें बस मिली थोड़ी भीड़ तो थी दीदी को लेडीज वाली 1 सीट मिल गयी और मैं उनके पीछे वाली सीट के पास खड़ा हो गया नेक्स्ट स्टॉप पे थोड़ी भीड़ हो गयी मैं खड़ा तो दीदी के पीछे वाली सीट पे ही था तभी 2 लड़के मेरे सामने आके खड़े हो गए जिस सीट पे दीदी बैठी थी उसके पास उन्हें शायद पता नहीं था की मैं दीदी के साथ हूं , वो धीरे 2 फुसफुसा रहे थे वो जो भी बोल रहे थे मुझे सब सुनाई दे रहा था
पहले लड़का :- "यार मस्त माल बेठा ही इस सीट पे "
दुसरे लड़का :- "हा यार मस्त सेक्सी आइटम है "
पहले लड़का :- "हूर की पारी है यार क्या लग रही किसके नीचे जाएगी यार ये "
दुसरे लड़का :- "हा यार बोबे देख इसके कितने मोटे है बाहर ही निकल रहे हैं कुर्ते के कौन खुश नसीब इनका दूध पीएगा यार "
पहले लड़का :- "यार मेरा तो लंड खड़ा हो गया इसके बोबे देख के कितने मोटे है देख देख इसकी थोड़ी सी ब्रा दिख रही है साइड से "
दुसरे लड़का :- "हा यार मेरा भी खड़ा हो गया साली सफ़ेद कलर की ब्रा पेहेन की आई है "

मेरे excitement का तो ठीकाना ही नहीं था मेरा लंड 1 दम टाइट खड़ा था और मुझे उनकी बातें सुन सुन के बहुत इरोटिक फील हो रहा था 2 अजनबी लडको को पता चल गया था की मेरे दीदी ने वाइट कलर की ब्रा पेहेन रखी है और उसे देख 2 के उनके लंड भी खड़े हो गए थे इन सब से मुझे बहुत जोश इरोटिक excitement सब कुछ फील हो रहा था मैंने फिर से उनकी बाते ध्यान से सुनने की कोशिश की
पहला लड़का :- "पता है मैंने अभी धीरे से इसके कंधे पे हाथ फेरा "
दूसरा लड़का :- "वाह यार तूने तो छू भी लिया इसे देख इसकी चुन्नी और कुर्ते के गले में से इसकी ब्रा दिख रही है थोड़ी 2 "
पहला लड़का :- " हाँ यार साली इस बस में लाइट भी तो नहीं है नहीं तो देख लेते कुछ तो "
दूसरा लड़का :- "यार इस ने चड्डी कौनसे कलर की पहनी होगी "
पहला लड़का :- "जब ब्रा सफ़ेद है तो चड्डी भी सफ़ेद ही होगी पता है मैंने अभी 2 क्या किया "
दूसरा लड़का :- "क्या किया भाई "
पहला लड़का :- "इसने जिस हाथ से सीट के हैंडल को पकड़ रखा हैं न उस हाथ पे मैंने अपना खड़ा लंड टच करवाया "
दूसरा लड़का :- "क्या बात कर रहा है भाई एसा कैसे हो सकता है कुछ कहा नहीं इसने "
पहला लड़का :- "नहीं यार साली रंडी लगती है तभी इतनी रात को अकेली बस में घूम रही है मैंने वापस अपना लंड टच करवाया इसके हाथ पे और हलके से ऊँगली भी लगाई साइड से इसके बोबे पे "
दूसरा लड़का :- "साली ये तो पक्का रांड है तभी तो तेरा लंड छू रही है और अपना बोबा छूने दे रही है और कुछ बोल भी नहीं रही साली रंडी मुझे भी मजे लेने दे ना इस सेक्सी रांड के "

मै ये सब सुन के बहुत हैरान था की ये लोग इतना सब कर रहे है और दीदी कुछ कह नहीं रही या तो उनको पता नहीं है की एसा कुछ हो रहा है या ये अपनी इज्जत के डर के कारण कुछ नहीं बोल रही है लेकिन मुझे लगा की एस तो हो नहीं सकता की दीदी को पता ना चला हो शायद वो डर के अपनी इज्जत के कारण चुप है तभी मैंने सोचा की अँधेरा भी है दीदी कुछ बोल भी नहीं रही है क्यों ना मैं ही मजे ले लू मेरी दीदी के कोई और क्यों ले मैंने फिर वही किया अपना सेलफोन निकाला और उन लडको के कान के पास जाके बोला की हा मम्मी हा बस दीदी और मैं पहुँचने वाले है ये कहते हुए मैं उन दोनों लडको को पीछे करके आगे आ गया मैंने ये धीरे से बोला ताकि दीदी को ये पता न चल जाये की अब उनके पास मैं खड़ा हूं मैं दीदी के पास खड़ा था बस में पूरा अँधेरा था हमारा स्टॉप आने मैं अभी 20 मिनिट थे मेरा लंड बिलकुल टाइट खड़ा था मैंने पहले धीरे से अपना लंड दीदी के साइड के हाथ पे कोहनी से ऊपर की तरफ लगाया फिर मैंने धीरे अपना खड़ा लंड दीदी के हाथ पे बार 2 टच करवाया दीदी का कोई रिएक्शन नहीं था फिर मैं थोडा सा आगे बड़ा और दीदी के पास आया और धीरे से अपनी 1 ऊँगली दीदी के बोबे पे साइड से लगाई मैंने अपने 4 उंगलिया जेब में डाल रखी थी और 1 ऊँगली दीदी के साइड के बोबे पे लगा रहा था मैं इस बात का पूरा धयान रख रहा था की किसी को कुछ दिखे ना पीछे वाले लडको को भी नहीं फिर मैंने धीरे 2 अपना लंड दीदी के उंगलियों पे टच कराया जिस से दीदी ने सीट पकड़ रखी थी मैंने आज पहली बार अपना लंड दीदी के हाथ पे टच करवाया था मुझे बहुत मजा आ रहा था फिर मैंने अपना हाथ अपनी जेब से निकाला और अपने हाथ से दीदी के बोबे को साइड से टच किया धीरे से दीदी ने कुछ नहीं कहा

मुझे समझ मे नहीं आ रहा था की दीदी कुछ रिएक्शन क्यों नहीं दे रही है वो चाहती तो वो हाथ हटा सकती थी हाथ झटक सकती थी घूर सकती थी लेकिन बस वो तो सामने ही देखे जा रही थी शायद उन्हें भी डर लग रहा था की क्या करे क्या नहीं स्कूल की बच्चियों में इतनी अकल कहाँ होती है अब मैंने सोचा की देखते है की दीदी रियेक्ट कब करती है मैंने वापस अपना लंड दीदी की उंगलियों पे लगाया और लगा रहने दिए वहां से हटाया नहीं फिर धीरे से अपना हाथ दीदी की बोबे की तरफ लेके गया और उनका बोबा दबा दिया दीदी ने कुछ रियेक्ट नहीं किया अब मै अपना हाथ दीदी की चुन्नी के नीचे लेके गया और दीदी के बोबे को दबाने लगा अब मुझे पता चल चूका था की दीदी रियेक्ट नहीं करेंगी मैंने अच्छी तरह से दीदी के दोनों बोबो को दबाया उन्हें सहलाया मुझे बहुत मजा आ रहा था तभी मेरे दिमाग में 1 आईडिया आया मैंने अपनी जीन्स की चैन खोली और अपना लंड बाहर निकाल लिया अब मेरा खड़ा लंड बाहर था और नंगा था

मैंने दीदी की चुन्नी के नीचे से उनके बोबे को दबाते दबाते अपना नंगा लंड दीदी के हाथ पे टच कर दिया दीदी को शायद थोडा सा करंट लगा इसलिए वो थोड़ी सी हिली फिर वापस चुपचाप बैठ गयी अब मेरा नंगा लंड दीदी की उँगलियों पर था और मेरा हाथ मेरी प्यारी दीदी की चुन्नी के नीचे से उनके कुरते के ऊपर से उनके दोनों बोबो को दबा रहा था उन्हें सहला रहा था अब मैंने अपने हाथ से दीदी का हाथ पकड़ा और अपना लंड उनके हाथ में पकड़वाया ऊपर से उनके हाथ पे अपना हाथ रखा और आगे पीछे करने लगा मैं तो हवा में था आज पहली बार मेरी प्यारी दीदी अपने हाथ से मेरा मूट मार रही थी मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था जो काम आज घर के बंद कमरे में नहीं हुआ था वो इस भरी हुई बस मे हो रहा था मैंने अपना हाथ हटा लिया मेरा हाथ हटते ही दीदी ने मेरा लंड छोड दिया मैंने वापस दीदी का हाथ पकड़ा उसमे अपना लंड पकडवाया और ऊपर नीचे करने लगा दीदी अब शायद समझ गयी थी की उन्हें क्या करना है वो अपने हाथ से मेरा लंड आगे पीछे करने लगी और मैं अपना हाथ वापस दीदी के बोबे की तरफ लेके गया और उन्हें दबाने लगा वो भी क्या पल था एसा कभी हकीकत में होगा मैंने नहीं सोचा था मेरी प्यारी दीदी मेरा लंड हिला रही थी मेरी मुट मार रही थी और मैं अपनी दीदी के बोबे दबा रहा था और आज तो दीदी को सब पता था की क्या हो रहा है आज वो नींद मे भी नहीं थी इससे मुझे और मजा आ रहा था

मैंने अपना हाथ दीदी के हाथ पे रखा और लंड हिलाने की स्पीड बड़ाई दीदी समझ गयी की उनको स्पीड बढ़ानी है वो जल्दी जल्दी मेरा लंड हिलाने लगी और मैं इतना ज्यादा excited हो गया की मैंने दीदी के कुर्ते के गले में से अपना हाथ अंदर डाल दिया और ब्रा के ऊपर से उनके बोबे दबाने लगा दीदी जल्दी जल्दी मेरा लंड हिला रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था मैंने दीदी की ब्रा के अंदर हाथ डाल दिया और उनके बोबे दबाने लगा उन्हें मसलने लगा दीदी के निप्पलो को गोल गोल घुमाने लगा मैंने नोटिस किया की दीदी के निप्पल खड़े थे शायद इतनी टचिंग से दीदी भी गरम हो गई थी दीदी भी जल्दी जल्दी मेरा लंड हिला रह थी और मैं उनके दोनों बोबे दबा रहा था उनके निप्पल को अपने नाखून से रगड़ रहा था इतने मैं मेरा सारा मुट दीदी के हाथ पे और उनकी सलवार पे गिर गया मैं तो दूसरी दुनिया में था मैंने दीदी को देखा दीदी अभी भी सामने ही देख रही थी दीदी ने सामने देखते हुए ही अपना हाथ अपने नेपकिन से साफ़ किया सलवार पे लगा हुआ मुट भी साफ़ किया मैंने जल्दी से अपना लंड अंदर डाला और थोडा सा पीछे हो गया हमारा स्टॉप आ गया था दीदी खड़ी हुई मैं भी दीदी के पीछे आगया हम बस से उतरे सामने पापा खड़े थे दीदी को देख के पापा ने फ़ौरन पूछ "क्या हुआ प्रीती तुझे " दीदी ने कहा की "पापा मैं अब बस मैं नहीं जाउंगी कभी भी " ये कह के दीदी पापा के गले लग गयी पापा ने "पुछा प्रीती हुआ क्या बेटा बता मुझे क्या हुआ "....

हमारा स्टॉप आ गया था दीदी खड़ी हुई मैं भी दीदी के पीछे आगया हम बस से उतरे सामने पापा खड़े थे दीदी को देख के पापा ने फ़ौरन पूछ "क्या हुआ प्रीती तुझे "
दीदी ने कहा की "पापा मैं अब बस मैं नहीं जाउंगी कभी भी " ये कह के दीदी पापा के गले लग गयी पापा ने "पुछा प्रीती हुआ क्या बेटा बता मुझे क्या हुआ "........

अब आगे - मुझे लगा की कहीं दीदी पापा को वो सब ना बता दे जो बस में हुआ था कहीं दीदी को पता तो नहीं चल गया था की बस में उनके साथ वो सब कुछ मैं ही कर रहा था मैं बहुत डर गया की कहीं
घर जाके दीदी ने अगर पापा मम्मी को ये सब बता दिया की ये सब मैंने किया है तो मेरा तो पता नहीं क्या हाल होगा मुझे बहुत ज्यदा डर लग रहा था मेरा दिल डरके मारे जोर जोर से धड़क रहा था की क्या
होगा लेकिन फिर मैंने सोचा की दीदी को ये कैसे पता चल सकता है की वो सब मैंने किया है क्योंकि बस में तो बहुत अँधेरा था और जब दुसरे लड़के दीदी से छेड़ छाड़ कर रहे थे तब दीदी को पता था की वो
लड़के कोई और है मैं तो उनके बाद गया था और दीदी पापा को ये सब कैसे बताएगी की उन्होंने किसी का लंड हिलाया अपने हाथों से और अपने बोबे दबाने दिए उन्होंने किसी को मैंने सोचा की पता नहीं क्या
होगा मुझे बहुत ज्यादा डर लग रहा था

फिर पापा ने मुझसे पुछा "सोनू क्या हुआ प्रीती को " मैंने कहा "पता नहीं पापा मुझे तो " फिर पापा ने वापस दीदी से पूछा "अरे बेटा बोल ना क्या हुआ क्यों नहीं जाना बस में अब क्या हुआ " मैंने भी दीदी से बोला "बताओ न दीदी क्या हुआ आपको " दीदी ने मुझे देखा फिर थोड़ी देर बाद दीदी बोली "पापा बस में कितनी ज्यादा भीड़ रहती है ....." अब मेरी हालत ख़राब हो गयी मैंने सोचा अरे यार लगता है ये दीदी तो आज सब कुछ बताने वाली है पापा को लगता है इन्हें शक हो गया है या शायद पता है इन्हें की मैंने ही सब किया था मेरा दिल जोर जोर से धड़क रहा था दीदी ने अपनी बात पूरी की " पापा बस में कितनी ज्यादा भीड़ रहती है मेरी तो हालत ख़राब हो गयी ना ढंग से बैठने की जगह मिलती है ना खड़े होने की कितनी बदबू आती है मेरी तो हालत ख़राब हो गयी चक्कर आने लग गए सर दुःख रहा है और वोमिटिंग जैसा हो रहा है अब तो मैं कभी कदम ही नहीं रखूँ बस में " दीदी की पूरी बात सुन के मेरी जान में जान आई मैंने कहाँ बच गए भाई आज तो , ये मन भी साला कमीना होता है अभी अभी जब मुझे डर लग रहा था तब सोच रहा था की भगवान् इस बार बचाले आगे से कभी ज़िन्दगी में एसा कुछ नहीं करूँगा और जैसे ही दीदी की बात खत्म हुई सब ठीक हुआ वैसे ही वापस मेरा ध्यान दीदी की गांड पे चला गया दीदी पापा के साथ जा रही थी और मैं पीछे से उनकी सेक्सी गांड को देख रहा था और सोच रहा था की अभी मेरी इस कमसिन दीदी के बोबे मेरे हाथ में थे और मेरा लंड उनके हाथ में

आज मैंने जो कुछ भी किया था उसपे मैं बहुत गर्व महसूस कर रहा था की आज दीदी ने खुद ने अपने हाथ से मेरा लंड हिलाया और उन्हें पता था की कोई उनके बोबो से खेल रहा है और उन्होंने वो सब कुछ करने दिया अब मेरे मन में यही चल रहा था की अगर मेरी जगह कोई और होता तो वो भी मजे ले लेता दीदी के आखिर दीदी ने मना क्यों नहीं किया या तो दीदी डर गयी थी लेकिन तभी मेरे दूसरे मन ने कहा की कहीं दीदी को भी मजा तो नहीं आ रहा था क्या पता दीदी भी मजे लेना चाहती हो इसलिए सब करने दे रही हो क्योंकि जेसे मेरा मन होता है वैसे ही दीदी का भी तो होता होगा सेक्स करने का और वेसे भी दीदी फोन सेक्स तो करती ही थी अपने bf से तो कहीं दीदी को भी मजा तो नहीं आ रहा था जब मैं उनके बोबे दबा रहा था बस में तभी मेरे मन ने वापस कहा की नहीं यार दीदी बस मजे के लिए इतना रिस्क नहीं ले सकती वो डर ही गयी होगी मैं इन्ही खयालों में था इतने में दीदी ने आवाज दी " चल ना सोनू घर नहीं चलना क्या वहां क्या खड़ा है " मैं अपने खयालो से बाहर आया और बोला "हाँ दीदी चलो "
सोनू यार तूने तो उन लोगो का काम खराब ही कर पर उन दोनों के चलते ही अपनी दीदी की चूची मसला और अपना लंड अपनी दीदी के हाँथ में दिया। दीदी को चोदने का सही तरीका ही है किसी बाहरी लोगो से दीदी को गर्म करवाना। बाहर के लोग अपनी दीदी को चोदने के लिए सही बात है की बहुत गन्दी बात या हरकत करते है। पर अपनी जवान और सेक्सी दीदी भी इन्ही से अपनी गर्म चूत गाँड़ चुदवाने के लिए सोचती है। मेरी कहानी में (दीदी को चुदवाया) देखा था कैसे डब्बु ,दीदी को गंदी गंदी बात से गर्म करके चोदता है और दीदी भी उसके दोस्तो के साथ उछल उछल के चुदती है और लॉकडॉन मे मैं भी अपनी दीदी का भरपूर चुदाई की और डब्बु के साथ भी दीदी को चोदा। इसलिए थोरा बहुत प्रयास करना चाहिए की अपनी दीदी बहन के चूत गाँड़ मे दुसरो का भी लंड जाय। मै तो हर समय दीदी को दूसरे के साथ चोद कर जायदा मजा लिया हू। सिर्फ स्टार्टिंग मे ही दीदी के साथ अकेले किया नही तो जायदा टाइम थ्री सम ही किया सबसे ज्यादा मजा चुदाई के समय दीदी का फेस का रंग देखने मे आता है दीदी एकदम रोड पर की कुत्ती की तरह चिलाती है और हमलोग रगर रहे हो ते है।
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