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राधीका : (सर्मसार होते धीरेसे) लखन.. क्या कर रहे हे..? अभी सब लोग इधर ही हे..
लता : (जाते हसते) दीदी.. इसमे सरमानेकी बात क्या हे...
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अभी उसे अेक सहारेकी सख्त जरुरत महेसुस हुइ.. उसे लगा की वो अभी जाकर लखनके पास चली जाये.. आज लखन अैसे ही लता ओर रजीयाके पास सोया हुआ...
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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २२५
उस रात भी डीनर करने सीर्फ धिरेन ही अकेला बैठा था.. तो आज भी दयाने उनकी सब्जीमे नींदकी गोलीया...
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my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
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my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
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नीलम : (थोडी चीन्तासे) हां धिरेन.. मुजे अपनी सारी बात बतादो.. क्या हुआ.. पुनो दीदीके पास हमारी क्लीप कैसे आगइ..? कही लखन जीजुने तो.. नही...
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लता : (हसते) अरे.. तो वही तो केह रही हु.. तो फीर क्या कीया..? कही भाभीको चोद तो नही लीया.. हें..हें..हें..
लखन : (सरपे टपली मारते)...
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सृती : (मुस्कुराते धीरेसे) देवरानीजी.. अेक बात कहु..? सायद अब हमारे देवरको उनकी बहेन मील जायेगी.. क्या आपको पता हे..?
राधीका ...
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लखन : (मुस्कुराते) लता.. क्या मम्मीने खाना खालीया..?
लता : (मुस्कुराते) अरे वो तो कबका खाना खा लीया.. मेरे हाथोसे खीलाया उन्हे...
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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २२४
फीर भी दिलमे अेक सुकुन था.. क्युकी आज उनके मनकी मुराद पुरी होगइ थी.. कुछ देर अैसे ही आयनेके...
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my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
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