bahan sex kahani भैया का ख़याल मैं रखूँगी
02-01-2019, 05:53 PM,
#31
RE: bahan sex kahani भैया का ख़याल मैं रखूँगी
वीरेंदर बीना को बाहों मे भरते हुए: तूने ही तो कहा है कि कुँवारी लड़की मेरा लौडा शायद झेल ना पाए. तू चिल्लाएगी सही पर मेरा ले तो लेगी ना अपनी चूत में. 

बीना: हट बेशरम कहीं का, कितनी गंदी लॅंग्वेज यूज़ करता है अपनी माँ समान चाची के साथ. 

वीरेंदर: चाची?

बीना: और नहीं तो क्या?, तुम अभय को चाचू नहीं बोलते हो क्या. 

वीरेंदर: वो तो मैं ऐसे ही बोलता हूँ. तुम तो मेरी रानी हो. 

बीना: मुझे भी तो बीना आंटी बुलाते थे. 

वीरेंदर: सबके सामने बुलाना पड़ता है, दिल मे तो तू हमेशा मेरी रानी बनके रही है. 

बीना: अच्छा, फिर रूपाली का क्या?

वीरेंदर ने एक दम उसे झटका देकर अपने से दूर कर दिया. 
वीरेंदर: तू रूपाली के बारे में कैसे जानती है. 


बीना एकदम घबरा गई, यह उसने क्या कह दिया. वीरेंदर ने तो कभी बीना से या किसी से रूपाली का ज़िक्र किया ही नहीं. 

बीना: हड़बड़ाते हुए वो ...वो..वो. रूपाली की सहेली मेरी मौसी के बेटे की बीवी है. उसी ने मुझे तुम्हारे और रूपाली के बारे मे बताया था. 

रूपाली का नाम आने से वीरेंदर काफ़ी उखड़ गया था. बीना ने मोके की नज़ाकत को समझते हुए वीरेंदर का लंड पकड़ लिया और बोली बेचारा देखो अभी तक सलामी दे रहा है. इसका कुछ करना ही पड़ेगा. वीरेंदर के लौडे पर पहली बार किसी औरत का हाथ लगते ही उसके दिमाग़ के सारे फ्यूज़ उड़ गये और उसके मूह से एक आह निकली. 

बीना: अगर मेरे पीरियड्स ना होते तो मैं आज इसे बिना तेल लिए भी अपने अंदर लेने को तैयार थी लेकिन कोई बात नहीं मैं इसे ठंडा तो कर ही सकती हूँ. 

वीरेंदर: क्या यार तेरे पीरियड्स बीच मे कहाँ से आ गये. 

बीना: क्या करूँ रोमीयो आज से ही स्टार्ट हुए हैं. अब तो 4-5 दिन किसी तरह से निकाल लो उसके बाद तो तेरी सील मैं अपनी चूत से ही तोड़ूँगी. 

वीरेंदर(खुशी से चहकते हुए): सच. 

बीना: मुच.
बीना: अच्छा एक काम करो तुम आराम से बेड पर बैठ जाओ, मैं अभी आती हूँ. वीरेंदर बेड पर टेक लगाकर बैठ गया और बीना बाथरूम मे चली गई. थोड़ी देर बाद बीना अपने हाथ मे हेर आयिल की बॉटल लेकर आ गई. 

वीरेंदर तैल की बॉटल देख कर बोलता है: यह तैल किस लिए, चूत का लाल दिवस है तो क्या गान्ड देने का इरादा है.

बीना(शरमाते हुए): वो भी ले लीजिएगा पर पहले चोदने के लायक तो बन जाइए जनाब. 

वीरेंदर: हाए कुर्बान जाउ तेरी इस अदा पर रानी. 

बीना: तुम लेट जाओ, और देखो मेरा जादू. 

वीरेंदर: दिखाएगी तो देखूँगा ना. 

बीना:क्या मतलब? 

वीरेंदर अपने कपड़े तो उतार. 

बीना: नहीं मुझे शरम आती है. 

वीरेंदर: तो चूत क्या कपड़े लगा कर देगी. 

बीना: जाओ मैं नहीं करती कुछ. तुम इतने बेशरम बनजाओगे मुझे पता भी ना था. 

वीरेंदर: अभी तुमने मेरी बेशर्मी देखी कहाँ है. एक बार तुम्हारी चूत ग्रीन सिग्नल दे दे, सारे घर मैं नंगी घुमा-घुमा कर चोदुन्गा. 

बीना: जब घूमाओगे तब देखेंगे. अब तुम लेट जाओ जल्दी से, मुझे क्लिनिक भी जाना है. 

वीरेंदर: अच्छा अपनी कमीज़ तो उतार दो. कम से कम अपने मम्मों से तो खेलने दो. 

बीना जानती थी कि एक बार वो गरम हो गई तो उसे अपने आप को रोकना थोड़ा मुश्किल हो जाएगा. वो नहीं चाहती थी कि आशना से पहले वो वीरेंदर से चुदे. 

बीना: जानू प्लीज़ समझा करो, 4-5 दिन की बात है, फिर सब देख लेना. 

वीरेंदर: चल जा, तू भी क्या याद करेगी. आ जा और कर ठंडा मेरा लौडा. 

बीना ने बॉटल से तैल निकाल कर अपनी हथेलियो पर लिया और उन्हे अच्छी तरह से तर कर दिया. फिर बेड पर आकर वो वीरेंदर की टाँगो के बीच बैठ गई और बोली " जानू देखो जब होने लगे तो बता देना. मेरे उपर मत कर देना, यहाँ से सीधा हॉस्पिटल जाना है. 

वीरेंदर: तो एक काम कर मेरा मूह मे ले ले और सारा माल पी जा. 

बीना: छी, छी कितने गंदे हो तुम. इसे कोई मुँह मे लेता है क्या? 

वीरेंदर: रानी इसे मूह मे लेकर तो प्यार किया जाता है, क्या तुम्हे नहीं पता. 

बीना: लेकिन मैने कभी भी नहीं लिया, अभय ने मुझे कभी कहा ही नहीं. 

वीरेंदर : तो आज ट्राइ कर ले. 

बीना: आज नहीं, मेरा मन खराब हो जाएगा, मुझे पारीोड्स चल रहे हैं. 

वीरेंदर मन मार कर रह गया और बोला: चल झट से ही झाड़ दे. 

बीना ने उसके सुलगते हुए लौडे को अपने हाथों से पकड़ा तो एक पल के लिए उसके हाथ कांप गये. वीरेंदर का लौडा आग उगल रहा था. गरम लोहे की सलाख के जैसे वो एक दम आकड़ा खड़ा था. बीना ने उसके सुपाडे की चमड़ी को अच्छी तरह तैल से चुपडा और धीरे धीरे उसका सारा लंड तैल से चुपड दिया. 

वीरेंदर: अरे वाह बड़ा मज़ा आ रह है. 

बीना: अब थोड़ा दर्द होगा, जहाँ तक हो सके बर्दाश्त करना और अगर ज़्यादा हो तो बता देना.

वीरेंदर ने हां मे गर्दन हिलाई. 
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02-01-2019, 05:53 PM,
#32
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बीना ने एक हाथ से उसके लौडे की जड़ मे छल्ला बनाया और एक हाथ से उसके सुपाडे से चमड़ी हटाने लगी. बीना धीरे धीरे से दवाब बनाती रही और जैसे ही सूपड़ा बाहर निकलने को हुआ, वीरेंदर कराह पड़ा "बस". 
बीना ने हाथ वहीं रोक लिया पर चमड़ी उपर नहीं की. 

बीना: शाबाश, लंबी सांस लो और फिर छोड़ो. वीरेंदर ने वैसा ही किया.
बीना: हां ऐसे ही, बिल्कुल ठीक. बीना उतनी ही चमड़ी को उपर करती और फिर नीचे दबाती, जिस से वीरेंदर का सुपाडा कभी चमड़ी से बाहर झाँक रहा होता तो कभी चमड़ी मे छुप जाता. वीरेंदर को मज़ा आने लगा. कुछ देर बाद जब वीरेंदर नॉर्मल हुआ तो बीना ने उसकी चमडी नीचे दबा कर वीरेंदर को उसकी सील के बारे मे बताया. वीरेंदर ध्यान से सब देख रहा था. 

वीरेंदर: तो तोड़ दे ना इसे, आज ही सह लेता हूँ यह दर्द. 4-5 दिन बाद तो ऐश कर सकते हैं. 

बीना ने इस बार एक चाल चली. 
बीना: कैसा लगेगा अगर तुम्हें एक ऐसी बीवी मिले जिसकी सील पहले से टूटी हो. 

वीरेंदर: मैं उस साली की गान्ड की सील तोड़कर उसे घर से बाहर निकाल दूँगा. 

बीना: इसीलिए कहती हूँ कि अपनी सील तुम उसे गिफ्ट करना जो तुम्हें अपने सील गिफ्ट करे. 

वीरेंदर: इसका मतलब 4-5 दिन बाद वाला प्रोग्राम कॅन्सल. 

बीना: केन्सल क्यूँ? 4-5 दिनों मे अपने लिए कोई दुल्हन ढूंड लो ना, तुम्हारे लिए तो लड़कियो की लाइन लग जाएगी एक बार हां तो करो, शादी चाहे बाद मे करना मगर उस से सेक्स तो कर ही सकते हो. 


वीरेंदर: इतनी जल्दी कोई लड़की सेक्स के लिए तैयार होगी क्या? चाहे उस से शादी का वादा कर लूँ पर कोई भी लड़की सेक्स के लिए इतनी जल्दी तैयार नहीं होगी. 

बीना: तुम जानते नहीं आजकल की लड़कियाँ सेक्स के प्रति काफ़ी इंट्रेस्टेड हैं. 

बीना: एक अड्वाइज़ फ्री मे देती हूँ,हो सके तो 20-21 साल की लड़की ढूंडना, क्यूंकी एक तो उनका बदन करारा बड़ा होगा और नयी नयी जवानी के चलते उसमे सेक्स के प्रति इंटेरेस्ट बहुत होता है, मुझे पूरा यकीन है वो मना नहीं करेगी. 


वीरेंदर:20-21 साल की लड़की कहाँ से मिलेगी मेरे लिए तुम्हें पता है मैं 33+ हूँ. इतनी छोटी लड़की मेरे से क्यूँ पटेगी. 

बीना वीरेंदर के लंड को लगातार मुठियाए जा रही थी और बोली:इसलिए, आज कल की लड़कियो को लंबे लंड का बहुत शोक होता है. बस एक बार उसे दिखा देना, फिर देखना कैसे तेरे पीछे भागेगी. 

वीरेंदर कुछ देर खामोश रहा और कुछ सोचने लगा. बीना जानती थी कि वीरेंदर क्या और किसके बारे मे सोच रहा है.

बीना: क्या सोच रहे हो. क्या कोई लड़की है तुम्हारी नज़र मे. 

वीरेंदर(एक दम से अपने ख्यालों की दुनिया से बाहर आते हुए): क्या?..... ना.......नहीं तो.

बीना ने उसकी तरफ देख कर मुस्कुरा दिया और बोली: तो फिर यह (वीरेंदर के लंड को देखते हुए) इतना ठुमक क्यूँ रहा है. 

दरअसल वीरेंदर आशना के बारे मे सोच रहा था तो उसके लौडे ने ठुमक कर वीरेंदर को शाबाशी दे दी. 
वीरेंदर: ऐसी कोई बात नहीं बस ऐसे ही.

बीना: अरे यार बोलो, अब मुझ से क्या शरमाना. कुछ दिनों की बात है फिर तो हम दोनो एक हो ही जाएँगे. 

वीरेंदर: आक्च्युयली, वो एक लड़की है पर शायद वो माने या ना माने. 

बीना: मानेगी क्यूँ नहीं? तुमने उसे बोला क्या?. 

वीरेंदर: नहीं, वो, आक्च्युयली अभी हम कुछ दिन पहले ही मिले हैं तो इतनी ज़्यादा बात नहीं हो पाई. 

बीना: कॉन है वो मेरे राजा मुझे भी तो बताओ. 

वीरेंदर: नहीं, शायद आपको बुरा लगे.

बीना ने वीरेंदर के लंड को दबा दिया, जिस से वो बुरी तरह तड़प उठा. बीना ने उसके लौडे से अपने हाथ खींच लिए और बोली: नहीं बताओगे तो मैं इसे नहीं पाकडूँगी. 


वीरेंदर काफ़ी करीब आ चुका था झड़ने के. बीना की इस बात से उसे काफ़ी गुस्सा आया पर वो अभी बात को बिगाड़ना नहीं चाहता था. 

वीरेंदर: पहले प्रॉमिस करो कि तुम मेरी हेल्प करोगी. 

बीना: अगर मेरे बस मे हुआ तो मैं तुम्हारी हेल्प क्यूँ नहीं करूँगी, तुम बताओ तो सही कि वो कॉन है ?. 

वीरेंदर:मुझे आशना अच्छी लगने लगी है और उस से शादी करना चाहता हूँ,वीरेंदर ने एक ही सांस मे सारी बात बोल दी. 

बीना ने एक दम हैरानी के भाव अपने चेहरे पर लाते हुए गुस्से से वीरेंदर को देखा. बीना बेड से उठ कर खड़ी हो गई और बोली: मिस्टर. वीरेंदर आप होश मे तो हैं, वो मेरी दोस्त की इक्लोति निशानी है, वो मेरी बेटी समान है, अभी उसकी उम्र ही क्या है. 

वीरेंदर: तो तेरी बेटी की शादी नहीं करनी क्या तूने? मुझमे क्या कमी है. 

बीना ने कुछ देर तक कुछ ना बोला बस वीरेंदर के चेहरे की भावनाओं को पढ़ती रही. 
बीना: ऐसा नहीं हो सकता. अगर वो मेरी बेटी जैसी है तो तुम्हे भी मैने अपने बेटे जैसा ही माना है. इस रिश्ते से आशना तुम्हारी बेहन लगी ना. 

वीरेंदर: तुम हाँ कर दो मैं बेहन्चोद बनने को भी तैयार हूँ. 

बीना के चेहरे पर मुस्कान आ गई और बोली: माँ समान चाची को चोद कर मदर्चोद तो बनोगे ही, बेहन्चोद भी बनना चाहते हो. 

वीरेंदर: हां मुझे बेहन्चोद भी बनना हैं. 

बीना: लेकिन वो अभी बहुत छोटी है, शायद शादी के लिए ना माने. यह फ़ैसला मैने उस पर छोड़ा है. यह भी हो सकता है कि वो किसी और को चाहती हो. 

वीरेंदर: तुम यह कैसे कह सकती हो कि वो किसी और को चाहती होगी. 

बीना: मैने बहुत दुनिया देखी है. आशना अभी सिर्फ़ 20 साल की है पर उसका जिस्म देखा है कभी. उसके बूब्स और गान्ड कितने भरे हैं, मुझे तो शक है कि कोई तो उन्हे मसलता ही होगा. 
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02-01-2019, 05:53 PM,
#33
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यह सुनकर वीरेंदर की आँखों के आगे आशना का जिस्म नाच उठा. बीना का कहना तो ठीक ही था, 20 साल की उम्र मे ही आशना काफ़ी ग्रूम कर चुकी थी लेकिन यह ग्रूमिंग उसकी एयिर्हसटेस्स ट्रैनिंग के दौरान हुई थी. जिस से वो एक परफ़ेक्ट एयिर्हसटेस्स बन सके. 

बीना ने वीरेंदर को ख्यालों मे खोया देखा तो उसने अपना पैंतरा बदला और बोली: यह सिर्फ़ मेरा शक है. हो सकता है कि ऐसा ना हो. आशना की माँ भी ऐसी ही थी. छोटी सी उम्र मे ही उस पर जवानी कहर बनकर टूटी थी. आशना आख़िर अपनी माँ पर ही तो जाएगी ना. 

वीरेंदर: यार मुझे सही सही बताओ, गुमराह मत करो. 

बीना: उसके दिल मे कोई है या नहीं इसका तो पता नहीं मगर इतना मैं यकीन के साथ कह सकती हूँ कि वो अभी तक बिल्कुल कुँवारी है. 

वीरेंदर: वो कैसे?

बीना: डॉक्टर. हूँ, उड़ती चिड़िया के पर गिन सकती हूँ. जितना कसाव आशना के जिस्म मे है, उतना कसाव चुदि हुई लड़की के जिस्म मे देखने को नहीं मिलता. चुदि हुई लड़की का पेट अक्सर थुलथुला हो जाता है, जैसे कि मेरा और मम्मे भी झूल जाते है. मैं यकीन के साथ कह सकती हूँ कि आशना के मम्मे बिना ब्रा के भी वैसे ही खड़े रहते होंगे जैसे ब्रा के अंदर. 


वीरेंदर उसका यह तर्क सुन कर बहुत खुश हुआ. उसने भी तो आज आशना को बिना ब्रा के देखा था और काफ़ी कसाव था उसके मम्मो मे. 
वीरेंदर: चल मान लेते हैं कि वो कुँवारी है, लेकिन उसके दिल मे कोई और होगा तो. 

बीना: क्या तुम वाकई आशना से शादी करना चाहते हो या सिर्फ़ कुछ दिन तक खेलना चाहते हो. बीना के इस सवाल से वीरेंदर सोच में पड़ गया और फिर बोला. 

वीरेंदर: अगर मैं उस से केवल मन बहलाना चाहूं तो? 

बीना: यह तो मैं समझ सकती हूँ कि तुम जो दिखते हो वैसे हो नहीं मगर इतने बड़े कमीने होंगे मैने कभी सोचा भी नहीं था. 

वीरेंदर: इतनी तारीफ मत करो कि मैं खुद को भगवान समझ बैठू, चलो तेरी बेटी से शादी करके उसे अपनी पत्नी बना लूँगा. 

बीना: तो ठीक है, आज ही उस से बात कर लो शादी की. मैं नहीं कर सकता, तुम करके देख लो. 

बीना: बेटा मेहनत मैं करूँ और अनार तुम खाओ.मैने उसे उसके माँ-बाप के बाद संभाला है, मेरा कहा तो वो टाल नहीं पाएगी. मैं यह भी नहीं चाहती कि वो किसी दबाव मे आकर हां करे, इसलिए ठीक यही रहेगा कि तुम उसे प्रपोज़ करो. अगर वो मान गई तो ठीक नहीं तो मैं बात करके देखूँगी. तुम्हारे लिए इतना तो कर ही सकती हूँ. 

वीरेंदर: अभी नहीं. मैं उस से शादी की बात अभी नहीं कर सकता. 

बीना: क्यूँ? 

वीरेंदर: बस ऐसे ही, 3-4 महीने तक मैं उसे अपनी गर्लफ्रेंड बना कर रखना चाहता हूँ ताकि उसे भी सोचने और परखने का समय मिल जाए. 

बीना: लेकिन मैं कैसे यकीन करूँ कि तुम 3-4 महीनो के बाद उस से शादी करोगे.हो सकता है तुम उसे यूज़ करने बाद मे धोखा दे दो. 

वीरेंदर कुछ देर सोचता रहा और फिर बोला तो तुम बताओ कि तुम्हें कैसे यकीन आए. 

बीना: यकीन तुम्हें दिलाना है, तुम बताओ. 

वीरेंदर: एक काम करता हूँ, अपने हिस्से की प्रॉपर्टी उसके नाम कर देता हूँ, फिर तो तुम्हें यकीन हो जाएगा. 

बीना के मन मे लड्डू फुट पड़े यह सुनकर. अपने चेहरे के भावों को छुपाते हुए बीना बोली: इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं है क्या?. 

वीरेंदर: अगर हो तो भी मुझे यही रास्ता सही लगता है. प्रॉपर्टी उसके नाम हो या मेरे, रहेगी तो हमारी ही ना.वैसे भी मेरे बाद मेरी प्रॉपर्टी पर मेरी बीवी का ही हक होगा ना.

बीना ने सहमति मे सिर हिलाया. 

वीरेंदर: मगर मेरी एक शर्त है कि आशना को इस बारे मे हमारी शादी के बाद ही पता चले. 
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02-01-2019, 05:53 PM,
#34
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बीना भी तो यही चाहती थी कि आशना के इसके बारे मे पता ही ना लगे. वीरेंदर ने तो उसका काम आसान कर दिया था. आधी प्रॉपर्टी तो वैसे भी आशना के नाम की थी और वीरेंदर द्वारा अपने हिस्से की प्रॉपर्टी भी उसके नाम कर देने से आशना पूरी प्रॉपर्टी की मालकिन बन जाती. उसके बाद वीरेंदर चाहे आशना से शादी करे या ना करे सारी प्रॉपर्टी तो आशना के नाम ही रहने वाली थी. बीना और बिहारी आशना को ब्लॅकमेल करके उस से सारी प्रॉपर्टी हथिया सकते थे. यह भी हो सकता था कि आशना वीरेंदर को सब कुछ सच सच बता दे इस लिए बीना और बिहारी के लिए अब सब से ज़रूरी यह था कि वीरेंदर को आशना का सच पता चलने से पहले वो उन्दोनो को सेक्षुयली इतना फ्रस्टेट कर दें कि वो एक दूसरे के अलावा कुछ सोच ही ना पाएँ. 

बीना:ऐसी शर्त क्यूँ? 

वीरेंदर:क्यूंकी मैं आशना का सच्चा प्यार पाना चाहता हूँ.यह भी हो सकता है कि दौलत के लालच मे आकर वो मुझसे शादी कर ले. इस लिए यह राज़ सिर्फ़ मेरे और आपके बीच ही रहेगा. 

बीना: इज़ राज़ को मैं अपनी चूत मे छुपाकर रखूँगी जिसे तुम अपने लौडे से अंदर ही दफ़न कर देना. 

वीरेंदर: तो उसके लिए तो मुझे तेरी चूत मे अपना लौडा घुसाना पड़ेगा ना. 

बीना: मन तो मेरा भी बहुत है पर क्या करूँ अगर पारीोड्स ना होते तो आज मैं तुमसे ज़रूर चुदवाती, फिर चाहे तुम चचिचोद बनते, चाहे मदर्चोद या सासू चोद. क्यूंकी चाची तो मैं तेरी पहले से हूँ तो माँ के बराबर ही हुई ना और आशना मेरी बेटी जैसी है तो मैं तुम्हारी सास भी हुई. 

वीरेंदर: मैं तुम्हें तीनों रूपों मे चोदुन्गा लेकिन तेरी शर्त के मुताबिक पहले मुझे बेहन्चोद बनना पड़ेगा. 

बीना: बस एक बार तू उस से अपने लौडे की सील तुड़वा ले फिर देख मैं कैसे तेरा लौडा अपनी चूत और गान्ड मे लेती हूँ. 

वीरेंदर की आँखें चमक उठी बीना के ऐसा कहने से. 

वीरेंदर: क्या तू मुझे अपनी गान्ड भी देगी. 

बीना: अपने प्यारे बेटे और जवाई के लिए मैं अपनी गंद भी कुर्बान कर दूँगी.


वीरेंदर का लौडा इतना सुनते ही फिर से अकड़ गया. 
वीरेंदर: चल पहले आज तो इसे ठंडा कर दे. 
बीना: अब तो मैं इसे देख कितना प्यार करती हूँ यह मेरी बेटी की चूत में जो जाने वाला है. 
वीरेंदर के लौडे ने एक ठुमका लगाया इतना सुनते ही. 
वीरेंदर: चल अब जल्दी कर वरना तेरी बातों से ही मेरा रस निकल जाएगा. 
बीना: चल फिर आराम से बेड पर लेट जा और देख मेरा कमाल. 
वीरेंदर के लंड पर लगा तैल सुख गया था. 
बीना: यह तो सारा तैल पी गया. 
वीरेंदर: बहुत प्यासा है यह, चूत रस नहीं मिलेगा तो तैल ही पिएगा ना. बीना: चल अब मैं इसका ही तैल निकलती हूँ, देखें ज़रा कितना तैल भरा है तेरे टट्टो मे. 
वीरेंदर: तैल तो तेरी और तेरी बेटी की चूत भरने के लिए ही बचा रखा है, आ जा देख ले कितना तैल है मेरे टट्टो मे. वीरेंदर बेड पर लेट गया और बीना बेड पर चढ़ कर उसकी टाँगो के बीच आ गई. बीना ने अपने मुलायम हाथो से उसका लौडा पकड़ा तो वीरेंदर की कमर अपने आप उठ गई. 
वीरेंदर: इतने मुलायम हाथ हैं तेरे तो पहले तैल क्यूँ लगाया था. 
बीना तेरे लौडे की चमड़ी को ज़्यादा दर्द ना हो इस लिए इसे गीला करना ज़रूरी था. 

वीरेंदर: लेकिन अब तो तैल सूख गया है, अब क्या करेगी. 
बीना: सोचती हूँ कुछ, तुम बस आँखें बंद कर के लेट जाओ और मेरा कमाल देखो. वीरेंदर को लगा शायद अब बीना उसका लौडा मूह में लेगी. वीरेंदर के दिल की धड़कने बढ़ गई और उसने आँखें बंद कर ली, उसे लगा कि शाया बीना उसका लौडा मूह मे लेने से शरमा रही है इसलिए उसे आँखे बंद करने के लिए बोल रही है. 
काफ़ी देर तक बीना उसे अपने हाथो से हिलाती रही और जब वीरेंदर को लगा कि शायद उसने ग़लत सोचा है, उसे अपने लंड पर गरम सांसो का एहसास हुआ.
बीना: तुम्हारे लिए मैं सिर्फ़ इन्हें (वीरेंदर की टेस्ट्स पर हाथ रख कर) एक बार चूस लेती हूँ, लेकिन प्लीज़ इस से आगे कुछ भी करने के लिए मत बोलना. 
वीरेंदर ने हां मे गर्दन हिलाई.
बीना ने हाथ से पकड़ कर वीरेंदर के नरम पड़ रहे लंड को उपर की ओर उठाया और उसके टेस्ट्स पर मूह लगाया.

बीना के ऐसा करने से ही वीरेंदर का लंड जो कि थोड़ा नरम पड़ गया था एक दम से ख़ूँख़ार हो गया और बीना की गिरफत से छूटने लगा. बीना: यह तो एक दम से ही तन गया, अभी तो बस एक ही बार इसको मूह लगाया है.
वीरेंदर: बस बीना एक बार मूह मैं ले ले ना, मैं ज़िंदगी भर तेरा गुलाम बन कर रहूँगा.
बीना यह बात सुनकर काफ़ी खुश हो गई.
बीना: तुम कुछ बोलो मत और मुझे अपना काम करने दो. इतना कहते ही बीना ने अपना मूह वीरेंदर के सुपाडे के बिल्कुल करीब कर दिया.
वीरेंदर के दिल की धड़कनें रुक गई. वो बीना की गरम साँसें सॉफ महसूस कर सकता था अपने लौडे के सिरे पर. बीना भी जानती थी कि वीरेंदर के मन में क्या चल रहा है. वो उसे पहली बार मे ही अपना दीवाना बना देना चाहती थी ताकि आगे आने पर वो उसकी कोई भी बात टाल ना सके. उसने अपनी जीब बाहर निकाली और वीरेंदर के सुपाडे पर फेर दी. वीरेंदर की कमर उछल गई और उसके मूह से सिसकारी निकल गई.

बीना: प्लीज़ अपनी आँखे मत खोलना, मुझे शरम आती है. 
वीरेंदर कुछ ना बोला, वो सातवे आसमान में उड़ रहा था. बीना ने अपनी जीभ निकाल और अपना मूह उसके लौडे की जड पर ले गई. बीना ने अपनी जीब से उसके लौडे की जड से लेकर सिरे तक एक लंबी चुस्की ली.

वीरेंदर की तो मानो मन की मुराद पूरी होने वाली थी. उसके लंड को किसी और्त या लड़की ने आज तक पकड़ा भी नही था और आज पहली ही बार मे कोई औरत उसे अपने मूह में लेकर चूसने वाली थी. वीरेंदर की साँसें तेज़ चलने लगी, बीना का भी बुरा हाल था. आज उसे पहली बार एक लंड को केवल सुख देना था, वो उस लौडे से सुख नहीं पा सकती थी.

बीना: वीरेंदर तुम्हारे लिए मैं आज यह सब पहली बार करने जा रही हूँ, लेकिन प्लीज़ जब निकलने वाला होगा तो बता देना(बीना ने वैसे तो कई बार अभय और बिहारी का लंड चूसा था मगर उसने कभी भी किसी के लंड का माल पिया नहीं था).

वीरेंदर ने बस हां मैं हामी भरी.
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02-01-2019, 05:53 PM,
#35
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बीना ने अपने मन को काबू मे रखकर अपना मूह खोला, जीब अंदर ली और वीरेंदर के सुपाडे को अपने लाल होंठों की गिरफ़्त में ले लिया. वीरेंदर ने कस कर बोस्टर को पकड़ लिया. उसे समझ मे नहीं आया कि वो स्वर्ग मे है या ज़मीन पर, उसकी टाँगे अपने आप और खुलती गई, उपर उठी और बीना की कमर पर लिपट गई. बीना ने अपनी जीभ से उसका सुपाडे को चुबलाना शुरू किया, वीरेंदर किसी मछली की तराहा तड़प रहा था. बीना ने धीरे धीरे वीरेंदर का लंड गटकाना शुरू किया और जितना हिस्सा अंदर जा रहा था उसपर जीभ फिराना शुरू कर दिया.वीरेंदर जन्नत मे हिचकोले खा रहा था, उसकी कमर बेड पर टिक ही नहीं रही थी. काफ़ी देर तक चूसने के बाद बीना के मूह मे दर्द होने लगा. इतना मोटा लंड बीना ने आज तक नहीं चूसा था. आधे से भी कम लंड ही उसके मूह मे जाकर उसके गले मे ठोकरें मार रहा था. बीना जल्द से जल्द वीरेंदर को सखलित करना चाहती थी, उसके जबड़े दुखने लगे थे.

बीना ने वीरेंदर के लंड को मूह मे रखते हुए उसपर जीब चलाना जारी रखा और अपने लेफ्ट हॅंड से उसके टोस्टिस को आराम से पकड़कर सहलाने लगी. 

वीरेंदर जैसे कच्चे खिलाड़ी के लिए इतना काफ़ी था. उसे अपने लंड मे उबाल महसूस हुआ. इस से पहले कि वो कुछ समझ पाता या बीना को बोल पाता उसके पहले ही उसके लंड से वीर्य की ज़ोरदार एक धार बीना के हलक मे गिर गई. पिचकारी इतनी ज़ोरदार थी कि बीना की सांस ही रुक गई. बीना की आँखें बाहर को निकल आई, वो पीछे हटना चाहती थी मगर उसकी कमर पर बनी वीरेंदर की टाँगो की कैंची और मज़बूत हो गई. इसके पहले कि वो अपने हाथो का ज़ोर लगा कर उठने की कोशिश करती, वीर्य की एक और धार उसके मूह मे गिरी. बीना को सांस लेना भी मुश्किल हो गया. सांस लेने के लिए जैसे ही उसने प्रयास किया उसी वक्त वीरेंदर और बीना ने एक आवाज़ सुनी "उउल्क", फिर दोबारा उउल्क और फिर 7-8 बार उउल्क,उउल्क की आवाज़ के बाद सब कुछ शांत पड़ गया. 

बीना , वीरेंदर के लंड से निकला सारा वीर्य पी गई. बीना ने उसके लंड की एक एक बूँद पी ली. वीरेंदर ने अपनी टाँगे उसकी कमर से निकाली और बीना ने अपने मूह से उसका लंड निकाला और थोड़ा आगे होकर धडाम से उसके उपर गिर गई. बीना गहरी साँसें लेती हुई उसके उपर कुछ देर पड़ी रही और फिर सांसो को संभाल कर वीरेंदर की ओर नज़र उठा कर देखा और अपनी मुट्ठी से उसकी छाती पर धीरे से एक मुक्का मार दिये. 


बीना: तुम बहुत गंदे हो, मेरे से वो काम करवाया जो मैने कभी सपने मे भी नहीं सोचा था और सारा माल भी पिला दिया. 

वीरेंदर: बीना अगर तू मेरे चाचा की बीवी ना होती तो मैं तुझ से शादी कर लेता, कसम से तूने जो मज़ा आज दिया है मैने वो कभी सोचा भी नहीं था. 

बीना मुस्कुरा कर वीरेंदर की तरफ देखती है और कहती है:तुम खुश हो ना, तुम्हें अच्छा लगा? 

वीरेंदर ने उसे अपनी तरफ खींचा और उसके होंठों पर एक ज़ोरदार किस कर दिया.

बीना ने शरमा कर अपना चेहरा छुपा लिया. 

वीरेंदर: आइ लव यू बीना, आइ लव यू. 

बीना:अच्छा अच्छा अब छोड़ो, मुझे क्लिनिक भी जाना है. 

वीरेंदर: अगर आज तुम्हारे पारीोड्स ना होते तो आज की रात तो तुम्हें कही जाने नहीं देता मगर आज तू बच गई. तुझे तो बाद मैं निपट ही लूँगा. 

बीना: अब तुम आराम करो, कुछ देर और कुछ देर के लिए सो जाओ,मैं चलती हूँ. 

वीरेंदर: बाइ बीना, टेक केर ऑफ युवर चूत. 

बीना: तुम भी जल्दी से इसकी सील तुडवाओ आशना से, फिर तो मैं सारी सारी रात तुम्हें छोड़ने वाली नहीं हूँ. 

वीरेंदर खामोश रहा बस मुस्कुराता रहा. बीना ने उसकी आँखों मे सॉफ संतुष्टि देखी थी लेकिन बीना की चूत मे आग लगी थी जिसे ठंडा करने के लिए अब उसे बिहारी की बहुत ज़्यादा ज़रूरत थी. 


वहीं दूसरी ओर जब बिहारी आशना के रूम के पास पहुँचा तो उसे बहुत बड़ा झटका लगा. आशना ने दरवाज़ा अंदर से बंद कर रखा था. बिहारी ने काफ़ी कोशिश की पर दरवाज़ा नहीं खुला. वो आशना को गालियाँ देता हुआ वीरेंदर के रूम के बाहर ही खड़ा होकर वीरेंदर और बीना की बातें सुनकर मूठ मारने लगा.

जैसे ही बीना बाहर आई, बिहारी उसके पीछे हो गया. बीना बिना पीछे देखे ही सीडीयूं की तरफ चल दी. पीछे से बिहारी ने उसे धीमे से पुकारा तो बीना ने हड़बड़ा कर पीछे देखा. 

बिहारी (धीमी आवाज़ मैं): क्यूँ खल्लास कर दिया साले को. 

बीना ने बड़ी अदा से एक अंगड़ाई ली और धीमे से बोली साला बहुत दमदार है, खूब चूसाया उसने, अब तो मूह भी दर्द कर रहा है. बीना सीडीयाँ उतरने लगी तो बिहारी भी उसके पीछे पीछे नीचे चल दिया.

बिहारी: तो नये लौडे का सारा माल पी कर आ रही है छीनाल. 

बीना: माँ का पहला दूध और लौडे का पहला माल बहुत पौष्टिक और स्वादिष्ट होता है रज्जा. 

बिहारी: साली तुझे तो नया लौडा मिल गया हिलाने को और कुछ ही दिनो मैं तू उसे अपनी चूत से निगल भी लेगी पर मेरा तो कलपद हो गया. 

बीना: तुम्हें किसने बताया कि कुछ दिनों मे मैं उसका लौडा लेने वाली हूँ और तेरा चेहरा क्यूँ उतरा है. 

बिहारी ने उसे सारी कहानी बता दी. बीना का हंस-हंस कर बुरा हाल था. 

बिहारी: हँस ल्ले साली जितना हँसना है. मेरा लौडा एक बार माल उगल चुका है, इस बार तेरी चूत की धज्जियाँ ना उड़ाई तो मेरा नाम भी बिहारी नहीं. 

बीना: चूत तो कब से गीली हो रखी है यह सोच कर. उसका माल निगलते निगलते मेरी भी चूत पानी छोड़ चुकी है. मेरी चूत की धज्जियाँ उड़ा या गान्ड की मगर सच मे आज अगर तुझसे वादा ना किया होता तो वीरेंदर से चुद कर मैं दुनिया की सबसे खुशकिस्मत औरत बन जाती. ऐसा लौडा तो नसीब वालियों को ही नसीब होता है. 

बिहारी: बड़ी जल्द तेरी बेटी यानी वीरेंदर की बेहन नसीब वाली बनने वाली है फिर तो. 

बीना: जलन होती है मुझे उस से मगर एक बार उनकी चुदाई का वीडियो हमें मिल जाए तो फिर आशना को ब्लॅकमेल करके सारी जायदाद अपने नाम करवा दूँगी और अगर वीरेंदर ने आशना को सच जानने के बाद ज़िंदा छोड़ दिया तो वो हमेशा के लिए तेरी और वीरेंदर को तो मैं मुट्ठी में कर ही लूँगी. 
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02-01-2019, 05:53 PM,
#36
RE: bahan sex kahani भैया का ख़याल मैं रखूँगी
बिहारी: यह क्या कह रही है साली, लौडे के नशे मे यह भी भूल गई कि अगर वीरेंदर को ज़िंदा छोड़ दिया तो क्या अंजाम हो सकता है. 

बीना: उसे तो मैं ऐसा गुलाम बनाउन्गी कि वो कुत्ते की तरह हर तरफ मेरी गान्ड के पीछे ही रहेगा. 

बिहारी: देख ले साली मैं तो अपना हिस्सा और लौंडिया लेकर यहाँ से निकल जाउन्गा पर तुझे तो यहीं रहना है. कैसे कर पाएगी यह सब कुछ. मेरी बात मान जब तक दिल चाहे वीरेंदर के लौडे से चुद ले पर उसे सच पता लगने पर उसकी मौत ही हमे चैन से जीने देगी. 

बीना: चल यार तेरे लिए यह भी मान लिया, आख़िर तो तू मेरे पास है ही. 

बिहारी: बस अब जल्दी से आशना की चूत मे वीरेंदर ठप्पा लगा दे उसके बाद तो मैं उसे ब्लॅकमेल करके उसकी गान्ड पर सबसे पहले अपनी मुहर लगाउन्गा. 

बीना: तुम सब मर्दो को गान्ड मे इतनी दिलचस्पी क्यूँ होती है. अभी वीरेंदर भी काफ़ी खुश हो गया था जब मैने उसे अपनी गान्ड देने की बात कही थी. 

बिहारी: यह बात तू नहीं समझेगी. बड़ी गान्ड वाली औरत को कुतिया बनाकर चोदने मे जो मज़ा है वो तो शायद स्वर्ग मे भी नहीं मिले. 

बीना: चल अब जल्दी से मेरी चूत की प्यास भुजा दे मुझे काफ़ी देर हो गई है. 

बिहारी उसे हाल से उठाके घर के बाहर ले गया. शाम होने को आई थी. अंधेरा होने लगा था, शायद 5:00-5:30 बजे का टाइम था. आसमान मे बदल छा गये थे, काफ़ी घने थे. आज शायद जम कर बारिश होने वाली थी. मौसम भी काफ़ी ठंडा हो गया था. 

बीना: बाहर कहाँ ले जा रहा है.

बिहारी: आज हम बाहर लॉन मे प्यार करेंगे. 

बीना: पागल हो गया है क्या, इतनी ठंड मे तो मेरी कुलफी ही जम जाएगी. 

बिहारी: तू चिंता ना कर, अपनी कुलफी से मैं तेरी भट्टी मे आग लगा दूँगा. 

बीना ना ना करती रही पर बिहारी ने उसे लॉन मे पड़े एक टेबल पर रखा और अपने कपड़े उतारने लगा. देखते ही देखते बिहारी बिल्कुल नंगा हो गया. बीना ने उसका आकड़ा हुए लंड देखा तो हैररानी से उसे पूछा "क्या खाते हो तुम हर वक्त तुम्हारा खड़ा रहता है".

बिहारी: दूध पीता हूँ औरतो का वो भी डाइरेक्ट मम्मो से. 

बीना: लेकिन मेरे मम्मों में तो दूध है नहीं. 

बिहारी: तेरी तो चूत के रस मे ही इतना नशा है कि मम्मो तक आने का दिल ही नहीं करता. 

बीना: चल अब जल्दी से मेरे भी कपड़े उतार और दिखा दे अपना दम.

बिहारी ने फॉरन उसके कपड़े उतार कर एक चेर पर रख दिए. बिहारी बीना की टाँगों मे बैठ कर उसकी चूत का रास्पान करने लगा. 

कुछ देर बाद बीना बोली: जल्दी से चोद दे मेरे रज्जा, अब और मत तडपा.

बिहारी उठा और बीना की दोनो टाँगे अपने कंधे पर रख कर अपना 7" का मूसल बीना की चूत मे पेल दिया. बिहारी बीना की चूत की गर्मी से ही सिहर उठा. 

बिहारी: आआहह, साली क्या गरम चूत पाई है तूने. 

बीना: तेरा लौडा ही तो इसकी गर्मी बढ़ाता है. 

बिहारी तेज़ धक्को से उसकी चुदाई कर रह था. थोड़ी ही देर मे बीना की सांस फूलने लगी. 
बिहारी बिल्कुल किसी कुत्ते की तरह बिना रुके ताबड तोड़ धक्के लगाए जा रहा था. 

बीना: धीरे कर साले, कल भी तुझे ही चोदनी है यह चूत. इतनी बुरी हालत भी मत कर कि अभय को शक हो जाए. 

बिहारी: भाड़ मे गया अभय, अभी तो मेरे नीचे है तू तो बस मेरा सोच. 

बीना को साँस लेने में भी प्राब्लम हो रही थी. 
बीना: अच्छा सुन तो.


बिहारी रुक गया और उसे देखने लगा. 

बीना: तुझे मेरी गान्ड पसंद है? 

बिहारी: अब मेरे पास इतना टाइम नहीं है कि तैल लेने अंदर जाउ और फिर तेरी गान्ड मारू और यह कहते ही उसने फिर से ज़ोरदार तरीके से बीना की चुदाई शुरू कर दी. 

बीना: मेरी बात का जवाब तो दे. 

बिहारी: हां मुझे तेरी गान्ड पसंद है

बीना: तो फिर तू मुझे कुतिया बना कर चोद ना अभी. 

बिहारी की आँखों मे चमक आ गई.
बिहारी: चल बन जा कुतिया, मज़ा आ जाएगा. 

बिहारी उपर से हटा तो बीना टेबल से नीचे उतरी और अपने घुटने ज़मीन पर टिका कर टेबल पर झुक गई जिस से उसकी गान्ड एक दम फैल कर बिहारी की आँखों के आगे आ गयी. बीना की गान्ड बिहारी की कमज़ोरी थी या यूँ कह लीजिए कि औरत की भरपूर मांसल गान्ड बिहारी की कमज़ोरी थी. बिहारी ने बीना की गान्ड के पीछे पोज़िशन सेट करके अपने लंड उसकी चूत से भिड़ा दिया लेकिन वो रास्ता भटक गया. उसने दोबारा कोशिश की मगर फिर से असफल रहा.
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02-01-2019, 05:54 PM,
#37
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बीना: क्या हुआ रज्जा, गान्ड देख कर चोदना भूल गये या लंड मे दम नहीं रहा. 

बिहारी: कुतिया बनी है तो औकात मे रह. दम की बात करती है, तेरे पूरे खानदान की चूतें एक दिन मे ठोक डालूं ऐसा दम है मेरे लंड मैं. यह साला टेबल काफ़ी छोटा है, ठीक से निशाना नहीं लग रहा. 

बीना: तो ये ले, ऐसा कह कर बीना ने अपने हाथ ज़मीन पर रख दिए और कुतिया की तरह गान्ड हिलाने लगी. 

बिहारी ने उसकी कमर मे पीछे से हाथ रखकर दबाया तो उसकी गान्ड पीछे को निकल आई और बिहारी को चूत का रास्ता दिखने लगा. बिहारी ने लंड को चूत के मुहाने पर सेट किया और एक तगड़ा शॉट मारा और बीना चिल्लाती हुई ज़मीन पर गिर पड़ी.

बीना: आराम से मेरे रज्जा अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.

ताबड तोड़ धक्कों के साथ बिहारी बीना की चूत चोदने लगा. बीना ने धीरे धीरे अपने हाथ और घुटने फिर से ज़मीन पर टिका दिए. बिहारी उसकी गान्ड को दोनो साइड से पकड़ कर उसकी ताबड़तोड़ चुदाई कर रहा था. बीना के मूह से सिसकारियाँ निकल कर दूर कहीं गुम हो रही थी. बिहारी ने अपने लेफ्ट हॅंड के अंगूठे को बीना की गान्ड के सुराख मे डाला तो बीना सिहर उठी और चरमोत्कश के शिखर पर पहुँच गई.


करीब 10 मिनिट तक बीना को इस अवस्था मे चोदकर बिहारी बोला: चल अब बैठ जा, आज तुझे मेरे लंड का पानी पिलाउन्गा. बिहारी ने पहले भी कई बार बीना से ऐसा करने के लिए कहा था पर बीना ने उसे सॉफ कह दिया कि यह काम उसे पसंद नहीं. बीना लंड चूसने मे काफ़ी माहिर थी पर वीर्य कभी भी वो मूह मे गिरने नहीं देती. बीना जानती थी कि बिहारी आज नहीं मानेगा. आख़िर उसने उसके दुश्मन वीरेंदर का वीर्य भी तो पिया था. 

बीना उठ कर टेबल पर बैठ गई. बीना ने अपना मूह खोला और बिहारी ने अपना लंड सीधा उसके मूह मे उतार दिया. बिहारी ने अपना पूरा लंड बीना के गले तक डाल दिया. 



बीना को उबकी आने लगी तो बिहारी ने लंड थोड़ा बाहर निकाल कर उसे रिलॅक्स होने का टाइम दिया. बीना जानती थी कि अगर बिहारी जल्दी नहीं झडा तो बीना के लिए मुश्किल हो जाएगी . बीना ने बिहारी के लंड से उसका हाथ हटा कर अपने हाथ रख दिए और उसे चूसने लगी. बीना अपनी जीभ उसके लंड पर फिराने लगी और अपने हाथ से उसका लंड मुठियाने भी लगी. इस दोहरी चोट से बिहारी निहाल हो गया और उसके लंड ने बीना के मूह मे वीर्य की बौछार कर दी. 

बीना ने बिहारी का लंड मूह मे फसाए ही बिहारी की तरफ देखा कि शायद उसे तरस आ जाए पर बिहारी ने उसे आँख के इशारे से पी जाने को कहा. 


जहाँ तक हो सकता था बीना ने उसे मूह मे इकट्ठा होने दिया और फिर इसके बाद उउल्क, उउल्क उउल्क की आवाज़ करते हुए बिहारी के टट्टो का रस उसके गले से होता हुआ उसके पेट मे चला गया. 

बीना, जिसने कि आज तक कभी वीर्य का स्वाद भी नहीं चखा था, आज कुछ ही समय मे दूसरी बार उसके ना चाहते हुए भी उसे सारा माल गटकना पड़ा. बिहारी ने खींच कर अपना लंड बीना के मूह से निकाला तो उसके लंड से अभी भी वीर्य निकल रहा था. बिहारी ने सीधा उसके लाल सुर्ख होंठों पर वीर्य की बूँदें गिरा कर बीना को उन्हें भी पी जाने को कहा. 

बीना को बिहारी के लंड से निकली वीर्य को देख कर घिंन आने लगी पर वो अपना मन मार कर उसे भी पी गई और चाट चाट कर उसके लंड को एकदम सॉफ कर दिया.


अपने अपने कपड़े पहन कर बिहारी घर में और बीना हॉस्पिटल चली गई. जाते जाते बीना ने उसे आगे के लिए क्या करना है बता दिया था.

रात का खाना बिहारी ने बनाया. रात के करीब नौ बजे वीरेंदर और आशना डाइनिंग हाल मे पहुँच गये थे. आशना का अभी भी नींद के मारे बुरा हाल था पर वीरेंदर काफ़ी ताज़गी महसूस कर रह था और ऐसा हो भी क्यूँ ना. एक तो पहली बार उसने किसी औरत के साथ ओरल सेक्स किया था और वो भी बीना जैसी हसीन और एक्सपरशेन्स्ड औरत के साथ जिसके जिस्म को वीरेंदर हमेशा निहारता रहता था और चोर नज़रो से उसके जिस्म के कटावो की झलक देखता रहता था. उसपर बीना ने यह वादा भी कर दिया था कि वो कुछ ही दिनो मे उस से चुदवायेगी भी. वीरेंदर तो जैसे हवा मे उड़ रहा था. वीरेंदर जानता था कि बीना जैसी कामुक औरत ज़्यादा देर तक उसके लंड बिना ना रह सकेगी. उसने बीना की आँखों मे उसके लंड के लिए सॉफ भूख देखी थी और यह सच भी था. 

वहीं आशना भी वीरेंदर के खिले हुए चेहरे से अंजान ना थी. उसे लगा कि शायद भैया इस लिए खुश हैं कि कल रात को उन्होने पहली बार मास्टरबेट किया और अब काफ़ी हल्का महसूस कर रहे होंगे. वो समझ सकती थी कि मास्टरबेशन के बाद दिमाग़ से कितना बोझ हट जाता है. आशना इस बात से परेशान थी कि अगर आज रात को वीरेंदर को अपने बाथरूम मे उसकी पैंटी ना दिखी तो वीरेंदर को पता लग जाएगा कि आशना ने उसकी चोरी पकड़ ली है. तो क्या फिर से आज रात वीरेंदर उसके कमरे मे आने की हिम्मत कर सकेगा. अगर नहीं भी आएगा तो कल सुबह वो मुझ से कैसे नज़रें मिला पाएगा जब उसे पता लगेगा कि मैने अपनी ब्रा-पैंटी उसके बाथ-रूम से ले ली हैं. आशना इसी उधेड़बुन मे खोई थी कि उसकी प्लेट खाली हो गई. उसने चौंक कर पहले प्लेट की तरफ देखा और फिर वीरेंदर की तरफ देखा जो कि मुस्कुराते हुए उसे ही देख रहा था. 
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02-01-2019, 05:54 PM,
#38
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वीरेंदर: क्या सोच रही हो?. 

आशना: कुछ नहीं. आशना ने पानी का ग्लास उठा लिया और मूह से लगाया ही था कि वीरेंदर ने उस से पूछा. 

वीरेंदर: तुमने मेरी बात का जवाब नहीं दिया .

आशना ने हैरानी से उसे देखा और इशारे से ही पूछा " किस बात का". 

वीरेंदर: क्या तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी?. 

आशना को पानी पीते पीते हे ठन्स्का लगा और खांसने लगी. 

वीरेंदर जल्दी से अपनी जगह से उठकर उसके पास गया और उसकी पीठ थपथपाने लगा. थोड़ी देर के बाद आशना जब नॉर्मल हुई तो उसने वीरेंदर की ओर देखकर कहा "इट'स ओके". वीरेंदर की समझ मे नहीं आया कि यह उसके सवाल का जवाब था या उसे पीठ थपथपाने से रोकने का इशारा. वीरेंदर उस से इस बारे मे पूछ पाता उस से पहले ही बिहारी हाल मे आया और खाली बर्तन समेटने लगा. 

वीरेंदर: बिहारी, सुबह मुझे जल्दी जगा देना, बहुत दिन हो गये हैं कसरत किए हुए. सुबह जिम का लॉक भी खोल देना. कल से फिर से कसरत शुरू कर दूँगा. 

बिहारी: लेकिन छोटे मालिक आप तो शाम को कसरत करते हो तो कल सुबह क्यूँ. 

वीरेंदर: सोच रहा हूँ कि कल थोड़ी देर ऑफीस हो आउ और डॉक्टर. आशना को भी घुमा लाउ. हॉस्पिटल की ड्यूटी करते करते बोर हो जाती होंगी.

आशना ने चमकती आँखों से वीरेंदर को देखा. सबसे ज़्यादा हैरान तो बिहारी था क्यूंकी पहली बार 12 सालो में वीरेंदर ने कहीं घूमने की सोची थी. 

बिहारी: ठीक है मालिक मैं आपको सुबह 6:00 बजे तक उठा दूँगा. यह कह कर बिहारी बर्तन लेकर किचन मे चला गया. 

आशना ने वीरेंदर की तरफ देखा जो कि उसके उपर चलने का इशारा करता है. आशना उठी और जैसे ही सीडीयाँ चढ़ने लगी उसे आभास हुआ कि वीरेंदर ने उसे आगे जाने के लिए इसलिए बोला है ताकि वो खुद उसके पीछे आ सके और उसके नितंबो को लहराता हुआ देख सके. आशना ने जान भुज कर अपने नितंबो को और ज़्यादा मटकाते हुए सीडीयाँ चढ़ना शुरू कर दिया. वीरेंदर का तो जैसे कलेजा ही मूह को आ गया और उसी वक़्त उसके लिंग ने उसे अपने होने का अहसास कराया. 

अपने नितंबो पर वीरेंदर की नज़र को महसूस करते ही आशना को भी एक अजीब सा नशा छाने लगा. बिहारी ने वीरेंदर और आशना के खाने में ज़रूरत के हिसाब से डोज मिला दी थी. किचन के दरवाज़े पर खड़ा बिहारी उन दोनो को उपर जाते हुए देख कर मुस्कुरा रहा था. 

बिहारी(मन मे सोचते हुए): वीरेंदर तू इसकी चूत पर एक बार ठप्पा तो लगा, कसम से इसकी गान्ड मैं ही सबसे पहले ठोकुन्गा. 

आशना , वीरेंदर के रूम के पास पहुँच कर रुक गई. वीरेंदर ने तेज़ी से अपना चेहरा दूसरी तरफ मोड़ लिया ताकि आशना को पता ना लगे कि वो उसकी बलखाती हुई कमर के नीचे भारी गान्ड देख रह था. 

आशना : गुड नाइट. 

वीरेंदर: इतनी जल्दी!. 

आशना: मुझे बहुत नींद आ रही है, मैं तो चली सोने. 

वीरेंदर: कुछ देर अंदर चलो बैठ कर बातें करते हैं. 

आशना: अच्छा तुम चलो मैं थोड़ी देर बाद आती हूँ. मूह हाथ धो लूँ, बहुत नींद आ रही है. 

वीरेंदर: मेरे रूम में भी वॉश रूम है. 

आशना, वीरेंदर की तरफ देखते हुए बोलती है: पर वहाँ मेरे कपड़े थोड़े हैं, मुझे चेंज भी करना है. यह बात बोलते हुए आशना वीरेंदर की आँखों में देखती है कि शायद वीरेंदर को रात की चुराई हुई पैंटी की याद आ जाए मगर वीरेंदर के चेहरे पर कोई भाव ना देख कर उसे बहुत हैरानी हुई. आशना मन मैं सोचे लगी "कहीं कोई डर कोई पछतावा ही नहीं है जनाब के चेहरे पर". 

कुछ देर बाद आशना वीरेंदर के रूम मे एक नाइटसूट पहनकर बैठी हुई थी. आशना ने इस वक़्त ब्रा पहनी थी क्यूंकी नाइट सूट की शर्ट फ्रंट बटन्स वाली थी और वो शर्ट उसके बूब्स पर काफ़ी टाइट थी. आशना अगर ब्रा नहीं पहनती तो एक तो उसके निपल्स और दूसरा उसके बूब्स का काफ़ी हिस्सा नज़र आता. वीरेंदर ने जब आशना को देखा तो देखता ही रह गया. लाल सिल्की नाइटसूट में वो सेक्स की देवी लग रही थी. वीरेंदर का मन किया कि वो उसे अपनी बाहों मे उठा ले और उसके होंठों का रस चूस ले मगर उसे इतनी हिम्मत ना हुई.
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02-01-2019, 05:54 PM,
#39
RE: bahan sex kahani भैया का ख़याल मैं रखूँगी
आशना भी नहीं जानती थी कि उसे क्या हो रहा है. वो क्यूँ यह ड्रेस पहन कर वीरेंदर के कमरे मे आई. आशना पर अफ़रोडियासिक पाउडर ने अपना असर दिखना शुरू कर दिया था जो कि बिहारी ने उसके खाने मे मिला दिया था. उसके तन बदन मे आग भड़क गई थी. वीरेंदर का तो पहले से ही बुरा हाल था. आशना का जिस्म गरम होने लगा, उसने अपने सीने पर रखी चुन्नी उतार कर एक साइड पर रख दी और वीरेंदर से बातेंकरने लगी. वीरेंदर बेशर्मी से उसके सीने को साँस के साथ उपर नीचे होते देख रहा था. आशना भी जान भुज कर अंजान बनी हुई थी. आशना के जिस्म की आग इस कदर भड़क उठी थी कि उसकी पैंटी गीली होने लगी थी. 

आशना ने सोचा कि अगर यहीं बैठी रही तो कुछ ग़लत ना हो जाए इसलिए वो भारी मन से वहाँ से उठी और वीरेंदर को बोला: अब चलती हूँ, बहुत देर हो गई है. मुझे नींद आ रही है. 

वीरेंदर का दिल टूट सा गया. वीरेंदर: आशना क्या तुम मुझसे नाराज़ हो? 

आशना ने चौंक कर वीरेंदर की तरफ देखा. उसे लगा कि वीरेंदर ने बाथरूम मे ज़रूर चेक कर लिया है कि वहाँ उसकी पैंटी नहीं है जबकि वीरेंदर को लग रहा था कि उसने आशना को प्रपोज़ करके उसका दिल दुखाया है. 

आशना को समझ मे नहीं आ रहा था कि वो क्या बोले मगर जाते जाते उसने कह दिया: "तुम बहुत गंदे हो" और वीरेंदर की तरफ पीठ करके वो मुस्कुराती हुई बाहर निकल गई. 

वीरेंदर अगर उसकी मुस्कुराहट देख लेता तो शायद वो चैन की नींद सो जाता मगर आशना की मुस्कुराहट तो वो नहीं देख पाया. हां आशना की यह बात के "तुम बहुत गंदे हो"उसके अंदर एक डर पैदा कर गई. उसे लगा कि शायद दोपहर को उसके और बीना के बीच जो कुछ हुआ आशना को ज़रूर पता लग गया होगा. वीरेंदर के दिल में ना जाने कब तक बुरे ख़याल आते रहे और यही सोचते हुए ना जाने कब उसे नींद ने अपनी आगोश मे ले लिया. 

वहीं आशना जब वीरेंदर के कमरे से अपने कमरे मे आई तो वो मुस्कुराती हुई अंदर आई और जैसे ही दरवाज़ा बंद करने लगी उसके दिल मे आया कि दरवाज़ा बंद ना करे. उसने सोचा कि देखते हैं वीरेंदर आज उसके रूम में आता है या नहीं..उसने रूम का नाइट लॅंप ऑन कर दिया ताकि अगर वीरेंदर रूम में आए तो वो जानबूझ कर आँखे बंद रख कर भी कन्फर्म कर सके. आशना ने सोचा कि लाइट जलाए रखने से उसे नींद भी नहीं आएगी और अगर वीरेंदर उसके रूम मैं आता है तो वो आँखे बंद करके सोने का नाटक करेगी और वीरेंदर की चोरी पकड़ी भी जाएगी. उसने जल्दी से अपनी पैंटी और ब्रा उतार कर ज़मीन पर फैंक दी और खुद नाइट सूट पहन कर रज़ाई मे घुस जाती है. दिन भर तेज़ धूप रहने के बावजूद भी रात को काफ़ी ठंड हो गई थी. शरीर तो उसका पहले से ही काफ़ी गरम हो रखा था और रज़ाई का टेंपॅरेचर बढ़ते ही उसकी आँखे बोझल होती चली गईं.काफ़ी कोशिशो के बाद भी उसे पता ही ना लगा कि वो कब सो गई.

उधर बिहारी किचन का काम ख़तम करके अपने कमरे मे आ चुका था.रात को बीना की चुदाई, फिर सुबह से गॅरेज का काम उपर से आशना की पैंटी को अपने माल से भरना और फिर अभी कुछ ही घंटो पहले बीना की फिर से चुदाई करने से वो काफ़ी थका सा महसूस कर रहा था. हालाँकि बिहारी एक ताकतवर मर्द था पर था तो इंसान ही. अपने कमरे मे आते ही उसने दो पेग लगाए और खाना खा लिया. बीना के आने मे अभी लगभग एक घंटा बचा था. बिहारी ने अपने कमरे की एलसीडी ओं की और चॅनेल बदल बदल कर देखने लगा. काफ़ी देर तक अलग अलग चॅनेल्स बदलने के बाद उसे नींद आने लगी. बिहारी बेड पर लेट गया और बीना का इंतज़ार करने लगा. एक तो दिन भर की थकान और उसपर शराब का नशा, उसे पता ही नहीं लगा कि वो कब सो गया. रात को उसकी नींद खुली तो वो हडबडा कर उठ गया. सपने में वो आशना की चूत चाट रहा था. उठते ही उसे अपने मूह पर कुछ गीला गीला लगा. उसने होंठों के साइड पर हाथ लगाया तो उसने पाया के सोते हुए उसकी लार टपक रही थी. 

बिहारी: साली ने सपने में ही मेरी लार टपका दी, जब सच में चूत चटवाएगी तो साली की सारी लार चूस चूस कर बहाल कर दूँगा. तभी उसका ध्यान दीवार घड़ी की तरफ गया. घड़ी 4:30 बजे का टाइम बता रही थी. बिहारी एक दम बेड से खड़ा हो गया और अपना मोबाइल निकाल कर उसे ऑन किया. मोबाइल ऑन होते ही उसने बीना का नंबर. मिलाया. काफ़ी देर तक बेल जाती रही मगर बीना ने फोन नहीं उठाया. बिहारी ने फोन बेड पर पटक दिया. 

बिहारी: साली छीनाल, मुझे आने का वादा कर के खुद साली मज़े से सो रही होगी. बिहारी गुस्से मे बड़बड़ाता हुआ बाथरूम की तरफ बढ़ा कि दरवाज़े पर पहुँचा ही था कि उसका फोन बजा "बीड़ी जलाइए ले जिगर से पिया, जिगर मा बड़ी आग है". बिहारी ने लपक कर फोन बेड से उठाया और बीना का नंबर. देख कर ऑन कर दिया. 
बिहारी: कहाँ रह गई तू कुतिया, रास्ते में कोई कुत्ता मिल गया क्या?बिहारी ने फोन उठाते ही बोल दिया. 

उधेर से आवाज़ आई. कॉन बदतमीज़ है.

इतना सुनते ही बिहारी हे होश उड़ गये. सामने से किसी लड़की की आवाज़ सुन कर बिहारी एक दम हैरान रह गया. उसने अपने मोबाइल स्क्रीन पर एक बार फिर से नंबर. देखा और फिर मोबाइल को कान से लगा कर बोला, यह कमला का नंबर. नहीं है क्या? 

सामने वाली लड़की ने रॉंग नंबर. बोल कर फोन काट दिया. बिहारी की तो सांस ही फूल गई थी. फोन काट ते ही उसने गहरी सांस ली और फिर सोचने लगा जिस लड़की की आवाज़ इतनी मीठी थी उसकी चूत कितनी मीठी होगी. बिहारी ने एक बार फिर से नंबर, डाइयल कर दिया. काफ़ी देर बाद भी किसी ने फोन नहीं उठाया. बिहारी ने एक बार फिर से नंबर. डाइयल किया. इस बार एक बेल बजते ही फोन पिक हुआ. 

बिहारी: हेलो कॉन है. बिहारी के कानो में बीना की आवाज़ आई, "कुतिया बोल रही हूँ बोल क्या काम है". 

बिहारी: पहले फोन किसने उठाया था. 

बीना: मेरे नर्सिंग होम की नर्स है, बोल क्या काम है. 

बिहारी: साली मुझे आने का वादा कर के सो गई थी क्या. 

बीना: एक एमर्जेन्सी आ गई थी. ऑप्रेट करना बहुत ज़रूरी था. अभी फ्री हुई हूँ. बाहर आई तो रागिनी(नर्स) ने मुझे बताया कि एक शराबी बार बार फोन कर रहा है और गंदी गंदी बातें कर रहा है. 

बिहारी: उस मैना का नाम रागिनी है? 

बीना: मैना नहीं चिड़िया बोल. 

बिहारी वो कैसे? 

बीना: कुछ दिन पहले अपने प्रेमी के साथ घर से उड़ कर आई है. अभी अभी अट्ठारह को पार किया है. प्रेम के चक्कर मे घर से तो निकल आई पर उसके प्रेमी ने इसे धोखा देकर इसके सारे पैसे और गहने ले लिए और इसे देल्ही रेलवे स्टेशन पर ही छोड़ दिया. वहाँ से यह घर तो जा नहीं सकती थी तो किस्मत इसे मुझ तक ले आई. याद है जिस दिन वीरेंदर हॉस्पिटल मे अड्मिट हुआ था उसी दिन अभय को टूर पर जाना था और मैं उसे ड्रॉप करने रेलवे स्टेशन तक गई थी. 

बिहारी: हां, हां याद है. 

बीना: मुझे यह वहीं मिली थी. इसे देख कर ही मैं पहचान गई थी कि यह लड़की घर से भागी हुई है. इस को नौकरी का झांसा देकर मैं इसे अपने साथ ले आई और अब यह यहीं मेरे क्लिनिक मे काम कर रही है. 

बिहारी: झांसा???. 

बीना: पहले मैने यही सोचा था की इस लड़की को वीरेंदर की ज़िंदगी में लाउन्गी और यह हमारे एहसानो के तले दबी ही होगी तो हमारी बात टालेगी भी नहीं. वैसे भी इसका कोई सहारा तो था नहीं तो अगर यह वीरेंदर का सहारा बन जाती तो हमारा भी काम हो जाता. 

बिहारी: तो फिर प्लान क्यूँ बदल दिया. 

बीना: अगले ही दिन आशना के अचानक आ जाने के बाद मैं एक दम बोखला गई थी उस वक़्त मेरा दिमाग़ काम करना बंद कर गया था, कोई प्लान सूझ ही नहीं रहा था. क्यूंकी वीरेंदर की आधी जायदाद की मालकिन अचानक ना जाने कहाँ से आ गई और यह भी तय था कि आशना के होते हुए ना तो हम वीरेंदर की जायदाद हड़प सकते थे और ना ही आशना से उसके हिस्से की मगर जब आशना ने कहा कि वो वीरेंदर से उसकी बेहन बनकर नहीं मिल सकती तो मैने प्लान मे चेंज कर दिया. 

सबसे बड़ी बात कि आज वीरेंदर ने खुद कहा है कि वो अपने हिस्से की जायदाद अपनी होने वालीी बीवी यानी कि आशना के नाम कर देगा. उसे नहीं पता कि ऐसा करने से आशना सारी प्रॉपर्टी की मालकिन बन जाएगी और वीरेंदर को रास्ते से हटा कर हम आशना को ब्लॅकमेल करके सारी जायदाद अपने नाम कर देंगे. 

वीरेंदर: क्या वो ऐसा करेगी?. 

बीना: मेरे चोदु राजा, हमेशा लंड से ना सोचो कभी कभी दिमाग़ का भी इस्तेमाल किया करो. सोचो क्या कोई भी लड़की यह चाहेगी के समाज को यह पता लगे कि वो अपने ही भाई की बीवी है. 

बिहारी: साली तू बहुत बड़ी खिलाड़ी है, कहीं मुझे ही धोखा तो नहीं देगी. 

बीना: वीरेंदर का लंड तो मैं खो ही दूँगी, तेरे जैसे लंड वाले को तो संभाल के ही रखूँगी कुत्ते. एक दूसरे पर शक़ करना अपने आप पर शक़ करना होगा. 

बिहारी: इस चिड़िया की आवाज़ से तो लगता है कि इसकी चूत भी इतनी ही मीठी होगी जितनी इसकी आवाज़ है. 

बीना: हीरे की पहचान तो ज़ोहारी ही कर सकता है. 

बिहारी: तो फिर इस हीरे को तराशने के लिए मेरे पास कब ला रही हो. 

बीना: अभी बच्ची है, अभी कुछ सावन और देख लेने दो उसके बाद तो तुझे ही गिफ्ट करने वाली हूँ इसे. 

बिहारी: यहाँ मेरा लंड खड़ा है और तुझे अभी इसे और सावन दिखाने हैं, क्या पता इसके प्रेमी ने इसे सोहलवें सावन मे ही सब कुछ दिखा दिया हो. 

बीना: इतना उतावला ना हो कुछ करती हूँ और हां सुन अभी सो जा आज बहुत थक गई हूँ अब सोने जा रही हूँ, तू भी सो जा और रागिनी के नाम पर मूठ ना मारना. हो सका तो जल्द ही तुझे तुम्हारा गिफ्ट भी दे दूँगी. ज़्यादा मूठ मारेगा तो इस कली को पहली ही बार में तसल्ली कैसे करवाएगा. 

बिहारी: बड़ा दम है इस लौडे में, तू उसे तैयार तो कर मैं अपनी तलवार तैयार रखूँगा. 

बीना: वो तो मेरी मुट्ठी में है, तू फिकर ना कर. कल सुबह किसी बहाने से मैं वहाँ आ जाती हूँ फिर मिलकर कुछ प्लान करते हैं. 

बिहारी: कल वीरेंदर आशना को घुमाने जा रहा है. तू 10:00 बजे तक आ जाना, फिर तेरी चूत चाट चाट कर दिमाग़ हल्का करके कुछ सोचता हूँ. 

बीना: यह तो बहुत बढ़िया होगा. बहुत टाइम हो गया तुझसे चिल्ला चिल्ला कर और तेरी गलियाँ सुनकर चुदवाये हुए. 

बिहारी: तू कल आ तो सही फिर देख कैसे तेरी चूत और गान्ड के चीथड़े उड़ाता हूँ. 

बीना: मैं ज़रूर आउन्गी मेरे रज्जा. यह कहकर बीना ने फोन काट दिया. 
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02-01-2019, 05:54 PM,
#40
RE: bahan sex kahani भैया का ख़याल मैं रखूँगी
बिहारी ने घड़ी पर टाइम देखा तो सुबह के 5:00 बजने वाले थे.

बिहारी: अब साला सोना भी बेकार है. आज सुबह सुबह साहबज़ादे को उठाना भी है. फिर उठते ही अगर चाइ का कप ना मिला तो सुबह सुबह लेक्चर भी सुनना पड़ सकता है. अब कुछ है भी नहीं करने को, क्या किया जाए. तभी बिहारी के दिमाग़ मे एक बात आई "चल उपर चलकर देख ज़रा क्या आज भी आशना नंगी सोई है क्या". बिहारी ने अपना फोन स्विच ऑफ किया और उसे अपनी अलमारी में रखकर उपर की ओर चल दिया. बिहारी(मन मे सोचते हुए): साली ने बहुत तडपाया है आज पूरा दिन, इसको तो मैं ऐसे घुमा घुमा कर चोदने वाला हूँ कि साली को चक्कर आ जाएँ. यही सोचते हुए बिहारी उपर पहुँचा और सबसे पहले वीरेंदर का दरवाज़ा चेक किया जो कि अंदर से लॉक था. बिहारी दबे पावं आशना के कमरे के पास पहुँचा. दरवाज़े को धक्का देकर देखा तो वो खुलता चला गया. 

अंदर का नज़ारा देखते ही बिहारी की आँखें चमक उठी. रूम मे फैली रोशनी से वो आशना को सोए हुए देख सकता था. आशना का पूरा शरीर रज़ाई के अंदर था. बिहारी आगे बढ़ा तो उसकी नज़र ज़मीन पर पड़ी आशना की वाइट पैंटी और ब्रा पर पड़ी. 

बिहारी: यह साली रोज़ ऐसे ही नंगी होकर दरवाज़ा खोलकर सोएगी तो मेरा तो दिमाग़ ही सटाक जाएगा. बिहारी ने आहिस्ता से आशना की पैंटी उठाई और उसे सूँघा. कुँवारी चूत की महक से ही बिहारी के लौडे ने बग़ावत कर दी और पाजामे मे तन्कर बाहर आने की ज़िद करने लगा. बिहारी ने अपने पाजामे का नाडा ढीला किया और पाजामे को उतार दिया, अंडरवेर तो वो पहनता ही नहीं था. इस वक्त बिहारी के शरीर का सारा खून उसके लंड मे बह रह था. इतना अकड़ गया था कि उसे पकड़ कर कोई झूल भी जाता तो वो झुकता नहीं. आशना जैसी हसीन लड़की के सामने नंगा होना ही बिहारी के लिए बहुत बड़ी बात थी फिर चाहे वो सोई हुई क्यूँ ना हो. बिहारी ने आशना की पैंटी अपने लौडे पर लपेटी और उसके चेहरे को देखते हुए मूठ मारने लगा.


बिहारी ने काफ़ी कोशिश की कि वो आशना के नंगे शरीर को देख सके मगर उसे रज़ाई हटा कर देखने की हिम्मत ना हुई. अपने ख़यालो में ही उसके नंगे शरीर की कल्पना कर बिहारी मूठ मारे जा रहा था. बिहारी जैसा ताकतवर और तजुर्बेकार मर्द भी कुछ ही मिंटो मे आशना ने नंगे जिस्म की कल्पना से अपने अंदर उबाल महसूस करने लगा और झड कर अपने लावा को आशना की पैंटी मे उडेलने लगा. पैंटी को अच्छी तरह अपने वीर्य से तर करके उसने आशना की ब्रा और पैंटी एक टेबल पर अच्छे से रख दी और खुद अपना पाजामा लेकर आशना के रूम का दरवाज़ा बंद कर नंगा ही नीचे आ गया. नीचे आते ही वो धडाम से अपने बेड पे गिर गया और आशना के चेहरे को याद करने लगा. 


करीब 6:00 बजे आशना के मोबाइल का अलार्म बजा. आशना ने अलसाए हुए अलार्म बंद किया और एक अंगड़ाई ली. बीच अंगड़ाई में ही वो झटके से उठी और सीधा फर्श पर नज़र डाली. आशना के चेहरे पर हैरानी और मुस्कुराहट दोनो का मिश्रण देखते ही बनते था. अपनी पैंटी वहाँ ना पाकर वो काफ़ी खुश थी और हैरान थी कि वीरेंदर कब रूम मे आया उसे तो पता ही नहीं लगा. बड़ी गहरी नींद ने दबोच लिया था उसे. इस बार उसका वीरेंदर को रंगे हाथो पकड़ने का प्लान फैल हो गया था. आशना ने उठ कर सबसे पहले दरवाज़ा लॉक किया और रूम की लाइट ऑन कर दी. लाइट ऑन करके जैसे ही वो मूडी उसकी आँखे फटी की फटी रह गई. एक टेबल पर रखी उसकी ब्रा और पैंटी देख कर उसकी तो सांस हे अटक गई. वो समझ गई के भैया ने रात को उसके कमरे मे ही मास्टरबेट करके इन्हें यहाँ रख दिया. आशना इस ख़याल से ही शरमा गई कि उसके भैया ने उसके सामने ही मास्टरबेट कर दिया. आशना को यकीन ना हुआ कि उसके भैया ने उसे देख कर मास्टरबेट किया है. आशना ने जल्दी से पैंटी उठाई तो वीर्य की कुछ बूंदे पैंटी से टपक कर एक लंबा सा धागा बना कर नीचे की ओर गिर पड़ी. 

आशना: इसका मतलब भैया अभी सुबह ही आए होंगे, तभी तो यह इतनी गीली है. एक तरह से देखा जाए तो वो काफ़ी खुश थी कि वीरेंदर अब नॉर्मल ज़िंदगी की राह पर चल पड़ा है. चाहे वो अपनी बेहन के कारण हो पर उसकी बीमारी का इलाज तो हो ही रहा है और दूसरी तरफ आशना यह सोच रही थी कि वीरेंदर को यह बताना बहुत ज़रूरी हो गया है कि वो उसकी बेहन है. कहीं ऐसा ना हो जाए कि बहुत देर होज़ाये. अभी तक आशना खुद भी डिसाइड नहीं कर पाई थी कि वो वीरेंदर की मदद किस हद तक करेगी. उसने बस यही सोचा था कि वीरेंदर को एग्ज़ाइटेड किया जाए ताकि वो अपने स्पर्ंस रिलीस करने पर मजबूर हो जाए लेकिन उसके आगे बढ़ने के लिए वो शायद सोच भी नहीं सकती थी. वो जानती थी कि वीरेंदर उस से प्यार करने लगा है, लेकिन वो यह नहीं जानता था कि जिस लड़की से वो प्यार कर बैठा है वो उसकी बेहन है. इस लिए आशना चाहती थी कि उनका रीलेशन बस यहाँ तक ही रहे, इस से आगे बढ़े तो वो अपने आप को कभी माफ़ नहीं कर पाएगी. 

उसने डिसाइड कर लिया कि जैसे हे वीरेंदर भैया ठीक हो जाएँगे, वो उनके लिए कोई अच्छी सी लड़की देख कर उनकी शादी करवा देगी और उनकी ज़िंदगी से ऐसे निकल जाएगी जैसे वो अब तक थी. उसने मन मे ठान लिया कि जब तक हो उसे वीरेंदर की दोस्त बनकर रहना होगा और अगर वीरेंदर आगे बढ़ने की कोशिश करेगा तो कोई भी बहाना बना कर उसकी ज़िंदगी से हमेशा के लिए चली जाएगी. वो अब इस कदर फस गई थी कि वीरेंदर को नहीं बता सकती थी कि वो उसकी बेहन है. अपने दिमाग़ मे सारी प्लॅनिंग करने के बाद उसने अपनी पैंटी उठाई और उसे भी वहाँ रख दिया जहाँ दूसरी पैंटी को रखा था. वो अपने दिमाग़ मे उठे इस सवाल का जवाब नहीं दे पा रही थी कि जब उसे यहाँ से जाना ही है तो वो क्यूँ यह पॅंटीस संभाल कर रख रही है. 

उसने इस सवाल को अपने दिमाग़ से झटका और बाथरूम मे घुस गई. करीब 6:30 बजे तक वो बिल्कुल तैयार थी. उसने पिंक ब्रा और वोही पुरानी वाली पैंटी अपनी ड्रेस के अंदर पहन ली थी. आज आशना ने लोंग येल्लो स्वेटर-शर्ट पहनी थी जिस पर वाइट कलर्स का फ्लवर पॅटर्न था और नीचे गरम कपड़े की फ्लेक्सिबल वाइट कलर की चूड़ीदार पजेयमी पहनी थी. शर्ट उसके घुटनो के उपर तक थी और साइड्स से बिल्कुल बंद थी. शर्ट उसके वक्षों और नितंबो पर काफ़ी कसी हुई थी और उसकी फिगर को और भी अट्रॅक्टिव बना रही थी. नीचे पहनी पजेयमी भी उसकी जाँघो पर काफ़ी टाइट थी पर फ्लेक्सिबल होने के कारण उसके जिस्म से ऐसी चिपक गई थी जैसे कि उसकी स्किन. ठीक 6:30 बजे आशना तैयार होकर रूम से बाहर निकली तो देखा के बिहारी हाथ मैं तेरी लिए दो कप चाइ लेकर उपर आ रहा है. 

आशना के कदम वहीं ठिठक गये और फिर उसने सारे ख्यालों को झटकते हुए बिहारी को आवाज़ लगाई.

आशना: काका यह ट्रे मुझे देदो और जिम का लॉक खोल दो, वीरेंदर जी को मैं चाइ दे देती हूँ. 

बिहारी उसकी आवाज़ सुनकर एक दम उपर की तरफ देखने लगा जहाँ आशना खड़ी थी. सुबह सुबह उसे इतना फ्रेश देख कर तो एक पल के लिए बिहारी के मन ही डोल गया. कर्ली बाल उसपर पानी की बूँदें और फिर उसपर एकदम उजली हुई ड्रेस देख कर बिहारी सोचने लगा के अगर कोई स्वर्ग की अप्सरा भी यहाँ आ जाए तो आशना से जलने लगे.

बिहारी: हां, हां बिटिया, यह लो. 

आशना: थॅंक यू काका. बिहारी का मन प्रसन्न होगया. 

बिहारी: लगता है इसने मुझे माफ़ कर दिया है. आख़िर करती क्यूँ ना?. दौलत का लालच तो अच्छे अच्छों को हो जाता है. पैसे चीज़ ही ऐसा है. बिहारी मन मे अपनी जीत की खुशी लेकर पीछे बने जिम का लॉक खोलने चल देता है. 

आशना भी हैरान थी कि आज बिहारी की नज़रो में उसे गंदगी नहीं दिखी. क्यूंकी अक्सर बिहारी की नज़र उसपर पड़ते ही वो जान जाती कि बिहारी उसके कॉन से हिस्से को देख रहा है पर आज तो बिहारी ने उसके चेहरे से नीचे देखा ही नहीं और ना मेरे मुड़ने का इंतज़ार किया ताकि वो मुझे पीछे से घूर सके. 
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