Desi Porn Stories नेहा और उसका शैतान दिमाग
01-30-2021, 12:20 PM,
#31
RE: Desi Porn Stories नेहा और उसका शैतान दिमाग
नेहा की आँखें फटी रह गईं। एक के बाद एक धारें, कभी उसके गले, कभी उसकी छाती पे गिरती चली गई। समर अपने आपको कंट्रोल नहीं कर पाया था। अपनी बहन के हाथों का स्पर्श पाते ही वो झड़ गया था, और नेहा अपने भाई के क्रीम में सन गई थी।

नेहा तो ये देखकर हैरान रह गई थी। इतना सारा क्रीम निकला था समर के लण्ड से, और सब उसके ऊपर आकर गिरा। वो तो ये देखकर और बावली हो गई।

समर ने जब आँख खोली तो उसने देखा की क्या बवाल हो गया था। उसकी बहन उसका झड़ा हुआ लण्ड हाथ में लेकर बैठी थी और वो उसके लण्ड से निकले वीर्य से सनी हुई थी। जो भी हुआ हो, उसकी दीदी इस पोजीशन में एक बहुत सुंदर और सेक्सी पोर्नस्टार लग रही थी।

समर- “आई आम सो सारी दीदी। मैं अपने पर काबू नहीं रख पाया..” समर ने नेहा से आँख चुराते हुए कहा।

नेहा को भी होश आया। उसने समर की तरफ देखा और फिर उसके झड़े हुए लण्ड की तरफ, कहा- "इट्स ओके समर। ये तो होना ही था.” वो बोली- “दुख तो बस इस बात का है की मैं इसके साथ ढंग से खेल नहीं पाई.." नेहा ने लण्ड की तरफ इशारा करते हुए कहा।

फिर उसने कुछ ऐसा किया की समर का सोया लण्ड भी जाग गया। उसने समर के लण्ड को जोर से दबाया और सारा वीर्य निकालकर साफ कर दिया। निकला हुआ वीर्य नेहा की उंगलियों में था। नेहा ने पूछा- “तूने कभी अपना वीर्य चखा है समर?"
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समर- “न-नहीं दीदी..."

नेहा- “अच्छा.." नेहा बोली और एकदम से अपनी वीर्य से सनी हुई उंगलियों को अपने मुँह में डाल दिया। उनको मजे से चूसने लगी।

समर को लगा जैसे वो बेहोश हो जायेगा।

नेहा- “वाउ, इट्स डेलीशियस। तुझे ट्राई करना चाहिये अपना वीर्य... नेहा ने उंगलियां बाहर निकालते हुए कहा।

समर तो बुत बना रह गया।

नेहा- “चल समर... लगता है आज का शो खतम हो गया.." नेहा ने अपने भाई के लण्ड को आखिरी बार छूते हुए कहा- “तू अब सो जा। मैं भी जाती हूँ, मुझे भी तेरी तरह अपने शरीर की प्यास बुझानी है। बहुत बेचैन हो रही हँ...” ये बोलकर नेहा ने अपनी टांगें खोल दी और अपनी गीली शार्ट को समर को दिखाया- “देख आज क्या हाल हुआ है इसका?"

नेहा ने अपनी चूत पे हाथ फेरा- “जल्दी से इसको ठीक नहीं किया तो मैं मर जाऊँगी..."

समर अपनी बहन की गीली निक्कर देखने लगा। वो इतनी गीली थी की नेहा की चूत की लकी सी शेप आ रही थी। समर को लगा जैसे वो फिर से झड़ जायगा।

नेहा ने अपनी टाँगें बंद की और उठकर दरवाजे की ओर चल दी- “आज जो हुआ, वो हमारे बीच में ही रहना चाहिये समर..." नेहा ने कहा।

समर- “हाँ... दीदी.” समर ने जवाब दिया।

नेहा- “गुड बाइ.." नेहा ने कहा- “चलो गुडनाइट.."

समर- “गुडनाइट दीदी.."
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01-30-2021, 12:22 PM,
#32
RE: Desi Porn Stories नेहा और उसका शैतान दिमाग
नेहा- “और एक और बात... अगर तुझे आज जो हआ वो अच्छा लगा तो मेरा कमरा तेरे कमरे के सामने ही है। हम कभी भी ये रिपीट कर सकते हैं... नेहा बोली।

समर का लण्ड फिर अपनी पूरी लम्बाई तक खड़ा हो गया था। उसे अपनी दीदी के मुंह से निकले शब्दों पर यकीन नहीं हो रहा था।

नेहा- “और वैसे भी मैंने तुझे गाण्ड नहीं दिखाई जैसा मैंने वादा किया था..” नेहा ने समर को याद दिलाया “मगर चिंता मत कर, अगर तू एक अच्छा बच्चा बनकर रहेगा, और अपनी दीदी की बात मानेगा तो गाण्ड क्या तुझे अपने बदन का कोना-कोना खोलकर दिखाऊँगी..."

समर ने इससे सेक्सी बात आज तक नहीं सुनी थी।

नेहा ने अपनी छाती से वीर्य की एक बूँद ली और समर को आँख मारते हुए उसे अपने मुँह में डाल लिया- “एक एक कोना..." नेहा ने कहा और दरवाजा खोलकर अपने कमरे में चली गई।

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01-30-2021, 12:22 PM,
#33
RE: Desi Porn Stories नेहा और उसका शैतान दिमाग
सबकी अपनी प्यास उस रात को बीते हए तीन-चार दिन हो चुके थे। उनके माँ बाप घर आ गये थे। समर अपनी दीदी से नजर मिलाने से अभी भी शर्मा रहा था। उन दोनों को ही थोड़ा अटपटा लगता था एक दूसरे के सामने आना। जब कोई भाई बहन अपने इतने पुराने रिश्ते की हद तोड़ देते हैं तो ये तो होगा ही। वो एक दूसरे से बहुत कम बात कर रहे थे। करते भी कैसे? अब एक दूसरे को वो भाई बहन कम, सेक्स की वस्तु ज्यादा मानते थे। हर पल दोनों के दिमाग में बस वही रात घूमती रहती थी।

समर अपने कमरे में बैठा हर दिन की तरह आज भी उस हवस से भरी रात के बारे में सोच रहा था। उस रात घटी एक-एक घटना उसके दिमाग में बसी हुई थी। नेहा के मुंह से निकला हर एक शब्द, उसके बदन का हर अंग जैसे समर के माइंड में छप गया था। उसने याद किया की कैसे उसकी बहन पर उसने मूठ मार दिया था। कैसे उसकी बहन ने वो चाटा था, कैसे उसकी चूत बह रही थी। उसने याद किया कैसे उसने अपनी दीदी के जाने के बाद बेडशीट पे गिरे उसकी चूत के पानी को सूंघा था, उससे चखा था, कितना स्वादिष्ट था वो।

“अपने शरीर का कोना-कोना खोलकर दिखाऊँगी...” ये शब्द समर के दिमाग में 24 घंटे घूमते रहते थे- “कोना कोना खोलके दिखाऊँगी." हर दिन उस रात को सोचते-सोचते वो दिन में 5-6 बार मूठ मारता था। अपनी दीदी के नाम की मूठ, और चाहे वो जितनी बार भी झड़ जाए, उस दिन को याद करके वो फिर खड़ा हो जाता था।

समर के कमरे के सामने के कमरे में भी कुछ यही हाल था। चूत में दो उंगलियां घुसाए नेहा भी उसी रात को याद कर रही थी। अपनी गीली टाइट फुद्दी में वो अपने उंगलियों को अंदर-बाहर कर रही थी, और मन में उसके बस एक ही चीज थी, अपने भाई का लण्ड। उसने अपनी उंगलियां बाहर निकाली और उनको मुंह में डाल दिया। मगर उसे अपनी चूत का टेस्ट नहीं आ रहा था। वो अभी भी अपने छोटे भाई के वीर्य को अपने मुँह में इमेजिन कर रही थी।

कुछ ही देर में दोनों भाई बहन ने अपने-अपने कमरों में अपना क्लाइमेक्स पूरा किया। समर ने अपना लण्ड झाड़ा, और नेहा ने अपना आर्गेज्म पूरा किया। अब दोनों अपने बिस्तर पे बैठे सोच रहे थे।
दीदी ने मुझे खुला इनविटेशन दिया था। उस रात की तरह हम फिर से सब कुछ कर सकते हैं। पर पता नहीं मैं इतना फटतू क्यों हूँ? समर ये सोच रहा था।

नेहा का भी दिमाग चल रहा था। उस दिन मैंने इतना सब कर दिया, अपने छोटे भाई के साथ। उसको खुला इनविटेशन भी दे दिया। फिर भी उसने एक बार भी उस रात का जिकर नहीं किया। क्या मैंने बहुत बड़ी गलती तो नहीं कर दी? पता नहीं क्या सोच रहा होगा वो मेरे बारे में? पता नहीं कहीं किसी को बता ना दे।

समर दिमाग में सोच रहा था। अगर थोड़ी हिम्मत होती मुझमें तो अभी तक दीदी के साथ मजे कर रहा होता। वो तो मुझे अपना बदन दिखाने वाली थी, और ना जाने क्या-क्या करती बस अगर मुझमें थोड़ी हिम्मत होती। मन करता है की अभी चला जाऊँ दीदी के पास और बता दूं उन्हें की मुझे वो सब करना है। मगर कैसे? समर सोच रहा था।

उधर नेहा सोच रही थी- कितना फटतू है यार समर। मगर क्या करे वो भी, मेरा ये रूप देखकर बेचारा हैरान हो गया होगा। जब मैं खुद पर इतनी हैरान हूँ तो वो तो पता नहीं पागल ही हो गया होगा। मगर मैं इस चीज को ऐसे नहीं छोड़ सकती। अब मेरा बदन और मेरी चूत बहुत आगे बढ़ गई है। जो शुरू किया है उसे खतम नहीं होने दूंगी इतनी जल्दी। नेहा का शैतान दिमाग फिर जाग गया था।

विचारों के इन्हीं कशमकश में दोनों भाई बहन अपने-अपने कमरों में नींद के आगोश में चले गये।
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01-30-2021, 12:22 PM,
#34
RE: Desi Porn Stories नेहा और उसका शैतान दिमाग
रात के एक बज चुके थे। एक पत्नी दरवाजे पे नजरें टिकाए अपने पति का इंतेजार कर रही थी। रोज की तरह आज भी उसका पति लेट था। उनके बच्चे, नेहा और समर, कब के सो भी चुके थे। और वो अभी तक अपने पति का इंतेजार कर रही थी।

प्रीति- “ना जाने क्या करते रहते हैं ये... अब तो रोज का काम हो गया है इनका..” प्रीति ने मन ही मन सोचते हुए कहा..” अब आयेंगे, और बस सो जायेंगे। और रोज की तरह मैं भूखी ही रह जाऊँगी..”

प्रीति उदास थी। सच में भूखी थी वो, और ये भूख उसके जिश्म की थी। आधे घंटे बाद दरवाजे की घंटी बजी। प्रीति ने दरवाजा खोला, यतीन अंदर आया। प्रीति ने उसका बैग लेते हुए कहा- “क्या यतीन... तुम रोज घर लेट आते हो..."

यतीन- “अरे काम होता है। मेरा मन थोड़ी करता है लेट आने का...' यतीन बोला, और सीधा बेडरूम में चला गया। प्रीति भी उसके पीछे चल दी।

प्रीति ने पूछा “खाना खाया तुमने?"

यतीन- “हाँ... खा लिया। अब मैं जरा फ्रेश होकर आता हूँ। बहुत नींद आ रही है..” ये बोलकर यतीन बाथरूम चला गया।

प्रीति का तो दिल ही बैठ गया। लगा जैसे आज फिर उसका जिश्म प्यासा रह जायगा- “क्या ये मुझसे अब प्यार नहीं करते? इतने दिन बीत गये एक बार भी मुझे छुआ तक नहीं। कभी सेक्स करते भी हैं तो ऐसे करते हैं जैसे एहसान कर रहे हों। क्यों... मुझमें कोई कमी आ गई है?” प्रीति ये सब सोच रही थी।

यतीन बाहर निकला तो उसने देख की प्रीति उसे घूरे जा रही थी। उसने पूछा- “क्या हुआ?"

प्रीति ने पूछा- “तुम मुझे बताओ की क्या हुआ है तुम्हें? क्या तुम्हें मुझमें कोई कमी लग रही है?” उसकी आँखों में उदासी और गुस्सा दोनों दिख रहे थे।

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यतीन- “अरे यार प्रीति, तू फिर वही बात लेकर बैठ गई..” यतीन ने चिढ़ते हुए कहा।

प्रीति ने कहा- “क्यों ना लेकर बैठू.. एक मर्द अपनी बीवी को जब छूना छोड़ दे, तो दिमाग में यही आता है की शायद कुछ कमी आ गई है..."

यतीन- “ऐसा कुछ नहीं है प्रीति। पागल मत बन...” यतीन ने कहा।

प्रीति- “बनूँगी पागल... हफ्ते, महीने निकल जाते हैं बिना कुछ किए। मेरी भी कुछ जरूरतें हैं और उनको पूरा करना तुम्हारा काम है, जो तुम आजकल नहीं कर रहे हो...” ये बोलते हए वो खड़ी हुई और आकर यतीन के आगे खड़ी हो गई- “देखो मुझे... ध्यान से देखो। और बताओ क्या कमी आ गई है मुझमें?"

यतीन ने अपनी आँख उठाकर अपनी बीवी की तरफ देख। 42 की साल की थी प्रीति, मगर कोई ये कह नहीं सकता था। दिखने में वो 32 साल की लग रही थी, 38-30-38 का उसका फिगर बहुत ज्यादा कामुक था। थी तो वो एक माँ, लेकिन दिखने में नेहा की बड़ी बहन लगती थी। पतली कमर पर पहाड़ जैसे दो चूचे थे, जो हल्के से लटक गये थे। मगर अभी भी मर्दे का लण्ड खड़ा कर सकते थे। पतली कमर और उसके नीचे प्यारी सी बड़ी सी गाण्ड, आँखें नीली, काले घने बाल और दूध जैसा बदन।

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01-30-2021, 12:22 PM,
#35
RE: Desi Porn Stories नेहा और उसका शैतान दिमाग
यतीन ने माना की उसकी पत्नी थी तो एकदम सेक्सी।

प्रीति को भी लगता था की वो अभी भी बहत संदर लगती है। दिन में ना जाने कितने लोग उसकी तारीफ किया करते थे। अपने पूरे खानदान में अब तक उसकी सुंदरता के चर्चे होते थे। ये सब उसकी खुद की मेहनत का नतीजा था। वो रोज जिम जाती थी। हेल्दी खाना पीना और अच्छा लाइफस्टाइल व्यतीत करती थी। अपने शरीर का पूरा ख्याल रखती थी, और ये उसको देखकर लगता था।

प्रीति- “बोलो ना... क्या मैं तुम्हें सुंदर नहीं लगती?” प्रीति ने पूछा। उसने एक नाइटी पहनी हुई थी।

यतीन मानता था की उसकी बीवी अभी भी पटाका थी। कोई भी आदमी उसके साथ सेक्स करने के लिए कुछ भी कर सकता था। मगर यतीन खुद अब अपनी बीवी से बोर हो गया था। वो प्रीति से प्यार करता था और उसकी परवाह भी करता था। पर अब उसे प्रीति को चोदने का इतना मन नहीं करता था।

असल में यतीन का अपनी सेक्रेटरी के साथ अफेयर था। अफेयर क्या, बस चुदम चुदाई का मामला था। यतीन की सेक्रेटरी, फातिमा, 25 साल की जवान लड़की थी। जिसने अपनी तरक्की के लिए अपनी चूत का सहारा लेने का सोच लिया था। शुरुआत से ही वो अपने बास, यतीन पे डोरे डालती थी। छोटे कपड़े पहनना, फ्लर्ट करना, और अंजान बनकर यतीन को अपना बदन दिखाना। वो तो बस चाहती थी की यतीन उसे चोदे और वो उसपे अपना जादू चला दे।

यतीन ने शुरुआत में अपने आपको रोकने की बहुत कोशिश की। मगर एक रात शराब के नशे में उसने फातिमा को चोद ही दिया। बन गया वो एक बेवफा पति। अगले दिन उसे बहुत बुरा लगा, मगर जो जवान चूत उसने चख ली थी, उसका नशा उसके मुंह से नहीं गया। बस तब से ये चक्कर शुरू हो गया। 6 महीनों से फातिमा के साथ यतीन का अफेयर चल रहा था। फातिमा उसकी हर ख्वाहिश पूरी करती थी और बदले में यतीन भी उसको पैसे, प्रमोशन या गिफ्ट्स से नहलाता था।

मगर जैसे-जैसे उसका फातिमा की चूत में इंटरेस्ट बढ़ा, उतना ही अपनी बीवी में कम हो गया। वो रोज रात को फातिमा को चोदता था, और घर लेट पहँचकर काम का बहाना लगाता था। उसका लण्ड अब इतना जवान नहीं था की एक रात में दो औरतों को चोदे। कभी हफ्तों में एक बार में प्रीति को भी चोद देता था, ताकी उससे शक ना हो। मगर अब उसे अपनी बीवी की चूत में इंटरेस्ट नहीं था। ये सारी बातें उसके मन में घूम रही थी। उससे पता था की वो गलत काम कर रहा है। मगर अब बहुत देर हो चुकी थी।

यतीन- “प्रीति, तुम्हें पता है ना आजकल आफिस में कितना काम होता है?" उसने झूठ बोलना शुरू किया- “शरीर में जान नहीं बचती। तू इतनी सेक्सी है, अगर मेरा बस चले तो रोज सेक्स करूँ। मगर नहीं हो पाता मुझसे...'

प्रीति बेचारी हार के बिस्तर पे लेट गई..” रोज का यही कहना है तुम्हारा। मर्द हो तुम। सेक्स का भूखा होना चाहिये तुम्हें तो..."

यतीन मन में- “भूखा हूँ मैं प्रीति, मगर आजकल मेरी भूख एक जवान चूत बुझा रही है.." और कहा- “कह रहा हूँ ना प्रीति की थका होता हूँ। चल परसों सनडे है ना... छुट्टी है। सनडे को तू जो बोलेगी वो होगा..."

प्रीति खुश हो गई और यतीन से पूछा- “पक्का... प्रामिस."

यतीन- “हाँ बाबा प्रामिस..” यतीन ने कहा- “अब सो जा, और मुझे भी सोने दे..."

प्रीति ने हँसते हुए अपनी आँखें बंद कर ली। एक तरफ एक अंजान बीवी थी जो अपनी चूत की आग बुझाने का बेसब्री से इंतेजार कर रही थी। तो दूसरी तरफ एक बेवफा पति था जो गिल्ट की नदी में बह रहा था, मगर उसका लण्ड अब उसके काबू में ना था। दोनों ही परेशान थे। मगर आगे जो तूफान आने वाला था उससे अंजान थे। तूफान जो उनकी बेटी नेहा लाने वाली थी।
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01-30-2021, 12:23 PM,
#36
RE: Desi Porn Stories नेहा और उसका शैतान दिमाग
अगले दिन सुबह समर उठकर अपने कमरे से नीचे आया। सटर्डे था, नेहा और उसके कालेज की छुट्टी थी। नीचे उसने देखा की उसकी माँ प्रीति किचेन में थी।

समर- “गुड मार्निंग मोम... डैडी कहां हैं?" उसने कहा।

प्रीति- “मार्निंग समर..” प्रीति ने जवाब दिया- “कहां होंगे तेरे डैडी? आफिस। रात को देर से आते हैं और सुबह जल्दी निकल जाते हैं। पता नहीं कितना काम है उन्हें?" प्रीति को क्या पता था की यतीन क्या काम करता था आफिस में?

समर- “सच में... अब तो डैडी दिखते ही नहीं हैं। एनीवेस मोम, बहुत भूख लगी है, जल्दी से नाश्ता दे दो.” समर ने कहा।

प्रीति- "नाश्ता बन रहा है। तू तब तक अपनी बहन को उठाकर आ। पता नहीं कब तक सोएगी?" प्रीति ने कहा।

समर ये सुनकर परेशान हो गया। वो नेहा का सामना नहीं करना चाहता था, कहा- “मैं नहीं जा रहा। आप ही उठा लाओ...” समर बोला।

"तुझे दिख नहीं रहा, मैं काम कर रही हूँ। जा जल्दी, और नीचे ला उसे.." प्रीति ने थोड़ा कड़क अंदाज में कहा।

समर को उठना पड़ा। वो धीरे-धीरे नेहा के कमरे की तरफ बढ़ने लगा। रास्ते में उसे फिर से उस रात के दृश्य नजर आ रहे थे। क्या बोलूँगा दीदी को? कैसे सामना करूँगा? सोचते-सोचते उसकी फट रही थी। वो नेहा के दरवाजे तक पहुँचा। उसने सोचा की बाहर से आवाज लगा के चला जाऊँगा। दीदी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उसने दरवाजा खटकाना शुरू किया- “दीदी... उठ जाओ। देर हो गई है। मोम नाश्ते के लिए बुला रही है...”

अंदर नेहा कब की उठी हुई थी और बस नीचे जाने ही वाली थी की उसने समर की आवाज सुनी। वो चाहती तो अंदर से ही जवाब दे सकती थी। मगर उसके दिमाग में एक आइडिया आया। उसने एक शर्ट ओर शार्टस पहनी थी। उसने शर्ट के ऊपर के दो बटन खोल दिए और शार्टस को थोड़ा और ऊपर चढ़ा दिया। इससे उसके बड़े-बड़े चूचे आधे शर्ट से बाहर दिखने लगे और ब्रा भी दिखने लगी। शार्टस चढ़ने से उसकी गोरी जांघे भी अपना जलवा दिखाने लगी। नेहा मन ही मन मुश्कराई।

समर- “दीदी... उठो दीदी..” उसने फिर दरवाजा खटकाया। मगर कुछ जवाब नहीं आया। अच्छा ही है, मोम को बोल दूँगा की दीदी उठ नहीं रही, मुझे उनका सामना भी नहीं करना पड़ेगा। ये सोचते हुए समर ने राहत की साँस ली और मुड़कर नीचे जाने लगा।

तभी दरवाजा खुला- “क्या हुआ समर?"

नेहा की आवाज सुनते ही समर पीछे मुड़ा और उसके होश उड़ गये। उसने देखा की उसकी दीदी अपनी बड़ी सी क्लीवेज और चूचे दिखाते हए दरवाजे पे सेक्सी पोज दिए खड़ी थी। उसकी गोरी टाँगें भी डिसप्ले में थी। उसकी आँखें फट गई, और लण्ड दो पल में खड़ा हो गया।

नेहा- “क्या हुआ?" नेहा ने फिर पूछा।

समर- “वो... वो दीदी... वो मोम नाश्ते के लिए नीचे बुला रही है.” समर हकलाते हुए बोला। ना चाहते हुए भी उसकी आँखें अपनी बहन के बदन पे टिकी हुई थी और नेहा ये देखकर खुश हो रही थी।

नेहा- “हाँ... ठीक है, मैं चेंज करके नीचे आती हूँ..” नेहा बोली- “मगर अच्छा हुआ तू ऊपर आ गया। मुझे तुझसे कुछ बात करनी थी..."

समर चिंता में पड़ गया। इसी चीज को ही तो वो अवायड कर रहा था।

नेहा- “अंदर आ समर..." नेहा ने अंदर आने का इशारा करते हुए कहा।

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01-30-2021, 12:23 PM,
#37
RE: Desi Porn Stories नेहा और उसका शैतान दिमाग
समर नर्वस होते हुए अंदर आया। समर अंदर घुस के खड़ा हो गया।

नेहा ने दरवाजा बंद कर दिया और जाकर बेड पे बैठ गई। उसने अपने पास बेड थपथपाते हुए कहा- “यहां आकर बैठ.."

समर को कुछ दिन पहले हुए उसके बेड पे हुए इन्सिडेंट्स याद आए। जब वो अपना लण्ड बाहर निकाले बैठा था

और उसकी बहन उससे खेल रही थी। उसका लण्ड एकदम तना हुआ था। वो बेड पे बैठा।

नेहा ने बोलना शुरू किया- "देख समर, इतने दिन हो गये हैं। हम अभी तक उस रात जो भी हुआ, उसको अवायड कर रहे हैं..."

समर के कान खड़े हो गये। जिसका उससे डर था वही हो रहा था।

नेहा- “हमने जो भी किया था वो सच्चाई है। हम उसको बदल नहीं सकते..." नेहा ने कहा। ये कहते-कहते वो थोड़ा झुक सी गई और सुडौल मम्मे और भी ज्यादा बाहर लटकने लगे।

समर ये देखकर पागल हो गया। कुछ सेकण्ड के लिए तो वो बिना पलक झपकाए अपनी दीदी कू चूचियां ही घूरता रहा।

नेहा- “उस दिन मैंने तुझसे जो कहा था की हम ये सब फिर कर सकते हैं, मुझे लगता है वो मेरी गलती थी.." नेहा ने अपनी शक्ल पे एक उदासी भरा एक्सप्रेशन लेकर कहा- “मुझे लगता है जो कुछ हआ, वो तुझे अच्छा नहीं लगा। तभी तू मुझसे आँखें चुराता रहता है। और मैं ये मानती हूँ, ये मेरी गलती थी। मगर अब कभी ऐसा आगे कभी नहीं होगा..."

ये बात सुनकर समर के कान खड़े और दिल बैठ गया। उसे लगा जैसे कोई बड़ा धक्का लगा हो। हाँ वो डरा हआ था, हाँ वो नर्वस था, मगर वो रात उसकी जिंदगी की सबसे हसीन रात थी। और अपनी दीदी के मुँह से ये सुनकर की अब वैसा वक्त कभी नहीं आयेगा, उसे बहुत बुरा लगा।

नेहा खड़ी हो गई- “मुझे माफ कर दे समर..” उसने कहा- “उस दिन मैं बहक गई थी..” ये बोलते हुए उसने अपने हाथ से कछ नीचे गिराया और जानबूझ के समर के मुँह के सामने गाण्ड बाहर निकालकर झुक गई।

समर की आँखों के एकदम सामने 3 इंच की दूरी पर नेहा की गोल गाण्ड थी। समर हवस में आ गया। उसका मन तो किया की किसी तरह इस गाण्ड को छु ले, उसे चूम ले।

नेहा खड़ी हुई- “मेरी गलती थी की मैंने तुझसे ऐसी बात की। और तेरे लण्ड को छुआ.." नेहा ने- “लण्ड' शब्द पर ज्यादा जोर दिया।

समर का लण्ड, लण्ड सुनकर फटने जैसा हो गया।

नेहा- “मगर तुझे अगर वो अच्छा नहीं लगा। तो अब मैं वादा करती हूँ की अबसे कभी वैसा कुछ नहीं होगा और ना कभी उस दिन का जिकर होगा..” नेहा बोली। कहकर वो मुड़ी और समर की आँख में आँख डालते हुए अपनी कमीज के बटन लगाने लगी। फिर उसने कमर से अपनी शार्ट नीचे की जिससे उसका सेक्सी पेट दिखा।

समर को लगा की बस अब तो लण्ड झड़ ही गया।

नेहा- “जा समर तू नीचे जा। मैं आती हूँ.." नेहा बोली- “और अब घबरा मत, वो रात अब फिर कभी नहीं आयेगी..."

समर उठा और नीचे की ओर चल दिया। वो अपनी बहन के बदन को देखकर उत्तेजित था। मगर उससे ज्यादा वो उदास था। उसका दिल बैठ गया था। आज उसके हाथ से इतना बड़ा मौका निकल गया था। वो चाहता तो अपनी दीदी के साथ उसी रात की तरह और मजे ले सकता था। मगर वो तो फटतू था। उसने एक बार फिर अपनी दीदी के शरीर और उस रात की घठनाओं को याद किया। उसने याद किया किया की उस दिन उसके लण्ड को कितना आनंद आया था। वो समझ गया की वो इस मौके को ऐसे जाने नहीं दे सकता था। उसने मान लिया की वो चाहता है की उस दिन वाला वाकया फिर दोहराया जाए। अब वो अपने लण्ड के बारे में सोच रहा था, अपने बहन भाई के रिश्ते के बारे में नहीं। उसने ठान लिया की वो दीदी को बता देगा की वो क्या चाहता है?

और इस तरह नेहा का प्लान कामयाब हो गया।

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01-30-2021, 12:23 PM,
#38
RE: Desi Porn Stories नेहा और उसका शैतान दिमाग
नेहा, समर और प्रीति ने नाश्ता किया। समर और नेहा अभी भी आपस में ज्यादा नहीं बोल रहे थे।

नाश्ता करने के बाद प्रीति तैयार होकर आई।

प्रीति बोली- “अच्छा सुनो तुम दोनों, मैं जरा मिसेज गुप्ता के यहां जा रही हूँ। किटी पार्टी है। शाम 4-5 बजे तक आऊँगी। नेहा, अपने और अपने भाई के लिए लंच बना लेना। ओके..."

आज हम दोनों फिर से अकेले होंगे। ये सुनकर दोनों भाई बहन के कान खड़े हो गये। दोनों के दिमाग में एक ही चीज दौड़ रही थी। वो रात... जब वो दोनों अकेले थे।

नेहा- “हाँ... माँ, मैं बना दूँगी लंच...” नेहा ने जवाब दिया।

प्रीति- “गुड... चलो मैं चलती हूँ, दोनों ध्यान से रहना। बाइ..” प्रीति बोली और घर से बाहर चली गई।

जैसे ही प्रीति बाहर गई, नेहा और समर ने एक दूसरे की आँखों में देखा। जैसे दोनों दूसरे की आँखों में कुछ ढूंढ रहे हों। जैसे अंदाजा लगा रहे हों की दूसरे के मन में क्या चल रहा है? मगर ये घूरना बस चन्द सेकण्ड का था।

नेहा ने अपनी चाल चल दी थी। ये कहकर की अब उसके और समर के बीच कुछ गलत नहीं होगा, उसने समर को परेशानी में डाल दिया था। अब नेहा को बस समर के कदम का इंतेजार करना था।

नेहा- “मैं ऊपर अपने कमरे में जा रही हूँ। कुछ काम हुआ तो बता दियो..." नेहा ने समर से कहा और अपने कमरे की ओर चल दी। जाते-जाते उसने एक जोर की अंगड़ाई ली, जिससे उसका टाप ऊपर उठ गया और उसकी पतली गोरी कमर दिखने लगी।

समर ये देखकर उत्तेजित हो गया। साथ-साथ वो अपनी दीदी की मटकती हई गाण्ड को भी ऊपर जाते देख रहा था। नेहा को ये पता था, और वो जानबूझ के अपनी गाण्ड ज्यादा हिला रही थी। गाण्ड हिलाते-हिलाते वो अपने कमरे में चली गई।

समर अब नीचे हाल में एकदम अकेला था। मगर उसके दिमाग में विचारों की भीड़ लगी हुई थी। उसने ये तो सोच लिया था की वो इस मौके को जाने नहीं दे सकता, मगर अपनी बहन से ये बोलने की हिम्मत जुटा नहीं पा रहा था। उसने अपना हाथ अंदर डाला और अपने लण्ड को पकड़ लिया। वो एकदम तना हुआ था। ये तीन चार दिन उसके लण्ड के लिए सबसे सुहाने दिन थे। और इसका एक मात्र कारण उसकी दीदी और उसके साथ बिताई वो रात थी। मगर उसकी दीदी ने कहा था की अब ऐसा कुछ नहीं होगा। नहीं... मुझे ऐसा मौका जिंदगी में कभी नहीं मिलेगा। हाँ वो मेरी दीदी हैं, मगर है तो एक लड़की ही। वो भी इतनी ज्यादा सुंदर, इतनी ज्यादा सेक्सी लड़की। नहीं... मुझे दीदी से बात करनी ही होगी। समर मन ही मन सोच रहा था। समर को पता था की अभी उसके पास अच्छा मौका है दीदी से बात करने का। घर पे और कोई नहीं है। वो बहुत ज्यादा नर्वस था। उसे समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या कहे दीदी से। घहबराहट, डर, शर्म सबने उसे घेरा हुआ था। मगर उसकी हवस, उसकी ठरक और उसका लण्ड उसे आगे बढ़ने को कह रहे थे।

ऊपर अपने कमरे में बैठी नेहा भी यही उम्मीद कर रही थी की समर ऊपर आए और उससे बोले की वो भी वो सब चाहता है। नेहा को थोड़ा डर था की कहीं समर उसकी कही बात को सीरियसली लेकर शांत ना हो जाय। पर उसे अपने कातिलाना शरीर पे भी भरोसा था, और एक गहरी उम्मीद थी की समर खुद चलकर उसके पास आयेगा।
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01-30-2021, 12:29 PM,
#39
RE: Desi Porn Stories नेहा और उसका शैतान दिमाग
समर नीचे बैठा सोचता ही जा रहा था। लण्ड को हाथ में लिए, दिमाग चला रहा था। एक घंटा बीत गया उसको वहां बैठे बैठे। तभी उसको नेहा की कही हुई एक बात याद आई- “अगर तू मेरी बात मानेगा, तो तुझे अपने बदन का कोना-कोना खोलकर दिखाऊँगी...” उसकी बहन के ये शब्द उसके दिमाग में घूम रहे थे। बस... अब वो बेचैन हो गया। अब जो भी हो मैं ये करके रहँगा। ये मौका हाथ से जाने नहीं दूंगा। ये सोचकर समर उठा और धीरे धीरे नेहा के कमरे की तरफ बढ़ने लगा।

नेहा भी अपने कमरे में बेचैन हो रही थी। उसको अब अपने प्लान पे डाउट हो रहा था। वो थोड़ा चिंतित होना शुरू ही हुई थी की उसके दरवाजे पर दस्तक हुई।

“दीदी...” समर की आवाज आई।

नेहा तो खुशी से झूम उठी। जो वो चाहती थी वो हो गया था, कहा- “दरवाजा खुला है समर। अंदर आ जा.." नेहा ने शंति से कहा। वो अपने कमरे में कैजुवली लेट गई।

समर ने आराम से दरवाजा खोला और अंदर आया। उसका दिल बहुत जोरों से धड़क रहा था।

नेहा- “हाँ... समर बोल क्या काम है?" नेहा ने पूछा।

समर- “वो वो दीदी मुझे आपसे कुछ ब-बात करनी थी..” उसने कहा।

“क्या?" नेहा को पता था की वो क्या बात करना चाहता है फिर भी उसने पूछा।

समर का दिल बिजली की स्पीड से धड़क रहा था। वो तो सुन्न सा हो गया। उसकी समझ नहीं आया की क्या बोले?

नेहा- “बोल क्या बात करनी है तुझे?" नेहा ने थोड़ा जोर से कहा।
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01-30-2021, 12:29 PM,
#40
RE: Desi Porn Stories नेहा और उसका शैतान दिमाग
समर का दिल बिजली की स्पीड से धड़क रहा था। वो तो सुन्न सा हो गया। उसकी समझ नहीं आया की क्या बोले?

नेहा- “बोल क्या बात करनी है तुझे?" नेहा ने थोड़ा जोर से कहा।

समर ने सोचा, अभी नहीं तो कभी नहीं, कहा- “आपने सुबह कहा था ना की मुझे शायद उस दिन जो हुआ था वो पसंद नहीं आया.." समर ने हिम्मत बाँध कर कहा।

नेहा- “हाँ... तो?" नेहा बोली।

समर- “तो वो गलत है..."

नेहा की आँखों में चमक आ गई।

समर- “दीदी, असल में सच्चाई तो ये है की मुझे उस दिन... ..."

नेहा- “तुझे उस दिन क्या समर?"

समर- “मुझे उस दिन बहुत अच्छा लगा था.." समर ने आँख बंद करके बोल ही दिया- “आज तक उस दिन जितना अच्छा कभी नहीं लगा..”

नेहा का शैतान मन मुश्कुरा रहा था- “तो तू क्या चाहता है समर, बोल?" नेहा बोली।

समर- “दीदी... मैं... मैं वो ही चाहता हूँ, जो उस दिन हुआ..” समर ने कहा।

नेहा- “आर यू श्योर... मैंने तुझे कहा था की हम इस बात को भूल सकते हैं..” नेहा ने पूछा।

समर- “हाँ... दीदी। इतना श्योर आज तक और किसी बात को लेकर नहीं हुआ..” उसने कहा। समर बस जो मन में आया वो बोले जा रहा था।

नेहा- “हम्म... ठीक है...” नेहा बोली- “तो चल अपना लण्ड बाहर निकाल..."

“क्या?” समर ने चौंक कर पूछा।

नेहा- “अपना लण्ड बाहर निकाल। तूने ही कहा ना की तू वो सब चाहता है... मैं भी चाहती हूँ वोई... तो निकाल अपना लण्ड बाहर.." नेहा ने बेड पे आराम से फैलते हुए कहा।

समर ने अपना पाजामा नीचे किया। वो अभी भी हिचक रहा था।

नेहा- “देख समर... तुझे मेरी बात माननी तो पड़ेगी। मेरी बात मानेगा तो शायद मैं भी तुझे मजे दूं?" नेहा ने अपने छोटे भाई को टीज करते हुए कहा।

ये बात सुनकर समर उत्तेजित हो उठा। उसके पास खोने के लिए कुछ नहीं था। मगर पाने के लिए बहुत कुछ था। उसने पाजमा पूरा नीचे कर दिया। अब उसका लण्ड बस अंडरवेर में था और वहां टेंट बनाया हुआ था।

नेहा- “हम्म... लगता है छोटा भाई बहुत उत्तेजित है.." नेहा ने टेंट को देखते हुए कहा- “चल भाई कर दे इसे आजाद अब... देखने दे मुझे इसको..."

समर ने अपनी दीदी की ओर देखा। उसकी आँखें समर के लण्ड की तरफ ही टिकी हई थी। उसने हिम्मत करके अपने कच्छे में हाथ डाला, और एक झटके में उसे नीचे कर दिया।

नेहा की चूत में हलचल होने लगी। उसके मुँह में पानी आने लगा। आँखें बड़ी हो गई। उसके भाई का तना हुआ लण्ड आज फिर से उसकी आँखों के सामने था।

नेहा- “वाउ... समर.” नेहा ने खुले हुए मुँह से कहा- “थोड़ा पास आ ना.."

समर अपनी जगह से चलकर अपनी बहन के करीब खड़ा हो गया। वो अपनी दीदी के सामने एकदम एक्सपोज्ड था और उसे ये करने में मजा आने लगा था।

नेहा- “तेरा लण्ड सच में बहुत सुंदर है..." नेहा की चूत गीली होना शुरू हो गई थी। लण्ड को अपने सामने देखकर वो खुद पे काबू नहीं कर पा रही थी- “कैन आई टच इट.... उस दिन की तरह..” नेहा ने पूछा।

समर तो ये ही चाहता था की दीदी उसका लण्ड अपने हाथों में ले। उसने झट से मुंडी हिला दी। बस... झटके से नेहा ने अपने भाई का लण्ड पकड़ लिया। उसने लण्ड को जकड़ लिया। वो उससे खेलने लगी, ऊपर-नीचे करती, आगे-पीछे करती।
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