XXX Kahani Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा
02-04-2021, 01:23 PM,
#21
RE: XXX Kahani Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा
दही हंडी का प्रोग्राम बहुत जोरो शॉरो से सोसाइटी कॉंपाउंड में चल रहा था...एक तरफ ढोल नगाड़े बज रहे थे...दूसरी तरफ सब जोश के साथ नाच रहे थे..इधर बारिश ने एक बहुत ही लाज़वाब समा बाँध रखा है....अलग अलग टोली आनी थी आज सोसाइटी में मटकी तोड़ने....

इधर रीता रिपोर्टर अपने केमरामेन के साथ सोसाइटी पहुँच गई थी लाइव दही हंडी का प्रोग्राम टीवी पे दिखाने..

रीता :- दोस्तों स्वागत है आपका कल तक चॅनेल पे मैं रीता रिपोर्टर आज गोकुलधाम सोसाइटी में हूँ जहाँ आज दही हंडी का प्रोग्राम होने जा रहा है...और बस कुछ ही देर में यहाँ अलग अलग टोली आएँगी और इस मटकी को फोड़ने का प्रयास करेंगी...तो चलिए पूछते हैं कुछ सवाल इस सोसाइटी के बुजुर्ग श्री चंपकलाल गाड़ा से...

बापूजी बताइए कैसा लग रहा है आपको ??

बापूजी :- अरी रीता बहुत अच्छा लग रहा है...में तो चाहता हूँ..सब जी जान से इस मटकी को तोड़ने का प्रयास करें..ताकि हम सब को भी मज़ा आए..

फिर थोड़ी ही देर बाद पहली टोली आ जाती है और रीता उन्हे कवर करने चली जाती है....

इधर बारिश की वजह से सब भीग गये होते हैं...सभी लॅडीस भीगने के बाद एक दम अप्सरा लग रही थी...

अंजलि , दया , बबिता , माधवी , रीता , और सबसे ज़्यादा हॉट तो आज रोशन लग रही थी...क्यूंकी उसने ब्रा नही पहनी थी...और ये बात सबसे पहले हमारे सोसाइटी के सेक्रेटरी ने नोटीस करी..

भिड़े :- मन में...क्या बात है आज रोशन भाभी ने ब्रा नही पहनी...कमाल की लग रही है ...हाए चुचे तो देखो सॉफ नज़र आ रहे हैं...और अपने लंड पे हाथ रख कर मसल्ने लगता है जो पहले से ही तन के खड़ा हुआ होता है...

उधर जेठालाल की नज़र तो सिर्फ़ बबिता पर ही थी...उसको तो आज बस बबिता को किसी तरह प्यार करना था..और इस बात का भी ध्यान रखना था कि बबिता जी को बुरा ना लगे..

तारक तो अपनी बीवी को ही ताक रहा था..उसे और किसी से फिलहाल तो अभी मतलब नही था..

पोपटलाल तो माधवी को बहन की तरह मानता है पर नज़र तो उसकी उन्ही पर थी...इधर अब्दुल भी माधवी पर नज़र गढ़ाए हुए था...पता नही दोनो किस सोच में डूबे हुए थे...

तभी पहली टोली आई..और सब अपने विचारों से बाहर आए...और टोली का स्वागत करने लगे...इधर टोली आ चुकी थी और अब मटकी फोड़ने का ट्राइ कर रही थी...

वैसे एक बात और बता दूं..जेठालाल ने अपनी तरफ से आज ठंडई का आयोजन किया था...हाँ ये भी बता देता हूँ..कि उसके प्लान का एक हिस्सा है...

सब लोग ठंडाइ पीके टोली का उत्साह बढ़ा रहे थे....उधर जेठालाल बबिता जी से बात करना चाहता था लेकिन मौका नही मिल रहा था...फिर तारक ने उसे नचाने के लिए बुला लिया..और बिना मन से तारक के साथ नाचने लगा...

इधर अब्दुल और पोपटलाल के दिमाग़ में तो सिर्फ़ आज माधवी घूम रही थी..वो दोनो अभी भी माधवी को ही देख रहे थे...फिर अचानक दोनो ने एक दूसरे की चोरी पकड़ ली..

पोपटलाल :- भाई अब्दुल क्या देख रहा है?

अब्दुल :- कुछ नही पोपट भाई ..सब नाच रहे हैं तो उन्हे हे देख रहा हूँ (उसने घबराते हुए कहा)

पोपटलाल :- सबको देख रहा है या फिर सिर्फ़ माधवी भाभी को देख रहा है..

अब्दुल :- हड़बड़ाते हुए...क्या बोल रहे हो पोपट भाई..

पोपटलाल :- रहने दे रहने दे सब समझता हूँ में....

अब्दुल :- अब समझ जाता है कि पोपटलाल को सब पता चल गया है ... तो अब्दुल अपना डर खोलते हुए...मेरी बात छोड़ो आप भी तो माधवी भाभी को देख रहे हो..

पोपटलाल :- घबराते हुए...क्या बोल रहा है अब्दुल..

अब्दुल :- ज़्यादा नाटक मत कीजिए ... मुझे सब पता है...

पोपटलाल :- सर हिलाते हुए सोचता है..अब्दुल को सब पता चल गया है .. छुपाने का कोई फ़ायदा नही है...फिर बोलता है..ज़रा साइड में चलिए अब्दुल..

और दोनो एक कोने में चले जाते हैं जहाँ शोर थोड़ा कम होता है..

पोपटलाल :- भाई अब्दुल क्या करूँ मुझसे रहा ही नही गया आज माधवी भाभी को देख के मेरा लंड खड़ा हुए जा रहा है...तू किसी को बोलेगा तो नही ना भाई..

अब्दुल :- अरे पोपट भाई कैसी बात कर रहे हो..मेरा भी तो यही हाल है ..मेरा भी लंड खड़ा हो रहा है उन्हे देख के...

ये बात सुन के पोपटलाल खुश हो जाता है और 2 मिनट सोचने के बाद बोलता है.

पोपटलाल :- अब्दुल क्यूँ ना आज हम माधवी भाभी के साथ..तू समझ रहा है ना में क्या कहना चाहता हूँ...

अब्दुल :- पोपट भाई आपने तो मेरी मूह की बात छीन ली...लेकिन कैसे करेंगे...

तभी उधर से इन दोनो को आवाज़ लगाई है...और पोपटलाल बोलता है चल उधर चल के कुछ सोचते हैं और दोनो उधर चले जाते हैं...

जैसे ही पोपटलाल और अब्दुल सब लोगों के पास जाते हैं..और तभी पोपटलाल की नज़र ज़मीन पर गिरी एक पॅकेट पे पड़ती है ..और उसमे जो लिखा होता है...वो पढ़ कर पहले तो पोपटलाल हैरान हो जाता है कि सोसाइटी में ऐसा पॅकेट कहाँ से आया..लेकिन कुछ देर बाद वो खुश हो जाता है..क्यूँ कि उसका प्लान इससे सक्सेसफुल हो सकता है...वो अब्दुल को फ़ौरन आवाज़ लगाता है...

पोपटलाल :- अब्दुल अब्दुल अब्दुल...हमारा प्लान अब सक्सेसफुल हो जाएगा..

अब्दुल :- वो कैसे पोपट भाई ??

पोपटलाल :- ये देख .. और वो पॅकेट अब्दुल को दिखाता है..

अब्दुल :- ये क्या है ??

पोपटलाल :- अरे बेवकूफ़ ये है नशे की दवाई..और ये ऐसी वैसी दवाई नही है..इसे लेने के बाद आदमी को ये भी नही पता होता कि उसके साथ कौन है और उसके साथ क्या किया है...

अब्दुल :- सुन के बहुत खुश होता है....और बोलता है वाहह पोपट भाई आपने तो कमाल कर दिया..पहली बार आपने कोई अच्छा कम किया है..

पोपटलाल :- कॅन्सल कॅन्सल....

अब्दुल :- अब क्यूँ कॅन्सल??

पोपट लाल :- तेरा ये बोलना कॅन्सल कर..और जल्दी से काम पे लग जा..और फिर पोपट लाल सारा प्लान अब्दुल को बता देता है...
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02-04-2021, 01:23 PM,
#22
RE: XXX Kahani Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा
उधर भिड़े तो सिर्फ़ रोशन को देख देख के पागल हुए जा रहा था उसे तो किसी भी तरह आज रोशन के साथ करना था...लेकिन वो यही सोच रहा था कि कैसे करूँ....

इधर पोपटलाल के प्लान के हिसाब से...

अब्दुल उधर ठंडाइ हाथ मे लेके ...आधा पॅकेट जिसमे नशे की दवाई होती है वो उस ग्लास में डाल देता है और चल पड़ता है माधवी की ओर....

इधर पोपटलाल की थोड़ी फॅट भी रही थी कि अगर उसका प्लान किसी को पता चल गया तो सब सोसाइटी वाले उसे मार मार के बाहर निकाल देंगे...

अब अब्दुल माधवी के बिल्कुल करीब पहुँच गया था..अब्दुल की तो पोपट लाल से भी ज़्यादा फॅट रही थी...लेकिन आज सेक्स का इतना बुखार चढ़ा हुआ था कि कुछ और सूझ ही नही रहा था....और फाइनली वो माधवी के पास पहुँच ही गया....और माधवी भाभी से बोला...

अब्दुल :- माधवी भाभी देखिए में आपके लिए ठंडाइ लेके आया हूँ..लीजिए..

माधवी :- थॅंक यू अब्दुल भाई..

अब्दुल :- मन में सोचता है....आज ये भाई बेह्न्चोद बनने वाला है..

इधर माधवी पूरा का पूरा ग्लास गटक जाती है...और अब्दुल पोपटलाल को इशारा कर देता है...और पोपटलाल भिड़े के विंग के पास जाके खड़ा हो जाता है...पोपटलाल ने जान बुझ के भिड़े का ही घर सेलेक्ट किया था .. क्यूँ कि अगर माधवी को नशे में छोड़ने के बाद माधवी तो कहीं जा पाएगी नही ..और इससे गड़बड़ हो जाएगी...

अब्दुल वहीं माधवी के बगल में खड़ा था...इधर माधवी डॅन्स करते करते उसको कुछ अजीब सा लग रहा था...उसको ऐसा लग रहा था कि उसको चक्कर आ रहे हैं...तो वो थोड़ा साइड में चली गयी दीवार का सहारा लेने...किसी का ध्यान भी नही गया क्यूँ कि सब अपने में मस्त थे....तभी अब्दुल अपने प्लान के हिसाब से माधवी भाभी के पास गया और बोला...

अब्दुल :- क्या हुआ माधवी भाभी आपको..

माधवी :- पता नही अब्दुल भाई थोड़ा चक्कर सा आ रहा है..

अब्दुल :- हाँ चाकर तो आएगा ही साली .... मन में सोचते हुए....और फिर बोलता है...माधवी भाभी आप घर जाकर थोड़ा आराम कर लो .. फिर अच्छा लगेगा आपको..

माधवी :- नही अब्दुल भाई में ठीक हूँ...पर जैसे ही वो दीवार का सहारा छोड़ती है उसे फिर चक्कर आ जाते हैं..

अब्दुल :- देखिए माधवी भाभी आप थोड़ा आराम कर लो...में ठीक बोल रहा हूँ...आप उपर जाइए में नीचे बोल दूँगा कि आप कुछ देर के लिए घर गयी हैं...

माधवी :- अब्दुल की बात को सुनकर कुछ सोचती है..और बोलती है आप सही बोल रहे हैं में थोड़ा आराम कर लेती हूँ..

उधर माधवी भाभी अपने विंग की तरफ चल देती हैं....और धीरे धीरे अपने विंग में दाखिल हो जाती है...पोपटलाल अब्दुल को इशारा करता है...और फिर वो खुद इधर उधर देखेके अपनी बत्तीसी फाड़ के अंदर चला जाता है....

और थोड़ी देर बाद अब्दुल इधर उधर देखा ..ये जानने के लिए कि कोई देख तो नही रहा और फिर भिड़े वाली विंग के अंदर चला जाता है....

माधवी अपने घर का गेट खोल के अंदर पहुँच जाती है...लेकिन गेट लॉक नही करती...उसकी पीछे पीछे पहले पोपटलाल और फिर अब्दुल आ जाते हैं...

अब्दुल अंदर आते ही गाते को अंदर से लॉक कर देता है...दोनो एक दूसरे की तरफ देख के मुस्कुराने लगते है..उधर माधवी अपने कमरे के पलंग पे जाके लेट जाती है...उसे बिल्कुल होश नही होता है...

पोपटलाल :- चल अब्दुल..हमे अपना काम शुरू कर देना चाहिए...मुझसे अब रहा नही जा रहा..देख मेरे लंड को कैसे उछल उछल के बाहर आने की कोशिश कर रहा है...

अब्दुल :- पोपट भाई ..मेरा भी यही हाल है..देखो आपसे ज़्यादा मेरा लंड उछल रहा है...आज तो मज़ा ही आ जाएगा...लेकिन फिर वो डरते हुए पूछता है..पोपट भाई हम पकड़े तो नही जाएँगे ना..

पोपटलाल :- सोचते हुए....तू चिंता मत कर अब्दुल...वो दवाई ऐसी है कि माधवी भाभी को पता ही नही चलेगा कि कौन उनके साथ कर रहा है...बस इतना पता चलेगा कि उनके साथ कुछ हो रहा है...और कुछ देर बाद वो ये भी भूल जाएँगी कि उनके साथ कुछ हुआ है....और तूने भी तो आधा पॅकेट डाल दिया ..जबकि मेने कहा था कि थोड़ी से डालियो..

अब्दुल :- अच्छा है ना...ज़्यादा देर तक करते रहेंगे...और उन्हे कुछ पता भी नही चलेगा....

ये सुनते ही दोनो हँसने लगते हैं...

पोपटलाल :- चलो यार चलते हैं...नही तो देर हो जाएगी...

और दोनो माधवी के कमरे की तरफ चले जाते हैं...और अंदर का नज़ारा देखते ही दोनो पागल हो जाते हैं....क्यूँ कि जिस तरह माधवी लेटी हुई थी...वो किसी की भी नियत खराब कर सकती थी....वो एक दम अप्सरा जैसी लग रही थी..
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02-04-2021, 01:23 PM,
#23
RE: XXX Kahani Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा
लेटने की वजह से उसका टॉप आधा उपर उठा हुआ था..जिससे उसके गोरे पेट के दर्शन हो रहे थे...गीली होने की वजह से उसके चुचे टॉप से चिपके हुए थे..और उसके निपल्स सॉफ दिखाई दे रहे थे...उसका लोवर उसकी जाँघ से चिपका हुआ था....दोनो ये देख कर एक दम मस्त हो गये थे...

पोपटलाल ने ज़्यादा देर ना लगाते हुए अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए...और कुछ ही सेकेंड्स में वो नंगा हो गया..अपना लंड हाथ मे पकड़ के..

अब्दुल पोपटलाल को देख कर..खुद भी फटाफट अपने कपड़े उतार के बिल्कुल नंगा हो जाता है...और बोलता है..

अब्दुल :- अरे पोपट भाई अपना छाता तो रख दो..

पोपटलाल :- अब्दुल तू चुप कर ये छाता तेरा क्या बिगाड़ रहा है ...तू टाइम मत वेस्ट कर...

और फिर दोनो माधवी की ओर देखते हुए चल देते हैं...पोपटलाल तो अपनी लार टपकाने लगता है क्यूँ कि उसका सपना सच होने वाला है..अब्दुल भी अपनी लार टपकाता हुआ माधवी के बगल में बैठ जाता है और घबराते हुए अपना एक हाथ माधवी के हाथ पे रख देता है...और धीरे धीरे फेरने लगता है...

पोपटलाल :- अब्दुल कैसा लग रहा है?

अब्दुल :- बहुत अच्छा लग रहा है पोपट भाई...

पोपटलाल :- अच्छा ...तो फिर में भी करता हूँ...और पोपटलाल अपना हाथ लेके माधवी के दूसरे हाथ पे फेरने लगता है...

उधर माधवी को महसूस तो होता है कि कोई उसके हाथो को छू रहा है..लेकिन वो कुछ नही कर पाती..

पोपटलाल :- अब्दुल हाथ छोड़...और ये चुचियाँ देख..आह..मन कर रहा है खा जाउ...

अब्दुल :- तो खा जाओ पोपट भाई इस वक़्त तो अपने ही हैं ये...

और दोनो हंस पड़ते हैं..

पोपटलाल :- अब्दुल मुझ से अब सबर नही हो रहा है....और इतना बोलते ही...वो अपने दोनो हाथ माधवी के चुचो पे रख कर मसल्ने लगता है धीरे धीरे....और बोलता है....अह्ह्ह्ह अब्दुल मज़ा आ गया...क्या नरम नरम पॉव की तरह ये चुचियाँ हैं...ओह्ह्ह मज़ा आ रहा है दबाने में....

ये देख के अब्दुल और पागल हो जाता है...और वो सीधे माधवी की चूत पे टूट पड़ता है...और उसको पाजामा के उपर से सहलाने लगता है..धीरे धीरे अपनी 2 उंगलियों से चूत को सहलाए जा रहा था...

उधर माधवी के मूह से आहह निकल जाती है...जब दोनो तरफ से ऐसा प्रहार होगा तो किसी की भी आह निकल जाएगी....उसे पता तो चल रहा था कि कोई उसके साथ कुछ कर रहा है...लेकिन नशे की वजह से वो ना तो कुछ कर पा रही थी...और ना ही आँख खोल कर ये देख पा रही थी कि कौन उसके साथ कर रहा है.....इधर अब्दुल बोलता है..

अब्दुल :- पोपट भाई माधवी भाभी को देखो...इधर उनका बलात्कार होने जा रहा है...और इनकी चूत गीली हो रही है...लगता है इन्हे भी मज़ा आ रहा है..

पोपटलाल :- अब्दुल आज पहली बार हम लोग सेक्स और बलात्कार दोनो एक साथ करेंगे...

अब्दुल :- सर खुजाते हुए ..ये क्या बोल रहे हो पोपट भाई..

पोपटलाल :- अब्दुल तुझे सब कुछ समझाना पड़ता है....सेक्स इसलिए कि माधवी भाभी भी हमरा साथ देंगी...और बलात्कार इसलिए कि उन्हे ये नही पता कि कौन कर रहा है उनके साथ..अब समझ गया..

अब्दुल :- मन में..क्या खाक समझ गया..ये पोपट भाई तो सच में पोपट ही हैं..रहने देता हूँ...पूछना बेकार है...और मज़े करता हूँ..और बोलता है...पोपट भाई...क्या हम अब इनके कपड़े नही उतार सकते..मुझे इनका नगा जिस्म देखना है...

पोपटलाल :- खुश होते हुए..बड़ा उतावला हो रहा है अब्दुल..चल उतार देते हैं...एक काम कर तू पैर को थोड़ा उपर उठा में इनका पाजामा नीचे खीच देता हूँ...

और फिर अब्दुल पैर को उपर उठाता है...और पोपट माधवी के आगे आकर पाजामा खीच देता है....और माधवी की गोरी चिकनी जाँघ और पेंटी दोनो के सामने आ जाती है...दोनो के होश उड़ जाते हैं..माधवी को ऐसे देखते हुए...
फिर पोपटलाल बोलता है...चल आगे से उतारते हैं..उपर का टॉप भी उतार देते हैं...अब्दुल माधवी को आगे खीच लेता है...और पोपटलाल उसकी टॉप को फटाफट खीच कर उतार देता है..अब माधवी सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में ही रह जाती है....और फिर जैसे दोनो पागल हो जाते हैं....पोपटलाल माधवी के उपर के हिस्से में...और अब्दुल माधवी के नीचे के हिस्से में टूट पड़ते हैं...
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02-04-2021, 01:23 PM,
#24
RE: XXX Kahani Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा
पोपटलाल माधवी के हाथों को चूमता है...फिर उसके गालों को...उसके पेट को...और आख़िर में उसके चुचियो को ब्रा के आजू बाजू में चूमता है....और नीचे अब्दुल माधवी की जाँघो को चूमता है..धीरे धीरे पूरी जाँघ को चूमता है...फिर चूत के साइड में भी चूमता है....इधर माधवी की पेंटी पूरी तरह गीली हो जाती है...उसके मुँह से अहह ओह्ह निकल रही थी...दोनो ये सुन के हंस पड़ते हैं..और फिर अपने काम में लग जाते हैं....इस बार पोपटलाल नीचे और अब्दुल उपर आ जाता है..10 मिनट ऐसा खेल चलने के बाद दोनो ने माधवी को पूरी नंगी करने का फ़ैसला कर लिया होता है....

अब माधवी की ब्रा और पेंटी उतार दी जाती है..अब वो विल्कुल नंगी हो जाती है...दोनो माधवी को नंगा देख के हिल जाते हैं..क्यूँ कि उस वक़्त माधवी लग भी रही थी कमाल की...उसका गोरा बदन...बदन पे मस्त सी बड़ी बड़ी चुचियाँ..जिसपे काले कलर के निप्पल्स जो चुचियों की सुंदरता बढ़ा रहे थे....और नीचे उसकी चूत...वाअहह वो तो बिल्कुल कमाल की लग रही थी...एक भी बाल नही था उसकी चूत पर...एक दम चिकनी थी..जैसे कल ही उसके बाल हटाए हो..छोटी सी चूत है माधवी की...

अब दोनो के लंड ऐसे अकड़ चुके थे जैसे कोई रास्ते पर खंबा खड़ा होता है.....

अब दोनो ने माधवी को आज बुरी तरह चोद्ने का इरादा बना लिया था..इसलिए सबसे पहले पोपटलाल ने शुरू किया...और अब्दुल साइड में बैठ कर अपने लंड को मसल्ने लगा...

पोपटलाल अपना छाता लिए माधवी के उपर चढ़ गया....और चढ़ते ही उसने अपने पतले से होंठ माधवी के रसीले होंठो पे रख कर उन्हे चूसना शुरू कर दिया...ऐसा करते ही माधवी के हाथ हिलने लगे..लेकिन वो हाथों से रोक नही पा रही थी...उसे पता था कि उसके साथ कुछ ग़लत हो रहा है...उधर पोपटलाल इससे बिना कोई फरक पड़ते हुए अपने चुंबन में लगा हुआ होता है....अब वो बड़ी बहरामी से होठों को चूस रहा होता है......फिर रुक कर..उसने माधवी का मूह खोला और अपनी जीभ अंदर डाल कर माधवी की जीभ को चूस रहा था...माधवी के मूह से बस अहह..अयीई..पुच पुच की आवाज़ें ही बस बाहर आ रही थी..5 मिनट तक वो माधवी के मूह को अपने मूह से ऐसे ही चूस्ता रहा...और फिर हटते ही अपनी जीभ अपने होंठो के चारो तरफ घुमा के ...वहाँ पे लगे माधवी के थूक को चाट लिया....और अपने दाँत फाड़ने लगा..इधर माधवी अपनी आँख खोलने की कोशिस करती है...लेकिन उसको कुछ सॉफ दिखाई नही देता ....वो बस हल्की हल्की आवाज़ में नाहियिइ कर रही थी...ये सुन के पोपटलाल और अब्दुल दोनो हँसने लगते हैं...फिर पोपटलाल...नीचे आके माधवी के चुचों को हाथ में लेकर मसल्ने लगता है....बेवकूफ़ कहीं का इतनी ज़ोर से मसलता है कि माधवी बेहोशी में भी छींक देती है....और अब्दुल उसे डाँटते हुए चिल्लाता है..

अब्दुल :- पोपट भाई सठिया गये हो क्या...आराम से करो...इतनी ज़ोर से कोई दबाता है क्या..

पोपटलाल :- ग़लती समझते हुए...सॉरी भाई अब्दुल सॉरी...वो क्या है ना...ऐसे जोश में आ गया था इसलिए इतनी ज़ोर से दबा दिया...

और इस बार पोपटलाल धीरे धीरे चुचियाँ दबाने लगता है..बहुत धीरे धीरे आराम आराम से उन्हे दबा रहा था..और बीच बीच में निपल्स को भी खीच रहा था....

फिर हाथों को हटा कर..पोपटलाल अपने होठ रख देता है और चुचियो को मूह में लेकर चूसना शुरू कर देता है...वो बहुत धीरे धीरे चुचियों को चूस रहा था...पूरा तो उसके मूह में नही आ रही थी...क्यूँ कि पोपटलाल का मूह छोटा सा और माधवी के चुचे एक बड़े गुबारे जैसे...वो कॉसिश कर रहा थे कि पूरा मूह में ले ले लेकिन ले नही पा रहा था...

इसलिए वो बस चुचियो के निपल्स को मूह में लेकर चूसने लगा...माधवी के मूह से हल्की से अहहह निकल रही थी....फिर पोपट चूसने की बजाए चुचियों को चाटने लगा और प्युरे चुचि को जीभ से चाटने लगा और पूरा अपने थूक से सान दिया...और फिर उसने ऐसा ही दूसरी चुचि के साथ किया...माधवी के दोनो चुचि गीले पड़े थे...

फिर वो नीचे की ओर बढ़ता हुआ पेट को चाटने लगा..और अपनी जीभ नाभि में डाल के उसे चाटने लगा...ऐसा करते ही माधवी बेचैन हो गई वो इधर उधर हाथ पावं मार रही थी..जैसे कोई मछली बिना पानी के...अब अब्दुल सबसे नीचे उसके पैरों पर आ गया था...पहले उसने पंजों को अच्छे तरह चूमा...और धीरे धीरे उपर आते हुए उसकी जांघों को अच्छी तरह चूमा....ये देख के अब्दुल का बुरा हाल था क्यूँ कि उस वक़्त उस कमरे का बहुत ज़्यादा गरम महॉल हो गया था....

अब पोपटलाल उस जगह पहुच गया था जहाँ पहुचने के लिए सभी मरे जा रहे थे...वो आज अपने आप को इस दुनिया का सबसे लकी आदमी मान रहा था...और वो स्पेशल चीज़ थी माधवी की सुंदर बिल्कुल सॉफ चूत ..

वो उसकी चूत की तरफ आकर उसको सूँघता है...वाहह ऐसे उसके मूह से निकल जाता है...क्यूँ कि माधवी की चूत से एक मस्त खुसबु आ रही थी जो उसे पागल बना रही थी........

वो धीरे से अपने हाथों से चूत की फांको को अलग करता है..और अंदर का नज़ारा देखता है...और उसका सबर का बाँध टूट जाता है और अपनी जीब सीधे चूत के अंदर डाल देता है और अंदर उसे ज़ोर ज़ोर से घुमाने लगता है...और इधर माधवी इस वार को सहन नही कर पाती और मूह से सीस्याकियाँ लेती हुई...आआआआआआहह ओह...उफफफफफफफफफफफफफ्फ़.....उई.
माआअ....ओह.....मत कीजिए सोनू के पापा.....

इतने सुनते ही अब्दुल उसके चेहरे की तरफ देखता है और फिर अब्दुल की तरफ और फिर दोनो हँसने लगता है..और फिर अपने काम में लग जाता है...

अब वो पहले बाहर से ही उसकी चूत को चाटता रहता है और उसकी चूत को पूरी तरह गीली कर देता है...फिर चूत को खोल कर के अपनी एक उंगली अंदर डाल देता है...माधवी की चूत पूरी तरह से गीली हुई होती है...बहुत ही ज़्यादा पानी निकल रहा होता है उसकी चूत में से....और फिर पोपटलाल अपनी उंगली अंदर बाहर करना चालू कर देता है...लेकिन माधवी कोई रेस्पॉन्स नही दे रही थी...पता है क्यूँ..अब आप ही बताइए..पोपटलाल की एक उंगली कितनी पतली है..उससे क्या होगा...जब पोपटलाल को लगा एक उंगली से कोई काम नही हो रहा...तब उसने सीधे 2 उंगलियों की जगह 3 एक साथ अंदर घुस्सा दी...और तेज़ी से इस बार अंदर बाहर करने लगा.....

इस बार माधवी अपने आप को रोक नही पाई और उसके मूह से वो सिसकियाँ निकल ही गई....अहह मॅर गाइिईई...ओह्ह्ह्ह....धीरे धीरे....

पोपटलाल जोरों से उंगली अंदर बाहर करता रहा इधर माधवी बेचैन हो गई थी...वो झरने के बिल्कुल करीब थी..पोपट लाल को ये एहसास हुआ कि वो झड़ने वाली है तो उसने उंगली बाहर निकाल ली...और अपना मूह लगा लिया..क्यूँ कि वो माधवी का सारा रस पीना चाहता था...

उसने जीब चूत के अंदर डाल दी और चूसने लगा...और फिर पोपटलाल ने माधवी के दाने को दबा दिया...इससे माधवी के सबर का बाँध टूट गया और वो सिसकियाँ लेते हुए झड गई....आअहह....मैं ग्गाअगईइइई...और पोपट के मूह के अंदर ढेर सारा अपना रस छोड़ दिया...और पोपट लाल उसके पानी को पीता रहा..एक एक बूँद को वो निगल गया हो..और जैसे ही उसने उसकी चूत को छोड़ा एक पुच की आवाज़ आई...जैसे एक छोटा बच्चा पूरी पानी की बूँद निचोड़ देता है बॉटल से....अब पोपटलाल माधवी को चोदने जा रहा था..जैसे ही उसने माधवी की चूत पे अपना लंड सेट किया...और अब्दुल ज़ोर से चिल्लाया...रुक जाइए पोपट भाई...

पोपटलाल :- चौंकाते हुए...क्या है अब्दुल क्यूँ रोक रहा है...

अब्दुल :- पोपट भाई आपने तो इतना कुछ कर लिया...मुझसे अब रहा नही जा रहा...मुझे भी तो करने दो..आप थोड़ा आराम कर लो जब तक...

पोपटलाल अब्दुल की हालत को समझता हुआ ....उसकी तरफ हंसता है और बोलता है..चल ठीक है अब्दुल तेरी बेचैनी को समझता हूँ..तू आ जा भाई..

और अब्दुल माधवी की तरफ बढ़ने लगता है..........

अब्दुल माधवी की ओर बढ़ता है...और अपना एक हाथ उसके चुचों पे रख देता है....उसके शरीर में एक सन स्नाहट होती है..वैसे तो वो कयि रंडियो को चोद चुका था..लेकिन इस चीज़ में कुछ अलग ही मज़ा है...

अब वो अपने दोनो हाथों को उसकी चुचियो पे रख कर उपर चढ़ जाता है..और अपने होंठ माधवी के होंठो के पास ले जाता है...कुछ देर सोचता है...और फिर अपने होंठ माधवी के रसीले होंठों पे रख देता है..और उन्हे चूसने चाटने लगता है...

वो बड़े प्यार प्यार से होठों को चूस्ता है...कभी उपर वाला होंठ लेके तो कभी नीचे का होंठ लेके...

कुछ मिनट ऐसा करने के बाद उसने माधवी के मूह को खोला और अपनी जीभ अंदर डाल के माधवी की जीभ से मिला दी...इस बार माधवी ने भी साथ दिया..क्यूँ कि वो नशे में थी..उसे कुछ नही पता था कि कौन कर रहा है उसके साथ....अब दोनो बुरी तरह एक दूसरे के मूह को अपने मूह से चूस रहे थे....दोनो की साँस आब उखड़ने लगती है..इसलिए अब्दुल हट जाता है और हाँफने लगता है....

और धीरे धीरे अब चुचियों की तरफ बढ़ता हुआ...सीधे चुचियों के निपल्स को मूह में लेके चूसने लगता है...निपल्स अकड़ के बिल्कुल खड़े होते हैं...बार बार कभी एक चुचि के निपल को तो कभी दूसरे चुचि के निपल को दोनो को एक के बाद एक चूस रहा था...कुछ देर ऐसा करने के बाद वो सीधा बिना देर करे माधवी की चूत की ओर बढ़ जाता है....

इधर माधवी एक बार झड़ने के बाद दुबारा गरम हो गई थी....चूत अभी पानी छोड़ रही थी...अब्दुल ने अपने होठों के चारो तरफ जीभ घुमाई और टूट पड़ा चूत पर...

वो पागलों की तरह चूत को उपर से चाट रहा था...ऐसे चाट रहा था जैसे किसी कुत्ते को हड्डी मिल जाती है...माधवी इस प्रहार को सहन नही करती और उसकी सिसकियाँ चालू हो जाती है....अहह....ओह...मार दिया रे.......बसस्स करूऊओ....

अब्दुल माधवी की ओर ध्यान ना देते हुए..अपने काम में लगा हुआ था....अब उसने चूत की फांकों को अलग किया और अपनी जीभ चूत के अंदर डाल दी..और चूत की गहराइयों में चाटने लगा...माधवी का हाल बहुत बुरा था..और छटपटा रही थी...उसको इतना मज़ा आ रहा था कि वो बता नही पा रही थी...क्यूँ कि उसकी ऐसी हालत नही थी..
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02-04-2021, 01:24 PM,
#25
RE: XXX Kahani Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा
इधर अब्दुल ने स्पीड बढ़ा दी थी...पूरी चूत माधवी के काम रस से भीगी पड़ी थी...वो ज़ोर ज़ोर से चूत के अंदर चाटे जा रहा था....अब माधवी से बर्दाश्त नही हुआ और वो ज़ोर से चिल्लाते हुए झटके खाते हुए...आहह उईईईईईईईईईईईईईईई माआआआआआ.....में तो गईिईईईईईईई...आहूहोऊूओ......

और अपना सारा पानी अब्दुल के मूह के अंदर छोड़ देती है...अब्दुल एक एक बूँद गटक जाता है...अब्दुल अपना मूह चूत से हटाता है और पोपटलाल की तरफ देखते हुए बोलता है...

अब्दुल :- पोपट भाई मज़ा आ गया आज तो....इस चूत का टेस्ट तो मेरे सोडा से भी ज़्यादा मस्त है...और हँसने लगता है....

पोपटलाल :- हंसते हुए..भाई इस पानी का तेरे सोडे से कोई मुकाबला नही है...चल अब हट मुझे चोदने दे ...अब रहा नही जा रहा...

अब्दुल :- पोपट भाई एक मिनट..मेरे पास एक मस्त आइडिया है ..जिससे हम को और माधवी भाभी दोनो को मज़ा आएगा.....

अब्दुल के दिमाग़ में क्या चल रहा है...पोपटलाल नही जानता...इधर माधवी 2 बार झड चुकी है...उसका शरीर थक चुका है दो बार झड़ने से ...अब आगे ये दोनो और कितनी बार झड़ने पर इसे मजबूर करेंगे...
अब्दुल के दिमाग़ में एक प्लान आता है जो वो पोपटलाल को बताता है...ये सुन के पोपटलाल खुश हो जाता है...और बोलता है..

पोपटलाल :- अरे वाह अब्दुल तूने क्या प्लान बनाया है...भाई मज़ा आ गया...

अब्दुल :- पोपट भाई अब बोलते ही रहोगे कि शुरू भी करोगे..

पोपटलाल :- हाँ भाई वैसे भी अब मुझसे रहा नही जा रहा है...माधवी भाभी की डबल पेनेट्रेशन करने को..

जी हाँ अब्दुल का ये प्लान था कि दोनो एक साथ एक टाइम पर माधवी को चोदे..यानी कि एक आगे चूत में डालेगा और दूसरा उसकी गंद में...

और तय होता है कि अब्दुल माधवी की गंद में डालेगा और पोपटलाल माधवी की चूत मे....

दोनो माधवी के करीब आते हैं...माधवी को कुछ होश नही होता...और उसे नही पता होता कि उसके साथ अब क्या होने वाला है..

पोपटलाल :- पहले हम दोनो माधवी भाभी को उठाते हैं....फिर में इन्हे गोदी में उठा लूँगा तू पलंग पर लेट जइयो...और फिर में इन्हे तेरे उपर रख दूँगा .. ठीक है..

अब्दुल अपनी गर्दन हाँ में हिला देता है..और दोनो माधवी को पलंग से उठाने लगते हैं...दोनो माधवी को बड़े प्यार से उठाते हैं..और फिर पोपटलाल उन्हे अपनी गोदी में बिठा लेता है...और अब्दुल पलंग पर लेट जाता है...और फिर पोपटलाल माधवी को अब्दुल के उपर रख देता है...

और खुद माधवी के उपर आ जाता है...और बोलता है..

पोपटलाल :- अब्दुल पहले में डालूँगा अंदर ..और जब मेरा अंदर चला जाएगा तो तू अंदर डालना शुरू कर दियो...इतना बोलते ही पोपटलाल माधवी की चूत पे अपना लंड सेट करता है...और एक हल्का सा पुश मारता है ...

इससे उसके लंड का सुपाडा आराम से घुस जाता है...फिर पोपटलाल सोचता है...क्यूँ ना एक ही झटके में डॉल दिया जाय..

और ऐसा सोचते ही...वो एक ही झटके में माधवी की चूत में पूरा का पूरा लंड उतार देता है..इससे माधवी के मुँह से अहह..ऊऊओ..निकल जाता है...

पोपटलाल :- वाहह...अब्दुल माधवी भाभी की चूत तो इतनी गरम है कि बता नही सकता...मज़ा आ गया...चल तू डाल अब..में थोड़ा सा उपर उठाता हूँ इन्हे...

और फिर पोपट लाल माधवी को थोड़ा उपर उठाता है..और इधर अब्दुल गान्ड का छेद ढूँढ कर उसमे अपना लंड सेट करने की कोशिश करता है....कुछ मिनट मेहनत करने के बाद उसका लंड गान्ड पे सेट हो जाता है...और सेट होते ही..एक धकका लगाता है...जिससे उसका लंड ज़रा सा गान्ड में चला जाता है....और माधवी इस प्रहार को झेल नही पाती और ज़ोर से चिल्ला उठती हाई....अहह ओह....मर् गईिईईईईईईईई....माआआआआआअ.....क्या है ये.......निकालो....दर्द हो रहा है...

तभी पोपट बोलता है...भाई अब्दुल जल्दी डाल दे ..चिल्ला ने दे इसे...ये सुन कर अब्दुल जोश में आ जाता है...और फिर 2 या 3 कस कस के धक्के लगाता है और लंड पूरा गान्ड के अंदर चला जाता है........और माधवी की भयानक चीख निकल जाती है.....और वो पागलों की तरह छटपटा रही होती है..उसे ऐसा देख कर पोपटलाल उसे कस के पकड़ लेता है और वो दोनो थोड़ी देर रुके रहते हैं...जब माधवी कुछ नॉर्मल होती है..तब पोपटलाल इशारा करता है...और शुरू होता है एक घमसान चुदाई का कार्यकरम...

पहले पोपटलाल माधवी की चूत में पेलना शुरू करता है...और लंड को अंदर बाहर करने लगता है...चूत गीली होना शुरू हो जाती है....कुछ धक्के मारने के बाद वो रुकता है...फिर पीछे से अब्दुल अंदर बाहर करने लगता है...गान्ड इतनी टाइट होती है कि अब्दुल को बहुत मज़ा आ रहा होता है..उसके मूह से आह ओह्ह निकल रही होती है...इधर माधवी का भी बुरा हाल होता है...अब दर्द की जगह एक गहरे सुखद सुकून मिलता है वो भी...ओह आहह.ह्म्म्म्मम...बहुत अच्छा...ऐसा बोलती है...कुछ धक्के अब्दुल लगता है..और फिर बोलता है..

अब्दुल :- पोपता भाई अब आप भी मारो..में भी मारता हूँ..मज़ा आएगा..

और फिर पोपटलाल आगे से धक्के लगाता है और अब्दुल पीछे से...माधवी दोनो के दिए जाने वाले प्रहार सहन नही करती...उसको ऐसा सुकून आज तक नही मिला था..इसलिए वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी....अहह....ओह....
रुकूऊऊओ मात्त्ततत्त....माआआअ.....में तो आअज मरररर गईिई......ओउर्र्रर तेज़्ज़.ज़्.....

दोनो तरफ एक ही टाइम पर धक्के लगने की वजह से तीनो के शरीर में एक अजीब से गर्मी पैदा हो गई थी...अब्दुल बहुत तेज़ धक्के लगा रहा था...गान्ड इतनी टाइट थी कि अब्दुल की लंड की नसें फूलने लगी थी वो कभी भी झड सकता था...इधर पोपटलाल चूत में तेज़ी से लंड को अंदर बाहर कर रहा था....चूत बहुत ज़्यादा गीली हो चुकी थी..और पच पच की आवाज़ें आ रही थी....माधवी की सिसकियाँ चालू थी...वो ओह.आहह....और तेज़.....और तेज़....फाड़ दूऊव...मेरिइइ.....ह्म्म्म्मम.....

अब्दुल से अब रहा नही जा रहा था...और वो जबरदस्त धक्के लगाने लगा और झड गया गान्ड के अंदर ही.....इधर पोपटलाल लगा हुआ था चूत चोदने में....उससे भी अब बर्दाश्त नही हो रहा था...फिर वो और तेज़ी से लंड को अंदर बाहर करने लगा....अब माधवी से भी नही रहा गया...और वो चिल्लाते हुए ......अहह...ओह्ह्ह......माआआआआआअ.........मीईंन्न्न् तो....गईिईईईईई.....और झड जाती है....फिर पोपटलाल भी सहन नही कर पाता और अपना गरम पानी माधवी की चूत में ही डाल कर झड जाता है....

तीनो की साँसें बिल्कुल फूली पड़ी होती है...कुछ देर आराम करने के बाद पोपटलाल हटता है ...और अब्दुल माधवी को धक्का देके खुद भी खड़ा हो जाता है...और फिर अब्दुल और पोपटलाल कपड़े पहनते हुए बात करते हैं...

अब्दुल :- पोपट भाई आज तो मज़ा आ गया...ऐसा सुकून मुझे आज तक नही मिला...क्या गान्ड थी ...

पोपटलाल :- हाँ भाई अब्दुल मुझे भी बहुत मज़ा ...इनकी चूत तो कमाल की थी...उफफफफ्फ़...क्या चीज़ है ये...मन ही नही भरता...और चोदने का मन है..मगर आज नही अब देर हो रही है...तभी पोपटलाल को अपने छाते की याद आती है...और फिर वो बोलता है...अब्दुल रुक मेने एक इंपॉर्टेंट काम तो किया ही नही..

अब्दुल :- क्या?

पोपटलाल :- भाई मेरा छाता तो रह ही गया...बेचारा इसे भी तो चूत चाहिए .. तू रुक में इस छाते को भी माधवी को चोदने दूँगा...

अब्दुल :- पोपता भाई रहने दो वैसे भी माधवी भाभी की हालत देखो कितनो थकि हुई हैं..और मत करो..वैसे भी हमे अब देर हो रही है..

पोपटलाल :- कॅन्सल...कॅन्सल...अब्दुल अपनी बात को कॅन्सल कर...तू रुक बस 5 मिनट का काम है...

अब्दुल :- ठीक है पोपट भाई जल्दी करो..

और फिर पोपता छाते के आगे का हिस्सा लेके माधवी की चूत की पास आता है और चूत के छेद में एक ही झटके में डाल देता है....और माधवी फिर से ज़ोर से चिल्ला उठी ती है...ओह...अहह........
ये क्य्ाआआआआआ हाईईइ.....ऐसा क्यूँ क्यूंकी छाते का आगे का हिस्सा नुकीला होता है....और पोपटलाल ज़ोर ज़ोर से छाता अंदर बाहर करने लगता है...माधवी का बुरा हाल होता है...सिर्फ़ 2 मिनट ऐसा करने से ही..माधवी ...चिल्लाती हुई....मेंन्न्न् गईिई...अह्ह्ह्ह...और झड जाती है.....पोपटलाल छाता बाहर निकाल कर..उसका सारा कम रस चांट लेता है..और फिर बोलता है..

पोपटलाल :- चल भाई अब्दुल काम हो गया...

और फिर दोनो माधवी को कपड़े पहना देते हैं...माधवी की हालत बहुत ज़्यादा बुरी होती है..और हो भी क्यूँ ना...कुछ ही देर में 4 बार झड चुकी थी वो...

और फिर दोनो नीचे की तरफ़ उतरते हैं...और अब्दुल पहले ध्यान से देखता है कि उन्हे कोई देख तो नही रहा है...जब उसे लगता है कि सब दही हंडी में बिज़ी हैं..तो वो पोपटलाल को इशारा करता है...वो फिर वो दोनो आराम आराम से वहाँ सभी लोगों के बीच में जाके घुल मिल जाते हैं...

इधर हमारे भिड़े साहब इन्हे तो कोई मतलब ही नही कि उनकी बीवी कहाँ है ...उसे तो बस रोशन दिखाई दे रही थी...और वो बार बार सोच रहा था कि क्या करूँ....कि आज रोशन भाभी को चोद दूं...

देखते हैं कि भाई भिड़े क्या करते हैं...
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02-04-2021, 01:24 PM,
#26
RE: XXX Kahani Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा
सोसाइटी कॉंपाउंड में जोरो शॉरो से दही हाँडी का प्रोग्राम चल रहा था...सभी वहाँ नाच गा रहे थे...

ढोल नगाड़े बजाए जा रहे थे....सभी की नज़र हाँडी पर थी कि कब उसे कोई फोड़े ...सिवाय एक जने के वो आप जानते हैं हमारी सोसाइटी के एक मात्र सेक्रेटरी भिड़े...उनका दिमाग़ और उनकी नज़र सिर्फ़ एक चीज़ पे अटकी थी और वो थी रोशन...

लेकिन वो ये नही सोच पा रहा था कि क्या करे...कोई आइडिया कुछ नही सोच पा रहा था..क्यूंकी उसे डर भी था अगर किसी को पता चल गया कि मेने रोशन भाभी के साथ किया है...तो सोढी और सभी सोसाइटी वाले जान से मार देंगे ....

उधर जेठालाल की नज़र तो सिर्फ़ बबीता जी पर अटकी पड़ी थी...जो दूसरी तरफ सभी लॅडीस के साथ नाच रही थी...बहुत ही ज़्यादा हॉट और बहुत ही जदा सेक्सी लग रही थी...क्यूंकी गीले होने की वजह से उसका पूरा टॉप उसके सीने से चिपका पड़ा था.....

भिड़े सोच में पड़ा था...उसे ये ख्याल ही नही था कि माधवी कहाँ है कैसे पड़ी है...उसके अलावा किसी को भी माधवी का ध्यान ही नही था....

उधर जब जेठालाल नाच के थोड़ी देर रुका..उसने सोचा अब यही सही वक़्त है अपने प्लान को अंजाम देने का....उसने अपनी पॉकेट में हाथ डाला...और डालते ही उसे एक झटका लगा...और वो मन में चिल्लाया....अरे ये क्या...मेरी पॉकेट खाली है...वो पॅकेट कहाँ गया...जो मेने रखा था...हे भगवान कहीं गिर तो नही गया....और इधर उधर ढूँडने लगता है...लेकिन बहुत कॉसिश करने के बाद भी उसे नही मिलता.......

जी हाँ आप लोग बिकुल सही समझे..जो पॅकेट पोपटलाल को मिला था वो हमारे जेठालाल का था...क्यूंकी जेठालाल ने वो पॅकेट बबीता जी के लिए रखा था......और उस पॅकेट की वजह से माधवी की बुरी हालत हो गई थी....

जेठालाल परेशान सोच में डूबा पड़ा था...तभी मेहता साहब ने आकर पूछा..

तारक :- क्या हुआ भाई जेठालाल....इतना क्या सोच रहे हो..

जेठालाल :- अब बता तो सकता नही था .. उसने बात को टालते हुए कहा...कुछ नही मेहता साहब बस ऐसे ही...में ये बोल रहा कि कोई ये मटकी फोड़ पाएगा कि नही.

तारक :- अरी जेठालाल फुटेगी ना..चिंता मत करो....

इधर भिड़े कॉम्पोन्ड के कोने में खड़ा सोच रहा था कि क्या किया जाए...उधर रोशन डॅन्स कर रही थी...कि अचानक उसकी आँख में कुछ चला गया...उसने काफ़ी कोशिश की कि वो आँख से निकल जाए..लेकिन निकला नही...और आख़िर कार उसे जाना पड़ा...आँख सॉफ करने ..वो किसी को बताए बिना चली गयी ...

पता नही उसने क्या सोचा वो अपने विंग की तरफ ना जाकर सोसाइटी के गार्डन में चली गयी....जब भिड़े ने उसे सोसाइटी के गार्डन में जाते देखा तब उसने एक प्लान बनाया ... कि अब वो रोशन को चोद के रहेगा...

उधर रोशन ने सोसाइटी गार्डन में पानी चला की आँख को धोना चालू ही किया था..कि तभी पीछे से एक आदमी आया और उसने रोशन को ज़ोर से पकड़ लिया...

रोशन चिल्लाना चाहती थी मगर उसने उसके मुँह पे हाथ रख के बंद कर दिया था...और वो रोशन को घसीटता हुआ एक कोने में ले गया..जहाँ पेड़ पौधो की वजह से उसे कोई देख नही पाता...

उसने रोशन को अपनी तरफ पलटा..रोशन उस आदमी को देख नही पा रही थी क्यूँ कि उस आदमी ने ब्लॅक कलर का मास्क अपने चेहरे पे बाँधा हुआ था....जैसे ही रोशन ने चिल्लाने की कोशिश करी..उस आदमी ने एक कपड़ा उसके मुँह में ठूंस दिया...और हाथों को एक पेध से बाँध दिया...रोशन हाथ पैर मारे जा रही थी....लेकिन उसका कोई फ़ायदा नही था..उसको पता था अगर कोई इधर जल्दी से नही आया तो उसका आज बलात्कार हो ही जाएगा....

रोशन को ये समझ आ गया था कि आज उसका बलात्कार हो जाएगा..अगर सोसाइटी में से किसी ने उसको नही देखा....वो अपने पैर चलाए जा रही थी...वो अपने आप को छुड़ाना चाहती थी...लेकिन वो आदमी पूरे इरादे से रोशन को चोदने आया था...

तभी ब्लॅक मास्क वाले आदमी ने एक थप्पड़ रोशन के गाल पे रसीद कर दिया और बोला...ए साली ज़्यादा नखरे करे ना तो यहाँ तेरा एमएमएस बना के इंटरनेट पे डाल दूँगा..आराम से करवा ले किसिको पता भी नही चलेगा और तू मज़े भी ले सकेगी...

रोशन अपनी गर्दन ना में हिला रही थी...वो ऐसा बिल्कुल नही चाहती थी..लेकिन उस वक़्त उसकी एक ना चली...वो बुरी तरह से फँस चुकी थी....

तभी उस आदमी ने फिर से बोला...देख में तेरे मुँह से कपड़ा हटा रहा हूँ..अगर तू चिल्लाई या तूने ज़रा सा भी शोर मचाया तो याद रख में तो यहाँ से भाग जाउन्गा लेकिन फिर तेरा बेटा ज़िंदा नही रहेगा...फिर तू उसे कभी देख नही पाएगी....

ये सुन के रोशन के हाथ पैर कांप गये..उसने मजबूरी में अपने बेटे की खातिर अपनी गर्दन हाँ में हिला दी...

और फिर उस आदमी ने उसके मुँह से कपड़ा निकाल दिया और बोला....समझदार है ... अगर तूने ज़रा सी भी चालाकी दिखाई तो में तेरे बेटे को जान से मार दूँगा...
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02-04-2021, 01:24 PM,
#27
RE: XXX Kahani Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा
रोशन की आँखों में से आँसू निकल आए..और उसने बोला में कोई चालाकी नही करूँगी..लेकिन तुम मेरे गोगी को कुछ नही करोगे...

वो आदमी हंसते हुए बोला....हाँ हाँ उसे कुछ नही करूँगा....लेकिन आज तेरी अच्छे से बजाउन्गा मेरी जानं....बॅस इतना बोलते ही...वो रोशन के होंठो के उपर टूट पड़ा...

वो रोशन के होंठो को ऐसे चूस रहा था मानो ये दुनिया की आखरी औरत हो...बड़ी बेहरमि से उसके होंठो को अपने होंठो को चूस्ता रहा...और फिर अपनी जीभ ज़बरदस्ती अंदर डाल के उसकी जीभ को अच्छी तरह चूसने लगा...

रोशन के आँसू थमने का नाम नही ले रहे थे...वो उस आदमी को ढकलेना चाहती थी लेकिन वो ऐसा नही कर पा रही थी....

कुछ देर बेरहमी से होंठ चूसने के बाद उस आदमी ने रोशन के होंठो को छोड़ा...दोनो बुरी तरह हाँफ रहे थे...

रोशन ने एक बार फिर कोशिश की और बोली...देखो मुझे छोड़ दो प्लीज़..तुम्हे जितना पैसा चाहिए में दिला वा दूँगी बावा...बॅस मुझे छोड़ दो...

वो आदमी हंसता हुआ...चल नखरे ना कर...मुझे पता है तू कितनी बड़ी चुड़क्कड़ है तभी तो बिना ब्रा के नीचे सबके सामने ऐसे ही आ गई...और यहाँ बड़ी बड़ी बातें कर रही है...

रोशन ये सुन के बिल्कुल चुप हो गई..उसे पता था कि कोई फ़ायदा नही है अब...

फिर उस आदमी ने बिना टाइम गवाए रोशन का टॉप उपर कर दिया और उसका लोवर नीचे कर दिया..और देख के और भी ज़्यादा खुश हो गया और हंसते हुए बोला अरे वाह चुड़क्कड़ तूने तो पेंटी भी नही पहनी है...क्या बात है...
और फिर उसने अपनी जीन्स नीचे कर दी...

जीन्स नीचे होते ही उस आदमी का लंबा लंड रोशन की आँखों के सामने आ गया...और उसने एक दम से अपनी आँखे बंद कर के मुँह दूसरी तरफ फेर लिया...

उस आदमी को पता था कि उसके पास ज़्यादा वक़्त नही है इसलिए उसने ज़्यादा वक़्त ना गँवाते हुए वो करना चालू किया....जिसकी वजह से आज रोशन की ज़िंदगी बदलने वाली थी.....

लेकिन जब उसने रोशन की चिकनी चूत और मस्त चुचे देखे तो उससे रहा नही गया इसलिए उसने सबसे पहले चूत के उपर अपने होंठ रख दिए और उसे ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा...और अपनो दोनो हाथों से रोशन के चुचों को दबाने लगा......रोशन ये सब नही करना कहती थी...लेकिन उसका शरीर उसकी नही सुन रहा था....वो अब गरम होने लगा था....

वो आदमी ने अब चूत को बहुत तेज़ी से चाटने लगा....चूत की फांकों को अलग करके अपनी जीभ अंदर डाल के उसके अंदर तक चाटने लगा....अब रोशन से कंट्रोल करना बहुत मुश्किल हो रहा था...वो चाहती तो नही थी..लेकिन फिर भी उसके मुँह से अहह..ओह नहियीईई...ऐसा मत करो प्लस्सस्स्सस्स...

.लेकिन उस आदमी ने बिना सुने अपना काम चालू रखा...वो बहुत ही मज़े से चूत को चाट रहा था....चाटने की वजह से वहाँ पच पच की आवाज़ें आ रही थी....

और फिर वो हुआ जिससे रोशन को बहुत गिल्टी फील हुई...जी हाँ वो झड गई..उसने सारा रस उस आदमी के मुँह पे उगल दिया...और वो आदमी ने सारा रस पी लिया...

आदमी हटा और हंसते हुए बोला...ओ साली तू तो बड़े नखड़े कर रही थी...कि में नही करूँगी....नाटक कर रही थी....अब देख कैसे पानी बहा रही है....हाहहहः और हंसता रहा...
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02-04-2021, 01:24 PM,
#28
RE: XXX Kahani Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा
रोशन उसे चुप रहने को बोल रही थी...और ये भी बोल रही थी...प्लस्स अब तो छोड़ दो...मुझे जाने दो....इतने कहते ही उसके मुँह सी अहह निकल गई...

क्यूँ कि उस आदमी ने अपने लंड का सुपाडा चूत के अंदर डाल दिया था...

फिर वो आदमी बोला.... चल आज तुझे में जन्नत की सैर कराता हूँ...और एक ही झटके में पूरा का पूरा लंड चूत में घुसा देता है...

रोशन ज़ोर से चिल्लाटी है आहह ओह बस इतना कहते ही वो आदमी उसके मुँह पे हाथ रख देता है...और रोशन की आवाज़ मुँह में ही घुट जाती है...

फिर वो आदमी बोलता है..साली कम चिल्ला कोई सुन लेगा...और अपना हाथ हटा लेता है....

रोशन बोलती है...तुम पागल हो क्या एक ही बार में आहह...और फिर उसके आँखों से आँसू आ जाते हैं....

अब वो आदमी धक्के लगाना शुरू कर देता है....लंड चूत की जड़ तक अंदर जाता है...और फिर वो बाहर तक उसे बाहर निकाल के फिर से एक ही झटके में अंदर डाल देता है....

रोशन का शरीर फिर से गरम होने लगता है....वो ये नही चाहती थी..पर उसका शरीर मानने को तैयार नही होता है....

अब धक्के काफ़ी तेज़ हो रहे थे...आदमी की सांस फूलने लगी थी...रोशन ना चाहते हुए भी उसके मुँह से....अहह...ओह...गॉड.....बावा....छोड़ड़ दूऊ...बसस्सस्स...मत्त्त कार्रूऊ......बोले जा रही थी...

और वो आदमी ये सुन के हँसे जा रहा था....अब उसके धक्के बहुत जदा तेज़ हो गये थे.....रोशन जानती थी कि वो अब झड़ने के करीब है....और वो बोल पड़ी..प्लस्ससस्स अंदर नही प्लस्सस्स...कम से कम इतना तो सुन लो मेरी बावा...

लेकिन वो आदमी हंसते हुए बोला...अरी मेरी रानी ऐसा नही हो सकता...और धक्के मारने लगता है...लंड और चूत के मिलन से...बहुत ज़्यादा पच पुकचह की आवाज़ें आ रही थी....

और 2 मिनट बाद ही वो आदमी अह्ह्ह्ह ओह्ह... करते हुए चूत के अंदर ही झड गया....इधर रोशन भी उस आदमी के गरम रस..को सहन नही कर पाई...और अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह....करते हुए झड गई.....इधर रोशन झड़ी उधर कॉंपाउंड में मटकी भी फोड़ दी गयी..वहाँ सब लोग बहुत खुशी से नाच गा रहे थे....

वो आदमी 1 मिनट तक रोशन के उपर ही लेटा रहा और फिर ...हटा और अपना लंड चूत से बाहर निकाला फिर कपड़े पहने...
और रोशन को भी कपड़े पहना दिए...

फिर रोशन ने जो देखा उससे उसकी आँखें फटी की फटी रह गयी....और वो आदमी फिर वहाँ से निकल गया....उसने रोशन को खोला ही नही...

रोशन अभी भी पेड़ से बँधी हुई थी...

उधर सोढी नाच रहा था..तभी उसे अपनी रोशन का ख़याल आया तो उसने देखा कि रोशन तो यहाँ है ही नही...वो इधर उधर देखने लगा फिर भी उसे रोशन नही मिली...तो उसने सोचा कि वो अपन विंग में जाके चेक करे...जब वहाँ पहुँचा तो देखा कि विंग पे तो ताला लगा हुआ है...

वो फिर नीचे आया...और उसने सोचा चलो गार्डन में जाकर देखता हूँ...वो गार्डन पहुँच गया....

गार्डन में ढूढ़ने लगा...फिर कुछ मिनट बाद उसने देखा कि एक पेड़ बहुत ज़ोर से हिल रहा था...वो उस पेड़ की तरफ भागा...और जैसे ही उसकी नज़र उस पे पर पड़ी...वो चौंक गया...

रोशन पेड़ से छूटने की कोशिश कर रही थी...

सोढी :- अरी मेरी जान रोशन तू यहाँ पेड़ से बँधी हुई..तेरी ये हालत कैसे हुई..

रोशन :- रोते हुए...बावा पहले मुझे यहाँ से खोल तो दे...फिर बताती हूँ...

और सोढी फिर रोशन को खोल देता है..

रोशन रोते रोते सोढी के गले से लिपट जाती है..
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02-04-2021, 01:24 PM,
#29
RE: XXX Kahani Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा
सोढी :- रोशन मेरी जान हुआ क्या है..तू क्यूँ रो रही है..

और फिर रोशन सोढी को अपने बलात्कार के बारे में सब कुछ बता देती है.....और बस इतना सुनते ही सोढी पागलों की तरह चिल्लाता हुआ गार्डन से निकलता है...मगर रोशन उसका हाथ पकड़ के बोलती है..

रोशन :- देख रोशन आराम से..यहाँ सबको पता चल जाएगा...घर चल के बात करते हैं...

सोढी :- रोशन तू ये क्या बोल रही है..में उस हरामजादे को छोड़ूँगा नही...

रोशन :- उसे समझते हुए...देख रोशन मेरी बात समझ हम बात करेंगे लेकिन सबको घर पे बुला के..

फिर सोढी रोशन की बात को समझ जाता है....

वो दोनो सोसाइटी कॉंपाउंड में पहुँचते हैं...वहाँ अब ज़्यादा शोर शराबा नही हो रहा था...रोशन जाके सभी लॅडीस को इकट्ठा करती है...और उन्हे अपने घर आने को बोलती है..सभी लॅडीस हैरान होती हैं पर फिर भी चल देती है...

उधर सोढी सभी जेंट्स को अपने घर आने को बोलता है....जेंट्स का भी वही रियेक्शन होता है लेकिन फिर वो सब भी उसके घर चल देते हैं...सिवाई इस सोसाइटी के सेक्रेटरी शाब श्री आतमाराम तुकारम भिड़े....

सभी लोग सोढी के घर इकट्ठा हो जाते हैं.....

दोस्तो आगे देखेंगे कि सोढी के घर में क्या बवाल मचता है......

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02-04-2021, 01:25 PM,
#30
RE: XXX Kahani Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा
सभी लोग सोढी के घर इकट्ठा होते हैं...अब आगे...

सभी लोग आपस में बात चीत कर रहे थे कि क्यूँ अचनाक सोढी ने हम सबको यहाँ बुलाया है...

जेठालाल :- मेहता साहब ये क्या अचानक सोढी ने यहाँ बुलाया है आपको कुछ पता है...

तारक :- भाई जेठालाल में भी तुम्हारे साथ था ना ... मुझे क्या पता क्यूँ बुलाया है...तुम भी ना...

जेठालाल :- समझ गया...और फिर बबीता जी से पूछता है...बबीता जी आपको क्या लगता है कि सोढी ने हम सबको यहाँ क्यूँ बुलाया है...

तभी बबीता जी की जगह अईयर बोल पड़ता है..

अईयर :- जेठालाल हमे क्या पता कि क्यूँ बुलाया है..

फिर से जेठालाल पूछता है..

जेठालाल :- अच्छा बबीता जी .. आपको पता है कि सोढी और रोशन भाभी दोनो इतनी देर से कमरे में क्या कर रहे हैं..

फिर से अईयर भाई बोल पड़ते हैं...

अईयर :- हम को क्या मालूम जेठालाल..

इस बार जेठालाल बोलता है...

जेठालाल :- अईयर भाई आप बबीता जी है....

सब जेठालाल की बातें सुन के हँसने लगते हैं...

जेठालाल :- क्या अईयर भाई ... में जब भी बबीता जी से कुछ पूछता हूँ..अब टपक पड़ते हैं बीच में...ज़रा शांति रखो भाई...

बस इतना कहता है कि तभी सामने से सोढी और रोशन आते हैं गंभीर चेहरे होते हैं दोनो के...तभी तारक बोलता है...

तारक :- भाई सोढी क्या बात है...तुम कुछ परेशान लग रहे हो...

सोढी :- हाँ मेहता साहब बात ही बहुत बड़ी है...में बस ये सोच रहा हूँ कि कैसे शुरू करूँ...

चाचाजी(बापूजी) :- अरे सोढी तू बे झिझक बोल क्या बात है..हम भी तो तेरे परिवार का हिस्सा हैं...तू बोल आराम से क्या हुआ है...

इधर टप्पू सेना भी सोढी के घर पहुँच जाती है...

तभी सोढी बोलता है...

सोढी :- देखो बच्चो आप सब कुछ देर के लिए बाहर जाओ.यहाँ हम बड़ों को ज़रूरी बात करनी है....

ये सुन के सब लोग हाँ बोल के जाने लगते हैं...बट टप्पू को कुछ गड़बड़ लगती है..इसलिए वो गेट पे छुप कर खड़े रहने का तय करता है....
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इधर पोपटलाल और अब्दुल की गान्ड फटी जा रही थी...

पोपटलाल :- अब्दुल से धीरे से बोलता है...भाई अब्दुल कहीं हमारी हरकतों के बारे में तो नही पता चल गया..

अब्दुल :- पोपटल भाई क्यूँ डरा रहे हो...ऐसा नही हो सकता...कोई और बात है .... अब शांति से खड़े रहो...

पोपटलाल हाँ में गर्दन हिला देता है....

फिर जेठालाल बोलता है भाई सोढी बताइए ना क्या बात है.....

सोढी देर ना करते हुए बोलता है...

सोढी :- दोस्तों में जो बताने जेया रहा हूँ...वो सुन के आपको थोड़ा शॉक लगेगा ... इसलिए में यहॉ चाहता हूँ सबर से काम ले....क्यूँ कि मेने भी सिर्फ़ अपनी रोशन की वजह से अपने आप को सम्भाला हुआ है.....

और फिर वो एक एक बात जो रोशन ने उसे बताई थी...वो सब को बता देता है....

सोढी की ये बात सुनके...सब के सब एक स्टॅच्यू की तरह हो जाते हैं...सब को ऐसा लगता है जैसे किसी ने 440 वॉल्ट की करेंट वाली तार उनके हाथ में दे दी हो...

रोशन भी रोना शुरू कर देती है...जब लॅडीस रोशन को रोता हुए देखती है तो सब उनके पास चली जाती है....

उधर टप्पू भी ये सुन के शॉक हो जाता है....आज कल के बच्चो को सब पता है कि ये सब क्या होता है...वो भाग के अपने दोस्तों के पास पहुच जाता है......!!!!!!!!!
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