Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
08-26-2018, 09:39 PM,
#21
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
प्यास बुझती ही नही-12

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा इस कहानी का बारहवां पार्ट लेकर हाजिर हूँ

रात के 10 बजे रश्मि को चाय बनाने को कहा गया...वो किचन मे चाय बनाने के बाद सभी को सर्व करने लगी....जब वो अपने रूम मे चाय लेकर गयी तो देखा कि राजेश स्मृति को बाँहो मे लिए हुए है और उसे चूम चाट रहा है....स्मृति भी उसके बाल और चेहरे पर किस कर रही है.....रश्मि ने उसे डिस्टर्ब करना उचित नही समझा वो वही पर कोने मे खड़ी रही और दोनो का कारनामा देखने लगी.

राजेश: आहह डार्लिंग....अब रहा नही जाता.....प्लीज़ अपना ब्लाउस निकालो.

स्मृति: नही....रश्मि आ जाएगी...प्लीज़ ऐसा मत करूऊओ

राजेश: उसके चुचियो को दबाते हुए..... मैंअब नही रह सकता.

स्मृति: प्लीज़...मुझे मजबूर माअत्त्त करूऊ पल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लाहह

राजेश: एक बार फिर मैं तुम्हारी इन चुचियो को नग्न देखना चाहता हू....प्लीज़ माइ स्वेट-हार्ट....

स्मृति: पर दरवाजा तो खुला है....उसे तो बंद करो....

राजेश ने दरवाजे की तरफ देखा तो चौंक गया...क्योकि रश्मि उन-दोनो को देखकर मुस्कुरा रही थी.......................................................बोली....अरे पहले चाय पी लो फिर महाभारत सुरू करना............और चाय वही पर रखकर चली गयी.......

स्मृति: चाय पीते हुए.....छीईइ क्या सोचती होगी हमारे बारे मे.....मुझे तो शर्म आती है....

राजेश; अरे इसमे शरमाने की क्या बात है.....मेरी रश्मि बहुत समझदार है...और फिर ये तो उसका ही फ़ैसला है...तुम्हे यहाँ लाने का......क्या तुम्हे नही मालूम?

वो तुम्हे फिर से सुहागन देखना चाहती है...तभी तो मैने अपने दोस्त से बात की है तुम्हारे लिए....................और फिर मेरे और तुम्हारे रिस्ते तो है ही जीजा साली के....तो फिर साली आधी घरवाली होती है...........हाआआआआआआआआआ (ठहाका मार कर हस्ने लगा)

स्मृति: तुम्हे ये सब मज़ाक लग रहा है पर मैं क्या करू...मैं एक औरत जो हू और उसपे विडो...............लोग क्या कहेंगे...समाज क्या कहेगा.

राजेश: समाज को मारो गोली.....जब तुम बिध्वा घर पर यू बैठी रहती थी रात रात भर करवटें बदलते रहती थी तो कहाँ गया समाज......तुम मेरी मानो गोली मारो इस समाज को...और फिर हमलोग दुनिया के पहले कपल तो है नही जो ऐसा कर रहे है...इतिहास गवाह है...कि लोगो ने अपने ऐसो-आराम के लिए कितनी औरतो को चोदा है....मैं तो फिर भी संस्कारी हू...........................

स्मृति: चाहे जो हो...हमे ऐसा नही करना चाहिए................................

तभी कमरे मे रश्मि आ जाती है.......बोलती है

रश्मि: अरे भाई क्या चल रहा है...कैसी बदनामी हो जाएगी? ज़रा मैं भी तो सुनू

राजेश: अब तुम ही अपनी बहन को समझाओ

रश्मि: वो तो मैं समझा दूँगी ही...तुम जाकर भैया से मिल लो...बुला रहे है.

राजेश के जाने के बाद रश्मि और स्मृति दोनो चाय की चुस्की के साथ बाते कर रहे थे..........

स्मृति: तुम्हारा दिमाग़ तो खराब नही हो गया है......?

रश्मि: क्यू? क्या हुआ?

स्मृति: तुम सब कुच्छ जानते हुए भी अपने पति को मेरे साथ.....................

रश्मि: तो इसमे बुरा क्या है? तुम एक स्त्री हो और वो भी विडो...तुम्हे भी पूरा हक़ है जीने का.....और फिर जाने वाले तो चले गये.....उनके लिए आँसू बहाना ठीक नही है......अगर जीजाजी होते तो वो भी तुम्हे यू तड़प्ते हुए देखना नही चाहते....मुझे मालूम है कि तुम रात रात भर लंड के लिए तड़पति रहती हो...

स्मृति: रश्मि........माइंड युवर लॅंग्वेज...तुम मेरी छ्होटी बहन हो...

रश्मि: ओह्ह्ह दीदी...अब छ्चोड़ो भी ये छ्होटी और बड़ी....हम दोनो सहेलिया है...और मोहब्बत और जंग मे सब जायज़ है....सो एंजाय वित माइ हब्बी....सुबह बताना कि क्या क्या हुआ.....ओके..................

स्मृति: पर मुझे कुच्छ ठीक नही लग रहा...

रश्मि: सुबह बात करेंगे.....तब तक राजेश भी आ गया....

स्मृति:अपनी नज़रे दीवार की ओर कर ली और रश्मि एक आँख मार कर चली गयी....

थोड़ी देर तक खामोशी रही.....................................फिर राजेश ने आगे बढ़कर स्मिति को पीछे से पकड़ लिया और उसके गर्दन और गाल्लो पर किस करने लगा

स्मृति...आहह क्या करते हो...गुदगुदी होती है....प्लीज़ छ्चोड़ दो

मेरी जान जब लंड तेरी चूत मई जाएगा ना तो देखना कितना मज़ा आएगा...

स्मृति: छीईईईईई कितनी गंदी बाते करते हो.......मुझे पसंद नही

राजेश: तो तुम्हे क्या पसंद है....बैठकर आँसू बहाना...............

स्मृति: कुच्छ नही बोली...वो सिर्फ़ इतना ही बोल सकी......लाइट तो बंद कर दो...मुझे सोना है.

राजेश ने लाइट ऑफ कर दिया और ज़ीरो बल्ब जला दिया...अभी भी धीमी रोशनी थी कमरे मे....अब राजेश उसकी चुचियो को पकड़कर दबाने लगा .....स्मृति आह उह करने लगी.......................................राजेश उसे अपनी बाँहो मे लिए हुए बिस्तेर पर आ गया...और उसके गाउन को खोल दिया...वो बिल्कुल नंगी हो गयी

स्मृति ने तिर्छि नॅज़ारो से राजेश को देखा…राजेश मुस्कुरा रहा था…..उसका लंड हवा मे लहरा रहा रहा था….यू तो स्मृति कुंआरी थी नही पर आज तक उसे ऐसा लंड देखने को मिला नही था….वो आश्चर्य-चकित थी कि ऐसा लंड तो सिर्फ़ इंग्लीश फ़िल्मो (ब्फ) मे ही देखने को मिलता है. स्मृति ने भी अब शरमाना छोड़ दिया था क्योकि वो भी तो मदर-जात नंगी जो थी….उसकी गांद भी राजेश के आँखो की आगे झूल रही थी……..राजेश ने उसे बाँहो मे लिया और बेड पर आ गया…..राजेश को बहुत मन कर रहा था कि वो स्मृति की चूत को देखे ……पर स्मृति अपने दोनो हाथो सेअपनी चूत कोढके हुए थी…..

बेड पर आते ही राजेश ने स्मृति को पीठ के बल लेटा दिया…और जाँघो को चौड़ा करने लगा….और उसके हाथो को हटाने लगा…..पर स्मृति ने ज़ोर से अपनी चूत को ढँक रखा था……..राजेश को शरारत सूझी और उसने स्मृति की गांद मे अपनी एक उंगली घुसा दी……..

स्मृति: उईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई मर गयी…ये कहाँ डाल रहे हो……आप को शर्म आनी चाहिए…..च्चिईीईईई

राजेश: अब जब तुम मुझे ऐसे ही तड़पाओगी तो मे तो ऐसा करूँगा ही………………और एक गाना गन-गुना दिया…

“चूत से ज़रा नकाब हटा दो मेरे हुजूर” जलवा एक बार दिखा दो मेरे हुजूर……चूत से…………………”

स्मृति:आप बहुत बेशर्म हो….बाहर कोई सुनेगा तो क्या कहेगा…..

राजेश: तभी तो मे कह रहा था…कि अब नखरे करने छोड़ दो और सुरू करो प्रोग्राम.

स्मिरिटी: मुझे शर्म आती है ….जो भी करना हो तुम करो….

राजेश : जी नही…जब तक तुम मेरा साथ नही दोगि मे हाथ भी नही लगाउन्गा….

स्मृति: ऊऊओहूऊओ…..जैसे कि तुम मानने वाले हो………अगर तुम्हारा बस चले तो कच्चा खा जाओ मुझे………ह्म्‍म्म्मम

राजेश: अब छोड़ भी दो नखरा……

स्मृति: जी नही…अगर तुम्हे चाहिए तो तुम आगे बढ़ो…..

राजेश: मेडम…मे ऐसा आसिक़ नही हू…कि साड़ी उठाई और मार दिया चौका….अपना तो एक ही फंडा है……डू सेक्स वित लव.

स्मृति: ह्म्‍म्म्ममममममममम तो फिर ये लो…और स्मृतिने हार मानते हुए अपना हाथ वन्हा से हटा दिया और शर्म के मारे अपनी आँखे मूंद ली………………………

राजेश: ने उसके हाथ को आँखो से हटाते हुए कहा….जी नही ये भी नही चलेगा…..जब मे तुम्हे चोदुन्गा तो तुम मुझे देखोगी और मे तुम्हे….समझी.

स्मृति: मतलब कि तुम मानने वाले नही हो….अच्छा बाबा…ये लो…खुस?

राजेश: हस्ते हुए…थॅंक्स……….और वो झुक कर उसकी चूत को चूम लिया…..वाह…क्या स्मेल है….और क्या स्वाद है…भाई मज़ा आ गया….

स्मृति: अपनी कमर को ऐंठते हुए….छीइ….आपको गंदा नही लगता….यान्हा से मूत निकलती है और आप हो कि चूम रहे हो.

राजेश: मेरी जान …ये तो गंगोत्री है….जहा से गंगा निकलती है…और फिर तुम और मे भी यही से निकले है…….

स्मृति: मुस्कुराते हुए….और तुम उस जगह पे चाटना भी चाहते हो…….है ना….

राजेश: ह्म्‍म्म्म अब तुम समझदार हो गयी हो……देखो….सेक्स मे कुकछ भी गंदा नही होता…जो भी होता है एंजाय्मेंट के लिए होता है…तुम एंजाय करो…बस….बाकी की मुझपर छोड़ दो.
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08-26-2018, 09:39 PM,
#22
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
स्मृति ना बोलना ही उचित समझा…..अब राजेश ने उसके उप्पर सवार हो गया…और अपने लंड का टोपा उसके होंठो से थोड़ी दूरी पर लहराया…..स्मृति को उसकी स्मेल बहुत मादक लग रही थी…..स्मृति का मन तो कर रहा था कि उसके लंड को चूम ले और चाट ले…पर ना जानेक्यो वो ऐसा नही कर पारही थी… अब राजेश ने अपने लंड को और नज़दीक कर दिया…..इतना नज़दीक कि उसके लंड का सूपड़ा स्मृति के होंठ से टकरा गया……स्मृति ने आह किया और फिर अपने होंठ खोल दिए…लंड सीधा उसके मुँह मे चला गया..पर फिर उसने निकाल दिया…….उसे उल्टी लगने लगी…………………………स्मृति उठ गयी…..खाँसते खाँसते उसका बुरा हाल हो गया……राजेश भी घबरा गया…..सोचा…अगर लोग उठ गये तो क्या होगा…..रश्मि क्या सोचेगी…..तभी उसने पानी का ग्लास ले कर उसे दिया……स्मृति ने एक घूँट पानी पिया …उसके बाद वो नॉर्मल हो गयी…..

राजेश: आंड एनी प्राब्लम………………………..पर स्मृति कुच्छ बोली नही………………

थोड़ी देर खामोशी के बाद राजेश ने उसके सिमिलर सो गया और उसके चुचियो से खेलने लगा………………..

राजेश अब स्मृति के चुचियो से खेलते हुए उसे किस करने लगा…स्मृति भी अब नॉर्मल हो गयी थी क्योकि वो एक बार झार चुकी थी….राजेश का लंड काफ़ी बड़ा हो गया था….अब उसे बर्दास्त नही हो रहा था…वो एक हाथ से स्मृति की चूत के दाने को कुरेदने लगा…फलस्वरूप स्मृति की नाक फड़कने लगी…..उसके मुँह से आहह ऊहह की आवाज़ निकलने लगी…जिससे राजेश को पता चल गया कि लोहा गरम है……हथोडा मारने का समय आ गया है…… राजेश स्मृति की जाँघो के बीच बैठ गया लंड को अपने हाथो मे लेकर स्मृति की चूत के होंठो पे रगड़ा…स्मृति के पूरे शरीर मे करेंट सा लगा….वो अपनी जंघे सिकोड़ने लगी……राजेश ने अपने लंड को स्मृति के चूत पे लगाया और एक ज़ोर का शॉट मारा…लंड सीधा चूत के अंदर 4 इंच चला गया……चूँकि स्मृति मॅरीड थी पर 2 साल से वो विधवा थी इस वजह से उसकी चुदाई नही हुई थी…पर आज उसकी चूत कसी सी लग रही थी……चूत की दीवार काफ़ी सख़्त थी….परंतु रस से भरी रहने के कारण राजेश को आसानी हुई लंड को अंदर घुसाने मे………………..अब उसने स्मृति की आँखो मे झाँकते हुए कहा:

राजेश: मेरी जान कैसा लग रहा है….

स्मृति कुच्छ नही बोली………..अहमम्म्म सिर्फ़ मुस्कुरा दी….

राजेश ने अब और ज़ोर से धक्का मारा…पूरा लंड उसके अंदर चला गया…………राजेश ने दुबारा कुरेदना चाहा…….अब बताओ मेरी जान….मेरी रानी और उसके होंठो को अपने होंठ मे लेकर चूसने लगा….और उसके चुचियो को दबाने लगा……..

स्मृति आसमान मे तैरने लगी……….अब 2 साल बाद उसकी चूत की चुदाई हो रही थी…..तुम बाकाई खिलाड़ी हो सेक्स के….मे मान गयी…सिर्फ़ इतना ही कहा………….मुझे पटा कर बिस्तेर तक ले आए……….

राजेश: मेरी रानी आगे आगे देखो होता है क्या………वैसे तुम्हे मालूम ही होगा कि रश्मि आज कल अपने जेठ से चुदवा रही है……………

स्मृति: क्या???? ये मुझे नही मालूम और अपनी नज़रे चुराने लगी.

राजेश: मुझे सब मालूम है कि तुम सब जानती हो…हा ना….

स्मृति: अगर मालूम है तो तुम पुच्छ क्यो रहे हो

राजेश: इसलिए कि मे तुम्हारे मुँह से सुनना चाहता हू

स्मृति: हां उसने मुझे बताया था..जब वो मस्सूरी मे थी…..आपको बुरा तो नही लगा?

राजेश: अरे नही…..दरअसल मेने ही उसे ऐसा करने को कहा था….

स्मृति: पर क्यो? दुनिया मे कोई भी पति अपने पत्नी को किसी और के बाँहो मे नही देखना चाहता ….तो फिर आप क्यो? मुझे समझ मे नही आया…

राजेश: मे किसी को यू तड़प्ते नही देखना चाहता…मे मुंबई गया था 15 डेज़ के लिए…मे नही चाहता कि मेरी गैर-हज़ारी मे मेरी वाइफ किसी चीज़ (लंड) के लिए तडपे.

स्मृति: ग्रेट…..अब तो धक्के लगाओ……..

राजेश: पर कहाँ?

स्मृति: मेरी चूत मे….(खुस)

राजेश: हाआ …ये लो आह…और वो लंड को पूरा निकाल कर ज़ोर से पेल दिया…..स्मृति चिहुनक गयी…..

स्मृति: अरे बाबा धीरे धीरे …….जान से मारने का इरादा है क्या?

राजेश: नही मेरी जान ….जानसे मारूँगा तो मे ही मर जाऊँगा…..तुम बहुत खूबसूरत हो और ये तुम्हारी चूत…….वाह क्या कहने

स्मृति: और ये चुचिया…इनके बारे मे क्या ख्याल है?

राजेश: वाह री साली….बन गयी छिनाल….चुदक्कर…

स्मृति: माइंड युवर लॅंग्वेज….ऐसी बाते मत करो

राजेश: अरे मेरी जान तुम तो नाराज़ हो गयी ….मे तो ऐसे ही बोल रहा था……….चुदाई के दौरान ऐसी बाते बोलने से जोश और बढ़ता है…

स्मृति: पर मुझे पसंद नही…..चुदाई के समय सिर्फ़ चुदाई होनी चाहिए…………और अगर ओपन लॅंग्वेज बोलना है तो बोल सकते हो…पर गाली नही…प्लीज़….

राजेश: ओके मेरी जान…सॉरी….

स्मृत: सॉरी की ज़रूरत नही………धक्के लगाओ……………….

राजेश: तो ये लो……और ज़ोर से चोद्ने लगा…….पर ये क्या…..खलास……………और धदाम से स्मृति पर गिर गया……………………..

स्मृत: ये क्या किया आपने….? टे टाय फिश……………….

राजेश को शर्मिंदगी हुई…वो कुच्छ नही बोला…सिर्फ़ ज़ोर ज़ोर से हाफने लगा………सॉरी डार्लिंग…कभी कभी ऐसा हो जाता है…………पर तुम परेशान मत हो….1 घंटे. के बाद फिर प्रोग्राम सुरू करूँगा…

पर स्मृति तो पागल सी हो गयी….वो अपनी चूत मे उंगली करने लगी…..थोड़ा राहत हुआ…फिर दौड़ कर बाथरूम मे चली गयी………………………..थोड़ी देर बाद वापस आई……राजेश सो चुक्का था….

स्मृति उसे गौर से देखते हुए सोचने लगी…………………..कैसा आदमी है….? छ्हीईईइ

तभी उसके दरवाजे पर दस्तक हुई….वो चौक गयी….दौर कर गाउन पह्न लिया और राजेश के शरीर पर एक चादर ढँक दिया…….और जा कर दवाजा खोलने लगी……………

दरवाजे पर रश्मि थी…..अंदर आते ही बोली……………..क्या हुआ…तुम चीखी क्यो…………?

स्मृति: ये बात तुम अपने हज़्बेंड से पुछो….मुझे बीच भवर मे छोड़ कर सो गया…

रश्मि सब समझ गयी….पर बोली कुच्छ नही…….तुम सो जाओ ..सुबह बात करते है….और वो चली गयी.

स्मृत: पर मे यान्हा नही सोना चाहती….

रश्मि: तो फिर उप्पर वाले कमरे मे चली जाओ……

और स्मृति वन्हा से चली गयी…पर उसके अंदर एक क्वेस्चन उभार गयी…कि राजेश को आख़िर क्या हो गया है….इतने बड़े लंड का मालिक..और ये हाल………………………..चीईईईईईईईईईईईईईईइ

इससे से तो अच्छा होता कि मैं विडो ही रहती…कम से कम तो समाज का डर तो नही होता….उसने फ़ैसला किया कि वो सुबह ही यान्हा से चली जाएगी…………………..और वो सोने की कोशिश करने लगी………………………

सुबह राजेश जल्दी उठ गया और बिना किसी को बिना बताए चला गया….जब रश्मि रूम मे देखी तो पाया कि वो अपने रूम मे नही है……..वो फोन लगाया…पर फोन स्विच ऑफ था…टेबल पर एक कागज का टुकरा था..जिसपर लिखा था “मुझे खोजने की कोशिश मत करना” मे अब तुम्हारे लायंक नही रहा….मे किसी औरत के लायक नही रहा….रश्मि मुझे माफ़ करना.

लेटर पढ़ते ही रश्मि ज़ोर से चिल्लाई…और भागी भागी राज के पास आई…वो सो रहा था…..

रश्मि: भैया…मे बर्बाद हो गयी…ये ना जाने कहाँ चले गये है…ये देखो…लेटर….

राज: ओह्ह्ह्ह (आँख मलते हुए) पर तुम बताओगी हुआ क्या रश्मि ने उसे राजेश का लिखा हुआ कागज थमा दिया राज ने उसे पढ़ा .

राज ने सिचुयेशन को देखते हुए कहा….घबराने की कोई बात नही है….तुम स्मृति को सम्भालो…मे अभी देखता हू…वो शर्ट पहना…और घर से निकल गया…….राज के जाने के बाद कमला और रश्मि ने रूम की तलासी ली …उसके बाद स्मृति को उठाने लगी………………………………………..

स्मृति: दीदी…मे घर जाना चाहती हू…..प्लीज़ मुझे जाने दो

कमला: ठीक है तुम चली जाना..पर जिस काम के लिए तुम आई हो वो तो कर लो……मेरी सिस्टर (डॉक्टर. नेहा) आज 10 बजे क्लिनिक पर आएगी…तुम इलाज करवा लो…….उसके बाद कल तुम्हे ये (राज) देहरादून छोड़ आएँगे. रश्मि ने भी हामी भरी…………………………………………फिर उसने रश्मि से पूछा…

कमला: क्या तुम्हारे साथ भी ऐसा हो चुक्का है….राजेश को कोई बुराई तो नही.

रश्मि: हां दीदी…कई बार हुआ है…पर मे किसी को बताई नही…सोचा शायद जल्दिबाज़ी मे ऐसा हो गया हो…..स्मृति को इसलिए भेजा कि टेस्ट चेंज होने से वो ठीक हो जाएँगे…पर ये तो उल्टा पड़ गया..दीदी (स्मृति) मुझे माफ़ कर दो….तुम्हारी जवानी को मेने ग़लत हाथो मे दिया है……सॉरी फॉर दट.

स्मृति: कुच्छ नही बोली…वो वान्हा से चली गयी बाथरूम मे……………………रश्मि और कमला उसे देखती रह गयी…..उसके जाने के बाद रश्मि ने कमला से कहा….दीदी एक उपकार कर दो…प्लीज़ नही तो ये पगली अपनी जान दे देगी…मे जानती हू इसका गुस्सा……………………..

कमला: मे क्या कर सकती हू…बोलो?

रश्मि: जिस प्रकार मुझ पर एहसान किया है…..मेरी दीदी पर भी कर दो….

कमला: वो किस तरह

रश्मि: (रश्मि ने कान मे बोली) मेरी दीदी की लाइफ बचा लो……….नही तो वो फिर से विडो बन जाएगी.प्लीज़ बचा लो………….

कमला: ठीक है….तुम चाहो जैसा चाहो कर लो…पर घर के बाहर ये खबर नही जानी चाहिए…वरना बदनामी होगी………………………..

रश्मि: नही होगी दीदी…भरोशा रखो..मे हू ना…..थॅंक्स और कमला को गले लगा लिया……………

कमला: दर असल….राजेश थोड़ा भावुक है…और फिर बचपन से ही ये सेक्स के प्रति लापरवाह है…हमलोगो ने सोचा कि शादी के बाद सुधर जाएगा…पर ये तो उल्टा हो गया……………लेकिन अगर तुम्हारी बहन का फायडा होगा तो मे ये त्याग करने को तैयार हू…पर क्या ये मानेंगे(जेठ जी)

रश्मि: वो आअप मुझे पर छोड़ दो….मे देख लूँगी………………………

क्रमशः.....................
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08-26-2018, 09:39 PM,
#23
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
प्यास बुझती ही नही-13

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा इस कहानी का तेरहवाँ पार्ट लेकर हाजिर हूँ अब आगे...................

तभी घर की बेल बजी…..राज अंदर आते ही बोला…..पता नही कहाँ चला गया…कई जगह गया…ऑफीस मे भी फोन किया…कई दोस्तो को भी फोन किया….पर वो कही है ही नही….मे देखता हू …और वो अपने कमरे मे चला गया……………..पीछे -2 कमला भी चली गयी……रश्मि स्मृति के रूम मे चली गयी…………

राज: पर ये कैसे संभव है….ये बात और है कि मे तुम्हारी सिस्टर को चाहता हू…..

रश्मि: अगर आप चाहते है तो फिर दिक्कत क्या है……

राज: पर तुम्हारी सिस्टर सेक्स के लिए कभी तैयार नही होगी…..

रश्मि: वो काम तुम मुझपर छोड़ दो….बस आप उसे जम कर एक बार रगड़ दो…बस….मे ये चाहती हू कि उसे पता चले कि मर्द की ताक़त क्या होती है…..चुदाई क्या होता है…..शादी का असली सुख होता है.. वरना वो निराशा की गहरी खाई मे गिर जाएगी……………………..और अपना फ्यूचर बर्बाद कर लेगी.

राज ने रेश्मि को बाँहो मे ले लिया ….फिर उसके बालो को सहलाते हुए कहा…..डार्लिंग…तुम्हारे लिए तो जान भी दे सकता हू ….ये स्मृति क्या चीज़ है…और फिर पेड़ा खाने मे बुराई भी क्या है….पर हां थोड़ा ज़बरदस्ती भी करनी होगी…क्योकि मुर्गी को हलाल करने के लिए थोड़ा सख्ती करनी पड़ती है….तुम्हे कोई प्राब्लम तो नही?

रश्मि: मुझे यकीन है कि आपको ज़बरदस्ती करने की ज़रूरत नही होगी……..

राज: इतना भरोसा है तुम्हे अपनी सिस्टर पर…(और फिर रश्मि के आख़िरी कपड़े को भी निकाल दिए), रश्मि बिल्कुल नंगी हो गयी….दर्पण मे अपना रूप देखकर वो बुरी तरह शर्मा गयी…..पर उसने अपने आपको नही च्छुपाया….बल्कि दो कदम आगे बढ़कर उसने राज के गले मे बाँहे डाल दी और उसके होंठो पर किस करने लगी……और बोली…

रश्मि: जेठ जी…………अब तो मे आपकी पार्मेनेंट दुल्हन हो गयी हू….चोदो जी भर के और हां मेरी सिस्टर को जब चोदोगे तो मेरे बारे और आपके रिस्ते के बारे मे ज़िक्र मत करना………..उन्हे अच्छा नही लगेगा.

राज ने अपना हाथ रश्मि की चूत पर रखा…चूत काफ़ी गीली हो चुकी थी….और होगी क्यो नही…आज 3 दिन हो गये है चुदे हुए….जब से रमेश घर से गया है….सारा परिवार उसी को ढूँढते ढूँढते पागल हो गया है…….पर राजेश का कोई पता नही चला…………………………राज ने आगे बढ़ कर अपने लंड को रश्मि की चूत पे लगाया और एक ज़ोर का झटका मारा…लंड सीधा रश्मि की चूत मे चला गया…..लंड की मुटाई और लंबाई से रश्मि अवगत तो थी ही…वो अपनी आँखे मुन्दे हुए पलंग के मूठ को दोनो हाथो से पकड़े हुए राज के धक्को का साथ अपनी गांद उठा उठा कर दे रही थी…..जिससे राज का जोश चौगुना हो गया था…..लंड और चूत की चुदाई हो रही थी….ऐसा लग रहा था कि मानो पिस्टन चल रहा हो…..चूत के रस से राज का लंड और आंड-कोष बुरी तरह भीग चुके थे…..

अब राज ने रश्मि को पीठ के बल लिटा दिया और उसके उप्पर चढ़ गया….लंड को गहराई मे डालते हुए धक्के लगाने लगा……राज के मुँह से आहाआहहाा…..आहह की आवाज़े आने लगी……आवाज़ इतनी ज़ोर ज़ोर से हो रही थी कि बगल वाले कमरे मे स्मृति के कानो मे ये आवाज़े आ रही थी…

पर वो किसी दूसरी दुनिया मे खोई हुई थी..उसे एहसास हो रहा था जब पहली बार अपने पति से चुदी थी सुहागरात के दिन….और वो फ्लश-बॅक मे चली गयी……

इधर रश्मि और राज के बीच मधुर चुदाई हो रही थी……………क्या मस्त चुदाई चल रही थी….

राज: तुम काफ़ी एक्षपरट हो गयी हो चुदाई मे…

रश्मि: सब आपका आशीर्वाद है

राज: आहमम्म्म...क्या चूत है तुम्हारी....कब से चोद रहा हू पर झड्ने का नाम ही नही ले रही

रश्मि: जनाब आप भी तो कम नही है.....

राज: अच्छा इस बार मे तुम्हारे पिछे वाली की सवारी करना चाहूँगा....

रश्मि: मतलब?

राज: मतलब तुम्हे पता है....गांद

रश्मि: छ्हीई...मुझे गांद नही देनी...और उसमे ऐसा है क्या जो तुम मर्द पागल हुए होते हो.

राज: क्या राजेश भी................???

रश्मि: जी हां....वो भी हमेशा परेशान करते थे...पर मेने कभी दी नही

राज: अब मेरे बारे मे मेडम का क्या इरादा है...

रश्मि: फिलहाल चूत से ही काम चला लो....देखते है.....बहुत बड़ा है आपका लंड....फट जाएगी....मे बर्दस्त नही कर पाउन्गी...

राज: उसकी चिंता मत करो...मे जेल लगाकर करूँगा....

रश्मि: फिलहाल तो धक्के लगाओ...मे अब झरने वाली हू....

राज: चुदाई करने लगा........रश्मि एक झटके के साथ झार गयी

फिर थोड़ी देर बाद राज भी उसपर ढेर हो गया......दरवाजे के एक कोने से स्मृति सब कुच्छ देख रही थी...पर कुच्छ बोली नही....पर जब राज ने अपना लंड रश्मि की चूत से निकाला...तो वो चिहुनक गयी.....जिसे राज और रश्मि ने सुना और चौंक गये....स्मृति वन्हा से भाग गयी.....रश्मि और राज ठहाका मार कर हस्ने लगे

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स्मृति ने वन्हा से भाग कर अपने कमरे मे आ गयी और फिर थोड़ी देर बाद गुसलखाने मे चली गयी…अपनी नाइटी उप्पर कर मूतने लगी..क्योकि उसकी चूत मे पेसाब काफ़ी भर चुका था…वो निकली ही थी पेसाब करने…पर जब राज और रश्मि की आहे और उनकी गरम सांशो की आवाज़ बाहर से सुनी तो वो कान लगाकर सुनने लगी और अंत-तह एक सुराग से देखने लगी….कि तभी दवाजा खुल गया और वो अंदर आ कर एक किनारे मे खड़ी होकर सब कुच्छ देखने लगी….वो भूल गयी थी कि उसे क्या करना था…अपने पेशाब को काबू मे करके सब कुच्छ लाइव टेल्कास्ट देखने लगी थी…………………….

पेसाब करने के बाद स्मृति खड़ी हो गयी और जब टर्न की तो देखा कि राज उसे बहुत गौर से देख रहा है और मुस्कुरा रहा है….स्मृति छेन्प गयी….और अपनी नज़र नीचे किए हुए वन्हा से जाने लगी…तभी राज ने उसके एक हाथ को पकड़ा और उसे अपनी बाँहो मे लेना चाहा…पर स्मृति वन्हा से भाग गयी….राज भी उसके पिछे-पिछे भागा…… स्मृति रूम मे जैसे ही आई दरवाजा बंद करना चाहा पर वो बंद नही कर सकी….राज ने दरवाजे को एक ही धक्के मे खोल दिया और आते ही स्मृति को अपनी बाँहो मे ले लिया और उसके होंठो की किस करने लगा…..स्मृति इसके लिए बिल्कुल तैयार नही थी…उसने हल्का विरोध किया और फिर उसे धक्का दे कर दूर किया…

स्मृति: ये…मिस्टर…मुझे ये बिल्कुल पसंद नही है

राज : डार्लिंग…क्या हुआ…मे तो बस वही कर रहा था जो तुम चाह रही थी…

स्मृति: शट-अप……माइंड युवर लॅंग्वेज…..छोड़ो और आप यान्हा से चले जाओ….

राज ने आगे बढ़ कर एक बार और उसे बाँहो मे भरना चाहा…पर स्मृति ने एक ज़ोर का तमाचा उसके मुँह पर मार दिया….राज तिलमिला उठा…क्योकि तमाचा इतना ज़ोर का था कि वो काँप गया…..अब राज के चेहरे पर खून सवार हो गया…वो आगे बढ़ा और उसे अपनी बाँहो मे ले लिया एक हाथ से उसके होंठो को दबाया और दूसरे हाथ से उसकी चुचियो को…और फिर बेड पर पटक दिया….गाउन उप्पर आ चुका था…..राज नंगा था ही…………उसने अपने होंठ स्मृति के होंठों पर रख दिए ….स्मृति….आहमम्म्म करने लगी…छुड़ाने की बहुत कोसिस की….यान्हा तक कि वो अपनी जंघे भी पटाकने लगी…पर राज की गिरफ़्त से अपने आपको बचा नही सकी….उसके आँखो से आँसू आ गये…..पर राज उसे चूमे-चाते जा रहा था…उसके भावनाओ से बेपरवाह…………………..

राज ने अब देखा कि स्मृति काफ़ी हाफ़ रही है तो राज ने उसके होंठो को छोड़ दिया और उसे पीठ के बल लिटा दिया…और फिर अपना लंड स्मृति के आँखो के उप्पर लहराने लगा….स्मृति ने अपनी आँखे बंद कर ली…पर उसकी नाक मे लंड की स्मेल जा रही थी...जो कि काफ़ी अच्छी लग रही थी स्मृति को….इससे एक प्रतिक्रिया ज़रूर हुई कि अब स्मृति के मुँह से कोई आवाज़े नही निकल रही थी…वो सिर्फ़ अपनी आँखे बंद किए हुए थी….और दोनो हाथ पीछे…वो चाहती तो राज के सिर के बाल नोच सकती थी…पर उसने ऐसा नही किया…जिससे कि राज को हौसला बढ़ गया…वो आगे बढ़ गया….राज ने सोचा…अभी नही तो कभी नही…………………………….

राज: देख मेरी जान अगर तुम ज़्यादा नखरे करोगी तो मे तुम्हारी चूत को फाड़ के रख दूँगा…देख रही हो कितना बड़ा है…….और तुम मुझेकुच्छ भी नही कर सकती…और अगर तुम मान गयी तो तुम ऐश करेगी…………………….सोच लो

स्मृति: की आँखो से आंशु रुकने का नाम ही नही ले रहे थे…वो विनती भरी आवाज़ मे बोली….मुझे छोड़ दो….जाने दो…………मुझे बर्बाद मत करो………………

राज: फिर तुम नखरे कर रही. हो…तुम ऐसे नही मनोगी……….और राज ने उसके गाउन को उलट दिया …और चढ्ढि को भी अलग कर दिया……………..वाह….क्या चूत है…एक दम शेव्ड…ऐसा लगता है कि सुबह ही शेव्ड की थी…..स्मृति ने………..अरे मेरी जान जब तुम राजेश से चुद सकती हो तो मुझसे क्यो नही…और वैसे भी राजेश से चुदके क्या मिला???? वो तो तुम्हे टेलर दिखा कर भाग गया….पूरी फिल्म मे दिखाऊंगा…..अगर तुम मान जाओ तो……………और तुम ये भी जानती हो तुम्हारी छ्होटी बहन रश्मि भी मेरी बीबी बन चुकी है….अब बारी तुम्हारी है………..बोलो क्या कहती हो?

स्मरती अपनी नज़रे नीचे किए हुए सिसक रही थी….और राज के हाथ और होंठ उसके पूरे बदन को रगड़ रहे थे………………स्मृति के पूरे सरीर मे कंपन हो रही थी…………….राज ने देर करना उचित नही समझा.....वैसे उसे भी अच्छा नही लग रहा था...पर वो करता क्या ना करता.....आगे बढ़ते हुए अपने लंड को उसकी चूत पे लगाया और एक ज़ोर का झटका मार दिया...लंड सीधे उसकी चूत मे चली गयी....क्योकि रश्मि और राज की चुदाई काफ़ी देर से देख रही थी....सो वो काफ़ी हॉट हो गयी थी......लंड आधे से ज़्यादा चला गया था...राज को कोई मस्सककत नही करनी पड़ी...पर उसे मज़ा आ रहा था...उधेर स्मृति भी अब काफ़ी नॉर्मल हो गयी थी...वो सोच लिया कि अब अगर चुदना ही है तो क्यो ना मज़ा लिया जे...पर उसके होंठ काम नही कर रहे थे.....उसने खामोस रहना ही उचित समझा.....उसकी खामोसी को हां समझते हुए राज आगे का मॅच खेलने लगा.......
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08-26-2018, 09:39 PM,
#24
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
राज ने अपने धक्को की रफ़्तार को बढ़ा दिया स्मृति के मुँह से ना चाहते हुए भी सिसकारियाँ निकलने लगी प्यासी तो वो पहले से ही थी क्योकि राजेश ने उसे प्यासी छोड़ दिया था

काफ़ी झटके खाने के बाद दोनो स्खलित हो गये....स्मृति पसीने पसीने हो गयी..थी राज भी पसीने से लत-पथ हो गया था....पर दोनो काफ़ी सटिसफेड थे...स्मृति के चेहरे पर एक सुकून था....वही राज के चेहरे पर एक शरारत......वो उसकी आँखो मे झाँककर बोला...

राज:मेडम, अब बताओ...कैसी लगी..

स्मृति: सिर्फ़ शरमाते हुए...धत्टत्त..........आप बहुत बदमाश है...मुझे कही का नही छोड़ा...अब मे क्या करू.........मे तो बर्बाद हो गयी

राज: बर्बाद हो गयी या आबाद

स्मृति: मुस्कुराते हुए...आप एक न. के बहन-चोद हो...अपनी बहन को चोद्ते हो..और अपनी छ्होटी बहू को भी

राज: तो फिर इसमे बुरा क्या है.?? मे जो कुच्छ भी करता हू पार्ट्नर की रज़ामंदी से...ये फर्स्ट टाइम है कि मुझे सख्ती करनी पड़ी.....मे चाहता नही था...पर कोई चारा भी तो नही था...क्योकि तुम इतनी आसानी से मेरे लंड के नीचे आ नही सकती.................आइ आम सो सॉरी

स्मृति: अब सॉरी बोलने से क्या फ़ायदा...अब तो मे लुट चुकी हू..........

थोड़ी देर एक दूसरे को सहलाने के बाद....राज ने स्मृति खींच कर अपनी बाँहो मे ले लिया....और उसके होंठो को चूमने लगा.....

स्मृति: अब तो छोड़ो.....सुबह के 4 बज रहे है...

राज: एक बार और....

स्मृति: नही...अब तक 3 बार हो चुका है...और फिर मे भी थक चुकी हू

राज: पर मे एक बार और लेना चाहता हू.

स्मरती: प्लीज़ ट्राइ टू अंडरस्टॅंड....मेरी योनि मे दर्द हो रहा है...

राज: वो ठीक हो जाएगा....कई साल से न्ही चुदाई हो ना इसलिए ऐसा हो रहा है...इसका इलाज़ चुदाई ही है.....इस बार चोद्ने दो...देखना दर्द ठीक हो जेएगा.

स्मरती: तुम्हे कैसे पता?

राज: बस पता है....मेने अपने जीवन मे कई लड़कियो..औरतो को चोदा है...एक्षपीरियंस है.भाई.....

स्मृति: ह्म्‍म्म्म तुम काफ़ी चोदु इंसान हो....

राज: वो तो मे हू ही....पर तुम भी कम नही हो....जिस तरह पहले नखरे कर रही थी...और फिर सेक्स के लिए साथ दे रही थी....उससे यही अंदाज़ा लगाया जा सकता है..............

स्मृति: वो तो एग्ज़ाइट्मेंट थी......वैसे राजेश से भी ऐसा हुआ था...पर उनके केस मे वो बाजी हर गये थे...और आप जीत गये.....ऐसा क्यू????

राज: वैसे इसलिए है...कि मेडान मे उतरने से पहले काफ़ी तैयारी कर लेनी चाहिए......अपने एमशन को कंट्रोल मे रखना चाहिए....और ज़्यादा वक़्त ओरल सेक्स और सेडक्षन मे लगाना चाहिए...ना कि फिज़िकल टच....मे...

स्मृति;ह्म्‍म्म्म आप तो सेक्स के देवता हो...

राज: और तुम मेनका....मे अब तुमसे प्यार करने लगा हू..और उसपर चढ़ गया..अपना लंड उसकी चूत पर लगाया और इसबार ज़ोर ज़ोर से चोद्ने लगा.....स्मृति भी काफ़ी हेल्प करने लगी....और करीब 30 मीं की चुदाई के बाद दोनो एक बार और झार गये........झरने के बाद दोनो एक दूसरे पर ढेर हो गये...और सुबह के 8 बजे तक दोनो सोते रहे.........................................................................

सुबह 8 आम रश्मि ने चाय लेकर कमरे मे आई....उस समय स्मृति और राज दोनो एक दूसरे की बाँहो मे नंग-धरन्ग सो रहे थे.....सुरू मे तो रश्मि ठितकी...उसे लगा कि अभी नही जाना चाहिए...पर उसने कुच्छ सोचते हुए वो बेड के पास टेबल पर चाय का ट्रे रख दिया...और फिर स्मृति और राज को उठाने लगी.....राज उठ गया...पर स्मृति नही उठी....वो शायद गहरी नींद मे जो थी.

रश्मि ने एक स्माइल देते हुए कहा....कनग्रॅट्स..........राज ने थॅंक्स कहा और धीरे से उठने की कोशिश की....ताकि स्मृति नही उठ सके...उसकी गांद तक चादर डाल दी....पर चुचिया नंगी ही थी.....उसे ढँकने की कोसिस राज ने नही की...और फिर वो बेड से बाहर बिल्कुल नंगा आ गया....लंड अभी भी लोहे की रोड लग रहा था...राज ने आगे बढ़ कर रश्मि को गले लगा लिया...और उसके होंठो को चूमने लगा.....

रश्मि: हटो...ये क्या कर रहे हो....जाओ फ्रेश हो लो....फिर चाय पी लेना...मे जा रही हुउऊउ...जैसे ही टर्न की राज ने उसे अपनी गोद मे उठा लिया और वही बेड पर पटक दिया और उसके उपर चढ़ गया.....स्मृति उठ गयी....उसने देखा कि रश्मि रूम मे आ चुकी थी....और राज उसके उपर चढ़ा हुआ है....वो शरमाते हुए वन्हा से बाथरूम भाग गयी....

रश्मि: ये क्या करते हो...छोड़ो मुझे...दीदी क्या सोचेगी..

राज: अरे मेरी जान कुच्छ नही सोचेगी...देखा नही कितनी खुस दिख रही है...अब वो मेरे लंड की रानी बन गयी है....ज़्यादा मत सोचो...अब तो वो चाह करकेभी इस रूम से नही जा सकती.....

रश्मि: यही तो मे चाहती थी...कि आप उसे पूरा मर्दाना सुख दो...ताकि वो समझे कि जीवन जीने के लिए है...यू किसी के लिए खराब करने के लिए नही....जाने वाले चले गये...उसे याद करके क्या फयडा.....................

राज: ह्म शायद तुम ठीक कह रही हो...पर मुझसे एक पाप हो गया है..

रश्मि: कैसा पाप....??

माएःस;मेने उसके साथ जानवरो जैसा बीहेव किया है....क्या सोचेगी?

रश्मि: कुच्छ नही सोचेगी.....जब कोई मर्द ...औरत के साथ जानवरो जैसी चुदाई करता है...तो औरत को मज़ा आता है.....और जब मज़ा आता है तो वो सारे गिले सीकवे भूल जाती है............दीदी के साथ भी कुच्छ ऐसा ही हुआ है....तभी वो आपके साथ सुबह तक 4 बार चुदाई है....वरना कोई एक बार भी चोद्ने ना देती.

राज: ये तो तुम ठीक कह रही हो....

रश्मि: अब आप उठेंगे...मे नहा चुकी हू....

राज: नही...मुझे चोद्ना है?

रश्मि: अरे बाबा...सुबह के 9 बज चुके है...नाश्ता बनाना है...दोपहर मे कर लेना.....अब उठ जाओ मेरी जान.

राज: ह्म्‍म्म्म एक किस दे दो...तब

रश्मि: ये लो...ऊऊऊऊऊऊऊओंम्म्मममम और वो उठ कर वन्हा से भाग गयी....तब तक रूम मे स्मृति भी आ गयी..............वो राज से नज़रे नही मिला पा रही थी...उसने गुम-सुम चाय का प्याला लिया और पीने लगी....

राज: कैसा लगा????

स्मृति: क्या?

राज: चाय?

स्मृति: ठीक है

राज: और मेरा वो?

स्मृति: वो?? मतलब???

राज: मतलब....लंड

स्मृति: हमम्म्ममम नाइस....और वो शर्मा कर भाग गयी.....राज ठहाका मार कर हस्ने लगा............

चाय पीकर राज बाथरूम मे चला गया....फिर फ्रेश हो कर नीचे डिन्निंग टेबल पर बैठ गया...जहा घर के सारे सदस्य बैठे थी..और उनका इंतेज़ार कर रहे थे.

कमला: सुनो जी...मैं 2-3 दिन के लिए गाज़ियाबाद जाना चाहती हू..नेहा ने बुलाया है....बोल रही थी कि उसकी कमर मे दर्द है...और ब्लीडिंग भी हो रही है.

राज:अरे ......वो डॉक्टर है...तुम वन्हा जाकर क्या करोगी.

कमला: हेल्प के लिए बुलाया है.

राज: कैसी हेल्प?

कमला: उसके घर मे कोई नही है....उसका पति देल्ही से बाहर गया हुआ है....अकेली घर मे रहती है........

राज: ह्म्‍म्म्मम......ठीक है चलो...मे भी मिल लूँगा.....साली साहिबा कई दिन से क्लिनिक नही आ रही है...क्या बात है...मे सोच रहा था कि कही घूमने गये होंगे....नयी नयी शादी है....हनिमून ..या और कही......अच्छा भाई मे चलता हू...जाते वक़्त चलेंगे....तुम तैयार रहना....और वो वन्हा से चला गया.

रश्मि और स्मृति भी अपने कमरे मे आ गयी.....

क्रमशः..........................
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08-26-2018, 09:39 PM,
#25
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
प्यास बुझती ही नही-14

कमरे मे आते ही रश्मि ने स्मृति को गले लगाया और पूछा:

रश्मि: कैसी रही रात मे......

स्मृति: क्या मतलब?

रश्मि: जान कर अंजान मत बनो दीदी...बताओ ना कैसा लगा मेरे जेठ जी का लंड

स्मृति: शरमाते हुए....धत्त्त..

रश्मि:प्ले. दीदी बताओ ना

स्मृति: ठीक था......पर मुझसे ग़लती हो गयी...

रश्मि: वो क्या दीदी

स्मरती: मेने उस बेचारे को थप्पड़ मार दिया था

रश्मि: क्या?????

स्मरती: ह्म्‍म्म्म मेने सॉरी भी माँगी थी...पर उसने कुच्छ नही किया सिर्फ़ चुदाई की

रश्मि: यही तो पनिशमेंट है....

स्मरीत: ये कैसा पनिशमेंट है.....?? पनिशमेंट मे तो पेन मिलता है....ना कि आनंद

रश्मि: आपको कैसा लगा...ये पनिशमेंट

स्मरीत: मत पुछो बहना...मे बहक जाऊंगी.

रश्मि: तो बहक जाओ ना...कौन मना करता है.

स्मृति ने रश्मि को अपनी बाँहो मे ले लिया और बोली:

स्मरती: अब तुम बताओ कि तुम्हारी चुदाई कैसी चल रही है

रश्मि: मस्त.....जब मेने पहली बार होटेल हनिमून मे चुदाई कराई थी तो मे काफ़ी मस्त हो गयी...ऐसा लगता था कि लंड को हमेशा अपने चूत मे डाले रखू.

पर पोलीस ने सब गड़-बॅड कर दी.

स्मरती: कैसी गड़-बॅड?

रश्मि: अरे पोलीस की रेड पड़ी होटेल मे...हमे यानी फीमेल्स को धंधे वाली समझ रहे थे...बहुत मुस्किल से वन्हा से भागे हमलोग...क्योकि रिश्ते तो इल्लीगल है ही.

और फिर जब घर मे ही मलाई मिले तो बाहर जाने की क्या ज़रूरत....तभी से हमलोग घर मे ही हनिमून मनाते है...जी भर के....और फिर तुम्हारी चुदाई भी तो यही हुई......ये (राज) तो चाहते थे कि किसी होटेल मे तुम्हारी चुदाई करी जाए...पर मेने मना कर दिया..........

स्मरीत: धत्त......

रश्मि: अब काहे को शरमाती हो....सील टूटने के बाद औरत को बेशर्म बन जाना चाहिए.

स्मरती: वो तो बन ही गयी हू...और फिर मेरी सील बहुत पहले ही टूट चुकी थी....

रश्मि; वो तो जीजू ने तोड़ी थी..पर भर भी तो गया होगा इतने दिन के बाद.....अब ठीक होगी तुम्हारी चूत....अभी तो दर्द कर रही होगी.

स्मरती: हां...दर्द तो कर रही है अभी भी...

रश्मि: आज की रात भी करवा लो...जम के...फिर नही करेगी

स्मरीत: अरे नही बाबा...अब हिम्मत नही है...

रश्मि: फिर वही??? अरे करा के तो देखो....

स्मरीत: ठीक है पर एक शर्त है.................

रश्मि: शर्त??? वो क्या?

स्मृति: तुम्हे भी बेड पर बिल्कुल नंगी आना होगा...मे चुड़वाऊंगी...पर तुम्हे भी मेरे साथ होना चाहिए...

रश्मि: वाउ....तब तो मज़ा आ जाएगा.....पर ये प्रोग्राम कल रखते है....तुम भी रेस्ट करो.....और वैसे भी ये (राज) नेहा के घर जाएँगे...दीदी रहेगी नही...

भाई वाह मज़ा आ जाएगा....

स्मृति: ह्म्‍म्म्ममममममममम............तुम ठीक कहती हो.....लेट्स सेलेब्रेट..................और उसने आगे बढ़कर अपनी बहन को चूम लिया .

राज अपनी शॉप आ गया था…..वह 3 दिन के बाद शॉप पे आया था …काम ज़्यादा था….पैसे की रिकवरी आंड स्टाफ को सॅलरी भी देनी थी…वो पहले बॅंक गया फिर शॉप पे आ गया… ……शॉप पर काफ़ी भीड़ थी..क्योकि कई दिन से डॉक्टर. नेहा नही आ रही थी….पास वाले डॉक्टर के पास काफ़ी भीड़ उमड़ पड़ी थी..इस वजह से राज की दुकान पर भी काफ़ी भीड़ थी…..राज ने खुद भीड़ को हॅंडल किया….करीब 3 पीएम वो फ्री हुआ…अपने ऑफीस मे आ गया…..इस वजह से वो लंच के लिए घर नही आ सका…..अनिता आज काफ़ी बन-ठन कर आई थी….क्योकि आज अनिता का बर्तडे था और उसका बी.फ़ार्मा के 1स्ट एअर का रिज़ल्ट भी आना था…सो वो सुबह से काफ़ी एग्ज़ाइट्मेंट थी. आज वो वाइट सिल्क साड़ी और मॅचबल ब्लाउस और पेटिकोट पह्न रखी थी….काफ़ी खूबसूरत लग रही थी….आज पता नही राज को क्या हो गया था…आज ज़रूरत से ज़्यादा ही खूबसूरत लग रही थी….उसे देखकर उसका लंड ज़्यादा ही एरेक्ट हो चुक्का था…जब अनिता झुकती थी तो उसके दोनो कबूतर ब्लाउस से बाहर झाँक लेते थे…..जिसे देखकर राज काफ़ी रोमांचित हो रहा था….वो एक टक अनिता को देखे जा रहा था.आ..आज वो उसे गौर से पढ़ रहा था….कि ऐसी क्या बात है इस लड़की मे….जो ना चाहते हुए भी ये इतनी गर्म लग रही है…..

अनिता: ऐसे क्या देख रहे है सर…….(शरमाते हुए) और वो राज के बगल वाले चेर पर बैठ गयी.

राज: तुम आज ज़्यादा ही खूबसूरत लग रही हो…..इसकी क्या वजह है?

अनिता: इसकी दो बजह है…एक तो आज मेरा बर्तडे है …और दूसरा आज मेरा 1स्ट एअर बी.फ़ार्मा का रिज़ल्ट आने वाला है….

राज:अरे……आपने मुझे बताया नही…..मेनी हॅपी रिटर्न्स ऑफ दा डे “जन्म दिन मुबारक हो” और खड़े होकर अनिता के गले लग गया और उसके गाल पर एक पप्पी ले ली……………..

अनिता बुरी तरह लजा गयी…वाउ आहा से भाग कर काउंटर पर आ गयी….उसे जाते देख कर राज ने उसे रोकने की कोसिस की…पर तब तक छ्होटू आ चुक्का था….वो वाक़्य को बदलते हुए…..

राज: छ्होटू….सॅलरी वाउचार बन गया है…

छ्होटू: जी सर…..ये लीजिए……वो गौर से फाइल देखी………और फिर वो छ्होटू को बोला…सभी को बुला लो…

पर स्टाफ तो सिर्फ़ 3 ही थे…..छ्होटू, अनिता और एक सफाई कर्मचारी…………………..

राज इन दोनो को सॅलरी देने के बाद अनिता के पास आया….अनिता बुलाने पर भी ऑफीस मे नही आई …..तभी राज आगे बढ़ा और अनिता के हाथ पकड़ कर बोला……ये लो सॅलरी…..

और एक पॅकेट पकड़ा दिया…………………….अनिता ने उसे रिसीव किया ……फिर वाउचार पे साइन भी कर दिया….

पर वाउचार देख कर चौंक गयी…..ये क्या सॅलरी से तो आज 2000/- ज़्यादा मिल रहा है….हर महीने उसे 10,000/- मिलता था …..पर आज तो उसे 12000/- मिल रहा है….

अनिता: थॅंक यू सर……………सर आज मे आपसे एक बात कहने वाली थी…

राज: हां हां बोलो….क्या कहना चाहती हो….?

अनिता: सर मे आगे कंटिन्यू नही कर पाऊँगी……क्योकि मेरा रिज़ल्ट आने वाला है…मे 2न्ड यियर मे आ जाऊंगी…..समय न्ही मिलेगा…मेने आपसे काफ़ी कुच्छ सीखा है…..जिसके लिए थॅंक्स…..

राज: पर मे चाहता हू कि तुम जॉब को कंटिन्यू रखो…सिर्फ़ तुम्हे मॅनेज करने है……बाकी का हम देख लेंगे…..सॅलरी तुम्हारे घर पहुँच जाएगी…सिर्फ़ 2 दिन आने होंगे इन ए वीक…..और वो भी 2 घंटे के लिए…………………….क्या इतना कर सकती हो…?

अनिता: जी…..मे सोच के बताऊँगी……………..

राज: थॅंक्स…….और ये लो बोनस……5000/- का एक चेक़ देते हुए कहा…

अनिता: सर इसकी क्या ज़रूरत थी……सर ये मे नही ले सकती…

राज: देखो…मे तुमपे कोई उपकर नही कर रहा हू…ये तुम्हारा हक़ है…और ये सिर्फ़ तुम्हे ही नही सभी स्टाफ को दे रहा हू……….मेरे 4 शॉप्स है…और जिस तरह से तुम मॅनेज करती हो वो क़ाबिले-तारीफ है.

अनिता: थॅंक यू सर……

सर…..मे आपको आज शाम को इन्वाइट करना चाहती हू…आपको और आपकी फॅमिली को अपने बर्तडे पर….आज शाम के 8 बजे मेने घर पर एक छ्होटी सी पार्टी रखा है…आपको आना ज़रूरी है.

राज: थॅंक्स….पर मे नही आ पाऊँगा…क्योकि मे और मेरी वाइफ डॉक्टर. नेहा के घर जा रहे है….डॉक्टर. नेहा काफ़ी बीमार है…उसे देखने के लिए जाना होगा…..फिर कभी तुम्हारे घर पर आएँगे....................

अनिता: थॅंक यू सर......फिर वो ऑफीस से जाने लगी.....तभी राज ने उसका हाथ पकड़ लिया.....और बोला...

राज: सॉरी.........आइ आम सॉरी फॉर दट

अनिता: सॉरी....?? किस चीज़ के लिए?

राज:मेने तुम्हारी इज़ाज़त के वगैर किस जो कर लिया......

अनिता: शर्मा गयी.....पर बोली कुच्छ नही....और ना ही राज ने उसका हाथ छोड़ा.....मौके को देखते हुए राज ने उसे यू टर्न किया और उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए और बुरी तरह चूमने लगा......अनिता इसके लिए तैयार नही थी और ना ही एक्सपेक्टेशन था.....राज का एक हाथ उसकी चुचियो पर आ गया और उसे बुरी तरह दबाने लगा.......अनिता को कुच्छ समझ मे नही आ रहा था कि इसे धक्का दू...या थप्पड़ मारू.......क्योकि ये उसका बॉस था....
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08-26-2018, 09:40 PM,
#26
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
जब अनिता से रहा ना गया तो ज़ोर का धक्का दे दिया...और अपने आपको छुड़ा कर वन्हा से भाग गयी.....राज उसे देखता रह गया....उसे शामिंदगी भी हुई...ये मेने क्या कर दिया.....अब मे क्या करू.....उसका हाल बहुत खराब हो गया..उसे एक डर सताने लगा...कि कही अनिता बुरा ना मान जाए....कही वो नौकरी ना छोड़ दे......

राज अब क्या कर सकता था...और अनिता को ढूँढने लगा....अनिता के आँखो मे आंशु थे....पर वो कस्टमर डीलिंग कर रही थी.......कस्टमर से पैसे और दवा रही थी...........राज वन्हा से कही चले जाना उचित समझा.........वो उठ कर नेहा के क्लिनिक की तरफ चला गया....करीब 30 मिनट के बाद वो दुबारा शॉप मे आया.....अब वो अनिता से नज़रे भी नही मिला रहा था .........और दूसरी तरफ अनिता भी उसे देखकर झेंप गई.....करीब 5 बजे अनिता अपने घर चली गयी....वो भी बिना बताए............................

राज ने एक ओटो कर लिया....कमला को साथ लिया और गाज़ियाबाद की तरफ चल दिया....

करीब 1 घंटे के बाद दोनो गाज़ियाबाद पहुँच गये....डॉक्टर. नेहा बेड पर पड़ी हुई थी...उसे सेलीन लगा हुआ था...पास मे एक नौकर फ्रूट काट रहा था.....

राज:हेलो...डॉक्टर. साहिबा.....ये क्या हाल बना रखा है....?

नेहा: ह्म ठीक हू...बस यू ही.....हज़्बेंड से पंगा ले लिया था...ज़ोर का झटका लगा...........और फिर मेरी ब्लीडिंग सुरू हो गयी...

राज: तभी तो मे कहता था कि थोड़ा एक्सपरशियेन्स हासिल कर लो...पर तुम हो कि?

कमला: ओह्ो..अब तो बेचारी को छोड़ दो....एक तो ये बीमार है और दूसरे तुम सता रहे हो मेरी गुड़िया को....

राज: ओहूऊ क्या प्यार है.....ये गुड़िया नही.....सेक्स की पूडिया है..वैसे नेहा .... धर्मेन्दर जी (नेहा के पति) कहाँ है.....

नेहा: वो दवाई लाने गये है...अभी आ जाएँगे....

नेहा ने पास ही नौकर को कहा 2 चाय ले आने के लिए......नौकर बाहर चला गया....कमला और राज दोनो इधर-उधेर की बाते करने लगे.....

राज: अब बताओ ...कैसा लग रहा है......

नेहा: ठीक हू...2-4 दिन मे क्लिनिक आने लगूंगी.....

तभी दवाजा खुला और धर्मेन्दर रूम मे आ गया...उसने झुक कर दोनो को प्रणाम किया.....राज ने मज़ाक भी किया...अरे भाई...ये क्या कर दिया मेरी साली साहिबा को..............................धर्मेन्दर शरमाते हुए वन्हा से जाने लगा...तभी कमला ने उसे रोक लिया.....चाय पी कर जाएँगे.....बैठिए..और उसने अपनी सीट दे दी...

धर्मेन्दर: अरे नही...आप बैठिए...मे अभी आया...प्लीज़ बैठिए....

कमला बाथरूम मे जाने के लिए जाने लगी....तभी नेहा ने राज से कहा....आज कल काफ़ी बिज़ी रहते हो क्या बात है...दो दो लड़कियो को हॅंडल कर रहे हो ...है ना.

राज: अरे नही......और ठहाका मार कर हस्ने लगा.

नेहा: अब तो तुम सुधर जाओ...

राज: तुम्हे हुआ क्या है…ये बताओ…..

नेहा: यूटरस इन्फेक्षन है…..

राज: ये बीमारी कब से हो गयी

नेहा: शादी के बाद से

राज: माहवारी कैसी है?

नेहा: ये तुम क्यो पुच्छ रहे हो? और फिर तुम डॉक्टर तो हो नही

राज: मे जो पुच्छ रहा हू वो बताओ

नेहा: ठीक है …पर पिच्छले मंत लेट आई थी

राज: चुदाई कितने दिन के बाद होती है

नेहा: क्या मज़ाक है??? जाइए मे आपसे नही बोलती

राज: देखा……?? तुम्हारे में रोग यही है…तुम सब कुच्छ जानते हुए भी इग्नोर करती हो…तभी तुम्हारी ये हाल है. हमे क्या ….मरो…मे तो चला….मेरे पास भी वक़्त नही है…..

नेहा: जीजू…..नाराज़ हो गये…..? चलो माफ़ कर दो….बाबा…..तुम पुछ्ते ही ऐसी बाते को हो मेरे को कुच्छ होने लगता है…

राज: तो फिर हम है ना…?? अगर धर्मेन्दर से नही होता है तो मुझे सेवा का मौका दो? मेरे हिसाब से तुम्हारा इलाज एक ही है……

नेहा: अच्छा………………?? वो क्या?

राज: अगर मे बता दूँगा तो तुम मारने लगोगी..या फिर चिल्लाओगी….

नेहा: मुस्कुराते हुए….नही बोलूँगी…बोलो

राज: बस चुदाई…..आपको एक मजबूत लंड की ज़रूरत है…जो जम कर तुम्हारी चुदाई करे.

नेहा: और कुच्छ????? या बोल लिए?

राज: मेरा फुल आंड फाइनल है…तुम्हे लंड की ज़रूरत है…ना कि दवाई की.

तभी रूम मे कमला आ गयी…………………आते ही टेबल पर बैठ गयी और बोली….

कमला: नेहा…तुम घबराव मत…सब ठीक हो जाएगा….धर्मेन्दर जी आ रहे है दवाई लेकर…साम तक छुट्टी हो जाएगी……पर रेस्ट करने की ज़रूरत है…….मे यही तुम्हारे पास रुक जाती हू……सुबह निकलेंगे घर के लिए……क्यो जी????

राज: हाँ….हां…. पर मे घर चला जाऊँगा…और वैसे भी मेरा यान्हा कोई काम तो है नही.

नेहा: जीजू....क्या घर जाओगे...यही सो जाओ...बगल वाले वॉर्ड मे....

राज : मुझे नींद नही आएगी.....तुम जानती ही हो कि जब तक तुम्हारी बहन मेरी बाँहो मे नही रहती नींद नही आती है

नेहा: तो दीदी है ही.....और वैसे भी वॉर्ड मे कोई और है नही...अंदर से लगा लेना...क्यो दीदी....

राज: मे तो तैयार हू....अगर यही मक्खन मिल जाएगा तो मे बाहर क्यू जाऊँगा......वैसे अच्छा होता कि तुम्हारा मक्खन मिल जाए खाने को तो मज़ा आजाए.

नेहा: माइ डार्लिंग जीजू......इट्स रेड लाइट एरिया.....कॅन'ट हेल्प यू....सॉरी...आज तो दीदी से ही काम चलाना होगा....

कमला: अरे नही.....तुम घर जाओ...वन्हा लड़किया अकेली हैं....और रात भी हो रही है.....और हां कल सुबह 9 बजे आजाना....

नेहा;ओह हूवू तभी ये बार बार घर जाने को कह रहे है...हां भाई 2-2 लड़कियाँ जो है....और वो भी काफ़ी सुन्दर- समझदार......रश्मि तो तुम्हारा इंतेज़्ज़र कर रही होगी...और उसकी सिस का तो कहना क्या...क्या ग़ज़ब की माल है.

राज: तुमने कब देखा उसे

नेहा: वो रश्मि ले कर आई थी क्लिनिक मे...उसे भी यूटरस प्राब्लम है ना.

राज: मेरा एक परामर्श है……एक बार तुम मेरे रंग मे रंग जाओ…..सब ठीक हो जाएगा….क्या कहती हो…..

नेहा: देखेंगे….फिलहाल तो ठीक होने से मतलब है….

राज : वो तो तुम हो जाओगी…..और वो झुक कर नेहा के गाल पर एक किस कर लिया…… और वन्हा से चला गया………….उसे जाते हुए देख कर नेहा ने अपने-आपसे कहा…क्या यह सही कदम होगा….?? क्या किसी दूसरे मर्द से सेक्स करना क्या ठीक होगा???? शायद नही? या शायद हां??? उसके मन मे कई सवाल उठ गये……..नही बिल्कुल नही….. और फिर धर्मेन्दर कितना प्यार करते है…उन्हे मे कभी धोका नही दे सकती…….और फिर कभी भी इस तरह के ख़यालात नही आए…..ये बात और है कि कभी कभी BF देख लेती थी…..दोस्तो से नोन-वेज बाते कर लेती थी…पर जब से मेरे जीजाजी आए है…मेरा थॉट चेंज हो गया है…..ये मे क्या सोच रही हू….एक इंडियन लेडी और वो भी मॅरीड इस तरह की बाते सोचना ठीक नही है…..यही सोचते सोचते वो सो गयी………………………………………………………….
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08-26-2018, 09:40 PM,
#27
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
घर पहुँचते ही राज बाथरूम की ओर चला गया….उसे अब किसी का डर तो था ही नही…बाथरूम का दवाजा खोले हुए ही लंड निकालकर मूतने लगा….उसे काफ़ी ज़ोर की सुसूसू आ रही थी……अपनी आँखे मुन्दे हुए करीब 5 मिनट तक मूतता रहा था….जब मूत ख़तम हुआ तो अपना लंड को ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगा और टर्न हो गया…..सामने रश्मि खड़ी देख कर मुस्कुरा रही थी………राज ने जब देखा कि रश्मि सबकुच्छ देख ली है …तो मुस्कुराते हुए उसके पास आ गया और बिना चैन लगाए ही उससे चिपक गया………और उसके गालो पर एक पप्पी ले ली….रश्मि भी उसे चिपक गयी………..और बोली:

रश्मि: नेहा कैसी है?

राज: ठीक है….लंड का इंतजार है….

रश्मि: तो दे क्यो नही दिया?

राज: मे तो चाहता था पर उसने हां नही कहा तो मे क्या करू

रश्मि: औरत का “ना” हां होता है…..समझे बुद्धू

राज: मुझे मालूम है पर मुझे ज़बरदस्ती चोद्ना पसंद नही है….अब स्मृति के केस मे देखो…ये आख़िर-कार चुदी पर मुझे अच्छा और मज़ा नही आया……

रश्मि: ह्म्‍म्म्म मे समझ सकती हू…पर औरते इतनी आसानी से नही खुलती….सामाजिक बंधन होते है….क्या करे…बचपन से सिखाया जाता है कि किसी पराए मर्द से बात मत करना….अकेली मत घूमना…वग़ैरह वग़ैरह…….

राज: पर ये तो तुम पर भी लागू होता है…पर तुम हो कि……………..

रश्मि : इस बंदिश मे मैं भी थी…मे यू आपको अपना शरीर नही दिया है…इसमे मेरे हज़्बेंड की भी रज़ामंदी थी…कई दफ़ा वो कह चुक्का था कि किसी दूसरे मर्द के पास चली जाओ…मे क्या करती………….और उसपे उसकी “नामर्दि”…..मे क्या करू….मेने तो इस घर को बर्बाद होने से बचाया है…..घर की इज़्ज़त घर मे रहनी चाहिए….तभी हम और आप एक हुए है….

राज: अब ज़्यादा भाषण मत दो….इसके बारे मे सोचो…इसमे आग लगी हुई है…

रश्मि: तो मे कब मना कर रही हू….लेकिन पहले खाना खा लीजिए………………और इसे अंदर करो

राज: क्यू…इसने क्या किया…ये तो बेचारा हवा खा रहा है.

रश्मि: हवा नही घूर रहा है…कि घर मे कौन कौन है…किसका दरवाजा खुला है….. ……जिसे देख कर मेरा दरवाजा भी खुलने को तैयार है.

राज: ने उसे अपनी बाँहो मे ले लिया और वैसे ही सीढ़ियाँ चढ़ते हुए स्मृति के रूम की तरफ चलने लगा….रश्मि सिर्फ़ एक गाउन मे थी….अंदर एक पिंक कलर की पॅंटी और ब्रा पहन रखी थी…जो कि काफ़ी दिख रही थी…..उसका सारा जिस्म तराशा हुआ था…और ऐसा लगता था कि रश्मि आज सुबह ही ब्यूटी पार्लर गयी थी..क्योकि टाँगो मे एक भी बाल नही था….एक दम चिकनी….जिसे देख कर राज का लंड और कड़ा हो गया….वो सोचा कि अगर पैर मे बाल नही है तो चूत पर भी बाल सॉफ होगे……वैसे भी रश्मि अपनी चूत हमेशा शेव्ड रखती है….जिसका राज को पता है….उसे कई बार चोद चुक्का है…तो उसे पता है कि इस काम मे रश्मि एक दम परफ़ेक्ट है…वो ये भी जानती है कि राज को क्या चाहिए…….अब वो उसके आर्म-पिच को देखने लगा…जो कि सफाचट थी….रश्मि काफ़ी सेक्सी दिख रही थी…..जब 1स्ट फ्लोर पर आ गया तो रश्मि ने कहा …आप मुझे नीचे उतारो….दीदी का रूम आ गया है….आप अंदर चलो…मे खाना लगाती हू……स्मृति को भी बुला लो…मैं डिन्निंग रूम मे वेट करती हू….

जब रश्मि नीचे उतरी तो उसके लंड से टकरा गयी……लंड का टच उसकी गांद पर हुआ….

रश्मि: उईईईई म्माआ लग गयी….आप को कहा था ना कि इसे अंदर करो….लग गयी….

राज: लग गयी….कहाँ मेरी जान

रश्मि: चुप बेशर्म…..कुत्ते

राज: बताओगि भी कुतिया

रश्मि: मेरी आस पर

राज: आस मीन्स???

रश्मि: गाआाआंद……………….खुस?

राज:ह्म्‍म्म्म तो कहने मे शरमाती क्यू हो

रश्मि: शरमाती नही….आक्टिंग करती हू….जब आक्टिंग होगी तभी इसमे जोश आएगा…है ना?

राज: तुम्हारी इसी अदा पर मे मरता हू…..आज मे तुम्हे पूरी नंगी करके चोदुन्गा

रश्मि: ह्म पर पहले खाना खाया जाए.

राज: अच्छा तुम चलो मे अभी आया…..और वो अंदर रूम मे चला गया…

क्रमशः............................
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08-26-2018, 09:40 PM,
#28
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
प्यास बुझती ही नही-15

राज रूम मे आया तो देखा कि मिरर के सामने स्मृति और ब्रा का हुक लगा रही है …वो बार बार अपना दोनो हाथ पीछे ले जाकर हुक लगाने की कोशिश कर रही थी……ये सीन देख कर कर राज को जोश आ गया…..क्या सीन था…उसने मिरर मे देखा….स्मृति की दोनो चुचिया….आज़ादी के लिए मिन्नते माँग रही थी…..कि आओ और मुझे मुक्त कराओ….ये मुझे मार डालेगी………………

राज: अरेरररीएरएरीई ये क्या कर रही हो….क्यो इन बेचारो पर इतना ज़ुल्म करती हो….देखो कैसे लाल हो गये है…ये दोनो……………..छोड़ो इसे मे कुच्छ करता हू….और ब्रा का स्ट्रॅप अपने हाथो मे लेना चाहा…तभी स्मृति ने उसे धकेल दिया………………….

स्मृति: खबरदार जो इन्हे च्छुआ…….तुम्ही ने इन्हे बिगड़ दिया है..हमेशा आज़ाद रहने को कहते है…मे क्या करू?….और फिर ये बिगड़ जाती है तो हमारी मुनिया भी बिगड़ जाती है….और आप को क्या है…..मतलब निकल जाने के बाद……….कोई मरे…या कोई जिए…उससे आपको क्या मतलब?

राज: अरे बाप रे….ये तो आग और धुआ दोनो साथ साथ है…..रब मुझे बचाए इन हसिनाओ से.

मेडम क्या बात है…..क्या मेरा कसूर है….क्यो मुझपर इल्ज़ाम लगा रही हो? अब देखो इस बेचारे को…जो तुम्हे देख कर आहे भर रहा है..

स्मृति: अरे बाप रे…ये तो हमे खड़े खड़े निगल जाएगा….ऐसे देख रहा है जैसे मानो खा जाएगा……पर है बहुत प्यारा……आइ लव इट.

राज: अब तुम आए हो लाइन पर….कितने नखरे कर रही थी….पर आइ आम अगेन सेयिंग “सॉरी फॉर दा दट” मुझे बिल्कुल अच्छा नही लगा…तुम्हारे साथ ज़ोर-ज़बरदस्ती करते हुए.

स्मरती: कोई नही….मुझे पता है कि आपलोगो ने जो भी किया है मेरे लिए…मेरी भलाई के लिए…मेरी लाइफ के लिए….थॅंक यू सो मच……सेक्स करने के बाद मेने जाना कि प्यार क्या होता है….मर्द का सुख क्या होती है.आपका और रश्मि का सुक्रिया …जो हमे जीना सिखाया.

राज: मेने जो कुच्छ भी किया रश्मि के कहने पर किया...और ये मेरा फ़र्ज़ भी था.....वाकई तुम बहुत हॉट लेडी हो...चोद्ने मे मज़ा आ गया क्या मस्त माल है...क्या मस्त चूत है.....

स्मृति: च्चिईीई....कितनी गंदी बाते करते हो

राज: क्यो...तुम्हे अच्छा न्ही लगा

स्मृति: ह्म्म पर मुझे कुच्छ कुच्छ होता है

राज: तो हो जाने दो.....कौन रोक रहा है

अच्छा छोड़ो ये लो लगाओ ब्रा का हुक

राज: ओह...हो....क्यो परे शान कर रही हो...अच्छा लाओ...और राज ने ज़ोर से खींच कर लगा दिया....बूब्स टाइट हो गयी....स्मृति ने यू तुर्न ले कर के अपनी बाँहे राज के गले मे डाल दी और उसके होंठो पर अपने होंठ रख लिए और चूसने लगी....दूसरी तरफ राज भी इसे आगोश मे ले कर उसके होंठो को चूसने लगा...साथ ही उसकी चुचियो से खेलने लगा.....स्मरती का एक हाथ उसके लंड पर था और दूसरा हाथ उसके सीने पर....दोनो फोरप्ले कर रहे थे...तभी रश्मि ने तालिया बजाई और कहा...खाना लग गया है....सॉरी फॉर इंट्रप्ट....पर खाना खाने के बाद अपना प्रोग्राम सुरू कर सकते है......

दीदी चले???

स्मरती: ह्म ठीक है...चलो

राज: ऐसे ही?

स्मृति: क्यो?

राज: सिर्फ़ ब्रा और पेटिकोट मे ही?

स्मृति: तो कौन सा सिनिमा देखने जा रही हू..घर मे ही तो हू...और फिर रश्मि को देखो...गाउन मे है सुबह से

राज: अरे नही मे तो ये कह रहा था कि आज कुच्छ स्पेशल करे क्या?

स्मृति: स्पेशल>>>> क्या?

राज:ह्म चाहते है कि तीनो बिल्कुल नंगे....हो जाए और जो मर्ज़ी आए वो करे....क्या कहती हो?

स्मृति: तुम्हारे सामने तो मे हो जाऊंगी...पर रश्मि के सामने मुझे शर्म आएगी.

राज: नही आएगी...मे हू ना.....और फिर रश्मि भी तो यही चाहती है....हम तीनो आज जी भर के सेक्स करेंगे...और जो मर्ज़ी होगी वो करेंगे...मंजूर?

स्मृति: ह्म्‍म्म्म अब मे भी आपके दौर मे शामिल हो गयी हू

जो चाहे वो करो..पर मर्यादा का ध्यान रखो.

राज: अरे मेरी जान चुदाई ही करेंगे...कारगिल लड़ाई करने नही जाएँगे.....तुम चिंता मत करो....बस मज़े लुटो....

अगर तुम्हारी इज़ाज़त हो तो ये ब्रा खोल दू?

स्मृति: अभी नही खाना खने के बाद....

राज ने अपने आपको समझाया...बेटा समय से पहले जल्द बाजी मत करो...उल्टी पड़ेगी...और फिर घी खुद दाल मे गिर रहा है तो उंगली क्यो टेढ़ी करे....?और मुस्कुरा कर वन्हा से चल दिया.

डिन्निंग टेबल पर रश्मि खाना लगा चुकी थी…..राज एक नेकेर पहने हुए था और आते ही सबसे पहले रश्मि को अपनी बाँहो मे लिया और उसके होंठो की चूमने-चूसने लगा……..रश्मि भी उनसे लिपट गयी और अपनी बाँहो का हार उन्हे पहना दिया…तभी रश्मि चौंक गयी…..क्योकि स्मृति सिर्फ़ एक ब्रा और पॅंटी मे सामने दिखी……आज पहली बार अपनी बड़ी बहन को इस रूप मे देख रही थी…वाउ…क्या ग़ज़ब का रूप था स्मृति का…..रश्मि अस्चर्य चकित रह गयी….

जब राज ने देखा तो उसे भी आनी बाँहो मे ले लिया….और कहा….

राज: ये रही ना बात…. क्या मस्त जवान है तुम्हारी……

स्मृति: सब आपका आसिर्वाद है…..

रश्मि: सिर्फ़ इनका ही नही मेरा भी है

स्मृति: ऑफ कोर्स यू ऑल्सो….

रश्मि:….थॅंक्स मेरी मा

राज: अरे यार तुम दोनो बाते ही करोगी भी या कुच्छ खिलाओगी.

रश्मि: अरे हां…खाना लगा है आ जाओ.

रश्मि खाना लगाने लगी…3 प्लेट लगाया…..पर राज ने कहा…नही सिर्फ़ 1 प्लेट होगी…और हम एक दूसरे को खिलाएँगे….और वो भी ज़मीन पर….

रश्मि:ये क्या बात हुई….? ज़मीन पर क्यू….टेबल पर क्यो नही

राज: इसलिए मेरी जान कि तुम दोनो मेरी गोद मे बैठकर खाना खओगि….और तुम दोनो ही मुझे खिलाओगी …और वो भी अपनी हाथो से नही ….अपने होंठो से….

रश्मि: ये क्या बात हुई…?? मेरे होंठो से खाएँगे….क्या मेरा जूठा खाएँगे?

राज: तो क्या हुआ….? अगर मे तुम्हारे होंठ चुसूंगा तो क्या वो जूठा नही होगा….तो फिर खाना खाने मे क्या है.

रश्मि: जैसी आपकी मर्ज़ी…..

रश्मि ने ज़मीन पर चादर बिच्छाया…..और राज, स्मृति और खुद बैठ गये…खाने को ज़मीन पर ही लगाया….एक तरफ रश्मि और दूसरी तरफ स्मृति………………….खाने को प्लेट मे लगाने के बाद रश्मि ने एक रोटी का टुकरा उठाया….और राज की तरफ बढ़ाया….

राज: अहहाा…मेडम…अपने होंठो से..ना कि हाथो से….

रश्मि : ओह यस….और रोटी का टुकड़ा अपने मुँह मे दबाया और फिर राज के होंठो के पास आ गयी…..पर बगल बैठे रहने से कनफ्र्टबल फील नही कर रही थी…..राज ने उसे कहा…तुम मेरी गोद मे आ जाओ एंटी डाइरेक्षन मे……रश्मि उठ कर उसकी गोद मे बैठ गयी रश्मि की चूचियाँ राज की छाती से टच करने लगी….रश्मि की चूत….राज के लंड पर दबने लगी.

पर गाउन की वजह से रश्मि को दिक्कत होने लगी…..राज ने कहा…डार्लिंग गाउन उतार दो….रश्मि ने मुस्कुराते हुए स्मृति को देखा….स्मृति ने भी मुस्कुराते हुए हामी भर दी…..रश्मि ने उठ कर अपना गाउन बड़ी अदा से उतारा…फिर राज के सर पर रख दिया….राज ने उसके गाउन को अपने लंड पर रगड़ा और फिर स्मृति के उप्पर फेंक दिया……स्मृति ने उसे टेबल पर रख दिया……रश्मि सिर्फ़ ब्रा और पॅंटी मे कयामत लग रही थी….भरा भर बदन, टाइट चुचिया…..(36द साइज़ की) और मोटी गांद पॅंटी के उप्पर से काफ़ी सेक्सी दिख रही थी….रश्मि ने अपने बदन को तोड़ते हुए टर्न किया जिससे रश्मि की गांद राज की नाक के पास आ गयी….राज गांद की गहराई मे अपनी नाक ले गया और सूंघने लगा…क्या मस्त सेंट थी….चूत के रस और गांद की गंध आ रही थी राज को ….जो कि काफ़ी मादक लग रही थी……अब उसने आगे बढ़कर रश्मि को टर्न किया जिससे उसकी चूत उसकी नाक के सामने आ गयी उसको भी ऐसा ही किया………..उधेर रश्मि को गुदगुदी हो रही थी….क्या कर रहे हो??? गुदगुदी हो रही है…..कुच्छ नही मेरी जान…? प्यार कर रहा हू….एक बात तो है…मे तुम्हारे बाप को धन्याबाद देना चाहता हू…क्या मस्त कुड़ी पैदा की है…मे तो जन्नत का सैर कर रहा हू…..भाई वाह क्या मस्त माल है.
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08-26-2018, 09:40 PM,
#29
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
प्यास बुझती ही नही-15

राज रूम मे आया तो देखा कि मिरर के सामने स्मृति और ब्रा का हुक लगा रही है …वो बार बार अपना दोनो हाथ पीछे ले जाकर हुक लगाने की कोशिश कर रही थी……ये सीन देख कर कर राज को जोश आ गया…..क्या सीन था…उसने मिरर मे देखा….स्मृति की दोनो चुचिया….आज़ादी के लिए मिन्नते माँग रही थी…..कि आओ और मुझे मुक्त कराओ….ये मुझे मार डालेगी………………

राज: अरेरररीएरएरीई ये क्या कर रही हो….क्यो इन बेचारो पर इतना ज़ुल्म करती हो….देखो कैसे लाल हो गये है…ये दोनो……………..छोड़ो इसे मे कुच्छ करता हू….और ब्रा का स्ट्रॅप अपने हाथो मे लेना चाहा…तभी स्मृति ने उसे धकेल दिया………………….

स्मृति: खबरदार जो इन्हे च्छुआ…….तुम्ही ने इन्हे बिगड़ दिया है..हमेशा आज़ाद रहने को कहते है…मे क्या करू?….और फिर ये बिगड़ जाती है तो हमारी मुनिया भी बिगड़ जाती है….और आप को क्या है…..मतलब निकल जाने के बाद……….कोई मरे…या कोई जिए…उससे आपको क्या मतलब?

राज: अरे बाप रे….ये तो आग और धुआ दोनो साथ साथ है…..रब मुझे बचाए इन हसिनाओ से.

मेडम क्या बात है…..क्या मेरा कसूर है….क्यो मुझपर इल्ज़ाम लगा रही हो? अब देखो इस बेचारे को…जो तुम्हे देख कर आहे भर रहा है..

स्मृति: अरे बाप रे…ये तो हमे खड़े खड़े निगल जाएगा….ऐसे देख रहा है जैसे मानो खा जाएगा……पर है बहुत प्यारा……आइ लव इट.

राज: अब तुम आए हो लाइन पर….कितने नखरे कर रही थी….पर आइ आम अगेन सेयिंग “सॉरी फॉर दा दट” मुझे बिल्कुल अच्छा नही लगा…तुम्हारे साथ ज़ोर-ज़बरदस्ती करते हुए.

स्मरती: कोई नही….मुझे पता है कि आपलोगो ने जो भी किया है मेरे लिए…मेरी भलाई के लिए…मेरी लाइफ के लिए….थॅंक यू सो मच……सेक्स करने के बाद मेने जाना कि प्यार क्या होता है….मर्द का सुख क्या होती है.आपका और रश्मि का सुक्रिया …जो हमे जीना सिखाया.

राज: मेने जो कुच्छ भी किया रश्मि के कहने पर किया...और ये मेरा फ़र्ज़ भी था.....वाकई तुम बहुत हॉट लेडी हो...चोद्ने मे मज़ा आ गया क्या मस्त माल है...क्या मस्त चूत है.....

स्मृति: च्चिईीई....कितनी गंदी बाते करते हो

राज: क्यो...तुम्हे अच्छा न्ही लगा

स्मृति: ह्म्म पर मुझे कुच्छ कुच्छ होता है

राज: तो हो जाने दो.....कौन रोक रहा है

अच्छा छोड़ो ये लो लगाओ ब्रा का हुक

राज: ओह...हो....क्यो परे शान कर रही हो...अच्छा लाओ...और राज ने ज़ोर से खींच कर लगा दिया....बूब्स टाइट हो गयी....स्मृति ने यू तुर्न ले कर के अपनी बाँहे राज के गले मे डाल दी और उसके होंठो पर अपने होंठ रख लिए और चूसने लगी....दूसरी तरफ राज भी इसे आगोश मे ले कर उसके होंठो को चूसने लगा...साथ ही उसकी चुचियो से खेलने लगा.....स्मरती का एक हाथ उसके लंड पर था और दूसरा हाथ उसके सीने पर....दोनो फोरप्ले कर रहे थे...तभी रश्मि ने तालिया बजाई और कहा...खाना लग गया है....सॉरी फॉर इंट्रप्ट....पर खाना खाने के बाद अपना प्रोग्राम सुरू कर सकते है......

दीदी चले???

स्मरती: ह्म ठीक है...चलो

राज: ऐसे ही?

स्मृति: क्यो?

राज: सिर्फ़ ब्रा और पेटिकोट मे ही?

स्मृति: तो कौन सा सिनिमा देखने जा रही हू..घर मे ही तो हू...और फिर रश्मि को देखो...गाउन मे है सुबह से

राज: अरे नही मे तो ये कह रहा था कि आज कुच्छ स्पेशल करे क्या?

स्मृति: स्पेशल>>>> क्या?

राज:ह्म चाहते है कि तीनो बिल्कुल नंगे....हो जाए और जो मर्ज़ी आए वो करे....क्या कहती हो?

स्मृति: तुम्हारे सामने तो मे हो जाऊंगी...पर रश्मि के सामने मुझे शर्म आएगी.

राज: नही आएगी...मे हू ना.....और फिर रश्मि भी तो यही चाहती है....हम तीनो आज जी भर के सेक्स करेंगे...और जो मर्ज़ी होगी वो करेंगे...मंजूर?

स्मृति: ह्म्‍म्म्म अब मे भी आपके दौर मे शामिल हो गयी हू

जो चाहे वो करो..पर मर्यादा का ध्यान रखो.

राज: अरे मेरी जान चुदाई ही करेंगे...कारगिल लड़ाई करने नही जाएँगे.....तुम चिंता मत करो....बस मज़े लुटो....

अगर तुम्हारी इज़ाज़त हो तो ये ब्रा खोल दू?

स्मृति: अभी नही खाना खने के बाद....

राज ने अपने आपको समझाया...बेटा समय से पहले जल्द बाजी मत करो...उल्टी पड़ेगी...और फिर घी खुद दाल मे गिर रहा है तो उंगली क्यो टेढ़ी करे....?और मुस्कुरा कर वन्हा से चल दिया.

डिन्निंग टेबल पर रश्मि खाना लगा चुकी थी…..राज एक नेकेर पहने हुए था और आते ही सबसे पहले रश्मि को अपनी बाँहो मे लिया और उसके होंठो की चूमने-चूसने लगा……..रश्मि भी उनसे लिपट गयी और अपनी बाँहो का हार उन्हे पहना दिया…तभी रश्मि चौंक गयी…..क्योकि स्मृति सिर्फ़ एक ब्रा और पॅंटी मे सामने दिखी……आज पहली बार अपनी बड़ी बहन को इस रूप मे देख रही थी…वाउ…क्या ग़ज़ब का रूप था स्मृति का…..रश्मि अस्चर्य चकित रह गयी….

जब राज ने देखा तो उसे भी आनी बाँहो मे ले लिया….और कहा….

राज: ये रही ना बात…. क्या मस्त जवान है तुम्हारी……

स्मृति: सब आपका आसिर्वाद है…..

रश्मि: सिर्फ़ इनका ही नही मेरा भी है

स्मृति: ऑफ कोर्स यू ऑल्सो….

रश्मि:….थॅंक्स मेरी मा

राज: अरे यार तुम दोनो बाते ही करोगी भी या कुच्छ खिलाओगी.

रश्मि: अरे हां…खाना लगा है आ जाओ.

रश्मि खाना लगाने लगी…3 प्लेट लगाया…..पर राज ने कहा…नही सिर्फ़ 1 प्लेट होगी…और हम एक दूसरे को खिलाएँगे….और वो भी ज़मीन पर….

रश्मि:ये क्या बात हुई….? ज़मीन पर क्यू….टेबल पर क्यो नही

राज: इसलिए मेरी जान कि तुम दोनो मेरी गोद मे बैठकर खाना खओगि….और तुम दोनो ही मुझे खिलाओगी …और वो भी अपनी हाथो से नही ….अपने होंठो से….

रश्मि: ये क्या बात हुई…?? मेरे होंठो से खाएँगे….क्या मेरा जूठा खाएँगे?

राज: तो क्या हुआ….? अगर मे तुम्हारे होंठ चुसूंगा तो क्या वो जूठा नही होगा….तो फिर खाना खाने मे क्या है.

रश्मि: जैसी आपकी मर्ज़ी…..

रश्मि ने ज़मीन पर चादर बिच्छाया…..और राज, स्मृति और खुद बैठ गये…खाने को ज़मीन पर ही लगाया….एक तरफ रश्मि और दूसरी तरफ स्मृति………………….खाने को प्लेट मे लगाने के बाद रश्मि ने एक रोटी का टुकरा उठाया….और राज की तरफ बढ़ाया….

राज: अहहाा…मेडम…अपने होंठो से..ना कि हाथो से….

रश्मि : ओह यस….और रोटी का टुकड़ा अपने मुँह मे दबाया और फिर राज के होंठो के पास आ गयी…..पर बगल बैठे रहने से कनफ्र्टबल फील नही कर रही थी…..राज ने उसे कहा…तुम मेरी गोद मे आ जाओ एंटी डाइरेक्षन मे……रश्मि उठ कर उसकी गोद मे बैठ गयी रश्मि की चूचियाँ राज की छाती से टच करने लगी….रश्मि की चूत….राज के लंड पर दबने लगी.

पर गाउन की वजह से रश्मि को दिक्कत होने लगी…..राज ने कहा…डार्लिंग गाउन उतार दो….रश्मि ने मुस्कुराते हुए स्मृति को देखा….स्मृति ने भी मुस्कुराते हुए हामी भर दी…..रश्मि ने उठ कर अपना गाउन बड़ी अदा से उतारा…फिर राज के सर पर रख दिया….राज ने उसके गाउन को अपने लंड पर रगड़ा और फिर स्मृति के उप्पर फेंक दिया……स्मृति ने उसे टेबल पर रख दिया……रश्मि सिर्फ़ ब्रा और पॅंटी मे कयामत लग रही थी….भरा भर बदन, टाइट चुचिया…..(36द साइज़ की) और मोटी गांद पॅंटी के उप्पर से काफ़ी सेक्सी दिख रही थी….रश्मि ने अपने बदन को तोड़ते हुए टर्न किया जिससे रश्मि की गांद राज की नाक के पास आ गयी….राज गांद की गहराई मे अपनी नाक ले गया और सूंघने लगा…क्या मस्त सेंट थी….चूत के रस और गांद की गंध आ रही थी राज को ….जो कि काफ़ी मादक लग रही थी……अब उसने आगे बढ़कर रश्मि को टर्न किया जिससे उसकी चूत उसकी नाक के सामने आ गयी उसको भी ऐसा ही किया………..उधेर रश्मि को गुदगुदी हो रही थी….क्या कर रहे हो??? गुदगुदी हो रही है…..कुच्छ नही मेरी जान…? प्यार कर रहा हू….एक बात तो है…मे तुम्हारे बाप को धन्याबाद देना चाहता हू…क्या मस्त कुड़ी पैदा की है…मे तो जन्नत का सैर कर रहा हू…..भाई वाह क्या मस्त माल है.
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08-26-2018, 09:40 PM,
#30
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
रश्मि, राज और स्मृति तीनो नंगे ही बेडरूम मे आ गये....रश्मि ने झुक कर राज के लंड को अपने होंठो से किस किया फिर चूसने लगा....राज स्मृति की चुचियो को दबाने लगा....साथ ही उन्हे चूसने चाटने लगा.......लंड एक दम रोड बन चुका था.........राज पागल सा हो गया....वो ज़ोर ज़ोर से हान्फ्ते हुए स्मृति को चूसने, चाटने लगा....रश्मि ने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी..ये उसका 1स्ट टाइम ब्लो जॉब था...इससे पहले कभी नही किया था..लंड की मुटाई और लंबाई उसके कंठ तक आ रही थी...कभी कभी जब राज जोश मे आ जाता था तो ज़ोर से लंड घुसा देता था...लंड उसके कंठ तक आ जाता था...जिससे कि वो खांसने लगती पर वो उसके लंड को नही निकालती..................यही प्रक्रिया करीब 30 मीं तक चली.....फिर रश्मि ने उसे छोड़ दिया और स्मृति की गांद और चूत को पकड़ कर कर चाटने लगी....स्मृति की गाड़ और चूत गीली थी क्यो की एक तो नहा कर आई थी दूसरे जम कर चुदाई हुई थी...अभी भी राज का वीर्य उसके आस-होल पर था....चूत और अशोल को चाटने लगी..............................स्मृति जोस मे आ गयी......अब उसने राज को धक्का मारा.....राज बेड पर पीठ के बल सो गया...और स्मृति उसके उपर....

राज लंड ने को अपने हाथो मे लिया और स्मृति की चूत मे डाल दिया और चोद्ने लगा...रश्मि भी वही पर सब कुच्छ देख रही थी....एक हाथ से रश्मि की चुचियो को दबाते हुए स्मृति को चोदे जा रहा था....आज रश्मि को लाइव टेलिकास्ट देखने को मिल रहा था...उसने कभी भी किसी को यू चोद्ते हुए नही देखा था.........और वो भी उसकी सग़ी बड़ी बहन..............हां कभी कभी उसके मा-पापा की चुदाई देख चुकी थी जब वो छ्होटी थी................

स्मृति ने राज के कान मे कहा....सिर्फ़ मुझे ही करोगे या रश्मि को भी...................

मे तो तैयार हू...पर रश्मि ने कहा है कि आज मेरी बहन की सुहागरात है....तुम उसे ही चोदो...मे सिर्फ़ साथ दूँगी............

स्मृति कुच्छ नही बोली...सिर्फ़ चुदति रही......फिर करीब 15 मीं मे ही दोनो ढेर हो गये..............

इसी तरह स्मृति की चुदाई पूरे 1 वीक चली…इस 1 वीक मे स्मृति और रश्मि ने जम कर चुदाई कराई…..स्मृति की चुचिया और चूत काफ़ी बड़ी हो गयी….गांद का तो क्या कहने…उसकी पँतिया छ्होटी होने लगी थी….और ब्रा भी…….पूरा रूम चुदाई का अखाड़ा बन चुक्का था….जब राज घर मे होता …सर्फ चुदाई ही होती रहती…बेडरूम मे, किचन मे, टाय्लेट मे और यान्हा तक की पूजा घर मे भी ये लोग चुदाई कर देते थे……………स्मृति को जम कर चुदाई करना और सेक्सी बाते करने बहुत अच्छा लगता था….तभी उसकी मा का कॉल आ गया…कि तुम वापस आ जाओ……..स्मृति, रश्मि & राज भी नाराज़ हो गये…..पर हर किसी को एक दिन तो जाना होता ही है…इसमे दुख किस बात का……यही सोचकर राज ने कहा…ठीक है साली साहिबा….तुम जाओ…मे फिर आउन्गा जल्द ही…और जम कर तुम्हारी मा के सामने ही चोदुन्गा…..हमे उस पल का इंतजार होगा….स्मृति ने कहा……स्मृति को बस बैठा दिया…और फिर अपने काम पे चला गया……………………………………………………………………………………..

क्रमशः...............................
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