Hindi Porn Kahani अदला बदली
10-21-2018, 11:57 AM,
#61
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
उस दिन होली के दिन वो झड़कर थक गयी थी, मैंने उसे दूध का ग्लास दिया और सुला दिया।क्योंकि उसकी चड्डी से मैंने उसकी चूतका रस पोंछा था इसलिए मैंने उसकी चड्डी धोने में डाल दी और उसको बिना चड्डी के ही चद्दर ओढ़ा कर सुला दिया।
क़रीब दो घंटे के बाद मैंने उसे उठाया और बोला: बेटा, अब कैसे लग रहा है? खुजली से आराम मिला?
वो बोली: जी पापा अब बिलकुल ठीक हूँ मैं।
फिर मैं उसके पास आकर बैठ गया और उसके सर पर हाथ फेरा और झुककर उसके गालों को चूमा और बोला: बेटा,चलो अब नहा लो देखो सब जगह रंग लगा हुआ है।
वो उठते हुए बोली: जी पापा मैं नहा लेती हूँ।
मैंने उसको अपनी बाहोंमेंभरकर कहा: बेटा मुझसे ग़ुस्सा तो नहीं हो, तुम्हें दवाई लगाते हुए मैं बहक गया था और तुम्हारे साथ कुछ ग़लत सा कर बैठा।
वो शर्मा कर बोली: चलो पापा मैं नहा लेती हूँ।
मैंने अब उसके गाल चूमे और धीरे से अपनी बाहों का बंधन कड़ा किया और बोला: बेटी वो क्या है ना, तुम्हारी माँ के जाने के बाद अब मुझे सेक्स के लिए बहुत तड़पना पड़ता है, अब तुम इतनी बड़ी तो हो गयी हो कि मैं तुमसे ऐसी बात कर सकूँ। इसी के कारण मैं ये सब कर बैठा।
वो: चलिए पापा जो हुआ सो हुआ अब मैं नहा लूँ?
मैं: बेटा एक बात और बोलना है किअब मुझे लगता है कि मुझे अब दूसरी शादी कर लेनी चाहिए क्योंकि मैं भी एक मर्द हूँ और मुझे भी तो सेक्स चाहिए।
वो भावुक होकर बोली: पापा आप मेरी सौतेली माँलाएँगे? नहीं ये नहीं हो सकता।
मैं: बेटा कल को तुम्हारी शादी हो जाएगी और तुम अपने घर चली जाओगी तो मैं तो बिलकुल अकेला हो जाऊँगा ना?
नेहा: पापा मैं शादी नहीं करूँगी और हमेशा आपके साथ रहूँगी। ऐसा कहते हुए वह मुझसे लिपट गयी।
मैंने भी उसे अपने गोद में खींचकर अपने आधे खड़े लंड पर बैठा लिया और बोला: मैं भी कभी तुमसे अलग नहीं होना चाहता हूँ पर इसका क्या करूँ जो तुम्हारे चूतरों के नीचे दबा हुआ है।
मैंने साफ़ साफ़ अपने लंड की बात की। वह फिर से शर्मायी और कुछ बोली नहीं।
मैं उसके गालों को चूमते हुए बोला: बेटा, मैंने जब अभी तुमसे थोड़ी छेड़ छाड़ की थी, तुम्हें मज़ा आया कि नहीं।
नेहा ने अपना सर मेरी छाती में दबा दिया और बोली: जी आया था।
मैं: बेटा अगर तुम चाहो तो मैं दूसरी शादी का ख़याल छोड़ दूँगा।
नेहा: मैं चाहूँ मतलब?
मैंने उसको अपने लंड पर दबाया और बोला: बेटी ये जो तुमको चुभ रहा है ,ये तुम्हारा प्यार चाहता है, नहीं तो मुझे तुम्हारे लिए सौतेली माँ लानी पड़ेगी।
नेहा भावुक होकर बोली: पापा चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े पर आप दूसरी शादी नहीं करोगे।
मैंने देखा कि मेरे लंड की चुभन से उसके गाल गुलाबी हो रहे थे और उसकी छाती उठने बैठने लगी थी, जो उसके उत्तेजित होने के लक्षण थे।
मैं: बेटी,तो क्या तुम मुझे वो सुख दोगी जो तुम्हारी माँ दिया करती थी? मैंने उसकी बाहों को सहलाते हुए पूछा।
नेहा: पापा मैं अपनी माँ की जगह लूँगी और आपका पूरा ध्यान रखूँगी,पर आप दूसरी शादी नहीं करेंगे।
मैं ख़ुश होकर उसके होंठ चूमने लगा और बोला: बस बेटी मुझे सब मिल गया अब मैं दूसरी शादी क्यों करूँगा !
अब मेरे हाथ उसकी बाहों से आगे जाकर उसके छातियों पर आ गए और मैंने उनको हल्के से सहलाया। वो मस्त होकर मुझसे लिपटी रही और फिर मैंने उसके पेट को सहलाया। अब मेरे हाथ उसकी जाँघों पर थे और मैं उसके होंठ चूमने लगा।
वो भी मस्त होकर मुझे सुख दे रही थी। अब मेरे हाथ उसकी जाँघों पर ऊपर की तरफ़ पहुँचे पर उसने अपनी जाँघों को जोड़ रखा था।
मैंने कहा: बेटी, अच्छा लग रहा है ना?
उसने हाँ मेंसर हिलाया ।
,तब मैंने कहा: बेटी टांगों को अलग करो ना, पापा को तुम्हारा ख़ज़ाना छूना है।
वो शर्माकर बोली: पापा ये तो पाप है ना? कभी बाप बेटी भी ऐसा करते हैं क्या?
मैं: बेटी देखो हम बाप बेटी बाद मैं हैं पहले मर्द और औरत हैं। ये सही है कि समाज इसकी इजाज़त नहीं देता, पर अगर हम समाज को नहीं बताएँगे तो किसी को क्या मतलब? ये बताओ तुम्हें मज़ा आ रहा है ना ?
ये कहते हुए मैंने हल्का सा पैरों पर दबाव डाला और उसने अपनी जाँघों को अलग कर दिया। उसने पैंटी नहीं पहनी थी क्योंकि मैंने उसकी पैंटी से उसका पानी उसके सोने के पहले साफ़ किया था।
अब मेरा हाथ उसकी चिकनी जाँघों से होता हुआ उसकी चूत पर पहुँचा। वो आह पापा कर उठी।
मैंने एक उँगली अंदर डाली तो उसकी चूत पूरी गीली थी। मैं समझ गया कि वह गरम हो चुकी है।मैंने उसकी चूत की बालोंपर हाथ फेरा।
मैं: बेटी यहाँ के बाल साफ़ रखा करो।नहीं तो इन्फ़ेक्शन हो सकता है।
नेहा: पापा मैंने कभी साफ़ नहीं किया वहाँ। मुझे डर लगता है कहीं कट ना जाए वहाँ।
मैंने उसकी चूत को बड़े प्यार से सहलाया और बोला: कोई बात नहीं बेटी, मैं अभी साफ़ कर देता हूँ, तुम्हारी माँ की भी चूत के बाल मैं ही साफ़ किया करता था।
नेहा शर्माकर बोली: ठीक है पापा आप ही कर दीजिएगा।
मेरे मन में तो लड्डू फूटने लगे।
मैं: तो बेटी, अब फ़ाइनल हो गया ना, कि मैं दूसरी शादी नहीं करूँगा और तुम अपनी माँकी जगह लोगी?
नेहा: जी पापा फ़ाइनल है, मैं आपको शादी नहीं करने दूँगी चाहे कुछ हो जाए।
मैं: पर बेटा ये किसी को पता नहीं चलना चाहिए, तुम किसी से बोलोगी तो नहीं? ये कहते हुए मैंने उसकी चूत के दाने को छेड़ दिया।
वो आह पापा कहके बोली: नहीं पापा मैं किसी को हाय्य्य्य्य्य नहीं बताऊँगीइइइइइइइइइ ।पापा वहाँ से हाथ निकाल लो ना, मुझे ज़ोर की गुदगुदी हो रही है।
मैंने वहाँ से हाथ हटाया और अपनी ऊँगली चाट ली।
नेहा: छी पापा क्या चाट रहे हो गंदी जगह से हाथ लगाकर।
मैं: अरे बेटा ये तो सबसे स्वाद रस है।इससे ज़्यादा स्वादिश्ट तो कुछ हो ही नहीं सकता।
वो हैरानी से मुझे देख रही थी।
मैं: चलो अब नहा लो और रंग भी निकाल लो।
वो उठने लगी तो मैं बोला: बेटी तुम आज ही बाल साफ़ करवा लो ना? ठीक है ना?
नेहा: ठीक है पापा जैसा आप ठीक समझें।
अब मैंने उसके होंठ चूसे और बोला: ठीक है बेटा मैं क्रीम लेकर आता हूँ। और मैं क्रीम लेने के लिए अपने बाथरूम में चला गया।क्रीम लेकर मैं वापस आया और नेहा को बाथरूम मेंचलने को कहा।
अब बाथरूम में मैंने उसको स्कर्ट उतारने को कहा, पर वो शर्मा रही थी सो मैंने ख़ुद ही उसका स्कर्ट उतार दिया। अब उसके शरीर पर बस टॉप था और उसकी गोरी दूधिया जाँघें और उसके बीच की बारीक सी दरार जिसने से बाल भी झाँक रहे थे, देखकर मैं मस्त हो गया।
मैंने एक स्टूल लिया और उस पर बैठ गया और उसकी जाँघें फैलाके उसकी चूत देखकर अपने लौड़े को मसलने लगा।
फिर मैंने एक हाथ में क्रीम लिया और उसकी चूत के बालों पर लगाने लगा। पहले मैंने पेड़ू पर लगाया और फिर चूत और जाँघ के जोड़ पर और आख़िर में उसके फाँकों पर लगाया।
अब उँगलियों में और क्रीम लेकर उसकी चूत के नीचे से उसकी गाँड़ की ओर ले गया। जब सामने से क्रीम लग गयी तब उसको घुमाया और अब उसके गोल गोल चूतरों को देखकर मैं पागल सा हो गया और फिर उसकी चूतरों की दरार में ऊँगली डालकर उसकी गाँड़ और उसके आसपास की जगह पर भी क्रीम लगाया।हालाँकि उसकी गाँड़ और उसके आसपास की जगह क़रीब क़रीब चिकनी ही थी,बहुत थोड़े से ही बाल थे वहाँ। अब मेरा लंड जैसे टूटने वाला था। मैं खड़ा हुआ और मैंने अपनी लोअर और चड्डी निकाल दी तब जाकर लौड़े को आराम मिला।
नेहा की आँखें मेरे लौड़े को देखकर फटी की फटी रह गयीं। वो एकटक उसे देखे जा रही थी। मैंने कहा :बेटा कैसा कहा पापा का लंड ? बेटा इसको लौडा भी कहते है।
वो कुछ नहीं बोली बस सर झुका लिया।
मैं: अच्छा सच सच बोलो किकभी किसी लड़के का लंड देखा है? और उसे सहलाया है?
नेहा: पापा वो वो क्या है ना, वो--
मैं: अरे बेटा सच बोलो मैं ग़ुस्सा नहीं होऊँगा।
नेहा: वो पापा दो लड़कों का देखा है और एक का पकड़ा है।
मैं: ओह कोई बात नहीं बेटा, क्या उनका इतना बड़ा और मोटा था?
नेहा: नहीं पापा उनका तो पतला और छोटा था, आपका तो बहुत बड़ा है।
मैं: चलो इसको भी सहलाओ जैसे उस लड़के का सहलाया था। ये कहते हुए मैंने अपना लौडा उसकी ओर बढ़ा दिया।
नेहा ने सकुचाते हुए मेरा लौड़ा पकड़ लिया और सिहर उठी। मैं समझ गया कि उसको हिलाना भी नहीं आता इसलिए मैंने उसके हाथ पर अपना हाथ रखकर उसको सहलाना सिखाया। अब वो मेरे लौड़े को मज़े से मूठिया रही थी। थोड़ी देर बाद मुझे लगा किउत्तेजना से मैं झड़ जाऊँगा सो मैंने उसका हाथ हटा दिया।
फिर मैं नीचे बैठा और रुई लेकर उसकी क्रीम निकालनेलगा और वो बालों के साथ निकल रही थीं। जब पूरी चूतका हिस्सा साफ़ हो गया तो घुमाकर उसके गाँड़ के हिस्से को भी साफ़ किया।
थोड़ी देर बाद वहाँ हाथ लगाकर देखा कि उसका पूरा पिछवाड़ा चिकना था और चूतका भी हिस्सा बिलकुल चिकना हो गया था।
मैं बोला: चलो बेटा अब नहा लो। बोलो तो मैं ही नहला दूँ? सब रंग अच्छी तरह से निकाल दूँगा।
वो बोली: पापा आप कभी माँके साथ नहाए थे?’मैं: हाँ बेटा कई बार। उसको और मुझे बहुत मज़ा आता था साथ नहाने में।
नेहा आकर मेरे से लिपट गई और मेरा लौडा उसके नाभि मेंघुस गया और बोली: पापा चलो आज हम भी साथ ही नहाएँगे।

मैंने नेहा के होंठ चूसते हुए उसको गरम किया और फिर अपने सारे कपड़े उतार दिए और नंगा हो गया।मेरा लंड पूरा खड़ा था क्योंकि उसको पता था कि आज उसे चोदने के लिए कुँवारी चूत जो मिलने वाली थी।नेहा मेरे लंड को देखे जा रही थी और उसकी सांसें फूल रही थी।अब मैंने उसका टॉप भी उतार दिया और उसकी रंगो से भरी ब्रा में छुपी छातियाँ अब मेरे सामने थीं।मैंने ब्रा के बाहर से उसकी छातियाँ छू कर उसको मस्त किया और फिर घुमाकर उसकी चूतरों से अपना लौड़ा सटा दिया और उसकी ब्रा खोल दिया। अब मेरे हाथ उसकी छातियों को पीछे से पकड़कर मसल रहे थे और मेरा लौड़ा उसके गाँड़ की दरार मेंजैसे घुसे जा रहा था।अब मैंने एक बालटी भरी और मग्गे से पानी लेकर उसके ऊपर पानी डाला।
वो हँसने लगी फिर मैं बोला: बेटा चलो स्टूल पर बैठ जाओ और अपने पैर लम्बे कर लो,ताकि मैं तुम्हारे पैरों का रंग निकाल सकूँ।
वो स्टूल पर बैठ गयी और मैं भी साबुन और प्लास्टिक का ब्रश लेकर एक दूसरेस्टूल पर उसके सामने बैठ गया।उसने जाँघें मिलाकर पैर फैला दिए। मेरा लंड मेरे जाँघों के बीच एकदम खड़ा ऊपर नीचे हो रहा था।
उसकी आँखें बार बार मेरे लंड पर जा रही थीं।
अब मैंने उसके पैरों पर साबुन लगाना शुरू किया। जैसे जैसे साबुन का झाग वाला हाथ ऊपर उसकी जाँघों तक पहुँचा,मैंने उनको अलग करने के लिए दबाव डाला और उसने अपने आप ही जाँघें फैला दिया। अब उसकी फूली हुई चूत जो मैंने बाल निकाल कर चिकनी कर दी थी, मेरी आँखों के सामने थी।
मेरा लंड अब और ज़्यादा कड़ा हो गया। मैंने उसकी जाँघों के अंदर साबुन लगाया और वहाँका भी रंग निकाल दिया।
फिर मैं बोला: बेटा जब उन लड़कों ने तुम्हारी जाँघों पर रंग लगाया तो मज़ा तो आया होगा ना?
वो शर्माते हुए बोली: जी पापा अच्छा तो लगा था।
मैं: बेटा गुदगुदी हुई थी?
वो: जी पापा, बहुत।
मैं: कहाँ कहाँ गुदगुदी हुई बेटा?
वो: जी पापा , वो यहीं (उसने चूतकी तरफ़ इशारा करते हुए कहा) सबसे ज़्यादा हुई थी।
मैं उसके पेट में साबुन लगाते हुए बोला: और भी कई जगह गुदगुदी हुई होगी, जब उन्होंने पैंटी के अंदर से तुम्हारी चूतमेंरंग लगाया होगा।
वो बोली: पापा मेरे निपल्ज़ भी एकदम कड़े हो गए थे।
मैंने अब उसकी चूचियाँ पर साबुन मलते हुए कहा: बेटा इनको भी तो दबाया था ना, उन लड़कों ने?
वो: जी पापा ज़ोर से दबाया था, मुझे तो दर्द भी हुआ था।
मैंने उसकी चूचियों को प्यार से दबाते हुए साबुन लगाना जारी रखा।
वो आह आह करने लगी। उसके निपल्ज़ बिलकुल कड़े हो गए थे।मैंने उसके निपल्ज़ को साबुन लगाने के बहाने से मसला और वो मस्त होकर हाय्य्यय कर उठी।
अब मेरा हाथ उसके गर्दन को साफ़ करके उसकी आँखों पर लगाया , उसने आँखें बंदकर लीं।अब उसके मुँह पर साबुन लगाके उसका रंग निकालने लगा। अब मेरी आँखें फिर से उसकी चूत पर पड़ी और वो जाँघें फैला कर बैठी थी।उसमें से चूत बड़ी मस्त दिखायी दे रही थी। मैं अपना हाथ अब उसकी चूतपर ले गया और वहाँ पर अच्छी तरह से साबुन लगाया और वहाँ हाथ रगड़ने लगा। अब वो मस्त होकर पापाआऽऽऽऽऽ कहके मचलने लगी। जैसे ही मैंने उसकी चूतके दाने को छेड़ा और वो सीइइइइइइइ कर उठी।
फिर मैंने उसको बैठे बैठे ही घुमाया और अब उसकी पीठ मेरे सामने थी।
मैंने उसकी पीठ पर साबुन लगाया और फिर मेरा हाथ उसकी चूतरोंके दरार की सैर करने लगा। अब मैंने उसको उठने को कहा और वो मेरे सामने अपने मस्त चूतरों को सामने करके खड़ी थी।
अब मैंने उसके चूतरों पर साबुन लगाते हुए उनको मसलने लगा। फिर उसकी दरार मेंऊँगली डालकर उसकी गाँड़ के छेद को रगड़ने लगा| नेहा सीइइइइइ और हायय्य्य्य्य्य करने लगी। फिर मैं अपना हाथ नीचे लेज़ाकर उसकी चूत को मसलने लगा।
अब उसको मैंने पानी डाल कर अच्छी तरह से नहला दिया।
फिर मैंने कहा: चलो बेटा तुम तो नहाँ ली अब हमें नहलाओ।
वो हँसते हुए बोली: जी पापा चलिए बैठिए स्टूल पर , मैं आपको नहलाती हूँ।
फिर उसने मेरे ऊपर पानी डाला और बाद मैं साबुन लेकर मेरे सीने पर साबुन लगाने लगी। उसके बाद उसने मेरे सामने बैठते हुए मेरे पेट और मेरी जाँघों और पैरों पर साबुन लगाया।
उसकी संतरों सी सख़्त चूचियाँ मेरे सामने हिल रही थीं। मेरा लंड ऊपर नीचे हो रहा था।मैंने उसकी हिलती छातियों मो पकड़ लिया और दबाने लगा। उसने लंड और आंडों पर साबुन लगाया और मुझे लगा किमैंझड़ ही जाऊँगा| वो लंड को दबाकर मज़ा ले रही थी।
जब मुझे लगा किअब और नहीं तो मैंने उसका हाथ पकड़कर के बोला: बेटी सिर्फ़ इसे ही नहलाएगी क्या?
वो शर्माकर बोली: धत्त । और उसने मेरे मुँह मेंसाबुन लगा दिया। अब उसने मुझे घुमाकर मेरी पीठ पर साबुन लगाया। फिर उसने मुझे खड़ा करके मेरी जाँघों और मेरे सख़्त चूतरों को धोया और फिर उसने अपनी ऊँगलियाँडालकर मेरी गाँड़ धोने लगेगी। मैं भी मस्त हो गया फिर वो सामने आकर फिर से लंड पकड़कर बोली: तो पापा अब इसको और धोऊँ क्या? और खिखि करके हँसने लगी।
मैं भी मस्त होकर बोला: बेटा ज़्यादा धोएगी तो रस निकल जाएगा।
वो हँसते हुए पानी डालने लगी। फिर हम दोनों एक दूसरे से चिपटकर ख़ूब देर तक होंठ चूस चूस कर मस्त होने लगे।
फिर तौलिए से पोंछकर बदन सुखाकर बेडरूम मेंआए और उसको चूमते हुए बिस्तर पर लिटा कर उसपर छा गया। अब मैंने उसकी चुचि पर अपना मुँह रख दिया और क़रीब क़रीब पूरा संतरा मुँह में लेकर चूसने लगा। मेरी जीभ उसके निपल्ज़ को दबा रहे थे।अब मेरा दूसरा हाथ उसके दूसरी चुचि पर था। अब मैं उसकी दूसरे निपल को ऊँगली और अंगूठे से मसलने लगा। नेहा हायुय्य्य्य्य पापाऽऽऽऽऽऽ मर गईइइइइइइइइइ करने लगी। मैंने उसके हाथ ऊपर को किए उसकी बग़लों को चाटने लगा वो हाय्य्यय कर उठी।मैं उसके बग़लों की ख़ुशबू से जैसे दीवाना सा हो गया । अब अपना मुँह नीचे उसके पेट पर लाकर उसकी नाभि मेंजीभ डालकर चाटने लगा। फिर नीचे उसकी चूत को चूमने लगा।अब अपनी जीभ से मैं उसकी जाँघ और चूत के जोड़ को जीभ से चाटा एर वो मस्ती से अपनी कमर उछालने लगी। अब मेरी जीभ उसकी चूत पर घूम रही थी। अब मैंने उसकी फाँकोंको फैलाया और उसके अंदर गुलाबी छेद देखकर लंड तो जैसे पागल ही हो गया। मेरी जीभ अब उसके छेद के अंदर जाकर उसको मस्त कर रही थी। वो अब अपनी कमर उछालने लगी और अपनी चूतको मेरे मुँह पर रगड़ने लगी।चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी।
अब मैंने उसकी टाँगें ऊपर को उठाया और चिकनी गाँड़ का भूरा छेद देखकर मेरा लौड़ा मस्ती से भर उठा।अब मेरी जीभ उसकी गाँड़ चाटने लगी। नेहा हाय्य्य्य्य्य्य कह के मुझे बहुत उत्तेजित कर दी।
फिर मैंने उसके जाँघों के बीच आकर उसकी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा। मेरा सुपाड़ा उसकी चूत के मुहाने पर रखा और उसको रगड़ने लगा उसकी सिसकियाँ अब कमरे में गूँज रही थीं।
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10-21-2018, 11:58 AM,
#62
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
अब मैंने हल्के से दबाकर सुपाड़ा अंदर कर दिया, और कुँवारी चूत फट गयी और नेहा की चीख़ निकल गयी।
उसकी चीख़ की परवाह ना करते हुए मैंने अब ज़रा ज़ोर का धक्का मारा और लौड़ा आधा तो पेल ही दिया।अब उसके आँसू निकल आए थे। मैंने उसके आँसू पोछते हुए उसके होंठ चूसने लगा। फिर उसकी चूचियाँ दबाते हुए चूस चूस कर उसको मस्त कर दिया।अब उसकी दर्द मेंकमी आयी देखकर मैंने अपना पूरा लौड़ा अगले ही धक्के मेंपूरा अंदर कर दिया। नेहा फिर से सिहर उठी और बोली:पापा प्लीज़ छोड़ दो आऽऽऽहहहह दुखताआऽऽऽऽऽ है नाऽऽऽऽऽऽऽ ।
मैंने उसके होंठों और छातियों पर अपने होंठों का हमला जारी रखा और जल्द ही वो हायुय्य्य्य्य हाय्य्य्य्य्य करने लगी। अब मैंने उसको चोदना शुरू किया और जल्द ही वो भी मेरा साथ देने लगी। मैंने अपने मुँह का थूक उसके मुँह में डाला जिसको उसने थोड़ी हैरानी के साथ अपने मुँह मेंनिगल लिया। मैंने उसको अपनी जीभ निकालने को कहा। उसकी जीभ बाहर आते ही मैंने अपने मुँह मेंलेकर उसकी जीभ चूसने लगा। अब मेरी चुदायी की गति बहुत बढ़ गयी थी। और वो हाय्य्य्य्य्यू मरीइइइइइइइइ करके झड़ने लगी। मैं भी अब तेज़ धक्कों के साथ झड़ गया।
मैंने देखा कि मेरा लंड थोड़े से ख़ून से भी सना था। बिटिया की सील जो टूट गयी थी।मैंने लंड को पोंछ कर सफ़ किया।
नेहा झड़कर बिलकुल तृप्त होकर आँखें बंद करके पड़ी हुई थी, वो बहुत ही प्यारी लग रही थी। मैंने झुककर उसके गाल चूमे और बोला: बेटा मज़ा आया ना? बहुत चिल्ला चिल्ला कर मज़ा ले रही थी?
नेहा: हाँ पापा बहुत मज़ा आया , पर शुरू में बहुत दुखा था, मुझे तो विश्वास ही नहीं हो रहा था कि आपका इतना बड़ा मेरे अंदर घुसा कैसे?
मैंने उसकी जाँघों पर हाथ फेरते हुए कहा: अरे बेटा इसमें तो इससेभी बड़ा घुस जाएगा। मैंने अपने लंड की तरफ़ इशारा करते हुए कहा।
उसने हाथ बढ़ा कर मेरे नरम लंड को प्यार से पकड़ा और बोली: पापा देखिए कैसे मुँह लटकाए पड़ा है जैसे इसकी कोई ग़लती ही नहीं, और इसने मेरी चूत फाड़ दी है।
उसके मुँह से चूतशब्द सुनकर मैं मस्त होकर उसको चूमने लगा और बोला: चलो बेटा अब फ़्रेश हो जाओ , आज थोड़ी जलन रहेगी तुम्हारी चूतमें ।कल से सब ठीक हो जाएगा। और हाँ पहली चुदायी की बहुत बहुत बधाई।
वो हँसते हुए मेरी बाहो मेंसमा गयी।
ये कहते हु राजेश ने अपनी और अपनी बेटी नेहा की पहली चुदायी का क़िस्सा ख़त्म किया।राज अब खुले आम अपना लंड दबा रहा था, राजेश की कहानी सुनकर, उसका लंड पत्थर के माफ़िक़ कड़ा हो गया था।
राजेश: वाह भाई लगता है, कि नेहा की चूत के लिए अपना लंड मसल रहे हो?
राज: यार तुम्हारी कहानी थी ही इतनी मस्त कि कोई भी पागल हो जाए। बस अब जल्दी से नेहा को मुझसे चुदवा दो , अब नहीं रहा जाता।
राजेश: यार मैं भी तो यही चाहता हूँ, चलो आज का ही प्रोग्राम बना लो, वो कॉलेज से आ गयी होगी, चलो अभी चल के चोद कर उसको मस्त कर दो।
राज: तुम्हें भी तो शालू को चोदने का मन है ना, तो ऐसा करते हैं किशालू को भी अभी तुम्हारे घर चलने को बोलते हैं। वहाँ तुम भी उसको चोद लेना।
राजेश: नहीं यार, असल में मुझे एक और शौक़ लग गया है, अब तुमको कैसे बताऊँ?
राज: अरे अब क्या झिझक रहे हो, बोलो ना यार!
राजेश: असल में मुझे नेहा को किसी और से चुदते देखने मेंबहुत मज़ा आता है। एक बार मेरे बॉस ने उसको मेरे सामने चोदा था, तबसे उसको जब कोई मेरे सामने चोदता है तो मैं बहुत उत्तेजित हो जाता हूँ।
राज: ओह, चलो कोई बात नहीं, आज तुम्हारी ये इच्छा भी पूरी कर देते हैं। चलो शालू को किसी और दिन चोदलेना।
ये कहते हुए राज सरिता को फ़ोन करता है किशालू को बोल देना कि मैं देर से घर आऊँगा और वो अपना लंच कर ले।फिर राज और राजेश उसके घर की ओर कार से चल पड़े।
राज ने पूछा: यार ये तो बताओ की नेहा को कितनो से अब तक चुदवा चुके हो?
राजेश हँसते हुए बोला: ज़्यादा नहीं, बस यही कोई ५/६, पर साली पूरी रँडी बन चुकी है, एकदम साली मज़े से कमर उछालकर चुदाती है, तुमको तो मज़ा ही आ जाएगा। और ऐसा कहते हुए अपना लौड़ा दबाने लगा।
राज: तुम्हारे बॉस की उम्र क्या है?
राजेश: अरे वो तो बस सिर्फ़ २८ साल का है। नेहा उसको फ़ंसा रही है, किवो उससे शादी करले ताकि उसका पैसा भी ये उड़ाएगी और मेरे से भी चुदवा सकेगी। क्योंकि बॉस के साथ मिलकर मैंने भी उसकी डबल चुदायी की है।
राज: अरे इस छोटी सी उम्र में वो काफ़ी अनुभवी हो गयी है। हाँ वैसे अब शालू भी मज़े से चुदाती है बहुत मज़ा लेती है वो भी।
तभी वो दोनों राजेश के फ़्लैट पर पहुँचे। ताला खोलकर राजेश और राज अंदर आए, नेहा अभी आयी नहीं थी।
राजेश ने बीयर की बोतलें खोलीं और दोनों पीने बैठ गए। क़रीब आधे घंटे बाद कॉल बेल बजी। राजेश उठते हुए बोला: नेहा आ गयी।
दरवाज़ा खोलकर उसने नेहा को अंदर आने दिया और फिर दरवाज़ा बंद कर दिया। नेहा अपने पापा से लिपट गयी और बोली: सॉरी पापा देर हो गयी। तभी उसने राज को देखा तो सकपका कर उससे अलग हो गयी और उसको नमस्ते की। राज मुस्कुराते हुए उसको बोला: अरे बेटा मैं तुम्हारी सहेली शालू का पापा हूँ।
वो चौंक कर बोली: अच्छा, पर आप तो परसों का आने का बोले थे ना? शालू भी आने वाली थी।
राज हँसते हुए बोला: अरे बेटी वो तो अदला बदली का प्रोग्राम है ना, वो तो परसों कर लेंगे। पर आज तो तुमको मिलने के लिए आया हूँ।
वो शर्माकर बोली: जी ठीक है और वो फ्रिज से पानी की बोतल निकालने लगी। अब राज ने ध्यान से देखा किसच में वो एक शानदार जवान माल थी। उसने टॉप पहना था जिसमें से उसकी मोटी मोटी चूचियाँ जो शायद ३६ से कम साइज़ की नहीं थीं, मचल रहीं थीं।
और जींस में से उसकी गदरायी जाँघे और मोटे उभरे हुए चूतर ग़ज़ब ढा रहे थे। पेट नंगा गोरा और सपाट था, जैसे की छोटी उम्र की लड़कियों का होता है। उसके झुकने से उसकी जींस नीचे खिसक गयी थीं और उसके मोटे चूतरोंकी दरार का ऊपरी हिस्सा दिख रहा था,जिसे देखकर राज अपना लौड़ा अजस्ट करने लगा, उसे ऐसा करते देखकर राजेश बहुत उत्तेजित हो गया।
नेहा पानी पीकर आकर अपने पापा के साथ सोफ़े पर बैठ गयी, राज सामने बैठा था।
राजेश: और बेटा कॉलेज कैसा रहा? शालू ठीक तो हैं ना?
नेहा: ठीक रहा पापा, शालू ठीक है और अपने घर चली गयी थी।
राज: अरे बेटी, ये तो बताओ कि तुम दोनों को कॉलेज में लड़के तंग तो नहीं करते? तुम दोनों इतनी सुंदर और जवान हो।
नेहा: अंकल सच मेंबहुत तंग करते हैं पर हम किसी को घास नहीं डालते।
राजेश: बेटी, ये राज तुमको चोदने के लिए मारा जा रहा है, चलो ज़रा इसको मज़ा दे दो ना।
नेहा: पापा आप भी ना, कुछ भी बोल देते हो।
राजेश: अरे बेटी, सच कह रहा हूँ, ये आज तुमको चोदने ही आया है यहाँ। जाओ इसकी गोद में बैठ जाओ और अंकल से मज़े से चुदायी कराओ।
नेहा शर्म से अपनी नज़रें झुका लीं और अपनी जगह से नहीं हिली। अब राजेश खड़ा हुआ और नेहा का हाथ पकड़कर उसको उठाया और नेहा को खींचकर राज की गोद मेंबिठा दिया। नेहा के मोटे मोटे चूतरोंको जैसे ही राज के खड़े लौड़े का स्पर्श मिला, वो सिहर उठी।
राज तो उसके गद्देदार चूतरों के स्पर्श से ही मस्त हो गया और उसने नेहा को अपनी बाहों में भींच लिया और नीचे की ओर अपने लौड़े पर दबाने लगा।
राजेश अपनी बेटी की ओर देखते हुए अपना लंड मसल रहा था।
अब राज ने नेहा को अपनी ओर घुमाकर उसके होंठ चूसना शुरू किया। वो भी मस्ती से होंठ चूसवा रही थी। राज के हाथ उसकी टॉप के ऊपर से उसकी छातियों पर आ गए और वो उनको दबाकर उसकी कड़ी और मोटी चूचियाँ का मज़ा लेने लगा।
नेहा भी गरम होकर अपनी गाँड़ को उसके लौड़े पर रगड़ने लगी।
अब राज ने उसकी टॉप को उठा दिया और उसके चिकने पेट को सहलाने लगा, और उसकी नाभि मेंऊँगली घुसाने लगा। फिर उसने टॉप के नीचे से ब्रा के ऊपर से उसकी चूचियाँ दबाने लगा। उसने उसके होंठ को चूसना जारी रखा।
फिर उसने नेहा का टॉप उतार दिया और उसके ब्रा में चमकते हुए गोरे गोरे मोटे मोटे दूध देखकर वो मस्त हो गया और उनको ब्रा के ऊपर से ही चूमने और चाटने लगा। फिर उसने नेहा की बाहों को ऊपर किया और उसकी बग़लों को सूँघने लगा और फिर जीभ से चाटने लगा। अभी वो बाहर से आयी थी, इसलिए हल्के पसीने की ख़ुशबू जैसे राज को दीवाना बना रही थी।
अब राजेश भी उठकर इन दोनों के पास आकर बैठ गया, उसकी पैंट मेंभी तंबू तना हुआ था। राज ने राजेश को कहा: यार ज़रा ब्रा का हुक खोल दो ना ।
राजेश ने ब्रा का हुक खोल और ब्रा को निकाल कर अपनी बेटी की छातियाँ नंगी कर दीं। नेहा के मोटे मोटे बब्बे देखकर राज मस्त हो गया और बोला: यार क्या मस्त चूचियाँ हैं, शालू की अभी बहुत छोटी हैं इसके सामने। फिर उसकी चुचि दबाते हुए मस्त होकर एक चुचि चूसने लगा। राजेश भी उसकी दूसरी चुचि दबाने लगा। फिर राज ने राजेश को भी चुचिचूसने को कहा। अब दोनों उस हसीन लड़की की बड़ी बड़ी चूचियाँ पो रहे थे। अब नहा मस्ती से भर कर दोनों के सर को अपने सीने पर दबा रही थी और उसकी चूतबहने लगी थी।
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10-21-2018, 11:58 AM,
#63
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
अब राज ने कहा: चलो यार बेडरूम में , अब रहा नहीं जा रहा है।
अब नहा को लेकर दोनों बेडरूम मेंपहुँचे। वहाँ पहुँचकर राज नेहा से बोला: बेटी, चलो अब मुझे नंगा करो। नेहा मुस्कुराते हुए उसके पास आयी और उसकी क़मीज़ खोलने लगी और राज उसके चूतरों पर हाथ फेरते हुए मस्त होने लगा। क़मीज़ खोलकर उसने उसकी बालों से भरीछाती पर हाथ फेरा और उसके निपल्ज़ को दबाते हुए चूसने लगी। राज के लौड़े को जैसे झटका सा लगा। फिर उसने पैंट की बेल्ट खोली और पैंट खोलने लगी, जैसे ही पैंट नीचे गिरी उसका खड़ा लौड़ा चड्डी में समा ही नहीं रहा था। नेहा ने उसके लौड़े को चड्डी के ऊपर से दबाया और बोली: हाय राम ये तो बहुत बड़ा लग रहा है। और उसने इलास्टिक के अंदर हाथ डालकर उसकी चड्डी नीचे को की और हाथ बढ़ाकर उसके लौड़े को टेढ़ाकरके उसको बाहर निकाल लिया और उसे हैरानी से देखने लगी और बोली: पापा देखो ना अंकल का ये कितना बड़ा है?
राजेश: हाँ बेटा, शायद आजतक तुमने इतना बड़ा लौड़ा अंदर नहीं लिया है। यार राज तुम्हारा तो काफ़ी बड़ा है, नेहा बिटिया को तो मज़ा हो आ जाएगा।
नेहा बड़े प्यार से उसके लौड़े को दोनों हाथों मेंलेकर सहला रही थी।
राज भी अब उसकी छातियाँ दबाने लगा।
अब राज ने नेहा की पैंट उतार दी और उसकी पैंटी मेंफँसी जाँघों को देखकर मस्ती से उसकी गदरायी जाँघों को सहलाने लगा। उसने उसकी गीली हो चुकी पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को दबाया और नेहा मस्त होकर सीइइइइइइइ कर उठी।
अब नहा बोली: अंकल मैं अभी बाथरूम से आती हूँ, मैं कॉलेज से आकर इसको साफ़ नहीं कर पायी हूँ।
राज: बेटा साफ़ क्यों करना है? अरे तेरी रसिलि चूत की ख़ुशबू ही मस्त होगी। ऐसा बोलते हुए वो नीचे बैठ गया और उसकी पैंटी में अपनी नाक घुसेड़कर दी और उसकी चूतकी गंध से मस्त हो गया।
वो बोला: आह्ह्ह्ह्ह्ह क्या गंध है बेटी, फिर वो उसकी पैंटी को उतार दिया और उसकी फूली हुई चूत देख कर मुग्ध हो गया। अब उसने अपना मुँह फिर से उसकी चूतमेंडाल कर सूँघने लगा।
राज उत्तेजित होकर बोला: आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह बेटी क्या गंध है तुम्हारी चूत की , इसमें तुम्हारी पेशाब , पसीने और मादक चूतकी गंध है जो कि लाजवाब है मेरी जान। बेटी धुली हुई चूतमें वो मादक गंध कहाँ होती है जो तुम्हारी इस चूतमें है। और ऐसा कहते हुए उसने उसकी चूत को चूमना और चाटना शुरू किया। फिर वो राजेश से बोला: अरे यार आओ ना तुम भी चाटो । ऐसा बोलते हुए उसने उसको घुमाया और अब उसके मोटे चूतर उसके सामने थे। उसने उनको दबाते हुए उसको चूमना चालू किया। उधर राजेश भी झुक कर उसकी चूत चाटने लगा। अब राज भी उसकी चूतरों को फैलाकर उसकी गाँड़ के कोमल छेद को देखते ही रह गया। अब उसका मुँह उसकी दरार में था और वी उसकी गाँड़ जीभ डालकर चाटने लगा। नेहा तो डबल हमले से मस्त हो गयी थी, उसका बाप उसकी चूत चाट रहा था और और अंकल गाँड़ चाट रहे थे। उसके मुँह से हाय्य्य्य्य्य्य्य और आऽऽऽऽऽह्ह्ह्ह्ह्ह निकालने लगी। वो कमर हिलाके अपने बाप के मुँह को अपनी चूत पर दबा कर अपनी जवानी का मज़ा लेने लगी। और तभी वो चिल्लाकर झड़ने लगी और अपना पानी अपने बाप के मुँह में छोड़ने लगी।राज ने मस्त होकर देखा कि कैसे राजेश अपनी बेटी का कामरस पीने लगा।
अब वो दोनों मर्द अपना मुँह पोच्च्ते हुए खड़े हुए। राज का लौड़ा बुरी तरह से हिल रहा था और राज बिस्तर पर लेट गया और अपने लंड को सहलाने लगा। नेहा बाथरूम से फ़्रेश होकर आयी और राज के ऊपर आकर लेट गयी।राज उसको चूमते हुए उसकी पीठ सहलाते हुए उसके चूतरोंको दबा कर मज़ा लिया।
उधर राजेश भी अपनी मस्त जवान बेटी को राज के ऊपर लेटकर अपनी जवानी लुटाते देखकर उत्तेजित हो रहा था और वो भी नंगा होकर अपने लंड को सहलाने लगा। राज ने देखा कि राजेश का लंड सामान्य साइज़ का था क़रीब ६ इंच का जबकि राज का लंड ७ इंच से भी ज़्यादा ही रहा होगा और मोटा भी बहुत था।
अब राज ने फिर से नेहा को गरम करना चालू किया और वो अपनी कमर को हिलाकर अपनी चूत राज के लंड पर रगड़ रही थी। उसके हिलते हुए चूतरों को देखकर उसका बाप भी मस्त होकर अपने लंड को सहलाने लगा।वो जनता था किआज नेहा की ज़बरदस्त चुदायी होने वाली है।आज उसे बहुत मज़ा मिलने वाला है क्योंकि उसको अब नेहा को चोदने से ज़्यादा मज़ा उसको चुदवाते हुए देखने में आता था।

नेहा राज के ऊपर लेटी थी और राज उसके चूतरों और पीठ पर हाथ फेरते हुए उसके होंठ चूसकर उसको गरम कर रहा था।अब राजेश भी एक कुर्सी लेकर बिस्तर के बग़ल में बैठ गया और अपनी बेटी को मज़े लेते हुए देखकर मस्ती से अपना लंड सहलाने लगा।
फिर राज ने नेहा को पलटकर नीचे किया और उसके ऊपर आकर उसकी छातियाँ चूसने लगा।अब नेहा भी हाय्य्य्य्य्य अंकल जीइइइइइइइ करके मज़ा ले रही थी।अब राज उसके होंठ चूसते हुए उसकी छातियाँ दबाने लगा।उसके निपल्ज़ को अपनी ऊँगली और अंगूठे से मसल रहा था,फिर वो नीचे जाते हुए उसके पेट और चूत को चाटने लगा। उसने देखा कि नेहा मस्त हो गयी है तो वो उसके बग़ल मेंलेट गया और उसको ६९ की अवस्था में लाकर उसकी चूत और गाँड़ चाटने लगा। नेहा भी उसके मस्त लौड़े को चूसने लगी और उसके सुपाडे को जीभ से सहलाने लगी। अब उसका मुँह उसके लंड पर ऊपर नीचे होने लगा। उधर राजेश ये सब देखकर मस्त हो रहा था। 
थोड़ी देर बाद राज ने नेहा को नीचे लिटाया और उसके पैरों के पास आ गया। वो राजेश को बोला: चलो अपनी रंडि बेटी की गाँड़ के नीचे तकिया लगाओ ताकि मैं उसकी मस्त चुदायी कर सकूँ।
राजेश अपने लंड को हवा में लहराते हुए उठा और नेहा को कमर उठाने को बोलकर उसके नीचे एक तकिया लगा दिया जिससे उसकी चूत ऊपर को हो गयी।
फिर राज बोला: चलो अब मेरा लंड पकड़कर अपनी बेटी की चूत में डालो। तो राजेश ने नेहा की टाँगे फैलायी और उसकी चूत की फाँकें अलग किया और उसने राज का मोटा लंड पकड़कर उसका सुपाड़ा अपनी बेटी की चूत मेंलगा दिया, और राज को धक्का मारने को बोला। राज ने मज़े से धक्का मारा और सुपाड़ा उसकी गीली चूत में डाल कर अंदर कर दिया, नेहा की चीख़ निकल गयी।अब उसकी चूचियाँ दबाते हुए उसने एक और धक्का मारा और उसका लंड जड़ तक अंदर पहुँच गया। इस बार नेहा की चीख़ और ज़ोर से आयी और वो बोली: आह्ह्ह्ह्ह अंकल जीइइइइइइ निकाऽऽऽऽललल्ल दोओओओओओ बहुत दुःख रहाआऽऽऽऽ है।
राज ने उसकी चूचियाँदबाते हुए कहा: बस बेटी बस, देखो पूरा अंदर चला गया है। अब इसने धक्के मारने शुरू किए और नेहा की अब सिसकारियाँ निकलने लगीं। राजेश कुर्सी पर बैठा अपनी बेटी की ज़बरदस्त चुदायी देखकर अपना लंड हिला रहा था। अब वो उठकर पीछे की तरफ़ गया और उसने देखा किराज के बड़े बड़े बॉल्ज़ ऊपर नीचे हो रहे है। अब उसने राज के बॉल्ज़ को पकड़कर ऊपर उठाया और तब उसने देखा कि कैसे राज का विशालकाय लौड़ा उसकी बेटी की टाइट चूत में कैसे अंदर बाहर हो रहा था। अब वो अपने लंड को हिलाकर मस्त होकर अपनी बेटी को चुदावता देखकर मज़े से भर उठा। चुदायी की फ़च फ़च और थप थप की आवाज़ उसके लंड को झड़ने के क़रीब ला रहे थे। तभी नेहा की चिल्लाने की आवाज़ें आने लगी और वो ह्म्म्म्म्म आह्ह्ह्ह्ह्ह हाय्य्य्य्य्य कहते हुए कमर उछालकर ज़ोर से फड़वाने लगी। अब तो राजेश का उत्तेजना से बुरा हाल हो गया और वो नेहा के मुँह की तरफ़ लंड हिलाता हुआ आया और तभी नेहा हाय्य्य्य्य्य्य मैं गयीइइइइइइइइ कहते हुए झड़ने लगी। तभी राज को भी लगा किवह झड़ने वाला है तो उसने अपना लौड़ा निकाला और हिलाते हुए नेहा की छातियोंकी ओर निशाना साधकर अपना लौड़ा हिलाते हुए उसने अपना वीर्य गिराना चालू किया और उधर राजेश भी अपना रस उसके मुँह पर गिराने लगा। नेहा की छातियाँ, गर्दन, मुँह सब दोनों के वीर्य से भीग गयीं थी। उसने अपनी आँखों से वीर्य साफ़ करके उसने अपनी उँगलियाँ चाटीं और दोनों मर्द मस्ती से भर गए। 
राज बोला: देखो यार कितनी मस्त माल दिख रही है।
राजेश: अरे ब्लू फ़िल्म की रंडि दिख रही है साऽऽली।
और वो दोनों हँसने लगे और नेहा भी मुस्कुरा दी।
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10-03-2022, 05:08 AM,
#64
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
Har beti ko aisa hi pyar dena chahiye
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