Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
12-11-2022, 06:26 PM,
#31
RE: Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
मेरे अंतरंग हमसफ़र

तृतीय अध्याय

खूबसूरत युवा सहेलिया

भाग -8


सेक्स का आरंभिक ज्ञान

अब तक की कहानी का सार;

मैं दीपक आपने मेरी कहानिया "झट शादी पट सुहागरात-1-4" में पढ़ा कैसे मेरी सहयोगी प्रीती दुल्हन बन कर सुहागरात मनाने को तैयार हो गयीl उसके बाद मेरी और मेरे घर की देखभाल करने वाली रोज़ी और रूबी मिली और मेरी सभी प्रेमिकाओ और उनकी चुदाई के बारे में पूछने लगीl मैंने उसे बताया किस तरह मैं रोज़ी और रूबी से मिला और कैसे मेरी और रोज़ी की पहली चुदाई हुई l फिर उसके बाद रूबी को चोदाl हमारे गाँव के प्रवास के आखिरी दिन जंगल में हमने ग्रुप सेक्स और मेरे फूफेरे भाइयो बॉब और टॉम के साथ प्रेमिकाओ की अदला बदली का कार्यक्रम बनाया l वहाँ रोज़ी की सहेली टीना की पहली चुदाई की। फिर छोटे योनि के छेद वाली मोना को मैंने चोदा। रोज़ी मेरे साथ शहर आ गयी। उसके बाद मेरी बुआ और उनकी तीन बेटियों लंदन से दिल्ली हमारे घर आये।

मेरा दोनों बहनो रोज़ी और रूबी के साथ हमारा पहला थ्रीसम हुआl वहाँ मेरी बुआ भी अपनी तीनो बेटिया जेन लूसी और सिंडी के साथ छुट्टिया बिताने आयी थी। अगले दिन सुबह मेरी सबसे बड़ी फूफेरी बहन जेन ने जंगल में पेड़ो के नीचे हरी घास के मैदान पर अपना कुंवारापन मुझे समर्पित कर दिया l दूसरी बुआ के बेटी अलका और जेन का रात को मेरे साथ सोने का कार्यक्रम बन गया। मैंने बॉब और जेन के साथ मिल कर अपनी बाक़ी फूफेरी बहनो को भी प्यार मुहब्बत और मजो की हसीं दुनिया में ले जाने का प्लान बनाया l उसी रात में अलका मेरे पास आयी और मैं उसका कौमर्य भंग कर दिया l अगले दिन अलका की सहेलिया रुखसाना और हुमा एक हफ्ते के लिए रहने आयीl सब लड़किया तालाब पर नहाने गयी और हम तीनो वहाँ पेड़ पर छुपे हुए थे l लड़किया नग्न हो कर मस्तिया करने लगी और फिर हम वहाँ कूद पड़े और उनके सेक्स ने नए-नए खेल रचाये l सबने आशा अम्मा से मिल कर छोटी बुआ, बड़ी बुआ और फूफा का सारा माजरा जाने का प्लान बनाया l

जब हम वापिस आये तो वहाँ दोनों बुआ और फूफा जी वापिस आ गए थे और तीनो बहुत खुश थेl सबने आशा अम्मा से मिल कर छोटी बुआ, बड़ी बुआ और फूफा का सारा माजरा जाना l उसके बाद में बॉब रुखसाना के लिए बहुत बेकरार था तो उसको रुखसाना का नंबर दिलवाया और फिर रुखसाना को बॉब के साथ संसर्ग करने के लिए जेन की मदद से मना लिया (अंतरंग हमसफ़र-1-28)।

अब आगे पढ़िए।

तो प्रीती ने उत्सुकता से पुछा तो बताइये फिर आपको जेन ने किसलिए बुलाया था और आपने वहाँ क्या किया?

फिर मैं आगे कहानी सुनाते हुए बोला प्रीती, जेन ने मुझे रुखसाना को लड़का लड़की के मिलन में क्या होता है ये दिखाने के लिया बुला लिया इस बीच मुझे टॉम का बार-बार मैसेज आ रहा था कि हुमा भी मान नहीं रही हैl तो मैंने ये शर्त यहाँ भी रख दी थी की मुझे भी इसमें मेरा हिस्सा चाहिएl जिसे टॉम फटाफट मान गया फिर मैंने वहाँ भी अलका की मदद से उसको टॉम के साथ सेक्स करने के लिया मनाने में मदद कर दीl फिर टॉम ने पुछा की हुमा पूछ रही है कितने बजे आओगे तो कितने बजे बोलू

मैंने टॉम को कहा अभी बताता हूँ क्योंकि मैं भी उस बिना बालो और संकरी चूत वाली खूबसूरत हुस्न की कमसिन मल्लिका हुमा की पहली चुदाई देखना चाहता था l

जब जेन ने मुझे बताया की रुखसाना की क्या बताना और दिखाना है तो मैंने कहा हुमा को भी बुला लो उसका भी टॉम के साथ अपॉइंटमेंट फिक्स हो गया है। उसे पूछ लो अगर वह देखना चाहती है तो वह भी देख सीख लेगी और अलका के पास ही बैठी हैl उसके बाद 5 मिनट में ही अलका और हुमा दोनों जेन के कमरे में आ गयी। इसे पहले मैंने वक़्त का अंदाजा लगाया लगभग डेढ़ से दो घंटे यहाँ पर रुखसाना को त्यार होने में फिर दो घंटे रुखसाना और बॉब के साथ मेरे कमरे में और उसके बाद हुमा के पास जा सकते हैंl तो अभी घडी में 2 बज रहे हैं तो मैंने टॉम को बोला तुम हुमा हो लगभग 6 बजे का टाइम दे दो l

मैंने कहा रुखसाना और हुमा क्योंकि यहाँ मेरी दो प्रेमिकाए मौजूद हैं और मैं इनमे किसी एक को नहीं चुन सकता इसलिए इन दोनों को एक साथ प्यार कर रहा हूँ। कोई ज़रूरी नहीं आपके साथ भी प्यार के पहले अनुभव में यही हो, की आपका प्रेमी आपके साथ-साथ एक और लड़की को भी प्यार करे, या कभी ये भी हो सकता है आपको एक साथ दो या अधिक लोगों का प्यार मिलेl आप इस बात की परवाह मत करो कितने लोग हैंl प्यार के सभी आयाम जो मैं अपनी दोनों प्रेमिकाओ के साथ आपको इस छोटे से समय में दिखा सकू उसमे जो आपको अच्छा लगे वह सीख लीजियेगा। मैं तो यही कहूंगा प्यार में अपने साथी को भरपूर प्यार कीजिये और मजे दीजिये और लूट लीजिये। "मैं तो यही मानता हूँ प्यार असीम है प्यार की कोई सीमा नहीं है"।

पहले आप देखना चाहेंगी प्यार में क्या होता है या पहले मेरी राय में कुछ प्राथमिक ज्ञान संक्षेप में हो जाए। मानवों में प्रजनन हेतु जननांग होते हैं, जो स्त्रियों और पुरुषों में भिन्न होते हैं। तो कुछ चीज़ो के बारे में जानना ज़रूरी है,



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1) लड़की के बारे में


वैसे तो लड़कियों का हरेक अंग पुरुष को आकर्षित करता है और ये भी बताना बहुत कठिन है कि कौन से पुरुष को कौन-सा अंग सबसे ज़्यादा आकर्षित करता है फिर भी लड़की के यौन अंगों में योनि, वल्वा, भगशेफ या भगनासा, गर्भाशय ग्रीवा, गर्भ, अंडाशय, मूत्रमार्ग और पीठ मार्ग (गुदा क्षेत्र) आदि शामिल हैं। इसके इलावा स्तन, ओंठ, नितम्ब, नाभि और कमर भी स्त्री के महत्त्व पूर्ण अंग है जिनका सेक्स में एक विशेष स्थान है।


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योनि और भगशेफ

योनि का अर्थ है वह जिससे कोई वस्तु उत्पन्न हो या उत्पत्ति स्थान लड़कियों में इसे-इसे चूत, बुर, भग और भोसड़ी भी कहा जाता है योनि स्त्रियों का जननेंद्रिय है इसे चूत, बुर, रसाल, भग और भोसड़ी भी कहा जाता है

योनि वह मार्ग है जो जांघो के बीच में एक दरार होती है जो ही गर्भाशय की ओर जाता है। योनी शरीर के बाहर से दिखाई देती है और पुरुष या लड़के का लिंग साधारणतय यही प्रवेश करता है।



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भगशेफ या भग्नाशा


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भगशेफ या भग्नाशा योनी के बाहर है और स्पर्श करने के लिए बहुत संवेदनशील है। इससे महिलाओं को उनके यौन सुख का भरपूर आनंद मिलता है। कामोत्तेजना के दौरान इस क्षेत्र में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे योनी और भगशेफ में सूजन और अतिरिक्त संवेदनशीलता हो जाती है।

स्तन




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अधिकतर पुरुषों को महिलाओं के स्तन बहुत ही आकर्षक लगते हैं। किसी भी महिला का स्तन उसके शरीर का सबसे खूबसूरत और अहम और आकर्षक हिस्सा होता है। लड़के या पुरष जब भी किसी लड़की या महिला को देखते हैं तो सबसे पहले उनका ध्यान महिलाओं के स्तनों या छाती पर ही जाता है। आकर्षण के लिए स्तनों का माप या कोई अन्य एक मापदंड नहीं रखा जा सकता। यह एक बहुत ही संवेदनशील सेक्स अंग भी होता है, जिसे छुने से महिलाएँ कामोत्तेजित भी महसूस करती हैं।

2) लड़को या पुरुषो के जनांगो बारे में

पुरूष के जनन अंगों को दो भागों में बांटा जा सकता है। पहला बाहरी भाग जैसे लिंग और अंडकोश तथा भीतरी भाग मूत्र नलिका, शुक्राणु आदि।

लिंग



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पुरूष अपने शिश्न या लिंग के द्वारा शुक्राणु को स्त्री के योनि में डालता है। जब पुरुष संसर्ग के लिए उत्तेजित होता है तो उसका लिंग कठोर हो जाता है। पुरूष लिंग की कठोरता के समय लिंग के अंदर की मांसपेशियों से अधिक रक्त का संचार होता है व इसके कारण लिंग की लम्बाई बढ़ जाती है। लिंग की सुपारी की त्वचा आसानी से ऊपर-नीचे खिसक सकती है तथा कठोरता के समय लिंग को चौड़ाई में बढ़ने के लिए स्थान भी देती है। लिंग का अगले भाग काफ़ी संचेतना पूर्ण होता है।

अंडकोश



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अंडकोष पुरूष के नीचे एक थैली होती है जिसमे साधारणतया पुरुषो के दो अंडकोष होते हैं। इनका मुख्य कार्य शुक्राणु और पुरूष उत्तेजित द्रव को बनाना होता है।

3) सम्भोग-सेक्स



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सम्भोग मैथुन या सेक्स की उस क्रिया को कहते हैं जिसमे नर का लिंग मादा की योनि में प्रवेश करता हैं। सम्भोग को योनि मैथुन, काम-क्रीड़ा, रति-क्रीड़ा भी कहते हैं। महाभारत के अनुशाशन पर्व के अनुसार लड़की सम्भोग या मिलान के समय पुरुष से कई गुना ज़्यादा आनंद सुख और तृप्ति की प्राप्ति करती है।

सम्भोग इंसानों में, संतान प्राप्ति, सुख प्राप्ति या प्यार या जज़्बात दिखाने का भी एक रूप हैं। सम्भोग अथवा मैथुन से पूर्व की क्रिया, जिसे अंग्रेज़ी में फ़ोर प्ले कहते हैं, के दौरान हर प्राणी के शरीर से कुछ विशेष प्रकार की गन्ध (फ़ीरोमंस) उत्सर्जित होती है जो विषमलिंगी को मैथुन के लिये अभिप्रेरित व उत्तेजित करती है।

फ़ोर प्ले से लेकर चरमोत्कर्ष की प्राप्ति तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया ही सम्भोग कहलाती है बशर्ते कि यह कार्य विषमलिंगियों के बीच हो रहा हो।

मुख मैथुन अथवा गुदा मैथुन उन्हें मैथुन तो कहा जा सकता है परन्तु सम्भोग नहीं।



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सेक्स सिर्फ़ मादा की योनि में प्रवेश के लिए नहीं किया जाता बल्कि इसमें उससे बहुत कुछ ज़्यादा शामिल होता है। सेक्स विभिन्न स्तिथियो में किया जा सकता है जिन्हे आसन कहते हैं। सेक्स के दौरान जोड़ो को बहुत-सी बाते और चीजे करनी होती हैं। फोरप्ले से लेकर चरमोत्कर्ष तक सेक्स के अलग-अलग पहलू होते हैं।


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सेक्स और आसनो के बारे में विस्तृत ज्ञान फिर कभी। अब जितना सीखा है पहले उसका प्रैक्टिकल अभ्यास कर लेते हैं।

सुबह तालाब पर हुए सामूहिक सेक्स के कारण अब किसी को किसी से कोई शर्म नहीं थी इसलिए अलका और जेन भी दोनों त्यार थी l

फिर मैं जेन के पास गया और बोलै तो प्यारी जेन शुरू करे सेक्स की क्लास और एक हाथ जेन की कमर में डाला और दूसरा अलका की कमर में डाल कर, बारी-बारी से एक दूसरे को चुंबन करते हुए जल्द ही प्यार की वृत्ति की इच्छुक लड़कियों के साथ हम एक बहुत ही सुविधाजनक जगह पर पहुँचे अर्थात बिस्तर पर पहुँचेl उन्होंने मुझे दो कुंवारी कन्याओं का प्यार और आनद की और मार्गदर्शन करने की अनुमति दी।

कमरे में बिलकुल शान्ति थी सिर्फ़ हम्मरे तेज चुम्बनों की आवाज़ गूंज रही थी l कमरा रजनी गंधा के फूलो की खुशबु से महक रहा था। तो अलका बोली "रजनी गंधा की ख़ुशबू कितनी प्यारी मीठी और रसभरी है!" मैंने उन्हें बिस्तर पर अपने पास एक कोने मेरी तरफ़ आकर्षित किया और दोनों मेरे पास चुम्बक की तरह खींचती चली आयी और फिर एक सबसे स्वादिष्ट चुंबन शुरू हुआl मैंने उन दोनों के बदन को टटोलना शुरू कर दिया और अलका की कपड़ो के अंदर हाथ डाल कर उसकी भगनासा तक पहुँच गया।

"ये सुगंध तुम्हारी प्यारी छोटी-सी योनि ये ज़्यादा रसभरी और मीठी नहीं है ये, अलका" मैंने कहा और शरारत भरी चंचलता से अपनी दाए हाथ की उंगलियों को कोमलता से प्यार के उस छोटे से गोश्त के चारों ओर घुमाते हुए, उसकी रस की खान (भगनासा) को मैंने अपने कब्जे में ले लिया।" दूसरा हाथ जेन की वक्ष स्थल पर से होता हुआ उसके बाए चुचक को मसलने लगा।

आगे क्या हुआ ये अगले भाग में पढ़िए।

ये कामुक कहानी जारी रहेगीl

आपका दीपक




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दीपक कुमार
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12-13-2022, 02:17 PM,
#32
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मेरे अंतरंग हमसफ़र

तृतीय अध्याय

खूबसूरत युवा सहेलिया

भाग -9


चुदाई के नज़ारे


तो प्रीती ने उत्सुकता से पुछा तो बताइये फिर आपने जेन और अलका से साथ क्या-क्या किया? और आपको ये सेक्स का ज्ञान कहाँ से मिला?

फिर मैं बोला प्रीती पहले तुम्हारे दुसरे सवाल का जवाब दूंगा। वैसे तो आदमी हर समय हर किसी से कुछ न कुछ सीख सकता है और मैंने भी अपने सभी सेक्स के साथियो से हमेशा कुछ न कुछ सीखा है, क्योंकि हरेक दुसरे से थोड़ा भिन्न होता है। हरेक की पसंद नापसंद थोड़ी बहुत अलग होती है। अपने साथी की पसंद और नापसंद को अगर समझ और जान कर अगर सेक्स किया जाए तो मजे कई गुना बढ़ जाते हैं। इसके इलावा भी मेरा मानना है हरेक को थोड़ा बहुत आधारभूत ज्ञान होना ही चाहिए।

पहले सवाल का जवाब ये सेक्स का थोड़ा बहुत ज्ञान सबसे पहले स्कूल में विज्ञानं और बायोलॉजी में मिला था। पर वह बहुत कम था। उस कमी की पूर्ती काफ़ी हद तक कुछ तो मुझे मेरे फूफेरे भाई बॉब ने पहली चुदाई के समय पर दिया हुए ज्ञान से हो गयी थी। फिर उसके बाद कुछ ज्ञान रूबी से मिला था जिसके पिताजी वैद्य थे, उनकी बनायीं हुई देसी दवा का मैंने कई बार इस्तेमाल किया है। जब मैं दादा जी की कमरे में शिफ्ट हो गया तो वहाँ अन्य किताबो के साथ सेक्स ज्ञान की कुछ किताबे पड़ी हुई थी जैसे काम सूत्र जिन्हे मैंने पढ़ा था। फिर इंटरनेट और मोबाइल तो है ही, ज्ञान प्राप्त करने का सबसे आसान और सुलभ साधन। मैंने जो थोड़ा बहुत ज्ञान अर्जित किया था उसमे से कुछ बहुत ज़रूरी बाते को ही संक्षेप में बताया था।

वैसे इसके बाद मेरी मुलाकात एक लव गुरु से भी हुई थी जिसने मेरे सेक्स ज्ञान के चक्षु खोल दिए थे जोकि आगे बताऊंगा।

अब कहानी में आगे सुनो उसके बाद अलका ने मेरी गर्दन पर हाथ फेरा और धीरे से आह भरते हुए बोली "ओह! ओह! प्रिय दीपक!"

"जैसे आज सुबह आपने लूसी और सिंडी को चुंबन किया था वैसे ही मुझे भी किश करेंगे?" अलका बोली, मैं अलका को किश करने के लिए आगे बढ़ा और बोला मेरी प्रिय लाड़ली प्रेमिका, यह किश आपको उनसे भी ज़्यादा मजे देगी; अब संकोच और शर्म छोड़ो और खुल कर मजे लो हम सब यहाँ मजे लेने के लिए या उनके बारे में जानने के लिए या हम और ज़्यादा आनंद कैसे ले सकते हैं इसी मकसद से एकत्रित हुए हैं। क्या ये सच नहीं है, चाहो तो अपनी बहन या दोस्त से पूछ सकती हो। " हम सबके बीच गोपनीयता बनाये रखने का समझौता हो चूका है और सब एक दुसरे के भरोसेमंद राजदार हैं, इसलिए शर्माओ मत और मेरे साथ चुम्बन करो। पर अलका अभी भी हिचक रही थी।

जेन बोली। -"ओह! उसे किश करने दो, प्रिय अलका, तुम सबसे अनूठी और सर्वाधिक मजे वाली आलोकिक संवेदनाओं का अनुभव करोगी जिससे तुम्हे लगेगा तुम स्वर्ग में हो।" जेन फिर बोली मुझे लूसी और सिंडी ने ऐसा ही बताया था। दीपक बहुत अच्छी किश करते हैं। मैं समझ गया दोनों ऐसे रुखसाना और हुमा के सामने अभिनय कर रही हैं। ताकि हमारे सम्बन्धो का उनको पता नहीं चले हैं तो मैंने भी उनके साथ वैसा ही नाटक खेलने का निश्चय किया।

मैंने कहा आप दोनों मुझ पर भरोसा करे आपको बहुत ज़्यादा मजे आने वाले हैं जो आपने आज तक अनुभव नहीं किये होंगे।

फिर मैंने धीरे-धीरे चूमते हुए अलका के कपडे उतारे और फिर मेरे कहने पर अलका ने भी मेरे कपडे उतार दिए और मुझे उसने मुझे एक कोने में अपनी बाजुओं के सहारे पीछे की और झुकते हुए बिठाया और फिर मेरी टाँगे सीधी करदी। इस तरह मैं अधलेटा हो गया। मैं और अलका इसके बाद काफ़ी देर तक एक दुसरे को चुम्बन करते रहे और हमारे हाथ एक दुसरे के बदन पर चल रहे थे। मेरे हाथ अलका के सुन्दर स्तनों से खेल रहे थे और उसके हाथ मेरी छाती और मेरी पीठ पर चल रहे थे।




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लेकिन अभी तक हमारे खेल में जेन शामिल नहीं हुई थी। जब हम उसके बाद सांस लेने के लिए रुके तो मैंने देखा जेन भी अब उत्साहित और उत्तेजित हो रही थी l मैंने अपना हाथ बढ़ा कर उसे अपनी और आकर्षित किया तो वह मेरी और ऐसे खींची चली आयी जैसे मरे निमंत्रण का बेताबी से इंतज़ार कर रही हो। मैंने पहले उसे भी एक प्यार भरा चुम्बन किया और फिर धीरे-धीरे उसके सारे कपडे हटा कर उसे बेपर्दा कर दिया और उसने मुझे प्यार से पीठ के बल लिटा दिया और अधलेटी हो कर मेरे चहरे के ऊपर झुक गयी।

जेन के प्यारे नरम मुलायम हाथों ने एक बार में ही मेरे कठोर हो चुके हथियार को पतलून की जकड़न और सीमित स्थिति से बाहर निकाल दिया और दूसरी तरफ़ मैंने अलका की योनि को चूसना और चाटना शुरु कर दिया। जेन ने मेरे लंड को सहलाया जकड़ कर उसकी चमड़ी को ऊपर नीचे किया और फिर किस करने के बाद अपना मुँह खोला, चूसा और धीरे-धीरे पूरा लंड अपने कब्जे में ले लिया और मेरा एक-एक हाथ उनको स्तनों और नीपल्लो से खेल रहा था। मैंने अलका को खींच कर अपने मुँह के अपर बिठा लिया और उसकी चूत को घपा गप जीभ से चोदने लगा। अलका का चेहरा मेरे लंड की और था और वह लें को मेरा लंड चूसते हुए देख रही थी।

"ओह प्रिय जेन मुझे चूमो," अलका ने कहा और उसके मुँह ने अलका ने अपनी झीभ डाल दी। तब तक जेन मेरे लंड को चूसना छोड़, घुड़सवारी वाले अंदाज़ में मेरे ऊपर आ गयी थीl उसकी एक टांग मेरे कूल्हों की एक तरफ़ और एक टांग दूसरी तरफ़ और उसका मुँह मेरी या अलका की तरफ़ था। फिर उसने मेरा लंड पकड़ा और उसे अपनी योनि के द्वार पर लगा कर धीरे-धीरे नीचे बैठने लगी। वैसे तो उसकी चूत का उद्गाटन मैं कर चूका था फिर भी अभी नयी-नयी होने के कारण चूत टाइट थी। इसलिए, लंड बमुश्किल चूत की दीवारों और भगनासा को रगड़ता हुआ आधा अंदर गया तो उसकी चीख निकल गयी। आह। पर अभी तो मंज़िल दूर थी और रुकने का कोई कारण नहीं था तो एक धक्का मैंने भी नीचे से अपने चूतड़ उठा कर ऊपर की और लगा दिया और उसके कमर पर हाथ लेजाकर उसको नीचे की और दबा दियाl लंड फच की आवाज़ के साथ जड़ तक समा गया तो उसका सर पीछे चला गया चुम्बन टूट गया और आह ओह करती धीरे से बोली धीरे से करो दर्द होता है उसके बाद दोनों रुक गए।

जब लंड अंदर प्रवेश करता है तो लड़कियों की योनि के अंदर मौजूद मांसपेशिया ख़ुद को एडजस्ट करने के लिए जगह बनाती है। इसलिए प्रवेश के बाद कुछ देर ज़रूर रुकना चाहिए ताकि लड़की की योनि में ये एडजस्टमेंट हो जाए। सामान्य अवस्था में योनि की भित्तियाँ या मांसपेशिया आपस में चिपकी रहती है संभोग क्रिया के दौरान लिंग के योनि में प्रविष्ट होने पर वे अलग-अलग हो जाती है। जिससे योनि लैंड को अपने अंदर समागरहित कर लेती है। इसीलिए छोटी-सी दिखने वाली योनि में बड़ा या छोटा, मोटा या पतला सब लंड सेट हो जाते हैं और बच्चे को भी जन्म के समय भी इनके कारण ही सुविधा रहती है।

जेन की योनि की मांसपेशिया संकुचन करते हुए लंड को जकड़ने लगी और साथ-साथ योनि को चिकना बनाये रखने के लिए स्राव भी शुरू हो गया। एक शानदार शुरुआत हो चुकी थी और दोनों बहने रुखसाना और हुमा सांस रोके हमारी चुदाई देख रही थी। उनकी साँसों की आवाज़ नहीं हमारी साँसों के आवाज़ ही सुनाई दे रही थी।

मैंने दोनों बहनो में से छोटी अलका के नितम्बो को एक हाथ से मजबूती से जकड़ लिया, जबकि मेरे दाहिने हाथ से मैंने उसके सख्त हो चुके चूत के दाने को रगड़ना शुरू कर दिया और अपनी जीभ को अंदर बाहर करते हुए से उसकी चूत की चोदने लगा। जिससे वह उत्तेजना के चर्मं की और बढ़ गयी।

उधर जेन सम्भोग के स्वैच्छिक उन्माद में थी, वह मेरे कठोर खड़े लंड पर उछलने लगी,। बीच में रूकती थोड़ा बहुत अपनी गांड को आगे पीछे करती। जिससे लंड कुछ अनछुई परतो को रगड़ता और फिर दुबारा उछलने लगती और साथ ही साथ इस दौरान वह अलका को किश करती रही और दोनों एक दुसरे की स्तनों को दबाती सहलाती और निप्पलों को छेड़ती रही।






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उसकी योनी सिकुड़ती और फैलती रही और मेरे लंड सूजन पर धड़कते हुए सबसे स्वादिष्ट तरीके से चूसने लगी और लंड के ऊपर आगे पीछे होती रही। चूत के अंदर चूसै के साथ चुदाई के अनुभव का कोई सानी नहीं है।

फिर उन दोनों ने अपनी जगह बदल ली अलका मेरे लंड पर आ गयी और जेन मेरे मुँह पर आ गयी और मैंने वही क्रिया जारी राखी। मैंने जाने की योनि को सहलाया फिर चूमा और ऊँगली से उसकी भगनासा को छेड़ा और जीभ से चोदने लगा। उसकी चूत पहले से गीली थीl उधर अलका ने भी मेरे लंड को पकड़ कर सहलाया, किस किया, फिर अपने मुँह में ले कर चूसा, फिर घुड़सवारी वाले अंदाज़ में ऊपर बैठी। लंड को पकड़ा और उसे अपनी योनि के छोटे से द्वार पर लगा कर धीरे-धीरे नीचे बैठने लगी। चूत का द्वार अत्यंत संकरा था उसलिए आसानी से अंदर नहीं जा रहा था तो उसने उंगलियों की सहायता से योनि को थोड़ा खोला और थोड़ा नीचे ज़ोर लगाया तो लंड लगभग 1 इंच अंदर गया। फिर वह ज़ोर लगाती रही और लंड एक-एक इंच अंदर जाता रहा। अब आधे के आसपास अंदर चला गया तो-तो एक जोरदार धक्का मैंने भी नीचे से अपने चूतड़ उठा कर ऊपर की और लगा दिया और उसके साथ अलका ने भी नीचे अपना पूरा ज़ोर लगा दिया। नतीजा ये हुआ की लंड पूरा का पूरा अलका की योनि में समा गया। योनि तो मेरे चूसने और जीभ द्वारा किते गए छेड़छाड़ के कारण गीली थी ही l

उसके बाद जब अलका ऊपर नीचे हो रही थी तो थोड़ी सुगमता से अंदर बाहर आ और जा रहा था। , अलका की योनि संकरी होने के कारण मुझे आनंद जेन की योनि के मुकाबले निश्चित तौर पर ज़्यादा आ रहा था।

"ओह ओह ओह!" अलका ने गहरी साँसे ली और जेन को एक जबरदस्त चुंबन किया उह मैं तो गयी। प्रिय दीपक मुझे कुछ हो रहा है मुझ से कुछ जा रहा है मेरी जान तो नहीं निकल रही है कहीं? फिर बोली ओह, यह बहुत अच्छा है। ओह! अब मैं क्या करूं? " ये कहकर उसका बदन ज़ोर से थर्रायाl फिर अलका कांपने लगी और उसकी टाँगे और बदन अकड़ा, वह अपने काम सुख के उत्कर्ष पर पहुँच चुकी थी। मैंने भी नीचे से चूतड़ उठाते हुए उसके साथ उसी लय से लय मिलाते हुए धक्के लगाए और इसी तरह मेरी ऊँगली और जीभ जो जेन की योनि को छेड़ रही थी के दोहरे मिले जुले आक्रमण से जेन उसी तरह से कांपती हुई झड़ गयी। मेरे मुँह के ऊपर तड़पते और फटफटाते हुए उसने मेरा मुँह पर एक मोटी मलाईदार उत्सर्जन किया जिसे मैं मजे से चाट गया।





[Image: 3s2.jpg]



अलका जेन और मैं तीनो एक साथ इस पल में एक संयुक्त रूप से झड़े जिसने हम तीनो को प्यार की एक अस्थिर सुस्ती में छोड़ दिया और दोनों बहनें मेरे शरीर के ऊपर आननद के अतिरेक में लगभग बेहोश हो गईं।

जब हम थोड़ा ठीक हो गए, तो मैं दोनों बहनों के बीच बैठ गया।

आगे क्या हुआ ये अगले भाग में पढ़िए।

ये कहानी जारी रहेगीl

आपका दीपकl
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12-18-2022, 12:29 AM,
#33
RE: Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
मेरे अंतरंग हमसफ़र


तृतीय अध्याय

खूबसूरत युवा सहेलिया

भाग -10

प्यार का  सबक


जेन, अलका  और मैं तीनो एक साथ इस पल में एक संयुक्त रूप से झड़े जिसने हम तीनो को प्यार की एक अस्थिर सुस्ती में छोड़ दिया और दोनों बहनें मेरे शरीर के ऊपर आननद के अतिरेक में लगभग बेहोश हो गईं।

उस गर्म-गर्म थ्रीसम देखने के बाद मैं जब हम थोड़ा ठीक हो गए, तो मैं उन दोनों हसीन मौसेरी बहनों के बीच बैठ गया एक मेरी दायी और थी और एक मेरी बायीं और थी। मैंने उनकी बाजुओं को थोड़ा सहलाया।

फिर रुखसाना उठ कर मेरे पास आयी, अपनी एक बाजू मेरे गले में डालती हुई उसने मुझे चूमा और मेरे कान में फुसफुसाई "प्यारे दीपक, ये सब बहुत सुन्दर और उत्तेजक था। क्या यही वह प्यार का आनंद है जो आपके जेन और अलका के साथ कर रहे थे? क्या मैंने सही अंदाजा लगाया है कि बॉब इसी के लिए मुझ से अनुरोध कर रहा था। आपके इस प्रेमालाप को देख कर मैं भी उत्साहित हूँ और आपके साथ सम्भोग के लिए तैयार हूँl"


[Image: 3s0.gif]
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"क्या आप अनुमान नहीं लगा सकते, प्रिय?" मैंने जवाब दिया, उसका हाथ ले कर अपने अभी भी मस्त लंड पर रख दिया। "यह वही है जिसके साथ जेन खेल रही थी।"

"पर कैसे?" रुखसाना एक मासूम बच्ची की तरह फुसफुसायी। "मैं इस दौरान ज़्यादा कुछ नहीं देख पायी क्योंकि ये सब देख कर हुमा बहुत उत्तेजित हो गयी थी और इस पूरे दौरान वह मुझे चूमती और मेरी जीभ को चूसती रही जिसके कारण आनंद के मारे मेरी आँखे बंद हो जाती थी।"

"आपने देखा कैसे मेरी प्यारी फूफेरी बहन, आपकी मित्र जेन, मेरी सवारी कर रही थी, उसने मेरा हथियार अपनी योनि में ले लिया था और बड़े मजे से तब तक ऊपर नीचे होती रही, जब तक की हम दोनों अपने उत्कर्ष पर पहुँच कर आनंद के मारे लगभग एक साथ बेहोश नहीं हो गए।" मैंने उसे जवाब दिया।

अब आपको प्यार का असली सबक बॉब देगा और हुमा को टॉम से मिलेगा। उसके बाद आप मुझसे अगला सबक ले सकती हैं और इसमें किसी को कोई ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए, क्यों जेन आपको इसमें कोई ऐतराज तो नहीं, आप मेरी सबसे प्यारी प्रेमिका रहोगी? "

जेन। -"नहीं, नहीं, हम सभी को ईर्ष्या के बिना प्यार के सभी खेलों का आनंद लेने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए और मजे खुल कर लेने चाहिए बिना किसी पूर्वाग्रह और सब बंधन तोड़ कर अपने प्रेमी की ख़ुशी को अपनी ख़ुशी मानना चाहिए।" हमें अब जल्दी आपके वाले कक्ष में जाकर रुखसाना को त्यार करना होगा क्योंकि पहली चुदाई हमेशा ख़ास और यादगार होनी चाहिए, ताकि इसे बार-बार आनंद लेने को मन करे। "

मुझे जेन की यह बात बहुत अच्छी लगी की प्यार को बिना किसी पूर्वाग्रह के और सब बंधनो को तोड़ कर अपने प्रेमी के प्रति पूर्ण समर्पण करना चाहिए। अपने प्रेमी की ख़ुशी को ही सर्वोपरि मानना चाहिए, क्योंकि प्रेम है देने के लिए, लेने के लिए नहीं। तो इस बात के लिए मैंने उसका मुख चूमा और बोला वाह जेन तुमने क्या खूबसूरत बात की है। तुमने तो प्रेम की पूर्ण ज्ञान को खोल कर रख दिया है। इसीलिए तुम सदा मेरी सबसे प्रिय प्रेयसी रहोगी।

तो रुखसाना बोली लेकिन मैं तो आपसे प्रेमालाप करने को सज्ज हूँ। आप मेरे साथ कब करेंगे? तो मैंने कहा यदि आप मेरे साथ करने के लिए बेहद उत्सुक हैं, तो आज ही कर लेते हैं। आप अपना पहला सम्भोग बॉब के साथ करिये क्योंकि वह आपके साथ के लिए मरा जा रहा है। मैंने रोज़ी को मैसेज कर दिया है वह आपको त्यार कर देगी और हुमा को भी ज़रूरी चीज़े दे देगी और अलका भी हुमा को त्यार कर देगी।


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तो मैंने कहा उसके बाद आप दरवाज़ा लॉक मत करियेगा। मैं वही आ जाऊँगा और फिर प्यार का अगला सबक पढ़ लेंगे। तो हुमा बोली वह भी मुझ से आज ही करना चाहती है तो मैंने कहा दोनों के साथ एक बार में तो नहीं कर सकता इसलिए थोड़ा-सा समय का अंतर रख कर किया जा सकता है। फिर मेरे भवन में भी किया जा सकता है वहाँ अलग-अलग कमरे में आप चली जाए इससे रोज़ी को भी आपको त्यार करने में सुविधा रहेगी। मैंने दोनों का मुख चूमा और उनको कहा अपने प्रेमी को मैसेज करके समय और जगह बता दो और फिर मैंने रूबी को फ़ोन करके बताया की आज शाम की चाय पर लड़के और लड़कियों में से कोई नहीं आएगा। उसने बताया दोनों बुआ और फूफा जी ने भी शाम की चाय पर आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है।

इस तरह दोनों बहने मेरे कक्ष की और जेन और अलका के साथ चली गयी।

इस के बाद प्रीती बोली आप ने इन दोनों को कौमार्य और पहले मिलान पर होने वाले दर्द के बारे में नहीं बताया ऐसा क्यों। तो मैंने कहा ये दोनों बहने रुखसाना और हुमा मुझे कुछ ज़्यादा ही घबराई हुई लग रही थी। दर्द और खून की बात बताता तो शायद डर के मारे मना कर देती इसलिए मैंने जान भूझ कर इन्हे इस बारे में नहीं बताया और जैसी हालत बॉब की हो गयी थी तो मुझे लग रहा था आज बॉब का रुखसाना के साथ पहला मिलन बहुत ज़रूरी था और मुझे अपने फूफेरे भाई की बहुत चिंता हो रही थी। बाक़ी मुझे पूरा विश्वास था कि बॉब और टॉम दोनों अनुभवी थे और आगे अपने आप संभाल लेंगे।

रुखसाना और हुमा प्यार की कला के बारे में अधिक स्पष्टीकरण के लिए उत्सुक थी, लेकिन मैंने समय का आभाव देखते हुए इसे दूबरा फिर किसी अन्य समय तक के लिए स्थगित कर दिया था और सभी अब शांत स्थिति में था। इस बीच जब तक रुखसाना त्यार हो रही थी तब तक घर के कुछ ज़रूरी काम जो बाक़ी थे मैं उन्हें निपटाने में लग गया।

सब काम निपटाने के बाद जब मैंने देखा की बॉब और रुखसाना के पहले मिलन का नियत समय होने वाला है तो मैं अपने कमरे की तरफ़ चल दिया। बॉब मुझे बाहर ही मिल गया। उसने मेरा हाथ पकड़ा और थैंक यु थैंक यू वैरी मच कहते हुए मेर गले लग गया। बोला भाई तुमने मुझ पर बहुत बड़ा एहसान किया है रुखसाना को मेरे साथ सम्भोग करने के लिए राजी करके। फिर बोला मुझे मेरी बहन जेन ने बताया है तुम्हारे समझने पर ही वह मेरे पास आने को राजी हुई है।

मैंने कहा भाई एक तो वह बड़ी मुश्किल से सिर्फ़ अकेले में मिलने को राजी हुई है।अब तुम्हारे ऊपर है तुम इस मुलाकात को कहाँ तक ले जा पाते हो। दूसरा शुक्रगुजार तो मैं हूँ तुम्हारा। तुम्हारे ही कारण मेरा प्यार की मजो से परिचय हुआ। फिर तुम्हारे की कारण मैं रोज़ी से मिला और मुझे कुंवारी रोज़ी को चोदने का मौका मिला। जिन मजो से मैं महरूम था वह मजे मुझे तुम्हारे ही कारण मिले हैं। मैं इसके लिए तुम्हारा ता-जिंदगी एहसानमंद रहूंगा। मैंने फिर कहा मुझे भी ख़ुशी है मैं तुम्हारे भी कुछ काम आ सका। कभी भी कुछ भी काम हो तो बेझिझक बोल देना। करने की पूरी कोशिश करूंगा। -मैं आगे बोला भाई हम भाई दोस्त राजदार सब हैं तुम्हारे लिए कुछ भी।

मैंने देखा उसका हाथ और बदन अभी भी तप रहे थे। मैंने कहा भाई तुम्हे तो लगता है बुखार आ गया है। इसलिए आज आराम कर लोl रुखसाना कही भागी नहीं जा रही है। दवा ले लो ठीक हो जाये फिर कर लेना।


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मेरी बिमारी की दवा मेरा इंतज़ार कर रही है मुझ से तो अब रुका नहीं जा रहा है। बॉब लंड पर हाथ फेरते हुए बोला "भाई रुखसाना के बारे में सोच-सोच कर दो-तीन बार हाथ मैथुन कर चूका हूँ पर ये टिक ही नहीं रहा है"।

अब जब तक मैं रुखसाना को चोद नहीं लेता मुझे चैन और आराम नहीं मिलेगा और अंदर जाने लगा तो मैंने कहा भाई अपना ध्यान रखना और आराम से मस्त होकर मजे करो। अब डिनर तक तुम्हे कोई नहीं तंग करने आएगा और हाँ तुमने मुझ से जो वादा किया था वह याद है न। तो बॉब बोला बिलकुल याद है दरवाज़ा खुला रहेगा तुम चुपके से आ जाना।

उसके बाद मैं वही रुक कर दरवाजे जो हमारी पहले की योजना के अनुसार हल्का खुला हुआ था उसमे से अंदर जा कर छुप गया और वहीँ निर्वस्त्र हो सारा नज़ारा देखने लगा।

अंदर बिस्तर पर रुखसाना लाल रंग के शादी के कपड़ो गहनों और फूलो में सजी हुई बैठी थी। अंदर जा कर बॉब ने उसका हाथ चूमा और फिर उसे पकड़ कर खड़ा कर दिया और उसके चारो और घूम कर उसको देखा और ख़ुद को चुटकी काट कर बोला। आउच, अब ये सच है कोई सपना नहीं फिर रुख़्साना का हाथ पकड़ कर बोला जानेमन रुखसाना, आप सच में बहुत खूबसूरत हो आपने मेरा चैन अमन सब लूट लिया है। । आज सुबह जब से आपको पहले बार देखा है तब से मुझे चारो तरफ़ बस आप ही दिख रही हैंl मैं अब आप के बिना नहीं रह पाया। मेरी इल्तेजा मानने के लिए आपका बहुत शुक्रिया।

रुकसाना बला की खूबसूरत थी, हाईट 5 फुट 9 इंच, गोरी, भूरे बाल, भरा हुआ नरम मांसल बदन और फिगर मस्त 36 24 36 है। उसकी कमर बेहद पतली और नाज़ुक है उसके गुलाब की पंखुड़ी जैसी होंठ नाज़ुक होंठ हैं। कुल मिला कर सुन्दर शानदार मस्त माल। जो किसी को भी दीवाना बना दे जैसा की बॉब हो गया था।

बॉब ने रुखसाना की तारीफ करि आप बहुत सुन्दर हो! मैं आपका दीवाना हो गया हूँ। आप के बिना अब नहीं रह सकता हूँ और उसे अपने गले से लगा लिया और उसके साथ ऐसे गले लगा जैसे कोई जन्मो के बिछड़े प्रेमी मिले हो।


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फिर उसके बदन पर हाथ फिरा कर बोला मुझे आपको बिना कपड़ो के देखना है। पहले तो रुखसाना ने आपत्ति की। फिर जब बॉब ने बार-बार बिनती की और अपने शरीर पर उसके हाथ रख कर बोला देखि मेरा क्या हाल है, अगर आप नहीं मानोगी तो मैं ऐसे ही तड़प-तड़प कर मर जाऊँगा। मुझ पर कुछ रहम करो और फिर बोली अच्छा आप दरवाज़ा लॉक नहीं करेंगे और कपड़ो के बिना चुम्बन से आगे नहीं बढ़ेंगे। ये वादा जब बॉब ने कर दिया तो रुखसाना ने अंत में अपनी सहमति दे दी।

आगे क्या हुआ ये अगले भाग में पढ़िए।

ये कहानी जारी रहेगी।

आपका दीपक।
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12-25-2022, 01:40 PM,
#34
RE: Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
मेरे अंतरंग हमसफ़र


तृतीय अध्याय

खूबसूरत युवा सहेलिया

भाग -11

कजिन के सहेली के साथ मेरे फूफेरे भाई की आशिक़ी.



फिर बॉब बार-बार मिन्नत कर और अपनी हालत का वास्ता दे कर रुखसाना को नग्न होकर चुम्बन करने के लिए मना लिया और ये वादा किया वह इससे आगे नहीं बढ़ेंगे।

तो बॉब ने जब रुखसाना मान गयी तो खुश हो कर एक शेर चिपकाया।

कब तक दिल के आईने में मेरा अक्स छुपाओगे,
कब तक रहोगे ख़फ़ा कभी तो मान जाओगे।

मोहब्बत में मेरी इतनी तासीर है,
यूं हमसे कब तक दूर रह पाओगे।

उसके बाद बॉब बोला रुखसाना मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ।


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और उसे किश करने के लिए आगे हुआ तो रुख़्साना पीछे होने लगी बोली इसकी तो कोई बात नहीं हुई थी।

बॉब बोला जब मैंने आपको भागते हुए पकड़ लिया था, तो मैंने आपसे इनाम लेना था, जिसे मैंने बाद में मांग लूँगा ये कहा थाl अब वही नग्न होकर चुम्बन आप से मांग रहा हूँ, और चाहता हूँ आप भी इस पल का सब पूर्वाग्रह छोड़ कर पूरा मजा लीजियेl तो रुखसाना ने उसे धीरे से चुम्बन कर दियाl

तो बॉब बोला जिसके लिए बात हुई है बस वही कर रहा हूँ। आप बस मजे लीजिये।

उसने फिर किसी शायर का शेर चिपकाया।

कोई पल हो तेरे साथ का मेरी उम्र भर को समेट ले,
मैं फ़ना बकाक सारे सफ़र उसी एक पल में गुज़ार दूँ।

हालाँकि लंबे समय तक रुकने के कारण वह बहुत अधीर था। उसने सोचा अब फटाफट रुखसाना को निर्वस्त्र कर चुम्बन करना शुरू कर दे। उसने अपनी अधीरता में उसकी छतियो पर दोनों हाथो से हमला किया और उसके दोनों स्तन पकड़ कर ज़ोर से दबा दिए, तो रुखसाना बोली अरे धीरे करो इतनी ज़ोर से मत करो दर्द होता है।

फिर बॉब ने उससे माफ़ी मांगी और बोला क्या करून आपको देख कर मुझसे काबू ही नहीं हो रहा। उसने ख़ुद को नियंत्रित करते हुए फ़ैसला किया, की जल्दबाज़ी का कोई फायदा नहीं होगा। अगर ये बिदक गयी तो उसका बनता हुआ काम बिगड़ सकता है। उसने निश्चय किया की थोड़ा आराम से करना होगा और रुख़्साना को साथ-साथ गर्म करना होगा ताकि वह उसके बाद ख़ुद का न रोक पाए और पूरा आत्म समर्पण कर दे और भरपूर प्यार करे।

फिर बॉब बोला रुखसाना अब आराम से करते हैं और रुखसाना की सुन्दर शरीर पर हाथ फेरा।

मैंने भी ग़ौर किया रुखसाना को पतली आदर्श कमर है, उसका शरीर भरा हुआ है और रसीला है। उसके लम्बे भूरे बाल, बड़ी-बड़ी काली आँखें, सुंदर नाक, रस भरे लाल-लाल होंठ हैं। उसकी सांस की गंध सुखद थी। उसके स्तन भरे हुए और दृढ़ हैं। उसकी बदन से बड़ी मनमोहिनी महक आ रही थी। उसके कूल्हे बड़े हैं। उसके हाथ और पैर दोनों सुन्दर है।


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मैं कमरे में छुपा हुआ सब देख रहा था और उत्सुकता से उनका हर शब्द सुन रहा था।

रुकसाना ने लाल लेहंगा चोली चुनरी और ढेर सारे गहणे पहने हुए थे। साथ में गजरा और फूलों से शृंगार किये हुए थी। मेरा तो लंड उसे देख कर बेकाबू हो गया और मेरी भी हालत काम रोग से ग्रस्त हो गयी। रुकसाना बिस्तर के पास शर्मायी हुई अपने पैरो की तरफ़ देख रही थी। उसने हल्का-सा घूंघट किया हुआ था। । वह थोड़ी-सी घबराई हुई थी। उधर बॉब का हाल मुझ से भी खराब था उसका लंड फटने को हो रहा था। उसे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था की रुख़्साना उसके साथ अकेली प्यार करने के लिए त्यार हो कर आ गयी थी। उसने थोड़ा-सा आगे होकर और उसका हाथ अपने हाथ में ले लिया और उसको बेड पर ले गया।

" मेरी जानेमन आप सचमुच बहुत सुन्दर हो। बॉब के हाथ के छूते ही वह बोली अरे आप तो तप रहे हो। तो बॉब ने कहा मेरी बिमारी अब ठीक हो जायेगी और रुकसाना थोड़ा सहज हो गयी थी।

बॉब ने रुकसाना की तारीफ करते हुए कहा ' रुकसाना! आप बहुत सुन्दर हो आप मेरे सपनो की रानी हो जब से आप को देखा है तब से आप से बहुत प्यार करता हूँ और आप को पाना चाहता था। " वह और भी शर्माने लगी और बहुत कहने पर मीठी आवाज़ में बोली मैं भी आप को पसंद करती हूँ।
फिर धीरे से उसका घूंघट उठा दिया दूध जैसी गोरी चिट्टी लाल गुलाबी होंठ नाज़ुक होटों के नीचे काला तिल! नाक पर बड़ी नथ, मांग में टिका बालो में गजरा उसका चेहरा नीचे को झुका हुआ था।

इतनी सुन्दर रुखसाना को दुल्हन के रूप में देख बॉब के मुँह से निकला वाह! तुम तो क़यामत हो मेरी जान और बॉब का कठोर अधीर लंड फुफकारने लगा। बॉब ने धीरे से उसके चेहरे को ऊपर किया रुकसाना की आँखे बंद थी। बॉब बोला मेरी जान अपनी आँखे खोलो और अपने दीवाने को देखो उसने आँखे खोली और हलकी से मुस्करायी बॉब ने उसका ओंठो पर एक नरम-सा चुम्बन ले लिया। वह शर्मा कर सिमट कर बॉब से लिपट गयी। बॉब ने रुकसाना को अपने गले लगाया और पीठ पर हाथ फिरा कर महसूस किया उसने बैकलेस चोली पहनी हुई थी। जो सिर्फ़ दो डोरियों से बंधी हुई थी और ब्रा नहीं पहनी हुई थीl फिर बॉब के हाथ फिसल कर रुखसाना की कमर तक पहुँच आअह्ह्ह उसकी सिसकी निकल गयी।

बॉब हल्की-सी आवाज़ में बोला 'आई लव यू' आपको मालूम नहीं है मेरी क्या हालत है। मेरे मन आपको देखते हे बेकाबू हो जाता है। तुम तो मेरे दिल की मल्लिक्का हो। बॉब बोला "आपके गुलाबी नरम होठों का रस चूसना शुरू करे तो रूकने का नाम ही न ले। मैंने आज तक तुम जैसी सुन्दर लड़की नहीं देखी!"

फिर बॉब होंठो को चूमने लगा और वह भी साथ देने लगी फिर बॉब ने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी और वह मेरी जीभ को चूसने लगी और फिर बेकरारी से लिप्प किस करने लगे। उसी बीच बॉब के हाथ उसकी चोली पर से होते हुए उसके स्तनों पर पहुँच गया। बॉब का हाथ चोली के ऊपर से स्तनों को दबा रहा था। रुखसाना की आँखें बंद थी और पूरा मज़ा ले रही थी।

अब बॉब ने उसके कपडे उतारने शुरू किये धीरे से उसकी चुनरी हटाई। । वाह क्या रूप था। गोरी चिट्टी कमसिन तीखी नैन नक्श। प्यारा-सा चेहरा। । लंड तो फुफकारने लगा। फिर बॉब ने उसके ओंठो को चूमता रहा। बॉब के हाथ उसके स्तनों पर जा चुके थे। बॉब ने उसके गोल-गोल सुडोल और सुदृढ़ स्तनों को पहले सहलाया फिर चोली के ऊपर से ही दबाया। बॉब के हाथो ने उसके कड़क निप्पल की मसला और फिर खींचा तो वह कराह उठी। इसस! बॉब ने चोली के ऊपर से ही उसके बूब्स को चूमा और निप्पल्स को चूसा और उसकी चोली के ऊपर की डोरी खोल दी और उसके कंधो और बाँहों पर किस करने लगा। उसके बाद नीचे की भी डोरी खिंच कर चोली की अलग कर दिया। वह बॉब से लिपट गयी, बॉब ने छातियों को हाथो से पकड़ लिया और ज़ोर से दबाने लगा। दोनों बूब्स एक दम लाल हो गए। फिर बॉब ने उसके निप्पल्स को पकड़ लिया और मसलने लगा तो रुखसाना के चुचुक (निप्पल) उत्तेजना से खड़े हो चुके थे। बॉब ने स्तनों को अपनी हथेलियों में भरा और उन्हें किस करने लगा। बॉब ने स्तनों को सहलाना शुरू कर दिया। दोनों की साँसे तेज-तेज चलने लगी।

बॉब ने अपना कुत्ता उतार दिया और रुकसाना को अपनी छाती से लगा लिया और अपनी बाँहों में जकड लिया। उसके नरम मुलायम बूब्स का बॉब की छाती से दबने लगे। बॉब ने रुकसाना का मुँह चूमा और लिप किस करि। । बॉब ने एक निप्पल अपने मुह में रखा और उसे चूसने लगा। फिर दुसरे निप्पल को किस किया और उसे भी चूसना शुरू कर दिया। उसने चूचियों को दांतो से कुत्र तो रुखसाना कराह उठी।

आह यह आह! उसके बूब्स अब लाल हो चुके थे।

बॉब ने बार-बार बाएँ और दायें निप्पल को चूसना जारी रखा जब तक की रुखसाना के पूरे शरीर में एक आग-सी न लग गयी।

फिर बॉब के हाथ स्तनों पर से लहंगे पर पहुँच गए। बॉब ने लहंगे का नाडा खोल दिया और की उँगलियों का उसकी पैंटी पर स्पर्श हुआ और बॉब के बदन में सिरहन दौड़ गयी। बॉब रुखसाना की चूत पर हाथ फेरने लगा। उसे करंट-सा लगा और रुखसाना ने बॉब की कस कर पकड़ लिया और उससे लिपट गयी। उसका गोरा बदन सुर्ख लाल हो गया था। और फिर बॉब ने पैंटी पर भी किस किया। उसके हिप्स को पकडा और चेहरे को पैंटी से सटा डाला और उसे चूमने लगा। बॉब ने धीरे से अपनी उंगलियाँ पैंटी के इलास्टिक में डाली और धीरे-धीरे उसे नीचे करना शुरू कर दिया और पैंटी उतर फेंकी। उसकी चुत पर कोई बाल नहीं था अच्छी तरह से उसने अपने चूत साफ़ करि थी। रुकसाना ने अपनी चूत से बाल साफ़ किये हुए थे वह थोड़े गुलाबी रंग की थी और गीलेपन की कुछ बूंदे साफ़ दिख रही थी रुकसाना की कमसिन कमर बल खा रही थी। इस समय रुखसाना अपने कुदरती नग्नता में थी बिना किसी कपड़ो के बंधन के बिना। वाह क्या नज़ारा था बॉब और मेरी हालात भी ख़राब हो गई थी।


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अब वह बिलकुल नंगी थी सिर्फ़ उनके नाक में नथ थी, बालो में गजरा कमर में कमरघनी हाथो में चुडिया और पांव में पायल। उनका एक-एक अंग बहुत सुन्दर है। फिर बॉब ने अपना पायजामे का नाडा खोला और पायजामा और अंडरवियर निकाल दिया।

रुखसाना ने बॉब का कठोर लिंग पकडा और उसे सहलाने लगी। फिर अपनी उँगलियों में लपेट लिया। बॉब ने उसे लंड को प्यार करने को कहा पहले तो वह घबराई फिर कहने पर लंड पर एक मीठी किस करि। बॉब के हिप्स भी हरकत करने लगे थे।

फिर बॉब ने रुखसाना को खड़ा किया और उससे चिपट गया उसका लंड उसकी चूत के द्वार पर दस्तक देने लगा। उसके छाती बॉब की छाती से दबने लगी और बॉब उसे लिप किस करने लगा।

बॉब ने अपना लिंग अपने हाथ में पकड़ लिया और उसकी एक टांग को अपनी जांघों के ऊपर से खींचते हुए, उसके उत्सुक लंड के सिर को उसके पैरों के बीच के निशान पर रखने की कोशिश कर रहा था।

"आह! नहीं! नहीं! कभी नहीं! आपने वादा किया था ऐसा कुछ नहीं करोगे!" वह चिल्लाई और उसके मज़बूत आलिंगन से ख़ुद को अलग करने के लिए संघर्ष करने लगी। "नहीं! नहीं! ओह! नहीं! मैं नहीं करूंगी, प्लीज छोडो मुझे! प्लीज रुक जाइये!"

मेरा नग्न लंड आपकी नग्न योनि को चूमना और मिलना चाहता है तो आप उसे क्यों रोक रही हैl

"रुक जाऊँ! कैसे रुक जाऊँ!" वह हसते हुए बोला। "जब आपने मुझे लुभा कर मेरी ऐसे हालात कर दी है कि मैं कामाग्नि में तप रहा हूँ, तो मैं अब कैसे रुक सकता हूँ? रुखसाना? आपने मुझे जो अज़ादिया लेने की अनुमति दी है उन स्वतंत्रताओं ने मुझे पागल कर दिया है। अब प्रतिरोध बेकार है। अब रुका तो मर ही जाऊंगा।"

रुखसाना बोली रुकिए! बस करिये! इसकी कोई बात नहीं हुई थी। आपने कहा था सिर्फ़ नग्न चुम्बन करेंगे। तो बॉब बोला नग्न चुम्बन करेंगे कितनी देर करेंगे ये कोई बात नहीं हुई थी। अब नग्न चुम्बन ही तो कर रह हूँ अब बस मजे लीजिये और फिर उसे लिप किश करने लगा।

आगे क्या हुआ, ये अगले भाग में पढ़िए।

ये कहानी जारी रहेगी l

आपका दीपक l
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12-25-2022, 02:10 PM,
#35
RE: Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
मेरे अंतरंग हमसफ़र

तृतीय अध्याय

खूबसूरत युवा सहेलिया

भाग -12

भँवरे ने खिलाया फूल 



मैं नंगा तो था ही और उन दोनों को चुंबन करते देख मेरा लंड सहला रहा था और सार्क सरक कर उनके बिस्तर के बिलकुल पास पहुँच गया ताकि उनकी बाते नजदीक से सुन सकू और चुदाई देख सकूँ 


फिर बॉब ने रुखसाना पहले गर्म किया फिर उसे नग्न करके दीवानो की तरह उसे चूमने लगा और चुत पर लंड लगा कर छोड़ने की तयारी करने लगा। तो रुखसाना उसको रोकने लगी। रुखसाना बोली रुकिए! प्लीज रुकिए!

तो बॉब बोला। आप बहुत खूबसूरत हो रुखसाना।

तेरे हुस्न को परदे की ज़रूरत नहीं ग़ालिब
कोण रहता है होश में तुझे देखने के बाद ।।

और फिर किसी शायर के शेर सुनाने लगा।

दिल की नहीं जान की ज़रूरत हो तुम
ज़मीं की नहीं आसमान की इनायत हो तुम।

और अब हम क्या आपकी तारीफ करे
हुस्न की नहीं क़यामत की मूरत हो तुम।


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अब अपनी तारीफ किस हुस्न वाली को अच्छी नहीं लगती और रुख़्साना तो हुस्न की मल्लिका ठहरी। वह कुछ क्षणों तो अवाक हो अपनी तारीफ सुनती रही फिर शर्माते हुए बोली आप झूठ बोल रहे हो, हम इतने सुन्दर थोड़े ही हैं। तो बॉब समझ गया मल्लिका कुछ और तारीफ चाहती है।

बॉब सुनाने लगा;

हसी फूलो को आती है जब आप मुस्कुराते हो।
हमारी दुनिया बदल जाती है जब आप मुस्कुराते हो।

आप के मुस्कराहट के आगे भला चाँद की रौनक क्या है
क्युकी हुज़ूर चाँद ख़ुद शर्माता है!

नज़र इस हुस्न पर ठहरे तो आख़िर किस तरह ठहरे
कभी जो फूल बन जाये कभी रुखसार हो जाये।

इस हसीन चेहरे की क्या बात है हर दिल अज़ीज़,
कुछ ऐसी इसमें बात है-है कुछ ऐसी कशिश ,
इस चेहरे में के एक झलक के लिए सारी दुनिया बर्बाद है।

रुखसाना बोली आप तो दीवाने हो गए हो। तो बॉब उसे फिर चूमने लग गया और रुखसाना छूटने के लिए चुप चाप संघर्ष करती रही। और छूटने का असफल प्रयास करती रही। लेकिन उसकी ताकत बॉब से काफ़ी कम थी। तो फिर वह बोली अगर आप नहीं रुकेंगे तो मैं कभी फिर आपके पास नहीं आऊँगी और शोर मचाऊँगी जिसे सुन कर साथ वाले कमरे से हुमा और अलका आ जाएँगी। फिर आप मेरे साथ कभी कुछ नहीं कर पाओगे। ये सुन कर बॉब रुक गया और सोचा अभी इसे और गर्म करने की ज़रूरत है। इसे तब तक गर्म करने पड़ेगा जब तक ये ख़ुद न बोले मुझे चोदो पर बॉब के लंड की हालत बहुत खराब थी। अब फटा, तो अब फटा।

सच में रुखसाना बहुत सुन्दर थी। उसको पूर्ण नग्न देख मेरा भी लंड फुफकारने मारने लगा था। मेरा तो मन कर रहा था मैं भी इस खेल में शामिल हो जाऊँ। पर फिर मैंने ख़ुद को थोड़ा संयत करते हुए थोड़ा इंतज़ार करने का फ़ैसला किया।

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"बॉब ने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसे चिपक कर किस करने लगा और उनके नग्न शरीर एक दुसरे के नग्न जिस्म के स्पर्श का आनंद महसूस करते हुए एक-दूसरे को चुंबन करना शुरू कर दिया और रुखसाना भी अब बॉब का साथ दे रही थी।"

फिर बॉब नीचे झुका और स्तनों की किस करते हुआ चूसा और बोला ये तो ठीक है। तो रुखसाना कुछ नहीं बोली बस आह उह करती रही। रुखसाना ने शर्म से आँखे झुका दी और फिर उठाई तो बॉब बोला।

सादगी तो देखो उन नज़रों की
हमसे बचने की कोशिश में बार-बार हमें ही देखती है।

बॉब ने चुत को चूमा और उसकी चूत को चाटने लगा। रुखसाना बोली आह ये! बहुत अच्छा लग रहा है। ।फिर उसकी चूत के दाने पर अपना मुँह रखते ही वह ज़ोर से चिल्ला उठी आआहह, ओमम्म्मममम, चाटो ना ज़ोर से, सस्स्सस्स हहा और मचलने लगी और अपनी गांड को इधर उधर घुमाने लगी। अब वह सिसकारियाँ मारने लग गई थी। अब वह अहाह, आहहह, आहहह कर रही थी।

अब उसके ऐसा करने से मेरे लंड में भी सनसनी होने लगी थी। लंड पूरा कठोर और तन कर त्यार था।

बॉब के लंड का तो इससे भी बुरा हाल था क्योंकि बार-बार बॉब अपने हाथ से लंड को बीच-बीच में सहला कर जैसे सांत्वना दे रहा हो बस कुछ देर और। बस कुछ देर और उसका लंड फटने की कगार पर था।


[Image: muslima2.webp]

बॉब ने उसकी चूत में अपनी एक उंगली की पंखुरियों को अलग करने की कोशिश की पर वह बहुत टाइट थी। बॉब ने दो उंगलियों की मदद से चूत की पंखुड़ियों को अलग किया और धीरे-धीरे चुत में ऊँगली घुसानी शुरू की और आगे पीछे की, तो वह ज़ोर से चिल्लाई आहह अब लंड डाल दो, अब और इंतज़ार नहीं होता। प्लीज जल्दी करो ना, प्लीज आहहह। रुखसाना की आँखे बंद थी।

अब बॉब के लिए रुकना नामुनकिन था। बॉब ने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और चूत खोलने की कोशिश की लेकिन वह बहुत टाइट थी। बॉब ने अपने उँगलियों से चूत को खोला और लंड का गुलाबी सूपड़ा बिच में रख दिया। और बोलै तो ये लो। फिर बॉब ने एक कस कर ज़ोर लगाया पर लंड चिकनाई के कारण फिसल गया और उसने ऐसे ही एक दो बार और कोशिश की लंड अंदर तो नहीं गया पर उसकी उत्तेजना इतनी बढ़ गयी थी की उसका लंड बॉब के हाथ पर पिचकारियाँ मारता हुआ झड़ गया और बॉब निढाल होकर एक तरफ़ गिर गया और लगभग आधा बेहोश हो गया।

उधर रुखसाना चिल्लाने लगी, अरे कहा गए? अब रुक क्यों गए? चोदो मुझे प्लीज! कुछ करो? उसके आँखे बंद ही थी मुझे कुछ समझ नहीं आया। ये क्या? मैं धीरे से सरकता हुआ बॉब के पास पहुँचा उसे हाथ लगाया तो वह बुखार से तप रहा था और आराम न करने से और थकान के कारण हुए बुखार से बेहोश हो गया था। वह अत्यधिक अधीरता और उत्तेजना अधिक होने के कारण प्रवेश से पहले ही झड़ चूका था। बॉब का लंड झड़ने के बाद सुकुड़ चूका था और अब योनि में प्रवेश के लिए अक्षम था।

उधर गर्म हो चुकी रुखसाना लंड के लिए तड़प रहे थी।  मैं  भँवरे की तरह बॉब और रुकसाना के  बीच था   ,  उसकी आँखे बंद ही थी उसने तड़पते हुए अपना हाथ हिलाया तो उसके हाथ में मेरा लंड आ गया। तो वह बोली प्लीज जानू मुझे माफ़ कर दो। मैंने तुम्हे रोका था अब रुको मत। मुझे यू मझधार में छोड़ कर मत जाओ और अब जो तुमने शुरू किया है उसे पूरा करो और लंड को खींच कर अपनी चूत के पास ले गयी। और लंड के साथ मैं भी खिंचा हुआ उसके ऊपर आ गया।

मैं भी उत्तेजित तो था ही उसने जब पकड़ा तो लंड ने तुनक कर एक सलाम दे मारा और लंड चूत से जा टकराया और मैंने अपना मुँह उसके ओंठो से लगाया और उसे किश करने लगा। फिर उसने ख़ुद अपनी उंगलियों से चूत को खोला और लंड को छेद के ऊपर लगाया और अपने चूतड़ ऊपर उठा दिए। उधर उसने दुसरे हाथ से मेरे कूल्हे को नीचे दबाया। नतीजा ये हुआ लंड आधा अंदर जा कर उसकी चूत की झिल्ली से टकराया। वह ज़ोर से चिल्लाई जो मेरे मुँह में दब कर रह गयी और मैंने उसकी जीभ की अपने ओंठो में दबाया अपने ओंठ से उसके ओंठो से लगाए और हाथो से उसके स्तनों को पकड़ा और एक और ज़ोर दार शॉट लगा दिया। मेरा लंड झिली को चीरता हुआ जड़ तक पूरा का पूरा अंदर चला गया।

इस प्रहार और दर्द के कारण से रुखसाना लगभग बेहोश-सी हो गयी। उसकी चीख भी उसके गले में ही दब के रह गयी क्योंकि उसके मुँह को मेरे मुँह ने बंद कर रहा था,। मैं उसके ऊपर हे लेट गया और किस करता रहा लंड के लिए चूत की मांसपेशिया एडजस्ट होने लगी। कुछ देर मैंने उसे चूमा और सहलाया तो उसने अपनी आँखे खोली तो मैंने उसकी आश्चर्य में निकली किसी असुविधाजनक चीख को रोकने के लिए, उसके मुँह पर अपना हाथ रखा,। इस बीच उसकी चूत संकुचन करने लगी और चूत के मांपेशियों ने लंड के कस कर जकड़ लिया।

जब मुझे लगा वह शांत हो गयी है तो मैं फुसफुसाया "प्लीज आवाज़ मत करना।" मैंने उसे संक्षेप में पूरी बात बताई की कैसे मैं अंदर आया और कैसे बॉब बुखार में बेहोश हो गया और कैसे मैंने उसकी योनि में प्रवेश कर उसका कौमार्य भंग कर दिया।

पूरी बात सुन कर वह मुझे पागलो की तरह चूमने लगी और फुसफुसाई " ये तो वही हुआ जो मैं चाहती थी। मैं भी यही चाहती थी के मेरा कौमर्य तुम ही भंग करो और जब बॉब अंदर लंड घुसा रहा था तो मैं आँखे बंद करके यही कल्पना कर रही थी के तुम ही मुझे चोद रहे हो और मैं इस सपने से बाहर नहीं आना चाहती थी इसीलिए, आँखे बंद रखी हुई थी मैंने और जब आँखे खुली तोआप ही मेरे सामने थे और ऐसे हालात बन गए जिससे तुमने ही मेरी पहली चुदाई कर दी। ओह अल्लाह ने मेरी दुआ कबूल कर ली। अल्लाह का लाख-लाख शुक्रिया।



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फिर वह बोली बॉब को क्या हुआ वह ठीक तो है? मैंने बॉब की और देखा तो बॉब के चेहरे पर बेहोशी में भी रुखसाना को पा लेने के संतोष और संतोष जनित आनद के भाव थे और वह हलके-हलके बेहोशी में भी मुस्कुरा रहा था। मैंने बॉब को हाथ लगाया और देख कर बोलै हाँ ठीक है बुखार और थकान से सो गया है। आराम करने दो, अभी कुछ देर में ठीक हो जाएगा। चिंता की कोई बात नहीं है। ऐसा दीवाना हो गया था। तुम्हारा की बुखार की परवाह किये बगैर तुम्हे पाने के चक्कर में लगा हुआ था। अब तुम्हे पा लिया है तो देखो कैसा आनंद अनुभव करता हुआ शांति के साथ सो रहा है।

मेरी बात सुन रुखसाना मुस्कुरायी तो ये सोच कर की इसका दर्द कुछ कम हो गया है मैंने पूरी ताकत लगा कर चूतड़ उठा कर लंड को बाहर खींचने की कोशिश की तो वह चीखने ही वाली थी पर ख़ुद ही अपने मुँह पर हाथ रख लिया और धीरे से मेरे कान में फुसफुसाई प्लीज बहुत दर्द हो रहा है। अभी मत हिलना। फिर जब मेरा दर्द कम हो जायेगा तो मैं कमर उठा कर इशारा करूंगी फिर मुझे पूरी स्पीड से नॉन स्टॉप चोदना और मेरे अंदर ही अपना सारा रस डाल देना। मैंने उसे चूमना और उसके स्तनों की सहलाना शुरू कर दिया।

फिर कुछ देर बाद जब उसका दर्द कम हो गया तो उसने अपने कमर ऊपर उठा कर इशारा किया। मैंने अपने लंड को धीरे-धीरे से रुखसाना की चूत से बाहर करने की कोशिश चालू कर दी और वह भी 'ओह अह ओह अह्ह येस्स अह्ह्ह आह्ह अह्ह ...' करने लगी। । मैंने पहला गियर डाल कर धीरे-धीरे लंड की आगे पीछे करने लगा उसकी चुत में भी गीलापन आ गया था। जिसके कारण लंड का आगे पीछे होना थोड़ा सुगम हो गया था। ।मैं पूरे लंड को अन्दर डाल के बाहर निकालता था और फिर ज़ोर से वापस अन्दर धकेल देता था जिससे लंड जड़ में जा कर समा जाता था। जब लंड थोड़ा आसानी से आने जाने लगा, तो मैं चोदने की स्पीड बढ़ाने लगा। । फिर दूसरा गियर में स्पीड बढ़ा डाली और मेरे धक्के थोड़े तेज हो गए. फिर तीसरा फिर चौथा और-और मेरे झटकों से रुखसाना के बड़े चूचे उछल रहे थे।।

धक्के मारते हुए मैं उसे लिप किस और साथ-साथ उसके स्तनों को सहलाना और मसलना जारी रहा। वह मेरा पूरा साथ दे रही थी। वह पूरी मस्ती में आ गयी थी और आनंद में कराह रही थी अआह्ह्ह आाइईई और करो, बहुत मज़ा आ रहा है। उसकी आनंद में देखकर उत्साहित होकर मैंने टॉप गियर डाल दिया धक्के पूरी तेजी से लगता हुआ उसे चरमोत्कर्ष की तरफ़ ले जा रहा था। ।हाअ, चोदो और ज़ोर से चोदो।

में उसको ज़ोर-ज़ोर से किस करता गया और धक्के लगाते गया और ऐसे ही कुछ देर तक उसको चोदता गया। वह भी अपने कूल्हे उछाल-उछालकर मुझसे चुदवा रही थी। फिर जब वह अपने उत्कर्ष पर पहुँची तो उसका बदन काम्पा फिर उसका जिस्म अकड़ा और वह झड़ गयी और मेरा लंड उसके रस से भीग गया।


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मेरे धक्के जारी थे करीब दस मिनट चोदने के बाद फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए।

जब हम थोड़ा ठीक हो गए और हमारी उखड़ी हुई साँसे नियंत्रण में आ गयी तो मैंने उसके कौमार्य रक्त से सना अपना हथियार उसकी भंग हो चुकी योनि से बाहर निकाल लिया, तो वह खून देख कर घबराई और बोली "आपको भी बहुत दर्द हुआ होगा। देखिये आपका हथियार भी लहूलुहान हो गया है।" तो मैंने उसे चुम कर कहा मेरी भोली प्रेमिका, ये रक्त तुम्हारे कौमार्य भंग होने का सबूत है। प्रिय!


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इतने में मैंने देखा बॉब अपनी कच्ची नींद में हिल रहा था और जग कर कभी भी उठ सकता था तो मैंने मुझ से चिपटे हुए रुखसाना से बोला बॉब अब जग रहा है मैं उसकी तुम्हे चोदने की ख़ुशी को अभी उससे छीनना नहीं चाहता, बाद में सही मौके पर बता दूंगा। तुम उसके साथ चिपक कर लेट जाओ। , हमे उसे आराम करने देना चाहिए। इसके लिए थोड़ा नाटक करना पड़ेगा। तुम मेरा साथ देना और मैं छुप गया। जब रुख़्साना उसके साथ चिपकी तो बॉब के लंड पर थोड़ा खून लग गया। बॉब उठा, तो उसने अपना लंड पर खून लगा देखा तो उसे लगा उसने ही रुखसाना का कौमार्य भंग किया है। जिसके कारण उसके लंड पर खून लगा है। तो उसने रुखसाना को चूमा वह बहुत खुश लग रहा था तो रुखसाना बोली देखो मेरा क्या हाल हो गया है। बहुत दर्द हुआ मुझको मैं तो लगभग बेहोश ही हो गयी थीl आप भी थक कर सो गए थे। बॉब इस बात से बे ख़बर था कि उसकी अर्ध बेहोशी में मैंने और रुखसाना ने क्या किया।

फिर इस हालात में भी गुनगुनाया।

मत पूछ मेरी ख़ुशी की इंतेहा क्या है इस वक़्त l
क्यूंकी इस दिन ख़त्म मेरे बरसो का इन्तेजार हुआ।
आज हासिल मुझे मेरे हुस्न का प्यार हुआ।

फिर मैं भी अपने छुपने की जगह से बाहर निकल आया और बॉब को बधाई दी तो मुझे वह अभी भी काफ़ी गर्म लगा। फिर उसके सर पर हाथ लगा का बोला आपको तो लगता है बुखार आ गया है। । इस तेज बुखार में भी भाई ग़ज़ब क़िला फ़तह किया है। तुमने एक ही झटके में क़िला जीत लिया तुमने तो कमाल कर दिया।

मैंने रुखसाना को आँख मारते हुए उसके मुँह पर हाथ रखा तो रुखसाना ने भी थोड़ा चौंकने का नाटक किया। रुखसाना को कौमार्य की बाधा हट जाने की उसको बधाई देते हुए कहा अब आप भी खुल कर जब चाहे जिसके साथ जितनी बार खुलकर प्यार और चुदाई का आनंद ले सकती है। अब इसमें कोई बाधा नहीं रही है। प्यार और मजो की दुनिया में आपका स्वागत है और मैंने उसका हाथ पकड़ कर उसके हाथ पर एक मीठी-सी किश कर दी ।।

बॉब रुखसाना को किस करने लगा फिर बोला

तेरे हुस्न का दीवाना तो हर कोई होगा लेकिन
मेरे जैसी दीवानगी हर किसी में नहीं होगी।

बॉब अब आप कहें और अब यदि रुखसाना को आपत्ति ना हो तो मैं भी रुखसाना के साथ अपने हिस्से का आनंद ले लू।  मैंने कहा तो बॉब बोला शुक्रगुजार तो मैं आप का हूँ जो आपने मेरा रुखसाना से मिलना सुगम कर दिया।। मैंने कहा तब तक आप थोड़ी देर आराम कर लीजिये।

आगे क्या हुआ, ये अगले भाग में पढ़िए।

ये कहानी जारी रहेगी l

आपका दीपक l
Reply
12-25-2022, 02:42 PM,
#36
RE: Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
मेरे अंतरंग हमसफ़र

तृतीय अध्याय

खूबसूरत युवा सहेलिया

भाग -12

भँवरे ने खिलाया फूल 



मैं नंगा तो था ही और उन दोनों को चुंबन करते देख मेरा लंड सहला रहा था और सार्क सरक कर उनके बिस्तर के बिलकुल पास पहुँच गया ताकि उनकी बाते नजदीक से सुन सकू और चुदाई देख सकूँ 


फिर बॉब ने रुखसाना पहले गर्म किया फिर उसे नग्न करके दीवानो की तरह उसे चूमने लगा और चुत पर लंड लगा कर छोड़ने की तयारी करने लगा। तो रुखसाना उसको रोकने लगी। रुखसाना बोली रुकिए! प्लीज रुकिए!

तो बॉब बोला। आप बहुत खूबसूरत हो रुखसाना।

तेरे हुस्न को परदे की ज़रूरत नहीं ग़ालिब
कोण रहता है होश में तुझे देखने के बाद ।।

और फिर किसी शायर के शेर सुनाने लगा।

दिल की नहीं जान की ज़रूरत हो तुम
ज़मीं की नहीं आसमान की इनायत हो तुम।

और अब हम क्या आपकी तारीफ करे
हुस्न की नहीं क़यामत की मूरत हो तुम।


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अब अपनी तारीफ किस हुस्न वाली को अच्छी नहीं लगती और रुख़्साना तो हुस्न की मल्लिका ठहरी। वह कुछ क्षणों तो अवाक हो अपनी तारीफ सुनती रही फिर शर्माते हुए बोली आप झूठ बोल रहे हो, हम इतने सुन्दर थोड़े ही हैं। तो बॉब समझ गया मल्लिका कुछ और तारीफ चाहती है।

बॉब सुनाने लगा;

हसी फूलो को आती है जब आप मुस्कुराते हो।
हमारी दुनिया बदल जाती है जब आप मुस्कुराते हो।

आप के मुस्कराहट के आगे भला चाँद की रौनक क्या है
क्युकी हुज़ूर चाँद ख़ुद शर्माता है!

नज़र इस हुस्न पर ठहरे तो आख़िर किस तरह ठहरे
कभी जो फूल बन जाये कभी रुखसार हो जाये।

इस हसीन चेहरे की क्या बात है हर दिल अज़ीज़,
कुछ ऐसी इसमें बात है-है कुछ ऐसी कशिश ,
इस चेहरे में के एक झलक के लिए सारी दुनिया बर्बाद है।

रुखसाना बोली आप तो दीवाने हो गए हो। तो बॉब उसे फिर चूमने लग गया और रुखसाना छूटने के लिए चुप चाप संघर्ष करती रही। और छूटने का असफल प्रयास करती रही। लेकिन उसकी ताकत बॉब से काफ़ी कम थी। तो फिर वह बोली अगर आप नहीं रुकेंगे तो मैं कभी फिर आपके पास नहीं आऊँगी और शोर मचाऊँगी जिसे सुन कर साथ वाले कमरे से हुमा और अलका आ जाएँगी। फिर आप मेरे साथ कभी कुछ नहीं कर पाओगे। ये सुन कर बॉब रुक गया और सोचा अभी इसे और गर्म करने की ज़रूरत है। इसे तब तक गर्म करने पड़ेगा जब तक ये ख़ुद न बोले मुझे चोदो पर बॉब के लंड की हालत बहुत खराब थी। अब फटा, तो अब फटा।

सच में रुखसाना बहुत सुन्दर थी। उसको पूर्ण नग्न देख मेरा भी लंड फुफकारने मारने लगा था। मेरा तो मन कर रहा था मैं भी इस खेल में शामिल हो जाऊँ। पर फिर मैंने ख़ुद को थोड़ा संयत करते हुए थोड़ा इंतज़ार करने का फ़ैसला किया।

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"बॉब ने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसे चिपक कर किस करने लगा और उनके नग्न शरीर एक दुसरे के नग्न जिस्म के स्पर्श का आनंद महसूस करते हुए एक-दूसरे को चुंबन करना शुरू कर दिया और रुखसाना भी अब बॉब का साथ दे रही थी।"

फिर बॉब नीचे झुका और स्तनों की किस करते हुआ चूसा और बोला ये तो ठीक है। तो रुखसाना कुछ नहीं बोली बस आह उह करती रही। रुखसाना ने शर्म से आँखे झुका दी और फिर उठाई तो बॉब बोला।

सादगी तो देखो उन नज़रों की
हमसे बचने की कोशिश में बार-बार हमें ही देखती है।

बॉब ने चुत को चूमा और उसकी चूत को चाटने लगा। रुखसाना बोली आह ये! बहुत अच्छा लग रहा है। ।फिर उसकी चूत के दाने पर अपना मुँह रखते ही वह ज़ोर से चिल्ला उठी आआहह, ओमम्म्मममम, चाटो ना ज़ोर से, सस्स्सस्स हहा और मचलने लगी और अपनी गांड को इधर उधर घुमाने लगी। अब वह सिसकारियाँ मारने लग गई थी। अब वह अहाह, आहहह, आहहह कर रही थी।

अब उसके ऐसा करने से मेरे लंड में भी सनसनी होने लगी थी। लंड पूरा कठोर और तन कर त्यार था।

बॉब के लंड का तो इससे भी बुरा हाल था क्योंकि बार-बार बॉब अपने हाथ से लंड को बीच-बीच में सहला कर जैसे सांत्वना दे रहा हो बस कुछ देर और। बस कुछ देर और उसका लंड फटने की कगार पर था।


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बॉब ने उसकी चूत में अपनी एक उंगली की पंखुरियों को अलग करने की कोशिश की पर वह बहुत टाइट थी। बॉब ने दो उंगलियों की मदद से चूत की पंखुड़ियों को अलग किया और धीरे-धीरे चुत में ऊँगली घुसानी शुरू की और आगे पीछे की, तो वह ज़ोर से चिल्लाई आहह अब लंड डाल दो, अब और इंतज़ार नहीं होता। प्लीज जल्दी करो ना, प्लीज आहहह। रुखसाना की आँखे बंद थी।

अब बॉब के लिए रुकना नामुनकिन था। बॉब ने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और चूत खोलने की कोशिश की लेकिन वह बहुत टाइट थी। बॉब ने अपने उँगलियों से चूत को खोला और लंड का गुलाबी सूपड़ा बिच में रख दिया। और बोलै तो ये लो। फिर बॉब ने एक कस कर ज़ोर लगाया पर लंड चिकनाई के कारण फिसल गया और उसने ऐसे ही एक दो बार और कोशिश की लंड अंदर तो नहीं गया पर उसकी उत्तेजना इतनी बढ़ गयी थी की उसका लंड बॉब के हाथ पर पिचकारियाँ मारता हुआ झड़ गया और बॉब निढाल होकर एक तरफ़ गिर गया और लगभग आधा बेहोश हो गया।

उधर रुखसाना चिल्लाने लगी, अरे कहा गए? अब रुक क्यों गए? चोदो मुझे प्लीज! कुछ करो? उसके आँखे बंद ही थी मुझे कुछ समझ नहीं आया। ये क्या? मैं धीरे से सरकता हुआ बॉब के पास पहुँचा उसे हाथ लगाया तो वह बुखार से तप रहा था और आराम न करने से और थकान के कारण हुए बुखार से बेहोश हो गया था। वह अत्यधिक अधीरता और उत्तेजना अधिक होने के कारण प्रवेश से पहले ही झड़ चूका था। बॉब का लंड झड़ने के बाद सुकुड़ चूका था और अब योनि में प्रवेश के लिए अक्षम था।

उधर गर्म हो चुकी रुखसाना लंड के लिए तड़प रहे थी।  मैं  भँवरे की तरह बॉब और रुकसाना के  बीच था   ,  उसकी आँखे बंद ही थी उसने तड़पते हुए अपना हाथ हिलाया तो उसके हाथ में मेरा लंड आ गया। तो वह बोली प्लीज जानू मुझे माफ़ कर दो। मैंने तुम्हे रोका था अब रुको मत। मुझे यू मझधार में छोड़ कर मत जाओ और अब जो तुमने शुरू किया है उसे पूरा करो और लंड को खींच कर अपनी चूत के पास ले गयी। और लंड के साथ मैं भी खिंचा हुआ उसके ऊपर आ गया।

मैं भी उत्तेजित तो था ही उसने जब पकड़ा तो लंड ने तुनक कर एक सलाम दे मारा और लंड चूत से जा टकराया और मैंने अपना मुँह उसके ओंठो से लगाया और उसे किश करने लगा। फिर उसने ख़ुद अपनी उंगलियों से चूत को खोला और लंड को छेद के ऊपर लगाया और अपने चूतड़ ऊपर उठा दिए। उधर उसने दुसरे हाथ से मेरे कूल्हे को नीचे दबाया। नतीजा ये हुआ लंड आधा अंदर जा कर उसकी चूत की झिल्ली से टकराया। वह ज़ोर से चिल्लाई जो मेरे मुँह में दब कर रह गयी और मैंने उसकी जीभ की अपने ओंठो में दबाया अपने ओंठ से उसके ओंठो से लगाए और हाथो से उसके स्तनों को पकड़ा और एक और ज़ोर दार शॉट लगा दिया। मेरा लंड झिली को चीरता हुआ जड़ तक पूरा का पूरा अंदर चला गया।

इस प्रहार और दर्द के कारण से रुखसाना लगभग बेहोश-सी हो गयी। उसकी चीख भी उसके गले में ही दब के रह गयी क्योंकि उसके मुँह को मेरे मुँह ने बंद कर रहा था,। मैं उसके ऊपर हे लेट गया और किस करता रहा लंड के लिए चूत की मांसपेशिया एडजस्ट होने लगी। कुछ देर मैंने उसे चूमा और सहलाया तो उसने अपनी आँखे खोली तो मैंने उसकी आश्चर्य में निकली किसी असुविधाजनक चीख को रोकने के लिए, उसके मुँह पर अपना हाथ रखा,। इस बीच उसकी चूत संकुचन करने लगी और चूत के मांपेशियों ने लंड के कस कर जकड़ लिया।

जब मुझे लगा वह शांत हो गयी है तो मैं फुसफुसाया "प्लीज आवाज़ मत करना।" मैंने उसे संक्षेप में पूरी बात बताई की कैसे मैं अंदर आया और कैसे बॉब बुखार में बेहोश हो गया और कैसे मैंने उसकी योनि में प्रवेश कर उसका कौमार्य भंग कर दिया।

पूरी बात सुन कर वह मुझे पागलो की तरह चूमने लगी और फुसफुसाई " ये तो वही हुआ जो मैं चाहती थी। मैं भी यही चाहती थी के मेरा कौमर्य तुम ही भंग करो और जब बॉब अंदर लंड घुसा रहा था तो मैं आँखे बंद करके यही कल्पना कर रही थी के तुम ही मुझे चोद रहे हो और मैं इस सपने से बाहर नहीं आना चाहती थी इसीलिए, आँखे बंद रखी हुई थी मैंने और जब आँखे खुली तोआप ही मेरे सामने थे और ऐसे हालात बन गए जिससे तुमने ही मेरी पहली चुदाई कर दी। ओह अल्लाह ने मेरी दुआ कबूल कर ली। अल्लाह का लाख-लाख शुक्रिया।



[Image: muslima4.jpg]
फिर वह बोली बॉब को क्या हुआ वह ठीक तो है? मैंने बॉब की और देखा तो बॉब के चेहरे पर बेहोशी में भी रुखसाना को पा लेने के संतोष और संतोष जनित आनद के भाव थे और वह हलके-हलके बेहोशी में भी मुस्कुरा रहा था। मैंने बॉब को हाथ लगाया और देख कर बोलै हाँ ठीक है बुखार और थकान से सो गया है। आराम करने दो, अभी कुछ देर में ठीक हो जाएगा। चिंता की कोई बात नहीं है। ऐसा दीवाना हो गया था। तुम्हारा की बुखार की परवाह किये बगैर तुम्हे पाने के चक्कर में लगा हुआ था। अब तुम्हे पा लिया है तो देखो कैसा आनंद अनुभव करता हुआ शांति के साथ सो रहा है।

मेरी बात सुन रुखसाना मुस्कुरायी तो ये सोच कर की इसका दर्द कुछ कम हो गया है मैंने पूरी ताकत लगा कर चूतड़ उठा कर लंड को बाहर खींचने की कोशिश की तो वह चीखने ही वाली थी पर ख़ुद ही अपने मुँह पर हाथ रख लिया और धीरे से मेरे कान में फुसफुसाई प्लीज बहुत दर्द हो रहा है। अभी मत हिलना। फिर जब मेरा दर्द कम हो जायेगा तो मैं कमर उठा कर इशारा करूंगी फिर मुझे पूरी स्पीड से नॉन स्टॉप चोदना और मेरे अंदर ही अपना सारा रस डाल देना। मैंने उसे चूमना और उसके स्तनों की सहलाना शुरू कर दिया।

फिर कुछ देर बाद जब उसका दर्द कम हो गया तो उसने अपने कमर ऊपर उठा कर इशारा किया। मैंने अपने लंड को धीरे-धीरे से रुखसाना की चूत से बाहर करने की कोशिश चालू कर दी और वह भी 'ओह अह ओह अह्ह येस्स अह्ह्ह आह्ह अह्ह ...' करने लगी। । मैंने पहला गियर डाल कर धीरे-धीरे लंड की आगे पीछे करने लगा उसकी चुत में भी गीलापन आ गया था। जिसके कारण लंड का आगे पीछे होना थोड़ा सुगम हो गया था। ।मैं पूरे लंड को अन्दर डाल के बाहर निकालता था और फिर ज़ोर से वापस अन्दर धकेल देता था जिससे लंड जड़ में जा कर समा जाता था। जब लंड थोड़ा आसानी से आने जाने लगा, तो मैं चोदने की स्पीड बढ़ाने लगा। । फिर दूसरा गियर में स्पीड बढ़ा डाली और मेरे धक्के थोड़े तेज हो गए. फिर तीसरा फिर चौथा और-और मेरे झटकों से रुखसाना के बड़े चूचे उछल रहे थे।।

धक्के मारते हुए मैं उसे लिप किस और साथ-साथ उसके स्तनों को सहलाना और मसलना जारी रहा। वह मेरा पूरा साथ दे रही थी। वह पूरी मस्ती में आ गयी थी और आनंद में कराह रही थी अआह्ह्ह आाइईई और करो, बहुत मज़ा आ रहा है। उसकी आनंद में देखकर उत्साहित होकर मैंने टॉप गियर डाल दिया धक्के पूरी तेजी से लगता हुआ उसे चरमोत्कर्ष की तरफ़ ले जा रहा था। ।हाअ, चोदो और ज़ोर से चोदो।

में उसको ज़ोर-ज़ोर से किस करता गया और धक्के लगाते गया और ऐसे ही कुछ देर तक उसको चोदता गया। वह भी अपने कूल्हे उछाल-उछालकर मुझसे चुदवा रही थी। फिर जब वह अपने उत्कर्ष पर पहुँची तो उसका बदन काम्पा फिर उसका जिस्म अकड़ा और वह झड़ गयी और मेरा लंड उसके रस से भीग गया।


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मेरे धक्के जारी थे करीब दस मिनट चोदने के बाद फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए।

जब हम थोड़ा ठीक हो गए और हमारी उखड़ी हुई साँसे नियंत्रण में आ गयी तो मैंने उसके कौमार्य रक्त से सना अपना हथियार उसकी भंग हो चुकी योनि से बाहर निकाल लिया, तो वह खून देख कर घबराई और बोली "आपको भी बहुत दर्द हुआ होगा। देखिये आपका हथियार भी लहूलुहान हो गया है।" तो मैंने उसे चुम कर कहा मेरी भोली प्रेमिका, ये रक्त तुम्हारे कौमार्य भंग होने का सबूत है। प्रिय!


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इतने में मैंने देखा बॉब अपनी कच्ची नींद में हिल रहा था और जग कर कभी भी उठ सकता था तो मैंने मुझ से चिपटे हुए रुखसाना से बोला बॉब अब जग रहा है मैं उसकी तुम्हे चोदने की ख़ुशी को अभी उससे छीनना नहीं चाहता, बाद में सही मौके पर बता दूंगा। तुम उसके साथ चिपक कर लेट जाओ। , हमे उसे आराम करने देना चाहिए। इसके लिए थोड़ा नाटक करना पड़ेगा। तुम मेरा साथ देना और मैं छुप गया। जब रुख़्साना उसके साथ चिपकी तो बॉब के लंड पर थोड़ा खून लग गया। बॉब उठा, तो उसने अपना लंड पर खून लगा देखा तो उसे लगा उसने ही रुखसाना का कौमार्य भंग किया है। जिसके कारण उसके लंड पर खून लगा है। तो उसने रुखसाना को चूमा वह बहुत खुश लग रहा था तो रुखसाना बोली देखो मेरा क्या हाल हो गया है। बहुत दर्द हुआ मुझको मैं तो लगभग बेहोश ही हो गयी थीl आप भी थक कर सो गए थे। बॉब इस बात से बे ख़बर था कि उसकी अर्ध बेहोशी में मैंने और रुखसाना ने क्या किया।

फिर इस हालात में भी गुनगुनाया।

मत पूछ मेरी ख़ुशी की इंतेहा क्या है इस वक़्त l
क्यूंकी इस दिन ख़त्म मेरे बरसो का इन्तेजार हुआ।
आज हासिल मुझे मेरे हुस्न का प्यार हुआ।

फिर मैं भी अपने छुपने की जगह से बाहर निकल आया और बॉब को बधाई दी तो मुझे वह अभी भी काफ़ी गर्म लगा। फिर उसके सर पर हाथ लगा का बोला आपको तो लगता है बुखार आ गया है। । इस तेज बुखार में भी भाई ग़ज़ब क़िला फ़तह किया है। तुमने एक ही झटके में क़िला जीत लिया तुमने तो कमाल कर दिया।

मैंने रुखसाना को आँख मारते हुए उसके मुँह पर हाथ रखा तो रुखसाना ने भी थोड़ा चौंकने का नाटक किया। रुखसाना को कौमार्य की बाधा हट जाने की उसको बधाई देते हुए कहा अब आप भी खुल कर जब चाहे जिसके साथ जितनी बार खुलकर प्यार और चुदाई का आनंद ले सकती है। अब इसमें कोई बाधा नहीं रही है। प्यार और मजो की दुनिया में आपका स्वागत है और मैंने उसका हाथ पकड़ कर उसके हाथ पर एक मीठी-सी किश कर दी ।।

बॉब रुखसाना को किस करने लगा फिर बोला

तेरे हुस्न का दीवाना तो हर कोई होगा लेकिन
मेरे जैसी दीवानगी हर किसी में नहीं होगी।

बॉब अब आप कहें और अब यदि रुखसाना को आपत्ति ना हो तो मैं भी रुखसाना के साथ अपने हिस्से का आनंद ले लू।  मैंने कहा तो बॉब बोला शुक्रगुजार तो मैं आप का हूँ जो आपने मेरा रुखसाना से मिलना सुगम कर दिया।। मैंने कहा तब तक आप थोड़ी देर आराम कर लीजिये।

आगे क्या हुआ, ये अगले भाग में पढ़िए।

ये कहानी जारी रहेगी l

आपका दीपक l
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12-25-2022, 02:44 PM,
#37
RE: Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
मेरे अंतरंग हमसफ़र

तृतीय अध्याय

खूबसूरत युवा सहेलिया

भाग -13

रुखसाना की चुदाई की कहानी जारी है 


इस तरह से रुखसाना का कुंवारापण मैंने भंग किया पर बॉब का बुखार देख मुझे चिंता होने लगी। मैंने रोज़ी को बुलाया और कहा बॉब को डॉक्टर के पास ले जाओ तो बॉब ने कहा वह ठीक हो जाएगा। डॉक्टर के पास जाने की कोई ज़रूरत नहीं है और उसने ज़िद पकड़ ली वह यही रहेगा डॉक्टर के पास नहीं जाएगा। और कोई रास्ता न देख कर रोज़ी से कहा रूबी को बुला लेते हैं, दीदी ने पिताजी से काफ़ी वैद्यक सीखा हुआ है। वह कोई देसी दवा दे देगी। गाँव में हम बुखार के लिए डॉक्टर के पास नहीं जाते हैं। मैंने रूबी को फ़ोन कर बॉब का सब हाल बता दिया। वह आकर बॉब को देखने के बाद बोली थोड़ी थकान के कारण बुखार आ गया है और देसी दवा दे गयी और बोली कुछ देर में आराम मिल जाएगा, थोड़ी देर आराम कर ले। ।

बॉब ने दवा ले ली। बॉब को हमने आराम करने को कहा। रुखसाना भी बोली उसे थोड़ा दर्द हो रहा है तो रोज़ी ने एक क्रीम हमे पकड़ा दी मैंने रूमाल लेकर उसकी योनि और अपने लंड को साफ़ किया उसकी योनि पर थोड़ी क्रीम लगाई और सहलाया। क्रीम लगाते हुए रुखसाना बोली आह आराम मिल रहा है। ऐसे ही सहलाते रहो। मुझे तो अभी उसके साथ और मजे लेने थे और एक बार मैं और रुखसाना फिर शुरू हो गए।

मैंने पहले तो रुखसाना को दवा मिली शराब के कुछ गिलास पिलाये और बॉब को पीने के लिए पानी दिया तो, उसने कहा उसे भी थोड़ी-सी शराब चाहिए, तो बॉब को भी मैंने थोड़ी शराब पीला दी। वह बोलै आह थोड़ी और दो। तो मैंने उसे गिलास भर कर दे दिया और दवा मिली शराब के एक गिलास मैंने भी पिया।

रुखसाना में मेरे लंड पर हाथ रखा और वह देखते ही देखते अपनी कठोरता को प्राप्त कर के कड़ा होकर खड़ा हो गया।! उसको वह बहुत आकर्षक लग रहा था! वह लंड की घूरती रही। मैं उसके करीब गया और अपनी ओर खींच लिया। मैंने उसे कस कर आलिंगन किया और उसके चेहरे को चूमा। मेरा अर्ध कठोर लंड उसकी जांघ को छू रहा था। कितना अच्छा लगा। उसने समर्पण करते हुए अपनी बाँहें मेरे चारों ओर डाल दीं। मैंने उसके होठों को अच्छी तरह से चूमा और चूमता रहा और वह भी मेरा पूरा साथ देने लगी। मेरा हाथ उसके नंगे नितंबों पर पहुँच गया और जब तक हम चूमते रहे, मेरा हाथ उसके नितम्बो को दबाता रहा। अहह! आए! ममम! मममम।



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दवा ने अपना असर दिखाया और थोड़ी देर में हो वह गर्म हो गयी और उसने मेरी हरकतों को आनंद लेना शुरू कर दिया। , मेरा एक हाथ उसके बूब्स पर जा कर उन्हें दबाने लगा और दूसरा हाथ उसकी योनि को सहलाने के बाद मेरी एक ऊँगली उसकी योनि के द्वार पर गयी तो उसकी योनि ने अपने ओंठ खोल कर स्वागत किया। उसने आह की और मेरी ऊँगली मेरे प्रेम रस के पहले चिकनाई के इंजेक्शन के बाद आराम से अंदर चली गयी और उसके नितंब ज़ोर से मिलने के लिए तड़प उठे और उसकी बाहें अकड़ कर मेरे शरीर को चारो और लिपट गयी। वह अब उस आनंद की पुनरावृत्ति के लिए उत्सुक थी जो उसने अभी-अभी चखना शुरू किया था। फिर जैसे ही उसने पहले से कुछ कठोर हो चुके लंड पर हाथ रखा, मैंने देखा उसकी आँखें काम उत्तेजना और इच्छा से भरी हुई थीं।

उसे मेरा उसके अंगो की छेड़ना बहुत अच्छा लगा! उसने मेरा गाल, मेरे कान, मेरी गर्दन और फिर मेरे होठों को चूमा। ये सब करते हुए वह अपने हाथों को मेरे नितम्बो पर ले गयी और मुझे अपने ऊपर खींचा। अब मेरा अर्ध कठोर लंड उसकी योनि का चुम्बन ले रहा था। ओह क्या आनंद! क्या एहसास था। ब्यान करना बहुत मुश्किल है आनंद! बस मैं तो इसे आनंद में डूब जाना चाहता था। उसे भी लंड की छुअन से आनद का एहसास हुआ और बोली आह! फिर उसने धीरे से अपने हाथ मेरी पीठ पर ले जाकर मेरी पीठ को सहलाना शुरू कर दिया। वाह। आनद का एक और सुखद झोका

मेरी उत्तेजना और बढ़ने लगी और नतीजा ये हुआ के लंड उस छुअन के कारण कठोर हो कर मुझे लगा अब अपने आप ही प्रवेश कर जाएगा। इस कठोरता से उसकी भी उत्तेजना बढ़ने लगी। मैं उसकी चूत गीली होने का एहसास कर सकता था। उसका गीलापन मेरी सख्त रॉड से रगड़ खा रहा था।


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मैं अपना दूसरा हाथ भी ऊपर ले गया और उसके पूरे स्तनों को सहलाने लगा। वाह! मैंने उसके निपल्स को पिंच किया। वह हाफ़ने लगी। मैंने निप्पल्स को खींचा और वह कराह उठी, आह! यह उसे बहुत अच्छा लगा। मैंने उसके स्तन को देखा। वे केंद्र में हल्के भूरे रंग के रॉक हार्ड निपल्स के साथ एकदम गोल और सुडोल थे। मैंने रुखसाना को बिस्तर पर धक्का दिया और उसके ऊपर आ गया। मैंने उसके बाएँ निप्पल को अपने गर्म मुंह में रख कर चूस लिया। मैंने अपने हाथ से उसके दाहिने निप्पल से खेला। फिर दाए निप्पल को चूसा और बाए निप्पल को हाथ से छेड़ा। वाह! मेर मुँह में उसके गर्म निपल्स बहुत अच्छे लग रहे थे! आननद और उत्तेजना का एक और झोंका आया और उसके निपल और अधिक कड़े हो गए और मेरे लिंग भी और अधिक कठोर होकर तुनक गया।

मैं अपनी जीभ से एक रेखा बनाते हु, मुँह नीचे की ओर ले गया। मैं उसके पेट तक पहुँच गया और उसे पूरी तरह से चाटा। मैंने उसके पेट और नाभि को चाटा और इससे वास्तव में रुखसाना बेकाबू हो गयी। उसने मेरा सर अपनी चूत की तरफ़ धकेलने की कोशिश की। लेकिन मैं अपना समय ले रहा था। मैंने उसको देखा और मैं उसको स्तनों और पेट को अपनी लार से चमकता देख सकता था। वह अद्भुत लग रही थी। अंत में मैं उसकी योनि पर पहुँच गया और उसकी योनि पर एक चुम्बन किया।

उसे कंपकंपी हो आई। उसने मेरी सुविधा के लिए अपने पैरों को अलग किया। मैं उसकी चूत को चाटने और खाने लगा। मैंने लगातार उसकी क्लिट को ना छूते हुए योनि के ओंठो को ही चूमता रहा। वह मुझसे अपनी क्लिट चाटने के लिए भीख माँगने लगी और मेरा सर पकड़ कर ऊपर की खींचती हुई मेरा मुँह अपने भगनासा तक ले गयी। अंत में मैंने अपनी जीभ ने उसे वहाँ छुआ और उसने बढ़ी हुई उत्तेजना के कारण मेरे चेहरे पर विस्फोट किया और मेरा चेहरा उसके रस से भीग गया।

उसका रस थोड़ा नमकीन था। मैं थोड़ा उठा और फिर ऊपर हो कर उसके होठों पर चूमा। उसने मेरे चेहरे पर लगा अपना सारा रस चाट लिया तो मैं फिर उसके ओंठ चूसने लगा तो उसने कुछ चुतरस जो उसकी झीभ पर लग गया था। मेरे मुँह में धकेल दिया, जिसे मैंने थोड़ा चाटा और फिर वापिस उसके खुले मुँह में धकेल दिया। ऐसे तो बार-बार घुमाते हुए हम सारा रस चाट गए और में फिर नीचे जा कर उसकी चूत को फिर से चाटने लगा। पहले ओंठ चूमने और फिर चूत चाटने से इस बार वह बहुत जल्दी गर्म हो गयी थी।



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अब वह मुझे अपने अंदर चाहती थी और बोली अब मेरे अंदर आ जाओ चोदो मुझे वह भीख मांगने लगी लेकिन मैं उसे चाटता रहा और उसकी भगनासा को चूसत्ता रहा, हर बार जब वह झड़ने लगती तो वह मुझे रोक देती। कुछ देर बाद मैं उठा और अचानक से अपना विशाल बड़ा और कठोर लंड उसकी तड़पती हुई चूत के द्वार पर लगा दिया और उसने अपने कूल्हे उठा कर न केवल मेरे लंड को प्रवेश करने की अनुमति दी बल्कि टाँगे खोल कर स्वागत किया। तो मैंने भी एक जोरदार धक्का लगा कर पूरा लंड जड़ में टिका दिया और वह बस इतना बोली। अरे इतना ज़ोर से क्यों। अभी नयी-नयी हूँ इस खेल में मेरी चूत अभी कोमल है, दर्द होता है । थोड़ा आराम से करो। मैं उसके ऊपर लेट गया। मेरे हाथ उसके स्तनों पर थे और मेरे होंठ उसको किश कर रहे थे। वह भी मुझे बेतहाशा किश कर रही थी।

हालाँकि रुखसाना की पहली चुदाई मेरे योजना में नहीं थी पर ऐसे हालात बने के उसका कौमतया भंग मुझसे हो गया। अब मैंने मेरी पहले से बनी हुई योजना के अनुसार, उसे फिर चोदने का निश्चय किया। , मेरा लंड अभी-अभी ही उसकी कोमल योनी में घुसा था। मैंने बहुत सावधानी से, धीरे-धीरे अपनी पीठ को हिला कर लंड आगे पीछे करने शुरू किया। लेकिन वह उत्साह से अपनी कमर हिला रही थी। उसका उत्साह मेरे लिए बहुत अच्छा था। उसने धीरे-धीरे मेरी कूल्हों के धक्को की लय से लय मिला कर कमर हो हिलाना शुरू किया। इससे मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मेरी स्पीड बढ़ती गयी।

जल्द ही हम दोनों उत्कर्ष पर पहुँच गए। उत्तेजना में वह कांपती हुई झड़ गयी और उसके साथ ही प्रसन्नता के उदगारो के साथ मैंने अपने शुक्राणु की बहुत सारी पिचकारियाँ उसके छिद्रों में मारी। उसकी योनी ने मेरा लंड जकड़ा और वह शानदार ढंग से धड़कने लगी और मेरे लंड को उसकी योनि की मांसपेशियों ने पूरा निचोड़ लिया। मैं लंड अंदर डाले हुए ही रुखसाना के नरम कमसिन बदन के ऊपर ही लेट गया कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही लेटे हुए चुम्बन करते रहे और एक दुसरे के बदन को सहलाते रहे।

बॉब शराब पीते हुए हमे देख रहा था। उसका बुखार थोड़ा उतर गया था। कुछ देर में शराब में मिली दवा ने भी असर दिखाना शुरू कर दिया। अब बॉब के लिए यह बहुत अधिक था। वह उत्तेजित हो गया और उसका लंड फिर से लोहे की तरह सख्त था। तो मैंने कहा अभी थोड़ी देर आराम कर लो। लेकिन अब वह रुकने वाला नहीं थाl

तभी रोज़ी फिर वहाँ आ गयी और बोली आपसे कुछ बहुत ज़रूरी बात करनी है।

मैं एक तरफ़ गया तो बोली रूबी का फ़ोन आया है टॉम आपसे कुछ बात करना चाहता है।

आगे क्या हुआ, ये अगले भाग में पढ़िए।

ये कहानी जारी रहेगी l

आपका दीपक l
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12-29-2022, 12:40 AM,
#38
RE: Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
मेरे अंतरंग हमसफ़र

तृतीय अध्याय

खूबसूरत युवा सहेलिया

भाग -14

हुमा की पहली चुदाई की तयारी



उसके बाद रोज़ी वहाँ आ गयी मुझे एक तरफ़ ले गयी और बोली रूबी का फ़ोन आया है टॉम आपसे कुछ बात करना चाहता है। मैंने टाइम देखा तो इन दो राउंड चुदाई में दो घंटो से भी ज़्यादा समय लग गया था। मैंने सोचा टॉम का हुमा के पास जाने का टाइम हो गया है इसीलिए मुझे बुला रहा होगा। मैंने टॉम को फ़ोन पर कहा मैं आता हूँ उसके बाद मैंने बॉब और रुखसाना से कहा मैं थोड़ी देर में आता हूँ तब तक आप दोनों आराम कर कीजिये और अपने कपड़े उठा कर टॉम के पास चला गया।

जब मैं वहाँ पहुँचा तो रूबी मुझे वहाँ मिली और टॉम ने मुझे बताया उसे तेज बुखार आ गया है और रूबी में बताया मैंने उसकी जांच की है, टॉम को भी बॉब की तरह का ही बुखार है। मुझे दोनों की फ़िक्र हुई तो मैंने तालाब पर नहाने और खेल और मुख मैथुन के बारे में सब बता दिया तो रूबी बोली । ये बुखार गर्म सर्द होने की वज़ह से हो गया है दवा दे देती हूँ। बॉब और टॉम दोनों को आराम करना होगा और एक या दो दिन में ठीक हो जायगा और चुदाई के लिए भी मना कर दिया। तो मैंने कहा कुछ ऐसी दवा दो जिससे ये रात्रि भोज पर जा उसके नहीं तो बुआ फूफा जी बेकार की फ़िक्र करेंगे। तो रोज़ी बोली अभी ये दवा ले ले। अभी थोड़ी देर में वह दवा भी इनको दे देते हैं आप इनके पास बैठिये मैं दवा ले कर आती हूँ।

ये सुन कर टॉम बोला भाई मैंने बड़ी मुश्किल से हुमा को पटाया था। वह त्यार होकर मेरा इंतज़ार कर रही है और मुझे बुखार आ गया है। बड़ी दिक्कत हो गयी है, इस बुखार के कारण।। तो मैंने कहा अभी हुमा को फ़ोन करके मना कर देते हैं तो टॉम बोलै यही तो दिक्कत है मैंने उसे इतनी मिन्नत करके मनाया था अब मना कर दूंगा तो वह पता नहीं क्या सोचेगी। मैंने कहा ये तो बिलकुल KLPD वाला मामला हो गया हैl

टॉम बोला KLPD मतलब? मैंने कहा-खड़े लंड पर धोखा । टॉम बोला फिर अब क्या किया जाए। उस बेचारी के लिए तो बहुत बुरा हो गया । उसके सारे अरमानो पर तो पानी फिर जाएगा।

फिर कुछ सोचते हुए टॉम बोला। देख उसे तो चुदना ही है कोई चोदे क्या फ़र्क़ पड़ता है और जैसा हम्मरे बीच तय हुआ था मेरे बाद तुमने भी उसे चोदना ही था। तो क्यों न तुम ही मेरे बदले चले जाओ। आज रास्ता खुल जाएगा तो मैं आज नहीं तो कल अपने हिस्से के मजे उसके साथ ले ही लूँगा।

तो मैंने कहा नहीं ये ठीक नहीं होगा। ऐसे हमे किसी लड़की को धोखा नहीं देना चाहिए। क्योंकि मैं ये मानता हूँ इस के लिए उसकी सहमति भी ज़रूरी है और अभी उसने सिर्फ़ तुम्हारे साथ चुदाई करने के लिए हाँ भरी है। । ऐसे मेरा जाना ठीक नहीं रहेगा। फिर रूबी से टॉम बोला आप मेरा एक काम करोगी आप अलका को बुला दो वह दीपक भाई के साथ जाकर हुमा को सारी बात बता देगी और क्योंकि दोनों अच्छी सहेलिया हैं तो उसे मना भी लेगी। इस तरह उसके अरमान पूरे हो जाएंगे।


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तो मैंने कहा अलका मेरे वाले भवन के हिस्से में ही है और हुमा को त्यार कर रही है। मैं रूबी के साथ वही चला जाता हूँ और फिर अलका को सारी बात बता दूंगा और तुमसे फ़ोन पर बात करा देता हूँ। इतने में रूबी दवा ले और कुछ जूस और फल ले कर आ गयी तो मैंने कहा भाई टॉम तब तक तुम दवाई ले लो और जूस फल ले कर आराम करो। रूबी बोली अगर हो सके तो सो जाओ उससे जल्दी आराम मिल जाएगा।

उसके बाद मैं और रूबी दोनों वापिस चले गए। तो वहाँ अलका को बुला कर उसे सारी बात बताई और उसकी फ़ोन पर टॉम से बात करवाई तो अलका बोली आप मेरे साथ चलो, मैं हुमा को पूरी बात बताती हूँ फिर वह जैसा चाहेगी वैसा कर लेंगे।

उसके बाद हम वहाँ गए तो अलका ने अपनी सहेली को टॉम को आये बुखार की सारी बात बताई और कहाः अब वह चाहे तो अपना पहला सेक्स दीपक के साथ कर सकती है। तो हुमा पहले तो एकदम चुप हो गयी फिर बोली मैं दीपक से अकेले में कुछ बात करना चाहती हूँ। जब वह बाहर चले गए तो मैंने कहा हुमा हमारे बीच यहाँ कोई पर्दा नहीं है हम सब एक दुसरे के राजदार हैं। रोजी, रूबी, टीना, अलका और मोना, हम तीनो से चुद चुकी हैं और हमारे सब राज जानती हैं । और विश्वासपात्र राजदार हैं इसलिए तुम आगे से सबके सामने खुल कर बात कर सकती हो।

तो वह मुझ से लिपट गयी। बोली मैं तो आपसे ही चुदना चाहती थी। क्यणोकि मेरी दोस्त अलका ने बताया था एक तो आप बहुत अच्छे से चोदते हो और हम आपसे ही चुदने के लिए यहाँ आयी थी पर यहाँ आकर फिरंगियों को देखकर हम दोनों बहने उनकी और आकर्षित हो गयी थी। हमने कभी भी फिरंगियों को इतने पास से नहीं देखा था पहले।

दूसरा आज सुबह तालाब पर भी मैंने भी ग़ौर किया था और रुख़्साना ने भी मुझसे ज़िक्र किया था कि तुम्हारा लंड उन दोनों से बड़ा और तगड़ा था।


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तीसरे तालाब पर जब मुखमैथुन कर रहे थे तो आप सब से बाद झड़े थे। मतलब इन दोनों फिरंगियों से ज़्यादा देर तक चोदते हो।

चौथा इन दोनों को तो आज की थोड़ी-सी भागदौड़ से ही बुखार हो गया पर आपको नहीं हुआ ।मतलब आपकी सेहत भी इनसे बेहतर है।

और फिर आज जब दिन में आप हमे थोड़ा सेक्स ज्ञान दे रहे थे और फिर अलका और जेन को चोदा था। उसके बाद हम दोंनो ने आपसे ही चुदने की दुआ करि थी और आपको अपनी इच्छा जताई थी पर आपने ही कहा था पहले टॉम से मिल लो क्योंकि उसकी तुम्हे चोदने की बहुत ज़्यादा इच्छा है और आप हमे बाद में चोदोगे इसीलिए हम उनसे मिलने को मान गयी थी।

अब अल्लाह मिया हमारी दुआ कबूल करके हमे आप से पहले मिलवां चाहती है तो ये तो हमारी दुआए है जो कबूल हो गयी हैं। इसलिए अब आप भी संकोच छोड़िये और मैं जब में त्यार हो जाऊँगी, तो रोज़ी या अलका आपको बुला लेगी।

तो मैंने उसे चूमते हुए कहा पसंद तो आप दोनों भी मुझे पहली ही नज़र में आ गयी थी पर चुकी टॉम आप पर और बॉब रुखसाना पर फ़िदा हो गया था और फिर हम भाई आपस में कोई प्रतिस्पर्धा नहीं करते, इसलिए मैं रास्ते से हट गया था। मुझे मेरा हिस्सा देर सबेर मिलना ही था क्योंकि मैं मानता हूँ सुख बांटने से बढ़ जाता है। जैसे अगर हम अलग-अलग लड़की पटाये तो केवल उसी को भोग पाएंगे जिसे हमे पटाया है पर अगर मिल कर करे है तो तीनो बहुत से लड़कियों को भोग सकते हैं और मुझे तो इस मजो की दुनिया से परिचय करवाने वाले भी बॉब ही है। और इसलिए उसकी ख़ुशी के लिए मैं कुछ भी करने को ततपर रहता हूँ।

और एक राज की बात आपको बता दू की कुछ ऐसे हालात बन गए की आपकी बहन रुखसाना का कौमार्य भी मैंने ही भंग किया है और बॉब ऐन मौके पर कैसे चूक गया यह उसे सब संक्षेप में बता कर बोला। जब अल्लाह मिया हमे मिलवाना चाहता हैं तो उसकी मर्जी के आगे हम कौन।

बस मेरी एक प्राथना है कि जब टॉम का बुखार उतार जाए तो बाद में आप टॉम से भी ज़रूर चुद लेना।

तभी रोज़ी और रूबी कुछ नाश्ता ले कर आ गयी और बोली जेन, अलका हुमा रूबी सब लोग कुछ नास्ता कर लीजिये। आपको दोपहर का भोजन किये हुए काफ़ी समय हो गया है भूख भी लग गयी होगी।

फिर मैंने सब को नाश्ता करवाया और कुछ शराब पिलाई जिसमे दवा मिली हुई थीl उसके बाद मैं बोला अलका आप हुमा को त्यार कर दो तब तक मैं और रूबी बॉब को देख कर वापिस आते हैं। तो अलका बोली हम सब भी आपकी और हुमा की चुदाई देखना चाहती है तो मैंने कहा ठीक है ज़रूरी इंतज़ाम कर लो और हुमा से जब पुछा तो उसने भी शर्माते हुए कहा जैसे दीपक कहे वैसा कर लो।

तो रूबी बोली हम भी देखना चाहेंगी कुमार हमे भी शामिल कर ले अपने गुट में और फिर आपको ये कार्यक्रम रात्रि भोज के बाद करना होगा क्यणोकि अब रात्रि भोज में ज़्यादा समय नहीं रह गया है। टीना और मोना छोटी बुआ के यहाँ पर गयी हैं रात्रि भोज की व्यवस्था में मदद करने। तो मैंने कहा फिर हुमा के कौमार्य भंग के लिए कोई वैकल्पिक जगह की व्यवस्था करनी होगी क्योंकि काफ़ी लोग हो जाएंगे और ये कमरा इतने लोगों के लिए छोटा रहेगा। तो मैंने रोज़ी को बुला कर उसके कान में कुछ कहा और फिर सबसे कहा तो जो भी हुमा का कौमार्य भंग होते देखना चाहता है उसका स्वागत है। सब लोग रात्रि भोज समाप्त होने के एक घंटे बाद यही पर मिलेंगे और रोज़ी इसके लिए उचित व्यवस्था कर देगी जो की सबके लिए एक सरप्राइज रहेगा और सबको यहाँ आने के बाद उसके कहे अनुसार चलना होगा, बिना कोई सवाल किये, और हुमा को थोड़ा-सा और इंतज़ार करना होगा।


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हुमा बोली आपको बुआ फूफा जी से अनुमति लेनी होगी सबके इधर आने की। मैंने कहा वह आप मुझ पर छोड़ दे। तो सबने सहर्ष रात्रि के लिए सहमति दे दी और मैं और रूबी जिस कमरे में बॉब और रुखसाना थे वहाँ चले गए।

मैं मन ही मन बहुत प्रसन्न था। आज ही मुझे दो बेहद सुन्दर, आकर्षक, नयी तरुण अक्षत यौवना कन्याये भोगने के लिए मिल गयी थी और मुझे उनका कौमर्य भंग करने का भी सौभाग्य देव योजना से मिल रहा था। मुझे कुछ-कुछ अपनी क़िस्मत पर रश्क हो रहा था।



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वहाँ गए तो देखा बॉब और रुखसाना लिप किस कर रहे थे और बॉब उसके स्तन दबा रहा था और रुखसाना उसके लंड तो पकड़ कर अपना हाथ ऊपर नीचे कर रही थी। हमे आया देख बॉब ने चुम्बन तोड़ दिया और बोलै क्या हुआ कुछ परेशान लग रहे हो? मैंने उसे कहा टॉम को भी बुखार हो गया है इसलिए उसे भी रोज़ी से दवा दिलवा दी है। तो रोज़ी ने बॉब की जांच की और बोली अब बुखार थोड़ा उतर गया है, पर अभी इनको आराम करना चाहिए। मैं इनको दवा की एक डोज और दे रही हूँ। थोड़ा संयम रखे और ताकत बचा कर रखे तभी खाने के समय तक बुखार उतरेगा। और रोज़ी वहाँ कुछ फल और जूस ले आयी रुख़्साना और बॉब के लिए और बोली रुखसाना इनको खिला दीजिये और उसके बाद थोड़ी देर सो जाईये और आराम करिये।

इसके बाद सब लोग अपने कमरों में चले गए और कपडे बदल कर ठीक साढ़े आठ बजे रात्रि भोज के लिए अलका के घर जाने के लिए डिनर हॉल में मिले। रोज़ी ने एक बार फिर बॉब और टॉम की जांच की और उन्हें हल्का खाने को कहा, जो की उसने टीना और मोना को बोल कर उनके लिए स्पेशल बनवा लिया था और फिर अलका सब को अपने घर ले गयी। वहाँ बुआ ने स्पेशल पूरी हलवा और सब्ज़िया पूरा भारतीय खाना बनाया था। जो की काफ़ी स्वादिष्ट था जिसे चखने-चखने में सबने कुछ ज़्यादा ही खा लिया।

रात्रि भोज के बाद मैंने कहा आज रात को हम सब युवा लोग मिल कर एक फ़िल्म देखना चाहते हैं और मेरे वाले भवन में बड़ा टीवी और हाल है। जहाँ सब देख सकेंगे तो आप भी आमंत्रित हैं और सबको इजाज़त दे-दे तो बुआ फूफा ने कहा वह आज छोटी बुआ के घर ही रुकेंगे । क्योंकि छोटी बुआ यही चाहती है। आप जैसा चाहे वैसा कर ले।

फिर भोजन के बाद सबने थोड़ी देर सैर करि और सबके सब मरे साथ आ गए और रोज़ी सबके लिए गिलास में दवा मिली शराब ले आयी और सबने हुमा और मेरे मिलन की ख़ुशी में जाम उठाये। फिर रूबी हुमा को त्यार करने ले गयी और मैं भी वाशरूम में जा नहाने चला गयाl जब त्यार हो कर लौटा तो रोज़ी ने सब की आँख अपर एक पट्टी बाँध दी थी और फिर बड़े तहखाने का रास्ता खोल कर सबको बंद आँखों के साथ मैं और रोज़ी सबको बड़े तहखाने में ले गए।

वहां पर फिर क्या हुआ ये अगले भाग में पढ़िए।

ये कहानी जारी रहेगी ..
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01-01-2023, 03:00 PM,
#39
RE: Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
मेरे अंतरंग हमसफ़र

तृतीय अध्याय

खूबसूरत युवा सहेलिया

भाग -15

दुल्हन की लाल रंग की पोशाक में खूबसूरत हुमा.



उसके बाद सब को तहखाने में छोड़ कर रोज़ी हुमा को लेने चली गयी और सब को बोला गया सब अपनी आँखे तब तक बंद रखेंगे जब तक रोज़ी उन्हें आँखे खोलने को न कहे। फिर सब की आँखों की पट्टी खोलने को कहा सब की आँखों की पट्टी जब खुली तो सब हाल देख कर हैरान रह गए।

वहाँ एक शानदार हाल था। जिसमे बहुत सुन्दर-सुन्दर लड़कियों की बहुत कामुक मुर्तिया और कामुक सम्भोग की अंतरंग चित्र और कलाकृतिया लगी हुई थी। कमरे के बीचो बिच एक शानदार बिस्तर जिसपर आठ से दस लोग आराम से सो सकते थे। जो की पर्दो से ढका हुआ था।

किनारो पर शानदार आरामदायक सोफे लगे हुए थे जिनको बिस्तर बड़े आराम से बनाया जा सकता था। हाल में एक बड़ा शानदार खुला हुआ बाथरूम भी था जसमे एक बहुत बड़ा टब भी था।

सबने उस हाल और कमरे के तारीफ की तो रोज़ी बोली इसके बारे में बाक़ी आपको बाद में बताएँगे अभी अपना-अपना जोड़ी दार चुन ले और साइड के सोफों पर अपनी सीट ले ले। टीना और मोना टॉम के साथ बैठ गयी l रूबी, रुखसाना के साथ बॉब । अलका और जेन तथा लूसी और सिंडी जोड़ी बना कर बैठ गए।

बहुत सुन्दर नज़ारा था। मैंने रोज़ी को बुला कर कहा उसने इतने कम समय में बहुत अच्छा इंतज़ाम कर दिया है। उसके बाद रुखसाना और रोज़ी बॉब के पास जा कर बैठ गयी।

उसके बाद रोज़ी ने कमरे की लाइट बुझा दी और केवल हॉल के मध्य वाले भाग पर रौशनी हो गयी और मुझे पकड़ कर अलका और रुखसाना बिस्तर के पास ले गयी और तभी रोज़ी मेरे पास सजी धजी हुई हुमा को ले आयी और फिर उसने बिस्तर के पास एक बटन दबाया और परदे ऊपर उठ गए।




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सारा कमरा नरम गुलाबी रंग से दमक रहा था। अपने साथी के साथ प्यार करने के लिए कमरे का माहौल एकदम सही था और फूलो से सजे बिस्तर के पास में सुराही दार गर्दन, सुदृढ़ अनार जैसे उन्नत बड़े-बड़े गोल स्तन, पतली कमर और नाशपाती के जैसी सुन्दर काया। सपाट पेट, सुंदर लंबी टाँगे और लम्बे काले बालो वाली सुंदर हुमा लाल रंग की दुल्हन की पोशाक में घूंघट किये हुए मेरे साथ खड़ी थी। वह एक सेक्स देवी की तरह लग रही थी। मैं उसको सिर से पैर तक अच्छी तरह से देख रहा था। वह सुंदरता की चलती फिरती मूर्त थी। वह एक स्वर्ग में मिलने वाली हूर की तरह लग रही थी, इतनी सुंदर, इतनी भव्य था।

मैंने हुमा को अपनी बाहों में उठा लिया और बिस्तर की तरफ़ चला गया। मैंने उसे बिस्तर पर बिठा दिया। मैंने उसके पास बैठते हुए उसे एक तोहफा दिया और धीरे से उसका घूंघट उठा दिया और फिर उसका चंद्रमा की तरह आकर्षक मासूम और गौरा रंग, चमकती चिकनी त्वचा, सुन्दर चेहरे वाली, हिरणी जैसी चंचल सुन्दर आँखे, काली भौहें और पलकें, जिसके रसभरे, नरम गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होंठ, सफेद मोतियों जैसे दांत, गुलाबी गाल और आगे क्या होने वाला है ये सोच कर थोड़ा घबराई हुई और उत्सकता से भरा उसका शर्म से झुका हुआ सुन्दर चेहरा मेरे सामने उजागर हो गया।

मुझसे रहा नहीं गया और मैंने कहा तुम तो आफ़ताब का टुकड़ा हो मेरी जान। मेरा लंड उत्तेजना से कठोर हो गया, मैंने कहा मैं कितना भाग्य शाली हूँ के तुम मुझे मिली और मैंने उसका चेहरा ऊपर किया और उसके ओंठो पर एक नरम चुंबन कर दिया। उसकी आँखे बंद थी तो मैंने कहा अपनी आँखे खोलो तो उसने धीरे सेआँखे खोली। मुझे देख कर मुस्कुरायी तो उसकी मनमोहक मुस्कान ने मेरा जो कुछ बाक़ी था वह भी लूट लिया और मैंने उसे अपने गले से लगा लिया।

मुझे कुछ ज़्यादा ही नशा हो चला था कुछ शराब का असर और कुछ हुमा के लाजव्वाब हुस्न, जो मेरा हो गया था उसका नशा। उसे गले लगा कर मेरा मन किया वह मेरे गले ऐसे ही लगे रहे और उसकी चिकने पीठ पर हाथ फेरा और महसूस किया उसने जो ब्लाउज पहना हुआ था वह केवल दो डोरियों से बंधा हुआ था। फिर मेरा हाथ फिसल कर उसकी कमर से हॉट हुए उसकी चूतड़ों की दरार को महसूस किया और उसके नितम्बो को सहलाया पर फिर चंचल मन उसका चाँद-सा चेहरा दुबारा देखने और चूमने को हुआ तो मैंने उसे अलग करने के बाद एक बार फिर उसके चेहरा देख कर मुस्कुराते हुआ बोला । आप सच में बहुत सुंदर हो। आई लव यु।




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वो भी मुस्कुरायी और बोली मैं भी आपको बहुत प्यार करती हूँ। और हुमा की 'हाँ' मिलते ही मैंने हुमा के माथे पर किस की और हुमा की चुनरी को उतार दिया। मेरे होंठों को मैं उसके होंठों की तरफ़ ले गया। हमारे होंठ इतने पास थे। हमने एक-दूसरे की गर्म सांसों को महसूस किया। मैंने धीरे-धीरे उसके होंठ को चूम लिया। मैं जल्दी में नहीं था। मैं हुमा के साथ हर सेकंड को संजोना चाहता था। मैं अपनी जीभ के साथ उसके होंठ चाट रहा था और उसके होठों पर बहुत धीरे से चुंबन करता रहा। लेकिन मैं स्मूच या डिप लिप लॉक के लिए नहीं गया।

आगे क्या हुआ...... ये अगले भाग में पढ़िए।

ये कहानी जारी रहेगी
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01-01-2023, 03:06 PM,
#40
RE: Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
मेरे अंतरंग हमसफ़र


तृतीय अध्याय

खूबसूरत युवा सहेलिया

भाग -16

हुमा की चुदाई से पहले की चूमा चाटी. 


उसके बाद हुमा मुझे एक लम्बी गहरी किस करना चाहती थी लेकिन मैंने अनुमति नहीं दी। वह अपना मुँह मेरी ओर घुमा रही थी और होंठों को बंद कर रही थी, लेकिन मैंने उसे तंग करते हुए अपना मुँह थोड़ा पीछे ले जाता था। 4 से 5 मिनट के बाद, वह थोड़ी-सी हताश हो गई और अपने हाथ से मेरा सिर अपने चेहरे की ओर खींचा और अपने होंठ मेरे ऊपर दबा दिए। हम दो भूखे भेड़ियों की तरह एक दूसरे के होंठों को अपने मुँह में ले रहे थे और उन्हें पूरी तीव्रता से चूस रहे थे। हमारी जीभें आपस में लड़ रही थीं। कभी उसके मुँह में, कभी मेरे में। मैंने उसकी जीभ को लिया और चूस रहा था। उसकी लार बहुत स्वादिष्ट थी। उसने भी मेरी जीभ को चूसा।

फिर मैंने भर कर हुमा के होंठों पर किस की और पीछे हो गया। तो हुमा ने मुझे नज़दीक खींच कर मेरे सर से पकड़ा और कहा-दीपक क्यों तड़फा रहे हो मुझे।

उन्होंने इतना कह कर मुझे ज़ोर-ज़ोर से चूमना शुरू कर दिया, मेरे होंठों पर अपने होंठ धर दिए और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगीं।

आप बेहद खूबसूरत हो। आपका जिस्म बहुत ही प्यारा है। आज एक अजीब-सी कशिश है आप में। जो मुझे आपका दीवाना बना रही है। आज मैं आपके जिस्म में समा जाना चाहता हूँ। हुमा आपको आज मैं जी भर के चोदूँगा और जी भर के प्यार करूँगा।

ने कहा-मुझे आज अपना बना लो दीपक।

उन्होंने इतना कह कर मुझे ज़ोर-ज़ोर से चूमना शुरू कर दिया, मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगीं। मैंने हुमा को अपनी बांहों में भर लिया, मैं उसे पूरे जोश से किस करने लगा। हुमा ने लिपस्टिक लगाई हुई थी जिससे किस करने में बहुत ज़्यादा मज़ा आ रहा था।

मैंने उसके हर जगह गाल, आंख, ठोड़ी और नाक चुंबन किया। उसका चेहरा मेरी लार से दमक रहा था। मैं फिर थोड़ा निचे को गया मैंने उसकी गर्दन और सीने के ऊपरी हिस्से जो क्षेत्र उसके ब्लाउज के साथ कवर नहीं किया गया चुंबन किया। मैंने उसके ऊपरी क्लीवेज को भी चाटा। वह मेरे कोमल स्पर्श का आनंद ले रही थी। और उसके कंधे चूमा और उसके रस भरे यौवन कलशो पर हाथ लेजा कर उन्हें सहला कर महसूस किया। उसके उरोज नरम पर सुदृढ़, गोल, उन्नत और आकर्षक थे। मेरी नज़र उसके पारदर्शी ब्लाउज के पार जाकर उसके चुचकों के देखा तो हाथो से महसूस किया वह उत्तेजना से कठोर हो गए थे उसका झीना ब्लाउज उसके रसदार खरबूजों को ठीक से पकड़ नहीं सका था।

मैं उसके बूब्स को पूरी मस्ती से दबा रहा था। उसके स्तन पिंजरे में बंद कबूतरों की तरह आज़ाद होने हो तड़प रहे थे। मैंने उनकी तड़प को समझा और हाथ उसकी कमर पर ले जाकर मैंने उसके ब्लाउज की डोरियों को खींच कर खोला तो उसने अपनी बाजुए ऊपर उठा दी तो मैंने ब्लाउज खींच कर उसके शरीर से हटा दी। वह मुझे रोकने की कोशिश नहीं कर रही थी बल्कि सहयोग कर रही थी अब मेरी संगनी ऊपर से निर्वस्त्र हो गयी थी। मैंने ब्लाउज के पिंजरे से हुमा की गर्वित पहाड़ियों को बाहर निकाल लिया था। वे सीधे हवा में खड़े थे। उसके स्तन कोमल हैं। शीर्ष पर गुलाबी निपल्स ने उन्हें और अधिक सुंदर बना दिया। मैं अपने दोनों हाथों से उसके दोनों स्तन मसल रहा था।

मैं उसके स्तनों को घूरने लगा तो उसने अपने हाथों से अपने सीने को ढँक लिया। मैंने उसको सिर से पैर तक एक बार फिर अच्छी तरह से देख रहा था। वह एक वास्तव में बहुत सुंदर थी। फिर से मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर दबा दिए। वह मेरे होंठों को अपने अंदर लेने के लिए तैयार थी। हम फिर से एक दूसरे को चुंबन और एक दूसरे के होंठ चूस रहे थे। हम दुनिया के बाक़ी हिस्सों के बारे में भूल गए।




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अब मेरे हाथ उसके स्तनों पर पहुँच गए और उन्हें पहले तो सहलाया फिर हाथ फिरा कर अनारो की गोलाईयों को सराहा फिर स्तनो के नीचे हाथ लेजाकर स्तनों को ऊपर उठाकर कर उनकी दृढ़ता को जांचा । फिर दबा कर उनको नरम और दृढ पाकर एक बार फिर प्यार से सहलाया। । फिर निप्पल पर हाथ फेरा तो उन्हें कठोर पा कर उन्हें मसला तो वह कराह दी. तो उन्हें सहला दिया। और फिर चुम्बन तोड़ कर हुमा की आँखों में झाँका तो हुमा भी मुस्कुरा दी।

अब उसके दो शानदार बूब्स मेरी आँखों के सामने दो मस्त निप्पल थे। उसके निप्पल कम से कम 1 इंच लंबे और सख्त खड़े थे। उसके रसीले खरबूजे बहुत सुंदर और आकर्षक थे। मैं झुक और चूमा और उसके दोनों दूध के कटोरो को चूसा। लेकिन मैंने उसके निप्पलों को नहीं छुआ।

मैंने उसकी दरार के बीच के पसीने को चखा। मैंने अपनी लार को वासना की घाटियों के बीच गिरा दिया। मैं ध्यान से उसके पूरे स्तन को चाट और चूस रहा था लेकिन कभी उसके निप्पलों को नहीं छुआ। वह अपने निप्पल मेरे मुँह में देने की कोशिश कर रही थी। मैं उसे और सताना चाहता था।

लगभग 20 मिनट मैं उसके पूरे शरीर के ऊपरी हिस्से, उसके स्तन, पेट, बगल को चूस और चाट रहा था लेकिन कभी उसके निपल्स को नहीं छुआ। मेरे हाथ में उसके खरबूजे ले लिए, उन्हें सहलाया, लेकिन उसके निपल्स को नहीं छुआ। उसका शरीर मेरी लार से दमक रहा था। वह उत्तेजना के साथ दाएं-बाएँ घूम रही थी।

वो बहुत ज़ोर से कराह रही थी। उसने मेरे बालों को कस कर पकड़ रखा था और मेरे मुँह को अपने निप्पलों पर घसीट रही थी। मैंने उसकी तरफ देखा। वह मुझे देखकर मुस्कुराई और मेरे चेहरे को निपल्स की तरफ खींचती रही।

मैंने चुचकों के आस-पास के क्षेत्र को चाट लिया, उसके दाहिने निपल्स को अपने मुंह में ले लिया और पूरी तीव्रता से चूसा । मैंने बेरहमी से उसके निप्पलों को चूसा और चूसा। उसने अपने शरीर को हवा में झटका दिया और अपने पहले सम्भोग चरमोत्कर्ष पर पहुंच गई। मैंने लगातार उसके दोनों निप्पलों को एक एक करके बारी-बारी से चूसा और चाटा।


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मैंने उसके बूब्स को बहुत जोर से निचोड़ा और उनको चूसा। मैं एक छोटे बच्चे की तरह चूस रहा था। उसके निप्पलों को चबाया। मैंने दोनों तरबूज पकड़े और दो तरफ से दबाया। उसके निप्पल करीब आ गए। मैंने उसी समय दोनों निप्पलों को अपने मुँह में ले लिया और बहुत मेहनत से चूसा। वह दर्द और खुशी से चिल्लाई।

आगे क्या हुआ...ये अगले भाग में पढ़िए ।

ये कहानी जारी रहेगी

आपका दीपक
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