Antarvasnax काला साया – रात का सूपर हीरो
09-17-2021, 12:07 PM,
#21
RE: Antarvasnax काला साया – रात का सूपर हीरो
(UPDATE-21)

और फिर लंड को फहक्च से निकलकर कुटुम्ब के छातियो से लेकर नाभी तक रस को झधता रहता है…कुटुम्ब वैसे ही पड़ी रही और शांतलाल का शिकार हो गयी….शांतलाल ने जब अपना मंसूबा उसे बताया तो कुटुम्ब उसके सामें हाथ पैर जोड़ने लगी और उससे एम एम एसे माँगी….शांतलाल ने ज़ोर से तहाका लगाया और बताया की उसके बेटे का ऐसा कोई एम एम एसे था ही नहीं

ये सुनते ही कुटुम्ब की ज़मीन खिसक गयी यानि ऊसने बेमतलब में एक धमकी से शांताल्ल के आगे घुटने तक दिए वॉ ज़ोर से रोने लगी शांताल बस मुस्कुराकर एक जगह बैठकर भीड़ी फहुंकने लगा..”चल छल्ल अब ज्यादा ड्रामा मत कर”….इतना कहते हुए वॉ अपन पेंट पहने बाहर निकल गया जब वो वापिस आया तो ओसॉके हाथ में कुछ तस्वीरें थी जो एकदम गरम हो रही थी शायद अभी के अभी प्रिंट्स निकले हुए थे कमरा से

उसे कुटुम्ब के सामने बिखेरते ही कुटुम्ब एकदम से काँप उठी…ये शांतलाल और उसके बीच की चुदाई का सारा सीन था…”हाहाहा मेरा क्यः आई? अपुन तो वैसे ही बदनाम है पर गैर आदमी के साथ तालूक़ है तेरा चुदाई की है ये तो पूरी दुनिया जान जाएगी”…..कुटुम्ब एकदम से क़ास्सके शांतलाल को एक थप्पड़ मार्टी है शांतलाल का पड़ा चाहड़ज आता है और वो कुटुम्ब दो तीन थप्पड़ जधढ देता हे कुटुम्ब रोने लगती है

शांतलाल पास से गुण निकालके कुटुम्ब के सर पे लगा देता है “बहेनचोड़ रंडी बहुत पार निकल रहे है तेरे बीए तू देख तू तो मेरी रखैल बनेगी ही बनेगिइ”……कुटुम्ब काँपने लगती है और ठीक उसी पल शांतलाल मुस्कुराकर गुण बिस्तर पे फ़ेक देता है और कुटुम्ब का बाल क़ास्सके जकड़ लेता है….”अब बता तू मेरी रंडी है की नहीं? मुझपर हाथ उठाने से पहले सोच ले ये फोटोस तेरा पति अपनी आंखों से देखेगा की ऊस्की बीवी उसके कट्टर दुश्मन के सात सोई है और फिर कौन यकीन करेगा तुझपे तू खुद अपने मर्जी से यहां आयआई होटल में मिया बीवी बनकर मेरे साथ सोईइ हाहाहा”…..कुटुम्ब के पास सही में कोई चारा नहीं था तभी एकदम से शांतलाल हिल पड़ा…उसके भेजे से खून बहाने लगा और कुछ चीटें कुटुम्ब के छाती पे परे जहां उसके लंड का पानी वैसे ही बह रहा था कुउतुंब कुछ समझ अँहि पाई की इतने कम वक्त में आख़िर क्या हुआ?

जल्द ही शांतलाल के भेजे में लगी गोली धंस गयी और शांतलाल पीछे जैसे पलटा काला साया को खड़ा पाया…शांतलाल उसे देखकर वही गिर पड़ा…कुटुम्ब नंगी थी वो अपने छाती पे हाथ रखकर काला साया को देखत इहाई और एकदम से काला साया उसे घूर्र रहा होताः आई उसके गुण से धुंआ निकल रहा है…और एकदम से वो गुण कुटुम्ब के हाथ पे फैक देता है…कुटुम्ब एकदम सहम जाती है वो अपने हाथों से वो गुण फैक्के उठ जाती है

काला साया : तू सोच रही होंगी मैं यहां कैसे? ये ज़लील इंसान तो वैसे ही कमीना था…इसने तो अपना बदला ले लिया और मर भी गया पर तू अकेले इसके साथ बंद कमरे में सोई भी और इसका क़त्ला कर डाला
कुटुम्ब : न्न्न..नहीं ये नहीं हो सकता ये झूठ हाईईइ मैंने इसे
काला साया : इसने तुझे ब्लैकमेल करके यहां बुलाया तूने अपनी और इसकी तस्वीर देखी सहएमे और डर से तूने इस पे गोली चलाई और इसे मर डाला पुलिस यहां राइड करने आ रही है तुझे देखेगी इसकी लाश देखेगी फिर तू वैसे ही बदनाममम

कुटुम्ब एकदम से हताश हो गयी…काला साया ने रूमाल से ऊस गुण को उठाया जिससे ऊसने शांतलाल का कत्ल किया था…शांतलाल के सर से खून बह रहा था ऊसने किनारे से गुण उठाया रूमाल से और बिस्तर पे पड़ी वॉ गुण का सेफ्टी लॉक खोला….”असल में ये गुण मिर है शांतलाल के पास जो गुण थी ये वही है…और ये गुण जो मेरे हाथ में थी वॉ शांतलाल की है शांतलाल का गुण इस घर में बिस्तर पे रखा है इस पे तेरे उंगलियों के निशान गुण कोएदुम से पकड़ने से पढ़ गये है अब ये सबूत तुझे फाँसी तक पहुचाएगा लपटे में तेरा हज़्बेंड और बेटा आएगा”…..कुटुम्ब अब काला साय के पैर पे गिरके रोने लगी

कुटुम्ब : मुझे मांफ कर दे काला साया मैंने कुछ नहीं किया मुझे फ़साया गया हाीइ प्लीज़ मुझे बच्चा ले मैं मररणा नहीं चाहतीई
काला साया : तूने जो सलूक दिव्या के साथ किया और ऊस्की ये सजा है सिर्फ़ उसके लिए नहीं तेरे बेटे ने लाखों की जिंदगी बर्बाद तेरे पति ने हज़ारों औरतों का घर उजाड़ दिया अब बोल मैं तुझे क्या सजा दम? ये सजा तो फिर भी कम है की मैं तुझे सीधे गोली मारा नहीं
कुटुम्ब : प्लीज़ काला साया मैंने तेरे आगे हाथ जोधती हूओ प्लीज़
काला साया : इसने तेरा वीडियो बना लिया है उसे तो मैंने अपने पास रख लिया है लेकिन मैं तुझेटबटालक नहीं बक्षुंगा जबतक तू प्रस्चीत नहीं कर लेती
कटुउंब : तू जो बोलेगा मैं करूँगी

काला साया ने फौरन कुटुम्ब को उठाया और उसे जल्दी से उसे सारी दी ब्लाउज और पेटीकोट फटा हुआ था….ब्रा और पैंटी फॅट चुकी थी शांतलाल ने उसके साथ बहुत ज़बरदस्ती की थी…काला साया बस कुटुम्ब के शरीर को घूर्र रहा था…कुटुम्ब ने जैसे तैसे खुद को साफ करके सारी पहनी…और फिर काला साय ने ऊन फोटोग्राफेस को बंड्ल बनकर अपने जेब में रख लिया और कुटुम्ब का हाथ पकड़े उसे बाहर ले आया…काला साया ने रिसेप्षनिस्ट पे बैठे लड़के को देखा और उसे उसी पल गोली दंग दी…कसूर उसका सिर्फ़ यही था की ऊसने होटल के याध में लाखों कपल्स के अश्लील एम एम एसे स्कॅंडल किए थे सबूत वहां मौज़ूद था ऊन कैमरा में

कुटुम्ब : तुम प्ल्स वो वीडियो डेलीट कर दो मैं बदनाम नहीं होना छाती
काला साया : दररो नहीं वो सब मैं पहले ही कर चुका हूँ ऊस्की एक सीडी मेरे हाथ में हे अब चुछाप चलो

काला साया ने एक जीप पे कुटुम्ब को बिठाया और बहुत ही गुप्त रूप से वहां से फरार हो गया…कुटुम्ब पूरे रास्ते काँप रही थी अभी कुछ देर पहले जो कुछ हुआ वो उसके आंखों से गया नहीं खून का इल्जाम ऊसपे था…पूरा सबूत काला साया के पास अब उसका बचना ननूमकिन सा लग रहा था….पर यहां भी काला साय ने चाल खेली

ऊसने गाड़ी रोकी और ऊन तस्वीरों को जला डाल जो शांतलाल के साथ थी…फिर ऊसने ऊस वीडियो की सीडी को अपने पास ये कहकर रख लिया की कुटुम्ब का गुनाह अभी छुपा नहीं कुटुम्ब ने काफी मिन्नत की पर काल साया मना नहीं ऊसने कुटुम्ब को साफ बयान कर दिया…किया अब काला साया का ऊसपे पहरा है अब पुलिस उसे छू नहीं सकती लेकिन उसे जो काला साया कहिएं करना पड़ेगा….कुटुम्ब ने हार मानके हाँ में सर झुका दिया अब वो भी काला साया की गुलाम थी…काल साया ने कुटुम्ब का एक वीडियो बनाया ऊसपे कुटुम्ब से दिव्या के लिए अपॉलजी बनाई कुटुम्ब ने सुबकते हुए दिव्या से माँफी माँगी उसके बाद काला साया ने खेत में ही कटुउंब को घर जाने को कहा जो विटनेस थे उसे तो मर गिराया काल साया ने पुलिस को अब शक होना मुश्किल था
Reply

09-17-2021, 12:07 PM,
#22
RE: Antarvasnax काला साया – रात का सूपर हीरो
(UPDATE-22)

उधर पुलिस तफ़तीश करती है शांतलाल की लाश जो जेल से अभी छूटा था…ऊस्की मौत और बिस्तर पे लगे वीर्य को देखकर वो रिसेप्षनिस्ट को घूर्रता है….आस पड़ोस के पूछने पे कोई बता नहीं पता ई आख़िर गोली की आवाज़ कब सुनाई दी लेकिन जो भ ईशंतलाल के साथ था ऊसने गोली मारी….सी सी टी अभी फुटेज का रिकार्डिंग सिस्टम ही टूटा पड़ा था….बस होटल पे स्कॅंडल चल रही है इस बात कप आता लगते ही पुलिस ने मैनेजर को ही गेरफ़्तार कर लिया ऊन लोगों का लगा हो ना हो शांतलाल स्कॅंडल में इणवओवला था कुटुम्ब के बार्िएन में ऊन्हें ज़रा सी भनक नहीं हुई होटल को सील कर दिया गया
गर्र्र्र गर्र्र्र करती मोटर की आवाज़ को सुन बस्ती के बाहर बैठी कुछ औरतें जो बर्तन मांझ रही थी ऊस मोटोरयस्यकले सवार को देखने लगी जो उनके पास आकर बाइक को रोकता है उसके मुकोते भरे चेहरे को देख…वो लोग आश्चर्य से उठ खड़े हो जाते है…सब अढेढ़ उमर की औरतें कुछ कमसिन लड़कियां होती है बस्ती की औरतें काला साया को अपने पास आते देखती है

“आपप यहाँ पे?”…..काला साया मुस्कुराकर ऊन सबको देखता है….”हाँ मैं यहां पे इसलिए आया हूँ क्योंकि अब आप लोगों के लिए एक खुशख़बरी है जो नाइंसाफी शांतलाल जैसे कमीने आदमी ने आपलोगो की बेटियो बहनो और आपके साथ की ऊन सबका मैंने बदला ले लिया”…….औरतें हैरान कुछ देर पहले ही वो लोग शांतलाल की मौत के ऊपर चर्चा कर रही थी और काला साया की बात सुनकर होठों पे आँचल रखकर वो लोग एक दूसरे को देखने लगी

“तो इसका मतलब्बब आपने?”….काला साया ने सर हाँ में हिलाया….ऊन औरतों खुशी से एक दूसरे को गले लगाया…उनकी खुशी साफ जाहिर थी की उनके जालिम को सजा मिल चुकी थी….दरअसल काला साया ने शांतलाल को अपने बदले के फायदे के लिए नहीं छूना था वो उससे ऊन मासूम औरतों पे हुए ज़ुलाम जो शांतलाल ने किए थे ऊन्हें राशन कार्ड के बदले ऊँका सोशण किया ऊन्हें राशन नहीं दिया अपनी मनमानी की ऊन सबका बदला काला साया ने लिया था

“हम तुम्हारे बहुत आभारी है काला साया तुम जो कोई भी हो तुमने हुंपे उपकार किया है”…..सब हाथ जोधके काला साया को धनञयवाद करती है….काला साया ऊन सबको मना अकर्ता है की वो ऊनसे उमर में बड़ी है वो उनके आंखों में दुख नहीं देखना चाहता…अगर यहां की पुलिस स्ट्रिक्ट एक्शन लेती तो आज काला साया का कोई वजूद नहीं होता….काला साया ऊसबसे विदा लेकर बाइक पे वापिस सवार हो जाता है और अँधा ढूँढ हवा के भट्टी गायब हो जाता…औरतें साफ ठान लेती है की शांतलाल का खून काला साया ने किया है वो किसको नहीं बताएंगीइ….

जल्द ही काला साया किसी साए की तरह अपने घर में दाखिल होता है…इतने में दिव्या को सामने देख काला साया मुस्कुराकर खड़ा हो जाता है…”ओह तूमम आ गये”…..दिव्या काला साया से लिपट जाती है….अभी कुछ देर पहले किचन में खाना बनाने से उसका पूरा बदन पसीने से गीलट हां…काला साया उसके माथे को चूमता है और फिर दिव्या काला साया को पानी देती है

काला साया : तुम्हारे लिए एक तोहफा लाआया हूँ
दिव्या : कैसा तोहफा?
काला साया : लो तो सही ये वीडियो देखो

दिव्या आश्चर्य भाव से मुस्कुराकर काला साया को देखकर वो मोबाइल वीडियो क्लिप ऑन करती है…ऊसमें डरी शेमी कुटुम्ब को देख दिव्या हैरान हो जाती है एक बार काला साया को देखकर फिर वीडियो देखने लगती है…कुटुम्ब उससे हाथ जोड़के माँफी माँग रही है और अपने गुनाहो को कबूल कर रही है ये सब देखकर दिव्या के चेहरे पे मुस्कुराहट छा जाती है….काला साया फौरन गंभीरता से वीडियो लगा देता है सीडी प्लेयर में और तभी आहें भरते शांतलाल और कुटुम्ब की होटल वाली एम एम एसे चलने लगती है

“हेयी भगवान्नन् ये तो मालकिन हाईईइ तुममन्ने इन्हें हाहाहा जो भी किया बहुत अच्छा किया इसी के लायक है ये रंडी”……काला साया ने ना में जवाब दिया और फिर जो जले हुए फोटोग्राफेस थे उनके कुछ फोटोस जो ठीक थे उसे दिव्या को दिखाए…फिर दिव्या को सबकुछ शांतलाल से मिलने से लेकर कुटुम्ब से बदला लेने तक उसे होटल लाके उसका एम एम एसे बनाने तक सबकुछ बताया….तब जाकर दिव्या काला साया के गले लग गयी

दिव्या : तुमने मेरा बदला लिया ऊनसे मैं तुम्हारा ये कर्ज कभी
काला साया : हाथ पगली कैसा कर्ज? ये तो ऊन मासूमों के लिए था और तुम्हारे लिए जो आजतक इन भेड़ियो के चंगुल में पीसती रही…काला साया इंसाफ का पुजारी है…खैरर अब तो तुम समझ गई ना की हम कुटुम्ब और उसके बेटे साहिल से कैसे बदला लेंगे
दिव्या : तुमने ये सब वॉ क्या बोलते है नेट पे क्यों नहीं डाला वो औरत बदनाम हो तेरे मेरे कलेजे को ठंडक पहुंचे
काला साया : अगर इतनी आसान सजा दी तो पुलिस उसे गेरफ़्तार कर लेगी तब हम उसके बेटे और बाप से बदला कैसे लेंगे अभी तो हमने शुरूवात की है अब बच्चा उसका बाप और बेटा

दिव्या भी गंभीरता से काला साया की ओर देखने लगती है…उधर कुटुम्ब खाना बना रही थी आज सुबह जो कुछ हुआ उससे उसका पूरा हाथ पाओ काँप रहा था…बाहर अंजर उसका पति फोन पे हंस हस्सके बात कर रहा था….”हाहाहा क्या सच में मररर गया हाहाहा वॉ हरामी बहन का लौंडा शांतलाल मर गया हाहाहा”…..उसके तहाका लगती हँसी कुटुम्ब को शांतलाल से रगदाई और उसके मौत की याद दिला रही थी ऊसने बाहर आकर अपना आँचल से चेहरा पोंछके कहा की ऊस्की तबीयत ठीक नहीं वो आराम करना चाहती है….अंजर ने उसे जाने का इशारा किया….तभी अचानक दो कॉन्स्टेबल दरवाजे पे दस्तक देते है…दोनों कॉन्स्टेबल को देख अंजर हैरानी से फोन कांट देता है….कुटुम्ब का तो तार्र तार्र पूरा बदन काँपने लगता है कहीं काला साया ने सबकुछ खुलासा तो नहीं कर डाला उसके बारे में

अंजर : जी साहेब बोलिए
कॉन्स्टेबल्स : शांतलाल का कत्ल हुआ है एक होटल में उसी की छानबीन कर रहे है सुना है शांतलाल तुम्हारा कट्टर दुश्मन था….तुमने उसके पीछे गुंडे लगाए थे
अंजर : क्क्क…क्या बोल रहे हो साहेब? ऐसा कुछ नहीं (कुटुम्ब की तो सिट्टी पिटी गुम कहीं पुलिस उसे ही ना पकड़ ले)
कॉन्स्टेबल्स : देखो तुम्हारे भेजे गये बड्ढे के टट्टू ने मुँह खोल डाला है और वो साफ कह रहे है की तुमने ऊन्हें सुपारी दी थी…क्या ये सच है?
अंजर : मेरी मां की कसम साहेब ऐसा नहीं (कामेनेपन की हद थी)
Reply
09-17-2021, 12:07 PM,
#23
RE: Antarvasnax काला साया – रात का सूपर हीरो
(UPDATE-23)

कॉन्स्टेबल्स : शांतलाल की आपसे क्या दुश्मनी थी?
अंजर : बॅस वो बहुत निहायती कमीना था साहेब पारा (एरिया) की हर औरत को ऊसने मोलेस्ट किया था साहबे मैंने उससे दोस्ती तोड़ी और उसके राशन के दुकान को फ्सी से बंद करवाया तो वो मेरे जान का प्यासा बन गया है
कॉन्स्टेबल्स : हम आपका बेटा किधर है
अंजर : वो कॉलेज गया हुआ है
कॉन्स्टेबल्स : हम उसका नंबर दीजिए
अंजर : साहेब वॉ कुछ नहीं जनता
कॉन्स्टेबल्स : सबसे पूछताछ चल रही हे अभी हम कुछ कह नहीं सकते दो खून हुए है होटल के रिसेप्षनिस्ट का और शांतलाल का वहां पे धायर सारे वीडियोस जो अश्लील है रेकॉर्डेड पाए गये
अंजर : शांतलाल तो था ही कमीना साहेब लीजिए अरे कुटुम्ब इधर आना तो

कटुउंब भौक्ला गई वो किसी तरह करीब आई फिर ऊसने बारे ही धीमे लव्ज़ में सहिल का नंबर दिया फिर जाने लगी पर कॉन्स्टेबल ने उसे रोका उससे भी कुछ सवाल्ट किए की अगर वो कुछ जानती हो…कुटुम्ब ने ना में सर हिलाया और फिर वो लोग चले गये…अंजनर तो खुशी के मारें नाचने लगा “हाहाहा अच्छा हुआ कमीना मर गया पर एक बात बता ये मेरे गुंडेलोगो ने अगर उसे नहीं मारा तो फिर वो मारा कैसे? कॉन्स्टेबल कह रहे थे की शांतलाल किसी औरत के साथ पाया गया हो सकता है उसी ने”….कुटुम्ब का तो पसीना चुट्टने लगा वो बरफ की तरह ठंडी पढ़ गयी

अंजर : जाने दे हाहाहा चल तू आराम कर मैं थोड़ा साहिल को फोन करके कह देता हूँ की पुलिस को ज्यादा कुछ बोल ना दे
कुटुम्ब : त्तहेककक है (इतना कहकर कुटुम्ब फौरन कमरे में चली गयी)

रात हो चुकी थी…..कुटुम्ब के दिमाग में बस रही रहके वॉ खौफ भरे बातें घूम रहे थे शांतलाल उसके सामने मारा था…काला साया ने उसे मारा और कुटुम्ब पे सारे निशाने सांड़ दिए सबूत के….काला साया के हाथों में लगाम थी वो जब चाहे उसे घोधी बनकर दौड़ा सकता था…इधर पुलिस को पता लग चुका है की काम एक औरत का है…ये सब सोचते सोचते कुटुम्ब रोने लगी की आगे उसके साथ क्या होगा?

कुछ दिन तक सबकुछ नॉर्मल रहा ना ही कोई धमकिभरा खत कुउत्मब को काला साय से मिला और ना ही पुलिस कोई और ज्यादा प्रोग्रेस कर सकी….शांतलाल की मौत किसी औरत ने ही की है इसका कोई पुष्टि नहीं हो पा रहा था लेकिन बिस्तर पे लगे शुक्राणु औरत के भी थे….पुलिस ने कुछ दिन कुटुम्ब के पति पे शक किया क्योंकि वो दुश्मन था शांतलाल का पर कोई खास सबूत ना मिला करीब 1 महीने में ही ये मामला ठंडा पढ़ने लगा….पुलिस ने थक्के फाइल बंद कर दी..ऊस दिन कुटुम्ब को आराम से सो रही थी उसके दिल का डर कुछ कम ही हुआ था की इतने में फोन बज उठा

कुटुम्ब : हेल्ल्लू? (अंजर पास ही सो रहा था)
काला साय : हेलो जानेमन क्या हुआ तुम्हारी आवाज़ को?
कुटुम्ब : उफ़फ्फ़ काला साया तूमम तुमने इतनी रात गये फोन क्यों किया पता है पोलसीए आई थी कुछ दीनों पहले
काला साया : हाहाहा मैंने क्या कहा था काला साया का साया जबतक तुमपे है पुलिस तुम्हें छू भी नहीं सकती सबूत मेरे पास है पुलिस को तुमपे एक टक्का भी शक नहीं अब तुम फौरन टट्टी करने का बहाना करके ऊपर आ जाओ
कुटुम्ब : अभिईिइ तूमम ऊपर हो
काला साया : शायद तुम्हें सुनाई दिया मैं तुम्हारे कमरे में आ जाता हूओ
कुटुम्ब्ब्ब् : नहीं नहीं प्लीज़ ऊपर ही रहनन्ना मेरे पति जगह जाएँगे
काला साया : आऊ जल्दी आऊ

कुटुम्ब जैसे ही फोन कट करके किसी तरह अंजर को देखती है जो गान्ड घुमाएं सो रहा है कुटुम्ब अंजर को आवाज़ देती है वो नीण्दम आइन सवाल करता है “नीचे का टॉयलेट काम नहीं कर रहा मैं थोड़ा हगके आती हूँ”..अंजर कर्राहते भरके सोने लगता है..कुटुम्ब भाँपते हुए फौरन बिस्तर से उठके दरवाजा खोलती है और ब्रांडे से होते हुए चारों ओर देखती है रात के 3 बज चुके है….और झींगुर की कीर्र कीर्र आवाज़ गूंज रही है कहीं दूर कोई कुत्ता हावव हावव करके रो रहा है….कुटुम्ब काँपते हुए किसी तरह ऊपर आती है…छत्त का ताला बारे ही आराम से खोलती है….इतने में वो बाहर की लाइट जला देती है

अंधेरी रात में जैसे छत्त पे थोड़ा उजाला होता है…इतने में ढाप्प से कोई चीज़ छत्त पे कूड़ता है कुटुम्ब एकदम से चीख पढ़ती है…पर काला साया कोदेखके उसका डर थोड़ा कम हो जाता है…काला साया उसके करीब आता है पहली बार कुटुम्ब काल साया को बारे गौर से देखती है

काला साया : मुझे पहचानने की कोई जरूरत नहीं

कुटुम्ब बिना कुछ कहें उदासी निगाहों से काला साय को देखती है काला साया उसका हाथ पकड़कर उसे अपने करीब खींचता है और उसके मोटे होठों को चुस्सता है उसके मोटे होठों को बड़ी बड़ी से चुस्स चुस्सके उसे बेहाल कर देता है फिर झट से लाइट ऑफ करके ऊपर के बने टॉयलेट में ले आता है टॉयलेट सीट पे बैठकर वो अपना पेंट उतार देता है और कुटुम्ब के ब्लाउज को खोल के उसके मोटे मोटे तरबूज जैसे चुचियों को दबाने लगता है

कुटुम्ब कसमसाने लगती है…काल साया ऊन्हें मुँह में भरके चुस्सता है….और फिर अपने लंड को खोल के सीधे कुटुम्ब को कुतिया बनकर अपने लंड पे झुका देता है…कुटुम्ब जानती थी उसे क्या करना है वो फ़ौरना लंड को मुँह में लेकर चूसने लगत् इहाई..मुँह से अंदर बाहर करने लगती है…काला साया टाँग कुटुम्ब के पिछवाड़े पे रख देता है और उसके बालों को पकड़े उसके पीठ से सारी का पल्लू गिरा देता है
Reply
09-17-2021, 12:07 PM,
#24
RE: Antarvasnax काला साया – रात का सूपर हीरो
(UPDATE-24)

कुटुम्ब उत्त्के अपने सारी का पेटीकोट और ब्लाउज उतार देती है…और फिर काला साया के लंड को झुककर चूसने लगती है…काला साया उसके छातियो को बराबर दबाने लगता है और उसके सख्त निपल्स को भी मसलता है….कुटुम्ब बड़ी बड़ी ज़ोर से लंड की मूठ मारने लगती है और उसे मुँह में भरके चूसने लगती है कुटुम्ब फिर अपने हलक से लंड निकलती है और फिर अपने पेटीकोट का नारा खोलने लगती है…काल साया कुटुम्ब के पेंट पे मुँह रखकर उसे चूमने लगता है और उसे स्ट्रेच मार्क्स के ऊपर के मोटे तोंद निकलकर नाभी के भाग को मुँह में भर लेता है उसके नाभी में जुबान डालता है कुटुम्ब सिसक रही थी…आहें भर रही थी….नीचे पति घोड़े बेचके सो रहा था…और ऊपर पत्नी किसी गैर्ड मर्द की घोधी बनकर चुदाया रही थी….कुटुम्ब धीरे से अपने पूरे शरीर का बाहर काल साया के गोद पे बैठकर देने लगती है….नीचे से काला साया धक्के पेलने लगता है

कुटुम्ब की झाँटो भारी चुत में लंड बारे अच्छे से अंदर बाहर होने लगता है….कुटुम्ब उहह आहह करके करके आवाज़ करने लगती है…वो धीमें से कर रही थी ताकि उसके पति को ना सुनाई दे ने लगे….और काला साया भी चुस्ती से कुटुम्ब के चुत में लंड पेलता रहता है….फिर कुटुम्ब खुद ही उछाल उछाल के काला साया के लंड के ऊपर कूदने लगती है..क्‍ाअल साया उसे तुरंत उठा देता है और उसे गाय बनकर उसके पीछे कहरा होकर गान्ड में ही लंड घुसा देता है गान्ड का छेद घपप से लंड को अपने अंदर स्माआ लेता है

और फिर काला साया बारे ही काश क़ास्सके कुटुम्ब को चोदता है….कुटुम्ब ज़ोर से सिसकने लगती है….उसे बर्दाश्त नहीं हो पा रहा था उसके जिंदगी में किसी मर्द ने उसे इतना ज़ोर से चोदा नहीं था…काला साया गुस्से में उसे बारे ही करार धक्के पेलने लगता है और कुछ ही देर में जब उसके अंदर काबू नहीं रही पाता…वो वैसे ही हालत में कुछ धक्के लगाए कुटुम्ब की गान्ड से लंड को बाहर खींच लेता है “झुक जा”…कुटुम्ब वैसे ही करती है….और काला साया उसके होठों पे लंड मसलने लगता है और फिर मुठीी मरते हुए उसके मुँह में ही लंड का पानी चोद देता है चेहरा पूरा लंड के रस भीग जाता है बाल में भी लग जाता है कुटुम्ब बस रोई सूरत बनकर सुबकने लगती है उसे इम्तहान गीन आ रही थी इसमें कोई शक नहीं था….

कुछ देर बाद काला साया अपने आपे में नाके जल्दी से अपने कपड़ों को पहन लेता है और कुउतुंब को उठाकर उसे भीगे लंबो को चुम्म लेता है म्‍म्म्ममम अब बॅस करो….कुटुम्ब थोड़ा विरोध करती है…क्‍ाअला साया उसे अनके मर के किसी तरह चाट पे फहांडते हुए दूसरे गली में कूदके अपनी बाइक स्टार्ट के वहां से निकल जाता है…कुटुम्ब के जान में जान आती है और वॉ फौरन शीशे में खुद को नंगी और वीर्य से भीगी देखकर फ़ौरान्न्न् खिजलके चीख उठती है उसे ऊस सर्द रात को भी नहाना पढ़ता है ठंडे पानी से और फिर खुद को साफ सुथरा करके वो अपने कमरे में घुस्सके दरवाजा बंद कर लेती है

काला साया ने कुटुम्ब को अब ऐसे ही अपनी रखैल बनान शुरू कर दिया….कभी उसे पुराने खेत कभी उसे उसी के घर में ँघुस्सके पति और बेटे के ना होने पे…कभी उसे गुसलखाने में ही चोदा…धीरे धीरे खुद कुटुम्ब क्‍ाअल साया की आदि होने लगी…..और वो जब कहता है तब वो एक इशारे पे ही फलाने ठिकाने एरिया में पहुंच जाती चुदवाने….अब जानती थी काला साया उसके जीवनकाल तक उसे चोदते रहेगा…ये बात वो अंजर को कह भी नहीं सकती थी….पहले शांतलाल और अब उसका भी बाप काला साया…कुटुम्ब ने दो बार तो ई पिल खाया जो सवाल उसके पति ने भी किया तो ऊसने कहा सोते वक्त वो खुद उसे चोदता है….अंजर हँसी में टाल देता…इधर काला साय ने चाल चलनी शुरू की

और फौरन ऊस रात…साहिल ब्रांडे में दारू पी रहा था आज उसे तारक महसूस हो रही थी बाप मां घर पे नहीं थे….वॉ कंप्यूटर ऑन करके ब्लू फिल्म क्लिप लगाने को हुआ तभी उसे ज़मीन पे एक सीडी मिलती है….साहिल उसे उठाने के लिए झुकता है और उसे लगता है “अरे वाह लगता है बाबा मां ब्लूएफील्म देखते है साले बताते नहीं बारे चालू”…..साहिल को लगा की ये सीडी उसके मां बाप देखते है जैसे ही वीडियो ऑन हुआ साहिल की मुस्कुराहट एक पल में गायब हो गयी और वॉ बहुत की तरह सफेद हो गया ऊस्की जुबान बाहर निकल गयी आँख बारे हो गये

कुटुम्ब शांतलाल के साथ चुदाया रही थी….दोनों आहह आहह करके आहें भर रहे थे…”यययय..कय्याअ बाबा का दुश्मंन मेरी मां के सतह”…..साहिल को कुछ समझ ना आया…और ऊसने क्लिप और आगे की…तभी उसे दिखता है की एक मुकोता पहना काला साया ऊस्की मां को चोरी छुपी उसी के ऊपर वाले गुसलखने में टॉयलेट में चोद रहा है दो तीन क्लिप्स को देखकर साहिल चिल्ल्ल उठा…”मां तुमने इतना बड़ा झूठ छुपाआ साली तू एक रंडी हाीइ अभी बाबा को बताता हूओ”….जैसे ही साहिल ने वो सीडी निकाली तभी उसके सर पे एक ज़ोर का वार हुआ उसके बाद वो कब बिस्तर पे ही देह गया पता नहीं

तभी किसी ने उसके मुँह पे काला काप्रा बँधा…और उसे पकड़कर सीडियो से घस्सिटता हुआ फौरन गाड़ी में लाके सवार कर देता है….चोट इतना गहरा था की साहिल पूरे दो घंटे तक बेहोश रहता है….जब ऊस्की आंखें खुलती है तो बल्ब की रोशनी से वो आँख ढक लेता है….और फिर तभी उसके सामने दिव्या खड़ी दिखती है गुस्से में एकदम लाल और ठीक उसके बगल में क्‍ाअल साया

साहिल अपने सर को झाधते हुए खुद के हाथ पाओ का बाँधा महसूस कर सकता था…ऊसने फौरन सामने दिव्या को खड़ा देखा मुस्कुराते हुए साहिल का पारा चढ़ गया

साहिल्ल : सालीइी मदारचोड़दड़ तूने मुझे ऐसे बाँधा कैसे????

साहिल की निगाह परछाई से सामने आते काला साए पे पड़ी वो थोड़ा घबरा गया मुक्के का दर्द का अहसास अब भी था…”सीसी…काला साया टीटी..तूमम दोनों”……साहिल घबराते हुए अपने रसियो बँधे हाथ को झधते हुए

काला साया : हाँ हम दोनों जिस लड़की के साथ तूने इतना नाइंसाफी किया जिसे मौत के कगार पे चोद दिया ऊस्की इज्जत आबरू सब छीन ली तूने और तेरे परिवार ने

साहिल्ल : देख काला साअया मैंने कोई गुणाहह नहीं कियाअ

काला साया : गुनाह करने वाला कभी गुनहगार खुद को नहीं कहता पर तू आज काला साया की साए में है और आज तुझपे मेरा मुक़दमा चलेगा

काला साया दिव्या के उबलते आँसुयो को देखता है….गुलाबी निगाहों से दिव्या काला साया की ओर देखती है…”मुक़दमा नंबर 1 एक मासूम लड़की जो ग़रेबे लाचार है उसे प्यार के जालने में फंसाया मुक़दमा नो.2 सेक्स सुअल हररासेमेंट यानि उसके साथ छेद चाढ़ मुक़दमा नो.3 बारे बारे वादे करके ऊसको जब चाहा तब फक किया मुक़दमा नो.4 जान से मारने की धमकी और मां का अत्याचार”…..साहिल झल्ला पारा
Reply
09-17-2021, 12:07 PM,
#25
RE: Antarvasnax काला साया – रात का सूपर हीरो
(UPDATE-25)

साहहील : देख मुझे चोद दे वरना अंजाम ठीक नहीं होगाआ
काला साया : क्या कर लेगा? बोल मैं एक ही पूंछ मर के तैयार बत्तीसी निकाल सकता हूँ
साहिल : डेक्कख मेरी बात सुन मुझे चोद दे जितना बोल उतना दूँगा
काला साया : मुक़दमा नो.5 पैसे का लालच देकर मासूमों ना इंसाफी दिलवाना
साहिल : आबे साले स्माझता क्यूउ नहीं तू?

चट्टककक…एक थप्पड़ काला साया साहिल के मुँह पे मारता है…साहिल के होंठ काट जाते है और वो रोई सूरत बनकर काला साया को देखने लगता है “तू सोच रहा होगा की तू यहां कैसे? एकदुम्से ? दिव्या मेरे साथ मिली हुई है एकदुम्से वो सीडी में जो ब्लूएफील्म्‍म्म तेरी मां का”……इतना कहकर काला साया हँसने लगा

काला साया : हाँ मैंने ही बनवाया तेरी मां को मैंने ही शांतलाल से चुदवाया और मजे की बात बताऊं तेरी मां को मैंने भी चोदा हाँ ऊसने शांतलाल का कत्ल कर डाला
साहिल : झूवतत झूटतत क्यों कर रहः आई हमारे साथ ऐसा तू?
काला साया : क्यूउ क्यूउ? जानना चाहता है ना किसी मासूम लड़की की इज़त के साथ तूने खेला जिसने तुझे इतना प्यार किया सपोर्ट किया तुझे अपना सबकुछ दिया…और तूने अरे बहन ना बना सका तो कम से कम उसे प्यार का तो धोखा मत दे तूने एक नहीं हज़ारों लड़कियों की जिंदगी तहेस-नबूत की तेरे बाप ने खेत की औरतों को शांतलाल के साथ चोदा और फिर तूने भी बहती गंगा में हाथ धोया

और तुझहहे क्यूउ का जवाब चाहिई कमीने?…..ज़ोर से गारज़ता हुआ काला साया चिल्ला उठा….साहिल सहम उठा “ड्ड..एक मेरि मां ज़बरदस्ती तेरे साथ कर रही है”…काला साया झुककर बोलता है “और टर एबाप तूने जो दूसरों की औरतों एक साथ किया कभी सोचा वो भी तो अपने बककचे के भूख के लिए महेज़ जो सरकारी राशन जो ऊन्हें दिया जाता है उसके बदले में उनकी इज्जत ली ऊँका सोशण किया क्या उनके बच्चे अपनी मां का ऐसा रूप देखेंगे अरे उनकी चोद तू बता तू तो बेटे के नाम पे गान्डू है गान्डू”…..क्‍ाअल साया काँपते साहिल के चेहरे पे चेहरा लगाए बोलता है

“तूने तो खुद कितनों का एम एम एसे बनाया तेरे पीसी में एक एक वीडियो पुलिस जब चाहे तब देख सकती है….साहिल सिहं उठा उसके मुँह से कुछ निकल नहीं पा रहा था

काला साया : दिव्या ये तुम्हारा गुनाहगार है जीतने ज़ुल्मो के सौ लाठियो का दर्द नहीं होता उतना खुदा के गज़ब में होता है ऊस्की एक लाठी में होता है आज अपनी सारी कसर इस बेल्ट से इस पे निकाल दो (काला साय दिव्या के कंधे को पकड़े उसे बेल्ट देता है साहिल काँप जाता है)

साहील्ल : न्णनू नूऊओ नहियीई आई दिव्या देख तूने अगर एक वार भी किया ना तो

काला साया : तू एक वो साँप है जिसे लोगों ने मर मर के उसका ज़ेर छीन लिया…और तू एक पागल कुत्ते की तरह सिर्फ़ चिल्ला सकता है यहां तेरी चीखें कोई नहीं सुनेगा चलो दिव्या स्टार्ट करो

दिव्या के अंदर गुस्सा तब्दील हो जाता है वो उसी गुलाबी निगाहों कहा जाने वाली नज़रो से साहिल को देखती है…साहिल काँपने लगतः आई और फिर शुरू होता है टॉर्चर का सिलसिला ….काला साया एक एक वार अपने आंखों से देखता है…चट्टकक चटाकककक…साहिल के पूरे नंगे शरीर पे बेल्ट बेदर्दी से दिव्या अपने गुस्से की सारी कसर निकलते हुए मारिट है…करीब 72 बार वो उसे बेल्ट से मर मर के लाहुलुहन कर देइत है “हर एक कमज़ोर सौ के बराबर हो जाए तो उसे बारे से बड़ा हाहती भी नहीं हटा सकता”…..दिव्या खून से लथपथ बेल्ट फ़ेक देती है…काला साया दिव्या को देखते हुए कहता है

साहिल बेहोश हो जाता है…और फिर साहिल का बाल पकड़कर काला साया उसे ऊन ज़ख़्मो का हिसाब बताता है “ये जख्म तूने जीतनो की ली उनके थे….अब जो सबसे बड़ा धक्का है वॉ ये है की तेरी मां मुझसे चुदेगी और खूब खुशी से चुदेगी और अपने इज्जत को सरेआम वेबसाइट्स पे नीलाम करेगी”……साहिल्ल्ल काँपने लगता है….काला साया मुस्कुराकर ऊपर का टीवी ऑन करता है

साहिल सिहर जाता है मां सामने बिस्तर पे बैठी वो रोने लगता है…”ये दूसरे कमरे में है फिक्र मत कर..साउंड भी है…अब तू लाइव ब्लूएफील्म देखना काला साया कैसे तेरी मां का लुत्फ़ उठता है”…..आँख मारते हुए काला साया दूसरे कमरे की ओर जाने लगता है….साहिल्ल्ल बस चीख चीखह्के काला साया को रोक रहा था

टीवी पे दिख रहा था कुटुम्ब एक कमरे में बैठी है और काला साया का इंतजार कर रही है…काला साया अंदर आकर मुस्कुराता है उसका चहरा टीवी स्क्रीन पे दिखता है…फिर कुटुम्ब उठती है

कुटुम्ब : अफ हो तुम्हें आज इतने जल्दी क्यों बुला लिया? तुम्हें पता है मेरे पति कभी भी आते होंगे

काला साया : अरे मेरी जानेमन अभी तो रात बाकी है पूरी चलो अपने सय्या का लंड नहीं लोंगी

कुटुम्ब : अच्छा ठीक है बाबा कपड़े तो उतारने दो दूर रहो मुझसे उफ़फ्फ़ हूँ (कुटुम्ब काला साया से खुल चुकी थी हो भी क्यों ना खून के डर से वो अब काल साया का लोहा मानने लगिठी अपनी मां को अश्लील बातें और हरक़ते करते देख साहिल्ल चिल्ला रहा था और दिव्या बस आँसू पोंछे शैतानी मुस्कुराहट देते हुए टीवी स्क्रीन पे तो कभी साहिल को देख रही थी)

कुउत्मब काला साया के सामने ही अपना पल्लू गिरा देती है ऊस्की मदमस्त करा देने वाला जिस्म उभर के आ जाता है सामने काल साया हल्के से ऊस्की छातियो को दबाता है और फिर दोनों होठों से होंठ लगाने लगते हाईईइ साहिल आँख बंद करके रोने लगता है…ऊस आज अहसास होता है की ऊस्की हर एक गुनाह जब ऊसपे बीतेगी तो उसे कैसा अहसास होगा….काला साया कॅम्रा के सामने जो पूरा वीडियो तैयार कर रहा था कुटुम्ब को पास लाता है और उसे झुका देता है फिर अपने खड़े लंड के उभर पे ही उसका चेहरा रगड़ता है
Reply
09-17-2021, 12:07 PM,
#26
RE: Antarvasnax काला साया – रात का सूपर हीरो
(UPDATE-26)

कुटुम्ब उसके उभर हुए लंड को मुँह में भरती है फिर जीन्स की ज़िप से ही उसे निकलकर चुस्सने लगती है….उसे अपने च्चेरे पे रगड़ने लगती है वो खुद को पूरी तरह से काला साया के हवाले कर चुकी थी फिर वो उठके गान्ड मटकते हुए छलके अपने बाल पीठ पे फैलाए कुतिया बनकर झुककर काल साया को तिरछी निगाहों से देखती है…काला साया कमेरे की तरफ मुस्कुराकर अपना लंड बाहर निकलता है और उसे कुटुम्ब के छेद पे लगा देता है हालाँकि दिव्या को ये सब अच्छा नहीं लग रहा था…पर साहिल और कुटुम्ब की बर्बादी कुछ ऐसे ही लिखी थी

आअहह आहह अफ आहह सस्सस्स….लंड अंदर बाहर हो रहा था…कुटुम्ब सिसक रही थी वॉ चिल्ला रही थी उसका पूरा फेस ज़ूम होने के वजह से पूरा दिखाई दे रहा था साफ साफ…काला साया गान्ड मारते गया…और फिर उसके बालों को सावरते हुए दोनों एक दूसरे को किस करते है काल साया ऊसपे झुका उसके लंबो को चूसने लगता है दोनों के बीच बातें फिर शुरू हो जाती है साहिल का बस चले तो वो अपने कान में सीख घुसा ले एक एक चुबती चुबती बातें ऊस्की मां खुद बेशर्मी से चुदाया रही थी

काला साया : क्या हुआ कुटुम्ब? लगता है आज तुम में दम नहीं
कुटुम्ब : चोद चोद के भोसड़ी फाड़ दी और क्या च्चाओगे?
काला साया : हां हां हां तुम्हारे बच्चा का बाप बनूंगा सोचो जब तेरे पति और बेटे को पता लगेगा
कुटुम्ब : आहह सस्स कमीने ऊँका नाम मत ले वो सुनेगे तो मुझे जान से मर डालेंगे आहह बॅस कारर्र आअहह और ज़ोर से आअहह और्र्ररर छोड़ मुझे कमीने रस से भर दे इस कुँवारी गान्ड को
काला साय : क्यों रे तेरा पति तुझे चोद नहीं पाता?
कुटुम्ब : मेरा पति तो वो क़ब्रिस्तान का लाश है जो एक बारू त्के इंसान बनता है और फिर दारू की बोतल लगाए अपने लंबो से मर जाता है
काला साया : हाहाहा और तेरा बेटा उसके लिए ढूँढ ना कोई
कुटुम्ब : आहह अभी इस बरीयण मेंन आहह मात बात कर बस जल्दी कर वो लोग आ जाएँगे एआहह आहह
काला साया : सोच तेरा बेटा कितना मस्त है
कुटुम्ब : पूरा अपने बाप पे गया है कमीना अपने ही मां की उमर की औरत को चोदता है साला खेतन में एक बार देख ली थी मैं काफी झगड़ा किया और वॉ हरामी मुझे कहता है भोसड़ी की तैयार गान्ड मर लूँगा भला ऐसा कोई बेटा होता है मैं इन बाप बेटों के लिए इतना कुछ करती हूँ और आहह आराम से और बदले में मुझे क्या मिलता है ?
काला साया : शांत हो जाओ जानेमंन आहौर मजे लो उफ़फ्फ़

काला साया कमेरे पे आँख मरते हुए मुस्कुराता है…इधर साहिल पूरी तरह छटपटाने लगता है अफ इतनी बेज़्ज़त ऊस्की मां उसके बारे में ऐसा सोचती है…साहिल बस कहा जाने वाली निगाहों से दर्द को पीते हुए दिव्या की ओर देखता है दिव्या उसके मुँह पे एक थप्पड़ झाड़ देती है..”मुझे कमज़ोर मत समझना हरमीई”…..साहिल के नाक से खून निकल जाता है वो थूकता हुआ बस टीवी देखने लगता है

काला साया अब कुटुम्ब के मर्जी से उसे अपने गोद में उठाए उछलवा रहा था…कुटुम्ब कूद कूद के ठप्प ठप्प आवाज़ गान्ड और अंडकोष से निकालने के साथ चिल्लाने लगती हाीइ..और काला साय उसे काश क़ास्सके चोदने लगता है कुटुम्ब तड़प उठती है…और फिर झड़ जाती है उसका बहता रस देखकर साहिल नज़रीन फहीरा लेता है…कुटुम्ब ठक्कर फिर भी कूदने लगती है लंड पे और फिर जल्द ही चुत में घुसे लंड से वीर्य बहाने लगता है काला साया आहें भरते हुए कुटुम्ब को अपने से लिपटा लेता है और उसके चुत से वीर्य उबाल उबाल के बहने लगता है

चुत लबालब वीर्य से लथपथ हुई रखी थी..और लंड बाहर फिसलके अपना बच्चा कुछ रस उगलने लगता है…कुछ देर बाद टीवी ऑफ हो जाता है…और फिर दिव्या एक दो स्तनों दबा कर ऊस सीडी को प्लेयर से बाहर निकलती है…फिर मुस्कुराकर साहिल के सामने ही पीसी ऑन करती है और हिन्दी सेक्स साइट्स पे क्लिक करती है कुटुम्ब का एक नंगी पिक्चर के साथ पूरा प्रोफाइल पेज खुल जाता है जिसमें अबतक के कुटुम्ब और काला साया के साथ हुए हर सीन का वीडियो उपलॉअडेद था…साहिल का माता घूम जाता है और फिर दिव्या ऊस वीडियो को भी उपलोआड कर देती है

कुछ ही देर में काला साया अंगड़ाई लेकर अंदर आता है और दिव्या से पूछता है…दिव्या उसे अंघुटे का इशारा करके बताती है की ऊसने ये वीडियो भी उपलोआड कर दी…साहिल बेहोश हो चुका था मर खाने से…कुछ देर बाद उसे होश आता है अब भी काला साया वहां मज़ूद था…और कंप्यूटर स्क्रीन ऑन था काला साया मुस्कुराकर अपने कौमपुटेर स्क्रीन को ज़ूम करता है…वो वीडियो के नीचे कुटुम्ब आंटी नाम से टाइटल होता है और नीचे लाइक्स और कॉमेंट्स होते है जिन्हें पढ़ते ही साहिल का दिमाग घूम जाता है और वॉ बस सुबकने लगता हे

साहील्ल्ल : कमीणू तुम लोगों को मैं छोड़डूंगा नहीं मेरी मां को फ़सा लिया तूने
काला साया : तेरी मां ने खुद ही मुझसे चुदवाया है बिना चुडवाए ठरकी हो जात इहाई..खैर तू फिक्र मत कर तेरा बाप भी जल्द ही मेरे शिकंजे में आ जाएगा
साहिल : साल्ले मदारचोड़ड़ तुऊउ हाीइ कौंन्ञन् एक बार ये मुकोता उटार्ररर एक बार खोल के देख
काला साया : जब दिया भहुजता है ऊस्की लौउ बहुत बार फड़पढ़ने लगती है…तेरा भी वही हश्र होगा तू जो सोच रहा है ना तू बच जाएगा तो भूल जा

काला साया साहिल के सामने शराब की तीन चार बोतल रख देता है…”चल अब ये शराब की बोतल को खाली कर अपने गले से उतार..अगर ये चारों की चारों बॉटल तू पी गया तो समझ जाना तेरे वारे न्यारे तू यहां से जा सकता है और अगर नहीं तो मैं तुझे जान से मर डालूँगा”….साहिल काफी घबरा चुका था पीने के सिवाह कोई चारा नहीं था

पक्का शराबी तो था पर बिना पानी के 4 बॉटल विस्की जो 1 लीटर से थोड़ी बड़ी हो पीना नामुमकिन था..फिर भी ऊसने हाँ कह दी…काला साय ने ढक्कन खोला और उसे सही लके मुँह से लगा दिया घूंत्त घूंत्त करके साहिल आँख क़ास्सके दब्ाए पीता गया “ध्यान रहे अगर तूने उगला तो तू गया”……साहिल घबराए हालत में पीता गया पीता गया …दिव्या मुँह पे हाथ रखकर बस सुबकते हुए साहिल का अंजाम देख सकती थी….पीता गया पीता गया…और उसके गले से एक के बाद एक चारों बॉटल चली गयी…चारों बॉटल के शराब खत्म हो गयी…और ठीक तभी साहिल औक्लाने लगा

और वही खून की उल्टी उसे हो गयी…काला साया ने ने उसके रस्सिया खोल डाली…और उसे उसी हालत में उठाए गाड़ी में सवार किया पूरे रास्ते साहिल खून अपने मुँह से उगलता जा रहा था….काला साया का दिल इतना सख्त था की एक ज़रा सी आहह भी नहीं निकली उसके मुँह से और ऊसने फौरन हाथ पाओ बाँधके उसे ब्रिड्ज से नीचे फैक दिया…जल्द ही साहिल का जिस्म पानी में डूब गया
Reply
09-17-2021, 12:09 PM,
#27
RE: Antarvasnax काला साया – रात का सूपर हीरो
(UPDATE-27)

काला साया मुस्कुराकर ज़ोर से चिल्लाता हाीइ..और फिर अपनी बाइक पे सवार होकर अंधेरे साए में गायब हो जाता है….दो दिन बाद पुलिस को एक लाश मिलती है पता लगने पे की वॉ अंजर का बेटा साहिल है उसके घर में इकतिला करती है…घर में मातम छा जाता है अंजर अपने बेटे की मौत से गम में डूब जाता है जबकि कुटुम्ब रोए जा रही थी…पुलिस तफ़तीश करती है केस देवश को मिलता है कुछ दीनों पहले उसी ने काला साय का केस लिया था पर बाद में पता चलता है की साहिल के एन्ज़ाइम बुरी तरीके से जल चुकेते..ज्यादा मात्रा में बिना पानी के शराब पीएन से हुआ था…ये केस पूरा सूयिसाइडल लग रहा था…कोई विटनेस भी नहीं साफ पता लगा की ब्रिड्ज से कूदके साहिल ने जाँदी पर कुटुम्ब को लगा उसका बेटा नसेडी था दोस्तों के साथ मस्ती में ही ऊस्की जान गयी उसके जिस्म पे कई अनगिनत निशान थे…जो जख्म गहरे थे…कुछ लड़के डर के मार्िएन बचने के लिए ज़िला से फरार हो गये थे….देवश को लगा वही क़ातिल है और ऊन्हें क़ातिल तेहराया गया वो ल्गो पकड़े तो कभी नहीं गये मामला भी अपने आप फीरसे ठंडा पढ़ने लगा

इधर देवश भी काला साया को पकड़ने की नाकाम कोशिशें कर रहा था…लेकिन उसे कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था….वो घर में बैठा काला साया के मुकोते का स्केच तैयार कर रहा था ताकि ऊस्की आइडेंटिटी का पता लग सके तभी अचानक उसे पीछे से अपर्णा काकी आवाज़ देती है…देवश काम में मशगूल होता है इसलिए वो ध्या नहीं देता..अचानक पएेल की खन्न् खन्न् उसे खुद पे खुद कुर्सी उठने के लिए मज़बूर कर देइत है और देवश के कदम अपने आप अपर्णा आंटी को खोजते हुए कमरे की ओर रुख करते है तभी दरवाजा बंद होता है देवश पीछे मुदके

तभी देखता है की किचन में अपर्णा काकी सारी में खड़ी है लेकिन उसके नाभी से नीचे उठते तोंद के साथ पेटीकोट अधखुला है और उससे साफ उनकी बुर् भारी झाँतें दिख रही है तो

“क्या काकी माँ आज तो बहुत ज्यादा चढ़ा है आपको”……देवश ने आँख मारते हुए काकी मां के कमर में हाथ डालते हुए कहा

“अरे बेटा अब तू ही तो है…अकेले अकेले बेटे को कोई छोढ़ता है सोचा कितना मेहनत करता है मेरा बेटा…ऊस्की सेवा तो करनी चाहिए”…..अपर्णा काकी ने बेशर्मी से कहा….

देवश ने काकी मां को अपने बाहों में उठाया और उसे पलंग पे लेटा दिया….काकी मां ने अपने ब्लाउज के स्तनों को खोल दिया..और पेटीकोट का नारा भी खोल दिया…देवश भी अपने बनियान और पजामा को उतार देता है और पास रखक्के पैकेट फड़के कॉंडम निकलता है….फिर अपर्णा के भारी भरकम शरीर पे चढ़ते हुए अपने चंदे को पीछे किए लंड पे कॉंडम चढ़ता है….

अपर्णा : आहह अर्रम से बेटा उफफफ्फ़ बस (काकी मां को अपने चुत के भीतर लंड घुसता महसूस होता है)

देवश : आहह काकी मां बस टाँग फहिलाए रखो गान्ड ढीला ही थोड़ी

अपर्णा : आहह उफ़फ्फ़ चल अब मर धक्के (देवश के कमर पे टाँग लपटे हुए)

देवश : आआहह आअहह उफ़फ्फ़ सस्सस्स आहह

अपर्णा : बेटा तू बहुत ज्यादा परेशान लग रहा है आहह

देवश : क्या बताऊं काकी मां ऊस हरामी काला साया ने दिमाग खराब कर डाला है आज फिर कमिशनर से आहह दाँत पराअ…अब बात ट्रांसफर पे आ गया है अगर उसे कुछ ही दीनों में ना पकड़ सका तो आहह सस्स काकी मां गान्ड ढीला थोड़ी

अपर्णा : अच्छा बेटा ले चोद दी उफफफ्फ़ सस्स बहुत गॅड रहा है तेरा लंड इसकी मोटाई बहुत ज्यादा है लेकिन एक बात बता काला साया तो इंसाफ का काम करता है ना

देवश : पर कानून को भी तोड़ रहा है ना काकी मां आहह ससस्स

देवश धक्के पेलता र्हाअ…लंड अंदर बाहर झांतों भारी चुत से होता रहा..काकी मां सिसक सिसक कर सोचते रही…और देवश काकी मां को बेतारीके से चोदता रहा….देवश ने अपर्णा की छातियो को दबाया और उसके सख्त निपल्स को मुँह में भर लिया…फिर अपना हाथ गीली चुत पे फहरा….और फिर चुचियों को चुस्सा…अपर्णा का चेहरा गुलाबी हो गया और ऊसने देवश के चेहरे को हाथों में थामा और के करारा चुंबन लिया उसके होठों का

देवश ने काकी मां के ऊपर झुककर नाभी में मुंह डाल दिया….काकी मां बिन पानी मछली की तरह इधर उधर सर मारने लगी और देवश भी गान्ड में ताक़त भरके चुत में लंड घिस्सता रहा….कुछ देर बाद देवश उठ गया और ऊसने काकी मां को फर्श पे बैठ उनके मुँह में ही लंड डाल दिया

काकी मां लंड को मुँह में लेकर चुस्ती रही…उसके अंडकोषो को भी हाथों से सहलाती रही…फिर खुद पे खुद देवश ने काकी मां के मुँह में धक्के मारने शुरू कर दिए…अओउू ओओउू करके काकी मां लंड को बारे ही आराम से चुस्ती रही….बीच में देवश ने कॉंडम लंड से खींचके उतार दिया और फिर काकी मां के मुँह में डाल दिया लंड काकी मां भी चुस्ती रही अंडकोष को भी मुँह में भरके बड़ी बड़ी से छूसा….बालों पे हाथ फेरते हुए देवश सिसकता रहा

फिर कुछ देर बाद ऊसने मुँह से लंड निकाला काकी मां के..और बैठकर उनके होठों का रसपान करने लगा दोनों होठों को होंठ से मिलाए स्मूच करने लगे….फिर उसके बाद जुबान से खेलने लगे…देवश उठ गया और ऊसने काकी मां को वैसे ही लेटा दिया टाँगें फिर खोल डाली और झांतों भारी बुर् में मुँह डाल दिया…गीली चुत में जुबान लगते ही काकी मां झधने लगी….उनके झधने के कुछ देर बाद भी चुत के दाने को देवश आराम से चुस्सें जा रहा था….फिर उनकी फहानकों में मुँह घुसाए रगड़ता रहा…उनके छेद में नाक घुसाए सूंघने लगा उनकी चुत को नीचे से लेकर ऊपर तक चाँटता रहा…कुछ देर बाद देवश ने नीचे गिरे थोड़े से फटे कॉंडम को लंड पे लगाया और फिर धाधा धढ़ चुदाई शुरू कर दी….काकी मां टाँग उठाकर चुदती रही और देवश चोदता रहा लगभग 12 मिनट में ही देवश ने जवाब दे दिया
Reply
09-17-2021, 12:09 PM,
#28
RE: Antarvasnax काला साया – रात का सूपर हीरो
(UPDATE-28)

और लबालब चुत को लंड के रस से भिगो दिया….चुत में लंड रस छोढ़ता रहा…और पसीने पसीने देवश फारिग होकर काकी मां से नंगा ही लिपट गया…दोनों पसीने पसीने कुछ देर तक पंखे की हवा खाते रहे…और कब नींद की आगोश में चले गये पता नहीं

अगले दिन दरवाजे पे दस्तक होती है…कोई दरवाजा ज़ोर से मर रहा था आवाज़ सुरीली थी शीतल कब से आवाज़ लगा रही थी….देवश अंगड़ाई लेकर काकी मां की तरफ देखता है उनके निवस्त्र बदन को देखकर फौरन ऊँपे चादर धकता है…काकी मां कोत्ोढहाज़ोर से जागता है पर काकी मां उठती नहीं….देवश उसी हालत में पजामा पहनकर दरवाजा खोलता है…शीतल बोलती है की दरवाजा क्यों नहीं खोल रहे थे?

और फिर ऊस्की निगाह अपनी मां पे पढ़ती है…हैरानी भाव तो थी ही…”अरे तू इतने जल्दी आ गयी?”……देवश ने बाल झधते हुए कहा….अपनी मां को नंगा देख बस सारी से ढकी चादर में सोई शीतल कुछ और नहीं कहीं

देवश : काकी मां कल रात को यही तहेर गयी थी
शीतल : हाँ मां बोली थी मां को मैं उठा देती हूँ
देवश : नहीं नहीं सोने दे उन्हें बहुत ताकि हुई थी तू बर्तन साफ कर दे मैं तैयार होने जा रहा हूँ और हाँ नाश्ता भी तैयार कर देना
शीतल : अच्छा (शीतल मुस्कराए अंदर चली जाती है)

देवश थोड़ा घबरा जाता है पर शीतल कोई पक्साफ़ लड़की तो थी नहीं अगर जान भी गयी तो क्या ? आज नहीं तो कल जानना ही पड़ेगा उसे…देवश गुसलखाने में घुस जाता है जब बाहर निकलता है तो काकी मां हप्पी छोढ़के मेरी ओर डरी निगाहों से देखती है मैंसब समझता हूँ शीतल नाश्ता तैयार कर रही है झटपट काकी मां चादर ही ओढ़े अंदर से ब्रा और ब्लाउज का हुक लगा रही है….

देवश : क्या हुआ काकी मां ? (मैंने धीमे स्वर में कहा)
अपर्णा : ये कब आई? मैं देखकर डर गयी पूछने लगी की आप ऐसे बिस्तर में भैया के साथ सोती हो तो मैंने कह दिया हाँ तू भी कुछ ज्यादा मत कहना शक हो जाएगा उसे मैं भी इतनी ज्यादा कल तक गयी की उठा ही नहीं गया
देवश : अच्छा ठीक है नाश्ता तो कर लो
अपर्णा : नहीं बेटा दो जगह घर का काम करने जाना है तू मुझे बस चाय दे दे

शीतल तब्टलाक़ आ गयी हाथ में चाय और नाश्ता का प्लेट था…अपर्णा काकी ने जल्दी जल्दी चाय पी और गुसलखाने में पेशाब करने गयी फिर अपने अलग थलग कपड़ों को ठीक किया सारी का पल्लू ढंग से पहना और शीतल को यह कहकर चली गयी की वो जा रही है भैईई का ख्याल रखना….अपर्णा के जाते ही शीतल ने दरवाजा लगा दिये और मेरे पास आई

शीतल : क्या भैईई कल रात लगता है मां के साथ बहुत छिपक्के सोए थे?
देवश : चल रे पगली तू मजे ले रही है मुझसे तैयार मां है वॉ
शीतल : हाँ हाँ सब जानती हूँ..तभी अपनी बेटी को देखकर काँप गयी तो इसमें डर की क्या बात मैं क्या जानती नहीं की यहां क्या होता है?
देवश : अच्छा तू ऐसा क्या जानती है?
शीतल : औरत सोते वक्त अपने कपड़े उतारके सोती तभी है जब उसे गर्मी लगती है मां को लगता है यहां कुछ ज्यादा गर्मी लगी है
देवश : चल चल अपना काम कर तेरी मां मेरी मां है समझिी
शीतल : आप गुस्सा मत हो मैं तो बस मज़ाक कर रही थी मैं तो जानती हूँ भैया मेरे मुझे और मेरी मां को कितना प्यार करते है

देवश ने फौरन शीतल का हाथ पकड़ लिया शीतल खुली हुई तो थी देवश से वो नजाकत से हाथ छुड़ाने लगी..पर देवश ने उसे अपने सीने से लगा लिया और उसे गाओड़ी में उठा लिया….शीतल श मां आस मां चिल्लाने लगी…”और बोलेगी बोल?”….शीतल हस्सते हुए माँफी मागने लगी…..तब जाकर देवश ने उसे पलंग पे लेटा दिया…

देवश : चल पगली अब मैं लेट हो जाऊंगा मुज़ेः भी निकलना है
शीतल : हाँ तो जाओ ना किसने रोका है आप तो बस अपनी बहन के साथ मस्ती करने लगे
देवश : लगता है तेरी शादी जल्दी करनी पड़ेगी
शीतल : नहीं भाई मैं मां से और आपसे दूर नहीं जाना चाहती आप जैसा भाई कहाँ मिलेगा जो इतना घूमता है फहीरता है खिलता है महेंगे महेंगे कपड़े देता है पता है मेरी सहेलिया वो ड्रेस देखकर बोली ये तो महेंगा है बाय्फ्रेंड ने दिया क्या?
देवश : तो बोल देती की बाय्फ्रेंड ने ही दिया है
शीतल : च्िी पागल हो
देवश : ज्यादा शरमाया मत कर मुझसे मैं तेरा अपना ही तो हूँ अगर बोल भी दिया तो क्या हुआ? पर हाँ ये सब बात मां को मत बताना
शीतल : पागल समझे हो क्या

देवश ने फौरन शीतल का हाथ पकड़कर उसे अपने गाओड़ी में बिता दिया…शीतल उठने लगी…देवश ने उसके गाल पे ज़ोर का एक पप्पी लिया…तो शीतल अपने गाल मलते हुए देवश को हल्की छपात मारकर भाग गयी देवश मुस्कराने लगा उसका लंड फिर खड़ा हो चुका था….

उधर कर्राहेतीं भरता हुआ अंजर एकदम से भौक्लके उठ बैठा…और सामने देखकर कनपने लगा…उसके चेहरे पे एक जोरदार थप्पड़ ऊस शॅक्स ने रसिदा था…सामने बैठा शॅक्स कोई और नहीं काला साया था “टीटी…तुऊउ यहां पे?”…..काला साया तहाका लगते हुए उठ खड़ा हुआ…”क्यों आबे डर लग गया क्या?”……अंजर हक्का बका चुपचाप गाल पकड़े बस बैठा ही है
Reply
09-17-2021, 12:09 PM,
#29
RE: Antarvasnax काला साया – रात का सूपर हीरो
(UPDATE-29)

काला साया : तेरा बेटा मर गया सुनकर दुख हुआ…पर तुझे पता है शांतलाल को किसने मारा? मैंने मारा? तेरी बीवी सबकुछ जानती है
अंजर : टीटी…तू किस बारे में बात कह रहा है?
काला साया : यही की तेरा बुरा वक्त शुरू हो चला है

काला साया…एकदम से पास रखे हाँडयकाम को ऑन करके अंजर को देता…अंजर हड़बड़ाकर काँपते हुए जैसे ही वीडियो में देखता है ऊस्की गान्ड फॅट जाती है…आह आहह की आहों की आवाज़ के साथ एक ब्लूएफील्म स्टार्ट होती है…जिसमें ऊस्की बीवी कुटुम्ब नंगी मदरजात शांतलाल से चुदाया रही है…”ये उसी होटल का क्लिप है जहाँ पुलिस को शांतलाल का लाश मिला अब तेरी बीवी वहां क्यों चुदाया रही है ये तो?”…..अंजर एकदम से काला साया का गिरेबान पकड़ता है

अंजर : हारमििइ मेरी बिववी के सतह कैससीए?
काला साया : काफी लंबी चौड़ी कहानी है सुनेगा तो सुनौंगाअ

अंजर एकदम बहुत बन जाता है…और वो वीडियो देखकर ऊस्की आँखें शर्म से फॅट जाती है….रस से चुत भीग रही थी…वीडियो क्लिप के खत्म होते ही कुटुम्ब मदमस्त काला साया से चुदवाने लगती है अगले वीडियो क्लिप में भी…ये सब देखकर अंजर का पारा चढ़ जाता है और वो हाँडयकाम फैक देता है…..हाँडयकाम टूट जाता है…काला साया मुस्कुराकर बताता है की ये सिर्फ़ तो एक कॉपी थी ना जाने कितने ऐसे ही वीडियोस वेबसाइट्स पे उपलॉअडेद है कुटुम्ब भाभी के नाम से….अंजर चिल्ला उठता हाीइ….काला साया मुस्कुराकर उसे सारी बातें बताने लगता है कैसे कुटुम्ब उसके फांसे में आई? शांतलाल ने अपना बदला ऊस्की बीवी को चुड़वके लिया? फिर शांतलाल का खून कैसे हुआ? और वॉ अभी काला साया की रांड़ बनी हुई है ये सब सुनकर अपना कलेजा पकड़ लिया अंजर ने और वही दम सांडके बैठ गया

काला साया : आबे तू ही सोच तुम्हारे कुकारम तुम्हें कहाँ से कहाँ ले जा रहे है? तेरा बेटा ऊस्की मौत कोई साधारण नहीं थी…मैंने ही मारा था उसे (अंजर एकदम से भौक्ला उठा और ऊसने फौरन पास रखकर वैसे को काला साया पे मारना चाहा पर काला साया ने उसके हाथ को ऐसा मड़ोदा की वो दर्द से बिबिला उठा)

काला साया ने उसे फिर कुर्सी पे बिता दिया….”तू मुझ..से क्या चाहतता है? मैंन्न पुलिस को सब्ब बाटा दूँगा की तूने परिवार!”……काला साय ने ऊस्की बात बीच में ही कांति क्योंकि एक टेप रेकॉर्डर हुआ…जिसमें हंस हस्सके कुटुम्ब और अंजर अपने गुनाहो का बयान कर रहे है कैसे भोली भाली औरतों का रेप खेत की औराटोको डरा धँकके उनका रेप किया उसके बेटे और ऊसने मिलकर शांतलाल से ऊस्की क्या इन्वॉल्व्मेंट थी?”……ये सब बातें खुद अंजर ने शराब के नशे में कहीं और वो भी बीवी के दबाव में जिसे काला साया ने बखूबी से धमकी के दबाव में देकर ये सब कहने को उकसाया

अंजर अपने मुँह पे हाथ रख लेता है…इतने में बाहर की घंटी बज उहतित आई…”जल्दी जाओ क्या पता? पुलिस आई हुई हो सब कुछ जानते हुए”…….अंजर एकदम से भौक्लाए बाहर दौधा काला साया कमरे में मुस्कराए बैठा रहा….जल्दी से बाहर का दरवाजा खोलते ही सामने कैरियर वाला था ऊसने एक लिफाफा दिया…अंजर ने झट से साइन किया और लिफाफा अंदर लाया उसे फड़के देखा तो उसके हाथ से लिफाफा चुट्त गया

लिफाफे में कैद ऊस्की बीवी कुटुम्ब और शांतलाल के अश्लील तस्वीरें थी जिसमें लंड मुँह में लेकर कुटुम्ब चुस्स रही है किसी में चुदाया रही है किसी में चुत से रस बह रहा है…ये सब देखकर अंजर ने फोटो को उसी वॉट उठाए काला साया के मुँह पे मारना चाहा “हरामीी तू मुझे ब्लैकमेल कर र्हाः आईईइ”…..चिल्लाते हुए

काला साया : नहीं सिर्फ़ तुझे तैयार गलती का अहसास करा रहा हूओ
अंजर : त…तू कौन्ण है?
काला साया : कौन्ण हूँ मैंन जानना चाहता है ना क्या है मेरा वज़ूद तो सुन इस घर का कभी मैं वारिस होया करता था अपना भैईई याद है तुझे मिस्टर डेपनकार चट्‍त्ेरज़ीए…मिसेज़ सूमी चटर्जी ऊँका एक हंसाता खेलता परिवार था जिसे तूने आग लगाया….तूने कइयों की जिंदगी उज़दी ऊसमें एक नाम मेरे परिवार का था….
अंजर : न…नहीं ये नहीं हो सकता इसका मतलब्बब तूमम?
काला साया : हान्णन्न् मैंन्न (उसके बाद काला साया ने अपने मुकोता उतार दिया अंजर की साँसें रुक गयी कोई पुराना शॅक्स सामने था जिसके आंखों में बदले की भावना थी)
काला साया : मैंने सिर्फ़ दिव्या के लिए तुझे नहीं थोड़ा और ना ही तेरे परिवार को मैंने ऊन हर मासूमों के साथ साथ काला साया बनने के पीछे का बदला लिया है….
अंजर :एम्म…मुझे मांफफ्फ़ कार दी तू बेटा मेरे हाथों से कोई खून
काला साया : तू ही है ना जिसने मेरे परिवार को खईई से फ़ेक दिया था गाड़ी सहित ब्रेआकफैल किया था तूने ये घर हमारे नाम होने जा रहा था पहले तूने अपनी मां को मारा आजतक उनकी लाश नहीं मिली और फिर मेरे मां बाप को

काला साया के आंखों से आँसू बहाने लगे…”लेकिन आज तू और तेरी बीवी देखेगीइ”….इतना कहते ही कमरे में काँपते हुए कुटुम्ब आती है अंजर उसे देखकर चुपचाप खड़ा रहता है शर्म से कुटुम्ब सबकुछ जानते हुए सूबक रही थी….काला साया ने उसके बालों से उसे पकड़ा और ऊस्कीसरी को खींच के उतार दिया…काला साया ने फौरन अंजर को वही गुण दिखके बिता दिया

काला साया ने अपने चाचा और चाची को एक बार मुस्कुराकर देखा और फिर अपना लंड कुटुम्ब चाची के गान्ड पे घिस्सने लगा “आओ कुटुम्ब चलो चुदाई करते है”…..कुटुम्ब शर्म से पानी पानी हो गयी

काला साया जानभुज्के मुँह फहीराए अंजर को दिखाते हुए कुटुम्ब को चोदने लगा और ऊस्की छातियो को दबाने लगा ऊस्की चुत में लंड डालने लगा…अंजर अपने कलेजे को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से रोने लगा….और फिर उसी वक्त पीछे के रास्ते भाग कहरा हुआ वो पीछे देखता है की एक राक्षस का मुकोता पहना शॅक्स उसके पीछे दौड़ रहा है वो पुलिस स्टेशन की ओर से दूसरी ओर भागने लगता है उसके हाथ में बंदूक है याकेनान काला साया भी उसे मर देगा ये सब सोचते सोचते…वो भागता गया और भागता गया सब उसका यह हाल देखकर अचंभित थे कोई ऊस मुकोते पहने शॅक्स को नहीं देख सका और अंजर भागता हुआ जल्द ही भौक्लाए में ऐसा बीच सड़क पे भागा की ट्रक के सामने आ गया उसे ट्रक नहीं दिखी और चीखक्क्क़ीए आआअहह”…..एक बेदर्द आवाज़ उसके गले से निकली और फिर लोगों की भीढ़ इकहट्टा हो गयी

ट्रक ने एक आदमी को कुचल डाला था…उसका हाथ दूसरी ओर पाओ दूसरी ओर सर दूसरी ओर गिरा हुआ था चारों ओर खून ही खून बिखरा हुआ था…वो मुकोता पहना शॅक्स दूर से ही साए में जाकर अपना मुकोता उतरता है….ऊस मुकोते के पीछे काला साया का मुकोता होताः आई उसके लंबो की मुस्कुराहट उसके बदले की जीत को दर्शा रही थी….ये एक प्लान था एक सोचा समझा प्लान…पुलिस आई तफ़तीश हुई और फिर देवश कुटुम्ब के घर जाकर उसे बताता है की उसका पति नहीं रहा

कुटुम्ब बेसहारा हो जाती है…ऊसको दिमागी टूर से ऐसा झटका लगा था की वो हर किसी को अपना गुनाह बता रही थी उसे बच्चा ले वाना वो उसे मर देगा…..देवश ने फौरन उसे हिरासत में ले लिया…और केस की तफ़तीश की पता चला अंजर का बेटा ब्लूएफील्म बनता था ऊस्की वीडियो पीसी में मिली दूसरी ओर अंजर ने एक लेटर में अपने गुनाहो को साफ लिख डाला था काला साया के प्लान के मुताबिक की ऊसने अपने परिवार को मर के जाएज़ाद हड़पि जिसके गुनाह को वो और सहन नहीं कर पा रहा…दिमागी टूर से वो पागल बताया गया दराज़ में कुछ पिल्स मिली…आंटी डिप्रेशन टॅब्लेट्स आस पड़ोस से पूछा गया दिल के दौरे से मौत हुई और जिसका कारण आक्सिडेंट भी हुआ तीसरी ओर चाची और शांतलाल का गैर रिश्ता था दोनों होटल में चुदाई करते थे शांतलाल ने कुटुम्ब को धमाकाया तो ऊसने उसे गोली मर के हत्या कर दी उसका वीडियोस भी वेबसाइट्स एमील गया उपलॉअडर का पता नचला और पूरे परिवार को दोषटी तेहराया गया…पोस्टेरमेर्तूम में कोई ऐसी चीज़ कोदेखके अंजर को ऐसा झटका लगा की वो अपना दिमागी संतुलन खो बैठा…ये सब जानते हुए देवश ने कुटुम्ब दिमागी टूर से पागल है ऊस की हालत देखकर उसे पागलख़ाने भेज दिया…और इस तरह काला साया ने अंजर के पूरे परिवार से बदला ले लिया

घर में एक बड़ा टाल झूल गया…जाएज़ाद के पेपर्स पे काला साया ने अपने सिगनेचर्स कुटुम्ब चाची को ब्लैकमेल करके हासिल कर लिए थे अब वॉ इस पूरे बंगले का मालिक बन चुका था पर किसी के सामने वो नहीं आया…किसी को कानों कान कभार नहीं हुई की काला साया का हाथ था इन सब में….पूरे मोहल्ले में कुटुम्ब और पति का नाम गीना गया…और इस तरह केस बंद हुआ…
Reply

09-17-2021, 12:09 PM,
#30
RE: Antarvasnax काला साया – रात का सूपर हीरो
(UPDATE-30)

ऊस रात ही दिव्या और काला साया अपने चाचा के वीरान घर में प्रवेश करते है

वो रात बेहद डरावनी सी थी…कितने सवाल थे ऊस गारज़ते बिजलियो जो बादलों से निकलकर आसमान में गूंज रहे थे…हवा की हो हो करती आवाज़ आज बेहद डरावनी थी….कभी हूओ हूँ करती ऐसा लगे जैसे कितने आत्माए हवाओं में तैरती हुई मुँह से हो हो करती शब्द निकाल रही हो….मौसम का मिज़ाज़ कुछ ठीक नहीं था

जल्दी दिव्या ने मोमबत्ती जलाई और देवश के साथ आँगन में बैठ गयी…पुलिस ने बाहर के ताले को तो सील कर ही दिया था ये घर वीरान पड़ा था…इस घर के वारिस के बार्िएन में पुलिस को कुछ पता नचला इसलिए सरकार इसे अपने अंदर ले लिया है..लेकिन काला साया खुश था ऊसने अपनी पुरानी संपत्ति और ख़ासकारके अपना पुराना घर वापिस पा लिया वॉ बस चुपचाप ऊन दीवारों आस पास के मिट्टी धूल में सनी छोढ़ी हुई चीज़ेवं को देख रहा था

“इस घर को तुमने एक ही झटके में बर्बाद कर डाला काला साया”……काला साया ने पीछे मुदके दिव्या की बात सुनता है

“ये घर तो बहुत पहले ही बर्बाद हो चुका था…इनकी एक एक एत नाइंसाफी की बनी हुई है….कैसे मेरे ही चाचा और चाची ने अपने लालच के लिए इस घर को हड़पा ऊसमें कितनी जानें गयी और तुम कहती हो की मैंने इस घर को बर्बाद कर डाला हाँ किया….बर्बाद तो महेज़ एक तूफान का झोंका ही कर देता है हम तो महेज़ इंसान है…और इस बेजान इमारात को हम क्या बर्बाद करे?”……काला साया तहाका लगते हुए लंबी साँस लेता है

दिव्या : अपने आप पे काबू करो
काला साया : तुम नहीं जानती दिव्या ये घर कभी मेरा होया करता था मुझे 20 साल तक इस घर से दूर रहना पड़ा गरीबी एमिन जो मैं डिज़र्व नहीं करता था…मेरा हक़ मुझसे छीना गया और आज मैं बेहद खुश हूँ
दिव्या : घर तो तुम्हारे नाम हो चुका है लेकिन तुम इस घर में प्रवेश कैसे करोगे? ये घर तो अब वीरान इमारत बन चुका है लोगों के दिल में एक डर पैदा हो गया है इस घर को लेकर की ये घर भुतिया है
काला साया : जहाँ सिर्फ़ अंधेरा हो वहां आम इंसान को वो डरावनी भुतिया हवेली से कम नहीं लगती लेकिन मेरे लिए ये मेरा साया है काला साया सिर्फ़ अंधेरो में ही वास करता है कितनी शांति है यहां? मानो जैसे कितने लोगों की मातम चाय हो
दिव्या : तो क्या यहां फिर कभी उजाला नहीं होगा कभी खुशी दरवाजे पे दस्तक नहीं देगी
काला साया : देगी दिव्या एक दिन जरूर देगी और तुम देख सकोगी वो दिन जरूर देख सकोगी जरूर (काला साया गंभीर हो जाता है दिव्या के मन में एक ही सवाल था की इस मुकोते के पीछे आख़िर है कौन? ताकि वो उसे देख सके उसके चेहरे को हाथों में भरके उसके होठों को चूम सके)

दिव्या ने कंधे पे काला साया के हाथ रखा और उसके मुकोते से निकलते आँसुयो को पोंछा…दोनों ऊस रात घर के बाकी हिस्सों में दिया जलके कुछ वक्त बिताते है और निर्णय लेते है की वॉ यहां हमेशा आया करेंगे रात को ताकि इस घर को भी वो इस्तेमाल कर सके

उधर गंभीरता से देवश पीसी पे काम कर रहा होता है….वो नेट पे अबतक के सूत्रो के अनुसार काला साया के नक़ाब को खोज निकलता है…उसका मुकोता कुछ ऐसा था…जिससे समझना बेहद आसान था…ना ही वो ऑनलाइन से खरीदा जा सकता है और ना ही ऐसा मास्क कोई दुकान एमिन बिकता है आस पड़ोस के शहर में भी मौूयंा करके देवश ने पूछा था पर कोई खास सुराग नहीं मिला

“दंमनित्त”…..देवश गुस्से से पास रखकर कागज़ को हवा में उड़ा देता है…और अपने नाम आंखों से कुर्सी पे ही बैठा बस बाहर के गारज़ते बादलो की आवाज़ को सुनाने लगता है

अगले दिन वो दफ्तर पहुंचता है अचानक से उसके ज़हन में एक बात याद आती है…काला साया को पकड़ने के लिए एक तरक़ीब कुटुम्ब ने बताया था की एक लड़की है नाम दिव्या है उसका…देवश जो पहले से बहुत ध्यान दे रहा था काला साया को पकड़ने के लिए इसलिए ऊसने फौरन अपने दिमाग को भीड़ाया…हवलदार को बोलता है की वो दिव्या नाम की लड़की को ढूँढ दे जो कुटुम्ब के घर में काम करती थी..हवलदार को लगा शायद दिव्या देवश की ही कोई जुगाड़ होगी और अगर उसे पता चल जाता भैसाहेब काला साया को पकड़ने की केस को लेकर काफी ध्यान लगा रहे है तब तो उसे समझ आ जाता की जैसे भी.ए के पेपर में आदमी फैल होता है वैसे ही देवश को ये केस बंद करवाने में वक्त नहीं लगेगा

देवश उसी जगह का मुआना करता है जहाँ अंजर की मौत हुई थी…ना जाने क्यों उसे कुछ कुछ महसूस हो रहा था…ऊसको जब पॉर्न वीडियो के बार्िएन में पता चला था तो वो ऑलरेडी साइट से डेलीटेड कर दिया गया था…पर एक कॉपी अब भी साइबर क्राइम डिपार्टमेंट के पास थी….ऊसने फौरन ऊस वीडियो को चलाया वीडियो बेहद सेक्सी थी…लेकिन देवश का ध्यान मुकोते पहने शॅक्स पे गया एकदम देखने में काला साया तो क्या काला साया? हो सकता है वो शॅक्स जिसने अंजर और ऊस्की बीवी के साथ या फिर शांतलाल केस?…..ऊसने फौरन ऊस मुकोते के स्केच को उससे मिलाया…हूबहू स्केच था पर ऐसा मुकोता जो कोई भी एक कपड़े में मुँह कान छेद करके बना ले अब किसे समझ आए की वो कौन है?

देवश को कुछ समझ नहीं आया शायद ये शांतलाल ही हो…लेकिन शांतलाल की मौत के बाद भी वीडियो उपलॉअडेद हुए वॉ कैसे? यानि कोई ब्लॅकमेलर था…कोई दुश्मन दिव्या भी कुटुम्ब अंजर से जुड़ी हुई थी उसका बेटा साहिल के जिस्म पे भी बेल्ट के निशान थे हालाँकि उसके दोस्त भाग गये इसलिए कोई सबुट्ट नहीं मिल पाया शायद डर के मारें वो लोग भाग गये हो…वैसे रेप का कांड तो ऊन लोगों ने भी किया था

देवश का माता सर चढ़ रहा था…अंजर के डेत के मुआने के टाइम ही अचानक उसे करीब 10 में दूर में एक ज़मीन पे मिट्टी पे साना मुकोता मिलता है…ये मुकोता राक्षस जैसा था…काला साया के मास्क से बिलकुल हटा कर…देवश आस पास के लोगों से पूछता है…सबका एक ही कहना था की ऐसा मुकोता वाला शॅक्स किसी ने देखा नहीं…देवश को अंजर की रिपोर्ट्स से पता भी चला की उसे डाइयबिटीस के साथ दिल का दौरा पढ़ता था तो क्या ऐसे भयंकर मास्क पहने शॅक्स को देखकर वॉ भागा हो शायद खूनी ने यही मास्क पहनेके खून किए हो…मामला बहुत पैचिड़ा होने लगा….देवश ने फौरन ऊस मास्क को घर लाया

और उसे साफ किया…उसे अपने चेहरे पे फिट किया…तो वो आराम से फिट हो गया..”वाहह यानि जिसका भी ये मास्क है उसका चेहरा मेरे जैसा है यानि किसी बच्चे का नहीं”…..मास्क को अपने हाथों में लेकर देवश टटोलता है….अचानक उसे हवलदार का फोन आता है की ऊसने दिव्या को देखा है पर वॉ कुटुम्ब का नाम सुनना भी नहीं चाहती

देवश समझता है की उसे खुद ही दिव्या से मिलना पड़ेगा….वॉ खुद पे खुद दिव्या का पीछा करता है दिव्या का गो पहले तो बहुत आपत्ति जताता है पर थोड़ा दबाव देने पे वो दिव्या से मिलवाता है दिव्या नजरें झुका रही थी ये तो पता था लेकिन ऊसने सरल से देवश का सारा जवाब दिया की कैसे ऊसपे ज़ुलाम हुए? साहिल ने ऊस्की इज्जत लूटी…देवश को कोई खास इंटेरेस्ट नहीं लगा

देवश को पता था की काला साया ने उसे बचाया है…देवश उसका पीछा करता है…और तभी देखता है की वो एक बारे बंगले में जाकर घुस जाती है…इतना वीरान बांग्ला और एक गरीब लड़की ऐसे घर में किसके साथ रहती है?….देवश ऊस वीरने घर में सीधे दस्तक नहीं देता…उसके आस पड़ोस में पूछता है तो पता चलता है वो घर तो कब से बंद पड़ा हुआ है? किसी आदमी का है जो कलकत्ता में रहते हां वो भी सुनी हुई बात है…देवश को कुछ बात खटकने लगी अभी तो वो लड़की अंदर गयी जिसका ज़िकार करते ही एक आदमी ने बताया की वॉ यहां की साफ सफाई करती है…और किसी से मिलती जुलती नहीं उसका साहेब किसी को घर में बुलाना पसंद नहीं करता..लेकिन उसका साहेब भी नहीं दिखता वो खुद कहती है ये बात

काला साया जितना रहस्मयी था ऊटना ही ये बात देवश को रहस्यमयी लग रहा था….देवश ने ऊस दिन कुछ नहीं किया घर आया और बस ऊस मुकोते को घूर्रते रहा…दिल का डुआरा…किसी चीज़ को देखकर अंजर ट्रक के नीचे आया…तो यही मुकोता पहना शॅक्स था वो ऊसने ब्लकमैइल किया कुटुम्ब को साथ में वीडियो बनाया…शांतलाल जुड़ा हुआ था कुटुंब्ौर अंजर से फिर ऊस्की डेत….कुटुम्ब किसी लायक नहीं जो उसके बारे में कुछ बयान कर सके उसका मानसिक संतुलन खो बैठा है…अचानक दरवाजे पे दस्तक हुई…शीतल ने देखा की कोई दरवाजा नहीं खोल रहा
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Thumbs Up Porn Story गुरुजी के आश्रम में रश्मि के जलवे sexstories 122 942,895 6 hours ago
Last Post: nottoofair
Star Free Sex Kahani लंसंस्कारी परिवार की बेशर्म रंडियां desiaks 51 337,363 10-15-2021, 08:47 PM
Last Post: Vikkitherock
Lightbulb Kamukta kahani कीमत वसूल desiaks 141 631,268 10-12-2021, 09:33 AM
Last Post: deeppreeti
Thumbs Up bahan sex kahani ऋतू दीदी desiaks 103 405,487 10-11-2021, 12:02 PM
Last Post: deeppreeti
Tongue Rishton mai Chudai - दो सगे मादरचोद desiaks 63 81,140 10-07-2021, 07:01 PM
Last Post: desiaks
Thumbs Up Indian Sex Kahani चूत लंड की राजनीति desiaks 75 68,357 10-07-2021, 04:26 PM
Last Post: desiaks
  Chudai Kahani मैं और मौसा मौसी sexstories 30 165,302 09-30-2021, 12:38 AM
Last Post: Burchatu
Star Maa Sex Kahani मॉम की परीक्षा में पास desiaks 132 702,079 09-29-2021, 09:14 PM
Last Post: maakaloda
Star Incest Kahani पापा की दुलारी जवान बेटियाँ sexstories 228 2,352,279 09-29-2021, 09:09 PM
Last Post: maakaloda
Star Desi Porn Stories बीबी की चाहत desiaks 86 315,190 09-29-2021, 08:36 PM
Last Post: maakaloda



Users browsing this thread: 2 Guest(s)