Chodan Kahani हवस का नंगा नाच
02-04-2019, 12:42 PM,
#31
RE: Chodan Kahani हवस का नंगा नाच
अपडेट 17:



काफ़ी देर तक दोनों मा-बेटे एक दूसरे की बाहों में लेटे रहे ...साना आँखें खोलती है ..देखा तो शाम के करीब 8 बज रहे थे ....वो सॅम को बड़े प्यार से अपने उपर से हटाती है और कहती है ..." सम उठ जा बेटा...तेरी सौज़ी मोम आती ही होगी डिन्नर के लिए बुलाने को .."


अब तक सॅम के अंदर की भडास , दर्द , पीड़ा और मोम के पास और साथ होने की ललक और भूख मिट गयी थी ..वो शांत था ..पर अब उसकी हवस की भूख जाग उठी थी ...आखीर उसकी रगों में भी जवानी का खून था ..अब उसमें उबाल आना शूरू हो गया था....


साना जैसी औरत , जिसके हुस्न , खूबसूरती और बदन की गोलाईयो और उभारों से अच्छे अच्छों के दिल-ओ-दिमाग़ मचल उठ ते ..फिर सॅम तो एक नया खिलाड़ी था ..और उसकी जवानी अभी तो अपनी उफान पर थी ...उसकी नज़र साना के नंगे बदन पर पड़ती है ...


वो बस देखता ही रहता है ...अपनी मोम के खूबसूरत नंगेपन को निहारता जाता है ...


अब उसे साना में सिर्फ़ उसकी मोम ही नही पर एक बहोत ही खूबसूरत और सेक्सी औरत की झलक दीखती है ....


वो साना से लिपट जाता है ..उसके रसीले होंठों को चूमता है ..उसकी चूचियाँ सहलाता है और बोल उठ ता है " मोम....जब इतना टेस्टी डिन्नर सामने हो.....तो सौज़ी मोम के डिन्नर को कौन पूछता है....उम्म्म्म..मोम प्लीज़ आज डिन्नर कॅन्सल करो ना ...."


साना अपने बेटे के इस रूप को देख चौंक पड़ती है ....और खुश भी होती है के उसमें अभी भी इतनी सेक्स-अपील है के सॅम जैसा जवान -मर्द भी उस पर मर मिटा है ...


वो प्यार से उसके गाल थप थपाती है , उसे चूमती है..और अपने नंगे जिस्म की ओर इशारा करते हुए बोलती है " नही सॅम ...नही ...यह डिन्नर तो तुम्हें सौज़ी मोम के डिन्नर के बाद ही मिलेगा ...चलो उठो ..कपड़े पहनो...हॅव युवर बाथ आंड बी रेडी फॉर डिन्नर..मैं तुम्हारा डाइनिंग टेबल पे इंतेज़ार करूँगी....कम ऑन गेट अप..."


" ओके ओके मोम ...बट प्रॉमिस कीजिए आप का डिन्नर मिलेगा ना ....? "


" ह्म्‍म्म्म....अरे बाबा पहले किचन वाला डिन्नर तो कर लो ना फिर सोचते हैं ..." साना की आँखों में बड़ी शरारती सी मुस्कान थी ...


" नो सोचना - वोचना मोम .....बस हम आप का डिन्नर करेंगे ....मैं आप को खा जाऊँगा ..आप मना करोगे फिर भी ...देख लेना ...." सॅम प्यारी सी धमकी देता हुआ मोम को फिर से जाकड़ लेता है , चूमता है और उठ जाता है , कपड़े पहेन अपने रूम की ओर चल पड़ता है ...


साना मन ही मन सोचती है सॅम सही में अब जवान हो गया है ..अपने बाप की तरेह ही मुझ से इतना प्यार करता है ... और मुस्कुरा उठ ती है ...सॅम के दिल में उसकी मा ने हलचल मचा दिया था और उसके लौडे में उसकी मा के खूबसूरत , सेक्सी और गदराए बदन ने ...


सॅम फ्रेश हो कर कपड़े बदल लेता है....शॉर्ट और टॉप में है अब वो...ढीला टॉप और शॉर्ट के अंदर से उसकी कसरती , कसी जंघें , सुडौल पैर की पिंडलियाँ , टॉप की बाहों से निकलती उसकी मस्क्युलर बाहें , चौड़ा सीना .किसी भी औरत का दिल उसकी बाहों में आ जाने , उसके सीने से लिपट जाने को मचल उठेगा ...


वो फिर से मस्ती में था ..कितना हल्का महसूस कर रहा था सॅम .. मानो उस के अंदर का सारा भारीपन , उसका तनाव , उसका इतने सालों से उबल्ति हुई मोम की प्यास, मोम के प्यार की भूख ...सब कुछ बाहर आ गया हो ..अब उसके दिल में कुछ भी भडास नही थी ..बिल्कुल रिलॅक्स्ड था सॅम और जब इंसान रिलॅक्स्ड होता है तभी उसके जिस्म की भूख जागती है ...


तभी सॅम देखता है साना अपने कमरे से बाहर आ रही थी , सीढ़ियों से उतरती हुई ...उस ने नाइटी पहेन रखी थी ...बिल्कुल झीनी पतली सी , पर अंदर ब्रा और पैंटी भी थी , जिस से उसकी चूचियाँ कसी थीं , बड़ा ही ठोस ( कड़क ) आकार लिए , मानो उछलते हुए बाहर आने को मचल रही थी ...नीचे पैंटी ने चूत के उभार को और भी हसीन कर दिया था ..ऐसा लग रहा था मानो साना की जांघों के बीच कोई पाव-रोटी का टूकड़ा बाँधा हो ... और चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट की झलक ...जंघें थीरक रही थी मोम के हर कदम के साथ ...


सॅम एक टक अपनी मोम को देखे जा रहा था ...बिना पालक झपकाए ...उसके पॅंट के अंदर हलचल मच उठी थी ...


साना उसके बगल की कुर्सी पर आ कर बैठ जाती है ..उसके बैठ ते ही उसके बदन की खूशबू का झोंका , अभी अभी नहाए बदन की खूशबू का झोंका सॅम अपनी साँसों के साथ महसूस करता है ... सॅम खो सा जाता है अपनी मोम के इस तरो-ताज़ा रूप में...


तभी म्र्स डी'सूज़ा भी किचन से बड़ा सा ट्रे हाथ में लिए डिन्नर ले आती है , टेबल पर दोनों के सामने रख देती है ..


सॅम की नज़र अभी भी अपनी मोम की ही तरेफ थी ...


साना अपनी उंगलियों से उसके चेहरे के सामने चुटकी बजाती हुई बोलती है ..


" अरे बाबा कब तक मुझे निहारता रहेगा ..अब ज़रा डिन्नर पर भी नज़र डाल बेटा ..देख कितना बढ़िया डिन्नर है ..सब कुछ तेरे पसंद का .."


सॅम अपने सुनहरे सपने से वापस डिन्नर की टेबल पर आ जाता है और बोल के ढक्कन खोल कर देखता है ...अंदर गर्म गर्म भाप निकलती हुई सब्जी भरी थी..मटर -पनीर ...सम की आँखों में चमक आ जाती है अपनी फॅवुरेट सब्जी देख..


" हां मोम ..सौज़ी मोम जानती है अच्छी तरेह मेरी पसंद ...पर मोम आज तो हर चीज़ मेरी पसंद की होती जा रही है ..उफफफफ्फ़ ..मैं किसे लूँ और किसे ना लूं ..समझ ही नही आ रहा .." सॅम यह बोलता हुआ मोम की ओर देखता है ..


" ह्म्‍म्म... बेटा इसमें ना समझने वाली कौन सी बात है..बस एक एक कर सब का मज़ा लेते जाओ .....रोका किस ने है..?" और यह बोलते हुए जोरों से हंस पड़ती है ...


कितना फ़र्क था ... सिर्फ़ 12 घंटे पहले का माहौल और अभी का माहौल ..इन 12 घंटों में सॅम और साना की दुनिया ही बदल गयी थी ..सब कुछ बदल गया था ...जहाँ डाइनिंग टेबल पर हमेशा तनाव, घुटन और एक चूप्पी का माहौल छाया रहता ..अभी उसकी जगेह प्यार , मस्ती और कितना खुशियों से भरा माहौल था ...इन 12 घंटों ने उनके वर्षों की घुटन , जलन , गीले-शीकवे , दूख-दर्द सब कुछ मिटा दिया था ...समय ने अपने बलवान होने की बात दोनों मा-बेटे को अच्छी तरेह समझा दिया था .


म्र्स डी' सूज़ा बिल्कुल चूप थी ..सामने की कुर्सी पर बैठी दोनों मा-बेटे को बड़े प्यार से निहारती जा रही थी ... उसका दिल भी आज कितना हल्का था ..अपने दोनों बचों की खुशी से ..हां सम और साना दोनों ही तो उसकी की गोद में पले बढ़े थे ... म्र्स. डी'सूज़ा ने अपनी कोख से इन दोनों बच्चो को जन्म नही दिया था..पर एक मा की गर्मी तो दी थी ना उन्हें अपनी गोद में भर ... उसका मन आज कितना हल्का था ..


वो उठ ती है अपनी कुर्सी से और कहती है .." अच्छा बाबा , तुम दोनों डिन्नर करो ..मैं ज़रा और भी काम काज किचन में निबटाती हूँ , कुछ ज़रूरत पड़े तो आवाज़ देना ...ओके..?? " और दोनों मा-बेटे के गाल पूच्कार्ती हुई किचन की ओर चल पड़ती है..


सॅम और साना एक दूसरे की ओर देखते जा रहे हैं ..दोनों का मन नही भरता एक दूसरे के इस रूप को देख ..सॅम साना की मदमाती , मस्त और सेक्सी बदन की ओर निहारता जाता और साना अपने बेटे की जवानी , बलिष्ठा बाहें , चौड़े सीने और अपने पापा जैसे चेहरे की ओर निहारती फूली नही समा रही थी ..इतने दिनों में आज पहली बार अपने बेटे को इस तरेह देख रही थी...नफ़रत की जगेह नज़रों में प्यार भरी थी , गुस्से की जगेह अब अथाह ममता ने ले ली थी ...


साना अपनी नज़र सम से हटाते है और अपनी ममता से भरी आवाज़ में कहती है." बेटा ..चल अब कुछ खा ले ना..कब से भूखा है .."


पर सम तो कुछ और ही सोच रहा था ...


" मोम ....मैने कहा ना मुझे यह डिन्नर नही चाहिए ,,मुझे तो कुछ और ही खाने का मन है..." उसके चेहरे पर शरारती मुस्कान थी ..


" ह्म्‍म्म्म..मैं सब समझती हूँ ... शैतान कहीं का ... अरे भूखा रहेगा तो जो डिन्नर तू चाहता है ना ..तेरे गले से नीचे नही उतरेगी ..उस डिन्नर को चबाने के लिए मुँह में कुछ ताक़त भी तो चाहिए ना मेरे भोले राजा बेटे ..चल खा ले यह डिन्नर ..." साना उसे प्यार से झिड़की लगाते हुए बोलती है..


" ओके ओके मों .खाता हूँ बाबा खाता हूँ..पर ऐसे नही ..तू मुझे खिला ...मैं तो भोला भाला राजा बेटा हूँ ना तेरा ..मुझे तो खाना भी नही आता ...." और जोरों से खिलखिला उठ ता है सॅम ..


" उफफफफ्फ़..यह बच्चा ना ..बहोत बीगाड़ दिया है तेरी सौज़ी मोम ने ... अच्छा चल ले खा ..." और साना रोटी का एक छोटा टूकड़ा तोड़ती है ..सब्जी में डुबोते हुए सॅम के मुँह की ओर ले जाती है ....
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02-04-2019, 12:42 PM,
#32
RE: Chodan Kahani हवस का नंगा नाच
पर सॅम के मन में तो कुछ और ही था..वो अपना सर पीछे कर लेता है ..


" नो..नो ..ना ..ना ..मोम ऐसे नही ... मैं बिल्कुल बच्चा हूँ..बहोत भूखा ,..मैं तो इतना भूखा और कमजोर हूँ मैं तो चबा भी नही सकता ....." और फिर से एक बहोत ही शरारती मुस्कान छा जाती है उसके चेहरे पर ..


" उफफफफ्फ़....अब क्या है... तो मैं क्या तेरा खाना खुद चबाऊ और तुझे खिलाऊं ..?? " साना झल्लाती हुई बोलती है ..


" यस मोम यू गॉट इट राइट .... थ्ट्स लाइक दा ग्रेट मोम यू आर ..हां हां बिल्कुल वोही चाहता हूँ मैं ..."


" छ्चीए...ऐसे भी कोई खाता है क्या..? तुझे अच्छा लगेगा.?..तुझे गंदा नही लगेगा?"


" सवाल ही नही उठ ता मोम ..आप की हर चीज़ कितनी सॉफ और पवित्र है मोम ....आप की हर चीज़ मेरे लिए लज़ीज़ है मोम ..हर चीज़ ...मुझे आप की हर चीज़ से प्यार है मोम ..आप की हर चीज़ से ..."


इस बात पर साना चौंक जाती है ... कितनी समानता थी दोनों बाप बेटे में ..हरदयाल को भी तो उसकी हर चीज़ से प्यार था ....


म्र्स. डी' सूज़ा ठीक ही कहती है " हरदयाल गया कहाँ ? वो तो यहीं है .उसे पहचान .."


साना को हरदयाल की पहचान हो जाती है अपने बेटे में ..दोनों के बेटे में..


वो सॅम से कहती है .." तू बड़ा ज़िद्दी है..मानेगा नही ..ठीक है बाबा तू जीता मैं हारी .."


और साना यह कहते हुए अपने हाथ में पड़े रोटी और सब्जी के टूकड़े को अपने मुँह में डालती है ...अच्छे से चबाती है .....और अपनी जीभ में लेते हुए जीभ बाहर निकाल देती है ....सॅम मुँह खोलता है ..मोम की जीभ अपने मुँह के अंदर ले लेता है..फिर मुँह बंद कर लेता है और मोम की जीभ का पूरे का पूरा चबाया हुआ कौर चूस्ता हुआ मुँह में भर लेता है...उसके होंठ अभी भी साना की जीभ पर हैं ..साना धीरे धीरे अपना जीभ बाहर कर लेती है ...सॅम के होंठों से चूस्ता हुआ जीभ बिल्कुल सॉफ होता हुआ बाहर आ जाता है ...सॅम मुँह के अंदर कौर फिर से चबाता हुआ अंदर ले लेता है ...


मोम की ओर देखता है ..उसे अपने से भींच लेता है और कहता है .." मोम इतना टेस्टी खाना मैने आज तक नही खाया ..सच मोम ... और खिलाओ ना ..बड़े जोरों की भूख लगी है ... "


साना अपने बेटे के और भी करीब हो जाती है...और ऐसे ही कौर चबाती हुए अपनी जीभ उसकी मुँह में डालते हुए खाना खिलाती जाती है ....सम अपनी मोम की जीभ चूस्ते हुए खाना खाता जाता है ...मोम की जीभ से खाना के साथ साथ उसके मुँह का रस और लार भी साथ साथ सम के मुँह के अंदर जाती हैं..सम के पेट की भूख तो शांत होती जाती है , पर उसके लौडे की भूख मोम की जीभ चूसने से बढ़ती जाती है..उसका लॉडा कड़क होता जाता है..मोम के हर कौर मुँह में लेते ही ...


साना का भी बूरा हाल है..सॅम के उसकी जीभ चूसने से उसे भी सीहरन सी होती है ..उस की चूत से भी पानी रीस्ने लगता है... दोनों मस्ती में एक दूसरे का मज़ा लेते रहते हैं ...


तभी सॅम बोल उठ ता है.." मोम बस मेरा तो पेट भर गया ...आओ अब मैं तुझे खीलाता हूँ.."


और इस से पहले की साना कुछ बोलती ..वो उसे खींचता हुआ अपनी गोद में बिता लेता है ..साना को अपनी चूतडो के बीच उसका कड़क लॉडा चूभता हुआ महसूस होता है ...


साना इस चूभन का महसूस करते हुए मुस्कुराती है....सॅम की ओर मुँह करते हुए उसके गाल पर एक चपत बड़े प्यार से लगाते हुए कहती है...


" अरे...यह क्या पागलपन है सॅम ....तू मुझे अपनी गोद में खाना खिलाएगा..?? अरे बाबा छोड़ मुझे ....छोड़ ना ..."


सॅम अपनी मोम को अपनी गोद में बाहों से जकड़ता हुआ और भी अपनी तरफ खींच लेता है ..


" हां मोम मैं पागल हूँ , बिल्कुल पागल हूँ आप के लिए .ग़लती आप की है .."


" वाह रे वाह ..पागल तू और ग़लती मेरी ..? " साना उसके कंधों पर अपना सर रख देती है और पूछती है..अब उसे भी अपने बेटे की गोद में अच्छा लग रहा था..उसके लौडे पर साना अपनी चूतड़ हिलाती जा रही थी धीमे धीमे...


" आप इतनी अच्छी , इतनी सुंदर हो और इतनी मस्त फिगर है आप की ...अगर मैं पागल हूँ आप के लिए तो मेरी क्या ग़लती ..?? ऊऊओह ...मोम ..देखिए आप की हरकत भी पागल किए जा रही है ... " सॅम का लंड साना के चूतड़ की हरकतों से कड़क होता जा रहा था...


" मैने क्या किया..? " साना अंजान बनते हुए कहती है ...." करना तो तुझे है ..बड़ा आया था मुझे खाना खिलाने..देख ना अब तक मैं तेरी गोद में बैठी भूखी हूँ ..एक कौर भी अंदर नही गया..." और अपने चूतड़ का दबाव उसके लौडे पर थोड़ा और ज़्यादा कर दिया ...


सॅम सीहर रहा था ...


" ओह सॉरी मोम ..सॉरी ...आप की हरकतों ने देखा ना कितना पागल कर दिया मुझे..मैं अपनी प्यारी मोम को खाना भी खिलाना भूल गया... चलिए मुँह खोलिए ...." और सॅम अपनी मोम को खिलाता जाता है ...और उसकी मोम बेटे की गोद में बैठे बैठे उसके लंड को दबाती है अपने चूतडो से ..कभी अपनी हथेली जांघों के बीच ले जाती हुई उपर ही उपर उसे सहलाती है ....कभी सॅम की हथेली जिस से वो मोम को खाना खिलाता है ..अपने हाथ से थाम लेती है ..उसकी उंगलियाँ मुँह के अंदर कर लेती है..पूरा चाट जाती है ...


दोनों एक दूसरे में खोए , छेड़ चाड और मस्ती के माहौल में खाना ख़त्म करते हैं ..


ख़ाना ख़त्म होते ही सॅम अपनी मा के मुँह के अंदर जीभ डाल , चाट चाट कर पूरा सॉफ कर देता है ...


साना भी अपने बेटे के मुँह में अपनी जीभ डाल देती है और बड़े प्यार से अंदर चाट चाट कर सॉफ करती है ....


अब तक दोनों के पेट की भूख तो शांत को चूकी थी ..पर लंड और चूत की भूख भड़क उठी थी जोरों से.......


सम अपनी मोम को अपनी गोद से उठाता हुआ खड़ा हो जाता है ...मोम को अपने सामने कर लेता है ..उसका कड़क लॉडा उसके पैंट के अंदर एक बड़ा उँचा सा उभार की शकल लेता है ...सॅम उसे अपने हाथ से जकड़ता हुआ मोम को दीखाता है ." देखिए मोम आप ने क्या कर दिया .....अब मैं पागल ना बनू तो क्या करूँ ..बोलो ना मोम ..उफफफफफ्फ़...."


साना को अपने बेटे के कड़क , लंबे और मोटे लंड से तो प्यार हो गया था , उस ने अपनी हथेली से पॅंट के उपर से उसे थाम लिया ..." अले ..अले.... यह तो साँप की तरह फॅन उठाए है ...इसे तो बिल चाहिए बेटा......चल मैं अपने बेटे के साँप का कुछ इंतज़ाम करती हूँ ..आ जा ..मेला राजा बेटा इतनी तक़लीफ़ में हैं .."


साना अपने बेटे की कमर पर हाथ रखे , उसे अपने से चिपकाती हुई , उसके साथ साथ अपने बेडरूम की सीढ़ियों की तरेफ बढ़ती जाती है...
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02-04-2019, 12:42 PM,
#33
RE: Chodan Kahani हवस का नंगा नाच
अपडेट 18:



सीढ़ियाँ चढ़ते हुए साना और सॅम एक दूसरे से बिल्कुल चीपके थे ..सम मोम को चूमता जाता , उसके भरपूर मुलायम चूतडो को अपनी हथेली से जाकड़ लेता ..उन्हें दबा देता ..साना उस से और भी चीपकती जाती, अपना सारा बोझ सॅम के कंधों और सीने पर डाल दिया था ...और एक हाथ से उसका कड़क मोटा लंड उसके पॅंट के अंदर हाथेलि डाले थामे सहलाती जा रही थी ...बेडरूम की ओर पहूंचते पहूंचते ही दोनों बूरी तरेह मचल उठे थे ..अब हवस के भूख से दोनों की आँखें बोझील होती जा रही थी...साना मस्ती में झूम रही थी..उसकी आँखें बंद होती जा रही थी....


कमरे के अंदर जाते ही दोनों अपने अपने कपड़े उतार फेंकते हैं और फिर एक दूसरे से बूरी तरेह चिपकते हुए पलंग पर गिर पड़ते हैं ....साना अपने बेटे के बोझ से दबी है ..बेटे की हवस की शिकार बनी उसके अगले वार का आँखें बंद किए इंतेज़ार कर रही थी..उसका बदन सीहर रहा था..



सम उस से बूरी तरेह चिपकते हुए उसके होंठों पर टूट पड़ता है ..चूस्ता है , मानो उसके होंठ खा जाएगा ..साना अपने हाथ उसकी पीठ पर जकड़ते हुए उसे अपने और भी करीब खींच लेती है ..अपनी चूत उसके लंड से घीसती है .....दोनों कांप उठ ते हैं ..


साना ने अपनी टाँगें फैला दी थी ..चूत के फाँक भी फैली थी , सॅम का लंड उसकी चूत की फाँक के उपर नीचे होते जा रहा था ... चूत गीली और भी गीली होती जा रही थी , और लॉडा कड़क और कड़क होता जा रहा था ...


सॅम ने होंठों से अपना मुँह हटाता हुआ मोम की भारी भारी चूचियों पर लगा देता है ..उन्हें दबाता है चूस्ता है चाट ता है मोम उछल रही थी ..उसकी कमर उपर उठ ती ..उसके चूतड़ उपर उठ ते जाते .उसके लौडे पर चूत का दबाब बढ़ता जाता ....


सॅम से रहा नही गया , साना अपने को रोक नही पाई ..साना ने सॅम के प्यारे प्यारे , लंबे , मोटे लंड को अपनी हथेली से थामते हुए अपनी गीली चूत की काँपति पंखुड़ियों के बीच रखा , चूत के सूराख के उपर उसके सुपादे को रखा और अपनी कमर उठाते हुए उसके लौडे को अपनी चूत के अंदर ले लिया ....कमर उठाती गयी ,उठाती गयी ..लॉडा कितना लंबा था ....पूरे का पूरा लॉडा फिसलता हुआ धीरे धीरे उसकी चूत के अंदर धंसता गया......दोनों की जंघें जूड गयी थी ..लॉडा अपनी जड़ तक साना की चूत के अंदर था ....


" आआआआह ....देखा ना बेटा मैने तेरे साँप को अपने बिल में डाल दिया ना ...अच्छा लगा ना मेरे बेटे को....अब कैसा लग रहा है सॅम ..??आराम मिला ना मोम के अंदर ..?? "


" हां मोम ..बहोत आराम है आप की चूत में ,,कितना गर्म , कितना नर्म , कितना मुलायम , कितना गीला...आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मन करता है बस ऐसे ही डाले रहूं ..ऐसे ही आप के अंदर पड़ा रहूं ...."


थोड़ी देर सॅम अपना लॉडा अंदर ही रहने देता है ..मोम की चूत को अपने लौडे से अच्छे तरह महसूस करता जाता है ... लौडे को मोम की चूत के पानी से भीगने देता है ... और मोम के बदन को चूस्ता जाता है..चाट ता जाता है ..कभी चूचियाँ ..कभी पेट , कभी होंठ ...एक एक अंग चाट ता है चूस्ता है ..मोम सीहर्ती जाती है ..काँपति जाती है ..उसके जांघें थरथरा रही थी ..चूत की पंखुड़ीयाँ कड़क और मोटे लौडे को टाइट जकड़े फडक रही थी ..


" बेटा ....आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अब और नही से सकती , चल अब अंदर बाहर कर ना ..लगा ना धक्के पर धक्का ,...जितना चाहे लगाता जा , जीतने ज़ोर से चाहे लगा ना ...लगा ना बेटा रुक मत ...अयाया ...." साना की चूत फडक रही थी


सॅम अब चुदाई की ओर बढ़ता है....


अपना अब तक मोम की चूत में चिपचिपे हो चूके लौडे को बाहर निकालता है ...और फिर मोम के चुतडो पर हथेली रख चूत उपर करता है और लंड धीरे धीरे अंदर धँसाता जाता है , मोम की चूत को अच्छी तरेह महसूस करता है , उसकी गर्मी , गीलेपन का अहसास , चूत की मुलायम दीवारों की पकड़ अपने लौडे पर महसूस करता है , अपने अंदर इन अहसासो की मस्ती और मज़े का अनुभव करता है ...जैसे जैसे लॉडा अंदर जाता है मोम सिहर्ती जाती है और साथ ही साथ सॅम भी कांप उठ ता है ..और अब उसके धक्के तेज़ होते जाते हैं ....उसके धक्कों में एक जोश है ..जवानी की उबाल है और अपनी हवस की भूख मिटाने की ललक , पुरजोर तड़प और कशिश ...

सॅम मोम को अपने से और भी जोरों से चीपका लेता है ..धक्के ज़ोर पकड़ते जाते हैं ..चीख और सिसकारियाँ निकलती जाती हैं दोनों के मुँह से , अपने आप ..."आआआआह्ह्ह्ह्ह..उऊहह...म-ओ-ओ-म ...अया ..कितना मज़ा है आप की चूत में...उफफफफफ्फ़.म-ओ-ओ-म ....." सॅम धक्कों के साथ बड़बड़ाता जाता है


" हाां ..हाआँ ..बेटा ...हाआँ ..यह चूत तेरी ही तो अमानत है ....ले ले ना ..पूरे का पूरा ...अयाया ..तेरा लॉडा भी तो कितना मोटा , लंबा और कड़क है...उफफफ्फ़ ..लगता है मेरी सारी खुजली मिटा देगा ....उूुुउउ.....हां रे ...अया ..और ज़ोर....हां मेला राजा ...मेला बेटा ...अपनी मोम को चोद..चोद..खूब चोद .....उूुउउ...मैं तो निहाल हो गयी रे...." साना भी मस्ती में बस यूँ ही बड़बड़ाती जा रही थी ...
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02-04-2019, 12:42 PM,
#34
RE: Chodan Kahani हवस का नंगा नाच
दोनों चुदाई के आनंद की चरम की ओर बढ़ते जा रहे थे..उन्हें कुछ भी होश नही था ..उनका अपने पे कुछ भी वश नही था ... मोम चुद रही थे ..बेटा चोद रहा था फतच फतच , पॅच , ठप की गूँज थी , सिसीकरियाँ , और चीखों की आवाज़ थी.


मस्ती के सागर में गोते लगा रहे थे दोनों , उनका बदन हल्का महसूस करता हवा में मानो तैर रहा था ....लहरा रहा था ..


और फिर सॅम ने इतनी तेज़ धक्के लगाने शूरू किए साना उछल पड़ी , उसका सारा बदन कांप उठा एक दम से ....उसकी चूत लौडे के दबाब से फैलती गयी , उसकी पंखुड़ीयाँ लौडे को कसती गयी , मानो उसे जाकड़ लेगी ...और फिर ढीली हो गयी , फिर कस गयी और फिर ढीली और एक दम से साना के चूतड़ उपर और उपर होते गये ....लौडा को अंदर लिए लिए और उसके बाद एक दम से ढीली पड़ती हुई अपने बेटे के नीचे सुस्त हो कर हाथ पैर फैलाए पड़ी रही ..हान्फते हुए पड़ी रही ...उसकी सांस तेज़ थी ..उसका सीना उपर नीचे हो रहा था ..


सॅम ने अपनी मोम को और भी अपने करीब खींच लिया ..अपने बिल्कुल चीपकाता हुआ , उसकी चूत में दो चार बड़ी जोरों से धक्के लगाए , बिजली की फूर्ती थी इन धक्कों में , पिस्टन का ज़ोर था इन धक्कों में , और फिर वो भी लंड चूत के अंदर किए , उसे अंदर दबाए दबाए झटके पे झटका खाता हुआ झाड़ता गया ..झाड़ता गया ..मोम की चूत में वीर्य की पीचकारी छूट रही थी ...वीर्य की धार और गर्मी से साना की ढीले से बदन में सीहरन हो उठी , सारा बदन गन गना उठा ....


दोनों हाथ पावं फैलाए एक दूसरे से चीपके एक दूसरे पर पड़े रहे ....एक दूसरे के बदन की गर्मी , नर्मी और पसीने से लत्पथ ......


कोई किसी से अलग नही होना चाहता था ....


उस रात कितनी बार दोनों ने चुदाई का खेल खेला किसी को पता नही था ..आखीर दोनों सुस्त हो कर एक दूसरे की बाहों में सो गये ...खो गये ..




और बस इसी तरेह सॅम और साना के प्यार की कहानी आगे बढ़ती रही , उनकी जिंदगी भी इसी रफ़्तार और तेज़ी से बढ़ती रही ...


सॅम कितना खुश था , साना कितनी खिली खिली रहती ....साना ने अब अपनी सारी ग़लत आदतें छोड़ दी थी ...शराब और शबाब की जगेह अब उस ने अपने आप को अपने बेटे के प्यार , दुलार के नशे में डूबा दिया था ...


साना की सारी जिंदगी , सारा समय अब सिर्फ़ उसके बेटे और उसके बिज़्नेस के काम के गिर्द रहता ..वो पूरी तरेह इनमें डूबी थी ..


सॅम भी अपनी मोम और कॉलेज की पढ़ाई में अपना सारा वक़्त गुज़ारता ...


दिन , हफ्ते , महीने और साल गुज़रते गये ...समय आगे बढ़ता रहा ... उनका प्यार भी समय के साथ बढ़ता रहा ..


सॅम ने अब कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ली थी और मोम के साथ अपने पापा के बिज़्नेस में हाथ बँटाता ... और धीरे धीरे उस ने सारा बिज़्नेस अपने हाथों में ले लिया ..मों सिर्फ़ नाम . की ही मालकिन थी ...


ज़्यादा वक़्त अब साना घर पर ही गुज़ारती ..पर अब घर उसे कुछ खाली खाली सा लगता ...सॅम के आने तक उसे घर काटने को दौड़ता ....एक एक पल का बड़ी बेसब्री से इंतेज़ार करती साना ..और जब सॅम आ जाता ..दोनों एक दूसरे में खो जाते...


एक दिन जब सॅम ऑफीस से वापस आया ..देखा साना बड़ी उदास सी थी ...खोई खोई सी थी ...


सम हैरान था मोम के इस रूप से ....


साना को जब भी सॅम अपने ऑफीस से वापस आने पर देखता..उसके चेहरे पर ताज़गी और मुस्कुराहट रहती , उसका मुस्कुराते हुए स्वागत करती ...


पर आज यह उदासी..? यह ख़ालीपन ?


सॅम अपनी मोम के चेहरे को अपनी हथेली मे थामता हुआ अपनी तरफ करता है और पूछता है


" मोम क्या हुआ ..बताओ ना , आज तुम्हारे चेहरे पर यह उदासी ..??"


साना , सॅम का हाथ अपने चेहरे से अलग करती है..उसकी ओर बड़ा सीरीयस सा मुँह बनाते हुए देखती है और उसी तरेह सीरीयस टोन में कहती है

" सॅम मैं बोर हो गयी इस जिंदगी से ..मैं शादी करना चाहती हूँ...! "
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02-04-2019, 12:42 PM,
#35
RE: Chodan Kahani हवस का नंगा नाच
सॅम मोम की बात सुन कुछ चौंक सा जाता है.." क्या.?.क्या....?क्या... कहा आप ने मोम .....?"


" अरे बाबा ऐसा क्या बॉम्ब फोड़ दिया मैने जो तू इतना चौंक गया है..? सीधी सी बात है हर औरत की तरेह मैं भी शादी करना चाहती हूँ..मैं इस दुनिया की कोई पहली औरत तो नही ...जो शादी करना चाहती है...??"साना ने अपने होंठों पर मुस्कुराहाट लाते हुए कहा..पर सॅम अपनी बौखलाहट में मोम के मुस्कुराते हुए चेहरे को नज़र-अंदाज़ कर देता है ..


यह सुनते ही सम का मुँह उतर जाता है....वो चूप चाप मोम की ओर मुँह लटकाए देखता है...


साना उसकी तरेफ देखती है " अरे बेटा इसमें मुँह लटकाने की क्या बात है ..क्या तुझे मेरी शादी से कोई परेशानी है...?" साना का चेहरा अभी भी हल्की सी मुस्कुराहट लिए था ...जिसे सॅम नही समझ पाता है अपनी हैरानी के कारण ..

" हां सही कहा आप ने मोम , आप पहली और आखरी औरत नही हो इस दुनिया की जो अपने प्यार को बेरहेमी से ठोकर मारते हुए किसी और से शादी करना चाहती हो ..हां मोम ...बहोत अच्छी बात है..देखिए ना मैं कितना खुश हूँ ..कितना खुश ...." और सॅम ठहाका लगाने की नाकाम कोशिश करता है .. उसकी आवाज़ , उसे धोका दे जाती है , ठहाके की जगेह उसका गला भर उठा , गला रुंध जाता है , सीसक उठता है सॅम ...


अब चौंकने की बारी साना की थी ..उस का मुँह ख़ूले का ख़ूला रह गया ...उस ने झट सम का चेहरा अपने सीने से लगा लिया ..उसकी आँखों से आँसू पोंछे , उसके गाल चूमते हुए बोली " अरे बाबा..आइ आम सॉरी , वेरी सॉरी बेटा....मैं नही जानती थी..मेरा मज़ाक तू इतना सीरियस्ली ले लेगा ....सॉरी ..बेटा , मेला राजा बेटा ..देख तो कितना दुखी हो गया मेरी शादी की बात से ..और तू ने यह तो पूछा ही नही वो कौन खुशनसीब है ??" साना ने उसकी तरेफ गौर से देखते हुए कहा..उसकी आँखों में झाँकते हुए कहा ..अब सॅम के दीमाग की घंटी बजी ....


" उफफफफफ्फ़..मोम आप भी ना ....आप नही जानती मोम इतनी ही देर में मैं कितनी मौत मर गया ....उफफफफ्फ़......पर अचानक ऐसे मज़ाक की बात आई कैसे आपके मन में ... " सॅम अपने आप को संभालता हुआ कहा ...


" ..यह सच है कि अब मैं शादी करना चाहती हूँ बेटा , उसी से जिस से मैने अपनी जान से भी ज़्यादा प्यार करती हूँ ....और वो शक्श कौन है तुझे क्या अब तक नही मालूम ..उफफफफफफफ्फ़...सॉरी बेटा मैने तेरा दिल दूखाया ,..मैं मज़ाक कर रही थी ..अरे मैं तो तुझ से ही शादी करने की बात कर रही थी.... !" मोम ने उसकी ओर ताकते हुए बेझिझक अपने दिल की बात कह दी...


सॅम को अब तक मोम की हरकतों से पता तो चल गया था के मोम के मन में क्या था ,,पर उनके खुद के मुँह से यह बात सून उसका मन बल्लियों उछल पड़ा ...और वो भी कुछ मज़ाक के मूड में आ गया ..


" मोम ज़रा फिर से बोलिए ना मैने ठीक से सूना नही ....." वो अंदर ही अंदर खुशी से झूम रहा था , पर अपने आप पर उसे विश्वास नही हो रहा था ...


" अरे बाबा ..ले सून फिर से सून ..." साना अपने बेटे के कान से मुँह लगाती है और जोरों से आवाज़ निकालती हुई कहती है " मैं अपने दिल पे हाथ रखती हूँ..अपने दिल-ओ-जान से भी प्यारे समीर के सर पर हाथ रखती हूँ और कहती हूँ ..मैं समीर से शादी करना चाहती हूँ...मैं समीर की मा हूँ और उसके बच्चे की भी मा बन ना चाहती हूँ..मैं अपनी झोली उसके सामने फैलाए उसके प्यार की भीख मांगती हूँ ..क्या मेरी झोली भरेगा मेरा समीर ..??? सूना तुम ने समीर ..???"


सम बस आँखें फाडे मोम की ओर देखता जा रहा था ... निशब्द ...खुशी की चरम सीमा पर था ....साना को अपनी पत्नी..अपनी व्याहता ..अपने होनेवाले बच्चो की मा के रूप में देखे जा रहा था..उसके इन सभी रूपों की कल्पना अपने में समेटे जा रहा था ...


और यह कह साना उसके सामने खड़ी हो कर उसके सामने अपने टॉप का नीचला हिस्सा अपनी हथेलियों से थामते हुए फैला देती है ...


सॅम से अब और रूका नही गया ..वो अपनी मा को ..उसके बच्चे की मा बन ने की हसरत रखने वाली मा को आगे बढ़ता हुआ अपने गले से लगा लेता है ,,उसे अपनी बाहों से जकड़ता हुआ उठा लेता है साना को अपनी बाहों में झुलाता है ..उसे चूमता है ..


उसे फिर कुर्सी पर बिठा देता है ....उसके सामने घूटनों पर बैठ मोम की ओर सर झुकाता हुआ कहता है ..." मेरी मा ..मेरे होनेवाले बच्चों की मा ....मेरी क्या औकात के मैं आप की बात टाल दूं...आप मेरी मा हो मेरे बच्चे की मा बन ना चाहती हैं ..मैं भला आप की इच्छा कैसे टाल सकता हूँ ....मा की इच्छा पूरी करना तो ,मेरा फ़र्ज़ है ....मैं आप की इच्छा ज़रूर पूरी करूँगा ..." वो और भी नीचे झूकता है ..मा के कदमों को चूमता है ..फिर उठता है ....मा की गोद में अपना सर रख देता है ..और फिर कहता है " लीजिए मैं अपने आप को आप के हवाले करता हूँ ....मेरी जिंदगी अब आप की है ..मैने अपना सब कुछ आप की झोली में डाल दिया मोम ....सब कुछ .." और मा की गोद में पड़ा रहा .
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02-04-2019, 12:43 PM,
#36
RE: Chodan Kahani हवस का नंगा नाच
साना अपने बेटे का यह असीम , निश्चल और बे-इंतहा प्यार देख निहाल हो उठ ती है ..


सॅम का सर उठाती है , उसके चेहरे को चूमती हुई कहती है " मैं जानती थी बेटा तू कितना खुश होगा इस बात से ..चल उठ ...इस बात पर अब ज़रा सीरियस्ली बात करते हैं..."


सम , मोम के बगल बैठता है ... और कुछ सोचता हुआ कहता है .." ह्म्‍म्म्म.. सीरीयस बात ..? अब इस में सीरीयस सी बात क्या है मोम ...बस चलिए कल कोर्ट में शादी कर लेते हैं ..अरे जब मियाँ बीबी राज़ी तो क्या करेगा काज़ी..??"


" अरे भोले राजा ...." साना उसके गाल में हल्की सी चपत लगाती हुई कहती है .."मुझे काज़ी का डर नही बेटा ,.दुनियावालों का डर है..हम मा-बेटा हैं ना..लोग क्या कहेंगे...क्या इस रिश्ते को समाज मानेगा ..? चलो समाज को मारो गोली..हमारे बच्चो का क्या होगा..उन्हें कितनी बदनामी झेलनी पड़ेगी ...? "


" तो आप ही बताइए ना मोम क्या करें..? "


" एक रास्ता है..हमें किसी ऐसी जगेह जाना होगा जहाँ हमें कोई नही जानता ..वहाँ हम कोर्ट-मॅरेज कर लेंगे .."


"पर मा ऐसी जागेह इंडिया में तो शायद ही मिले जहाँ हमें कोई नही जानता ... "


तभी म्र्स डी'सूज़ा हाथ में चाइ की ट्रे लिए आती है..आते वक़्त उसके कानों में भी उनकी बातें आती है...


म्र्स. डी' सूज़ा ट्रे टेबल पर रखती है और कहती है..


" सॅम बेटा ऐसी जागेह इंडिया में ही है ..और उस जगेह को मैं अच्छी तारेह जानती हूँ, वहाँ तुम्हें कोई नही जानता और वहाँ के लोग भी दूसरों के मामले में ज़्यादा टाँग भी नही अड़ाते.." सौज़ी मोम ने सॅम की ओर देखते हुए कहा...


" अरे सौज़ी मोम ,..फिर देर किस बात की बताइए ना ऐसी कौन सी जगेह है.कहाँ है ...जल्दी बताइए ना...." सॅम बेचैन सा होता हुआ पूछता है..


" बेटा , गोआ के जिस गाओं में मैं पली बढ़ी ना..वो गोआ से दूर समुद्रा के किनारे बसा है ....दुनिया से बिल्कुल अलग थलग ...शहेर से कोसों दूर ..वहाँ तुम्हें कोई नही पहचानेगा .कोई कुछ नही पूछेगा ..वहाँ अभी भी पुर्तगाली तौर तरीक़े ही चलते हैं .. बहोत खूबसूरत जागेह है ...और अभी भी वहाँ एक पुर्तगाली ज़मींदार का आलीशान बांग्ला खाली पड़ा है ..कोई खरीद दार वहाँ मिलता नही ..अभी कुछ दिन पहले ही मेरे एक जान ने वाले ने मुझसे उसे बेचने की बात कही थी .. .क्यूँ ना हम उसे खरीद लें और वहीं बस जायें और फिर तुम दोनों शादी कर वहाँ चैन से बाकी की जिंदगी गुजारो ..? " सूज़ी मोम , सॅम को समझाती हुई कहती है.


साना ने सारी बात ध्यान से सूनी और समझी और फिर कहा " हां बात तो ठीक है आंटी ,,मैं भी जानती हूँ अभी भी गोआ में ऐसी जगहें हैं ....पर हमारे बिज़्नेस का क्या होगा ,,? "


" ओह मोम ...डॉन'ट यू वरी अबाउट दट.. यहाँ बोर्ड ऑफ डाइरेक्टर्स सारा काम संभालेंगे और मैं ऐज दा चेर्मन ऑफ दा बोर्ड महीने में एक बार आता रहूँगा और उन पर निगरानी रखूँगा और फिर तुम भी तो ऐज आ मेंटर ऑफ दा बोर्ड अपनी सलाह देती रहोगी ,,क्यूँ है ना ठीक ..तुम यहीं रहना हमेशा ,,हमारे बच्चों की देखभाल का काम तुम्हारे ज़िम्मे.. हा हा हा हा हा !!!!" सॅम ठहाके लगाता हुआ कहता है ...



सॅम की बात सून कर साना कुछ बोलती उसके पहले ही म्र्स डी'सूज़ा बोल उठ ती है ..


" खबरदार जो कोई मेरे होनेवाले ग्रॅंडचिल्ड्रन को हाथ भी लगाया..अरे मैने साना को, सॅम को , तुम दोनों को अपनी गोद में पाला पोसा और अब जब तुम दोनों के बच्चे होंगे तो कोई और उसे पालेगा ..चाहे वो साना ही क्यूँ ना हो..मैं बर्दाश्त नही कर सकती ...समझे तुम दोनों ....मैं उन्हें पालूंगी ..बड़ा आया अपनी मोम को पालने पोसने को बोलने वाला ... ! " म्र्स. डी'सूज़ा ने सॉफ सॉफ लफ़्ज़ों में अपनी मंशा जाहिर कर दी.


सॅम आगे बढ़ कर अपनी सौज़ी मोम को गले लगा लेता है उसके गाल चूमता है और कहता है


" उफ़फ्फ़..सौज़ी मोम ..सॉरी सॉरी ,ग़लती हो गयी बाबा ..चंदे की ज़ुबान है ना बस फिसल गयी ....फर्गिव मी सौज़ी मोम , भला आप के होते हमें किसी और की ज़रूरत ही क्या ..है ना मोम..?" सॅम अपनी मोम की ओर आँखें मारता हुआ कहता है ..


साना खीलखिलाती हुई कहती है " ऑफ कोर्स सॅम ....यू आर आब्सोल्यूट्ली राइट ..."


म्र्स. डी'सूज़ा भी हंस पड़ती है और कहती है." तो ठीक है ..चलो अब तुम दोनों जूट जाओ और मुझे जल्दी से जल्दी ग्रांडमोम बनाने की तैयारी करो ..नो डिले ...समझे..??"


और फिर प्लान के मुतबीक सब कुछ होता जाता है ...


साना और सम म्र्स. डी'सूज़ा के गाओं के उस आलीशान बंगले में शिफ्ट हो जाते हैं ... बांग्ला बड़ा ही खूबसूरत था ..एक छोटी सी पहाड़ी के उपर बना ..समुद्रा के किनारे....बड़ी ही मनोरम छटा थी वहाँ की.


साना और सॅम शादी कर लेते हैं ...और हमेशा हमेशा के लिए एक दूसरे के हो जाते हैं ..


एक दूसरे में खो जाते हैं ... जहाँ सिर्फ़ उन दोनों के अलावा था तो सिर्फ़ सामने विस्तृत सागर और सागर की लहरें , उन ल़हेरो की पहाड़ी के तले से टकराने की आवाज़ और फिर उनके प्यार की निशानी ...जी हां एक खूबसूरत बेटी .... जिसका नाम था संवेदना .....


म्र्स. डी'सूज़ा प्यार से उसे साना बूलाती....

तो मित्रो ये कहानी भी यही ख़तम होती है वैसे मैं एक और नई कहानी शुरू कर चुका हूँ आशा करता हूँ ये कहानी आपको पसंद आई होगी 

दा एंड
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