hotaks's latest activity

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    जैसे ही मंजु गइ लखन बाथरुमकी ओर जाते रुक गया.. ओर बहार नीकलकर देखने लगा तो मंजु नीचेकी ओर जा रही थी.. तब लखन धीरेसे रमाके कमरेकी ओर...
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    लखन : (सरमाते धीरेसे) भाभीमां.. ये आपने मुजे कैसी जीम्वेवारी देदी..? मे कीस कीसको नाराज करुगा..? कल पुनो नाराज हुइ थी तो अब सृती भाभी...
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    रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती अध्याय - २३० श्रीधरके लीये पुजामे बैठनेके लीये ब्रीन्दाने जीतुलालके साथ बैठनेके लीये मना करदीया.. तो जीतुलाल...
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    चंपा : (कामुक नजरोसे) देवरजी.. ओर कीतनी देर चोदते रहोगे.. मे तो दो दो बार जड चुकी हु.. फीर भी आप जडनेका नाम ही नही ले रहे.. आज तो थका...
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    चंपा : (हडबडाते जटसे करवट लेते) कौन..? कौन हे..? लखन : (मुहपे हाथ रखते धीरेसे) भाभी.. मे हु.. लखन.. जोरोसे मत बोलो.. चंपा : (हाथ हटाते...
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    तो वहा नीलम ओर रमा.. नंगी होकर अ‍ेक दुसरेको संतुस्ट करनेके लगी हुइ थी.. लखन लताको ढुंढने नीचे आया.. ओर पुनमके रुममे हल्कासा धका मारा...
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    तो दुसरी ओर सबने खाना खालीया.. तो मंजुने सबको होलमे अ‍ेकठा कीया.. तो सब लोग उनकी ओर सवालीया नजरोसे देख रहे थे.. मंजुने पुनम ओर धिरेनके...
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    फीर सभी दोस्तो मीलकर वहाका कामकाज देखते हे.. तब श्रीधरकी बीवी जयश्री लखनकी बहुत मस्तीया करती हे.. तो श्रीधरकी मम्मी ब्रिन्दा भी चोर...
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    रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती अध्याय - २२९ कहेते पुनम सर्मसार होते वहासे दोडकर चली गइ.. तो मंजु ओर सृती दोनो ही उनको देखकर जोरोसे हसने...
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    my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
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    my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
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    सृती : (आस्चर्यसे) क्या..? मम्मीने बापुसे सादी करली थी.. तो फीर पापा..? मंजुदी आगे बताओनां.. मंजुला : (मुस्कुराते) सुन.. फीर तो बापुको...
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    पुनम : (हसते) हां तो भाभी.. अब आपको क्या कहु..? भाभी कहु या दीदी.. हें..हें..हें.. सृती : (सरमाकर हसते) नही.. अब दीदी ही ठीक हे...
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    मंजुको भी पता थाकी अब सृतीको सब सचाइ बतानेका वक्त नजदीक आगया हे.. ओर इसके लीये उसे सृतीकी नाराजगी भी जेलनी पडेगी.. इसीलीये मंजुने अभी इस...
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    रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती अध्याय - २२८ कहा तो दया सर्मसार होते हसने लगी.. फीर मंजुने पुनम भावनाको कहेकर देवायत ओर दयाके लीये सेज...
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