hotaks's latest activity

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    #40 दूसरी तरफ से जो कुछ भी कहा गया , प्रज्ञा के चेहरे के भाव बता रहे थे की बिलकुल भी अच्छी खबर नहीं थी “और आप मुझे ये अब बता रहे है...
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    #39 अपनी वापसी में तमाम रस्ते प्रज्ञा सोचती रही की कौन लड़की होगी जिसको कबीर से मुहब्बत हुई होगी, जिसके बारे में कभी उसने बताया नहीं,पर...
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    #38 रात थी बीत गयी , आने वाले एक अच्छे कल की उम्मीद में सवेरा मुस्कुरा रहा था पर लोग थे की मायूस थे , बारिशे थम गयी थी पर दिल जल रहे...
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    #37 सबके अपने अपने किरदार थे सबके अपने अपने सपने थे, मेघा और कबीर ने एक पौधा बोया था जिसे पेड़ बनाने के लिए न जाने कितने तुफानो से बचाना...
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    #36 पिताजी तो चले गए थे पर मैं ये नहीं जानता था की आज का दिन बेहद मुश्किल होने वाला था मेरे लिए, क्योंकि उनके जाने के बाद एक और गाड़ी...
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    #35 सड़क के बीचो बीच कोई पड़ा था, मैं दौड़ते हुए उसके पास गया. रौशनी कम थी फिर भी मैं उसे पहचान गया था, वो सुमेर सिंह था. हाँ, था. अब बस...
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    #34 गुलाबी रंगत लिए प्रज्ञा के चुतड , जिनमे बहुत ज्यादा कशिश थी , उन पर हाथ फेरते हुए मैंने राणा जी नसीब से जलन महसूस की. , उसकी चूत...
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    #33 “हाँ मैं यहाँ ” प्रज्ञा ने मेरी तरफ शोख निगाहों से देखते हुए कहा “ऐसे रातो को भटकना ठीक नहीं है ” मैंने कहा प्रज्ञा- हाँ देर तो...
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    #32 “कुंवर सा , उठिए सुबह हो गयी है ” इस आवाज से मेरी आँख खुली, मैंने देखा मैं एक दूकान के आगे पड़ी बेंच पर सोया पड़ा था . “आहन एक...
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    #31 तारो की छाँव में मैं वापिस पहुंचा , थोडा बहुत खाया पिया और सोने की कोशिश करने लगा. पर आँखों में बार बार उस दादी की तस्वीर आ रही थी...
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    #30 “क्या कहा तुमने ” मैंने कहा मेघा- वही जो तुमने सुना , सुमेर सिंह की कोई दादी नहीं है , अनाथ है वो मैं- ऐसा कैसे हो सकता है ...
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    #29 जिंदगी बस उस मंदिर और इस टूटे चबूतरे के बीच सिमट कर रह गयी थी, मैं समझने लगा था की हो न हो इस का और मंदिर के बीच कोई तो सम्बन्ध है...
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    किसने कहा कि सुमेर प्रज्ञा का बेटा है, मैंने तो ऐसा कुछ नहीं कहा ये बस पाठकों की प्रतिक्रिया है उनका अनुमान है, यदि सुमेर प्रज्ञा का...
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    #28 हम दोनों के बीच गहरी ख़ामोशी थी , एक सवाल दादी का था एक मेरा था और दोनों के पास ही कोई जवाब नहीं था, हम जानते थे की अपनी अपनी जगह हम...
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    #27 “तू पैदा होते ही मर क्यों नहीं गया , तेरे जैसी नालायक औलाद रब्ब किसी को न दे ” ये मेरे पिता के शब्द थे मैं- तो फिर इस नालायक के...
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