Incest Kahani मेराअतृप्त कामुक यौवन
09-17-2020, 12:26 PM,
#11
RE: Incest Kahani मेराअतृप्त कामुक यौवन
मनीषा ने आज दो उंगलियों से मेरी गांड को चोदा था जिस वजह से मेरी गांड का छेद थोड़ा खुल गया था और शायद रोहन ने यह भी नोटिस कर लिया था।

लगातार चुदाई करने के साथ साथ उसने मेरी गांड के छेद पर थूक दिया और अपनी दो उंगलियों को थूक से गीला कर मेरी गांड में डालने लगा और उन्हें अंदर बाहर करने लगा।

पहले तो मुझे हल्का सा दर्द हुआ पर फिर दोनों उंगलियाँ आराम से मेरी गांड के अंदर बाहर होने लगी।
रोहन अब अपने लण्ड से मेरी चूत को चोद रहा था और उंगलियों से मेरी गांड को।

मैं अभी भी अपनी दोहरी चुदाई की मस्ती में चीख रही थी, मेरी चीखें रोहन को और उत्तेजित कर रही थी- ओह… ओह माँ… ओह माँ! आहह… हायय… चोद मुझे… चोद अपनी मम्मी को… ऐसे ही मेरे लाल… चोद चोद.. मेरी चूत! और ज़ोर से… और ज़ोर से… चोद अपनी माँ की चूत को रोहन…

रोहन भी अब मस्ती में पूरे जोश के साथ चोदते हुए बोला- आआहह हहहह… मम्मी… आपको तो मैं कभी चोदे बिना नहीं रह पाऊँगा… आहह… आप जैसी सेक्सी माँ जिसके पास हो वो बहुत ही खुशनसीब होगा।

‘मम्मी… उम्ममम्म… आहहहह… मेरे पूरे लण्ड को अपनी चूत में ले लो… आहह… आई… लव… यू… मेरी प्यारी मम्मी… आमुआहहह…’

इसी तरह थोड़ी देर चुदाई करने के बाद मेरा बदन फिर से अकड़ने लगा और मैंने अपने शरीर को टाइट कर लिया जिससे रोहन का लण्ड मेरी चूत के अंदर दबाव बनाने लगा और रोहन ने फिर जोरों से धक्के देना शुरु कर दिए।
वो अभी भी अपनी उंगलियों से मेरी गांड को चोद रहा था।

मैं अब फिर से झड़ने वाली थी तो उत्तेजना और दर्द के कारण चिल्लाने लगी- रुकना मत… रोहन… आआहहह… उफफफ्फ़… उफफफ्फ़… और अंदर तक… और ज़ोर से… चोद… मुझे… चोद मेरी चूत… चोद अपनी माँ की चूत… हे भगवान… हाए… हाए… उफफ्फ़… चोद अपनी माँ को… चोद डाल..

“हाय… मैं मरी… हा… हा… उफफ्फ़… कितना मोटा लण्ड है मेरे लाल का… लगा दे पूरा ज़ोर… मेरे बेटे… ऐसे ही चोद… उफ़फ्फ… मैं फिर से झड़ने वाली हूँ… मैं फिर से झड़ने वाली हूँ… रोहन..’
और फिर मेरे शरीर ने झटके देना शुरू कर दिए।

मैं झड़ने लगी!
तभी रोहन ने अपना लण्ड बाहर निकाला और मेरी चूत पर मुँह लगा दिया और मैं रोहन के मुंह में ही झड़ने लगी।
रोहन ने मेरा सारा पानी चाट चाटकर साफ कर दिया।

रोहन अभी तक नहीं झड़ा था तो वो फिर से मेरी चूत में लण्ड डालने लगा।
ज्यादा चुदाई के कारण मेरी चूत में दर्द होने लगा था और मैं थक भी गई थी तो मैंने रोहन से कहा- रोहन, अब नहीं मुझे दर्द हो रहा है प्लीज…

तो रोहन बोला- पर मम्मी, अभी तक मेरा हुआ नहीं है।
मैंने बोला- मैं तेरे लण्ड को चूस कर झड़ा देती हूँ।

पर वो मना करने लगा और बोला- मम्मी, मैं आपकी गांड में लण्ड डाल दूं?
रोहन के मुख से यह सुनकर मुझे आलोक के साथ मेरी गांड की चुदाई याद आ गई जब मैं दर्द से बिलबिला उठी थी और रोने लगी थी।

मैंने रोहन से बोला- नहीं, मुझे नहीं डलवाना तेरा लण्ड अपनी गांड में, बहुत दर्द होता है!
तो रोहन बोला- मम्मी, अगर आपको जरा भी दर्द होगा तो मैं लण्ड बाहर निकाल लूंगा और फिर आप मेरे लण्ड को मुंह में लेकर झड़ा देना।

रोहन ने मुझे बहुत समझाया पर मैंने उसे साफ मना कर दिया।
मेरे मना करने से वो नाराज़ हो गया तो मैंने उसे हाँ बोल दिया और उससे बोला अगर ज्यादा दर्द हुआ तो मैं गांड में लण्ड नहीं डलवाऊंगी।

रोहन ने मेरी बात मान ली और तैयार हो गया।

मैंने उसे हाँ बोल दिया और उससे बोला अगर ज्यादा दर्द हुआ तो मैं गांड में लंड नहीं डलवाऊंगी।
रोहन ने मेरी बात मान ली और तैयार हो गया।

मैंने रोहन को क्रीम लाने के लिए कहा तो वो उठकर क्रीम ले आया। फिर मैंने रोहन से मेरी गांड के छेद पर क्रीम लगाने को बोला। उसने ढेर सारी क्रीम अपनी उंगली से मेरी गांड के छेद के ऊपर और कुछ क्रीम अंदर भर दी।

वैसे तो रोहन का लंड बहुत गीला था पर फिर भी उसने अपने लंड को भी क्रीम से मल लिया।
अब रोहन बिल्कुल तैयार था पर मुझे बहुत डर लग रहा था।

मैं रोहन को फिर से याद दिलाते हुए बोली- रोहन, अगर दर्द हुआ तो फिर मैं नहीं करवाऊँगी।
तो रोहन बोला- मम्मी आप चिंता मत करो, मैं आपको बिल्कुल भी दर्द नहीं होने दूंगा।

रोहन ने मुझे उल्टा लिटा दिया और घोड़ी बनने का बोला तो मैं अपने दोनों हाथों को बेड पर रखकर घोड़ी बन गई।
मैंने डर के मारे अपने मम्मों और सर को भी बेड से चिपका दिया।

फिर रोहन उठा और मेरी गांड पर हाथ फेरते हुए मेरी गांड से अपने लंड को टच करने लगा, फिर उसने अपने लंड को मेरी गांड के छेद पर रख दिया।
मैं समझ चुकी थी कि आज मैं दर्द से तड़पने वाली हूँ, मेरी धड़कनें तेज होने लगी थी।

रोहन ने मेरी गांड के छेद को अपने दोनों हाथों से खींचकर फैलाया और फिर अपने लंड को हल्के से अंदर की तरफ धकेला।
मुझे हल्का सा दर्द हुआ तो मैंने अपने हाथों से अपनी गांड को पकड़ लिया।
Reply

09-17-2020, 12:26 PM,
#12
RE: Incest Kahani मेराअतृप्त कामुक यौवन
रोहन ले सख्त लण्ड का आधा सुपारा मेरी गांड में घुस चुका था फिर रोहन ने एक और हल्के धक्के में अपना सुपाड़ा मेरी गांड के अंदर कर दिया।

मैं चिल्ला उठी मैंने दर्द में कराहते हुए रोहन को बोला- रोहन, मुझे गांड में दर्द हो रहा है। अब इससे ज्यादा दर्द मैं सहन नहीं कर पाऊँगी।

रोहन बोला- मम्मी, बस अब इससे ज्यादा दर्द नहीं होने दूँगा आपको।
मैं कुछ नहीं बोली और वैसे ही लेटी रही।

रोहन ने कुछ देर के लिये अपने धक्कों को रोक दिया, वो मेरे नॉर्मल होने का इंतेजार कर रहा था।
थोड़ी देर बाद जब उसे लगा कि अब मुझे दर्द नहीं हो रहा तो उसने धीरे धीरे ही अपने लंड के सुपारे को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।

वो लंड को धीरे से बाहर करता और फिर थोड़े से दबाव के साथ ही उसे फिर से अंदर कर देता।
ऐसा करते करते उसका लंड मेरी गांड के अंदर जाने लगा था पर इसमें एक मीठे से दर्द के अलावा रोहन के प्यार का एहसास था।

वो इतना धीरे से ये सब कर रहा था कि कब रोहन का आधा लंड मेरी गांड के अंदर बाहर होने लगा, मुझे पता ही नहीं लगा।
मैं भी अब मस्त हो चुकी थी और ‘आआहहहह… रोहन… …आ…आ… हा.. हा.. ओह्ह… मेरे लाल… उफ्फ्फ…’ की सीत्कारें भर रही थी।

फिर रोहन ने अपने लंड का दबाव मेरी गांड पर बढ़ाना शुरू कर दिया और उसका थोड़ा और लंड मेरी गांड के अंदर चला गया।
मैं ‘अआई आअहूचच…’ करते हुए रोहन को बोली- रोहन बेटा, अब इससे ज्यादा अंदर मत डालो, मुझे दर्द हो रहा है।

वो रुक गया और फिर उतने ही घुसे हुए लंड से मेरी गांड को चोदना शुरू कर दिया।
पहले तो वो हल्के हल्के धक्कों से मेरी गांड को चोद रहा था फिर धीरे धीरे उसने अपने धक्कों की गति बढ़ा दी।

रोहन मेरी कमर को पकड़कर मुझे आगे की तरफ धक्के दे रहा था।
मैं भी मीठे से दर्द और मजे के साथ अपनी गांड को अपने बेटे रोहन से चुदवा रही थी।

फिर रोहन ने मुझे वैसे ही पकड़कर उठाया, उसका लंड अभी भी मेरी गांड के अंदर था, वो नीचे लेट गया और मुझे अपने ऊपर बैठा लिया।

अब मैं रोहन के ऊपर बैठी हुई थी और उसका लंड मेरी गांड के अंदर था।
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!

मैं थक चुकी थी तो मैंने अपना शरीर रोहन के शरीर के ऊपर रख दिया था।
मेरे मम्मे रोहन के सीने पर रगड़ खा रहे थे और फिर वो मेरे होंठों को चूमने लगा।

रोहन के दोनों हाथ मेरी गांड पर थे और वो उन्हें सहला और दबा रहा था।
रोहन ने फिर धीरे से अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया और फिर लगातार धक्कों से मेरी गांड में अपना लंड डाल रहा था।
मैं भी कमर उठा कर उसका साथ दे रही थी।

रोहन अब तेजी से मेरी गांड मार रहा था और मेरे होंठों को चूमे जा रहा था।

मेरी कसी हुई गांड ने रोहन को ज्यादा देर तक नहीं टिकने दिया और उसने मेरी गांड को मजबूती से जकड़ लिया और जोर से झटके देते हुए मेरी गांड के अंदर ही झड़ने लगा।
उसका गर्म वीर्य मेरी कसी हुई गांड में काफी देर तक स्खलित हुआ।

रोहन अब निढाल होकर बेड पर ही लेट गया और मैं भी उसके ऊपर लेट गई।
रोहन का लंड अभी भी मेरी गांड के अंदर था।

थोड़ी देर बाद जब रोहन का लंड मुरझा कर बाहर आया तो मुझे दर्द का एहसास होने लगा और मेरी गांड में से रोहन के वीर्य का सैलाब बाहर आकर बहने लगा जो मेरी गांड से होते हुए रोहन के पैरों पर आने लगा था।

आज पहली बार रोहन का इतना वीर्य स्खलन हुआ था।
मैं रोहन से बोली- आज तो दवा खाकर बड़े ही जोश में हैं जनाब? और आज मेरी गांड को भी नहीं छोड़ा।

रोहन बोला- मम्मी, आज तो मैंने आपको थका दिया ना… और आपको दर्द हुआ उसके लिए सॉरी मम्मी।

मैं रोहन को बोली- चल ठीक है, अपनी मम्मी को भी सॉरी बोलेगा अब? और तूने मुझे इतने प्यार से चोदा कि ज्यादा दर्द नहीं हुआ मुझे। आज मैं पहले से ही थकी हुई थी तो ज्यादा देर तक एन्जॉय नहीं कर पाई तेरे साथ।

रोहन मेरे बालों पर हाथ फेरने लगा और मेरे माथे पर चुम्बन करते हुए बोला- मम्मी… आई लव यू… आपने मेरे लिए कितना कुछ किया। मैंने आपसे जो भी बोला आपने मेरी हर वो बात मानी… मम्मा… आई लव यू सो मच!

मैंने रोहन से बोला- आई लव यू टू बेटा… और मैं तेरी बात नहीं मानूँगी तो कौन मानेगा। भला माँ अपने बेटे का ख्याल नहीं रखेगी तो कौन रखेगा?

फिर मैंने रोहन से कहा- अब तूने जो मेरी गांड में फैलाया है उसे कौन साफ करेगा?
मेरे इतना बोलते ही वो उठा और मेरी नई पैंटी को उठाकर मेरी टांगों के बीच आ गया और मेरी गांड के छेद को साफ करने लगा।

मुझे साफ करने के बाद रोहन ने अपनी टांगों को भी साफ किया और फिर हम दोनों आपस में लिपट कर बाते करने लगे।
रोहन का लंड फिर से मेरे नंगे बदन का स्पर्श पाकर खड़ा होने लगा तो मैंने रोहन से कहा- ये महाशय तो फिर से खड़े हो गए लगता है इनका मन नहीं भरा अभी तक?

रोहन हंसने लगा और बोला- मम्मी, आप हो ही इतनी सेक्सी कि मन भर ही नहीं सकता।
मैं भी उसकी बात सुनकर हँसने लगी।

तो रोहन बोला- मम्मी, आप थक चुकी हो तो रहने दो… मैं बाद में आपको परेशान करूँगा।
मैंने कहा- कोई बात नहीं, मैं इसे सहला देती हूँ।
Reply
09-17-2020, 12:26 PM,
#13
RE: Incest Kahani मेराअतृप्त कामुक यौवन
तब मैंने रोहन के लंड को अपने हाथों में लिया और सहलाने लगी।
रोहन का लंड एकदम कड़क हो चुका था।

थोड़ी देर सहलाने के बाद मैं उसका लंड मुँह में लेकर चूसने लगी। रोहन भी मेरे सर को अपने लंड पर दबा रहा था जिससे उसका लंड मेरे मुँह के अंदर समाने लगा।

रोहन ने फिर अपने लंड से मेरे मुँह को चोदना शुरू कर दिया।
फिर वो उठा और मेरे मुँह से लंड को निकालकर मुझे बेड पर लेटा दिया। रोहन का लंड मेरे थूक से सना हुआ था।

रोहन मेरे ऊपर आया और मेरे बूब्स के बीच अपना लंड डालकर मेरे मम्मों को आपस में दबाने लगा।
मुझे उसकी यह हरकत बहुत अच्छी लगी।

उसने मेरे मम्मों को चोदना शुरू कर दिया। रोहन के दोनों हाथ मेरे मम्मों पर थे और लंड मेरे मम्मों के बीच से उन्हें चोद रहा था।

रोहन अब झड़ने वाला था तो उसने मुझसे बोला- मम्मी, मैं झड़ने वाला हूँ… अपना वीर्य कहाँ निकालूँ?

मैंने उसकी बात का जवाब न देते हुए सीधे उसके लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी।

कुछ ही पलों बाद उसने झड़ना शुरू कर दिया और उसका सारा वीर्य मेरे मुंह में स्खलित हो गया जिसे मैंने निगल लिया।
मैंने रोहन के लंड को चाटकर साफ कर दिया।

मैं रोहन से बोली- अन्नू के आने का टाइम हो गया है अब कपड़े पहन लो।
फिर मैं उठी और अपने कपड़े पहनने लगी।
रोहन अपनी चड्डी पहनते हुए बोला- मम्मी, आज बहुत दिनों बाद हम दोनों को टाइम मिला था और वो भी इतनी जल्दी ख़त्म हो गया… पता नहीं अब कब हमें टाइम मिलेगा।

रोहन का उदास सा चेहरा देखकर मैं बोली- इतना उदास मत हो, दो दिन बाद तेरे पापा बाहर जा रहे है और फिर एक हफ्ते बाद ही आएंगे। तब तेरे पास टाइम ही टाइम होगा।

मेरी बात सुनकर रोहन इतना खुश हुआ की उसने मुझे गोद में उठा लिया।
रोहन बोला- मम्मी आने वाले सात दिन बस मैं और आप साथ में बिताएंगे।
मैंने भी हंसते हुए उसे हां बोल दिया।

फिर वो अपने रूम में चला गया।

थोड़ी देर बाद अन्नू और रवि दोनो घर आ गए।

दो दिन बाद रवि अपने काम के सिलसिले में बाहर चले गए।
अन्नू भी स्कूल जा चुकी थी।

रवि को दिखाने के लिए रोहन भी कॉलेज चला गया था पर उनके जाने के बाद वो घर पर वापस आ गया।

रवि के जाने के थोड़ी ही देर बाद रोहन भी आ गया।
मैं तब बाथरूम में थी।
डोरबेल बजने पर मैं बाहर जाने लगी, मुझे पता था कि दरवाजे पर रोहन ही है तो मैं पैंटी पहने हुए ही दरवाजे की तरफ जाने लगी।

मैं बिल्कुल नंगी थी, बस पूरे शरीर पर एक पैंटी थी जो मेरी गांड और चूत को ढकी हुई थी।
मेरे कसे हुए गोल मम्मे बिल्कुल नंगे और तने हुए थे।

जब दरवाजे की तरफ जाते हुए मैंने खुद को देखा तो मैं खुद अपने नंगे जिस्म को देखकर उत्तेजित होने लगी थी।

मेरे मम्मे जो मेरे चलने की वजह से हिल रहे थे, मुझे काफी उत्तेजित कर रहे थे।

मेरी पतली कमर के नीचे ऊपर नीचे होते हुए मेरे गोल बड़े कूल्हे… आहह… पता नहीं आज मुझे यह क्या हो रहा था, खुद को इस तरह देख कर!
मैंने अपने मम्मों को हाथों से ढक लिया ताकि वो हिले भी ना और किसी को दिखे भी ना।

मैं अब दरवाजे पर पहुच चुकी थी। मैंने दरवाजा खोला और रोहन अंदर आ गया। अंदर आते ही रोहन मुझे ऐसी हालत में देखते हुए बोला – क्या हुआ मम्मी आपने कपड़े क्यों नही पहने।

मैंने बोला – अभी बाथरूम में नहाने ही जा रही थी की तू आ गया।

फिर रोहन बोला – चलो अच्छा है आज हम दोनों साथ में नहाएंगे।

मेने बोला – आज सुबह ही तो तू नहा कर गया था।
Reply
09-17-2020, 12:26 PM,
#14
RE: Incest Kahani मेराअतृप्त कामुक यौवन
रोहन बोला – तो क्या हुआ आज तो मैं फिर से नहाऊंगा और आप के ही साथ नहाऊंगा।

मैंने बोला – हां ठीक है नहा लेना मेरे साथ भी , कभी मना किया है तुझे मैंने।

मेरेे इतना बोलते ही रोहन ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और फिर मेरे होंठो को चूमने लगा।

फिर उसने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और सीधे बाथरूम की तरफ जाने लगा। बाथरूम पहुँचते ही उसने मुझे उतार दिया। अब मैं उसके सामने बस पैंटी में ही खड़ी हुई थी। रोहन ने अपने कपड़े उतार लिए और अब वी सिर्फ चड्डी में ही मेरे सामने खड़ा था।

उसने मुझे हल्का सा धक्का देकर दीवार से टिका दिया और मेरे होठों को फिर से चूमना शुरू कर दिया। उसके दोनों हाथ मेरे चुच्चों पर थे और वो अब अपने हाथों से मेरे मम्मों का मर्दन कर रहा था।

रोहन के कड़क हाथ मेरे मुलायम और कसे हुए मम्मों को बेरहमी से मसल रहे थे। रोहन बीच बीच में मेरे निप्पल को भी खींच और दबा देता था जो की उसे काफी मजा दे रहा था और मुझे एक प्यारा सा दर्द।

रोहन ने अब मेरे होठों को चूमना बंद कर दिया और अपने हाथों को मेरे मम्मों से हटा दिया।
वह अब अपने मुंह को मेरे सीने पर लेकर आया और मेरे मम्मों के बीच में अपना मुंह रगड़ने लगा।

उसने मेरे मम्मों को जोरो से पकड़ा और उन्हें चाटने लगा। बीच बीच में वो मेरे निप्पल को मुंह में लेकर चूसने भी लगता था और कभी कभी उनके हल्के से काट भी लेता था, जिससे मैं सिहर उठती थी।

थोड़ी देर तक इसी तरह चूमने के बाद रोहन अपने घुटनों के बल बैठ गया और मैं अभी भी दीवार के सहारे खड़ी हुई थी।

रोहन अब अपनी जीभ से मेरी कमर और नाभि को चाट रहा था।
रोहन के यह सब करने से मुझे इतना मजा आ रहा था कि मेरा बदन और पेट काँपने लगा।

रोहन अपनी जीभ से मेरी नाभि को कुरेद रहा था।
उसने ऐसा करते हुए ही मेरी पैंटी को नीचे करना शुरू कर दिया, मेरी पैंटी को घुटनों तक नीचे कर दिया।

फिर रोहन ने मुझे पलट कर घोड़ी बनने के लिए बोला।

तो मैं भी बिना किसी सवाल के फर्श पर बैठकर घोड़ी बन गई।

झुकने की वजह से मेरे मम्मे नीचे की तरफ लटक रहे थे तो मैं अपने एक हाथ से अपने मम्मों को सहलाने लगी थी।

रोहन ये सब देख रहा था और फिर हमारी नज़रें आपस में मिली और हम दोनों एक दूसरे को देख कर हँसने लगे।

रोहन अब पीछे से आकर मेरी चूत को सहलाने लगा, वो बड़ी ही तेजी से अपनी उंगलियों से मेरी चूत के दाने को रगड़ रहा था।

थोड़ी देर इसी तरह सहलाने के बाद मेरी चूत पूरी तरह से गीली हो गई तो उसने अपनी जीभ मेरी चूत की दरार पर लगा दी।

रोहन अब अपनी जीभ को मेरी चूत के अंदर डाल कर मेरी चूत को सहला रहा था और मेरी चूत के पानी को चाट रहा था।

अब रोहन उठा और उसने मुझे भी उठा दिया, उसने मुझे 69 की पोजीशन में आने के लिए बोला।
मैंने भी हां में सिर हिला दिया।

रोहन नीचे लेट गया, मैं उसके ऊपर आ गई।
मैंने अपनी पैंटी जो रोहन ने घुटनों तक ही उतारी थी, उसे उतार दिया।
फिर मैंने अपनी चूत को रोहन के मुंह के ऊपर रख दिया और अपना मुँह रोहन के लंड के पास ले आई।

रोहन अभी भी चड्डी में ही था तो मैंने उसकी चड्डी उतार कर अलग रख दी।

रोहन का लंड पूरा खड़ा था और वो हल्का सा गीला भी था। सैयद आज ज्यादा उत्तेजना के कारण उसके साथ ऐसा हुआ था।
मैंने रोहन के लंड को अपने हाथ में लिया और उसे सहलाने लगी।

चूत गांड लंड चुसाई

तभी रोहन ने मेरी चूत और गांड को चाटना शुरू कर दिया।
अब वो अपनी जीभ से मेरी गांड के छेद को भी कुरेदने लगा पर फिर थोड़ी देर बाद ही वो वापस मेरी चूत को चाटने लगा।

मैं अभी भी रोहन के लंड को अपने हाथों से सहला रही थी। रोहन के लंड के गीला होने की वजह से मेरा हाथ भी गीला हो गया था। फिर मैंने रोहन के लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी।

थोड़ी देर बाद हम दोनों के बदन साथ में अकड़ने लगे और हम साथ में ही झड़ने लगे।
झड़ते वक्त मैंने रोहन के लंड को अपने मुख से निकाल दिया था जिससे उसके वीर्य की धार मेरे चेहरे और हाथ पर जा गिरी।

मेरा पूरा चेहरा रोहन के वीर्य से गीला हो गया था। और मैंने भी झड़ते समय अपनी चूत को रोहन के मुँह पर लगा दिया था जिससे रोहन का मुँह भी गीला हो गया था।

अब हम दोनों उठे और उठकर अपना चेहरा साफ करने लगे।
मैंने रोहन से बोला- आज तो तूने मुझे पूरा बिगाड़ कर रख दिया।
Reply
09-17-2020, 12:26 PM,
#15
RE: Incest Kahani मेराअतृप्त कामुक यौवन
रोहन भी मेरी बात का जवाब देते हुए बोला- मम्मा… आपने ही मेरे लंड को अपने मुंह से बाहर निकाल दिया था तो इसमें मेरी क्या गलती है? और आपने भी तो मेरा चेहरा बिगाड़ दिया है।

फिर रोहन ने मुझे उठा कर सिंक के पास लगे स्टैंड पर बैठा दिया। जो कि उसकी कमर के बराबर लंबाई में था। मैं वहाँ पर ठीक से बैठ गई पर नंगी होने के कारण मेरी गदराई हुई गांड स्टैंड के ठंडा होने के कारण ठंडी होने लगी।

मैंने रोहन से बोला- रोहन, ये स्टैंड मुझे बहुत ठंडा सा लग रहा है।

रोहन बोला- मम्मी आप इतनी गर्म हो फिर भी स्टैंड के कारण ठंडी हो रही हो? अभी शुरू में थोड़ा ठंडा लगेगा बस।

फिर रोहन वैसे ही मुझसे लिपट गया और मुझे चूमने लगा।

रोहन का लंड जो बैठ चुका था, फिर से खड़ा होने लगा था।
मैंने रोहन के लंड को अपने हाथ से सहलाना शुरू कर दिया, फिर मैं लंड पर थूक लगाकर उसे मलने लगी।

जब रोहन का लंड पूरा तन गया तो वो अपने लंड को मेरी चूत पर रगड़ने लगा।
मैंने स्टैंड पर बैठे हुए ही अपने दोनों हाथों से रोहन के कंधों को पकड़ लिया।

मेरी चूत झड़ने के कारण पहले से ही काफी गीली थी और रोहन ने भी एक ही धक्के के साथ अपने लंड को मेरी चूत में उतार दिया।
मैं दर्द के कारण कराहने लगी- आहह हहह… उहह हहह… रोहन… आराम से कर ना… मैं कहीं भागी नहीं जा रही हूँ… ओहहह…

रोहन ने मेरी बात मानते हुए फिर आराम से धक्के देने शुरू कर दिए।

मैं भी रोहन का खुलकर साथ दे रही थी- आह… उफ़्फ़… रोहन… चोद… मुझे… फ़क मी… आहहह.. चोद… अपनी… माँ… को… आहाह…

रोहन भी पूरे जोश के साथ मेरी चुदाई कर रहा था, वो अपने लंड को बाहर निकाल कर उसे वापस चूत की गहराई में उतार देता था।
रोहन के लगातार चोदने की वजह से हमारे शरीर काफी गर्म होने लगे थे और रोहन भी काफी गर्म हो रहा था तो उसने ऊपर लगे शावर को चला दिया और उसे हमारी तरफ कर दिया।

पानी की गिरती हुई ठंडी बूँदे हमारे शरीर को भिगो रही थी।
मेरे गोरे बदन पर पानी की बूंदों से धार बहने लगी थी। मेरे नंगे बदन को गीला देखकर रोहन काफी उत्तेजित हो गया था।

थोड़ी देर तक इसी तरह चुदने के बाद मेरा बदन अकड़ने लगा, मैं अपने चरम पर थी और अब झड़ने वाली थी।
मैंने अपने दोनों हाथों से रोहन की पीठ को जकड़ लिया और अपनी कमर को स्टैंड से ऊपर उठाते हुए झड़ने लगी- आहह… रोहन… मैं… झड़ने.. वाली.. हूँ… बेटे..

रोहन ने भी अपने धक्कों को और बढ़ा दिया और मैं चिल्लाते हुए झड़ने लगी- रोहन… मैं… गई… आहाहह हहह… उफ्फ…
मैं अभी भी स्टैंड पर ही बैठी थी और मेरी चूत से मेरा पानी बाहर आ रहा था जो पानी के कारण बहने लगा था।
Reply
09-17-2020, 12:26 PM,
#16
RE: Incest Kahani मेराअतृप्त कामुक यौवन
रोहन अभी भी पूरे दम से मुझे चोद रहा था, बाथरूम भी अब फच…फच…की आवाज से गूँजने लगा था।
चुदाई के कारण बाथरूम में एक अजीब सी खुशबू आने लगी थी।

मैं भी रोहन के हर धक्के का जवाब अपनी कमर उचका कर दे रही थी।
मैंने भी अपनी कमर से रोहन के लंड पर दबाब बनाना शुरू कर दिया था।

थोड़ी देर तक चोदने के बाद रोहन बोला- मम्मी मैं भी झड़ने वाला हूँ… कहाँ निकालूँ अपना पानी…
मैंने कहा- अंदर ही निकाल दे अपना पानी!

फिर रोहन ने तेज धक्कों के साथ ही मेरी चूत में झड़ना शुरू कर दिया- ये… लो.. मम्मी… आहहह… मेरा… वीर्य… अपनी.. चूत.. के अंदर… आहाहहह…

रोहन का गर्म वीर्य मेरी चूत को सराबोर कर रहा था और वो मुझसे लिपट कर मेरी चूत में झड़ रहा था।

थोड़ी देर वैसे ही हम एक दूसरे से लिपट रहे और फिर हम दोनों ने एक दूसरे के बदन को साफ किया और फिर आपस में चिपक कर नहाने लगे।
हम अभी भी एक दूसरे के बदन के साथ खेल रहे थे।

फिर हम दोनों नहाकर मेरे बैडरूम में आए, हम दोनों बिल्कुल नंगे थे।

मैं अलमारी की तरफ जाकर कपड़े पहनने लगी, रोहन अभी भी नंगा बेड पर लेटा हुआ था तो उसने मुझे कपड़े पहनने से रोक लिया और अपनी तरफ खींच लिया।

उसने मुझे बेड पर गिरा दिया और मेरे ऊपर आकर मेरे मम्मों को दबाते हुए बोला- मम्मी… अब अगले सात दिन तक जब तक मैं घर पर रहूँगा आप नंगी ही रहोगी बिना कपड़ों के…

मैंने कहा- अच्छा ठीक है पर अन्नू भी तो रहेगी ना घर पर…
तो रोहन बोला- जब अन्नू आ जाया करे तब आप कपड़े पहन सकती हो।

रोहन का लंड फिर से खड़ा हो चुका था और वो अगली चुदाई के लिए भी तैयार था तो उसने ज्यादा देर ना करते हुए मुझे फिर से चोदना शुरू कर दिया।

रोहन ने मुझे दो बार चोदा और रात को भी वो मेरे साथ सोता था और पूरी रात हम मस्ती करते थे।
कभी वो मेरी चूत में तो कभी गांड में लंड डाल कर चुदाई करता था और कभी मेरे मम्मों को भी चोदता था।

दो दिन की चुदाई के बाद मुझे याद आया कि हमने बिना कंडोम के सेक्स किया, अगर मैं प्रेग्नेंट हो गई तो?

मैंने रोहन को सारी बात बताई तो वो मेरे लिए टेबलेट ले आया और फिर हम वापस वैसे ही एन्जॉय करने लगे।

कहानी अब पूर्ण हो चुकी है, आपको यह सेक्स कहानी कैसी लगी वो आप नीचे कमेंट्स में लिख सकते हैं।
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
  Behen ki Chudai मेरी बहन-मेरी पत्नी sexstories 21 283,517 2 hours ago
Last Post: Invalid
Thumbs Up Horror Sex Kahani अगिया बेताल desiaks 97 1,612 3 hours ago
Last Post: desiaks
Lightbulb antarwasna आधा तीतर आधा बटेर desiaks 47 7,306 10-23-2020, 02:40 PM
Last Post: desiaks
Thumbs Up Desi Porn Stories अलफांसे की शादी desiaks 79 3,334 10-23-2020, 01:14 PM
Last Post: desiaks
  Naukar Se Chudai नौकर से चुदाई sexstories 30 325,384 10-22-2020, 12:58 AM
Last Post: romanceking
Lightbulb Mastaram Kahani कत्ल की पहेली desiaks 98 12,299 10-18-2020, 06:48 PM
Last Post: desiaks
Star Desi Sex Kahani वारिस (थ्रिलर) desiaks 63 10,273 10-18-2020, 01:19 PM
Last Post: desiaks
Star bahan sex kahani भैया का ख़याल मैं रखूँगी sexstories 264 901,644 10-15-2020, 01:24 PM
Last Post: Invalid
Tongue Hindi Antarvasna - आशा (सामाजिक उपन्यास) desiaks 48 18,320 10-12-2020, 01:33 PM
Last Post: desiaks
Shocked Incest Kahani Incest बाप नम्बरी बेटी दस नम्बरी desiaks 72 67,703 10-12-2020, 01:02 PM
Last Post: desiaks



Users browsing this thread: 3 Guest(s)