Maa Sex Story आग्याकारी माँ
11-20-2020, 01:08 PM,
RE: Maa Sex Story आग्याकारी माँ
सतीश- "अरे इसे प्यार करो.. चूमो-चाटो.. तब बात बन जाये...!
सतीशने भी शिला का दायां स्तन दबा दिया.. जिसके लिए वो तैयार न थी,

उसके इस वहले से उसके मुँह से एक दर्द भरी आह निकल गई और शिलाने भी जवाब में उसके लंड को कस कर दबा दिया.. जिससे उसके भी मुख से एक आह निकल गई,

फिर शिलाने अपने होंठों से उसके गाल पर किस किया और उसके लंड के टोपे पर अपने होंठों को टिका कर उसे चूसने लगी,

उसकी इतनी मादक चुसाई से सतीशके शरीर में कम्पन होने लगा.. उससे अब गाड़ी चलाना मुश्किल हो रहा था.. तो सतीशने वहीं एक तरफ गाड़ी खड़ी कर दी और एसी ऑन रखा.. हेड-लाइट बंद कर दी.. ताकि कोई समझ न सके कि क्या हो रहा है और रात के समय वैसे भी भीड़ कम ही रहती है और जो होती भी है वो सिर्फ गाड़ी वालों की होती है.. तो कोई डरने वाली बात भी न थी,

फिर सतीशने सीट थोड़ा पीछे को मोड़ दिया ताकि शिला और वह आराम से मज़े ले सकें,

फिर शिला ने अपनी जुबान और होंठों से उसके टोपे को थूक से नहलाते हुए दूसरे हाथ से हिलाने लगी,

उसे इतना आनन्द आ रहा था कि वह बता नहीं सकता.. ऐसा लग रहा था, जैसे वह किसी जन्नत में सैर कर रहा हो,

फिर शिलाने धीरे-धीरे उसके टोपे पर अपनी जुबान चलाई.. जैसे कोई बिल्ली दूध पी रही हो..

उसकी यह हरकत इतनी कामुक थी कि सतीशने भी उसके स्तनों को हाथ में थाम कर दबाने लगा,

शिला की भी चूत गीली हो गई थी,
शिला- प्लीज़ सतीश मुझे यहीं चोद दो.. अब और नहीं रहा जाता मुझसे.. प्लीज़ बुझा दो मेरी आग..
करीब 8.30 हो चुके थे और हम हमारे घर से करीब १०० KM दूर थे. अभी भी भारी बरसात हो रही थी और बहार बहुत अँधेरा हो गया था और हमारी कार चली जा रही थी. शिला ने सतीश से कह अब, जबकि मौसम ऐसा है तो क्यों न कार में ही चुदाई की जाए.

सतीश मान गया फिर कार में चोदने को क्यों कि वह भी फिर कार में चोदने का अनुभव लेना चाहता था. उसे हमेशा अलग अलग पोजीसन में, अलग अलग जगह में चोदने में बहुत मज़ा आता था.

शिला- "क्या हम फिर हाइवे पर कार में चुदाई करने वाले है..?
तो सतीश मुस्करा दिया,

सतीश- ”अगर मैं तुम को फिर हाइवे पर कार में चोदूंगा तो इस मौसम और अँधेरे में कोई मेरी कार की पीछे से गांड मार देगा.”

शिला उसकी बात सुन कर हंस पड़ी.

कोई 2 / 3 किमी आगे आने के बाद उस ने कार हाइवे से नीचे उतार कर पेड़ों के झुण्ड की तरफ बढाई. आखिर सतिश ने कार वहां खड़ी की जहाँ चारों तरफ घने पेड़ थे. शिला ने देखा की उनकी कार दो बड़े पेड़ों के बीच खड़ी थी.
वह हाइवे से ज्यादा दूर भी नहीं थे. बाहर चारों तरफ पानी भरा था. बड़े बड़े पेड़ों के बीच उनकी ग्रे रंग की कार को इस मौसम में और अँधेरे में हाइवे से देख पाना संभव नहीं था.
ये एक बहुत महफूज़ जगह थी कार में चुदाई करने के लिए. भारी बरसात लगातार हो रही थी और वह बड़ी बड़ी पानी की बूंदों को उनकी कार की छत पर गिरते हुए सुन सकते थे.

सतीश- ”डार्लिंग! क्या तुम इस सेक्सी मौसम में बीअर पीना चाहोगी? ”

शिला- ”जरूर, क्या कार में है बीअर.. ?.

सतीशने पिछली सीट से एक थैली उठाई जिसमे कुछ FOSTER BEER CANS थे. उस ने एक कैन खोल कर शिला को दिया और एक अपने लिए खोल लिया.

“चीअर्स” दोनो ने एक साथ बोला और धीरे धीरे बीअर पीने लगे.

शिला- "कार में कैसे करेंगे ? पिछली सीट पर...?

सतीश– "पिछली सीट पर कर सकतें है पर इस कार में जगह बहुत कम है. मैं सोच रहा हूँ की क्यों न आगे की सीट पर किया जाए जिस पर तुम बैठी हो. हम सीट को पीछे करके जगह बना सकतें है..!

शिला- "इस सीट पर? कैसे होगा इतनी कम जगह में...?

सतीश– "वैसे ही जैसे कुछ देर पहले किया था. हम यहाँ शुरू करतें है. अगर जरूरत हुई तो पिछली सीट पर चले जायेंगे. मैं कुछ बता नहीं सकता क्यों की मैंने कार में आज से पहले नहीं किया है, आज दूसरी बार है...

शिला- "मेरा भी तो दूसरी बार है. ठीक है. हम फिर ट्राई करतें हैं...!

वह बीअर पी रहे थे और बाहर का बरसाती मौसम उनके तन बदन में आग लगा रहा था. एक तो वह दोनों वैसे ही स्वभाव से सेक्सी है और ऊपर से ये मौसम. वह दोनों ही जानते है की समय और जगह का कैसे सही इस्तेमाल किया जाता है. वह लोग सेक्सी बातें कर रहे थे और कार में, हाइवे के पास और बरसात के मौसम में एक मजेदार चुदाई के लिए तैयार हो रहे थे.

वहां, पेड़ों के बीच कार में बैठे बैठे हम को हाइवे पर आती जाती गाड़ियों की रौशनी दिखाई दे रही थी पर हमें पता था की कोई भी हम को देख नहीं पायेगा. हमने बीअर का एक एक कैन ख़तम किया और फैसला किया की चुदाई होने के बाद, वापस जाते समय बीअर पीने का दूसरा दौर चलाएंगे. जगह बनाने के लिए उस ने मुझे मेरी सीट पीछे करने को कहा. मैंने सीट पेचे की तो वो करीब करीब पीछे की सीट को छू गई. अब मेरी सीट के सामने काफी जगह हो गई थी.
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11-20-2020, 01:08 PM,
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मैं अभी भी सोच रही थी की इस सीट पर वो मुझे कैसे चोदेगा. अब मैंने सीट की पीठ को पीछे धकेला तो मैं अधलेटी पोजीसन में हो गई.

सतीश– "डार्लिंग! हम केवल अपने नीचे के कपड़े ही उतारेंगे ताकि हम आराम से चुदाई कर सकें. अगर अचानक कोई आ गया तो ऊपर के कपड़े पहने होने की वजह से हम नंगे नहीं दिखेंगे...!

शिला सतीश की बात समझ कर मान गई, हालांकि चुदवाते समय उसे शरीर पर कपड़े बिलकुल भी पसंद नहीं है. पर वह मौके की नजाकत को समझ रही थी, इस लिए ऊपर के कपड़े बदन पर रख कर चुदवाने को राज़ी हो गई.

उसने अपनी जीन्स और जॉकी उतार कर पिछली सीट पर फ़ेंक दी. अब केवल वो अपनी शर्ट पहने हुए था. शिला ने देखा की उस का लंड धीरे धीरे खड़ा हो रहा था जैसे उस में हवा भरी जा रही थी. उसका लंड लम्बा होता जा रहा था, मोटा होता जा रहा था और ऊपर की और उठ रहा था.

शिला ने भी अपनी जीन्स और पेंटी उतार कर पिछली सीट पर उस के कपड़ों पर फ़ेंक दि. अब वह भी ऊपर केवल अपना टॉप पहने हुए थी और नीचे से दोनों नंगे थे. उसने कार की ड्राइविंग सीट भी पीछे करदी ताकि थोड़ी और जगह हो जाए. शिला का बहुत मन हो रहा था की सतीश उसके स्तनों को चूसे, पर वह समझ रही थी की वह किसी बंद कमरे में नहीं है. और वह अपनी चूत, अपनी गांड और अपनी स्तन किसी और को नहीं दिखाना चाहती थी.

सतीश ने उसकी आँखों को पढ़ लिया था.

सतीश- ”शिला, एक काम करो. मैं जिस तरह चुदाई करने की सोच रहा हूँ, उस में मैं तुम्हारे स्तन चोदते वक़्त नहीं चूस पाऊँगा, पर मैं तुम को चुदाई का पूरा पूरा मज़ा देना चाहता हूँ और साथ ही खुद भी पूरा मज़ा लेना चाहता हूँ, तुम अपनी ब्रा का हुक खोल लो और अपने टॉप के नीचे के दो बटन भी खोल लो. इस तरह तुम्हारे स्तन नंगे भी रहेंगे और ढके हुये भी रहेंगे, मौके का फायदा उठा लेंगे. ”

शिला सतीश की बात सुन कर खुश हो गई, वह दोनों ही जानते है की चुदवाते समय उसे अपने स्तन और निप्पल चुस्वाना बहुत पसंद है. शिला वैसा ही किया जैसा सतीश ने कहा, शिला के स्तन अब उसके टॉप के नीचे से चुसवाने को तैयार थे.

अब तक सतीशका गरम लंड पूरी तरह तन कर चूत से मिलने को तैयार हो गया था. शिला जान गयी थी की उसकी चुदाई बहुत देर तक होने वाली है क्यों की सतीश चुदाई के मामले में बहुत मज़बूत है और बहुत देर चोदने के बाद ही उस के लंड का पानी निकलता है.

और ऊपर से उसने अभी कुछ देर पहले चुदायी कर के दो बार उसके लंड रस को निकाल दिया था तो और भी ज्यादा वक़्त तक चोदने वाला है उसे...

खैर, अब वक़्त आ गया था असली चुदाई का. शिला ने उस के खड़े हुए लंड को पकड़ा तो वो बहुत गरम था, शिला खुद को भाग्यशाली मानने लगी की उसके प्रेमी का लंड इतना मज़बूत, इतना लम्बा, इतना मोटा और इतना गरम है.

शिला जान गयी थी की ये लंड नहीं, चोदने की मशीन है. चुदाई की शुरुआत उन्होंने होठो के किस से की. दोनो एक दुसरे के गरम, रसीले होंठ चूसने लगे. होठों के किस से चुदाई की आग और भी भड़क गई.

सतीश ने शिला को अपने ऊपर खींच लिया तो शील के हाथ सतीश की गर्दन के पीछे और उस के हाथ शिला की गोल गोल, कड़क गांड पर फिरने लगे. शिला की चूत में खुजली होने लगी और वो गीली होने लगी.

सतीश उसकी गांड दबा रहा था और अपनी उँगलियाँ उसकी गांड की गोलाईयोंके बीच की दरार में घुमा रहा था. शिला और भी गरम होने लगी.

सतीश ये अच्छी तरह जानता है की कम समय में औरत को कैसे गरम किया जाता है और वो वही काम एक बार फिर कर रहा था. उसकी जीभ को अपने मुंह में ले कर उसने आइस क्रीम की तरह चूसा, चुभलाया.

उसके हाथ लगातार शिला की नंगी गांड पर घूम रहे थे. सतीश की उंगली शिला गांड पर घुमती हुई थोड़ी सी उसकी गांड में घुसी तो शिला उछल पड़ी. जब उस ने अपनी ऊँगली शिला की गांड में अन्दर बाहर हिलाई तो उसे मज़ा ही आ गया.

हाइवे पर गाड़ियाँ आ जा रही थी और कोई भी उनको को देख नहीं सकता था. उनकी कार पेड़ों के बीच में थी और वह दो जवान प्रेमी उसमे चुदाई का मज़ा ले रहे थे, बिना किसी की नज़र में आये.

इस से पहले शिला ने चलती हुई कार में अपने हाथ और मुंह का कमाल उसके लंड पर दिखाया था, बिना किसी की नज़र में आये और ये दूसरा मौका था जब वह चुदाई कार में करने वाले थे, उसी तरह, बिना नज़र में आये. शिला ने सतीश का तना हुआ, चुदाई के लिए तैयार लंड पकड़ कर उसके मुंह की चमड़ी नीचे की तो उसके लंड का गुलाबी सुपाडा बाहर आ कर चमक उठा.

उन्होंने किस ख़तम किया और शिला अपनी सीट पर बैठ कर लम्बी लम्बी साँसे लगी. सतीशके हाथ पकड़ कर शिला ने उनको अपने स्तनों पर रखा तो सतीश उसके स्तनों को टॉप के ऊपर से दबाने लगा.

सतीश का लंड अभी भी शिला की पकड़ में था.
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11-20-2020, 01:08 PM,
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सतीशने अपना मुंह उसके स्तनों तक लाने के लिए अपनी पोजीसन बदली और उसके टॉप के नीचे का भाग ऊपर किया तो उसके तने हुये दोनों सेक्सी स्तन सतीशके चेहरे के सामने थे.

शिला के गहरे भूरे रंग के निप्पल तन कर खडे थे, एक निप्पल को अपने मुंह में लिया और दूसरी को अपनी उँगलियों के बीच में.सतीश एक निप्पल को किसी भूखे बच्चे को तरह चूस रहा था और दूसरी निप्पल को मसल रहा था.

शिला की चुत अब तक पूरी गीली हो चुकी थी और उस में चुदवाने के लिए खुजली हो रही थी. इस पोजीसन में वह सतीश के लंड को देख नहीं पा रही थी पर वो अभी भी उसके हाथ में था और शिला ने उस को थोड़ा पानी छोड़ते हुए महसूस किया.

यानि वो शिला की चूत में घुसने के लिए मरा जा रहा था. वह अपने अलग ही, चुदाई के संसार में थे और उनका पूरा धयान चुदाई पर ही था,

दोनो चुदाई में ही मगन थे. सतीशने उसके दूसरी स्तन को चूसने के लिए फिर अपनी पोजीसन बदली. जो निप्पल पहले मसली जा रही थी वो अब चुसी जा रही थी और जो पहले चुसी जा चुकी थी वो अब मसली जा रही थी.

उस कार में चुदाई का तूफ़ान उठ रहा था और बाहर बरसात हो रही थी. किसी को पता नहीं था की वहां एक कार है और कार में वह चुदाई- चुदाई खेल रहे थे.

सतीश का एक हाथ शिला के पैरों के जोड़ की तरफ बढ़ा तो शिला ने अपने पैर थोड़े चौड़े कर लिए ताकि वह उसकी सफाचट, चिकनी चूत पर आराम से हाथ फिरा सके.

हात फिराते फिराते सतीश की बीच की ऊँगली शिला की गीली चुत के बीच की दरार में घुस गई. सतीश अपनी ऊँगली उसकी चूत के बीच में ऊपर नीचे उसके चूत के दाने को मसलता हुआ घुमा रहा था.

स्तन चुसने से और चूत में ऊँगली करने से शिला के मुंह से सेक्सी आवाजें निकलने लगी. सतीश के मुंह में उसके निप्पल और शिला के हाथ में उस का लंड, दोनों और कड़क हो गए.

शिला भी उस का लंड चुसना चाहती थी और 69 पोजीसन के बारे में सोचा मगर कार में ये संभव नहीं था. शिला की चूत में सतीश की ऊँगली लगातार घूम रही थी और वह संतुष्टि के स्टेशन की तरफ बढ़ने लगी.

सतीश की ऊँगली अब शिला की चूत में घुस कर चुदाई कर रही थी. उसकी चुत को सतीश की ऊँगली चोद रही थी. जैसे ही सतीश को पता चला की शिला झड़ने वाली है, उसने चूत की चुदाई अपनी ऊँगली से जोर जोर से करनी शुरू करदी. चूत को अपनी ऊँगली से इतनी अच्छी तरह से, सेक्सी अंदाज़ में चोद रहा था की वह झड़ने वाली थी और उसकी नंगी गांड अपने आप ही हिलने लगी. उसके मुंह से जोर से संतुष्टि की आवाज निकली और वह झड़ गई. शिलाने सतीश की ऊँगली को अपने पैर, गांड और चूत टाईट करके अपनी चूत में ही जकड़ लिया और झड़ने का मज़ा लेने लगी.

शिला- मैं लंड को चूसना चाहती हूँ...

शिला उस को इतना गरम करना चाहती की उस के लंड का पानी उसकी चूत में जल्दी ही बरस जाए. वह उसको भी अपने अगले झड़ने के साथ झाड़ना चाहती थी. इस के लिए जरूरी था के शिला उस को चुदाई के आधे रास्ते पर चूत की चुदाई शुरू करने के पहले ही ले जाये.

दोनोने फिर अपनी पोजीशन बदली और सतीश कार की पेसेंजर सीट पर अधलेटा हो गया और शिला ड्राइविंग सीट पर आ गई. सतीश का गरम, लम्बा, मोटा और पूरी तरह तना हुआ चुदाई का सामान लंड कार की छत की तरफ मुंह कर के खड़ा हुआ था जिस का नीचे का भाग शिला ने अपने हथेली में पकड़ा. सतीश के लंड का सुपाडा पहले से ही बाहर था जिस को उसने सीधे अपने मुंह में ले कर चुसना शुरू कर दिया.

शिला- (दिल मे) "हे भगवान्, कितना गरम लंड है सतीश का....

शिला ने सतीश के लंड से बाहर आते प्रिकम को चखा और अपनी जीभ सतीशके लंड के सुपाड़े पर घुमाने लगी. उसका हाथ उसके लंड को पकड़ कर धीरे ऊपर नीचे होने लगा. शिला ड्राईवर सीट पर अपने घुटनों के बल बैठ कर, झुक कर उस के लंड को चूस रही थी, और उसकी नंगी गांड ऊपर हो गई थी. ये सतीश को खुला निमंत्रण था.

सतीश ने अपना हाथ उसकी गोल नंगी गांड पर घुमाते हुए फिर से उसकी टाईट गांड में अपनी ऊँगली डाल दी. शिला सतीश का लंड चूस कर, मुठ मार कर गरम कर रही थी और सतीश उसकी गांड में अपनी ऊँगली धीरे धीरे अन्दर बाहर कर के गरम कर रहा था.

सतीश को गांड मारना बहुत पसंद था और लड़की की गांड में ऊँगली करना उस को हमेशा अच्छा लगता था, और शिला को भी बहुत अच्छा लग रहा था. सतीश की शिला की गांड में घूमती ऊँगली उसे चुदवाने के लिए बेचैन कर रही थी.

शिला का अब लंड धीरे धीरे चुसना और धीरे धीरे मुठ मारना अब तेज हो चला था. उसके दोनों स्तन हवा में लटक रहे थे और आगे पीछे हिल रहे थे, उसकी गांड में सतीश की ऊँगली भी बराबर घूम रही थी.

जब शिला ने महसूस किया की उसने सतीश को उसका लंड चुसकर और मुठ मार कर आधे रास्ते तक ले आई है और अब चूत और लंड की चुदाई में वह दोनो साथ साथ झड़ सकतें है, तो शिला ने उस के तनतनाते हुए लंड को अपने मुंह से बाहर निकाला.
सतीश पेसेंजर सीट पर उसी तरह अधलेटा था और उसने शिला को उसी पोजीसन में अपने ऊपर आने को कहा. शिला उस पर लेट गई. उसकी पीठ सतीश की छाती पर थी और सतीश का खड़ा हुआ चुदाई का औजार, उस का लंड शिला की गांड के नीचे था. सतीश के दोनों परों को शिला ने अपने दोनों परों के बीच में ले कर चुदाई की पोजीसन बनाई. एक हात से शिला ने कार के दरवाजे के ऊपर के हँडल का सहारा और saport लिया और उसका दूसरा हाथ ड्राईवर सीट के ऊपर था. वह अब सतीश के लंड पर सवारी करने को तैयार थी. अपने दोनों हाथो के support से शिला ने अपनी गांड ऊपर की तो सतीश का लंड उसकी गीली, गरम और चिकनी चूत के नीचे आ गया.
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11-20-2020, 01:08 PM,
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वह इस तरह की अधलेटी पोजीशन में चुदाई करने जा रहे थे और वो भी फिर से कार में. ये एक यादगार चुदाई होने वाली थी.

सतीशके लंबे लंड को अपनी चूत में लेने के लिए, शिला को अपनी गांड काफ़ी ऊपर उठानी पड़ी..

सतीशने अपने लंड को हाथ से पकड़ कर, शिला की चूत के दरवाजे पर सही जगह लगाया..

अब ये शिला की ज़िम्मेदारी थी की वह उस को अपनी सुविधा के अनुसार, अपनी चूत में डाले,

शिला ने अपनी गांड थोड़ी नीचे की तो सतीश के गरम लंड का अगला भाग, उसकी चूत में घुस गया…

ये चुदाई के लिए, एक मुश्किल पोज़िशन थी..

अब ज़रूरत थी, उन दोनों को अपनी चुदाई की क़ाबलियत दिखाने की ताकि वह एक अच्छी चुदाई का मज़ा ले सकें,

ऐसा लग रहा था की शिला उसके तने हुए लंड के डंडे के ऊपर बैठी है..

शिला ने अपनी पकड़ दरवाजे के हैंडल पर ढीली की तो उसकी गांड थोड़ी और नीचे आई और सतीश का चुदाई का औज़ार उसकी चूत के अंदर की दीवारों को रगड़ता हुआ और थोड़ा, उसकी चूत में घुस गया..

शिलाने अभी भी दरवाजे से अपने हाथों का सहारा ले रखा था और उसकी गांड हवा में थी,

शिला थोड़ा ऊपर हुई तो सतीश का लंड करीब करीब उसकी चूत से बाहर आ गया, सिर्फ़ उसके लंड का सुपाड़ा ही उसकी चूत के अंदर था,

शिलाने अचानक अपने हाथों का सहारा छोड़ दिया और झटके के साथ, अपनी गांड नीचे की,

शिला की चूत में झटके के साथ, सतीशके लंबे लंड के पूरे घुसने से उसकी चूत में थोड़ा दर्द हुआ.. पर, उसका पूरा का पूरा लंड शिला की चूत ने खा लिया था..

सतीशका पूरा लंड, अपनी चुत में लिए वह उसके लंड पर, उसकी गोद में बैठी हुई, लंबी लंबी साँसे ले रही थी,

शिला नीचे देखा, सतीश के लंबे लंड का मुँह, उसकी चूत के अंदर से उसके पेट तक पहुँच रहा था..

चुदाई करने के लिए, धक्के लगाने के लिए उन्होंने पोज़िशन बनाई और शिला ने फिर से अपनी गांड ऊपर की..

अब सतीश नीचे से अपनी गांड, ऊपर नीचे करके अपने लंड को शिला की चूत में अंदर बाहर कर के, आसानी से उसे चोद सकता था और शिला भी ऊपर से चोद सकती थी और चुदवा सकती थी…

सतीश ने एक धक्का, चूत में अपने लंड का अपनी गांड उठा कर लगाया तो उसका लंड, फिर शिला की चूत में घुस गया..

जब सतीशने, अपनी गांड नीचे की तो फिर उसका लंड थोड़ा बाहर आया,

शिला भी हैंडल और सीट पकड़े हुए, चुदाई और धक्के लगाने में साथ देने लगी,

जब सतीश की गांड नीचे होती तो वह अपनी गांड, ऊपर करती और जब उसकी गांड ऊपर होती तो शिला अपनी गांड, नीचे करती.. ..

इस तरह, सतीश लंड उसकी चूत मे अंदर बाहर करते हुऐ चोदने लगा और शिला चुदवाने लगी…

दोनों को ही चुदाई की इस नई पोज़िशन में, मज़ा आने लगा,

सतीश ने अपने हाथ उसकी गांड के नीचे रख कर उसे सहारा दिया और साथ ही साथ उसकी गांड दबाता भी जा रहा था..

उनकी चुदाई का ये कार्यक्रम हाइवे के पास, नीचे जंगल मे खड़ी कार में चलने लगा और किसी को भी पता नहीं चल रहा था की वहाँ उन दोनों के बीच चुदाई हो रही है…

दो चुड़क्कड़, एक दूसरे को पूरी ताक़त से, पूरी क़ाबलियत से और पूरे मज़े से चोद रहे थे…

मज़ा ले रहे थे, मज़ा दे रहे थे…

उनका धक्के मारना, चोदना और चुदवाना लगातार जारी था और ज़रूरत के अनुसार, उनकी गति बढ़ती गई..

शिला की चूत की अंदर की दीवार, सतीश के लंड की रगड़ खा कर मस्त हो रही थी..

चुदाई की गरमी, कार के अंदर बढ़ती गई और बाहर लगातार बरसात होती रही,

उनके चोदने और चुदवाने की गति ज़ोर ज़ोर से, लंड चूत के धक्कों के साथ बढ़ती गई..

शिला का सर आगे पीछे हो रहा था और उसकी गांड, ऊपर नीचे हो रही थी…

सतीश उसकी गांड पकड़े, उसको दबा रहा था और बीच बीच में उसके स्तन भी मसल देता था…

बाहर, बरसात का संगीत था..

पानी की बूँदें, कार की छत पर गिर कर आवाज़ कर रही थी तो अंदर कार में सतीश का मोटा, ताज़ा, लंबा लंड, शिला की चूत को रगड़ता हुआ, अंदर बाहर होता हुआ, फ़चा फक… फ़चा फक… फ़चा फक… की आवाज़ कर रहा था..

शिला के हाथों में अब दर्द होने लगा तो उसने थोड़ा नीचे झुक कर, अपने दोनों हाथ उसकी जांघों पर रख लिए.. जिस से, उसे थोड़ा आराम मिला..

चुदाई, बिना रुके लगातार जारी थी..

सतीश का मज़बूत लंड, उसकी चूत को चोदते जा रहा था… चोदते जा रहा था… …

शिला चुदवाते हुए झड़ने के करीब पहुँच चुकी थी और उसे लग रहा था की सतीश के लंड का रस भी उसके झड़ने के साथ ही निकलेगा क्यों की उस के लंड का सुपाड़ा उसकी चूत में फूल रहा था और उसके चोदने की रफ़्तार, लगातार तूफ़ानी होती जा रही थी…
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11-20-2020, 01:08 PM,
RE: Maa Sex Story आग्याकारी माँ
शिला के बदन मे ऐंठन होने लगी.. जो, उसके झड़ने के करीब होने का सबूत था..

मज़े के मारे उसने अपनी आँखें बंद कर ली और वह करीब करीब चिल्ला ही उठी,

शिला- "आहहह..आहह..उउउहह… सतीशशश..मैय्य्य्य गईईईई...!!!

वह झड़ चुकी थी… … …

उसका हो गया था… …

शिला ने चुदाई की मंज़िल, पा ली थी…

शिला ने सतीशके धक्के मारते लंड को, अपनी चूत मे जकड़ने की कोशिश की,

सतीश- "शिलाआअअअ… मेरारारा... भी निकल ने वाला है…!!

शिला ने सतीश के लंड पर अपनी चूत की पकड़ ढीली की तो सतीश उसे फिर से चोदने लगा और कोई 10-12 धक्कों के बाद वो भी आनंद के कारण चिल्लाया

सतीश- "शिलालालाला … आआ ह ह ह ह ह ह ह हहह…!!

एक जोरदार धक्के के साथ, सतीश के लंड ने अपने प्रेम रस की बरसात शिला की चूत के अंदर करनी शुरू कर दी..

उस का लंड, चूत को अंदर से अपने प्रेम रस से भरने लगा…

सतीश ने उसे कस कर पकड़ लिया और उसका लंड, नाच नाच कर शिला की चूत में अपने पानी का फव्वारा छोड़ रहा था..

शिला ने उसके लंड को, अपनी चूत में कस कर जकड़ लिया और पीछे हो कर, उसकी छाती पर अपनी पीठ टीका कर, उसके ऊपर उसकी तरह, लेट गई…

दोनों ही खुश थे की घर जाने से पहले, वह एक शानदार और यादगार चुदाई कर चुके थे…

वह कुछ देर यूँही पड़े रहे और थोड़ी देर बाद, जब सतीश का लंड शिला की चूत में नरम पड़ने लगा और उसके लंड का उसकी चूत में छोड़ा हुआ पानी उसकी चूत से बाहर आने लगा तो शिला ने शरारत से अपनी गांड हिलाई और सतीश का लंड उसकी चूत से बाहर आ गया…

साथ ही, उसके लंड का काफ़ी सारा पानी भी उसकी चूत से निकल आया..

शिला उठ कर ड्राइवर सीट पर आ गई और उसने अपनी चूत और उसका लंड टिश्यू पेपर से साफ़ किया,

साथ ही साथ, शिलाने लंड से उसकी चूत में निकाला गया पानी जो बाहर कार में गिरा था, उसको भी साफ़ किया…

इतनी देर चुदवाने के बाद, अब शिला मूतना चाहती थी..

बाहर, अभी भी बरसात ही रही थी,

शिला- "मुझे मूतना है… क्या कार में, छतरी है… ??

सतीश- "छाता तो नहीं है, यार… बाहर जाओगी तो, भीग जाओगी…?

सतीश- "मूतना तो मैं भी चाहता हु...!!

वह दोनों ही, हंस पड़े,

सतीश- "मैं कार के बाहर जाए बिना ही, कार के अंदर से ही बाहर मूत सकता हु…!!

एक मर्द होने का, ये एक बड़ा फायदा है,

सतीशने अपनी तरफ का कार का दरवाजा थोड़ा खोला, अपने लंड को पकड़ कर ऊपर किया और उसके लंड से मूत की धार निकलने लगी.. जो, बाहर काफ़ी दूर तक जा रही थी..

बिना कार में मूत की एक भी बूँद गिराए, सतीश ने अपना मूतना पूरा किया और कार का दरवाजा वापस बंद किया..

सतीश- "बरसात अपने पूरे ज़ोर में है… वापस जाते समय, रास्ते में जो भी पहला होटेल आएगा, वहाँ आराम से मूत लेना…

शिला- "नहीं… मैं भी यहाँ तुम्हारी तरह, मूतने की कोशिश करती हूँ…!!

सतीश हँसने लगा,

सतीश- "चलो ठीक है… कोशिश करो… लेकिन, कार में ही मत मूत देना…!!

शिला ने कार का दरवाजा खोला, अपने पैर बाहर की तरफ कर के बैठी..

उसने अपनी गांड ऊपर करके चूत को बाहर की तरफ किया और चूत के दोनों तरफ अपनी दो उंगलियाँ रख कर दबाया और मूतने के लिए ज़ोर लगाया..

शिला खुश हो गई की उसकी चूत से भी मूत की धार निकलने लगी और वो कार के बाहर गिरने लगी…

शिला ने भी मर्दों की तरह, मूत कर दिखा दिया..

शिला ने फिर से टिश्यू पेपर ले कर, अपनी चूत पर लगा मूत साफ़ किया,

उसने अपनी जीन्स और पेंटी पहनी,

सतीशने पीछे से उसकी ब्रा का हुक लगाया और शिला ने अपने टॉप के खुले हुए बटन बंद किए,

अब वह, घर जाने के लिए तैयार थे…

दोनों ही, चुदाई बाहर होती बरसात में, कार के अंदर कर चुके थे और वो भी हाइवे के पास, बिना किसी को पता चले..

ये बहुत ही रोमांचक और याद रहने वाली, चुदाई थी…

दोनों घर की तरफ, बियर पीते हुए चल पड़े…
करीब 50 मिनट में हम शालू के अपार्टमेंट पहुँच गए..
सतीश ने शालू को किस किया ओर उससे जाने की इजाजत मांगी फिर मिलते रहने का वादा लेकर शालू ने इजाजत दी,सतीश ने अपनी कार अपने घर की और मोड़ दी,यह मुम्बई से पुणे का सफर सतीश को हमेशा याद रहेगा, जब वह घर पहुंचा तो10 बज रहे थे गाड़ी पार्क करके उसने डोर बेल बजायी...

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01-14-2021, 12:36 PM,
RE: Maa Sex Story आग्याकारी माँ
(11-20-2020, 01:08 PM)हैल्लो दोस्तों, यह बात उन दिनों की है जब मेरी मौसी जिनका नाम सपना है वो सहारनपुर से आई हुई थी जो मेरी मम्मी से उम्र में छोटी थी। उनकी उम्र करीब 35 साल थी और उनके तीन भी बच्चे थे तब उनके साथ बच्चे भी आए हुए थे और उनकी शादी 16 साल पहले हुई थी और उनके पति किसी विभाग में सरकारी नौकरी करते थे और मेरी वो सपना मौसी अपने बूब्स का बहुत ख्याल रखती थी। Wrote: दोस्तों एक तो उनका वो रंग बहुत गोरा था और उनके गाल भी हमेशा गुलाबी रहा करते थे। उनके बूब्स वैसे बहुत ज़्यादा बड़े नहीं थे, लेकिन हाँ उनकी गांड बहुत ज़बरदस्त थी। जब भी वो चलती थी तो मेरा ध्यान अक्सर उनकी गांड पर अटक जाता था और वो हमेशा साड़ी ही पहना करती थी। कसम से साड़ी में वो बिल्कुल मस्त क़यामत लगती थी और उनका साड़ी बाँधने का तरीका भी कुछ नया था।

वो हमेशा अपनी साड़ी को उनकी नाभि के बहुत नीचे बाँधती थी और वो हमेशा आधी बांह का गहरे गले का ब्लाउज ही पहना करती थी, जिससे कि जब भी वो नीचे झुकती थी तो उनके गोरे गोलमटोल बूब्स का वो नज़ारा में बहुत आराम से देख लिया करता था और अपनी मम्मी और बुआ यहाँ तक की कई बार अपनी बहन की चुदाई करने के बाद में अब बहुत ही चुदक्कड़ हो चुका था और मेरे वैसे मेरी कहानियों को पढ़ने वाले तो अच्छी तरह से जानते ही होंगे कि बड़ी उम्र की औरतें शुरू से मेरी कमज़ोरी रही है।


मैंने एक रात को अपनी मम्मी की चुदाई करते हुए जब मौसी की तारीफ उनके सामने करना शुरू किया, तब मम्मी ने मेरी वो बातें सुनकर मुझसे कहा कि साले मादारचोद मुझे तो पहले से ही पता चल गया था कि तू मेरी बहन को बिना चोदे नहीं छोड़ेगा, क्योंकि में तुझे उसके बूब्स को घूर घूरकर उनकी तरफ झांकते हुए कई बार देख चुकी हूँ और तू जब भी उसकी कूल्हों की तरफ देखता था तब में तुरंत समझ जाती थी कि तू साला बहनचोद अब अपनी मौसी की गांड भी जरुर एक दिन मारेगा और वो छिनाल भी हमेशा ब्लाउज भी ऐसे ही पहना करती है कि उसके पूरे बोबे बाहर लटके रहते है, रंडी साली वो ऊपर का हुक भी नहीं लगाती है, कई बार तो तेरे पिता जी भी मुझसे उसको सही से कपड़े पहने के लिए मुझसे कह चुके है और वो उस दिन मुझसे बोले थे कि तुम ही समझा लो मेरी साली को वरना बाद में तुम मुझसे ना कहना कि मैंने उसके बूब्स को दबा दिया है और में हमेशा उनकी उस बात को हंसकर टाल जाती थी। अब आज तू भी अपनी मौसी को चोदने की बात मुझसे कह रहा है, तू भी साला बहुत बड़ा हरामी हो गया है।

दोस्तों मेरी मम्मी को चुदाई करवाते समय गालियों से बात करना बहुत अच्छा लगता है और तभी में जो इतनी देर से अपनी मम्मी की वो बातें बकवास को सुने जा रहा था। में अब उनके बड़े आकार के मुलायम बूब्स और सेक्सी बदन को दबाते हुए बोला कि तो साली मेरे ऐसा कहने सोचने में हर्ज़ ही क्या है? अगर अपनी बहन को मेरा लंड खिला देगी तो जीवन का असली मज़ा आ जाएगा, क्योंकि जब तुझे ही मेरे लंड को लेने में इतना मज़ा आता है तब वो तो तुम से उम्र में बड़ी छोटी है और मौसा जी भी बाहर ही ज़्यादा रहते है, इसलिए उसकी चूत भी हमेशा प्यासी ही रहती होगी, कसम से जब मेरा लंड उसकी टाइट चूत में जाएगा तब मुझे और उसको बड़ा मज़ा आएगा। मम्मी प्लीज एक बार चुदवा दो ना।

अब मम्मी ने कहा कि अच्छा अच्छा अब अभी तो तू मन लगाकर मेरी चुदाई कर और उसके बाद में तुझे बताती हूँ और उसके बाद मैंने मम्मी की चूत को चाटकर उनकी चूत में बहुत ही जोरदार ढंग से अपना पूरा पांच इंच का लंड डालकर बहुत बेरहमी से उनको चोदा था और मैंने मम्मी को थोड़ी देर बाद ही उनकी चूत में अपने लंड का पानी छोड़ दिया और फिर मैंने एक बार पलटकर उनकी गांड मारी जिससे मेरी माँ बहुत ही थक चुकी थी।

अब हम दोनों चुदाई के पूरे मज़े लेकर उसकी वजह से बहुत थककर सो गये। फिर दूसरे दिन जब में नहा रहा था तो मुझे अपनी मम्मी की आवाज़ सुनाई दी वो मेरी सपना मौसी से कह रही थी सपना तुम कुछ उदास सी लग रही हो क्या बात है?

तब मौसी ने कहा कि कुछ नहीं दीदी बस थोड़ा सा थक गयी हूँ इसलिए आपको शायद ऐसा लग रहा है, लेकिन अब मम्मी ने उनसे कहा कि नहीं तुम्हारे मन में कुछ तो बात है जिसको तुम मुझसे छुपाने की कोशिश कर रही हो, लेकिन तुम्हे बनाते में कुछ डर झिझक महसूस हो रही है इसलिए तुम मुझे नहीं बता रही हो प्लीज मुझे बताओ में तुम्हारी उसमे मदद जरुर करूँगी और तब तक में भी बाथरूम से बाहर निकल आया था।

मौसी अब कुछ कहने ही जा रही थी, लेकिन मुझे देखकर वो फिर से चुप हो गयी। तब में अपने रूम में चला गया और मैंने दरवाजा बंद करके अपने कान इधर ही लगा दिया, में बहुत ध्यान से सुनने लगा। फिर मौसी ने झिझकते हुए बोलना शुरू किया क्या बताऊँ दीदी आजकल मेरे जीवन में उनको लेकर बहुत समस्या आ रही है, तब माँ ने उनसे कहा कि तुम मुझे ऐसे नहीं पूरी तरह से खुलकर बताओ कि वो क्या बात है जो तुम्हे इतना परेशान किए जा रही है? अब मौसी ने कहा कि दीदी आजकल रिंकू के पापा मुझ पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे और जबकि मेरी शादी के बाद से अभी चार साल पहले तक तो वो मेरे साथ हमेशा रोज़ ही सोते थे।

माँ ने कहा कि अच्छा और ऐसे खाली सोने से ही तीन बच्चे पैदा हो गये? क्या तुम्हारे पास इसका कोई जवाब है? अब मम्मी की उस बात को सुनकर मौसी को एकदम से हंसी आ गयी और मुझे भी अपनी छिनाल माँ की बात पर बहुत हंसी आई। फिर माँ ने कहा कि में तेरी समस्या को बिल्कुल ठीक तरह से समझ गयी हूँ। तू मुझसे यही कहना चाहती है कि अब आनंद तेरी पहले की अपेक्षा ठीक तरह से चुदाई नहीं करता है, लेकिन इसमे तुझे इतना परेशान होने की कोई भी बात नहीं है क्योंकि वो भी तो तुम सबके लिए ही रात दिन एक करके पैसा कमा रहा है ना, अब वो सारा समय तेरी चूत के चक्कर में खराब तो नहीं कर सकता ना, उसको और भी बहुत सारे काम होते होंगे।

अब मौसी ने थोड़ा सा गुस्से में आकर कहा हाँ, लेकिन दीदी अब तो कई सप्ताह गुजर जाते है उन्हे मेरे साथ संभोग किये, में कब तक ऐसे ही तड़पती रहूँ और मुझे भी अब बहुत याद आने लगी है। अब मम्मी ने कहा कि संभोग, यह क्या होता है यह किस चीज़ का नाम है? अरे मेरी नादान बन्नो इसे चुदाई कहते है और अब तीन तीन बच्चे बाहर आने के बाद भी तू तो ऐसे शरमाती है जैसे कुँवारी कली हो, चल कोई बात नहीं आज में तेरी प्यास को जरुर बुझवा दूँगी। अब मौसी ने कहा कि मुझे सब पता है कि तुम मुझे क्या बताओगी दीदी, यही ना कि में अपनी चूत में मोमबत्ती डालकर इसको शांत कर लूँ या फिर कोई बेंगन घुसा लूँ।

अब मम्मी ने कहा कि पहले तो तू अपने शब्दों को सही कर तू हमेशा ऐसे ऐसे शब्द बोलती है जो समझ में ही नहीं आते और में तेरी चूत में मोमबत्ती नहीं घुसने दूँगी बल्कि पूरा पांच का मोटा ताज़ा लंड डलवाकर आज तुझे वो मज़े दे दूंगी, जिसके लिए तू अब तक इतना परेशान हो रही है। फिर अपनी मम्मी के मुहं से वो बात सुनकर में मन ही मन बहुत खुश हो गया और में आज रात को अपनी मौसी की चूत मारने के बारे में सोचने लगा और थोड़ी देर बाद ही मैंने सुना कि मम्मी उनसे कह रही थी कि देख सपना में तुझे चुदवा तो दूँगी, लेकिन मेरी एक शर्त है।

फिर मौसी पूछने लगी कि वो क्या दीदी? यही कि तुझे चूत और लंड की बातें पूरी तरह से खुलकर करनी होगी, एकदम किसी बज़ारू रंडी की तरह, तब मौसी ने कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन आप मुझे यह बताए कि आप मुझे चुदवाएगी किससे?

तब मम्मी ने उनसे कहा कि वो तुम्हे आज रात को ही पता लग जाएगा और जैसे तैसे दिन काटने के बाद रात आई और सबके सोने के बाद मम्मी मेरे रूम में आ गई और वो मेरे होंठ पर किस करते हुए मुझसे कहने लगी कि चल मेरे चोदू राजा, आज अपनी मौसी की चूत का स्वाद भी चख ले, ऐसी माँ तूने कभी नहीं देखी होगी कि वो खुद भी चुदवाए और अपनी बहन को भी चुदवाए? तब मैंने कहा कि मम्मी क्या आपने मौसी को बता दिया कि आज उसकी चूत को कौन मारेगा? नहीं बेटा मैंने अभी उसको कुछ भी नहीं बताया है, अब तू जब मेरे साथ चलेगा तब वो खुद ही देख लेगी और उसको सब पता चल जाएगा।

अब मैंने उनसे कहा कि उसको मेरे साथ ऐसा करने पर बुरा तो नहीं लगेगा? एक तो वो हम दोनों से नाराज हो जाए। फिर मम्मी कहने लगी कि अरे वो बुरा कैसे मानेगी उस साली की चूत में खुद ही चुदाई के नाम के कीड़े काट रहे है और जब कोई औरत एक बार अपनी चुदाई करवाने के बारे में सोचती है तब फिर वो किसी से भी अपनी चुदाई करवा लेती है और इस तरह में मम्मी के साथ ही उनके रूम में चला आया।

तब मैंने देखा कि मौसी मम्मी के बेड पर बैठी हुई थी और मुझे देखकर वो थोड़ा सा संभलकर बैठ गयी। अब मम्मी ने कहा कि सपना देख लो अपने चोदू को, आज यही तुम्हारी चूत मारेगा और उनकी बात को सुनकर मौसी का चेहरा एकदम लाल हो गया और वो झपटते हुए बोली कि हाए दीदी आप कैसी बात कर रही है, भला में अपने भांझे से कैसे संभोग कर सकती हूँ।

मेरी मम्मी ने कहा कि तू फिर मेरी शर्त को भूल रही है अरे जब में अपने सगे बेटे से अपनी चुदाई करवा सकती हूँ और इसको अपने सामने ही अपनी बेटी की चूत भी मरवाने का मज़ा दिलवा चुकी हूँ तब तुझे इसके साथ चुदाई के मज़े लेने में क्या परेशानी है?

अब मौसी बोली कि हाए दीदी आप कितनी निर्लज हो, भला अपने लड़के से भी कोई माँ अपनी चुदाई करवाती है? तभी मम्मी उनको कहने लगी तू बोल तुझे चुदवाना है या में तेरे सामने चुदवाकर अपनी चूत की खुजली इससे मिटवा लूँ साली नाटक करती है, अरे थोड़ा सा सोच घर की बात घर में ही रहेगी और ससुराल जाकर पता नहीं मोहल्ले के किस लड़के से तू अपनी चुदाई करवाने लगी तो तुझे उस वजह से एड्स का ख़तरा भी हो सकता है, में कह रही हूँ कि राज से ही चुदाई करवा ले, घर की बात घर में ही रहेगी और इसका लंड भी बहुत दमदार बड़ा शानदार है।

अब मौसी ने कहा कि दीदी मुझे तो ऐसा इसके साथ करने में बड़ी शरम आती है, में यह सब कैसे कर सकती हूँ? तब मम्मी ने मौसी की साड़ी के ऊपर से ही उनकी चूत के पास चिकोटी काटते हुए कहा कि मेरी रानी एक बार लंड डलवा लेगी तो उसके बाद तू अपने ससुराल भी जाना भूल जाएगी। चल अब जल्दी से इस साड़ी को खोल डाल और यह बात कहकर मम्मी ने मौसी की साड़ी को खींचना शुरू किया और थोड़ी ही देर के बाद मौसी सिर्फ़ ब्लाउज और पेटीकोट में रह गयी और अब मुझसे वो सब द्रश्य को देखकर बिल्कुल भी बर्दाश्त करना बहुत मुश्किल हो रहा था और इसलिए मैंने मम्मी के बूब्स को दबाते हुए कहा कि मम्मी पहले एक बार आप मुझसे अपनी चुदाई करवा लो।

उसके बाद हम मौसी को भी देख लेगे। फिर मम्मी ने मुझसे कहा कि साले अब तू पहले अपनी मौसी को ही चोदना तूने पहले कुछ दिनों से मेरी नाक में दम कर दिया है कि मौसी को चोदना है और अब जब मैंने उसको चुदाई के लिए तैयार कर लिया है तो तू मुझसे कह रहा है कि पहले तू मेरी चुदाई करने चला, तू चल अब जल्दी से अपना लंड अपनी मौसी को दिखा और फिर मेरी मम्मी ने इतना मुझसे कहते ही झट से मेरी लूँगी को एक ज़ोर का झटका देकर खोल दिया उस समय मैंने नीचे कुछ भी नहीं पहना हुआ था और अब मौसी को अपने सामने ब्लाउज और पेटीकोट में देखकर वैसे ही मेरा लंड फनफनाने लगा था। में उस समय बहुत जोश में था।

अब मम्मी ने मेरे लंड को पकड़कर खींचते हुए मौसी की तरफ बढ़ाते हुए कहा कि लो ज़रा तुम इसको एक बार अपने हाथ में लेकर देखो इस साले का हमेशा कितना गरम रहता है और जैसे ही मौसी ने अपने नाज़ुक से हाथ को डरते हुए आगे बढ़ाकर मेरे लंड पर लगाया तो मुझे उसकी वजह से एक झटका सा लगा और मौसी ने तुरंत अपने हाथ को पीछे हटा लिया।

मम्मी ने उनको कहा कि पकड़ ले साली इतना क्यों नखरा दिखाती है और जल्दी से इसको चूस ले, तुझे असली मज़ा आने लगेगा। दोस्तों मम्मी ने मौसी से अपनी बात को खत्म करते हुए अपने सारे कपड़े भी उतार दिए और में तो पहले से ही नंगा था।

मैंने मौसी का ब्लाउज भी खोल दिया और मौसी मेरा लंड छोड़कर अपने बूब्स को छुपाने लगी और वो अपने दोनों हाथों को अपने दोनों बड़े आकार के बूब्स के ऊपर रखकर उन्हें छुपाने की कोशिश करते हुए बैठ गयी और तभी मम्मी पीछे की तरफ आई और उन्होंने मौसी के कान पर एक चुंबन लेते हुए वो बोली कि मेरी जान अब तो तू इतना शरमाना छोड़ दे, अब तो तुमने इसका लंड भी देख लिया है और यक़ीनन अब तुम्हारी चूत भी पनिया गयी होगी, इतना कहकर मम्मी ने मौसी के दोनों हाथों को एक झटका देकर दूर हटा दिया और में झट से मौसी के बूब्स को दबाने लगा, वाह वो बहुत ही मुलायम बड़े ही मज़ेदार भी थे उनके बूब्स जहाँ जिस हालत में थे वहीं मेरी मम्मी के दोनों बूब्स अब पहले से बहुत ज्यादा लटक चुके थे वहीं अभी मेरी मौसी के बूब्स में बहुत कसावट बाकी थी और उनके निप्पल में गजब का आकार था, जिसे में अपनी चुटकियों से रगड़ रहा था और निप्पल को मसल भी रहा था।

अब मम्मी पीछे से मौसी की पीठ पर अपने बूब्स को रगड़कर उनको गरम करने की कोशिश कर रही थी जिसकी वजह से अब मौसी के मुहं से ऊऊओफफ्फ़ आआआअहह स्सीईईईईइ की आवाज निकल रही थी। तो मैंने अपना हाथ सीधे उनके पेटीकोट के अंदर डाल दिया वो चीख पड़ी और मेरा हाथ दूर हटाने लगी, लेकिन में अब कहाँ मानने वाला था।

मैंने जल्दी से उनके पेटीकोट का नाड़ा ढीला कर दिया और पेटीकोट को भी मैंने उनके पैरों से खींचकर निकाल दिया और अब मौसी मेरे ऐसा करने से बिल्कुल नंगी हो चुकी थी। उन्होंने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को छुपा लिया था। तभी मम्मी ने पीछे से मौसी के दोनों हाथों को पकड़ लिए और वो मुझसे बोली कि राज चल अब अपनी मौसी की चूत को चाटने का मज़ा दे और इतना सुनकर में मौसी की बिना बालों वाली फूली हुई गुलाबी चूत को देखने लगा, जिसकी फांके बहुत सुंदर लग रही थी। में अपना हाथ मौसी की चूत पर फेरने लगा और फिर मेरा हाथ अपनी चूत पर पाकर मौसी चीख पड़ी और उनके मुहं से एक सिसकी निकलने लगी।

मैंने उनकी चूत की फांकों को अपने हाथ से फैलाकर उसकी चूत का में करीब से नज़ारा देखने लगा, जिसकी वजह से मुझे चूत के अंदर का गुलाबी भाग बहुत ही सुंदर लग रहा था और उसमें से भीनी भीनी खुशबू भी आ रही थी।

फिर मैंने जैसे ही अपनी जीभ को बाहर निकालकर उसकी चूत पर रखी तो मौसी एकदम उछल पड़ी और आईईईईईईई ईस्स्स्स्स्सस्स हईयईईईई राज उूउउफ्फ तुम यह क्या करते हो? दीदी प्लीज मुझे बहुत गुदगुदी हो रही है और तभी मौसी ने अपने दोनों हाथों से मेरा सर पकड़ लिया और अपनी चूत पर वो मेरा मुहं दबाने लगी थी।

कुछ देर चाटने के बाद मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ को घुसा दिया और मेरी जीभ जैसे ही उसकी चूत में गई वो उछल पड़ी आऐययईईईई राम दीदी यह राज कितना गंदा है उूउफफफफफ्फ़ मुझे बहुत गुदगुदी हो रही है। तो मम्मी बोली कि अभी तो यह सिर्फ़ तेरी चूत को चूस और चाट ही रहा है जब अपने खड़े लंड के झूले पर बैठाकर तुझे यह झूला झुलाएगा तब तू देखना कितना दम है इसके लंड में? और तुझे तब कितना मज़ा और मस्ती आएगी जो तुझे कभी पहले नहीं आई।

यह बात कहकर मम्मी ज़ोर ज़ोर से मौसी के बूब्स को मसलना शुरू कर दिया था और उसके निप्पल को भी वो दबा रही थी। ऐसा करने के साथ साथ कभी कभी अपने हाथों से मौसी के निप्पल को भी दबा देती। अब तो मौसी को दुगना मज़ा आ रहा था, एक तरफ में अपनी जीभ को उनकी चूत में डाले हुए था और मम्मी उसकी बूब्स को दबा रही थी।

अब तो मौसी के बदन में भी चुदाई की आग भड़क चुकी थी इसलिए वो सारी लाज़ शरम भुला चुकी थी और वो एकदम बेशराम होते हुए कह रही थी आओ मेरे चोदू राजा चूसकर पी जाओ मेरे पूरे माल को आआह्ह्ह्ह इसस्स्स्स्स्स्सस्स इस तरह का मज़ा आईईईईई तो मुझे कभी तेरे मौसा ने भी नहीं दिया है आआअहह और वो अपनी चूत को उचकाने लगी और में भी उनकी चूत की दरारों को फैलाकर उनके दोनों पैरों को अपने कंधे में फंसाकर बहुत ही जोरदार तरीके से उसकी चुसाई कर रहा था, आअहह मेरी छिनाल मम्मी आज तो तेरी बहन की चूत को चाटने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा है यह तो बहुत ही मजेदार स्वादिष्ट है ऐसा तो मुझे पहले कभी स्वाद नहीं मिला।

अब मम्मी मुझसे कहने लगी अबे साले मदारचोद अब तू इसकी जल्दी से चूत का पानी निकाल दे इतनी देर से उसमे घुसा पड़ा है और अभी तक एक बार भी तू इसका पानी नहीं निकाल पाया। तू ऐसा क्या कर रहा है इसके साथ? तो मैंने कहा कि मम्मी इसकी चूत अभी तक इतना चुदी ही नहीं है और आज पहली बार ही तो इस बेचारी की चूत की जमकर चूसाई हो रही है फिर भला यह इतनी जल्दी कैसे अपना पानी छोड़ेगी और इसको कुछ देर और लगेगी और अब तेरी चूत की बात अलग है तेरी तो चूत अब पूरी तरह से भोसड़ा बन चुकी है जो कुछ देर में ही जोश में आकर अपनी पानी छोड़कर ठंडी पड़ जाती है।

अब तक मम्मी बहुत तप चुकी थी और मेरे सर पर एक हाथ मारते हुए वो मुझसे कहने लगी अब तू कभी मारना मेरी चूत, में तेरी गांड पर एक ज़ोर से लात मारूँगी, इतनी ज़ोर से कि तू उसी समय अपनी चुद्दो मौसी की चूत में ही पूरा घुस जाएगा और तभी मौसी बोली कि साले चोदू तू क्या बातें ही चोदेगा या अब मेरा पानी भी निकालेगा और वैसे में तुझे बता दूँ कि में अब झड़ने वाली हूँ इसलिए तू अब थोड़ा जल्दी जल्दी अपनी जीभ को मेरी चूत में चला हाँ और भी ज़ोर ज़ोर से धक्का मार और वो मुझसे इतना कहकर अब अपनी चूत को उचकाने लगी थी और उनके मुहं से उूउउइईईईईई प्लीज आह्ह्ह्ह जल्दी करो ऊऊह्ह्ह्ह राज आह्ह्ह्ह हाँ पूरा अंदर तक डालकर तू मेरी चूत को चूस और तभी इतना कहते हुए मेरी मौसी झड़ने लगी थी, जिसकी वजह से अब उनका ढेर सारा रस में बहुत ही चाव से पूरा पी गया और पूरी तरह से झड़ जाने के बाद मौसी अब थककर एक तरफ बेड पर लेट गयी और उसके बाद मैंने अपनी मम्मी की गांड मारी और मौसी को तो उस रात को मैंने चार बार चोदा और उसका भी भोसड़ा बना दिया था, जिसकी वजह से वो बहुत खुश पूरी तरह से संतुष्ट थी।


No. 2 

हैल्लो दोस्तों, कैसे है आप सब? मेरा नाम राज है और में से आपके लिए एक स्टोरी लेकर आया हूँ और अब में आपको अपनी कहानी बताता हूँ जो पिछली बार मैंने अधूरी छोड़ दी थी और जिसमें में बुआ को चोद रहा था तो तब उन्होंने मुझसे पड़ोस की पूनम चाची का ज़िक्र किया था और कहा था कि वो मुझसे चुदना चाहती है और में उससे चुदवाने का वादा कर चुकी हूँ तो राज कल तुझे पूनम को चोदना है.
तब मैंने कहा कि वही पूनम चाची ना जिसके यहाँ में अक्सर बचपन में जाता था और जो बहुत खूबसूरत थी और उनका फिगर भी बहुत शानदार था. तब बुआ ने कहा कि हाँ तब तो मैनटेन था, लेकिन अब तो साली की चूत भोसड़ा बन गयी है और उसकी गांड भी फैल चुकी है. उसके मुझसे भी बड़े बड़े कूल्हें है, उस साली का पति ज़्यादातर उसकी गांड ही मारता है. मैंने जब से उसे तेरे लंड के बारे में बताया है तब से ही वो चुदवाने को बेकरार है.
तब मैंने बुआ से कहा कि अब आप इतना कह रही है और वादा भी कर चुकी है तो अब में आपकी बात कैसे टाल सकता हूँ? दोस्तों बुआ की 2 लड़कियाँ भी मुझे अपनी माँ को चोदते हुए देख चुकी थी और वो दोनों भी मुझसे चुदवाने को बेकरार थी, लेकिन मुझे ज़्यादा उम्र की औरतों के साथ ही मज़ा आता था. खैर उस दिन रात को रोज की तरह ही में लुंगी पहने हुए था और खाना वगैराह खाने के बाद जब में बुआ के रूम में गया तो मैंने देखा कि वहाँ पूनम चाची पहले से ही मौजूद थी और पिंक कलर की हल्की साड़ी में वो बहुत खूबसूरत नजर आ रही थी, लेकिन उनका बदन पहले के मुताबिक ज़्यादा भर गया था, जो चूची पहले छोटी हुआ करती थी, वो अब बड़ी हो गयी थी और ऐसा लग रहा था कि ब्लाउज फाड़कर बाहर निकल पड़ेगी और वहीं बगल में बुआ भी बैठी थी.

अब मुझे इस तरह से पूनम चाची को देखते पाकर वो बोली कि साले उधर ही देखता रहेगा या इधर भी देखेगा और मेरी लूंगी खींचते हुए अपने पास खड़ा किया और मेरी लूंगी के ऊपर से ही मेरा लंड सहलाने लगी, लेकिन में पूनम चाची के सामने थोड़ा शरमा रहा था, जो शायद चाची समझ गयी थी और बुआ के कंधे में अपना हाथ डालते हुए कहा कि रत्ना देखो तो मुझसे शर्मा रहा है, अरे जब बचपन में तू आता था तो तुझे में ही नहलाती थी और तेरी नूनी को भी रगड़ती थी. तब मैंने कहा कि तब की बात और थी, चाची तब में बच्चा था. तब चाची ने कहा कि अब क्या हो गया?
तब बुआ ने कहा कि छिनाल अभी कल ही तुझे बताया है कि राज का पूरा 9 इंच का लंड हो चुका है और यहाँ तक कि मेरी फटी हुई चूत को भी जब चोद रहा था तो तब उसमें भी इसका लंड फंस फंसकर जा रहा था और ये कहते ही बुआ ने मेरी लूंगी खींचकर उतार दी. अब में सिर्फ़ नेकर में रह गया था, तो तब बुआ ने मेरी नेकर के अंदर अपना एक हाथ डालकर मेरे लंड को सहलाना शुरू कर दिया और चाची अपने एक हाथ से बुआ की चूची उसके कपड़ों के ऊपर से ही मसल रही थी और अपने एक हाथ को अपनी साड़ी के अंदर ले जाकर अपनी चूत रगड़ रही थी. तभी बुआ ने मेरी नेकर भी उतार दी, लेकिन मेरा ध्यान तो खिड़की की तरफ ही लगा हुआ था, क्योंकि मुझे ऐसा लग रहा था कि रोज की तरह ही उनकी दोनों लड़कियाँ आज भी अपनी माँ की चूत का नज़ारा देखने आएगी, लेकिन अभी तक मुझे वो दोनों नजर नहीं आई थी.
बुआ और चाची दोनों एक साथ ही मेरे लंड पर झपट पड़ी. थोड़ी देर तक वो दोनों बहुत मज़े से मेरा लंड सहलाती रही और जब उसमें थोड़ा तनाव आना शुरू हुआ तो पूनम चाची ने कहा कि में पहले इसका लंड अपने मुँह में डालूंगी और इसका रस चूसकर पीऊँगी. तब बुआ ने कहा कि साली हलक में अटक जाएगा इतना लंबा बिल्कुल बाँस की तरह है, चल हम दोनों एक साथ ही अपने मुँह में लेते है और जब ये झड़ने वाला होगा तो तब तू अपने मुँह में डाल लेना, तब ही मुझे खिड़की के पास थोड़ी आहट सुनाई दी.
मैंने धीरे से उधर देखा तो बुआ की दोनों बेटियाँ नंगी अवस्था में वहाँ पर खड़ी थी और मेरी उनसे नजरे भी मिल गयी थी, लेकिन में जानता था कि वो दोनों मेरी झाँटे भी टेडी नहीं कर पाएँगी और अपनी माँ को चुदते हुए देखकर अपनी ही चूत में उंगली करके सो जाएँगी.
अब मुझे उनकी जवानी पर तरस आ रहा था और अब मैंने उसी पल सोच लिया था कि में ही उन दोनों की चूत का उद्घाटन करूँगा और में उधर से ध्यान हटाकर लंड चुसवाने का मज़ा लेने लगा. अब बुआ और चाची बहुत ही अलग अंदाज से मेरा लंड चूस रही थी.
अब बुआ कभी-कभी नीचे मेरे लटके अंडो को भी अपने मुँह में भर लेती थी और में उन दोनों के सिर के बाल कसकर पकड़े हुए था. तब ही मुझे लगा कि में झड़ने वाला हूँ तो तब मैंने बुआ से कहा कि बुआ अब में झड़ने वाला हूँ, अब मेरा लंड पानी छोड़ेगा. तब ही बुआ ने अपना मुँह हटा लिया और चाची अपने दोनों हाथ से मेरा लंड जल्दी-जल्दी अपने मुँह में अंदर बाहर लगी.
तब ही में एक तेज पिचकारी छोड़ते हुए झड़ गया और मेरा सारा रस उनके मुँह के अंदर चला गया. चाची ने मेरा लंड अपने मुँह में से बाहर निकाला और उस पर लगा हुआ सारा रस किसी मलाई की तरह चाटकर पूरी तरह से साफ कर दिया. तब बुआ ने कहा कि अब हम दोनों को भी कपड़े उतार देने चाहिए और उन दोनों ने भी अपने-अपने कपड़े उतार दिए. जब मैंने चाची की नंगी चूचीयाँ देखी तो तब में उन पर टूट पड़ा और बहुत ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा.
बुआ ने कहा कि साला हरामी मुफ़्त में एक और चूत मिली तो मुझे भूल गया, चल मुझे भी तो थोड़ा मज़ा दे और ये कहकर अपनी चूची भी मेरे हाथ में थमा दी. अब में उन दोनों की चूचीयाँ एक साथ ही मसल रहा था. तब मैंने अचानक से चाची की एक चूची अपने मुँह में भर ली और बुआ की चूचीयों को दबाने लगा. अब अंदर का नज़ारा मेरी बुआ की लड़कियाँ साफ-साफ देख रही थी और एक दूसरे की चूची अपने हाथ से मसल रही थी. तब ही बुआ ने कहा कि चलो अब साली पूनम की चूत मारो, लेकिन मेरा भी इलाज़ करना होगा.
तब मैंने कहा कि बुआ लंड तो एक ही है तो में एक को ही मज़ा दे सकता हूँ. अब ये आप लोग तय कर लो कि पहले कौन अपनी चूत मरवाएगा? तो तब पूनम चाची ने कहा कि अभी तुझे एक आसन बताती हूँ जिससे तू मुझे और अपनी बुआ को एक साथ मज़ा दे सकता है. तब बुआ ने कहा कि साली चूत मरानी जल्दी से बोल कौन सा आसन है? और कहाँ से सीखा है? तो तब चाची ने कहा कि मेरे पास एक किताब है उसी में है और ये कहकर मुझे बेड की तरफ खींचकर ले गयी और मुझे सीधा लेटाकर बुआ से कहा कि तुम पहले चूत मरवाओगी या चूत चुसवाओगी?
तब बुआ ने कहा कि चूत मराने की जल्दी तुझे है तू ही पहले मरवा ले, में चूत चुसवा लेती हूँ और ये कहकर बुआ मेरे मुँह पर अपनी चूत फैलाकर बैठ गयी और चाची अपनी चूत मेरे लंड पर रखकर एक धक्का मारते हुए बैठ गयी, जिससे मेरा पूरा लंड उनकी चूत के अंदर चला गया और मज़े-मज़े में अपने चूतड़ ऊपर नीचे करने लगी.
अब उन दोनों का मुँह आमने सामने था और वो दोनों एक दूसरे की चूची दबा रही थी. थोड़ी देर तक इस तरह से करते हुए पहले चाची झड़ी और कुछ देर के बाद ही बुआ भी झड़ गयी, लेकिन मेरा लंड अभी तक नहीं झड़ा था. तब बुआ ने कहा कि साला देखा तुझे चोदकर भी अभी इसका पूरी तरह से खड़ा है, चल अब जल्दी से घोड़ी बनकर गांड भी मरवा ले और ये कहकर बुआ लेट गयी और अपने ऊपर चाची को आने को बोला और कहा कि अपनी गांड पीछे से उभार लेना और मेरी चूची अपने मुँह में भरकर चूस. इस तरह से गांड मरवाने में जन्नत का मज़ा आता है.
मैंने चाची की गांड में अपना लंड सटाकर एक करारा धक्का मारा तो उनकी चीख निकल पड़ी आआआअहह, आआईईईई माआआअ में मर गयी, साले हरामी छोड़ दे, आआआहह माँ, आआअ मार डाला कम्बख़्त ने, आाआईईईई, उूउउफफफफफफफ्फ रत्ना मेरी गांड बहुत दर्द कर रही है, इससे कहो कि निकाल ले बाहर, बहुत तकलीफ़ हो रही है.
मैंने खिड़की की तरफ देखा तो उनकी चीख और कराहट सुनकर वो दोनों लड़कियाँ सहम गयी थी. तब ही बुआ ने कहा कि साली रंडी पता नहीं कितनी बार अपने मर्द से गांड मरवा चुकी है? लेकिन भी चीख रही है, बेटा राज उड़ा दे साली की धज्जियाँ. तो मैंने खचाक से एक शॉट और मारा और चाची बुआ की चूची पर टूट पड़ी और उनकी चूची को अपने दाँत से बहुत ज़ोर से काटा. अब बुआ की भी चीख निकल गयी थी, तो तब वो गुस्से से बोली कि साली रंडी जरा आराम से ये तेरे पति का लंड नहीं है जो चबाए जा रही है, ये मेरी मुलायम चूचीयाँ है.
तब चाची ने कहा कि क्यों फट गयी गांड? और वो दोनों हँसने लगी और कुछ देर के बाद ही में चाची की गांड में ही झड़ गया. उस रात मैंने चाची की गांड 2 बार और मारी और सो गया.
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