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पुनम : (मुस्कुराते) हंम.. आपके सामने दोनोका राज खुल गया..?
रा. मम्मी : हां.. मेने खीडकीसे जांकते देखा.. तो दोनो फीजीकल थे.. बडी बहेनकी...
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पुनम : (मुस्कुराते) जानती हु मे.. जवेरीलालका छोटा भाइ जीतुलाल.. उनका भी अपनी भाभीके साथ अवैध रीस्ता हे.. दोनो भाइके लडके लडकीने भी आपसमे...
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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २६२
फीर खानेके बाद लखन सृती भावना दया ओर रजीयाको लेकर नीकल गया.. ओर पुनम वही राधीकाके पास रुक गइ...
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रात तक सब वही रुके.. पुनम ओर राधीका रजीयाने मीलकर सबके लीये खाना बनाया.. इसी दौरान पुनमने राधीकाको बहुत कुछ बता दीया.. अपने ओर धिरेनके...
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ओर बता दीयाकी वो सामको तेरे घरपे आजायेगी ओर रात वही रुकेगी.. सुनकर राधीका बहुत खुस होगइ.. ओर लखनको लेकर अपने कमरेमे चली गइ.. वहा दोनोने...
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पुनमने बहुत मना कीया.. फीर भी लखन नही माना.. ओर पुनमको गोदमे उठा लीया ओर सीडीया उतरके पुनमको लेकर नीचे आगया.. पुनम बहुत ही सर्मसार हो...
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दोनो बाते कर रही थी तभी उपरकी ओर लखनभी जाग जाता हे.. देखता हे तो उनका लंड अबभी पुनमकी चुतमे था.. जीसे देखकर लखन खुस होजाता हे.. ओर...
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पुनम कीतने दिनोके बाद सुकुनकी नींद सो रही थी.. इसी तराह गांवमे भी देवायत ओर लता अेक दुसरेसे चीपकते नंगे सोये हुअे थे.. तो जाहीरसी बात...
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ओर पुनमको घोडी बनाके पीछेसे लंडको चुतमे घुसा दीया.. कुछ देरके बाद दोनोके बीच अेक बार फीर घमासान चुदाइ हुइ.. लखन सुबह चार बजे तब पुनमको...
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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २६१
फीर लखन पुनमको वापस गोदमे उठाकर बहार लेकर आगया.. देखातो पुरी चदर दोनोके कामरसके साथ साथ खुनसे भी...
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पुनम : (मुस्कुराते) भाइ.. धीरे धीरे करते मे आपको सबके बारेमे बता दुगी जीसके बारेमे आप जानना चाहते हो.. अब तो हम साथ ही रहेगे.. क्युकी...
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लखन : (बुब्सको चुमते) ठीक हे दीदी.. मुजे साहीलकी फेमीलीके बारेमे जानना हे.. जो यहा सहेरमे हे..
पुनम : (मुस्कुराते) भाइ.. मे दोनो बहेनको...
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उसे लगने लगा.. की स्कुल टाइमपे उसने लखनका प्यार कबुल ना करके बहुत बडी गलती की.. आज वो मनही मन लखनको पुरी तराह समर्पीत होगइ.. ओर पुनमने...
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पुनम : (होंठोको चुमते) भाइ.. थेन्क्यु.. आखीर हम दोनोका मीलन हो ही गया.. कीतना प्यारा अहेसास था.. दर्दका पता ही नही चला.. बस.. मुजे अैसे...
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वो अेक हाथ नीचे लेजाते लखनके लंडको मुठीमे थाम लेती हे.. ओर अपनी चुतपे धीरे धीरे घीसते लंडको गीला करने लगी.. जब लंड गीला होगया तो पुनमने...