You are using an out of date browser. It may not display this or other websites correctly.
You should upgrade or use an
alternative browser.
-
अपडेट 162
शमशेर ये कहते हुए अपने अम्मी का एक हाथ को अपने हाथ में लेता है और अपने होठो क तरफ ला कर उसे चूमता है
भूरिया अपने बेटे क...
-
अपडेट 161
भूरिया दो बार बुलाने क बाद उठती है जैसे वो नींद से उठी हो
"उफ़ शमशेर किसी ने हमे देख लिया तो"
वो झट से निचे उतरती है शमशेर...
-
अपडेट 160
शमशेर अपने अम्मी क पीसनी पर हल्का सा चूमता है और कहता है
"अम्मी आज क बाद मई आपको अपने नज़रो से भी ओझल नहीं होऊंगा मेरी जान हो...
-
अपडेट 159
छान pasha:tum ऐसे बोलते हो तो कभी कभी मुझे भी दर लग जाता है चीनी लूटेरे
Shungu:tum बहुत बचकानी बात करते हो छान पाशा हहहह...
-
अपडेट 158
Hooriya:man me)shamshera ठीक कहता है मई एक डरपोक औरत हु जो शमशेर से इश्क़ करते हुए भी उस से नफरत करने का ढोंग कर रही hu,ye सब...
-
अपडेट 157
Shamshera:mai अपनी ज़िन्दगी कैसे जीऊंगा उसका फैसला मई कर सकता हु अब्बा जान मुझे अब जाना चाहिए
शमशेर पलट कर वापस अपने हुजरे...
-
अपडेट 156
भूरिया देर रात तक देवरानी की कही हुई बातो को सोच कर अपने नए प्यार शमशेर को याद करती रहती है और अपने मज़बूरी पर ासु बहाये जाती...
-
अपडेट 155
"अम्मी जान रही को मंज़िल मिल हे जाती है आप चाहती हो न क में आपका पीछा छोर दू तो ठीक है में इतना दूर चला जाऊंगा क वापस न ासकु "...
-
अपडेट 154
Shamshera:dadi जान बास आप तो जानते हे है वो सख्त मिजाज़ की है वक़्त पर दवा नहीं खाया इस वजह से नाराज़ है
Shamshera:man me)Daadi...
-
अपडेट 153
भूरिया अपने छूट पर हाथ लगाती है और उसे वह भी चिपचिपा महसूस होता है
Hooriya:uff अब क्या करू शमशेर ने मेरे शर्मगाह और मेरे मणि...
-
अपडेट 152
भूरिया वापस मुड़ती है और तेज़ी में बहार जाती है
hooriya:man me)Kamina कैसे उसे पकड़ कर सहला रहा है शर्म हाय नहीं...
-
अपडेट 151
वह पर बैठे हर औरत मुस्कुरा कर भूरिया को देखती है और सब मल्लिका जहाँ ज़िंदाबाद एक साथ कहती है दो तीन बार कहने क बाद सब चुप हो...
-
अपडेट 150
गुल शाह उठ कर भागने लगता है और भूरिया तलवार ले कर वही बिस्तर पर बैठ जाती है
Hooriya:man me)ye गुल शाह ने आख़िरकार अपने डिल की...
-
अपडेट 149
पारस
Sultan:theek है शहज़ादे अब हम चलते है मुस्कान बेगम इंतज़ार कर रही होगी
Shamshera:Ji अब्बा जान जाइये
सुल्तान झुक कर...
-
अपडेट 148
पारस
पारस में सूरज अपनी आखिरी साँसे ले रहा था शाम तेज़ी से सूरज की रौशनी को फीका कर रहे थी वही हाल पारस की मल्लिका इ जहाँ का...