hotaks's latest activity

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    # “तुम कौन ” प्रज्ञा ने सवाल किया “मैं कौन, मैं कौन, मैं बस एक याद हूँ तुम्हारी ,” जवाब आया प्रज्ञा- कैसी याद “तुम्हे जल्दी ही सब...
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    #79 बिस्तर पर बैठी प्रज्ञा के हाथ में वो तस्वीर थी जो कबीर उसे दे गया था , जिसमे वो कबीर के साथ थी , उसका दिल जो कह रहा था दिमाग मानने...
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    # ये क्या हो रहा था मेरे साथ , कैसी उलझने थी जो सुलझने का नाम ही नहीं ले रही थी , सबसे पहले मैं देव गढ़ गया मैंने वो तस्वीरे दिवार से...
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    #७७ मैं जानता था की रौशनी का कोई तो दरिया आसपास जरुर है पर कहाँ ये नहीं मालूम पड़ रहा था , अपने आप को जैसे जकड़ा हुआ महसूस करने लगा था...
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    #76 मैं- तो फिर किसकी है ये कहानी वो- रूठे नसीब और बेबसी की , खुशनसीबी की , बदनसीबी की प्रेम की और अपमान की , मैं- मैं जानना चाहता...
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    # “देख मास्टर, मेरे पास वक्त की कमी है तो मामले को जल्दी एडजस्ट कर , कहीं ऐसा न हो की फिर जिन्दगी रहे न रहे ” मैंने मास्टर की छाती पर...
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    Bhai meri duty ही aisi hai jab pressure aata hai to din hafto me badal jate hai tumhare liye kahna aasan hai, 96 ghanto se ek minute...
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    #74 नफरतो ने ऐसा तंदूर सुलगा दिया था की मोहबत धुआ बन कर जल गयी थी , तीन लोग एक डोर से बंधे थे , डोर थी की ऐसी उलझी थी कोई राह दिख...
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    #73 मैं इतनी जोर से पिल्लर से टकराया था की अन्दर से टूटती पेशियों की आह को मैंने बहुत जोर से महसूस किया. आँखों के आगे अँधेरा छा गया...
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    #72 मैंने मुड कर देखा राणाजी चले आ रहे थे , “तुम्हे यहाँ नहीं आना चाहिए था , जो दर्द तुमने इस गाँव को दिया है मैं अगर खाल भी खींच लू...
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    #71 मैं- तो मुझे भी साथ ले चलो , क्या पता वहां मेरा नसीब भी हो उसने मुझे देखा और बोली - आज नहीं फिर कभी , मैं वही छत पर बैठ गया ...
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    #70 मैं प्रज्ञा को दिलासा तो दे रहा था पर जानता था की डोर हाथ से फिसल गयी है , मेघा बहुत ज्यादा गुस्से में थी और आने वाला समय प्रज्ञा...
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    #69 रात भर हम दोनों एक दुसरे में समाये रहे खोये रहे, जब तक बदन में उर्जा के कतरे बचे हम अपने जिस्मो की प्यास बुझाते रहे, न जाने कब...
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    #68 “उसी नजर से डर लगता है मुझे, ये जो ख्वाब दिखा रहे हो तुम , शीशे का महल है किसी ने मारा पत्थर बिखर जायेगा ” प्रज्ञा ने कहा मैं-...
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    #67 दाई तरफ वाले चोबारे का दरवाजा जैसे ही मैंने खोला , मैं और प्रज्ञा दोनों एक पल के लिए घबरा से गए. “असंभव , ये नहीं हो सकता ”...
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