Hindi Porn Kahani अदला बदली
10-21-2018, 11:46 AM,
#1
Sad  Hindi Porn Kahani अदला बदली
अदला बदली 

दोस्तो मेरी ये कहानी दूसरे फोरम पर चल रही है और जब मैं इस साइट का रेगयुलर रीडर बन ही चुका हूँ तो मैने सोचा कि इस फोरम पर भी स्टार्ट कर देता हूँ . अगर आपका सहयोग मिला तो और भी कहानियाँ हैं है मेरे पास .

आपने बीवियों की अदला बदली की कई कहानियाँ पढ़ी होंगी, पर क्या आपने कभी ऐसा सोचा हैं की कुछ लोग अपनी बेटियों की भी अदला बदली कर सकते हैं? 
मैं एक ऐसी कहानी लेकर आप सबके सामने आ रहा हूँ, शायद आप लोगों को पसंद आए? 
मुझे आपकी कामेंट्स का इंतज़ार रहेगा ।
राज ने अब अपने को सम्भाल कर शालू के लिए जीने का फ़ैसला किया। रानी की मृत्यु पर सब रिश्तेदार आए थे , पर कुछ दिनों के बाद राज के माता पिता और राज की शादीशुदा बहन भी वापस अपने घर चली गयी , सबका अपना परिवार था और अपनी मजबूरियाँ थीं। आख़िर राज को ही अपनी बेटी का ध्यान रखना था ।राज ने सोचा अबतक १ महीने से शालू स्कूल नहीं गयी , शायद स्कूल जाने से उसका मन बहल जाएगा और उसके आँसुओं का बहाव भी रुक जाएगा 
शालू पढ़ायी में ऐव्रिज थी और राज चाहता था की वो ख़ूब मेहनत करे और पढ़ाई में और अच्छा करे ।उसने शालू को ख़ुद घर में पढ़ाने का फ़ैसला किया ।
अब दोनों की दिनचर्या बिलकुल बदल गयी थी, पहले रानी शालू को सुबह तय्यार होने में मदद करती थी, अब उसके जाने की बाद ये ज़िम्मेदारी भी राज ने निभाने की सोची ।
अगले दिन सुबह वो उसके बेडरूम में पहुँचा तो वो अभी भी सो रही थी ,उसने कुछ देर अपनी बेटी के मासूम चेहरे की तरफ़ देखा और प्यार से उसके सर पर हाथ फेरा , और हिलाकर उठाया ।
शालू थोड़ा नींद में बोली, पापा अभी और सोना है।
राज- बेटा , अब उठो स्कूल जाना है ना ,चलो उठो, बाथरूम जाओ।
शालू उठ कर बैठ गयी और बाथरूम की तरफ़ गयी, उसने नाइट सूट पहना हुआ था। थोड़ी देर बाद वो बाथरूम se बाहर आकर हॉल में आयी ,वहाँ उसके पापा ने वहाँ उसे एक ग्लास दूध दिया, वो पीने लगी, फिर राज बोले, चलो नहा लो और फिर ड्रेस पहनो।
शालू- पापा, मेरे स्कूल के कपड़े तो माँ निकालती थी , अब माँ तो है नहीं, कौन मेरी हेल्प करेगा? 
राज- बेटा , मैं निकाल देता हूँ, तुम चलो बाथरूम में जाओ।
शालू बाथरूम में चली गयी, राज ने उसके कमरे की आलमारी खोली , वहाँ थोड़ा ढूँढने पर उसकी स्कूल का टॉप और स्कर्ट मिल गयी,, फिर उसने उसकी पैंटी और शिमिज निकाली । राज जानता था कि वो अभी ब्रा नहीं पहनती है। तभी शालू बाथरूम से बाहर आयी , उसने तौलिया लपेटा था, उसने देखा, की उसके कपड़े वहाँ पलंग पर रखे थे, फिर राज कमरे से बाहर आ गया और वो अपने कपड़े पहन कर बाहर आइ ।राज ने उसके बाल बनाने मैं उसकी मदद की और उसको नाश्ता कराकर स्कूल की बस तक छोड़कर आया।

शालू के जाने के बाद अपने बेडरूम में जाकर। एक अल्बम निकाला और रानी की याद में खोने लगा, फिर उसने अपनी मोबाइल में क्लिप्स निकाली ,ये उसने रानी के साथ बनाई थी, उसमें उन दोनों के कामुक दृश्य थे, जिसे देखकर वो उत्तेजित हो गया और उसने अपना लंड अपने लोअर से बाहर निकाला और उसे सहलाने लगा, उसका ७ इन का मस्त लंड अब बुरी तरह से अकड़ गया था , फिर वो उसे ज़ोर ज़ोर से हिलाकर मूठ मारने लगा। अभी वो झड़ने के क़रीब ही था की घर की कॉलबेल बजी, वो झल्ला गया और उसने लोअर में लंड अजस्ट करके दरवाज़ा खोला, वहाँ एक अधेड़ औरत खड़ी थी, वो बोली,साहब आपका नो ७ है ना, वो बोला, ये आठ नो का मकान है, वो सामने ७ नो है। वो बोली, माफ़ करिए ७ नम्बर वालों ने मुझे काम के लिए बुलाया था, मैं ग़लती से आपके घर आ गई, फिर वो सामने वाले घर में जाने लगी, राज ne उससे कहा, की तुम किसी और बाई को जानती हो, मुझे भी एक बाई चाहिए घर के काम के लिए ।वो बोली, जी मैं अभी मोबाइल करके अपनी एक पड़ोसन को भेजती हूँ।
फिर राज बाथरूम मैं गया और वहाँ नंगा होकर अपनी मूठ मारा और फिर नहाकर तय्यार हुआ।तभी फ़र घंटी बजी, उसने दरवाज़ा खोला, वहाँ एक क़रीब ३० साल की औरत खड़ी थी, उसके गोद में एक छोटा सा बच्चा था,वो सारी में थी और उसका पूरा शरीर ढका हुआ था, सारी से। वो बोली, साहब आपको एक कामवाली चाईहे ना? राज bola, हाँ, अंदर जाओ।वो अंदर आयी ,फिर राज ne उसे बताया कि घर का सब काम करना होगा और खाना भी बनाना होगा,फिर काम का समय और तनख़्वाह तय करके कल आने का कहकर वो चली गयी। फिर राज अपने काम में लग गया, वो घर से ही काम करता था,ऑनलाइन । फिर राज ने खाना बनाया और शालू का इंतज़ार करने लगा ।एक बजे वो आयी और उसके पापा ने उसे अपने बाहों मैं लेकर प्यार किया , और फिर उसे चेंज करने को कहा, वो थोड़ी देर में एक फ़्रॉक पहनकर आइ और उसके पापा ने उसे प्यार से देखते हुए, खाने को कहा, वो दोनों खाने लगे और वो अपने स्कूल की बातें करने लगी, जिसे राज ध्यान से सुन रहा था। खाने के बाद वो दोनों tv देखने लगे और शालू अपने पापा की गोद में केट गयी,और वहीं थोड़ी देर में गोद मैं ही सो गयी। उसका मुँह अब राज के लंड के ऊपर था, राज ने अपने लंड में हलचल महसूस किया और वो शर्म से वहाँ से उठ गया।राज ने उसके ऊपर एक चद्दर दल दी और वो wahan से उठकर बेडरूम में चला गया।

राज अपने बेडरूम में आकर सो गया और शाम ४ बजे उसने चाय बनाई और शालू को उठाने गया, वो सोफ़े पर सो रही थी, उसकी चादर नीचे गिरी हुई थी, उसकी फ़्रॉक ऊपर चढ़ गयी थी, उसकी जवान जाँघें पूरी नंगी हो रही थी, और पैंटी उसके गोल गोल चूतरों को छुपाने में असफल थी। वो एकटक उसे देखता रहा, फिर उसकी आँखें उसके गोल अर्ध विकसित छातियों पर पड़ी, जो फ़्रॉक में फँसी हुए थे, और छोटी सी घुंडियों को भी देख रहा था। उसका लंड लोअर मेंतन गया ।फिर उसकी नज़र उसके मासूम चेहरे पर पड़ी, और उसे अपने आप पर शर्म आइ और उसने प्यार से शालू को उठाया और चाय दी।शालू ने अपने कपड़े ठीक किए, और वो बातें करने लगे। फिर उसने शालू को अपना होम वर्क करने को कहा और ख़ुद दूसरे कमरे में चला गया।
राज सोचने लगा की ये बार बार शालू के लिए उसके मन में एसे कुविचार क्यूँ आ रहे हैं? वो समझ गया की सेक्स ना मिलने के कारण शायद ऐसा हो रहा हो, shayad उसे सेक्स के लिए दूसरी शादी करनी चाहिए , पर फिर बेचारी शालू का क्या होगा? पता नहीं वो सौतेलि माँ उसके साथ कैसा व्यवहार करेगी? 
तभी उसे शालू की आवाज़ आइ और वो उसके पास पहुँचा वो सोफ़े पर पैर उपरकर बैठी थी, और एक बुक से कुछ याद कर रही थी।उसकी पैंटी साफ़ नज़र आ रही थी, राज ne बड़ी मुश्किल से अपनी आँखें वहाँ से आँखें हटायीं और पूछा, क्या हुआ?
शालू- मुझे ये समझा दीजिए, मुझे कल टेस्ट देना है।
राज उसे समझाने लगा फिर क़रीब एक घंटे वो ऐसा ही पढ़ायी किए।

उस दिन और कुछ नहीं हुआ। 
अगले दिन शालू के जाने के बाद सरिता , नई नौकरानी अपने बच्चे के साथ आइ, और अपने बच्चे को एक जगह सुला कर घर की सफ़ाई वग़ैरह में लग गयी, राज भी अपने लैप्टॉप पर काम में व्यस्त था, तभी बच्चा रोने लगा,वो उसे देखने गयी, थोड़ी देर में राज भी उस कमरे मैं कुछ ढूँढते हुए पहुँचा, और वो दृश्य देखते ही रह गया। वो ज़मीन पर बैठी थी और उसका एक दूध बच्चे के मुँह में था। और उसका वो दूध पूरा गोल गोरा और मस्त था, राज लंड एकदम से खड़ा हो गया,तभी उसको अहसास हुआ की कोई वहाँ खड़ा है , उसने बिना झिझके मुझसे कहा, कुछ चाहिए साहब?
राज- हाँ मैं अपना पेन खोज रहा हूँ।
सरिता- साहब, वहाँ टेबल पर है, नीचे गिरा था, मैंने वहाँ रख दिया है।
राज- ओह ठीक है। बच्चा बहुत रो रहा था, सब ठीक है ना? 
उसने बच्चे के बहाने उसकी चुचि घूरते हुए कहा।
सरिता- अरे साहब ये जब भूक लगती है तब बहुत हल्ला करता है। 
तभी बच्चे ने अपना मुँह चुचि से हटा लिया और उसका गीला मोटा दूध बड़े निपल के साथ उसकी आँखों के सामने था। सरिता ने बिना शर्माए आराम से अपनी चुचि को ब्रा के अंदर किया, और उसको ज़मीन पर ही एक बिस्तर पर सुला दिया, और उठने लगी, आह , उसके मस्त भरे हुए चूतरों को देखकर राज एकदम मस्त हो गया और उसने सोच लिया कि इसको तो चोद कर ही रहेगा।

उधर शालू के स्कूल में भी सब नोर्मल चल रहा था, उसने भी पढ़ायी में ध्यान देना शुरू किया। पर वो देखती थी की कुछ लड़के उसको घूरते हैं, ख़ास कर उसकी छोटी छातियों को ।कई बार उसे लगता था कि कुछ टीचर भी उसको घूरते हैं, और बात बात में उसकी पीठ सहलाते हैं,और एक दो तो गाल पर भी हाथ रख देते हैं, शाबाशी देते हुए। फिर उसने ग़ौर किया की उसकी क्लास मैं दो लड़कियाँ थीं, नेहा और निलू जिनको टीचर और सब लड़के ज़्यादा लाइन मारते थे।उसको समझ में आ गया था की वो दोनों सेक्सी दिखतीं थीं, उनकी चूचियाँ शालू से काफ़ी बड़ी थीं , और उनके चूतरों में भी मस्त उभार था। वो दोनों भी मज़े से सबको छेड़ने देती थीं। धीरे धीरे शालू की उन दोनों से दोस्ती होने लगी।वो उसे बेबी कहती थीं,सच में उनके सामने शालू बच्ची ही लगती थी , हालाँकि उम्र में वो दोनों उससे कुछ महीने ही बड़ी थी।
फिर बातों बातों मैं शालू को पता चला कि उन दोनों की भी माँ नहीं हैं।नेहा की माँ कैन्सर से चल बसी थी, और निलू की माँ का तलाक हो चुका था और वो पापा के साथ रहती थी। इस तरह बिन माँ की तीन लड़कियों में bahut दोस्ती हो गयी।
यही हमारी कहानी की नायिकाएँ हैं
इसी तरह जीवन बीतने लगा , और राज की प्यास बढ़ती गयी, और उधर शालू अपनी उन दो सहेलियों के साथ घुल मिल गई । अब तक राज ने सरिता की झिझक दूर कर दी थी,और वो दोनों काफ़ी बातें करने लगे थे। सरिता ने राज को बता दिया था की उसका पति एक कारख़ाने में मज़दूर है और उससे दुगुनी उम्र का है। सरिता से उसने अपनी पहली पत्नी की मृत्यु की बाद शादी की थी । आज राज बहुत उत्तेजित था ,उसने सोचा कि अब शायद सरिता को पटाने का वक़्त गया है। उसने सोफ़े पर बैठकर अपने लोअर में लंड को सेट किया और सरिता से पानी माँगा। वो पानी लेकर आइ।सरिता को देखते हुए उसने ध्यान दिया की वह अब कपड़ों के बारे में थोड़ा लापरवाह हो गई थी।उसकी एक चुचि ब्लाउस से ढकी हुई साड़ी के बाहर थी। उसने पानी पीकर kaha की ज़रा बैठो ना , कुछ बातें करनी है , वो ज़मीन पर बैठने लगी, राज उसका हाथ पकड़कर उसको अपने बग़ल मैं ही सोफ़े पर बैठा लिया और बोला, अब तुम यहीं सोफ़े पर बैठा करो आगे से। फिर बोला, एक बात बताओ तुम्हें पैसे वग़ैरह की कोई ज़रूरत तो नहीं! 
सरिता- जी, मैं समझी नहीं? 
राज- मैं दो तीन दिन से तुमहें परेशान देख रहा हूँ , इसलिए सोचा की पूछ लूँ।
सरिता- जी , अब मैं क्या बोलूँ, इनकी फ़ैक्टरी में हड़ताल हो गयी है और इनको तनख़्वाह नहीं मिली है, इसके कारण पैसे की तंगी चल रही है। उसकी आँखों में आँसूआ गए।
राज ने उसके आँसु पोछते हुए, उसके गाल सहलाए और राज बोला, सरिता मेरे होते तुम्हें पैसे की कभी कमी नहीं होगी ।और उसने अपना हाथ उसके कंधे पर रख कर उसके हाथ और कंधे सहलाने लगा। उसका नरम स्पर्श राज के लंड मेंहलचल मचा रहा था । सरिता बोली, साहब , आप बहुत अच्छे हैं। उसने राज का हाथ नहीं हटाया , और और बोली , साहब नहा लो, फिर मुझे कपड़े धोने है। राज ने कहा , ठीक है, मैं नहाने जा रहा हूँ, और वो दोनों उठाकर कमरे से निकल गए।
राज बाथरूम में जाकर प्लान बनाया की वो तौलिया सरिता से माँगेगा और उसको अपना नंगा बदन दिखाएगा। उसने तौलिया बेड पर रखा और नहाने के बाद अपने लंड पर ठंडा पानी डाला ताकि वो खड़ा ना हो, और उसने सरिता को अवार्ड दी, और तौलिया माँगा। सरिता ने तौलिया लेकर दरवाज़ा खटखटाया और राज ने दरवाज़ा खोला, सामने सरिता तौलिया लेकर खड़ी थी, और उसकी निगाहें जैसे ही राज के नंगे बदन पर पड़ी वो काँप उठी, ख़ास कर उसका लम्बा लंड लटका हुआ भी मस्त दिख रहा था। वो शर्माकर भाग गयी।राज ने कपड़े पहनकर किचन का रूख किया जहाँ वो सब्ज़ी bana रही थी, उसने सरिता को कहा- सारी, तुमने मुझे नंगा देख लिया, तुम नाराज़ तो नहीं हो ना मुझसे?
सरिता- मैं क्यूँ नाराज़ होंगी।आपने जानबूझकर ऐसा थोड़े किया है।
राज- सच तुम बहुत अच्छी हो, मुझे लगा तुम नाराज़ हो गयी होगी।
सरिता ने नहीं मैं सर हिलाया , फिर राज उसको धीरे से बोला- तुम्हें मेरा नंगा बदन कैसा लगा?
सरिता शर्मा कर बोली- धत्त, कोई एसा सवाल भी करता है क्या?
राज- मैं तो इसलिए बोला की मेरे बदन में थोड़े बाल ज़्यादा है ना, मुझे मेरी बीवी भालू कहती थी।
सरिता- ठीक तो कहती थी , सच आपके बाल बहुत हैं।
राज- अच्छा एक बात पूँछु नाराज़ नहीं होना।
सरिता- पूछो।
राज- मेरा लिंग कैसा है? तुमहे पसंद आया?
सरिता शर्माकर बोली- हाय राम ऐसे भी कोई पूछता है क्या?
राज- प्लीज़ बताओ ना, कैसा है?
सरिता- अच्छा है।
राज- सिर्फ़ अच्छा है?
सरिता- अच्छा बाबा बहुत अच्छा है।
राज- तुम्हारे लाती का ज़्यादा अच्छा है या मेरा?
सरिता- शर्माकर- आपका।
राज- क्या अच्छा है मेरे में, जो तुम्हारे पति के में नहीं है?
सरिता- आपका बहुत बड़ा है।अब आप जाओ मुझे काम करने दो।
राज- आख़िरी सवाल? तुमने इसे देखकर कुछ हुआ!
सरिता- जयिये हमें काम करने दीजिए ना।
राज ने आगे बढ़कर उसे पीछे से अपनी बाहों में जकड़ लिया और अपने तने लंड को उसके चूतरों पर चिपका दिया, और उसके कमर और पेट को सहलाने लगा। वह आह कर उठी, बोली, छोड़िए ना, ये क्या कर रहे हैं? राज ने उसके गाल और गर्दन में चूमना शुरू किया , वो मचल उठी, पर राज ने अपनी पकड़ ढीली नहीं की, और अपने हाथ उसके मस्त चूचियों पर रख दिए और उसने धीरे से सहलाने लगा। अब उसका विरोध कम होने लगा, फिर राज ने उसको अपनी ओर घुमाया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। वो अब मस्त हो चुकी थी, उसने राज के चुम्बन जवाब देना शुरू किया। राज ke हाथ अब उसके मोटे चूतरों पर पहुँच गए और वो उनका मर्दन कारने लगा।फिर राज ने उसका हाथ अपने लोअर के ऊपर से अपने लंड पर रख दिया, सरिता ने उसे मज़े से पकड़ लिया और दबाने लगी।राज समझ गया अब सब ठीक है, तो उसने सारी के ऊपर से उसकी चूत दबायी, वो आह कर उठी। fir राज ne उसे अपनी बाहों में उठा लिया और बेडरूम की ओर chal पड़ा।
बेडरूम में राज ने सरिता को बिस्तर पर लिटाया,और अपने कपड़े खोलने लगा, सिर्फ़ चड्डी में आने के बाद वो सरिता के ऊपर चढ़ गया और उसके होंठ चूसने लगा और उसकी ब्लाउस के ऊपर से चूचियाँ मसलने लगा, सरिता आह कर उठी।फिर उसने सरिता का ब्लाउस खोल दिया और ब्रा के ऊपर से नंगी चूचियों को चूमने लगा,फिर उसने ब्रा भी खोल दी, और उसके दूध से भरे हुई छतियाँ को चूसने लगा, उसके मुँह में दूध आ गया और राज बोला- आज मुझे वो दिन याद आ गए जब शालू पैदा हुई थी और मैं रानी का दूध पिता था, आह कितना मज़ा रहा है।
सरिता- हाय आप तो बच्चे बन गए, चलिए अब बस करिए, मेरे बेटे के लिए भी कुछ छोड़ दीजिए।
राज ने उठकर उसकी साड़ी और पेटिकोट एक झटके में उतार दिया और अब वो सिर्फ़ पैंटी में थी, पुरानी सी, कई छेद वाली, जिसमें से उसकी झाँटें दिख रही थी। उसने पैंटी भी खोल दी, और झांतों से भरी उसकी गुलाबी चूत का छेद देखकर वो उत्तेजित हो गया, और बोला- ये तुमने इतने बाल क्यूँ उगा रखे हैं?
सरिता- क्या करूँ समय ही नहीं मिलता aur इनको तो फ़र्क़ ही नहीं पड़ता, ये तो आते हैं, सिर्फ़ साड़ी उठकर डालते हैं, आठ, दस धक्के मारते हैं, और झड़ जाते हैं,और पलटकर सो जाते हैं। बाल किसके लिए साफ़ करूँ?
राज- सरिता, इसका मतलब तुम्हारा पति तुम्हें शांत नहीं कर पाता? चलो, मैं तुमको आज चूदाइ का asli मज़ा दूँगा, तुम्हें मस्त कर दूँगा, फिर तुम्हारी झाँट भी साफ़ करूँगा, रानी की भी मैं ही साफ़ करता था।
ये कहते हुए उसने अपनी चड्डी खोलकर अपने मस्त लंड main थूक लगाया और चूत पर लंड सेट कर पेल दिया।
वो आह कर उठी, फिर उसने उसे धीरे धीरे चोदना शुरू किया, उसके होंठ चूसते हुए aur उसकी निपल्ज़ मसलते हुए, सरिता मज़े से भर गयी, और उसकी सिसकियाँ कमरे में गूँज रही थी, फ़च फ़च की आवाज़ से कमरा गरम हो गया। क़रीब २० मिनट्स की चूदाइ के बाद वो दोनों साथ ही झड़ गए। और राज और सरिता लेट गए।
उधर शालू अपनी दोनों सहिलयों के साथ बाते कर रही थी, नेहा आज ख़ुशियों मैं थी, उसके पापा ने उसको स्कूटर ख़रीद कर दिया था, शायद दसवीं कक्षा कि वो अकेली लड़की थी, जिसके पास स्कूटर हो गया था, वो बड़े गर्व से अपने पापा की बारे में बता रही थी, की उसके पापा उसको बहुत प्यार करते हैं ।उधर निलू भी अपने पापा की तारीफ़ करने लगी की वो भी उसे बहुत प्यार करते हैं, और उसने अपनी नयी स्पोर्ट्स वॉच उनको दिखायी। शालू को अजीब लगा की उसके पापा ने तो कभी उसको ऐसी महँगी गिफ़्ट नहीं दी।उसके मन में यह विश्वास जागने लगा की शायद उसके पापा उसको इतना प्यार नहीं करते जितना उसकी सहेलियों के पापा उन दोनों से करते हैं। ये बातें उसको परेशान कर रही थीं। 
Reply

10-21-2018, 11:46 AM,
#2
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
उधर राज और सरिता चूदाइ के बाद आराम करके उठे, राज ने सरिता को बाथरूम तक आने को कहा, फिर उसको बोला, की चलो पेशाब कर लो, वो बोली, आप बाहर जाओ, तब राज हँसकर बोला, चलो अब मुझसे कैसी शर्म, बैठो यहाँ टोयलेट में, तब वो बैठ गयी उस Indian टॉलेट में, और आँखें शर्म से बैठ कर पेशाब करने लगी। उसकी चूत से धार निकलने लगी, और सीसी की आवाज़ आने लगी। राज का लंड फिर मस्त होने लगा ये दृश्य देखकर । फिर वो अपनी चूत धोकर उठी, फिर राज अपने लंड को पकड़कर पेशाब करने लगा,वो उसे ध्यान dekh रही थी। फिर वो दोनों एक दूसरे से चिपक गए।फिर वो सरिता को बिस्तर में लेटने को बोला, और ख़ुद एक पुराना कपड़ा और हेयर रेमूवर लेकर वापस सरिता ke पास आया। और उसने सरिता के कमर के नीचे एक पुराना कपड़ा रखा ताकि बिस्तर ख़राब ना हो, फिर उसने सरिता ke घुटने मोड़े, और टाँगें faila कर उसकी चूत को अछी तरह देखा और उसकी चूत पर क्रीम लगाने लगा , फिर उसने जब पूरी चूत में क्रीम लगा दी, फिर उसकी चूतरों को उठाकर फैलाया, और उसकी गाँड़ की छेद के आसपास बालों में भी क्रीम लगायी। फिर कुछ समय इंतज़ार कर उसने रुई se क्रीम साफ़ की और सब बाल निकल गए। बाल निकलने के बाद उसकी चूत चमक रही थी, वो उसके गाँड़ को भी चेक किया वो भी चिकनी और बाल रहित गाँड़ मस्त लग रही थी। फिर वो उसे बाथरूम में ले गया,और उसकी चूत और गाँड़ में साबुन लगाकर अछे से साफ़ किया।फिर पानी से धोकर उसने चूत की चुम्मी ली, सरिता काँप उठी।फिर उसने उसे घुमाया और उसके मस्त मादक चूतरों को दबाया और चूमा और जीभ से गाँड़ के छेद को सहलाया। सरिता का पूरा शरीर काँप उठा। अब उसने उठाकर फिर बिस्तर पर लिटा दिया, उसका लंड लपलपा रहा था।
उधर शालू, निलू और नेहा से बातें कर रही थी।वो दोनों अपने अपने पापा की तारीफ़ों के पुल बाँध रही थीं, और शालू के दिमाग़ में ये बात घर कर रही थी की उसके पापा उससे उतना प्यार नहीं करते, जितनी उसकी सहेलियों के पापा उनसे करते हैं। तभी निलू का फ़ोन बज उठा, और वो बोली, जी पापा , मैं ठीक हूँ, हाँ हाँ नेहा भी मज़े में हैं, जी , अभी बात कराती हूँ । फिर वो फ़ोन नेहा को दी, और बोली, मेरे पापा तुमसे बात करेंगे। नेहा ने फ़ोन लेकर कहा- नमस्ते अंकल, हाँ मैं ठीक हूँ। फिर वो हँसते हुए बोली, छी अंकल क्या बोल रहे हो? धत अंकल , आप भी ना, कहते वो शर्म से लाल हो गयी। फिर वो बोली- अंकल आप बहुत शरारती हो गए हो, कोई लड़की से ऐसा बोलता है, चलो अपनी बेटी को ये सब बोलो।फिर फ़ोन निलू को दे दिया , तभी उसका ध्यान पर गया और वो सकपका गयी।मैं भी हैरानी से ये सब सुन रही थी। तभी निलू अपने पापा को डाँटा और बोली- क्या पापा आप स्कूल में फ़ोन करके ऐसी बातें करते हैं, छी, जाओ, मैं आपसे ग़ुस्सा हो गयी।फिर उधर से उसके पापा क्या बोले, पता नहीं, पर वो हंस पड़ी और बाय कहकर फ़ोन बन्द कर दिया। फिर उसने नेहा के कान में कुछ कहा और वो दोनों खि खि कर हँसने लगी।फिर शालू को हैरान देखकर वो दोनों चुप हो गए । शालू ने उनको पूछा, ऐसे क्या बात बोल दी तुम्हारे पापा ने की तुम दोनों शर्मा रही थी, और नेहा , अंकल तुमको कैसे जानते हैं, और तुमसे कैसे इतना मज़ाक़ कर रहे थे? निलू बोली- अरे ये और इसके पापा तो हमारे पारिवारिक मित्र हैं, क्यूँ नेहा, सही है ना? ऐसा कहते हुए उसने एक आँख मारी, और खि खि करके हसने लगी। शालू काफ़ी हैरान थी, उसे सब कुछ अजीब सा लग रहा थ। उसने सोचा चलो धीरे से इनसे अंदर की बात निकालूँगी।
उधर राज सरिता के चिकने बदन को देखकर बेक़ाबू हो रहा था,उसने सरिता की बालरहित चूत देखी और उसकी टाँगें फैलाकर उसकी चूत को हाथ से सहलाने लगा और बोला- क्या मखकन सी मस्त चूत हो गयी है तुम्हारी, और फिर उसने अपना मुँह उसकी चूत पर रख दिया। अब उसकी जीभ उसके छेद के अंदर बाहर हो रही थी।और उसकी एक ऊँगली में उसने थूक लगाया और उसकी गाँड़ के अंदर ऊँगली दल दी, वो सी सी कर रही थी। फिर राज ने अपनी जीभ से उसके चू त के दाने को मसलना शुरू किया, वो आहकरके उसके मुँह को अपनी चूत में दबा ली, और अपनी कमर उछालने लगी।अब उसकी ऊँगली उसके गाँड़ के अंदर बाहर हो रही थे, थोड़ी देर बाद वो चिल्लायी, आह लंड डालो ना, वरना मैं ऐसे ही झर जाऊँगी। फिर राज ने अपना मूसल उसके मुँह में दे दिया और वो पगलों की तरह उसको चूसने लगी। फिर राज uske ऊपर आया और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया,वो सिसकती हुई बोली, चोदो राजा , ज़ोर se चोदो। राज हैरान था की ऐसे शब्द वो कहाँ से सिखी? पर वो अपने धक्कों में व्यस्त हो गया और ज़बरदस्त चूदाइ के बाद दोनों झर गए। सरिता मस्त हो कर बोली- आज कई साल बाद चूदाइ का मज़ा आया, और राज चूम ली।राज सोचने लगा की सालों बाद का मतलब ? ये ज़रूर शादी के पहले की बात कर रही है। उसने सोचा चलो इससे पूछेंगे कभी।

सरिता की मुलाक़ात शालू से शाम को ही होती थी, जब वो शाम को खाना बनाने आती थी,सरिता का काम का समय सुबह ८ से १ बजे और शाम को ५ से ७ बजे तक था,वहीं शालू का स्कूल ७ से २ बजे का होता था।दोनों मैं ज़्यादा बात नहीं होती थी।शनिवार होने के कारण शालू की छुट्टी थी, और वह घर पर थी, जब सरिता सुबह ८ बजे आयी, राज ने दरवाज़ा खोला और सरिता अंदर आयी,राज ने उसको बाहों में लेकर चूम लिया और उसके बड़े चूतरों पर हाथ फिराया ।फिर वो धीरे से बोला, आज शनिवार है ना इसलिए शालू की छुट्टी है और वो सो रही है।सरिता उससे अलग हो गयी और किचन में चली गयी। राज उसके पीछे किचन में जाकर उसके पीछे से चिपक गया और अपना लंड उसके चूतरों पर रगड़ने लगा और अपने दोनों हाथों से उसकी चूचियाँ दबाने लगा। सरिता ने मचलकर कहा की मुझे काम करने दीजिए , तब राज वहाँ से निकल गया और अपना काम करने लगा। क़रीब ९ बजे राज शालू को उठाने गया, वो अभी भी सो रही थी,उसके कपड़े अस्त व्यस्त थे और उसकी जाँघों तक गाउन ऊपर हो गया था।उसकी गदराई हुई गोल जाँघें देखकर वो कामुक होने लगा, उसका लंड सर उठाने लगा।तभी उसकी निगाहें उसकी गोल चूचियों पर पड़ी,टेनिस के बॉल जैसे थे अभी।उसके छोटे से निपल्ज़ गाउन से बाहर दाने की तरह दिख रहे थे।फिर उसे अपने आप शर्म आयी और वो वहाँ से बाहर आकर सरिता को बोल- जाओ शालू को जगाओ ।
सरिता शालू को उठाने लगी,तो वो नींद में अपनी सहेलियों के बारे में नींद में कुछ बड़बड़ा रही थी और निलू निलू कर रही थी।,उसके जागने के बाद सरिता ने उससे पूछा- बेबी क्या बोल रही थी आप नींद में? निलू आपकी सहेली है? 
शालू- अरे कुछ नहीं,ज़रा मुझे चाय पिला दो ना। यह बोलकर वो बाथरूम में घुस गयी। सरिता चाय लेकर आइ तो वो हॉल में अपने पापा के पास बैठी थी।चाय पीते हुए उसने पापा को अपनी स्कूल की पढ़ाई के बारे में बताया।फिर वो नहाने के लिए गयी, तभी सरिता वहाँ आइ और बोली- बेबी अब तुम बड़ी हो गयी हो, तुम्हें ब्रा पहननी चाहिए, तुम्हारी सहेलियाँ भी तो पहनती होगी।
शालू - मैं भी यही चाहती हूँ,पर पापा को बोलने में शर्म आती है,हाँ मेरी सब सहेलियाँ ब्रा पहनती हैं।
सरिता- चलो मैं साहब को बोल दूँगी, और आपके साथ बाज़ार जाकर ब्रा ले दूँगी।
शालू- धन्यवाद , कहकर नहाने के लिए चली गयी। सरिता हॉल में आकर राज को बोली- साहब, एक बात कहनी है।
राज- हाँ बोलो।
सरिता- साहब बेबी अब बड़ी हो गयी है , उसकी छातियाँ बड़ी हो गई हैं, और वो हिलते हुए दिखती हैं, आप उनको ब्रा दिला दो।
राज- ओह, मैंने तो ये सोचा ही नहीं, हाँ। सच अब उसके दूध बड़े हो गए हैं।
ऐसा कहते हुए वो थोड़ा हिचक गया ,उसे अजीब लगा की ये सोचकर फिर उसका लंड खड़ा हो गया।सरिता का ध्यान भी उसके लोअर से सर उठा रहे लंड लार पड़ी, वो बोली,ये आपका खड़ा क्यूँ हो गया?राज ने बात घुमाते हुए कहा- जब तुम सामने होगी तो वो खड़ा तो होगा ना? सरिता मुस्करयी और बोली- ये मेरे लिए खड़ा हुआ है या अपनी बेटी के बड़े हो रहे दूध का सोचकर खड़ा हुआ है?
राज झेंप कर बोला, ये क्या बोल रही ही, वो मेरी बेटी है।तुम थोड़ी सी देर में बाज़ार उसके साथ जाओ और उसे ब्रा ले दो। यह कर वो अपने लंड को अजस्ट कर अपने कमरे में चला गया।
सरिता और शालू घर के पास की एक दुकान पर पैदल हो गए । वहाँ दुकानदार एक ५० साल का मुस्लिम था।उसने सरिता से कहा- बेटी क्या चाहिए?
सरिता- अंकल जी कोई लेडी नहीं है क्या दुकान में?
दुकानदार- बेटी , है तो अपर अभी वो घर गई है अपने बेटे को दूध पिलाने , आधा घंटा लगेगा उसे आने में।
सरिता- ओह तब तो बहुत इन्तज़ार करना पड़ेगा ?
दुकानदार- बेटी बोलो ना क्या चाहिए , मैं निकाल दूँगा, वैसे भी तुम मेरी बेटी की ही उम्र की हो।
सरिता-(झिझकते हुए) हमें ब्रा चाहिए।कुछ पैंटी भी दिखायीये।
दुकानदार- किसके लिए? तुम्हारे लिए या इस बेबी के लिए?
ऐसा कहते हुए उसने दोनों की छातियों का निरीक्षण किया।
सरिता- पहले आप बेबी के लिए दिखाओ।
दुकानदार-(बेबी को घूरते हुए )मेरा ख़याल है, तुमने अभी ब्रा पहनना शुरू नहि किया है, है ना?
शालू- (शर्माकर) जी हाँ, अभी तक नहीं किया है ।
दुकानदार -तो ऐसा करो तुम ट्राइयल रूम में आ जाओ और मैं तुम्हें २/३ साइज़ की ट्रेनर ब्रा देता हूँ , उसे पहनकर देख लो।वैसे तुम्हारे अभी तो ज़्यादा बड़े नहीं है, तुम्हें इनको बड़ा दिखाने का तो मन नहीं है ना? अगर है तो मैं पैड वाली ब्रा दूँगा। वो बोली ,नहीं अंकल ऐसा कुछ नही है ।
फिर वो मुस्कुराने लगा।
सरिता शालू को लेकर ट्राइयल रूम में आइ, तभी रहमान (दुकानदार) वहाँ हाथ में ३ ब्रा और ३ पैंटी लेकर आया और सरिता को दिया और बोला, बेबी को ट्राई करा दो। सरिता शालू के साथ ट्राइयल रूम में घुस गयी, जो बहुत ही छोटा सा था।उधर रहमान दौड़कर अपने कम्प्यूटर पर आ गया और ट्राइयल रूम में लगे कैमरा आन किया और स्क्रीन में देखने लगा।सरिता ने शालू को टॉप उतारने को बोला, वो टॉप उतार दी, फिर उसने शिमीज भी उतार दी, अब उसके टेनिस बॉल के जैसे दूध नंगे हो गए, और सरिता एक औरत हो कर भी उसकी सुंदरता पर मुग्ध हो गई ।उसके दूध जैसे गोरे रंग और उसका चिकना बदन किसी को भी पागल कर सकता था, और उसकी गोल चूचियाँ और उसकी गुलाबी घूँदियाँ कमाल की लग रही थी।फिर सरिता ने उसकी चूचियों पर ब्रा का कप रखा और पीछे जाकर उसकी पट्टी लगायी , फिर सामने आकर उसकी ब्रा के कप को दोनों हथेलियों में भरकर हिलाया,शालू की आह निकल गयी। वो बोली, आह दुःख रहा है। सरिता मुस्करा कर बोली, ये तो टाइट है, इससे बड़ी ट्राई करो। फिर उसने वो ब्रा खोल दी और दूसरी पहनायी। उधर रहमान का बुरा हाल था, इस कामसिन्न जवानी को देखकर , उसने अपना ८ इंचि लंड बाहर निकला और मूठियाने लगा।
उधर सरिता ने दूसरी ब्रा पहना कर फिर से चूचियाँदबाई और हिलाई, फिर शालू की हाय निकल गयी।इस बार सरिता बोली, बेबी ये साइज़ ठीक है। ठीक है ना? शालू बोली, जी ये ठीक है। फिर अपने आप को शीशे में देखकर वो ख़ुद शर्मा गयी।सरिता ने कहा , चलो पैंटी भी ट्राई करो, ऐसा बोलते हुए उसने उसकी स्कर्ट उठा दी, और आगे झुक कर उसकी पैंटी उतार दी।उसकी कुँवारी चूत में चारों तरफ़ नरम रोएँ जैसे थे और पेड़ू वाले हिस्से में धोडे से काले घुंघराले बाल भी थे।यह देखकर रहमान ने मॉनिटर पर ही अपना लंड रगड़ना शुरू किया।फिर सरिता उसको नयी पैंटी पहनाते हुए बोली- बेबी , तुमने कभी बाल साफ़ नहीं किए क्या? शालू ने ना में सर हिला दिया।सरिता बोली, कोई बात नहीं जब तुम्हारे पापा घर पर नहीं होंगे तो मैं तुम्हारे बाल साफ़ कर दूँगी।शालू को सरिता अब अछी लगने लगी, वो बोली- मैं आपको दीदी बोल सकती हूँ क्या? सरिता ने ख़ुश होकर कहा , हाँ हाँ क्यूँ नहीं।फिर उसने शालू को बोला,ये पैंटी टाइट तो नहीं? सरिता ने देखा की उसकी पैंटी उसकी चूत पर मस्त फ़िट थी, असकी चूत के लिप्स अलग से पता चल रहे थे, फिर उसने शालू को घूमने को कहा, वो घूमी और अब उसके गोल चूतर उसके सामने थे, चड्डी छोटी थी, और उसके चूतरों को आधा ही ढक रही थी। पर सरिता ने उसके नंगे चूतरों पर हाथ फेर कर कहा की बेबी ये ठीक है। ऐसी ३ पैंटी ले लो। फिर वो शालू को कपड़े पहनने को बोलकर बाहर आइ। उधर रहमान ने किसी तरह अपने लंड को अंदर किया और सरिता के पास आकर पूछा-फ़ाइनल कर दिया? तो वो बोली- हाँ कर दिया, अब मेरे लिए भी ब्रा पैंटी दिखाओ।राज ने उससे कहा था, की तुम अपने लिए भी सेक्सी ब्रा और पैंटी ले लेना। और उसे काफ़ी पैसे दिए थे।रहमान सरिता की मस्त बड़ी चूचियों को घूरते हुए बोला- साइज़ बोलिए, वैसी आपकी तो ३८ ही होगी, बड़ी बड़ी दिख रही हैं।वो बोली- आप ठीक गेस किए ।अब रहमान ने ब्रा निकाली तब वो बोली, मुझे पैंटी भी दीजिए, उसने सादी सी पैंटी दिखाई तो वो बोली, कुछ फ़ैन्सी दिखायीये। वो हंस कर बोला- मतलब सेक्सी लिंगरी? फिर उसने चार पाँच पैंटी दिखाई , किसकी सामने की पट्टी छोटी थी, किसीकी पीछे की पट्टी की जगह एक रस्सी ही थी, कोई जालीवाली थी, जिसमें से चूत पक्का दिखेगी।वो मुस्करा कर उनको उठा कर ट्राइयल रूम में पहुँची तो वहाँ शालू पूरे कपड़े पहनकर तय्यार खड़ी थी।सरिता बोली- मैं भी कुछ ले लूँ? शालू ने कहा- हाँ हाँ क्यों नहीं। फिर सरिता उसके सामने ही अपना ब्लाउस खोलने लगी। शालू वहीं ज़मीन से चिपक कर रह गई और आँखें फाड़कर पहली बार एक भरपूर जवान औरत का नंगा बदन देखने लगी। ब्लाउस निकलते ही उसकी ब्रा में क़ैद बड़ी बड़ी चूचियाँ बहुत ही मादक लग रही थीं। रहमान ने फिर मॉनिटर के सामने मूठ मारना शुरू किया।फिर उसने अपनी ब्रा भी खोल दी, उसकी दूध से भरी छातियाँ बहुत सुंदर लग रही थीं और उसके बड़े बड़े निपल्ज़ भी सेक्सी दिख रहे थे, फिर उसने नयी ब्रा पहनी और अपनी चूचियाँहिलाकर ऊपर नीचे करके उसको चेक करने लगी।शालू का मुँह खुला रह गया उसकी मदमस्त चूचियाँ देखकर, वो बोली- दीदी आपकी कितनी बड़ी बड़ी हैं! सरिता हँसकर बोली- तेरी भी बड़ी हो जाएँगी, जब तुम इनको दबवाओगी।शालू बोली- छी दीदी क्या बोलती हो।सरिता ने उसके गाल में चिकोटि काट दी। फिर वो अपना साड़ी और पेटीकोट उठाया और अपनी पैंटी उतार दी, और कुछ देर ऐसे ही रखा ताकि शालू अछी तरह से उसकी नंगी चूत देख ले।शालू की नज़र जैसे ही उसकी बाल रहित चिकनी चूत पर पड़ी, उसकी सुंदरता देखकर वो चकित रह गई।उसकी फुली हुई चूत और बीच में एक मादक कटाव देखकर शालू को लगा उसकी चड्डी गीली होने लगी। फिर सरिता ने पैंटी पहन ली और शीशे में चेक किया। फिर वो घूमकर अपने विशाल चूतरों में फँसी चड्डी को देखने लगी और शालू को बोली- ज़रा चेक करो की ये ठीक है ना? सरिता ने उसके चूतरों पर हाथ फेरा और उनके चिकनेपन से मद होश सी होने लगी।फिर वो बोली , हाँ दीदी ठीक है।फिर उसने झुक कर अपनी पैंटी उतारी और शालू के सामने उसकी गाँड़ का च्छेद आ गया और वी मुग्ध होकर उसको देखने लगी।उधर रहमान उसकी चूत और गाँड़ देख कर मस्त होकर झड़ने लगा और अपना रस मॉनिटर ओर गिराने लगा।फिर सरिता ने बाक़ी चड्डियाँ भी ट्राई की और वो गाँड़ में फँसने वाली रस्सी वाली चड्डी देखकर शालू हंस दी ।फिर सब कपड़े पहनकर वो दोनों बाहर आए। शालू वहाँ टंगे कपड़े देखने लगी और सरिता पेमेंट करने के लिए रहमान के पास आ गयी। रहमान ने बिल थमाया और बोला,आते रहना तुम यहाँ। वो बोली- आप डिस्काउंट तो दिए नहीं। वो बोला- तुम्हारे मस्त बदन के लिए इतने सेक्सी कपड़े दिए हैं, मुझे भी तो कुछ मज़ा मिलना चाहिए। वो बोली- क्या मज़ा चाइए? उसने उसकी चूचियों को देखते हुए बोला- ज़रा इन्हेंतो दबाने दो। वो बोली- देखी बेबी का ध्यान नहीं है, जल्दी से जो करना है कर लो। रहमान को तो मानो जन्नत मिल गई , वो उसकी दोनों चूचियों अपर हाथ रखकर दबाने लगा , सरिता सी सी कर उठी। फिर रहमान ने उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया, सरिता ने मज़े से उसका मोटा लंड पकड़ लिया और दबाने लगी। २ मिनट के बाद सरिता बोली, अब बस करो , फिर किसी दिन देखेंगे। फिर सरिता चलने लगी तो रहमान ने पीछे से उसके दोनों बड़े बड़े चूतरों को दबोच लिया और मनमाने ढंग से दबाने लगा। सरिता आह कर उठी। फिर वो पेमेंट करके जल्दी से शालू के साथ बाहर आ गयी।
Reply
10-21-2018, 11:47 AM,
#3
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
घर पहुँचकर सरिता किचन में घुस गयी और नादान शालू अपने पापा के पास आ गयी जो PC पर अपना काम कर रहे थे। उसको देखकर राज बोला- वाह , हमारी रानी बिटिया आ गयी , बताओ क्या क्या लाई। वो शर्माकर बोली- क्या पापा , आपको तो पता है ना हम अंडर्गार्मेंट्स लेने गए थे, तो वही लाए है ना। राज झेंपता हुआ बोला- हाँ हाँ याद है, मैंने सोचा और कपड़े भी लिए होगे शायद। वो बोली- नहीं पापा, हाँ दीदी ने भी अंडर गर्मेंट्स लिए हैं।फिर अचानक राज ने नोटिस किया की वो पहली बार ब्रा पहनकर उसके सामने खड़ी थी, उसकी आँखें जैसे अपनी बेटी की मस्त छातियों पर जम गई।फिर उसने अपने लंड में हलचल महसूस की,और उसका हाथ पकड़कर अपनी ओर खिंचाऔर बोला- आह आज मेरी बेटी बड़ी हो गयी, उसने ब्रा पहनाना शुरू कर दिया, और उसके गाल चूम लिए।वो शर्माकर अपने पापा से लिपट गई और बोली- पापा आइ लव यू और अपने पापा के गाल को चूम लिया।अब राज के लंड ने बग़ावत कर दी और पूरा खड़ा हो गया।अपनी बेटी की जवानी की ख़ुशबू से वो मदहोश बोने लगा, फिर अचानक उसको लगा की वो ग़लत कर रहा है। तो उसने सरिता को पानी लाने को बोला।शालू बोली- मैं जाकर कपड़े बदल लेती हूँ, और अपने कमरे में चली गई। तभी सरिता पानी लेकर आइ, तो उसने उसे अपने गोद में खिंच लिया और उसके होंठ चूसने लगा। सरिता कसमसाने लगी, और बोलो, बेबी आ जाएगी , छोड़िए ना। फिर राज बोला- क्या ख़रीदा दिखाओ । वो बोली, बाद में देखना , पर वो ज़िद करने लगा तो सरिता ने अपनी साड़ी और पेटीकोट एक साथ उठा दिया और अपनी सेक्सी पैंटी उसको दिखाई , जिसमें से जाली के कारण पूरी चूत दिख रही थी।फिर वो घूमकर अपना पिछवाड़ा भी दिखाई और पूरी नंगी गाँड़ और उसने फँसी एक रस्सी देखकर राज बहुत गरम हो गया, और झुक कर उसके चूतरों की मिट्ठि लेने लगा। साथ ही उसको घुमाकर चूत भी चूमने लगा चड्डी के ऊपर से। सरिता ने बड़ी मुश्किल से अपने आप को छुड़ाया और साड़ी नीचे करके वहाँ से भाग गई। राज बहुत गरम हो चुका था, पर उसको पता था की शालू के रहते आज सरिता की चूदाइ सम्भव नबी है, ये सोचकर वो बाथरूम में घुसकर मूठ मारने लगा और सरिता की चूत और गाँड़ की कल्पना करने लगा, तभी अचानक उसकी आँखों के सामने शालू की ब्रा में क़ैद चूचियाँ भी दिखने लगी, और वो झड़ने लगा।

सरिता खाना खिलाकर चली गयी,और राज और शालू भी लेट गए।शाम को सरिता फिर आकर चाय पिलाकर खाना बनाने लगी और शालू अपने पापा की मदद से पढ़ाई करने लगी। फिर क़रीब ६ बजे शालू बोली, पापा चलो कहीं घूम कर आते हैं। फिर कुछ देर बहस के बाद पार्क का कार्यक्रम बना, और वो सरिता को खाना बना कर घर जाने को कहकर पार्क जाने के लिए तय्यार होने लगे। राज ने एक त शर्ट पहनी जींस के साथ और शालू अपनी नयी ब्रा के साथ टॉप और जींस में आ गयी तय्यार होकर। कर से वो पार्क पहुँचे तो वहाँ कई लोग टहल रहे थे, बच्चे झूला झूल रहे थे। राज भी यहाँ कई साल बाद आया था। वो दोनों एक पूरा चक्कर लगाए पार्क का, शालू काफ़ी बातें कर रही थी, अपने स्कूल के बारे में,तभी वो एक पार्क के सुनसान जगह पर पहुँचे और वहाँ का नज़ारा देख कर राज ठिठक गया। यहाँ पर कई जोड़े अलग अलग बेंचों पर, और पेड़ के पीछे और झाड़ियों के पीछे अस्त व्यस्त कपड़ों मैं एक दूसरे से लिपटे बैठे थे । कई चुम्बन ले रहे थे, कई खुले आम चूचियाँ दबा रहे थे, कुछ लड़कियाँ अपने लड़कों se चिपकी हुई थीं। राज ने बौखला कर शालू को देखा, वो हैरानी और कुतूहल से ये सब देख थी,उसकी आँखें फटी जा रही थी। फिर राज कहा, चलो यहाँ से, और दूसरी तरफ़ मुड़ गया,पर उधर और बुरा हाल था।वहाँ तो कुछ झाड़ियों में और भी ज़्यादा तमाशा चल रहा था। तभी एक बेंच पर तो हद हो गयी,वहाँ एक लड़की एक लड़के के गोद में मुँह रखकर अपना सर ऊपर नीचे कर रही थी, राज समझ गया की वो लंड चूस रही है। शालू भी आँखें फाड़कर ये सब देख रही थी, राज का लंड अब तन गया था ।थोड़ी दूर जाने पर एक झाड़ी में से आह आह उफ़ उफ़ की आवाज़ आ रही थी,वो दोनों उधर देखे, वहाँ एक लड़की एक पेड़ सहारे झुक कर खड़ी थी उसकी सलवार नीचे पड़ी थी,और एक लड़का उसकी चूदाइ कर रहा था ।उसके नंगे चूतर आगे पीछे हो रहे थे। राज ne देखा शालू की छाती ऊपर नीचे हो रही थी ,उसकी साँस फूल रही थी ।राज शालू को लेकर जल्दी से वहाँ से बाहर आकर कार में आकर बैठ गए, उनका लंड अभी भी तना हुआ था,शालू अभी भी झटके में थी। राज ने देखा कि शालू शॉक में थी, तब वो बोला-बेटी, मैं समझ सकता हूँ कि तुम परेशान हो, पर तुम्हें ये समझना चाहिए कि दुनिया में सब तरह के लोग होते हैं। 
शालू- पापा, क्या लोग इतने बेशर्म भी होते हैं, कि खुले में ऐसा नंगे हो जाते हैं ?
राज- बेटी, कई लोगों के घर में जगह की कमी होती है इसलिए वो ये सब बाहर करते हैं।
शालू- पापा मुझे तो वो सब देखकर बहुत शर्म आ रही थी।
राज- बेटी, ये सब तो नैचरल है, सब लोग ये करते हैं,इसमें सबको बहुत मज़ा आता है।
ये कहते हुए उसका लंड और कड़ा हो गया , फिर उसको समझ आया की वो एक तरह से अपनी बेटी से सेक्स चैट कर रहा है , उसे अपराध भावना होने लगी । 
शालू- पापा, उस लड़की को दर्द हो रहा था ना, तभी वो आह आह कर रही थी ना?
राज को लगा की वो झड़ जाएगा उत्तेजना से। उसने अपने लंड को पैंट में अजस्ट किया और बोला- नहीं बेटी, वो मज़े से चिल्ला रही थी, दर्द से नहीं। तुम इस सबके बारे में सरिता से पूछ लेना, वो तुम्हें समझा देगी। राज ने सोचा की अब ये सेक्स चैट बंद होनी चाहिए । वो बोला- चलो अब घर आ गया , और दोनों खाना खाकर सोने गए।राज ने मूठ मारा , उसके आँखों के सामने बार बार शालू का हैरत भरा चेहरा आ रहा था। उधर शालू की नींद भी उड़ गयी थी, उसकी आँखों से वो कामुक दृश्य जा ही नहीं रहे थे , उसके हाथ अपनी पैंटी पर चला गया, जहाँ उसे अजीब सी फ़ीलिंग हो रही थी ।फिर वो बड़ी मुश्किल से सो पाई। उसने सोच लिया था कि कल दीदी से बात करूँगी ।
सुबह वो स्कूल चली गई और लंच ब्रेक में वो अपनी सहेलियों के साथ कैंटीन में एक टेबल पर लंच ले रही थी। उसकी सहेलियों ने उसे ब्रा पहन्ने पर बधाई दी, तो वो शर्मा गई ।फिर शालू ने उन्हें पार्क की बातें बताईं, तो वो दोनों हँसने लगी, उनकी बातों से ये शालू को पता चल गया की वो दोनों इन सब बातों को समझती हैं। 
शालू ने भोलेपन से पूछा- पर एक बात बताओ, वो लड़की बेंच के नीचे बैठकर उस लड़के की नुन्नी को मुँह में लेकर क्यूँ चूस रही थी? और वो दूसरी लड़की जो पेड़ का सहारा लेकर झुकी हुई थी, मज़े से आह कर रही थी, पर मुझे लगा की उसे दर्द हो रहा है, तब पापा ने बताया की वो मज़े से चिल्ला रही थी। 
शालू की बात सुनकर वो एक दूसरे को अर्थपूर्ण नज़रों से देखने लगीं, और निलू बोली-तुम्हारे पापा ऐसा बोले, की वो मज़े से चिल्ला रही थी?
शालू- हाँ, वो ऐसे ही बोले थे।
निलू- और तेरे पापा क्या बोले? वो और भी कुछ समझाए क्या?
शालू ने नहीं में सर हिलाया और बोली- आज मैं सरिता दीदी से सब समझूँगी, शाम को। अगर तुमने कुछ समझाना है तो बोलो ना?
नेहा- अरे तुम सरिता से ही समझ लेना, चलो क्लास मे चलें।
फिर सब क्लास को ओर चल पड़े। 
उधर राज ने सरिता के आते ही उसकी धमाकेदार चूदाइ की , और जब वो उसका लंड चूस रही थी , तब उसने फिर पार्क की बातें उसको बताई ,और कहा कि वो शालू को ये सब समझा दे ,क्यूँकि वो बहुत हैरान हो रही थी। सरिता ने मुँह उसका लंड निकालकर कहा- क्या उसको। चूदाइ के लिए तय्यार करूँ? 
राज ने उसका मुँह फिर से अपने लंड पर दबाकर बोला-धट, मेरा ये मतलब नहीं है, पर उसको ये सब समझना चाइए ना?
स्कूल से घर आने पर उसने पापा के साथ खाना खाया और आराम करके होम वर्क किया। शाम को सरिता आइ और उनको चाय पिला दी फिर किचन का काम करने लगी।राज ने ध्यान से देखा की शालू सरिता ke पीछे घूम रही है, उसने सोचा ये पार्क की बातें समझना चाहती है, उसने उन्हें एकांत देने सोची और बोला, बेबी मैं ज़रा काम से raha हूँ ,१/२ घंटों में आ जाऊँगा ।जाते जाते सरिता को इशारा किया की वो उसे समझा दे, जो usne बोला थ। फिर वो बाहर चला गया।

राज के जाने के बाद शालू सरिता के पास किचन में आइ, फिर थोड़ी देर इधर उधर की बात की, फिर वो पार्क की बातें करने लगी।उसने सरिता को बताया की वो जब अपने पापा के साथ पार्क गयी थी , तो वहाँ क्या कुछ देखा उसने।सरिता को तो राज पहले ही सब बता चुका था, फिर भी वो अनजान बनकर सब सुनी। 
शालू- दीदी मैं तो हैरान रह गई , सब कितने बेशर्म हैं, वहाँ खुले में नंगे होकर गंदे काम कर रहे थे।
सरिता- बेबी,तुम्हें एक बात समझना होगा, की ये गन्दा काम नहीं है, दर असल ये तो शरीर की ज़रूरत है, जिसे सबको पूरी करनी पड़ती है।
शालू- ये कैसी ज़रूरत है, की पार्क में नंगा हो जाएँ?
सरिता- बेबी कई लोगों के पास घर में जगह नहीं होती, कुछ लोगों की शादी नहीं होती, कई बार लड़के और लड़की के पास काम या पैसा नहीं होता, तो वो मजबूर होकर ऐसे खुले में अपने शरीर को शांत करते हैं। वो सब मजबूर लोग हैं।
शालू- तो क्या वो जो कर रहे थे, वो ग़लत नहीं था? मैंने सुना है कि ये सब काम शादी के बाद ही करना चाहिए, पर वो तो शादीशुदा नहीं लग रहा था, वो तो मेरे जैसे स्कूल और कॉलेज के लड़के लड़कियाँ लग रहे थे।
यह सुन कर सरिता सोच में पड़ गयी। वो सोच रही थी कि इसे क्या ज्ञान दूँ, सही या ग़लत?
सरिता- देखो, ये सही है, कि ये सब काम शादी के बात होना चाहिए, पर कई बार लड़के लड़कियाँ ये सब शादी के पहले भी कर लेते हैं।आजकल इसको बहुत ग़लत नहीं समझा जाता, पहले की बात कुछ और थी।
शालू- पर दीदी वो आह आह क्यूँ चिल्ला रही थी? क्या उसे दुःख रहा था? पापा बोले कि वो मज़े से चिल्ला रही थी। ये सच है क्या? क्या ऐसा होता है?
सरिता- ओह बेबी, तुम्हारे पापा सच कह रहे थे की इस काम में बहुत maza आता है, इसलिए वो चिल्ला रही थी।
शालू- और वो लड़की उसकी नुन्नी क्यों चूस रही थी? उसकी गंदी सुसू वाली जगह को क्यों चूस रही थी?
सरिता- बेबी, उसको नुन्नी नहीं कहते उसको लंड कहते हैं, जब लड़का जवान हो जाता है,तो उसका वो बड़ा हो जाता है।
शालू- छी दीदी आप तो गंदी गाली बोल रही हो।
सरिता- नहीं, उसको इसी नाम से बुलाते हैं, और उसको छूने, पकड़ने और सहलाने में लड़कियों को बहुत मज़ा आता है, और कई लड़कियाँ उसे चूसती भी हैं।
शालू- क्या आपने अपने पति का चूसा?
सरिता सोची, की बेबी मैं तो तेरे पापा का भी चूसती हूँ, पर वो सामने se बोली- हाँ बेबी, मैं भी चूसती हूँ, अपने पति का लंड। और मुझे बहुत मज़ा आता है।
शालू - ओह, जब आपके पति आपसे ये काम करते हैं तो क्या आप भी चिल्लाती हो?
सरिता हंस कर बोली- हाँ सब लड़कियाँ ऐसे ही मज़ा लेकर चिल्लाती हैं।और जब tumhare पापा karte hain मैं बहुत चिल्लाती हूँ। ऐसा बोलते ही वो हड़बड़ा गयी, हे। भगवान ये मेरे मुँह से क्या निकल गया?
पर तीर कमान से निकल चुका था, शालू हैरान रह गयी, बोली- आप पापा के साथ भी ये काम करते हो?
सरिता- नहीं नहीं, ये तो मैं ऐसे ही बोल गयी।
Reply
10-21-2018, 11:47 AM,
#4
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
पर शालू के दिल में विश्वास बैठ गया की ज़रूर कुछ दाल में काला है! उसने सोचा कि सरिता और पापा के बारे में पता करना पड़ेगा। पर कैसे पता करे, क्या पापा से पूछे, नहीं ये सही होगा। उसने सोचा चलो देखा जाएगा। सरिता परेशान हो गयी, की ye मैंने क्या बोल दिया। इसलिए वो सोचने लगी कि कुछ करके शालू का विश्वास जितना पड़ेगा।वो बोली,
सरिता- देखी बेबी, जब कोई मर्द औरत से प्यार करता है तो वो उसके शरीर को सहलाता है, और इसमें औरत को बहुत मज़ा आता है , ख़ासकर जब आदमी औरत की छातियों को सहलाता है, तो औरत को बहुत मज़ा आता है। ऐसा कहते हुए, सरिता ने शालू की चूचियों पर हाथ रख दिया , शालू को तो जैसे बिजली का झटका लगा, वो हैरानी se सरिता को देख रही थी , फिर सरिता ने हल्के से उसकी चूचियाँ दबायीं, वो आह करने लगी,तब सरिता बोली- बेबी दर्द हुआ क्या? 
शालू- नहीं तो। सरिता- फिर चिल्लायी क्यों? मज़े से चिल्लायी ना? शालू- ( शर्माते हुए) हाँ मज़ा आया।
सरिता- ऐसे ही जब औरत चूदवाती है ना ,तो उसे बहुत मज़ा आता है, समझी बेबी?
शालू- हाय, दीदी, आपने फिर गाली दी? क्या हो गया है आपको?
सरिता- बेबी इस काम को, यानी आदमी और औरत के मिलन को,चूदाइ ही कहते हैं।
शालू- ओह ऐसा क्या? पर ये नाम तो कोई नहीं लेता, सब इसे गाली कहते haain।
सरिता- बेबी, आज ke लिए इतना ही सीख लो, की चूदाइ के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। समझी?
शालू ने हाँ में सर हिलाया। तभी राज आ गया और सरिता को किचन में छोड़कर बाहर aa गयी।
जब शालू अपने कमरे में गयी, तो राज ने सरिता की चुचि दबाते हुए पूछा - शालू se पार्क के बारे में बात हुई क्या?
सरिता उसका लंड दबाकर बोली- हाँ,सब बात हो गई । फिर आँख मारकर बोली, बेबी अब सब समझने लगी है, जल्द ही मज़ा लेगी। राज बोला - क्या बकती हो, अभी वो बच्ची है। सरिता- उसकी चूचियाँ तो मस्त हो गयी हैं , मैंने आज उनको दबाया था, तो उसको बहुत मज़ा आया। राज- क्या? ये क्यों किया।इसकी क्या ज़रूरत थी?
सरिता हँसते हुए बोली की तुम मेरा क्यों दबाते हो? और हाहा कह किचन में भाग गईं।
फिर खाना लगाकर वो अपने घर चले गयी। रात को खाना खाते समय राज की आँखें कई बार शालू की छातियों पर गयीं , और वो सोचने लगा कि आज इनको सरिता ने दबा कर मज़ा लिया है, ये सोचकर उसका लंड कड़ा होने लगा। बाद में खाना खाकर वो सोने चले गए।राज ने आज फिर मूठ मारी, उसके सामने शालू की छातियाँ तनी हुई दिख रही थीं।
अगले दिन शालू स्कूल गयी, तो लंच में तीनों सहेलियाँ बैठी थीं और बातें कर रही थीं।
निलू- शालू , पार्क की बात समझ में आ गईं ना? और खि खि करके हसने लगी।
शालू- हाँ सरिता दीदी ने कुछ समझा दिया।
नेहा- तो वो लड़की क्यों चिल्ला रही थी, पता चला? 
शालू- हाँ वो सेक्स कर रही थी।
निलू- सरिता दीदी ने सेक्स शब्द बोला था?
शालू- नहीं यार, वो तो चू-- बोली थी।
नेहा- मतलब चूदाइ बोली थी क्या?
शालू हैरानी से पूछी - तुम भी ये शब्द बोलती हो? ये तो गाली हुई ना?
निकु- धत्त, ये गाली नहीं, यही तो मज़े का काम है।
तभी निलू का सेल बज उठा, वो फ़ोटो देखकर बोली, पापा का है, और उसने नेहा को आँख मारी।फिर वो दूर चली गई और अपने पापा से हंस हंस कर बात करने लगी। फिर शालू बोली, मैं क्लास में जा रही हूँ। येकहकर वो चल पड़ी। थोड़ी दूर जाने के बाद अचानक उसे ध्यान आया की किताबें वो वहीं निलू के पास छोड़ आयीं है, तब वो वापस मुड़ी और फिर निलू और नेहा की तरफ़ चल पड़ी। जब वो उनके पास आयी तो उसे ज़ोर ज़ोर से हँसने की आवाज़ आइ,वो ठिठक गई और एक पेड़ ke पीछे से निलू और नेहा की बातें सुनने लगी।वहाँ बग़ीचे में आसपास कोई नहीं था ।उधर निलू का सेल अभी नेहा के हाथ में था और वो निलू ke पापा से बोल रही थी- क्या, अंकल आप भी ना, हर समय मस्ती में रहते हो? आप ये बताओ मेरे जन्म दिन पर आप मुझे क्या गिफ़्ट दे रहे हो। उधर से पता नहीं क्या बोला गया, पर नेहा बोली, हाहा वो मैं हमेशा लेती रहती हूँ, मुँह में और चूत में भी, पर इस साल मुझे आपसे स्पेशल गिफ़्ट चाहिए, हीरे की अँगूठी, उससे कम कुछ नहीं।
मेरा तो मुँह खुला रह गया की ये निलू के पापा से कैसे बात कर रही है, तभी निलू ने अपना सेल वापस लिया और बोली, पापा इस बार आप इसको गिफ़्ट de दो , लेकिन मैं अपने बर्थ डे पर इससे भी महँगी गिफ़्ट लूँगी, अच्छा chalo मैं भी नेहा के पापा से ही ले लूँगी, फिर उधर से कुछ सुनकर बोली, हाँ हाँ लंड भी लूँगी अंकल का और गिफ़्ट भी, जाओ आप अपना लंड ख़ुद हिलाओ। फ़र वो हँसती हुई बोली, चलो बाई लवयू पापा , उधर नेहा ne भी फ़ोन पर कहा- बाई अंकल लव यू । फिर दोनों हँसने लगी, और स्कूल की तरफ़ चल दी। मैं बिलकुल हैरान परेशान स्कूल में अपनी किताब उठा कर आ गयी।
ये कैसी बातें कर रही थी,निलू अपने पापा से और नेहा भी उनसे ही। ये कैसा बाप बेटी का रिश्ता है? उसे सरिता दीदी से समझना होगा की ये सब क्या है? और वो किसी से यह नहीं पूछ सकती थी।
शालू जब घर पहुँची तो पापा ने उससे पूछा कि , पढ़ाई कैसी रही, वो बोली , बढ़िया और फिर उसके पापा ने उसके बालों पर हाथ फेरा और बोले , जाओ कपड़े बदल लो खाना खाते हैं, वो पापा से लिपट गई, उसके पापा ने उसके गाल चूमते हुए कहा, क्या बात बात है? आज पापा पे बड़ा प्यार आ रहा है! वो हँसी और बोली- चलो मैं अभी आती हूँ, भूक लगी है। फिर उसके पापा खाने के टेबल पर इंतज़ार कर रहे थे, वो तय्यार होकर आइ उसने आज एक फ़्रॉक पहनी थी, जिसने से उसकी चूचियाँ अलग से बड़ी बड़ी दिख रही थींऔर गोरी गुदाज जाँघें तो ग़ज़ब ढा रही थीं । राज का लंड झटके मारने लगा , आह क्या मस्त दिख रही है। फिर उसने अपने को कंट्रोल किया और दोनों खाना खाने लगे।फिर वो दोनों tv देख रहे थे, तब राज ने उसको उसकी सहेलियों में बारे में पूछा । वो हड़बड़ा गई , उसे फ़ोन पर सुनी बातें याद आइ पर वो पहले सरिता से इस बारे में बात करना चाहती थी। उसने कहा, सब ठीक हैं, और उठाकर आराम करने चली गयी । राज उसके गोल गोल चूतरों को देखकर अपना लंड अजस्ट करने लगा।
शाम को सरिता आइ तो शालू उसको धीरे से बोली, दीदी मुझे आज आपसे अपनी सहेलियों के बारे में बात मारनी है, पर पापा है ना यहाँन , क्या करूँ । सरिता बोली- तेरे पापा अभी बाहरजाएँगे काम से तब बात देना। फिर उसने धीरे से शालू को अपने से लिपटा लिया और उसके गाल चूम लिए और उसकी दोनों चूचियाँ दबा दी। शालू छी दीदी करके भाग गई , हालाँकि उसके बदन में झुरझूरी आ गई थी। उधर सरिता जाके राज को बाहर जाने को बोली, क्योंकि शालू को उससे प्राइवट बात करनी है, वो उसके चूतरों को दबाते हुए बोला, मेरी बेटी तो बिगाड़ तो नहीं रही हो। वो मुस्करा कर बोली, मैं तो उसे तय्यार कर रही हूँ। वो हँसकर बाहर चला गया।
राज के जाते ही शालू सरिता के पास आइ और बोली- दीदी चलो ना हाल में बैठते हैं, मुझे आपसे बहुत कुछ पूछना है।
सरिता- चलो , गुड़िया रानी जो पूछना है, पूछो ।
दोनों एक ही सोफ़े पर आस पास बैठ गईं!
शालू- दीदी , आज मैंने निलू और नेहा की बातें सुनी।निलू के पापा का फ़ोन आया था ।
और फिर उसने जो जो सुना था , वो सब सरिता को बता दिया।
सरिता- बेबी इसका मतलब ये है की वो दोनों निलू के पापा से मज़ा लेती हैं। ये बता नेहा भी तो कभी ऐसा दिखाई क्या की वो भी अपने पापा से प्यार करती है?
शालू- कई बार , वो दोनों हमेशा ये बात गर्व से कहतीं हैं की उनके पापा उनको बहुत प्यार करते हैं, और उनको महँगे कपड़े स्कूटी मोबाइल और महँगे गहने भी गिफ़्ट करते हैं।
सरिता- इसका मतलब साफ़ है की क्यूँकि उनकी माँ नहीं है, इसलिए वो दोनों अपने पापा की बीवियाँ बन गयीं हैं।
शालू-( भोचक होकर) पर दीदी क्या ऐसा भी होता है? बाप बेटी भी क्या पति पत्नी की तरह रह सकते हैं? ये अजीब नहीं है?
सरिता- देखो बेबी, बाप बेटी भी इंसान हैं, फिर जवान आदमी जिसकी पत्नी ना हो , वो सेक्स तो चाहेगा और फिर अगर जवान बेटी अपने आप को ख़ुशी से अपने बाप के हवाले कर दे तो कौन आदमी माना कर पाएगा। हाँ सच है कि समाज इसकी इजाज़त नहीं देता। पर घर की चारदीवारी में क्या होता है, इससे किसी को क्या! अब देखो तुम्हारे पापा ने भी दूसरी शादी नहीं की ताकि तुमहे सौतेलि माँ की परेशानी ना हो , पर मन तो उनका भी चूदाइ का करता होगा ना? फिर तुम्हारी ये मस्त जवानी ( ऐसा कहते हुए उसने उसके दूध दबा दिए) देखकर तो कोई भी मर्द पागल हो जाएगा!
ऐसा कहते हुए उसने फ़्रॉक में क़ैद उसके मस्त कबूतरों को मसलना शुरू किया, फिर झुककर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए । शालू कसमसाने लगी , तभी सरिता ने उसे अपनी गोद में खिंच लिया और अब उसके हाथ उसकी जाँघों पर भी घूमने लगे।शालू सीसी कर उठी और बोली, दीदी सुनो तो, पर निलू के पापा नेहा के साथ भी वो काम करते होंगे क्या?
सरिता- कौन सा काम , पूरा बोलो ।
शालू- दीदी , वोहि चू---- छी मुझे तो बोलने में भी शर्म आती है ।
सरिता- चूदाइ बोल ना इसने क्या शर्म ?
शालू - अच्छा चूदाइ ही सही, पर नेहा क्यों निलू के पापा से चूदवाँयेगी?
सरिता-ये भी तो बो सकता है दोनों अपने पापा से और एक दूसरे के पापा भी चूद गईं हों।
शालू- हे भगवान , क्या ऐसा भी हो सकता है?
सरिता- ( उसकी चड्डी के अंदर हाथ डालते हुए बोली) - हाँ चूदाइ के लिए आदमी औरत सब कुछ कर सकते हैं।
ऐसा बोलते हुए उसने शालू की चूत मसलनी शुरू की , शालू आह आह दीदी ये क्या कर रही हो? सरिता ने उसकी एक हाथ से चुचि मसलते हुए कहा, बेबी कैसा लग रहा है? शालू बोली, हाय दीदी अच्छा लग रहा है।फिर उसने उसके होंठ चूसते हुए उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी, शालू के बदन में जैसे आग लग गयी। वो कराह रही थी। फिर सरिता ने उसका हाथ पकड़कर अपनी बड़ी छातियों पर रख दिया और शालू को उनको दबाने का इशारा किया। वो भी दबाने लगी, शालू ने सोचा, उफ़्फ़ दीदी के कितने सॉफ़्ट और बड़े हैं।फिर सरिता ने शालू की फ़्रॉक खोल दी, अब वो सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में थी।अब सरिता ने ब्रा के ऊपर से उसकी चूचियाँ चूमनी शुरू की।फिर सरिता ने अपनी कुरती भी उतार दी, शालू के सामने ब्रा में लैस उसकी बड़ी बड़ी चूचियाँ थीं। सरिता ने उसकी और अपनी ब्रा खोल दी।शालू का मुँह पकड़कर उसने अपनी छातियों में दबा लिया और शालू उसके दूध पीने लगी, अब सरिता आह आह कर रही थी, और उसकी चूत में ऊँगली कर रही थी।शालू सिसकारियाँ भरने लगी और अब सरिता उसकी चूचियाँ चूसने लगी। फिर सरिता सोफ़े से नीचे आ गई और उसने शालू की पैंटी उतार दी। उसके सामने हल्के बालों वाली सुंदर सी कुँवारी चूत थी,उसने सोफ़े पर बैठी शालू के पाँव फैलाये और उसको चूत की फाँकें दिखने लगी, जिसने से लाल गुलाबी चूत का अंदरूनी भाग दिख रहा था। उसने चूत को मुट्ठी में लेकर सहलाया फिर उसने उँगली ऊपर नीचे की, और फिर झुक कर उसकी गीली हो गयी चूत को चूमने लगी। थोड़ी देर चूमने के बाद उसने छूट को अपनी जीभ की नोक से चोदना शुरू किया और साथ ही उसके दाने को भी जीभ से रगड़ने लगी। शालू का पूरा बदन मस्ती से भर उठा,वो समझ नहीं पा रही थी , की उसके शरीर को क्या होता जा रहा है।अब वो कमर उछालकर अपनी चूत सरिता के मुँह पर रगड़ रही थी।उसकी आह आह से कमरा गूँज रहा था।तभी सरिता ने हाथ बढ़ाकर उसकी चुचि भी दबाना शुरू किया, अब शालू की चीख़ें गूजने लगी, वो बोलने लगी , दीदी मेरा पिशाब निकालने वाला है , हाय हाय मैं मर गईइइइइइइइइ , कहते हुए वो झड़ने लगी, और उसका पानी सरिता के मुँह को भिगाने लगा।फिर सरिता ने मुँह हटाया और शालू मी आँखों में देखा, वो थक कर संतुष्ट पड़ी थी।
Reply
10-21-2018, 11:47 AM,
#5
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
थोड़ी देर बाद सरिता ऊपर आकर सोफ़े पर उससे सट कर बैठ गई और पूछा- बेबी, मज़ा आया?
शालू- आह दीदी बहुत मज़ा आया , पर दीदी उस गंदी जगह को चूसने में आपको घिन नहीं आयी।
सरिता- ( उसके चूत को मसलते हुए ) अरे मेरी बेबी, ये तो औरत का सबसे मस्त अंग है, इसके लिए सब मर्द पागल हैं,अब तेरे पापा को भी इसका मज़ा दे दे।
शालू- छी फिर वोहि, पापा कहाँ से आ गए? आप हो ना मेरे लिए।
सरिता- धत्त , अरे असली मज़ा तो मर्द देगा, ये तो सिर्फ़ ट्रेलर था बेबी।
शालू- दीदी आपने मुझे तो नंगा कर दिया, पर ख़ुद सलवार पहनी हुई हो।
सरिता- ( हँसते हुए उसकी चुचि दबाते हुए बोली) - मैंने तुम्हें नंगा किया, तुम मुझे नंगा कर लो।
शालू भी सोफ़े से नीचे आकर सरिता के पाँवों के बीच में आकर बैठ गई और उसकी सलवार खोल कर उतार दी। गोरी भारी जाँघों के बीच फँसी हुई पैंटी में मोटी फुली हुई चूत का उभार दिख रहा था। सरिता का हाथ शालू की चूचियो पर था। फिर उसकी पैंटी भी शालू ने उतार दी, और मस्त बाल रहित चूत उसके सामने थी, जिसे वो उँगलियों से सहलाने लगी, और सरिता ने उसकी ३ उँगलियाँ अपनी चूत के अंदर डाल दी और उसे आगे पीछे करने लगी, शालू ने महसूस किया की उसकी उँगलिया पूरी गीली हो गयी थीं। फिर सरिता ने उसका मुँह पकड़कर अपनी चूत पर दबा दिया, और शालू ने उसकी छूट चूमना और चाटना शुरू कर दिया। अब शालू को भी इसने मज़ा आने लगा। वो भी सरिता की मोटी चुचि दबाते हुए नीचे काम में जुट गयी, इस बार सरिता की आहें गूँज रही थी। शालू भी जोश में आकर ज़ोर से चूसने लगी।जल्द ही सरिता झड़ने लगी और मर गई मर गई चिल्लाने लगी ।शालू का मुँह सरिता की चूत से निकले पानी से भर गया।फिर शालू उठकर सोफ़े में बैठकर अपना मुँह पोछने लगी। सरिता वहाँ टाँगे फैलाकर निधाल पड़ि थी।फिर सरिता ने शालू को अपनी गोद में खिंचकर प्यार किया और बोली- बेबी बताओ मज़ा आया? शालू ने सरिता की बड़ी छातियों में मुँह छिपाकर कहा- जी दीदी बहुत मज़ा आया । फिर सरिता ने उसको बाथरूम में चलने को कहा। वहाँ पहुँचकर वो टॉलेट सीट पर बैठकर पेशाब करने लगी, उसकी चूत की सीटी सुनकर शालू शर्मा गयी, फिर वो उठ गयी, और शालू बैठी और ससु करने लगी। सरिता उसकी सीटी सुनकर मुस्कुराती हुई अपनी चूत धोने लगी। फिर शालू को अपने पास बुलाया और साबुन लगाकर उसकी चूत भी धोने लगी। शालू के लिए ये सब अजीब था। फिर शालू की चूत को उसने तौलिए से पोछा और फिर एक गरम चुम्बन लिया उसकी कुँवारी चूत का। शालू का बदन कामप उठा।फिर वो दोनों बाहर आए और अपने अपने कपड़े पहन लिए और राज का इंतज़ार करने लगे।
राज १ घंटे बाद आया और सरिता अपने घर जाने को तय्यार थी। शालू अपने कमरे में पढ़ायी कर रही थी। राज ने पूछा-शालू क्या जानना चाहती थी?
सरिता- आज उसको पता चला है की उसकी दोनों सहेलियाँ अपने पापा से चूदवा रही हैं, और शायद उनके पापा बेटियों की अदला बदली करके भी मज़े ले रहे हैं।
ये सुनकर राज का मुँह खुला रह गया। वो बोला- ये क्या बोल रही हो? क्या ऐसा भी कोई करता है?
सरिता- दुनिया में बहुत कुछ होता है,मैंने भी बहुत कुछ देखा है, किसी और दिन बताउँगी। पर आप अगर चाहो तो शालू बहुत जल्दी ही आप से चूद जाएगी।
राज- मैंने ऐसा नहीं सोचा कभी भी।वो अभी बच्चा है।
सरिता हँसकर बोली- मस्त जवान हो गयी है वो, अब कोई बच्चा नहीं है वो ।
राज-चलो अब तुम घर जाओ, कल बात करेंगे। कहते उसने सरिता को चूमा और उसके चूतरों पर हाथ फेरते हुए उसे जाने दिया।
शाम को सरिता के साथ मज़े लेने के कारण शालू थक गयी थी, और जल्दी सो गयी , सुबह उसके पापा उसको उठाने आए तो देखा की वो पेट के बल सो रही थी, उसकी nighty कमर तक पहुँच गयी थी, और उसके पैंटी में क़ैद मस्त गोल चूतरों को देखकर राज का लंड सर उठाने लगा, पैंटी एक तरफ़ को सरकी होने के कारण,उसका एक गोल चूतर अलग नंगा दिख रहा था।उसका लिंद पूरा अकड़ गया था, उसकी गोरी जाँघें जैसे उसे बुला रही हों। उसने अपने सर को झटका, और सामान्य होते हुए शालू को उठने को बोल कर बाहर आ कमरे से। थोड़ी देर में शालू बाहर आयी, nighty में उसकी चूचियों कि उठान देखकर वो मस्त होने लगा। शालू अपने पापा se लिपटकर उसे गुड मॉर्निंग बोलतें hue उसके गाल को चुमी।राज ne भी उसके नरम बदन को बाहों में भरकर प्यार किया और उसका गाल चूमा। फिर वो तय्यार होकर कॉलेज चली गयी। 
इधर राज अपने लंड को मसल रहा था, तभी घंटी बजी, दरवाज़े पर सरिता खड़ी थी, वो अंदर आयी, और उसे राज ne खिंचकर अपनी बाहों में भींच लिया, और उसको चूमने लगा। वो बोली, क्या हुआ है। आज बहुत गरम लग रहे हो, क्या बात है? क्या बेबी के साथ कुछ हुआ क्या, ऐसे बोलते हुए उसके कड़े लंड को लोअर के ऊपर से पकड़कर दबाने लगी। राज बोला- धत्त, ऐसा कुछ नहीं है, तुम्हारी याद रही थी, फिर वो उसको गोद में उठाकर बेडरूम में लेटाकर उसके ऊपर चढ़ जाता है।फिर उसे चूमते हुए पूरा नंगा करके उसकी धमाकेदार चूदाइ करता है।
उधर कॉलेज में शालू को उसकी सहेली निलू मिलती है, नेहा को ना देखकर, शालू बोलती है, आज तुम अकेले कैसे , नेहा नहीं आयी ? निलू रहस्यमयी मुस्कान se बोलती है, हाँ आज वो अपने पापा के साथ कहीं गयी है। फिर निलू उसको बोलती है, चलो अकेले में, मुझे तुमसे कुछ बात करनी है। वो दोनों बग़ीचे के कोने में बातें करती हैं।
शालू- निलू, कल मैंने तुम्हारी और तुम्हारे पापा की और बाद मैं तुम्हारे पापा की और नेहा की बातें सुनी थी, मैं तो हैरान रह गयी की तुम और नेहा अंकल से ऐसी बातें वो भी सेक्स की कैसे कर सकते हो?
निलू का चेहरा सफ़ेद हो गया, वो बोली- ऐसा कुछ नहीं है , वो वो ----
शालू- देखो, मैं किसी को कुछ नहीं बताऊँगी,पर मुझे सब सच जानना है और तुम मुझे अभी बताओ ।
निलू- ठीक है, पर तुम्हें वादा करना होगा, कि तुम किसी को नहीं बताओगी।
आगे की कहानी निलू की ज़बानी ( वो कैसे अपने पापा से चूदी) -------

आगे की कहानी निलू की ज़बानी ---
मेरे पापा एक अच्छी कम्पनी में ऊँचे पद पर काम करते हैं, २ साल पहले माँ का कैन्सर की बीमारी से देहांत हो गया,पापा आ उर मैंने बड़े मुश्किल से अपने आप को सम्भाला ।पापा ने दूसरी शादी का भी नहीं सोचा क्योंकि वो अपनी प्यारी बेटी के लिए सौतेलि माँ नहीं लाना चाहते थे। समय ऐसे ही बीते जा रह था, की तभी एक हादसा हो गया और मेरे दोनों हाथ चाय बनाते समय सिलेंडर में लगे हाथ से झुलस गए, और मेरी दोनों हथेलियों में पट्टियाँ लग गयी और डॉक्टर ने कहा कि २०/२५ दिन लगेंगे और पानी बिलकुल नहीं पड़ना चाहिए पट्टियों मैं। पापा थोड़े परेशान हो गए, फिर वो घर में एक नौकरानी रख लिए २४ घंटे की, मेरी देखभाल के लिए। वो हर समय मेरे आसपास रहते और मेरा पूरा ख़याल रखते थे। नौकरानी मुझे टॉयलेट में भी मदद करती थी और नहलाती भी थी। शुरू में मुझे अजीब लगता था की इतनी बड़ी होकर मुझे कोई और नहलाए और मेरी टोयलेट के बाद मेरी चूत और गाँड़ भी कोई साफ़ करे, पर मजबूरी थी और मैंने समझौता कर लिया, ये सोचकर की कुछ दिन की ही बात है। तभी एक रात को जब मैं और नौकरानी सो रहे थे की रात को क़रीब १० बजे उसका सेल बजा, दूसरे तरफ़ से उसके पति की बीमारी की ख़बर आइ थी, वो घबराकर उसी समय जाने को तय्यार हो गई , और पापा उसे रेल्वे स्टेशन तक छोड़ ke आ गए। मेरे दिमाग़ में ये चल रहा थी की मेरा क्या होगा? पापा वापस आए तो मैं बोली- पापा हमें दूसरी नौकरानी छाइए ना अभी, क्योंकि मेरा काम तो उसके बिना नहीं चलेगा। वो बोली, बेटी अब तो सुबह ही कुछ इंतज़ाम हो पाएगा, अभी सो जाओ। फिर हम अपने कमरों में सो गए । सुबह क़रीब चार बजे मुझे सु सु लगी, अब मैं उलझन में पड़ गई कि kya करूँ, थोड़ी देर तो मैंने प्रेशर बर्दाश्त किया, फिर उठ गयी और पापा के कमरे के दरवाज़े को खटखटाया , अंदर से पापा बोले- क्या हुआ निलू। मैंने कहा- पापा सु सु आइ है।प्लीज़ मदद करिए। पापा बाहर आए, उन्होंने एक बनयान और नीचे हाफ़ पैंट पहनी थी।वो बोले- ओह चलो टॉलेट मैं, और अपने ही टोय्यलेट में गए। वहाँ पहुँचकर वो बोले- बेटा अब अपनी nighty कैसे उठाओगी? मैंने शर्माकर कहा-तभी तो मैं आपसे बोली थी मुझे नौकरानी चाइए। वो बोले- चलो मैं ही मदद कर देता हूँ,ऐसा कहते हुए, उन्होंने मेरी nighty नीचे झुककर सिरे से उठाया और धीरे से मेरी कमर के ऊपर तक कर दिया, मैंने देखा, उनकी आँखें पैंटी में छुपी मेरी चूत और मेरे मांसल जाँघों पर थी। मुझे बहुत शर्म आ रही थी, फिर पापा ने मेरी पैंटी के इलास्टिक में हाथ डाला और उसे भी नीचे को खींच दिया।अब मेरी नंगी बलराहित चूत मेरे पापा के सामने थी,वो एकटक उसे देखे jaa रहे थे, तभी मैं अपनी शर्म बचाने के लिए इंग्लिश कोमोड पर बैठ गयी, पापा वहीं खड़े थे मेरे सामने, मैंने सर उठाया तो उनकी हाफ़ पैंट मेरे मुँह के सामने थी, और उसने एक ज़बरदस्त उभार आ गया था, हालाँकि मैंने कभी सेक्स नहीं किया था, पर ये जानती थी की ये उभार क्या और क्यों है।मैंने मोबाइल में कई सेक्स क्लिप देख रखी थी। अब मुझे और अजीब लगा की मेरे अपने पापा मुझे ऐसी नज़र से देख रहें हैं, फिर मैं बोली- पापा, आप बाहर जाओ, मुझे सूसू करनी है।पापा जैसे नींद से जागे और सॉरी कहकर बाहर चले गए, पर उन्होंने दरवाज़ा बन्द नहीं किया, मुझे लगा की वो पास ही खड़े हैं।फिर मैंने सूसू करना शुरू दिया और ज़ोर से सीटी के आवाज़ आ रही थी, मुझे अजीब लगा सोचकर की पापा ये आवाज़ सुन रहे होंगे, फिर मैंने पापा कहा कि हो गया । तब पापा अंदर आए औरमेरी nighity। को पकड़कर मुझे उठने को बोला, और मेरे पीछे जाकर वो स्प्रे हाथ में लेकर मुझे झुकने को बोले, मैं शर्म लाल हो गई, मेरा पिछवाड़ा उनके सामने था, फिर उन्होंने मेरी चूत पर पानी स्प्रे किया और बाद में एक तौलिए से चूत और चूतरों को पोछा। मेरे शरीर में एक झुरझूरी सी दौड़ गयी, फिर उन्होंने मेरी पैंटी को ऊपर चढ़ाया और मेरी nighty को नीचे कर दिया। मैंने चोरी से उनके हाफ़ पैंट सामने की तरफ़ देखा, और वहाँ उनके उभार को देखकर मेरे शरीर में कम्पन होने लगा।फिर वो मुझे अपने कमरे में छोड़ गए,और अपने कमरे में चले गए। उन्होंने बाद में मुझे बताया था की us दिन उन्होंने मूठ मारी थी ।
Reply
10-21-2018, 11:47 AM,
#6
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
सुबह जब मेरी आँखें खुली तो मुझे रात की बातें याद आयीं, और फिर याद आया की मुझे फिर से टॉलेट का प्रेशर आ रहा था। मैं हॉल में आइ , वहाँ पापा चाय पी रहे थे और अख़बार पढ़ रहे थे, मेरी तरफ़ देखकर मुस्कराए और बोली- अब हाथ कैसा है? मैं बोली- जी वैसा ही है। वो बोले- धीरज रखो, ठीक हो जाएगा। मैं बोली- पापा नौकरानी का कुछ करिए ना प्लीज़। वो बोले- मैंने अपने दोस्तों को बोला है, फ़ोन ,पर वो ट्राई कर रहे हैं, जल्दी ही कोई ना कोई मिल जाएगी।
मैं बोली- मुझे टोयलेट जाना है, वो बोले चलो, और फिर मैं उनके साथ टोंयलेट पहुँची, वहाँ पहुँचकर उन्होंने मेरी nighty कमर तक उठा दी और मेरी पैंटी नीचे कर दिए, फिर मैं सीट पर बैठ गयी, और वो अपने पैंट के तंबू को अजस्ट करते हुए बाहर चले गए, मैंने अपना काम शुरू किया, निपटने के बाद मैंने पापा को आवाज़ दी, वो अंदर आए और मुझे उठने को बोले, फिर मेरे पीछे आकर उन्होंने स्प्रे से मेरी चूत और गाँड़ की सफ़ाई किए, फिर तौलिए उन्होंने मेरी चूत और गाँड़ को सुखाया और पैंटी पहनाकर और nighity नीचे कर के हम बाहर आ गए। पापा की हाफ़ पैंट का उभार साफ़ दिख रहा था ।
फिर पापा ने मुझे चाय बनाकर पिलायी अपने हाथ से। फिर मैंने पापा से T V चालू करने को कहा, TV देखते हम दोनों परेशान हो गए, उसमें दिखा रहे थे कि शहर में दंगे हो गए हैं और कर्फ़्यू लग गया है।पापा बोले- ओह, बेड़ागरक, अब नौकरानी कहाँ से मिलेगी? मैं भी नर्वस होकर बोली, हाँ पापा अब तो कोई चान्स नहीं, अब हम क्या करेंगे? पापा बोले- बेटी, अब देखते है करफ़्यू कब तक खुलता है? तब तक तो हम दोनों ऐसे ही काम चलाना पड़ेगा। मैं बोली- पर पापा मुझे नहलाएगा कौन? पापा कुछ करो ना, प्लीज़। पापा बोले- बेटी, अब तुम बताओ क्या करूँ, इस समय नौकरानी कहाँ मिलेगी? मैं रुआंसी हो गई, मुझे उदास देखकर पापा मेरे पास आए और मेरे सर पर हाथ फ़ेरते हुए बोले- मैं हु ना, सब ठीक हो जाएगा। मैंने फीकी सी मुस्कान से कहा - जी पापा। 
उस दिन पापा को भी ऑफ़िस तो जाना नहीं था , क़रीब २ घंटे ke बाद पापा बोले, चलो अब नहा लो। मैं तो शर्म se गड़ गयी, कैसे पापा के सामने नंगी हो पाऊँगी और कैसे ये सब होगा?
मैं और पापा बाथरूम में पहुँचे, वहाँ जाकर पापा ने मेरी nighty उतार दी , अब मैं ब्रा और पैंटी में थी , फिर पापा ने मुझे घुमाया और मैंने शीशे में देखा की, वो मेरे चूतरों को देखकर अपना लंड दबा रहे हैं,मैं शर्म से लाल हो गयी। फिर उन्होंने ब्रा का हुक खोल दिया, मैं बोली- पापा इसकी क्या ज़रूरत है? वो बोले- बेटी, सफ़ाई सभी अंगों की होनी चाहिए।मेरी ब्रा उतारने के बाद वो सामने आए और मेरे शरीर से ब्रा के कप उतार दिए, अब मेरे बड़े बड़े अनार सी चूचियाँ उनके सामने थीं, वो उनको देखकर मस्त हो रहे थे। फिर वो नीचे झुक कर मेरी पैंटी भी उतार दी, अब मैं पूरी नंगी थी पापा के सामने।अब पापा ने मुझे हाथ ऊपर करने को बोला, ताकि पानी ना गिर जाए मेरी पट्टियों पर।फिर उन्होंने बालटी से पानी निकलकर मेरे शरीर में डालना शुरू किया,और फिर साबुन लेकर मेरे कंधों और गले में साबुन लगाना शुरू किया। मैंने देखा उनकी हाफ़ पैंट एक तरफ़ से पूरा उठ गया था। तभी एक हाथ से उसको दबाया।ये देखकर मेरी चूत गीली हो गयी ।फिर उनका हाथ साबुन लगते हुए मेरे चूचियों के पास आया पर उन्होंने वहाँ साबुन नहीं लगाया और पेट की तरफ़ साबुन मलने लगे। फिर वो नीचे बैठ गए,और मेरी टांगों और जाँघों पर साबुन लगाने , अब उनका मुँह ठीक मेरी चूत ke सामने था।फिर उन्होंने मेरे घूमने ke लिए बोला, मैं घूम गयी, अब मैंने शीशे में देखा कि वो मेरे मोटे गोल गोल चूतरों को देख rahe थे और उन्होंने मेरे चूतरों पर साबुन लगाया और मुझे लग रहा था कि वो वहाँ ज़रा ज़्यादा ही देर साबुन लगा रहे थे। fir उन्होंने मेरी चूतरों की दरार में साबुन लगाया और गाँड़ के छेद में भी बहुत देर तक साबुन लगाया ।मेरे आह निकल गया, वो बोले- बेटी, दुखा क्या? मैंने शर्माकर ना में सर हिलाया।फिर वो खड़े होकर मुझे फिर से घुमा लिया । अब वो मेरी चूचियों पर साबुन लगाने लगे और मेरे अंदर कुछ कुछ होने लगा,उधर पापा मेरी चूचियों पर ज़ोर ज़ोर से दबाते हुए साबुन लगाने लगा । फिर वो नीचे बैठ गए ख़ूब सा साबुन लिया और मेरी चूत में लगाने लगे। मेरी आँखें मस्ती से बन्द होने लगी। मैंने अपनी टाँगें चौड़ी किया और उनको पूरी आज़ादी दी चूत मसलने की। अब मेरे मुँह से आह, मर गयी,और उफ़्फ़ जैसी आवाज़ें आने लगी।पापा कहा, सब ठीक है ना? मैंने हाँ में सर हिला दिया ।फिर वो खड़े हो गए और उन्होंने पानी डालना शुरू किया और mere शरीर के हर अंग को साबुन निकालने के साथ मसल दिया। मेरी चूत अब पानी छोड़ने वाली थी। फिर वो तौलिया से मेरे पूरे शरीर को पोंछने लगे।और इसके बहाने भी मेरे दूध दबाए। और मेरा वहीं स्खलन शुरू हुआ और मैं आँख बंदकर दोनों टांगों चिपकाकर झड़ने लगी।फिर मैं काँप रही थी, तब पापा ने मुस्कुराते हुए मुझे सहारा दिया और कमरे में ले आए, कपड़े पहनाने के लिए।
पापा मुझे तौलिया लपेटकर मेरे कमरे में लाए और मेरि अल्मारी से एक छोटा सा गाउन निकाला और मेरे पास आकर बोले- बेटी, तुम्हें अभी कुछ दिन पैंटी मत पहनो, क्योंकि तुम्हें टॉयलेट जाने के लिए बार बार पैंटी खोलनी पड़ती है। मैं शर्म से सर हिलाकर हाँ बोल दी।अब वो ब्रा निकालकर लाए और मेरी दोनों चूचियों पर रखकर वो पीछे गए और क्लिप लगा दिए। फिर वो गाउन मुझे पहना दिया ।मुझे कुछ अच्छा लगा की आख़िर मेरी नग्नता छिप गयी। अब पापा बोले कि मैं भी नहा लेता हूँ और अपने कमरे में चले गए। उस दिन दिन भर मैं TV देख रही थी कि करफ़्यू कब ख़त्म हो और कब कोई नौकरानी मिल जाए। इस तरह दिन में कई बार पापा ने मुझे नंगा देखा और कई बार मेरी चूत और गाँड़ सहलायी, अब तो तौलिए पोछने के बाद हाथ से भी सहलाते थे, ये कहकर की चेक कर रहे है कि अभी भी कहीं गीला तो नहीं है। और मेरे मुँह आह निकल जाती थी, पूरा शरीर गुदगुदी से भर जाता था। अगले दिन फिर नहाने के समय वो पहले से ही उत्तेजित लग रहे थे। उन्होंने मुझसे कहा- बेटी तुम्हें नहाने में , मैं ख़ुद गीला हो जाता हूँ, इसलिए मैं भी अपनी बनयान उतर देता हूँ, अब उनकी मर्दानी चौड़ी छाती मेरे सामने थी, सच पापा बहुत मस्कूलर थे। फिर वो अपनी हाफ़ पैंट भी उतार दी और चड्डी में क़ैद उनका लंड बुरी तरह से फूला हुआ दिख रहा था, उसे देखकर मेरी चूत गीली हो गयी। मुझे लग रहा थी कि आज कुछ होने वाला है, और मैं काँप उठी।फिर उन्होंने मेरा गाउन उतार दिया और फिर ब्रा भी खोल दिया।मैंने शीशे में देखा की मैं पूरी नंगी, और पापा अपनी चड्डी में अपने लंड को उभारे हुए खड़े हुए मेरी गोल गोल चूचियों कोघूर रहे थे । फिर मेरे पास आए और बोले- बेटी, पानी डाल रहा हूँ, और मेरे शरीर में पानी डालने लगी और मेरे पीछे से सट गये उनका चड्डी में फँसा लंड मेरी चूतरों पर टक्कर मार रहा था,और मैं एक नयी गुदगुदी भर उठी थी। फिर वो पानी डालने लगे और उनका लंड मेरे चूतरों के बीच धँस गया। फिर वो साबुन लगाने लगे, और जब मेरी चूचियो पर लगाया तो वह बहुत ज़ोर se दबाने लगे और पहली बार मेरे निपल्ज़ को भी मसलने लगे ।मेरी आह और उफ़्फ़ निकालने लगी। फिर पापा ने मेरी चूत में भी साबुन लगाया और छेद के अंदर भी उँगली करने लगे। फिर वो पीछे मेरी चूतरों को मसलने लगे और गाँड़ के छेद पर भी हाथ फेर रहे थे। थोड़ी देर बाद मुझे पूरी तरह se मसलकर वो भी बहुत गरम हो गए थे, फिर तौलिए से पोछते हुए वो मेरा शरीर दबाने लगे।अब मैं भी मज़ा ले रही थी, तभी पापा बोले, बेटी, आज तुम्हारी माँ की बहुत याद आ रही है ,क्या मैं तुम्हारी छातियों को थोड़ा सा प्यार कर लूँ? मैंने हैरानी से पापा को देखा और कहा- पापा ये तो ग़लत होगा ना? पापा- बेटी, आज मैं तुम्हें एक आदमी की नज़र से देख रहा हूँ और एक हसीन जवान लड़की को देख रहा हूँ ।बोलो, क्या मैं तुम्हारी छातियों प्यार कर लूँ?
मैं- पापा अगर किसी को पता चल गया तो ?
पापा- ये तो हम दोनों के बीच की बात है, अगर हम किसी को नहीं बताएँगे तो किसी को भी पता नहीं चलेगा। ऐसा बोलते हुए वो मेरी चूचियाँ दबाने लगे, और मेरेपास आए और अपने लंड को मेरी चूत से सटा दिया। मैं काँप उठी, फिर पापा मेरी आँखों में झाँक कर बोले- तुम्हारे होंठ चूम लूँ? और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए, मैंने भी उनको समर्पण कर दिया और वो मेरे होंठों का चुम्बन लेने लगे और मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल दी।मेरे शरीर में आग लग गयी।वो भी मुझसे चिपक गए और मेरी चूतरों को दबा दिए।और फिर झुक कर मेरी चूचियाँ चूसने लगे।अब मेरे पाओं काँपने लगे , मैंने पापा को बोला तो वो बोले, चलो तुमको बिस्तर पर लेता दूँ, ताकि तुम आराम से लेट सको। फिर वो मुझे गोद में उठाकर अंदर गए aur बिस्तर पर लिटा दिया और मुझे देखते रहे, फिर बोले, मैं भी शॉवर लेकर आता हूँ ५ मिनट में। फिर वो थोड़ी दे तौलिया लपेट कर आए नहा कर, और फिर मेरे पास आकर अपना तौलिया उतार कर फेंक दिया। मेरी तो जैसे साँस रुक गयी, उनका खड़ा लम्बा मोटा लंड बहुत सुंदर लग रहा था और ऊपर नीचे हो रहा थ।, उसके नीचे उनके बड़े बॉल्ज़ भी बहुत मादक लग रहे थे। मेरी तो आँखें जैसे वहाँ से हट ही नहीं रही थी। वो बोले- बेटी, पसंद आया ? मैं शर्माकर अपना मुँह फेर ली। फिर वो मेरे ऊपर आ गए, और मेरे होंठों चूसने लगे।
पापा ने मेरे होंठों को चूसना शुरू किया, और उनका हाथ मेरी छातियों पा आ गया और वो उसे मज़े से दबाने लगे ।मैं भी उनसे लिपट गयी और भूल गयी की मेरे हाथ मैं पट्टी है,मेरी चीख़ निकल गयी, वो चौंक के उठे और समझ गए की मुझे हाथों में दर्द हो रहा है।वो उठे और अल्मारी से दो रस्सी निकाल कर लाए। फिर उन्होंने मेरा हाथ रस्सी से पलंग के सिरे पर बाँध दिया । वो बोले, तेरी माँ मुझे ऐसे ही बाँध देती थी, और फिर मुझे तंग करती थी और फिर मुझ पर चढ़ कर मज़ा लेती थी। पर आज ये मैंने तुमने चोट से बचाने के लिए बांधा है ।फिर वो मेरे चूचियाँ मुँह में लेकर चूसने लगे। मैं तो बहुत गरम हो गयी और मेरी चूत पूरी रस से भर रही थी। फिर पापा ने मेरे पेट को चूमना शुरू किया और नाभि में जीभ फिराने लगे।और नीचे आकर उन्होंने मेरी जाँघें चाटनी शुरू कीं, मेरे मुँह से आह निकल गयी । फिर वो ऊपर आए और मेरी जाँघों को फैलाया और उसमें अपनी उँगलियाँ फिराने लगे, मेरी सिसकी निकल गयी, फिर वो मुट्ठी में लेकर मेरी चूत दबाने लगे। मेरी तो जैसे जान ही निकल गयी। फिर उन्होंने अपना मुँह मेरी जाँघों के बीच डाल दिया , और मेरी चूत को चूमने और चाटने लगे। मैं तो ५ मिनट में ही झड़ने लगी, पापा ने मेरी चूत से निकल हुआ पूरा रस पी लिया । और जब वो अपना मुँह वहाँ से बाहर निकाले , तो उनका पूरा होंठ और गाल गीले थे। उन्होंने तौलिए से अपना मुँह साफ़ किया और बोले- मज़ा आया ,हमारी जान को? 
Reply
10-21-2018, 11:47 AM,
#7
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
मैंने शर्माकर , जी में सर हिलाया ।वो ख़ुश हो गए और फिर से मुझे चूमने और काटने लगे। मैं फिर se गरम होने लगी, वो अपना लंड मेरे मुँह के पास लाए और बोले- बेटी, इसको चूमो ना, और मुँह में लेकर चूसो। मुझे हिचकता देखकर बोले- तुम्हारी माँ भी इसको चूसती थी। यह सुनकर मेरी सब हिचकिचाहट ग़ायब हो गयी। और मैंने उनका लंड चाटना शुरू किया, वैसे ही जैसे मैंने विडीओ क्लिप्स में देखा था।अब पापा ने धीरे से अपना लंड मेरे मुँह में घुसा दिया। और अपनी कमर हिलाने लगे। मैं भी अब मज़े से चूसने लगी और पापा के मुँह se आह निकलने लगी। फिर पापा ने मेरे मुँह से लंड निकाल लिया।और बोले- बेटी, अब असल मज़ा लेने को तय्यार हो ना? मैंने प्यार से पापा को देखते हुए कहा- पापा आज से मैं मम्मी की जगह लूँगी,ठीक है ना? पापा ne मुझे चूमते हुए कहा - ज़रूर बेटा, आज मैं तुम्हें अपनी पत्नी मानूँगा। ठीक है ना ? और मुझे बाहों में लेकर चूमना शुरू किया।
फिर वो मेरी टांगों को फैलाकर उनको मेरी छातियों पर रखा और फिर चूत में जीभ डाल कर मुझे गरम करने लगे और मेरी clit के दाने को ऊँगली से रगड़ने लगे। मैं तो कामरस से पूरी गिली हो गयी। फिर उन्होंने अपने लंड पर पास रखी एक शीशी से क्रीम लगाया और फिर मेरी चूत पर अपने लंड का सूपाड़ा रखा और लंड को चूत पर रख कर उसके छेद पर रगड़ने लगे। मैं तो कामरस से भीग गयी और अपने आप ही मेरी कमर हिलने लगी, उनके लंड से अपनी चूत के मिलन के लिए। फिर पापा ने मेरी चूचियाँ दबाते हुए मेरे ऊपर आकर मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए, और धीरे से लंड को अंदर की तरफ़ दबाया, मेरे मुँह से दर्द के कारण चीख़ निकल गयी।फिर उन्होंने मेरी चूचियाँ सहलाते हुए मेरी चूत में एक हल्का सा धक्का मारा और उनका आधा लंड मेरी कुंवारेपन की झिल्ली तोड़कर अंदर घुस गया, मैं दर्द से आह आह कर उठी।फिर थोड़ी देर उन्होंने मेरे होंठों और चूचियों का मर्दन किया, जब मेरा दर्द काम हुआ और मैं मज़े से पापा को देखने लगी तब वो प्यार se बोले - बेटा दर्द कम हुआ, मैंने हाँ में सर हिलाया ,, तब वो और ज़ोर से धक्का मारे और उनका पूरा ७इंचि लंड मेरी चूत की गहरायीयों में धँस गया। मुझे लगा कि मेरे अंदर किसिने कील ठोक दी है। मैं दर्द से बिलबिला उठी और पापा मेरे आँसू पोछते हुए मेरी चूचियाँ दबाते रहे, और होंठ चूसते रहे। थोड़ी देर में मैंने महसूस किया की अब दर्द कम हो गया और मज़ा आने लगा। मैंने पापा से कहा कि अब अच्छा लगता है, वो मुस्कराए और बोले, बेटी, चूदाइ का असली मज़ा तो अब आएगा। ये कहते हुए उन्होंने अपने कमर को उठाकर अपना आधा लंड बाहर किया और फिर अंदर ज़ोर से पेल दिया, मेरी मस्ती से आह निकल गई, और मैं आह आह उफ़्फ़, पापा और ज़ोर से चोदो बोल उठी।पापा ख़ुश होकर बोले, वाह बेटा, तुम तो अपनी माँ से भी बड़ी चुदक्कर निकलोगी, क्योंकि उसके मुँह se चोदना शब्द निकालने में मुझे २ महीने लग गए। तुमने तो चार धक्कों में चूदाइ सिख ली और बोलने भी लगी। शाबाश बस ऐसे ही चूदवाओ।ये कहते हुए उन्होंज़ोर ज़ोर से चोदना shuru किया।
मेरी मस्ती से भरे अंगों दबाते हुए पापा मुझे बहुत ज़ोरदार चूदाइ से मस्त कर दिए। मैं भी अपने हाथ बँधे हुए होने के बावजूद मज़े से सिसकियाँ भर रही थी। फिर मेरा शरीर अकड़ने लगा और मैं चिल्लायी, पापा मैं तो गयी , और झड़ने लगी।उसी समय पापा ने भी धक्के मरते हुए आह आह करके झाड़ गए।और मेरउठ गए।
फिर पापा ने अपना लंड बाहर निकाला और मेरे बग़ल में लेट गए और फिर उन्होंने मेरा हाथ खोला और फिर बाहों में लेकर प्यार करने लगे।फिर वो बोले चलो बाथरूम में, मैं उठकर अपनी चूत देखने लगी, क्योंकि मुझे वहाँ जलन सी हो रही थी, मेरी नज़र चादर पर पड़ी, जिसमें लाल ख़ून का दाग़ था, मेरी चूत में भी ख़ून की बूँदें दिख रही थी।तभी पापा ने मुस्कारते हुए अपने लटके हुए लंड को दिखाया जिसमें लाल ख़ून लगा हुआ दिख रहा था। पापा बोले- जब लड़की पहली बार चूदती है तो उसकी चूत से थोड़ा सा ख़ून निकलता है, ये नोर्मल है। मैं बोली- पापा यहाँ नीचे थोड़ा दर्द और जलन हो रही है। वो बोले- बेटा, पहली बार में ये सब होगा , कल तक सब ठीक हो जाएगा। फिर वो उठे और मुझे गोद में उठाकर चूमते हुए बाथरूम में ले गए। वहाँ उन्होंने मुझे टॉयलेट के सीट पर बैठाया दिया , मैं सू सु करने लगी।वो प्यार से मेरे सर पर हाथ फेर रहे थे, उनका लंड मेरे सामने लटक रहा थ।फिर मैं उठी और वो फ़्लैप उठाकर सु सु करने लगे, मैं मंत्र मुग्ध होकर उनके लंड और उससे निकलने वाली सु सु को देख रही थी। फिर पापा ने लंड हिलाकर आख़िरी बंद भी निकाली। फिर मेरे पास आए और मुझे बोले - चलो तुम्हें नहला दूँ, पसीने से भीग गयी हो, और मेरे रस से भी।मेरे चूत की ओर इशारा करते हुए बोले। चलो आज हम दोनों एक साथ नहाएँगे, और कहते हुए मुझे अपनी बाहों में भर लिया और चूमने लगे, और अपने हाथ को मेरे चूतरों पर हाथ फेरने लगे।मैं भी उनसे चिपक गयी थी। फिर पापा ने मेरा हाथ उठाया और हैंड शॉवर से मुझे नहलाने लगे और अपने शरीर में भी पानी डालने लगे।फिर नीचे बैठकर मेरी चूत और जाँघों में साबुन लगाए और फिर मुझे घूमने को बोले । मैं घूमी, और अब पापा मेरे चूतरों पर साबुन लगाए ।मैंने शीशे में देखा की पापा का लंड अब खड़ा होने लगा था, फिर पापा ने मेरी चूतरों की दरार में हाथ डाल दिया और मेरी गाँड़ के छेद में साबुन लगाए । पापा का हाथ जैसे वहाँ से हटने का नाम ही नहीं ले रहा था ,वो बार बार मेरी गाँड़ के छेद में रगड़े जा रहे थे। फिर वो खड़े हुए और हैंड शॉवर से नहाया ।बाद में वो तौलिए से अपना और मेरा शरीर पोंछा।फिर झुक कर वो मेरी चूत सुखाए और फिर मेरी चूत की एक मस्त मिट्ठि ले ली, फिर मुझे घूमकर मेरा पिछवाड़ा पोछने लगे।मैंने शीशे मैं देखा को पापा ने मेरे चूतरों को फैलाया और अपना मुँह उसके दरार में डाल दिया और उनकी जीभ मेरी गाँड़ के छेद पर रगड़ने का अहसास हुआ। फिर वो क़रीब ५ मिनट तक मेरी गाँड़ चाटते रहे।मेरे पाँव काँपने लगे, उत्तेजना से और मैं बोली- छी पापा क्या गंदी जगह को चाट रहे हो। वो बोले- बेटी, तेरी कुँवारी गाँड़ बहुत मस्त है।बहुत जल्दी मैं तेरी गाँड़ भी मरूँगा। मैं बोली- आप माँ की भी मारते थे? पापा- हाँ बेटी, वो तो बहुत मज़े से करवाती थी। वो तो अगर ३/४ दिन नहीं मारो तो कहती थी, जी, गाँड़ खुजा रही है, आज इसमें ही डाल दो। मैं तो हैरान ही रह गयी ये सुनकर। फिर हम वापस कमरे में आ गए और उनका लंड अब फिर से तना हुआ था। उन्होंने मुझे अपने गोद में खिंच लिया।
अब पापा ने फिर से मुझे चूमना शुरू किया और मेरी चूचियाँ दबाने लगे, और मेरे निपल्ज़ को मसलने लगे, मैं आह कर उठी। फिर पापा बोले- बेटी, तेरी चूत अभी भी दर्द कर रही है क्या? 
मैं बोली- जी पापा अभी भी हल्का दर्द है। 
पापा- बेटी, मेरा तो अब फिर खड़ा हो गया है, मैं अभी तो तेरी गाँड़ नहीं मारूँगा क्योंकि तेरी गाँड़ में अभी मुझे बहुत मेहनत करनी होगी, तभी वो आराम से मेरा लंड लेने को तय्यार होगी। पर तू अपने पापा का लंड चूस तो सकती ही है, मुझे इसमें बड़ा मज़ा आएगा और मेरा लंड शांत भी हो जाएगा। फिर वो बोले तुम बैठ जाओ मैं खड़े होकर तुम्हारे मुँह में अपना लंड डालता हूँ । फिर वो मुझे बैठाकर , अपना लंड मेरे मुँह के सामने लाए, मैंने भी उसे चूमना और चाटना शुरू किया । वो हल्के से मेरे मुँह में धक्के लगाने लगे,मैंने भी मस्ती में आकर चूसना शुरू किया। थोड़े देर में पापा आह आह करने लगे, बोले- आह बेटी,तुम तो बहुत मज़ा दे रही हो। आह आज तो तुम्हारी माँ की याद आ गयी, वो भी ऐसे ही चूसती थी, काश तुम्हारे हाथ ठीक होते तो तुम मेरे बालस से भी खेल सकती थी।फिर वो बहुत ज़ोर से धक्के मारने लगे , और बोले- बेटी, तुम अपने पापा का रस पियोगी ना? बहुत स्वाद लगेगा, शुरू में हो सकता है तुमने इसका स्वाद अच्छा नहीं लगे, पर जल्दी ही तुम इसकी दीवानी हो जाओगी। तुम्हारी माँ तो इसकी दीवानी थी। बोलो ना अब मैं झड़ने वाला हूँ, तुम पियोगी ना? 
मैंने उनका चूसते हुए, उनकी तरफ़ देखकर हाँ में सर हिला दिया।वो ख़ुश हो गए फिर जल्द ही धक्कों की गति बढ़ा दिए। और हाय बेबी मैं झड़ा, कहते हुए उन्होंने अपना रस मेरे मुँह में छोड़ना शुरू किया। मुझे उनके वीर्य का स्वाद शुरू में तो अच्छा नहीं लगा, पर जल्दी ही मैं उसे गटककर पी गयी।बाद में मुझे स्वाद ऐसा कोई बुरा भी नहीं लगा। पापा तो जैसे मस्त हो गए, मेरे मुँह में लगे हुए उनके वीर्य को साफ़ करके उन्होंने मुझे बहुत प्यार किया और फिर मुझे बाहों में लेकर सो गए।
निलू ने अपनी कहानी समाप्त करते हुए कहा, इस तरह मेरे और पापा के सम्बंध बन गए, बाद में मेरा हाथ ठीक होने के बाद भी हमारा सेक्स चलता रहा। शालू- पर इस सब में नेहा कहाँ से आयी? वो क्यों तुम्हारे पापा से मस्ती से बात कर रही थी?
निलू- तुम जानती हो उसकी भी माँ नहीं है, असल में वो भी अपने पापा से चूदवा रही है, एक साल से।
शालू हैरान होकर बोली- वो भी? ओह गॉड। फिर भी तुम्हारे पापा से वो इतनी फ़्री क्यों है?
निलू- ( सर झुकाकर) - असल में --- ( फिर हिचक गयी) तुम किसी से बोलोगी तो नहीं?
शालू- मैं किसको क्युओं बोलूँगी, बताओ ना।
निलू- असल में हमारे पापा ने हम बेटियों की अदला बदली करके हमारी चूदाइ करी है। उसके पापा ने मुझे और मेरे पापा ने उसकी चूदाइ की है। और ये अक्सर होते रहता है। 
शालू- तुम्हें ये गन्दा नहीं लगता?
निलू- अभी तुम चूदी नहीं हो ना, इसलिए नहीं जानती की चूदाइ में कितना मज़ा आता है। हम लोग तो जब नेहा के घर जाते हैं, तो उसके पापा पूरे शनिवार और इतवार को मेरी और मेरे पापा उसकी चूदाइ करते हैं। इतना मज़ा आता है, की बता नहीं सकती।आज भी नेहा के पापा उसकी कॉलेज से छुट्टी कराके उसको अपने बॉस के घर ले गए हैं।उनके बॉस का अपनी बहु से चक्कर है, उनका लड़का विदेश में है। बॉस की बीवी भी अपने मायक़े आती जाती रहती है, तो बॉस अपनी बहु ke साथ मस्त रहता है और आज वो अपनी बहु का और नेहा के पापा नेहा की अदला बदली करके बॉस के घर में चूदाइ समारोह मनाएँगे। मुझे तो बड़ी जलन हो रही है, काश मैं भी वहाँ होती। मैंने पापा कहा था, पर वो नहीं माने, क्योंकि वो उनको नहीं जानते।
शालू का मुँह खुला का खुला रह गया, क्या दुनिया में ये सब भी होता है, वो सोचने लगी।
Reply
10-21-2018, 11:47 AM,
#8
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
फिर घर आकर उसने सरिता को ये सब बताया तो वो मुस्कराहट के साथ बोली- बेबी, ( शालू की चूत की तरफ़ इशारा करके) इसके लिए दुनिया में बहुत कुछ होता है। जब से तुम बरा पहन्ने लगी हो, तुम्हारे पापा भी तुम्हारी छतियों को घूरते रहते हैं, तुमने कभी ध्यान दिया? शालू- ( शर्माते हुए) हाँ, मैंने भी नोटिस किया है, पापा मेरी छातियों पर नज़र जमाते रहते हैं। सरिता- मैंने तो उनके पैंट में उभार भी देखा है, तुमको घूरते समय। शालू- तो क्या तुम पापा की पैंट की वो जगह को घूरते रहती हो? सरिता- ( मन ही मन में , मैं तो रोज़ उनसे चूदवा रही हूँ) हाहा, नहीं वो तो दिख ही जाता है, जब वो हिस्सा फूल जाता है। शालू- दीदी, क्या सच मैं तुमको लगता है कि, पापा मेरे साथ ऐसा कुछ कर सकते हैं? शालू- एक तरीक़ा है, पता करने का! शालू- क्या? सरिता- अभी तुम्हारे पापा आएँगे तो उनसे रूठना और जब वो मनायेंगे तो तुम उनके गोद में बैठ जाना, अगर उनके मन में कुछ नहीं होगा तो ठीक है, अगर उनके मे मन में तुम्हारे लिए चाहत होगी,तो तुमको उनका लंड चुभने लगेगा तुम्हारे चूतरों पर, बस समझ जाना की वो तुमसे क्या चाहते हैं,बोलो ट्राई करना है। 
शालू- ठीक है दीदी, मैं भी आज जानकार ही रहूँगी की पापा के दिल में क्या है?
फ़ी वो दोनों राज के आने का इंतज़ार करने लगीं, सरिता ने ख दिया था, राज ke आते ही वो बाज़ार चली जाएगी ,ताकि वो दोनों अकेले रह सकें।
राज घर में घुसा और सरित से पानी माँगा।फिर पानी देकर सरिता ने कहा कि वो बाज़ार जा रही है, आधे घंटे में आएगी, कहते हुए उसने राज को आँख मारी। शालू दूसरे कमरे में थी और सरिता के जाने का इंतज़ार कर रही थी।शालू ने सरिता की ये हरकत नहीं देखी।उसके जाने के बाद राज अपने कमरे में गया और एक टी शर्ट और हाफ़ पैंट पहनकर वापस हॉल में आया।फिर उसने शालू को आवाज़ दी, बेटा कहाँ हो, आओ बताओ कैसा रहा आज का कॉलेज ?शालू आयी और धम्म से सोफ़े पर दूर हट कर बैठ गयी। फिर राज ने अपना प्रश्न दोहराया ।तब शालू बोली, ठीक था। उसका बुरा सा मुँह देखकर राज बोला- क्या बात है, आज हमारी गुड़िया का मूड ठीक नहीं है?
शालू- आपको क्या फ़र्क़ पड़ता है? मैं जियूँ या मरूँ?
राज- अरे ये कैसी बातें कर रही हो? तुम तो मेरी जान हो! मैं तुम्हारे लिए ही तो जी रहा हूँ।
शालू- झूठ मत बोलिए पापा , आप मुझे बिलकुल प्यार नहीं करते हो! निलू और नेहा के पाप तो उनको बहुत प्यार करते हैं।वो उनको कितनी महँगी गिफ़्ट्स देते हैं, उनके पास महँगे फ़ोन हैं,स्कूटी हैं और बहुत गहने हैं, मेरे पास तो ये सब नहीं है ना।
राज- बेटा , अभी तुम्हें सिर्फ़ पढ़ायी में ध्यान देना चाहिए, और ये सब चीज़ें तो तुमने मुझसे कभी माँगी ही नहीं।वरना मेरा सब कुछ तो तुम्हारा ही है।मुझे तो बड़ी हैरानी हो रही है तुम्हारी बातों पर।
ऐसा कहते हुए वो उठे और शालू के पास जाकर बैठ गए और उसके कंधे सहलाते हुए बोके- बेटा मेरे जीवन का तुम ही आधार हो, मैं सिर्फ़ तुमसे ही प्यार करता हूँ।
फ़ी वो उसके गाल को चूम लिए, और उसके बालों पर हाथ फेरने लगे।
शालू- आज माँ होती तो मुझे ये दिन नहीं देखना पड़ता । कहते हुए उसके आँखों में आँसू आ गए।
राज भावुक हो उठा, उसने शालू को अपनी गोद में खींच लिया और प्यार से उसे अपने से लिपटाकर बोला- मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ, मैंने पूरी कोशिश की ताकि तुमको माँ की कमी ना महसूस हो। ऐसा कहते हुए वो उसक माथा गाल चूमने लगा। शालू भी उनसे चिपक गयी और उनको गले में चूमने लगी।फिर शालू ने अपना सर उठाया और पापा को बोली-- पापा आप मुझे सच में प्यार करते हो ना? राज ने उसको और ज़ोर से अपने से भींच लिया और कहा- हाँ बहुत।’फिर वो भी लिपटी हुई अपने पापा की छाती में समा गयी। तभी राज को अपनी छाती पर उसकी गोलाइयों का अहसास हुआ और वो थोड़ा सा सकपकाने लगा।शालू अभी कॉलेज से आयी थी, बस में गरमी की वजह से उसे पसीना भी आया हुआ था। फिर जब उसने अपने पापा की गर्दन से लिपटी तब उसकी बग़लों से पसीने की ख़ुशबू राज के सीधे नाक में ही घुसी। उसने उसकी स्लीव्लेस टी शर्ट से झाँक रहे बग़लों को देखा और वहाँ के छोटे बालों को देखा और उसने वहाँ अपनी नाक घुसेड़ दी। उसके बदन की ख़ुशबू ने राज को मस्त कर दिया, और उसका लंड इस अहसास से खड़ा होने लगा।उधर छातियों का दबाव और इधर ये मादक ख़ुशबू , राज अपना आपा खोने लगा ।तभी उसका हाथ शालू की जाँघ पर गया, उसकी चिकने मांसल बदन का वो सुखद स्पर्श उसे उत्तेजित कर दिया। अब उसका लंड पूरा खड़ा हो गया था, और शालू के चूतरों में वज़न से उसे बढ़ने की जगह नहीं मिल पा रही थी। उसने शालू को गोद से कमर पकड़ कर उठाया और फिर अपने खड़े लंड को अजस्ट किया जल्दी से , पर इसके पहले की वो शालू को अलग से बैठने के लिए बोल पता, शालू फिर से उसके गोद में बैठ गयी।और बैठते ही उसे अपने चूतरों पर लंड की चुभन का अहसास हुआ।दोनों चुप थे, राज शर्म से उसका लंड उसकी बेटी को चुभ रहा है और शालू ये सोचकर कि सरिता ने सच कहा था की उसके पापा उसको वैसे ही चोदना चाहते हैं, जैसे निलू और नेहा के पापा ने उनको चोदा था।अब शालू सोचने लगी की वो क्या करे? क्या पापा के साथ आगे बढ़े या यहीं रुक जाए।एक तरफ़ लंड की चुभन उसे मस्त कर रही थी, दूसरे तरफ़ रिश्तों का बंधन था।
तभी राज ने निलू के पीठ पर हाथ रखा और ब्रा की पट्टी पर उसका हाथ लगा और वो सिहर उठा, उसने हाथ नीचे किया तो उसकी चिकनी नरम कमर पर हाथ पहुँचा और वो उसकी कमर पर हाथ फेरने लगा।अब उसका एक हाथ उसकी गदरायी जाँघों पर और दूसरा हाथ उसकी कमर पर घूम रहा था।फिर उसने निलू को बोला- बेटी, तुम्हें अभी भी लगता है कि मैं तुम्हें प्यार नहीं करता। निलू ने अपना मुँह उसकी छाती से ऊपर उठाया और उन दोनों की आँखें मिली।वो मुस्करायी और उसके पापा ने उसके माथे को चूम , फिर उसके दोनों गाल चूमे और फिर उसकी आँखो में देखते हुए धीरे से अपने होंठ उसके होंठ से सटा दिए। निलू ने मज़े से आँख बन्द कर ली और राज ने उसके होंठों को चूमते हुए चूसना शुरू किया। निलू काँप उठी, क़रीब ३ मिनट तक चूसने के बाद वो बोले , बेटा , जीभ निकालो । शालू ने आँखें खोले बग़ैर अपनी जीभ बाहर कर दी, राज उसे अपने मुँह में डालकर चूसने लगा। अब तो शालू के निपल्ज़ तन गए और उसकी चूत गीली होने लगी।फिर राज ने उसे उठाया और उसकी स्कर्ट को ऊपर किया और घुमाकर इस तरह गोद में बेठया की शालू की पीठ उसकी छाती पर थी और उसकी चूत चड्डी के ऊपर से उसके खड़े लंड को रगड़ रही थी।राज समझ गया था की अब शालू गरम हो चुकी है तो उसने अपना दोनों हाथ शालू की क़मर पर रख कर सहलाते हुए हाथों को ऊपर की तरफ़ ले जाने लगा।उसने ध्यान से देखा , शालू की आँखें बन्द थीं और वो मज़े ले रही थी। फिर हिम्मत करके उसने दोनों हथेलियाँ शालू की छातियों पर रख दींऔर उनको हल्के से दबाया और फिर ज़रा ज़ोर से दबाने लगा। शालू की मस्ती के मारे आह निकल गयी।वो बोली- आह पापा धीरे से , दुखता है। राज प्यार से उसकी गर्दन चूमने लगा और उसने दबाव कम कर दिया। फिर वो उसके निपल्ज़ को कपड़े के ऊपर से ही अंगूठे और उँगलियों से मसलने लगा। शालू मस्ती में आकर अपनी कमर हिलाकर अपनी चूत पापा के लंड पर रगड़ने लगी।और राज ने उसका मुँह घुमा कर उसके होंठों को चूसने लगा।शालू अपने चूत को रगड़ते हुई झड़ने लगी और ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ भरने लगी। इधर राज भी बहुत उत्तेजित हो चुका था। और वो भी अपनी कमर को ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगा और उसका लंड भी झड़ने लगा।फिर उसने ज़ोर से शालू को जकड़ लिया। फिर शालू बोली- पापा अपने मेरी चड्डी गीली कर दी, मुझे कपड़े बदलने है, सरिता भी आती होगी। ये कहकर वो खड़ी हो गयी, राज भी खड़ा हुआ और उसने फिर से शालू को बाहों में भर लिया और उसे चूमते हुए बोला- बेटी मज़ा आया? शालू शर्माकर हाँ कहते हुए उसके सीने में अपना मुँह छिपा लिया।राज ने उसके मदमस्त चूतरों पर हाथ फेरते हुए कहा,आज रात मैं तुम्हें असली मज़ा दूँगा और अब तुम मेरी बेटी के साथ ही मेरी बीवी भी बन जाओगी।ठीक है ना?और देखो ये तुम किसिको बताना नहीं। शालू ने हाँ में सर हिलाया और अपने कमरे में आकर बाथरूम में घुस गयी।तभी घंटी बजी और सरिता अंदर आयी और राज के पैंट का आगे का गीला हिस्सा देखकर हसने लगी, और बोली- तो बाप बेटी का काम शुरू हो गया ? राज ने चौंक कर कहा- अरे ये तो पानी गिर गया है। वो हँसते हुए पैंट के पास नाक लेकर आयी और शरारत से बोली- ये तो आपके वीर्य की ख़ुशबू है।हाहा और हँसती हुई किचन में चली गयी। राज अपने कमरे के बाथरूम में गया । सरिता शालू के कमरे में आंके बोली- बेबी मज़ा शुरू हो गया ना? शालू जाकर उससे लिपट गयी और हाँ में सर हिला दी।तब उसने शालू से कहा - बेबी आज तेरे पापा तेरे साथ सुहाग रात मनाएँगे और कल की छुट्टी ले ले क्योंकि कल तू चलने के क़ाबिल नहीं रहेगी।ऐसा कहते हुए उसने शालू की चूत को कपड़े के ऊपर से दबा दिया।फिर वो किचन में खाना बनाकर घर जाने के समय राज को बोली- बेबी को प्यार से चोदना , और आज की सुहाग रात के लिए मैं पहले से ही ये फूल लायी हूँ, क्योंकि मुझे पता था आज ये होगा ही।राज ने फूलों का पैकेट हाथ में पकड़ लिया, और उसको चूमकर धन्यवाद दिया।सरिता ने जाते जाते राज का लंड दबा दिया और बोली- मज़े लीजिए लेकिन आराम से , बेबी अभी छोटी है।
सरिता के जाने के बाद राज शालू का इंतज़ार करता रहा। थोड़ी देर बाद उसने आवाज़ देकर उसे खाना खाने को बुलाया।वो आकर टेबल पर बैठ गयी । फिर दोनों ने खाना खाया।दोनों के बीच में एक अजीब सी ख़ामोशी थी। खाने के बाद राज थोड़ा सा काम किया लैप्टॉप पर और शालू tv देखती रही। फिर राज आकर शालू के पास बैठ गया और उसके हाथ को अपने हाथ में लेकर बोला- बेटी, क्या सोच रही हो, अगर तुम्हें ये सब नहीं करना है , तो हम नहीं करेंगे।मैं तुम्हारी इच्छा का सम्मान करूँगा।मैं तो बस तुम्हें ख़ुश देखना चाहता हूँ । शालू उठकर पापा की गोद में आकर बैठ गई और बोली- पापा मैं आपको वो सुख देना चाहती हूँ जो मेरी माँ आपको देती थी। इतना सुनते ही राज का लंड झटके मारने लगा।वो बोला-बेटी, तो चलो आज हम सुहाग रात मनाते हैं।फिर वो उसको उठाकर अपने बेडरूम में ले गए और आलमारी से शालू की माँ की एक सुंदर लाल सारी निकल कर ब्लाउस और पेटी कोट , और कुछ ज़ेवर के साथ दिया और बोले , आज तुम अभी ये पहनो। वो हंस कर बोली, पापा मुझे तो साड़ी ठीक से पहननी नहीं आती, तो वो बोला- जैसी आती है वैसी पहन लो, और ४५मिनट में इस कमरे में आकर बैठ जाओ। मैं २ पान लेने जा रहा हूँ, ठीक ४५ मिनट के बाद यहाँ आऊँगा। ये कहकर वो मुस्कुराते हुए शालू को अपने कमरे में भेज दिए। गिर राज ने बिस्तर में सरिता के लाए हुए फूलों को बिस्तर पर फैलाया और अपनी बेटी की चूदाइ की सेज सजाई ।फिर उसने शॉवर लिया और कपड़े पहनकर तय्यार हुआ।फिर ।कमरे में सेंट छिड़क कर वो घर से बाहर चला गया और उसने २ पान बनवाया और एक फूलों का गज़रा लिया और घड़ी देख के समय पर वापस आ गया।
उधर शालू ने शॉवर लिया और जैसे तैसे साड़ी पहनी , माँ का ब्लाउस उसको ढीला था, और उसने सब गहने भी पहन लिए। मेक अप करके वो ख़ुद ही शर्मा गयी। फिर घड़ी देख के धड़कते हुए दिल से वो अपने पापा के कमरे में पहुँची ।कमरे की सजावट देखकर वो ख़ुश हो गयी, फिर उसने अपना घूँघट नीचे किया और अपने पापा का इंतज़ार करने लगी।
Reply
10-21-2018, 11:48 AM, (This post was last modified: 10-21-2018, 11:48 AM by sexstories.)
#9
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
तभी राज अंदर आया और बेडरूम में शालू को दुल्हन के लिबास में बिस्तर पर बैठी देख कर उत्तेजित हो गया।उसका लंड कड़क हो गया।उसने आलमारी खोलकर १ हीरे का सेट निकला और आकर बिस्तर पर बैठ गया।फिर बड़े प्यार से उसका घूँघट हटाया और उसके होंठ को चूमकर उसे प्यार किया और उसके हाथ में हीरे का सेट देकर बोला- ये तुम्हारी मुँह दिखायी का, रख लो। शालू उस सुंदर सेट को देखकर बहुत ख़ुश हुई और राज को चूम के बोली- थैंक्स पापा।फिर राज मुस्कुराते हुए बिस्तर पर लेट गया और शालू को अपने ऊपर खिंच लिया। फिर उसकी आँखों में देखकर बोला- बेटी ख़ुश हो? शालू बोली- जो पापा बहुत ख़ुश हूँ।आज से मैं आपकी बेटी और बीवी दोनों हो जाऊँगी। और आप मुझे डबल प्यार करना।
राज हँसते हुए बोला- ज़रूर बेटी, अब पापा तो तुम्हारे ही आगे पीछे रहेगा। फिर उसने शालू के होंठ चूसने शुरू किए और उसके हाथ शालू की पीठ, कमर और चूतरों का भूगोल नापने लगे।शालू के नरम शरीर ओर राज का कठोर शरीर का मिलन शालू को मस्त कर रहा था।फिर राज ने शालू की साड़ी उतार दी और ब्लाउस और पेटी कोट में उसकी मस्त जवानी को देखकर वो बहुत उत्तेजित हो उठा।फिर उसने शालू को नीचे किया और उसके ऊपर आकर उसका मुँह चूमा और फिर नीचे आकर उसकी ब्लाउस के बाहर से उसकी चूचियों को चूमा , फिर उनको मस्ती से दबाते हुए नीचे की तरफ़ खिसका और उसका गोरा चिकना पेट और नाभि को चूमा और नीचे जाते हुए उसने शालू का पेटीकोट खोला और शालू ने कमर उठाकर राज को उतारने में मदद की।अब शालू की पैंटी और चिकनी जाँघें उसकी आँखों के सामने थी।अब राज ने देखा मी उसकी पैंटी गीली हो गई थी।उसने पैंटी के ऊपर मुँह रखकर उसको सूँघा और फिर चूमा और चाटा। शालू का पूरा बदन काँप उठा।अब राज ने उसकी जाँघों को चाटा और फिर ऊपर आ गया । अब वो ब्लाउस खोलने लगा और ब्लाउस को निकाल कर उसने बड़ी देर तज ब्रा और पैंटी में अपनी बेटी की मस्त जवानी का मज़ा लिया। फिर धीरे से बोला- बेटी, मेरी एक इच्छा पूरी करोगी? शालू- बोलिए ना पापा, मैं आपकी हर इछा पूरी करूँगी। राज- मैं चाहता हूँ कि तुम ब्रा पैंटी में मुझे इस कमरे में चल के दिखाओ जैसे फ़ैशन परेड में लड़कियाँ चलती हैं। वो हँसने लगी, तो राज बोला- प्लीज़ दिखाओ ना। तब वो खड़ी होकर बिस्तर से नीचे आइ और कमरे में चलकर दिखाने लगी, वो अपने चूतरों को वैसे ही मटका रही थी जैसे वो लड़कियाँ परेड में करती हैं।ये देख कर राज का लंड अब दर्द करने लगा। उसने अपने कपड़े उतारे और सिर्फ़ चड्डी में आ गया।शालू ने पापा का लंड चड्डी में देखा और शर्मा गयी। फिर वो आके पापा के पास खड़ी हो गई । राज ने उसे लिपटा लिया और उसके होंठों को चूसते हुए , उसकी ब्रा खोल दी। बड़े बड़े कसे हुए अनार से उसकी छातियाँ देख कर वो पागल होकर उन पर टूट पड़ा और उनको दबाते हुए चूमने और चूसने लगा।जैसे ही उसने निपल्ज़ को होंठों से दबाया शालू आह कर उठी।उसका लंड शालू के पेट में धँस गया था।तभी राज ने शालू का हाथ पकड़कर अपने लंड के ऊपर रख दिया।शालू ने पहली बार लंड का अहसास किया, उसने उसे अपनी मुट्ठी में जकड़ लिया।फिर राज ने उसकी चुचि को चूसा और फिर नीचे बैठकर उसकी पैंटी को उतार दिया।गोरी गोरी फुली हुई बिना बालों की मस्त चूत देखकर वो भी मस्त हो गया और उसे चूम लिया। फिर वो खड़ा होकर बोला- चलो अब तुम मेरी चड्डी खोलो। वो शर्माते हुए नीचे बैठ गयी और उसकी चड्डी नीचे खिसकाने लगी।पर उसका लंड खड़ा होने जे कारण वो उतार नहीं पाई । फिर उसने हाथ डालकर लंड को पकड़कर टेढ़ा किया और फिर चड्डी उतार दी। चड्डी से बाहर आते ही शालू के सामने लम्बा मोटा साँवला सा लंड ऊपर नीचे होने लगा। उसके सामने वाले हिस्से में कामरस की बूँदें चमक रही थीं।वो एकटक उसकी ख़ूबसूरती और विशाल साइज़ को देखती रह गई। राज बोला- बेटी इसे सहलाओ ,ये तुम्हारे कोमल हाथों का इंतज़ार कर रहा है। शालू ने उसे सहलाना शुरू किया। वी बोली- पापा ये कितना कड़ा है और गरम है।राज- बेटी ये तुम्हारे मुँह में जाना चाहता है। इसे चूमो और चूसो ,तुमको बहुत अच्छा लगेगा। शालू ने हिचकते हुए उसको साइड से चूमा, ताकि वो रस उसको ना मुँह में लग जाए।राज- अरे, इसको सामने से चूमो और ये रस का स्वाद लो, तुम्हारी माँ तो इस रस के लिए पागल रहती थी। ये सुनकर उसने लंड का सूपारा अपने मुँह में लिया और पहली बार उसने वीर्य का स्वाद चखा, जो उसे पसंद आया।फिर राज उसके मुँह में लंड अंदर बाहर करने लगा । थोड़ी देर बाद उसने शालू को ऊपर उठाया और उसको चूमते हुए बिस्तर पर लेटा दिया।अब वो उसके ऊपर चढ़कर उसकी चूचियाँ दबाने और चूसने लगा।फिर वो नीचे आया और उसकी टाँगों को घुटने से मोड़कर जाँघों को फैलाया और अपना मुँह उसके स्वर्ग के द्वार को देखने लगा।फुली हुई चूत के बीच की दरार में उसने ऊँगली डालकर पुत्तियों को फैलाया और अंदर का गुलाबी छेद देखकर वो मस्त बो गया।फिर उसने अपनी जीभ उस गुलाबी छेद में डाली और उसको ऊपर नीचे करने लगा। शालू आह आह पापा क्या कर रहे हो, आह बहुत अच्छा लग रहा है, आह मैं मर गई आज मेरा पानी निकल रहा है, उईउई , कहते हुए वो झड़ गई।
शालू के झड़ने के बाद राज फिर उसके ऊपर आ गया और उसे चूमने लगा, उसकी चूचियाँ दबाते हुए बोला, बेटी, मज़ा आया? शालू ने हाँ में सर हिलाया और पापा को चूम लिया।थोड़ी देर के चुम्बन और चुचि मर्दन से शालू फिर गरम हो गयी । तब राज ने नीचे आकर उसकी छूट में १ ऊँगली डाली और उसे अंदर बाहर करने लगा। कौमार्य की झिल्ली के कारण उसकी ऊँगली थोड़ी दूर ही गईं और वो बड़े लाड़ से बोला- अरे बेटी, तुम तो अभी तक कुँवारी हो, किसी बोय्यफ़्रेंड से मज़ा नहीं किया? शालू ग़ुस्से से बोली- पापा आप मुझे ऐसी लड़की समझते हो।राज हँसकर बोला, अरे मैं तो मज़ाक़ कर रहा था।फिर उसने कहा- बेटा, अब मैं तुम्हारी सील तोड़ूँगा, जब लंड अंदर जाएगा तो थोड़ा दर्द होगा , बर्दाश्त कर लोगी ना? शालू- पापा मैं आपके प्यार के लिए सब बर्दाश्त मार लूँगी।राज- चलो फिर बोलो की पापा मुझे चोदो , मुझे लड़की से औरत बना दो। शालू- शर्माकर बोली, ये ज़रुरी है बोलना? राज- हाँ, मुझे अच्छा लगेगा।शालू- ठीक है पापा , आज मैं आपको हर तरह से ख़ुश करूँगी। चलो आप मुझे अब चोद दीजिए और मुझे औरत बना दीजिए।राज का लौंडा मस्ती से भर उठा ये सुनकर।वो समझ गया की ये लौड़िया उसके जीवन को मस्ती से भरने वाली है।अब उसने शालू को कहा की ज़रा कमर उठाओ, फिर उसकी गाँड़ के नीचे तकिया लगा दिया ,जिससे उसकी चूत उभरकर ऊपर को आ गयी।अब वो पागल हो रहा था उसकी गुलाबी छेद को देखकर। उसने फिर से अपना मुँह रख दिया उस मस्तानी चूत पर और उसको चूमने और चाटने लगा।शालू अब और आह आह करने लगी। जब राज ने देखा की चूत मस्त गीली हो गयी है तो उसने फिर अपने लंड में पास ही रखी शीशी से तेल लगाया और फिर पूरी तरह से शालू पर छा गया। उसके होंठ चूसते हुए उसकी चुचि दबाते हुए उसने अपना लंड का सुपारा उसकी चूत के छेद पर सेट किया। फिर धीरे से धक्का मारा , क़रीब एक चौथाई लंड अंदर चला गया और उसकी झिल्ली फट गयी। शालू दर्द से कराह उठी, तब राज ने रुक कर उसके होंठ चूसते हुए चूचियाँ मसली और निपल्ज़ भी चूसे। वो अब मस्त होने लगी, तब राज ने फिर ज़ोर का धक्का लगाया और पूरा लंड पेल दिया। अबकि बार वो और ज़ोर से चीख़ी।राज ने फिर रुक कर उसको संभालने का मौक़ा दिया और चुचि चूसता रहा।उसके आँसुओं को चाट कर वो उसको प्यार किया। जब वो नोर्मल हुई तो वो बोला- बेटी, अब चूदाइ शुरू करूँ?वो हाँ में सर हिलाई , फिर राज ने धीरे से आधा लंड निकाला और फिर अंदर झटके से पेल दिया। फिर शालू को भी मज़ा आने लगा , उसने भी अपने हाथ राज के चूतरों पर रख दिए और उनको नीचे की तरफ़ दबाने लगी।राज समझ गया की अब लौंडिया मस्ती में है, तो उसने भी धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और पूरा कमरा फ़च फ़च की आवाज़ से गूँज उठा। शालू की आह और राज की बहुत मज़ा आ रहा है , जैसी आवाज़ें कमरे में भर रही थी।फिर जैसे जैसे राज के धक्के तेज़ होते गए, वैसे ही शालू की मस्ती बढ़ती गयी, और वो मैं गायीइइइइइइइइ पापाऽऽऽऽ के साथ झड़ गयी। राज भी तीन चार धक्के और मारने के बाद झड़ने लगा।फिर वो शालू के बग़ल में लेट गया और उसको बाहों में भर कर चूमते हुए बोला- बधाई हो अब तुम औरत बन गयी।शालू ने भी लाड़ में आकर उसको चूमा और बोली , थैंक यू पापा।
थोड़ी देर आराम करने के बाद राज उठा और शालू की टाँगे फैलाकर उसकी चूत की हालत देखा, वहाँ ख़ून के निशान थे, और उसके लंड पर भी थोड़ा सा ख़ून था।शालू ने भी उठकर अपनी चूत और राज का लंड देखा। राज मुस्करा के बोला, ये नोर्मल है और उसको बाथरूम ले गया। वहाँ पहले वो पेशाब किया और फिर शालू ने पेशाब किया। दोनों एक दूसरे को पेशाब करते देख के मुस्कराए । फिर राज ने बड़े प्यार से शालू की चूत की सफ़ाई की और बाद में शालू भी उसका लंड धोने लगी।फिर तौलिए से सफ़ाई करके दोनों वापस बेडरूम में आये। राज ने ख़ून और वीर्य से सनी चादर को बदलकर दूसरी चादर बिछाई ।फिर दोनों लेट गए और एक दूसरे से लिपट गए, और चूमा चाटी चालू हो गई ।फिर वो बातें करने लगे।
राज-बेटी जो आज तुमने मज़ा दिया है, ऐसा मज़ा तो तुम्हारी माँ ने भी नहीं दिया।
शालू- मैंने क्या किया? जी किया वो आपने ही किया।
राज- चलो अगले राउंड में तुम कर लेना।फिर वो उसके गोल गोल चूतरों पर हाथ फेरने लगा।साथ ही उनको दबाने भी लगा। शालू- पापा , आपने माँ के अलावा भी किसी से मज़ा किया है?
राज- बेटा, तुमसे झूठ नहीं बोलूँगा , हाँ किया है पर तुम नाम नहीं पूछना प्लीज़।
शालू- पापा, प्लीज़ बताइए ना कौन है, मैं बिलकुल बुरा नहीं मानूँगी।
राज-तुम्हारी माँ के जीतेजी मैंने कभी कोई गड़बड़ नहीं की पर अब एक लड़की के साथ सम्बंध बन गया है। शालू- कौन है वो? राज- प्लीज़ मत पूछो ना । शालू- pleaseeee बताओ ना।
राज- वो लड़की और कोई नहीं सरिता है।
शालू अविश्वास के साथ राज को देखने लगी, उसे झटका लगा था।



 
 
Reply

10-21-2018, 11:48 AM,
#10
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
शालू सोचने लगी की सरिता ने तो कभी बताया ही नहीं।जब की वो शालू के मन की सब बातें जान लेती थी पर अपनी बात उसने छुपा ली। फिर वो बोली-चलो कोई बात नहीं अब हम दोनों तो यहाँ ही घर पर रहती हैं आप अब हम दोनों से जब चाहे मज़ा ले सकते हैं। राज ख़ुश हो गया और उसको चूमने लगा और उसकी निपल्ज़ चूसते हुए उसके चूतरों को दबाने लगा और उसकी गाँड़ की दरार में उँगलियाँ डालकर गाँड़ और चूत दोनों को सहलाने लगा।शालू मस्त होने लगी तब राज बोला, चलो अब तुम मेरे ऊपर आ जाओ और अपनी चूत मेरे मुँह में रख दो और अपना मुँह मेरे लंड पर रखो इसे ६९ पज़िशन कहते हैं।शालू उठकर राज के मुँह पर अपनी चूत रख दी और उसके लंड पर अपना मुँह लेके उसको चूसने लगी। उधर राज भी मस्ती से शालू के चूतरों को अलग करके उसकी चिकनी गाँड़ और चूत देखके मस्ती में आ गया और उसके दोनों छेदों को चाटने और जीभ से कुरेदने लगा। शालू भी मस्त होकर राज का लंड और बॉल्ज़ चूसने लगी।उसके लंड से निकले हुए दो बूँद सफ़ेद रस को उसने बड़े प्यार से चाटा।फिर जब दोनों गरम हो गए , तब राज ने शालू को सीधा होकर उसके लंड पर बैठने को कहा।जब वो बैठ गयी तो उसकी लटकती चूचियाँ जो उसके मुँह पर थी , को वो चूसने लगा और उसको अपनी कमर उठाने को बोला, फिर उसने अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रख के उसको नीचे बैठने का इशारा किया और ख़ुद भी नीचे से कमर को उचकाया और अपना लंड उसकी चूत में जड़तक पेल दिया।फिर राज ने शालू को अपनी कमर ऊपर नीचे करके चूदाइ करने मो बोला।वो कमर उठायी और फिर नीचे बैठी , इस तरह उसको मज़ा आने लगा और राज एक हाथ से उसकी चुचि दबा रहा था और दूसरी चुचि चूस रहा था, और उँगली से उसकी गाँड़ का छेद भी छेड़ रहा थ। शालू मस्ती से भर के ज़ोर ज़ोर से उछलने लगी, और उसकी चीख़ें निकलनी लगी, हाअइइइइ पापाऽऽ मर गायीइइइइ। बहुउउउउउउत्तत माऽऽऽऽऽऽऽजाऽऽ आऽऽऽऽऽ राह्ह्ह्ह्ह्हा है पापाऽऽऽऽ ।फिर वो झड़ने लगी, इधर राज ने भी नीचे से धक्का मारा और वो भी झड़ गया।
शालू राज के ऊपर ही गिर गयी, झड़ने के बाद।फिर राज ने उसे साइड में लिटाया और प्यार से चूमने लगा। राज बोला- बेबी, तुम तो सुहाग रात में ही चूदाइ की एक्स्पर्ट हो गयी।फिर थोड़ी देर बाद बाथरूम से आकर दोनों लेट गए ।राज और शालू आमने सामने नंगे लेटे हुए थे राज ने उसे खींचकर अपनी बाहों में लपेट लिया, और बड़े प्यार से अपनी बेटी को देखने लगा।राज- बेटी, अब दर्द तो नहीं हो रहा चूत में? शालू- पापा, थोड़ी सी जलन हो रही है बस। राज- बस बेटा ये भी जल्द ठीक हो जाएगा ।सरिता आएगी तो उससे हल्दी लगवा लेना, अच्छा लगेगा। शालू- छी पापा, क्या मैं उससे वहाँ हल्दी लगवाऊँगी? राज- क्या हुआ, उसे तो सब पता है ही की आज हमने सुहाग रात मनायी है, वो ही तो फूल लायी थी।जब उससे कुछ छुपा नहीं है तो फिर क्या फ़र्क़ पड़ता है।शालू- हाँ ये तो है। चलो वो आएगी तब देखेंगे।फिर वो बोली- पापा, मैं सच में आपको मज़ा दी या सरिता के साथ आपको ज़्यादा मज़ा आता है? राज- पगली, तेरा और उस दो बच्चों की माँ सरिता का क्या मुक़ाबला। तेरा ये दूध सा रंग ,तेरे रसीले होंठ, ये बड़ी बड़ी आँखें , तेरे रसभरे गाल,तेरे ये अनार से मस्त दूध और तेरा ये चिकना बदन। तेरी ये मस्त जाँघें, तेरी ये मदमस्त करने वाली ख़ुशबू,तेरी ये रसिलि चूत तेरे ये मस्त गोल चूतर और ये कुँवारी गाँड़, बेटी, तेरा और उसका क्या मुक़ाबला? शालू- पापा, आप भी ना, ये सब तो सभी लड़कियों के पास होता है। आप बस ऐसे ही मेरी तारीफ़ कर रहे हो। और ऐसे ही सरिता की भी करते होगे।राज- अरे सरिता के तो बच्चा हो चुका है, चूत में से बच्चे निकालने से चूत ढीली पड़ जाती हैं।फिर उसकी उम्र अब ३० के आसपास है।कहाँ तुम कहाँ वो।कहते हुए राज शालू की चुचि मुँह में लेता है, और निपल को होंठों से दबाने लगता है और उसका हाथ उसकी गाँड़ की दरार में हलचल मचाता रहता है। शालू आह करके उससे चिपक जाती है।शालू भी हाथ बढ़ाकर उसके बॉल्ज़ को अपनी हथेली में भरकर प्यार से सहलाने लगती है।उसे अपने पापा के बड़े बड़े बॉल्ज़ से प्यार सा हो जाता है।राज को याद आता है की उसकी माँ रानी भी हर समय उसके बॉल्ज़ को सहलाती रहती थी सेक्स के दौरान।शालू बोली- पापा आपको मेरे साथ सुहाग रात में ज़्यादा मज़ा आया या माँ के साथ? राज उसको चूमते हुए बोला- ये कैसा सवाल है? वो भी मुझे बहुत प्यारी थी, और अब तुम भी मज़े उतनी ही प्यारी हो।तुम उसी का तो प्रतीक हो ।जिन बॉल्ज़ से तुम अभी खेल रही हो, इनसे निकला वीर्य ने ही तो तुम्हें जन्म दिया है।शालू- बोली, जी पापा आप ठीक कह रहे हो, मुझे इन्हें धन्यवाद देना चाहिए। यह कह कर वो उठी और अपने पापा के लंड को जो अभी नरम था, को एक तरफ़ हटा कर , उसके बॉल्ज़ को प्यार से चूमने लगी , फिर वो चूमते हुए थोड़ा नीचे की तरफ़ गयी, तब उसे गाँड़ के पास एक अजीब सी सेक्सी गंध आयी, उसने अपना मुँह नीचे करके बॉल्ज़ के नीचे डाला और जीभ फेरते हुए गाँड़ के छेद तक पहुँच गयी। राज ने उसके सर को थोड़ा नीचे को दबाया और बोला- बेटी, मेरी गाँड़ चाटो ना प्लीज़। शालू ने अपने पापा को ख़ुश करने का संकल्प लिया हुआ था सो उसने अपनी जीभ उसके गाँड़ पर रख दी और उसे चाटने लगी। बड़ा अजीब सा अहसास था उसके लिए ये भी।फिर उसे याद आया की पापा ने उसकी गाँड़ चाटने के साथ ही उसकी गाँड़ में ऊँगली भी डाली थी, यो उसने भी पापा की गाँड़ में एक ऊँगली डालने की कोशिश की, राज की आह निकल गयी, वो मस्त हो कर सोचने लगा की ये तो उसको अपनी माँ से भी ज़्यादा मज़ा देने वाली है।थोड़ी देर बाद वो उठकर फिर पापा के पास आ गयी। राज ने उसे प्यार करते हुए, थैंक्स कहा, इतना मज़ा देने के लिए।राज का लंड आधा खड़ा था, पर अब वो आराम के मूड में था। उसनेशालू मो कहा और चूदवाना है या सोना है? वो बोली-बस पापा अब सोएँगे।
फिर दोनों नींद की आग़ोश में समा गए , ऐसे ही नंगे बदन।
क़रीब ६ बजे राज की नींद खुली, तो वो उठा और फ़्रेश होकर बाथरूम से वापस आया और पेट के बल सोई हुई शालू के मस्त गोल गोल चूतरों को देखकर उसका लंड फिर तन गया और वो उसकी जाँघों के पास बैठकर उसकी जाँघों पर हाथ फेरते हुए अपने हाथ उसके चूतरों तक ले गया और उनको दबाने लगा।फिर उसने उसकी दरार में अपनी उँगलियाँ डालीं और गाँड़ और चूत सहलाने लगा। चूत में ऊँगली जाते ही शालू आह करके उठ गयी, पर राज ने उसे पलटने नहीं दिया।फिर उसने उसको कमर उठाने को बोला, और उसके पेट के नीचे दो तकिया रख दिया, जिससे उसके गोल चूतर ऊपर को आ गए।फिर उसने अपना मुँह उसकी चूत पर रख कर उसको जीभ से सहलाना शुरू किया और ऊँगली से उसके clit के दाने को सहलाया।अब उसकी चूत गीली होने लगी।शालू की आह निकल गई और उसने अपनी chutaron को ऊपर की तरफ़ उछाला ताकि राज की जीभ उसकी चूत को और मज़ा दे सके।फिर राज ने उसे doggie position में आने को कहा, ताकि उसके चूतर पूरे ऊपर आ जाएँ, शालू चोपाया बन गई और उसकी गोल गाँड़ राज को मस्ती में डूबा रही थी और उसका लौंडा पूरा अकड़ गया था,फिर वो शालू को उसी अवस्था में खींचकर पलंग के सिरे पर ले आया और ख़ुद नीचे खड़ा हो गया।अब उसको शालू की गोल छातियाँ भी अनारों की तरह लटकी हुई दिख रही थीं।उसने दोनों चूचियों को दबाया और निपल्ज़ को मसलने लगा, शालू भी मस्ती मैं आह पापा करने लगी।राजने फिर उसके मस्त उठे हुए चूतरों मो दबाया और उसपर दो तीन थप्पड़ भी मारे।राज ने देखा की उसकी चूत अब पूरी तरह से पनिया गई है, तो उसने अपने लंड का सुपारा उसकी चूत के मुँह में लगाया और धक्का लगाया लंड चूत में धँसता चला गया, और शालू के मुँह से उफ़्फ़्फ निकल गया।फिर राज ने उसकी चूचियाँ दबाते हुए धक्के मारने शुरू किया , कमरा फ़च फ़च की आवाज़ से भर गया । अब शालू भी मस्ती में बोलने लगी, हाय पापा , बहुत मज़ा आ रहा है, हाय मर गइइइइइइइइ! राज भी उसकी टाइट चूत की पकड़ को अपने मोटे लंड में महसूस कर रहा था, और मस्ती के साथ चूदाइ कर रहा था। फिर राज को मस्ती सूझी। उसने लंड बाहर निकाल लिया, शालू चौंककर पीछे मुड़कर बोली- क्या हुआ पापा? क्यों निकाल लिया? राज- क्या निकाल लिया? शालू- पापा आप बहुत ख़राब हो। राज- पहले जो निकला उसका नाम बोलो। शालू- आपका ल ल लंड और क्या। राज- शाबाश, अब बोलो मैं लंड डाल कर क्या करूँ। शालू- ओह पापा लंड डालो और मुझे ज़ोर से चोदो।राज मुस्कराया और उसने फिर से लंड पेल दिया और ज़बरदस्त चूदाइ में लग गया।अब शालू भी मस्ती में आकर अपने चूतरों को आगे पीछे करके चूदवा रही थी। फिर शालू चिल्लाई , पापा मैं गइइइइइइइइ।और वो झड़ गयी, राज भी आह्ह्ह्ह्ह्ह मेरी बच्चीइइइइइइइइइइ करके झड़ने लगा और अपना वीर्य अपनी जवान बेटी की चूत में भर दिया।फिर वो लंड निकालके उसकी बग़ल में लेट गया।
फिर वो बोला, आज मैं तुम्हें पिल्ज़ लाकर दूँगा ताकि तुम कहीं गर्भ से ना ठहर जाओ।
राज और शालू सुबह की चूदाइ के बाद फिर नंगे ही सो गए। क़रीब ८ बजे सुबह घंटी बजी, तो राज उठा, और एक कमर में एक तौलिया लपेट कर दरवाज़ा खोला। सामने सरिता सलवार कुर्ते में खड़ी मुस्करा रही थी। वो अंदर आकर आँखें मटका कर बोली- तो राजाजी कैसी रही सुहाग रात? कितने round किए? राज हँसके उसको अपनी बाहों में खिच लिया और बोला- मस्त रही , ३ बार चूदाइ हुई। उसने आँखें फैला कर मार कहा- तीन बार ! बेबी आपका मोटा वाला ३ बार झेल सकी? तब तो वो पक्की चुदक्कड निकलेगी।फिर दोनों हँसने लगे। सरिता ने मस्ती करते हुए उसके तौलिए को झटके से खिंच दिया, उसका लंड लटक रहा था, उसे हाथ से दबाते हुए बोली- देखो आज कितना शांत है बेचारा, वरना ये सुबह तो फूफकर्थ सुबह में साँप में जैसे।राज ने उसके चूतरों को दबाते हुए कहा- अरे तुम इसको ऐसे सहलाओगी तो फिर से तय्यार हो जाएगा। अच्छा एक बात बतानी थी, की कल मैंने शालू को बता दिया है की मैं तुमको भी चोदता हूँ। सरिता ने कहा- क्यों बता दिया आपने? उसको धक्का लगा होगा l राज-हाँ, दो मिनट के लिए वो सकते में आ गयी थी, पर फिर समझ गई और अब कह रही थी कि वह अब हतीनों मज़ा कर सकते हैं। ये सुनकर सरिता की परेशानी ख़त्म हो गई। वो बोली- सच में हमारी बेबी बहुत समझदार है। फिर वो नीचे झुक कर उसका लंड सूंघकर बोली- आप चूदाइ के बाद लंड को साफ़ नहीं किए? राज- नहीं आख़री चूदाइ तो अभी २ घंटे पहले ही की , उसके बाद हम ऐसे ही सो गये।सरिता ने लंड को चाटा और बोली- आह, उसने से आप दोनों के मिक्स रस का स्वाद आ रहा है, औरफिर वो पूरा लंड achhe से चाट ली।फिर वो खड़ी होकर राज को बोली- बेबी सो रही है क्या? चलो मैं उससे मिलना चाहती हूँ। जब वो बेड रूम पहुँचे तो बेबी करवट लेकर सो रही थी और इसका एक पैर दो तकियों पर था और दूसरा पैर सीधा था,इस पोज़ में वो किसी परी की तरह मासूम बच्ची सी लग रही थी।सरिता उसके चूतरों की तरफ़ आइ और उसकी दरार में झाँकी , उसे चूत की पुट्टियां साफ़ दिखाई पड़ीं और छेद भी लालिमा लिए हुए साफ़ दिखा।वो बोली- आपने किस बुरी तरह से इसकी फाड़ी है,सब तरफ़ लाल ही दिख रहा है, क्या बहुत ख़ून निकला? राज- नहीं थोड़ा सा ही निकला है। सरिता ने अपनी नाक वहाँ लगा कर सूंधी और बोली- आह इसने भी आपके वीर्य और बेबी के रस की ख़ुशबू आ रही है, और वहाँ अपनी जीभ डालकर चाटने लगी। चूत पर जीभ की गुदगुदी से शालू की नींद टूट गई और वो उठ के बैठ गई और सामने नंगे पापा और अपनी चूत पर सरिता का मुँह देख कर वो हड़बड़ा गई।और बोली- दीदी ये आप क्या कर रही हो? सरिता हंस कर बोली- मैं जाँच कर रही ही हूँ की सुहाग रात में आपके पापा ने आपको ज्यदा तंग तो नहीं किया? शालू शर्माकर रह गई।फिर सरिता ने उसकी टाँगें चौड़ी कर दी और जीभ से पूरी चूत चाटने लगी। शालू की फिर से सिसकियाँ निकालने लगी, वो बोली- दीदी आप हट जाओ , मुझे ज़ोर से सु सु आ रही है, और सरिता के हटते ही दौड़कर बाथरूम में घुस गई। फिर राज ने सरिता का मुँह चूमने लगा।फिर सरिता अपने आप को छुड़ाकर बोली- चलो मैं चाय ले कर आती हूँ। ताज भी टी शर्ट और हाफ़ पैंट पहनकर हॉल में आ गया और थोड़ी देर बाद शालू भी स्कर्ट टॉप में वहाँ आयी और अपने पापा के पास बैठ गयी। पापा ने उसके गाल चूमकर उसे प्यार किया। सरिता चाय लाई और तीनों चाय पीने लगे।सरिता बोली- फिर पहली बार बहुत दुखा तो नहीं बेबी? शालू- दुखा तो था, पर सह गई। वैसे पापा ने बहुत प्यार से धीरे धीरे शुरू किया।राज- अरे मेरी प्यारी बिटिया को तकलीफ़ थोड़े ना देनी थी। ऐसा कहते हुए उसको अपनी गोद में खिंच लिया और उसके होंठ चूम लिए।सरिता के सामने ये सब पहली बार हो रहा था, इसलिए शालू शर्मा गयी।पर राज ने सरिता को अपने पास आने का इशारा किया और एक जाँघ में शालू को और दूसरे में सरिता को बैठा लिया। 
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Thumbs Up Porn Story गुरुजी के आश्रम में रश्मि के जलवे sexstories 176 1,875,869 11-20-2022, 10:26 PM
Last Post: aamirhydkhan
Lightbulb Bhai Bahan Sex Kahani भाई-बहन वाली कहानियाँ desiaks 119 832,671 11-17-2022, 02:48 PM
Last Post: Trk009
Lightbulb Vasna Sex Kahani घरेलू चुते और मोटे लंड desiaks 110 1,958,729 11-15-2022, 03:27 AM
Last Post: shareefcouple
  बहू नगीना और ससुर कमीना sexstories 143 1,429,190 11-14-2022, 10:30 PM
Last Post: dan3278
Tongue Maa ki chudai मॉं की मस्ती sexstories 72 914,049 11-13-2022, 05:26 PM
Last Post: lovelylover
Lightbulb Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी sexstories 46 992,410 09-13-2022, 07:25 PM
Last Post: Ranu
Star non veg story नाना ने बनाया दिवाना sexstories 109 976,834 09-11-2022, 03:34 AM
Last Post: Gandkadeewana
Thumbs Up bahan ki chudai भाई बहन की करतूतें sexstories 23 686,484 09-10-2022, 01:50 PM
Last Post: Gandkadeewana
Star Desi Sex Kahani एक नंबर के ठरकी sexstories 42 488,350 09-10-2022, 01:48 PM
Last Post: Gandkadeewana
  Mera Nikah Meri Kajin Ke Saath desiaks 46 260,643 08-27-2022, 08:42 PM
Last Post: aamirhydkhan



Users browsing this thread: 11 Guest(s)