Hindi Sex Stories याराना
12-16-2020, 01:23 PM,
#31
RE: Hindi Sex Stories याराना
तीसरे दिन रविवार था यानी छुट्टी का दिन सीमा और तृप्ति ने हम लोगों को बिना बताए वाटर पार्क जाने, मस्ती करने का फैसला हमें सुनाया। बीवियों की खुशी के लिए हम वाटर पार्क चले गए। वहां पर हम चारों ने बहुत मस्ती की लेकिन श्लोक और मेरी बातचीत बंद थी। इस बात का पता अभी हमारी दोनों बीवियों को नहीं पता चला था।

वाटर पार्क के पानी में भीग कर तृप्ति, सीमा के कपड़े उनके शरीरों से चिपक गए थे। तृप्ति और सीमा दोनों के स्तनों तथा कूल्हों के उभारों को साफ तौर पर महसूस किया जा सकता था। सीमा को देख कर मेरा लिंग तन तन आए हुए था और बैठने का नाम तक नहीं ले रहा था। लेकिन सीमा से ज्यादा तृप्ति का शरीर उन भीगे हुए कपड़ों में प्रदर्शित हो रहा था। क्योंकि सीमा तो जीरो फिगर पतली कमर वाली महिला थी लेकिन तृप्ति बड़े स्तनों के उभार उत्तेजना पैदा करने वाले चौड़े पेट और आकर्षक शरीर चौड़े कूल्हे वाली महिला थी। तृप्ति बेशक मेरे पास रोज सोती थी तब भी उसका शरीर मुझे इतना आकर्षित कर रहा था। तो मुझे पूरा विश्वास था कि तृप्ति के शरीर ने श्लोक के लिंग में भी खलबली मचा दी होगी।

थोड़ी देर बाद मैं पूल के बाहर जाकर बैठ गया और उन तीनों को मस्ती करते हुए देख रहा था। कुछ देर बाद श्लोक मेरे पास आकर बैठ गया और बोला- जीजू, उस दिन के गुस्से के लिए सॉरी। मैंने कभी पहले दीदी को इस नजर से नहीं देखा था इसलिए मुझे उस दिन गुस्सा आ गया था। लेकिन आपकी बातों ने मेरा नजरिया बदल दिया। जब दीदी खुद अपने मजे के लिए अपने पति के अलावा किसी और के साथ सो सकती है, जब वह गलत काम खुद कर सकती है तो मैं क्यों नहीं कर सकता। (श्लोक की यह बात सुनकर मुझे अपने प्लान पर घमंड हुआ आखिर मैंने यह कर ही दिखाया।)

मैं- प्रिय श्लोक, हम चारों नई उम्र के वैवाहिक जोड़े घर में अकेले रहते हैं, चारों को एक दूसरे से प्रेम है, एक दूसरे से दोस्ती है और एक दूसरे को पसंद करते हैं। तो क्यों ना इस संबंध का पूरा फायदा उठाया जाए। संबंधों को सेक्स संबंध तथा यारी को याराना बनाया जाए। ऐसा मौका सबको नहीं मिलता। वैसे तुम्हारा मन एकदम से बदल कैसे गया?

श्लोक- क्या बताऊं जीजू, मैं अपने मन को दीदी से हटा नहीं पाया। अदला बदली की बात पता चलने के बाद मैंने दीदी को आपके साथ किसी और के साथ और अपने साथ सेक्स करते हुए कल्पना की। इन 3 दिनों में हालांकि हमने बात नहीं की लेकिन मेरा लिंग एक मिनट भी बैठा नहीं। वाटर पार्क में दीदी के शरीर पर चिपके हुए कपड़ों मैं उनके इस शानदार शरीर को देखा तो ऐसा लगा कि आज अति उत्तेजना की वजह से मेरा लिंग दर्द से मेरा शरीर छोड़ देगा। आज से पहले मैंने इतनी उत्तेजना कभी किसी के लिए महसूस नहीं की। अच्छा एक बात बताइए जीजू यह सब आप केवल मेरे लिए ही तो नहीं कर सकते, सीमा पर आपकी नजर कब से है?

मैं- जब तुम्हारी शादी हुई थी, तब मेरा मन इतना गंदा नहीं था। फिर जब हम इस घर में इकट्ठा हुए उससे पहले मैं और तृप्ति किसी के साथ अदला बदली कर चुके थे। चार एक ही उम्र के लोगों को देखकर मुझे पहला वाला याराना याद आ गया, मैं तुम तीनों से किसी प्रकार का धोखा नहीं करना चाहता था इसलिए बीवी की अदला बदली ही मैंने इसका समाधान सोचा और बीवी की अदला बदली में जो मजा है वह किसी प्रकार के सेक्स में नहीं है श्लोक। उसके बाद घर में सीमा के लंबी सेक्सी टांगों पतली कमर सेक्सी चेहरा लंबे सुनहरे बाल देखकर मेरा लिंग हमेशा फड़फड़ाए रहता जो सीमा के शरीर में नहीं देख पाया वह कृति सेनन के वीडियो डाउनलोड करके देखने की कोशिश करता हूँ, उस वक्त उत्तेजना में मैं अपना आपा खो बैठता हूँ और मन ही मन बोलता हूँ कि कब सीमा कहेगी 'आओ कभी हवेली पर!' इस तरह मैं और श्लोक दोनों हंसने लगे।

जब तृप्ति और सीमा पूल से बाहर आकर हमारे शरीर पर लिपट गई तब हमारी इस बातचीत का अंत हुआ रात में मैंने तृप्ति की गहरी चुदाई की अपने प्लान के सफल हो जाने तथा आने वाली शानदार चुदाई के याद के साथ मैंने तृप्ति को जमकर ठोका। उधर श्लोक के कमरे से भी वैसी ही आवाजें आती रही जिसका जिक्र मैं इस कहानी में पहले ही कर चुका हूं। हालांकि आज की आवाज में काफी ज्यादा मज़ा और दर्द था और श्लोक की भी आवाज मजे के साथ आ रही थी।

अगले दिन हमारे ऑफिस में:

मैं- श्लोक, केवल ख्याली पुलाव पकाओगे और अपनी बहन को सपने में ही चोदोगे या फिर हमें तृप्ति और सीमा से इस बारे में बात करनी चाहिए?

श्लोक- यार जीजू, मुझे तो दीदी से डर लगता है और सीमा का भी डर है कि मैं उसकी नजरों में गिर ना जाऊं... क्योंकि स्वैपिंग के लिए तो वह मान सकती है लेकिन मेरे और तृप्ति दीदी के बारे में उसका क्या विचार होगा मुझे पता नहीं है।

मैं- कुछ तो करना पड़ेगा, वरना हम अपने बीवियों को बदल-बदल कर लिंग का स्वाद कैसे चखाएंगे?

श्लोक- मेरे पास एक आईडिया है जीजू, जिससे कि हमें हमारी बीवियों को यह भी बताना नहीं पड़ेगा और उन्हें पता भी नहीं चलेगा कि हमने उनके साथ चुदाई कर ली है और हमारा भी शौक पूरा हो जाएगा।

मैं- वह कैसे?

श्लोक- मेरा एक दोस्त बैंकॉक में बैंकर है। और बैंकॉक में एक ऐसी दवा मिलती है जोकि बेहोशी तथा उत्तेजना का मिश्रण है वह एक ऐसी नशीली है दवा है जिससे कि व्यक्ति को नींद आ जाती है किंतु वहां नींद में उस व्यक्ति के साथ सेक्स करता है जिसके साथ में सेक्स करना पसंद करता है लेकिन यह तभी होता है जब उस व्यक्ति के साथ सच में सेक्स किया जा रहा हो इस तरह हम अपनी मनोकामनाएं पूर्ण कर लेंगे और हमारे बीवियों को लगेगा कि उन्होंने अपने पतियों के साथ ही सेक्स किया है

मैं- ऐसी भी कोई ड्रग होती है?

श्लोक- हां जीजू होती है, और मैंने इसका इस्तेमाल भी किया है विदेश में अपने मकान मालकिन के साथ। लेकिन यह कहानी मैं आपको बाद में बताऊंगा आप कहे तो मैं दवा अपने दोस्त से मंगाऊँ क्योंकि भारत में यह दवा नहीं मिलती!

मैं- अरे वाह मेरे होशियार साले साहब, तुमने तो मुझे भी पीछा छोड़ दिया। शुभ काम में देरी कैसी जल्दी मंगवाओ और कर दो शुभारंभ! लेकिन सुनो श्लोक... जो मजा रजामंदी के साथ सेक्स करने में है वह किसी को बेहोश करके करने में नहीं। बीवी की अदला बदली अगर अपनी चारों की मर्जी से हो तो उस का आनंद ही कुछ और है अतः हम दवा मंगा कर उससे दोनों को बेहोश करके उनके नंगे जिस्म का दीदार कर लेंगे और उन्हें मन भर कर देख लेंगे किंतु चुदाई उनकी रजामंदी से ही करेंगे।

श्लोक- ठीक है जीजू आप जो कहते हैं सही। इस बहाने एक मनोकामना तो पूरी होगी तृप्ति दीदी को नंगी देखने की!

15 दिन लगे दवा हमारे घर पर आने में!

ये दिन कैसे निकले थे, केवल श्लोक और में ही जानते थे। चुदाई तो हम अपनी बीवियों के करते हैं लेकिन मन में हम एक दूसरे की बीवी को ठोकते रहते थे। इन 15 दिनों में श्लोक और हमने अपनी बीवियों के सारी गंदी बातें सारे पसंदीदा सेक्स पोज स्तनों का आकार गांड का आकार चूत का आकार जैसी बातें करके एक दूसरे की आग को बढ़ाए रखा। बीवी को दवा खिलाने के लिए शनिवार की रात को चुना।
शनिवार से 3 दिन पहले आई हुई दवा को छुपाने के लिए श्लोक में अपना ही कमरा चुना था।
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12-16-2020, 01:23 PM,
#32
RE: Hindi Sex Stories याराना
शनिवार आ ही गया। खाने के बाद की आइसक्रीम में हमने दवा दोनों को खिला दी। एक घंटे तक वे दोनों नॉर्मल रही और घर के बाकी काम निबटाकर बेड रूम पर पहुंच गई हम अभी अपने अपने कमरे में ही अपनी बीवियों के साथ सोए। 5 से 10 मिनट के बाद ही दवाई असर करना शुरू कर दिया और तृप्ति और सीमा को गहरी नींद आ गई। योजना के मुताबिक मैंने और श्लोक ने अपनी अपनी बीवियों को बेहोशी की हालत में नंगी कर दिया, उनके जिस्म पर हमने एक भी कपड़ा नहीं छोड़ा ताकि अगर उन पर दवा का असर नहीं हुआ हो तो वे जाग जायें और हमें पता चल जाए कि उन पर अभी दवा का पूरा असर नहीं हुआ। लेकिन दवा बेहद कारगर थी, उन पर उनके कपड़े उतारने का कोई भी असर नहीं हुआ।

आज हमारी मनोकामनाएं पूर्ण होने वाली थी, सीमा को नग्न देख पाने की लालसा में लंड खड़ा होकर सलामी दे रहा था। तृप्ति को जब मैंने नंगी किया तब मेरे मन से निकला 'डार्लिंग, आज अपने भाई को अपना नग्न जिस्म दिखने के लिए तैयार हो जाओ।' तृप्ति के सेक्सी शरीर को देखकर मेरा मन बिगड़ने लगा था और मन किया कि अपने जिस्म को इसके ऊपर एक बार रगड़ ही लूं लेकिन आज मुझे इसे श्लोक के हवाले करना था। बाल खुले हुए, पूर्ण रूप से नंगी तृप्ति के 34″ के गोरे बड़े स्तन और उन पर गुलाबी रंग के निप्पल गजब का नजारा बना रहे थे। नीचे तमन्ना भाटिया जैसा गोरा और शानदार पेट तथा 27 की कमर चूसने चाटने लायक था। शीघ्रपतन वाले आदमी का तो तृप्ति को ऐसे लेटे हुए देख कर ही अपना स्खलन हो जाए। उसके गोरे गोरे 36″ के कूल्हे गोरी गोरी जांघें और गुलाबी रंग की चूत कयामत ढा रही थी। मेरे और रणविजय के बाद इस शरीर को देख पाने वाला श्लोक तीसरा खुशनसीब व्यक्ति था जो कि तृप्ति को ऐसे देख पायेगा। मैं यह सोच ही रहा था कि गेट पर खट खट खट की आवाज आई, दरवाजे पर श्लोक था, उसने कहा- जीजू, आपकी सलहज सीमा गहरी नींद में सो चुकी है और उसे मैंने पूरी नंगी कर दिया है।

तब मैंने कहा- तुम्हारी बहन तृप्ति भी गहरी नींद में सो चुकी है, तुम्हारे दीदार के लिए मैंने भी उसे जन्मजात नंगी कर दिया है।

श्लोक - "तो क्या हम अपने सपना पूरा करने वाले हैं जीजू? रहा ही नहीं जा रहा है। अब तो मेरा लंड जोर से दर्द करने लगा है इतना कड़क हो गया है।"

मैं- श्लोक, वह सब तो ठीक है लेकिन मेरे मन में एक समस्या है, उत्तेजना में आकर ऐसा कोई भी कार्य मत कर देना कि तृप्ति की नींद खुल जाए और लेने के देने पड़ जायें।

इस पर श्लोक विचार करने लगा, उसने कहा- हां यार जीजू, गहरी नींद में मैं तृप्ति दीदी से चुदाई नहीं करूँगा। लेकिन कोई बात नहीं, कम से कम मैं उनके सेक्सी शरीर पर अपनी नजरें डालकर अपनी थोड़ी बहुत मनोकामना तो पूरी कर सकता हूं। यह मेरे लिए बहुत है। चलिए समय निकलता जा रहा है आप भी ज्यादा उत्तेजना में ध्यान रखिएगा कहीं छूने से सीमा की नींद खुल गई तो भी लेने के देने पड़ जाएंगे। हमें अपने पर काबू रखना है और अपने आप को उनका नंगा बदन देख कर ही संतुष्ट करना है.

अतः हमने खुशी वाला एक दूसरे से हाथ मिलाया और दोनों एक दूसरे के कमरे में चले गए। मैंने कमरे में घुस कर गेट को अंदर से लॉक किया और बेड पर नजर डाली। श्लोक ने सीमा को पूर्ण रूप से नंगी तो किया हुआ था लेकिन उसे चादर से ढका हुआ था। मुझे सीमा का केवल चेहरा ही नजर आ रहा था। मेरी धड़कनें बढ़ने लगी थी, जैसे-जैसे मैं सीमा की तरफ बढ़ रहा था ऐसा लग रहा था मेरी धड़कन आज बाहर निकल जाएगी। इतनी तेज धड़कनें तो मेरी प्रिया की चुदाई के वक्त भी नहीं हुई थी। मैं बेड के निचले हिस्से पर सीमा के पांव की तरफ खड़ा हो गया और पांव की तरफ से ही धीरे-धीरे मैंने सीमा की नंगी काया पर पड़ी हुई चादर नीचे की तरफ खिसकाई। मैंने चादर को सीमा की गर्दन से नीचे होते हुए उसके गोरे कंधों और स्तनों के ऊपर करके रोक दिया।

क्या दृश्य था। मुझे अभी उसके स्तन नजर नहीं आए थे लेकिन उसके स्तनों का उभार शुरू हो चुका था। कृति सेनन की हमरूप वह हम शरीर वाली एक अप्सरा मेरे सामने बेड पर नंगी लेटी हुई थी। मुझसे इंतजार नहीं हुआ और मैंने उस चादर को उसके स्तनों से नीचे उसके पेट तक खींच लिया। ओह माय गॉड! क्या दृश्य था! सीमा के गोरे स्तन मुझे साफ साफ नजर आने लगे थे सीमा के स्तनों का आकार बिल्कुल गोल था जैसे कि दो बड़ी बड़ी कचौरियां उसके शरीर पर सीने पर रखी हुई हो। हालांकि उसके स्तनों का आकार तृप्ति से छोटा था लगभग 33″ लेकिन उसकी पतली कमर पर यह गोल स्तन कयामत ढा रहे थे। क्या कमर थी दोस्तो, अगर आप यह कमर देखना चाहते हैं तो आप बेशक कृति सेनन की कमर देख सकते हैं। बस वही आकार था। आज ऐसा लग रहा था कि मैंने अपनी मनो-कामना पूर्ण कर ली है। अतः चादर को पूरा उसके नंगे शरीर से हटा दिया। फलस्वरूप उसकी नंगी लंबी गोरी टांगें मेरे सामने नग्न हो गई। सीमा की गांड की चौड़ाई उसके शरीर पर कमर के हिसाब से कुछ ज्यादा ही चौड़ी थी। उसके ऊपर का शरीर पतला तथा गांड की चौड़ाई काफी ज्यादा थी और उसके नीचे वह अपनी लम्बी पतली गोरी टांगों से एक अलग ही आकर्षण पैदा कर रही थी। उसकी टांगें काफी लंबी थी जैसे कि कोई कार्टून कैरेक्टर हीरोइन की होती हैं। मैंने उसके पेट को चूमते हुए नीचे जाकर अपने साले की बीवी की दोनों टांगों को चौड़ा किया और उसकी चूत के दर्शन किए। चूत की जगह के बाल साफ थे किंतु चूत के ऊपर थोड़ा सा बालों की एक आकृति बनी हुई थी। शायद यह एक स्टाइल था जो कि श्लोक को खुश करने के लिए बनाया हुआ था। मैं मंत्रमुग्ध सा अपनी नंगी पड़ी सलहज को देखता रहा। दस मिनट बाद मेरी तंद्रा टूटी और मैं अपने आपको संभाल कर बाहर आ गया क्योंकि करीब 2 से ढाई घंटे बाद दवा का असर कम होने वाला था। ऐसा मुझे श्लोक ने कह दिया था अतः मैं कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था।
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12-16-2020, 01:23 PM,
#33
RE: Hindi Sex Stories याराना
मेरे आने के 15 मिनट बाद श्लोक बाहर आया, श्लोक बहुत खुश था, आते ही वह मेरे गले लग गया और बोला- जीजाजी, मजा आ गया! क्या शरीर पाया है मेरी बहन ने, आपकी पत्नी का इतना गदराया हुआ शरीर। मैं तो उनके स्तनों को देखकर ही अपना मन नहीं भर पाया शरीर की कोमलता का एहसास अभी मुझे हो रहा है। संगमरमर जैसे सफेद शरीर वाली गुलाबी गुलाब के पंख जैसे स्तन व चूत वाली शरीर की मालकिन है तृप्ति दीदी! मैंने अपने लिंग को अपने हाथ से संतुष्ट किया, दीदी की चूत चोदने में एक अलग ही मजा आयेगा। तत्पश्चात हम दोनों अपने अपने कमरे में चले गए। जिस शरीर कि मैं कल्पना कर रहा था वह मुझे इतना आसानी से देखने को मिल गया था वह भी बिना किसी सिरदर्द बिना किसी को बहकाने तथा बिना किसी बातें बनाने से। इस पर मुझे खुशी थी। श्लोक ने तो मेरा काम बहुत ही आसान कर दिया था। तृप्ति मेरे बगल में सोई हुई थी नग्न अवस्था में। श्लोक अपनी बहन की टांगें चौड़ी करके छोड़ गया था. मेरी बीवी की चूत नींद में भी इतनी गीली थी, मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसकी चूत को झट से मुंह में ले लिया और पागलों की तरह मैं उसे चूसने लगा।

लेकिन गहरी नींद में बीवी को चोदने में मेरी कोई रुची नहीं थी तो मैं अपनी नंगी बीवी के जिस्म से लिपट कर सो गया।

अगले दिन तृप्ति और सीमा जाग उठी तो उनका व्यवहार सामान्य था। सीमा का तो पता नहीं लेकिन तृप्ति एकदम से नींद आने पर आश्चर्य-चकित थी और बोल रही थी कि मुझे कल तो कुछ पता ही नहीं चला कब नींद आ गई। लेकिन श्लोक और मैं दोनों बेहद खुश थे। लेकिन यह महंगी ड्रग श्लोक एक बार की ही मंगा पाया था।

श्लोक ने मुझे शाम को कहा- यार जीजू, मजा आ गया, मैं दोबारा अपने दोस्त को यह ड्रग भेजने की बोल रहा हूं। अगले से अगले वीकेंड पर हम दोबारा यही करने का रखते हैं। तृप्ति दीदी को देख देखकर अब रहा नहीं जा रहा। जी तो करता है कि मैं उन्हें कहीं भी पकड़ कर चोद दिया करूं और अपनी संतुष्टि कर लूँ जो मैं उस दिन मन भर कर नहीं कर पाया था।

मैं- हाँ श्लोक, मजा तो आया लेकिन पूरा मजा नहीं आया असली मजा तो तब होता है जब अपना पार्टनर भी अपने साथ सेक्स करने के लिए उत्सुक हो। तुम अपने दोस्त से वह दवाई मत मत मंगाओ, हम एक दूसरे की बीवियों को कोई ना कोई तरकीब लड़ाकर चोदेंगे।

श्लोक- ऐसा नहीं हो सकता, मुझे यह संभव नहीं लगता।

मैं- तुम चिंता मत करो श्लोक, मैं यह सब व्यवस्थित कर लूंगा क्योंकि इस तरह के याराना का मैं सबसे पहला यार हूं।

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12-16-2020, 01:23 PM,
#34
RE: Hindi Sex Stories याराना
अगले दिन श्लोक के मातापिता का फोन पर आदेश आया कि श्लोक का बिजनेस सफल हो जाने पर श्लोक हिमाचल जाकर अनंत बाबा से आशीर्वाद ले ले जिसके कहने पर श्लोक ने अपना बिजनेस शुरू किया था। (अनंत बाबा का श्लोक और तृप्ति के परिवार पर बड़ा आशीर्वाद था। अनंत बाबा ने मेरे ससुराल अर्थात श्लोक के परिवार को लेकर जो भी भविष्यवाणी की थी वह हमेशा से ही सच साबित हुई थी। जैसे तृप्ति की शादी एक समृद्ध परिवार में होना उसका हमेशा से खुश रहना। श्लोक किसी की नौकरी ना कर कर खुद एक बड़ी कंपनी का मालिक बन जाने की भविष्यवाणी अनंत बाबा ने पहले ही कर दी थी।) श्लोक ने उसी विश्वास से अपनी इतनी बड़ी नौकरी छोड़कर मेरे बिजनेस में हाथ डाला था और इसी विश्वास के कारण हमारा बिज़नेस इतना ऊपर पहुंचा। श्लोक अपने बिजनेस के सफल हो जाने पर अनंत बाबा के आश्रम को कुछ धन गुप्तदान करना चाहता था, यह बात केवल उसने मुझे ही बताई थी, अतः घरवालों की आज्ञा के कारण हम चारों ने हिमाचल जाने की योजना बनाई और हम चारों 15 दिन बाद अनंत बाबा से मिलने हिमाचल प्रदेश चले गए।

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हम बाबा के आश्रम पहुंचे, जहां लंबे इंतजार के बाद बाबा हम से मिलने के लिए अपने मठ से बाहर आए। वास्तव में आनंद बाबा एक अलग ही हस्ती थी, वह आजकल के बाबाओं की तरह ढोंगी, पाखंडी नहीं थे, जितना बोलते थे वह सच बन जाता था, अन्यथा वे कुछ बोलते ही नहीं थे, अगर कोई आशीर्वाद मांगता था तो केवल अपना हाथ उठा देते थे। इस समृद्ध परिवार का पहले भी गुप्त दान देने की वजह से श्लोक को वे जानते थे अतः उन्होंने अपनी मुस्कान के साथ हम चारों का स्वागत किया।

हाथ उठाने के बाद सीमा ने आखिर बाबा से पूछ लिया- बाबा, अब तो हमारे जीवन में सब कुछ सही चलेगा ना?

इस पर बाबा थोड़ी देर चुप रह कर बोले- बेटी, आगे का जीवन बेहद सुखद मय है तुम सबका, किंतु एक संकट तो आना है, आप दोनों चली जाओ, हम श्लोक को यह बात बताएंगे। तृप्ति और सीमा दोनों को बाबा ने जाने को कहा।

श्लोक- बाबा, कैसे संकट के बात कर रहे हो आप?

बाबा- बेटा, मैंने सीमा के मस्तक की रेखाओं को पढ़ा है और मुझे ज्ञात हुआ है कि 2 साल बाद उसके पिता पर बहुत बड़ा आर्थिक संकट आने वाला है। किंतु यह बात तुम उसे मत बताना, वरना वह परेशान हो जाएगी। हां, जितना हो सकता है उसे अपने पिता के साथ समय बिताने का समय दे देना। मैं ऐसी बातें कभी किसी को नहीं बोलता, केवल सुखद बातें बोलता हूं लेकिन तुम्हारा परिवार मेरे लिए बहुत खास है इसलिए मैंने तुम्हें इसके लिए सचेत किया है। और आगे कोई संकट नहीं। बाबा यह बात बोल कर उठ कर चले गए।

मैंने और श्लोक ने आश्रम से गुप्त दान की औपचारिकताओं को पूर्ण किया और दोनों अपने अपने होटल में लौट आए। सीमा और तृप्ति ने बहुत पूछने की कोशिश की कि बाबा किस संकट के बारे में बात कर रहे थे किंतु हमने उनको कुछ नहीं बताया। यहां सब हमने अपनी अपनी बीवियों के साथ हनीमून की तरह समय बिताया किंतु एक दूसरे की बीवी पर कोई बुरी नजर नहीं डाली अर्थात यह एक साधारण टूर था। अपनी अपनी बीवियों के साथ जिसमें चुदाई और उत्तेजना का समावेश था। हां श्लोक और मैं, हम दोनों एक दूसरे की बीवियों को देख कर आंखें तो सेक ही लेते थे।
हम अगले दिन वापस जयपुर के लिए रवाना हो गए और जयपुर पहुंच गए।

अगले दिन ऑफिस में

श्लोक- यार पापा पर कैसा संकट आने वाला है?

मैं- अरे साले साहब, अगर पापा पर संकट आने वाला है तो उनका दामाद किस काम आएगा, है तो आपके ससुर ही, आप उनकी मदद कर देना और उन्हें इसके बारे में थोड़ा सचेत कर देना ताकि वे अपने कदम फूंक-फूंक कर रखें। उनकी बातें करने के बाद हम थोड़ी देर बाद नार्मल बातों पर आने लगे।

श्लोक- लेकिन सीमा मुझसे बार-बार पूछती रहती है कि बाबा ने कौन से संकट के बारे में कहा, मैं उसे क्या जवाब दूं समझ नहीं आता। तब मेरे दिमाग में एक विचार आया,

मैंने कहा- उन्हें क्या जवाब देना है, मैं समझ गया हूं, आज रात को इकट्ठे होकर बात करेंगे और बाबा की कही हुई बातें उन्हें बताएंगे। बस तुम हां में हां मिलाते रहना, बाकी सब मुझ पर छोड़ दो।

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12-16-2020, 01:23 PM,
#35
RE: Hindi Sex Stories याराना
शाम को खाने के बाद हम चारों बात करने के लिए छत पर इकट्ठे हुए। खुशगवार मौसम था, ठंडी हवा चल रही थी।

सीमा -अब बता भी दीजिए कि बाबा ने क्या कहा था हम दोनों सोच सोच कर बहुत परेशान हो रही हैं।

श्लोक- यह बात आपको जीजा जी बताएंगे, बताइए जीजाजी।

मैं- देखो यार, मैं इन बाबाओं को नहीं मानता था लेकिन उनकी सारी भविष्यवाणी आज तक तो सही साबित हुई है। यह अपने परिवार को लेकर ही नहीं, और भी कई लोगों के लिए बाबा ने सच्ची बातें बताई हैं। सोचने समझने की बात तो है अगर उन्होंने कोई संकट बताया है तो हम उसका इलाज करें क्योंकि उन्होंने कहा था कि अगर तुम सूझबूझ से काम लोगे तो उस संकट से बचा जा सकता है।

तृप्ति- लेकिन संकट क्या है?

मैं बताने लगा: सुनिए, बाबा ने कहा कि श्लोक और राजवीर जिस बिजनेस को कर रहे हैं वह आगे जाकर बहुत ही बड़ा रूप लेने वाला है। आने वाले समय पर सीमा, श्लोक और तृप्ति, राजवीर को पुत्र धन प्राप्त होगा। यहां तक सब खुशी से चलेगा किंतु उसके बाद पुत्रों की वजह से पारिवारिक कलह का जन्म होगा। पहले बच्चों की वजह से लड़ाइयां होगी और उसके बाद बिजनेस में उनके अधिकार के लिए। और यह लड़ाई इतना बड़ा रूप लेगी के कारोबार पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा।

तब श्लोक ने पूछा- तो बाबा इसका क्या उपाय है?

मैं- बाबा बोले, किसी पूजा-पाठ से यह समस्या समाप्त नहीं होने वाली है, इसका उपाय तो तुम चारों को खुद ही करना पड़ेगा। परिस्थितियों या अपने परिवार को ऐसा बनाना होगा कि कोई पराया ना लगे! इतना कहकर बाबा ने हाथ उठाया और चले गए।

तृप्ति- नहीं नहीं, ऐसा नहीं हो सकता। मैं और सीमा तो कभी पैसों के लिए लड़ नहीं सकते। हमारे बीच में ऐसी कोई लड़ाई नहीं होगी। सीमा का बेटा मेरा बेटा, मेरा बेटा सीमा का बेटा, दोनों को अगर किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी अपने बिजनेस में मिले तो हमें इसका कोई दुख नहीं होगा। आप लोग भी समझदार हैं मुझे नहीं लगता साले और जीजा में इस प्रकार की लड़ाई होगी?

मैं- जी हां, हम बहुत ही समझदार हैं किंतु बाबा की भविष्यवाणियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आज की दुनिया में तो भाई भाई का सगा नहीं होता हम तो फिर भी जीजा साले हैं। और ननद भाभियों की तो कहां पटती है। यह तो बहुत कम देखने को मिलता है। क्या पता भविष्य में अभी के जैसा व्यवहार आप दोनों का हमेशा हमेशा रहे। क्योंकि किसी मां के लिए अपने बच्चे से बड़ा नहीं होता!

सीमा- जी हां जीजू, आनंद बाबा का कहा अभी तक तो झूठ नहीं निकला है।

मैं- लेकिन बाबाने कहा था कि हम परिस्थितियां बदल सकते हैं और वो कैसे करेंगे यह आपके ऊपर निर्भर करता है। मैं 2 दिन से ऐसी परिस्थितियों को बदलने के बारे में सोच रहा था और मेरे मन में एक विचार आया है। यह बड़ा अजीब है। शायद आप तीनों को मुझ पर गुस्सा आए किंतु हमारे बिजनेस व पारिवारिक मेलजोल के लिए यह फैसला तो लेना ही होगा। करना ना करना अपने ऊपर निर्भर है। पर कृपया दोनों मुझे गलत ना समझना!

सीमा- आपने अगर कोई उपाय ही सोचा है तो हम आपको गलत क्यों समझेंगे आखिर कर तो आप हम सब के लिए ही रहे हैं!

मैं- तो सुनो, बाबा के अनुसार घर में कलेश सीमा और श्लोक के बच्चे और मेरे और तृप्ति के बच्चे की वजह से होगा। क्योंकि बाबा ने कहा था की परिस्थितियां बदल कर हम इस संकट को टाल सकते हैं तो अगर हम ऐसा करें कि सीमा को मुझसे बच्चा हो और तृप्ति को श्लोक से तो परिस्थितियां अपने आप ही बदल जायेंगी

तृप्ति- यह क्या बकवास कर रहे हैं आप? श्लोक मेरा भाई है।

सीमा- आप ऐसा सोच भी कैसे सकते हैं जीजा जी? यह गलत है।

श्लोक- गलत है लेकिन एक बार जीजाजी की बात तो सुन लीजिए। वे हमें करने को नहीं कह रहे हैं, वे एक समाधान बता रहे हैं।

सीमा- आप ऐसा सोच भी कैसे सकते हैं? तृप्ति दीदी आपकी बहन है।

तृप्ति- यह कभी नहीं हो सकता, आप अपनी बात भी पूरी मत कीजिए। जो होगा देखा जाएगा लेकिन ऐसा गलत काम में आप हमें सम्मिलित नहीं कर सकती।
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12-16-2020, 01:24 PM,
#36
RE: Hindi Sex Stories याराना
मैं- देखो सीमा, अपनी पत्नी को उसके भाई के साथ सुलाने का दुख मुझे भी है और शायद श्लोक को भी दुख होगा। लेकिन यह हमारे भविष्य की बात है। अगर सीमा मेरे साथ बच्चा पैदा करती है तो उस बच्चे से मुझे भी अपनापन होगा, मैं कभी उसका अहित नहीं चाहूंगा। इसी प्रकार श्लोक को भी उसके बच्चे से अपनापन होगा, हम चारों के बच्चे हमारे बच्चे होंगे और कोई भेद नहीं होगा। अगर ऐसा होता है तो तेरा बच्चा मेरा बच्चा की भावना भविष्य में हमारे सामने नहीं आएगी। यह केवल शुरुआती एक बच्चे की बात है, उसके बाद संकट टल जाएगा। फिर हम अपने अपने पतियों से अपनी अपनी पत्नियों से बच्चे पैदा कर लेंगे। श्लोक तुम कुछ कहते क्यों नहीं? तुम्हें क्या लगता है कि मैं गलत हूं?

श्लोक- समाधान तो आपने सही बताया है किंतु तृप्ति दीदी मेरी बहन है, आपका और सीमा का तो फिर भी हो जाएगा क्योंकि साली आधी घरवाली होती है। तो है तो यह आपके साले की ही बीवी, लेकिन मैं तृप्ति दीदी के साथ...

मैं- देखो श्लोक, मैं मानता हूं कि हमारी सभ्यता और संस्कृति इसके विपरीत है किंतु तुम विदेश में जाकर पढ़ाई करके आए हो। भारत में भी अब ऐसा कल्चर है जहां पर लोग अपने मनोरंजन के लिए अपनी बीवियां बदल कर चुदाई करते हैं। हम ऐसा मजबूरी में कर रहे हैं। अदला बदली का खेल कौन सा सही है लेकिन लोग यह कर रहे हैं। तो तुम लोग भूल क्यों नहीं जाते कि तुम लोग भाई बहन हो। अगर आने वाले भविष्य में अपने सेक्स लाइफ को अच्छा बनाने के लिए हम दोनों कपल किसी और के साथ बदला बदली कर लेते हैं तो हम चारों के स्वैपिंग करने में क्या समस्या है? हम साथ रहते हैं एक ही फ्लैट में, यहां कोई डर नहीं है, कोई देखने वाला नहीं है, इज्जत बिगड़ने व किसी को पता चलने का कोई डर नहीं है। क्या समस्या है? यह बात हम चारों तक है यह हम चारों तक ही रहेगी। बच्चों के पेट में पड़ने के साथ हम अपनी अपनी बीवी अपने अपने पतियों के साथ रह सकते हैं। बच्चों को भी है सच पता नहीं होगा कि वह सीमा और श्लोक का बच्चा नहीं सीमा और मेरा तथा तृप्ति और श्लोक का बच्चा है।

तृप्ति और सीमा ने कहा- हमें सोचने के लिए कुछ वक्त चाहिए।

हम दोनों छत से नीचे चले आए, दोनों को सोचने के लिए समय दे दिया।

श्लोक- यार जीजू, कहां से लाते हो इतना दिमाग? कहां से बना लेते हो ऐसी बातें? मैं तो आश्चर्यचकित हूं।

मैं- देखते जाओ श्लोक, अभी तो हमें बहुत सारे याराना बनाने हैं, देखना तो यह है कि दोनों ननद-भाभी इसमें ही मान जाती हैं या फिर उन्हें और बातों का डोज देना होगा!

थोड़ी देर बाद तृप्ति और सीमा नीचे आई और बोली- हमारे भविष्य के लिए हम तैयार हैं, आप सच कह रहे हैं। अपने सुखद भविष्य के लिए हमें यह कार्य करना ही पडेगा।

बस फिर क्या था, सारे प्लान सही काम कर रहे थे।

मैं- तो प्रिय सीमा, तृप्ति और श्लोक, हम सब रजामंदी से यह स्वैपिंग कर रहे हैं। किसी तरह की मजबूरी से नहीं और जब अदला-बदली में चुदाई होनी ही है तो क्यों ना मजे के साथ की जाए, किसी तरह का भार मन पर न रखा जाए! सीमा और मुझे तो किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होगी लेकिन तृप्ति और श्लोक को अपना भाई बहन का रिश्ता इग्नोर करना होगा और वैसे भी ऊपर वाले ने हमें इतना आकर्षक शरीर तो दिया ही है। उस शरीर के आनन्द को पाने के लिए हम सब कुछ बातें भूल सकते हैं।
तीनों ने गर्दन हिला कर हामी भरी तो मैं बोला- क्यों न अब हम चारों खुले में आ जायें! मेरे पास एक खेल है 'सच का सामना' जिसमें मैं केवल एक प्रश्न पूछूंगा और उसका सही जवाब सामने वाले को देना है।

तृप्ति मेरी तरफ देख कर मुस्कुराने लगी क्योंकि हम यह खेल पहले भी खेल चुके थे। शायद तृप्ति को आभास हो गया कि ये बाबा की कही बातें ना हों, मेरी ही मेरा ही किया धरा हो। लेकिन उसकी तरफ से अभी तक ऐसी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।

"हां तो पहला सवाल सीमा के लिए... सीमा, क्या तुमने कभी मेरे प्रति किसी भी प्रकार की सेक्स भावना के बारे में सोचा है?"

क्योंकि सीमा खुले दिमाग वाली लड़की थी और उसे यह पता था कि यह खेल एक दूसरे को खोलने के लिए ही खेला जा रहा है इसलिए इतने नखरे ना करते हुए जवाब दिया- जीजू, मैंने तृप्ति दीदी को एक बार बिना कपड़ों के नहाते हुए देखा था, उनके स्तनों पर आपके नाखूनों के निशान थे उनका गदराया हुआ शरीर देखकर मेरे मन में ऐसे ही विचार आ गया कि इस शरीर के साथ आप कैसे खेलते होंगे। उसके बाद आपकी और तृप्ति दीदी के सेक्स के बारे में मन में मैंने कल्पना करके मैंने अपने दिमाग में कई तरह के चित्र बनाये। आपका शरीर आपके चेहरे की तरह आकर्षक है और एक नॉर्मल लड़की को आप जैसे स्मार्ट मर्द से कभी भी इस तरह का अट्रैक्शन हो ही जाता है। अतः मैंने एक या दो बार आपके बारे में इस तरह से सोचा है!

मैं- तृप्ति जी, श्लोक के बारे में आपके कोई सेक्सी विचार?

तृप्ति- मैंने कभी श्लोक के साथ ऐसी कल्पना नहीं की। हां, सीमा के जीरो फिगर को देखकर मैंने उसके लिए चिंता की थी कि क्या पता सीमा के साथ वह अपने शौक पूरे कर पाता होगा या नहीं। सीमा सेक्स में उसके शौक पूरे कर पाती होगी या नहीं... लेकिन रात को सीमा की जोरदार आवाज ने मेरे मन के इन विचारों को बंद कर दिया था। सीमा की जोरदार सिस्कारियों से तो मैं डर ही गई थी कि इस प्रकार का सेक्स भी कोई करता है। अगर मेरा पति ऐसा होता तो मैं कैसे उसे झेलती। फिर कभी कभी हवस मुझ पर हावी हुई और मन में विचार आया कि अगर इतनी देर तक कोई सेक्स करने में सक्षम है तो वह कितना आनंददायक होता होगा जो कि शरीर की नस नस को खोल दे एक एक जोड़ तोड़ दे। इस तरह का विचार मेरे मन में आया था।

यानि सब एक दूसरे के शरीर को पसंद करने वाले थे।
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12-16-2020, 01:24 PM,
#37
RE: Hindi Sex Stories याराना
श्लोक के तृप्ति के लिए विचार तो मैं जानता ही था फिर भी तृप्ति और श्लोक कंफर्ट फील करें इसलिए मैंने श्लोक से यह सवाल पूछ ही लिया।

श्लोक- मैं जीजाजी को बहुत ही खुशनसीब इंसान समझता था, दीदी का शरीर बहुत आकर्षक है जो जीजा जी को मिला। माना कि आप मेरी बहन हैं इसलिए मुझे ऐसा नहीं सोचना चाहिए लेकिन कभी कभी मुझे जीजू से जलन हुई। पता नहीं क्यों गलत विचार आया कि आप मेरे इतने करीब होते हुए भी किसी और के साथ। यह विचार गलत था लेकिन आपके जैसा शरीर ने मुझे यह सोचने पर मजबूर कर दिया।

मैं- होता है। चलो कोई बात नहीं, हम चारों जवान हैं तो इस प्रकार के विचार आना लाजमी है क्योंकि हमारे शरीर हैं इस प्रकार के कि कोई भी अपनी वासना की सोच में डूब जाए।

मैंने अब सीमा और तृप्ति से उनके मासिक धर्म की तारीखें पूछी। संयोग से दोनों की तारीखें एक जैसी थी और अभी चार पांच दिन पूर्व ही उनके पीरियड खत्म हुए थे। मैंने सबको बताया कि पीरियड्स खत्म होने के बारह दिन बाद से गर्भधारण की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। तो एक सप्ताह बाद का समय संतान उत्पत्ति के लिए उपयुक्त समय रहेगा तो हम यह अदला-बदली का खेल के लिए अगले सप्ताह तक छोड़ते हैं।

हमने आठ दिन बाद 31 मार्च की रात तय की। अतः इस दिन के लिए हमें पूरे 8 दिन का इंतजार करना था, इन 8 दिनों में हमने एक दूसरे से बेहद करीबी वाली दोस्ती कर ली। रिश्तेदार से हम यार बन गए यार से हमें याराना बनाना था। एक दूसरे से अश्लील मज़ाक एक दूसरे को छेड़ना अंगों को छू लेना, किस कर लेना यानी कोई बाहर का आदमी देखे तो समझ ना पाए कि कौन पति पत्नी है। हम एक दूसरे से इतना खुल गए थे कि अगर एक एक बात बताने बैठूं तो कहानी की लंबाई और ज्यादा बढ़ जाएगी।

##

आखिर 31 तारीख की आ ही गई थी जिस दिन हमें अदला बदली कर चुदाई करनी थी। क्योंकि यह अदला-बदली में हमारा पहला सेक्स था इसलिए हमने एक दूसरे को कंफर्ट फील कराने के लिए और किसी प्रकार की लाज शर्म के लिए और इस सेक्स को मजेदार बनाने के लिए अलग-अलग कमरों में चुदाई करना उपयुक्त समझा।

रात के 10:00 बज रहे थे, खाना-वाना खाकर हम नहा धोकर फ्रेश होकर एक दूसरे के कमरे में प्रविष्ट हुए जहां हमारी बीवियां आकर्षक खुशबू उत्तेजक कपड़े पहन कर हमारा इंतजार कर रही थी।

मैं सीमा के कमरे में गया और अंदर से दरवाजे को लॉक किया। सीमा ने नाइटी पहनी हुई थी। हमारी दोस्ती हो चुकी थी इसलिए सीमा ने मुझे पीछे से ही कसकर पकड़ लिया और उसके स्तनों को मेरी पीठ पर दबाने लगी जिससे मुझे अहसास हुआ कि इसके अंदर उसने कुछ नहीं पहना हुआ है। (मेरे मन में एक शंका थी कि सीमा को तो श्लोक के साथ लंबे समय तक सेक्स करने की आदत हो चुकी है, क्या उसको मैं संतुष्ट कर पाऊंगा, खुश कर पाऊँगा।)

सीमा बोली- आइए जीजू... मुझे केवल आनंद और पूर्ण आनंद देने वाला सेक्स प्रदान कीजिए!

मैं बोला- मैं कुछ समझा नहीं सीमा?

सीमा- जीजू, श्लोक सेक्स तो बहुत अच्छा करता है लेकिन मेरी संतुष्टि के बाद भी वह काफी समय तक मेरे साथ सेक्स करता रहता है जिससे कि मेरी चूत में जलन होने लग जाती है अतः मेरे लिए सेक्स मजे के साथ दर्द का भी समावेश है। मैं अपने पति के साथ साथ में स्खलित होना चाहती थी। स्खलन के समय पर हम एक दूसरे को कसकर पकड़ना चाहते थे। लेकिन ऐसा हो नहीं पाता है, मेरे स्खलित होने के बावजूद भी श्लोक मेरी चूत में जोरदार धक्के देता है। आज हम दोनों साथ स्खलित होंगे और मेरी मनोकामना पूर्ण होगी। दर्द का नामोनिशान नहीं होगा और सेक्स में केवल मजा होगा। आपके बारे में बहुत ख्याली पुलाव पकाया है मैंने। आपके सच का सामना गेम में शर्म के मारे बता नहीं पाई लेकिन आपके बारे में मेरी वासना हमेशा मुझ पर हावी रही। जितना प्यारा आपका व्यवहार है उतना ही पाया प्यारा आपका सेक्स होता होगा यह सोच-सोचकर मैंने आपके बारे में कहीं कल्पना कि और तृप्ति दीदी से मुझे जलन थी।

इतना कहकर सीमा ने मेरी तरफ पीठ कर दी और अपनी नाइटी उतार दी। मैं उसके पीछे खड़ा हुआ था, उसके गोरे लंबे शरीर को पूर्ण रूप से पीछे से देख सकता था, उसके पीछे से सेक्सी कंधे, पीठ और कूल्हों के उभार देखकर मैं हिल गया। 26″ की कमर के नीचे 34 के कूल्हे... कितना मनमोहक दृश्य बना रहे थे! मेरा लिंग पजामा फाड़ कर बाहर आने को बेचैन होने लगा। मेरे साले की बीवी सीमा कपड़े खोलने की पहल कर चुकी थी इसलिए मैंने भी अपनी टीशर्ट और लोअर उतारकर पूर्ण रूप से नग्न होकर अपने पूर्ण नग्न शरीर को सीमा के पीछे टिका दिया। सीमा की लंबाई ज्यादा होने की वजह से मेरा लिंग उसकी गांड के छेद पर टिक गया।
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12-16-2020, 01:24 PM,
#38
RE: Hindi Sex Stories याराना
सीमा ने पीछे हाथ करके मेरा लिंग हाथ में लिया और आश्चर्यचकित होकर एकदम से पीछे मुड़ गई है और बोली- वाह यार जीजू, आज तो मुझे सिर्फ आनंद वाला सेक्स नहीं बल्कि श्लोक से थोड़े लंबे और मोटे लंड का स्वाद भी चखने को मिलेगा!

मैंने कहा- कैसे?

सीमा- आपका लिंग श्लोक से करीब आधा इंच लंबा और मोटा है यानि आज तो पूर्ण रूप से नया एहसास होगा। मुझसे इस का रोमांच नहीं सहा जा रहा है, इन 8 दिनों में बहुत बेचैनी से इस दिन का इंतजार किया है जीजू!

जब मेरा सीमा की बात से ध्यान हटा, तब मैंने उसके कचोरी जैसे गोल स्तनों को देखा, यह नजारा मैं पहले भी देख चुका था लेकिन यह मुझे सीमा से छुपाना था, आज तो मैं सीमा के होशोहवास में था, मुझसे रहा नहीं गया, मैंने सीमा को कसकर पकड़ लिया और उसे ज़ोर से गले लगा लिया उसके गोल स्तनों को अपने सीने पर दबाए कारण मैंने उसके शरीर को महसूस किया। मैंने उसे बेड पर धक्का दे दिया और उसके बाद स्तनों को चूसने लगा। पिछले वाली स्वैपिंग में प्रिया के साथ वाइल्ड सेक्स ना करने का गम जो था उसे आज मैं खत्म करने वाला था हालांकि किसी दूसरी पार्टनर के साथ ही। और हम एक दूसरे को चूसते चाटते रहे। मैंने उसकी पीठ पेट कमर उसका चेहरा, होंठ, टांगें कुछ नहीं छोड़ा। उसकी लंबी टांगें एक अलग ही दृश्य बनाती थी, एक अलग ही प्रकार की उत्तेजना पैदा करती थी। तृप्ति की टांग इतनी लंबी नहीं थी लेकिन भरी-पूरी थी, उनका मजा अलग था लेकिन इन गोरी टांगों का मजा अलग मैंने उसकी टांगों का एक भी हिस्सा नहीं छोड़ा और पूरी टांगों को चाट चाट कर उसकी वासना को चरम पर पहुंचाने की पूरी कोशिश की।

सीमा की गुलाबी चूत चिपचिपा पानी छोड़ने लगी थी। वाह क्या खुशबू थी उसकी चूत की और उसकी चूत में से निकलने वाले पानी की। मैंने उसकी चूत वाले हिस्से पर अपनी जीभ फिराकर उसके उस बाहर आई चिकनाई को साफ किया और और उसकी चूत को चाटने लगा। सीमा ने अपनी टांगें चौड़ी करके तथा मेरे सिर को उसकी चूत के अंदर दबाकर मेरे इस क्रियाकलाप को बढ़ावा दिया। उसने मेरा सिर उसकी चूत में इस तरह से दबा रखा था कि मुझे सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी लेकिन यह तकलीफ आनंद के पीछे कुछ नहीं थी।

सीमा ने मुझे 69 का प्रस्ताव रखा और हम सहर्ष 69 की पोजीशन में आ गए। मैं सीधा पीठ के बल नीचे लेट गया, सीमा ने अपनी चूत को मेरे मुंह पर रख दिया तथा मेरा लिंग मुंह में लेकर चूसने चाटने लगी, मेरे मोटे लिंग को अपने मुंह में आइसक्रीम की तरह चाट रही थी। हालांकि तृप्ति भी मेरा लिंग इसी तरह चाटती थी लेकिन सीमा का मुंह आज मेरे लिंग में अलग ही प्रकार का आवेश उत्पन्न कर रहा था। करीब आधे घंटे के फोरप्ले के बाद मैंने सीमा को घोड़ी बनाया और उसकी मोटी गांड को पकड़कर उसकी चूत में अपना खड़ा लंड पेल दिया जोरदार झटकों से साले की बीवी की चूत चुदाई शुरू कर दी। इस प्रक्रिया के दौरान उसकी मोटी गांड पर मेरे हाथ चलते रहे, उन्हें मसलते रहे और मैंने उसकी मोटी गांड को मसलते मसलते लाल कर दिया।
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12-16-2020, 01:24 PM,
#39
RE: Hindi Sex Stories याराना
मेरे धक्के इतने तेज थे कि सीमा के मुंह से आह की आवाज आने लगी थी। बेड के सामने रखी हुई ड्रेसिंग के दर्पण में मैं पोर्न नायिका को चोदने वाला पोर्न फिल्म का नायक लग रहा था। दर्पण में वह सीधी घोड़ी बनी हुई थी जिसके कारण उसके लटके हुए स्तन मुझे आगे से भी दिखाई दे रहे थे। उत्तेजना इतनी हो गई थी कि लग रहा था कि मैं अभी छूट जाऊंगा। मैंने सेक्स की पोजीशन बदल ली। मैंने सीमा को बेड के एक किनारे पर सीधा लिटा कर उसकी लंबी टांगों को अपने कंधे पर रखा और खड़े-खड़े उसकी चूत में अपना लंड फिर ठेल दिया। अब मेरे झटकों के साथ सीमा के हिलते हुए गोल स्तन मुझे नजर आ रहे थे, उन पर केवल मेरा एक ही हाथ पहुंच पा रहा था। मैंने दरिंदों की तरह उसका एक एक स्तन नोच-नोच कर लाल कर दिया।

सीमा ने इशारा किया और कहा कि वह मुझे आगोश में लेना चाहती है अतः मैं उसके ऊपर लेट गया और हम दोनों सीधे लेट कर एक दूसरे के साथ चोदन क्रिया पूरे करने लगे। मेरी चुदाई इतनी जंगली थी कि सीमा की चूत से जोरदार फच फच की आवाज आने लगी थी। सीमा ने एकदम से बहुत ही विकराल रूप धारण कर लिया और वह अपनी गांड उठा-उठा कर मेरे लंड के ऊपर धक्के मारने लगी और खुद ही अपनी चूत से मेरे लंड को उसकी चूत की जड़ तक पहुंचाने की कोशिश करने लगी। उसकी भावनाओं को समझ कर मैंने भी ने धक्के जोरदार कर दिए और 2 मिनट के इस द्वंद्व के बाद हम दोनों सलहज ननदोई एक साथ झड़ गए।

सीमा की अपने पार्टनर के साथ झड़ने के मनोकामना पूर्ण हुई। लंबे और आकर्षक शरीर वाली सीमा ने मुझे अपने आलिंगन में बांध लिया और हम एक दूसरे से चिपक कर थोड़ी देर आराम करने लगे।

सीमा- मेरे प्यारे जीजू, आप कितन प्यारे हो लेकिन आज आपने प्यार से तो प्यार किया ही नहीं, इतना ज्यादा वाइल्ड सेक्स क्यों कर रहे थे, मैं कहीं भागे थोड़ी ना जा रही हूं!

मैं- मैं क्या करूं प्यारी सीमा, तुम हो ही इतनी आकर्षक कि मेरा खुद पर काबू नहीं रहा!

अब मैं सीमा को क्या बताता कि यह तो वह कसर थी जो मैं प्रिया के साथ नहीं निकाल पाया था और रणविजय ने तृप्ति को ठोक ठोक कर बुरा हाल किया था। शायद यह उसी की उत्तेजना और गुस्सा था जो सीमा पर निकला और सीमा भी उत्तेजना पैदा करने वाली थी। सलहज की पहली घमासान चुदाई के बाद मेरा लिंग आराम कर रहा था तो ध्यान तृप्ति और श्लोक के कमरे की तरफ चला गया, मैं सोचने लगा कि दोनों भी बहन तृप्ति और श्लोक किस तरह की चुदाई कर रहे होंगे? आज श्लोक तृप्ति की चूत का चित्तौड़गढ़ बना ही देगा। आज वह असली बहनचोद बन ही जाएगा। उनकी किसी सेक्स पोजीशन को कल्पना कर कर मेरा लंड फिर से तनतनाने लगा। सीमा का हाथ मेरे लिंग पर ही था, वह आश्चर्यचकित हुई और बोली- वाह जीजू, इतनी जल्दी? आज क्या मेरी चूत अपने मोटे लिंग से फाड़ ही डालोगे?

इस पर मैंने उससे कहा- मुझे तुम्हारी गांड का छेद और चौड़ा करना है. अब आओ और अपनी लंबी टांगों का कमाल दिखाओ मेरी जानेमन।

मैं लेटने वाले सोफे पर लेट गया, सीमा भी बेड से उठ कर आई और अपनी चौड़ी सेक्सी गांड मेरे लंड की तरफ करके आगे की तरफ मुंह करके मेरी गोद में बैठ गई और उसकी चूत में मेरा लिंग अपने आप प्रविष्ट हो गया. अब वो अपने पांव जमीन पर रखकर खुद ही उन पांव के बल पर ऊपर नीचे होने लगी। थोड़ी देर में उसकी चूत फिर से गीली हो गई और मेरे लिंग पर चिकनाई आ गई। सीमा ने खुद मेरा लिंग अपनी चूत से निकालकर मेरे लिंग को उसकी गांड के छेद पर टिका दिया। मैं इतना बेसब्र हो गया था कि मैंने अपने हाथ में थोड़ा सा थूक लेकर ही सीमा की गांड के छेद के ऊपर लगा लिया और सीमा की चूत की चिकनाई से अपनी दो उंगलियां भरकर उसकी गांड के अंदर डाल दी। जब पर्याप्त मात्रा में उसकी गांड चिकनी हो गई, तब मैंने फिर उसकी गांड को उसी पोजीशन पर ला दिया, अर्थात उसकी गांड के छेद पर मेरा लिंग टिका हुआ था। मैंने सीमा के कंधों को ऊपर से पकड़ कर उन्हें नीचे दबाया जिससे कि मेरा चिकना लिंग मुंड सीमा के गांड में जा धंसा, सीमा के मुंह से जोरदार सिसकारी निकल पड़ी किंतु आने वाले क्षण के मजे की उम्मीद में वह अपने पैरों पर जोर लगा कर मेरे लिंग पर बैठ गई जिससे कि मेरा लिंग उसकी गांड के छेद के अंदर तक बैठ गया।
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12-16-2020, 01:24 PM,
#40
RE: Hindi Sex Stories याराना
सीमा का चेहरा पूरा लाल हो गया। कुछ क्षण रुक कर सीमा अपने पांव के बल पर ऊपर नीचे होने लगी तथा उसकी गांड में मेरे लिंग को अंदर बाहर करने लगी। थोड़ी देर बाद वह मेरा लंड अपनी गांड में ले ले कर इतना मजा लेने लगी कि उसके धक्के बढ़ गए। मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने उसे बैड पर फिर से घोड़ी बनाया और उसकी गांड में अपना लंड पेल दिया, उसकी गांड और मेरी कमर की टकराहट से जोरदार आवाजें आने लगी। थोड़ी देर बाद मैं बेसब्र हो गया और अपना लिंग निकाल कर उसकी चूत में पेल कर जोरदार चुदाई करने लगा। जब सीमा की सांस फूली और वह स्खलित होने की तरफ बढ़ी, तब मैं भी एक बार फिर उसकी चूत में ही स्खलित हो गया।

सीमा ने बेहद प्यार से मुझे गले लगाया और अपने ऊपर लेटा लिया दो बार की घमासान चुदाई के बाद हम बेहद थक चुके थे।

यह दृश्य थोड़ी देर बाद यहीं से शुरू होगा किंतु बीच में मैं आपको तृप्ति और श्लोक के बहनचोद बनने का किस्सा सुनाता हूं जैसा कि मुझे श्लोक ने कुछ दिनों बाद में बताया था।

आगे की कहानी श्लोक के शब्दों में:

जब मैं दीदी और जीजू के कमरे में प्रविष्ट हुआ तो मैंने देखा कि तृप्ति दीदी अपने गोरी चिकनी जांघों पर अपनी नाइटी को ऊंची करते हुए गुलाब जल का पानी लगा रही थी। शायद यह दृश्य मेरे लिए ही उत्पन्न किया गया था।

मैं दीदी की तरफ मुस्कुराया, वह भी मेरी तरफ मुस्कुराई और हंसती हुई बोली- सच का सामना में जो तुमने कहा था क्या वह सही था? तुम कब से बहनचोद बनने के सपने देख रहे हो मेरे प्यारे भाई?

श्लोक- माफ करना दीदी, मुझे आपको यह बताना नहीं चाहिए किंतु जीजाजी ने मुझे जब आपके और किसी अन्य कपल के स्वैपिंग के बारे में बताया तबसे मेरा आपके ऊपर नजरिया बदल गया था, मैं सोचता था कि आप सीधी सादी केवल जीजाजी के लंड पर ही नाचती होंगी लेकिन आपने तो जिंदगी के मजे लेने के लिए किसी और का लंड भी ले लिया। जीजाजी ने मुझे यह तो नहीं बताया कि वह स्वैपिंग किसके साथ हुई थी किंतु मैं उस व्यक्ति को खुशनसीब मानने लगा जो आपके ऊपर चढ़ा था। बस तब से मैं उस व्यक्ति की जगह खुद को रख कर अपनी दीदी को चोदने के बारे में सोचने लगा। छोटे कपड़ों में आपके अंग प्रदर्शन में मेरा हाल बेहाल कर दिया। सीमा की जीरो फिगर वाली गांड और स्तनों से मैं बोरियत महसूस करने लगा था और आपकी मोटी गांड और बड़े स्तनों के लिए मैं आकर्षित होने लगा था। मुझे आपके ही शरीर जैसी औरत से अपनी प्यास बुझानी थी। कभी-कभी तो मुझे जीजा जी से बहुत जलन होने लगती कि आपके इतने करीब होने के बावजूद भी मैं आपको उस तरह से छू भी नहीं सकता किंतु जीजाजी आपकी रोज चुदाई करते हैं। जीजाजी कितने खुशनसीब हैं। किंतु आज तो मैं अपने अरमान पूरे कर ही लूंगा। आप बताइए आप कब से मेरे बारे में इस प्रकार का सोचने लगी?

तृप्ति- तो राजवीर ने तुम्हें हमारे स्वैपिंग के बारे में बता दिया! मैं उन्हें देख लूंगी। अच्छा चलो ठीक है, तुम्हारी बात का जवाब देती हूं।

प्रिय भाई, मैंने तुम्हारे लिए कभी ऐसा नहीं सोचा था लेकिन जब हम इस फ्लैट में शिफ्ट हुए और रात में सीमा और तुम्हारी चुदाई की इतनी भयंकर आवाज मैंने सुनी तब मेरे गले से पानी तक नहीं उतरता था, सीमा की इतनी भयंकर आवाजों के कारण मेरे रोंगटे खड़े हो जाते थे, मैं सोचती थी कि मेरा भाई श्लोक मेरी भाभी की यह किस प्रकार की चुदाई करता है। जब लगातार इस प्रकार की आवाजें आती रही तो तुम्हारे ऑफिस में जाने के बाद एक बार मैंने सीमा से इसके बारे में पूछ ही लिया। सीमा ने मुझे तुम्हारी इस समस्या के बारे में बताया लेकिन सच बताऊं तो मुझे यह समस्या नहीं लगी, मैं तो इस समस्या से रोमांचित हो उठी। अगर कोई व्यक्ति किसी महिला को 45 मिनट तक बिना रुके चुदाई करे तो वह चुदाई कितनी घमासान होती होगी। सीमा कितनी खुशनसीब थी कि उसे इस प्रकार की चुदाई मिल रही थी जैसा कि हम अंग्रेजी ब्लू फिल्मों में देखा करते हैं।
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