You are using an out of date browser. It may not display this or other websites correctly.
You should upgrade or use an
alternative browser.
-
जग्गू और मोनार्क उस दिए हुए पते पर पहोच चुके थे दोनों के पास 1 1 बैग था उन्होंने पार्किन के पास बहार जगह ढूंढी उनहोले अपना लोटोप निकला...
-
में और शिल्पा फिल्म देख कर निकले और एक पार्क में बेथ गए वो बार बार मुझे hi देख रही थी.
शिल्पा ; जीजू प्लीज कुछ बोलो. अरे बोलो बाबा...
-
माधुरी ठाणे पहोची तो सूखा एक लड़के को पिट रहा था.
सूखा ; साला एक साल से चुटिया बना रहा हे दुनिया को अब हाथ आया हे.
माधुरी ; किसे पिट...
-
में शिल्पा के लिए एक पितज़्ज़ा ले कर आया .
शिल्पा ; वो जीजू आप प्लीज मुझे अपने हाथो से खिलाओ न.
में शिल्पा को अपने हाथो से पितज़्ज़ा...
-
माधुरी के जाने के बाद शिप ने मुझे अपने मरीजों वाले बीएड पे भिठाया.
में ; तुमने कुछ खाया.
शिल्पा ; नहीं.
में ; क्या खाओगी.??
शिल्पा ...
-
माधुरी ने बैग में से कुछ पेसो की गड्डिया निकली और रफीक को बोली. कुत्ते मेरे पेसो की रखवाली करना. वो पैसे उसने बहार कड़ी जीप में छुपा दिए...
-
माधुरी का डिल अब अपने कुत्ते से खेलने का होने लगा. वो अब शैतानी दिमाग से सोच रही थी उसका मकसद कनयाब हो चूका था लेकिन जालिमो से मिलने के...
-
उधर माधुरी पीठ में बल रफीक के बीएड पे लेती हुई थी बिलकुल रानी की तरह पूरी नंगी. माधुरी के एक पाव का अंगूठा रफीक के मुँह में था माधुरी...
-
जैसे hi में सीढ़ियों से उठा में सोचते सोचते अपने कमरे की तरफ बढ़ रहा था. क्यों वो गन्दा बुद्धा रो रहा हे माधुरी के सामने गीध गिड़ा रहा हे...
-
माधुरी ने अब रफीक से उसकी डील भी छीन ली थी. रफीक को लग रहा था न hi वो माधुरी को प् सकता हे और न hi अपनी वो जगह जहा पहले था.
लेकिन...
-
माधुरी अपने पति के आगोश में खो चुकी थी उसे बार बार डिल में एक दर था की जो लड़ाई स्टार्ट हुई उसे पूरा भी करना हे. उसे पता था उसकी पुराणी...
-
में माधुरी का हाथ पकड़ कर उसे बहार सोफे पर बिठा दिया. और हम दोनों एक दूसरे को देखने लगे इस बार बाटे करने के लिए निगाहो की जगह जुबा ले...
-
हम सोने की तयारी कर रहे थे की कबाब में हड्डी आलिया जाने का नाम नहीं ले रही थी.
में ; आलिया बेतु अब सो जाओ तुम सुबह कॉलेज भी जाना हे...
-
सब खाना खा लेते हे माधुरी और आलिया सफाई करते हे तपन बहार गेलरी में खड़ा सिगरेट के सुट्टे खींच रहा होता हे और माधुरी काम करते करते कुछ सोच...
-
माधुरी ठाणे न जाकर घर चली जाती हे. घर जा कर आलिया को निघ्त्य में देखती हे तो कहती हे.
माधुरी ; अरे मेरी गुड़िया बहोत सुन्दर लग रानी हे...