Desi Sex Kahani निदा के कारनामे
08-02-2019, 12:29 PM,
#11
RE: Desi Sex Kahani निदा के कारनामे
वो बोला- “निदा चूसो इसे...”

मैं उसका लण्ड चूसने लगी। थोड़ी देर तक चूसने के बाद उसका लण्ड एकदम टाइट हो गया। उसने अपना लण्ड मेरे मुँह से निकाल लिया और मेरे पैरों के बीच आ गया। मैं समझ की गई अब मेरे दिल की मुराद पूरी होने वाली है। लेकिन में उसके लण्ड के साइज को देखकर घबरा भी रही थी।

उसने मेरे चूतड़ों के नीचे दो तकिये रख दिए। मेरी चूत एकदम ऊपर उठ गई। उसने मेरी टाँगों को पकड़ कर फैला दिया। अब उसने अपने लण्ड की टोपी को मेरी चूत के बीच में रखा और धीरे धीरे अंदर दबाने लगा। मुझे दर्द होने लगा और मेरे मुँह से चीख निकल गई आह्ह्ह...

वो बोला- “थोड़ा बर्दाश्त करो, फिर बहुत मजा आएगा...” वो अपना लण्ड मेरी चूत में धीरे धीरे घुसाने लगा। उसने अपना लण्ड धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू कर दिया। वो अपना पूरा लण्ड मेरी चूत में डाले बिना मुझे चोदने लगा।

थोड़ी ही देर में मुझे मजा आने लगा और मैं आहें भरने लगी ऊऊओह... ऊऊह्ह... ऊओह... उफफ्फ़... उफफ्फ़... हाआंन्णणन्... उऊहह...

उसने जब देखा की मुझे मजा आ रहा है और मेरी चूत को उसके लण्ड के साइज की आदत पड़ना शुरू हो गई है।

तो उसने एक धक्का तेज लगा दिया।
मैं फिर से चीख उठी।

उसका लण्ड मेरी चूत में सारे का सारा अंदर घुस गया। उसने धीरे धीरे धक्कों के साथ मुझे चोदना शुरू किया

तो मुझे मजा आने लगा। वो मुझे इसी तरह चोदता रहा। 35 मिनट तक चोदने के बाद ही वो मेरी चूत में छूट गया। इस बीच मैं भी तीन बार छूट चुकी थी।

उसने अपना लण्ड मेरी चूत से बाहर निकाला और मेरे मुँह के पास कर दिया। मैं उसे फिर से चूसने लगी। थोड़ी ही देर में उसका लण्ड फिर से तन गया। उसने मुझे अब घोड़ी की तरह कर दिया (डागी स्टाइल) और मेरे पीछे आ गया। उसने मेरी चूत को फैलाकर बीच में अपने लण्ड को हँसा दिया और बोला- “अभी तक मैंने तुम्हें बहुत आराम के साथ चोदा है। अब तुम कितना भी चिल्लाओ, मैं कोई परवाह नहीं करूंगा.” उसने मेरी कमर को जोर से पकड़ लिया।

मैंने दिल में खुद से कहा निदा तू तो गई आज काम से, आज तेरी खैर नहीं है। उसने और एक जोरदार धक्का मारा तो उसका सारे का सारा लण्ड मेरी चूत में घुस गया। मैं चिल्लाने लगी लेकिन उसने कोई परवाह नहीं की और बहुत ही ताकत के साथ धक्के मारने लगा। मेरी चूत में बहुत तेज दर्द हुआ और फिर ठीक हो गया। मैं पसीने से एकदम तर हो गई। वो रुका नहीं और पूरी ताकत के साथ मेरी चुदाई शुरू कर दी। थोड़ी ही देर बाद उसने अपना पूरा का पूरा 9" इंच लंबा और तीन इंच मोटा लण्ड मेरी चूत के अंदर घुसा दिया।
Reply

08-02-2019, 12:29 PM,
#12
RE: Desi Sex Kahani निदा के कारनामे
फिर वो दो मिनट के लिए रुका और बोला- “डार्लिंग अब बर्दाश्त करना मेरे झटकों को...”

फिर उसने अपने हाथों से मेरी कमर को जोर से फिर पकड़ लिया और मेरी चुदाई करने लगा। अब तनवीर मुझे तूफानी रफ़्तार से चोद रहा था और मुझे अब बहुत मजा आने लगा था। वो मुझे बारौं बेदर्दी से चोद रहा था। लगभग 20 मिनट की चुदाई के बीच में तीन बार फारिघ् हो चुकी थी पर वो रुकने का नाम नहीं ले रहा था। वो अभी छूटा ही नहीं था।

।।।
उसने अपना लण्ड बाहर निकाला और मेरी गाण्ड के छेद पर रख दिया। मैं डर के मारे थर-थर काँपने लगी। गाण्ड में इतना बड़ारा लण्ड तो मैंने ख्वाब में भी कभी नहीं लिया था। मैंने उससे बहुत मिन्नतें की की मेरी गाण्ड को छोड़ दो, लेकिन वो माना नहीं। उसका लण्ड मेरी चूत के पानी से एकदम गीला था। उसने मेरी गाण्ड में अपना लण्ड घुसाना शुरू कर दिया। मैं दर्द से तड़पने लगी लेकिन वो रुकने का नाम नहीं ले रहा था।

वो बोला- “अब मैं तम्हारी गाण्ड के छेद को भी खोल देंगा..."

मैं चिल्लाती रही और वो मेरी गाण्ड में अपना लण्ड घुसाता रहा। 5 मिनट की कोशिश के बाद आखिर उसने अपना 9 इंच लंबा और तीन इंच मोटा लण्ड पूरा का पूरा मेरी गाण्ड में घुसा ही दिया। मैं अभी भी चिल्ला रही

थी और रो रही थी लेकिन वो रुक नहीं रहा था और तेजी के साथ अपने लण्ड को मेरी गाण्ड में अंदर बाहर कर रहा था। उसने लगभग 5 मिनट तक मेरी गाण्ड मारी लेकिन वो फिर भी फारिघु नहीं हुआ।

मैंने पूछा- “और कितनी देर चोदोगे मुझे...”

वो बोला- “मेरी उमर 38 साल है। मैंने बहुत चुदाई की है। मेरा दोबारा इतनी जल्दी नहीं छूटने वाला। अभी तो मैंने तुम्हें लगभग एक घंटा 20 मिनट ही चोदा है और अभी लगभग एक घंटे तक और चोदूंगा, तब जाकर मेरे लण्ड से पानी निकलेगा...”

मैं घबरा गई। मैंने कहा- “तुम अब रहने दो, बाद में अपनी हवस पूरी कर लेना...”
वो नहीं माना। उसने अपना लण्ड मेरी गाण्ड से बाहर निकाला और मेरी चूत में घुसा दिया। चूत में लण्ड घुसाने के बाद उसने बहुत तेजी के साथ मेरी चुदाई शुरू कर दी। 5 मिनट बाद ही उसने मेरी चूत से लण्ड को । निकालकर वापस मेरी गाण्ड में डाल दिया और चोदने लगा। वो इसी तरह हर 5 मिनट के बाद मेरी चूत और गाण्ड की चुदाई करता रहा।

लगभग 10 मिनट तक इसी तरह चोदने के बाद वो बोला- “मैं अब छूटने वाला हूँ। तुम बताओ की मेरे लण्ड का पानी कहाँ लेना चाहती हो, अपनी चूत में, गाण्ड में या अपने मुँह में..”

मैंने कहा- “तुम मेरी गाण्ड में ही पानी निकाल दो, चूत में तो तुम पहले भी निकल चुके हो..."
Reply
08-02-2019, 12:29 PM,
#13
RE: Desi Sex Kahani निदा के कारनामे
उसने अपना लण्ड मेरी चूत से निकाला और कहा- “नहीं जान-ए-मान अब मैं अपने लण्ड का पानी तुम्हारे मुँह में निकालूंगा...” ये कहकर उसने मुझे बालों से पकड़कर अपनी तरफ घुमाया और बड़ी बेदर्दी से अपना पूरा का पूरा
लण्ड मेरे मुँह में घुसा दिया और जोर जोर से अपना लण्ड मेरे मुँह में अंदर बाहर करने लगा। उसके छूटने का। वक़्त नजदीक आ गया था और वो अब एक तूफान की तरह मेरे मुँह को चोद रहा था। उसके झटकों से मेरा मुँह दुखने लगा था।

फिर उसके लण्ड ने झटका खाया और उसके लण्ड से मनी एक धार की सूरत में निकलकर मेरे हलाक से टकराई और मेरा पूरा मुँह मनी से भर गया। मैं मनी को पीने लगी मगर उसके लण्ड से बहुत मनी निकल रही थी जो मुझसे पूरी नहीं पी गई और वो मेरे मुँह से बहने लगी।

तनवीर ने मेरा सिर पकड़कर अपने लण्ड पर दबाया हुवा था जिसकी वजह से मैं अपना मुँह हटा नहीं सकती थी। सारी मनी मेरे मुँह में निकालकर वो थक कर लेट गया। मैं भी थक चुकी थी और मैं भी उसके साथ ही लेट गई। थोड़ी देर हम दोनों इसी तरह लेटे रहे। फिर मैं उठी और अपनी हालत देखने लगी। मेरी चूत और गाण्ड कई जगह से कट गई थी। बिस्तर पर भी ढेर सारा खून लगा था। मेरी चूत एकदम डबल रोटी की तरह सूज गई थी। मेरी चूत और गाण्ड में चुदाई का मजा खतम होने का बाद अब दर्द बहुत हो रहा था लेकिन मुझे जो मजा इस चुदाई से मिला, उसके आगे यह दर्द कुछ भी नहीं था।

उसने कहा- “तुम्हारी चूत में दर्द बहुत हो रहा होगा...”

तो मैंने अपना सर हाँ में हिला दिया। वो किचन से पानी गरम करके ले आया और मेरी चूत को सेंकने लगा और बोला- "इससे दर्द कम हो जाएगा..."

कुछ देर तक सिकाई के बाद मेरा दर्द बहुत हद तक कम हो गया। अब तक शाम हो चुकी थी। मैं बाथरूम जाना चाहती थी पर उठ नहीं पा रही थी। मैंने उससे कहा मैं बाथरूम जाना चाहती हैं लेकिन उठ नहीं पा रही हूँ। वो। मुझे गोदड़ में उठाकर बाथरूम ले गया।

मैंने उससे कहा तुम बाहर जाओ मुझे नहाना है।

वो बोला- “मुझे भी नहाना है। हम दोनों साथ ही नहाते हैं...” उसने मेरे सारे बदन पर साबुन लगाया और अपने बदन पर भी।

नहाने के बाद वो मुझे गोद में ही उठाकर बिस्तर पर ले आया। वो मेरे बदन को देखने लगा। मेरे बदन की खूबसूरती उसे बर्दस्त नहीं हुई और वो फिर से जोश में आ गया। उसका लण्ड फिर तन गया तो मैं घबरा गई। उसने मेरे मना करने के बाद भी मुझे अपनी गोद में दूसरी तरफ मुँह करके बिठाकर फिर से मेरी चुदाई शुरू कर दी। इस बार उसने सिर्फ मेरी चूत की ही चुदाई की। उसने इस बार मुझे लगभग 20 मिनट तक चोदा तब कहीं जाकर उसके लण्ड से पानी निकला।

इस दौरान मैं दो बार फिर से छूटी। चुदाई खतम होने के बाद मैंने उससे कहा- “मैं चल नहीं पा रही हूँ। मेरी मम्मी आ जाएँगी तो क्या जवाब देंगी...”

वो बोला- "तुम पहले खाना खा लो। मैं अभी बाजार से दवा ले आता हूँ..”

कुछ देर बाद हमने खाना खा लिया तो तनवीर पास के बाजार चला गया। एक घंटे के बाद वो एक क्रीम और कुछ गोलियां लेकर आया। उसने मुझे दवा खिला दी और मेरी चूत पर क्रीम लगाने लगा। क्रीम लगाने के बाद वो बोला- “अब तुम सो जाओ, जब तुम उठोगी तो तुम बिल्कुल ठीक हो चुकी होगी।

मैं भी बहुत थक चुकी थी इसलिए फौरन ही सो गई। मैं सारी रात सोती रही सुबह 9:00 बजे उसने मुझे उठाया, मैंने अपनी चूत को देखा तो उसकी हालत काफी बेहतर हो चुकी थी जिससे मैं सकून का सांस लिया। फिर हम दोनों ने मिलकर नाश्ता किया। नाश्ता करने के बाद तनवीर ने डाइनिंग टेबल पर ही मुझे पकड़कर लिटा दिया और वहीं मेरी चुदाई शुरू कर दी।

अम्मी तीन दिन के बाद आईं और इन तीन दिनों में तनवीर ने मुझे खूब चोद-चोदकर मुझे चोदाई का आदी । बना दिया। और अब मैं बस लण्ड ही ढूँढ़ती रहती हूँ।
Reply
08-02-2019, 12:31 PM,
#14
RE: Desi Sex Kahani निदा के कारनामे
03 जीजाजी

हाय दोस्तों आपको मेरी कहानियां पढ़ के मजा तो आ रहा होगा।

चुदाई की तो मैं बहुत शौकीन हूँ, आप सब लोग जानते हैं। बात तब की है जब मैं अपनी बड़ी बहन के घर रहने गई थी, बाजी की तबीयत खराब थी तो उन्होंने काम के लिये मुझे बुलाया था क्योंकी वो गर्भवती थीं इसलिये काम नहीं कर सकतीं थीं।

मैं बाजी के पास चली गई। दो दिन हो गये थे। बस सब बोर ही गुजरता था इसलिये मेरा दिमाग अपने जीजाजी पर ही खराब होने लगा था। दो दिन तो मैंने सोचा की कुछ नहीं होगा। पर फिर मैंने एक दिन दीदी से कहा की आप आज अपने रूम में ना सोना, वहाँ बहुत गर्मी है आप मेरे रूम में सो जाना कुछ मौसम ठीक है वहाँ पर।।

दीदी बोली- “ठीक है ऐसे कर लो...”

रात हुई तो दीदी खाना खाकर अपने रूम में चले गईं मतलब की मेरे रूम में। मैंने चीजें संभाली और जल्दी से दीदी के रूम में चली गई। मैंने जीजाजी के आने से पहले सोचा की लेट जाऊँ और बेड पर लेटके बारीक सी। चादर अपने ऊपर ले ली और जानबूझ कर अपनी शलवार नीचे को कर दी। कुछ देर बाद जीजाजी अंदर आए और दरवाजा बंद करके अपनी कमीज उतारी और बेड पर बैठते हुये लेट गए। जीजाजी ने मेरे वाली चादर को खींचा और उसी के अंदर जानेमन कहते हुये घुस गए।

और मेरी चूचियों पर हाथ फेरते हुये बोले- पता नहीं कब ये बच्चा होगा और मैं तुम्हें चोदूंगा...”

पर मैं कुछ नहीं बोली।

फिर जीजाजी ने मेरे पीछे अपना लण्ड सेट किया और साथ ही मेरी चूत पर हाथ रखके बोले- “उउफ इसकी बहुत याद आती है..” ये बोलते ही एकदम चुप हो गए क्योंकी मेरी चूत और गाण्ड नंगी थी जीजाजी ने हाथ फेरते हुये पूछा- “क्या तुम्हारा भी दिल कर रहा है...”

मैंने कुछ बोले बिना ही हाँ में सर हिला दिया।

जीजाजी तो जैसे टूट ही पड़े और फौरन ही लण्ड बाहर निकाल लिया और बोले- “जानेमन, लो आज तो आग ठंडी कर ही लेते हैं दोनों..” और मेरी टांग उठाई और अपने हाथ से लण्ड को पकड़के मेरी चूत के सुराख पर। रखकर अंदर को दबाया तो टोपी अंदर चली गई तो बोले- “इतनी टाइट चूत है इएस हालत में भी...”

तभी मेरे मुँह से- “आह्ह... आह्ह्ह.. उफफ्फ़... उफफ्फ़..” की आवाज निकली।
इतने में जीजाजी ने मेरे पेट पर हाथ रखा और दीदी का पेट ना पाकर एकदम से कौन है कहते हुये चादर उठा दी और मुझे देखकर बोले- “तुम निदा यहाँ क्या कर रही हो..”
Reply
08-02-2019, 12:31 PM,
#15
RE: Desi Sex Kahani निदा के कारनामे
मैंने कहा- “जीजाजी आग लगी है बुझा दो ना प्लीज़...”

जीजाजी बोले- “अच्छा... आग लगी है तो वैसे ही बता देती...”

मैंने कहा- “वैसे आपने मानना नहीं था..”

जीजाजी बोले- “साली छोड़ सारी बातें..." और जीजाजी ने उठते हुये अपने आपको मेरे ऊपर सिधा किया और लण्ड को और अंदर को पुश करके अपनी कमर को हिला-हिला कर पूरे जोश से झटके मारने लगे। और मेरे मुँह से उफफ्फ़... उफफ्फ़... उफफ्फ़... जीजाजी हाआन्... ऐसेए... ही यएस यएसस्स उऊह्ह... उऊह्ह... हमम्म्माआअ... हमम्म्म...माआ... हमम्म्ममा.. उफफ्फ़... उफफ्फ़...
और जीजाजी लगातार मुझे दस मिनट तक ऐसे ही चोदती रहे और दस मिनट बाद मेरी चूत में ही पानी छोड़ दिया और बोले- “सुबह आई-पिल ले लेना, दराज़ में पड़ी है...”

मैंने कहा- “ठीक है...”

उस रात जीजाजी ने मुझे दो दफा 20 मिनट की लगातार चुदाई की और लण्ड को ठंडा किया और साथ में मेरी चूत को भी। फिर हम ऐसे ही गले लग के सो गए।
समाप्त *****
Reply
08-02-2019, 12:31 PM,
#16
RE: Desi Sex Kahani निदा के कारनामे
04 सोबिया अंकल के साथ

जैसा की आप लोग जानते हैं मेरे हुश्न के चर्चे कहाँ नहीं हैं, चाहे परिवार हो या फिर कालेज, हर जगह मेरी शोहरत है।

मेरा ये हाल है की मैं लड़कों को जानबूझकर अपनी जवानी दिखाती हूँ, बहकाती ती हूँ और खूब मज़ा करती हूँ।

ये मेरा अपनी ओरिजिनल वाकिया है। ये बात है जुलाई के महीने की, मेरी की कजिन की शादी थी जिसमें मुझे भी जाना था, मैं खूब अच्छी तरह तैयार होकर डीसेंट सा मेकप करके जिसमें सेक्सी टच भी था, ब्लैक ड्रेस में । जिसकी कमीज स्लीवलेश थी और डीप गले वाला भी थी और साथ में चूड़ीदार पाजामा, ये सूट पहन के मैं शादी में गई।

वहाँ काफी लागों से मिलना हुआ। उन्हीं में एक 38-40 साल के अंकल भी थे जो की काफी हैंडसम भी थे उनसे मुलाकात हुई, परिचय के दौरान ही मैंने उनसे हाथ भी मिलाया जिससे उनको आइडिया हो गया की मैं एक । माडर्न लड़की हूँ। बात करने से पता चला की वो हमारे दूर के रिलेटिव हैं। मैंने उनसे हाथ मिलाया। बातचीत के दौरान ही नोट कर लिया था की इनका ज्यादातर ध्यान मेरे चेहरे के बजाय थोड़ा नीचे, जहाँ से मेरे 34” साइज की गोल-गोल, गोरी-गोरी चूचियां झाँक रही थी और वो घूर-घूर कर देख रहे थे और मुझे उनका इस तरह देखना कोई नई बात नहीं थी क्योंकी इस तरह तो मुझे सभी देखते हैं। मेरे साथ मेरी एक दो कजिन्स भी थी लेकिन 2-3 मिनट बाद वो इधर उधर हो गईं, और हम तन्हा हो गये।

उन्होंने मोके से पूरा फायदा लेते हुये वो कहने लगे की- “तुम अपनी कजिन्स में सबसे ज्यादा खूबसूरत हो...”

मैंने कहा- “अच्छा..” मैंने शरारत भरे अंदाज में पूछा की- “मुझमें ऐसा क्या अच्छा है उनसे...”

मेरे इस अंदाज से उनके कान्फिडेन्स में इजावा हुआ और मुझसे बिल्कुल ही चिपक गये की उनका एक हाथ मेरे हाथ से छूने लगा, वो कहने लगे की- “तुम्हारी आँखें बहुत गहरी और आकर्षक हैं और तुम्हार होंठ भी बहुत अच्छे हैं इनको देखके ही ये अंदाजा होता है की बहुत मुलायम होंगे...”

अभी वो मजीद कुछ कहते की उनकी वाइफ वहाँ आ गई और हमें घूरने लगी। मैंने तो उनकी कोई परवाह ना की लेकिन अंकल जरा घबरा गये और वो गुस्से से बोली- “आप यहाँ क्या कर रहे हैं और ये लड़की कौन है.. मैं आपका वहाँ वेट कर रही थी...”
Reply
08-02-2019, 12:31 PM,
#17
RE: Desi Sex Kahani निदा के कारनामे
अंकल ने कहा की- “ये उनकी बेटी है (यानी मेरे फादर का नाम लिया)
उन्होंने एक नजर मुझपर डाली और बुरा से मुँह बना दिया। लेकिन मैंने सोचा की थोड़ी सी तफरी हो जाय। मैं आंटी के पास गई और उनको “हाय” बोल के हैंड शेक किया और मैंने मजीद उनको गुस्सा दिलाने के लिए उनसे कहा की- “आप बहुत खुशनसीब हैं की आपको अंकल जैसे हैंडसम और अच्छी पर्सनालिटी वाले शोहर मिले हैं...”

वो और गुस्सा हो गई और कहने लगी की- “क्या तुम्हें शर्म नहीं आती अपने से इतनी ज्यादा उमर वाले आदमी के बारे में ऐसी बातें कर रही हो...”

मैंने कहा- “ये तो आप अंकल से ही पूछे.."
(अंकल तो पहले ही साइड में हो गये थे)

मेरी बात सुन के वो बोली- “क्या मतलब..." और फिर बोली- “आजकल तो लड़कियां... हुउऊनह...” और अपने शोहर से कहने लगी- “माँ सब समझती हूँ..." और वो अंकल उनके साथ जाने लगे।
और मैंने अंकल को आँख मार दी और वो भी मुश्कुरा दिए।

मुझे अच्छा खासा मजा आ गया इस तफरीह में। और मैंने सोचा की ये मामला और आगे बढ़ेगा ही। वैसे मैंने आइंदा का भी सोच लिया था की क्या होगा। यकीनन आप भी वोही सोच रहे होंगे।

अंकल ने मोका पाकर मुझसे मेरा नंबर ले लिया ताकी जैसे ही उनको मोका मिले वो मुझसे संपर्क कर लें। तीन चार दिन के बाद अंकल का फोन आया की वो मुझसे मिलना चाहते हैं।

मैंने कहा- “आप मुझे पिक कर लें...”

मैंने हल्का मेकप किया और जिस ड्रेस में थी, उसी में (मैंने टी-शर्ट और जीन्स पहनी थी) जाने के लिए तैयार हो गई। आलमोस्ट 45 मिनट में अंकल ने मुझे पिक किया और मैंने कहा की अंकल किसी शापिंग माल चलें, मुझे शापिंग करनी है। 12:00 का टाइम था। प्रोग्राम ये डिसाइड हआ की शापिंग के बाद लंच फिर अंकल के घर। क्योंकी 2-3 दिनों के लिए उनकी वाइफ और बच्चे आउट आफ सिटी थे।

थोड़ी देर बाद हम शापिंग सेंटर में एंटर हो रही थे। अंकल ने पूछा- “क्या कुछ लेना है?"

मैंने कहा की- “काफी चीजें..."

और उन्होंने मुश्कुराकर पूछा- “क्या क्या?”

मैंने भी सोचा की शर्म कैसी, मैंने एक दो टी-शर्ट, जीन्स, और अंडरगार्मेंट्स और साथ में मुश्कुरा दी। अंकल कहने लगे की तुम खूबसूरत होने के साथ-साथ बेबाक भी हो, मुझे यही चीज बहुत पसन्द है। फिर हम एक वेस्टर्न ड्रेसेस की दुकान में एंटर हुये। सेल्समैन हम दोनों को हैरत से देख रहा था, क्योंकी हमारी उमर में काफी फर्क था। मैंने अपने लिए दो टी-शर्ट ली और दो जीन्स भी जो मैंने बारी-बारी ट्राइ भी की रूम में। मैंने ब्रा नहीं पहना था इसलिए मेरी रसीली चूचियां टी-शर्ट में बहुत ही टाइट हो गई थी और निपल्स नुकीले हो रहे थे।

अंकल की आँखों में चमक थी और सेल्समैन भी मुझे खूब ताड़ रहा था।

फिर अंकल ने पूछा की- “और कुछ भी लाना है यहां से?”

मैंने कहा- “नहीं अंकल...”
Reply
08-02-2019, 12:31 PM,
#18
RE: Desi Sex Kahani निदा के कारनामे
मेरे मुँह से अंकल का लफ्ज़ सुनकरर सेल्समैन के चहरे पर अजीब से भाव आ गये। अंकल भी पूरे शौकीन ही थे। कहने लगे की एक ड्रेस मेरी पसन्द का भी ले लो और यही तुम अभी ट्रायल रूम में जाकर पहन लेना।

मैंने कहा- “ठीक है..” अंकल ने सेल्समैन से एक ब्लू रंग की टी-शर्ट निकलवाई, जिसको देखके ही मुझे अंदाजा हो गया था की ये मेरे बेल्ली बटन को भी नहीं छुपा पाएगी और साथ में वो लो कट भी थी और यकीनन बहुत टाइट भी होगी, और फिर मेरी वेस्ट की साइज की एक ब्लैक कैप्री जो की वाकई ही बहुत छोटी थी। मेरे घुटनों से जरा नीची तक ही और मुझे कोई ऐतराज ना था क्योंकी मैं इस ही किस्म की कैप्री पसन्द करती हूँ। वैसे तो हमारे यहाँ लड़कियां ऐसी कैप्री को बहुत कम ही पहनती हैं मगर मेरी शुमार उन 5-10% लड़कियों में होती है।
जो ऐसी कैप्री पसन्द करती हैं।

खैर, मैं ट्रायल रूम में गई और कैप्री चेंज करके आई। मेरा आइडिया ठीक था, टी-शर्ट मेरी बेल्ली बटन से भी उँची थी और मेरी चूचियों की कर्व लाइन साफ नजर आ रही थी। अगर मैं थोड़ा झुकती तो मेरी आधी नंगी चूचियां भी आसनी से नजर आ जातीं और कैप्री भी घुटनों तक ही थी अंकल समेत वहां जितने भी मर्द थे सब की भूखी नजरें मेरी तरफ थी और यकीनन उनके लण्ड भी खड़े हो गये होंगे। अंकल मुझे देखके मुश्कुराये और फिर अंकल ने पेमेंट की जब तक मैं दुकान पर रही सब अपने-अपने काम छोड़कर मुझे ही ताड़ते रहे और मैं उनकी नजरों से मजे लेते रही।

फिर हमारा रुख उस दुकान की तरफ था जहाँ पर अंडरगार्मेंट्स मिलती हैं। अंकल ने कहा की मैं ही तुम्हें अपनी मर्जी का खरीदवाता हूँ और मैंने कहा ओके।

अंकल ने मेरा साइज पूछा और मैंने बता दिया की 34सी और चूतड़ों का 36” यहाँ भी सब हमें देखके हैरान हुये। और उस वक़्त उस दुकानदार के हैरत की इंतहा ना रही, जब अंकल ने कहा की 3-4 34सी की डिजाइन दिखाओ। दुकानदार ने पहले मुझे देखा और फिर अंकल की तरफ।

अंकल ने कहा- “सुना नहीं क्या?”
उसने जल्दी से 2-3 सिंपल डिजाइन दिखा दिये। अंकल ने कहा की ऐसे नहीं कुछ सेक्सी स्टाइल्स के। वो शायद नया-नया आया था इसलिए कुछ घबराया हुआ था। इतनी में एक दूसरा दुकानदार आया और कहने लगा की। आप मुझे बतायें। उसके चेहरे पर एक शरारत भरी मुश्कुराहट थी और अंकल ने फिर से अपनी बात दोहरा कर दी। उसने 4-5 तरह के डिजाइन दिखाये और साथ में कहने लगा की मेरे जिश्म पर सारे ही बहुत अच्छे लगेंगे। ये बात सुनकर मैं हँस पड़ी और उसके भी दाँत निकल पड़े, लेकिन शयद अंकल को उसका फ्री होना अच्छा ना लगा।
Reply
08-02-2019, 12:32 PM,
#19
RE: Desi Sex Kahani निदा के कारनामे
मैंने ब्लैक, पर्पल और सफेद कलर की नेट की ब्रा पसन्द की और दो नेट की पैंटीस मैचिंग की और एक थोंग (पैंटी) ली। थोंग के लिए मुझे उससे थोड़ा एक्सप्लेन करना पड़ा और थोंग देखके अंकल भी खुश हो गये। वहाँ पेमेंट की तो उस वक़्त 2:30 बज गये थे और मुझे अभी अपने लिए फुटवेयर लेने थे, मैंने अंकल से पूछा की। आपको कुछ नहीं लेना तो उन्होंने कहा की नहीं। फिर हमने डिसाइड किया की पहले लंच किया जाए फिर बाकी शापिंग।

यहाँ भी यही हाल की सब मेरी तरफ मुतवजा और उन लोगों को बड़ा मसला था जिनके साथ कोई लड़की या आंटी होती। जाहिर है मोका पाकर ही मेरी तरफ देखते। मैं बहुत मज़ा कर रही थी ये सब का। अंकल मेरे सामने ही बैठे थे और कहने लगे की तुम मेरी रानी हो, मेरी मलिका हो, तुम वाकयी ही बहुत हसीन, बहुत ही सेक्सी। हो। मेरा बस चले तो तुम्हें खा ही जाऊँ और मैं हँस पड़ी और मैंने कहा की अंकल आप भी कम नहीं हैं, आपने भी क्या छांट के कैप्री दीलायी हैं। सभी मुझे देखके पागल हो रहे हैं और वो हँसते हुये कहने लगे की अगर तुम किसी और देश में होती तो मैं तुम्हें मिनी स्कर्ट्स और टाप में ही रखता हर समय। और मैंने अंकल को बताया की मुझे खुद भी बहुत शोक है मगर यहाँ कहाँ पहन सकते हैं।


इसके बाद हमने जूते खरीदे और घर की तरफ चल पड़े। घर पहुँचे तो 4:00 बज रहे थे। मैंने अंकल से कहा की मैं थोड़ा थक गई हैं, जरा आराम करना चाहती हूँ। अंकल ने कहा की हाँ आराम तो मैं भी करूंगा और ये कहती हुये वो मुझे अपने बेडरूम में ले गये, और कहने लगे की यहाँ बेड पर आराम करो और मुझसे पूछा की अगर मैं भी यहाँ लेट जाऊँ तो तुम्हें कोई ऐतराज तो नहीं?

मैं मुश्कुराई और कहा की- “मुझे कोई ऐतराज तो नहीं है लेकिन मैं इस वक़्त आराम ही करना चाहती हूँ...”

मेरी ये बात सुनकर अंकल थोड़े शर्मिंदा से हुये और कहने लगे की- “मेरा मतलब वो नही था... खैर मैं दूसरे कमरे में लेट जाता हूँ...”

मैंने उनका हाथ पकड़के कहा की जैसे आपकी मर्जी। अंकल मुश्कुरा दिए और मेरे दोनों गालों पर किस करके चले गये। एक घंटे बाद अंकल ने मुझे जगाया और मैं फ्रेश होने चली गई और फिर मैंने अंकल से चाय (टी) की फरमाइश कर दी और अंकल दो कप्स में चाय लेकर आ गये। चाय हमने बेडरूम में ही पी। चाय से फ्री हुये तो आलमोस्ट 6:00 बज रहे थे।

अब अंकल की बेकारारी बढ़ती जा रही थी और सच तो ये है की बेचैन मैं खुद भी थी। अंकल बिल्कुल मुझसे । चिपक के बैठ गये थे। अंकल पहले ही मेरे कंधों पर हाथ रख चुके थे और उन्होंने अपनी ग्रिप टाइट कर ली थी और अब मेरा चेहरा उन्हीं की तरफ था। उनकी सांसें बहुत गरम थीं। वो मेरी आँखों में देखते हुये कहने लगे की मैं आज अपने आपको बहुत खुशनसीब महसूस कर रहा हूँ। तुम्हारा हुश्न नाकाबिले बर्दाश्त है। आज मैं तुमसे खेलना चाहता हूँ। क्या तुम मेरा साथ दोगी?

मैंने कहा- “हाँ अंकल, मैं आपके साथ हूँ। आप बहुत अच्छे हैं। मैं आपको पूरी तरह खुश कर देंगी...”

उन्होंने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे चेहरे को अपनी जबान से चाटने लगे। उनकी जबान गालों पर और माथे पर चल रही थी। फिर उन्होंने मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया। मैंने भी पूरा जवाब दिया उनके फ्रेंच किस का, तीन मिनट के बाद हमारी जबाने एक दूसरे की जबानों को छू रही थी और एक दूसरे को खींच रही थीं। मैंने अंकल को बता दिया की मुझे पूरी तरह बहकने के बाद ही मजा आता है इसलिए उन्होंने मुझे बहकाने की पूरी प्लानिंग कर ली थी। मेरी जबान को छोड़कर अब वो मेरी गर्दन चाट रहे थे और और फिर वो धीरे से मेरी चूचियों पर आ गये और ऊपर से दबाने लगे।
Reply

08-02-2019, 12:32 PM,
#20
RE: Desi Sex Kahani निदा के कारनामे
मेरी हालत अजीब थी। मैंने अंकल को इशारा दिया की कमीज उतार दें। मैं अब गरम होना शुरू हो गई थी। मैं उठकर बैठ गई और अपने हाथ ऊपर कर दिए। अंकल ने फटाफट मेरी टी-शर्ट उतार के दूर फेंक दी। मेरे चूचियां इस वक़्त पूरा टाइट थी और निपल खड़े थे। मैं खुद ही फिर लेट गई और अंकल ने अपने अंगूठे से मेरे निपल्स को गोल-गोल घिसना शुरू कर दिया और मेरे मुँह से बेअक्टियार सीसकारियां निकलने लगी- “आहहह। ककककक..." और मेरी आँखें लज्जत की वजह से बंद हो चुकी थीं। अब अंकल का एक हाथ मेरी बायीं चूची पर था और दायीं चूची के निपल को चूसते जाते और निपल पर हल्के से काट भी लेते। ये सिलसिला 5-7 मिनट तक चलता रहा।

फिर उनकी जबान मेरे चूचियों से हटकर नीचे आनी शुरू हो गई, जैसे कुलफी को चाटते हैं इस तरह। मैंने खुदबा-खुद अपने चूतड़ों को ऊपर कर दिया ताकी अंकल मेरी कैप्री उतार दें। अंकल ने ये देखके मुझे नीचे से भी। नंगा कर दिया। मैं बहुत गरम हो चुकी थी और मेरी हालत अजीब थी। मेरी चूत गीली हो चुकी थी। अंकल मेरे ऊपर से हट गये और मेरा सिर से पैर तक नंगा जिश्म देखने लगे।

और फिर बोले की- “सोबिया आज मैं तुम्हें खूब बहका करके चोदूंगा। तुम्हारी सिर्फ़ चूत ही नहीं तुम्हारे जिश्म की हर चीज हसीन और सेक्सी है। मैं तुम्हारे जिश्म का पूरा मजा लूंगा...” ये कहकर उन्होंने मेरे पैर चाटने शुरू कर दिये।

मुझे गुदगुदी हो रही थी और साथ में नशा भी... मैं अपने ही हाथ से अपनी चूत मसलने लगी तो अंकल कहने लगे की फिकर ना करो इसकी बारी भी आयेगी। ये कहकर अंकल ने फिर से मेरे पैर चाटना शुरू कर दिये और अब वो आहिस्ता आहिस्ता ऊपर आ रही थे। जब वो मेरी रानों तक पहुँचे तो मैं फारिग हो गई और गहरी-गहरी साँसाइन ले रही थी। मुझे फारिग होता देखके वो रुके और हँस दिये। मैं उठी और मैंने अंकल के कपड़े उतार दिये। अब वो भी नंगे थे और उनका मोटा लण्ड पूरा खड़ा था। मैंने अंकल से कहा की मैं आपका लण्ड चूसती हूँ, ये कहके मैं नीचे घुटनों के बल बैठकर एक हाथ से उनका लण्ड पकड़कर चूमने लगी और उसको चूमते-घूमते मैं मदहोश होकरके उनका लण्ड भी अपनी चूचियों पर और अपने गालों पर घिसने लगी। फिर उसे चूसने लगी।

अंकल के मुँह से बे-इख्तियार आहें निकल रही थी- “सोबिया मेरी जान और ओह प्लीज़... मैं पागल हो रहा हूँ...
आअह्ह...”

फिर मैंने उनकी बाल्स को चूमतु हुइ ऊपर आती और फिर मुँह में घुसा लेती। मेरे चूसने से अंकल को बहुत मजा आ रहा था और उन्होंने अपने लण्ड को मेरे मुँह में आगे पीछे करना शुरू कर दिया। मैंने अंकल की शक्ल से अंदाजा कर लिया था की वो रिलीस होने वाले हैं इसलिए जल्दी से उनका लण्ड मुँह से निकाल लिया और वैसे ही उनके लण्ड से एक पिचकारी निकली और नीचे गिर गई। और अंकल गहरी गहरी सांसें ले रहे थे। मैंने उनकी मनी मुँह में तो नहीं ली मगर चाट-चाटकर उनका लण्ड अच्छी तरह साफ कर दिया।

फिर अंकल ने मेरी नाभि से लेकर मेरी चूत के नीचे तक बेतहाशा बोसे दिए। फिर वो मेरी चूत पर अपनी जबान फेरने लगे। उसके बाद उन्होंने बारी-बारी मेरी चूत के दोनों लबों को मुँह में लेकर चूसा और उसके बाद उन्होंने अपने दोनों हाथों की उंगलियों से मेरी चूत को चीरा और अपनी जबान मेरी चूत के अंदर तक डालकर अपनी जबान से मेरी चूत को चोदने लगे। मैं मेजे में उड़ रही थी और मेरे हलाक से काफी तेज सिसकारियां निकल रही थीं और मैं उनका सर अपनी चूत पर दबा रही थी।
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Thumbs Up xxx indian stories आखिरी शिकार hotaks 47 74,176 Yesterday, 09:51 AM
Last Post: Groups of AKS Industries
Thumbs Up Incest Kahani एक अनोखा बंधन hotaks 63 57,272 Yesterday, 09:50 AM
Last Post: Groups of AKS Industries
Star XXX Hindi Kahani अलफांसे की शादी hotaks 73 30,700 Yesterday, 09:49 AM
Last Post: Groups of AKS Industries
Star bahan sex kahani भैया का ख़याल मैं रखूँगी sexstories 262 628,398 Yesterday, 09:49 AM
Last Post: Groups of AKS Industries
Thumbs Up Sexbaba Hindi Kahani अमरबेल एक प्रेमकहानी hotaks 68 57,006 Yesterday, 09:49 AM
Last Post: Groups of AKS Industries
Star Incest Porn Kahani चुदाई घर बार की hotaks 48 138,856 Yesterday, 09:48 AM
Last Post: Groups of AKS Industries
Star Desi Porn Kahani विधवा का पति hotaks 76 66,252 Yesterday, 09:47 AM
Last Post: Groups of AKS Industries
Tongue SexBaba Kahani लाल हवेली hotaks 89 23,454 06-02-2020, 02:25 PM
Last Post: hotaks
Star XXX Hindi Kahani घाट का पत्थर hotaks 89 37,366 05-30-2020, 02:13 PM
Last Post: hotaks
  पारिवारिक चुदाई की कहानी Sonaligupta678 19 139,573 05-16-2020, 09:13 PM
Last Post: Sonaligupta678



Users browsing this thread: 1 Guest(s)