kaamvasna साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ
03-22-2020, 12:49 PM,
#11
RE: kaamvasna साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ
उस वीडियो को देखकर राज की तो हवा निकल गयी। जब वह ही इतना हैरान था, तो इसको रानी को दिखाना तो नामुमकिन सा लग रहा था। पर राज को एक बात अच्छी लगी की कमल भैया ने वही वीडियो चुना जिसमें दोनों पति अपनी पत्नियों को दूसरे से चुदवाते हैं। राज के मनमें आशा जगी की शायद कहीं न कहीं कमल भैया के मनमें खुद रानी को चोदने की और कुमुद को राज से चुदवाने की मंशा हो सकती हैं। पर राज यह बात कमल को पूछने की हिम्मत ना जुटा पाया।

जब राज ने कमल से कहा की शायद रानी ऐसी फिल्म देखने के लिए तैयार नहीं होगी तो कमल अपनी हँसी नहीं रोक सका। कमल ने कहा, "तुम निश्चिंत रहो। एक रात को रानी से कहो की तुम्हें कहीं से एक वीडियो मिला है। तुम यह मत कहना की मैंने भेजा है। रानी से कहना की वह थोड़ा सेक्स के बारेमें है और उसे सिर्फ बीबी के साथ ही देखना है ऐसा कहा गया है। पहले तो रानी थोड़ी ना नुक्कड़ करेगी, की यह अच्छा नहीं लगता, पर फिर वह इसे देखती रहेगी और आखिर में तुम खुद देख लेना क्या होता है।"

राज ने एक शनिवार की रात रानी से यह बात कह डाली। राज ने रानी से कहा की वीडियो थोड़ा सा अश्लील है। उसे आश्चर्य हुआ जब रानी वीडियो देखने के लिए तैयार हो गयी। शायद उसे पता नहीं था की वह क्या देखने वाली थी।

जैसे राज ने वीडियो चालु किया और पति पत्नी के रोमांस के सिन आये तो राज की प्यारी बीबी रानी राज के करीब बैठ गयी और राज की टाँगों के बिच हाथ डालकर उसके ढीले लण्ड को टटोलने लगी। जब पति पत्नी की चुदाई के दृश्य आये तो वह राज का लण्ड पाजामे में से निकाल कर उसे फुर्ती से हिलाने लगी। जैसे जैसे परदे पर दृश्य ज्यादा उत्तेजित होने लगे, अपना घाघरा ऊपर कर रानी ने राज का हाथ उसमें डाला। राज ने महसूस किया की उसकी बीबी रानी की चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी और उसमें से उसका रस रिस रहा था। राज समझ गया की रानी उससे उँगलियों से चुदवाना चाहती है।


पर जब रानी ने देखा की दोनों पति एक दूसरे की बीबियों पर चढ़कर उन्हें चोदने लगे थे तो उससे रहा नहीं गया वह राज से चिपक गयी जैसे वह यह सब देखने से डर गयी हो। तब राज ने अपनी उत्तेजित खूबसुरत पत्नी को अपनी बाहों में लिया और उसे यह कह कर प्यार जताने लगा की देखो जानूं यह सब होता रहता है। इसका आनंद लो। एन्जॉय करो।"


राज के बार बार आश्वासन देने से और अत्यंत उत्तेजक भड़कीले सिन के कारण राज और रानी दोनों का उन्माद बढ़ता जा रहा था। जब राज ने रानी के कपडे उतार कर रानी की चूत में उंगलिया डाल कर उसे उकसाना शुरू किया तो वह एकदम उत्तेजित हो गयी और राज पर चढ़ गयी और राज को जोरशोर से चोदने लगी। उसका पानी कई बार छूट गया। राज ने कभी भी उसकी बीबी को इतनी बार निढाल होते हुए नहीं देखा। राज को चोदते हुए वह बोल रही थी, "राज ऐसा कभी नहीं हो सकता। यह गलत है।"

तब राज ने रानी से कहा, "जानू, इस दुनिया में सारी अच्छी चीजें या तो या गलत, या असामाजिक, या तो कानूनी दृष्टि से अवैध मानी जाती है। पर होता सब कुछ है।"

रानी भोलेपन से ताकते हुए पूछा, "क्या ऐसा भी होता है की एक औरत का पति अपने दोस्तको अपनी पत्नी को अपने सामने ही चोदते हुए देख सकता है?"

राज ने कहा, "ना सिर्फ पति अपनी पत्नी को उसके सामने चुदवाते हुए देख सकता है बल्कि वह देखना चाहता है।"

रानी ने पूछा, "कमाल है यार! ऐसा कैसे हो सकता है?"

राज ने कहा, "होता है तभी तो दिखाया है। "

रानी ने कहा, "तुम मुझे वैसे ही बरगला रहे हो। वास्तव में ऐसा कैसे मुमकिन है? भला कोई मर्द अपनी बीबी को दूसरे से चुदते हुए कैसे देख सकता है? और कोई बीबी अपने पति को किसी और औरत को चोदते हुए कैसे देख सकती है? क्या तुम मुझे तुम्हारे किसी दोस्त से चुदवाते हुए देख सकते हो?"

राज ने कहा, "चलो अपनी ही बात करो। तुम्हारा सवाल था न की क्या मैं तुम्हें मेरे किसी दोस्त से चुदवाते हुए देख सकता हूँ? तो सुनो मैं तुम्हें मेरी और तुम्हारी पसंद के कोई भी गैर मर्द से चुदवाते हुए ना सिर्फ देख सकता हूँ बल्कि देखना चाहता हूँ।"

रानी ने राज की और तेज तर्रार आँखों से देखते हुए कहा, "तुम क्या बक रहे हो? क्या तुम वास्तव में ऐसा कर सकते हो? पर मैं तुम्हारे अलावा किसीसे भी चुदवाना नहीं चाहती। मैं तुम्हें भी किसी गैर औरत को चोदते हुए देख नहीं सकती।" रानी की बात सुन कर राज निराश हो गया। राज चुप रहा। उसने उस बातको उस समय आगे बढ़ाना ठीक नहीं समझा।
Reply

03-22-2020, 12:50 PM,
#12
RE: kaamvasna साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ
दूसरे दिन राज ने सारी बातें विस्तार से कमल को सुनाई। कमल ने राज की कही सारी बातें सुनी। उसे सुनकर कमल को कोई आश्चर्य नहीं हुआ। कमल ने कहा, " राज तुम ज़रा भी हौसला मत खोना और चिंता मत करो। तुम ठीक जा रहे हो। आगे देखते जाओ, क्या होता है। अब तुम एक काम और करो। तुम भाभी से सेक्स करते समय उसे ऐसी कल्पना करने को कहो की वह तुमसे नहीं कोई और पुरुष से सेक्स कर रही है। उसे ऐसा नाम सोचने को कहो जिसे वह जानती हो और जिस को वह पसंद करती हो।" फिर कमल ने राज का अगला कदम क्या होगा उसके बारेमें विस्तार से बताया।

बात होने के एक दिन बाद रात में राज ने सहज रूप में ही अपनी बीबी रानी से पूछा की पिछली रात वाला वीडियो कैसा लगा तो रानी ने कहा, "देखो, सोचनेमें तो यह बड़ा लुभावना लगता है; और तुम जो चाहे कहो, पर ऐसा वास्तव में हो नहीं सकता। मेरे साथ तो कतई नहीं। गैर मर्द के बारेमें तो तुम सोचना भी मत। मैं कोई ऐसी वैसी औरत नहीं हूँ। कमाल करते हो। तुमने क्या सोचा की मैं किसी भी गैर मर्द से ऐसे ही चुदवाने के लिए तैयार हो जाउंगी? नहीं जी नहीं, यह नहीं हो सकता।"

राज अपनी बीबी की बात सुनकर निराश हो गया। उसे लगा की उसके प्लान पर उसकी बीबी ने ठंडा पानी डाल दिया था। वह सोच में पड़ गया। तब अचानक उसे रानी की दो बातें सूचक लगी।


पहले तो रानी ने कहा "देखने में तो यह सब लुभावना लगता है।" इसका मतलब यह हुआ की रानी को दो मर्दों से चुदवाने वाली बात लुभावनी लगी।

दुसरा जब रानी ने यह कहा की , "मैं कोई ऐसी वैसी औरत नहीं हूँ जो किसी भी गैर मर्द से ऐसे ही चुदवाने के लिए तैयार हो जाउंगी।" इसका मतलब रानी ने यह कहा की वह किसी ऐरे गैरे से चूदवाने के लिए नहीं तैयार होगी और वह वैसे ही नहीं मानेगी। वह एक इज्जतदार औरत है और अपनी इज्जत आसानी से किसी ऐरे गैरे के साथ दाव पर नहीं लगा सकती।

पर जो रानी ने नहीं कहा वह यह था की अगर कोई ख़ास व्यक्ति हो तो वह तैयार हो सकती है और उसे काफी मनाना भी पडेगा। शायद बातों बातों में ही रानी ने मना करते हुए भी इशारा कर ही दिया की वह मान सकती है। उसे किसी और से चुदवाना लुभावना तो लगता है लेकिन वह आसानी से मानने वाली नहीं है। उसके पीछे काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। सबसे ज्यादा सूचक रानी ने यह इशारा किया की वह किसी साधारण व्यक्ति को अपना सर्वस्व समर्पण नहीं करेगी।

तब राजने बड़े ही प्यार में धीरे से रानी से कहा, "ठीक है। चलो मैंने तुम्हारी बात मान ली। तुम किसीसे हकीकत में चुदवाना नहीं चाहती हो तो न सही। पर मेरा मन रखने के लिए मेरी उत्तेजना के लिए ही सही; तुम जब मुझसे चुदवाती हो तो तुम्हारा मन पसंद कोई भी गैर मर्द से चुदवाती हो ऐसा नाटक तो तुम कर सकती हो न? मुझसे चुदवाते समय तुम मुझे उस गैर मर्द के नाम से बुला तो सकती हो न? उसमें तो तुम्हें कोई एतराज नहीं होना चाहिए?"

थोड़ा सोचने के बाद रानी ने कहा, "चलो ठीक है। जब तुमने मेरी बात मान ली है तो फिर तुम्हारे लिए मैं इतना तो कर सकती हूँ। "

राज ने कहा "तो फिर बोलो; तुम्हारा मनपसंद पराया मर्द कौन है? तुम कल्पना मैं किस मर्द से चुदवाना पसंद करोगी? मुझे किस नाम से बुलाना पसंद करोगी?"

रानी ने कहा, "जब कल्पना ही करनी है तो कोई भी नाम ले लो, चलेगा। संजय, धनञ्जय, सुरेश, रमेश कोई भी नाम लो, क्या फर्क पड़ता है? तुम बताओ। तुम जो कहोगे मैं वही नामसे तुमको बुलाऊंगी। असल में तो तुम ही मुझे चोदोगे ना?"

राज ने कहा, "हाँ, चोदुँगा तो मैं ही। पर तुम मुझे ऐसे वैसे नाम से नहीं बुलाओगी, ऐसा वैसा कोई भी नाम नहीं चलेगा। कल्पना में ही सही पर चोदने वाला एक जाना हुआ और तुम्हारा पसंदीदा व्यक्ति होना चाहिए। मान लो की तुम्हें मजबूर किया जाए की तुम्हें तुम्हारे पति के अलावा जाने पहचाने मर्दों में से किसी एक से चुदवाना ही पडेगा तो तुम जिसे पसंद कर सकती हो ऐसा व्यक्ति होना चाहिए। वह ऐसा होना चाहिए की तुम दूसरों के मुकाबले उससे चुदवाना पसंद करोगी। तभी तो तुम्हें कल्पना में उससे चुदवाने का असली मजा आएगा न? तो फिर बोलो तुम्हारा पसंदीदा मर्द कौन है?"
Reply
03-22-2020, 12:50 PM,
#13
RE: kaamvasna साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ
रानी सोच में पड़ गयी। "मेरे पसंदीदा मर्द? वैसे तो कई हैं, मेरे रिश्तेदार। पर यहां बात तो चुदवाने की है। रिश्तेदार नहीं चलेंगे। सेक्स करने के लिए किसको पसंद करना है? मेरे दोस्तों के पति जैसे नविन, सूरज, राजन। मुझे कोई नहीं जँचता। तुम्हारे दोस्त को देखते हैं जैसे रवि, सुरेश, सागर। सब वैसे ही हैं। नहीं इनमें से कोई नहीं। सब के सब फ़ालतू हैं। और चन्दन और कमल भैया? कमल भैया?"

रानी कमल का नाम बोलकर अचानक कुछ पल चुप रह गयी फिर बोली, "नहीं, कमल भैया नहीं कमल भैया अच्छे तो हैं, पर.... यार, यह तो बड़ी समस्या है। तुम जानो बाबा। तुम तो सबको जानते हो। चलो जो तुम कहोगे वही नाम ले लुंगी। बस? अब तो खुश हो?" रानी ने झिझकते हुए कहा।


"कमल का नाम तो तुम्हारी जुबान पर आ ही गया है, तो फिर कमल का ही नाम ले लेते हैं। कमल तो तुम्हें पसंद है ना? तुम्हें कमल भैया से चुदवाने में तो कोई एतराज नहीं है ना?" राज ने पट से पूछा।


जब रानी ने गुस्से से राज की और देखा तो राज ने सहम कर बोला, "अरे भाई सिर्फ कल्पना में।"

रानी थोड़ी देर के लिए चौक गयी। उसके चेहरे पर दुविधा साफ़ नजर आ रही थी। पर क्या बोले? उसके खुदके मुंह से कमल का नाम निकल गया था। और फिर उसने तो कह दिया था की कोई भी नाम चलेगा। तो अब तो मानना ही पडेगा। और फिर अपने आपको सम्हालते हुए बोली, "कल्पना ही तो करनी है ना? ठीक है। क्या फर्क पड़ता है? कोई भी नाम ले लो। कमल भैया का नाम भी ठीक है।"

राज ने कहा, "देखो यह गड़बड़ है। कल्पना में ही सही, पर जब तुम कमल से मानसिक रूप से चुदवाने के लिए तैयार हो ही गयी हो तो कमल को कमल भैया मत कहो। समझो की अब मैं कमल हूँ। मुझे भैया कह कर मेरा मूड मत खराब करो। मुझे सिर्फ "कमल" कह कर ही बुलाओ और बोलो, कमल मैं अब तुमसे चुदवाना चाहती हूँ। मेरे पति राज से तो मैं रोज चुदती हूँ पर आज कमल मुझे चोदेगा।"

रानी बड़े ही असमंजस में पड़ गयी। उसने सोचा नहीं था की बात ऐसा रुख ले लेगी और कमल भैया का नाम बिच में आ जाएगा। और फिर कल्पना में ही सही पर अपने पति को कमल भैया समझ कर उन से चुदवाना पडेगा और चुदवाते हुए अपने पति को कमल कह कर बुलाना लड़ेगा। रानी को लगा की उसके पति ने उसको अपनी जाल में ऐसा फाँस लिया था की अब वह उस चंगुल में से निकल नहीं सकती थी। दूसरी तरफ रानी ने महसूस किया की उसके मनमें कोई अँधेरे कोने में पनप रही कमल की और वासना की चिंगारी को जैसे उसके खुद के पति ने हवा देना शुरू किया हो। रानी की चूत में से बरबस ही रस चूने लगा।

उसने सोचा, चलो सिर्फ कल्पना ही तो करनी है? जब बात इतनी आगे बढ़ ही गयी थी तो फिर पति की बात माननी तो पड़ेगी ही। थोड़ा सा हिचकिचा कर रानी ने राज का लण्ड अपने हाथ में लिया और बोली, "ठीक है। चलो मैं तुम्हें कमल कह कर ही बुलाऊंगी।" फिर बोली, "कमल, आज मैं तुमसे सेक्स करना चाहती हूँ। मेरे पति राज तो रोज मुझ से सेक्स करते हैं। मुझे अब राज से सेक्स करने में मजा नहीं आता। आज तुम मुझसे सेक्स करो।"

तब राज ने झल्ला कर चिल्लाते हुए कहा, "मेरी रानी, यह क्या सेक्स सेक्स लगा रखा है? जैसे तुम मुझे कहती हो ना की चोदो मुझे। तो समझो की मैं कमल हूँ और तुम कमल से चुदवा रही हो। खुल जाओ। अब खुल्लमखुल्ला बोलो की कमल, मैं आज तुमसे चुदवाना चाहती हूँ। तुम मुझे चोदो।"

राज की ऊँची आवाज से उसकी बीबी रानी थोड़ी सहम गयी और बोली, "राज तुम मुझे परेशान कर रहे हो।"

राज ने तब रानी को प्यार से धीरे से कहा, "डार्लिंग, हम सेक्स में कुछ उत्तेजना पैदा करना चाहते हैं न? तो क्या तुम मेरा साथ नहीं दोगी?"

तब फिर रानी ने कहा, "गुस्साओ मत। मैं कह रही हूँ न?"

राज ने अपनी बीबी के गाल पर चुम्मी की तो वह बोली, "मैं कुछ इधर उधर बोल गयी तो तुम बुरा तो नहीं मानोगे ना?" राज ने अपनी बीबी रानी से हंस कर कहा की वह बिलकुल बुरा नहीं मानेगा।

रानी: "कमल तुम्हारा लण्ड भी तो राज के जैसा ही है। आज मैं तुमसे चुदवाना चाहती हूँ। मेरे पति राज तो रोज मुझे चोदते हैं। मुझे अब राज से चुदवाने में मजा नहीं आता। आज तुम मुझे चोदो।"

राज की और देखते हुए रानी आँखें मटकाकर बोली, "मेरे सेक्सी राजा, बस? अब तो खुश?"

राज ने कहा "ऐसे नहीं, भाव से बोलो।"

राज की बीबी रानी ने राज के ढीले लण्ड को जोर से हिलाते हुए कहा, "भाव तो तभी आएगा न जब तुम तैयार होगे? चलो पहले तुम अपना लण्ड कड़क करो और मैं बोलती हूँ।"

फिर रानी ने बड़े प्यार से राज के लण्ड को कड़क करने के लिए हिलाते हुए कहा, "कमल तुम्हारा लण्ड तो गजब है। आज मैं तुमसे चुदवाने के लिए बाँवरी हो गयी हूँ। मेरे पति राज से चुदवा कर मैं अब ऊब चुकी हूँ। मुझे अब राज से चुदवाने में मजा नहीं आता। कमल आज तुम मुझे खूब चोदो। आज तुम मुझे ऐसे चोदो जैसे तुमने कभी किसीको नहीं चोदा। चलो अपना लण्ड खड़ा करो और मुझे चोदो। तुम्हारा यह मोटा लण्ड मेरी चूत में जल्दी डालो और उसकी भूख शांत करो।"
Reply
03-22-2020, 12:50 PM,
#14
RE: kaamvasna साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ
रानी की बात सुनकर राज तो जैसे पागल सा हो गया। उसे लगा जैसे उसकी मेहनत सार्थक हुई। आखिर में कल्पना में ही सही, रानी कमल से चुदवाने के लिए तैयार तो हुई। उसके लिए यह बड़ी उपलब्धि थी।


राज ने कहा, "सुनो डार्लिंग। अब मैं कमल हूँ। तुम सोचो की आज तुम कमल से चुदवा रही हो। यह मेरा लण्ड नहीं है। यह कमल का काफी बड़ा, मोटा और लंबा लण्ड है जो तुमने आज पहली बार देखा है। तुम उस लण्ड को अपनी चूत में डलवाने के लिए बेचैन हो। मेरी रानी तुम राज से हर रोज चुदवाती हो, तो आज जानेमन तुम मुझसे, कमल से भी तो चुद्वाओ। आज मेरा लण्ड भी तो चखो।"

रानी ने भी उसे लहजे में जवाब देते हुए कहा, "हाँ मेरे कमल डार्लिंग। आज राज घर में नहीं है। वह बाहर गया है। आज मैं और तुम अकेले हैं। मैं कई दिनों से तुम्हारे लण्ड के बारे में ही सोच रही हूँ। कैसा होगा तुम्हारा लण्ड? राज कहते हैं तुम्हारा लण्ड काफी लंबा और मोटा है। मैं ज़रा देखूं तो सही?"

रानी ने राज का कड़क लण्ड को अपनी उँगलियों में सहलाते हुए यह वाक्य ऐसे कहे की राज को ऐसे लगा की सचमुच वह अब कमल के साथ ही चुदाई करने जा रही हो। वह अपने नए रोल में जैसे डूब चुकी थी।

राज रानी के ऊपर चढ़ गया। रानी ने फ़ौरन राज का लण्ड पकड़ कर अपनी चूत की पंखुड़ियों को थोड़ा फैला कर उनके के बिच टिकाया और राज के लण्ड को अपनी चूत पर थोड़ा रगड़ते हुए बोली, "कमल, आज मैं तुमसे कोई प्राथमिक खेला किये बगैर मुझे चोदने के लिए ही कह रही हूँ क्यूंकि मुझे तुम्हारे लण्ड का अनुभव करना है। मुझसे अब तुम्हारे चोदने में देरी सही नहीं जाती।"

राज का लण्ड यह सुनकर एकदम लोहे की छड़ के समान खड़ा हो गया। रानी को अपने पति राज का लण्ड शायद रोज से ज्यादा ही लम्बा और मोटा लग रहा था। रानी ने जल्दी ही उसको अपनी चूत में घुसाया और राज को धक्के मारना शुरू करने के लिए इंगित किया।

उस रात उन दोनों ने जमकर चुदाई की। और पूरी चुदाई के दरम्यान रानी उसे "कमल चोदो, कमल और जोरसे" कह कर पुकारती रही। राज को ऐसा लगा जैसे रानी अब राज को कमल ही समझ कर जोश से चुदवा रही थी।

उस रात जब राज और रानी की चुदाई ख़तम हुई तब कुछ समय बाद धीरे से रानी ने राज से पुछा, "सच सच बताओ, कहीं यह आइडीया भी कमल का तो नहीं?"

राज ने हिचकिचाते हुए कहा, "हाँ आईडिया तो कमल का ही है, पर उसने अपना नाम लेने के लिए नहीं कहा था। वह आईडिया मेरा था। बाकी सारे आइडियाज कमल के ही थे।"

"फिर तो वह ब्लू फिल्म वाला आईडिया भी कमल का ही होगा?" रानी ने पूछा। राज क्या बोलता? उसने सर निचा करके मुंडी हिला करके "हाँ" कहा।

रानी ने अपने सर पे हाथ रख कर कहा, "है भगवान! तुम कैसे पति हो? अपनी बीबी को किसी गैर मर्द के सामने नंगी करोगे क्या?"

"मैं तुम्हें कोई गैर मर्द के सामने थोड़े ही नंगी कर रहा हूँ? कमल कोई गैर मर्द थोड़े ही है? वह तो अपना है। है की नहीं?" राज ने पूछा। उसने सोचा देखूं तो सही की किसी गैरमर्द के सामने नंगी होने के लिए तैयार ना होने वाली उसकी बीबी कमल की बात आती है तो क्या कहती है।

रानी चुप हो गयी। फिर थोड़ी देर बाद बोली, "वह तो ठीक है। पर फिर भी तुम्हें हमारी गुप्त बातें उनको नहीं बतानी चाहिए थी। क्या तुमने कमल को हमारी सारी बातें बतादीं?"
Reply
03-22-2020, 12:50 PM,
#15
RE: kaamvasna साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ
राज समझ गया की "वह तो ठीक है"बोलते ही उसकी बीबी पकड़ी गयी थी। दूसरों के सामने नंगी न होने वाली बीबी कमल का नाम सुन कर चुप हो गयी थी। राज का माथा ठनक गया। किसी गैरमर्द के सामने नंगी ना होने वाली उसकी बीबी को क्या कमल के सामने नंगी होने में कोई एतराज नहीं था?

राज ने रानी से कहा, "जब वह अपना है तो उससे क्या छुपाना। मैं तो उसको सब बता देता हूँ। कमल चाहता है तुम भी उससे खुलकर बात करो।" रानी चुप होकर सुनती रही। उसने राज की बातका कोई जवाब नहीं दिया।


दूसरे दिन जब राज ने कमल को अपनी बीबी के साथ हुई बातें बतायीं तो कमल बोला, "राज तुम पहला सोपान (स्टेप) पार करने में सफल रहे हो।"


राज , "अब दुसरा सोपान क्या है?"

कमल: "दूसरे सोपान की भूमिका बन चुकी है। मुझे जो कुछ करना था वह मैंने कर दिया है। अब तुम्हें जो करना है वह तुम करो।" कमल ने फिर राज को दूसरे सोपान में क्या करना है उसकी जानकारी दी और कमल खुद क्या करेगा वह भी बताया।

उस रात राज को बड़ा आश्चर्य हुआ जब रानी ने ही कोई भी पूर्व भूमिका के बगैर बिस्तरे में लेटे हुए राज से कमल के बारे में पूछा की वह क्या बात थी जिसके बारेमें कमल रानी से बात करना चाहता था।

राज ने कहा, "कमल तुमसे अकेले में बात करना चाहता था। दर असल बात कुछ नाजुक भी है और गंभीर भी। कमल की अपनी कुछ समस्या है। वह तुमसे कुमुद के बारेमें कुछ बात करना चाहता है। पर थोड़ा सा हिचकिचाता है। वह डरता है की तुम कहीं बुरा न मान जाओ। बात कुछ कमल और कुमुद के बिच में सेक्स को लेकर है। पता नहीं क्यों, पर दर असल इस बात के बारेमें कमल मुझसे भी खुलकर बात नहीं करना चाहता। तुम औरत हो और कमल मानता है की तुम बड़ी सुलझी हुई हो इस लिए औरत की साइड बेहतर समझ सकती हो। इस लिए कमल तुम्हारी राय लेना चाहता है। कमल कहता है उसको पूरा भरोसा है की अगर तुम मान जाओगी तो तुम्हारी सोच समझ से कमल की समस्या मात्र तुम ही हल कर सकती हो। उसके पास तुमसे बात करनेके अलावा कोई रास्ता नहीं है।"

अपनी तारीफ़ सुन कर रानी थोड़ी खुश हुई। रानी ने कहा, "ऑह तो यह बात है! खैर, अगर मामला ऐसा है तो फिर बात तो करनी ही पड़ेगी। इसमें बुरा मानने से काम नहीं चलेगा। ठीक है। मेरी बात करा देना।"

दूसरे दिन राज ने कमल को फ़ोन पर रानी से हुए बात के बारे में बताया। कमल ने राज की पूरी बातें सुनकर कहा, "देखो भाई, अब बात थोड़ी गंभीर हो रही है। अब जब रानी मुझसे बात करेगी और मैं उससे बात करूंगा तो उसमें सेक्स के बारेमें खुली बात होगी। तुम्हें कोई आपत्ति तो नहीं है न?"

राज ने उसकी बात को बिच में काट कर बोला, "भैया तुम भी कमाल करते हो। सारी बातें सेक्स की ही तो हो रही हैं। अब तक हम क्या कोई हिस्ट्री ज्योग्राफी की बात थोड़े ही कर रहे थे? जब मैं सामने चलकर तुम्हें कह रहा हूँ की तुम मेरी बीबी से बात करो तो फिर तुम्हें ऐसे विचार क्यों आते हैं? अब आगे बढ़ना है। आगे तुम जानो की रानी से क्या बात करनी है।"

कमल ने कहा, "ठीक है।"
Reply
03-22-2020, 12:50 PM,
#16
RE: kaamvasna साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ
दूसरे दिन सुबह राजने कमल का नंबर मिलाकर अपनी बीबी रानी से कहा, "लो, कमल से बात करो। मैं दूसरे कमरे में जाता हूँ, क्यूंकि कमल नहीं चाहता की तुम्हारे अलावा कोई और उस बात को जाने। बेशक, तुम मुझे बादमें सब कुछ बता देना पर कमल को पता न लगे की मुझे सब मालुम है।"

खुद को जब इतनी अहमियत मिलती है तो भला कौन खुश नहीं होगा? रानी बोली, "लाइए मैं बात करती हूँ।"

राज ने जब रानी को लाइन दी तो कमल ने रानी से पूछा, "रानी, राज है की चला गया?" रानी ने कहा की उसने अपने पति को दूसरे कमरे में भेज दिया था।

तब कमल ने रानी से कहा, "रानी, बात कुछ नाजुक है। बात कुछ सेक्स के बारेमें है। मैंने राज से पूछा था तो उसने कहा की उसने तुमसे बात की है और मैं तुमसे सेक्स के बारे में खुल्लम खुल्ला बात कर सकता हूँ। तो क्या मैं तुमसे बात करूँ? तुम्हें कोई आपत्ति तो नहीं हैं ना? मैं नहीं चाहता की तुम इस बारे में राज से और ना तो मेरी बीबी कुमुद से बात करो। यह बात हमारे दोनों के बिच में होनी चाहिए। ठीक है?"

रानी: "ठीक है, आप बेझिझक बात कर सकते हो।"

कमल: "पिछले कुछ दिनों से पता नहीं क्या हुआ है की मेरी बीबी कुमुद मेरे साथ सेक्स करने से मना कर रही है। आज तक उसने ऐसा कभी नहीं किया। पता नहीं अब क्या हो गया है। मैं बहुत परेशान हूँ और मैं देख रहा हूँ की कुमुद भी परेशान है, मैं बहुत मनाने की कोशिश करता हूँ पर वह है की मानती ही नहीं। पहले हम रात को एक दुसरेसे लिपट कर बिना कपड़ा पहने ही सोते थे और सेक्स करते थे। पर अब वह रात भर मुझसे दूर पलंग के दूसरे छोर पर एक कोने में कर सो जाती है और रात को हाथ भी लगाने नहीं देती। हमारी जिंदगी वीरान हो रही है। मुझे समझ नहीं आता मैं क्या करूँ।"


कमल की बात सुनकर रानी सोच में पड़ गयी। रानी ने कमल से कुछ सवाल पूछे जैसे, "आपके ख्याल से क्या कारण हो सकता है? क्या आप दोनों में कुछ झगड़ा तो नहीं हुआ? क्या रानी की तबियत तो ठीक है? उसे माहवारी तो नहीं है?" इत्यादि। कमल ने उन सब उन सब का सही उत्तर दिया। तब रानी बोली, "कमल, मुझे सोचने दो। मैं तुम्हें आजकल में सोचकर फ़ोन करुँगी।"


फ़ोन काट कर रानी सोचने लगी की क्या किया जाए जिससे कमल और कुमुद में जो मन मुटाव है उसे मिटाया जा सकता है। रानी ने अपने पति राज से इसके बारेमें बात करना ठीक समझा, हालाँकि कमल ने मना किया था। रानी ने अपने पति राज को सारी कहानी सुनाई और पूछा की राज की क्या राय है।

राज ने रानी से कहा, "मुझे ऐसा लगता है की कमल भैया और कुमुद के बिच कोई ख़ास बात को लेकर यह मन मुटाव हुआ है। इस मसले को हल करने के लिए इसकी जड़ में जाना बहुत जरुरी है। तुमको यह जानना पड़ेगा की आखिर कमल और कुमुद के बिच यह मनमुटाव हुआ क्यों? वह क्या बात थी जिससे कुमुद इतनी नाराज हो गयी की सेक्स की बात तो दूर, वह अपने पति को पास फटकने तक नहीं देती? शायद कमल तुमसे सारी बातें साफ़ साफ़ करने में हिचकिचा रहा है। उसे कहो की किसी भी तरह की झिझक के बगैर वह तुमसे खुल्लम खुल्ला बात करे।"

दूसरे दिन रानी ने कमल से पूछा, "कमल भैया, मुझे लग रहा है आप मुझे सारी बात साफ़ साफ़ बता नहीं रहे हो। आप जरूर मुझसे कुछ छुपा रहे हो या बताने में झिझक रहे हो। अगर आप चाहते हो की इसे सुलझाने में मैं आपकी कुछ मदद करूँ तो आप को मुझे बिना छुपाये पूरी बात सच सच बतानी ही पड़ेगी। अगर आप मुझसे बेझिझक और खुल्लम खुल्ला साफ़ साफ़ बात नहीं करोगे तो मैं कैसे समझूंगी की बात क्या है?"

कमल: "रानी तुम एकदम सही हो। मैं सच सच और सारी बात बताने से डरता हूँ। अगर मैं सच बताऊंगा तो मुझे ऐसे अश्लील शब्द इस्तेमाल करने पड़ेंगे जो तुम्हें अच्छे ना लगे। क्या तुम अश्लील शब्द सुनने के लिए तैयार हो? और दूसरी बात, मैं सच बताना इस लिए भी नहीं चाहता क्यूंकि अगर मैंने सच बताया तो हो सकता है तुम मुझसे बहुत नाराज हो जाओ और मुझे ड़र है की सच जान कर कहीं तुम हमारे साथ रिश्ता ही ना तोड़ दो। अगर तुम्हें सच सच सारी बात जाननी है तो तुम मुझे वचन दो की जो मैं कहूंगा उस बात का तुम बुरा नहीं मानोगी और मेरी बात सुनकर मेरी गलतियों को माफ़ कर दोगी।"
Reply
03-22-2020, 12:51 PM,
#17
RE: kaamvasna साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ
रानी कुछ पल सोचने लगी। फिर बोली, "कमल भैया, ऐसी क्या बात है? अब हमारे सम्बन्ध नाजुक नहीं रहे। वह इतने गाढ़ हो चुके हैं की हम चाहते हुए भी इन्हें तोड़ नहीं सकते। अब कोई औपचारिकता वाली बात नहीं रही। मेरे पति राज तो कहते हैं की तुम्हारे लिए वह उनकी जान भी कुर्बान कर सकते हैं। जब देखो वह आपके ही गुण गाते हैं। तब मेरे बुरा मानने वाली बात ही नहीं रही। आप बेझिझक कहो जो कहना है। इस लिए अगर आपको अश्लील शब्द बोलने पड़ेंगे तो मैं सुन लुंगी और मैं वचन देती हूँ की बुरा नहीं मानूंगी। बस? अब तो कहो की बात क्या है।"
तब कमल ने कहा, "तो फिर सुनो रानी, प्लीज मेरी एक बात मानलो। तुम मुझे कमल भैया कह कर मत बुलाओ। भाई बहन के सम्बन्ध में एक मर्यादा होती है। जब हम सेक्स के बारेमें बात करते हैं तो हमने वह मर्यादा पार कर ली है। हमारा सम्बन्ध भाई बहन, भाई भाभी की सीमाओं को लाँघ कर कहीं आगे बढ़ चुका है। राज मुझे भले ही भाई कहे, तुम मुझे भाई या भैया मत कहना। तुम मुझे सिर्फ कमल कह कर बुलाना। मैं तुम्हें सिर्फ रानी कह कर बुलाऊंगा। ठीक है? तुम्हें कोई एतराज तो नहीं?

रानी तो वैसे ही राज को कमल कह कर ही अपने पति से चुदवाती थी। उसने फ़ौरन कहा, "नहीं, मुझे कोई एतराज नहीं। अब मैं तुम्हें कमल भैया नहीं, कमल कह कर ही बुलाऊंगी और तुम तो मुझे रानी कह कर बुला ही रहे हो।"

कमल: "और दूसरी बात: अब मैं साधारणतया अश्लील माने जाने वाले शब्द जैसे चूत, लण्ड, चोदना इत्यादि शब्दों का प्रयोग करूंगा क्यूंकि जो मैं बताने जा रहा हूँ उस बात में यही शब्द सही लगते है। और मैं चाहता हूँ की अब तुम भी सारी औपचारिकता छोड़ कर मुझसे भी इसी शब्दों का प्रयोग कर के बात करो। क्या ऐसा कर सकोगी?"

रानी असमंजस में पड़ गयी। थोड़ा रुकने के बाद रानी बोली, " मैं और राज, हम पति पत्नी तो ऐसे स्पष्ट शब्दों में ही बात करते हैं। भला आप के साथ मैं ऐसे शब्द कैसे प्रयोग कर सकती हूँ? पर जब आप कहते हैं की बात समझने और समझाने के लिए यह जरुरी है तो फिर ठीक है। मुझे ऐसे शब्द सुनने में कोई आपत्ति नहीं है और अगर आपको कोई हर्ज नहीं है तो फिर ऐसा ही सही। मैं भी वही शब्द इस्तेमाल करने की कोशिश करुँगी।"

कमल: :फिर वही आप? मुझे तुम कहो; आप नहीं। यह बहुत जरुरी है।"


रानी: "ठीक है ठीक है यह भी मान लिया बस? कमल अब मैं भी तुमसे साफ़ साफ़ बात करुँगी और स्पष्ट अश्लील कहे जाने वाले शब्दों का ही प्रयोग करने की पूरी कोशिश करुँगी। तुम भी बुरा मत मानना।"

जब कमल ने रानी से यह सूना तो वह ख़ुशी के मारे उछल पड़ा। फिर अपने आपको सम्हालते हुए बोला, "रानी तो सुनो, अब मैं तुम्हें सारी बात स्पष्ट और खुल्लम खुल्ले शब्दों में बताने जा रहा हूँ। सच बात यह है की मेरा लण्ड बड़ा और मोटा है। जब की कुमुद की चूत का छिद्र छोटा है। इस कारण मैं जब कुमुद को चोदता हूँ तो उसे तकलीफ होती है। मुझे भी कुमुद को तकलीफ होती है तो अच्छा नहीं लगता। दुसरा शादी के इतने सालों के बाद हम दोनों को शायद एक दूसरे को चोदने में उतना मझा नहीं आता। इसलिए मैं कुमुद को चोदते हुए कोई और औरत की अपने मन ही मन में कल्पना करता रहता था। ऐसा करने से मुझे बड़ा आनंद मिलता था और मैं और कुमुद हम दोनों ही खुश रहते थे। सब कुछ ठीक चल रहा था।"

कमल थोड़ी देर चुप रहा तो रानी ने सोचा की शायद फ़ोन का कनेक्शन कट गया था। उसने "हेलो, हेलो" बोला तो कमल ने कहा, "मैं लाइन पर ही हूँ।" तब रानी बोली, "तो कमल, इसमें चिंता की कौनसी बात है? अक्सर कई कपल एक दूसरे से सेक्स करते समय, सॉरी यार, चोदते समय किसी और का नाम लेकर या उनको चोदते हैं ऐसा सोच कर आनन्द लेते हैं। इसमें झगड़े की बात क्या है?" (रानी कैसे बताती की वह खुद भी ऐसा ही कर रही थी?)

कमल की आवाज थोड़ी गंभीर हो गयी। कमल ने कहा, "पर सुनो तो सही। सारी समस्या तो अब आएगी। एक रात मैं और कुमुद हम दोनों बड़े अच्छे मूड में थे और कुमुद भी चुदवाने के लिए बड़ी बेबाक हो रही थी। मैं कुमुद को उसके ऊपर चढ़ कर चोदने लगा। कुमुद भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। अचानक जोश ही जोश में मेरे मुंह से तुम्हारा नाम निकल गया। मैंने मेरी बीबी से पूछा, "रानी डार्लिंग, कैसा लग रहा है? तकलीफ तो नहीं हो रही है ना? ऐसे ही कुछ बोल गया।"

कमल की बात सुन कर कुछ पलों के लिए रानी फ़ोन पर ही स्तंभित हो गयी। उसने सोचा की कमल शायद बोलने में गड़बड़ कर गया। उसने पूछा, "क्या कहा? कमल, तुम ने किसका नाम लिया?"

कमल ने जवाब में कहा, "तूम ने मुझे वचन दिया है की तुम गुस्सा नहीं करोगी, तो मैं तुन्हें कह रहा हूँ की अक्सर मैं तुम्हारे बारे में ही सोचता था और कल्पना करता था की मैं कुमुद को नहीं तुम्हें चोद रहा हूँ। जब कुमुद ने तुम्हारा नाम सूना तो मुझ पर आग बबूला हो गयी और दहाड़ कर बोली, 'यह रानी बिच में कहाँ से आ गयी? क्या तुम्हारे रानी के साथ कुछ शारीरक सम्बन्ध है, या फिर तुम मुझे रानी सोच कर चोद रहे हो?" मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं था। मैं चुप रहा। बस तब से ही मेरी बीबी कुमुद मुझसे बात नहीं करती और मुझे रात को अपने पास फटकने नहीं देती। अब तुम्ही बताओ मैं क्या करूँ? रानी प्लीज, मेरी गलती के लिए मुझे माफ़ करना और मुझसे सम्बन्ध मत तोड़ना।"

कमल की बात सुनकर राज की बीबी रानी के पॉंव के निचेसे तो जैसे जमीन ही खिसक गयी। कमल अपनी बीबी कुमुद को रानी समझ कर चोद रहा था यह सुनकर रानी एकदम गरम भी हो गयी। रानी ने महसूस किया की कमल की बात सुनकर उसकी चूत से पानी रिस ने लगा था। रानी खुद अपने पति राज को कमल कह कर उनसे चुदवा रही थी तो उधर कमल अपनी बीबी कुमुद को रानी समझ कर चोद रहा था। रानी ने नहीं सोचा था की ऐसा भी कुछ हो सकता है। पर जब वह खुद ही दोषी थी तो रानी कमल को कैसे दोष दे सकती थी? रानी के पास इसका कोई जवाब नहीं था। इसका मतलब साफ़ था की रानी और कमल एक दूसरे को चोदना चाहते थे।

काफी समय तक रानी एकदम चुप रही। उधर कमल परेशान हो रहा था की कहीं रानी ने फ़ोन काट तो नहीं दिया। कमल ने फ़ोन पर "हेलो, हेलो" कहा तो रानी ने कहा, "मैं सुन रही हूँ।"

कमल ने कहा, "देखो रानी मुझसे यह बड़ी गलती हो गयी। पर अब तुम्ही उसे सुधार सकती हो। प्लीज तुम मुझसे सम्बन्ध मत काटना। तुमने पहले ही वचन दिया है।"
Reply
03-22-2020, 01:30 PM,
#18
RE: kaamvasna साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ
रानी ने दबे हुए स्वर में कमल से कहा, "यह तो गजब हो गया। अब तो आप दोनों के बिच में मैं आ गयी। बात बड़ी गंभीर हो गयी है। मुझे थोड़ा सोचने का वक्त चाहिए। अब बुरा क्या मानें? जो होना था सो तो हो ही गया। सम्बन्ध तोड़ने की तो कोई बात ही नहीं है, पर यह क्या हो गया?"


कमल ने कहा, "तुम ना सिर्फ औरत के मनको बल्कि पुरुषके मनके भावों को भी अच्छी तरह समझती हो। इसीलिए तो इस बारेमें मैंने तुमसे बात करना ठीक समझा, और जो मेरे मनमें था तुम्हें साफ़ साफ़ बता दिया। अगर तुम्हें अच्छा नहीं लगा तो मैं वचन देता हूँ की आगे कभी ऐसा नहीं करूंगा। मैंने तुमसे यह सारी बातें इसलिए की क्यूंकि मैंने तुम्हारे जैसी समझदार और परिपक्व औरत नहीं देखि। मैंने महसूस किया है की तुम रिश्तों की बारीकियों को भली भाँती समझती हो।"

राज की बीबी रानी कमल के मुंह से अपनी भूरी भूरी प्रशंशा सुन कर कुछ सकुचाई और बोली, "वह तो सब ठीक है पर कमल, तुम ने तो एक बड़ी समस्या खड़ी कर दी। खैर, जो होना था सो हो गया। सोचना यह है की इसे ठीक कैसे किया जाए। अब मेरे ख़याल से इसका एक ही इलाज है की मैं और राज इसके बारे में कुमुद से शान्ति से बात करें। पर फ़ोन पर नहीं। हमें आमने सामने बात करनी पड़ेगी। अगर तुम और कुमुद हमारे यहां अहमदाबाद आ सको तो अच्छा रहेगा। अब कुछ ही दिनों में नवरात्र का पर्व आ रहा है। अगर आप उन दिनों में आओ तो हम साथ में गरबा का मजा भी ले सकते हैं।"

कमल ने कहा, "अगर मैं कुमुद से कहूंगा तो पता नहीं, कुमुद मेरी बात मानेगी या नहीं। अगर राज कुमुद से बात करेगा तो ज्यादा अच्छा रहेगा। बेहतर यही है की तुम राज से अब यह सारी कहानी सुनाओ और उसे कहो की कुमुद को मेरे साथ अहमदाबाद आने के लिए मनाये। अब राज से यह बात छुपाने का कोई फायदा नहीं है।"

रानी ने शर्माते हुए कमल से कहा, "कमल तुम मेरी प्रॉब्लम समझो। मैं मेरे पति से कैसे कहूं की कमल अपनी बीबी कुमुद को चोदते हुए मेरा नाम लेता है? वह क्या सोचेंगे? क्या मैं यह कहूं की कमल मुझसे .... करना चाहता है कमल माफ़ करना पर मैं अभी ऐसा कुछ सोचने से भी डरती हूँ। मैं तुम्हारे साथ हम दोनों के बारेमें कैसे ऐसे शब्द का प्रयोग करूँ?"

कमल ने कहा, "अरे मेरी भोली प्यारी रानी, अब तो सब जान ही गए हैं की मेरे मनमें तुम्हें चोदने का विचार आ ही गया है। अब कोई भी शब्दों का प्रयोग करो क्या फर्क पड़ता है? तुम अब राज को खुल्लमखुला कह सकती हो की कमल के मन में तुम्हें चोदने का विचार आगया है।"

रानी यह सुनकर सकपका गयी और बोली, "नहीं बाबा नहीं। यह मैं नहीं कर सकुंगी। अगर मैंने ऐसा कहा और राज ने अगर मुझे पूछा की मैं क्या चाहती हूँ तो मैं क्या बताउंगी? बेहतर यही है की तुम मेरे पति राज से बात करो और उसे सब बताओ। मैं नहीं जानती की तुम राज को कैसे बताओगे की तुम अपनी बीबी को चोदते हुए यह सोच रहे थे की तुम अपनी बीबी को नहीं मुझे चोद रहे थे, और तुम्हारे यह सब बताने के बाद राज क्या सोचेगा। खैर तुम्हारे और राज के सम्बन्ध ऐसे हैं की शायद राज और तुम दोनों यह मामला मिलकर सुलझा सकते हो। पर मुझे नहीं पता की क्या होगा। अब राज से क्या बात करनी है या नहीं करनी है यह सब तुम जानो। अब राज से बात करने की जिम्मेवारी तुम्हारी है।"

रानी की बात सुन कर कमल का कमल खिल गया। वह समझ गया की अब रानी को कमल से चुदवाने वाली बात कहने या सुनने से कोई परहेज नहीं रहा था। अब उसके लिए चुनौती बस रानी को हकीकत में चुदवाने के लिए तैयार करने की थी।

राज तो सारी बात पहले से ही जानता था। रानी ने अपने पति राज से कमल से हुई सारी बातें बतायी। रानी ने यह कहा की कमल कुमुद को किसी और स्त्री का नाम लेकर चोद रहा था। रानी ने यह छुपाया की कमल वास्तव में रानी का नाम लेकर कुमुद को चोदता था।

राज ने कमल की बीबी कुमुद से फ़ोन पर बात की तो कुमुद राज से बात करते हुए फ़ोन पर ही रो पड़ी। जब राज ने पूछा की क्या बात थी तो कुमुद कुछ भी बोल न सकी। राज के काफी आग्रह करने पर कुमुद ने सिर्फ इतना ही बताया की बात बड़ी नाजुक थी और फ़ोन पर बात करना ठीक नहीं। राज ने कुमुद को काफी ढाढस दी और कहा की कुमुद और कमल दोनों अहमदाबाद आएं। राज कमल से बात करेगा और सारा मामला सुलझ जाएगा। कुछ समझाबुझा ने के बाद कुमुद अपने पति के साथ अहमदाबाद जाने के लिए राजी हो गयी। कमल और कुमुद का रेल गाडी का टिकट हो गया तो कमल ने राज को फ़ोन करके बता दिया।

रातको जब राज और रानी सेक्स के मूड में थे तो राज ने रानी से कहा, "खुश हो जाओ। तुम्हें कल्पना में चोदने वाला तुम्हारा लवर आ रहा है। मैं उसे लाने के लिए सुबह स्टेशन जाऊंगा। उसका स्वागत करने के लिए तुम तैयार रहना। अब तो कल्पना और वास्तविकता में फर्क मिटाने का वक्त आ गया है।"

रानी पहले तो शर्मायी पर फिर अपने आपको सम्हालते हुए बोली, "छोडो भी, तुम ज्यादा सयाने मत बनो। कल्पना और वास्तविकता में बड़ा अंतर होता है। तैयार तो मैं होउंगी ही क्यूंकि आपका प्रिय दोस्त जो आ रहा है। और फिर तुम्हारी प्यारी कुमुद भी तो आ रही है? क्यों मैंने गलत कहा?" अब शर्माने की बारी राज की थी। वह चुप हो गया।"

जैसे ही राज ने सुबह कुमुद को ट्रैन से उतरते हुए देखा तो उसकी जान हथेली में आगयी। कुमुद ने ट्रैन में से उतरने के पहले अपना मेकअप अच्छी तरह से किया था। उसकी पतली कमर और उसके सुआकार कूल्हे जीन्स में बड़े आकर्षक लग रहे थे। उसकी कमर उसके टॉप के निचे काफी खुली हुई थी जो उसकी नाभि की सुंदरता दिखा रही थी। उसके स्तनों का आकर्षक उभार मन को बरबस अपनी और आकर्षित कर लेता था। कुमुद थोड़ी सी सहमी सहमी महसूस कर रही थी। डिब्बे से निचे उतरते ही जैसे कुमुद ने राज को देखा तो उसका चेहरा खिल उठा। कुमुद की आँखों में एक नयी चमक सी आगयी।


राज भी कुमुद को देखता ही रहा। कुमुद का सारा बदन एक सूरज की पहली किरण की तरह चमक रहा था। बड़ी मुश्किल से कुमुद के स्तनों पर से अपनी नजर हटा कर राज ने कमल के पैर छुए। कमल ने राज को गले लगाया और रानी के बारे में पूछने लगा। राज ने कहा की वह तो कभी से उन दोनों का इंतजार कर रही थी। कमल के बाल बिखरे हुए थे और दाढ़ी थोड़ी बढ़ी हुई थी पर शायद इसी वजह से वह हैंडसम और मरदाना लग रहा था। राज ने एक सूटकेस और एक बैग उठाया और सब पार्किंग के लिए चल दिए।

घर पहुँचते ही दरवाजे पर राज की बीबी रानी बड़ी ही सुन्दर साडी में सजधज कर तैयार खड़ी थी। रानी के भरे हुए स्तन और उस के कूल्हे एकदम लुभावने दिख रहे थे। कमल का मन तो उन्हें अपने हाथोंसे मसलने और दबाने को मचल रहा था। पर वक्त की नजाकत देख कर उसने अपने आपको नियत्रण में रखा।

कमल को देखते ही रानी कमल के पांव छूने के लिए झुकी पर कमल ने जल्दी ही उसको अपनी बाहों में उठा लिया और कस के आलिंगन किया। राज और कुमुद ने अपने ही जीवन साथी: कमल और रानी को इतना गाढ़ आलिंगन करते देखा और एक दूसरे से नजरें मिलाकर एक दूसरे के मन के विचार पढ़ ने की कोशिश करते रहे।

रानी ने कमल और कुमुद के लिए दूसरा बेड रूम सजा रखा था, जिसमें उनका सामान रख दिया गया।

दिन में कमल और कुमुद ने आराम किया। शाम को गरबा में जाने का प्रोग्राम तय था। जब राज अपने दफ्तर से लौटा तो उसने कहा की सबको गरबा में जाना है। कमल गरबा में जाने के लिए बड़ा ही उत्सुक था परन्तु उसकी बीबी कुमुद को गरबा में जाने में कोई रूचि नहीं थी। वह अहमदाबाद के रिवर फ्रंट पर जाना चाहती थी। उसने सुना था की रात को साबरमती का किनारा अद्भुत नजारा पेश करता है और वह उसे देखना चाहती थी। राज की बीबी रानी गरबा करने लिए पागल थी। रानी ने तो गरबा में जाने के लिए सब के लिए बड़े आकर्षक ड्रेस भी बनवा रखे थे। पर चूँकि कमल की पत्नी कुमुद गरबा में जाना नहीं चाहती थी इसलिए राज ने कहा की उसे भी गरबा में जाने में ख़ास दिलचस्पी नहीं थी और वह कुमुद के साथ घूमने जाएगा।
Reply
03-22-2020, 01:30 PM,
#19
RE: kaamvasna साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ
आखिर यह तय हुआ की राज की बीबी रानी कुमुद के पति कमल के साथ गरबा में जायेगी और रानी का पति राज कमल की बीबी कुमुद को लेकर रिवर फ्रंट जाएगा और दोनों कहीं न कहीं कुछ खा लेंगे। इस तरह दोनों पति एक दूसरे की पत्नी के साथ अलग अलग जाने को राजी हो गए। जब रानी ने कुमुद से पूछा की वह कब तक बाहर घूमेंगे तब कुमुद ने कहा, "हम लोग करीब ११ बजे तक वापस आ जायेंगे।"

राज की पत्नी रानी ने बड़े चाव से गरबा के लिए ड्रेस की चार जोड़ी: दो औरत (रानी और कुमुद) के लिए और दो मर्दों (राज और कमल) के लिए नाप लेकर बनवायी थी। रानी और कुमुद के लिए चणिया चोली और मर्दों के लिए छोटा कुर्ता और काठीयावाड़ी निचे से टाईट और ऊपर से ढीला ऐसा पजामा। जब रानी ने चणिया चोली पहनी तो दोनों मर्दों के जबड़े खुले के खुले ही रह गए।

चोली इतनी सेक्सी थी की रानी के फुले हुए मस्त स्तन थोड़े ऊपर से और थोड़े निचे से बाहर निकल रहे थे। अगर उस चोली को थोड़ा सा ऊपर या निचे की और खींचा जाए तो रानी के स्तन पुरे नंगे ही हो जाएँ। कमल तो रानी के बदन को देखता ही रह गया। उसकी सिट्टीपिट्टी गुम हो गयी। रानी का घाघरा भी शरीर से चिपका हुआ रानी की मस्त जाँघें और उसकी सुआकार गाँड़ को भली भाँती उजागर कर रहा था। रानी ने घाघरे का नाडा कमर से इतना निचे कसा था की न सिर्फ उसकी नाभि लुभावनी नंगी दिख रही थी बल्कि रानी के पेट का उभर भी दिखता था। अगर नाडा थोड़ा निचे की तरफ खिसकाया जाये तो रानी की चूत के ऊपर के बाल भी नजर आने लगें। रानी की नाभि, पेट और स्तन के निचे के हिस्से इतना सेक्सी नजारा दे रहे थे की कमल और राज दोनों की आँखें रानी के बदन को ऐसी ताक रहीं थीं जैसे वह रानी को वहीँ के वहीँ चोदने को तैयार हों।

रानी ने कमल को तीखी नजर से देखा तो कमल ने बड़ी मुश्किल से अपनी नजर रानी के बदन से हटाई। राज ने यह सब देखा पर कुछ ना बोला।

राज और कुमुद तैयार होकर घर से निकले। कुमुद ने जीन्स और ऊपर एक लूज़ टॉप पहन रखा था। राज ने एक ऑटोरिक्षा बुलाया और कुमुद के साथ बैठ कर साबरमती के किनारे जाने के लिए निकल पड़े। वहाँ पहुँचने पर नज़ारे की सुंदरता देख कुमुद स्तब्ध रह गयी। हमारे देश में इतना खूबसूरत नजारा कम ही देखने को मिलता है। दोनों एक बेंच पर बैठे और नदी को जोश से बहते हुए देखने लगे। राज ने धीरे से कुमुद के हाथ पर अपना हाथ रखा। कुमुद मुड़कर राज की और थोड़ी देर तक देखती रही, पर कुछ बोली नहीं। अपने हाथ के उपरसे राज का हाथ देखा पर पर उसे हटाया नहीं। राज ने धीरे से पूछा "कुमुद आप इतने गंभीर क्यों हो? जब से आप आये हो तबसे मैं देख रहा हूँ की आप कुछ बेचैन से हो। अगर आप मुझे अपना समझते हो तो आपके मनमें जो भी बात हो आप मुझसे बेझिझक बात कर सकते हो।"


राज की इतनी प्रेम भरी और मीठी बात सुन कर कुमुद की आँखें भर आयी। राज ने कुमुद के कंधे पर हाथ रखा और धीरे धीरे वह कुमुद की पीठ को सांत्वना देते हुए सहलाने लगा। कुमुद की आँखों में से अचानक अश्रुओं की धारा बहने लगी। उस ने राज के कन्धों पर अपना सर रख दिया और धीमी सी आवाज में सिसक कर रोने लगी। राज ने कमल की बीबी को अपनी बाहों में ले लिया और बिना कुछ बोले कुमुद की पीठ को सहलाता रहा और उसे सांत्वना देने का प्रयास करता रहा।

कुछ देर बाद जब कुमुद थोड़ी शांत हुई तब उसने कहा, "राज मैं बड़ी उलझन में हूँ। बात कुछ ज्यादा ही नाजुक है और पता नहीं मुझे तुमसे यह बात करनी चाहिए या नहीं।"

राज ने कहा, "कुमुद अगर तुम्हें मुझ पर भरोसा है तो तुम बड़े इत्मीनान से मुझे अपना निजी मित्र मान कर मुझसे खुले दिल से बात कर सकती हो। तुम मेरे बड़े भाई की पत्नी हो और इस रिश्ते से तुम मेरी बड़ी भाभी हो। पर मैं तुम्हें बड़ी भाभी नहीं मेरी ख़ास करीबी दोस्त या यूँ कहो की मैं तुम्हें अपनी गर्ल फ्रेंड मानता हूँ, और यह बात मैंने छाती ठोक कर कमल भैया से भी कही है। तुम्हें तो कोई एतराज नहीं है न?"
Reply

03-22-2020, 01:30 PM,
#20
RE: kaamvasna साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ
राज की बात सुन कर कुमुद रोते रोते ही बरबस हंस पड़ी और बोली, "राज तुम तो बातों बातों में काफी आगे बढ़ गए! तुमने तो मुझे बगैर पूछे अपनी गर्ल फ्रेंड बना डाला। खैर, जब तुम्हारे भैया को कोई एतराज नहीं तो मुझे क्यों एतराज होगा? लड़की तो मैं हूँ ही और फिर तुम्हारी फ्रेंड भी तो हूँ। मेरी समझ में यह नहीं आता था की मेरे मन की बात मैं किस से करूँ? मैं तुम्हें अपना मानती हूँ और एक राज ही है जिसे मैं अपने मनके राज़ बता सकती हूँ। मैं खुले दिल से आज मेरे मन की उलझन तुम्हें बताना चाहती हूँ। यह बात कमल, मेरे और एक दूसरी स्त्री के शारीरिक सम्बन्ध के बारे में है।"

राज ने धीरे से कहा, "ओह! तो यह बात है! कुमुद शायद तुम जो कहने जा रही हो वह बात जातीय संबंधों और सेक्स को लेकर है। अगर ऐसा है तो फिर हम दोनों के बिच में जो औपचारिकता की दिवार है वह ख़तम होनी चाहिए। क्यूंकि अगर तुम मुझे आप कहके बुलाओगी या फिर हम दोनों के बिच में खुल्लम खुल्ला बात नहीं होगी तो ना तुम मुझे ठीक से बता पाओगी और ना मैं ठीक से समझ पाउँगा। इस लिए क्या हम खुल्लम खुल्ला बात नहीं कर सकते?"

कुमुद ने मुड़कर राज की और देखा और राज का हाथ अपने हाथों में लेती हुई बोली, "ठीक बात है राज। जब हम इतने करीब आ ही गए हैं तो बेहतर है की अपने मन की बात स्पष्ट रूप से कहें। और हाँ, बात सेक्स के बारे में ही है।"

राज ने कुमुद का हाथ अपने हाथों में दबाते हुए कमल का रानी के साथ आजमाया हुआ पेंच कुमुद के साथ आजमाया और कहा, "जब बात सेक्स की ही है तो फिर हमें एक दूसरे से कुछ भी छुपाना नहीं चाहिए और जो बात हो वह खुल्लम खुल्ला स्पष्ट रूप में बोलनी चाहिए। तो फिर क्या इसके लिए तुम्हे सभ्य शब्दों का ही प्रयोग करना जरुरी है? मैं चाहूँगा की तुम मुझसे स्पष्ट बात करो। सेक्स या फिर साथ में सोना की जगह कहो चोदना, पुरुष लिंग की जगह बोलो लण्ड. स्त्री लिंग की जगह बोलो चूत। तब तो बात में कोई असमंजस नहीं रहेगा। क्यों की अगर ऐसे शब्द बोलने में तुम्हें हीचकीचाहट है तो फिर हम खुल्लम खुला बात कैसे कर सकते हैं? मैं कुछ गलत तो नहीं कह रहा?"

राज की बात सुनकर कुमुद एकदम चुप हो गयी और राज की और एक अजीबो गरीब नजर से देखने लगी। शायद कुमुद को राज की बात सुनकर एक झटका सा लगा। राज मन ही मन अफ़सोस करने लगा। वह डर गया की उसकी बात सुनकर कमल की पत्नी जो इतनी रूढ़िवादी थी कहीं उठकर उसे तमाचा ही ना मार दे। उसे लगा की उसने यह अश्लील माने जाने वाले शब्द बोलकर भयंकर भूल कर दी थी। कुमुद के चेहरे का रंग जैसे उड़ सा गया। थोड़ी देर के लिए उसने राज की बात का कोई उत्तर नहीं दिया। शायद कुमुद कोई गंभीर सोच में डूब गयी।


पर थोड़ी देर बाद कुछ हिचकिचाते हुए कुमुद थोड़ी मुस्कुराई और बड़ी ही दबी सी आवाज में बोली, "नहीं राज, तुमने ठीक ही कहा है। मैं और कमल, हम पति पत्नी जब सेक्स के बारेमें बात करते हैं तो थोड़े ही सभ्य शब्दों का प्रयोग करते हैं? कमल तो खुल्लम खुल्ला ही नंगे शब्दों का ही उपयोग करता है और मुझसे भी वही शब्द बुलवाता है। पर पता नहीं तुम्हारे साथ ऐसे शब्द मैं बोल पाऊँगी या नहीं। पर हाँ कोशिश जरूर करुँगी। तो सुनो। यह बात कहते हुए मुझे डर हैं की कहीं तुम्हारा दिल टूट न जाए। पर खैर अब बात तो करनी ही पड़ेगी। तुम्हारा प्रिय दोस्त, यानी मेरा पति कमल जब मुझसे सेक्स करता है, सॉरी, मुझे चोदता है तो वह हकीकत में तुम्हारी बीबी यानी रानी के सपने देखता है। अपने मन में वह सोचता है की वह मुझसे नहीं रानी से सेक्स, सॉरी मुझ को नहीं रानी को चोद रहा है। यह मुझे तब पता चला जब वह मुझे चोदते एक बार अनजानेमें ही 'रानी डार्लिंग तुम्हारी चूत बड़ी गरम है।' ऐसे ही कुछ बोलने लगा। मैं सोचती हूँ की कहीं ऐसा तो नहीं की मेरे पति और तुम्हारी बीबी के बिच में अवैध सम्बन्ध हों और हमें पता भी ना चले?"

कुमुद की बात सुनकर राज ने चैन की सांस ली। जरूर वह एक कदम आगे बढ़ चुका था और अब उसे कमल की चाणक्य निति की सफलता का पक्का विश्वास हो गया। जाने अनजाने कुमुद भी दोनों पुरुषों की जाल में फंस ने वाली लग रही थी।

राज कुमुद की बात सुनकर ठहाका मार कर हंसने लगा और बोला, "कुमुद डार्लिंग, बस इतनी सी बात? तुम इसके लिए अपने इतने बहुमूल्य आंसू बहा रही थी?"

कुमुद राज की बात सुनकर रिसियाती हुई बोली, "इसमें हंसने की क्या बात है? क्या यह गंभीर मामला नहीं है? क्या तुम्हें यह सब पता है?"

राज अपनी हंसी को नियंत्रित करते हुए बोला, "देखो, मैंने तुम्हें बात बात में कुमुद डार्लिंग कहा। तुमने उस पर ध्यान भी नहीं दिया। जैसे हमारे बिच में एक खुल्लम खुल्ला बात करने का सम्बन्ध है वैसे ही मेरी बीबी रानी और तुम्हारे पति कमल के बीचमें भी यह सम्बन्ध हो सकता है या नहीं? दूसरी बात, कमल भैया के लिए तो मैं अपनी जान देने के लिए भी तैयार हूँ। शायद तुम्हें पता नहीं होगा की हम दोनों तो बचपन में एक ही पत्नी के साथ शादी करने के ख्वाब देख रहे थे। जब थोड़े बड़े हुए तो फिर हमने सोचा की जरूर हम एक दूसरे की पत्नी अगर अच्छी लगी तो मिल बाँट कर भोगेंगे। पर शादी के बाद तो बीबियों की भी सुननी पड़ती है न? खैर, वह अगर रानी को चोदना चाहते हैं और अगर रानी को उसमें कोई एतराज नहीं है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। पर बात चोदने की कहाँ है? कमल भैया तो रानी को चोदने की सिर्फ कल्पना ही तो कर रहे थे? वास्तव में तो वह रानी को चोद नहीं रहे हैं, तो फिर तुम इतनी परेशान क्यूँ हो रही हो?"
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Thumbs Up xxx indian stories आखिरी शिकार hotaks 47 76,809 06-05-2020, 09:51 AM
Last Post: Groups of AKS Industries
Thumbs Up Incest Kahani एक अनोखा बंधन hotaks 63 60,570 06-05-2020, 09:50 AM
Last Post: Groups of AKS Industries
Star XXX Hindi Kahani अलफांसे की शादी hotaks 73 31,750 06-05-2020, 09:49 AM
Last Post: Groups of AKS Industries
Star bahan sex kahani भैया का ख़याल मैं रखूँगी sexstories 262 634,713 06-05-2020, 09:49 AM
Last Post: Groups of AKS Industries
Thumbs Up Sexbaba Hindi Kahani अमरबेल एक प्रेमकहानी hotaks 68 57,718 06-05-2020, 09:49 AM
Last Post: Groups of AKS Industries
Star Incest Porn Kahani चुदाई घर बार की hotaks 48 141,824 06-05-2020, 09:48 AM
Last Post: Groups of AKS Industries
Star Desi Porn Kahani विधवा का पति hotaks 76 68,325 06-05-2020, 09:47 AM
Last Post: Groups of AKS Industries
Tongue SexBaba Kahani लाल हवेली hotaks 89 25,779 06-02-2020, 02:25 PM
Last Post: hotaks
Star XXX Hindi Kahani घाट का पत्थर hotaks 89 39,620 05-30-2020, 02:13 PM
Last Post: hotaks
  पारिवारिक चुदाई की कहानी Sonaligupta678 19 141,750 05-16-2020, 09:13 PM
Last Post: Sonaligupta678



Users browsing this thread: 3 Guest(s)