Hindi Antarvasna - कलंकिनी /राजहंस
09-17-2020, 12:56 PM,
#51
RE: Hindi Antarvasna - कलंकिनी /राजहंस
“नमस्ते बेटा। सदा खुश रहो।" वह अपने घर की ओर लम्बे-लम्बे डग भरता हुआ चल दिया। उसे प्रीति के घर काफी देर हो गई थी। प्रीति के घर से थोड़ी दर चलने पर ही उसे प्रीति के पिताजी दिखाई दिये थे। उसने नमस्ते की थी और आगे बढ़ गया। उन्होंने भी उसे नहीं रोका था। प्रीति के पिताजी घर पहुंचे तो सबसे पहले प्रीति की मां ने प्रीति के पिता को विनीत की नौकरी की बात बतायी थी। प्रीति की मां विनीत को बहुत पसंद करती थीं। वह विनीत की नौकरी के विषय में जानकर बहुत प्रसन्न हो गयी थीं।

विनीत घर पहुंचा तो चेहरे के भाव साफ थे। चेहरा चिन्तामुक्त था। अनीता को भइय्या का चेहरा देखकर सकून मिल गया। "भइय्या नमस्ते। आज तो अब कुछ ठीक नजर आ रहे हैं।"

"हां अनीता। आओ मां के पास चलते हैं। तुम्हें एक बात बताऊंगा।"

दोनों मां के कमरे में चले गये। "मां....अब कैसी हो?" विनीत ने मुस्कराकर कहा।

"ठीक हूं बेटा। अब तू बता....नौकरी का क्या रहा?"

"मां, आज मुझे एक कम्पनी के मैनेजर ने आश्वासन दिया है कि वे मुझे कल नौकरी दे देंगे। मुझे पूरी उम्मीद है कि मुझे बहां पर नौकरी मिल जायेगी।" विनीत के होठों पर एक हल्की मुस्कान उभरी।

अनीता भइय्या की बात सुनकर अत्यधिक प्रसन्न हो गई। विनीत की मां ने विनीत को गले लगा लिया। "बेटा, तुम हमेशा कामयाब होते रहो। मेरे दिल को तो ये ही तमन्ना है।” उसकी मां विनीत पर निहाल हो रही थीं। थोड़ी देर बाद विनीत मां से बातें करने के पश्चात् अन्दर चला गया। अन्दर जाकर वह पलंग पर बैठकर जूते उतारने लगा। उसको घर आते-आते शाम हो गई थी। वह पलंग पर लेटकर आंखें मूंदे लेट गया। तभी सुधा उसके पास चाय लेकर आ गई। विनीत को आंखें बंद करे लेटा देख वह सोची शायद भइय्या सोने के लिये लेटे हैं मगर तभी विनीत को लगा शायद कोई आया है, उसने आंखें खोल दीं।

“भइय्या, चाय पी लीजिये।” सुधा ने कहा।

पास रखे स्टूल की ओर इशारा करते हुए विनीत ने कहा- रख दो सुधा, मैं पी लूंगा। तुम जाओ।" सुधा कप स्टूल पर रखकर वापस आ गई। थोड़ी देर तक विनीत लेटा रहा। तभी उसे याद आया, सुधा चाय रखकर गई है, वह उठकर बैठा और चाय का कप उठा लिया। चाय ठन्डी हो चुकी थी। उसने चाय का कप होठों से लगाया और एक ही बार में खाली कर रख दिया और फिर सोने के इरादे से लेट गया। आंखें बंद कर ली। उसे लगा जैसे बाहर प्रीति के पिता मांजी से बात कर रहे हों। यही सोचकर वह उठकर बाहर आया तो वास्तव में चाचा जी आये थे। वे मां से बातें कर रहे थे। वह उनको नमस्ते करने के पश्चात् वहीं खड़ा रहा। मां से तो उन्होंने अधिक देर तक बात नहीं की थी। परन्तु विनीत को दूसरे कमरे में ले जाकर बोले थे—"विनीत....."

“कहिये, चाचा जी।"

“मैंने सुना है जल्दी ही तुम्हारी नौकरी लगने वाली है।"

"उम्मीद तो है।"
Reply


Messages In This Thread
RE: Hindi Antarvasna - कलंकिनी /राजहंस - by desiaks - 09-17-2020, 12:56 PM

Possibly Related Threads…
Thread Author Replies Views Last Post
  Raj sharma stories चूतो का मेला sexstories 201 3,501,639 02-09-2024, 12:46 PM
Last Post: lovelylover
  Mera Nikah Meri Kajin Ke Saath desiaks 61 544,417 12-09-2023, 01:46 PM
Last Post: aamirhydkhan
Thumbs Up Desi Porn Stories नेहा और उसका शैतान दिमाग desiaks 94 1,231,871 11-29-2023, 07:42 AM
Last Post: Ranu
Star Antarvasna xi - झूठी शादी और सच्ची हवस desiaks 54 931,636 11-13-2023, 03:20 PM
Last Post: Harish68
Thumbs Up Hindi Antarvasna - एक कायर भाई desiaks 134 1,653,906 11-12-2023, 02:58 PM
Last Post: Harish68
Star Maa Sex Kahani मॉम की परीक्षा में पास desiaks 133 2,080,913 10-16-2023, 02:05 AM
Last Post: Gandkadeewana
Thumbs Up Maa Sex Story आग्याकारी माँ desiaks 156 2,951,332 10-15-2023, 05:39 PM
Last Post: Gandkadeewana
Star Hindi Porn Stories हाय रे ज़ालिम sexstories 932 14,056,391 10-14-2023, 04:20 PM
Last Post: Gandkadeewana
Lightbulb Vasna Sex Kahani घरेलू चुते और मोटे लंड desiaks 112 4,032,172 10-14-2023, 04:03 PM
Last Post: Gandkadeewana
  पड़ोस वाले अंकल ने मेरे सामने मेरी कुवारी desiaks 7 284,874 10-14-2023, 03:59 PM
Last Post: Gandkadeewana



Users browsing this thread: 1 Guest(s)