Incest Deewanapan... - SexBaba
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Incest Deewanapan...

hotaks

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Dec 5, 2013
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फ्रेंड्स मेरा नाम रोबिन है.. पर अप्प सभी मुझे लवर ऑफ़ डार्कनेस.. नाम से जानते होंगे.. 8 साल पहले सोस्सिप पर अपनी जर्नी की शुरुआत की थी.. तब इक स्टोरी स्टार्ट की थी.. दीवानापन.. इक भाई बहिन की प्रेम कहानी..

सोस्सिप पर इस स्टोरी ने 1900 पेजेज कम्पलीट किये थे ,

इस स्टोरी के 2part कम्पलीट हो चुके थे..

3रद part अभी स्टार्ट किया hi था. के साइट क्लोज हो गई..

फर्स्ट Part...(Mystery ऑफ़ कोमल) [COMPLETED]

फ्रेंड्स पहला part जायदा गाओं की जिंदगी पर आधरित होगा... फ्रेंड्स इक hi गलती की थी , इस part में सेक्स बहुत जायदा ऐड है , क्यों की तब में इस स्टोरी को जल्द hi ख़तम करने वाला था , जस्ट अस "गन्ने की मिठास"

सेकंड part [Revenge] [Complete]

थ्रीड Part ... (मैजिकल मिस्ट्रीज)[COMPLETE]

फोर्थ Part..... (मिस्टीरियस फॅमिली , एंड मिस्ट्री ऑफ़ मिस्टीरियस रिंग) [COMPLETE]

फिवठ Part..... (Devil's फॅमिली वस जोकर & मिस्टीरियस लेडी) [COMPLETE]

सिक्स्थ PART.... [Ravi VS Kunal - ONE LAST TIME) [RUNNING]

सेवंथ PART.... (Devil's फॅमिली वस Devil's फादर - इंफिनिटी वॉर) [WAITING]

एइथ PART...... (Devil's फॅमिली वस Devil's फादर... एन्ड गेम ) [WAITING]

नाइन्थ PART.... (थे लास्ट 5 उपदटेस) [WAITING]
 
रे: दीवानापन... इक भाई बहिन की प्रेम कहानी.. इन्सेस्ट

रिज़र्व 3
 
[Friends mera nam Robin hai.. par app sabhi muze lover of darkness.. nam se jante honge.. 4 saal pehle xossip par apni journey ki suruat ki thi.. tab ik story start ki thi.. Deewanapan.. ik bhai behan ki prem kahani..

xossip par es story ne 1900 pages complete kiye the ,

es story ke 2part complete ho chuke the..

3rd part abhi start kiya hi tha. ke site close ho gai..

First Part...(Mystery of komal) [COMPLETED]]
 
रे: दीवानापन... इक भाई बहिन की प्रेम कहानी.. इन्सेस्ट

इंट्रोडक्शन

1.Ravi..(hero)

2.कोमल (बहिन , मैं हीरो..)

3.रमा (बहिन)

4.रेखा (बड़ी बहिन)

5.संगीता (माँ)

मां जी की फॅमिली..

6.मां..

7.सविता (ममी)

8.शूरति (बड़ी बेटी)

9.रिमी (छोटी बेटी)

10.राधा (होउसेमडे)

चाचा जी की फॅमिली

11.सूरज (चाचा)

12.रुक्मणि (बड़ी चची)

13.सुमन चची (छोटी चची)

14.सोनल (बड़ी बेटी)

15.सीतल (बड़ी बेटी)

16.कव ईटा (सबसे छोटी बेटी)

17.राजू (बीटा)

सीमा की फॅमिली (रवि की वाइफ)

18.सरपंच (सीमा के पिता जी)

19.सुमिता (सीमा की माँ)

20.साहिल (सीमा का भाई)

21.पायल (सीमा की भाभी)

22.सीमा (बड़ी बेटी , और रवि की वाइफ)

23.सीमा (छोटी बेटी और रवि की साली)

ठहकर की फॅमिली...

24.ठोकर जय इ देव परताप (ठाकुर)

25.बड़ी ठुकरौं सुनता परताप

26.छोटी ठाकुरान मंजू

27.नीता बड़ी बेटी

28.नेहा दूसरी बेटी

29.ख़ुशी तीसरी बेटी (रवि की गर्लफ्रेंड)

30.कुणाल बीटा (मैं विलन)

बाकि चरक्टेर्स स्टोरी के...

31.बेबी अक जूही (गर्लफ्रेंड)

32.कैटलीन (बेबी की गर्लफ्रेंड)

33.Dr.Anju

34.माला (नर्स)

35.मुन्ना (गैंगस्टर)

36.सैर (मुन्ना की वाइफ)

37. इंस्पेक्टर राजेश

38.प्रिय (राजेश की वाइफ)

39.अनु (सुपर एजेंट)

विल्लंस स्टोरी के..

40.दयना अक मस्तानी बेगम (वैम्पायर)

41.जोकर (डेडली ईविल)

42.रेहमान उल्ला (डॉन)

43.असलम खान (डॉन)

44.दिलावर खान (डॉन)

वैम्पायर की फॅमिली

45. काल (वैम्पायर)

46.माया (काल की वाइफ)

47.काया (वैम्पायर)

48.Shaya(vampire)

49.रानी (वैम्पायर)

कबीले के लोग..

50.रेहान (कोमल का दोस्त)

51.सूजी (रेहान की वाइफ)

52.Dr.nelam (सूजी की माँ)

54.रेणुका (कबीले की इक लड़की)

55. बाबा हमशा (रहना के बाबा)

और चरक्टेर्स...

56.स्वाति (रमा की सोल्लगे फ्रेंड)

57.रश्मि (रमा की सोल्लगे फ्रेंड)

58.प्रिय (रमा की सोल्लगे फ्रेंड)

बाकि के करैक्टर जो भी आएंगे अग्गे बताता जाउगा... साथ बने रहना.. और शुक्रिया सभी का...


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रे: दीवानापन... इक भाई बहिन की प्रेम कहानी.. इन्सेस्ट

अपडेट-1

इक बहुत मस्त और मोती गांड वाली आवर्त इक लड़के को उठा रही hai.vo लड़का तो जैसे

घोड़े बेच कर सो रहा tha.use कोई पता नै था के कोई उसे जगा रहा hai.vo औरत बार

बार उसे हिला रही thi.par वो लड़का अभी भी उठने का नाम नै ले रहा tha.us औरत

के हिलते hi उस की बड़ी बड़ी मस्त मोती चुच्यां भी हिल रही thi.us औरत ने लाल रंग की

सदी पहनी है , उसके गांड बहार को निकली हुई थी.

काफी मुशकित करने पर वो लड़का उठ gya.ye और कोई नै रवि tha.kal रत खेतो मैं

जायदा काम करने की वजा से वो थक गया था.

और वो मस्त औरत उसकी माँ संगीता thi.vo अपने बेटे को उठने आयी thi.jo काफी देर

से घोड़े बेच कर सो रहा था.

रवि ने उठ ते hi अपनी माँ को देखा , उसके होंठो पर इक मुस्कान ा गई.

sangita--"ajj कल तू कुश जयदा hi सोने लगा hai".sngita ने हस्ते हुए कहा.

रवि कुश नै बोलै और बहार निकल aya.ik झोपड़े जैसा उनका घर tha.ghas-fus की

लकडियों से बना था पूरा ghar.bahar इक नलका लगा था , उसके साथ hi इक कच्चा

बाथरूम बना tha.or उसके साथ hi टॉयलेट बनी थी.

रवि ने बहार एके देखा तोइन उसकी बहिन रेखा अपनी सदी घुट्नु तक कर चटनी

कूट रही thi.uski मोती चुच्यां ऊपर निचे हो रही c.ravi की नज़र इक बार तोह अपनी

बहिन की मोती टैंगो पर पद gai.kya गोरी , चिकनी टंगे thi.rekha ने अपनी सदी

अपने घुट्नु तक की थी , उसकी टंगे देख रवि का लुंड आहिस्ता आहिस्ता खड़ा होने लगा.

रवि तो बचपन से hi अपनी माँ और बहु की मस्त गांड और मोती चूचिओं का

देवना था.

रवि की नज़र रेखा की चुचु की बिच वाली दरार मैं अटक gai.uske बैठने की वजा से

उसके मोठे चुके आपस मैं भिड़े होये the.uff रवि लुंड किसी डंडे की त्र सीधा

खड़ा हो गया.

रवि नलके की तरफ गया और अपना मोह धोने lga.etne मैं उसकी दूसरी बहिन रमा भी

ा gai.vo रवि के पास एके रुक गई.

"भाई मैं नलका गढ़ती हु , आप मोह धो lo"rema ने हस्ते हुए कहा.

रवि ने नलका को छोड़ diya.vo रमा के सामने इक तरफ होकर अपना हाथ पेअर धोने

lga.uska लुंड सीधा खड़ा धोती पर तम्बू बना रहा था.

रमा अपनी धुन मैं नलका घेड़ पानी निकल रही thi.achank उसकी नज़र अपने भाई

के मोठे लुंड पर gai.dhoti मैं बना तम्बू देख रमा सुन पद gai.uski अखन

अपने भाई के लुंड पर तिकी हुई thi.kush देर तक वो बिना पालक जपकाये अपने भाई

के मोठे लुंड को निहारती रही.

रवि ने अपना काम ख़तम कर , चाय पीने के लिए बेथ gya.ravi के सामने खात्या

पर रमा भी बेथ gai.vo अपने भाई से है है कर बाटे कर रही thi.ravi की नज़र

तोह उसकी मोती चूचिओं पर तिकी हुई thi.kush देर ऐसे hi बाटे करने के बाद रवि खेत

के लिए निकल गया.

रमा अपनी माँ के पास गई और बोली "माँ अज्ज भइआ का खाना मैं लेकर jaogi"etna

बोलकर वो हस्ती हुई अपने कमरे मैं चली गई....
 
अपडेट-2

रवि खेतो की तरफ जा रहा tha.uska गाओं काफी बड़ा नै tha.ravi के गाओं मैं 50-60

घर hi होंगे , गाओं के सभी लोक मेहनती और खुदर लोक थे.

रस्ते मैं उसे अपना दोस्त चंदू मिल gya.chandu के साथ रवि की बचपन की दोस्ती

thi.ravi और चंदू कभी कभी इक साथ केहतो मैं काम कर लय करते थे.

chandu:-ajj कल बहुत काम करने लग गया है तू.

ravi:-kyu मुझे क्या भूका मरना है , काम करुगा तोइन hi कुश कहने को मिलेगा.

chandu:-acha ये बता , कोई लड़की पीटीआई के नै.

ravi:-khak , कोई लड़की घास hi नै डालती , अब कीय करू कुश समाज मैं नै ा रहा.

chandu:-are रवि , मेने सुना है की उस्मान चाचू अपनी बेटी को छोड़ते हैं.

रवि चोकते हुए चंदू की तरफ देखता hai.jese उसे विश्वास hi नै हो रहा था.

ravi:-k..kya बोलै तूने , झूठ मत बोल , मेरे ख्याल स यह चुदाई तेरे दिमाग मैं

चढ़ने लगी है.

chandu:-tuje मेरी बात पर विश्वास नै हो reha.ajj hi दिखा लता हु तुझे.

ravi:-muze कुछ नै देखना , अज्ज बहुत काम है , कल मंडी भी तोह जाना है.

chandu:-thik ा मैं तोइन जायेगा , वो बड़े गन्ने के खेत मैं ा जाना , अगर टाइम

मिले तो.

ravi:-tu hi जा , मुझे बहुत काम है.

ऐसी त्र रवि और चंदू काफी देर बाटे करते rehe.gaon के आखिर मैं चंदू वापस

गाओं मुद गया और रवि खेतो की तरफ चलने लगा.

अभी भी रवि के मन मैं वो सब बाटे चल रही थी , जो चंदू ने उसे बताई

thi.par अज्ज उसे बहुत काम था , इस्ल्ये रवि ने फेर कभी वह जाने के बारे मैं

सोचा.

दूसरी तरफ रमा घर का काम करती हुई , अपने भाई के मोठे लुंड के बारे मैं सोच

रही thi.usne इक बार लुंड देखा था , उसकी पड़ोस की लड़की जब किसी से छुड़वा रही

thi.pehle तोह रमा को कुश समाज मैं नै आया के वोह क्या करे , लेकिन फेर उसकी

अखन वही थम gai.jab वो लड़की अपनी गोरी टंगे उस लड़के के कंडे मैं रख

छुड़वा रही थी.

रमा को बहुत मज़ा आया था , पर वो यह सब करने से डर्टी थी , अज्ज कई दिन बेट गए

थे , उस बात को , पर अज्ज रवि का मोटा लुंड देख उसकी छूट पनिया रही thi.chut की

खुजली बाद रही thi.rema ने जल्दी जल्दी अपना काम ख़तम किया और अपने भाई का खाना

लेकर खेत की तरफ चल पड़ी.

रमा अपनी मस्त गांड को मटकते हुए चल रही thi.uski कुवारी गांड की थिरकन

रस्ते मैं मिलने वाले लोग का लुंड खड़ा कर रही thi.kai लोक उसे देख अपना लुंड

मसल रहे the.par रमा कुश गुनगुनाती हुई , अपने भाई के पास जा रही थी.

रस्ते मैं उसे गाओं की और लड़की मिल gai.vo भी अपने पिता का खाना लेजा रही थी.

रमा उसे जानती thi.us लड़की का नाम रश्मि tha.rashmi इक चलो लड़की थी , गाओं के

कई लड़के उसे छोड़ चुके the.uski गांड हर रोज़ छोड़ने की वजह से बहुत मस्त और

भरी हुई thi.rashmi कोई 21 साल की लड़की thi.par छूट मरवाने मैं गाओं की कई

लड़कयों को पीछे शोद दया था रश्मि ने.

rema:-kesi हो रश्मि , अज्ज उदास लग रही हो.

rashmi:-nai मैं ठीक हु , बस रत को देर से सोइ थी.

rema:-kyu रत को क्या करती रही.

rashmi:-ab तुज़से क्या छुपाना , मैं छुड़वा कर देर से सोइ , तोह अब मुझे नंद ा

रही है.

rema:-tu कबसे छुड़वाने लगी , मुझे तोह पता नै था.

rashmi:-are मेरी जान बहुत मज़ा अत है , जब छूट मैं कोई बड़ा लुंड जाये तोह.

rema:-nai नै बहुत दर्द होता , मेने तोह सुना है , खून भी निकलता है.

rashmi:-are इक बार hi दर्द होता है , फेर चाहे दो दो लुंड इक साथ लेलो , कुश पता

नै चलता.

rema:-tune कितने लुंड लये hain.muze तोह नै लगता तू चूड़ी होगी.

rashmi:-abb तुझे कैसे बातों , ाचा चल उस गन्ने के खेत मैं.

rema:-main क्यों जाओ , मुझे नै जाना.

रश्मि कुश नै सुनती और रमा को उस गन्ने के खेत मैं ले जाती hai.rashmi वह

जाते hi रमा को खड़ा कर देती hai.rema हरिण हुई उसकी तरफ देखती रहती है.

रश्मि अपने घागरा उतर कर इक तरफ रख देती hai.rashmi की मोती जंगे , जो के दूध

जैसी सफेद होती है , वो रमा के सामने नंगी हो जाती है.

रमा की नज़र रश्मि की छूट पर जाती hai.ghane काळा बालो से भरी छूट फुल्ली हुई

thi.baalo ने उसका छेद छुपा रखा tha.chut का दाना भी नै दिख रहा था.

rema:-ye क्या है , इतने सरे बाल.

रश्मि , रमा की बात सुन है देती है.

rashmi:-yar मुझे अपनी छूट पर बाल बहुत अचे लगते है.

इतना बोल रश्मि अपनी छूट को हथु की उंगलयों से अपनी छूट छोड़ रही थी.

रमा की हालत बहुत खरब हो चुकी thi.uski छूट गीली हो चुकी thi.rema जल्दी जल्दी

वह से भाग gai.bhagte हुए भी उसके कानो मैं रश्मि की सिस्कियाँ सुनाई दे रही

thi.ganne के खेत से बहार आने के बाद रमा अपनी सांसो को काबू मैं करने

lagi.uski कुवारी चुच्यां उसके साँस लेने से ऊपर निचे हो रही थी.

रमा मुस्कृति होइ अपने खेत की तरफ बढ़ने lagi.abhi भी उसकी छूट मैं पानी का

रिसाव सुरु हो गया था.......

तो बे कुनिटेड.....
 


अपडेट-3

रमा जब खेत गई तोइन उसने देखा के उसका भाई पसीने से लथपथ tha.uska कसरती

मज़बूत जिसम पानी पानी हो गया tha.rema अपने होंठ काट टी हुई वह पास hi बेथ गई.

जब रवि की नज़र रमा पर पड़ी तोइन वो भी वह आकर बेथ गया.

"भइआ अप्प थक तोह नै गए ,अज्ज काम बहुत जयादा है kya"rema मुस्कृति हुई

पूछती है.

"नै बहाना काम तोह ज्यादा नै , पर गर्मी बहुत ज्यादा hai"ravi ने अपने चेहरा

अपने गमछे से साफ करते हुए कहा.

"भइआ अज्ज मौसम कुश ठीक नै लग रहा , लगता है बारिश hogi"rema ने ऊपर

आसमान की तरफ देखते हुई बोली.

"हैं मुझे भी लगता है "पर फेर रवि खाना खाने लगता है.

रवि अपनी बहिन से कुश पूछना चाहता था , पर दर के मरे पूछ नै प् रहा था

, उसे दर था कही रमा घर न बता दे.

रवि की नज़रे रमा के मस्त सरीर पर घूम रही thi.vo दोनों इक लकड़ी के घाटे पर

बैठे थे , रमा का घागरा उसकी घुट्नु तक था , उसकी गोरी पिण्डलिया रवि

ko.madhosh कर रही थी , अचानक रवि ने देखा के रमा ने अपनी चुनरी उतर के इक

साइड मैं रख दी hai.uski चोली मैं ढकी उसकी मोती चुके , उसकी गोलाई , उसका

तीखापन , उफ्फ्फ रवि का लुंड जटके खता हुआ खड़ा हो गया.

"भइआ तुम्हारे वो लफंगे दोस्त खाई नज़र नै एते आजकल "रमा ने रवि जंगो के

बेच देखते हुए कहा.

"कोण , कालू और राजू , होंगे यही , मैं भी नै मिला उनको कई दिनों se"ravi ने हस्ते

हुए कहा.

"भइआ मुझे खेतो मैं घूमना hai"rema ने उठते हुए कहा.

रवि अपनी बहिन की मदमस्त जवानी देख पागल हो gya.ravi ने खाना ख़तम किया

और रमा को घूमने लेकर जाने लगा.

रमा , रवि के अग्गे चल रही thi.vo दोनों इक नाले के ऊपर चल रहे थे , जिस से खेतो

मैं पानी जाता tha.achank रमा का पेअर फिसल गया , वो उस नाले मैं गिर gai.ravi ने

जल्दी से उसे बहार निकला.

उसकी मोट्यां चुचिअन अब पानी से बिहग चुकी thi.ravi ने देखा के घागरा एकदम

रमा की मस्तानी मोती गांड से चिपक गया है , और उसकी चितदो की दरार अब रावज को

दिखाई दे रही thi.uski गांड की दरार मैं पानी की बुँदे टपक रही थी.

रमा एकदम मस्त माल लग रही thi.uski उबरी हुई छाती , पतली कमर , बहार को

निकली मोती गांड , रवि से और सेहन न हुआ.

वो अग्गे बड़ा और रमा को अपनी गॉड मैं उठा lya.rema इकटक रवि के चेहरे को

देखने lagi.ravi का हाथ अपनी बहिन की मोती गांड पर था , और रवि मौका देख कर

रमा की गांड भी दबा रहा tha.rema की चुचिअन अपने भाई की छाती मैं धस रही

thi.ravi का लुंड उसकी धोती मैं तम्बू बना हुआ था.

रमा ने अपनी चेहरा अपने भाई के सीने पर लगा diya.rema को अपने बही के सीने

पर इक अजीब सी खुसबू ayi.yeh रवि के पसीने की खुसबू thi.rema वो खुसबू संगति

हुई , अपनी अखन बंद कर लेती है.

अचानक रमा को लगा के वो किसी चीज़ पर लेट गई hai.usne अपनी अखन खोल देखा

तोह वो के खत पर लेती हुई thi.usne देख के रवि उअके पैरो के पास बैठा था.

"भइआ मैं तोइन पूरी बिहग गई हु , अब घर कैसे jaogi."rema ने अपने गीले कपडे

अपने भाई को दिखते हुए कहा.

रवि कुश पल सोचता रहा , और फिर बोलै "इक काम कर तू यह कपडे उतर कर वो चादर

लपेट ले , तब तक यह सुख jaige"ravi ने इक चादर रमा को देते हुए कहा.

इतना बोल रवि उस कमरे से बहार निकल gya.ravi उस झोपड़ी के पीछे गया , और वह कोई

छेद ढूढ़ने lga.akhir इक छोटा सा छेद उसे दिख hi gya.ravi ने अपनी अखन उस छेद

पर लगा ली.

झोपड़ी के अंदर देख उसका लुंड धोती फाड़कर बहार आने लगा.

रमा अपनी चलाई उतर चुकी थी , उसके बड़े बड़े दूध इक पल मैं आज़ाद हो gye.ravi

ने मन मैं सोचा कितनी बड़ी बड़ी चुचिअन हैं दीदी की , और कठोर भी बहुत है ,

इक बार दबाने को मिल जाये तोइन मज़ा ा जाये.

रमा थोड़ी ज़ुकी तोह उसके मोठे चुके निचे की और लटक gye.ravi ने तेज़ तेज़ अपने

लुंड को हिलना सुरु कर दया.

रमा ने अपना घागरा भी उतर dya.rema की फुल्ली हुई मस्त छूट देख रवि के मोह

मैं पानी ा gya.ravi ऊपर से निचे तक अपनी बहिन को देखने laga.uski गोरी

पिण्डलिया , उसकी मोती माखन जैसे जंगे , फुल्ली हुई छूट और पतली चिकनी कमर , उसकी

कैसे हुए मोठे चुके.

रवि और सेहन न कर पाया , उसके लुंड ने अपना पानी छोड़ diya.pehli बार अपनी बहिन

को नंगा देखा था , रवि तोह मज़े के सागर मैं दुब gya.kafi वख्त तक उसका

लुंड अपना माल छोड़ता reha.fer रवि उठा और अंदर की तरफ चल दया.

अब रवि ने सोच लिया था के अपनी बहिन को चोदे बिना नै जायेगा.........
 


अपडेट-4

रवि झोपड़ी के अंदर गया तोह रमा इक चादर लपेटे हुए बैठी thi.ravi उसकी इक साइड

मैं खत पर बेथ gya.bahar का मौसम बहुत ख़राब था ,.लगता था कुछ hi टाइम

मैं बारिश सुरु हो जाएगी.

रवि और रमा खोमश बैठे थे , वो आपस मैं बात भी काम कर रहे the.abhi अभी

जब रवि ने रमा को अपनी गॉड मैं उठया था तोह उसके कुंवारे जिस्म पर रवि के

हाथ लगने से उसके पोरे जिस्म मैं इक मस्ती की लहर स दौड गई थी.

रमा अपनी छोटे भाई की और देख मुस्करा रही thi.rema की अखन तोह अपनी भाई की

और थी , पर उसका मन अपनी छूट मैं हो रहे गीलेपन पर tha.rema की छूट पनिया

रही थी.

रमा ने चादर के अंदर से hi अपनी छूट को हाथ लगया तोह मज़े , और मस्ती के

मरे उसकी आँखें बंद हो gai.usne अपनी जीब अपने गुलाबी होंठो पर फेर दी.

रवि ने रमा की और देखा जो अपनी जीब अपने होंठो पर फेर रही थी , रवि के मोह

मैं पानी ा gya.uska दिल किया अभी पकड़ कर अपनी बहिन के रास भरे होंठ चूस

de.par वो जल्दबाजी मैं काम बिगड़ना नै चाहता था.

कुछ देर दोनों ने अपनी छुपी todi.bahar अब बारिश भी तेज़ हो गई थी.

"भाई बहार तोह बारिश हो रही है , अब यह कब बंद hogi"rema ने बहार की और

देखते हुए बोली.

"क्यों तुझे ठण्ड लग रही है , बस कुज hi देर बारिश chalegi"ravi ने मुस्कराते हुए

कहा.

"हूँ , मुझे भी यही लगता है , ाचा भाई इक बात puchu"rema ने रवि चोदे सीने

इक और देखते हुए बोली.

"हैं बहाना puch"ravi रमा की गुलाबी होंठ देखता हुआ बोलै.

"भइया अप्प को गाओं मैं कोई लड़की पसंद है , या nai"rema ने नज़रे निचे कर

पूछा.

"क्यों तुझे क्यों जानना है , मैं क्यों बाटयो tuze"ravi हस्ते हुए बोलता है.

"बस ऐसे hi पूछ लय , रहने दो अगर नै बताना toh"rema ने इक बार रवि की आँखों

मैं देखा.

"नै नै , ऐसी बात नै है , मुझे तोह कोई लड़की अछि नै लगती गाओं main"ravi ने

बेझिजक जवाब दे दया.

"पर क्यों , ाचा भइआ मेने सुना है , अप्प चिलम भी पेट ho"rema ने जैसे रवि की

कोई चोरी पकड़ी हो , और अब्ब उसे बता रही हो.

रवि के चेहरे के रंग उड़द gye.usne सोचा अग्गर रमा ने माँ को बता दिया तोह

काफी मर पड़ेगी.

"तट तुझे किसने कहा yeh"ravi ने डरते हुए पूछा.

"अरे भइआ दर क्यों रहे हो , मैं किसी को नै batugi"rema की गुलाबी होंठो पर इक

मुस्कान फ़ैल गई.

"ाचा दीदी , तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया , पर तुम कैसे पता lga"ravi अब भी वो

बात जानना चाहता था.

"भइआ वो मेने आपकी कमीज़ मैं वो चिलम पीने वाली नाली देखि thi."rema ने रवि

को सच बताते हुए कहा.

"ाचा तोह ये बात है , मैं तुम चिलम पि कर dikhu"ravi ने हस्ते हुए कहा.

"ठीक है भइआ दिखू muze"rema , रवि की और इकटक देखते हुए बोली.

रवि ने अपने कुर्ते से चिलम पीने के वो नाली निकली , फेर उसमे भांग की पतयां

मसल कर डाली , और फेर उन पतयां का मसाला उस पाइप मैं दाल दिया.

अब उस पाइप को अपनी मुठी मैं कास कर पकड़ लय , और रमा की और देख ते हुए बोलै.-

---"बहाना तुम इसके पाइप के मोह पर अग्ग जलाओ."

रमा हस्ते हुए माचिस उठ कर लती है और उस पाइप को जलने की कोससिह करती है ,

पर हवा तेज़ थी इस लिए माचिस जल hi नै रही thi.kafi म्हणत करने के बाद माचिस

जाली और रवि की नक् मैं से धूना उठने lga.rema अपने भाई को इकटक देखि जा

रही थी.

रवि अपनी अखन बंद किये चिलम पिता जा रहा tha.kafi देर बाद रवि ने पूरी चिलम

ख़तम कर di.ravi की अखन इक डैम लाल हो चुकी thi.bhang का पूरा नशा उस पर

चढ़ चूका था , अब उसे अपने सामने अपनी बहिन नै बल्कि इक कच्ची काली नज़र ा रही

थी , जिसे वो अभी पकड़ कर मसलना चाहता था.

"भइआ अप्प ठीक तोह hai"rema अपने भाई के पास होती बोली.

रवि ने रमा का हाथ पकड़ उसे अपने सीने से लगा lya.vo अब अपनी बहिन की आँखों

मैं देख रहा था.

"भइआ ये आप क्या कर रहे है , हम आपकी बहिन है , ये गलत hai"rema ने रवि को

पीछे करते हुए बोलती है.

रवि कुछ नै सुनता और रमा को उठा कर अपनी गॉड मैं बिठा लेता hai.ravi का

खड़ा लुंड रमा को अपनी गांड पर महसूस हो रहा tha.uske जिस्म पर अभी इक

चादर hi थी , अंदर से वो एकदम नंगी थी.

"क्या कर रहे ो भाई , अप्प ने भांग ज्यादा hi पे ली है , छोड़ो muze"rema अपने

भाई की बहो मैं kas-masati होइ बोलती है.

"बहाना इक बार पकड़ कर सेहला दो न "रवि , रमा की गर्दन पर अपने होंठ

रगड़ता हुआ बोलता है.

रमा तोह पागल हुई जा रही थी , वो अंदर से तोह यही चाहती थी के रवि उसे पकड़

कर निचोड़ डेल , पर इतनी जल्दी वो हां नै कर न चाहती थी.

"आठ नै भइआ मैं आपकी बहिन hu"rema , रवि के चेहरे को पीछे करती है , जो

उसकी गर्दन पर चिपका हुआ था.

रवि कुछ नै सुनता और रमा को खत पर पीछे धकेल देता है , रमा पीठ के बल

लेट जाती है.

रवि , रमा के ऊपर लेट जाता hai.ravi अपनी बहिन की आँखों मैं देखते हुए उसकी

चादर उतर कर इक साइड मैं कर देता है , रवि की आँखों के सामने उसकी बहिन की

मदमस्त जवानी ा जाती है.

रमा के मोठे मोठे चुके , उसकी चिकनी कमर , गहरी गोल नाभि , और उसकी छूट ,

जिसके दोनों होंठ आपस मैं जुड़े हुए थे .

रवि को इस त्र घूरता देख रमा शर्मा जाती है.

"भइआ अप्प मुझे ऐसे क्यों देख रहे है , मुझे शर्म ा रही hai"rema थोड़ा

मुस्करा कर बोलती है.

रवि अपनी बहिन की छूट के थोड़ा पास से बोलता hai.uff क्या छूट थी , एकदम नरम ,

और उसकी सुगंद रवि को पागल कर रही थी.

रवि अपनी मोती मोती उंगलिया से रमा की छूट को सहलाता hai.uska पानी रवि की

उंगलिया पर लग जाता है.

"आअह्ह्ह ष्ही भइआ मत करो , कुछ हो रहा hai"rema अपने होंठ काट टी होइ बोलती

है.

"बहाना तेरे छूट मैं खुजली हो रही है , मैं अभी डोर करता huu."etna बोलते hi

रवि रमा पर टूट पड़ता है.

रवि के जीब अब रमा की माखन जैसी जंगो पर चल रही thi.mare मज़े के रमा की

अखन बंद थी.

रवि अपना चेहरा रमा की छूट के पास करता hai.ravi अपनी बहिन की रैली छूट देख

अपने होश खो देता है , वो अपनी मोती उंगलिया से छूट की पहनको को अलग कर अपनी

इक ऊँगली छूट के लाल छेद मैं पेल देता है.

"आयी भइआ दर्द हो रहा है , निकालो bahar"rema अपने भाई का हाथ पीछे करने

लगती है.

रवि अपनी बहिन की छूट को पूरा खोल उसके छेद के पास अपना मोह करता hai.chut

से ा रही मादक खुशबु उसे पागल कर देती hai.veh अपनी बड़ी सी जीब बहार निकल

छूट के छेद मैं लगा उसे कास कद चूसने लगता hai.chut से बहार अत नमकीन पानी

वो चाट चाट कर पे रहा था.

आठ भइआ गुदगुदी हो रही है , रमा तोह मदहोश हो अपनी गांड उठा कर रवि के

मोह पर मर रही थी.

"बहिन क्या रसीली छूट है तेरी , अहह अज्ज सारा रास चूस लूंगा main"etna बोल रवि कास

कास कर छूट चाटने लगता hai.ravi अपने हाथ से छूट को फैला कर उसके लाल छेद के

अंदर अपनी जीब चला रहा tha.rema की छूट खूब पानी छोड़ रही थी , और रवि उसका

रसीला पानी कुत्ते की त्र चाट चाट कर पे रहा था.

"आठ भइआ छोड़ दो अह्ह्ह मज़ा ा रहा है , अह्ह्ह मुझे पेशाब लगी है , उफ्फ्फ्फ़ रुको

न , अह्ह्ह्ह आपके मोह मैं कर डोंगी मैं आह्हः छोड़ो muze"rema की छूट का

पहला पानी निकलने वाला था.

"आह्ह्ह्ह निकल दे मेरे मोह मैं , अह्ह्ह क्या छूट है तेरी , रवि और कास कर छूट

चूसने लगता hai.ravi ने चाट चाट कर रमा की छूट लाल कर दी थी.

रवि , रमा की छूट के डेन को खूब होंठो मैं ले कर चुस्त है ,

"आह्हः भइआ मैं गई , मेरा पिशाब पे लो अह्ह्ह पे lo"rema इक डैम से अपनी गांड

उठता देती है , रमा की छूट अपना पानी छोड़ने लगती hai.ravi उसकी छूट को होंठो

मैं भर सारा पानी पीने लगता hai.rema ठंडी होकर लेट जाती hai.ravi अपनी बहिन

की छूट का रसीला पानी आपभी भी पे रहा था.......

तो बे कुनिटेड....
 
अपडेट-5

रवि अपनी बहिन की छूट के पानी का इक इक कटरा चाट जाता है , वो उठ कर रमा की और

देखता है.

रमा मदहोश होइ अपनी अखन बंद कर लेती thi.use इस दुनिआ की कोई परवाह hi नै

thi.rema की साँस लेने से उसके मोठे चुके ऊपर निचे हो रहे थे.

रवि फेर से इक चिलम भरने लगता hai.kuj देर बाद ओह अपने अप्प चिलम जलाता है और

लम्बे लम्बे काश केचने लगता hai.rema अपनी अखन खोल अपने भाई की और देखती

है , जो अखन बंद किये चिलम पि रहा था.

रमा की नज़र अपनी भाई के मोठे लुंड पर जाती है , जो के उसकी धोती मैं तम्बू

बना हुआ tha.rema की छूट मैं फेर से खुजलाहट बढ़ने लगती hai.vo अपनी जंगे आपस

मैं रगड़ने लगती है.

रवि चिलम के दो चार काश कहचता है , और अपनी अखन खोल रमा के मस्त

गदराये हुए जिस्म को देखने लगता hai.ravi से और रुका नै जाता , वो अपनी इक ऊँगली

मोह मैं ले गीली करता है , और फेर रमा की छूट मैं घुसा देता है.

"अहह भैया क्या कर रहे ो , उफ़ मज़ा ा गया "रमा अपना हाथ अपने भइआ के हाथ

पर रखती होइ बोलती है.

रवि खड़ा होकर अपनी धोती निकल देता hai.uska 8 इंच का कला फनफनता लुंड

बहार निकल अत hai.rema हेरैं हुई उसके बड़े लुंड को देखने लग जाती hai.ravi अपने

लुंड पर हाथ रख उसे सेहला देता है.

"बहाना ाचा लगा मेरा lund"ravi हस्ते हुए बोलता है.

"हैं , पर ये तोह काफी बड़ा है , मेरी छूट फैट jayegi"rema शर्माती हुई बोलती है.

"अरे बहना कुश नै होगा , इक बार का दर्द है , फेर तोह मज़ा hi मज़ा है "रवि

हस्ता हुआ रमा को खात्या से उठा देता है.

रवि खुद लेट जाता है , और रमा को अपनी छूट मोह पर रखने के लिए बोलता है.

रमा अपनी छूट अपने भाई के मोह पर रख लेट जाती है , रमा की चेहरा अपने भाई

के मोठे लुंड के सामने था.

"आआअह्ह्ह बहाना चूस न मेरे लुंड ko"ravi सिसकी भरता हुआ अपनी बहिन की छूट मैं इक ऊँगली दाल देता है.

"आह्हः भइआ मुझे ाचा नै लगता "रमा अपनी छूट ऊपर की और करती होइ बोलती है.

"बहाना इक बार चूस कर देख , अह्ह्ह तुझे कितना मज़ा आएगा , मेरा लये चूस

ese"ravi अपनी इक और ऊँगली रमा की छूट मैं दाल देता है.

रमा कुश नै बोलती और अपने कोमल

, नरम हाथों मैं अपने भाई का मोटा लुंड पकड़ लेती hai.ravi का लुंड अपनी

बहिन के नाज़ुक हाथों मैं इक झटका मर देता hai.rema अपने भाई का लुंड धीरे

धीरे सहलाने लगती है.

रवि अपनी उँगलियों से रमा की छूट को खोल उसमे अपनी जीब दाल देता hai.ravi , रमा

की मस्त गांड को हाथो मैं पकड़ अपने मोह मैं दबा लेता है.

"अह्ह्ह भइआ अह्ह्ह और छतो अह्ह्ह अंदर तक डालो उफ्फ्फ ahhh"rema लुंड को सहलाती

होइ बोलती है.

फेर वो मदहोश हुई अपने लाल जीब निकल रवि के लुंड के मोठे टोपे को चट्टी hai.ravi

का पूरा जिस्म कम्प जाता hai.rema फेर से रवि के लुंड के चमड़ी पीछे कच्छ उसके

सूपड़ा बहार निकलती hai.mota सूपड़ा देख रमा और भी मदहोश हो jati.rema

अपने अखन बंद कर लुंड को मोह मैं भर लेती है.

"आठ बहाना , उफ्फ्फ जोर से चूस साली अह्ह्ह मज़ा ा गया "रवि के मोह से इक सिसकी निकल

जाती है.

रमा कास कर रवि का लुंड चूसने लगती hai.ab उसे भी मज़ा ा रहा tha.vo लुंड को

आधा मोह मैं लेती और कास कर चुस्ती हुई बहार निकल deti.ravi को लगता उसकी जान

लुंड के रस्ते बहार निकल रही हो.

रमा ने लुंड के सुपडे पर जीब घुमानी सुरु कर di.ravi और भी मदहोश हो

गया.

रवि ने अपनी जीब रमा के गांड के छेद मैं डालनी सुरु करदी .रमा तोह पागल हो

गई.

रवि छूट और गांड के छेद को चाटने lga.rema की छूट और पनिया gai.ravi उसकी छूट

के पानी चाटने लगा.

रीम की छूट मैं खुजली बढ़ती जा रही thi.vo अपनी छूट कास कर रवि के मोह पर

मरने lagi.rema से और सेहन न होया वो छिलने लगी.

"आह्हः भइया छोड़ दो अह्ह्ह्ह मर गई अह्ह्ह और मत तड़पाओ आठ जल्दी karo"rema की

सिस्कियाँ और तेज़ हो जाती है.

रवि इक जटके मैं रमा को निचे लेता deta.ravi अपनी बहिन रमा की जंगे उठा कर

अपने लुंड का टोपा उसकी छूट मैं फसा देता है.

"बहना अब तुझे दर्द होगा , थोड़ा सेहन कर लेना , फेर ये दर्द काम हो jayega"ravi

अपने लुंड के सुपडे को छूट छेद मैं रगड़ते हुए बोलता है.

"अह्ह्ह भइआ मैं सेह लुंगी"

रमा ने इतना hi बोलै था के रवि कास कर इक ढाका लगता है , आधे से जायदा लुंड

छूट को फाड़ता हुआ अंदर घुस जाता hai.ravi का मोटा लुंड अपनी बहिन की नाज़ुक सी

छूट मैं फसा हुआ tha.rema की अखन बहार को ा जाती a.ahhh भइआ मर गई बहार

निकालो अह्ह्ह जैसी अवाज़ा निकलने लगती है.

रवि रुकता नै और इक होर कास कर ढाका मर देता hai.pora लुंड छूट की देवरो को

छेरता हुआ जड़ तक घुस जाता है.

अह्ह्ह भइआ निकालो बहार , रमा बहुत चीखती चिलाती है , वो रोने लगती hai.par

रवि अपना लुंड उसकी छूट मैं फसाये रखता है.

रमा की छूट से खून बहने लगता hai.vo अपनी टंगे ehder-oder मर रही थी.

रवि , रमा के मोठे मोठे चुचु को दबाने लगता hai.ravi उसके चुचु को कास कास

का निचोड़ता है , वो कबि उसके चुचु को दबाता है , कभी उनके निपलो को मरोड़

देता hai.dhere धीरे रमा अपना दर्द भूलने लग जाती है.

रवि अपनी बहिन के इक चुकी ko.moh मैं बहार हामृऊछह कर चूसने लग

जाता hai.koi 10 मिंटो तक रवि अपनी बहिन के चुके दबा दबा कर लाल कर देता

hai.rema फेर से मदहोश होने लगती hai.vo अपनी मोती गांड को ऊपर उठा छूट मैं

लुंड को हिलने लगती hai.vo रवि की कमर को अपने ऊपर दबाने लगता है.

रवि अपनी बहिन से चिपक कर ढके मरने लगता hai.rema अपनी टंगे उठा अपने

भाई की कमर मैं लपेट लेती hai.vo अपने गांड उठा कर अपने भाई का मोटा लुंड

छूट मैं लेने लगती है.

रवि को बहुत मज़ा ा रहा था अपनी बहिन को छोड़ने main.kyu की उसकी छूट ने

लुंड को पूरा जकड रखा tha.ravi अपनी पूरी जान लगा सटासट लुंड पेल रहा था.

रमा भी अह्ह्ह भइआ अह्ह्ह तेज़ मारो अह्ह्ह जिअसि सिस्कियाँ भरी अवाज़ा निकल रही थी.

कुश देर बाद रवि रमा की टंगे उठा अपने कंडे पर रख लेता hai.ab रमा की

छूट फुल कर ऊपर की तरफ हो गई thi.ravi छूट पर लुंड रख इक कास कर ढाका मरता

फातच की आवाज़ करता लुंड जड़ तक छूट मैं समै जाता है.

"आह्ह्ह्ह भइआ अहह तुम बड़े जालिम हो अह्ह्ह्ह धीरे करो अह्ह्ह ओह्ह मा मज़ा ा

gya"rema अपनी भाई के कमर पर हाथ रख बोलती है.

रवि अपनी बहिन की मस्त चुके मसलते हुए ढके मरने लगता hai.bahar बारिश

हो रही थी , इस बारिश मैं झोपड़ी मैं थप थप थप पांच पांच पांच अह्ह्ह

ओह्ह्ह्ह अहह जैसी अवाज़ा ा रही thi.rema की छूट अब चिकनी हो गई थी , लुंड बड़ी तेज़ी से

फिसलता हुआ अंदर बहार हो रहा tha.ravi ने कास कर ऐसे ढके छूट मैं लगये के

खात्या भी छ्हूउउ चूऊउ चाररररर चर्रर्र चूऊउ जैसी अवाज़ा करने

lagi.ravi के तूफानी लुंड अपना पूरा केहर अपनी बहिन की छूट पर ध रहा था.

रमा से और रुका नै गया वो जटके कहती होइ रवि से चिपक gai.usne अपनी टंगे रवि

के कंदो मैं जकड ली.

"आआह्ह्ह्ह भइआ मैं जड़ गई अह्ह्ह मैं gai"rema चिलाती होइ जड़ रही थी.

रवि उठा और उसने अपनी चिलम से खींच कर दो चार काश lagye.or रमा का हाथ

पकड़ उसे

खात्या पर घोड़ी बना diya.ravi , रमा के पीछे आया और अपना लुंड उसकी रास भरी

मस्त छूट पर टिका के कास कर ढाका मारा , फातच की आवाज़ करता लुंड फिरसे जड़ तक

छूट मैं घुस गया.

रवि ने अपनी बहिन की गांड पकड़ कर तेज़ तेज़ ढके लगाने सुरु कर diye.lund किसी

पिस्टन की तरह अंदर बहार होने लगा.

"आह्हः भइआ अहह मज़ा ा रहा है अह्ह्ह मेरी सवारी करो अह्ह्ह्ह क्या लुंड है तेरा

अह्ह्ह्ह "रमा अपनी गांड पीछे करती हुई बोलती है.

रवि अपनी बहिन की चितदो पर कास कास कर थपड मरता हुआ उसकी छूट की धजया

उड़ने लगता है.

रवि , रमा के ऊपर झुक उसके मोठे हिलते हुए चुचु को मसलने लगता hai.ravi अपनी

मस्त घोड़ी बहिन की घोड़ सवारी कर रहा था.

करीब 20 मिंटो तक छूट मरने के बाद रवि अपना पानी अपनी बहिन की छूट की

गेहरायों मैं छोड़ देता hai.rema दो बार जड़ चुकी थी. वो पेट के बल खात्या पर

लेट जाती hai.ravi भी उसकी छूट मैं लुंड फसये उसके ऊपर लेट जाता है.......

तो बे कुनिटेड.....
 
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