अपडेट-4
रवि झोपड़ी के अंदर गया तोह रमा इक चादर लपेटे हुए बैठी thi.ravi उसकी इक साइड
मैं खत पर बेथ gya.bahar का मौसम बहुत ख़राब था ,.लगता था कुछ hi टाइम
मैं बारिश सुरु हो जाएगी.
रवि और रमा खोमश बैठे थे , वो आपस मैं बात भी काम कर रहे the.abhi अभी
जब रवि ने रमा को अपनी गॉड मैं उठया था तोह उसके कुंवारे जिस्म पर रवि के
हाथ लगने से उसके पोरे जिस्म मैं इक मस्ती की लहर स दौड गई थी.
रमा अपनी छोटे भाई की और देख मुस्करा रही thi.rema की अखन तोह अपनी भाई की
और थी , पर उसका मन अपनी छूट मैं हो रहे गीलेपन पर tha.rema की छूट पनिया
रही थी.
रमा ने चादर के अंदर से hi अपनी छूट को हाथ लगया तोह मज़े , और मस्ती के
मरे उसकी आँखें बंद हो gai.usne अपनी जीब अपने गुलाबी होंठो पर फेर दी.
रवि ने रमा की और देखा जो अपनी जीब अपने होंठो पर फेर रही थी , रवि के मोह
मैं पानी ा gya.uska दिल किया अभी पकड़ कर अपनी बहिन के रास भरे होंठ चूस
de.par वो जल्दबाजी मैं काम बिगड़ना नै चाहता था.
कुछ देर दोनों ने अपनी छुपी todi.bahar अब बारिश भी तेज़ हो गई थी.
"भाई बहार तोह बारिश हो रही है , अब यह कब बंद hogi"rema ने बहार की और
देखते हुए बोली.
"क्यों तुझे ठण्ड लग रही है , बस कुज hi देर बारिश chalegi"ravi ने मुस्कराते हुए
कहा.
"हूँ , मुझे भी यही लगता है , ाचा भाई इक बात puchu"rema ने रवि चोदे सीने
इक और देखते हुए बोली.
"हैं बहाना puch"ravi रमा की गुलाबी होंठ देखता हुआ बोलै.
"भइया अप्प को गाओं मैं कोई लड़की पसंद है , या nai"rema ने नज़रे निचे कर
पूछा.
"क्यों तुझे क्यों जानना है , मैं क्यों बाटयो tuze"ravi हस्ते हुए बोलता है.
"बस ऐसे hi पूछ लय , रहने दो अगर नै बताना toh"rema ने इक बार रवि की आँखों
मैं देखा.
"नै नै , ऐसी बात नै है , मुझे तोह कोई लड़की अछि नै लगती गाओं main"ravi ने
बेझिजक जवाब दे दया.
"पर क्यों , ाचा भइआ मेने सुना है , अप्प चिलम भी पेट ho"rema ने जैसे रवि की
कोई चोरी पकड़ी हो , और अब्ब उसे बता रही हो.
रवि के चेहरे के रंग उड़द gye.usne सोचा अग्गर रमा ने माँ को बता दिया तोह
काफी मर पड़ेगी.
"तट तुझे किसने कहा yeh"ravi ने डरते हुए पूछा.
"अरे भइआ दर क्यों रहे हो , मैं किसी को नै batugi"rema की गुलाबी होंठो पर इक
मुस्कान फ़ैल गई.
"ाचा दीदी , तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया , पर तुम कैसे पता lga"ravi अब भी वो
बात जानना चाहता था.
"भइआ वो मेने आपकी कमीज़ मैं वो चिलम पीने वाली नाली देखि thi."rema ने रवि
को सच बताते हुए कहा.
"ाचा तोह ये बात है , मैं तुम चिलम पि कर dikhu"ravi ने हस्ते हुए कहा.
"ठीक है भइआ दिखू muze"rema , रवि की और इकटक देखते हुए बोली.
रवि ने अपने कुर्ते से चिलम पीने के वो नाली निकली , फेर उसमे भांग की पतयां
मसल कर डाली , और फेर उन पतयां का मसाला उस पाइप मैं दाल दिया.
अब उस पाइप को अपनी मुठी मैं कास कर पकड़ लय , और रमा की और देख ते हुए बोलै.-
---"बहाना तुम इसके पाइप के मोह पर अग्ग जलाओ."
रमा हस्ते हुए माचिस उठ कर लती है और उस पाइप को जलने की कोससिह करती है ,
पर हवा तेज़ थी इस लिए माचिस जल hi नै रही thi.kafi म्हणत करने के बाद माचिस
जाली और रवि की नक् मैं से धूना उठने lga.rema अपने भाई को इकटक देखि जा
रही थी.
रवि अपनी अखन बंद किये चिलम पिता जा रहा tha.kafi देर बाद रवि ने पूरी चिलम
ख़तम कर di.ravi की अखन इक डैम लाल हो चुकी thi.bhang का पूरा नशा उस पर
चढ़ चूका था , अब उसे अपने सामने अपनी बहिन नै बल्कि इक कच्ची काली नज़र ा रही
थी , जिसे वो अभी पकड़ कर मसलना चाहता था.
"भइआ अप्प ठीक तोह hai"rema अपने भाई के पास होती बोली.
रवि ने रमा का हाथ पकड़ उसे अपने सीने से लगा lya.vo अब अपनी बहिन की आँखों
मैं देख रहा था.
"भइआ ये आप क्या कर रहे है , हम आपकी बहिन है , ये गलत hai"rema ने रवि को
पीछे करते हुए बोलती है.
रवि कुछ नै सुनता और रमा को उठा कर अपनी गॉड मैं बिठा लेता hai.ravi का
खड़ा लुंड रमा को अपनी गांड पर महसूस हो रहा tha.uske जिस्म पर अभी इक
चादर hi थी , अंदर से वो एकदम नंगी थी.
"क्या कर रहे ो भाई , अप्प ने भांग ज्यादा hi पे ली है , छोड़ो muze"rema अपने
भाई की बहो मैं kas-masati होइ बोलती है.
"बहाना इक बार पकड़ कर सेहला दो न "रवि , रमा की गर्दन पर अपने होंठ
रगड़ता हुआ बोलता है.
रमा तोह पागल हुई जा रही थी , वो अंदर से तोह यही चाहती थी के रवि उसे पकड़
कर निचोड़ डेल , पर इतनी जल्दी वो हां नै कर न चाहती थी.
"आठ नै भइआ मैं आपकी बहिन hu"rema , रवि के चेहरे को पीछे करती है , जो
उसकी गर्दन पर चिपका हुआ था.
रवि कुछ नै सुनता और रमा को खत पर पीछे धकेल देता है , रमा पीठ के बल
लेट जाती है.
रवि , रमा के ऊपर लेट जाता hai.ravi अपनी बहिन की आँखों मैं देखते हुए उसकी
चादर उतर कर इक साइड मैं कर देता है , रवि की आँखों के सामने उसकी बहिन की
मदमस्त जवानी ा जाती है.
रमा के मोठे मोठे चुके , उसकी चिकनी कमर , गहरी गोल नाभि , और उसकी छूट ,
जिसके दोनों होंठ आपस मैं जुड़े हुए थे .
रवि को इस त्र घूरता देख रमा शर्मा जाती है.
"भइआ अप्प मुझे ऐसे क्यों देख रहे है , मुझे शर्म ा रही hai"rema थोड़ा
मुस्करा कर बोलती है.
रवि अपनी बहिन की छूट के थोड़ा पास से बोलता hai.uff क्या छूट थी , एकदम नरम ,
और उसकी सुगंद रवि को पागल कर रही थी.
रवि अपनी मोती मोती उंगलिया से रमा की छूट को सहलाता hai.uska पानी रवि की
उंगलिया पर लग जाता है.
"आअह्ह्ह ष्ही भइआ मत करो , कुछ हो रहा hai"rema अपने होंठ काट टी होइ बोलती
है.
"बहाना तेरे छूट मैं खुजली हो रही है , मैं अभी डोर करता huu."etna बोलते hi
रवि रमा पर टूट पड़ता है.
रवि के जीब अब रमा की माखन जैसी जंगो पर चल रही thi.mare मज़े के रमा की
अखन बंद थी.
रवि अपना चेहरा रमा की छूट के पास करता hai.ravi अपनी बहिन की रैली छूट देख
अपने होश खो देता है , वो अपनी मोती उंगलिया से छूट की पहनको को अलग कर अपनी
इक ऊँगली छूट के लाल छेद मैं पेल देता है.
"आयी भइआ दर्द हो रहा है , निकालो bahar"rema अपने भाई का हाथ पीछे करने
लगती है.
रवि अपनी बहिन की छूट को पूरा खोल उसके छेद के पास अपना मोह करता hai.chut
से ा रही मादक खुशबु उसे पागल कर देती hai.veh अपनी बड़ी सी जीब बहार निकल
छूट के छेद मैं लगा उसे कास कद चूसने लगता hai.chut से बहार अत नमकीन पानी
वो चाट चाट कर पे रहा था.
आठ भइआ गुदगुदी हो रही है , रमा तोह मदहोश हो अपनी गांड उठा कर रवि के
मोह पर मर रही थी.
"बहिन क्या रसीली छूट है तेरी , अहह अज्ज सारा रास चूस लूंगा main"etna बोल रवि कास
कास कर छूट चाटने लगता hai.ravi अपने हाथ से छूट को फैला कर उसके लाल छेद के
अंदर अपनी जीब चला रहा tha.rema की छूट खूब पानी छोड़ रही थी , और रवि उसका
रसीला पानी कुत्ते की त्र चाट चाट कर पे रहा था.
"आठ भइआ छोड़ दो अह्ह्ह मज़ा ा रहा है , अह्ह्ह मुझे पेशाब लगी है , उफ्फ्फ्फ़ रुको
न , अह्ह्ह्ह आपके मोह मैं कर डोंगी मैं आह्हः छोड़ो muze"rema की छूट का
पहला पानी निकलने वाला था.
"आह्ह्ह्ह निकल दे मेरे मोह मैं , अह्ह्ह क्या छूट है तेरी , रवि और कास कर छूट
चूसने लगता hai.ravi ने चाट चाट कर रमा की छूट लाल कर दी थी.
रवि , रमा की छूट के डेन को खूब होंठो मैं ले कर चुस्त है ,
"आह्हः भइआ मैं गई , मेरा पिशाब पे लो अह्ह्ह पे lo"rema इक डैम से अपनी गांड
उठता देती है , रमा की छूट अपना पानी छोड़ने लगती hai.ravi उसकी छूट को होंठो
मैं भर सारा पानी पीने लगता hai.rema ठंडी होकर लेट जाती hai.ravi अपनी बहिन
की छूट का रसीला पानी आपभी भी पे रहा था.......
तो बे कुनिटेड....