bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्घाटन
04-23-2019, 12:03 PM,
#21
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
पायल दीदी तो दूसरी तरफ चेहरा करके अपना चेहरा सॉफ करने मे लगी थी, उन्होने अपना फेस जब दोबारा घुमाया तो वो पहले से ज़्यादा दमक रहा था, उसपर मेरे लंड से निकले पानी की चमक चढ़ चुकी थी, ऐसा लग रहा था जैसे कोई तेल लगाया है दी ने अपने चेहरे पर, और मैने नोट किया कि जय उनके दमकते चेहरे को देख कर कहीं खो सा गया है..

वहीं दूसरी तरफ काजल मुझे देख रही थी, उसकी नज़रों मे पछतावा था, वो शायद सॉरी फील कर रही थी, पर जय और पायल के सामने बोलने से घबरा रही थी, मैने भी अपनी अकड़ दिखाते हुए उसके चेहरे से नज़रे घुमा ली और जय भैया से दिन भर की बातों के बारे मे पूछने लगा..

पायल और काजल दोनो चुप से थे, और दोनो की चुप्पी अलग-2 रीज़न की वजह से थी.

खैर, कुछ देर बाते करने के बाद हम सभी नीचे आ गये, मोम-डॅड भी थोड़ी देर मे घर पहुँच गये और सबने मिलकर खाना बनाया और खाया भी.

अचानक मोम ने याद दिलाया कि कल मेरा बर्तडे है.

ओह्ह गोद, इन सब बातो की वजह से मुझे खुद अपना बर्तडे याद नही रहा, कुछ दिन पहले तक तो मैं और पायल दी इस बारे मे कितने प्लान बना रहे थे, वो मुझसे बर्तडे गिफ्ट के बारे मे भी पूछ रही थी, मैने उसे सॅमसंग मोबाइल देने के लिए कहा था उस वक़्त तो, पर ये बात मुझे पता था की इतना महँगा फोन वो ले नही सकेगी मेरे लिए,

जय भैया भी काफ़ी खुश हुए ये सुनकर, लास्ट एअर मेरा बर्तडे हमने उनके घर आगरा मे मनाया था और काफ़ी धमाल-छोकड़ी मचाई थी, इस साल भी वो यही सब करने की प्लानिंग कर रहे थे, काजल अभी भी चुप थी.

खाना खाकर कुछ देर तक टीवी देखा और फिर सोने की तैयारी होने लगी, मैं और जय भैया अपने रूम मे आ गये और कपड़े चेंज करके बेड पर बैठ गये, अभी बैठे हुए कुछ ही समय हुआ था कि दरवाजा किसी ने खटकाया, मैने टाइम देखा तो 12 बजने वाले थे, दरवाजा खोलते ही पायल दीदी और काजल खिलखिलाती हुई अंदर घुस आई, मैं उन्हे इस वक़्त अपने रूम मे देख कर हैरान था पर उनके कपड़े देख कर कुछ बोलना ही भूल गया.
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04-23-2019, 12:03 PM,
#22
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
दोनो ने टी शर्ट और निक्कर पहनी हुई थी, काजल का तो पता नही पर पायल दी को मैने पहली बार निक्कर मे देखा था, वैसे तो उनका सब कुछ देख ही चुका था मैं पर इस ड्रेस मे उनका मादक जिस्म बड़ा ही सेक्सी लग रहा था.. ख़ासकर उनकी मोटी जांघे, जो पपीते के पेड़ के तने जैसी मोटी चिकनी थी, और काजल की तो बात ही ना पूछो, उसने जो शॉर्ट्स पहनी हुई थी, उसमे उसके कूल्हे ऐसे फँसे हुए थे जैसे तरबूज लगा कर आई हो पिछवाड़े मे.. उसकी उभरी हुई गान्ड बड़ी ही कमाल की लग रही थी.

मैं कभी पायल दीदी को देखता तो कभी काजल को, जय भैया का भी यही हाल था, उन्हे देख कर सॉफ पता चल रहा था कि अपनी बहन के कपड़ो पर उन्हे गुस्सा तो आ रहा था पर पायल दीदी के कपड़े देख कर वो कुछ बोल ही नही पा रहे थे.

पायल : “क्या हो गया है तुम दोनो को, कभी लड़किया देखी नही है क्या, ”

जय और मैने झेन्पते हुए अपना चेहरा घुमा लिया..

पायल : “ओके, मेरे दिमाग़ मे एक प्लान है कल के लिए, कल हम सभी माल जाएँगे.. वहाँ मूवी देखेंगे, बाद मे वॉटर पार्क जाएँगे, और रात को केक लाकर घर मे जबरदस्त पार्टी करेंगे,” 

वो ये सब एक ही साँस मे बोलती चली गयी, उसकी बातों से उसकी एग्ज़ाइट्मेंट का सॉफ पता चल रहा था..

मैं तो इस बात पर भी हैरान हो रहा था कि वो अब मुझपर गुस्सा भी नही थी, मैने उनकी आँखो मे देख कर ये जानना चाहा पर ऐसा कुछ दिखा ही नही, मैं समझ गया कि मेरे बर्तडे की वजह से शायद मुझे ये जीवनदान मिला है उनकी तरफ से.

वही दूसरी तरफ काजल भी पहले जैसी चाहक रही थी, उसकी आँखो की चमक बता रही थी कि मुझे देख कर उसके दिल मे क्या हो रहा होगा इस वक़्त, वो मंद-2 मुस्कुरा रही थी, आँखो मे एक नशीलापन भी था जब वो मुझे देख रही थी, ठीक वैसे ही जैसे कोई अपने लवर को देखता है..

मैने भी उसे स्माइल पास की.

और फिर मैने जय भैया की तरफ देखा, जो अभी तक आँखे फाडे अपनी छोटी बहन और कज़िन सिस्टर को देखने मे लगे थे, उनकी नज़रें काजल पर तो नही पर पायल दी पर ज़्यादा थी, अब तो मेरा शक और भी पक्का हो रहा था कि ज़रूर वो उन्हे लाइक करते है..

मैने तो झट से हाँ कर दी काजल और दीदी के इस प्लान को सुनकर, जय भैया को भी भला क्या प्राब्लम होने वाली थी, उन्होने भी हाँ कर दी, और फिर कुछ देर बैठकर वो दोनो वापिस चली गयी, जाते हुए उनके कुल्हो को मैं और जय घूर-2 कर देख रहे थे.. जय भाई का तो पता नही पर मेरे मन मे यही आ रहा था कि काश इस वक़्त उन्हे नंगा चलते हुए देख पाता.

अगली सुबह मेरी नींद एक जोरदार आवाज़ के साथ खुली, आँखे खोली तो मेरे सामने सभी लोग खड़े थे, मोम-डॅड, जय, काजल और पायल दी, और उन सभी के हाथ मे एक-2 फ्लवर था, मुझे बहुत अच्छा लगा जब सबने मिलकर मुझे बर्तडे विश किया और मोम ने मेरा मुँह भी मीठा करवाया..

आज का दिन बहुत ख़ास होने वाला था.

फिर सभी नीचे चले गये, और मैं सीधा बाथरूम मे घुस गया और नहा कर ही बाहर निकला.. मैने उस वक़्त सिर्फ़ एक टवल लपेट रखा था.. और जैसे ही मैने अपनी अलमारी खोली तो मैं उछल पड़ा..

मेरी अलमारी मे पायल दी बैठी थी.

मेरी तो कुछ समझ मे नही आया कि ये यहाँ क्या कर रही है, और मुझे डर भी लगा कि उसे इस तरह यहाँ बैठे कोई देख लेगा तो क्या सोचेगा..

पर वो जानती थी कि वो क्या कर रही है.. और मेरी आँखो का डर देख कर वो समझ गयी कि मेरे दिल मे क्या चल रहा है..

वो बोली : “डरो मत, सब नीचे है, अभी कोई उपर नही आएगा, ”

मैं : “पर दी, ऐसे, यहाँ क्यो, ”

वो बड़े ही सेक्सी अंदाज मे बोली : “तुम्हे गिफ्ट भी तो देना था ना, ”

मैं : “गिफ्ट, यहाँ.”

वो अपनी आँखे नचा कर बोली : “और नही तो क्या, ”

मैने भी इस मामले को जल्दी निपटाने के लिए कहा : “ओके दो फिर, जल्दी, इससे पहले कि कोई उपर आ जाए, ”

वो अपनी छातियाँ मेरी तरफ लहरा कर बोली : “आइ आम युवर गिफ्ट, ”

उनकी ये बात मेरे दिल मे उतर गयी सच कहूँ, पायल दी की ये बात सुनकर मुझे इतना प्यार आया कि मैने भी दुनिया की परवाह किए बिना उनके चेहरे को पकड़ा और एक जोरदार स्मूच कर दिया उनके रसीले होंठों पर,

”उम्म्म्ममम माइ बैबी, हॅपी बर्तडे माइ लव,”

और उन्होने भी अपनी शहद की दुकान यानी अपने मुँह की चाशनी मेरे लिए खोल दी, जिसे मैं अपने होंठों से किसी जंगली कुत्ते की तरह चाटने लगा..

मेरे हाथ अपने आप उनके बूब्स पर पहुँच गये और उन्हे ज़ोर-2 से दबाने लगे, मेरा लंड टवल मे पूरा खड़ा होकर सामने वाले हिस्से से बाहर निकल आया जिसे पायल दी ने अपने हाथ मे पकड़ लिया, और फिर मुझे चूमती-2 वो धीरे से नीचे होकर मेरे लंड तक गयी और उसपर भी एक रसीली किस कर दी.

सच मे, अपनी सिस्टर की तरफ से इससे रसीला गिफ्ट मुझे आज तक नही मिला था.

फिर वो उछलकर अलमारी से बाहर निकल आई और बोली : “उम्म्म, मन तो नही कर रहा तुझे छोड़ने का, पर इस वक़्त ज़्यादा पंगा लेना सही नही है, ये तो तेरे बर्तडे की शुरूवात है, आज पूरा दिन तेरे साथ क्या-2 होगा, ये तू भी नही जानता, ”

और मुझे एक आँख मारती हुई वो नीचे चली गयी.

और मैं, टवल मे खड़ा हुआ, उनकी बात सुनकर अपने आने वाले टाइम का इंतजार करने लगा..

उनकी बात मेरे कानो मे गूँज रही थी..’आज पूरा दिन तेरे साथ क्या-2 होगा, ये तू भी नही जानता’.

उन्हे अभी गये हुए 1 मिनिट भी नही हुआ था कि काजल उपर आ गयी… मैं अभी तक पायल दी के होंठों से मिली प्यारी सी स्मूच का स्वाद लेने मे लगा था… काजल को देख कर मैं फिर से घबरा गया..
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04-23-2019, 12:03 PM,
#23
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
वो मेरे करीब आई और बोली : “मैं तुम्हे कल से सॉरी बोलना चाह रही थी, पर मौका ही नही मिला…”

मैं चुप रहा.

फिर वो थोड़ा आगे आई और बिल्कुल मेरे जिस्म से लगकर खड़ी हो गयी, इतना करीब की मेरे टावाल का खड़ा हुआ लंड उसकी चूत के उपर वाले हिस्से को टच कर रहा था, तभी मुझे ये एहसास हुआ कि मेरा लंड अभी तक खड़ा है.

वो मेरी आँखो मे देखते हुए, मेरे दोनो हाथों को अपने हाथ मे लेकर एक बार फिर से बोली : “आइ आम सॉरी राज आंड हॅपी बर्तडे..”

इतना कह कर उसने भी अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और उन्हे चूसने लगी..

मेरा तो दिमाग़ ही चलना बंद सा हो गया.. पहले पायल दी और अब ये काजल भी… दोनो एक ही तरीके से , बारी-2 मुझे बर्तडे विश कर रहे थे…

मैं तो अभी पायल दी के रसीले होंठों के स्वाद से उभर भी नही पाया था और वैसी ही मिठास एक बार फिर से मेरे मुँह मे भरने लगी थी ये काजल..

मैं एक बार फिर से रसीले होंठों की मीठी मिठास मे खो सा गया.. मेरे हाथ आदत के अनुसार उपर उठते चले गये और मैने उसके बूब्स मसल्ते हुए उसे स्मूचना शुरू कर दिया… पहले धीरे-2 और फिर ज़ोर-2 से… इतनी ज़ोर से कि वो बेचारी को चीख कर बोलना पड़ा : “पागल हो गये हो क्या राज… खून निकलोगे क्या मेरे होंठों से…धीरे करो…”

उसकी बात सुनकर मैं होश मे आया और मैने उसके होंठ धीरे -2 चूसने शुरू कर दिए..

फिर अचानक मुझे पायल दी द्वारा दी गयी लंड वाली किस भी याद आ गयी… वो जब मेरे लंड पर भी किस करके गयी है तो इसका भी तो फ़र्ज़ बनता है वहाँ किस करने का… इसलिए मैने उसके सिर पर दबाव डालते हुए उसे नीचे खिसकाना शुरू कर दिया..

वो समझ तो गयी कि मैं क्या करवाना चाह रहा हूँ पर शायद मेरी तरह डर वो भी रही थी..

वो बोली : “अभी ये मत करवाओ ना प्लीज़… कोई आ जाएगा तो…”

मैने बड़ी ही बेशर्मी से अपने लंड को टवल के नीचे से निकाला और उसकी गुलाबी आँखो के सामने लहराता हुआ बोला : “सिर्फ़ एक किस, फिर जाने दूँगा..”

वो भी मेरे चिकने लंड को देख कर फिसल गयी… और गहरी साँसे लेती हुई वो अपने घुटनो पर बैठी और काँपते हुए हाथों से उसने मेरे लंड को मुँह मे लिया और उसे किस कर दी…

उसके गीले होंठों का एहसास इतना उत्तेजक था कि मेरी आँखे बंद होती चली गयी…

मैने उसके सिर को पकड़ कर जैसे ही अपना लंड उसके मुँह मे ठूँसना चाहा वो हँसती हुई खड़ी हो गयी और बोली : “ओहो…. बड़ी जल्दी हो रही है…. थोड़ा वेट करो… आज पूरा दिन तुम्हारे साथ बहुत कुछ होगा… तुम भी नही जानते…”

ओह्ह्ह तेरि…. सेम बात अभी कुछ देर पहले पायल दी भी बोल कर गयी थी.. यानी उन दोनो ने पहले से ही प्लानिंग करके ये सब किया था.. सब कुछ डिसाइड हो चुका था, तभी तो दोनो एक-2 करके मेरे पास आई थी, किस किया, लंड को भी किस किया और एक जैसी बात करके मुझे तरसने के लिए छोड़ दिया…

मुझे तो अब खुद ही इंतजार था आने वाले पलों का जब मेरे साथ वो कुछ करेंगे..

और अपनी बात कह कर वो अपनी नन्ही सी गान्ड मटकाती हुई बाहर निकल गयी.. मैने कस कर अपने लंड को पकड़ लिया और उसकी किस्मत की दाद देने लगा, आज उसे 1 नही 2-2 किस मिली थी, और वो भी मेरी बहनो से… ऐसी किस्मत कम ही होती है लंड की.

मैने फटाफट अपने कपड़े पहने और नीचे आ गया, आज मेरी पसंद का नाश्ता बन रहा था, मों के साथ-2 वो दोनो भी किचन मे थी, मैं डाइनिंग टेबल पर बैठकर जय और पापा से बाते करने लगा..

बातो-2 मे जय ने पापा से बाहर जाने की पेर्मिशन भी ले ली, वो बड़े थे शायद इसलिए उन्हे ही इस बात की ज़िम्मेदारी दी थी दी ने… और उनकी बात को मना करने का सवाल ही नही था, पापा ने अपनी पॉकेट से 500 के 8-10 नोट निकाल कर जय को दे दिए ताकि वो आज हम सभी को घुमा सके..

सभी बहुत खुश थे. नाश्ता करके मोम-डॅड ऑफीस के लिए निकल गये और पायल दी के साथ काजल उनके रूम मे जाकर तैयार होने लगी.

मैं भी जय के साथ रूम मे गया और तैयार होकर नीचे आ गया… वो दोनो अभी तक अंदर ही थी…मन तो कर रहा था कि अंदर घुस जाउ और देखु ज़रा उन्हे कि कैसे कपड़े बदल रही है वो.. आज तो वैसे भी मेरा दिन था, इसलिए मुझे मना करने का तो सवाल ही नही था.. वो तो बस जय भैया का डर था वरना मैं घुस भी जाता अंदर.

कुछ ही देर मे वो दोनो बाहर निकल आई, और जैसा कि मैं सोच रहा था , उन्होने ठीक वैसे ही कपड़े पहने हुए थे, पायल दी ने टाइट सी जीन्स के उपर एक टाइट सी सेंड़ो पहनी हुई थी और उसके उपर एक शर्ट जिसके बटन खुल्ले थे सामने से…

काजल ने पतली डोरी वाला हॉल्टर टॉप पहना हुआ था जिसकी पतली डोरी ने उसके नर्म कंधो को बड़ी ही नज़ाकत से पकड़ा हुआ था.. नीचे उसने ब्लॅक जीन्स पहनी थी और नेवेल वाला हिस्सा नंगा था, जिसमे से उसकी अंदर की तरफ धँसी हुई नाभि काफ़ी सेक्सी लग रही थी..

मैं तो आँखो ही आँखो से उन्हे चोदने लगा..

पायल दी और काजल मेरे अगल बगल आकर खड़ी हो गयी और मुझसे चिपक कर उन्होने काफ़ी पिक्स खिचवाई, उन दोनो के बूब्स मेरी कोहनियो मे चुभ रहे थे, जिन्हे फोटो खींचता हुआ जय भी देख पा रहा था, पर वो कुछ बोला नही.

पायल दी ने मुझसे कहा : “तू आज फ़िक्र ना कर, आज पूरा दिन हम दोनो बहने तेरे अगल बगल मे रहेंगी… इट्स युवर डे भाई, सो एंजाय…”

पायल दी की बात सुनकर मैं हंस दिया.
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04-23-2019, 12:03 PM,
#24
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
कुछ देर मे हम सभी बाहर निकल आए, और ऑटो पकड़ कर सीधा एक माल मे आ गये, जहाँ सबने मेरी पसंद की एक मूवी की टिकेट ली और हम अंदर आकर बैठ गये, सिनिमा हॉल मे भी काजल और पायल दी मेरे अगल-बगल मे ही बैठी… जय भैया कोने मे पायल दी के पास बैठे थे..

उन दोनो के हाथ लगातार मुझे दबोचे हुए थे इसलिए रह रहकर मुझे उनके बूब्स का टच मिल रहा था, दोनो के जिस्मों से आ रही महक भी मुझे दीवाना सा बना रही थी, ऐसा लग रहा था जैसे आज मैं डबल डेट पर आया हूँ.

बैठने के साथ ही जय भैया ने सभी से पूछा कि कुछ खाना है क्या तो सभी ने पॉपकॉर्न का ऑर्डर दे डाला.. मूवी के टाइटल्स अभी स्टार्ट ही हुए थे, वो उठकर हमारे लिए पॉपकॉर्न लेने चले गये..

पायल दीदी मेरे बिल्कुल करीब खिसक आई और मेरे कानो मे अपनी गर्म साँसे छोड़ते हुए बोली : “सुनो…आज तुम्हारा दिन है, और आज के दिन तुम मेरे साथ कुछ भी कर सकते हो…”

उनके कहने का तरीका ही इतना सेक्सी था कि मुझसे सब्र नही हुआ और मैने उनकी तरफ चेहरा घुमा दिया और ना चाहते हुए भी हम दोनो ने एक छोटी सी किस कर ली..

ये सब इतनी जल्दी हुआ कि मैं पायल दी के रसीले होंठों का स्वाद ही नही ले पाया… सिर्फ़ एक हल्का सा एहसास ही मिला उनके लिप्स का.

मैने काजल की तरफ देखा तो वो मूवी देखने मे बिज़ी थी या मूवी देखने का नाटक कर रही थी… पायल दी का चेहरा अभी तक मेरे चेहरे के बिल्कुल करीब था.. हमारी सबसे पीछे वाली लाइन मे सीट्स थी इसलिए पीछे से किसी के देखने का डर नही था.. और जय भैया को भी दूर से आता हुआ देखा जा सकता था…

इसलिए एक बार फिर से मैने अपना चेहरा पायल दी की तरफ कर दिया और उनके भूखे होंठों पर टूट पड़ा… इस बार की किस नही बल्कि स्मूच थी, ऐसी स्मूच जिसमे मैने उनके अंदर की सारी लार को खींचकर अपने अंदर समेट लिया… पर फिर भी ना जाने कहाँ से लगातार उनके मुँह से मिठास बाहर आती जा रही थी.

मैं तो उन्हे किस करने मे इतना बिज़ी था कि मुझे दिन दुनिया का एहसास ही नही रहा, अचानक काजल ने मेरी टाँग पर चूंटि मारी… मैने झट से उसकी तरफ देखा तो उसने इशारा करके जय भैया की तरफ देखने को कहा जो अंदर आ चुके थे और उनके हाथ मे 2 टब पॉपकॉर्न थे.

मैं जल्दी से सीधा हो गया और मन ही मन काजल को थॅंक्स कहा नही तो आज जय भैया के सामने मेरी क्या इज़्ज़त रह जाती..

हम सभी मूवी देखने मे बिज़ी थे और मैं अपने दोनो तरफ बैठी हसिनाओं की जाँघो पर हाथ फिरा रहा था. अंधेरा इतना था कि जय भैया भी शायद ये नही देख पा रहे थे कि मेरा एक हाथ पायल दी की जाँघो के बीच दबा हुआ है.

उन्होने मेरी हथेली को अंदर लेकर उसपर अपनी दूसरी टाँग रख दी थी, और मेरी उंगलियाँ उनकी गर्म चूत के बिल्कुल करीब थी, सिर्फ़ उनकी जीन्स का कपड़ा था बीच मे वरना मैं उनकी नंगी चूत को छू रहा होता.

मैने अपना दूसरा हाथ काजल की तरफ लहरा दिया और उसकी चूत को उसकी पेंट के उपर से ही मसल्ने लगा.. वो तो मेरे एक टच से ही इतनी गर्म हो गयी कि उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे रोकना चाहा पर मैं रुका नही.. फिर मैने हिम्मत करके अपना हाथ थोड़ा उपर किया और उसकी जीन्स के अंदर घुसा दिया.

मैने महसूस किया कि उसका पूरा बान काँप सा गया मेरी इस हरकत से पर बेचारी बर्तडे बॉय को ना नही बोल पाई. और मेरी उंगलियाँ मकड़ी की तरह धीरे-2 उसकी चूत की तरफ बढ़ने लगी..

उधर पायल दी ने खुद अपनी तरफ से मेरे हाथों पर अपनी चूत को रगड़ना शुरू कर दिया.. और अचानक उन्होने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी जीन्स मे खुद ही घुस्वा लिया..

एक तरफ मैने घुसाया तो दूसरी तरफ उन्होने घुस्वा लिया.. इसी बात से मैने अंदाज़ा लगा लिया कि दोनो की पर्फॉर्मेन्स बेड पर कैसी रहेगी..

पायल दी एकदम वाइल्ड कॅट जैसी होंगी जो खुद ही मुझे लिटा कर मुझे चूमेंगी, मेरे लंड को पकड़ कर उसे चूस डालेंगी, मेरे मुँह पर चाड़कर अपनी चूत मुझसे चुस्वाएँगी और मेरे लंड को खुद अंदर लेकर मेरे उपर कूदेन्गि.

वही दूसरी तरफ काजल हर बात पर शरमाएगी, बूब चुस्वाते हुए मुझे पीछे धकेलेगी, मेरे लंड को चूसने के नाम से भी घबरा जाएगी और चूत मरवाते हुए नीचे लेटकर अपना चेहरा छुपा लेगी..

दोनो का अपना -2 मज़ा होगा.

पर वो होगा जब होगा, अभी के लिए तो जो सामने था वही बहुत कुछ था.

और अब मेरे हाथो का आलम ये था कि वो दोनो हाथ उन दोनो की चूतो के उपर थे और दोनो की चूते एक से बढ़ कर एक तरीके से गीली हुई पड़ी थी..
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04-23-2019, 12:04 PM,
#25
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
आज मुझे इन चूतो का हलवा अच्छी तरह से खाना था. मैने उनकी चूत मे अपनी उंगलियाँ धुसा दी और दोनो हाथों से उनकी ऊट को ड्रिल करने लगा… दोनो की हालत खराब थी, वो चाहकर भी चीख नही पा रही थी, पायल दी को तो जय भैया का भी ध्यान रखना था जो उनके बिल्कुल करीब बैठे थे..

काजल तो फिर भी मुझसे लिपट कर अपनी कसक को मेरे शरीर से रगड़ कर बयान कर पा रही थी… और जल्द ही उन दोनो के शरीर एक अजीब सी तरंग के साथ लहराते हुए झड़ने लगे…

और झड़ते वक़्त उन दोनो के हाथों ने मेरे हाथ को इतनी ज़ोर से पकड़ा कि उनके नाख़ून मुझसे बुरी तरह से चुभ गये… हल्का खून भी निकला.. पर इतना तो बनता ही था… ऐसी वाइल्ड तरीके वाली मास्टरबेशन करवाकर दोनो मुझसे सॅट कर बैठी रही… और मैं उनकी चूत से निकली उंगलियों को बारी-2 कुलफी की तरह चूस्ता हुआ मज़ा लेने लगा…

कुछ देर मे इंटर्वल हो गया और दोनो बाथरूम की तरफ चल दी, अपना-2 हुलिया ठीक करने.

और जब वो वापिस आई तो दोनो के चेहरे देख कर ही मैं समझ गया कि कुछ प्लानिंग होकर आई है वहाँ से…

और मूवी जब दोबारा स्टार्ट हुई तो उनके हाथ एकसाथ मेरे लंड पर आ टिके… और पायल दी और काजल ने एकसाथ मेरे कान मे कहा

”अब तुम्हारी बारी”

मेरे तो सारे दाँत निकल आए ये सुनकर, आज पूरे सिनिमा हॉल मे मेरे जैसा खुशनसीब और कोई नही था, जिसकी बगल मे बैठी दोनो बहने उसे खुश करने पर आमादा थी.

मैं आराम से सिर को पीछे लगा कर बैठ गया और इंतजार करने लगा उनके अगले मूव का.

जब मूवी स्टार्ट हुई तो अंधेरा हो गया, और जैसा कि मैने सोचा था, दोनो के नर्म और मुलायम हाथ एक साथ मेरे लंड पर आ लगे, मुझे तो अभी तक लग रहा था कि पायल दी को काजल इसलिए पसंद नही है क्योंकि मैं उसकी तरफ अट्रॅक्ट हो रहा था पर अब लग रहा था कि ज़रूर दोनो मे कुछ मांडवाली हो गयी है इसलिए दोनो मिलकर मेरे साथ ये काम कर रहे हैं.

और देखा जाए तो यही सही था मेरे लिए भी, वरना पायल दी के गुस्से से बचने के लिए मुझे छुपकर काजल के साथ कूची-कूची करना पड़ता और शायद ये भी हो सकता था कि काजल को भूल जाना पड़ता, पर अब ऐसा नही था, मुझे विश्वास था कि अब दोनो मिलजुलकर जो मज़ा देंगी उसके बाद कुछ भी करने मे मुझे तकलीफ़ नही होगी.

मेरी गोद मे पॉपकॉर्न का टब पड़ा था, उसी की आड़ मे उन दोनो ने अपना हाथ मेरी तरफ किया हुआ था, पॉपकॉर्न तो उपर थे पर असली माल डब्बे के नीचे था, पायल दी ने मेरी जीन्स की जिप खोल दी और उस असली माल को बाहर निकाल लिया, दोनो मे इतना तालमेल था कि एक बार मे सिर्फ़ एक ही मेरे लंड को पकड़ रहा था, दूसरी मेरी बॉल्स को सहला रही थी, और जब काजल ने लंड पकड़ा तो पायल मेरी बॉल्स को मसल रही थी.

मैने तो सपने मे भी नही सोचा था कि मेरे लंड के इतने अच्छे दिन भी आएँगे कि उसे एक साथ 2 लड़कियाँ पकड़ेंगी, ये एक ऐसी अचीवेमेंट थी जो शायद लाखों मे से एक की लाइफ मे ही मिल पाती है.
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04-23-2019, 12:04 PM,
#26
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
अब तो मेरे दिमाग़ मे जैसे एक फिल्म सी चल रही थी, जैसे उन दोनो के हाथ मेरे लंड को एक साथ सहला रहे थे वैसे ही मेरा लंड भी जल्द ही एक साथ दोनो के मुँह मे जाएगा, वो मेरे सामने बैठेंगी और मैं बारी-2 से अपने खड़े हुए लंड को छड़ी की तरह उनके चेहरों पर मारूँगा, उनके नर्म होंठों से चुस्वाउंगा, और बाद मे झड़ते वक़्त अपना रस उन दोनो के चेहरों पर फेला कर उन्हे पिलाउन्गा.

काश, इस वक़्त जय भैया ना होते हमारे साथ तो दोनो के सिर पकड़ कर अभी अपने लंड पर लगा देता, फिल्म गयी माँ चुदवाने, अपनी खुद की फिल्म बनाता, पर्सनल वाला एमएमएस , जिसमे मेरी दोनो बहने मेरा लंड चूस रही है और मैं राजा बनकर उन्हे डाइरेक्ट कर रहा हूँ.

लंड छुड़वाने की बात याद आते ही मुझे सुबह वाली बात याद आ गयी जिसमे दोनो ने मेरे लंड को पप्पी करी थी, मेरा लंड तो उस पल को याद करके एक बार फिर से बिफर गया, और मेरे लंड के माध्यम से , मेरे अंदर से आवाज़ आने लगी कि सुबह वाली किस एक बार फिर से हो जाए.

मैने काजल की तरफ देखा और उसे अपना लंड मुँह मे लेने का इशारा किया, उसने आँखे दिखाते हुए धीरे से कहा : “पागल हो गये हो क्या, भैया बैठे है वहाँ, उन्होने देख लिया तो मार डालेंगे मुझे”

मैने पायल दी की तरफ देखा और उन्होने भी यही कहा, उन्होने मना तो नही किया पर जय की तरफ इशारा करते हुए कहा : “ये ना होता तो तुझे कहने का मौका ही ना देती, पर मेरे पास एक आइडिया है, मैं जय को थोड़ा पटाती हूँ, उसका ध्यान अपनी तरफ करती हूँ तब तक तुम काजल से करवा लो, ”

इतना ख़तरनाक आइडिया, रिस्क भी था उसमे, पर मेरे दिमाग़ मे आया कि भला जय भैया को वो कैसे पटाएगी, कहीं वो उनके साथ भी तो कुछ करने के मूड मे नही थी.

मेरे चेहरे पर आए इन सवालो को शायद उसने पढ़ लिया था, वो एक आँख मारती हुई बोली : “अगर ये मज़ा आगे भी बढ़ाना है तो जय को भी शामिल करना पड़ेगा, और वैसे भी तुम्हे 2-2 लड़किया मिल रही है, मेरा भी तो हक है 2-2 के साथ करने का, मैं क्यो पीछे रहूं, ”

इतना कह कर वो जय की तरफ झुक गयी, और उसका हाथ पकड़ कर उससे सॅट कर बैठ गयी, ठीक वैसे ही जैसे अभी कुछ देर पहले वो मेरे साथ बैठी थी, यानी इस वक़्त जय भैया की भी हालत पतली हो रही होगी क्योंकि उनकी कोहनी पर पायल दी के बूब्स का दबाव जो आ रहा था, बेचारे इधर-उधर गर्दन घुमा कर देखने लगे कि कोई देख तो नही रहा था, मैने और काजल ने तो मूवी देखने का नाटक करते हुए अपना सिर सीधा रखा, फिर वो थोड़ा रिलॅक्स हुए और अपने आप को उन्होने पायल दी की आड़ मे छुपा सा लिया ताकि उनके साथ क्या हो रहा है ये मैं देख ना पाऊ.

मैं भी तो यही चाहता था, मैने पायल दी कि योजना काजल को बता दी, वो भी मुस्कुरा दी, उसका हाथ मेरे लंड पर और तेज़ी से चलने लगा.

मैने एक बार फिर से उसे अपने लंड को चूसने के लिए कहा, इस बार उसने मना नही किया पर बुरा सा फेस बनाया कि ये कैसे-2 काम करवा रहे हो.

मैने कहा : “मेरा बर्तडे है, मैं कुछ भी करवाउन्गा, तुम्हे करना पड़ेगा, ”

उसने जीभ निकाल कर मुझे चिड़ाया, मैने उसे अपनी तरफ झुकाते हुए अपनी गोद मे गिरा लिया, सीट्स के बीच मे हाथ रखने वाले हिस्से को उपर कर दिया मैने, और पॉपकॉर्न का टब थोड़ा उपर उठा लिया ताकि उसके पीछे काजल छुप जाए और जय देखना भी चाहे तो उसे वो दिखाई ना दे.

मेरे लंड के उपर जब उसकी गर्म साँसे एकबार फिर से टकराई तो मुझसे सब्र नही हुआ और मैने बड़ी ही बेदर्दी से अपना लंड पकड़ कर उसके मुँह मे ठूंस दिया, बेचारी गिडगिडा कर रह गयी, और मेरा 7 इंच का पूरा लंड उसकी हलक मे घुसता चला गया, ये एक ऐसा एहसास था जिसका मुकाबला दुनिया की किसी और खुशी से किया ही नही जा सकता था, गर्म साँसे और नर्म होंठ जब लंड की सेवा करती है तो मज़ा ही आ जाता है.

वही मज़ा मैं लेने मे लगा था इस वक़्त, काजल को भी शायद मेरे लंड का स्वाद पसंद आया था, उसने मेरे लंड को आइस्क्रीम की तरह चूसना शुरू कर दिया, मैने तो उसे अपने टटटे भी चुस्वा लिए, उनपर होंठ लगते ही मेरे बदन मे झुरजुरी सी दौड़ रही थी, वो बारी-2 से मेरे लंड और बॉल्स को अच्छी तरह से चूस रही थी, मैने तो आँखे बंद कर ली और उसके रेशमी बालों को सहलाते हुए अपना लंड चुस्वाता रहा.

और जल्द ही उसके जादुई होंठों ने कमाल दिखाया और मेरे लंड का पारा उपर तक चढ़ता चला गया, और एक के बाद एक मेरे लंड ने गोलियों की बोछार करनी शुरू कर दी.

काजल के लिए ये पहला मौका था , उसे तो शायद ये भी पता नही था कि लंड से इस तरह ढेर सारा रस निकलता है, वो बेचारी मुँह पीछे भी नही कर पाई, और तब तक उसे रस का स्वाद भी मिल गया था जो उसे इतना अच्छा लगा कि वो खुद ही अंदर घुस-घुसकर मेरे लंड को चूसने लगी, और बिना एक भी बूँद बाहर निकाले वो मेरे लंड का सारा वीर्य अंदर निगल गयी, उपर मुँह करते हुए उसका चेहरा एक अलग ही तरह से दमक रहा था, मेरे लंड का पानी अभी तक उसके होंठों पर चमक रहा था, जिसे उसने बड़े ही सेक्षुयल तरीके से अपनी जीभ से सॉफ करते हुए अंदर ले लिया.

जितना वो लंड चूसने को मना कर रही थी, उतना ही वो उसे दोबारा चूसने के लिए लालायित दिखी मुझे.

और इस बीच पायल दी ने जो कमाल किया उसका तो पूछो ही मत, जय भैया ने भी शायद ये नही सोचा होगा कि उनकी लाइफ मेरी वजह से बदलने वाली है, क्योंकि मेरी वजह से ही पायल दी ने उनपर जादू चलाना शुरू किया था.

....................................

पायल ने जब जय की बाजू कस कर पकड़ी और उसके साथ अपने बूब्स को लगा कर बैठी तो जय घबरा सा गया था, उसने इधर – उधर देख कर ये सुनिश्चित किया कि उसकी ये हरकत कोई और तो नही देख रहा… आख़िर थी तो वो उसकी मौसेरी बेहन ही ना..

हालाँकि इस बार देल्ही आने पर उसे ये एहसास हुआ था कि वो बेहन अब माल बन चुकी है, इसलिए उसकी नज़रें पहले से थोड़ी बदली-2 सी थी…

पर वो अपने मन की बात बोल भी तो नही सकता था..
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04-23-2019, 12:04 PM,
#27
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
पायल के सेक्सी चेहरे और उसके कड़क बूब्स का वो दीवाना बन चुका था और वही बूब्स इस वक़्त उसकी कोहनी मे बुरी तरह से धन्से पड़े थे…

पहले तो उसे विश्वास ही नही हुआ कि पायल ने ऐसा खुद किया है… कोई लड़की इस तरह से अपने बूब्स को किसी भी लड़के से टच क्यो करेगी भला.. पर उसके गुब्बारे जैसे नर्म मम्मों का स्पर्श पाकर वो किसी दूसरी ही दुनिया मे पहुँच गया..

मूवी देखते हुए पायल जब उसकी गोद मे पड़े पॉपकॉर्न के डब्बे मे हाथ डालती तो उसकी ब्रेस्ट और अंदर घुस जाती…

जय की गोद मे पड़ा पॉपकॉर्न का डब्बा उपर नीचे होने लगा.. डब्बे के नीचे जय का लंड खड़ा हो चुका था.

जय ने भी सोचा कि देखा तो जाए कि ये पायल ने जान बूझकर किया है या ऐसे ही नासमझी मे आकर वो उसकी बाजू पकड़ कर बैठी है..

उसने अपनी कोहनी को धक्का देकर उसकी छाती की और दबाया और उसकी नुकीली कोहनी पायल की छाती मे और अंदर घुसती चली गयी.. जय को तो ऐसा एहसास हुआ जैसे वो किसी नर्म पिल्लो मे कोहनी घुसा रहा है..

पर पायल बेचारी दर्द से बिलबिला उठी, आख़िर काफ़ी सेन्सिटिव पॉइंट होता है उनका ये..

फिर भी वो भोला सा फेस बनाकर बोली : “क्या है जय भैया, कोहनी क्यो चुभा रहे हो…दर्द होता है…”

इतना कह कर वो अपनी ब्रेस्ट को जय के सामने ही सहलाने लगी..

जय बेचारा डर सा गया, उसे लगा कि उसने कोई बहुत बड़ी ग़लती कर दी है… पर पायल दी के चेहरे को देख कर उसे ये लगा नही कि वो ग़लती थी, और उपर से पायल ने उसके हाथ को भी ज्यो का त्यो पकड़ा हुआ था… यानी ये गुस्सा सिर्फ़ उपर-2 से ही था..

उसने पायल दी का वही हाथ, जिससे वो अपनी ब्रेस्ट को सहला रही थी, उसे पकड़ा और बोला : “आइ आम सॉरी पायल, मैने ये जान बूझकर नही किया…”

पायल ने उसके हाथ को अपनी छाती से लगाते हुए बड़े प्यार से कहा : “अर्रे, आप सॉरी क्यो बोल रहे हो…मैने तो ऐसे ही कहा था बस… मुझे लगी थोड़े ही है.. और वैसे भी यहाँ नॅचुरल डनलॉप का गद्दा लगा है, यहाँ कोई चोट नही लग सकती…”

पायल की बात सुनकर जय भी हैरान रह गया, पायल कितनी आसानी से अपनी गुदाज छातियो की बधाई कर रही थी… और जय का हाथ वो अपनी छाती से लगा कर उसे उनका एहसास भी करवा रही थी.

अब तो जय भैया भी समझ गये कि पायल दी के मन मे क्या चल रहा है.. और सच बात तो ये थी कि अंदर से तो वो भी यही चाहते थे कि पायल के साथ मज़े ले सके, पर उनका रिश्ता ही ऐसा था कि उन्हे थोड़ी झिझक हो रही थी और डर भी था कि पायल ने अगर किसी को बोल दिया तो एक भाई होने के नाते उन्हे कितनी ज़िल्लत सहनी पड़ेगी..

पर अब उन्हे वो डर नही था क्योंकि पायल खुद ही ऐसी हरकतें कर रही थी, इसलिए उसने भी उस खेल मे कूद कर मज़े लेने की ठान ली.

पायल दी ने जय भैया के हाथ को पकड़ कर अपनी छाती से लगा रखा था और अचानक पायल ने महसूस किया कि जय की उंगलियों मे हरकत होने लगी है…

पायल के पूरे शरीर मे चींतिया सी रेंगने लगी.. ये एहसास भी ठीक वैसा ही था जब उसकी ब्रेस्ट को मैने पकड़ कर सहलाया था.. पर अब हाथ दूसरा था और हर हाथ का अपना अंदाज भी होता है..

जय अपने अंदाज से पायल की ब्रेस्ट पर उंगलियो को घुमाने लगा… पायल कुछ बोलना चाह रही थी पर उसके होंठों से कुछ निकल ही नही रहा था.. होंठ फडफडा कर रह गये..

अचानक जय ने उसके उभरे हुए निप्पल को अपनी उंगली और अंगूठे के बीच लाकर दबोच लिया… पायल का पूरा शरीर अकड़ सा गया.. ऐसा लगा जैसे कोई उसे टॉर्चर करते हुए करेंट दे रहा है…

जय की उंगलियो से निकलकर करेंट सीधा पायल की चूत तक पहुँच रहा था…

उसने अपनी टांगे फेला कर अकडा ली, छातियाँ और बाहर निकल आई, जिनकी गर्मी और अकड़न को जय सॉफ महसूस कर पा रहा था.

पायल ने जय के हाथ के उपर अपना हाथ रखकर ज़ोर से अंदर दबा लिया… ये इस बात का संकेत था कि वो भी यही चाहती है… बस फिर क्या था, जय के हाथ हरकत मे आए और उसने पायल दी की टी शर्ट को धीरे-2 अपनी उंगलियो से उपर करना शुरू कर दिया..

और तब तक करता रहा जब तक उसका सपाट पेट उसके हाथो से नही छू गया.. अपने नंगे पेट पर जय के कठोर हाथ लगते ही वो पूरी तरह से सुलग उठी..

उसके मुँह से सिसकारी सी निकल गयी… और मुँह से लार निकल कर सीधा जय भैया के हाथ पर आ गिरी…

”सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स आअहह”

मेरी नज़रें भले ही स्क्रीन पर थी और मूवी देखने का नाटक कर रही थी पर तिरछी नज़रों से उन्हे देख कर और उधर से आ रही सिसकारियाँ सुनकर मुझे हर बात का पता चल रहा था.

जय के हाथ पायल दी की टी शर्ट मे घुस गये और उसने अपने हाथ उपर करते हुए उनकी ब्रेस्ट पर लाकर लगा दिए.
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04-23-2019, 12:04 PM,
#28
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
भले ही इस वक़्त जय भैया मेरी बेहन से मज़े ले रहे थे, पर फील मुझे हो रहा था.. और इस फीलिंग को रियल मे लेने के लिए मैने भी अपना हाथ लहरा कर काजल की छाती से लगा दिया..

वो तो जैसे इसी बात का इंतजार कर रही थी, उसने खुद ही अपनी टी शर्ट को उपर किया और मेरे हाथ को अंदर लेकर फिर से टी शर्ट नीचे गिरा दी.. और मेरे आश्चर्य की सीमा तो तब नही रही जब मैने पाया कि उसकी छोटी-2 बूबिया पहले से ही ब्रा मे से निकल कर तनी हुई खड़ी है…

यानी उसकी भी नज़र वही थी जहाँ मेरी थी और शायद इसलिए उसने खुद ही अपनी छातियो को ब्रा कप मे से निकाल कर मेरे लिए सज़ा कर रख दिया था ताकि मुझे मेहनत ना करनी पड़े..

उधर जय भैया ने खुद ही मेहनत करते हुए पायल दी की ब्रा को नीचे किया और उनके बूब्स को निकाल कर अपने हाथ उनकी नंगी छाती पर लगा दिए..

शायद ये उनकी लाइफ का सबसे उत्तेजना से भरा पल था, जैसा मुझे पहली बार फील हुआ था ठीक वैसा ही इस वक़्त उन्हे फील हो रहा था..

वो मेरी बेहन की चुचिया मसल रहे थे और मैं उनकी बेहन की.

अचानक पायल दी के हाथ फिसलकर जय भैया के लंड की तरफ आ गये… इस बात की कल्पना शायद उन्होने नही की थी, पर पायल की डेरिंग देख कर उन्होने मन ही मन उसकी दाद भी दी..

पॉपकॉर्न के डिब्बे के नीचे जय का लंड पूरा खड़ा था, पायल दी ने जीप खोलकर अपना हाथ अंदर डाल दिया और बड़ी मुश्किल से उनके हिनहिनाते हुए घोड़े को अपने हाथो मे पकड़ कर काबू किया..

वो भी लगभग मेरे ही साइज़ का था.. पर उत्तेजना अधिक होने की वजह से ज़्यादा कड़क और बड़ा लग रहा था इस वक़्त..

जय ने एक के बाद दूसरी ब्रेस्ट को भी बाहर निकाला और उन्हे मसलता रहा… पायल के हाथ उनके लंड को उपर नीचे करने लगे.. पहले धीरे-2 और फिर तेज़ी से… वो तो पहले से ही उत्तेजित थे इसलिए अपने ऑर्गॅज़म के करीब पहुँचने मे उन्हे ज़्यादा समय नही लगा..

वो गहरी साँसे लेते हुए फुसफुसाने लगे

”अहह पायल.. यू आर अमेज़िंग…. यू आर सूऊ हॉट…. पायल…. उर बूब्स…. उफफफफफ्फ़…. इट्स टू हार्ड….. आइ वॉंट टू सक देम पायल…. आइ वॉंट टू बाइट देम,…. उम्म्म्मम ”

और पायल के बूब्स और उसकी जवानी की तारीफ करते-2 वो झड़ने के करीब पहुँच गये..

जब उनके लंड से सफेद वीर्य की बारिश शुरू हुई तो पायल दी ने पॉपकॉर्न के टब को टेडा करके उनके लंड के उपर की तरफ कर दिया..

फिर जो भी मलाई उनके लंड से निकली वो सारी पॉपकॉर्न के उपर आ गिरी… और इस तरह से उन्होने सिंपल सॉल्टेड पॉपकॉर्न को फ्लेवर वाले पॉपकॉर्न मे बदल दिया…

और बाद मे पायल दी ने बड़े मज़े ले-लेकर वो पॉपकॉर्न खाए… अपनी-2 हालत ठीक करके दोनो फिर से मूवी देखने लगे… वैसे भी मूवी देखी किसने थी… पर फिर भी लास्ट तक बैठने का नाटक तो करना ही था…

मेरे हाथ आख़िरी तक काजल की छातियो को मसल्ते रहे… और मूवी ख़त्म होने से पहले मैने उसकी तरफ झुकते हुए धीरे से कहा : ”आज की रात मुझे तुम्हारी पुसी को सक करना है….”

ये सुनकर वो शरमा सी गयी…. शायद चूत मे हो रही हलचल को महसूस करके..

और कुछ ऐसा ही शायद जय भैया भी पायल दी के कान मे फुसफुसा रहे थे, कुछ भी हो, आज की रात कुछ जबरदस्त होने वाला था…

मूवी ख़त्म होने के बाद हम सभी एक अच्छे से रेस्टोरेंट मे गये और वहाँ डिन्नर किया… मैने वहाँ पर केक भी काटा, खाना खाने के बाद सभी घर आ गये..

मोम-डॅड के साथ कुछ देर बैठने के बाद हम सभी अपने-2 रूम मे आ गये…

अंदर आते ही जय भैया ने जल्दी से सोने का नाटक किया , ये बोलकर कि वो काफ़ी थक गये है, ये उनका तरीका था मुझे भी जल्दी सुलाने का ताकि बाद मे वो पायल दी के साथ मस्ती कर सके.. पर मैं भी उनकी प्लानिंग को अच्छे से जानता था, इसलिए मैं सोया नही… बस आँखे बंद करके लेट गया..

करीब आधे घंटे बाद उन्होने मुझे हिलाया, पर मैं सोने का नाटक करता रहा..

फिर वो बाहर निकल गये और थोड़ी देर मे वापिस आ गये.. उनके पीछे-2 पायल दी भी रूम मे आ गयी, अब असली खेल शुरू होने वाला था.

पायल दी ने नाइट सूट पहना हुआ था, एक टी-शर्ट और निक्कर… 

उनके चेहरे को देख कर सॉफ पता चल रहा था कि उनके शैतानी दिमाग़ मे कुछ प्लानिंग चल रही है.

पायल दी मेरे बिल्कुल करीब आई और मेरे चेहरे को देखने लगी

जय : “क्या हुआ… क्या देख रही हो….”

पायल : ”बस… चेक कर रही थी… कि ये शैतान सोया है या नही…”

उनके इतना कहने की देर थी कि मैने झट से आँखे खोल दी और उनके मुस्कुराते हुए चेहरे को देख कर आँख मार दी…

ये सब जय नही देख पाया, वो तो अपने खड़े हुए लंड को मसल्ने मे बिज़ी था…

पायल दी तो पहले से जानती थी कि मुझे नींद आने मे टाइम लगता है और आज की रात तो सोने का कोई मतलब ही नही था… इसलिए वो ऐसा कर रही थी..
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04-23-2019, 12:04 PM,
#29
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
मेरे आँख मारने का जवाब आँख मारकर दिया उन्होने.. और फिर मुस्कुराती हुई सी वापिस जय की तरफ मूड गयी… कमरे मे नाइट बल्ब जल रहा था, जिसकी हल्की रोशनी मे मेरी अधखुली आँखे देखना मुश्किल था… इसलिए मैं उनकी रास लीला आराम से सोने का नाटक करते हुए देखने लगा.. और वैसे भी, पायल दी के साथ स्टाचु गेम खेलते हुए मुझे तो स्टाचु बनने की कला मे महारत हासिल हो चुकी थी…

पर इस वक़्त जो उनके बीच चलने वाला था वो स्टाचु बनकर ही देखा जा सकता था.

जय भैया ने पायल दी को ज़ोर से पकड़ा और अपने गले से लगा लिया..

पायल दी ने छूटने का नाटक करते हुए कहा : “ये क्या कर रहे हो भैया… ऐसा करना ठीक नही है… तुम मेरे भाई हो आख़िर…”

जय भैया की शक्ल देखने लायक हो गयी…आज पूरा दिन पायल ने उनके साथ जिस तरह से फ्लर्ट किया था, उन्हे अपने जिस्म से खेलने का अवसर दिया था… उनके लंड का पानी मसल-मसल कर निकाला था और उसे पॉपकॉर्न पर लगाकर खाया भी था, उसके बाद पायल का ये रवैय्या देख कर वो भी सकते मे आ गये..

पर फिर भी थोड़ी हिम्मत करके वो बोले : “पर… पर …तुमने ही तो…. वहाँ थियेटर मे.. वो सब….”

पायल : “हां… वो तो है… उस वक़्त मैं बहक गयी थी… पर बाद मे सोचा कि ये सब करना ठीक नही है…”

जय भी बेचारा परेशान सा हो गया…. वो तो समझ रहा था कि शायद इस वक़्त कुछ और करने को मिलेगा.. पर पायल के बदले दिल ने उसके लंड के अरमानो पर पानी फेर दिया था.

पायल ने उसके चेहरे को देखा तो समझ गयी कि वो सीरीयस होकर ये सब सोच रहा है

जय : “ओके…तुम कहती हो तो ठीक है…”

बेचारे ने बड़ी मुश्किल से, अपने दिल पर पत्थर रखकर ये बात कही थी.

पायल : “देखो जय, मुझे बुरा मत समझना, वो सब मुझे भी अच्छा लग रहा था… इनफॅक्ट मेरा बस चलता तो मैं सब कुछ करने को तैयार हो जाती वहाँ पर.. लेकिन.. लेकिन…”

जय को जैसे रोशनी सी दिखी उसकी बात सुनकर…वो तड़प कर बोला : “लेकिन क्या पायल… बोलो…”

पायल : “लेकिन… किसी को पता चल गया तो सब गड़बड़ हो जाएगी…”

जय : “किसे पता चलेगा.... नही चलेगा… किसी को पता नही चलेगा पायल… मेरा विश्वास करो… जब तक तुम या मैं किसी को ना बताए ये बात किसी को पता नही चलेगी… प्लीज़ पायल..”

बेचारा एक तरह से गिडगिडा रहा था उसके सामने… और पायल अपनी चाल चलकर मन ही मन खुश हो रही थी.

पायल ने सीरीयस सा मुँह बनाया और जय का हाथ पकड़ कर बोली : “देखो जय, मोम-डॅड से छुपाना आसान है, क्योंकि पूरा दिन वो लोग ऑफीस मे रहते है… पर ये राज और वो काजल, ये तो हमारे साथ ही रहते है ना… इनसे छुपा कर रखना मुश्किल होगा…”

जय भी ये सुनकर सोच मे पड़ गया… बात तो सही थी, ऐसे कब तक वो अपनी भावनाओ को काबू मे रख पाएँगे, एक दूसरे के सामने कभी ना कभी तो वो सामने आ ही जाएगा, और पकड़े जाएँगे.

जय : “तो तुम ही बताओ पायल, इसका क्या सल्यूशन है… मैं तुम्हे पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हूँ…”

पायल ने उसकी तरफ तिरछी नज़रों से देखा और एक नज़र मुझपर डाली..

और बोली : ” देखो, तुम मेरी बात का ग़लत मतलब मत निकालना, पर यही एक तरीका है जिसके बाद हम वो सब कर सकते है जिसके लिए मैं और तुम तड़प रहे हैं..”

जय: “हां.. हां… बोलो… मैं सुन रहा हूँ.. क्या प्लान है तुम्हारे दिमाग़ मे बोलो…”

पायल : “तो सुनो जय , जैसा रिश्ता तुम मेरे साथ चाहते हो, वैसा ही हमे काजल और राज को भी देना होगा..यानी उन्हे भी ऐसा ही कुछ करने की छूट देनी होगी ताकि वो हमारे बीच कोई अड़चन ना डाल सके..”

ये सुनकर जय भैया का चेहरा देखने लायक था… और मेरी तो हँसी ही निकल गयी पायल दी की प्लानिंग सुनकर.. क्या दिमाग़ लगाया था उन्होने, ऐसी हालत मे लाकर अगर तुम किसी से कहो कि अपनी बेहन की सेट्टिंग पहले किसी और से करवा फिर मुझसे मज़े ले तो कैसा फील होगा..यही हाल था इस वक़्त जय भैया का..
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04-23-2019, 12:04 PM,
#30
RE: bahan sex kahani बहन की कुँवारी चूत का उद्...
ये सुनकर जय भैया का चेहरा देखने लायक था… और मेरी तो हँसी ही निकल गयी पायल दी की प्लानिंग सुनकर.. क्या दिमाग़ लगाया था उन्होने, ऐसी हालत मे लाकर अगर तुम किसी से कहो कि अपनी बेहन की सेट्टिंग पहले किसी और से करवा फिर मुझसे मज़े ले तो कैसा फील होगा..यही हाल था इस वक़्त जय भैया का..

पर वो कहते है ना एक बार अगर ठरक दिमाग़ पर सवार हो जाए तो मर्द के लंड को कुछ सुनाई नही देता… यही हाल इस वक़्त जय का था.. उसके सामने रबड़ी जैसी पायल दी खड़ी थी और उनकी शर्त के अनुसार उन्हे काजल और मेरे बीच होने वाली सेट्टिंग को अनदेखा करना था… ऐसा तो उन्होने शायद सपने मे भी नही सोचा था..

पर फिर उन्होने सोचा कि वो भी तो इस वक़्त वही सब कर रहे है, अपनी कज़िन के साथ मज़े लेने की कोशिश… ये अगर राज और काजल भी कर लेंगे तो क्या बुरा है… आख़िर जवानी तो उनपर भी मेहरबान है.

उन्होने झट से हां कर दी..

और सच कहूँ दोस्तो, उनकी हां का असर सीधा मेरे लंड पर हुआ… मेरा लंड सीधा खड़ा हो गया, चादर मे अगर जय भैया मेरे लंड मे बने तंबू को देख लेते तो उन्हे एक मिनिट मे ही पता चल जाता कि मैं जाग रहा हूँ.

जय भैया की हां सुनकर पायल दी भी खुश हो गयी, अब उनके हिसाब से सब चलने वाला था.

पायल दी जय भैया की तरफ पलटी और वो दोनो एक दूसरे से बुरी तरह लिपट गये और पलक झपकते ही वो एक गहरी स्मूच मे डूब गये…

अब मेरी आँखे पूरी खुल चुकी थी, अपनी बेहन को अपने कज़िन के साथ ऐसा करते देख कर मुझे गुस्सा भी आ रहा था और आने वाली संभावनाओ को सोचकर मैं रोमांचित भी हो रहा था…

अचानक पायल दी ने वो किस तोड़ दी… जय तो और आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा था, उनकी टी शर्ट उतारने की कोशिश कर रहा था..

पायल : “बस…. अभी के लिए इतना बहुत है… . ऐसा ना हो कि राज जाग जाए, उसने हमे ऐसा करते देख लिया तो मुश्किल हो जाएगी…”

जय : “पर तुमने ही तो कहा था कि वो और . कुछ भी कर सकते है, मुझे इसमे कोई प्राब्लम नही है…”

पायल : “हां, पर उन्हे ये बात बतानी भी तो पड़ेगी ना… इनफॅक्ट ये मैने तुमसे इसलिए भी कहा है कि काजल ने मुझे अपनी फीलिंग . थी… आंड आइ थिंक उसे राज पसंद है… वो भी उसके साथ ऐसा ही कुछ करने के लिए मरी जा रही है…”

अपनी बेहन के बारे मे ये बात सुनकर जय को विश्वास ही नही हुआ… उसकी छोटी बेहन अपने कज़िन के लिए ऐसी भावनाए रखती है, इस बात का अंदाज़ा भी नही था उसे.. और वो इतनी बड़ी कब हो गयी कि उसकी रूचि सेक्स के लिए इतनी बढ़ गयी कि अपने ही कज़िन ब्रदर को वो लाइक करने लगी है… ये लड़किया कब बड़ी हो जाती हैं, पता ही नही चलता..

पर फिर उसने सोचा कि वो भी तो यही कर रहा है, अपनी खुद की कज़िन सिस्टर के साथ इस तरह के संबंध बनाने की कोशिश करना भी उतना ही ग़लत है.

जय को चुप देख कर मेरे और पायल दी के मन मे बस यही बात चल रही थी कि इस मोड़ पर आकर अगर जय ने मना कर दिया तो सब गड़बड़ हो जाएगा, पायल दी का दिल भी टूटेगा और काजल की हड्डिया भी…

पर ऐसा कुछ नही हुआ, वो इंसान के टाँगो के बीच एक लंड नाम की चीज़ होती है ना, उसने सब संभाल लिया… और उसी लंड की . मे आकर जय ने ये सच्चाई भी कबूल कर ली कि उसकी बेहन अपने कज़िन के साथ मज़े लेना चाहती है..

इसलिए उसने इस बात पर भी हां कर दी..

जय का इतना कहना था कि पायल दी ने बिना एक पल गँवाए वहाँ से दौड़ लगा दी और कमरे से बाहर निकल गयी… और जय बेचारा देखता रह गया कि ये उसे हुआ क्या है..

कुछ ही देर मे वो वापिस आई और साथ मे काजल को भी ले आई वो..

जय ने जब काजल को उस वक़्त देखा तो उसकी फट कर हाथ मे आ गयी… उसने तो सोचा था कि अभी कम से कम पायल के साथ वो मज़े ले सकेगा, बाद मे जो होगा देखा जाएगा, पर पायल तो अभी के अभी जाकर काजल को ले आई…

और पायल दी ने उसे लाने से पहले , शॉर्ट मे सब समझा भी दिया था… पर फिर भी इस तरह से अपने बड़े भाई के सामने आने से वो सकुचा रही थी और डर भी रही थी.

पायल : “आओ काजल.. आओ…डरो मत, मेरी और जय की बात हो गयी है, तुम्हारे मन मे जो भी राज के लिए है वो तुम बोल सकती हो, और जो भी तुम्हारे दिल मे है वो तुम इसके साथ कर भी सकती हो, जय भैया तुम्हे कुछ नही कहेंगे… है ना जय…”

पायल ने जब जय से ये प्रश्न पूछा तो वो बेचारा हक्का-बक्का रह गया, पर इस वक़्त वो पायल दी के बिछाए जाल मे फँस चुका था… इसलिए उसने बिना कुछ बोले सिर्फ़ हाँ मे सिर हिला दिया..

काजल के चेहरे की खुशी देखने वाली थी, उसे भी शायद जय भैया के इस तरह जल्दी से मान जाने की उम्मीद नही थी… पर वो कहते है ना कि जवानी के जलवे सब काम करवा लेते है.. वही हुआ था अभी.

पायल ने काजल का हाथ पकड़ा और उसे लेकर वो सीधा मेरे बेड के करीब आई और बोली : “चलो…. शुरू हो जाओ… कर लो जो तुम्हारे मन मे है…”

पायल दी की ये बात सुनकर मुझे सच मे उनपर बहुत प्यार आया… मन तो किया की अभी के अभी चादर साइड मे फेंक कर अपना लंड निकालु और पहले पायल को चोदकर काजल की चूत की भी धज्जिया उड़ा दूं… पर इस वक़्त ये सब करना पासिबल नही था, ऐसा करने से जय को हमारी प्लानिंग पर शक हो सकता था..

काजल ने एक नज़र पायल को देखा और फिर जय को… जय तो नज़रे चुराने की कोशिश कर रहा था, वो मन मे सोच रहा था कि कहाँ तो वो खुद मज़े लेने के मूड मे था और कहाँ ये पायल उसी की बेहन की फिल्म दिखाने पर उतारू है…

पर जो भी था, मज़े मुझे ही मिलने वाले थे, काजल के मन मे भी हज़ारो लहरे उठ रही थी पर वो उनपर काबू करने की कोशिश कर रही थी… पायल दी ने उसे पहले ही समझा दिया था कि यही एक मौका है, या तो मामला इधर या उधर..मज़े लेने है तो बेशरम बनना पड़ेगा.

काजल ने एक गहरी साँस ली और मेरे करीब आकर बैठ गयी, वो अब जय भैया को देख ही नही रही थी.. उसका सारा ध्यान मेरी तरफ ही था…वो मुझपर झुकी और उसने अपने मोटे मम्मे मेरी छाती पर टिका कर मुझे एक किस कर दी.
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