अध्याय 1: शालिनी की आग
भाग 1
इंदौर शहर की शाम साढ़े सात बजे की गर्म हवा अभी भी थमने का नाम नहीं ले रही थी। वसीम अपने 3BHK फ्लैट के लिविंग रूम की बड़ी खिड़की के पास खड़ा था। उसकी नजर बाहर फैले शहर की रोशनियों पर थी, लेकिन मन कहीं और था। 22 साल का यह युवक अपनी उम्र से कहीं ज्यादा गंभीर और अकेला...