ससुराल में देवर के साथ छिपकर रोमांस : भाग-२ - SexBaba
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ससुराल में देवर के साथ छिपकर रोमांस : भाग-२

hotaks444

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Nov 15, 2016
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दोस्तों,<br/>किसी लड़की को लंड की आदत लग जाए तो वो सब रिश्ते नाते को भूलकर चुदाई का आनंद ले लेती है तो दीपा शादी के पहले से ही चुदाई का मजा लेने लगी थी तो मेरे चूत का कौमार्य छोटे भाई राहुल ने भंग किया था और दोनों हंसी खुशी घरवाले से छुपकर सेक्स का आनंद लेने लगे लेकिन फिर मेरी शादी हो गई तो मुझे अपने पति के साथ दिल्ली आर्मी केंट जाना पड़ा, पति का शकी मिजाज के साथ सख्त रुख मुझे डराता रहता था इसलिए मैं चाहकर भी इधर उधर मुंह नहीं मार सकती थी। अपने ससुराल इटावा आकर मुझे देवर का प्यार मिलने लगा तो मैं खुशी से उनको अपना जिस्म दे दी और पिछले भाग में आपने पढ़ा कि दोनों नग्न अवस्था में ही स्नान के साथ काम वासना में लिप्त हैं, अब मेरी चूची छोड़कर देवर जी सपाट पेट से लेकर कमर तक को चूमने लगे साथ ही मेरे जांघ को सहलाने में मस्त थे और मैं अब झरने के पानी से पूरी तरह से गीली चुकी थी फिर वो मेरे पैर के सामने घुटने के बल बैठकर मेरे जांघों को फ़ैलाने लगा तो मैं किसी धंधे वाली की तरह अपना दोनों हाथ सामने की दीवार पर रखकर दोनों जांघों को फैलाकर खड़ी रही और देवर जी मेरे चिकने चूत को चूमने लगे फिर उसको उंगली की मदद से फैलाकर नाक को अंदर घुसाए सूंघने लगे तो मैं उसकी और मुड़कर देखी दरअसल मेरी गान्ड उसके चेहरे के सामने था और वो नाक को चूत में रगड़ते हुए मुझे कामुक कर रहे थे तो मैं अब मुड़कर उनकी ओर हो कर बोली " देवर जी सामने की ओर से सुंघिए ना " तो वो मेरे एक पैर उठाकर हवा में किए और मैं किसी मस्त लौंडिया की तरह चूत को फैलाए चटवा रही थी, बुर में मर्द जीभ डाले बहुत खुशी मिलती है और देवर लपलप जीभ से चूत चत रहे थे तो अब मैं झरना बंद किए खड़ी थी तो उसके मूसल लंड को टाईट देखकर चूत में चुदाई की सुरसुरी पैदा हो चुकी थी और मैं सिसकने लगी " उई मां मर गई चूत के अंदर कितनी खुजली हो रही है, देवर जी अब चोदिए ना<br/>( वो जीभ निकाला ) जरूर सेक्सी जरा चूस तो लूं " फिर बुर की फांकों को ओंठो के बीच लेकर चूसने लगा साथ ही मेरी गोल गुंबदाकार चूतड़ सहलाने लगा, मैं टांग फैलाए खड़ी थी फिर वो उठे और बॉडी वाश की बोतल लिए मेरे बदन पर लगाने लगे तो वो मेरी चूचियों से लेकर गर्दन, कमर से पेट तक बॉडी वाश लगाने के बाद दोनों चूची को पकड़ भोंपू की तरह बजाने लगे तो मै उसके लंड को पकड़ हिलाने लगी, फिर वो झुके और मेरी चूत, जांघों से पैर तक पर वाश लगाकर मुझे उल्टा दिशा में किए अब उनका ओंठ मेरे पीठ को चूमने लगा साथ ही बूब्स को वो दबा रहे थे तो मेरे बदन में आग लग चुकी थी और मैं जल्दी में चुदाई का मजा लेकर कमरे में जाना चाहती थी, वो अब पीठ से कमर तक बॉडी वाश लगाए फिर बैठकर मेरी चूतड़ चूमने लगे तो मैं किसी चरित्रहीन लड़की कि तरह जांघें फैलाए खड़ी थी " उह ओह आह विवेक प्लीज़ गान्ड मत चाटो ना " लेकिन देवर जी मेरी गान्ड के छेद में जीभ घुसाए चाटने लगे तो मेरे पैरों में कम्पन होने लगा और फिर वो मेरे चूतड़ से पैर तक पर बॉडी वाश लगाकर उठे तो दोनों एक दूसरे से नजरें मिला रहे थे और दीपा झट से घुटने के बल बैठकर उनके ७-८ इंच लंबे और २ इंच मोटे लंड को पकड़ चूमने लगी। देवर के लंड का चमड़ा छीलकर सुपाड़ा को जीभ से चाटते हुए झांटों के बीच उंगली फेर रही थी और दीपा की इच्छा अब मुखमैथुन करने की थी तो मुंह खोले आधा से अधिक लंड घुसेड़ कर चूसने लगी तो देवर जी आहें भर रहे थे " ओह आह आह अब जल्दी से सर का झटका देकर मुखमैथुन कर ना साली रण्डी उह " लेकिन उनका लंड मुंह के अंदर टाईट हो चुका था और अब कमर में हाथ डाले मैं मुखमैथुन करते हुए मस्त होने लगी तो मेरी मुंह में लंड पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी फिर लंड को मुंह से निकाली और खड़ी हो गई तो देवर जी मुझे पकड़कर चूमने लगे फिर मैं दीवार पर दोनों हाथ रखे घोड़ी की तरह हो गई। दीपा के दोनों जांघ फैले हुए थे तो विवेक मेरी चूतड़ के सामने खड़ा था, अब मेरे चूत में उनका लंड घुसने लगा तो मैं पीछे मुड़कर देखी और उसका २/३ लंड घुसा ही होगा कि वो जोर का धक्का देकर चोदने लगे लेकिन मेरे बदन तो झाग युक्त थे साथ ही बुर की गर्मी चरम पर थी, अब मैं झरना चालू किए स्नान के साथ चुदाई का मजा लेते हुए चूतड़ को हिलाने लगी और देवर जी तेजी से चोदने लगे और मेरी बुर से रस की धार छूट पड़ी तो भी वो दे दनादन चोद रहे थे, दोनों का बदन कामुकता के आगोश में था तो दीपा अपनी चूतड़ को स्प्रिंग की तरह हिलाते हुए मस्त थी " ओह आह देवर जी बहुत मजा आ रहा है, काम से कम ४-५ मिनट तक तो चोदिये<br/>( वो गपागप लंड पेलता हुआ बूब्स दबाने लगा ) जरूर जान कोशिश होगी कि तुम्हे चोद चोदकर तृप्त कर दूं " और उनकी कमर मेरे गद्देदार गान्ड से टकरा कर लहर पैदा कर रही थी तो बुर में निकला रस भी अब उड़ने लगा और मैं खड़े खड़े थक चुकी थी " ओह विवेक अब जल्दी करो कहीं सासू मां आ गई<br/>( वो चोदता हुआ हांफने लगा ) उनको हम दोनों से क्या मतलब आह अब जल्दी झड़ेगा " ये सुनते ही मैं अपनी कमर तेजी से हिलाने लगी और कुछ पल बाद विवेक का लंड वीर्य स्खलित कर ठंडा पड़ गया तो मेरी चूत वीर्य से चिपचिपी हो गई फिर वो लंड निकाले तो मैं बुर सहित बदन को साफ की फिर दोनों वाशरूम से बाहर आए तो सुबह सुबह चुदाई का आनंद लेकर थकावट तो हुई लेकिन तन को शांति मिली, मैं साड़ी, पेटीकोट और ब्लाउज पहने बेड पर लेटी फिर देर रात... to be continued.
 
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