Muslim Sex Stories मैं बाजी और बहुत कुछ
03-30-2019, 11:21 AM,
#11
RE: Muslim Sex Stories मैं बाजी और बहुत कुछ
दुनिया से बेखबर दो दीवाने बहन भाई एक दूसरे में खोये हुए थे। । । इस प्रक्रिया में बस बाजी की हल्की हल्की सी आवाज़ मेरे कानों से टकराती कि सलमान प्लीज़, सलमान नहीं करो, आह्ह्ह्ह ह . बाजी की गर्दन को चूमते चाटते मैं अपना हाथ जो बाजी की कमर पे था उसे आगे लाया और शर्ट के ऊपर से ही बाजी के मम्मे पे रख लिया, पर बाजी का मम्मा दबाया नहीं। । इस डर की वजह से कि बाजी फिर कल की तरह नाराज न हो जाएं। । काफी देर बीतने के बाद भी बाजी ने जब कुछ न बोला तो मैंने आराम से बाजी का मम्मा दबाना शुरू कर दिया। । बाजी की गर्दन मैं इसी तरह चूम रहा था और अपनी जीभ फेर रहा था और बाजी की गर्दन को गीला कर रहा था। बाजी की सफेद सफेद गर्दन मेरे गीला करने से चमक रही थी। । बाजी की हल्की-हल्की सिसकियाँ मेरे तन बदन में आग लगा रही थीं। और मैं नशे में डूबा अपनी बाजी की गर्दन को चूमने के साथ साथ आराम से उनका मम्मा भी दबा रहा था। । 


बाजी का मम्मा दबाते दबाते अचानक ही मैंने अपने होंठ बाजी की गर्दन से उठा दिए। और अपने दोनों हाथ बाजी के शोल्डर पे रख दिए और अपने होंठ शर्ट के ऊपर से ही बाजी के मम्मे पे रखे और शर्ट के ऊपर से ही बाजी के मम्मे को चूमा। आहह ह यह मेरा अपने सपनों की रानी के मम्मे पे पहला किस था। कभी ऐसा नहीं सोचा था कि मैं कभी अपनी बाजी के मम्मे को चूम पाउन्गा पर आज ऐसा संभव हो गया था। (साना वाला किस्सा आज न होता तो शायद मैं कभी बाजी के मम्मों को किस नही कर सकता है, अगर कर सकता भी तो शायद बहुत समय लगता मुझे) बाजी के मम्मे को चूमते ही जाने मुझे क्या हुआ कि मैं मम्मे को चूमता ही चला गया । । । और फिर इतना खो गया में इस नशे में कि मैं बाजी के दोनों मम्मों को चूमने लगा। बाजी के शरीर को अचानक हल्का साझटका लगा, और बाजी ने मेरे सिर को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और आराम से पीछे किया। मैंने बाजी को देखा तो बाजी की आँखें खुली हुई थीं और बाजी मेरी ओर देख रही थीं। बाजी के होश उड़े हुए, आँखें और चेहरा गुलाबी गुलाबी हुआ पड़ा था , बालों से ढँके हुए चेहर पे एक रिकवेस्ट सी थी। एक प्यार भरी रिकवेस्ट । । । । 


बाजी ने कहा: सलमान नहीं यह मत करो प्लीज़। । । जो हमने अब तक किया, यह पाप है, और पाप मत करवाओ मुझसे सलमान मैं मर जाऊँगी। । बाजी ने ज्यों ही मरनेवाली बात की मैंने अपने होंठ बाजी के होंठों पर रख दिए और उनके होंठों को चूमना शुरू कर दिया . हालात ही कुछ ऐसे बन गए कि बाजी ने भी मुझे किसिंग करना शुरू कर दिया और अपने दोनों हाथ जो मेरे सर पे थे उन्हें पीछे की ओर मेरी गर्दन के आसपास घुमा लिया। मैंने किसिंग करते करते अपना एक हाथ बाजी की गर्दन के चारों ओर घुमाया और दूसरे हाथ से बाजी का मम्मा पकड़ के दबाने लगा। थोड़ी ही देर बाद अपने हाथ को नीचे की ओर ले गया और नीचे से बाजी की कमीज के अंदर डालने लगा कि बाजी ने किसिंग करते करते अपने एक हाथ को नीचे की ओर ले जाकर मेरे हाथ को पकड़ कर भीतर जाने से रोका। । मैं इस हद तक तड़प चुका था कि मेरा रुकना मुश्किल हो गया था। । । । । । । । । । । । । । 


मैंने अंदर से जोर लगाया और हाथ को अंदर से डालने की कोशिश की पर बाजी ने मेरे हाथ को अंदर नहीं जाने दिया। । । मेरे ज़्यादा जोर लगाने पे बाजी ने अपने होंठ हटा लिए और कहा: सलमान प्लीज़ नहीं ना

मेरे मुंह से बस इतना ही निकल पाया: "केवल एक बार पकडूंगा उसे" इसके साथ ही मैंने अपने होंठ बाजी के होंठों पे फिर रख दिए और किस करने लगा और अपने हाथ को जोर से आगे की ओर बढ़ाया। बाजी अब भी मेरे हाथ को अंदर जाने से रोक रही थी। । पर इस बार मैं नहीं रुका और अपना हाथ बाजी के मम्मे तक जोर लगा कर ले ही गया और बाजी के मम्मे को मैंने बाजी की ब्रा के ऊपर से ही पकड़ लिया। । । । क्या मम्मा था। । नरम नरम और मोटा मोटा। । मेरे हाथ की उंगलियां ज्यों ही बाजी के मम्मे से टच हुईं। । । बाजी के होंठ जो मेरे होंठों में थे वो मेरे होंठों से निकले और बाजी के मुंह से बेइख्तियार ही आह्ह्ह्ह्ह्ह राजा की आवाज निकली। । । । । 


शालीनता हया सम्मान यह सब अपनी जगह पर लड़की के शरीर को जब मर्द का स्पर्श मिले, वह भी ऐसी लड़की जिसे आज तक किसी ने छुआ तक नहीं था, उसे इस टच से पागल तो होना ही था। । । बाजी की आह्ह्ह्ह्ह्ह राजा की आवाज जैसे मेरा कितना हौसला बढ़ा गई और मेरे शरीर को नशे से जैसे नहलाने लगी । मैंने फिर से बाजी के होंठो पर शुरू कर दी। बाजी भी मुझे किसिंग करने लगी। और मैं ब्रा के ऊपर से ही बाजी का मोटा मम्मा दबाने लगा काफी देर ऐसा करने के बाद मैंने अपना हाथ बाजी के मम्मे से उठाया। । (बाजी ने अभी तक मेरे हाथ को अपने हाथ से पकड़ रखा था) और मैं बाजी की ब्रा के नीचे से हाथ अंदर डालने लगा। ताकि अपनी इस रानी, राजकुमारी का मम्मा नंगा कर सकूँ और फिर पकड़ कर दबा सकूँ । बाजी ने धीरे से मेरे हाथ को अपने हाथ से दबाया। ये बाजी का मुझे रुक जाने का संकेत था। । । पर रुकना अब असंभव था। । । । मैंने हाथ अंदर की तरफ किया जोकि आराम से अंदर हो गया। और फिर मैंने दीदी की ब्रा के अंदर पूरा हाथ डाल कर अपनी इस फूल जैसी बाजी कामोटा और नंगा मम्मा पकड़ लिया। । । । । 


आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह हह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह बाजी के पूरे नंगे मम्मे को छूते ही मेरे शरीर में जैसे कपकपी शुरू हो गई। । । बाजी ने अपने होंठ मेरे होंठों सेहटा लिए और मेरी गर्दन और शहोल्डर के बीच अपना चेहरा छिपा लिया। । । । । और आह आह की हल्की आवाज निकालने लगीं। । । । रूम में पिन ड्रॉप साइलैंस में बाजी की हल्की-हल्की आहह हहह आह की अजीब ही मस्ती की आवाज़े आ रही थीं। । । मैंने अपने होंठ बाजी गर्दन पे जमा दिये और उनकी गर्दन ज़ुबान फेरने के साथ किस भी करने लगा और उनका नंगा मोटा मम्मा भी साथ ही साथ दबाने लगा। । । । अपना अंगूठा बाजी के मम्मे के निप्पल जितने हिस्से तक फेरता रहा और शेष उंगलियों से मम्मे को भी दबाता।रहा । । । काफी देर ऐसे करने के बाद मैंने अपने अंगूठे और एक उंगली के बीच बाजी के मम्मे का निप्पल पकड़ लिया और उसे हल्के से दबाया। बाजी की हल्की सी सिसकी निकली और मैंने उसे छोड़ दिया। और अपने अंगूठे से बाजी के मम्मे के निप्पल को रगड़ने लगा। । । 


बाजी को ऐसा करने से एक ऐसा नशा मिला कि बाजी ने अपने होंठ मेरी गर्दन पे रखे और मेरी गर्दन को चूमने लगी। । । । बाजी का मेरी गर्दन पे किस करना मुझे भी भारी नशा दे गया। तब मैंने जाना कि बाजी क्यों गर्दन पे किस होते ही तड़प के रह जाती हैं। । । । मैंने और तेज तेज अपना अंगूठा बाजी के निपल्स पे फेरना शुरू कर दिया। । जैसे-जैसे मेरी स्पीड बढ़ रही थी, वैसे-वैसे बाजी की मेरी गर्दन पे किसिंग की गति भी बढ़ रही थी। और साथ ही बाजी की हल्की-हल्की आह आह्ह्ह्ह राजा की आवाज़ें भी निकल रही थीं। । । 


हम दोनों बहन भाई एक दूसरे में पूरी तरह खोये हुए थे। मेरे अब सब्र के पुल टूट गए थे। मैंने अचानक अपना वह हाथ बाहर निकाला और अपने दोनों हाथो से बाजी की कमीज को ऊपर की ओर करने लगा। । । बाजी ने मेरा एक हाथ तोपहले से ही पकड़ा हुआ था, अब दूसरा हाथ भी जल्दी से पकड़ा और मेरी गर्दन से अपना चेहरा निकालते हुए मुझे देखा, बाजी की हालत बहुत बुरी हो चुकी थी चेहरा गुलाबी गुलाबी, बाल काफी ज़्यादा बिखरे हुए और आँखों में एक ऐसा नशा जो इस समय डूब जाने का मन कर रहा था बाजी ने कहा: सलमान अब बस। प्लीज़ पूरे नहीं, बहुत हो गया बाजी जब ऐसे ही बहुत कुछ कह चुकी तो मैं आगे से सिर्फ इतना ही कहा: बाजी बस एक बार देखने हैं। । 

बाजी की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि उनके मुंह से सांस ही बड़ी मुश्किल से निकल रही थी। । उनका गला खुश्क हो चुका था। । । और ऊपर से मैंने जो इतनी सेक्सी बात उनसे कह दी थी कि "दीदी बस एक बार देखने हैं।" । । । मेरे इस वाक्य ने बाजी के अंदर लगी आग को काफी हद तक और भड़का दिया था। । पर बाजी ने मुझे अनुमति फिर भी नहीं दी और दे भी कैसे सकती थी। । कुछ ही दिन पहले वह क्या थी और अब क्या। । यह बात भी तो उनके मन में कहीं न कहीं मौजूद थी ना

मैंने फिर बाजी की कमीज ऊपर की कोशिश की जिसे बाजी ने ऊपर होने नहीं दिया। । । और मुझे रोकती रही। । । पर रुकना नहीं था मुझे आगे बढना था। । । मैंने थोड़ा और जोर लगाया और बाजी पेट तक शर्ट ऊपर कर दी। । अब बाजी का नंगा और गोरा पेट मेरे सामने था। मुझसे रहा नहीं गया और मैंने बाजी के नंगे पेट को चूम लिया आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मेरी बाजी के नंगे बदन की खुशबू अपने दीवाने भाई को और पागल कर गई। । । । 


बाजी अपने पेट पे मेरे होठों का स्पर्श महसूस करते ही तड़प उठी और बोली सलमान नहीं नहीं "गलत" बस। । पर दीवाने जब आत्मा के हों या शरीर के वे रुकते और सुनते कब हैं। । मैंने अपनी बाजी के नरम गोरे पेट पर एक के बाद एक कई चुंबन कर दिए। । । । बाजी अजीब सी स्थिति में आ गई थी। । । सम्मान बचाती या प्यार। । ये फैसला उनका बदन और प्यार उन्हें करने नहीं दे रहे थे। । । और इन भावनाओं कोबहकाने वाला उनका भाई उनकी शर्ट को ऊपर किए अपने होंठों से उनके पेट को चूमे जा रहा था 


कसूर मेरा नहीं था, कसूर उनका भी नहीं था। । दोष यह भाग्य का था जिसने उस रात मेरी आँख उस समय पे खोली जब मेरी बाजी करवट बदल के लेटी थी। और मैंने उनकी गाण्ड को सलवार के ऊपर से देख लिया था। । । यहीं से तो शुरू हुई थी ये बहकी, खाँमोश प्रेम कहानी। । 

में बाजी के पेट को चूमे जा रहा था और उन्होंने मदहोशी की स्थिति में ही अपना एक हाथ जो मेरे हाथ को पकड़े हुए था उसे मेरे शोल्डर पे रखा और मुझे जोर लगा के पीछे करने लगीं। । । पर जितना वे मुझे पीछे की ओर जोर लगा रही थीं उससे ज़्यादा जोर लगा के मैं उनके पेट पे अपने होंठ जमाए उन्हें चूमे जा रहा था। यह एहसास ही मेरी दीवानगी में और इज़ाफा किए जा रहा था कि मेरे होंठ मेरा प्यार के, मेरी रानी के, मेरे सपनों की रानी के, मेरी बाजी के नरम गोरे पेट को चूम रहे हैं। 


बाजी ने कहा: सलमान बस। । सलमान नहीं। । मत करो ऐसे। । मैंने मदहोशी के से आलम में ही डूबे हुए और होंठ पेट पे जमाए हुए ही अपनी नज़रें ऊपर बाजी के चेहरे की ओर कीं, उनकी आंखें बंद थी और चेहरे पे बहुत तकलीफ आसार नज़र आ रहे थे । । जहां वह अपने पेट पे मेरे होंठों के स्पर्श से मदहोश हो रही थीं, शायद वहीं वो इस बात से तकलीफ में थी कि वह अपने ही भाई के साथ प्यार करते हुए इस मुकाम तक आ चुकी हैं। एक ऐसे स्थान पे जो उनके अपने सपनों जैसा नहीं था। । । 

बाजी के पेट को चूमते चूमते अब मैं धीरे धीरे अपने होंठ ऊपर की ओर ले जाने लगा। पर ज्यों ही बाजी ने मेरे होठों की हरकत को ऊपर की ओर देखा तो बाजी ने जो हाथ मेरे शोल्डर पे रखा था उस हाथ से मेरे सिर के बाल जोर से पकड़ कर खींचना शुरू कर दिए। और बाल खींचते खींचते मेरा फेस अपने पेट से दूर किया। और दूसरे हाथ से उन्होंने मेरे दोनों हाथ जो उसकी शर्ट को पकड़े हुए थे, पीछे झटके दिए। 


मैं इतना मदहोश था कि बाल खींचने पे इतनी तकलीफ नहीं हुई हां पर इतनी परेशानी जरूर हुई कि मैं होश में लगभग वापस आ गया। और एक हाथ मैंने अपने सर पे वहाँ रख लिया, जहां से बाजी ने बाल पकड़ के खींचे थे। । अब मुझे हल्की हल्की तकलीफ भी होना शुरू हो गई थी वहाँ। शायद मदहोशी में डूबे होने के कारण दर्द देर से हुआ या वैसे भी इंसान को कोई चोट लगे तो तुरंत दर्द ज़्यादा महसूस नहीं होता। । 

मैंने बाजी को देखा तो वह सिर झुकाए दुपट्टे से अपना सीना और सिर सही से कवर कर रही थीं। । मैं वैसे ही हाथ सिर पे रखे बाजी के रूम से बाहर निकल गया। । और अपने रूम में आ गया। । 

रूम में लौटकर में अपने बेड पे बैठ गया और हथेली से सिर को आराम सेरगड़ने लगा। बाजी ने बाल बहुत जोर से खींच दिए थे। जिस कारण दर्द बहुत हो रहा था। । पर जो भी था मैं बाजी की स्थिति समझ सकता था। । । जब से मेरे और बाजी के प्यार का सिलसिला शुरू हुआ था, जिस वजह से मुझे अपने कोजानने का मौका मिला और साना ने जो भी मुझे दीदी के बारे में बताया था वह सब बातें मेरे दिमाग में घूम रही थीं। बाजी जैसी लड़की के लिए यह सब करना पाप था। वास्तव में यह पाप भी था पर शरीर और आत्मा के प्यार के मिलन का जो स्थान है, इस स्थान पे पहुँच कर गुनाह का एहसास बहुत पीछे रह जाता है। मेरा प्यार तो इस स्थान तक पहुँच चुका था, पर हिना बाजी का प्यार जब भी इस स्थान पर पहुँचने लगता तो उनसे अपनी इज़्ज़त और हया की हत्या होते देखी नही जाती, और हिना बाजी वहीं से वापस इस बेरहम दुनिया में चली जातीं, जहां हमारे इसप्यार का वजूद वर्दाश्त नहीं किया जा सकता था। । । 


आत्मा की हत्या चाहे हो, पर सम्मान और हया को कुछ नहीं होना चाहिए सोसायटी में चाहे सिर उठा जी लो, पर अपनी इस भावना का क्या? समाज में जीना चाहिए या अपनी इस दुनिया में जहां आत्मा जीवित है, जहां आत्मा पे कोई बोझ नहीं, और जहां आत्मा क्यों कि जिस शरीर में रही तूने उसको को भी जंग नहीं लगने दिया। उसे वही दिया जो उसे चाहिए था। । ।
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03-30-2019, 11:22 AM,
#12
RE: Muslim Sex Stories मैं बाजी और बहुत कुछ
आज मेरे प्रिय ने फिर मेरी आत्मा को प्यासा वापस भेज दिया। । । एक लड़ाई बहुत तीव्रता से मेरे अंदर, पता नहीं कहाँ? पता नहीं किस जहां में? वो लड़ाई जारी थी। । । मुझे आज बहुत बोझ लग रहा था अपने पे। मुझे ऐसे लग रहा था कि आज मैं पागल हो जाऊँगा। । । इतनी कम उम्र में मेरी किस्मत मेरे साथ यह कैसे कैसे खेल रही थी। । शायद मुझमे इस बोझ को उठाने का बल नहीं था, पर जो भी हो, किस्मत में यह भार अब मुझे उठाना ही था। मैंने रूम की लाइट ऑफ की और बेड पे लेट गया। । अपनी आदत से अलग आज मैंने ज़ीरो वाट बल्ब भी ऑनलाइन नहीं किया। आज अंधेरे में डूब जानाचाहता था। । । । 


मैंने बेड पे लेट कर अपनी जेब से सेल निकाल के साइड टेबल पे रखा। और साथ ही मुझे याद आया कि साना ने मुझे फोन किया था। इस समय मैं जैसा था, कि मेरा साना को कॉल करके सॉरी कहने का कोई इरादा नहीं था। पर जो भी था साना के साथ मैं बचपन से था। । और ऐसा प्यारा साथ कि उसके साथ को मैं खो नहीं सकता था। । वह मेरा हौसला थी। । इसके साथ जब भी होता था, तब चाहे कितनी भी परेशानी हो में कुछ समय के लिए आराम महसूस करता था। । एक मरहम का काम करता था साना का साथ। । । 

यही सोचते सोचते मैंने सेल उठाया और साना को कॉल की

(यहाँ मैं जरा साना के बारे में कुछ बता दूँ कि साना के घर में उसके अलावा एक बहन और एक भाई है और अम्मी अब्बू हैं।।। साना के पिता डॉक्टर हैं (नाम, रफ़ीक आयु 55) और अपना बहुत बड़ा प्राइवेट होसपटल चला रहे हैं। साना की अम्मी घर ही रहती हैं (एज 47)।।। साना केभाई डॉक्टर हैं (नाम, कामरान। आयु 28) अपने पिता के हॉस्पिटल को भी समय देते हैं और साथ ही अपनी आगे की स्टडी को भी समय देते हैं । और साना की बड़ी बहन ने एमबीए किया हुआ है (नाम, हुमा आयु 23 और घर पर ही रहती है) 

बेल जा रही थी पर साना कॉल अटेंड नहीं कर रही थी। । । शायद वह सो चुकी थी या नाराजगी ज़्यादा थी, उसका जवाब मेरे पास नहीं था। । मैंने एक बार फिर कॉल की तो इस बार उसने थोड़ी देर मे कॉल अटेंड कर ली। (साना, उसकी बहन और उसके भाई का सब के सेपरेट कमरे हैं) पर कुछ बोली नहीं। मैं "" हेलो "" बोला। साना फिर भी चुप ही रही। । । मैं पहले से बहुत डिस्टर्ब था और अब साना भी कुछ बोल नहीं रही थी तो मुझे फिर से उस पे गुस्सा आने लगा। इस बार मैंने थोड़े गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि: साना अब बोलो भी ... नहीं तो मैं कॉल काट रहा हूँ। । मेरी गुस्साई आवाज़ सुनकर दूसरी ओर से मुझे हिचकियों की आवाज़ सुनाई देना शुरू हो गई और धीरे धीरे हिचकी के साथ रोने की आवाज़ भी आने लगी। मेरी पहले की सारी टेंशन और गुस्सा जैसे एक पल में हवा हो गया। । मैं हैरान सा मोबाइल कान से लगाए हुए बस साना के रोने की आवाज़ सुनता रहा। मैं उस पल यह भी भूल गया कि उससे पूछूँ कि आखिर हुआ क्या है, वो रो क्यों रही है । । 


साना को मैंने हमेशा हंसते मुस्कुराते और शरारती आँखों से ही देखा था। । पर आज वह रोती आँखें? ऐसे तो मैंने साना को कभी नहीं देखा था। । । आखिरकार मैंने बौखलाए हुए स्वर में साना से पूछा कि: सना क्या हुआ है तुम्हें ? पर साना तो ऐसे रोए जा रही थी जैसे उसने आज चुप न होने की कसम खा रखी हो। । मेरे दिल से अब साना का रोना बर्दाश्त नहीं हो रहा था। मेरे अंदर की विवशता अब बढ़ती ही जा रही थी कि इतने में साना ने मेरी पहले से ही बेचैन आत्मा पे एक और परमाणु बम दे मारा। ।

साना ने मुझे कहा आई लव यू सलमान। मुझे ऐसे लग रहा था कि जैसे एक साथ किसी ने हजारों सुई मेरे शरीर में घुसेड़ दी हों । 
अगर साना की रोती हुई आवाज मुझे फिर से न झकझोरती तो जाने कब तक मैं आश्चर्य में ही डूबा रहता। । । साना ने रोते रोते कहा कि सलमान बोलो न कुछ जवाबक्यों नहीं दे रहे मेरी इस बात का . जवाब आज मुझे चाहिए, अब चुप नही रहा जाता मुझसे । ऐसे ही साना बहुत कुछ कह गई मुझे। । और मैं विचारों के इस जंगल से निकलने का रास्ता खोजने लगा, एक ऐसे जंगल से जिसमे मुझे साना के इन तीन शब्दों ने धकेल दिया था, एक ऐसे जंगल से एक बार जो जिसमे में धकेल दिया जाए तो बाहर निकलने का रास्ता खोजने के लिए बहुत मुश्किल हो जाता है। । । 


विचारों के इसी जंगल में भटकते एक डूबी हुई आवाज़ में, मैं साना को बोला कि: साना हम दोस्त हैं। ।

साना वैसे ही रोते हुए बोली कि: हम दोस्त हैं, और अभी भी हैं और हमेशा रहेंगे ना, जो मेरी तुम्हारे लिए भावनाएँ हैं वह भी अपनी जगह सच हैं। ।

मैंने उसी स्थिति में डूबे हुए कहा साना तुम्हें क्या हो गया है। 

साना उसी स्वर में बोली: मुझे नहीं पता मुझे क्या हो गया है। बहुत दर्द फील कर रही हूँ मैं अपने अंदर। ""

साना सैफ तुम्हें लाइक करता है 

"साना के रोने में जैसे कुछ और इज़ाफा हो गया और वह तड़पकर बोली: तुम मुझे बताओ कि तुम मुझे लाइक करते हो या नहीं? 
अचानक मेरे दिल ने बाजी को बहुत शिद्दत से याद किया। और मेरा दिल ऐसे धड़कने लगा जैसे अभी सीना फाड़ के बाहर आ जाएगा। । 

मैंने कहा: साना में तुम्हें लाइक करता हूँ पर एक दोस्त की तरह । मेरे इस स्पष्ट जवाब पे साना ने अचानक कॉल काट दी। शायद मेरा ऐसा कहना अभी सही था या नहीं। । मैं साना को धोखे में नहीं रख सकता था। मैं खुद किसी की चाहत में ऐसा गिरफ्तार था कि मैं जान सकता था कि इस इनकार से साना के दिल पे क्या गुज़री होगी। साना के अलावा अगर कोई और भी होती तो मैं किसी को भी झूठी तसल्ली प्यार के मामले में कभी न देता। एक सच्ची दोस्ती के नाते में साना को सहारा दे सकता था। यही सोचते हुए मैंने फिर से साना को कॉल की . उधर से जब कॉल अटेंड हुई और दूसरी तरफ से उस मासूम परी की फिर से रोने की आवाज़ मेरे कानों से टकराई। अब शायद मैं भी काफी हद तक स्थिति को समझ चुका था मैंने अपने आप को खुद से हौसला दिया और संभाला और एक गहरी सांस लेते हुए साना से बोला: साना। ।

उसने वैसे ही रोते हुए कहा: हाँ। । "" 

साना अब रोना नहीं शांत हो जाओ और मेरी बात सुनो ... साना तुम चुप होओ तो मैं कुछ कहूँ ना बाबा प्लीज़ अब चुप हो जाओ

"" साना बोली: ओ के वेट। । और फिर थोड़ी देर लगी और उसने अपने आप को कुछ संभाला और कहा: हां बोलो अब मेंठीक हूँ। । 
यह समय मेरे लिए बहुत बड़ी परीक्षा ले के आया था, पर जो भी था अब मुझे इस परीक्षण से गुजरना था। । मैंने बहुत मुश्किल से अपने स्वर में शरारत जोड़ते हुए साना को कहा कहां ठीक हो जरा अपनी आवाज तो देखो, रो रो के कैसे बिगाड़ दी है इतनी प्यारी आवाज। । 

सलमान क्या कहना चाहते थे, जो बात है वह कहो --साना ने कहा

मैने कहा -उठो और पहले पानी पी लो तो बात करते हैं ना "" 

"" ओ केपीती हूँ "" पानी पी के साना कहा: हां अब बोलो। । "

" साना यह बताओ कि तुम्हें अचानक क्या हो गया है "

" साना ने जैसे ही यह बात सुनी उसकी हिचकी लेने की आवाज मुझे आई और मुझे तुरंत संकेत मिल गया कि वह अब फिर से रोने वाली है, मैं तुरंत कहा: साना नहीं अब रोना नहीं है, , हम बात कर रहे हैं ना इसलिए जो बात भी करेंगे उसमे रोना धोना ठीक नही है । । । 

साना ने अपने आप को संभालते हुए कहा: ओके अच्छा तो बताओ कि मैंने पूछा था कि आप मुझे लाइक करते हो या नही
फिर साना जब बोलना शुरू हुई वह सब कह गई जो उसने कभी नहीं कहा था "" पहले तो सब सामान्य था पर स्कूल के बाद कॉलेज से ही मुझे ये फील हुआ कि में तुम्हें लाइक करने लगी हूँ, मैंने हमेशा तुम्हारे इनकार के डर से तुमसे खुद यह बात नहीं कही, क्योंकि मैं जानती थी कि तुमने हमेशा दोस्ती से आगे हमारे बारे में कुछ नहीं सोचा, इसलिए मैंने हमेशा यह बात अपने मन में ही रखी, मुझे तुम्हारे इनकार से हमेशा डर लगता था, इसलिए मैं चुप ही रही, फिर आज जब बाजार में तुमने कहा कि मैं आज सुंदर लग रही हूँ तो सलमान मुझे नहीं पता तब से मुझे क्या हो गया है, आपने आज पहली दफ मुझे ऐसी कोई बात बोली सलमान बस फिर मुझसे रहा नहीं गया और आज मैंने दिल की बात कहने का फैसला किया , जो होगा देखा जाएगा, और फिर जो हुआ तुम्हारे सामने है इसके साथ ही साना ने एक लंबी साँस ली। 


मेरे और साना के नसीब लगभग एक जैसे ही थे। । जिस मुंह से यह तीन शब्द सुनने के लिए तड़प रहा था उसने यह तीन शब्द आज तक मुझे नहीं कहे, और जिसके बारे मे कभी सोचा नहीं था उसने यह तीन शब्द मुझे कह दिए, और उसे अब मुझसे ये उम्मीद थी कि यही तीन शब्द मैं भी उसे कह दूँ, पर मैं अपनी जगह मजबूर था कि ये तीन शब्द तो जिस की अमानत थे मैंने उसे सौंप दिए। अजीब ही घन चक्कर था भाग्य "

" हेलो सो तो नहीं गए "" साना की आवाज ने मुझे झनझोड़ा

"नहीं" 

"साना काफी हद तक संभल चुकी थी, शायद अपने दिल का हाल सुनाने से उसकाबोझ हल्का हो चुका था। साना बोली सलमान मेरे कारण तुम परेशान मत होना न यह सोचना कि हमारी दोस्ती खत्म, मैं तुमसे प्यार करती हूँ और ऐसे ही करती रहूंगी, उस पे मेरा नियंत्रण नहीं है, हम अब इस टॉपिक पर कभी बात नहीं करेंगे, न कभी मेरा प्यार हमारी दोस्ती के बीच आएगा।।।।।।।। 

उस दिन मैंने एक बात और जानी कि लड़कियाँ हम लड़कों से कहीं अधिक मीचोर होती हैं। कैसे उसने पल भर में मेरी सारी मुश्किल आसान कर दी, 

साना ने फिर कहा: सलमान अब तुम सो जाओ, कॉफी रात हो गई है। । और फिर हम दोनों ने एक दूसरे को बाय बोला और कॉल एंड की। । । 


कॉल तो एण्ड हो गई थी, पर जो विचारों का समुद्र वो मासूम परी मेरे हवाले कर गई थी, उसी में गोते खाते हुए जाने कब नींद मुझे आ घेरा और मैं सो गया।

सुबह जब मेरी आँख खुली तो रात को बीते वो दोनो वाकये फिर से मेरे दिमाग में घूमना शुरू हो गए। । अजीब खेल खेला भाग्य ने कि जो लड़की मेरी बेस्ट फ्रेंड थी वही मुझसे प्यार करने लगी थी। यही सोचते सोचते मैं उठा, फ्रेश हो के नीचे आ गया। । ।

अम्मी और बाजी नाश्ता कर चुके थे और टी। वी देखते देखते साथ मे गपशप कर रही थीं। । अबू ऑफिस जा चुके थे शायद। मैंने अम्मी और बाजी को सलाम किया। जिसका अम्मी ने तो सही जवाब दिया पर बाजी ने काफ़ी धीमे से लहजे में जवाब दिया। बाजी पे पहली नज़र पड़ते ही वह दीवानगी का आलम शुरू हो गया। । मस्तिष्क ने काम करना छोड़ दिया । मैं कोशिश भी बहुत करता था कि ऐसे मुझसे न हो, क्योंकि यह बात मेरे लिए हानिकारक भी साबित हो सकती थी। किसी को भी मेरी इस दीवानगी से मुझ पर शक हो सकता था। । बहुत प्रयास के बावजूद मुझसे यह दीवानगी नियंत्रित नहीं होती थी। । 

में दीवानगी की हालत में चलते चलते डाइनिंग टेबल पे जा बैठा। । अम्मी रसोई में मेरे लिए नाश्ता बनाने चली गई। मैं बाजी को वैसे ही देखता रहा। । बाजी ने मुझे बिल्कुल नहीं देखा। और टी। वी पे निगाहें जमाए रखी। । बाजी बहुत कंफ्यूज लग रही थीं। शायद मेरी उपस्थिति से, या शायद मेरी नज़रों को अपने पे महसूस कर या शायद कोई और कारण य्चा इसका मुझे पता नहीं था। । । थोड़ी देर तक काम वाली मौसी नाश्ता ले आई और टेबल पे लगा दिया। । हम बहन-भाई भी उन्हें चाची ही कहते थे। । वह शायद तब से हमारे घर काम कर रही थी जब मैं 1, 2 साल का था। अम्मी की बहुत चहेती थी। । काफी समय से किसी मजबूरी के आधार पे छुट्टी लेकर गई हुई थी। । । यहीं हमारे शहर की ही थी और शाम को अपने घर वापस चली जाती थी। । मौसी ने कुछ और लाने का पूछा और किचन में वापस चली गई। । । 
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03-30-2019, 11:22 AM,
#13
RE: Muslim Sex Stories मैं बाजी और बहुत कुछ
नाश्ते का मन तो नहीं कर रहा था पर जीने के लिए जितना जरूरी था इतना खाया और साथ ही बाजी को ही देखता रहा। । उन्होंने तो जैसे कसम खाई थी मुझे ना देखने की। । मानव का स्वभाव है कि आपको किसी का प्यार न मिले तो संभव है आप धैर्य कर जाओ और जो ज़ुल्म भी तुम पे करे पर किसी बात के रिस्पोन्स में ज़रा सा प्यार का जलवा करवा दे और फिर मुंह मोड़ ले तो यह बात बर्दाश्त से बाहर हो जाती है और आपका जो रिएक्शन होता है, वह सख़्त और कठोर हो सकता है। । बाजी के न देखने पर और सख्त व्यवहार पे मुझे गुस्सा आ गया और गुस्से की हालत में ही अपने कमरे में आ गया। । । 


रात 11: 30 बजे में बेचैनी से अपने रूम में चक्कर काट रहा था और 12 बजने का इंतजार कर रहा था। । । फिर कुछ सोचते हुए बाथरूम में गया और सिगरेट पीने लगा ताकि कुछ फ्रेश हो जाऊं। । ऐसे ही अजीब गरीब हरकतों में 12 बज गए और मैं अपने कमरे से निकला और बाजी के रूम की ओर बढ़ा। । । आज मेरे चलने के तरीके में सख्ती थी। शायद अब मामला मेरी बर्दाश्त से बाहर हो गया था। । आज मैं अपने प्यार का अधिकार लेने जा रहा था। । 


बाजी के रूम के दरवाजे पे नोक किया तो थोड़ी देर बाद बाजी ने दरवाजा खोला। । । वह इस दुनिया की शायद थी ही नहीं, वह शायद अंजाने मे इस दुनिया में आ बसी थी, बाजी के सामने आते ही पता नहीं क्यों मेरे अंदर की विद्रोही सोच जाने कहाँ गायब हुईं, यह बात मुझे भी तब समझ नहीं आई। । मैं अंतर्मुखी सा खड़ा बस उसे देखता ही रह गया। 

बाजी ने कहा: सलमान।

मैं जैसे दुनिया पे वापस आया और कहा: जी। । ।

बाजी चेहरे पे सख्ती थी और उसी दृढ़ता से उन्होंने मुझे कहा: सलमान अपने रूम में वापस जाओ और आज के बाद इस तरह मेरे कमरे में आने की कोई जरूरत नहीं। । । 

मैं हक्का बकासा खड़ा उनके मुंह से निकलते ये शब्द सुन रहा था। । मेरे तो भ्रम और गुमान में भी यह बात नहीं थी जो वह कह गईं। । मैं तो आज यहाँ अपने प्यार का अधिकार लेने इस हूर के दरबार में आया था। पर इस हूर ने तो मुझे ऐसे ठुकरा दिया जैसे कोई किसी माँगने वाले फ़क़ीर को भी नहीं ठुकराते। । । । मेरी आंखें नम हो गई और मेरे मुंह से बस एक ही शब्द निकला "" क्यों "

" दीदी ने मेरी नम आँखों की परवाह न करते हुए बस इतना ही कहा कि "" जो मैंने कहना था कह दिया और हाँ यह भी सुनते जाओ मैं तुम्हारे सर पे हाथ रख के कसम भी खाती हूँ कि अगर तुमने फिर से वही हाथ काटने वालाकाम किया तो याद रखना मैं भी उसी दिन अपने आप को समाप्त कर दूंगी "" यह बातकहते हुए बाजी ने मेरे सर पे अपना एक हाथ रख दिया और अपनी बात पूरी होते ही बाजी पीछे को हुई और अपनाडोर बंद कर दिया। । । 


दिल टूटे और आंसू न निकलें ऐसा कब संभव है। । कितनी ही देर बाजी केडोर के सामने खड़ा रोता रहा। । और फिर ऐसे ही रोता हुआ अपने कमरे में वापस आ गया और बेड पे गिर के रोते रोते, सोचते सोचते, बेड को, गालों को, पलकों को भिगोता पता नहीं किस पहर सो गया। । । 

दिन बीतते जा रहे थे और मैं अंदर से एक बार फिर शायद मर चुका था। । वह सुंदर सपनों वाले दिन शायद फिर बीत चुके थे। । । 
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03-30-2019, 11:22 AM,
#14
RE: Muslim Sex Stories मैं बाजी और बहुत कुछ
ऐसे ही एक दिन मैं अपने कमरे में रात के समय मरा पड़ा था, और रात 12। 30 समय था कि मेरे सेल पे साना की कॉल आई, मैंने कॉल अटेंड तो आगे से साना की आवाज़ आई: दोस्त दोस्त ना रहा प्यार प्यार न रहा। । । 

मैंने मुश्किल से हंसते हुए कहा खैरियत है न सरकार आज फिर पुराने गाने? 

साना ने कहा: हुजूर अब क्या ये सितम जो हम पे हो चुका, अब यही कुछ गुनाहे नहीं। । "

" साना तूने मार खानी है या सीधे सीधे बताना है कि क्या हुआ?

साना ने अब थोड़ी सी नाराजगी से कहा: सलमान साहब आज किसी का बर्थ डे और किसी ने विश नहीं किया। । । । 

आज साना का बर्थ डे था और हमेशा सेपहले में ही उसे विश किया करता था, सब दोस्तों सेपहले। । । पर अब मैं उसे क्या बताता कि मरा हुआ व्यक्ति किसी को विश कैसे कर सकता है। । फिर भी दिल से दोस्ती की थी उससे, और निभानी भी थी । । 

मैं जबर्जस्ति गुनगुनाते हुए कहा "" "हैप्पी बर्थ डे टू यू, हैप्पी बर्थ डे टू यू, हैप्पी बर्थ डे डीयर साना, हैप्पी बर्थ डे टू यू" 

"साना की प्यारी सी हँसी की आवाज मेरे कानों में पड़ी।।" "थॅंक्स सरकार थैंक्स, सलमान कितने सालों से तुम मुझे विश करते आ रहे हो आज पहली बार गलती की है इसलिए माफ़ "

" मैंने कहा: अगली बार ऐसा नहीं होगा सरकार "

" ओर और सुनाओ क्या हो रहा " 

"मैंने जवाब दिया:" "कुछ खास नहीं" ""

"अच्छा एक योजना है मेरे पास" 

"मैंने पूछा: क्या।।" 

"कहीं शहर से बाहर किसी जगह चलते हैं वहाँ मेरी बर्थ डे सेलीबरेट करेंगे "

" मैं न चाहते हुए भी हामी भर ली और कहा: सब फ्रेंड्स को भी बता दिया है।। "

" नहीं नहीं सिर्फ तुम और मैं होंगे मेरी बर्थ डे के साथ साथ हम दोनों हमारी फ्रेंडशिप भी बर्थ डे भी एक साथ सेलीबरेट कर लेंगे "

" न चाहते हुए भी साना की बात से मेरे होठों पे मुस्कान आ गई, बात ही इतनी प्यारी बोलदी थी साना ने लड़कियाँ जितनी मीचोर होती हैं उतनी ही संवेदनशील भी होती हैं।।। मैंने पूछा: तो बाकी फ्रेंड्स कहाँ छोड़ेंगे तुम्हें।। 

साना बोली: उन्हें मैंने संभाल लिया है, कि अभी कुछ प्राब्लम है, जब कॉलेज शुरू होगा तो वहीं पे ट्रीट दे दूंगी। । 

हम ने एक जगह डेसाईड की और यह प्लान बना कि साना को उसके घर से पिक करूंगा और फिर हम वहाँ जाएंगे। । । फिर बाय बोल कर कॉल एंड हुई। । 

निर्धारित समय पे साना के घर पहुंचा और उसे बाहर आने का कहा। । थोड़ी ही देर में वह अपने घर के गेट के सामने आई और मेरी कार की ओर बढ़ी । । साना ने आज न्यू फैशन के अनुसार एक सुंदर सा रेड एंड व्हाइट कलर का ड्रेस पहना हुआ था (लाल कमीज और सफेद सलवार)। । । बड़ी-बड़ी आकर्षक आँखें, सफेद रंग, गुलाबी पतले-पतले से होंठ और स्मार्ट सी मध्यम ऊंचाई की थी साना। । साना का हुस्न देखने वाले की आंखों को अपनीजकड़न मे लिए बिना नहीं छोड़ता था और मैं तो था ही इसी हुश्न नाम की चीज़ का बीमार, भला कैसे प्रभावित न होता। । । 


साना कार में आकर बैठ गई और जैसे मेरा दिल दिमाग फिर ताज़ा हो गया साना के परफ्यूम की खुश्बू लेकर। इस इत्र की खुशबू मेरी कार में जैसे जीवन का एहसास लेकर आई। । हाय हेलो के बाद मैंने कार आगे बढ़ा दी। । और यों ही हल्की फुल्की गपशप चलती रही और फिर हम शहर से बाहर बने एक पार्क में पहुंचे। । । पार्क में कार एंट्री करके कोई जगह देखने लगा जहां किसी पेड़ की छाया मे कार पार्क करूँ काफी खोज के बाद कुछ पेड़ों के बीच एक जगह मिली और मैंने वहीं कार पार्क की "

" हाँ तो हुजूर पहुँच गए आपकी इच्छा के अनुसार यहाँ, अब बताओ क्या करना है बाहर बेंच हैं वहाँ बैठ जाएँ या यहाँ ही कार में बैठे रहें "

" साना मुस्कुराई और कहा: यहीं बैठते हैं, पर एक सीट पे। । 

मैंने कहा: ओ के हुजूर 

एसी की वजह से कार को स्टार्ट ही रखा बैक सीट पे साना बैठी और मैं अपनी ड्राइविंग सीट की एक सीट पे बैठ गया। एक सीट पे बैठ के हमने कार की फ्रंट सीट को आगे कर दिया, ताकि हम ईजी हो के बैठ सकें। । हम दोनों ही थोड़ा एक दूसरे की ओर मुड़ कर बैठ गए। । 


यह पार्क शहर से काफी डोर था और बहुत बड़े क्षेत्रफल में फैला था। । और यहां लोग इतने ज्यादा नहीं आते थे। । बहुत शांत माहौल था इस पार्क का। । मैं और साना यहाँ वहाँ की बातें करते रहे। । फिर मैंने वह केक का डिब्बा खोला जो साना के लिए ले के आया था। साना जब केक काटने लगी तो मुस्कुरा के बोली: दोनों मिल के काटेंगे ना, वह फ्रेंडशिप का भी तो बर्थ डे है ना। । । मैं मुस्कुरा दिया और साना के नरम नाजुक और चकमता दमकता हाथ थाम लिया और हमने मिलकर केक काटा। । । और मिलकर हैप्पी बर्थ डे टू यू भी गुनगुनाया फिर वही मुस्कान, वही शरारत। । मैंने केक का एक टुकड़ा काटा और साना को खिलाया और फिर साना ने मुझे ऐसे ही खिलाया 


इसी हँसी मज़ाक में जैसे मैं कुछ पल के लिए अपना वह दर्द भूल गया था। । जैसे ही उस दर्द का अहसास फिर से हुआ तो अचानक चुप हो गया। । 

साना ने कहा: क्या बात है सलमान ऐसे अचानक चुप क्यों हो गये । ।

मैंने साना की ओर देखते हुए कहा, कुछ नही वैसे ही। । "

" नहीं सलमान तुम ऐसे नहीं थे यार, हर समय हंसते रहते थे, अब तो अगर खुद हसते हो तो ऐसा लगता है जैसे एहसान कर रहे हो, हर समय खोए खोए रहते हो, कुछ तो है दोस्त? ? 

साना ने जो भी कहा था वह सच था, साना की बातें सुन के बाद में मुझे अपने हाल पे तरस आ गया और फिर वो हुआ जो आज से पहले मैं ने बाजी के अलावा किसी के सामने नहीं किया था। । मैं रो पड़ा, एक हाथ मेरी दोनों आँखों पे और बच्चों की तरह रोना शुरू हो गया। । 


साना घबरा गई, उसे तो बिल्कुल मेरे से इस बात की उम्मीद नहीं थी। साना मुझे चुप कराने लगी "" सलमान सलमान, यह क्या? इधर देखो, सलमान "" साना ने अपना एक हाथ मेरे शोल्डर पे रखा था और मुझे शोल्डर दबा दबा के झींझोड़ रही थी। । । साना की बातों से मेरे अंदर एक तूफान सा आ गया था, इस तूफान का शोर इतना था कि मुझे कुछ और सुनाई नहीं दे रहा रहा था 

शाना के शब्द सुनाई देते ही मैंने अपना हाथ अपनी आँखों से हटा दिया और अपनी शर्ट से ही अपने आंसू साफ करने की नाकाम कोशिश की और साना देखा जो मेरे शोल्डर पे हाथ रखे मुझे परेशान नज़रों से देख रही थी। । मैंने एक हाथ आगे बढ़ाया और साना के सिर को एक साइड से बालों से पकड़ा और साना को अपनी ओर खेंचा और उसके गुलाबी पतले सुंदर होठों को अपने होठों में ले लिया और साना को किस करने लगा। । । साना को सपने में भी ये लगता नहीं था कि मैं यह हरकत भी कर सकता हूँ। । वह तो शायद अपने प्यार का मातम मना भी हो चुकी थी। । साना ने दूसरा हाथ भी मेरे अन्य शोल्डर पे रखा और मुझे पीछे की ओर धकेलने की कोशिश की। । पर मैंने अपने हाथ में जकड़े साना के बालों पर अपनी गिरफ़्त इतनी मजबूत कर ली कि अब मुझे पीछे हटाना लगभग असंभव हो चुका था। । । । । 


साना को इस अचानक हमले के शॉक ने काफी देर अपनी चपेट में रखा, पर फिर थोड़ी देर बीतने के बाद उसने मुझे पीछे धकेलने की कोशिश रोकदी। । । अब साना के हाथ मेरे शोल्डर के दूसरी ओर बेजान से झूल रहे थे। । साना किसी और ही दुनिया में खो गई थी और जो हो रहा था शायद उसे गहराई से फील कर रही थी। । मैंने अपने एक हाथ की हथेली साना के गाल पे रखी और अपने अंगूठे को साना के मुलायम गाल पे फेरने लगा। । मैं सातवें आसमान पर था, उसके उरोज मेरे सीने से भींचे हुये थे, मैं उसके होंठों को चूसचूस कर सुखा रहा था 

अब साना ने भी धीरे धीरे मेरे किस का जवाब देना शुरू कर दिया। उसने अपने नरम गुलाबी होठों से मेरे होठों को लेकर बहुत ही सहजता से दबाना और फिर बहुत ही आराम से चूसना शुरू कर दिया। जन्मो जन्मों का प्यार था साना की किस में . में भी ऐसे ही साना के होंठ चूमे, चूसे जा रहा था। । साना के होंठों को चूमते चूमते अब मैंने उसके होंठों पे अपनी ज़ुबान को भी फेरना शुरू कर दिया और साना के होंठों सेरगड़ते और अपनी ज़ुबान को स्लिप करते करते मैंने साना के मुंह में भी डालना शुरू कर दिया और फिर अंदर डाल कर बाहर निकाल लेना और फिर वैसे ही आराम से अंदर डाल देना। । । 


साना ने अपने दोनों हाथ ऊपर की ओर किए और दोनों हाथों की उंगलियां मेरे सिर के बालों में डाल दी और बहुत प्यार से मेरे बालों में घुमाने लगी। वह अपनी आँखें बंद किए हुए उस प्यार के दायरे में गुम थी। साना ने अपने मुँह में और होठों पे मेरी जीभ महसूस कर ली थी, वह अब भी वैसे ही मेरे मुंह में अपनी ज़ुबान डालना और निकाल लेना शुरू हो गई। । इन क्षणों में एक खुशबू सी मेरे अंदर उतरती जा रही थी। । वह मुझे अपने प्यारे प्यारे होठों से चूम रही थी कि मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर से हटाए, मेरे जिस हाथ में उसका गाल था वो हाथ मेंने उसके शोल्डर पे रखा और उसके गालों पे अपने होंठ रख दिए और उसके गाल चूमने लगा, उसके नरम नरम गालों पे होंठ रखे तो होंठों को अपने गाल के अंदर दबता हुआ महसूस किया। । कितनी ही देर अपने होंठों के साथ उसे उसके सुंदर गालों से खेलता रहा

उसके गालों से खेलते हुए अब मैंने अपने होंठ उसके माथे और नाक पर रखे और चूमा, फिर मैंने उसकी सुंदर आँखों पे अपने होंठ रखे, मेरे होंठ रखते ही साना की आंखों में हल्की सी अशांति पैदा हुई। । मैंने उसकी आँखों को काफी देर चूमा और फिर साना के कानों को चूमते चूमते अपने होंठ साना की गर्दन पे ले गया। और अपना वह हाथ जिससे साना के बालों को पकड़ रखा था उसे साना के शोल्डर पे रख दिया। मेरे होंठ जैसे ही साना की गर्दन टच हुए साना के मुंह से एक सिसकी निकली और साना के दोनों हाथ जो मेरे सिर पे थे, साना ने अपने हाथों से मेरे सिर को आगे की ओर दबाया, आह साना के शरीर की खुशबू मेरे दिल दिमाग को ताज़ा कर रही थी। । मैं साना की नरम मुलायम गर्दन चूमे जा रहा था और मेरी सांसें भी साना की गर्दन से टकरा रही थी, जिससे साना की सिसकियाँ और आनंद में डूबी आह आह में वृद्धि होती जा रही थी साना के हाथों का दबाव मेरे सिर पे बढ़ता ही जा रहा था। । ।


ऐसा लगने लगा था कि वह अपने आप में नहीं है और वो कहीं बहुत दूर निकल गई है, साना के शरीर की खुशबू से महकता महकता उसकी सुंदर और कोमल गर्दन को चूमे जा रहा था कि धीरे धीरे मेरा राइट हाथ इसके शोल्डर से नीचे की तरफ हो गया। और फिर एक नरम नरम सी चीज से जा टकराया। उस नरम चीज से टकराते ही मैंने उस नरम और मोटी चीज़ को अपने हाथ में ले लिया। । आह यह नरम और मोटी चीज़ साना का राइट वाला मम्मा था। हाँ मेरी बेस्ट फ्रेंड साना का मम्मा। । साना का मम्मा शर्ट के ऊपर से पहली बार मैंने तब ध्यान लगा कर देखा था जब साना मुझे बाजार में मिली थी। । । साना का मम्मा जितना शर्ट के ऊपर से देखने में शानदार लगा था, उतना ही शानदार अपने हाथ में पकड़ कर लगा । । साना का मम्मा काफी मोटा और नरम था उसकी हमउम्र लड़कियों से शायद साना का मम्मा अधिक मोटा था। । । उसने थोड़ा विरोध दिखाया पर जब मैने उसके स्तनों और निप्पलों को मसला उसने विरोध छोड़ दिया और आनन्द लेने लगी। मैं साना की गर्दन को वैसे ही चूमे जा रहा था और साथ ही शर्ट के ऊपर से साना का मम्मा भी दबा रहा था। । 


साना अब तक उसी तरह पता नहीं किसी और ही दुनिया मेंखोई हुई थी और शायद वह उसी स्थिति में थी जिस स्थिति में कभी किसी के साथ हुआ करता था। । मैं साना के बूब को आराम से दबाए जा रहा था और अपना अंगूठा भी शर्ट के ऊपर से ही उसके बॉब के निपल पर फेर रहा था कि साना जैसे उस नशे, मस्ती, मज़ा और दीवानगी से भरपूर दुनिया से वापस आ गई। । ।

और फिर साना ने दोनों हाथ मेरे शोल्डर्स पे रख मुझे पीछे की ओर किया और कहा: नहीं: और साथ ही मेरा हाथ अपने बूब से पीछे कर दिया। । उत्तेजना में उसका गोरा चेहरा काम भावनाओं की वजह से गुलाबी गुलाबी हो चुका था, बाल बिखरे पड़े थे, साना ने अपनी स्थिति सही की और कार से बाहर निकल गई और सामने सीट पे जा के बैठ गई और मुझे कहा: डेटिंग ख़तम, देर हो गई । ।

साना के चेहरे पे प्यार में जीत की खुशी, पर प्यार में हद से आगे निकल जाने की वजह से डर प्रमुख था। । । 
सारे रास्ते हम दोनों ने आपस में कोई बात नहीं की। । । बात अब दोस्ती के रिश्ते से बहुत आगे जा चुकी थी। । । साना जैसी हसीन लड़की के साथ जो पल मैंने बिताए थे, उन पलों की एक बात तो सच थी कि मुझे इन पलों में शरीर की खुशियां मिलीं शरीर को महका देने वाली खुशियां पर मेरे अंदर मौजूद मेरी आत्मा, मेरी आत्मा तो बहुत बेचैन थी, बहुत परेशान थी। । इसी तरह जब मैं अपनी बाजी के साथ करता था तो मेरा शरीर और आत्मा दोनों समर्पित हो जाते थे। न मेरा शरीर तब मुझे कोई शिकायत करता था न मेरी आत्मा। । आज शरीर तो खुश हो गया, पर आत्मा, आत्मा तो जैसे तड़प कर रह गई थी 
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03-30-2019, 11:22 AM,
#15
RE: Muslim Sex Stories मैं बाजी और बहुत कुछ
एक पल में और दूसरे पल में क्या हो यह जीवन, किसी को पता है। । । मेरी आत्मा के साथ जो हादसा हुआ, इस दुर्घटना से मुझे यह एहसास तीव्रता से होने लगा कि मैंने साना को अपना दिल बहलाने के लिए इस्तेमाल किया है। । मैंने आज तक एक ही से प्रेम किया था और वह मेरी बाजी थी। । । । बाजी जब मेरे होठों को चूमती थी तो ऐसे लगता था कि मेरे शरीर से प्राण निकलने वाले है और जब साना ने मेरे होठों को चूमा तो जाने क्यों वह बात नहीं थी साना की किस में । । साना के साथ वो आराम वह नशा न आने के कारण मेरी आत्मा ने मुझे बता दी थी। । 

शरीर से शरीर के मिलन का नाम प्यार नहीं। जब शरीर और आत्मा दोनों का मिलन अपने प्रेमी के शरीर और आत्मा से होता है, तब प्रेम की पूर्ति होती है। ऐसा मिलन मेरा एक ही व्यक्ति के साथ होता था और वह थी मेरी बाजी। साना का उपयोग तो कर बैठा था पर अब मैं अजीब ही परेशानी में फंस गया था। । साना यह समझना शुरू हो गई थी कि मैं उससे प्यार करने लगा हूँ। । अब अगर साना को कहता कि मैं उससे प्यार नहीं करता तो वह मुझसे यह पूछती कि फिर मैंने उसके शरीर को किस अधिकार से छुआ है? या फिर उसे ऐसी वैसी लड़की समझता हूँ कि मैंने उसके साथ ये सब कुछ किया? ? । । । । । अगर साना की जगह कोई और लड़की होती तो मैं उसे कह भी देता कि मुझसे गलती हो गई पर साना को यह बात कहने की मुझ में हिम्मत न थी। । । । 

दिल के करीबी रिश्ते भी अजीब होते हैं, आदमी कभी कभी उनसे सच नहीं कह सकता, वह सच जो वह किसी और के मुंह पे आसानी से कह सकता है। । । पहले ही बाजी का प्यार इतना निढाल कर रखा था ऊपर से अब साना के साथ किए गए दुर्व्यवहार ने मुझे जैसे काट रखा था। । । दिन परेशानी के साथ गुजर रहे थे कि एक दिन में सुबह के समय नीचे गया तो अम्मी किसी से फोन पे काफी हंस हंस के बात कर रही थी। । फिर थोड़ी देर बाद अम्मी ने जब कॉल डिस्कनेक्ट की तो अम्मी खुद ही बताने लगी कि: साना की अम्मी की कॉल आई थी, उसकी बड़ी बेटी हुमा की शादी है और वह हम सब को इनवाइट कर रही है शादी पे, कार्ड की भी कह रही थी कि आज भिजवाएँगी पर विशेष कॉल भी की कि जरूर आ ना है। । हुमा बाजी की शादी का साना मुझे काफी दिन पहले ही फोन पे बता चुकी थी। । । 


फिर कुछ दिन बाद हुमा बाजी की मेंहदी वाला दिन भी आ गया। । मैं तैयार हो के नीचे आया तो मेरा ध्यान बाजी पर ठहर चुका था। । । । मेरे महबूब पे तो आज नजर नहीं ठहर रही थी। । । । वैसे मेरा माझी था ही कुछ अलग ही तरह का। । उस जैसा तो इस धरती पे कोई नहीं भेजा गया था ना। । । । पीले रंग का ड्रेस उनके सफेद रंग पे जॅंच रहा था जैसे पीला रंग बनाया ही मेरे महबूब के लिए गया है। । वह जन्नत की हूर जो अपने इस दीवाने को एक नज़र भी नहीं देख रही थी। । । 

अबू बोले: आप लोग और मेरी ओर से रफ़ीक साहब से माफी लेना और तबीयत का कह देना। । । अबू वैसे भी शादी वग़ैरह मे ज्यादा नहीं जाते थे सिर्फ़ करीबी रिश्तेदारों की शादियों के अलावा . हम लोग साना के घर पहुँचे तो साना जैसे हमारी ही राह देख रही थी। वह अम्मी और बाजी से बहुत प्यार से मिली और फिर मुझसे भी हाय हेलो की और फिर हमें अपने परिवार से मिलवाने ले गयी। उसके घरवालों का सब मुझे पहले से ही पता था, अम्मी और बाजी पहली बार ही साना की बाजी अबू और बाकी लोगों से भी मिल रही थी। मैं उन सभी से हाय हेलो कर पीछे खड़े अपनी एज के साथी लड़कों से जा के गपशप करना शुरू हो गया। घर काफी बड़ा होने की वजह से उन्होने अपने घर में ही शादी का अरेंजमेंट किया हुआ था। । हल्की आवाज में रीमिक्स इंडियन सॉंग्स लगे हुए थे। जिस तरफ नज़र जाती थी लड़कियां रंग बिरंगे कपड़ों मे तैयार नजर आ रही थीं और सबने एक दूसरे के कानों में मुंह घुसाए हुए थे और बातों में व्यस्त थीं। लड़के कम ही थे, शायद मेंहदी का समारोह होता ही लड़कियों के लिए है इसलिए, या शायद यह लड़की वालों का घर था इसलिए। । । । दिल में ही आराम न हो तो सब कुछ जैसे खाने को दौड़ता है। । । जितने लोग भी वहां मौजूद थे सब खुश थे सिवाय मेरे। । । 


काफी देर बीतने के बाद साना मेरे पास आई और मुझे कहा कि सलमान एक मिनट बात सुनो। । मैं उसके पास गया तो उसने मुझे अपने पीछे आने को कहा । फिर वह मुझे अपने घर की एक साइड में ले आई। साना का घर काफी बड़ा था घर के चारों ओर ही वैसा ही ग्रीन एरिया था। । वहाँ पहुँच कर मैंने साना से पूछा कि वो मुझे यहाँ क्यों लाई है तो उसने कहा कि सॉरी सलमान मैं तुम्हें समय नहीं दे सकी आज। । मैं बोला कोई बात नहीं मैं समझ सकता हूँ कि तुम बिजी हो। "

" यहाँ इसलिए लाई कि सोचा कुछ देर तसल्ली से बात कर लें "

" ऐसे ही बातें करते करते धीरे धीरे मैं साना की आँखों में खोना शुरू हो गया। मैं तो वह व्यक्ति था जिससे उसके प्यार ने सब कुछ छीन लिया था और मुझे एक चलती फिरती लाश बना दिया था। शायद इसीलिए मैं साना की आँखों में खो सा गया था। हां मैं मानता हूँ कि शायद इस समय अपने प्यार में खोने के कुछ पल अपनी इस चलती फिरती लाश को सकून देना चाहता था। । । । । । । 

खोने की देर थी कि पता ही नहीं चला कब मेरे होंठ साना के होंठों से टकराए और हम दोनों ने ही अपनी आँखें बंद कर लीं और फिर होश तब आया जब एक आवाज मेरे कानों से टकराई "सलमान" " 

मुझे ऐसे लगा जैसे अब मैं कभी आँखें खोल नहीं पाऊंगा। मैं जहां था वहीं पर जम सा गया। । साना ने मुझे पीछे से धक्का दिया। । मैं आधा मृत हालत में पीछे की ओर देखा और वहाँ मेरी बाजी खड़ी थी। । । । बाजी के चेहरे पे गुस्सा था, दुख था, तड़प थी, घाव थे, यह सब मेरी आँखों ने देखने की बहुत कोशिश की परदिखाई कुछ न दिया, क्योंकि मेरी आंखों के सामने अंधेरा सा हो गया था । । । बाजी ने कहा कि अम्मी बुला रही हैं, घर चलना है। । 

कुछ समझ नहीं आया कि घर तक कैसे कार लेकर पहुंचा। । । घर में घुसते ही में अपने रूम में आ गया और बेड पे गिर गया और बेड के फोम में मुंह घुसा दिया। । । मैं इस समय किन विचारों में किन सोचों में था, इस बात का पता मुझे भी नहीं था। । थोड़ी देर भी नहीं गुज़री थी कि मेरे रूम काडोर किसी ने ओपन किया। । हालांकि ऐसा तो कभी नहीं हुआ था, अगर किसी को भी आना होता था तो पहले मेरे डोर पर नोक करता था। । 


मैंने बहुत हिम्मत करके अपनी आँखें खोली तो सामने वही हूर यानी कि मेरी बाजी पीले ड्रेस में खड़ी थी। । लग रहा था कि वह अपने कमरे में नहीं गईं और सीधा मेरे रूम में ही आ गई हैं। । । बाजी ने रूम के दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया था और मेरी ओर देख रही थीं। । । मैं हिम्मत करके उठ कर बैठ गया बेड पे। । । बाजी का चेहरा गुस्से से लाल हो चुका था और बाजी इतनी अधिक नाराज थी कि वह गुस्से से कांप रही थीं। । मेरी सोच तो पहले से ही मेरा साथ छोड़ चुकी थी मैं खाली आँखों से बाजी की ओर देख रहा था कि दीदी आगे बढ़ी और मेरे मुंह पे एक थप्पड़ दे मारा और साथ ही उसकी प्यारी सुंदर आँखों से आँसू गिरना शुरू हो गए। बाजी ने एक के बाद एक थप्पड़ मेरे मुंह पे मारने शुरू कर दिए और एक ही शब्द उनके मुंह से निकलना शुरू हो गया "क्यों" क्यों "क्यों"। ।

बाजी के ठप्पाड़ों से जैसे मैं होश की दुनिया में वापस आ गया। मुझ में हिम्मत नहीं हुई कि मैं उनका हाथ पकड़कर उन्हें रोक सकूँ। । । इतने में दीदी ने पास ही साइड टेबल पे पड़ी मेरी एक किताब उठा ली और वह मेरे मेरे सर पे मारना शुरू कर दिया और साथ ही कहने लगी "" क्यों तुमने ऐसा "क्यों सलमान" "मेरे साथ ऐसा क्यों किया तुम ने बताओ मुझे "" 

मैं अचानक उठा और अपने एक हाथ से बाजी का हाथ पकड़ लिया और दूसरे हाथ को बाजी केशोल्डर बैक से घुमा के उन काशोल्डर पकड़ लिया और उन्हें ऐसे ही पकड़े हुए अपने बेड पे बैठा दिया और खुद भी उनके साथ बैठ गया । । फिर मैंने अपने हाथ को जो बाजी केशोल्डर पे था, उसे बाजी के सिर पे रखा और उनका सिर अपने सीने से लगा लिया और अपना चेहरा बाजी के सिर पे रख दिया। । । । बाजी वैसे ही रोए जा रही थी। धीरे धीरे मेरी भी आँखों से आंसू निकलना शुरू हो गये । जिस दिन प्यार इंसान के दिल में बसता है शायद उसी दिन से रोना उसके भाग्य में लिख दिया जाता है। । । 


बाजी के आँसुओं ने मेरी शर्ट को भिगो कर रख दिया और मेरे आंसुओं ने बाजी का सिर। । । उस मैने दिन ये बात जानी कि औरत सब कुछ सहन कर सकती है, औरत अपना सब कुछ कुर्बान कर सकती है, पर जिसे वो प्यार करे उसे किसी और के साथ कभी साझा नहीं कर सकती। इस मामले में पुरुष अलग हो सकता है। औरत सारी दुनिया को आग लगा के रख दे पर अपने प्यार को कभी किसी और के साथ नहीं देख सकती .

ऐसे ही रोते हुए मैंने बाजी को कहा कि बाजी मेरा साना के साथ कोई रिश्ता नहीं है मैं बस आप से प्यार करता हूँ बस आप से। ।

। । बाजी जैसे मेरी इसी बात का इंतजार कर रही थी उनके रोने में कुछ इज़ाफा हो गया और उन्होंने कहा कि झूठ मत बोलो मैंने अपनी आँखों से तुम्हें उस के साथ घटिया हरकत करते देखा है, मैं कोई बच्ची नहीं हूँ कि तुम्हारी इस बात पे यकीन कर लूंगी, पीछे हो मुझे जाने दो, तुम एक घटिया और धोकेबाज़ हो, घृणा हो गई है आज मुझे तुम से । ये कहते हुए बाजी ने मुझे पीछे करने की कोशिश की पर मैंने उन्हें उठने नहीं दिया और उन्हें अपने साथ जाकड़ के रखा। । । मैं अजीब मुसीबत में था। उन्हें अपने प्यार का यकीन दिलाता भी तो कैसे? ? ? 


मेरी वजह से मेरी यह नाजुक सी मुहब्बत, मेरा प्यार, मेरे दिल की राहत रोए जा रही थी। । मैंने अपने आप को बहुत कोसा "

" बाजी मेरी बात तो सुनो मैं साना से प्यार नहीं करता वह मुझसे प्यार करती है, उस समय जो भी हुआ मुझे समझ नहीं आया, उसने मेरे साथ ज़बरदस्ती की, जो आपने देखा। । । । मैंने अंत में झूठ बोल दिया और झूठ बोलकर प्यार का पहला सिद्धांत ही तोड़ दिया, शायद इसलिए कि गुजरते पलों और अपने प्रिय को मैं खोना नहींचाहता था। । । न ही मैं अपनी प्रेमिका को यह कह सकता था कि मैं उस समय कमजोर पड़ रहा था, ये सच बताने के बाद शायद मैं पूरे जीवन के लिए अपने उस प्यार खो देता। । एक ऐसे प्रेमी को जो जब मेरे साथ होता था तो जिंदगी सुहानी लगती थी खुशी का एहसास मेरी रगों में दौड़ने लगता था। । हां इसलिए ही में ने झूठ बोला, नहीं जिया जाता था मुझसे इस अलगाव में, एक ऐसा एकांत जिसमें वहशत और दर्द के सिवा कुछ नहीं था

जाने क्यों यह झूठ बोलने के बाद मेरी आँखों से आँसू बहने रुक गए, शायद मेरी सच्ची मुहब्बत में आज झूठ की मिलावट हो चुकी थी। । पर मैंने जब अपने अंदर झांका तो उस प्यार को वहीं ऐसे ही मौजूद पाया, प्यार की तीव्रता में तो कोई कमी नहीं आई थी। शायद मैं प्यार की उस ऊँचाई को छू रहा था जहां ऐसे झूठ की कोई जगह नहीं थी। । पर प्यार जब सच्चे दिल से किया जाए तो ऐसे सौ झूठ प्यार में शायद दब के रह जाते हैं। । यह बात मन में आते ही जैसे एक विश्वास सा मेरे अंदर फिर से जाग गया, जो झूठ ने कुछ पलों के लिए सुला दिया था। । । । । 

मेरे आँसू फिर से निकलना शुरू हो गए थे। । । ऐसे ही रोते रोते मैंने अपने जिस हाथ से बाजी हाथ पकड़ रखा था उस हाथ से मैंने बाजी के हाथ में पकड़ी बुक ली और साइड पे रख दी और अपना चेहरा बाजी के सिर से हटा दिया और अपने हाथ की एक उंगली से उनका चेहरा अपने सीने से ऊपर की ओर उठाया। । । अब उनका चेहरा मेरी आँखों के सामने था। । उस नाजुक सी हूर ने रो रो के अपनी स्थिति अजीब कर ली थी, आँखें बंद और आंसू आंखों से ऐसे बहे जा रहे थे जैसे कब से आज ही के दिन के इंतजार में थे कि आज खुल के बहेंगे । । मैंने अपने होंठ बाजी के होंठों पे रख दिए और फिर नाजाने कितनी देर हम दोनों प्यार के मारे दीवाने ऐसे ही होंठ पे होंठ रखे ही बस रोते ही रहे। । हम दोनों की आत्मा एक दूसरे की बाँहों में खोई हुई घूम रही थीं। । । आंसू तो थे हम दोनों की आँखों में पर एक आराम था, एक सकून था जिसे शब्दों में बयान करना मेरे बस से बाहर है। । । 


ऐसे ही बाजी के होंठों पे होंठ रखे मैंने उन्हें बेड पे लिटा लिया। हम दोनों के पैरों बेड से नीचे और बाकी शरीर बेड पे था। । । अब धीरे धीरे मैंने अपने होठों से बाजी के होंठों पे किस करना शुरू कर दिया और कुछ ही देर बाद वह राहत अमीर, वह पल ले के आई जिसका मुझे कब से इंतजार था। । उन्होंने भी मुझे किस करना शुरू कर दिया। । ऐसे ही बाजी को किस करते हुए एक डर सा मेरे अंदर भरा हुआ था और मैंने उनके होंठों से अपने होंठ उठाये और कहा अब मुझे छोड़ कर कभी मत जाना, नहीं जी सकता तुम्हारे बिना, मुझे डर लगता है तुम्हारे बिना जीने में, मैं मर जाऊँगा। । । 
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03-30-2019, 11:23 AM,
#16
RE: Muslim Sex Stories मैं बाजी और बहुत कुछ
बाजी ने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया पर अपनी आँसुओं से लथपथ आँखें खोल के एक बार मेरी तरफ देखा । जाने उनकी उन आँखों में क्या प्रतिक्रिया थी जिसे मैं उस समय नहीं पढ़ सका। । । । उस नाजुक सी कली ने एक बार फिर से अपनी आंखें बंद कर ली और मैंने अपने होंठों को फिर से उनके होठों पे रख दिया। । धीरे धीरे हम दोनों दीवानों की आंखों से आंसू निकलना बंद हो गए, या शायद खुश्क हो गए। । हम दोनों की साँसों में पहले से कुछ तेजी आ चुकी थी। । बाजी ने मेरे नीचे दबाए हुए अपने हाथ को निकाला और मेरे सिर के एक पे बालों में हाथ की उंगलियां फेरने लगी और दूसरे हाथ को ऊपर करके मेरे सिर के दूसरी तरफ बालों में हाथ की उंगलियां भी फेरने लगी। । । जादू औरउसका असर और नशा तो महसूस में तब ही करता था जब मैं अपनी बाजी के साथ ऐसे पलों को जीता था। । । बाजी मेरे होंठों को चूमे जा रही थी उनके नरम गुलाबी होंठ मेरे होंठों से अपनी प्यास बुझा रहे थे। । । 


अब बाजी को किस करते करते मैंने अपनी ज़ुबान उनके होठों से गुज़ारते हुए उनके मुंह मेंडालना शुरू कर दी। । नरम नरम प्यारे से होठों पर अपनी गीली जीभ घुमाते हुए एक अजीब सा ही नशा मुझ पे छा रहा था। । । अब जब मेरी जीभ अंदर को जाती तो बाजी भी अपनी जीभ से मेरी जीभ को मिलाती । । हम दोनों की साँसें अब पहले से भी कुछ तेज हो गई थी। । । हम दोनों कितनी ही देर ऐसे एक दूसरे के होठों से होंठ और जीभ से जीभ मिलाते रहे कि फिर मैंने अपने होंठों से बाजी के गाल आँखों नाक यानी कि चेहरे के हर हिस्से को चूमा। । 

ऐसे ही चूमते हुए मैंने अब बाजी की सुंदर नाजुक सी गर्दन पे अपने होंठ जमा दिए। । बाजी के शरीर का प्रत्येक भाग एक अलग सा ही जादू करता था मुझ पर जिससे हर हिस्से को छूते और चूमते ही मज़े के समुंदर की गहराई में डूबता और डूबता बस डूबता ही चला जा रहा था। । अब ऐसा लगने लगा था कि इस मस्ती के समुद्र की गहराई की कोई सीमा नहीं है और अगर है तो इस गहराई की हद तक जाने की चाहत मेरे अंदर जाग चुकी थी। ऐसी चाहत बस उसी के साथ पैदा हो सकती है जिससे मनुष्य का शरीर और आत्मा दोनों का रिश्ता हो। । । बाजी की गर्दन को चूमते हुए साथ मे ज़ुबान भी फेर रहा था। बाजी के मुँह से हल्की हल्की सिसकियाँ निकल रही थीं जो मेरे कानों से जब टकराती तो मेरी मस्ती और बढ़ जाती। । । । 


अचानक बाजी ने आगे की ओर बढ़ कर मेरी गर्दन पे अपने होंठ रख दिए और अपने नरम होठों से मेरी गर्दन को चूमने लगी मैंने जो हाथ उनके सर पे पहले से रखा था हाथ की उंगलियों से बाजी के बालों को प्यार से पकड़ा और बाजी के सर को अपनी गर्दन से दबाया जिससे बाजी के कोमल होंठ और गुलाबी हुआ चेहरा मेरी गर्दन मेंदबता चला गया। । । बाजी ने अब अपने होंठों के साथ अपनी गीली जीभ को भी मेरी गर्दन पे फेरना शुरू कर दिया था अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आम्ह्ह्ह ओहह की सिसकी मेरे मुंह से निकली । ।

थोड़ी देर तक बाजी मेरी गर्दन पर अपनी जीब का जादू चलाती रही . अब मैने बाजी को अपनी बाहों में भींच लिया और फिर अपनी ज़ुबान से बाजी की गर्दन को चाटने लगा बाजी की गर्दन पे भी मेरी जीभ ने एक जादू सा कर दिया था कि बाजी भी ऐसे ही मेरे सिर को अपने दोनों हाथों से अपनी गर्दन पर दबा रही थी, ऐसे लग रहा था कि दोनों की इस समय बस एक जैसी ही इच्छा थी । । 

मस्ती के दरिया में डूबे हुए मैंने अपना वह हाथ जो बाजी के गाल पे रखा था उसे नीचे लाया और शर्ट के ऊपर से ही बाजी का एक मम्मा पकड़ लिया अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह फिर वही एक अलग सा जादू। । आह क्या सॉफ्ट और सॉफ्ट के साथ एक तनाव था बाजी के मम्मे पर। । । मैं धीरे धीरे उनका मम्मा दबाने लगा। । बाजी के मुंह से निकला: उफ़ उफ़ सलमान नहीं मत करो ना, छोड़ो उसे, आह सलमान पीछे करो हाथ अपना। । । । और यही सोचते हुए मजे की हालत में मैं बाजी के मम्मे को और दबाने लगा कि बाजी सिर्फ़ अपने मुंह से मुझे कह रही है, जबकि अपना मम्मा छुड़ाने की उन्होने कोई कोशिस ही नही की । ऐसे ही जाने कितनी देर हो गयी मुझे बाजी के बूब को दबाते हुए। बाजी के दिल पर जो चोट आज साना के साथ मुझे देख कर लगी थी, यह उसका ही तो नतीजा था कि बाजी मेरे बेड पे मेरे नीचे और उनके बदन पर मैं आधा झुका हुआ था बाजी के बूब को दबाते दबाते मैं अपने उसी हाथ को नीचे लाया और बाजी की कमीज के अंदर हाथ डालने लगा कि उन्होंने अपने एक हाथ से मेरे हाथ को पकड़ा। इस बार बाजी का मुझे इशारा था कि इससे आगे नहीं। । । पर मैं रुका नहीं और अपने हाथ आगे बढ़ाता चला गया। अब मेरा हाथ बाजी के पेट से स्पर्श हो रहा था। । ऐसे ही हाथ आगे की ओर ले जाता गया और बाजी ने वैसे ही मेरे हाथ को पकड़े रखा। । अब मेरा हाथ बाजी की ब्रा को छू रहा था। मैंने बाजी की ब्रा को छूते ही अपनी उंगलियां उसकी ब्रा के नीची से ही अंदर से बढ़ाने की कोशिस की जो थोड़ी सी कोशिश से अंदर हो गईं और मैंने अपने हाथ में अपनी हुश्न परी बाजी का मम्मा पकड़ लिया और आराम से दबाने लगा । । \


मेरे हाथों के टच को बाजी सह नही पाई और कहा: आह आह सलमान नहीं सलमान अह्ह्ह्ह्ह और अपनेचहरे को मेरी गर्दन से हटा दिया और वापस बेड पे अपना सिर रख दिया, जिस हाथ से उन्होंने मेरे हाथ को पकड़ा था उस हाथ को उन्होंने अपनी ब्रा के ऊपर रखकर अपनी ब्रा के अंदर मौजूद मेरे हाथ को पकड़ा और आराम से दबाने लगी। । । । बाजी बहुत मदहोश हो चुकी थीं। । मैंने काफी देर उनका मम्मा दबाने के बाद अपने हाथ को उनके ब्रा से बाहर निकाला और उनका हाथ पकड़ कर उनकी शर्ट से बाहर निकाल दिया। अब मैंने अपने होंठ भी उनकी गर्दन से हटा लिए जो मेरा हाथ उनके सिर के नीचे दब गया था उसे भी वहां से निकाला। अब बाजी का एक ही हाथ था जो मेरे सिर के बालों को प्यार से पकड़े हुए था। । । थोड़ा बाजी के ऊपर और बढ़ा जिससे बाजी का वह हाथ भी मेरे बालों से निकल कर बेड पे गिर गया। । । मैंने अपने दोनों हाथों से बाजी की कमीज ऊपर की और अभी उनका गोरा पेट ही नंगा हुआ था कि उन्होंने अपने दोनों हाथों से मेरे दोनो हाथों को थामा और अपनी आंखें खोलते हुए बहुत प्यार से मुझे देखते हुए कहा: नहीं सलमान । ।


मैंने अपने होंठ उनके होंठों पे रखे और एक किस की और कहा बाजी एक बार देखने दो बस और कुछ नहीं करना। बाजी ना में गर्दन हिला रही थी, पर मैंने अपनी कोशिश जारी रखी। 

बाजी को शायद महसूस हो गया था कि अब उनके बूब्स देख के ही छोड़ूँगा, इसलिए उनके चेहरे के भाव ही बदलने लगे। वह अब बुरा सा मुंह बनाए मुझे मना कर रही थीं। । मैं अंदर से डर गया था कि ये न हो कि बाजी फिर मुझे पीछे को धक्का दें। । अभी तक वह मेरे हाथ पकड़े मुझे मना ही किए जा रही थीं। मैंने धीरे धीरे करते करते शर्ट काफी ऊपर को कर दी थी। बाजी की हालत अजीब कम होती जा रही थी कि मैंने आगे हो के उनके सुंदर होठों को अपने होठों में ले लिया। । बाजी एक तरफ मेरे दोनों हाथों को पकड़े मुझे रोक रही थी दूसरी ओर अब बाजी अपना सिर झटक के अपने होंठ मेरे होंठों से अलग करने की कोशिश कर रही थी। । । मेरे हाथों की उंगलियां बाजी की ब्रा को स्पर्श हो रही थीं, मैंने इस बार काफी जोर लगा के अपने हाथों को आगे की ओर किया 


अब बाजी की कमीज उनके बूब्स से लगभग हट चुकी थी, इस बात का अंदाज़ा मुझे उनके नग्न बूब्स को और ब्रा को स्पर्श करने से हो रहा था । । मैंने पहले दोनों हाथ उनके दोनों बूब्स पे रखे और उनके बूब्स को उनकी ब्रा के ऊपर से ही दबाता रहा। । ।

बाजी के होंठ मेरे होंठों में थे और जैसे ही मैंने बूब्स दबाना शुरू किया उनके मुंह से बेइख्तियार निकला अह्ह्ह्ह्ह आ हहहम और बाजी ने अब अपने होंठ पीछेहटाने की कोशिश भी छोड़ दी। और मेरे होठों को आराम से चूमने लगी। । । उन्होंने मेरे हाथो को वैसे ही पकड़े रखा। । । मैंने काफी देर उनके बूब्स दबाये और फिर मैंने दोनों हाथों से उनका ब्रा आराम से नीचे से पकड़ा और उनकी ऊपर उठी शर्ट के अंदर कर दिया और बाजी के दोनों नंगे बूब्स पकड़ लिए "" आह आह सलमान "" बाजी अपने बूब्स पे मेरे हाथ लगते साथ ही जैसे तड़प उठी। । । 


मैंने अपने होंठ बाजी के होंठों से उठा दिए क्योंकि अब मुझसे और सबर नहीं हो रहा था, मैं अपनी जान के नग्न चुचों का दीदार करना चाहता था। । । । ज्यों ही में पीछे की ओर हुआ और मेरी नजरें बाजी के नग्न चुचों से टकराई, मेरा मन उनकी खूबसूरती को देखता ही रह गया। । मुझे यकीन नहीं आ रहा था कि मेरी जान, मेरे सपनों की रानी, मेरी रानी, मेरी बाजी के मम्मे कभी नग्न भी देख सकूंगा। । क्यों विश्वास करता मुश्किल भी तो बहुत था ना। क्यों बहुत मुश्किल मंज़िलें तय कर यहां तक पहुंचा था। । जैसे उस समय मेरी आँखें एक पल मे बंद हो जाती थी और एक पल में खुल जाती थीं जब बाजी को सोते हुए देखता था , मेरी आँखें खुली हुई थीं पर इस तरह की स्थिति में ऐसा होता है कि जिस चीज़ को इंसान ने इतनी मुश्किल से पाया हो वह जब आँखों के सामने आए तो देखने वाले को तो उसकी की आँखें खुली नजर आएंगी, पर उस आदमी की आँखों का हाल कुछ अजब ही होगा। । । 

बाजी के नग्न और मोटे मम्मे मेरे हाथों में थे, बाजी की पीली सलवार के ऊपर उनका गोरा गोरा पेट, वहाँ ऊपर आते आते उनके सफेद गोल, तने हुए नंगे मम्मे जिनको थोड़ा सा बाजी की कमीज ने कवर किया हुआ था। बाजी की पीली शर्ट के साथ उनके गोरे मम्मे और उनके गोरे मम्मों पे गुलाबी निप्पल। । । क्या कमाल का नज़ारा था, दिल चाह रहा था कि जीवन इसी नज़ारे में ही बीत जाए। मैं धीरे धीरे बाजी के चुचे दबाने लगा और उनके गुलाबी निपल्स पे अपना अंगूठा फेरने लगा। । । । मेरी हालत ख़राब से ख़राब होती जा रही थी
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03-30-2019, 11:23 AM,
#17
RE: Muslim Sex Stories मैं बाजी और बहुत कुछ
बाजी ने देख लिया कि अब मैं उनके बूब्स को देख देख दबा रहा हूँ और उनके बूब्स से खेल रहा हूं तो उन्होंने अपनी आँखें बंद कर ली और उनके मुंह से सिसकारी और तरह तरह की अजीब आवाजें निकलने लगी आह हाह आ हम। । । । । मेरा इतना प्यार से निपल्स और चुचों सेखेलना बाजी को शायद बहुत अच्छा लग रहा था। । । ऐसे ही खेलते खेलते और देखते देखते पता नहीं मुझ दीवाने को क्या हुआ कि मैंने अपने ही जैसी इस दीवानी का मोटा, गोल, तना हुआ मम्मा अपने मुँह में डाल लिया, जितना भी मम्मा मेरे मुंह में आ सकता था मैंने उतना मम्मा अपने मुँह में डाल लिया और उस प्यारे से, भावनाओं के समुंदर में हलचल पैदा करने वाले मम्मे पे अपनी ज़ुबान फेरना शुरू कर दिया । मम्मा मेरे मुँह में था और अपने मुँह में ही लिए मैं उसके निपल पर अपनी ज़ुबान फेरे जा रहा था। । 


पहले मैंने बाजी के निप्पल के अलावा जो मम्मा मेरे मुँह में था उसके ऊपर ज़ुबान फेरी, फिर मैंने उनके निपल्स पे ज़ुबान फेरना शुरू कर दिया दूसरी और जैसे ही मैंने बाजी का मम्मा अपने मुँह में लिया था तो उनके मुंह से बेइख्तियार निकला: सलमान हाय सलमान आह आह सलमान ...... बाजी की सिसकियों ने तो जैसे भावनाओं के सागर में एक सुनामी सा ला दिया। मैं पागल दीवानों का सरदार बन गया। । मैंने मम्मे को अब होंठो से चूसना शुरू कर दिया। । । । मैं मम्मे को चूस कर जब अपने मुंह से बाहर निकालता तो पलभर को उनके बूब को देखता , जो मेरे मुंह के अंदर जाने से गीला हो के चमकने लगा था। । । बाजी का निप्पल मेरे मुंह को इतना भा गया कि पता नहीं मुझे क्या हुआ कि मेरी नाक उनके निपल्स से टकराई और मैंने अपनी नाक के साथ उनके निपल्स से खेलना शुरू कर दिया । । अजीब ही समां था और अजीब खेल चल रहा था हम दो दीवानों, पतंगों के बीच।

इस तानाशाह को भी पीला ड्रेस आज ही पहनना था, पीले कलर की वजह से ही तो उसके सुंदर मम्मे आज क़यामत से बढ़ के कुछ सितम कर रहे थे। । अब कुछ देर बाद फिर से उनके बूब को मुंह में ले के चूसना शुरू कर दिया . बाजी की आवाजों में कुछ कमी पैदा नहीं हुई थी। । अब मामला उनकी सहनशक्ति से शायद बाहर हो चुका था उन्होंने अचानक वह किया जो मुझे मजे की उन ऊंचाइयों पर ले गया, जिनका आज तक मैंने सोचा भी नहीं था। । उन्होंने अपने दोनों हाथ मेरे कंधों से उठा दिए और मेरे सिर के ऊपर रख दिए और मेरे सिर को अपने मम्मे की ओर दबाया। । । मेरा चेहरा तो जैसे उनके मम्मे में दबता ही चला गया। 
उनके मोटे मम्मे का जो हिस्सा मेरे मुंह से बाहर था वह मेरी नाक और आंखों से टकराने लगा। । । "" आह उफ़ आह आह सलमान "" ...... अचानक बाजी के पैर मेरे शरीर से टकराएँ, जिससे मुझे अंदाज़ा हुआ कि उन्होंने अपने पैर बेड के उपर कर लिए हैं। फिर बाजी का शरीर जोर से कांपना शुरू हो गया "" "" "मम मम आह हम हाँ" "" "फिर कुछ गहरे सांस लेने के बाद बाजी एकदम शांत हो गई।।।। 


बाजी ने मेरे हाथ और बाकी मेरा शरीर जो लगभग उनके ऊपर था उसे पीछे किया और अपनी आँखों पे एक हाथ रख लिया। । मैं समझ नहीं सका कि यह अचानक उन्हें हुआ क्या है। । मैं फिर से आगे हो के बाजी के चुचे पकड़ने लगा तो उन्होंने मुझे पीछे की ओर धकेला और उठ के बेड पे बैठ गई और अपनी शर्ट नीचे कर ली। । उनका ब्रा अभी भी यादृच्छिक सा उनकी शर्ट के ऊपर से दिख रहा था। वह बेड से उठीं तो मैंने उन्हें रोकने की कोशिश की पर वह नहीं रुकी और अपने यादृच्छिक से ड्रेस और स्थिति के साथ ही मेरे कमरे से बाहर निकल गईं। । । । । । । । 


आज कुछ समय के लिए ही सही, पर प्यार की जीत हुई थी। । प्यार ने कुछ समय के लिए ही सही, पर अपना लाल झंडा इस अन्यायपूर्ण समाज की धरती पे गाढ दिया था। । । मैं अभी भी प्यासा था, पर फिर भी बहुत खुश था। । 

ड्रेस चेंज करते समय जब मैंने अपनी जेब सेल निकाला तो उस पे बाजी की काफी मिस कॉल और मेसजज़ थे और कॉल और मेसजज़ का जो समय था वह तब का था जब मैं साना के घर एक साइड में उसके साथ था। । । । बाजी ने मुझे घर वापस चलने के लिए कॉल और मेसजज़ किए थे और मेरा सेल साईलनट पे होने की वजह से रिप्लाई नहीं कर सका। फिर वह किसी तरह से मुझ तक पहुँच गई और फिर जो हुआ, उसने आत्मा और शरीर दोनों को इस स्थान पे ला खड़ा किया जहां पे चारों ओर नज़र दौड़ाने पे प्यार ही प्यार नज़र आ रहा था और कुछ नहीं

बाजी लौटकर आ चुकी थीं और उनके प्यार ने एक बार फिर से मुझे जीवित कर दिया था। पर डर भी तो साथ ही था न मेरे कहीं फिर से मेरी जान कहीं मुझसे मुंह न मोड़ ले। इस पूछे हुए सवाल का जवाब भी तो उसने ऐसे दिया था कि जिसे मैं समझ ही नहीं सका था। 


सुबह जब मैं उठा तो कितनी ही देर अपने बेड के उस हिस्से पे ही हाथ फेरता रहा जहाँ मेरी सपनों की रानी के साथ मैंने प्यार भरे पल बिताए थे। फिर जाने मुझे क्या हुआ और मैंने बेड के उस हिस्से को किस करना शुरू कर दिया और फिर कितनी ही देर किस करता रहा, इसका अंदाजा मुझे नहीं। 

जब मुझे होश आया तो समय देखा तो काफी लेट हो चुका था। मैं उठा, तैयार हुआ और नीचे आ गया, अपने धड़कते हुए दिल के साथ कि आज जाने वह मेरे साथ क्या सलूक करेगी, जाने क्या सितम करेगी अपनी चुप्पी के माध्यम से मेरे साथ। .नीचे आकर देखा तो अबू तो ऑफिस जा चुके थे। और अम्मी और बाजी आपस में बातचीत कर रही थीं। । अम्मी ने मुझे देखा तो पूछा बेटा आज लेट नीचे आए हो? "

" अम्मी रात काफी देर तक पढ़ाई करता रहा तो लेट सोया "" अम्मी यह सुनकर बहुत खुश हुई और मेरे सर पे हाथ फिराते हुए किचन की तरफ़ चली गईं मेरे लिए नाश्ता बनाने के लिए। । 

मैंने जब बाजी को देखा तो उनके चेहरे पे कुछ अजीब सी शर्म और एक हल्की सी मुस्कान थी। आज मेरे प्यार में ये पल मुझे पहली बार नसीब हुए थे, कि मेरी जान मुझे देख यूं शरमाई और मुस्कुराई थी। । अब जैसे वह मेरे हाथों में हाथ दिये प्यार के साथ दुनिया में जीना चाहती थी, उनके दायरे में जहाँ दुनिया की बनाई हुई सीमाओं की चिंता आदमी से बहुत दूर हो जाती है। । 

मैंने बाजी को सलाम किया, जिसका उन्होंने जवाब दिया पर सिर और अपनी दृष्टि को झुकाए रखा। । । कितने आराम और राहत से भरपूर पल थे यह। मेरा दिल किया कि बाजी को अपनी बाँहों में भर लूँ। । 

नाश्ता करते समय भी मेरी नजरें बाजी के चेहरे पे ही जमी हुई थी, वह भी थोड़ी थोड़ी देर बाद मेरी तरफ देख रही थी और जब मुझे अपनी ओर ही देखता हुआ पाती तो शरमा कर घबरा कर अपनी नज़रें नीचे कर लेती। । आज बाजी की आँखों में वह प्यार था मेरे लिए, जिसे उनकी आँखों में देखने के लिए मुझे जाने कब से इंतजार था। । । । अभी मैं नाश्ता कर ही रहा था कि घर के नंबर पे कॉल आई और अम्मी ने कॉल अटेंड की। अम्मी की बातों से मुझे अंदाजा हो गया कि साना की अम्मी की कॉल है। अम्मी उन्हें आज न आने का कह रही थी। फिर कुछ देर बाद अम्मी ने फोन रख दिया और मुझे कहने लगी कि: आज मेरी भी तबियत कुछ ठीक नहीं और हिना भी नहीं जाना चाहती, इसलिए मैंने उन्हें कह दिया कि आज हम नहीं आएंगे। । मैं कहा ओ के अम्मी जैसे आप चाहते हैं। में नाश्ता फिनिश करके अपने रूम में आ गया। 
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03-30-2019, 11:23 AM,
#18
RE: Muslim Sex Stories मैं बाजी और बहुत कुछ
रूम में आकर मैंने अपना सेल साइड टेबल से उठाया तो उस पे साना की मिस कॉल थीं। । टाइमिंग देखी तो रात और अब से कुछ देर पहले की भी मिस कॉल थीं। । । मैंने साना को कॉलबैक की तो कॉल अटेंड होने पे दूसरी ओर से साना की घबराई हुई आवाज़ आई: सलमान तुम ठीक तो हो ना? 

"हाँ हूँ मैं ठीक हूँ" " मैने जवाब दिया

" रात से कॉल कर रही हूँ यार, मेरी जान निकली हुई है, बंदा रिप्लाई ही कर देता है, तुम्हें पता भी था कि मैं परेशान होउंगी । "

" सॉरी मेरा सेल ही साईलनट पे था "" "

" हिना बाजी कुछ कहा तो नहीं? या कोई प्रोब्लम तो नहीं बनी? सोच सोच के पागल हो रही हूँ कि मैं उन्हें अब फेस कैसे करूंगी? "" साना एक ही सांस में कितने सवाल कर गई।

((मैंने मन में सोचा, मैं जितना तुम्हारा शुक्रिया अदा करूँ उतना ही कम है, तुम न होती तो मैं बाजी के प्यार को कभी प्राप्त ही नहीं कर सकता था, यह तुम ही तो थी जिसके प्यार की चोटों ने इस पत्थर दिल को पिघला दिया))


मैं कहा: यार कुछ नहीं होता, उन्होने किसी को भी यह बात नहीं बताई, सब सामान्य है, तुम परेशान न हो। । 

"थैंक्स गॉड, पर मुझे अभी अम्मी ने बताया कि तुम लोग आज नहीं आओगे, ऐसा क्यों?" साना ने पूछा

"अम्मी की तबीयत कुछ ठीक नहीं है इसलिए नहीं आ रहे, तुम परेशान न हो, बाकी सब ठीक है" मैने साना को तसल्ली दी

साना ने यह सुन एक गहरी साँस ली और कहा: ओ केठीक है, बट आई एम मिसिंग यू सो मच इतनी घबराई हुई हूं और चाहती हूँ कि तुम मेरे पास हो। । "

" कुछ दिन बाद कॉलेज भी प्रारंभ हो रहे हैं, तब रोज ही मिलना होगा " मैने जबाव दिया

" सलमान ये दिन बहुत मुश्किल से गुज़रेंगे। "। साना ने उदास होते हुए कहा

अब सलमान उस मासूम परी को अपने स्वार्थ का कैसे बताता कि जिस सलमान को वह पागलों की तरह चाहती है, वह सलमान तो एक बहुत स्वार्थी इंसान है, जिसने अपने आराम के लिए हमेशा अपनी सबसे अच्छी दोस्त का इस्तेमाल किया।। ऐसे ही थोड़ी देर बातचीत के बाद हमने कॉल डिस्कनेक्ट की और मैं यह सोचने लगा कि कैसे साना को कहूँ कि मैंने उससे कभी प्यार किया ही नहीं। अब मैं साना को और धोखा नहीं देना चाहता था। 


रात 11। 30 बजे, मैं अपने बेड पे लेटा अपनी पोजिशन बार बार चेंज कर रहा था। समय था कि बीतने का नाम ही नहीं ले रहा था। । दिल कीधड़कन भी शायद यादृच्छिक सी हुई पड़ी थी। । बार बार समय चेक करता कितनी विवश्ता थी। । जीवन के हसीन पल जैसे समय के मोहताज हो के रह गए थे। 


फिर जैसे ही 12 बजे मैं अपने रूम से निकला और बाजी के रूम की ओर चल पड़ा और जाकर बाजी के डोर को नोक किया। । कुछ ही देर में बाजी नेडोर ओपन किया और एक साइड में हो गई और मुझे अंदर आने का रास्ता दिया। । । मेंने अंदर प्रवेश किया तो उन्होंने डोर बंद कर दिया। । ऐसा उन्होंने पहली बार किया था। अब जैसे हम दोनों प्यार के रास्ते पे एक दूसरे का हाथ थामे , एक दूसरे से कदम से कदम मिला के चल रहे थे, मैं बहुत खुश था, बहुत खुश। चेयर पे जा के बैठ गया और बाजी अपने बेड पे। । । 

कुछ देर कमरे में यूं ही चुप्पी छाई रही और फिर मैं उठा और बाजी के साथ उनके बेड पे जा बैठा। । बाजी के शरीर को जैसे एक झटका लगा और उन्होंने मेरी ओर देखा और कहा "" हम मम क्या 

"मैं कहा: कैसी हो तुम।" 

"ठीक हूँ" बाजी ने शरमाते हुए कहा

"मैंने बाजी का एक हाथ पकड़ लिया और बाजी नीचे देखने लगी।। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। फिर कुछ देर बीतने के बाद मैंने धड़कते दिल के साथ, वैसी ही बैठे बैठे साइड से बाजी को हग कर लिया।
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03-30-2019, 11:23 AM,
#19
RE: Muslim Sex Stories मैं बाजी और बहुत कुछ
परफेक्ट हग नहीं था फिर भी इस भावना ने ही मुझे बेहाल कर दिया था कि मेरी जान मेरी बाहों में है। कुछ देर ही गुज़री तो बाजी भी ने मुझे यूं ही हग कर लिया। । कितनी ही देर हम दोनों एक दूसरे की बाँहों में यूं ही खोेये रहे। 

काफी देर बीतने के बाद मैं पीछे को हुआ और अपने दोनों हाथ बाजी के दोनों गालों पे रख दिए और बाजी के चेहरे को अपनी ओर किया और बाजी की आँखों में आँखें डाली। । । प्यार का एक समुद्र मुझे उनकी आँखों में नज़र आया। फिर वह हुआ जो ऐसे समुंदर में मेरे जैसे तैराक के साथ होता है। में डूब गया। मेरे होंठ उनके होंठों पे जा टिके और ऐसे लगा कि जैसे वह भी जन्मों से इसी क्षण की खोज में भटक रहीं थीं । उसने मेरे होंठों को अपने होंठों से इतने प्यार से थाम लिया कि मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी जान ही निकल जाएगी। हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूमना शुरू हो गए। कितनी ही देर होठों की प्यास बुझाते रहे हम एक दूसरे के साथ। अब हम होठों की प्यास बुझाने के साथ अपनी ज़ुबानों को भी एक दूसरे के साथ जोड़ने लगे। फिर प्यार का वह खेल शुरू हो गया, जो हम दोनों सुबह से शिद्दत से इंतजार कर रहे थे। । 


आज बाजी ने भी मेरे चेहरे के एक हिस्से को चूमा। अब हम दोनों ने एक दूसरे की गर्दन होंठ लगाए, एक दूसरे की गर्दन को चूमे जा रहे थे। । बाजी जब मेरी गर्दन पे अपनी ज़ुबान फेरती तो बेइख्तियार मेरे मुंह से निकल जाता "" आई लव यू "और बाजी उत्तर में बस" हम, हम "हैं।।। मेरे कान बाजी के मुँह से आई लव यू सुनने के लिए तरस और तड़प कर रह गए थे, पर उन्होंने आज तक मुझे जवाब में यह नहीं कहा था।। 


बाजी की गर्दन को चूमते चूमते मैंने बाजी को शोल्डर्स से पकड़ा और उन्हें बेड पे लिटा दिया। एक अजीब सा पागल पन था हम दोनों के इस मिलन में, साँसें उखड़ी हुई कपड़े अस्त व्यस्त सीने के अंदर मौजूद भावनाए यादृच्छिक। बाजी को बेड पे लेटा कर मैं भी लगभग आधे से अधिक उनके ऊपर ही लेट गया था। । अब फिर से मेरे होंठ बाजी के होंठों पे आ चुके थे और मेरा एक हाथ जो उनके राइट शोल्डर पे था वह हाथ रेंगता हुआ उनके लेफ्ट वाले मम्मे को थाम चुका था। जैसे ही मैंने उनके मम्मे को पकड़ा तो उनके मुंह से बेइख्तियार आह हाय निकला। एक तरफ उनके नरम होंठ मेरे होंठों में थे और दूसरी ओर उनका नरम मम्मा मेरे हाथ में था। । ऊपर नरम होंठ मेरे होंठों में दब रहे थे और नीचे नरम मम्मा मेरे हाथ में दब रहा था

काफी देर बीतने के बाद मैंने अपना वह हाथ नीचे किया और बाजी की कमीज के अंदर डालने लगा तो दीदी ने मेरा वह हाथ पकड़ लिया और अपने होंठ पीछे करते हुए भावनाओं में डूबी और टूटी हुई आवाज में कहा कि "सलमान ऐसे मत करो ना "मैंने बाजी की आँखों में आँखें डाल कर कहा बाजी धीरे से दबाउंगा बस। । मेरी यह बात सुन के बाजी के चेहरे पे हया का एक रंग आ के गुजरा और उनका भावनाओं की तीव्रता से लाल हुआ चेहरा और लाल हो गया। । । बाजी बोली: पागल आदमी, ऐसे नहीं कहते। । बाजी के चेहरे पे हया देख और उनकी यह बात सुनकर मेरे होंठों पे एक मुस्कान सी आ गई। । मेरे होठों की मुस्कान बाजी की हया सह न पाई और उन्होंने अपनी आंखें बंद कर ली। । पर मेरे हाथ को वैसे ही पकड़े रखा। । 


मैं अपने हाथ को ऐसे ही उनकी शर्ट में डालने की कोशिश करता रहा, तो कुछ ही देर की कोशिश और एक प्यार भरी चुप्पी की लड़ाई के बाद मैं उनके बूब को ब्रा के अंदर से पकड़ने में सफल हो ही गया। उनके नंगे बूब को पकड़ना शायद उन्हें भी बहुत अच्छा लगा कि उनके मुंह से सिसकियाँ निकलने लगी। कितना ही समय बीत गया और मैं उनके बूब को ऐसे ही दबाता रहा और उनके निपल्स के साथ भी खेलता रहा। । 


ऐसे ही करते करते मैं पीछे को हुआ और मैंने दूसरा हाथ भी बाजी की कमीज में डाल कर उनके दूसरे मम्मे को भी पकड़ लिया और बाजी ने मजे में डूबी आवाज़ में कहा: "नहीं सलमान आह आह छोड़ो ना उफ़ मम मम" अब मैं बाजी दोनों मोटे मम्मे दबा रहा था और बाजी आंखें बंद किए अपने सिर को मजे में डूबी उधर उधर झटक रही थीं। बाजी के बूब दबाते दबाते अब मैंने अपने दोनों हाथ बाहर निकाले और बाजी की कमीज को ऊपर की ओर करने लगा तो उन्होंने बहुत प्यार से मेरे दोनों हाथ पकड़कर मुझे मना करने की कोशिश की। ये वो भी जानती थी कि अब मैं रुकने वाला नहीं हूँ, और फिर वही हुआ मैंने बाजी की कमीज ब्रा सहित ऊपर कर दी और उनके दोनों क़यामत खेज मम्मे नंगे कर दिए। । ज्यों ही बाजी के मम्मे नंगे हुए और मेरी निगाहों से बाजी की निगाहें टकराई तो बाजी ने शर्म के मारे अपनी आँखें बंद कर लीं और अपने दोनों हाथ अपने चेहरे पे रख कर चेहरा छिपा लिया। । । 


उनकी यह अदा मेरे दिल को बहुत ही भाई मैं आगे हुआ और बहुत ही प्यार से उनके लेफ्ट वाले मम्मे के निप्पल को होंठों में ले लिया और बहुत प्यार किया उसे। । । बाजी का नन्हा मुन्ना सा निप्पल मेरे होंठों के बीच में आ के पूरेरूप में तड़प उठा था, और फिर जैसे ही मैंने उस पे अपनी जीब फेरी तो ऐसे लगा जैसे मुझे कह रहा हो कि क्यों करते हो मुझे इतना दीवानों की तरह प्यार। । ऐसे ही प्यार करते करते मैंने अपने होंठ बाजी के दूसरे बूब पे रख दिए और उसके निप्पल को भी ऐसा ही प्यार किया। । आज मैं उनके पूरे चुचे को मुंह में नहीं डाल रहा था बस निपल्स ही चूसे जा रहे थे, चाटता जा रहा था और बाजी की हालत खराब होती जा रही थी। इतने में बाजी ने पास पड़ा अपना सेल उठाया और उस पे कुछ करके साइड मे रख दिया और फिर दोनों हाथों से अपना चेहरा छिपा लिया। मैं वैसे ही निपल चूसे जा रहा था कि कुछ देर बाद बाजी ने कहा सलमान तुम्हारा सेल किधर है। मैंने कहा यहीं पर। "

" सलमान सेल साइलेंट पे है तुम्हारा " बाजी ने कहा

" जी "

दीदी ने मुंह बनाते हुए कहा: गलती से उसे जनरल पे कर लिया करो ना, निकालो अपना सेल।। 

मैंने कुछ न समझ आने वाले अंदाज में अपनी जेब सेल निकाला और देखा तो उस पर बाजी का ही मैसेज आया हुआ था। मैंने मैसेज ओपन किया तो लिखा था "" पूरा करो ना "

मुझे समझ नहीं आया कि बाजी के कहने का मतलब क्या है।। मैंने पूछा: यह आपने क्या लिखा है मुझे समझ नहीं आया। बाजी ने अपने चेहरे को यूँ ही हाथों में छिपाए हुए कहा: कुछ नहीं कैसे कहूँ मैं।।। 

"पता नहीं क्या आपने" मैने फिर पूछा

"सलमान प्लीज़ चुप हो जाओ" बाजी ने शरमाते हुए कहा

मैंने उन्हें एक हाथ से पकड़ते हुए उनके चेहरे को पीछे किया और पूछा: पता नहीं क्या कहना चाहती हैं आप। बाजी की आँखें अब भी बंद थी। मैंने उनके होठों पे एक किस किया और फिर पूछा: 

पता नही ,, बाजी ने कहा 

ना बाजी ने अपनी आँखें खोली और न ही मेरे सवाल का जवाब दिया। अब बल्कि उनके चेहरे से यों लगने लगा जैसे वह मेरे इस सवाल से चिढ़ना शुरू हो गई हैं। मैंने सोचा कि इससे पहले वह मुझे फिर से एक धक्का दें बेहतर यही है कि उन्हें अधिक तंग न करूँ और प्यार भरे खेल को जारी रखूं। 

मैंने फिर से बाजी के निप्पल को मुंह में ले लिया और उसे प्यार करने लगा और हम बहन भाई फिर से मजे के समुद्र में डूबते चले गए। । । थोड़ी ही देर बीती थी कि मेरे नंबर पे बाजी ने एक और मेसेज किया। । अजीब ही सिलसिला था यह प्यार का, हम एक दूसरे से रोमांस के रिलेटड बात मेसेज पे कर रहे थे। मैंने मेसेज ओपन किया तो बाजी ने लिखा था "उल्लू उसे फुल किस करो" 

मेरे होंठों पे एक मुस्कान आ गई। अब मैं समझा कि मेरी जान मुझे कहना क्या चाहती है। । बाजी का मतलब था कि उनके पूरे मम्मे को किस करूं। यह पहली बात थी जो बाजी ने मुझे कही थी और मुझे ऐसे लगने लगा जैसे वह सुख का एक जहांन मेरी झोली में लाकर डाल रही है। । । मैंने शरारती अंदाज़ में मुस्कुरा केकहा: क्या कह रही हैं करूँ किस "

" सलमान "

" बाजी के इतना ही कहने की देर थी कि उनका जितना बूब मेरे मुँह में आ सकता था मैने अंदर लिया और उसे चूसने लगा। । उनके चुचे पे गोल गोल ज़ुबान फिराने लगा और ऐसे ही उनके निपल्स को भी अपनी ज़ुबान सेरगड़ने लगा। 


बाजी का मम्मा अपने मुँह में डाल के चूसता हुआ बाहर निकाल लेता और फिर ऐसे ही जितना मेरे मुंह में जा सकता है मैं अपने मुंह में डाल लेता और चूसता। । । रोमांस के बीच बाजी से बात करना मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, पर बाजी मेरी किसी बात का रिप्लाई नहीं करती थीं ((सही ही तो था बाजी और मैं अभी भी हम चलते चलते जिस स्थान पे आ गए थे, उस स्थान का आज से कुछ समय पहले शायद बाजी कभी कल्पना भी नहीं कर सकती थीं।। इस स्थान पे बाजी को लाने वाला भी तो उनका दीवाना छोटा भाई ही ही था अगर बाजी पे होता तो हमारा यह प्यार कभी जन्म ही नही लेता )) अब मैंने उनके दोनों चुचों को इसी तरह बारी बारी चूसना शुरू कर दिया। हम दोनों दीवाने यूँ ही मस्ती में खोेٔये हुए दुनिया से बेगाने अपने प्यार में व्यस्त थे। । बाजी की सिसकारियों में पहले से भी तेजी आ चुकी थी। । । और उनकी मजे में डूबी आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह ह्ह्ह्ह्हआह हम मम हाय की आवाज मेरे कानों से टकरा रही थीं। अब मैंने बाजी के दोनों मम्मों को अपने हाथों में थाम लिया था और मजे ले ले लेकर दबा रहा था और मजे ले ले लेकर चूस रहा था। अब मैंने बाजी के गोरे, गोल, मोटे मम्मों को साइड से भी चूसना शुरू कर दिया था, क्योंकि यह साइड अभी मेरे चूसने की चपेट में नही आ सकी थी। 


बाजी के चुचों पर मेरे होंठ और जीभ के हमले गंभीर से गंभीर होते जा रहे थे। उनके मुंह से बेसाखतह ये आवाज निकल रही थी: उफ़ आह हम मम सलमान हाय अहहमम पागल हो तुम आ ह। । बाजी ने अपने दोनों हाथ अब मेरे सिर के ऊपर रख लिए थे और मेरे बालों में अपनी उँगलियाँ बहुत प्यार से फेर रही थीं। । 
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03-30-2019, 11:24 AM,
#20
RE: Muslim Sex Stories मैं बाजी और बहुत कुछ
बाजी के बूब्स चूस्ते चूस्ते मैंने अपना राइट वाला हाथ उनके लेफ्ट वाले मम्मे से हटाया और नीचे उनके पेट पर सरका दिया। थोड़ी देर उनके केपेट पे हाथ फेरने के बाद मेरा हाथ नीचे की तरफ हो गया। । बहकी भावनाए, मज़ा, मस्ती, यह सब हम दोनों पे ऐसे हावी हुए थे कि हम दोनों बिल्कुल अपने होश मे नहीं रहे थे। मैने और नीचे की तरफ हाथ बढ़ाया अब बाजी की भारी भारी जांघों पे हाथ फेर रहा था। । कुछ देर बाद मैने वह हाथ बाजी की जाँघो पर फेरते फेरते बाजी की थोड़ी सी खुली हुई टांगों के बीच में डाल दिया और अपने हाथ को बाजी की योनी पे रख दिया और बाजी की योनी को सलवार के ऊपर से ही अपने हाथ की उंगलियों सेरगड़ने लगा। । । । । । । । । । । । । । । ।


मेरे हाथ को अपनी योनी पे फील करते ही बाजी के शरीर को जैसे करंट सा लगा और वह हल्के से चिल्ला पड़ी आह्ह्ह्ह्ह्ह आ ह आह सलमान पीछे करो अपना हाथ वहाँ से आह आह सलमान उफ़ आह। बाजी ने अपना एक हाथ मेरे सिर से उठाया और मेरे उस हाथ पे रखा जो उनकी योनी पे था और मेरे हाथ को पीछे करने की कोशिश करने लगी। । । मैं एक तो पहले से ही सेक्स के नशे और मजे में डूबा था ऊपर से जब बाजी की योनी हाथ में आई तो जैसे बिल्कुल ही तीव्र भावनाओं से बेकाबू सा ही हो गया पर। । । बाजी की न न और मुझे पीछे होने का कहना ही जैसे मुझे और ही मजे देता जा रहा था। । । उनके मम्मों को वैसे ही चूस रहा था और साथ ही अपने हाथ की उंगलियों से उसकी योनी रगड़ रहा था। बाजी नेनीचे पैन्टी नही पहनी हुई थी, यह बात जैसे ही उस समय मैंने उनकी योनी को टच किया तब ही मुझे पता चल गया था। मेरी उंगलियां बाजी की योनी के लिप्स के बीच स्लिप हो रही थीं। बाजी की हालत उस समय यह थी कि न उधर के रहे न उधर के। बाजी एक ओर मजे में डूबी अपनी गीली योनी मुझसे रगड़वा रही थी और दूसरी तरफ मुझे हल्के से मना भी कर रही थीं कि "" सलमान नहीं प्लीज़ हाथ हटाओ यहां से सलमान ये क्या कर दिया हाय आह आह उफ़ आह पागल ऐसे नहीं आह मम मम सलमान नहीं . 



सलमान भी इस समय मरता क्या न करता, पागलों की तरह अपनी इस दीवानी जान के शरीर में डूबा पता नहीं कहाँ खोया हुआ था। । । । अचानक बाजी ने मेरे सर पे जो हाथ रखा था उसे जोर से दबाना शुरू कर दिया मेरे सिर पे, जिससे मेरा मुँह उनके मम्मे पे दबना शुरू हो गया और नीचे से बाजी ने अपनी योनी को ऊपर नीचे ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया। फिर धीरे धीरे बाजी की इस प्रक्रिया में तीव्रता आने लगी। मुझे भी ऐसे लगने लगा कि मैं फारिग होने वाला हूँ, मेरा लंड तब बाजी के एक पैर के साथ लगा हुआ और लोहे की तरह सख़्त हालत में था। । उधर बाजी भी फारिग होने वाली थी और अपनी योनी को ऊपर नीचे कर रही थी मेरे हाथ पर . इधर मैं अपना लंड बाजी के पैर के साथ घर्षण करके फारिग होने की पूरी तैयारी में था। और फिर बाजी ने आखिरी कुछ झटके मारे और सलवार के अन्दर ही डिस्चार्ज हो गई और मैं भी उनके पैर के साथ ही अपना लंड रगड़ते रगड़ते डिस्चार्ज हो गया। । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । 


दिन बीतते जा रहे थे। मेरे दिन रात हुश्न, प्यार, प्यार से भरपूर और भावनाओं मे, रमणीय आराम में डूबे हुए गुजर रहे थे। हां बस कुछ कमी अभी भी बाकी थी। बाजी मिलन की अंतिम सीमा तक मुझे जाने नहीं देती थी और मिलन के समय मुझसे ज्यादा बात नहीं करती थी। हां यह भी सच ही था कि मैं खुद जाने क्यों उस समय उनसे बात करते हुए काफी घबराता था। परसच यह भी था कि उस समय उनके साथ जो बिल्कुल थोड़ी सी बात भी होती थी उसमें मुझे सकून और शांति बहुत मिलती थी। 


आज मेरा कॉलेज प्रारंभ हो रहा था। मैं उठा तैयार हो केनीचे आया। ((बाजी का कॉलेज अभी लगभग 2 हफ्ते बाद प्रारंभ होना था)) नीचे अम्मी अब्बू नाश्ते के टेबल पे ही थे। उन दोनों को नमस्कार करने के बाद मैंने नाश्ता प्रारंभ किया। 

अचानक अबू ने पूछा: सलमान स्टडी कैसी जा रही है? "

" जी अबू बहुत अच्छी ""

"गुड मैं हिना की तरह तुम्हे भी डॉक्टर बनता देखना चाहता हूँ" 

"जी अबू"

फिर कुछ देर बाद अबू ने पूछा और कोई प्रोब्लम तो नहीं?

"नहीं अबू सब ठीक है"

"ओ के गुड"

मैंने जल्दी जल्दी नाश्ता समाप्त किया और अपनी किताब उठाता हुआ बाहर निकल गया। । बाहर आकर मैं एक गहरी साँस ली। अबू के पास मेरा जितना भी समय गुज़रता था वह बिल्कुल ऐसे कि जैसे अभी मेरी जान निकल जाएगी। । । वो अगर सामान्य ढंग से भी बात करते तो ऐसे लगता जैसे अब जान ही निकाल देंगे

कॉलेज पहुंचा ही था कि साना आई और मुझे अपने साथ लिए कॉलेज के बैक साइड पे आ गई। जहां लगभग कोई नहीं आता जाता था। मैंने कहा, "यार बाकी दोस्तों से तो मिल लेने दो" 

साना बोली "तुम्हें बहुत प्यार आ रहा है उन पे चुप करके यहाँ बैठो" और हम दोनों वहाँ पे मौजूद बेंच पे बैठ गए। । । 

"सलमान तुम्हें पता है मैंने कैसे यह दिन बिताए, मरनेवाली हो गई थी मैं" कह के साना ने मेरा हाथ पकड़ लिया। । । 

ज्यों ही साना ने मेरा हाथ पकड़ा मैंने उसकी आँखों में देखा। । उसकी आँखों में मेरे लिए मौजूद गहरा प्यार झलक रहा था, मैंने उसी पल सोचा कि आज साना को सच बता देता हूँ कि मैं उससे प्यार नहीं करता, उसके बाद जो होगा देखा जाएगा। पर अब मैं साना को और धोखा नहीं देना चाहता था। । । साना जैसी परी (हुश्न की मालिका) धोखा खाने के लिए नहीं बनी थी, वह तो इसलिए बनी थी कि उसे कोई बहुत प्यार करे, इतना प्यार करे कि पूरा जीवन उसकी पूजा में ही गुज़ार दे । । वह दिल और नेचर में कमाल की लड़की थी। । । 


अपने अंदर मौजूद हिम्मत को बढ़ाने के बाद साना को सच बताने के लिए मुंह खोलने ही वाला था कि साना ने मेरे गाल पे किस कर दी जब साना के नरम होंठ जब मेरे गाल से टकराए तो मुझे एक करंट सा लगा। । साना इतनी सुंदर हुश्न से भरपूर लड़की थी कि तुरंत जैसे मेरे सभी विचारों ने पलटा खाया और मैंने एक हारे हुए सिपाही की तरह साना के हुस्न के आगे घुटने टेक दिए। । 

मैंने साना का हाथ पकड़ा और उसे वहीं पास ही मौजूद एक पेड़ के पीछे ले गया। ये पेड़ बहुत बड़ा और बहुत पुराना था। । वैसे तो उसकी पिछली साइड पे कोई आता नहीं था अगर कोई आ भी जाता तो हमें देख नहीं सकता था, क्योंकि उस पेड़ ने हमें छिपा लिया था। । । पेड़ के पीछे जाते ही मैंने साना की कमर पे एक हाथ रखा और दूसरे हाथ की उंगलियाँ उसके बालों में बालों डाल दी और हम दोनों किसिंग करने लगे। मेरे होठों का स्पर्श साना को बेहाल करने के लिए पर्याप्त साबित हुआ। मैं भी साना के नरम सुंदर होठों की गर्मी से अपने आप को पिघलने से न बचा सका। हमारी किसिंग में तीव्रता आती जा रही थी। । । 


एक दूसरे से जीब लड़ाने के बाद और अच्छी सी किसिंग के बाद अब मेरे होंठ साना की गर्दन पे फिसलते जा रहे थे और साना के होंठ भी मेरी गर्दन पे अपना जादू चला रहे थे। । साना के साथ ये पल बिताते हुए मुझे आराम बिल्कुल नहीं मिल रहा था, क्योंकि दिल का कनेक्शन तो आत्मा से होता है और मेरी आत्मा इस समय मेरे गिले शिकवों में व्यस्त थी कि सलमान तू अपना प्यार चाहत हासिल करके भी मेरा खून करने पे क्यों तुला है। । । पर सलमान पे तब नियंत्रण दिल का नहीं उसके मन का चल रहा था। । । 
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