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पुनम मंजुके अलावा कीसीको पता नही थाकी भावीकासे डीवोर्स लेतेही उन मां बेटे हरकतमे आगये थे.. साम तक फर्नीचरको छोडके जो जरुरी सभी सामान लोड...
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लखन : (मुस्कुराते) मोम.. मे देख रहा हु.. जबसे रजु यहासे वापस आइ हे.. तबसे कुछ उखडी उखडी दीख रही हे.. अैसा लगता हे वो सीर्फ पत्नी धर्म...
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लखन : (मुस्कुराते) तो फीर आपका क्रस कौन था.. अगर लडकीकी फीलींग्स आती थी तो कोइ तो होगा..
वसुधा : (सरमाकर मुस्कुराते) सच कहु..? जब हम सब...
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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २९४
तो इधर सहेरमे भी धृव अपने कुछ अंगत दोस्तोको बुलाकर सामान पेक करवाता हे.. ओर साम तक सब ट्रकमे लोड...
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तो गांवमे भी मंजु अब काफी दुबली ओर कमजोर होगइ थी.. तो लखन पुनम सृती ओर भावीकाको देखकर ही मंजु खुस होगइ.. मंजुने भावीकाको जोरोसे गले लगा...
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धृवकी मम्मी : (सामने देखते) क्या हुआ..?
धृव : (बेडपे पास बैठते) मोम.. वो पेपर साइन होते ही अपना सब सामान लेकर घर छोडकर चली गइ.. हमारा...
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धृवकी मम्मी ओर धृव अेक दुसरेकी ओर देखने लगे.. उनको अभी भी यकीन नही हो रहा थाकी दोनो चुदाइ करते पकडे गये.. ओर इतना कुछ हो गया.. दोनो...
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भावीका : (सामने देखते) ठीक हे.. पहेले दोनो अपने कपडे पहेन लीजीये..
धृवकी मम्मी : (फटाफट अपने कपडे पहेनते) हां बेटा बोल.. क्या चाहीये...
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भावीकाने अपने सभी कपडे ओर अपने सब डोक्युमेन्ट समेटके बेगमे भरलीये.. जब भी भावीकासे जगडा होता तब धृव कीसी भी दुसरे कमरेमे सो जाता.. ओर...
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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २९३
इसी दौरान भावीकाने भी अपने डीवोर्स पेपर तैयार करवा लीये.. ओर उन्होने पुनमको फोन करके बता दीया...
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लखन : (आइसक्रीम खाते) तो फीर तब भाइको सम्हालेगा कौन..? कोइ तो बीवी होगी..?
पुनम : (मुस्कुराते) हां.. इसके लीये उनकी बीवी वहा पहोंच गइ...
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पुनम : (हसते) भाइ.. अब चलो भी.. वरना यही फीरसे सुरु होजाओगे.. बाय दीदी..
जब लखन पुनम सृती भी चले गये.. तो भावीकाने भी पेपरकी दोनो फाइल...
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सृती : (हसते) कमीनी देख क्या रही हे.. मत भुल पुनोदीको सब पता चल जाता हे.. हें..हें..हें..
भावीका : (हाथोमे मुह छुपाते) सोरी.. मुजे...
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मेरी प्रीय बेटी भावीका.. मे ये पत्र इसीलीये लीख रही हु सायद मे ना रहु तो अपने दीलकी बात तुजे केह सकु.. जब ये पत्र तुजे मीलेगा तब तेरे...
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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २९२
ओर रास्तेसे कुछ ठंडेकी बोतल.. ओर नास्ता थी साथ लेगइ.. उनको नही पता थाकी आज सामसे ही उनकी जींदगी...