Desi Porn Kahani ज़िंदगी भी अजीब होती है
10-05-2019, 12:57 PM,
#21
RE: Desi Porn Kahani ज़िंदगी भी अजीब होती है
जल्दी जल्दी वाली चुदाई


मैने प्रीतम की पेंटी को उठा लिया और अपनी जेब मे रख लिया फिर उसने हंसते हुवे सलवार पहनी और थोड़ा खुद को सही किया और वापिस चल पड़े तभी मुझे याद आया और मैने पायल निकाली और प्रीतम के पाओ मे पहना दी वो बोली ये क्यू तो मैने कहा बस ऐसे ही और फिर हम अलग अलग रास्तों से घर की ओर चल पड़े

जब मैं घर पे पहुचा तो अंधेरा होना शुरू हो गया था दादी ने कस के मुझे डाँट पिलाई और पूछा कि मैं कहाँ गया था तो मैने झूठ बोल दिया कि ऐसे ही क्रिकेट खेलने के लिए गया था.

तभी मम्मी ने बताया कि रवि और अनिता आए हुए है ये सुनके मैं बहुत खुश हुआ मुझे भाभी को मिले 2 महीने के लगभग हो गये थे ये तो सूकर है कि प्रीतम से टांका भिड़ गया था वरना पता नही मेरा क्या होता

मैं उनके घर की और दौड़ पड़ा और उनसे मिला हम सब बैठ के बाते कर रहे थे पर मेरी नज़रे तो बस अनिता भाभी की ओर ही थी भाभी भी ये समझ रही थी और मेरे मज़े ले रही थी

तभी भाभी चाइ बना ने के बहाने रसोई मे चली गयी थोड़ी देर बाद उन्होने मुझे आवाज़ लगाते हुवे कहा कि सब के लिए चाइ ले जाओ मैं सीधा रसोई मे गया और उनको दीवार से लगाते हुए चूम लिया

भाभी बोली अभी नही तुम्हारे भाई आ जाएँगे मैं सुबह 5 बजे बड़े मे पशुओ को चारा डालने आउन्गि तुम वही मिलना ये सुनके मैं बहुत ही खुश हुआ और चाइ की ट्रे लेके बाहर आ गया

थोड़ी देर इधर उधर की करने के बाद मैं घर आ गया और घड़ी मे 4.30 का अलार्म लगाया और लेट गया पर आँखो मे नींद भी नही आ रही थी बार बार मैं अनिता भाभी को चोदने का सोच के रोमांचित हो रहा था

रात भी कुछ ज़्यादा ही लंबी हो गयी थी कट ही नही रही थी और नींद भी नही आ रही थी खैर जैसे तैसे रात कट ही गयी मैं चुप चाप उठा और घर मे देखने लगा कि क्यों कि मम्मी और ताइजी अक्सर अर्ली मॉर्निंग ही उठ जाती थी

क्यों कि खेतो और पशुओ का बहुत काम होता था घर का काम तो चाची संभाल लेती थी और वे दोनो बाहर का अड्जस्ट कर लेती थी मैं बाडे मे ठीक 5 बजे पहुच गया था

तो भाभी वही पे थी जैसे ही उन्होने मुझे देखा वो दौड़ ते हुए मेरे सीने से आ लगी और मुझसे लिपट गयी और मुझे चूमने लगी मैने भी पूरा साथ देते हुवे उनके रसभरे अधरो को चूसना शुरू किया

उफफफफफफफफफ्फ़ क्या बताऊ उनके सुर्ख होंठ शहद से भी मीठे थे वो भी ऐसे शो कर रही थी जैसे जन्मो की प्यासी हो मैने अपना हाथ उनके घाघरे मे डाला और उनकी गरमा गरम चूत पे रख दिया भाभी ने पेंटी नही पहनी थी वो पूरी तैयारी कर के आई थी मैने चूत के दाने को सहलाना शुरू कर दिया
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10-05-2019, 12:57 PM,
#22
RE: Desi Porn Kahani ज़िंदगी भी अजीब होती है
भाभी ने अपनी टाँगो को कस लिया थोड़ी देर दाने को रगड़ने के बाद मैने दो उंगलिया एक साथ उनकी चूत मे घुसा दी तो वो चिहुनकते हुवे बोली आअहह फाडो गे क्या तुम कितने बेसबरे हो भाबी ने मेरे कान मे धीरे से कहा जल्दी से काम ख़तम करो कही उसकी सास ना आ जाए

मैने अपना पयज़ामा सरकाया और अपने लंड को चूसने कोकहा भाबी नीचे बैठ गयी और लंड को अपने मूह मे भर के गपा गॅप चूसने लगी मैने उनका सर पकड़ लिया और मज़े से लंड को चुसवाने लगा 5 मिनिट बाद उन्होने लंड को बाहर निकाला और घास के ढेर पे लेट गयी मैं उनकी चूत को चाटने के लिए बढ़ा तो उन्होने मुझे रोक दिया और सीधा चोदने को कहा अब मैं उनके उपर आ गया और लंड को चूत पे सेट करते हुवे उनमे समाता चला गया

भाभी की चूत बहुत ही कुलबुला रही थी वो भी ऐसे चुद रही थी जैसे ये उनकी अंतिम चुदाई हो और हल्के हल्के मेरे कान को अपने दांतो से काट रही थी भाभी के नाख़ून मेरी पीठ पे रगड़ रहे थे अब भाभी ने मेरे कुल्हो पे दबाव बनाते हुवे धक्को की गति को तेज करने का इशारा किया वो जल्दी से चुदना चाहती थी मैं भी दे दनादन लगा हुवा था चूत और लंड अपनी लड़ाई करने मे लगे हुवे थे

मैने भाभी को अपनी के अपने से कस लिया और चूत मे घसा घस पानी छोड़ने लगा उनकी चूत की दीवारे मेरे पानी से भीग रही थी उसी पल भाबी भी स्खलित हो गयी थोड़ी देर हम ऐसे ही पड़े रहे जैसे ही मैं पयज़ामा पहेन रहा था तभी ताइजी वहाँ पे भैंसो का दूध निकालने वाली बाल्टी लेके आ गयी और हमें वहाँ देखा या यू कहूँ मुझे वहाँ देख के हैरान हो गयी मैने झूठ बोलते हुए कहा कि मैं दौड़ करने जा रहा था कि भाभी को अकेला देखा तो उनके पास आ गया था

हालाँकि मैने बहाना तो बना दिया था पर मैं जानता था कि ताइजि ने दुनिया देखी थी ताइजी ने मुझे जाने को कहा और अनिता की ओर घूर्ने लगी मैं समझ गया था कि उन्हे शक हो गया था पर मैं सूकर मना रहा था कि उन्होने हमे रंग हाथ नही पकड़ा था वरना हालत गंभीर हो सकती थी खैर टेन्षन तो अब भी थी मैं सोच रहा था कि वो भाभी से सवाल जवाब तो कर ही रही होंगी चूत तो मिल गयी थी पर ताइजी की नज़रो मे गिरने का ख़तरा हो गया था जो ना मेरे लिए ठीक था ना भाभी के लिए
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10-05-2019, 12:58 PM,
#23
RE: Desi Porn Kahani ज़िंदगी भी अजीब होती है
मेरा हलक सूख गया था कदमो मे जैसे जान ही ख़तम हो गयी थी हालाँकि मैं पकड़ा नही गया था पर ये घर की बात थी और भाभी की ग्रह्स्थि को मेरी वजह से ख़तरा हो सकता था मैं धीमे धीमे कदमो से चलते हुवे घर पहुच गया और वहाँ बने चबूतरे पे बैठ गया था वैसे तो सारे घर वाले उठ गये थे पर मुझे कोई भी सीरियस्ली नही लेता था मेरे मन मे एक द्वंद चल रहा था मेरा भाबी से एक अलग सा ही रिश्ता था जो बस हम दोनो ही समझते थे ( उस टाइम तो मैं ऐसा ही सोचता था पर हक़ीकत बाद मे पता चली) मन बार बार विचलित हो रहा था मैं जल्दी से अनिता को मिलके तस्सल्ली करना चाहता था कि सब ठीक है या नही


पर मेरी हिम्मत नही हो रही थी हालाँकि मेरे और उनके घर मे बस एक दीवार का ही अंतर था फिर भी ना जाने क्यों मेरी हिम्मत नही हुवी दोफर को भाभी हमारे घर आई मैं उन्हे देख के हल्की से मुस्कुराया पर उन्होने मुझे कोई रसीद नही दी और दादी के पास चली गयी मैं भी दादी के पास जाके बैठ गया और भाभी से पूछा कि भाभी क्या हुवा फिर से उन्होने कोई जवाब नही दिया मेरा दिमाग़ और भी खराब होने लगा था मैने बहुत कोशिश की पर शायद ताइजी ने उन्हे मुझसे दूर रहने को कहा होगा

नया नया जवान हुवा था दुनिया के तोर-तरीके नही समझता था इस लिए दिल टूट सा गया था पर सब से ज़्यादा दुख भाभी के बर्ताव से हो रहा था मैं तो बस एक बार उनसे बात करना चाहता था कि मेरे जाने के बाद क्या हुवा था . मैं हताश होने लगा था फिर वो दिन भी आया कि रवि और भाभी वापिस चले गये इधर मैं प्रीतम पे भी ध्यान नही दे पा रहा था उसने कई बार मिलने के लिए संदेश भेजा पर मैने कोई जवाब नही दिया मैं ग्लानि से जलने लगा था कोई एक हफ्ते बाद रवि का फोन आया और उसने बताया कि वो कोई इंपॉर्टेंट डॉक्युमेंट्स भूल गया है मैं वो लेके उसे देने के लिए निमराना पहुच जाउ.

मैने अड्रेस लिखा और कहा कि मैं अगले दिन आ जाउन्गा . मैं थोड़ा खुश हो गया की चलो वहाँ पे भाभी से मिल सकूँगा . अगले दिन मैं उनके पास पहुच गया रवि ने मुझे गले से लगाया और हेल्प के लिए थॅंक्स कहा भाभी ने कोई खास तवज्जो ना देते हुवे फ़ॉर्मलटी के लिए हाल चाल पूछा और अपने कामो मे बिज़ी हो गयी रवि ने बताया कि कुछ दिनो से वर्क लोड ज़्यादा हैं तो वो नाइट शिफ्ट कर रहा हैं ये सुनके मैं खुश हो गया कि चलो रात तो अपनी ही हैं 8 बजे तक हम ने अपना डिन्नर ख़तम कर लिया था क्योंकि रवि को साइट पे जाना था फिर वो हमे बाइ बोलके निकल गया
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10-05-2019, 12:58 PM,
#24
RE: Desi Porn Kahani ज़िंदगी भी अजीब होती है
मैने डोर बंद किया और किचन मे भाभी जो बर्तन धो रही थी उनके पिछे जाके खड़ा हो गया और उनकी गर्देन पे हल्के से अपने होंठ टिका दिए और अपनी लिजलिजि जीभ उनकी गर्देन पे फेरने लगा अनिता क बदन मे सिरहन दौड़ गयी भाभी बोली प्लीज़ मत करो मुझे बर्तन धोने दो मैने काँपति आवाज़ मे कहा कि मैं कहाँ रोक रहा हू पर भाभी ने मुझे रसोई से निकाल दिया और रूम मे जाने को कहा पर मैं नही माना और उनका हाथ पकड़ के उन्हे अपने साथ रूम मे ले आया और पास रखी कुर्सी पे बैठ गया और उनको अपनी गोदी मे बिठा लिया


भाभी ने बिल्कुल विरोध नही किया और आराम से गोद मे बैठ गयी काले रंग की साड़ी मे वो बहुत ही मस्त लग रही थी मैने अपने हाथ उनकी छातियों पे कस दिए और ब्लाउज के उपर से ही उन्हे बुरी तरह से मसलने लगा आईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई वो थोड़ा चिल्लाई और बोली थोड़ा आराम से मैने दुबारा उनकी मोरनी सी गर्देन को चूमना शुरू किया और ब्लाउस के बटन को खोलना शुरू कर दिया मैं आराम से उनके एक एक बटन को खोल रहा था और उसे निकाल के फरश पे फेंक दिया आज उन्होने गोल्डन कलर की ब्रा डाली हुवी थी उनकी ये अदा मुझे बहुत पसंद थी कि वो बहुत ही सुंदर सुंदर ब्रा-पेंटी पहनती थी जिनमे उनके बदन की सुंदरता और भी निखर जाती थी

अब ब्रा को भी उतार दिया गया था मैं मज़े से छातियों को सहला रहा था ख़ासकर उनके निप्पल्स को जैसे ही मैं उन्हे रगड़ ता वो बहुत रोमांचित हो जाती थी बोबो को निचोड़ ने के बाद अनिता खड़ी हुवी और मैने उनकी साड़ी का पल्ला पकड़ लिया और साड़ी को खींच कर अलग कर दिया अब पेटिकोट की बारी थी एक झटके मे उसका नाडा भी खुल गया और वो भी फर्श की शोभा बढ़ा रहा था अब मेरी जान खाली गोल्डन पेंटी मे थी पेंटी भी ऐसी जिसने खाली बस चूत की गुलाबी फांको को ही छिपाया हुवा था मैने उन्हे धक्का देकर बेड पे गिरा दिया और फॉरन ही अपने कपड़े उतार दिए लंड तो किसी गुस्साए साँप की तरह फुफ्कार रहा था

मैने कहा जान देखो ना आपके बिना इसकी क्या हालत हो गयी हैं तो भाभी ने मेरे लंड को हाथ मे पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी और बोली क्या बात हैं देवेर जी यह तो बहुत गरम हो रहा हैं मैने कहा कि भाभी आप ही इसे ठंडा कर सकती हो और भाभी ने ये सुनते ही अपने होंठ मेरे लंड पे टिका दिए और सुपाडे को चूसने लगी मेरा पूरा शरीर उन्माद मे डूब गया उन्होने लंड को मूह से निकाला और कहा कि तुम लेट जाओ मैं लेट गया और फिर से उन्होने लंड को चूसना शुरू कर दिया मैने हाथ बढ़ा के उनके जुड़े को खोल दिया और उनके बालो को आज़ाद कर दिया अब भाभी और भी सुंदर लग रही थी
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10-05-2019, 12:58 PM,
#25
RE: Desi Porn Kahani ज़िंदगी भी अजीब होती है
वो पूरे जोश से चूस रही थी और मैं उनके चुतड सहला रहा था भाभी के होंटो का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था साथ ही वो मेरे अंडकोषो को भी सहला रही थी मेरे बदन मे मस्ती छा रही थी वो मेरे लंड को बुरी तरह से चूस रही थी बीच बीच मे जब वो अपने दाँत मेरे लौडे पे लगाती तो मज़ा और भी बढ़ जाता था और वो पलभी पास ही था जब मैं झड ने वाला था मेरे लंड ने ज़ोर्से झटका खाया और भाभी के मूह मे ही बरसात करनी शुरू कर दी पर भाभी पे कोई फरक नही पड़ा और वो मज़े से पूरा वीर्य पी रही थी और वीर्य भी निकले जा रहा था इतना तो पहले कभी नही निकला था झड़ने के बाद भी वो काफ़ी देर काफ़ी देर तक चुस्ती रही

फिर मैने उन्हे परे किया और पानी माँगा वो अपनी गान्ड को कुछ ज़्यादा ही हिलाते हुवे पानी लाने मूड गयी मैने थोड़ा पानी पिया अब भाभी लेटी हुवी था मैने उनक्की नाभि मे अपनी उंगली डाली और उन्हे छेड़ने लगा भाभी मचलते हुवे बोली क्या अपनी भाभी जान का रस नही पियोगे मेरे प्यारे देवर जी भाभी ने मुझे आमंत्रण दिया तो मैं कैसे पीछे रहता उन्होने अपनी गान्ड उठा कर कछि को खुद ही निकाल दिया उनकी छोटी से चूत जो हल्के हल्क बालो से धकि हुवी थी उसकी गुलाबी पंखुड़िया कामरस से भीगी हुवी कांप सा रही थी

मैने अपनी उंगलिया उनकी झांतों मे फेरनी शुरू करदी और कुछ देर ऐसे ही करता रहा उन्होने अपनी आँखे बंद कर ली थी अब मैने उंगली को चूत की फांको पे फेरना चालू किया भाभी की उत्तेजना बढ़ती ही जा रही थी अब मेरी उंगली अंदर बाहर होने लगी थी भाबी आहे भरने लगी थी मैं भी गरम हो रहा था मैं बेड के सिरहाने पे टेढ़ा होके बैठ गया और भाभी को हल्का से खड़ा करते हुवे उनकी गुलाबी फांको को अपने मूह मे भर लिया और उनका नमकीन कामरस चाट ना शुरू कर दिया उनके रोम रोम से मस्ती फूट रही थी वो अपनी चूत को मेरे चेहरे पे रगड़ते हुवे चिल्ला रही थी

अहह प्पीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई जऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ और ज़ोर से सस्स्स्सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ
फफफफफफफफफफ
फफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ बहुत हिस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स आहह आआआआआअहह और चाटो चटूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ
ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ पूरी जीभ डाअलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई
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करती हुवी चूत का रस पिला रही थी इधर लंड भी दुबारा तन गया था मैने देर ना करते हुवे अनिता को घोड़ी बनाया और एक ही झटके मे अपना लंड चूत मे घुसा दिया और उनकी पतली कमर को थाम कर उन्हे चोदने लगा भाभी की गान्ड पूरी तरह से पीछे थी और वो बार बार उसे हिला रही थी मैने उनके चुतडो पे हल्के हल्के थप्पड़ लगाने शुरू कर दिए जिस से उनकी गोरी गान्ड हल्की लाल हो गयी और वो और जोश से अपने कुल्हो को पिछे करते हुवे चूत मरवाने लगी थोड़ी देर ऐसे ही करने के बाद अब मैने उन्हे नीचे लिटाया और उनकी टाँगो को अपने कंधो पे रख लिया और तबाद तोड़ शॉट लगाने लगा भाभी अपनी छातियो को भींच रही थी 10 मिनिट बाद भाभी ने अपना पानी छोड़ दिया और कस्के मुझ से लिपट गयी
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10-05-2019, 12:58 PM,
#26
RE: Desi Porn Kahani ज़िंदगी भी अजीब होती है
मैं कुछ देर ऐसे ही रहा फिर लंड को चूत से बाहर निकाला और उनको उल्टा लिटा दिया और ढेर सारा थूक उनकी गान्ड के छेद पे लगा दिया भाबी ने बिल्कुल मना नही किया और मैने उनकी चूत के रस से सने लंड को गान्ड के छेद पे लगाया और सुपाडे को गान्ड मे घुसा दिया भाभी के मूह से दर्द भरी आह निकल गयी मैने होले होले लंड घुसाना जारी रखा और ऐसे ही पूरा लंड गान्ड मे जड़ तक घुसा दिया अब भाभी भी थोड़ा नॉर्मल हो गयी थी मैने गान्ड मारनी चालू की और हाथो को उनकी बूब्स पे रख दिया और उन्हे दबाते हुवे गान्ड मारने लगा कमरे मे बस भाभी की आहें ही गूँज रही थी ऐसे ही उनकी गान्ड चुदाई चलती रही 20 मिनिट तक गान्ड मारने के बाद मैने उनके चुतडो पे ही अपना पानी गिरा दिया और उनकी बगल मे लेट गया

अब मैने उनका हाथ अपने हाथ मे पकड़ा और उसे सहलाते हुवे पूछा कि वो ऐसा रूखा व्यवहार क्यो कर रही थी तो उन्होने थोड़ा शर्मिंदा सा होते हुवे कहा कि उनकी सास यानी ताइजी को उनपे शक हो गया हैं उन्होने भाभी को बहुत डाँट-फटकार लगाई थी ताई ने उसको भरपूर गालिया दी थी आक्च्युयली हुवा ये था कि जब हम चुदाई मे व्यस्त थे तभी वो वहाँ पे आगयि थी हमे देख लिया था ये सुनके मैं हैरान हो गया था

अब मुझे पता चल गया था कि उस टाइम भाभी मुझसे उखड़ी उखड़ी सी रहती थी भाभी ने बताया कि मैं उनके दोस्त से बढ़के उनके लिए हू पर उनकी एक ग्रह्स्थि भी है जिसमे वो बहुत खुश है और वो किसी भी हाल मे अपना घरेलू जीवन बर्बाद नही करना चाहती मैं कशम कश मे फस गया था क्यों कि मैं थोड़ा उनसे एमोशनली कनेक्ट भी था

उनके रूप मे मुझसे एक कशिश सी महसूस होती थी भाभी ने कहा कि वो अब मेरे साथ सेक्स का रिश्ता नही निभा पाएगी पर वो हमेशा मेरी दोस्त रहेगी अब वो इंतज़ार कर रही थी कि मैं कुछ कहूँ मैने काफ़ी सोच विचार करके उन्हे वचन दिया कि मैं कभी भी उनके घरेलू जीवन के आड़े नही आउन्गा और ऐसी कोई भी हरकत नही करूँगा मैने उन्हे कह दिया कि ये राज हमेश मेरे सीने मे दफ़न हो के रहे गा

ये सुनके भाभी ने मुझे गले लगा लिया और थॅंक्स कहा मैं हल्के से मुस्कुरा दिया पर मेरे दिल मे एक टीस उभर आई थी जो शायद भाभी ने भी समझ लिया था तभी वो बोली कि मैं तुम्हारे लिए कुछ करना चाहती हू मैं तुम्हे अपनी एक रात देती हू तुम जब भी चाहोगे किसी भी अवस्था मे मैं तुम्हारे लिए अड्जस्ट करूँगी ये मेरी तरफ से तुम्हारे लिए एक तोहफा होगा

पर मैने कहा कि आपने पहले ही इतना किया है मैं उसी से खुश हू और अपने कपड़े पहन ने लगा भाभी ने भी एक मॅक्सी डाल ली थी रात काफ़ी गुजर गयी थी पर बैचैनि बढ़ गयी थी तभी मैं भाभी के गले लग गया और रोने लगा भाभी मेरी पीठ को सहलाते हुवे मुझे चुप करा रही थीं ना जाने मैं कितनी देर रोता रहा वो कहते हैं ना कि रोने से अक्सर दर्द कम हो जाता हैं भाभी भी थोड़ा सेंटी हो गयी थी कुछ हालत ऐसे हो गये थे कुछ अपना करम

अब आगे तो बढ़ना ही था सुबह भी होने ही वाली थी ना जाने कब आँख लग गयी सुबह 8 बजे मैं उठा तो रवि आ चुका था और नहा रहा था फिर मैं भी फ्रेश होने चला गया आधे घंटे के बाद हम सब नाश्ता कर रहे थे रवि मुझे बहुत प्यार करता था मेरा बहुत ख्याल रखता था नाश्ते के बाद मैने अपना बॅग लिया और भाई से जाने की इजा जत माँगी तो उसने कहा कि इतनी जल्दी क्या हैं अभी रुक जाओ

हमे भी अच्छा लगे गा तो मैने कहा भाई घर पे भी कई काम होते हैं और बहाना करके उस से विदा ली और चल पड़ा रवि ने बस स्टॅंड छोड़ने को कहा पर मैं उसको परेशान नही करना चाहता था क्योंकि पूरी रात वो ड्यूटी पे था तोमैने मना किया और पैदल पैदल बस स्टॅंड की ओर चल पड़ा कोई घंटे बाद मैं घर पहुच गया दोपहर का टाइम था घर पे पहुचते ही बॅग रखा और तौलिया उठा ते हुवे सीधा बाथ रूम मे घुस गया जैस ही अंदर घुसा तो मेरे तो होश ही उड़ गये

चाची पूरी नंगी मेरी आँखो के सामने भीगी हुवी खड़ी थी उनका गदराया हुस्न देख कर मैं तो सन्न हो गया मुझे कुछ ना सूझा ये सब इतना तेज़ी से हुआ कि उनको भी कुछ करने का वक़्त ना मिला तभी उन्होने अपने पेटिकोट से अपने जिस्म को ढकने की असफल कोशिश की टाँगे तो ढक गयी थी पर उपर का हिस्सा अभी भी नंगा ही था तो वो चिल्लाते हुवे बोली दफ़ा होज़ा यहाँ से और मैं भाग के अपने कमरे मे घुस गया और कुण्डी लगा ली.
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10-05-2019, 12:58 PM,
#27
RE: Desi Porn Kahani ज़िंदगी भी अजीब होती है
मेरे दिमाग़ मे चाची की चूचिया बार बार आ रही थी मैं अपने विचारो पे नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहा था अब मैं बाहर आके दादी के पास बैठ गया चाची भी नहा के अपने रूम मे जा चुकी थी तो मैं कुछ सोचते हुवे उनके कमरे मे गया तो वो बोलिक्या है वो भी थोड़ा अजीब मह सूस कर रही थी क्यों कि मैने उन्हे नंगा देख लिया था मैं उनके बेड पे बैठ गया और उनसे माफी माँगने लगा तो वो बोली आइन्दा से जब भी बाथरूम मे जाओ पहले चेक कर लेना और हंस पड़ी मुझे भी थोड़ा रिलॅक्स फील हुवा

समय अपनी गति से चल रहा था गर्मी अपने चरम पे थी मैं रात को छत पे सोता था हर रात को मैं रेडियो सिटी पे लव गुरु शो को सुनता था हो सकता है आप मे से कुछ लोगो को वो याद हो हर रोज रात दस से बारह हौले हौले संगीत चल रहा था उन दिनो मेरे जैसे का रेडियो एक बहुत ही बड़ा सहारा होता था चाहे गाने सुनो या क्रिकेट कॉमेंटरी सुनो रेडियो तो जैसे स्टेटस सिंबल होता था

टाइम शायद ग्यारह से उपर ही हो रहा होगा लाइट का कुछ अता पता नही था गाँवो मे तो कभी भूले भटके आ जाती या कभी दिन मे कभी रात मे ऐसे ही चलता रहता है मुझे ज़ोरो से प्यास लग रही थी मैं उठा और नीचे जाने लगा तभी मेरी नज़र आँगन मे पड़ी हालाँकि लाइट नही थी पर थोड़े दिन पहले ही पूर्णिमा थी तो थोड़ी रोशनी थी चंद्रमा की तो मैने देखा की फोल्डिंग पे दो जिस्म घमासान मचा रहे है गोर से देखा तो चाचा –चाची अपने तन की प्यास बुझाने मे लगे हुवे थे उन्हे देख कर मेरा लंड भी अंडरवेर मे मचलने लगा लाइव शो मेरी आँखो के सामने चल रहा था चाची टेढ़ी होकर लेटी हुवी थी और चाचा पीछे से उनको चोद रहे थे मैं थोड़ा दुबक के उनको देख रहा था हालाँकि इतना सॉफ सॉफ तो नही था कि चूत दिख जाए क्योंकि रात थी पर काम चलाऊ तो दिख रहा था चाचा- चाची दबा दब लगे हुवे थे

फिर कुछ देर मे दोनो शांत पड़ गये अब मैं पानी पीना भूल गया था मैं चटाई पे लेट गया और अपनी आँखो को मूंद लिया पर मेरी आँखो मे बार बार वो ही सीन चल रहा था मुझे पता ही नही चला कि कब मेरे हाथ लंड पे पहुच गये और मैं उसे सहलाने लगा उस टाइम चूत का जुगाड़ तो हो नही सकता था भाभी का साथ तो पहले ही छूट गया था और प्रीतम भी उस वक़्त तो ना मुमकिन ही थी तो बस अपने हाथ का ही सहारा था

तभी मुझे पता नही क्या हुवा मैं चाची की कल्पना करते हुवे मुट्ठी मारने लगा मैने अपनी आँखे बंद कर रखी थी और अपने लंड को हिला रहा था आज तो हिलाने मे चुदाई से भी ज़्यादा मज़ा आ रहा था तभी मेरा पानी निकल गया और फिर मैं सो गया सुबह मैं अभी भी सोया पड़ा था तभी चाची चाइ का कप लेके मुझे जगाने आई

मैं गहरी नींद मे था और सपने मे प्रीतम को चोद रहा था तभी चाची अपने हाथ से मुझे झिंजोड़ते हुवे उठाने लगी चूँकि मैं थोड़ी नींद मे था और सपने मे प्रीतम के होने की वजह से मेरे मूह से अचानक प्रीतम का नाम निकल गया जिसे चाची ने सुन लिया परंतु उन्होने कुछ रिएक्ट नही किया और चाइ का कप मुझे देके चली गयी मैने सोचा कि हो सकता हैं कि उन्होने ना सुना हो ये सोच के ही दिल दो तसल्ली दी और चाइ पी के नीचे पहुच गया

पेपर तो ख़तम हो चुके थे रिज़ल्ट आने मे थोड़े दिन थे तो मैं भी पूरा टाइम फ्री ही था नहाते हुवे मैं प्रीतम को मिलने की सोच रहा था पर फ्री होने के नुकसान भी होते है सारे दिन घर के कामो मे पिलते रहो. पापा ऑफीस जाने की तैयारी कर रहे थे तो मैने उनसे कुछ पैसे माँगे ये पहली बार था कि बिना कोई सवाल पूछे उन्होने पैसे दिए हो खैर अपना काम तो हो गया ही था आज मैं सहर जाके पिक्चर देखना चाहता था उन दिनो मर्डर फिल्म लगी हुवी थी कई दोस्तो से सुना था कि बहुत मस्त फिल्म है पर शायद किस्मत को मंजूर नही था

तभी ताइजी घर आ गयी और मम्मी को पूछने लगी मैने इशारे से बताया कि वो अपने कमरे मे है अब उनको भी उसी दिन सिटी जाना था मम्मी बोली कि आज घर पे ही रहना और कही जाना मत मुझ गुस्सा तो बड़ा आया पर मन मारके रह गया और अपने कमरे मे चला गया ऐसे ही दोपहर हो गयी तभी चाची आवाज़ लगा ने लगी मैं उठ के गया तो वो बोली कि आटा ख़तम होनी वाला हैं स्टोर मे चलो और गेहू निकालने मे मदद करो

स्टोर मे जाके देखा तो कई बोरियो को चूहो ने कुतर दिया था जिस से काफ़ी गेहू खराब हो गया था तो मैने कहा कि चाची ये तो नुकसान हो गया तो वो बोली हां यहा पे दुबारा से इनको सॉफ करना पड़ेगा आज का तो पूरा दिन जाए गा तो मैने सॉफ मना कर दिया पर वो ज़ोर देते हुवे बोली कि करना तो पड़ेगा ही वरना खाएँगे क्या तो मैने कहा कि अभी तो टंकी से गेहू निकाल लो बाकी काम बाद मे कर लेंगे पर वो नही मानी मैं क्या कहता
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10-05-2019, 12:58 PM,
#28
RE: Desi Porn Kahani ज़िंदगी भी अजीब होती है
अपने को तो पिल्ना ही था मैं टंकी का निचला द्वार ओपन करने लगा पर वो खुल ही नही रहा था शायद जाम हो गया था काफ़ी कोशिस के बाद भी वो नही खुला तो चाची ने कहा कि ऐसे करते हैं कि मैं बोरियो पे चढ़ के उपर का ढक्कन खोलती हू और बाल्टी से गेहू निकाल लेते है और बाद मे चाचा से टंकी को ठीक कर वा लेंगे अब चाची ने अपनी चुनरिया मूह पे बाँध ली और बोरियो के ढेर पे चढ़ने की कोशिश करने लगी मैने कहा कि मैं स्टूल लाता हू फिर आप आराम से चढ़ जाना तो उन्होने कहा एक काम करो तुम मुझे पकड़ के चढ़ा दो

कोई ज़्यादा उँचान तो हैं नही मैने उनको कमर से पकड़ा और उपर को उठाने लगा आज ज़िंदगी मे पहली बार मैने उनको टच किया था उनकी कमर का माँस बहुत ही सॉफ्ट था मेरी उंगलिया उनकी कमर मे धँस रही थी मैं हल्का सा खो गया था तो वो बोली अरे क्या हुवा उपर तो करो फिर मैने उन्हे बोरियो पे चढ़ा दिया उन्हने ढक्कन खोला और मुझे गेहू पकड़ाने लगी हमे स्टोर मे आधा घंटा हो गया था उपर से गर्मियों के दिन थे पसीना भी आने लगा था तभी चाची का पैर फिसल गया और वो बाल्टी को लिए लिए मुझ पे आ गिरी मैने उनको थामने की असफल कोशिस की पर नाकाम रहा और इसी बीच मेरे हाथ उनके चुतडो पे लग गये या यू कहूँ कि उनके चुतड मेरे हाथो से दब गये



परंतु उस समय इतना ध्यान नही गया उनकी छातिया मेरे सीने पे गढ़ रही थी मैने उन्हे परे धकेला और वही फर्श मे बैठ गया चाची अभी भी फर्श पे पड़ी हुवी थी उनको उठा ते हुवे मैने पूछा कि आप ठीक तो हो तो उन्होने कहा कि घुटना फर्श पे ठुक गया है और बहुत दर्द हो रहा हैं वो रुआंसी हो गयी थी मैने उन्हे सहारा दिया पर वो चलने की हालत मे नही थी तो मैने कहा चाची बुरा ना मानो तो मैं आपको उठा के ले चलूं

तो उन्होने हाँ करदी हीरो बन ने के चक्कर मे कह तो दिया था पर उठाया जब पता चला कि वो दिखती पतली सी हैं पर वजन पूरा है थोड़ा कोशिस करके उन्हे उनके रूम मे पहुचा दिया और बेड पे लिटा दिया उनकी कोहनी मे भी खरास लग गयी थी मैने कहा दिखाओ कि कहाँ कहाँ लगी है फिर मैं डेटोल लाया और उनकी कोहनी पे लगाया तो जलन से उनकी आह निकल गयी मैने उनका पैर पकड़ा और उसे हिलाने लगा तो वो बोली मत कर बेटा बहुत दर्द हो रहा है

तो मैने पूछा कि चाची घर मे इयोडीक्स है वो बोली बैठक की अलमारिमे है मैं फॉरन ही ले आया और बोला लाओ चाची मैं लगा देता हू तो चाची ने मना करते हुवे कहा कि तुम जाओ मैं लगा लूँगी तो मैने कहा कि नही चाची आप भी तो इतना करती हो घर के लिए तो मेरा भी कुछ फर्ज़ है और मैं बेड पे बैठ गया और उनका पैर उठा के अपनी टाँगो पे रख लिया पर चोट तो घुटनो पे लगी थी ये भी साला एक अजीब ही ट्विस्ट हो गया था

अरे मैने चाची के बारे मे तो बताया ही नही चाची का नाम बबिता है उमर 31 हैं गोरा रंग पतली कमर और मांसल गान्ड बहुत ही गोरी हैं किसी गुड़िया की तरह लगती हैं उनकी शादी को 7 साल हो चुके हैं पर अभी कोई संतान नही हुवी है मैने कहा चाची लहंगा थोड़ा उपर कर्लो तो मैं इयोडीक्स लगा लू उन्होने थोड़ा सा उपर कर लिया पर घुटना अभी थोड़ा दूर था

तो मैने खुद ही उसे उठा दिया तो वो बोली ये क्या कर रहे हो तोमैने कहा कि अगर लहंगा उपर नही करूँगा तो बॉम कैसे लगाउन्गा तो वो कुछ ना बोली और अब मैं उनके घुटने पर इयोडीक्स की मालिश कर रहा था मैने उनके पैर को थोड़ा उपर उठा दिया जिस से अंदर का नज़ारा मुझे सॉफ दिख रहा था गोरी गोरी टाँगे दिख रही थी पर पेंटी नही दिख रही थी क्यों कि पैर इतना ज़्यादा नही उठा सकता था मैं पूरी लगन से उनकी मालिश कर रहा था

मेरे हाथ बीच बीच मे फिसल कर जाँघो पे भी चले जाते थे पर उन्होने कुछ ना कहा अब मैने पैर को थोड़ा सा और उठा दिया और एक नज़र चाची पे डाली वो अपनी आँखे बंद करके लेटी हुवी थी अब घाघरे के अंदर का सब कुछ दिख़रहा था उन्हों नीले कलर की पेंटी पहनी हुवी थी ये देख कर मेरा लंड निक्कर मे थी खड़ा हो गया अब मेरे हाथ घुटने को छोड़ कर थोड़ा उपर की ओर रेंगने लगे थे

क्या बताऊ चाची का बदन बहुत ही कोमल था मेरी रगड़ तेज होती जा रही थी तभी उन्होने कहा कि अब वो थोड़ा ठीक फील रही और उठ के बैठ गयी
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10-05-2019, 12:58 PM,
#29
RE: Desi Porn Kahani ज़िंदगी भी अजीब होती है
इधर मेरी निक्कर मे लंड फॅन फानाया हुवा था जिस से थोड़ा बाहर की ओर कुछ फूल सा गया था चाची की नज़र उधर पड़ी तो वो कुछ गोर से देखने लगी

मैं भी भाँप गया था मैने फॉरन अपनी बनियान को नीचे कर लिया अब चाची ने भी अपना ध्यान हटाया और कहा कि मैं जाकर स्टोर मे बिखरे गेहू इकट्ठा कर दूं ऑर वो खाना नही बनाएगी और थोड़ी देर सोना चाहती है


मैने कहा कोई बात नही आप आराम करो और मैं स्टोर मे चला गया वहाँ काफ़ी देर लग गयी थी आया तो पूरा शरीर पसीने और धूल मे सना हुवा था और मैं सीधा बाथ रूम की ओर चल पड़ा मैं नहा रहा था तभी मेरी नज़र वहाँ रखी कछियो पे पड़ी ऐसे ही मैने उन्हे उठा लिया और देखने लगा

मुझे बार बार चाची का ही ध्यान आ रहा था पर ये नही पता था कि उनकी पेंटी कॉन सी है पर मैने एक को अपने लंड पे रख दिया और उस से लंड पे रगड़ने लगा बहुत ही अच्छा लग रहा था ऐसे ही मैने मूठ मारनी शुरू करदी

मैने अपनी आँखे बंद करली और चाची को सोचते हुवे मूठ मार रहा था और थोड़ी देर बाद अपना वीर्य उसी कछि पे गिरा दिया और उसे वही पे रख दिया जहाँ से उठा या था और नहा कर बाहर आ गया था फिर थोड़ी देर आराम किया और फिर प्लॉट की ओर चल दिया


…. वहाँ जाके घास काटी और पशुओ को चारा खिलाया अब बारी उन्हे नहलाने की थी मैने पानी भरने के लिए टंकी का नल खोला तो उसमे पानी बहुत ही धीरे आ रहा था मैं अंदर गया तभी ध्यान आया कि मोटर तो प्रीतम के बाडे मे है मैं उसे लेने गया


तो देखा वो और उसकी मा वही पे थे मैने मोटर माँगी तो प्रीतम बोली तुम चलो मैं थोड़ी देर मे देने आ जाउन्गि और मैं वापिस आ गया थोड़ी देर बाद वो आई चूँकि प्लॉट मे और कोई नही था मुझे खुराफात सूझी मैने उसे पकड़ लिया और वही पे एक खटिया पड़ी थी उसपे गिरा दिया

तो वो कसमसाते हुवे बोली छोड़ो मुझे क्या कर रहे हो जाने दोमुझे पर मैं तो चुदाई की आग मे जलने लगा था मैने उसकी सलवार मे हाथ डाल दिया और चूत को मसल्ते हुवे बोला कुछ नही होगा बस 10 मिनिट मे ही कर लूँगा पर वो नही मानी वो बोली मेरी मा इधर ही हैं अगर मैं ज़्यादा देर रुकूंगी तो वो कही इधर ही ना आ जाए तो मैने थोड़ी देर उसको किस किया और फिर जाने दिया

उस दिन और कुछ ज़्यादा नही हुवा भाभी का साथ तो छूट ही गया था प्रीतम भी कुछ ज़्यादा काम आ नही र्है थी कुल मिलाके बस कट ही रही थी और मैं चाची के प्रति आकर्षित होने लगा था अब मेरी नज़र बदल गयी थी
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10-05-2019, 12:59 PM,
#30
RE: Desi Porn Kahani ज़िंदगी भी अजीब होती है
अब वो मुझे बस एक चूत दिखती थी जिसमे मैं अपना लंड डालना चाहता था पर ये बहुत ही मुश्किल था तभी एक अच्छी बात हुई गाँव मे मेला लगा मैने पहले ही पूरा प्लान बना के प्रीतम को लिख दिया था कि मेले वाले दिन वो किसी तरहा हमारे प्लॉट मे आ जाय और हम थोड़ा टाइम साथ बीतायँगे और उसने कहा अगर चान्स मिला तो वो ज़रूर आ जाए गी आख़िर उसकी चूत भी कुलबुला रही थी

आप तो समझ सकते हैं कि गाँव के लोगो के लिए मेलों की क्या अहमियत होती हैं जो मज़ा मेले मे आता था वो मज़ा हज़ारो र्स खर्च करके भी शॉपिंग माल मे नही आता हैं

मेले वाले दिन मैं 11 बजे घर से मेला जाने को कह कर निकला और प्लॉट मे पहुच गया अब बस प्रीतम डार्लिंग का इंतज़ार था काफ़ी समय बीत गया पर वो अभी तक नही आई थी फिर कुछ देर बाद उसने गेट पे दस्तक दी मैने जल्दी से उसको अंदर किया और गेट बंद कर दिया और जल्दी से उसको लेके कमरे मे आ गया

वो झट से मेरे गले लग गयी मैने भी उसको अपनी बाहों मे भर लिया उसकी गरम सांस मेरे चेहरे पे पड़ रही थी उनमे एक अलग सी खुश्बू थी जो हर पल के साथ मुझे मद होश कर रही थी मैं उसकी गान्ड को सलवार के उपर से ही सहलाने लगा

वो भी अधीर होते हुवे बोली कि तुम जल्दी ही कर लेना उसे मेले भी जाना हैं मैने अपनी उंगली उसके होंटो पे रख दी और उसको चुप करवा दिया उसकी नशीली आँखें मेरे उपर डोरे डालने लगी थी मैने बिना देर किए उसके होन्ट अपने मुहमे भर लिए और उनको चूमने लगा


वो भी मेरा साथ देने लगी मेरी जीभ उसके मूह मे घूम रही थी और मैने उसके हाथ को अपने लंड पे रख दिया और वो उसे मसल्ने लगी काफ़ी देर तक उसके होंठ ही चूस्ता रहा तब उसने मुझे हटा या और बोली अब क्या इन्हे सुजा के छोड़ोगे मैने उसके सूट को उपर करना शुरू किया और निकाल ही रहा था की वो बोली पागल मत बनो कोई आ गया तो मैने कहा गेट अंदर से बंद है और आज मेला हैं तो इतना रिस्क तो बनता है

वो हँसते हुवे बोली एक दिन तुम मुझे मरवाओगे सफेद ब्रा मे उसकी मोटी मोटो चूचिया बाहर आने को मचल रही थी मैने देर ना करते हुवे उनको आज़ाद किया और एक को थोड़ा नीचे झुकते हुवे अपने मूह मे भर लिया इधर प्रीतम ने मेरे पाएजामे और अंडरवेर को नीचे करते हुवे लंड को बाहर निकाल लिया और अपनी उंगलिया उसपे कस दी मैं उसकी चूची पी रहा था बिल्कुल गुलाबी निप्पल्स बहुत ही संवेदन शील थे जितना मैं उनपे जीभ फेरता उतना ही प्रीतम के बदन मे मस्ती का संचार हो रहा था अब मैने उसकी सलवार और पेंटी एक साथ ही उतार दी और उसको नंगी कर दिया और खुद भी नंगा हो गया मेरा लंड उसकी चूत पे रगड़ खा रहा था वो बोली जल्दी करो ना तो मैने लंड पे थूक लगाया और उसकी एक टाँग को थोड़ा उठाया और लंड को चूत मे डाल दिया और खड़े खड़े ही चूत मारने लगा

प्रीतम की चूत से फ़च फ़च की आवाज़ आ रही थी और हर लम्हे के साथ वो मस्ती मे डूब ती जा रही थी अब मैने उसको वही फरश पे लिटा लिया और उसकी टाँगो को चौड़ा किया और उसमे समाता चला गया मैं दुबारा उसके होंटो का रस पीने लगा था चुदाई के समंदर मे हमारी नाव तेज गति से तैर रही थी तभी मुझे ध्यान आया कि उस रात चाचा किस पोज़िशन मे चाची को रगड़ रहे थे

तो मैने अपना लंड निकाला और उसको टेढ़ी करते हुए उसकी एक टाँग को थोड़ा उठाया और पीछे से चूत मे लंड को घुसा दिया प्रीतम बोली आहहह ये क्या करते हो थोड़ा आराम से डालो मैने अपना एक हाथ उसके साइड से निकालते हुवे चूची को पकड़ लिया और उसे भींच ने लगा लंड सरपट सरपट चूत के अंदर बाहर हो रहा था मैने अब उसके गालो को चूसना शुरू कर दिया था प्रीतम भी पूरी मस्ती मे अपने गुदाज कुल्हो को पीछे कर रही थी गर्मी की दुपहरी मे दो जवान पसीने से भीगे जिस्म एक अलग ही लड़ाई मे लगे हुवे थे
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