Free Sex Kahani लंसंस्कारी परिवार की बेशर्म रंडियां
05-01-2021, 11:27 AM,
#1
Star  Free Sex Kahani लंसंस्कारी परिवार की बेशर्म रंडियां
यह मेरी पहली कहानी है और मै गारंटी लेता हूं कि आपको पसंद आयेगी।
यह कहानी समाज के नियमो के खिलाफ है । इस कहानी का वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है । यह कहानी पूर्ण रूप से काल्पनिक है ।
यह कहानी है एक बहुत ही अमीर घर की है जो करोड़ो की दौलत हर साल दान कर देता है ।

INTRODUCTION
1. धरमवीर - उमर 65 साल , परिवार के मुखिया । इनकी अपनी खुद की तीन कम्पनियां है। ये एक बलिष्ठ और ताकतवर इंसान हैं । 10 साल पहले ही पत्नी की accident की वजह से मौत हो गई थी इसलिए हर वक्त ये किसी ना किसी को चोदने की प्लानिंग करते रहते हैं। wild sex के शौकीन हैं।

2.आरती - उमर 40 साल, धरमवीर की छोटी बहन है (36x30x40) इनका अपने पति से तलाक हो गया है । दिखने में ये इतनी आकर्षक है कि कोई भी एकबार देखले तो कई साल तक ना सो पाए । 5.5 फीट इनकी हाइट है , काले और घने लंबे बाल है , सेब जैसे लाल गाल है ,होंठ थोड़े मोटे है और आंखे किसी मृगनयनी की तरह है बिल्कुल कातिल । नीचे छाती पर देखने से लगता है जैसे दो पहाड़ तनकर खड़े हो और कह रहे हों कि है कोई जो हम फतह कर सके । उसके नीचे इनकी कमर है जो चलते वक्त लचक जाती है । नाभि से नीचे फिर शुरू होती है इनकी चौड़ाई , मतलब कि इनका पिछ्वाड़ा बाहर की तरफ ऐसे निकला हुआ है कि सूट सलवार पहनने के बाद भी पिछवाड़े का उठान साफ नजर आता है , और फिर जांघो पर चूड़ीदार सलवार पहनकर जब चलती हैं तो देखने वाला out of control हो जाता है । ये बहुत ही संस्कारी और शर्मीली है लेकिन दिमाग की बहुत शातिर हैं ।

राकेश - उमर 35 साल, धरमवीर का शादीशुदा बेटा , ये अपनी खुद की कंपनी के मालिक है जो लेडीज गारमेंट्स बनाती है। ये ज्यादातर अपना समय अपने business को ही देते है । सारा काम इन्हीं को संभालना पड़ता है । कसरत करने के शौकीन है।

उपासना - उमर 31 साल , राकेश की पत्नी (34x28x38) । साईज से ही अंदाजा लग गया होगा कि ये अपने कूल्हों का भार लेकर किस तरह मुश्किल से चल पाती है ।ये अपनी जवानी के चरम पर हैं इसलिए ज्यादातर ये अपना समय अपने बैड पर बिताती हैं , सेक्स स्टोरीज पढ़ने की शौकीन है । ये अपनी छातियों और पिछवाड़े को जितना काम करने की सोचती हैं वो उतना ही बाहर को निकलते जा रहे हैं। 10 साल पहले ही पत्नी की accident की वजह से मौत हो गई थी। ये फुल कपड़े पहनना पसंद करती है । ज्यादातर साड़ी या सूट सलवार ही पहनती है । जब तक रात को इनकी ताबड़तोड़ चुदाई ना हो जाए इन्हे नींद नहीं आती ।

शालिनी - उमर 31 साल भाभी की जितनी । इनकी अभी शादी नहीं हुई है क्युकी इनका सपना है जब ये air hostes बन जाएंगी उसके बाद ही शादी करेंगी । इसलिए अपनी जवानी को दूसरों से काबू में कराती हैं । दिमाग की शातिर पर परिवार की सबसे चुदक्क़ड । दूसरो की जासूसी करने के मामले में ये सबसे आगे है ।

दोस्तों मुझे कमेंट्स करके हौसला और सुझाव दें ताकि मैं आपके लिए यर कहानी एक अलग अंदाज में लिख सकूं ।
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05-01-2021, 11:27 AM,
#2
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Update 2

धर्मवीर सिंह अपने शयन कक्ष में सोने की तैयारी कर रहे हैं , सोते समय उन्हें दूध पीने की आदत है लेकिन उनका नौकर (अनवर) चार दिन के लिए छुट्टी पर है ।
धर्मवीर सिंह अपना मोबाइल उठाते है और अपनी बहन का नंबर डायल करते हैं ।

उधर आरती जैसे ही अपने मोबाइल पर भैया का कॉल देखती है तो उसके माथे पर शिकन आजाती है कि रात को 11 बजे भैया को क्या काम हो सकता है । इसी सोच में डूबी आरती मोबाइल को कान पर लगाती है ।
आरती - hello भईया ।
धरमवीर सिह - hello आरती तुम सोई नहीं हो अभी तक ।
आरती - वो भईया वो मैं मूवी देख रही थी बस सोने ही जा रही थी कि आपका फोन आगया ।
धर्मवीर - अनवर छुट्टियों पर है और मुझे दूध पीकर ही नींद आती है ।
( ये सुनकर आरती डर गई कि मै कैसे भूल गई कि आज दूध नहीं गया भईया के लिए अब पता नहीं क्या होगा । क्युकी धरमवीर बहुत ही गंभीर और गुस्से वाले आदमी थे । )
आरती - sorry भईया मै मूवी देखते देखते भूल गई , माफ कीजिएगा । अभी लाती हूं ।

ये सुनकर धर्मवीर सिंह ने फोन रख दिया और और लेट गया अपने बैड पर ।
उधर संगीत जल्दी से उठी और सोचने लगी क्या पहनकर जाऊं क्युकी उसने सोने के नाइटी डाली हुई थी । आरती जल्दी से उठी और उसने जल्दी जल्दी में बिना पैंटी के ही सूट और चूड़ीदार सलवार पहन ली । सूट गलती से साइज में छोटा खरीद लिया था पर अब क्या जल्दी जल्दी में उसने वहीं पहन लिया ।
अपने आपको आइने में देखा तो खुद से ही शर्मा गई क्युकी उसके बूब्स उसमे से बाहर निकालने के लिए आजादी मांग रहे थे । वहीं हाल सलवार का था , आरती की जांघो में सलवार ऐसे फंस गई थी जैसे मानो चलते में चरर से फट ना जाए । अचानक उसके दिमाग में क्या आया उसने अपने होंठो पर dark red लिपस्टिक लगा ली जिससे उसके होंठ और ज्यादा रसीले और कामुक नजर आने लगे । आरती दुपट्टा डालकर किचन से दूध लेकर चल दी Lift की ओर क्युकी धरमवीर तीसरे फ्लोर पर रहते थे ।

जैसे ही आरती ने गेट खटखटाया अंदर से आवाज आयी - गेट खुला है आजाओ ।
आरती जैसे ही कमरे में घुसी उसने महसूस किया कि कमरे में से बहुत ही लुभाने वाली खुसबू आरही है । उधर जैसे ही धर्मवीर की नजर आरती पर पड़ी तो आरती टाईट फसे हुए सूट सलवार में उनकी तरफ हथिनी जैसी मस्तानी चाल चलती हुई उनके नजदीक आरही थी।
आरती ने दूध धर्मवीर के हाथ में दिया - लीजिए भईया ।
धर्मवीर - रख दो , आरती लगता है तुम आजकल काफी खुश रहने लगी हो देखो मोटी भी हो गई हो ।
यह सुनकर आरती समझ गई भईया किस मोटापे की बात कर रहे हैं तुरंत हकलाते हुए बोली - भ_भईया मै मोटी तो नहीं हूं ये सूट गलती से छोटा आगया है ।
धर्मवीर - तो कोई बात नहीं आरती कल जाकर और खरीद लेना या मेरे साथ कंपनी चल देना वहां से choose कर लेना ।
आरती - जी भईया ।
धर्मवीर के मन में अचानक विचार कोंधा की उसकी विधवा बहन अब भी कितना बन संवर कर रहती है होठ कितने लाल रचाए हुए हैं ।
अचानक आरती के हाथ से उसका मोबाइल नीचे गिर गया जैसे ही आरती मोबाइल उठाने के लिए झुकी धर्मवीर का दिमाग सामने का नजारा देखकर भनभना गया ।
आरती नीचे जैसे ही झुकी उसकी कुर्ती उसके विशाल भारी चूतड़ों को छुपाने में नाकामयाब होने लगी । उसके तबले जैसे दोनों चूतड़ चौड़े हो गए झुकने की वजह से । जैसा कि सलवार पहले ही जैसे तैसे फसाकर पहनी थी झुकने की वजह से वो दोनो चूतड़ों को संभाल नहीं पाई और बीच में से चरररर की आवाज करती हुई फट गई । पैंटी पहनी नहीं थी जिस वजह से फटी हुई सलवार में से घने और काले बाल बाहर की तरफ दिखने लगे ।
जैसे ही आरती ने ये महसूस किया आरती के पैरों के नीचे से जमीन निकल गई । आरती बिजली की फुर्ती से खड़ी हुई और sorry भईया बोलकर बाहर आगई । गेट से बाहर निकलते ही आरती थोड़ा ठहरी और अपने धड़कते दिल पर हाथ रखकर थोड़ा नॉर्मल होने की कोशिश करने लगी और फिर जाकर अपने कमरे में सो गई ।

उधर जैसे ही आरती गई धरमवीर को झटका सा लगा जैसे किसी सपने से जागे हों । धरमवीर सिह ने आज पहली बार अपनी बहन की जवानी की तरफ ध्यान दिया था ।
धरमवीर सोचने लगा कि आरती कितनी गदराई हुई है। उसके चौड़े चौड़े चूतड़ जैसे निमंत्रण दे रहे हों की आओ और हमारी चौड़ाई की वजह बनो ।
और ये क्या आरती नीचे के बाल साफ़ नहीं करती । हां बेचारी करे भी किसके लिए विधवा जो ठहरी । लेकिन आरती का गदराया हुआ बदन नहीं कहता कि वो विधवा है ।
आरती की जांघो के देखकर लगता है कि मेरा पूरा मुंह उन जांघों में छुप जाएगा । अचानक धरमवीर का हाथ लेटे लेटे अपने हल्लबी लंड पर चला गया जो अपनी औकात में खड़ा हो गया था। धर्मवीर के लंड का साइज़ 12 इंच था पूरा और मोटाई 4 इंच । धर्मवीर सोचने लगा कि मेरा लन्ड सिर्फ आरती जैसी कोई प्यासी विधवा रांड ही झेल सकती है ।
और दोस्तो ये सच भी था कि धर्मवीर का लन्ड ही ऐसा था जो आरती के फैले हुए चूतड़ों को पार करके उसकी गांड पर फतह पा सकता था।
अचानक धर्मवीर के मुंह से निकला - मेरी रांड बहन तुझे अगर शर्मीली आरती से चुदक्क़ड रण्डी ना बना दिया , अगर मैंने तेरे चूतड़ों को फैलाकर उसमे मुंह ना फसाया , अगर तेरे काले घने बालों से ढके भोसड़े पर अपने लन्ड का परचम ना लहराया तो मै भी धरमवीर नहीं ।
इतना कहते ही धरमवीर के लन्ड से इतनी तेज पिचकारी निकली की सीधी दीवार से जा टकराई । लगातार 5 मिनट तक झड़ने के बाद धरमवीर ठंडा पड़ गया । इतना वीर्य निकला धर्मवीर के टट्टो से जैसे एक साथ एक जगह पर दस लोग झड़े हों ।
ठंडा होते ही धर्मवीर खुद से ही कहने लगा नहीं मै ऐसा नहीं सोच सकता आखिर वो मेरी बहन है ।
इन्हीं विचारों के साथ धरमवीर नींद के आगोश में चला गया ।

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दोस्तों कमैंट्स करके अपना साथ मुझे फील कराते रहना । साथ ही कहानी में कोई सलाह हो तो अवश्य दें ।
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05-01-2021, 11:27 AM,
#3
RE: Free Sex Kahani लंसंस्कारी परिवार की बेशर्म रंडियां
update 3

सुबह होते ही राकेश उठकर किचन में चाय बना रहा था क्युकी जैसा पहले बताया की नौकर अनवर छुट्टियों पर था । राकेश ने अपनी पत्नी को उठाना उचित नहीं समझा क्युकी देर रात तक उसको टिका कर पेला था राकेश ने । तो उपासना वैसे ही कम्बल के अंदर नंगी पड़ी थी । राकेश चाय बना ही रहा था कि इतने में ही शालिनी की entry होती है किचन में । उसने एक टाईट शर्ट और जींस पहन रखी थी । शर्ट के दो बटन खुले हुए थे और जीन्स इतनी टाइट थी कि चूत का शेप बिल्कुल साफ नजर आ रहा था । यह देखकर राकेश ने मन ही मन में बोला (कितनी शरीफ बनती है मेरी बहन लेकिन देखकर लगता है साली के ऊपर एकसाथ दो अफ्रीकन को चढ़ा दूं )।

शालिनी - राकेश भईया आप चाय क्यों बना रहे हो मै बना देती ।
राकेश - अरे मैंने सोचा अपनी बहन को सोने दूं , इसलिए परेशान नहीं किया और चाय भी बन गई है ।
शालिनी - अच्छा भईया तो आप नाश्ता लगाइए तब तक म सबको जगाकर hall में आने के लिए बोलती हूं ।
Rakesh ne shalini ko rokna chaha lekin tab tak shalini Rakesh ke kamre ki taraf jaa chuki thi .

राकेश मन ही मन सोचने लगा है भगवान ये साला अनवर को भी अभी जाना था छुट्टियों पर अब शालिनी ने अगर जाकर उपासना का कंबल उठा दिया तो उपासना तो नंगी सो रही होगी । हे भगवान ।

और दोस्तों हुआ भी ऐसा ही शालिनी ने जाकर उपासना से कहा भाभी जी उठिए आपकी ननद ready भी हो चुकी है जाने को चलिए सब नाश्ता कर लेते है सुबह हो गई ।
ऐसा कहकर शालिनी ने उपासना का कम्बल खींचकर बैड से अलग कर दिया , जैसे ही कम्बल खींचा शालिनी के आंखे फटी की फटी रह गई उसके मुंह से बस इतना ही निकाल पाया - भ_भाभी ये क्या है ?
उपासना बैड पर बिल्कुल नंगी पड़ी हुई थी उसका पिछ्वाड़ा गद्दों में धंसा हुआ था। आंखो का काजल चेहरे पर फैला हुआ था , बूब्स से लेकर नीचे जांघो तक सूखा हुआ सफेद सफेद वीर्य का लेप जैसा हो रखा था उपासना के बदन पर और चूत बिल्कुल छत की तरफ मुंह खोले पड़ी थी । उसकी ये हालत बयान कर रही थी कि रात को बैड पर सोने से पहले कैसा चुदाई समारोह किया गया है ।

ये देखकर आरती ने मुंह फेर लिया और उपासना भी शर्मिंदगी महसूस करते हुए खड़ी होकर बॉडी पर तौलिया लपेट लिया । उपासना बस इतना ही कह पाई नन्द जी आप चलिए मै नहाकर आती हूं । इतना सुनकर शालिनी सीधा अपने पापा के फ्लोर पर जाने के लिए लिफ्ट की तरफ चल दी । चलते चलते शालिनी मन ही मन सोच रही थी कि ऐसा तो नहीं हो सकता कि कोई एक इंसान एक औरत की ऐसी हालत कर सके , तो फिर कहीं ऐसा तो नहीं रात में कोई और भी आया हो भाभी के पास । लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है भाभी के पास तो भईया सोए हुए थे । और अगर कोई नहीं आया तो इसका मतलब भाभी की ये हालत भईया ने की है । नहीं भईया ऐसे नहीं है वो इतना ज्यादा कामुक नहीं है उन्हें तो अपने बिजनेस से ही फुर्सत नहीं रहती है ।
इतना सोचते सोचते ही पापा के कमरे में entry कर चुकी थी शालिनी और वो दोबारा किसी का कम्बल खींचने की गलती नहीं करना चाहती थी । इसलिए उसने धर्मवीर के माथे पर हाथ फेरा और बोली -
शालिनी - पापाजी पापाजी उठिये सुबह हो गई है ।
इतना सुनकर धर्मवीर जी अंगड़ाई लेते हुए उठे जैसे ही उनकी नजर शालिनी के टाईट जीन्स में से दिखते चूत के उभार पर पड़ी उनके मुंह से आह निकल गई ।
लेकिन शालिनी इसे नोट नहीं कर पाई क्युकी धर्मवीर अंगड़ाई भी ले रहे थे उठते समय ।
धर्मवीर मन ही मन में - आजकल दिन और रात दोनों की शुरआत बड़े ग़ज़ब तरीके से हो रही है , दोनों समय ये गदराई रंडियां ऐसे सामने आती है जैसे कह रही हो कि हमें सिर्फ लौड़े चाहिए ।

धर्मवीर - शालिनी बेटा कहां के लिए ready हो रही है आज ।
शालिनी - जी पापाजी वो आज मुझे एक इंटरव्यू के लिए जाना है तो सुबह ही निकालना पड़ेगा ।
धरमवीर अपनी बैड की रैक में से पर्स निकालकर अपना ATM कार्ड शालिनी को देते हुए - लो बेटा अगर पैसों की और जरूरत हो तो इसमें से निकाल लेना ।
शालिनी - नहीं डैडी मेरे पास already मेरा ATM कार्ड रख लिया है और sunday को ही तो अपने उसमे एक लाख बीस हजार रूपए ट्रांसफर किए थे मुझे । अभी है और जब जरूरत होगी तब ले लूंगी ।
शालिनी - वो हां पापा आज के लिए आप please मैनेज कीजिए क्युकी मुझे आज आपकी गाड़ी चाहिए क्युकी मेरी गाड़ी सर्विसिंग के लिए दी है मैंने शोरूम में।
धर्मवीर ने अपनी Audi की चाबी शालिनी को देते हुए कहा लो बेटा मै आज उपासना या आरती की गाड़ी ले जाऊंगा office ।

शालिनी - ok डैडी नाश्ता तैयार है नीचे अजाओ hall में । भईया नाश्ते के लिए आर्डर कर चुके है बस आने वाला होगा क्युकी आज खाना बनानेवाली ज्योति भाभी भी छुट्टियों पर गई है । घर के दोनों नौकर बहुत छुट्टी करते है देखो ना डैडी अनवर भी छुट्टियों पर है ।
धर्मवीर - कोई बात नहीं बेटा नौकरों की भी अपनी जिंदगी होती है उन्हें भी जिंदगी जीने का मौका देना चाहिए ।
शालिनी - लेकिन आप ज्यादा ढील देते है डैडी देखिए इतने छुट्टियां करने के बाद भी आप उन्हें सैलरी हमेशा पूरी ही देते है और उनके लिए हर महीने कपड़े देते है वो अलग ।
धर्मवीर - बेटा शालिनी जब भगवान का दिया हुआ समंदर है हमारे पास तो उसमे से एक बूंद किसी गरीब प्यासे को देदो तो आपका कुछ नहीं घटता बल्कि उस बेचारे का मन खुश हो जाता है और वो आपको दिल से दुआए देता है ।
शालिनी - हम्म डैडी ये बात तो है चलिए मैं नीचे wait कर रही हूं आपका । ये कहकर शालिनी कमरे से बाहर चली गई ।
धरमवीर शालिनी को जाते देखकर अपनी पलक झपकना भूल गया क्युकी जैसे ही शालिनी मुड़ी जाने के लिए उसकी गान्ड का फैलाव और चौड़ाई जानलेवा थी । और चलते हुए जीन्स में फसे उसकी चूतड़ों का ऊपर नीचे होना धर्मवीर के दिल पर असर कर गया ।
धरमवीर सोचने लगा कि मै कितना गिरा हुआ इंसान हूं आजकल सबको देखकर मै गंदा सोचने लगा हूं ऐसा सोचते ही धरमवीर के अंदर का शैतान बोला कि धर्मवीर आजकल सबको देखकर ऐसा इसलिए हो रहा है क्युकी तेरे घर के नौकर छुट्टियों पर है इसलिए तेरे घर की बहन और बेटी तेरे सामने आजाती हैं और उनकी गदराई हुई गान्ड और उभरी हुई छातियां इस बात का सबूत है कि उन्हें कोई कसकर चोदने वाला चाहिए जो उन्हें दौड़ा दौड़ा कर चोदे । अब शालिनी की ही गान्ड देखले अभी तो तेरी बेटी की शादी भी नहीं हुई है और इसका बदन ऐसा हो रहा है जैसे अगर जमकर चोद दी जाए तो एक साथ दो बच्चे पैदा कर देगी । धर्मवीर सोचने लगा इसमें गलती शालिनी की भी नहीं है क्युकी उसकी उमर भी 31 साल हो गई है और शादी हुई नहीं है अभी तो उसकी जवानी भी लौड़े खाने लायक है आखिर उसको भी होती है जरूरत महसूस ।
इतना सोचते सोचते धर्मवीर कपड़े पहन चुका था और कमरे से निकाल गया ।
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दोस्तो कमैंट्स करके बताते रहना स्टोरी कैसी चल रही है ।
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05-01-2021, 11:28 AM,
#4
RE: Free Sex Kahani लंसंस्कारी परिवार की बेशर्म रंडियां
update 4

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सभी hall में नाश्ता करते हुए गपशप कर रहे थे ।
उपासना और आरती दोनों नहा चुकी थीं । उपासना ने नहाकर आज साड़ी पहनी हुई थी जो उसने नाभि से बिल्कुल 3 इंच नीचे बांध रखी थी और जो साफ दिख रहा था कि ये साड़ी उसकी जवानी को छुपाने के हिसाब से छोटी है । आरती भी एक सूट सलवार पहनकर आयी थी , उसकी सलवार चुस्त नहीं थी बिल्कुल पटियाला सलवार की तरह बहुत ही ज्यादा खुली हुई थी जिससे की उसके भारी भारी कूल्हे उसमे पूरे ढके हुए थे क्युकी दिन में ये सीता से कम नहीं थी । राकेश भी office जाने के लिए ready हो चुका था ।

धरमवीर - राकेश हम जो एक और new company स्टार्ट करने वाले है सोच रहा हूं उसका उद्घाटन करने से पहले ये तय होना जरूरी है कि उसका नाम क्या रखे ।
राकेश - पापाजी आपके नाम पर already दो कंपनीज है और एक मैं संभालता हूं but नाम तो तीनों का एक ही है जो मम्मी जी के नाम पर है DISHA Industries ।
धरमवीर - हां मै सोच रहा हूं एक जो नई कंपनी खोल रहे है उसका नाम हम अपनी बहू उपासना के नाम से रखे ।
उपासना - पा_पापा वो आप ऐसा मत कीजिए मम्मी जी के नाम से ही स्टार्ट कीजिए क्युकी मै चाहती हूं हम मम्मी जी के नाम को ही और बड़ा करना चाहिए ।
धर्मवीर बहू की इस बात पर हंसते हुए कहने लगा - बहू तुम जितनी खूबसूरत हो उतनी ही समझदार भी हो ।
शालिनी - डैडी समझदार तो मै भी हूं ।
धरमवीर - मेरी बहू और बेटी दोनों ही समझदार है अब खुश । वैसे आज तुम्हे तो जाना है शालिनी पर उपासना आज तुम भी जल्दी ही नहा ली तुम्हे भी कहीं जाना है ।
उपासना - हकलाते हुए - ज_जी पापा जी वो मै रोज ही जल्दी नहा लेती हूं ।
तभी उसकी बात काटते हुए तपाक से बोल पड़ी ।
शालिनी - हां जी बिल्कुल पापा भाभी को वैसे भी नहाना ही पड़ता ।
शालिनी के इस जवाब से राकेश का मुंह खुला का खुला रह गया राकेश समझ गया कि शालिनी ने उसे किस हालत में देखा है ।
और ये बात शालिनी ने नोट करली जिससे वो शरमा गई उसे अहसास हुआ कि ऐसा नहीं बोलना चाहिए था उस पर वो तो निकाल गया मुंह से ।
उपासना को काटो तो खून नहीं की वो अब क्या बोले उसके गाल सुर्ख लाल हो गए शरम से ।
धर्मवीर - नहाना ही पड़ता बेटा मै समझा नहीं ।
उपासना - ज_जी पापा वो सुबह सुबह मुझे पानी पीना अच्छा लगता है और आज सुबह राकेश ने मुझे पानी दिया और वो गलती से ऊपर गिर गया जिस वजह से नहाना ही पड़ता ।
धर्मवीर - hahaha अच्छा बेटा खयाल रखा करो थोड़ा ।

उधर शालिनी मन ही मन सोच रही थी - की भाभी ने कितनी आसानी से छुपा लिया और बात को घुमा दिया । वैसे ठीक ही किया भाभी ये तो नहीं बता सकती थी कि इसलिए नहाना पड़ता क्युकी रात भर में नंगी नाची हूं अपने पति के लंड पर मेरी ऐसी हालत हो रही थी जैसे कोठे की कोई सस्ती रण्डी रात भर टांगे चौड़ाकर लंड खाकर सोई हो ।
शालिनी अपने दिए हुए जवाब पर शर्मा रही थी इस वजह से उसने उठना ही बेहतर समझा । और सबको gud bye बोलकर चलदी अपने बंगले के पार्किंग की तरफ ।
जाते जाते राकेश की आंखो से इसकी झोल खाती हुई गान्ड बच ना सकी ।
राकेश - ok अपना भी हो गया मै चलता हूं , ये कहकर राकेश भी अपना लैपटॉप बैग उठाकर चल दिया ।
अब hall में सिर्फ आरती , धरमवीर और उपासना थी ।
आरती मन ही मन रात सलवार फटने वाली घटना को याद करके धरमवीर से आंखे नहीं मिला पा रही थी ।
धरमवीर - उपासना मै दोपहर को कुछ शॉपिंग करने जाऊंगा और मेरी गाड़ी शालिनी ले गई है ।
उपासना - जी पापा घर में मेरी और आरती दीदी की गाड़ियां भी है आप जिसे चाहो ले जाना ।

कुछ देर बाद जैसे ही अपने बंगले की पार्किंग में गया उसने उपासना की गाड़ी का गेट खोला ही था कि अचानक उसकी नजर आरती की गाड़ी पर पड़ी जहां आगे नंबर प्लेट पर एक कागज जैसी चीज घुसी हुई थी । धरमवीर ने जैसे ही वो कागज़ निकाल तो वो एक letter था जिसमें लिखा हुआ था -
hi Aarti .
मै जानता हूं कि तुम भी मुझे चाहने लगी हो जब भी तुम्हे जिम करते हुए देखता हूं दिल को मुश्किल से संभाल पता हूं । अगर आप मेरी दोस्ती कबूल करती है तो प्लीज रिप्लाइ कीजिएगा xxxxxx5689 इस नंबर पर ।
आपका दीवाना - सलमान सिद्दीकी।

ये पढ़कर धरमवीर को समझते देर ना लगी कि जहां आरती जिम जाती है वहां पर उसे कोई पसंद करने लगा है और वो direct नहीं कह पाया है इसलिए उसने ऐसा किया है । धरमवीर ने वो कागज़ अपनी जेब में रख लिया ।

मार्केट में जाकर धरमवीर के मन में अचानक क्या सूझा कि उसने एक shop से एक micro voice recorder खरीदा जो उसके मोबाइल से कनेक्ट होता था। उसने मोबाइल शॉप से जाकर एक iphone 11 खरीदा और दो नई सिम खरीदी ।
और फिर उसने अपनी खरीदारी की जो उसे करनी थी ।
फिर धरमवीर गाड़ी में आकर बैठा और उसने वो कागज़ अपनी जेब से निकाला । और वैसा ही एक letter उसने लिखा और उसमे उस नंबर की जगह अपनी एक नई खरीदी हुई सिम का नंबर लिख दिया ।

घर आकर उपासना की गाड़ी पार्क करके वो letter जो उसने लिखा था चुपके से आरती की गाड़ी के नंबर प्लेट पर वही लगा दिया ।

अपने फ्लोर पर जाने की बजाय second फ्लोर पर किचन में गया और रखा हुआ दूध उसने जमीन पर गिरा दिया।
फिर उसने दूधवाले को फोन लगाया कि उसके घर में दूध गिर गया है तो दूध लेकर दे दीजिए ।
दूधवाला - जी साहब अभी आया 10 मिनट में ।
जैसे ही दूधवाला आया धरमवीर ने आरती को कॉल किया क्युकी घर ज्यादा बड़ा था और कमरे hall के बाद से शुरू होते थे तो वह तक आवाज नहीं पहुंच पाती थी ।
धर्मवीर - आरती , जरा किचन में आइए ।
आरती - जी भईया अभी आयी ।
आरती मन ही मन सोचते हुए आने लगी कि पता नहीं क्या बात ह जो भैया किचन में बुला रहे है । और आरती अपना मोबाइल हाथ में लेकर ही किचन की तरफ आने लगी ।

आरती ने किचन में आकर देखा कि दूध नीचे जमीन पर फैला पड़ा है और दूधवाला भी वही खड़ा है ।
आरती - जी भईया आप कब आए , और ये कैसे गिर गया भईया ।
धरमवीर - आरती वो मै अभी आया था और आकर दूध पीने का मन किया तो किचन में मुझसे दूध ही गिर गया सो तभी मैंने दूधवाले को फोन करके बुला लिया दूध लेने के लिए ।
आरती ये सुनकर बोली - कोई बात नहीं भईया मै इसे साफ कर देती हूं । आरती वहीं पर किचन से बाहर की तरफ अपना मोबाइल रखकर दूध को साफ करने लगी । धरमवीर सिंह ने दूधवाले से दूध का डब्बा ले लिया और दूधवाला चला गया ।
धरमवीर सिंह ने दूधवाले को जाते ही बाहर रखा हुआ आरती का मोबाइल जल्दी से switch off किया और अपनी जेब में डाल लिया ।

फिर धर्मवीर ने जैसे ही आरती की तरफ नजर घुमाई तो आरती ने वैसे तो लूज पटियाला सलवार पहनी हुई थी पर जैसे ही वो नीचे बैठकर पोछा लगाने वाली स्टाइल में बैठकर दूध साफ करने लगी इसकी गान्ड ने अपना पूरा फैलाव ले लिया। आरती का पिछ्वाड़ा इस तरह बैठने से हल्का हल्का नीचे फर्श को टच कर रहा था । धरमवीर मन ही मन - एक दिन मेरी चुदक्कड़ रांड को इसी तरह अपने मुंह पर बिठाकर उसके पिछवाड़े की चौड़ाई में चार चांद लगा दूंगा ।
फिर आरती खड़ी हो गई जैसे ही खड़ी हुई उसकी पिछवाड़े में उसकी कुर्ती फस गई एकबार तो धरमवीर का मन किया कि उस कुर्ती को उसकी गान्ड में से आने मुंह से निकले । पर उसने तुरंत ही नजर घुमा ली ताकि आरती उसे देख ना ले ।
आरती - भईया ये तो साफ हो चुका है , अपने आकर मुझे बोल दिया होता दूध के लिए ।
धर्मवीर - कोई बात नहीं मेरी छोटी बहन को बिना वजह परेशान नहीं करना चाहता था ।
फिर उसने धीरे से बोला रात दिया तो था तुमने दूध अपनी सलवार ही फाड़ ली थी ।
ये बात उसने बोली तो धीरे से थी पर आरती पास खड़ी यह बिल्कुल साफ सुं चुकी थी । और ऐसा सुनते ही आरती ने मुंह फेर लिया उसके गाल बिल्कुल लाल पद गए शर्म से वो बिल्कुल मौन हो गई ।
धरमवीर ने बात ज्यादा सीरियस ना करते हुए बोला - कोई बात नहीं मेरी बहन अब एक काम कर दो मै मार्केट से एक facewash लाना भूल गया अगर तुम फ्री हो तो ले आओ बाहर से ही 10 मिनट लगेंगे ।
आरती - जी भईया मै अभी ले आती हूं और ऐसा कहकर जैसे ही आरती किचन के बाहर आती तो मोबाइल गायब था उसका ।
धरमवीर - क्या हुआ आरती क्या ढूंढ रही हो ।
आरती - भईया मै आपसे बात करते हुए मोबाइल हाथ में लाई थी और अब यहां नहीं है , यही तो रखा था ।
धर्मवीर - ध्यान से देखो बहन कहीं और तो नहीं रख दिया ।
आरती - बिल्कुल नहीं भईया अभी तो इस जगह पर रखा था मैंने , oh my god मेरा मोबाईल अपने गिफ्ट किया था मुझे ।
धर्मवीर - मुझे लगता है आरती की फिर तो तुम्हारा मोबाइल दूधवाला ले गया ।
आरती - मुझे भी ऐसा ही लग रहा है । ( आरती को धरमवीर के खुरापाती दिमाग का बिल्कुल अंदाजा नहीं था )
फिर तो भईया मै उसे बिल्कुल भी नहीं छोडूंगी उसको तो मै जेल में भिजवा दूंगी ।
धर्मवीर पासा पलटते देख बात संभालता हुआ बोला - कोई बात नहीं आरती वो बेचारा गरीब है शायद उसके पास तो पैसे भी नहीं होंगे की वो इतना महंगा मोबाइल खरीद सके ।चलो कोई बात नहीं मुझे आज शाम को अपने दोस्त के बेटे के जन्मदिन में जाना था जिसके लिए मै gift में मोबाइल ही लाया था , चलो मैं दूसरा खरीद लूंगा तुम उसे रख लो ।
आरती ये सुनकर थोड़ी नॉर्मल हो गई - भईया कितना बड़ा दिल है आपका एक चोर के लिए भी । पर भईया मेरे सारे कॉन्टैक्ट नंबर उस सिम में हो save थे बस।
धर्मवीर - कोई बात नहीं बेटा मै मोबाइल और सिम दोनों लाया था उपासना वाली गाड़ी में रखा है ये लो चाभी जाओ जाकर ले आओ ।
आरती चाभी लेकर पार्किंग की तरफ चली गई ।
उधर धरमवीर उसे गान्ड हिलाती हुई जाती देखकर मन ही मन बोला हो गई मेरी तैयारी मेरी घोड़ी तेरी सवारी करने की क्युकी तुझे तेरी गाड़ी तक भेजना ही मेरा मकसद था ।

आरती जैसे ही उपासना की गाड़ी से मोबाइल निकालकर गाड़ी लॉक करके चली अचानक उसकी नजर अपनी गाड़ी की नंबर प्लेट पर पड़ी । उसने जाकर वो कागज़ निकाला और वही पर पढ़ने लगी ।
आरती उसे पढ़कर सोचने लगी कि ये सलमान siddiqi वही है शायद जो रोज मुझे देखता रहता था और उस जमीन ने ये contact नंबर भी दे दिया । मै ऐसे किसी को मुंह नहीं लगा सकती । लेकिन अचानक उसके मन में पता नहीं की आया उसने वो कागज़ अपनी ब्रा में छुपा लिया । आरती अंदर गई ।
आरती - wow भईया अपने iphone 11 खरीदा है , I love it .
धरमवीर - हां उसमे एक सिम भी है वो ही लेलो तुम ।
आरती - ok भईया , भगवान ऐसा भईया सबको दे ।
धरमवीर - अच्छा आरती आज जब मै मार्केट से आ रहा था तो तुम्हारे जिम के पास भीड़ इकट्ठा हो रही थी ।
आरती जिम का नाम सुनते ही उसका दिल धड़कने लगा - क्या हुआ था भईया वहां पर ।
धरमवीर - वहां पर GYM owner खड़े थे वो कह रहे थे कि उन्होंने आज से ये GYM बंद कर दिया है । क्युकी वो अपना बिजनेस अब कोलकाता में setup कर रहे है ।
आरती - मन ही मन आज तो किसी ने नम्बर ही दिया है और आज ही GYM wala अपने सामान को लेकर चला गया ये सोचकर आरती को हंसी आगई ।
धरमवीर - क्या हुआ आरती ।
आरती - कुछ नहीं भईया मै अब इस रोड पर जाऊंगी ही नहीं क्युकी उधर वहीं एक जिम था । अब मै कोई दूसरा जिम join कर लूंगी ।
धरमवीर मन ही मन चैन कि सांस लेते हुए चलो जो सोचा था वहीं हुआ अब ये जाएगी ही नहीं उधर तो कोई परेशानी ही नहीं ।

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दोस्तों साथ बने रहें और अपना सुझाव देते रहें ।
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Reply
05-01-2021, 11:28 AM,
#5
RE: Free Sex Kahani लंसंस्कारी परिवार की बेशर्म रंडियां
update 5

शाम के 4 बज रहे थे घड़ी में । आरती अपने नए मोबाइल में सेटिंग्स करने में लगी हुई थी अचानक उसे याद आया कि उसे गाड़ी की नंबर प्लेट पर एक कागज मिला था । उसने वो कागज़ निकाला और जो नंबर उसपर लिखा हुआ था उसे सलमान के नाम से सेव कर लिया ।
उसने सोचा क्यों ना कॉल की जाए और उसने नंबर डायल कर दिया ।

उधर धरमवीर भी अपने कमरे में आकर जल्दी से जो दूसरी नई सिम थी वो अपने मोबाइल में डाल ली थी । और अब जैसे ही आरती का call आया उसकी धड़कने बढ़ गई अचानक उसने call कट कर दिया क्युकी आरती आवाज पहचान लेती ।
उसने तुरंत एक मेसेज टाइप किया ।

धरमवीर - yes, who are you ? please text me , I'm not able to talk with you on call .

आरती ये मेसेज पढ़कर मन ही मन बोली अजीब बंदा है । पर मै क्यों करू इसे मेसेज । फिर उसने सोचा चलो करती हूं देखूं तो क्या कहता है । उसने मेसेज टाइप किया ।

आरती - why are you not able to talk with me on call ? and what you want by me ?

कुछ सेकंड बाद आरती के मोबाइल में सलमान के नाम से msg रिसीव हुआ ।

सलमान - I'm hospitalized due to car accident . so we can communicate by text messages .

आरती ये पढ़कर थोड़ा इमोशनल हुई कि कार एक्सिडेंट हो गया बेचारे का ।
साथ में उसकी हंसी भी छूट गई कि साला ऐक्सिडेंट करके हॉस्पिटल में पड़ा है और वहां भी इसे सेटिंग करने की पड़ी है ।
उसे क्या पता था कि कोई सलमान नहीं बल्कि उसका बड़ा भाई धर्मवीर सिह उसकी चूत में अपना लंड फसाने के सपने देख रहा है ।

फिर आरती ने सोचा पूछूं तो सही क्या हुआ और उसने इस बार हिंदी में ही टाइप करना उचित समझा ।

आरती - कैसे हुआ आपका एक्सिडेंट , और आप मुझसे बात क्यों करना चाहते है ।

सलमान - ऐक्सिडेंट कैसे होता है मैम वैसे ही हुआ ।

आरती ये मेसेज पढ़कर मुस्कुरा पड़ी तभी दूसरा मैसेज रिसीव हुआ ।

सलमान - और आपसे बात करने का मुझे कोई शौक नहीं है दरअसल मैं आपको कुछ बताना चाहता था आपकी भतीजी शालिनी के बारे में ।

ये मैसेज पढ़कर शालिनी चौंक गई कि ये शालिनी को कैसे जानता है ।
उसे क्या पता था धर्मवीर शालिनी से शुरुआत इसलिए कर रहा है ताकि बात करने की शुरुआत हो सके और आरती उससे बात करने के लिए मजबूर हो सके ।

आरती - अच्छा । शालिनी को कैसे जानते है आप । और उसके बारे में क्या बताना चाहते है बोलिए ।

धर्मवीर - मै रात को 10 बजे बात करूंगा क्युकी मेरी फैमिली अभी मेरे पास बैठी है । और अब तुम भी मुझे 10 बजे ही मैसेज करना ।

धर्मवीर ने ये मेसेज इसलिए किया क्योंकि उसे अपनी आगे की योजना भी बनानी थी और वो थोड़ा सोना भी चाहता था ।
उधर आरती ने पढ़ा और सोचने लगी कि चलो देखते है क्या बताता है ये ।
आरती ने रिप्लाइ में ओके कहकर मैसेज कर दिया ।

उधर धर्मवीर ने अपने दिमाग की दाद देते हुए खुसी से ऐसे yess कहा जैसे क्रिकेट मैच में बॉलर विकेट मिलने पर करता है ।
धर्मवीर सोचने लगा कि आरती की उम्र 31 साल है मतलब उसकी जवानी पूरे उफान पर है । सोचने लगा कि आरती की गर्मी मेरे जैसे लंड से ही हो सकती है । ऊपर से आरती को 3 साल हो गए विधवा हुए उसे भी लंड की जरूरत महसूस होती होगी और इस बात की गवाही उसकी उठी हुई छातियां देती है जैसे कह रही हों कि आओ हम निचोड़ो । और आरती की गांड को फाड़ना भी किसी नॉर्मल लंड के बाद की बात नहीं है उसे ऐसे इंसान का लंड चाहिए जिसने 8, 10 साल बस खाया हो और कसरत की हो ।सोचने लगा कि आरती की चूत भी तो झांटों से भरी हुई थी जब उसकी सलवार फटी थी । मतलब आरती बाल साफ़ करके नहीं रखती और धर्मवीर को झांटों से भरी हुई चूत चोदने का ही शौक था क्युकी उसका लंड छोटा तो था नहीं जो बालों में गायब हो जाता , उसका तो हल्लबी खीरा जैसा लौड़ा था वो तो चूत में जड़ तक चला जाए तो चूत किसी नॉर्मल इंसान के चोदने लायक ही नहीं रहती क्युकी फिर वो चूत नहीं भोसड़ा बना देता है उसका ।
ऐसा सोचते सोचते ही उसे नींद आ गई ।

उधर शाम के 6 बज गए थे शालिनी भी घर आ गई थी और कपड़े चेंज करके भाभी के रूम की तरफ चल दी ।
उपासना अपनी मम्मी से फोन पर बात कर रही थी । बात खतम करके बोली आइए नन्द रानी जी कैसा रहा आज का दिन ।ये बोलते हुए उपासना थोड़ा शरमा गई क्युकी शालिनी ने उसे आज नंगी हो देख लिया था ।

शालिनी भी मजाकिया लहजे में बोली - हां सुबह सुबह आज कामदेवी के दर्शन हो गए थे भाभी तो दिन अच्छा गया ।

ये सुनकर उपासना बुरी तरह शर्मा गई वो समझ गई थी कि शालिनी किस कामदेवी की बात कर रही है ।

उपासना - अब नन्द रानी खुद आकर कम्बल खींचेगी और देखेंगी तो इसमें मै क्या करती ।

शालिनी - चलो माफ करो भाभी दोबारा ऐसी गलती नहीं होगी और मै कौन सा कोई आदमी हूं एक लड़की हूं आपकी नन्द हूं देख लिया तो क्या हो गया । और वैसे आप ऐसी हालत में क्यों सोती हो कपड़े पहनकर सो जाया करो ।

उपासना - अच्छा । hehehe अब तुम बताओगी मुझे की मै कैसे साउं । ये कहकर उपासना हंस पड़ी । कोई बात नहीं नन्द रानी जब तुम्हारी शादी होगी तब पता चलेगा कि तुम कैसे सोया करोगी ।

शालिनी - भाभी मै तो नाइटी पहनकर सोया करूंगी ।

उपासना - मजाकिया लहजे में - देख लेना कहीं ऐसा ना हो कि तुम्हारा पति तुम्हारी नाइटी फाड़कर तुम्हे नंगी करदे ।

शालिनी ये सुनकर शर्मा गई और मुस्कुराती हुई बोली - छी भाभी कितना गंदा बोल देती हो आप । और ऐसा है तो मै शादी ही नहीं करूंगी ।

उपासना - अब अगर मै ये बोली की तुम्हे कौन सा कोई आदमी बोल रहा है मै भी एक लड़की ही हूं वो भी आपकी भाभी ।

शालिनी - अच्छा आप मेरा डाइलोग मुझे ही चिपका रही हो ।

उपासना - शादी तो तुम्हे करनी ही पड़ेगी और तुम्हारी जवानी देखकर तो लगता है कि तुम्हारी शादी एक इंसान से नहीं दो आदमी से करनी चाहिए । क्युकी एक के बसका नहीं है तुम्हारी जवानी को काबू में करना ।

ये सुनकर शालिनी झेंप गई वो समझ गई थी भाभी क्या कह रही है । और वैसे भी शालिनी ही इस घर में ऐसी थी जिसने बाहर के लंड खूब जी भरकर खाए थे । शालिनी ने उल्टा वार करने की सोची ।

शालिनी - अच्छा ऐसे तो मै भी कह सकती हूं कि आपको भी दो से शादी करनी चाहिए थी आपकी जवानी तो मुझसे भी ज्यादा भरी हुई है ।

उपासना - मेरी जवानी तो शादी के बाद भरी है पहले तो मै slim थी । पर नन्द रानी मै ये सोच रही हूं तुम्हारी जवानी कैसे इतनी भर रही है । मुझे तो कुछ दाल में काला लग रहा है । हमे भी बता दो कौन है वो जिसके नसीब में तुम जैसी घोड़ी है ।

शालिनी को ये वार उल्टा पड़ा । उसने मन ही मन सोचा अब क्या बोलूं ।
और घोड़ी शब्द सुनकर शालिनी शर्म से लाल हो गई । और मुस्कुरा पड़ी ।

उपासना - देखा उसके नाम से तो मुस्कुरा दी मेरी नन्द रानी अब बता भी दो ।

शालिनी ने सोचा कि भाभी ही तो है मेरी और हम as a friend भी व्यवहार कर सकते है ।

शालिनी - भाभी एक शर्त पर ।

उपासना - अच्छा ये जानने के लिए अब मुझे तुम्हारी शर्त भी माननी पड़ेगी । चलो बोलो क्या शर्त है तुम भी क्या याद करोगी की है एक मेरी भाभी ।

शालिनी - शर्त ये है कि ये बाते हमारे बीच ही रहनी चाहिए ।

उपासना - ये लो कर लो बात । नहीं मैं तो कल पर्चे छपवाऊंगी की मेरी ननद ने ये बताया है मुझे ।

ये सुनकर दोनों हंस पड़ी ।

शालिनी - ओके बता देती हूं । सुनो । हमारी कंपनी में जो मैनेजर हैं वो है ।

उपासना - ओ तेरी की । मतलब मैनेजर कंपनी के साथ साथ तुम्हे भी संभालता है ।

शालिनी - hmm दो साल से हम एक दूसरे को जानते है ।

उपासना - तब तो मुझे लगता है वो अपना पूरा ध्यान तुम्हे संभालने में ही लगाता होगा ।

शालिनी - ऐसा क्यों लगा भाभी आपको ।

उपासना - तुम्हारी जवानी को देखकर ही लगता है कि कोई बड़ी मेहनत कर रहा है ।

शालिनी शर्मा गई और बोली बस पूछ लिया ना अब आपने जो पूछना था ।

उपासना - हां मेरी नंद रानी लेकिन बस एक बात और बताओ ।

शालिनी - वो भी पूछिए । हंसते हुए बोली

उपासना - मिले भी हो क्या कभी दोनों ।

शालिनी - मिले भी हैं मतलब मिलते तो रोज हैं । कभी कभी जिस दिन मै कंपनी नहीं जाती उस दिन नहीं मिल पाते ।

उपासना - अरे मेरी नन्द रानी मेरे पूछने का ये मतलब नहीं था ।

शालिनी - तो सीधा घुमा फिराकर क्यों पूछ रही है सीधा पूछिए ना कि चुदी भी हो या नहीं ।
(शालिनी भी अब खुलकर बात करना चाहती थी क्युकी वो खेली खाई लौंडिया थी)

उपासना को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उसकी नन्द इतनी खुल जाएगी । लेकिन वो भी पागल नहीं थी अब समझ गई थी कि उसकी नन्द खुलकर बात करना चाहती है ।

उपासना - ओयहोए नंद रानी तो अपनी औकात में आगई । चलो अब बता तो की उसने तुम्हे कितनी बार चोदा है ।

शालिनी - चोदा कितनी बार है ये तो मुझे भी नहीं पता लेकिन हां महीने में एक दो दिन मिस हो जाता है जैसे आज मुझे इंटरव्यू के लिए जाना पड़ा ।

उपासना - ओहो मतलब हमारी नन्द रानी की चुदाई खुद टिकाकर की है तभी तो मै सोचूं की ये रण्डी की जांघे इतनी चौड़ी कैसे हो गई ।

शालिनी को ये सुनकर गुस्सा नहीं आया बल्कि उसे गर्व महसूस हुआ और साथ ही साथ शर्मा भी गई ।

शालिनी - हां भाभी चुदी तो मै जी भरके हूं क्या करू आपकी इस रण्डी की चूत को जब तक कोई चाटकर उसका स्वागत अपने लौड़े से ना करे तब तक मज़ा ही नहीं आता । अच्छा भाभी चुदाई तो आपकी भी दाम लगाकर करते होंगे भईया , सुबह आपकी हालत देखकर ही मै समझ गई थी कि लो बना दिया इसका तो कुतिया ।

उपासना अपने लिए कुतिया शब्द सुनकर शर्मा गई और मुंह छुपाते हुए बोली हां रात तुम्हारे भईया ने मेरी ताबड़तोड़ चुदाई करने के बाद अपने वीर्य से नहला दिया था मुझे ।

शालिनी ऐसी बातों से गरम हो गई थी ।

शालिनी - अच्छा भाभी भईया तो आपके होंठो को भी खूब चूसते होंगे ।

उपासना - हां चूसते नहीं चबाते है होंठो को तो वो और वो मुझे लिटा देते है फिर अपना लौड़े से मेरे बंद होंठो को सहलाते है ।

शालिनी - फिर तो मेरी चुदक्कड़ उपासना कुतिया के मुंह में भी लौड़ा हलक तक पेलते होंगे ।

दोनों नन्द भाभी में बात हो ही रही थी कि अचानक मेन गेट की डोरबेल बज गई ।
दोनों उठकर एकसाथ बाहर आयी ।
शालिनी ने गेट खोला तो उनकी कंपनी में काम करने वाला एक मजदूर आ पहुंचा था उनके घर । शालिनी ने पहले उसे कंपनी में देखा था ।

शालिनी - yes please ।
उस आदमी ने अपना नाम हरेराम बताया ।

शालिनी - अंदर आ जाइए ।
वो आदमी अंदर आकर बैठा hall में बैठ गया ।

अब सबसे ज्यादा परेशानी वाली बात ये थी कि उस बेचारे को चाय पानी कौन दे क्योंकि ऐसा तो कोई सोच भी नहीं सकता खुद कम्पनी का मालिक होकर एक काम करने वाले मजदूर को पानी दे ।

उपासना बहुत ही संस्कारी थी उसने सोचा कि अपने ओहदे और गुमान से बढ़कर इंसानियत होती है ये सोचकर उपासना ने पानी लाकर दिया ।

शालिनी - जी बोलिए क्या बात थी ।

इतना सुनते ही हरेराम की आंखो में आंसू आ गए ।

हरेराम - भरी आंखों से हकलाते हुए बोला - म_मालकिन मै आपकी कंपनी में काम करता हूं । इसी महीने मेरी बेटी की शादी है और आज मेरी पत्नी को डॉक्टर के पास लेकर गया था मै तो उसने कहा है की किडनी का ऑपरेशन करना पड़ेगा जल्द से जल्द । कल ऑपरेशन करने को बोला है डॉक्टर ने । मेरे पास इतने ही पैसे है की मै अपनी बेटी की शादी कर सकूं ।
मैं कंपनी में HR के पास गया था उन्होंने कहा कि कल मालिक आयेंगे तो उनसे बात की जाएगी इस बारे में की आपको लोन कितने इंटरेस्ट रेट पर दिया जाए ।
हे मालकिन आप ही बताओ मैं क्या करू पत्नी को बचाऊं या बेटी की शादी करूं ।

ये सुनकर शालिनी और उपासना दोनों को दुख हुआ और अहसास हुआ की दुनिया में लोगों को कितना परेशान होना पड़ता है जीने के लिए ।

उपासना ने तुरंत उससे पूछा - आप कोई बैंक खाता है तो प्लीज दीजिए हम आपके साथ ऐसा नहीं होने देंगे ।

हरेराम जेब से एक कागज निकालता हुआ - जी मालकिन इसमें खाता नंबर और IFSC कोड है देख लीजिए आप ।

उपासना ने तुरंत उसके हाथ से वो कागज़ लिया और अपने अकाउंटेंट को कॉल लगाया और कहा की - hello , this side is Upasna Singh owner of DS Industries .

उधर से हकलाते हुए किसी की आवाज आयी जो हलकी हल्की शालिनी और हरेराम भी सुन रहा था - ye_yes mam प्लीज बोलिए ।

उपासना - आपको एक screenshot भेजा है साथ में मैसेज भी । सारे काम छोड़कर इस काम को कीजिए ।

उधर से इतनी ही आवाज आयी - ज_जी मैम मैं अभी तुरंत करता हूं ।

लगभग एक मिनट बाद ही हरेराम के keypad वाले मोबाइल पर मैसेज रिसीव हुआ । हरेराम ने मैसेज पढ़ा तो आंखे फट गई उसके बैंक के खाते में पचास लाख रुपए जमा हो गए थे ।

हरेराम हकलाते हुए - म_मालकिन इतना नहीं चाहिए । इतना तो मेरी दो पुश्तें भी नहीं वापस कर पाएंगी ।

उपासना - कोई बात नहीं हरेराम जी आप अपनी पत्नी का कल ही ऑपरेशन करवाइए । और ये पैसा आपको वापस नहीं करना है । अपने हमारी कंपनी की काफी सेवा की है तो इसे अपना बोनस समझकर रख लीजिएगा ।

हरेराम - मालकिन आपका ये अहसान मै अगले जनम में भी नहीं भूल पाऊंगा । ऐसा कहकर हरेराम जाने लगा।

शालिनी - सुनिए जरा हरेराम जी ।

हरेराम ठिठकते हुए उसके कदम रुक गए वो पीछे मुड़ा ।

शालिनी - हरेराम जी बेटी की शादी में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए ।

हरेराम - फिर से आंखो में आंसू भरता हुआ - जी मालकिन ।

फिर हरेराम चला गया । कुछ दूर चलने के बाद हरेराम ने पीछे मुड़कर देखा तो धर्मवीर सिंह का बंगला दिखना बंद हो गया था । उसने तुरंत अपनी जेब से Android मोबाइल निकाला और अपने लिए OLA बुक करदी क्युकी वो अब पैदल नहीं चलना चाहता था । कुछ ही देर बाद हरेराम शराब के ठेके पर शराब की पूरी पेटी खरीदकर घर जाने लगा ।
क्युकी उसकी बेटी की शादी तो एक साल पहले हो चुकी थी और उसकी पत्नी तो भाली चंगी थी परेशान थी उसकी पीने की लत से ।
और घर जाकर हरेराम ने शराब के नशे में अपनी बीवी में लत घूसे बजाए और उसे गालियां देता हुआ सो गया ।
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05-01-2021, 11:28 AM,
#6
RE: Free Sex Kahani लंसंस्कारी परिवार की बेशर्म रंडियां
update 6

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घड़ी में टाइम हो रहा था 9:45 pm ।
सभी सोने की तैयारी कर रहे थे । राकेश बाहर से ही लेकर आया था तो सबने डिनर कर लिया था ।
उधर आरती को बड़ी उत्सुकता थी ये जानने की कि सलमान क्या बताने वाला है शालिनी के बारे में ।
लेकिन फिर आरती सोचती है कि पहले धरमवीर भईया को दूध देकर आजाती हूं वरना अनर्थ ही हो जाएगा ।
ऐसा सोचते ही वो चल दी दूध लेकर लिफ्ट की तरफ । जाकर जैसे ही गेट खटखटाया धरमवीर सिंह ने गेट खोला और सामने आरती को देखकर हल्के से मुस्कुरा दिए ।

आरती - भईया लीजिए दूध ।
धरमवीर - हां रखदो आरती दूध ।
आज आरती बैठने के मूड में नहीं थी क्युकी 10 जो बजने वाले थे और वैसे भी कल वाली घटना से वो शर्म महसूस कर रही थी ।
आरती दूध देकर अपने कमरे में आ गई ।
10 बजे आरती और धरमवीर दोनों ही मैसेज का इंतजार कर रहे थे । आरती ने सोचा कि जब सलमान ने बोला है 10 बजे बात करने को तो वो खुद ही मैसेज भेजेगा ।

और हुआ भी यही मैसेज धरमवीर ने ही किया ।
आरती के मोबाइल पर मैसेज सलमान के नाम से रिसीव हुआ ।

सलमान - Hi
आरती - hi
सलमान - कैसी हो आप ।
आरती उसे ज्यादा भाव नहीं देना चाहती थी तो मैसेज टाइप करने लगी ।

आरती - आप बताइए क्या बताने वाले थे ।
उधर धर्मवीर ये मैसेज पढ़कर धरमवीर सोचने पर मजबूर हो गया कि अब क्या रिप्लाइ करे लेकिन सोचने लगा कि रिप्लाइ तो ऐसा दूंगा की अब तू मेरा रिप्लाइ करने के लिए सोचेगी क्या रिप्लाई दूं और मन ही मन बोला - ये इतनी आसानी से काबू में आने वाली चीज नहीं है ।

सलमान - बिल्कुल बताऊंगा । अगर आप जल्दी में है तो सो जाइए कोई बात नहीं फिर कभी बता दूंगा ।

ये मैसेज पढ़कर आरती को अहसास हुआ कि वो हॉस्पिटल में है और मैंने उसकी हालत में बारे में भी नहीं पूछा । सोचने लगी कि अब क्या बोली इसको मै ।

आरती - नहीं ऐसी बात नहीं है । मै बस पूछ रही थी कि आप क्या जानते है शालिनी के बारे में ।

सलमान - शालिनी एक बहुत अच्छी लड़की है ।
आरती - hmm very funny , ये बताने वाले थे तुम मुझे । सही बताओ बात क्या है ।

सलमान - मैम आप तो खामखां गुस्सा कर रही है । मै आपसे इतने तमीज से बात कर रहा हूं आप मेरा मजाक उड़ा रही है । बता दूंगा थोड़ा सब्र तो कीजिए ।

आरती - तमीज से तो बात करनी पड़ेगी आपको मिस्टर क्युकी बदतमीजों को मै थप्पड़ लगा देती हूं ।

उधर धर्मवीर को आरती का ये attitude पसंद आया । मन ही मन बोला वाह मेरी बहन तुझे सैल्यूट करता हूं मै पर फिर मुस्कुराते हुए कुछ टाईप करने लग गया ।

सलमान - आपका तो थप्पड़ भी जलेबी की तरह लगेगा मैम ।

आरती ने जैसे ही ये मैसेज पढ़ा वो मुकुरा पड़ी । और मन ही मन बोली क्या अजीब आदमी है । लेकिन बात तो तमीज से ही कर रहा है मैम मैम करके ।

आरती - मतलब तुम बदतमीजी भी कर सकते हो ।

सलमान - नहीं कभी नहीं ।

आरती - गुड boy । सोचना भी मत । तुम जानते नहीं हो मै किस खानदान से belong करती हूं । मेरे पापा यहां के 250 गांव के राजा थे । और अब मेरे भईया धरमवीर सिह जी को तो जानते ही होंगे आप ।

सलमान - हां जानता हूं और उनकी मै काफी इज्जत करता हूं । अपने बड़े भाई की तरह इज्जत देता हूं उन्हें , मिलते रहते है कभी कभी ।

आरती धर्मवीर की बढ़ाई सुनकर थोड़ा अच्छा फील करने लगी ।

सलमान - एक बात पूछूं मैम ।
आरती - मैंने सुना है धर्मवीर भईया आपकी दूसरी शादी के लिए लड़का ढूंढ रहे है ।

आरती ये मेसेज पढ़कर सोचने लगी कि ऐसी तो कोई बात नहीं है और मैंने तो पहले ही बोला हुआ है कि मै दूसरी शादी नहीं करूंगी ।

आरती - shut your mouth । ऐसा कुछ नहीं है । और भईया को लड़का ढूंडने की जरूरत नहीं है उनके एक इशारे पर लडकों की लाइन लग जाएगी ।मै खुद ही नहीं करना चाहती हूं शादी ।

सलमान - तो फिर अकेले जिंदगी काटना कुछ मुश्किल नहीं लगता आपको ।

आरती - आप होते कौन है मेरी जिंदगी के बारे में सवाल करने वाले ।

सलमान - बात को संभालता हुआ । sorry मैम अगर आपको बुरा लगा तो मै तो बस ऐसे ही as a friend पूछ रहा था ।

आरती ये पढ़कर थोड़ा नॉर्मल हुई ।

आरती - as a friend मैंने कब आपसे फ्रेंडशिप की । मिस्टर अपनी हैसियत देखिए और मेरी देखिए । जितने में आप सारे सजते होंगे उतने की मै जूती पहनती हूं ।

सलमान - oh sorry mam । मै भूल गया था कि आप बड़े लोग है । और आपसे बात करते हुए तो मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैंने आपको अपना कॉन्टैक्ट नंबर देकर गलती कर दी । मुझे नहीं पता था कि बड़े लोगो को इज्जत दो तो वो अपने पैसे शानो शौकत का बखान करके हम जैसे गरीबों का मजाक उड़ाते है ।

आरती ये मेसेज पढ़कर थोड़ा नॉर्मल हुई और सोचने लगी कि बंदा अपनी जगह ठीक है मै ही फालतू का attitude दिखा रही हूं ।या तो मै बात ही ना करू अगर कर रही हूं तो थोड़ा इज्जत से करूं ।

आरती - it's ok , दरअसल बात ये है सलमान जी की मै शादी करना ही नहीं चाहती हूं । क्युकी अगर मेरी लाइफ में सुहागन होना लिखा होता तो मै विधवा ही क्यों होती ।

धरमवीर ये मैसेज पढ़कर समझ गया कि अब लाइन पर आने में ज्यादा समय नहीं लेगी ये ।

सलमान - आप बहुत ही अच्छी है दिल की आपकी बातो से लगा मुझे । आपसे इतनी देर बात करके मै समझ चुका हूं मैम की आप जितनी तन से खूबसूरत है उससे कहीं ज्यादा आप समझदार भी है । आपको इज्जत सबसे ज्यादा पसंद है ।

आरती ये मेसेज पढ़कर सोचने लगी कि मैंने इससे इतने attitude में बात नहीं करनी चाहिए थी ये तो बहुत ही अच्छा इंसान है । अपनी खूबसूरती की तारीफ सुनकर आरती गदगद हो उठी ।

आरती - यूं आर करेक्ट । respect is my first choice . आप हॉस्पिटल से कब घर आयेंगे ।

सलमान - अभी तो 10 दिन लग जाएगा क्युकी मेरे मुंह पर ही चोट आयी है । क्यों मिलना है क्या ।

आरती - ohh । और तुम समझते क्या हो मै तुमसे क्यों मिलूंगी ।

सलमान - अरे मैम आप फिर गलत एंगल से सोच रही है , मैंने ये सोचा था कि आप मेरी चोट देखना चाहती है इसलिए पूछ रही है कि घर कब आऊंगा ।

आरती - ohh । अच्छा ।

सलमान - एक बात पूछूं ।

आरती - जी पूछिए ।

सलमान - आपको इतना खूबसूरत किसने बनाया है मेरा मतलब है कि आपको देखकर कोई कह नहीं सकता कि आप विधवा है ।

अपनी तारीफ सुनकर आरती - haha अच्छा । कोई क्यों नहीं कह सकता कि मै विधवा हूं ।

सलमान - आप जवान हैं , खूबसूरत है , आपके चेहरे पर इतना glow है कि आपको देखते रहने का मन करता है ।

आरती - अच्छा ऐसा क्या नजर आया आपको मुझमें जो और किसी में नहीं है ।

सलमान - मैम रहने दो मै नहीं बोलूंगा । आप बड़े लोगो का पता नहीं किस बात का बुरा मान जाओ ।

आरती - अच्छा बाबा नहीं मानूंगी ।

सलमान - मुझे यकीन नहीं होता जब आपके जैसे बड़े लोग हम जैसो को अपनी दोस्ती के लायक ही नहीं समझते तो मै कैसे यकीन करूं कि आप मेरी बातो का बुरा नहीं मानोगी ।

आरती ये पढ़कर सोचने लगी बंदा तो दिमागदार लग रहा है क्या point मारा है । फिर सोचने लगी कि चलो बात कितने प्यार से कर रहा है पूछती हूं क्या कहता है ।

आरती - अच्छा बाबा नहीं मानूंगी बुरा । और हम अब दोस्त हैं बोलो ।

ये पढ़कर धरमवीर मन ही मन बोला की मेरी जान जान अभी तो दोस्ती के लिए मानी है फिर मेरे साथ सोने के लिए भी मानेगी ।

सलमान - तो क्या अब आप मेरी फ्रेंड हो ।

आरती - हां बाबा मानती हूं कि मै आपकी दोस्त हूं और आप मेरे दोस्त है ।

सलमान - लेकिन फिर भी मैम आपके बारे में मै ऐसा नहीं बोल सकता । आपकी दोस्ती से ज्यादा मुझे आपकी इज्जत प्यारी है ।

जैसे ही आरती ने ये पढ़ा आरती के दिल में जगह बना गया ये मैसेज ।

आरती - मै भी आपकी बहुत इज्जत करती हूं । की आप जैसा एक अच्छे दिल का इंसान मेरा दोस्त है । और मेरे बारे में ऐसा क्या बोलोगे गाली दोगे क्या जो बोला रहे हो ऐसा नहीं बोल सकता।

सलमान - नहीं गाली नहीं दूंगा मैम सिर्फ आपके बारे में बताऊंगा ।

आरती - सलमान आप ये मैम मैम कहना बंद कीजिए मेरा नाम ले सकते है आप क्युकी हम एक अच्छे दोस्त है । और बेहिचक बोलिए ऐसा क्या है मुझमें जो सबमें नहीं है ।

धर्मवीर को इसी ग्रीन सिग्नल का इंतजार था तुरंत मैसेज टाईप करने लगा ।

सलमान - मैम आपके काले काले लम्बे बाल जिन्हें कोई देखे तो कनफ्यूज हो जाए कि ये आपके बाल है या दिन में घटा छा गई है । और _ _ _

आरती इस नए अंदाज में अपनी तारीफ सुनकर खुश हो गई ।

आरती - हां हां बोलिए और ______

सलमान - और फिर आपके गालों की लाली किसी का भी दिल जीत ले । सिर्फ दिल ही नहीं लीवर , किडनी सबकुछ जीत ले । और _____

आरती ये मेसेज पढ़कर हंस पड़ी ।

आरती - और

सलमान - और फिर आपके होंठ थोड़े मोटे है लेकिन कोई देखे तो लगे रस के भरे हुए दो प्याले है । और _____

आरती - so interesting . और

सलमान - अब रहने दो आरती मै बोल नहीं पाऊंगा और तुम सुन नहीं पाओगी ।

आरती - अच्छा क्यों नहीं सुन पाऊंगी । दोस्त जो हूं सुन लूंगी ।

धर्मवीर समझ चुका था ये मस्तानी घोड़ी बिस्तर में पूरा मजा देगी ।

सलमान - और नीचे आपके सीने पर वो दो बौल जिन्हें देखकर लगता है कि जैसे बिल्कुल पके हुए दो पपीते बस टूटकर गिरने ही वाले हो पेड़ से । और _______

आरती ये पढ़कर शर्मा गई और अपने बूब्स की तरफ देखने लगी , जो उसके सूट में फंसे पड़े थे और अपनी तारीफ सुनकर तनकर खड़े हो गए थे । अभी तक उसने नाइटी नहीं पहनी थी । धर्मवीर को दूध देकर आयी थी तो ऐसे ही लेट गई थी बैड पर सलवार सूट में ।

आरती - अच्छा तो अब हमारा दोस्त बदमाश भी हो गया है ।

सलमान - मैंने मना किया था ना आरती जी कि आप नहीं सुन पाओगी ।

आरती - अरे बाबा मजाक भी नहीं कर सकती क्या बोलो आगे और ______

सलमान - और उसके नीचे आपकी कमर हसीन लगती है क्युकी आपके सीने के मुकाबले वो काफी पतली है । और ____

आरती - लगता है जनाब ने पूरा एक्सरा करके रखा हुआ है मेरी बॉडी का अपनी आंखो में ।

उधर धर्मवीर के दिमाग में पता नहीं क्या आया वो चुपके से अपने कमरे से निकला और लिफ्ट से नीचे आरती के कमरे की तरफ आने लगा मैसेज टाइप करता करता ।

सलमान - उसके आगे ना ही पूछो तो अच्छा है । क्युकी अगर आपको बुरा लगा तो आपका दोस्त इसका जिम्मेदार नहीं होगा ।

आरती - अच्छा ये कहां का इंसाफ है कि कोई सिर्फ मेरे अधे बदन की ही तारीफ कर सकता है । ठीक है अगर मुझे बुरा लगा तो उसकी जिम्मेदार मै खुद रहूंगी बोलिए अब मेरे दोस्त ।

धर्मवीर उसके इस मेसेज से समझ चुका था कि उसकी बहन को अब खुमारी चढ़ने लगी है चढ़े भी क्यों ना दो साल से इस 31 साल की भरी जवानी में अकेले बैड पर राते गुजारी है उसने ।
और आज इतने दिन बाद वो किसी के मुंह से अपने जिस्म की तारीफ सुन रही थी ।

उधर धरमवीर आरती के कमरे के पास आकर कोई ऐसी जगह ढूंढ रहा था जहां से अंदर को झांका जा सके ।
तभी उसे खिड़की दिखाई दी जो लगी हुई तो थी पर कुण्डी नहीं लगी थी । ( जैसे दरवाजा फेर लेते है कुण्डी नहीं लगाते कुछ इस तरह से दोस्तों )। फिर जल्दी से टाईप करने लगा धरमवीर ।

सलमान - और उसके नीचे तुम्हारी नाभि जिसकी गहराई में हर कोई खो जाए । और ____

आरती - और ____
आरती बैड पर सीधी लेटी हुई थी सूट सलवार में । जैसे ही वो गरम होती जा रही थी उसने अपनी दोनों टांगो को मोड़कर बिल्कुल अपनी छातियों से लगा लिया और हाथ सलवार बिना उतरे ही अपनी चूत पर ले गई ।

सलमान - और नीचे तुम्हारे कूल्हों का फैलाव जिसे देखकर कोई कह ही नहीं सकता कि तुम विधवा हो उसे देखकर हर कोई कहेगा कि जो भी अपने पति है उनका वजन पूरी रात आपके नितम्बो को ही संभालना पड़ता है ।

ये मेसेज टाईप करके धर्मवीर ने मोबाइल स्क्रीन off की खिड़की को हल्का सा पुश किया और अन्दर की तरफ झांकने लगा ।
जैसे ही अंदर का नजारा धर्मवीर को दिखा उसका लौड़ा भनभना गया , अपनी औकात में खड़ा हो गया आंखो में चमक और होटों पर कुटिल मुस्कान आ गई ।

अंदर का दृश्य कुछ इस प्रकार था - आरती बैड पर सूट सलवार में पड़ी थी , आरती की दोनो टांगे मुड़कर छातियों से चिपकी हुई थी । और टांगो को मोड़ने की वजह से उसके कूल्हे बिल्कुल खुलकर चौड़े हो गए थे , जांघो का गदरायापन भी साफ झलक रहा था । आरती का चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था क्युकी उसके दोनों चूचियां तनकर खड़ी थी चूचियों को देखकर लग रहा था जैसे दूध के दो टैंकर हों । ऐसा दृश्य जीवन में पहली बार देखा था धर्मवीर ने । देखकर लग रहा था जैसे बैड पर कोई लंड की भूखी चुदक्कड रांड अपनी टांगो को फैलाए लंड की भीख मांग रही हो कह रही हो आओ और इस रण्डी पर तब तक चढ़े रहो जब तक इसकी चूत भोसड़े में तब्दील ना हो जाए , आरती की गांड को देखकर तो आंखो पर ही विश्वास नहीं हो रहा था फैलकर ऐसे लग रहे थे दोनों चूतड़ जैसे कह रहे हो कि है कोई ऐसा लंडधारी जो अपना लन्ड पूरी रात इस मस्तानी गान्ड में फंसाकर पड़ा रहे ।

उधर आरती भी चूत सहलाने से झड़ गई उसकी पूरी सलवार भीग गई थी जैसे पानी डाल दिया हो किसी ने ।
उधर धर्मवीर भी इस रंडपने को देखकर आउट ऑफ कंट्रोल हो चुका था । और ढेर सारा वीर्य उसके लन्ड से निकला जो सीधा दीवार पर लगा । धर्मवीर ने सोचा कि किसी कपड़े से साफ कर देता हूं ताकि किसी को पता ना लगे । और अंधेरे में जैसे ही मोबाइल निकालकर लाइट ऑन करनी चही तभी धर्मवीर का पैर साइड में रखे छोटी से टेबल से टकरा गया जिसपर गुलदस्ता रखा था ।
जैसे ही गुलदस्ता गिरकर टूटा एक साथ चटाक की तेज आवाज हुई । आरती एक साथ बैड से खड़ी होकर बाहर आयी जैसे ही उसने गेट खोला तो कोई नहीं दिखा ।
क्युकी गुलदस्ता टूटते ही धर्मवीर बिजली वाली फुर्ती से सीढ़ियों की तरफ भागकर ऊपर चला गया बिना क़दमों की आवाज किए ।

आरती को बाहर कुछ नहीं दिखा उसने बाहर की lights on की । जैसे ही उसकी नजर दीवार पर गई उसके दिमाग में सवालों का तूफान सा उठ गया । उसने पास जाकर देखा बहुत ही गाढ़ा सफेद वीर्य उस pink दीवार पर से नीचे की तरफ को रिस रहा था । उस अपनी आंखो पर विश्वास नहीं हुआ । उसने दोबारा इधर उधर देखा कोई नहीं था । राकेश के कमरे की तरफ जाकर देखा उन दोनों के खर्राटों की आवाज आ रही थी मतलब वो सो रहे थे । शालिनी का गेट भी लॉक था । बचे धर्मवीर भईया इतना सोचते ही आरती लिफ्ट की तरफ भागी और ऊपर तीसरे फ्लोर पर पहुंची जाकर देखा तो धरमवीर भईया का गेट लॉक था अन्दर से लेकिन खिड़की खुली हुई थी उसने अन्दर झांककर देखा धरमवीर भईया भी घोड़े बेचकर सो रहे थे । फिर आरती चुपचाप वापस लिफ्ट से नीचे आ गई ।
उधर धर्मवीर ने जैसे ही देखा की आरती उसे झांककर जा चुकी है वो फिर चुपके से सीढ़ियों के रास्ते नीचे गए और चुपके से आरती को देखने लगे ।

आरती वापस नीचे आयी और सोचने लगी कि जो भी हो अब यहां से इसे साफ तो करना ही पड़ेगा वरना सुबह को मुझे ही शर्मिंदा होना पड़ेगा । आरती एक कपड़ा लेकर वहां गई जहां अभी कुछ मिनट पहले वीर्य की बारिश हुई थी ।
आरती ने दीवार पर जैसे ही कपड़े से साफ करना चाहा अचानक उसके हाथ रुक गए । उसने अपनी उंगली से छूकर देखा तो गाढ़ा सा वीर्य था सबका ऐसा ही होता है लेकिन एक बात अलग थी वो चिपचिपा बहुत ज्यादा था फेविकोल की तरह । आरती को विश्वास नहीं हुआ कि कोई एकसाथ इतना सारा वीर्य भी गिरा सकता है वो भी इतना चिपचिपा । आरती अपनी उस उंगली को अपनी नाक के पास लेकर गई तो उसकी सुगंध भी उसे अलग लगी उसकी उंगली पर लगे वीर्य की महक उसके नथुनों से होती हुई इसके दिमाग पर चढ़ गई । फिर आरती अचानक उस दीवार के पास बैठी और अपनी जीभ निकालकर उसे टेस्ट करके देखने लगी जैसे ही उसने चाटा तो वो ऐसे करने लगी जैसे कोई ज्यादा ही स्वाद वाली सब्जी से सनी उंगलियों को कोई चाटता है ।
आरती बैठकर पूरी दीवार चाटने लगा गई ।

उधर धर्मवीर को आंखो पर विश्वास नहीं हो रहा था कि उसकी सीधी और संस्कारी दिखने वाली बहन किसी सस्ती रण्डी को भी पीछे छोड़ सकती है । आरती के अंदर छिपी हुई रण्डी की हवस को देखकर धरमवीर अपने कमरे में आकर सो गया ।
उधर आरती भी पूरा वीर्य पीकर bed पर पड़ी पड़ी ये सोचने लगी कि मैंने सारा वीर्य पी लिया बिना ये जाने वो किसका है ।
आखिर कौन हो सकता है । तीन option में से कोई एक तो पक्का है बस उस चोर को पहचानना है ।
नम्बर एक - राकेश
नम्बर दो - धरमवीर भैया
नंबर तीन - हो सकता है शालिनी का कोई boyfriend हो उसने उसे बुलाया हो और वो शालिनी के कमरे में ही सो रहा हो ।
ज्यादा से ज्यादा बस इतना ही सकता है ।

ऐसा तो हो नहीं सकता कि भगवान आए थे या भूत आए थे ।। है तो इनमें से ही कोई ।
ऐसा सोचते सोचते सो गई आरती ।

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दोस्तों कमैंट्स करके सुझाव जरूर दे कहानी के बारे में। आपके साथ बने रहने का अहसास दिलाते रहे ।
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Reply
05-01-2021, 11:29 AM,
#7
RE: Free Sex Kahani लंसंस्कारी परिवार की बेशर्म रंडियां
update 7

सुबह के समय नाश्ता कर चुके थे सब । आरती के दिलोदिमाग पर रात वाली घटना छाई हुई थी ।

शालिनी नहाकर निकली उसने एक जीन्स और स्लीवलैस टीशर्ट पहनी हुई है । जैसा कि आप जानते ही है जब तक इन महारानी की गांड जीन्स में फास ना जाये तब तक इन्हें वो जीन्स अच्छी ही नही लगती । पिछवाडा अपना पूरा आकर लिए जीन्स में कैद हो गया था ।

शालिनी ने शीशे के सामने खड़ी होकर हल्का सा मेकअप किया , होंठो पर लिक्विड मैट वाली लिपस्टिक लगाकर होंठो को juicy बनाया ।
शालिनी ये कर ही रही थी कि तभी कमरे में उपासना दाखिल हुई ।
शालिनी को शीशे में से उपासना आती हुई दिख गयी ।

शालिनी - आइये भाभी , आज तो साड़ी में आप गजब ढा रही हो ।
उपासना - अच्छा नन्द रानी जी , अपने ये सोचकर मेंरी तारीफ की है कि अब बदले में मैं भी तुम्हारी तारीफ करूँगी , लेकिन मैं तुम्हारी तारीफ बिल्कुल नही करूँगी । मैं तो यही बोलूंगी की तुम एक नंबर की रंडी लग रही हो सजधजकर ।

शालिनी ये सुनकर लजा गयी शर्मोहया से ।

शालिनी - भाभी टाइम का तो लिहाज किया करो सुबह सुबह ही स्टार्ट हो गयी आप तो ।

उपासना - अच्छा मैं तो टाइम का लिहाज करु और मेरी नंद रानी को समय का कोई खयाल नही है , जो सुबह सुबह ही चूत की सजावट करने लगी , पता नही किससे फड़वाने जा रही है ।

शालिनी ऐसी बाते सुनकर समझ गयी की जितनी सीधी भाभी ऊपर से दिखती है उतनी ही अंदर से लंडखोर औरत बन गयी है ।

शालिनी - भाभी आपकी नंद रानी की चूत इतनी सस्ती नही है कि हर कोई फाड़ दे । आपकी नंद रानी सिर्फ एक इंसान की ही टांगो के नीचे आती है बस ।

उपासना - अच्छा तुम तो ऐसे कह रही हो जैसे मैं हर किसी के सामने चूत खोले पड़ी रहती हूं ।

शालिनी - नही भाभी मेरा ये मतलब नही था। मैं तो बस अपने बारे में बता रही थी । और मेरी भाभी इतनी गई गुजरी भी नहीं है कि वह हर किसी के सामने अपनी चूत फैलाकर लेट जाएगी ।

उपासना - अच्छा तो कैसी लगती है तुम्हें अपनी भाभी ।

शालिनी - मुझे मेरी भाभी ऐसी लगती है जो अपनी चूत के खजाने को हमेशा दूसरों से छुपा कर रखती है और उस खजाने के दरवाजे सिर्फ अपने पति के लिए ही खोलती है। ऐसी भाभी जो अपनी इज्जत का ख्याल रखती है वह
बात अलग है कि उसकी अंदर की लंडखोर औरत जब जागती है तो उसकी चूत में से पानी उसकी जांघों पर रिसने लग जाता है ।

उपासना - लगता है मेरी प्यारी सी नंदरानी को बड़ी पहचान है औरतों की । भगवान ऐसी नंदरानी सबको दे दे दे , चलो नंदरानी जी अब तो बता दो कि आज का क्या प्रोग्राम है।

शालिनी - कोई खास प्रोग्राम नहीं है भाभी आज का बस का बस आज उनसे मिलने जा रही हूं क्योंकि कल नहीं जा पाई थी । और उन्हें चैन नहीं आता है जब तक उनका लंड मेरी चूत में जड़ तक ना पहुंच जाए ।

उपासना - अच्छा तो मेरी नंदरानी को कोई परेशानी नहीं होती लंड लेने में ।

शालिनी - इसमें परेशान होने वाली क्या बात है भाभी । यह तो औरतों के मुकद्दर में लिखा होता है कि वह जहां भी जाएंगी किसी ना किसी की टांगों के नीचे ही जाएंगी तो मैं इसे स्वीकार क्यों ना करूं । आखिर मुझे भी तो किसी की टांगों के नीचे ही जाना होगा ।

उपासना - अच्छा तो मेरी नंदरानी अब अब समझदार भी हो गई है । नंदरानी मतलब तुम अब पूरी लंड खाने के काबिल हो गई हो ।

शालिनी - काबिल हो गई हूं का क्या मतलब है ? मैं तो लैंड खा ही खा ही रही हूं पिछले 2 साल से ।

उपासना - हां यह तुम्हें बताने की जरूरत नहीं है तुम्हारी चौड़ी गांड, बाहर को निकली चूचियां यह बखान कर रही है ।

शालिनी - भाभी एक बात है जिससे मुझे डर लगता है ।

उपासना - अब किस बात से डर लगने लगा मेरी नंद रानी को ।

शालिनी - भाभी जब वह अंदर डालते हैं लंड, तो कंडोम यूज नहीं करते हैं । जिससे कि मुझे डर रहता है कि कहीं कोई अनहोनी ना हो जाए ।

उपासना - हंसते हुए अच्छा तो मेरी नंदरानी को डर है कि कोई इस गाय पर चढ़कर उसके अंदर बच्चा ना डाल दे डाल दे ।

शालीनी - तुम्हारे कहने का मतलब नही संन्ही मैं भाभी ।

उपासना - मतलब कि अब तुम बच्चे देने लायक हो गई हो शालिनी।

शालिनी - भाभी आप तो मजाक के मूड में ही रहती हो हमेशा ।

उपासना - मेरी जान मजाक कहां कर रही हूं तुम तो देखने से ही लगती हो कि अगर कोई चढ़ जाए सही से तो बच्चा जरूर पैदा होगा ।

शालिनी - क्यों ऐसा क्या है मुझमे ।

उपासना - औरतों का शरीर ही बच्चे पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है अगर औरत का शरीर ही दुबला पतला रहेगा तो बच्चा होने के चांस कम हो जाते हैं , लेकिन तुम तो मेरी जवान घोड़ी हो तुम तो एक चुदक्कड़ रंडी हो तुम तो अपनी चूत में लंड को निगल कर उसे पूरा निचोड़ सकती हो, तो बच्चा भला क्यों नहीं होगा बिल्कुल होगा ।

शालिनी - भाभी बिना कंडोम के चूत में लंड लेने में बड़ा मजा लेने में बड़ा मजा आता है कंडोम लगाकर यदि चूत में कोई लंड लंड लंड डालता है तो लंड की की गर्मी महसूस नहीं होती है ।

उपासना - तो मतलब मेरी नंद रानी रानी लंड को पूरा इंजॉय करती है चुदते टाइम

शालिनी - भाभी अगर चुदाई को इंजॉय ना किया जाए तो चुदने का फायदा ही क्या । अपनी चूत भी फड़वा लो और इंजॉय भी ना करो यह कैसी बात हुई ।

उपासना - हां मेरी जान यह तो तुमने ठीक कहा जब तक कोई मर्द औरत के ऊपर चढ़कर उसे हुमच हुमच कर ना चोदे तब तक औरत तब तक औरत की प्यास ही नहीं बुझती । खैर यह बताओ कि जिन से तुम चुदने जाती हो उनका लौड़ा कितना बड़ा है ।

शालिनी - ऐसा मैंने कभी मेजर तो कभी मेजर तो तो नहीं किया है लेकिन लगभग होगा कोई 4 या 5 इंच इंच का ।

यह सुनकर उपासना की हंसी छूट गई की हंसी छूट गई और जोर जोर से हंसने लगी से हंसने लगी ।

शालिनी - क्या हुआ भाभी आपको ।

उपासना - मैं यह सोचकर हंस रही हूं कि तुम चुदने जाती हो या कोई खेल खेलने जाती हो ।

शालिनी हैरानी से देखते हुए - क्यों भाभी ऐसा क्या बोल दिया मैंने ।

उपासना - तुम्हारा जैसा शरीर है उसमें चार या 5 इंच का लंड या 5 इंच का लंड 5 इंच का लंड क्या करता होगा वह तो तुम्हारे छेद के बस थोड़ा अंदर ही जा पाता होगा ।

शालिनी - भाभी तो कितना बड़ा होता है लंड ।

उपासना - नंदरानी जो तुम मुझे बता रही हो उसे लंड नहीं लुल्ली नहीं लुल्ली कहते हैं लंड किसे कहते हैं यह मैं तुम्हें किसी दिन दिखा दूंगी , अच्छा यह बताओ उससे अलग तुम और किसी से नहीं चुदी हो कभी ।

शालिनी - नहीं भाभी मैंने इस बारे में कभी सोचा नहीं क्योंकि मेरी चूत को जब लंड चाहिए होता है तो उसके नीचे टांगे चौड़ी करके चौड़ी करके चौड़ी करके चौड़ी करके उसे अपनी चूत की तरफ खींच लेती हूं, और मैं संतुष्ट हो जाती हूं ।

उपासना - तभी तो मैं कहूं कि मेरी नंद रानी ने ने अभी कहीं और मुंह क्यों नहीं मारा है यदि मार लिया लिया मार लिया लिया तो फिर तो उस बेचारे को तुम छोड़ ही दोगी दोगी ।

शालिनी - क्यों भाभी वह भी तो ठीक है अपने लंड से मुझे कम से कम 10:15 मिनट तक चोदता 10:15 मिनट तक चोदता है ।

यह सुनकर उपासना फिर जोर जोर से हंसने लगी से हंसने लगी जोर से हंसने लगी से हंसने लगी और कहने लगी कहने लगी जाओ तुम अपना खेल खेलने के लिए क्योंकि तुम्हें समझाना मेरे बस की बात नहीं है ।

शालिनी - क्यों भाभी ऐसा क्या हो गया ।

उपासना - 10 या 15 मिनट मिनट तो तुम जैसी गदराई लौंडिया को गर्म होने के लिए ही चाहिए चाहिए और 10:15 मिनट में तुम सारी चुदाई कर लेती हो तुम जैसी लड़की को रात भर कम से कम 2 लोग मिलकर चोदे कम 2 लोग मिलकर चोदे 2 लोग मिलकर चोदे लोग मिलकर चोदे तब तुम्हारे चेहरे पर निखार और गांड पर उभार आएगा आएगा ।

शालिनी - हे भगवान मेरे बस की बात नहीं है पूरी रात चुदना और कोई चोद भी कैसे सकता है पूरी रात ।

उपासना - मेरी नंदरानी अभी असली लंड से पाला नहीं पड़ा है तुम्हारा जिस दिन पड़ेगा तो चूत को हाथों से छुपाकर भागी भागी फिरोगी ।

शालिनी - क्यों भाभी वह कैसे चोदते हैं ।

उपासना - अच्छा पहले तुम बताओ कि तुम्हारे वह तुम्हें किस तरह चोदते हैं ।

शालिनी - वह तो मुझे लिटाकर और ऊपर लेट कर अपना लंड मेरी चूत में डाल देते हैं और 10:15 मिनट तक जमकर चोदते हैं ।

उपासना - और कुछ नहीं करते ?

शालीनी - करते हैं कभी-कभी अपना लंड मेरे मुंह में भी डाल देते हैं और मेरी चूत को चूस भी लेते हैं और उनका पूरा लंड मेरे मुंह में समा जाता है बड़े प्यार से चोदते हैं वह मुझे। मेरे होठों को अपने होठों से किस करते हुए मुझे चोदते हैं वह बहुत ही प्यार जताते हैं , चोदते टाइम कहते हैं तुम मेरी जान हो आपके बिना मैं नहीं रह सकता ।

उपासना - फिर तो इसका मतलब तुम्हें चुदाई का मतलब ही नहीं पता है मेरी जान अभी सिर्फ प्यार से चोदने वालों से चुदी हो हो जिस दिन असली लंडधारी इंसान से चुदोगी उस दिन पता चलेगा कि लंड जब अपनी औकात पर आता है तो चूत को चूत नहीं भोसड़ा बना बना देता है ।

शालिनी - और कैसे चोदते हैं भाभी ।

उपासना - खैर छोड़ो वक्त आने पर तुम्हें पता चल ही जाएगा यह दोनों बातें कर ही रही थी कि अचानक उपासना के मोबाइल पर रिंग होती है ।

उपासना कॉल उठाती है - हेलो

दूसरी तरफ से आवाज आती है हेलो मैम ,मैम आज आपके टाइम टेबल में आज सिलेक्ट किया गया है कि आप आज जो नया स्कूल खुलने वाला है वर्मा जी का उसका उद्घाटन आपको का उसका उद्घाटन आपको करना है तो रिबन काटने के लिए आप चलोगे। 11:00 बजे , मैम क्या यह सही रहेगा या इसमें कोई मॉडिफिकेशन करना है ।

उपासना - कुछ सोचती हुई एक काम करो हां यह ठीक है 11:00 बजे ही चलते हैं ।

शालिनी - भाभी कहां जाना है आपको ?

उपासना - अरे जो हमारी कंपनी के नई हैड मैनेजर है ,उन्होंने एक मेडिकल कॉलेज खोला है तो उसका उद्घाटन मेरे हाथों से कराना चाहते हैं वही मुझे आज जाना है जाना है ,
अच्छा शालिनी तुम निकलने वाली हो क्या ?

शालिनी - हां भाभी बस मैं निकलने वाली हूं ।

उपासना - ओके चलो ठीक है आप भी जाओ और यदि तुम्हें पैसों की जरूरत हो तो हो तो यह लो मेरा एटीएम तुम रख लो।

शालिनी - नहीं भाभी मेरे पास अभी पैसे हैं जब खत्म होंगे तो मैं मांग लूंगी ।

उपासना - ओके नंदरानी जी चलिए अपनी चूत लंड का खेल खेल कर आ जाइए आ जाइए वैसे भी अभी तक तुम्हारी चुदाई तो हुई ही नहीं है ।

दोनों में यह बातें चल ही रही थी की आरती की आवाज आती है है है बाहर से ।

उपासना उपासना उपासना

उपासना बाहर आती हुई - आरती दीदी बोलिए ।

आरती - उपासना मैं किसी हिल स्टेशन की तरफ जा रही हूं घूमने शाम तक आ जाऊंगी , जाने का मन तो नहीं था लेकिन मेरी फ्रेंड बड़ी जिद कर रही है सो मैं निकल रही हूं निकल रही हूं ।

इतना कहते ही आरती पार्किंग की तरफ चल दी दी और अपनी गाड़ी स्टार्ट करके सड़क पर दौड़ती हुई चली गई ।

शालिनी ने भी भी पार्किंग की तरफ कदम बढ़ाए और अपनी रेड कलर की BMW निकाली और चलदी कंपनी की तरफ गाना सुनते हुए
गाने ये वाला था
तेरा बैक रै फ्रंट दोनों मारै सै करंट ,
मनै दिल में लगा ली तेरी फोटो
हाय रे मेरी मोटो हाय रे मेरी मोटो ।
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Dosto comments karke batate rahe ki story कैसी चल रही है , आपके साथ बने रहने के अहसास से मेरी कलम और भी अच्छी चलती है ।
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Reply
05-01-2021, 11:29 AM,
#8
RE: Free Sex Kahani लंसंस्कारी परिवार की बेशर्म रंडियां
Update 8 .

आरती जाकर अपनी फ्रेंड का वेट करने लगी . आरती को बैठे-बैठे बहुत टाइम हो गया फिर उसने सोचा कि क्यों ना सलमान को मैसेज किया जाए ।

यही सोचते-सोचते आरती ने सलमान को मैसेज किया

आरती - Hi सलमान ।

उधर से धर्मवीर के पास जैसे ही मैसेज रिसीव हुआ धर्मवीर ने सोचा कि आरती तो आज घूमने गई थी लेकिन यह वहां से मैसेज क्यों कर रही है।

वह ऐसा सोच ही रहा था तभी दूसरा मैसेज आया

आरती - hi salman are you free ?

धर्मवीर ने सोचा कि आज तो परमात्मा की मेहर है जो कुआं खुद प्यासे के पास चल कर आ रहा है । ऐसी सोच में डूबे हुए धर्मवीर ने टाइप किया

सलमान - Hi आरती कैसी हो आप । मैं आपकी ही यादों में खोया हुआ था

यह मैसेज पढ़कर आरती ने रिप्लाई दिया

आरती - मेरी यादों में क्यों खोए हुए थे।

धर्मवीर ने रिप्लाई दिया ।

धर्मनवीर - आरती कल रात जब से तुम से बात हुई है मैं सो नहीं पाया हूं यह मैं खुद नहीं जानता हूं कि ऐसा क्यों है लेकिन मैं आपकी इज्जत का ख्याल करता हूं इसलिए मैं आपसे ऐसी कोई भी ऐसी बात आपको नहीं बोलूंगा जिससे आपके दिल को कोई भी ठेस पहुंचे ।

आरती ने जैसे ही यह मैसेज पढ़ा आरती के दिल में सलमान के लिए प्यार और भी बढ़ गया आरती सोचने लगी कितना अच्छा इंसान है अपने से ज्यादा दूसरों की इज्जत का ख्याल करता है यह सोचते सोचते आरती ने रिप्लाई किया।

आरती -  सलमान मैं अपनी फ्रेंड के साथ घूमने जा रही हूं तो अभी मैं उन्ही का वेट कर रही हूं जैसे ही वह आती हैं मैं घूमने के लिए उनके साथ निकल जाऊंगी तो हम आज रात को बात करते हैं लेकिन हां बदमाश यह रात वाली बातें अब नहीं चलेंगी जैसे इज्जत से अभी बात कर रहे हो वैसे ही बाद में भी करना ।

धर्मवीर ने यह मैसेज पढ़ते ही सोचा कि यह तो अपने आप ही लाइन पर आती जा रही है खुद ही कह रही है बात करने को मतलब कि इसकी चूत पानी मांग रही है और जैसा कि मैं देख भी चुका हूं कि कल इसने क्या रंडीपना किया था। उसे देखकर तो विश्वामित्र जी की भी तपस्या भंग हो जाए। वह भी अपना ध्यान बंद कर दें वह भी अपने पूजा-पाठ अपने धार्मिक स्थल को छोड़कर उस रंडी के आशियाने में आ जाएं , क्योंकि यह रंडी लंड की भूकी ही इतनी है। यह सोचते सोचते रिप्लाई किया।

सलमान - जैसा आप चाहो आरती जी । आपका हुक्म सर आंखों पर ।

आरती ने पूछा - सलमान तुम अभी क्या कर रहे हो ?

यह मैसेज पढ़कर धर्मवीर ने रिप्लाई किया - मैं पूजा में आया हूं भगवान के दरबार में अपनी झोली फैलाए खड़ा हूं ।

यह मैसेज पढ़ कर यह मैसेज पढ़कर आरती ने रिप्लाई किया - ऐसा भगवान से क्या मांग रहे हो कि भगवान जी तुम्हारी झोली नहीं भर पा रहे हैं सलमान ने रिप्लाई किया कि मैं अपने लिए एक वफादार हमसफर, एक साथी एक हमदर्द मांग रहा हूं लेकिन जैसा मैं चाहता हूं वैसा भगवान जी के पास है ही नहीं मुझे तो ऐसा लगता है ।

यह पढ़कर आरती हल्का सा मुस्कुरा दी और पूछने लगी ।

आरती -  ऐसा कैसा हमसफर तुम्हें चाहिए ।

यह पढ़कर धर्मवीर ने रिप्लाई किया

सलमान - मुझे ऐसा हमसफर चाहिए जो बिल्कुल हो तुम्हारे जैसी हसीना ,
जो बिल्कुल हो तुम्हारे जैसी हसीना ,
मई-जून में ठंडक दें और जनवरी में लाए पसीना ।
इसीलिए मैंने राम जी के दरबार में लगाई है यह एप्लीकेशन ।
दिन-रात राम जी की सेवा करूंगा जो बन जाए कहीं रिलेशन ।

जैसे ही आरती ने यह पढ़ा आरती के दिल पर यह लाइंस असर कर गई सोचने लगी क्या बंदा है डायलॉग भी ऑन द स्पॉट मारता है यह सोच ही रही थी फिर आरती ने रिप्लाई किया कि

आरती - अच्छा बाबा तुम मांग तो रहे हो ये अपनी झोली में , लेकिन बहुत लोग इस दुनिया में ऐसे हैं जो धन दौलत भी बहुत ज्यादा मांग लेते हैं और बाद में उसे संभाल नहीं पाते और बर्बाद हो जाते हैं ।

तो तुम भी ऐसी ही हमसफर की कल्पना कर रहे हो कहीं ऐसा ना हो कि तुम भी संभालना पाओ ।

यह पढ़कर धर्मवीर का लंड नेटवर्क पकड़ने लगा। धर्मवीर सोचने लगा कि यह बिल्कुल सही बोली है । मेरी बहन जैसी कामुक रांड को संभालने के लिए कोई मुझ जैसा सांड ही चाहिए वही संभाल सकता है । बच्चों का खेल नहीं है इसे संभालना , और मैं बच्चा नहीं रहा मैंने तो इससे बड़ी बड़ी रांडो की चूतों का समंदर भरा है । यह सोचते सोचते धर्मवीर ने रिप्लाई किया

सलमान - मैं तुम्हारा मतलब समझा नहीं ।संभाल नहीं पाए मतलब ?

यह पढ़कर आरती भी रोमांटिक मूड में कहने लगी ।

आरती - जनाब ऐसा ना हो कि आपके अंदर इतना दम ही ना हो ।

आरती को ये पता नही था कि जिसे वो सलमान समझ रही है वो उसका बड़ा भाई ही धर्मवीर जो अपनी औकात पर आगया तो तेरे जैसी गरम कुतिया भी कम से कम एक साल तक सही से नही चल पाएगी ।

यह मैसेज पढ़कर धर्मवीर ने अपने मन में कहा कि मेरी जान दम की बात मत करना । कहीं ऐसा ना हो कि कमरे में दौड़ी दौड़ी फिरे कहीं ऐसा ना हो टांगों के नीचे से निकल कर भागे , कहीं ऐसा ना हो की लोड़ा तेरी चूत में उतारते ही सदमा पड़ जाए । कही ऐसा ना हो कि नंगा लंड चूत में जाते ही ICU में भर्ती करनी पड़े । कहीं ऐसा ना हो कि चूत के हिसाब से लंड का वजन ज्यादा हो । धर्मवीर सोचने लगा कि कहीं ऐसा ना हो कि चूत दो झटकों में ही लाल पड़कर सूज जाए , कहीं ऐसा ना हो कि चूत के छेद पर ठंडा लंड रखते ही सिसक पड़े । कहीं ऐसा ना हो कि चूत में लंड चढ़ते ही रांड की मौत हो जाये । यह सोचते-सोचते सोचते धर्मवीर ने रिप्लाई किया ।

सलमान - बड़ी-बड़ी आंधियों का तोड़ा है घमंड।
हमने बड़ी-बड़ी आंधियों का तोड़ा है घमंड ।
शौक जीतने का पाला है ना हारना पसंद।
लोग यूं ही नहीं मानते लोहा सलमान का,
टाइम आने पर दिखाते हैं हम दूध घी का दम ।

यह मैसेज जैसे ही आरती ने पढ़ा आरती सोचने लगी की बातें तो बंदा बड़ी-बड़ी कर रहा है चलो देखते हैं आखिर दिल कितना बड़ा है ।

आरती- ओहहो शायरी ने तो दिल ही जीत लिया साहब लगता है सोचकर बनाई है बिल्कुल । चलिए इसी बात पर एक और शायरी सुना दीजिये । हमे एक शायरी और सुननी है ।

सलमान चलिए और सुन लीजिए हम तो आपकी आवाज सुनकर आपके लफ्जो की direction पर ही शायरी बना देते है । धर्मवीर मैसेज टाइप करने लगा ।

सलमान - मैं सबकी तरह चौड़ा होकर इजहार नही कर सकता ,

मैं सबकी तरह चौड़ा होकर इजहार नही कर सकता ,

इसका मतलब ये तो नही कि मैं प्यार नही कर सकता ।

गाने लगूँ तेरी चाहत में तो ये समाज वाले सवाल उठाते हैं ,

अगर लिखने लगूँ तारीफ तेरी तो मेरे लफ्ज ही कम पड़ जाते हैं ।

यह मैसेज पढ़ा तो आरती की आंखों के जरिये ये शब्द उसके दिल मे उतरते चले गए । क्योंकि आरती की लाइफ के लिए यही तो उसके दिल की आवाज थी । आरती भी विधवा थी उसे भी अपनी इज्जत का खयाल था ।लोग तो सवाल उठाएंगे ही ।  यह सोचकर आरती मन मे उसकी शायरी की दाद देनी पड़ी ।

जबकि धर्मवीर की यह फीलिंग थी इस शायरी के साथ की आरती उसकी बहन जो थी तो लोग तो सवाल उठाएंगे ही ।

यह डबल मीनिंग वाली बातें चल ही रही थी कि अचानक उसकी सहेलियां आगयी ।

आरती - अच्छा साहब मेरी फ्रेंड्स आगयी है रात को बात करते हैं ।

सलमान - ok my angel.

आरती मुस्कुराते हुए टाइप करती है - oh I'm not your angel .

सलमान - अरे मजाक भी नही कर सकता क्या अगर ऐसे  कहने से अगर कोई angel बन जाये तो फिर तो daily 10, 25 को ना बोल दूं ।

आरती - o bhi sahi hai .

सलमान : ओके आप घूमने जाइये अपनी फ्रेंड्स के साथ रात को बात करते है bye ।

आरती - bye ।

फ्रेंड्स के साथ आरती चल दी हिल स्टेशन की तरफ दूसरी तरफ धर्मवीर आगे की योजना बनाने लगा ।

तभी धर्मवीर अपनी घर के मंदिर में गया और जाकर भगवान के सामने कहने लगा कि -  हे भगवान मैं प्रण लेता हूं , मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि जिस दिन यह लंड की भूखी अपनी चूत में पानी भरे हुए मुझसे चुदवाने के लिए बिल्कुल तैयार होगी , उस दिन में इसके पिछवाड़े पर लात मार कर इसे भगा दूंगा ।

प्रिय पाठकों अब आप सोच रहे होंगे कि धर्मवीर तो अभी कितने रोमांटिक और अनाड़ी वाले मूड में था , कितना उतावला था फिर उसने ऐसी प्रतिज्ञा क्यों की।

तो दोस्तों इस सस्पेंस को क्रिएट होने दो आगे चलकर देखना कि होता क्या है अभी तो कहानी शुरू ही हुई है

**********

राकेश अपने ऑफिस में बैठा हुआ अपने लैपटॉप में कुछ बड़ी ध्यान से देख रहा था तभी उसका अकाउंटेंट उनके पास आया और आगे कहने लगा कि सर बाहर जापान से कुछ विजिटर्स आए हैं । वह आपके साथ मीटिंग फिक्स करना चाहते हैं ।

राकेश ने कहा ठीक है आप उन्हें ऊपर मेरे केबिन में भेजिए मैं बात करता हूं ।

10 मिनट बाद राकेश उनके इंतजार में अपने केबिन में बैठा हुआ अपने मोबाइल में कुछ कर रहा था तभी वो आ गये ।

उन जैपनीज के साथ एक उनका ट्रांसलेटर भी था साथ में जो हिंदी और जैपनीज दोनों को ट्रांसलेट करता था वैसे तो राकेश भी एक कंपनी का ओनर था वह चाहता तो इंग्लिश में भी बात कर सकता था ।

लेकिन फिर भी सहूलियत के लिए जैपनीज अपने साथ अपना ट्रांसलेटर लेकर आए थे

ट्रांसलेटर ने हाथ मिलाते हुए कहा - राकेश सर हम जापान से आए हैं और जो हमारी कंट्री मार्किट हैं आपके प्रोडक्ट से काफी प्रभावित है । जो डिजाइन और स्टाइल आप अपनी लेडीज अंडर गारमेंट्स में देते हो उनका तो कोई मुकाबला ही नहीं है ।

आपका ब्राण्ड इंडिया में ही नहीं वर्ल्ड वाइड छा गया है।  आपकी जो ब्रा होती हैं उनके जो कप का डिजाइन आप करते हैं वह आजकल मार्केट में ट्रेंड में चल रहा है । आपके प्रोडक्ट , प्रोडक्ट ही नहीं बल्कि कोहिनूर है इस मार्केट में,  इस प्लेटफार्म में ।

राकेश अपने ब्रांड की तारीफ सुनकर खुश हुआ लेकिन वह समझ गया था कि यह सब तो ठीक है लेकिन इसमें इतना मिर्च मसाला लगाकर यह जैपनीज क्यों बता रहे हैं ।

आगे ट्रांसलेटर ने कहा सर हम आपकी ब्रांड में इन्वेस्ट करना चाहते हैं और यह इन्वेस्ट हम जापान में ही करेंगे तो हम आपसे इस बारे में डिस्कस करना चाहते हैं ।

की आप जापान में अपने ब्रांड के प्रोडक्ट मैन्युफैक्चर कीजिए और जिससे कि आपका जापान इरान ऑस्ट्रेलिया इन देशों में भी आपके प्रोडक्ट का डिमांड काफी अच्छा हो  जाएगा और इसमें हम इन्वेस्ट करने के लिए तैयार हैं ।

लेकिन उसमें 40% हमारा होगा और 60% आपका इन्वेस्ट आपको कुछ नहीं करना है इन्वेस्ट सारा हम करेंगे बस आपके ब्रांड का नाम होना चाहिए और ब्रांड का नाम ही क्यों सर जो प्रोडक्ट आप की कंपनी बनाती है वही प्रोडक्ट्स होनी चाहिए ताकि यह ब्रांड दुनिया की नंबर वन ब्रांड बने ।

इस बारे में बात ही चल रही थी और मीटिंग में यह फिक्स हुआ कि राकेश मान गया जापान में अपनी ब्रांड की एक ब्रांच स्थापित करने को ।

लेकिन उसके लिए उसे विजिटर्स के साथ जाकर वहां का सर्वे डाक्यूमेंट्स भी चेक करना था और राकेश किसी और पर विश्वास ना करके खुद ही वहां जाकर देखना चाहता था ।  उसने तुरंत अपने सेकेट्री को बुलाया और कहा - मैं आज जापान के लिए निकल रहा हूं मुझे आने में 4 दिन लगेंगे तब तक के लिए आप यहां पर हो ही तो मुझे चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है । और बस ऐसा कहकर सबसे उसने  सबसे हाथ मिलाया और अपने केबिन से बाहर निकल गया ।

हर मीटिंग को डिसमिस करने का यह अंदाज राकेश ने धर्मवीर जी से सीखा था । इसमें उन्हें प्राउड फील होता था कि अपनी बात रखी और निकल लिए । सामने वाले को यह दिखा दो कि हम तुम्हारे बाप हैं । अपने इसी अंदाज को कायम रखते हुए राकेश ने ऐसा किया था ।

राकेश लिफ्ट से सबसे ऊपर की इमारत पर पहुंचा ठंडी ठंडी हवा चल रही थी ।

उसने अपनी जेब से सिगरेट का पैकेट निकाला और सिगरेट का कश मारते हुए उपासना को कॉल करने लगा ।

राकेश - उपासना - राकेश मुझे निकलना होगा और मैं घर नहीं आ पाऊंगा क्योंकि घर आकर भी मुझे ऐसा कुछ खास नहीं करना है । मैं जापान के लिए निकलना है ।

उपासना - जी मैं पूछ रही हूं कि वहां आपकी गाड़ी में तो कोई एक्स्ट्रा कपड़े भी नहीं थे , तो कपड़े तो आप लेने आएंगे या किसी को भेज रहे हैं कपड़े लेने के लिए घर पे ।

राकेश - कपड़े में अभी यहीं से खरीद लेता हूं ऐसा कह कर उसने कॉल रख दिया ।

उधर उपासना कि मन में अचानक क्या एक्साइटमेंट सी हुई उसने तुरंत शालिनी को कॉल लगाया ।

उधर शालीनी लंड पर कूद कूदकर चुद रही थी अपने बॉयफ्रेंड से ।

उपासना - हैलो शालिनी ।

शालीनी - आह आह आह की आवाज के साथ - जल्दी बोलिये भाभी ।

उपासना उसकी आह आह की आवाज सुनते हुए - ओ माय गॉड लगता है गलत टाइम पर कॉल कर दिया। वैसे यह बताने के लिए कॉल किया था कि आज तुम्हारे भैया जापान के लिए जा रहे हैं हम 4 दिन के लोए ओर हम चार दिन तक साथ सोयेंगे।

सिर्फ इतना सुनते ही शालीनी ने तुरंत एक्साइटमेंट के साथ पूछा -क्या भैया जा रहे हैं जापान ।वह तो मेरा ड्रीम कंट्री है मैं भी जाऊंगी भैया के साथ । अगर भैया कंफर्टेबल हो तो मैं भी घूम आऊंगी ।

उपासना - अच्छा बाबा तो मैं उनसे पूछ लेती हूं या तुम ही अपने भैया को कॉल कर लो, और उनसे बात कर लो ।

शालिनी ने राकेश के पास कॉल किया । राकेश ने देखा शालिनी का कॉल है ।उसने तुरंत फोन रिसीव किया ।

दूसरी तरफ से शालीनी - भैया आप जापान जा रहे हैं।

राकेश - दरअसल ये खुशखबरी तुम्हें आकर बताऊंगा अभी मैं जापान के लिए निकल रहा हूं ।

शालीनी - भैया आप अकेले ही जा रहे हैं या अपने स्टाफ के साथ हैं ।

राकेश - क्यों मैं तो अकेला ही जाऊंगा । विजिटर्स मेरे साथ है बस जो हमारे साथ इधर से चलेंगे उधर से अकेला ही आऊंगा ।

शालीनी - भैया मैं इसलिए कह रही थी कि मुझे भी जापान घूमना था । वह कंट्री घूमने के लिए बहुत दिन से सोच रही थी और आप जा रहे हैं तो मैंने सोचा भैया के साथ ही निकल जाती हूँ दोनों बहन भाई घूम भी आएंगे अगर आप कंफर्टेबल है तो मैं चल सकती हूं अदर वाइज कोई बात ही नहीं है फिर कभी ट्रिप पर चली जाऊंगी ।

राकेश ने सोचा कि अकेला ही तो जा रहा हूं और बहन कह रही है तो मना भी नहीं कर सकता वरना सोचेगी कि भैया ख्याल नहीं रखते हैं ,, और डरते हैं खर्च करने से ऐसा ही सोचते सोचते राकेश ने कहा।

राकेश - नहीं कंफर्टेबल हूं मैं और यदि तुझे चलना है तो जल्दी ऑफिस आ जाओ ।

शालिनी ने इतना सुना और एक साथ चुदते चुदते लंड पर से एकदम उठ गई और उठ कर तुरंत कपड़े पहनने लगी ।

उधर शालीनी का बॉयफ्रेंड झड़ने ही वाला था प्रिय पाठकों आप खुद सोचिये लंड झड़ने में कुछ सेकंड की बात और हो बस और उस टाइम पर तुम्हारी गर्लफ्रैंड अचानक उठकर अपने कपड़े पहन लें तो आपको कैसा लगेगा ।

मैं बताऊ आपको कैसा लगेगा - आपको लगेगा को उसे तो आप कुछ बोल नही सकते हो क्योंकि आप अपनी गिरलफ़्रेंड को बहुत चाहते हो । लेकिन मन मन मे तो जरूर बोलोगे - बहन-की-लौड़ी खड़े लंड पर धोका दे गई ।

भोसड़ी वाली KLPD कर गयी ।

शालीनी अपनी गाड़ी लेकर भैया के ऑफिस की तरफ चल दी और गाड़ी में म्यूजिक सिस्टम में ये वाला गाना सुनते हुए जा रही थी -

चूंदड़ी जयपुर त मंगवाई
र इंडी सोने की घडवाई
गले में गंठी गेर क न
टोकणी चांदी की ठाई
रूप कति निखरा पाट रया जिकरा
बहु कई मान गी काल्ली
दामण नीचै पेहरि जुत्ती
बण गी देखो चीज कसूती
या गजबण पाणी न चाली
या गजबण पाणी न चाली
या गजबण पाणी न चाली
गजबण पाणी न चाली ।।

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दोस्तों कहानी कैसी चल रही है बताते रहना आपसे निवेदन है ।
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Reply
05-01-2021, 11:30 AM,
#9
RE: Free Sex Kahani लंसंस्कारी परिवार की बेशर्म रंडियां
Update 9.

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प्रिय पाठकों - आज का अपडेट बड़ा ही मस्त होगा । कुछ जिंदगी की सच्चाइयों से भरा हुआ और आज वैसे भी तुम्हारे राइटर का जन्मदिन है तो वैसे भी कलम से जादू दिखाऊंगा आज मैं । अब कहानी जमने लगी है आगे वो होगा जो कोई कल्पना भी नही कर सकता ।

और हां मेरे प्रिय पाठकों मेरे fans को बताना चाहूंगा कि दोस्तो आज एक चुदाई कहानी मैं पढ़ रहा था तो मैंने पोस्ट रिप्लाई में राइटर से कहा कि चुदाई जब कराओ इस बाप बेटी की तो आग लगा देना भाई ,

तो बदले में दोस्तो उस राइटर ने वहाँ सबके सामने बेइज्जती कर दी मेरी उसने कहा मुझे लिखना मत सिखा writing skills में मैं तेरा बाप हूँ ,

तो प्रिय पाठकों क्या ये सही था । इस कहानी को अब मैं इतनी hit लिखूंगा की एक दिन उसकी भी नजर पड़ेगी और वो भी पढ़ेगा और उसके लिए नीचे कुछ लाइन्स लिखी है मैंने कि -

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आज इस कहानी की अपडेट जुड़ी है सच्चाई से ।

यारों की यारी में धोखे की खाई से ।

हिम्मत नही हारनी , कहानी लिखकर बाजी है मारनी ,

और तू भी सुन जो सीख सके तो सीख लेना अपने भाई से।

आज मेरी कलम बिल्कुल अंदर से बोलेगी ,

माता सरस्वती मंदिर में से बोलेगी ।

एक sex स्टोरी के राइटर ने मेरे दिल पर मारा है पत्थर ,

तो आज ये चोट खायी मछली समंदर से बोलेगी ।

अक्ल के अंधो को आंख लगाने आया मैं ,

साधुओं के माथे पर राख लगाने आया मैं ।

इस छोटी सी जिंदगी में कई बार टूट लिया ,

घायल परिंदो को पंख लगाने आया मैं ।

लिख बेटा कहानी मेहनत का फल होगा

धरती को खोद कहीं तो जल होगा ,

एक दिन जब तू मेरी ये कहानी पढ़ेगा जरूर ऐसा पल होगा ।

थोड़ा टाइम तो लगेगा पर आज नही तो कल होगा ।

तू लिखकर लेले एक दिन ये राइटर सफल होगा ।

मुझसे भी कई बार खोट होते गए ,

Cool cool मुद्दे hot होते गए ।

जिस जिस को भी सपोर्ट किया भाई मानकर ,

मेरी गलती की लिस्ट में वे नोट होते गये ।

मैं नही कहता पता है मेरा नाम सबको ।

पर कोई बात ना तरक्की दे राम सबको ।

हिट जाये कहानी मेरे छोटे बड़े राइटर भाइयों की ,

इतना भाये उनका काम सबको ।

**********

उधर राकेश और शालिनी का जापान जाने के लिए फिक्स हो हो चुका था।

शालिनी कुछ समय बाद ऑफिस पहुंची अभी अभी अभी चूत की चुदाई कराई थी जिस वजह से उसकी पेंटी भी गीली पड़ी थी , उसने सोचा कि मैं पहले नहा लेती हूं।वह जल्दी से ऊपर वाली मंजिल पर गई , जो सिर्फ मालिक लोगों के लिए होता है ।

वहां पर जाकर उसने अपने कपड़े उतारे और एक आर्टिफिशियल स्विमिंग पूल में नहाने के लिए उतर गयी ।

उसने स्विमिंग पूल में पानी का टेंपरेचर नॉर्मल किया , जिससे कि पानी ना ही ठंडा महसूस हो रहा था और ना ही गरम । 10 मिनट तक नहाने के बाद शालिनी स्विमिंग पूल पूल से निकली

अब कुछ अच्छा महसूस कर रही थी। जो चुदाई की थकावट थी वह भी निकल गई थी।

अब शालिनी ने सोचा कि क्या पहना जाए , शालिनी ने जींस और ऊपर के लिए एक शॉर्ट गाउन निकाला ।

शालिनी की गाड़ी में हमेशा एक दो जोड़ी कपड़े extra रखे होते हैं ।

उधर आरती अपने फ्रेंड्स के साथ होटल पहुंचकर घूमने की प्लानिंग कर रहे थे ।कि उन्हें कोई गाइड करने वाला हो, जो यहां पर उन्हें घुमा सके।

क्योंकि यहां के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं थी अचानक आरती की फ्रेंड को मायूस बैठा देखकर आरती ने पूछा कि क्या हुआ तुम ऐसे चुप क्यों बैठी हो ?

उसने कहा कि उसके बॉयफ्रेंड से उसका ब्रेकअप हो गया है । आरती बोली कि जो तुम्हारा बॉयफ्रेंड था उसे तो मैं भी जानती हो ।

वह तो शक्ल से ही बेवफा लगता था लेकिन तुम्हें उसने क्यों छोड़ दिया ?

आरती की फ्रेंड बोली मैं तुम्हारी तरह जवानी में भरी हुई नहीं हूं ना ,तुम्हारी तरह मेरी गांड बाहर नहीं निकल रही है ना, तुम्हारी तरह मेरी छातियों उठी हुई पहाड़ की तरह नहीं रहती हैं । इसलिए मेरे जैसी लड़कियों को पसंद करता ही कौन है।

यह कहते कहते वह मायूस हो गयी ।

आरती ने कहा गलती तुम्हारी नहीं है तुम्हें कोई बहुत प्यार करने वाला मिलेगा । उस लड़के को तो मैं जानती ही हूं और अब तुम उसकी उम्मीद छोड़ दो कि वह तुम्हें अपनी जीएफ के रूप में दोबारा देखना चाहेगा क्योंकि वह तुम्हारे साथ सिर्फ धोखा कर रहा है ।

आरती ने कहा मैं तुम्हे एक बात बोलू आरती की फ्रेंड बोली बोलिए तो आरती ने इस कदर अपने लफ्जों को शायरी में पिरोया ।

आरती बोली -

जिसे जाना था वह चला गया अब रोने से क्या हो जाएगा,

जिसे जाना था वह चला गया अब रोने से क्या हो जाएगा,

खोई हुई चीज को यूं ढूंढने से क्या हो जाएगा।

तू क्या सोच रही है तू अकेली है नहीं मेरी फ्रेंड बहुत रोए हैं इस प्यार में,

तेरे जैसे पता नही कितने बर्बाद हो गए हैं इस प्यार में ।

एक बार जिंदगी की फिर नई शुरुआत कर।

भूल गया वह तुझे अब तू भी भूल जा कोई और बात कर।

यह सब सुनकर आरती की फ्रेंड आरती से बोली क्या बात है। आज तो मेरी जान शायराना अंदाज में है ।

आरती यह सुनकर उसे बोली कि मेरी जान यह शायराना अंदाज मेरा नहीं है ।

वह मुस्कुराते हुए बोली कि एक शायर है जो आजकल मुझे भी शायरी सिखा रहा है ।

आरती की फ्रेंड कहने लगी कौन है वह ?

आरती बोली की है एक पागल सरफिरा जो दिलो दिमाग पर अपना घर बनाता जा रहा है। और उसकी बातों में जादू है। जब वह बोलता है तो लगता है कि हर लाइन उसने मेरे लिए ही बोली है। उसकी हर लाइन में इतना प्यार इतना रहस्य इतनी मिस्ट्री होती है कि मैं तो समझ ही नहीं पाती कि दिमाग से सुनूं या दिल से। आरती यह बोले जा रही थी ।

उधर दूसरी तरफ राकेश और शालिनी जाने के लिए रेडी हो चुके थे ।

शालिनी राकेश की आंखों के आगे आई तो अपने शरारती अंदाज में बोली भैया मैं कैसी लग रही हूं। अकॉर्डिंग टू जापान यह मेरी ड्रेस सही है।

राकेश ने जैसे ही उसे देखा राकेश तुम मानो पागल ही हो गया शालनी की हिरनी जैसी आंखों पर लगा हुआ काला चश्मा उसकी सुंदरता में चार चांद लगा रहा था।

राकेश बोला आज तो मेरी बहन लगता है दिलों पर राज करेगी यह बोलते हुए राकेश मुस्कुरा दिया ।

शालिनी बोली बताओ ना भैया कैसी लग रही हूं ।

राकेश बोला आज तो तुम बिल्कुल ही कयामत लग रही हो कयामत से भी ऊपर लग रही हो । तुम्हारा यह ड्रेस लुक बहुत अच्छा है शालिनी तुम्हें देखकर कोई भी नहीं कह सकता कि तुम कोई हीरोइन नहीं हो । तुम बिल्कुल हीरोइन ही लग रही हो ।

शालीनी यह सुनकर मुस्कुरा दी उधर राकेश ने पहली बार ऑब्जर्व किया कि उसकी बहन पूरी तरह से जवान हो गई है। उसकी बहन की उम्र भी तो जवानी में लंड खाने के लायक ही है राकेश कहने लगा अपने मन में ।

राकेश ने पहली बार ऑब्जर्व किया था कि शालिनी की जांगे भर गई है उपासना से तो मोटी नहीं है , लेकिन हां अब कपड़े फंसने लगे हैं। उसकी जवानी में कोई भी कपड़े पहन लो वही फस जाते हैं । राकेश सोचने लगा कि अब शालिनी की शादी कर देनी चाहिए क्योंकि वह अब जवान हो गई है यह सोचते सोचते उसकी नजर उसकी छाती के ऊपर पड़ी तो मानो रेड कलर में वह फटने को तैयार हो रही हो । और जैसे खरबूजा होता है खरबूजे जैसे चूचे तो उसके छाती पर इस तरह शोभा दे रहे थे जैसे हिमालय पर्वत ।

उनकी गोलाई और उनका उठाव पागल कर गया राकेश को और राकेश के मुंह से निकला-

राकेश शालीनी से बोला -

तेरे नैन नशीले बेबी खतरनाक ,

लगा लिया तूने काला चश्मा अपनी धकलीं आंख ।

तेरी एक अदा पर बंदे मर गए लाख ।

तूने जला दिए दिल बस बची है राख ।

है गजब तेरा लुक सोना moon जैसा मुख ।

जो भी तुझे एक बार देख ले उसे मिल जाए सारी दुनिया के सुख ।

तुझे देखकर मेरी तो सांसे गई रुक ,

I want to read your beauty वाली book ।

अपने भाई राकेश के मुंह से ऐसी लाइंस सुनकर शर्मा गई शालिनी और कहने लगी भैया आप तो कोई पहुंचे हुए शायर लगते हैं ।

यह शायरी आपने कहा सुनी राकेश ने कहा मैंने यह सुनी नहीं है तुम्हें देखकर ऑन द स्पॉट बनाई है ।

शालिनी कहने लगी तुरंत शायरी बनाने में एक्सपर्ट हो भाई आप ।

उसके बाद शालिनी और राकेश तुरंत गाड़ी की तरफ चल दिए । दोनों गाड़ी में जा कर बैठे ।

जैपनीज की गाड़ी पीछे चल रही थी राकेश वाली गाड़ी से ।

राकेश और शालिनी पीछे बैठे हुए थे।

आगे ड्राइवर गाड़ी चला रहा था और गाड़ी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तरफ भाग रही थी ।

अचानक राकेश ने पीछे वाली गाड़ी के ड्राइवर से कहा ,( जो जैपनीज वाली गाड़ी चला रहा था ) तुम एयरपोर्ट चलो हम जरा कुछ शॉपिंग करके आते हैं । कुछ कपड़े खरीदने हैं वह मैं खरीद कर आ रहा हूं एयरपोर्ट पर ही मिलूंगा ।

लेकिन जब राकेश ने फोन किया तो गाड़ी में हिंदी गाना बज रहा था जिसे सुनकर राकेश ने सोचा कि जैपनीज तो बोर हो रहे होंगे ।उसने अपने ड्राइवर से कहा कि कोई हॉलीवुड का इंग्लिश सॉन्ग प्ले करो या इसे बंद करो।

क्योंकि जैपनीस हिंदी नहीं समझ पा रहे होंगे ऐसा कह कर उसने कॉल रखदी ।

राकेश ने भी अपनी गाड़ी में भी एक इंग्लिश गाना चला दिया । गाना कुछ इस तरह था -

you are my love you are my life,

you are star of my eyes .

give me hug every time,

you are sweet you are nice.

You are fine like a wine ,

Your beauty is God's design .

यह गाना शालिनी को बहुत पसंद आया उसने पहली बार सुना था और वह गाने में खो गई ।

उसके बाद उधर दूसरी तरफ उपासना अपने कमरे में बैठी हुई सोच रही थी कि आखिर क्या किया जाए ।

अचानक उसके मन में पता नहीं क्या आया वह उठी और उठ कर नहा कर आई।

नहाने के बाद उसने एक पार्लर वाली को बुक किया और घर बुलाया कुछ ही देर बाद दोस्तों उपासना बैठी हुई थी नीचे फर्श पर ।

उसने सिर्फ ब्रा और पेंटी पहन रखी थी । ड्रेसिंग कमरे में सिर्फ उपासना और पार्लर वाली ही थे , गेट लॉक था ।

पार्लर वाली उपासना के पैरों पर मेहंदी लगा रही थी।

हाथों पर पहले ही लगा चुकी थी ।

दोस्तों उपासना ने आज अपने हाथ की उंगलियों से लेकर अपने कंधे तक मतलब पूरी पूरी बाजुओं पर मेहंदी लगाई थी , फूलों के डिजाइन से ।

और पैरों की शुरुआत हो चुकी थी और उसने पार्लर वाली को बोला कि उसे अपने पैरों की उंगलियों से लेकर अपनी जांघों को मेहंदी से सजाना है ।

पार्लर वाली ने उसकी टांगो पर मेहंदी लगन शुरू किया तो घुटनो तक तो फूलों के डिजाइन बनवाये उपासना ने और उसके बाद गदरायी जांघो पर उसने पत्तियों के डिजाइन बनवाये । और उनके डिजान्स के बीच मे मेहंदी से slut और आपकी रंडी लिखवाया ।

उसके बाद उसने पेट पर भी मेहंदी लगाई मतलब पूरी तरह से सजने धरने का प्रोग्राम आज उपासना बना चुकी थी।

दो-तीन घंटे के बाद मेहंदी सूखने के बाद उपासना नहाने चली गयी तो दोबारा से उपासना नहा कर निकली ।

और जैसे ही उसने अपने आपको आईने में देखा तो उसे शर्म आ गई ।

दोस्तों ऊपर से नीचे तक मेहंदी में रची हुई उपासना शीशे के सामने खड़ी थी । उसकी गांड पीछे को निकली हुई थी और छातियां आगे को निकली हुई थी ।

उपासना ने मेहंदी से अपनी छातियों पर भी निप्पल के चारों ओर एक गोल सर्कल बनवाया था।

जिससे उसकी चूचियां इतनी ज्यादा मस्त लग रही थी कि अगर किसी की आंखों के सामने नंगी आ जाए तो उनको खा ही जाए ।

उसके पेट पर नाभि के चारों तरफ भी मेहंदी से बना हुआ एक सर्कल था । जो और भी ज्यादा अपनी तरफ आकर्षित कर रहा था ।

अपनी क्लीन चूत के चारों तरफ मेहंदी की एक लाइन खिंचवा रखी थी । और चूत के 3 इंच ऊपर जहां से जाटों की शुरुआत होती है, वहां से उसने तकरीबन कोई इन 4 इंच के घेरे में झांटें छोड़ दी थी, यानी कि वह साफ नहीं की थी।

जो छोटी-छोटी काले रंग की झांट और भी ज्यादा खूबसूरत लग रही थी।

फिर उसकी नीचे भरी-भरी जांघें जो सिर्फ आगे से मेहंदी से रची हुई थी , लेकिन पीछे से नहीं ताकि कोई भी देखे तो उसे उपासना की जांघ सामने से सजी-धजी ही नजर आए।

लेकिन जब उसे सीधी लिटा कर उसकी टांगों को मोड़ कर उसकी छाती से लगाए तो पीछे की तरफ की जांघ , जब सामने आए तो उन पर मेहंदी रची हुई नहीं दिखेगी ,वह बिल्कुल नंगी मोटी जांघ दिखेगी ।

इस तरह से अपने आपको एक यूनिक तरीके से सजाकर मन ही मन बड़ी मुस्कुरा रही थी उपासना ।

उपासना को अब सेलेक्ट करना था ड्रेस कोड ।

उसे ड्रेस क्या पहनना है वह जल्दी से अपने सारे कपड़े निकाल कर बेड पर एक-एक ड्रेस कोअलग करने लगी।

पहले उसे एक गाउन मिला तो उसने सोचा कि गाउन पहनकर सजी हुई मैं अच्छी नहीं लगूंगी । उसने गाउन एक तरफ फेंक दिया ।

फिर दूसरे नंबर पर उसके हाथ में जींस आई तो जींस को भी उसने एक तरफ फेंक दिया ।

फिर उसने एक सूट सलवार निकाले लेकिन वह सूट सलवार भी उसे पसंद नहीं आए ।

उसने सोचा क्या पहना जाए ऐसा क्या पहना जाए जिससे मेरा सजा हुआ यह रूप और भी खूबसूरत लगे ।

उसने दोस्तों एक साड़ी निकाली लेकिन वह भी उसे पसंद नहीं आई ।

उसने फिर सोचा कि मैं एक काम करती हूं ऐसा सोचकर उसने तुरंत कॉल लगाया अपने मार्केट इंस्पेक्टर को।

और कहा - I'm upasna from DS Industries. मुझे मार्केट में जो सबसे अच्छा टेलर है उनका डाटा चाहिए।

इंस्पेक्टर ने कहा सुनकर अच्छा लगा कि आप जैसे बड़े लोगों ने हमें याद किया ।

बिल्कुल आप एक सेकंड का वेट कीजिए , मैं अभी निकलता हूं और निकाल कर उपासना को ट्रांसफर कर दिया ।

उपासना ने टेलर को कॉल लगाया उधर से आवाज आई कोई लेडीस की ।

उपासना ने कहा - कि मुझे कोई ड्रेस सेलेक्ट करना था पहनने के लिए लेकिन मुझे कोई ड्रेस पसंद नहीं आया।

तुम्हें चाहती हूं आप मेरे घर पर 20, 30 दुपट्टे भेज दे। जो सूट सलवार के ऊपर दुपट्टे पहने जाते हैं वो वाले ।

सुनकर टेलर ने कहा कि दुपट्टा किस तरह का चाहिए मैडम ।

उपासना ने कहा कि जो बिल्कुल देसी सूट सलवार के दुपट्टे होते हैं , जो ज्यादा मोटे कपड़े की नहीं होती हैं ।

ट्रांसपेरेंट वाले टाइप की होती हैं वह वाली भेज दो।

जिन्हें चुन्नी बोलते है ।

और साथ में एक एक्सपीरियंसड फीमेल टेलर भी भेज देना ।

आधे घंटे के बाद आ गयी । उपासना ने उसे 1 सेपरेट रूम में बिठाया और उसे उसकी सिलाई मशीन वहां पर रखवा दी।

टेलर बैठी हुई था और उपासना से पूछने लगी - यस मैम कपड़ों में क्या मॉडिफिकेशन आपको कराना है ।

तो उपासना ने कहा कि मुझे सूट सलवार बनवाना है ।

यह सुनकर टेलर कहने लगी - मैडम मैं सूट सलवार के कपड़े तो लेकर ही नहीं आई हूं । मैं तो केवल चुन्नियां लेकर आई हूं ।

उपासना ने कहा - यही तो ट्विस्ट है की मुझे चुन्नी वाले कपड़े के सूट सलवार पहनने हैं , तो तुम कितना टाइम लोगे इन्हें सीलने में ।

टेलर यह सुनकर चौंक गई और कहने लगी - मैम ऐसे भी कोई सूट सलवार पहनता है क्या ।

उपासना अभी दरअसल साड़ी पहनकर खड़ी हुई थी। इस वजह से टेलर को नहीं समझ आ रहा था कि यह चुडक्कड़ रंडी क्यों बनवा रही है दुप्पटे वाले कपड़े के सूट सलवार ।

तो टेलर ने कहा - ठीक है मैम जैसा आप चाहो मुझे तो बनाना है , आप किसी भी कपड़े का बनवा लो। मैं आधे घंटे में रेडी कर दूंगी । दुपट्टे के कपड़े के सूट सलवार तो वैसे भी जलदी बन जाएंगे ।

बस आप मुझे अपना नापा दीजिए बॉडी का।

यह सुनकर उपासना उसके पास गई और अपनी साड़ी एक तरफ उतार कर रख दी ।

जैसे ही उसने साड़ी उतारी तो टेलर चोंक गयी उसकी सजावट देखकर । नाभि के चारो और सर्कल देखकर मेहंदी से लगा हुआ वह बहुत ही ज्यादा उत्साहित हो गई और पूछने लगी कि भाभी आज कोई फंक्शन में जाना है क्या आपको ?

उपासना कहने लगी - आप अपना काम कीजिए ।

इस वक्त दोस्तों उपासना ने फुल स्लीव का ब्लाउज पहना हुआ था मतलब पूरी ढकी हुई थी फुल कपड़े में जिस वजह से उसकी बाजू की मेहंदी टेलर को दिखाई नहीं दे रही थी।

और नीचे पहना हुआ था उसने पेटीकोट जिस वजह से नीचे की मेहंदी भी उसे दिखाई नहीं दे रही थी ।

उसे केवल उसके हाथों की और उसके पेट पर आगे बने सर्कल ही दिखाई दे रही थी।

उसने नापा लेना स्टार्ट किया तो उपासना ने कहा - आप पीछे से गला डीप रखना सूट का , और उसकी जो कुर्ती होगी वह मेरे हिप्स तक ही रहेगी ।

यह कहकर उसने नापा देना स्टार्ट किया तो टेलर ने उसकी जांघों को फीते से नापा तो वह हैरान रह गई क्योंकि उसकी जांघे नॉर्मल लड़कियों के मुकाबले काफी मोटी थी ।

उसने उसके बाद उसने उसकी कमर में फीता डाला तो उसकी कमर का पतलापन देखकर वह हैरान रह गई।

उसके बाद उसने उसकी छातियों में फीता डाला छाती भी नॉर्मल लड़कियों के हिसाब से और उसकी एज के हिसाब से काफी गदरा गई थी । छातिया नहीं दोस्तों हम उन्हें पके हुए पपीते बोल सकते हैं ।

उसके हिप्स का नापा लिया तो उपासना के हिप्स भी चौड़े चौड़े थे । साड़ी भी नाकाम साबित होती थी उस गांड को ढकने में और आज ये चुदक्कड़ देवी उस गांड को झीनी सी सलवार से ढकने के ख्वाब देख रही थी ।

उधर दूसरी तरफ धर्मवीर अपने कमरे में बैठकर लैपटॉप में कुछ देख रहा था।

अचानक धर्मवीर ने सोचा कि नीचे जाकर दूध ही पी लेता हूं, लेकिन उसने सोचा की उपासना को मैं कॉल कर देता हूं।

उसने उपासना को कॉल किया - उपासना मेरे कमरे में दूध दे जाओ ।

उपासना यह सुनकर थोड़ा शरमा गई लेकिन उसने जल्दी से एक बड़ा सा शॉल लिया और अपने पेट और कमर को भी छुपा लिया । साड़ी पहन ही रखी थी ।

बस उसके हाथ ही अब बाहर दिखाई दे रहे थे ।

उपासना दूध लेकर राजवीर के कमरे में गई तो दोस्तों धर्मवीर की आंखों ने जब उपासना को देखा तो उपासना के प्रति उसके दिल में उपासना की और इज्जत बढ़ गई वह सोचने लगा - कि मेरी बहन और मेरी बहू में कितना फर्क है।

आरती और उपासना में कितना फर्क है।

बहू मेरे घर की मान और मर्यादा का कितना ख्याल रखती है। वास्तव में भगवान ऐसी बहू सबको दे मेरी बहू करोड़ों में एक है ।अपनी बहू की तारीफ मन ही मन करता हुआ उसने दूध उसके हाथों से जैसे ही लिया ।

तो उपासना के रचे हुए हाथ देखकर वह मन में चौक गया , सोचने लगा धर्मवीर कि रात को जब सब डिनर कर रहे थे तब तो उपासना के हाथों पर कुछ भी नहीं था। और अब उपासना के हाथ बिल्कुल रचे हुए हैं।

आज तो कोई त्यौहार या कोई फंक्शन भी नहीं है मन में धर्मवीर ऐसा सोच ही रहा था कि तभी उसने सोचा हो सकता है उपासना को आज कहीं पर जाना हो। किसी फंक्शन या पार्टी में तो अनायास ही पूछ बैठा की - बहू आज तुम कहीं जाने वाली हो क्या ?

उपासना ने कहा कि- आज वो और उनकी बहन यानि मेरे पति राकेश और शालिनी दोनों जापान गए हैं ।

और आरती दीदी भी अपने फ्रेंड्स के साथ हिल स्टेशन गई हैं लेकिन वह तो शाम तक आ जाएंगी ।नहीं पापा जी मुझे तो ऐसा कहीं कोई खास पार्टी में नहीं जाना है ।

मैं तो आज घर पर ही हूं यह कहते हुए वह चुप हो गई।

धर्मवीर ने कहा - हाँ कॉल आया था राकेश का उसने बताया इस प्लान के बारे में कि वह दोनों बहन भाई जपेन जा रहे हैं । अच्छा है बहू की अपने बिजनेस की पकड़ और भी मजबूत हो और हम दौलत और शोहरत दोनों में अपना नाम और बड़ा करें । राकेश की लगन देखकर मुझे लगता है कि वह अपने बाप के नाम को रोशन कर देगा ।

लेकिन यह बोलने के बाद में धर्मवीर ने मन में सोचा कि बहू को कहीं आज जाना भी नहीं है । और राकेश भी घर पर नहीं है जो पति के लिए सजी हो तो फिर आज बहू ने हाथ क्यों रचाये हुए हैं धर्मवीर ऐसा मन में सोच ही रहा था लेकिन पूछने की हिम्मत नहीं कर सका ।

और दूध लेकर अपने बेड पर बैठ गया उपासना दूध देकर जैसे ही जाने को मुड़ी तो दोस्तों साड़ी और शॉल से ढकी होने के बावजूद भी उपासना की गांड की लचक महावीर की नजरों से बची ना रह सकी । और मजबूर हो गया धर्मवीर अपनी आंखों से स्कैन करने को ।

उसका bubble ass यानी चौड़ी गांड एक बार तीर मार गई महावीर के दिल में। और अपनी नजरो से ही अपनी बहु को नंगा करने लगा ।

लेकिन महावीर ने तुरंत सोचा कि मैं कितना गंदा हूं ।

आजकल की इतनी मॉडर्न घर की इतनी हाई प्रोफाइल फैमिली से बिलोंग करने वाली लड़कियों को मैंने नंगे घूमते हुए देखा है । लेकिन मेरी बहू ढकी हुई है पूरी की पूरी और उसके बावजूद भी मैं अपने मन में उसकी गांड को घूरने के सपने देख रहा हूं । छी मैं कितना गंदा इंसान हूं मुझे ऐसा नहीं होना चाहिए । मैं तो धरती पर कलंक ही हूं । मैं इंसानियत पर कलंक हूं । मुझे अपने धर्म की रक्षा करनी चाहिए और मैं किस रास्ते पर चलने की सोच रहा हूं।

धर्मवीर ऐसा सोचता ही रह गया और उपासना निकल चुकी थी।

उपासना जैसे ही नीचे आई राकेश का कॉल आया हूं कि हम दोनों बहन भाई एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं ।

और दोनों बहन भाइयों ने कपड़े भी खरीद लिए हैं ,

और वह उसे कहने लगा कि हो सकता है मैं कॉल ना कर पाऊं तो मेरी जान मेरी बात को समझना कि अभी दो-तीन दिन बिजी हूं । और यह सब किसके लिए कर रहा हूं अपनी बीवी के लिए ही तो कर रहा हूं अपनी फैमिली के लिए ही तो कर रहा हूं , अपने परिवार के लिए ही तो कर रहा हूं।

यह सुनकर उपासना खुश हुई और अपने पति को प्यारी सी किस देकर फोन रखा ।

तब तक टेलर ने तैयार कर दी थी ड्रेस। उ

उपासना ने जो ड्रेस बनवाई थी दोस्तों उसकी जो नीचे सलवार थी वह पूरी चुस्त टाइट बनवाई थी , और उस सलवार की लंबाई घुटनों से थोड़ा ही नीचे तक थी यानी की पूरी पैरों तक नहीं घुटनों से हल्का नीचे तक की थी जहां तक कैपरी होती है ।

और वह चुस्त सलवार के ऊपर चुन्नी वाले कपड़े की ही कुर्ती थी यानी की सलवार और कुर्ती दोनों ही चुन्नी वाले कपड़े के थे । और दोनों ही चुस्त और टाइट ।

उपासना ने इन कपड़ों को लेकर रख लिया ।

फिर उपासना ने टेलर को दस हजार का एक नोट देते हुए विदा किया।

प्रिय पाठकों आप सोच रहे होगे की उपासना आज किसके लिए सजी है

आखिर आज क्या होने वाला है , क्या आज रात को नंगा नाच होने वाला है। क्या आज उपासना चुदने वाली है । क्या उपासना एक ताबड़तोड़ चुदाई के लिए तैयार हो रही है । क्या उपासना को चार या पांच मर्द मिलकर चोदने वाले हैं आज की रात । क्या उस उपासना के सारे छेदों में आज वीर्य भरा जाना है रात को । आखिर आज साला होने वाला क्या है यह यही आप सोच रहे होंगे ना ।

तो अब यह नेक्स्ट अपडेट में दोस्तों ।

मां कसम आज एक बार फिर कहता हूं कि मां कसम आग लगा दूंगा इस कहानी के जरिये हर चुत और लंड में । इस कहानी को पढ़कर चूतों में से अनलिमिटेड पानी की नदी बहेगी और लंड वालो को चूतों के सपने खुली आँखों से भी दिखने लगेंगे ।

वादा है मेरा प्रिय पाठकों कि तुम्हें लत लगा दूंगा मेरी कहानियों की।

......
Reply

05-01-2021, 11:31 AM,
#10
RE: Free Sex Kahani लंसंस्कारी परिवार की बेशर्म रंडियां
Update 13.

Hi Dosto kaise ho ap I think tadap rahe honge sab next update k liye...jyada na tadapte hue anand lijiye is update ka.

Chaliye badhate h is kahani ko age

*******

जैसे ही उपासना की नजर चीख निकली की नही ये नही हो सकता।

तभी धर्मवीर ने देखा कि कौन है खिड़की पर ।

जैसे ही धर्मवीर उठकर चला तभी दरवाजे पर से तालियों की आवाज आने लगी ।

उपासना की बहन पूजा (राकेश की साली) और उपासना के पापा सोमनाथ जी खड़े थे।

यह देखकर धर्मवीर की आंखों के सामने अंधेरा छा गया ।

साथ मे उपासना भी चुन्नी से अपने आपको ढंकते हुए बैठी बैड पर ।

सोमनाथ जी ने गुर्राते हुए कहा कि मैंने सोचा भी नही था मैं अपनी बेटी की शादी एक ऐसे परिवार में कर रहा हूँ जहां हैवान रहते हैं।

धर्मवीर और उपासना चुपचाप बैठे देख रहे थे।

सोमनाथ - मैं अब इस घर मे एक भी पल नही रुक सकता।

उपासना - पापाजी इसमें हमारी गलती नही है ये मैं आपको बताना चाहती हूं।

ऐसा कहते हुए उपासना ने नजरें नीची कर ली तभी उपासना की बहन पूजा अपने पापा सोमनाथ से बोली ।

पूजा - पापाजी अभी तो काफी रात हो गयी है , हम सुबह जलड़ी ही निकल लेंगे।

ऐसा कहकर पूजा सोमनाथ जी का हाथ पकड़कर कमरे से बाहर की तरफ निकलने लगी ।

तबतक धर्मवीर कपड़े पहनकर उनके पीछे पीछे चल दिया और आगे आकर हाथ जोड़ते हुए बोला ।

धर्मवीर - समधी जी आप मुझे गलत न समझे मैने एक बाप होने का फर्ज निभाया है, मैं जानता हूँ इसमे गलती आपकी बेटी उपासना की नही मेरे बेटे राकेश की है। लेकिन दोनों बच्चे हमारे अपने ही तो है, इन्ही बच्चो से हमारा सबकुछ है।

मैं आपको सारी बात बताऊंगा उसके बाद जो सजा आप मुझे देना चाहें मुझे मंजूर होगी ।

सोमनाथ ने ऐसा सुना तो उसके दिल मे कुछ दया के भाव आये और वो ऊपर वाले फ्लोर की तरफ चल दिया ।

तीनों सोमनाथ, धर्मवीर और पूजा लिफ्ट से न जाकर सीढ़ियों से चल रहे थे । आगे आगे सोमनाथ और पूजा थे पीछे पीछे धर्मवीर चल रहा था ।

चलते चलते जैसे ही धर्मवीर की नजर पूजा पर पड़ी उसका मुह खुला का खुला रह गया ।

उसने देखा कि पूजा तो उपासना को भी पीछे छोड़ गई है अपनी जवानी की तुलना में।

धर्मवीर ने ध्यान से देखा कि पूजा चलते वक्त बिल्कुल ऐसी लगती है जैसे दो बच्चो की मां हो ।पूजा को देखकर कोई नही कह सकता कि वो कुंवारी है।

पूजा के चूतड़ों का हिलना ही बता रहा था कि उसने एक नही कई सारे लंडो के बीच मे खेल खेले हैं । उपासना की गांड में पूजा के मुकाबले काफी कसाव था शादीशुदा होने के बावजूद भी । जबकि पूजा की गांड में वो कसाव नही था जो कंवारी लड़कियों में होता है। पूजा की गांड कुछ ढीली और फैली हुई सी प्रतीत हो रही थी ।

उसकी जांघो को सही से तो नही देख पाया धर्मवीर क्योंकि सलवार ढीली थी पर इतना उसने सोच लिया था कि गांड के हिसाब से जांघे मोटी होंगी जो चूत को छुपकर रखती होंगी ।

इतना सोचते सोचते सभी ऊपर पहुंच गए ।

तीनों जाकर हॉल में बैठ गए।

धर्मवीर सोमनाथ जी के सामने बैठा था और पूजा साइड में। स्टूल रखा हुआ था उस पर जैसे ही पूजा बैठी तो पूजा के चूतड़ दोनों तरफ फैल गए और स्टूल उसके चूतड़ों में धंस गया ।

यह देखकर धर्मवीर के मुंह में पानी आ गया सोचने लगा काश इस स्टूल की जगह मेरा मुह होता , तभी सोमनाथ जी ने धर्मवीर की ओर देखते हुए पूछा कि मैं जानना चाहता हूं आखिर बात क्या है ।

इस घर में चल क्या रहा है है रहा है है ।

धर्मवीर खामोश होते हुए कुछ सोचने लगा और फिर बोलने लगा - बात दरअसल ऐसी है समधी जी कि मेरा बेटा कोई नपुंसक नहीं है, मेरा बेटा हष्टपुष्ट है, लंबा तगड़ा है किंतु उसके वीर्य में बच्चे पैदा करने की काबिलियत नहीं है।

और यह बात मुझे आज ही पता चला फिर उसने सारी बातें सोमनाथ जी को बताई कि किस तरह उस बाबा ने उन्हें बताया ।

घर डूबने से लेकर आने वाले भविष्य की भविष्यवाणी को बताते हुए सारी बातें बताई धर्मवीर ने।

कुछ देर खामोशी छाई रही।

पूजा अपनी नजरें झुका के बस टेबल को देख रही थी ।

रात का 1:00 बज रहा था ।

खामोशी को तोड़ते हुए सोमनाथ जी ने कहा- मैं आपकी बात से सहमत हूं समधी जी।

देखा जाए तो अपने घर की इज्जत को घर में ही रखा है।

और मुझे इससे कोई भी शिकायत नहीं है। ऐसा कहते हुए सोमनाथ में खड़े होकर धर्मवीर के कंधे पर अपना हाथ रखा।

सोमनाथ जी बोले चाय पीने का मन कर रहा है बेटा पूजा तुम जाकर चाय बना लो ।

पूजा चाय बनाने के लिए उठी और किचन की तरफ चलने लगी, उसकी गांड के दोनों तरबूज ऐसे मटक रहे थे कि सोए हुए लंड भी खड़े हो जाए ।

सोमनाथ ने बताया कि वो और उसकी बेटी पूजा इधर रास्ते से गुजर रहे थर तो सोचा उपासना से मिलता चलूं ।

जैसे ही मैन गेट पर आया तो गटर खुला हुआ था। फोन करना फिर जरूरी नही समझा।

और मैं अंदर आया तो ग्राउंड फ्लोर पर कमरे से तेज रोशनी आरही थी । कमरे में खिड़की से देखा तो आप उपासना के मुह में अपना वो फँसा रहे थे।

धरवीर ने जैसे ही सोमनाथ के मुह से ये सुना वो हैरान और अचंभित रह गया ।

धर्मवीर सोचने लगा कि उपासना को चोदते हुए समधी जी ने पूरा देख ही लिया है तो इसमें शर्माना क्या।

धर्मवीर बोला - हां उपासना बेटी का मुंह थोड़ा कम खुल रहा था जिस वजह से थोड़ा टाइट गया ।

सोमनाथ - वैसे बेटी आपको झेल लेगी इसकी उम्मीद बिल्कुल नही थी।

धर्मवीर ऐसी बाते सुनकर थोड़ा खुलकर बात करने के मूड में था ।

धर्मवीर बोला - नही ऐसी उम्मीद आपकी गलत थी क्योंकि उपासना तो मेरे जैसे दो को बराबर टक्कर दे सकती है । बस शुरू में थोड़ा दिक्कत हुई उसे।

सोमनाथ - अच्छा ऐसा क्या दिखा समधी जी को अपनी बहू में ।

धर्मवीर - सोमनाथ जी उपासना की जवानी जिस तरह फटने को बेताब है आप देखकर ही अंदाजा लगा सकते है कि ये बिस्तर पर हारने वाली चीज नही है । ऊपर से ही सुशील और संस्कारी दिखती है पर जब अंदर की रांड जगती है तो पिछवाड़ा उठा उठाकर पूरा लंड लेती है ।

सोमनाथ अपनी बेटी के बारे में ऐसी बात सुनकर गरम हो रहा था क्योंकि उसने भी देखा था किस तरह उपासना पूरा लंड खा गई थी।

सोमनाथ - अब आपकी बहु है कुछ भी कह लीजिए ।

धर्मवीर - हांजी समधी जी देखिए आगे क्या होता है वैसे मैने अपनी ताकत लगाकर बहु के अंदर बीज डाला है।

सोमनाथ -समधी जी बताना तो नही चाहता पर दिल नही मान रहा अभी कुछ दिन पहले अपनी छोटी बेटी पूजा को एक लड़के के साथ पकड़ा था मैंने। वो लड़का 15 साल का था , उसका लंड लगभग 4 इंच का था।

धर्मवीर यह सुनकर सोचने लगा कि पूजा तो वैसे भी देखने मे औरत ही नजर आती है पूजा पर चढ़ने के ये मौका अच्छा है ।

धर्मवीर - हां पूजा को देखकर ही लगता है कि बेटी की नथ उतार चुका है कोई ।

सोमनाथ - हम्म मुझे भी लगता है ।

पूजा जाकर चाय बनाने लगी तभी सोमनाथ जी ने कहा कि मुझे आपके कार्य से कोई एतराज नहीं है। और यह बात मैं बेटी को भी कहना चाहता हूं कि उसने भी अपने घर की इज्जत के लिए किया है । आप उपासना बेटी को भी बुला लीजिये।

यह सुनते ही धर्मवीर ने उपासना को फोन किया और ऊपर आने को कहा हॉल में ।

उपासना ने डरते हुए आने के लिए हां कह दिया और फोन रख दिया।

उपासना उठी और ऊपर की तरफ चलने लगी लेकिन जैसे ही उठकर वह चलने चलने लगी उसकी आंखों के सामने अंधेरा हो गया ।

क्योंकि एक भयंकर चुदाई उसकी हुई थी उससे खड़ा नहीं हुआ जा रहा था।

उसने जैसे तैसे धीरे धीरे चलना शुरू किया ।

उसने जल्दी से सजे सूट सलवार पहना और लिफ्ट से ऊपर आगयी लड़खड़ाते हुए ।

लिफ्ट से निकल के हॉल की तरफ चली तो उसकी चाल देखकर धर्मवीर ने अपनी गर्दन झुकाली और सोमनाथ का मुंह खुला का खुला रह गया ।

उपासना किसी बुरी तरह से चुदी हुई रंडी की तरह धीरे धीरे उनकी तरफ बढ़ रही थी।

उपासना के चेहरे पर काजल फैल गया था ।उसके होठों का लिपिस्टिक उसके होठों के आसपास था जो कि बिल्कुल हल्का हो गया था ।

जैसे ही टेबल के पास आई उपासना बैठने को बैठते बैठे फिर लड़खड़ा गयी ।

तभी पूजा चाय बना कर ले आई और सब लोग चाय पीने लगे ।

सोमनाथ जी ने उपासना की ओर देखते हुए कहा कि बेटा समधी जी ने मुझे बताया है और इसमें तुम्हारी गलती नहीं है।

मैं तुम्हारे फैसले का स्वागत करता हूं इतना सुनकर चुदी-चुदाई उपासना जो अपनी फटी हुई चूत लेकर वहां बैठी थी वह धीरे से शरमा गई ।

सोमनाथ जी ने माहौल को ज्यादा सीरियस ना बनाते हुए धर्मवीर से कहा कि समधी जी आपने मेरी बच्ची को मार ही डाला ।

उसकी हालत क्या कर दी आपने।

धर्मवीर - सोमनाथ जी आपकी बच्ची ने ही न्योता दिया था हमे तो ।

यह सुनकर पूजा और उपासना दोनों शर्म से लाल हो गयी।

सोमनाथ चलो बेटा तुम हमारे सोने का इंतजाम करो मैं और समधी जी साथ ही सोएंगे आज।

ऐसा सुनकर उपासना और पूजा उठकर चली गयी। जातर वक्त दोनों रंडियों की गांड ऐसे हिचकोले ले रही थी जैसी किसी बड़े तगड़े लौड़े की ख्वाहिश कर रही हों ।

सोमनाथ और धर्मवीर भी अब आपस मे खुलने लगे थे ।

दोनों हॉल में बैठे बातें कर रहे थे आधा घंटा हो चुका था।

उधर कमरे में जाते ही पूजा हंसकर कहने लगी - दीदी आज तो लगता है किसी मर्द से पाला पड़ गया है चाल भी बदल गयी ।

दोस्तो उपासना और पूजा बहन होने के बावजूद आपस मे बहुत फ्रेंडली थी।

उपासना शर्माते हुए।

उपासना - इस मर्द के निचे तू आजाती तो आंखे बाहर आजाती समझ गयी । मैं थी जो झेल गयी ।

पूजा - शर्माते हुए - आंखे तो बाहर नही आती पर पिछवाड़ा जरूर बाहर निकल जाता ।

उपासना - बड़ी बदमाश हो गयी है और तेरी बदमाशी की गवाही तेरे ये ढोल से चूतड़ दे रहे है।

पूजा - चूतड़ तो दीदी आपके भी ढोल से कम नही है । ऐसा लगता है किसी के मुह पर बैठ गयी तो मुह दिखना बैंड हो जाएगा ।

उपासना - चल बाद में बातें करेंगे अपने कमरे में चलकर अब दोनों पापा का बिस्तर लगा दिया है उनको सोने के लिए बोलकर चलते है ।

दोनों उठकर धीरे धीरे हॉल की तरफ आने लगी ।

लेकिन जैसे ही हॉल में आने को मुड़ी अचानक धर्मवीर के हंसने की आवाज आई ।

इतना खुधनुमा माहौल देखकर उपासना पूजा को इशारा करते हुए पीछे को हट गई और दोनों बहन छुपकर सुनने लगी ।

धर्मवीर - बात तो अपने सही कही सोमनाथ जी । दोनों ही बहन एक से बढ़कर एक हैं।

सोमनाथ - तो बताइए समधीजी कैसा लगा मेरा प्लान।

धर्मवीर - प्लान तो अपने ठीक बनाया है लेकिन डर यही है कि पूजा मुझे झेल पाएगी या नही।

सोमनाथ - और मुझे डर उपासना का है कि वो झेल पाएगी अपने पापा को या नही क्योंकि मेरा लंड भले ही आपसे थोड़ा पतला हो लेकिन पूरे दो इंच लंबा है।

धर्मवीर - तो फिर कल दोनों बहनों की चीखें गूंजेंगी इस घर मे। कल दोनों को गोद मे उठा उठा कर बारी बारी से उनकी चूतों का भोसड़ा बनाएंगे दोनों। देखते है कौन सी बहन चुदाई समारोह में लंडों को चूतड़ उठा उठाकर लेगी।

उधर पूजा और उपासना को कानों पर विश्वास नही हो रहा था । की उनके ससुर और पापा मिलकर उनकी चूतों और गांड का छेद चौड़ा करने का प्लान बना रहे त

है।

सोमनाथ - लेकिन कल शाम तक दोनों को इस बारे में कुछ पता नही चलना चाहिए।

धर्मवीर - बिल्कुल पता नही लगेगा सोमनाथ जी इतना तड़पा देंगे कुतियाओ को खड़ी खड़ी मूतने लगेंगी । तड़पकर खुद ही कहेंगी कि-

अपने लंडों से हमारी चूतों को अब भर दो,

अपने लंडों से हमारी चूतों को अब भर दो,

कल क्या हो किसने देखा हमारी चूतों का भोसड़ा आज और अभी करदो।

सोमनाथ - शायरी तो अच्छी करलेते हैं समधीजी। चलिए अब बिस्तर लग गया होगा चलकर बात करते हैं।

ऐसा कहते हुए दोनों खड़े हुए और कमरे की तरफ चलने लगे ।

उधर पूजा और उपासना भी हॉल की तरफ आने लगे अनजान बनते हुए जैसे उन्होंने कुछ नही सुना हो।

पूजा - पापाजी बिस्तर लग गया है । मैं और दीदी भी सोने जा रहे है।

पूजा और उपासना कमरे में आकर ।

उपासना - ले पूजा अब तो तैयार हो जा कल को मेरे ससुर का लौड़ा लेने के लिए।

पूजा यह सुनकर लाल हो गयी और कहने लगी ।

पूजा - आप भी तैयार हो जाइये पापा से चुदने के लिए ।

उपासना- लेकिन पूजा हम भी इतनी आसानी से उनकी बातों में नही आएंगे । जैसे वो हमें खड़ी खड़ी मुताना चाहते है हम भी इतना तड़पाएँगे कि खड़े खड़े ही पानी छोड देंगे उनके लंड।

पूजा - हां ये सही रहेगा दिनभर तड़पाएँगे दोनों को।लेकिन दीदी मेरी चूत पर तो काफी घने बाल है कल मुंहे हेयर रिमूवर दे देना।

उपासना - ये तो और भी अच्छी बात है क्योंकि तू नही जानती मंझे हुए खिलाड़ी जब चोदते हैं तो घनी झांटो में जाता हुआ लंड उन्हें बहुत प्यारा लगता है और ऐसी चुदाई करते है कि रंडी को भी हिलाकर रख दें।

इस तरह दोनों बातें करती हुई कल का इंतजार करते हुए सो गयीं।

*********

दोस्तों कहानी कैसी चल रही है कोई सुझाव हो तो जरूर देना। कहानी आगे जारी रहेगी। सपोर्ट के लिए दिल से धन्यवाद।

*********
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