XXX Sex Kahani रंडी की मुहब्बत
03-07-2020, 10:12 AM,
#51
RE: XXX Sex Kahani रंडी की मुहब्बत
अध्याय 35

तरुणा ने तुरत ही अविनाश को फोन लगाया और हम एक्शन में आ गए ,मैंने अविनाश से कहा की अभी ये बात किसी को ना बताए अपने जिगरी दोस्तो को भी नही हम दोनों ही तुरत आकाश के घर की ओर बढ़े वो घर नही बंगलो था,मुझे साफ साफ वो दिन दिखाई दे रहा था जब आकाश ने काजल को देख लेने की धमकी दी थी ,शायद उसे ये भी पता चल गया था की काजल उसके साथ क्यो नही आयी थी उसका कारण मैं था ,लेकिन शकील से उसकी क्या दुश्मनी हो सकती थी ,खैर अभी तक हम इस बात को लेकर कन्फर्म नही थे की वो शख्स आकाश ही होगा बस उसके पास उन दो कैमरा मॉडल में एक था ,और उसके पास काजल से बदला लेने की भी वजह थी,लेकिन वो कम्प्यूटर में इतना भी जीनियस नही था की badebhaiya बनकर कुछ ऐसा कांड कर दे ,जरूर अगर ये आकाश ही था तो उसने इसी को हायर किया होगा,जो भी हो मुझे बस मेरी काजल मिल जाए फिर बाकी चीजे बाद में भी देखी जा सकती थी ……

“हमे पता नही की हम सही आदमी के पीछे है की नही ,आकाश का बाप यंहा का बहुत बड़ा बिजनेसमैन है अगर हम गलत हुए तो हम जेल के अंदर होंगे ,और इतने छोटे से सबूत के सहारे हम कुछ कर भी नही सकते “अविनाश ने एक स्वाभाविक सी बात कही थी

“हा लेकिन चांस तो लेना होगा,अगर हमने कैमरे की बात को माना है तो उस कमरे की बात पर भी हमे गौर करना चाहिए, गणपत ने कहा था की वो कमरा सीलन भरा होगा और हरियाली के पास होना चाहिए तो ,,इसका ये घर तो नही हो सकता ऐसे भी यंहा वो अपने पूरे परिवार के साथ रहता है तो मुझे नही लगता की उसने काजल को यंहा छिपाया होगा …”

“मतलब की इसका कोई दूसरा घर भी होगा “

“ये अमीर आदमी है शायद कोई फार्महाउस “

अविनाश थोड़ी देर सोच में पड़ गया फिर उसने अपना मोबाइल निकाला ,मैंने उसे तुरंत ही मना किया

“अगर ये शख्स आकाश ही है तो कालेज का कोई भी आदमी उससे मिला हो सकता है वो पैसे के जोर में किसी को भी खरीद सकता है “

अविनाश मेरी बात को समझ चुका था लेकिन उसके चहरे में हल्की सी मुस्कान आई

“फिक्र मत कर मैं उसे फोन लगा रहा हु जिनके लिए दोस्ती पैसों से कही ज्यादा महत्व रखती है “

अविनाश ने जॉनी को भी फोन लगाया और एक ठिकाने में राकेश के साथ आने को कहा …ये दोनों वही थे जो हमारे साथ केशरगढ़ गए थे ...

हम सभी वंहा पहुच चुके थे जंहा अविनाश ने जॉनी को बुलाया था..

“आकाश पर नजर रखना होगा वो कहा जाता है क्या करता है उसका वीडियो रोज ही आता है इसका मतलब है की वो रोज अपने घर से निकल कर उस जगह पर जाता होगा ...कोई ऐसा आदमी है जो इस काम को अच्छे से कर सके क्योकि आकाश को इसका पता नही लगना चाहिए…”

जॉनी ने सर हिलाया उसके पास ऐसा आदमी था …

वो तुरंत ही काम में लग चुका था ,आज रात ना मुझे नींद आने वाली थी ना ही अविनाश को ना ही तरुणा को ,तरुणा को स्पेशल हिदायत दी गई थी की उस लड़की को जिसने हमे ये बताया की ऐसा कैमरा आकाश के पास है उसे अपने से अलग ना करे ,कही ऐसा ना हो की वो किसी और को बता दे और बात आकाश तक पहुच जाए ,सच कहु तो हम डरे हुए थे,हमे पता था की ये आदमी जो भी हो है बेहद ही चालाक ,और उसे हमारे हर एक मोमेंट की भनक थी ,

जैसे तैसे दिन बिता और सुबह की पहली किरण निकलने से पहले ही हमारे फोन घनघना उठे …

फोन जॉनी का था आकाश शहर से दूर अपने किसी फार्महाउस में गया था ,हम तुरंत ही उस तरफ निकल गए ,हम 4 लोग थे मैं ,अविनाश राकेश और जॉनी…

फॉर्महाउस शहर से कोई 10 किलोमीटर की दूरी पर था ,बाहर एक गार्ड बैठा ऊंघ रहा था,सुबह के 6 बजने को थे और रोज की तरह हमारे फोन की घण्टी बजी एक और वीडियो ….हम अभी थोड़ी दूर छिपकर देख रहे थे ,आकाश बाहर आ चुका था और वंहा से जा चुका था,हम सीधे गार्ड के पास पहुचे एक आदमी ने उसका ध्यान भटकाया और दूसरे ने उसे बेहोशी की दवाई वाला रुमाल सुंघाया ,...वो वही लुढ़क चुका था…

फॉर्महाउस को पूरी तरह छान मारने के बाद हमे एक कमरा दिखाई दिया जो की अंदर एक कोने में बना हुआ था जब हम वंहा गए तो वंहा एक कम्प्यूटर मिला और कुछ चीजे बिखरी हुई थी ,हमारे दिलो की धड़कने तेज हो रही थी,हमने उसी कमरे से लगे एक और कमरे का दरवजा देखा और उसे खोलते ही मानो आंखों का बांध ही टूट पड़ा …

हा वो मेरी काजल थी,वो बेहोश थी ,मैं जाकर उससे लिपट चुका था ,और उसका हाथ मेरे बालो को सहलाने लगा ,मैंने अपना सर उठाया ..वो मुस्कुरा रही थी …

“मुझे पता था तुम आओगे “

उसकी इस बात से ऐसा लगा जैसे कई काटे एक साथ मेरे दिल में चुभ गए हो,वो मेरे कारण ही तो यंहा थी लेकिन फिर भी उसे मुझपर इतना भरोसा था ……….
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03-07-2020, 10:12 AM,
#52
RE: XXX Sex Kahani रंडी की मुहब्बत
अध्याय 36

सुनसान कमरे में दो लोगो को बांध कर रखा गया था ,हम सभी ने उन पर अपना पूरा जोर आजमाया था,मानसिक और शाररिक चोट के कारण काजल को हॉस्पिटल में रखा गया था और हम यंहा थे काजल के गुनहगारों के साथ ……

आकाश का बाप बड़ी ही पहुची हुई चीज था,वो कानूनी रूप से उसे बचा सकता था,या हमे कानूनी दांवपेचों में फंसा सकता था, इसलिए हमने उसे किडनैप करने की सोची और किसी ऐसे ठिकाने पर ले आये जो पुलिस और उसके बाप के पहुच के बाहर हो …..

हम दोनों ही लोगो को बुरी तरह मारकर अपनी भड़ास निकाल चुके थे,वो खून से लथपथ कुर्सी में बंधे हुए थे……..

“भाई इनसे कुछ पूछना हो तो पूछ लो फिर इन्हें मारकर इनके लाश ठिकाने लगा देते है “

राकेश ने अपने गुंडों वाले अंदाज में अविनाश से कहा ..

“इन मादरचोदों ने मेरी प्रिया को इतना दर्द दिया है इन्हें तो मैं अभी मार के फेक दूंगा कुछ पूछने की बात ही नही है “

अविनाश मेरी ओर देखने लगा …

“हा भाई मैं भी यही चाहता हु लेकिन मैं इनसे बात करना चाहता हु ,कोई इतना दरिंदा कैसे हो सकता है मैं जानना चाहता हु की आखिर क्या ऐसी वजह थी की इन्होंने ये दरिंदगी दिखाई …”

मेरी बात सुनकर अविनाश ने हा में सर हिलाया और थोड़ा रिलेक्स होकर उन लोगो से थोड़ा दूर हो गया…

“ठीक है दिया तुझे समय ,फिर इनको हमेशा के लिए सुला देंगे “

अविनाश ने खतरनाक तरीके से कहा और कमरे से तुरंत ही बाहर निकल गया …वही राकेश और जॉनी अभी भी वही दीवार से सटे सिगरेट पी रहे थे ...

मैं एक कुर्सी खिंचकर आकाश के सामने बैठ गया था,उसका सर लटका हुआ था मुह से भी खून बन रहा था..मैंने पास रखी पानी की बोतल उसके मुह में घुसेड़ दी ,वो थोड़ा नार्मल हुआ …

“क्यो किया तुमने ऐसा “

वो बड़ी मुश्किल से अपना सर उठाया लेकिन उसके होठो पर मुस्कान थी ..

“ताकि दुनिया को पता चल जाए की काजल एक रंडी है “उसकी हर बात से ऐसा लग रहा था जैसे मैं उसे अभी मार दु लेकिन फिर भी मैं संयम बरते हुए था...

“इससे तुम्हे क्या हासिल हुआ “

“सुकून ...उस साली ने मुझे मना किया था,बड़ी सती सावित्री बन रही थी ,फिर मुझे पता चला की उसने ऐसा तेरे प्यार के कारण किया है ,रंडियों को प्यार करने का कोई हक नही होता वो साली कैसे किसी से प्यार कर सकती है ,मेरे ईगो को ठेस पहुची थी ,मैं उसे सबक सीखना चाहता था ,मैं शकील के पास गया और उसे और भी ज्यादा पैसे की पेशकश की ,मैंने उससे कहा की वो काजल को मुझे सौप दे और बदले में जितना चाहे उतना पैसा मैं उसे दूंगा,और काजल को अपनी गुलाम बना कर रखूंगा,लेकिन उस अड़ियल आदमी ने भी मुझे धक्के मार कर बाहर कर दिया,वो मुझसे बोला की काजल सिर्फ उसकी गुलाम है और उसके ऊपर हर जुल्म करने का अधिकार सिर्फ और सिर्फ उसे ही है ,मैं उसके घमंड को तोडना चाहता था और कुछ ऐसा करना चाहता था की वो दोनों ही मेरे घुटनो में आ जाए लेकिन इसी बीच काजल रंडीखाने से गायब हो गई ,मुझे इसने(उसने बाजू में बंधे आदमी की ओर इशारा किया ) बताया की तुमने और अविनाश ने मिलकर ये किया है,तब से ही हम ये प्लान करने लगे की आखिर हम एक तीर से दो शिकार कैसे करे,और हमे तेरी बेवकूफी का पता चला,तू डार्क वेब में घुसना चाहता है शकील को बर्बाद करने के लिए,हमने जाल बिछाया और तू उसमें फंस गया ….और फिर मैंने काजल को अपनी गुलाम बनाकर यंहा रखा ,लेकिन साली फिर भी नही टूटी ,मैं उसे तोडना चाहता था ,मैं दुनिया को और तुम्हे दिखाना चाहता था की वो मेरी कुतिया बन चुकी है मैं उसका जैसे चाहु वैसे इस्तेमाल कर सकता हु,लेकिन वो नही मानी उसे तुम्हारे और अविनाश के ऊपर कुछ ज्यादा ही भरोसा था,मैंने उसे मारा पीट लेकिन वो मेरी गुलाम बनने को तैयार नही थी ,इसलिए उसे मैंने बांध दिया उसके साथ जबरदस्ती की और दुनिया को ये बताया की देखो ये काजल है जो अविनाश की दोस्त और राहुल का प्यार है और मैं इसके साथ क्या क्या कर रहा हु ,क्यो???

क्योकि वो रंडी है और रंडियों के साथ यही होना चाहिए ,..वो इसी के लिए बनी होती है ,अपनी चुद बेचने के लिए,उन्हें प्यार करने का कोई हक नही है ,वो बस चुदवाने के लिए पैदा….”

आकाश की बात अब मेरे सहन के बाहर थी मैंने वही पास रखा एक लकड़ी का टुकड़ा उठाया और उसके गले से भोंग दिया,खून के फुहारे उसके गले से फूटने लगे और उसकी आंखे बाहर लटकने लगी ………

मैं गुस्से में पागल हो चुका था मेरी सांस मेरे ही काबू में नही था,और आखिर मैंने वो किया जो करने को मैं इतने दिनों से बेताब था…….

कमरे में सिर्फ सन्नाटा था ,बस बाजू में बंधे हुए आदमी की सिसकियां ही सुनाई दे रही थी ,अब मैं उसकी ओर मुड़ा……..

वो मुझे खोफ से भरी आंखों से देख रहा था,

“अब तुम्हारा क्या किया जाय”

मैंने बड़े ही ठंडे लहजे में उससे कहा,

“मुझे छोड़ दो राहुल मैंने जो किया वो पैसों की लालच में किया,मुझसे गलती हो गई ,मैं सारे पैसे तुम लोगो को दे दूंगा मुझे जिंदा छोड़ दो “

उसकी बात सुनकर मैंने राकेश और जॉनी की ओर देखा वो उसे देखकर मुस्कुरा रहे थे…

राकेश पास आया और एक जोरदार थप्पड़ उसके गालों में मार दिया…

“मादरचोद तूने दोस्ती का सौदा किया है ,हमारे बीच रहकर तूने इस आदमी का साथ दिया सिर्फ पैसों के लिए ,अबे पैसे तो तुझे राहुल भी दे देता लेकिन तूने बेचारी काजल की जिंदगी बर्बाद कर दी ,तुझे कैसे छोड़ दे साले तु तो आकाश से भी ज्यादा गुनहगार है “

राकेश की बात सुनकर वो बस रोने लगा और छोड़ने की भीख मांगने लगा था…..

“मुझे बताओ देबू की आखिर तुमने ये सब क्यो और कैसे किया “

देबू मुझे ध्यान से देखने लगा और फिर उसने कहना शुरू किया …

“जब तुम मेरे पास आये थे उससे पहले ही आकाश ने मुझे पैसे का लालच दे दिया था ,मैं उसके ही कहने पर तुम्हे डार्क वेब के बारे में जानकारी दी और उस ग्रुप में ऐड किया ,वही मैंने तुमसे अपने दूसरे अकाउंट के जरिये badebhaiya बनकर संपर्क किया,तुम्हे अपने झांसे में लिया और तुम्हारी मदद की ताकि तुम्हे मुझपर पूरा यकीन हो जाए ,इसकाम को मुझसे आकाश(I_am_a_dog) ने करवाया था,उसके ही कहे अनुसार मैंने शकील के सारे धंधों की जानकारी पुलिस को दी ,उसका पूरा अकाउंट हैक करके उसे कंगाल किया और फिर तुम्हे फंसाया,मैं तो बस इतना ही करना चाहता था लेकिन आकाश की आकांक्षा और भी कही ज्यादा थी वो तो काजल को के साथ ….खैर मैं उसकी बात नही मानना चाहता था लेकिन उसने मुझे मार देने की धमकी दी,शकील का पूरा पैसा अभी भी मेरे अकाउंट में है और उसकी जानकारी अभी तक पुलिस को नही लगी है ,मेरा यकीन करो राहुल की मैं काजल के साथ ऐसा नही करना चाहता था लेकिन मैं फंस चुका था,मैं उस पैसे को नही खोना चाहता था,अगर पुलिस को पता लग जाता की किसी ने शकील के अकाउंट को खाली कर दिया है तो वो पीछा करते हुए कभी ना कभी मेरे अकाउंट तक पहुच ही जाते,ऐसे मैने ऐसा जाल बुना था की पुलिस को मुझतक पहुचने के लिए भी सालों लग जाते लेकिन फिर भी मेरे अंदर पैसों को खोने का और अपनी जान का डर हावी हो गया था,मैंने आकाश की मदद की और उसके एवज में उसने मुझे और पैसे देने का वादा भी किया,और कुछ पैसे दिए भी,मुझे वो रोज ही काजल की एक वीडियो भेजता था जो उसके आवाज में ही होती थी मुझे उस आवाज को शकील की आवाज में चेंज करना होता था और उसके बाद इंटरनेशल नंबर से सभी कालेज वालो के पास भेजना होता था,इसके लिए हमने कालेज का ऑफिशल सर्वर भी हैक किया था,मुझे माफ कर दो मैं मानता हु की मैं गलत था और गलत आदमी के साथ था लेकिन सच में काजल के साथ कुछ बुरा करने का मेरा कोई इरादा नही था…”

देबू ने बोलना बंद किया,मैं उसकी बात बड़े ही ध्यान से सुन रहा था और मेरे हाथो में अब भी वो लकड़ी का टुकड़ा था जिसे मैंने आकाश के गले में घुसाया था,मेरे हाथ जोरो से चले जिनका निशाना देबू का गला था,लेकिन ….

“राहुल इसे अभी छोड़ दो ,ये हमारा पुराना दोस्त है हमे इससे निपटने दो ,तुम हमे थोड़ी देर के लिए अकेला छोड़ सकते हो “

राकेश ने मेरा हाथ पकड़ लिया था मैं उसकी आंखों में देख रहा था ,काजल के मुजरिम पर मुझे कोई भी दया नही आ रही थी लेकिन राकेश अब मेरा दोस्त था जिसने मेरी इतनी मदद की थी मैं उसकी बात को कैसे काट सकता था,मैंने बस हा में अपनी गर्दन हिलाई और वंहा से निकल गया…….

मैं बाहर टहल रहा था तभी वंहा अविनाश भी आ गया था ,उसने एक सिगरेट मेरे आगे किया ,मैं इतने दिनों बाद आज सिगरेट पी रहा था,हम दोनों ही कमरे के बाहर सिगरेट के गहरे कस लगा रहे थे,

“प्रिया अब ठीक है तरुणा में मुझे फोन किया था वो तुम्हे ही याद कर रही है ,अब तुम्हे उसके पास होना चाहिए “

अविनाश की बात पर मैंने बस हा में सर हिलाया

“पुलिस का क्या ,उसे क्या कहेंगे “

“प्रिया ने बयान दिया है की वो उस मुजरिम को नही पहचानती जिसने उसे किडनैप किया था,वो बस बोर होकर उसे जंगल में छोड़ आया फिर वो जैसे तैसे रोड तक आयी ,वंहा उसको एक गाड़ी आती दिखाई दी ,सौभाग्य से उस गाड़ी में आकाश और देबू थे जो दोनों ही उसे पहचानते थे,वो वंहा से जाने ही वाले थे की उस सनकी ने उन्हें देख लिया और फिर से हमला कर दिया इस हमले में आकाश और देबू जख्मी हो गए और वही रह गए जबकि प्रिया जैसे तैसे गाड़ी लेकर वंहा से भागने में कामयाब रही ,अब पुलिस उसकी बताई जगहे देबू और आकाश को ढूंढने निकली है …”

अविनाश की बात सुनकर मुझे जोरो की हंसी आयी,और मैं हँसने भी लगा,साथ ही अविनाश भी हँस रहा था…

“अच्छी कहानी बनाई तुमने ,अब पुलिस बस उस केडनेपर को ढूंढती रह जाएगी ,जो है ही नही और आकाश और देबू की जाली हुई लाश उन्हें मिलेगी ,जिससे मामला ही क्लोज हो जाएगा…”

“हा वो तो है लेकिन पहले हमे अच्छे से फिंगर प्रिंट मिटाने होंगे,मेरे ख्याल से अब तुम्हे यंहा से चले जाना चाहिए इस काम में राकेश और जॉनी पुराने खिलाड़ी है उन्हें ही ये काम करने दो “

“हा वो तो ठीक है लेकिन देबू अभी भी जिंदा है राकेश उससे कुछ बात करना चाहता था “

मेरी बात सुनकर अविनाश मुस्कुराया

“करोड़ो का मामला है राकेश ऐसे कैसे जाने देगा ,पैसे मिल जाए तो देबू खत्म “

“ह्म्म्म “

थोड़ी देर बाद राकेश और जॉनी बाहर आये उनके हाथ में एक डायरी थी ,उन्होंने उसे मुझे पकड़ा दिया ..

“हमने उससे उसके अकाउंट के सारे डिटेल्स निकलवा लिए है ,साले में विदेश में अकाउंट खुलवा के रखा है जिससे पुलिस उस तक ना पहुच पाए लेकिन ये हमारे लिए अच्छी बात है क्योकि अब उसके बाद पुलिस उस अकाउंट तक नही पहुच पाएगी ..देबू का काम तमाम कर दिया है अब लाश को ठिकाने लगते है ,तुम अकाउंट के माल को ठिकाने लगा दो “

राकेश के चहरे में एक मुस्कान थी

“कितना माल होगा “

मैंने थोड़ी उत्सुकता से पूछा

“देबू के अनुसार यही कोई 40 करोड़ “

मेरा और अविनाश का मुह खुला का खुला रह गया था…..

*****************

किसी का हाथ मेरे सर को सहला रहा था,मेरी नींद टूटी सामने काजल मुस्कुरा रही थी,वो अभी हॉस्पिटल के बिस्तर में लेटे हुई थी,और मैं उसके बाजू में बैठा हुआ था,जब मैं हॉस्पिटल पहुचा तो वो सो रही थी मैं उसके बाजू में ही बैठ गया था ना जाने कब मैं नींद के आगोश में समा चुका था…

आखिर उसका हाथ सर में पड़ते ही मैं जाग गया …

“अब कैसी हो “

मैंने उसे प्यार से पूछा

“बस तुम्हे देखकर ठीक हो गई ‘वो हल्के से मुस्कुराने लगी

“पता नही क्यो लेकिन अब भी मुझे डर लग रहा है कही कोई हमे फिर से अलग ना कर दे “

मैंने बेचैनी से कहा, काजल की मुस्कान और भी बढ़ गई थी ,उसने मुझे अपने हाथ उठाये और मैं उसके सीने से सर रखकर सो गया वो मेरे बालो को सहला रही थी ….

“अब किस बात का डर है ,तुमने इतने मुस्किलो के बाद भी मुझे पा ही लिया “

“नही काजल अभी नही ,अभी हम एक नही हुए है ,मैं हमेशा के लिए तुम्हारा होना चाहता हु,मैं तुमसे शादी करना चाहता हु ,करोगी मुझसे शादी “

अब मैं उसके आंखों में देख रहा था उन आंखों में जिन आंखों में मेरे लिए अपार प्रेम था और शायद वो प्रेम आंसुओ की शक्ल में बाहर झरने लगा था,वो कुछ बोलना चाहती थी लेकिन उसका गला भर्राया हुआ था,उसने बस सहमति में अपना सर हिला दिया और मुझे अपने पास खिंच लिया,उसके होठ मेरे होठो से मिल गए थे,उसने मुझे अपने बांहों के घेरे में जोरो से जकड़ रखा था जैसे वो कभी मुझसे अलग नही होना चाहती थी ,ये अहसास बड़ा ही अनोखा था एक होने का अहसास ,किसी का हो जाने का अहसास और हम बस इस अहसास में ही डूबते जा रहे थे जैसे कहते है ना

‘मेरा मुझमें कुछ नही जो कुछ है वो तोर,तेरा तुझको सौपते क्या लागत है मोर…….”
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03-07-2020, 10:13 AM,
#53
RE: XXX Sex Kahani रंडी की मुहब्बत
अध्याय 37

वो हॉस्पिटल का लक्जरी कमरा था ,किसे यकीन होगा की कुछ दिनों पहले ही कौड़ी कौड़ी को तराशते हुए लड़के के अकाउंट में आज 10 करोड़ रुपये थे,शकील से मिले 40 करोड़ को हमने 4 हिस्से में बाटा था,जिसमे राकेश,जॉनी और अविनाश के हिस्से में 10-10 करोड़ आये थे वही मैंने अपने और काजल के लिए 10 करोड़ रखे थे,ऐसे इस बात को लेकर अविनाश और उसके दोस्त नाराज हो गए थे,उसका कहना था की 4 नही 5 हिस्से होने चाहिए काजल को भी एक हिस्सा मिलना चाहिए लेकिन मैंने और काजल ने दोनों ही मना कर दिया ,हम इतने में ही खुश थे ,लेकिन वो नही माने उनका कहना था की मुझे और काजल को ज्यादा मिलना चाहिए ,लेकिन हम और पैसे नही लेना चाहते थे,जब वो अड़ ही गए तो काजल ने एक सुझाव दिया की क्यो ना वो कुछ पैसे हमारी प्रोडक्शन कंपनी में लगाए जिसे मैंने प्यारे की मदद से रंडीखाने की औरतो के मदद करने के लिए खोला था,इस बात पर सभी मान गए थे और कंपनी के अकाउंट में अब 6 करोड़ थे तीनो में 2-2 करोड़ दान किया था ,प्यारे की भी बल्ले बल्ले हो गई थी वो अब और भी अच्छी मूवी बना सकता था…..

उस कमरे में आज बहुत ही खुसी का माहौल था,साथ ही आज काजल से मिलने शबनम और चंपा मौसी भी आये हुए थे,आते ही उन्होंने काजल को गले से लगा लिया ….

“तुम्हारे कारण आज हम सबकी जिंदगी आबाद हो गई काजल ,ये शबनम तो कोई बड़ी हीरोइन जैसे फेमस हो गई है ,कई लोग तो इसका ऑटोग्राफ भी लेते है और वो क्या कहते है सेल्फी लेते है “

चंपा की बात से काजल बहुत ही खुश थी ,

“ऐसे काजल ये तेरा चूतिया इतना भी चूतिया नही है क्या दिमाग लगाया इसने,इसके कारण हम शकिल के चुंगल से भी निकल गए और देख साले ने हम रंडियों को हीरोइन बना दिया ...तेरे इस चिकने पर तो सब कुछ लुटाने का दिल करता यही एक रात के लिए ले जाऊ क्या इसे “

शबनम की बात सुनकर काजल जोरो से हँस पड़ी ,बड़े दिनों बाद मैं भी इस तरह की बाते सुन रहा था,और काजल को ऐसे खिलखिलाता हुआ देखकर मेरा तो दिल ही गार्डन गार्डन हो गया था……

“ले जा ले जा लेकिन तू तो अब बहुत महंगी हो गई होगी हीरोइन जो बन गई है “

“हा पहले तो कोई साला 100 रुपये नही देता था अब तो 50 हजार लेती हु एक रात का और तुझे यकीन नही होगा फिर भी लोग मरे जाते है लेने के लिए,बाकायदा अपॉइमेन्ट लेते है “

शबनम जोरो से हंसी और साथ ही काजल भी ,वो लोग बहुत देर तक बात करते रहे ,वो उसे बताते रहे की प्यारे कैसे मूवी बनाता है और उसकी पुरानी सहेलियां कैसे उसकी मूवी में काम करती है,उनके पास कहने को बहुत कुछ था और उनकी बातों पर काजल जोरो से हँस रही थी ,उसका चहरा खिला हुआ था वो कभी कभी मेरी ओर देखती उसकी आंखे मुझसे कुछ बात कर रही थी जैसे कह रही हो की ये सब तुम्हारे ही कारण हुआ है …

हंसते हंसते उसकी आंखों में पानी आ जाता था वो उसे पोछती और फिर से बात करने लग जाती ….

,मैं बहुत खुश था काजल भी खुश थी और मुझे क्या चाहिए था..

*************

पढ़ाई चल रही थी साथ ही शेयर मार्किट और प्रोडक्शन का काम भी ,मैं अब मा पिता जी को भी शहर लाना चाहता था ,मैं काजल,अविनाश और तरुणा के साथ गांव के लिए निकल गया ,मैंने एक कार ली थी हम उसी में वंहा गए थे,जैसे जैसे गांव पास आ रहा था मेरे आंखों में पानी आते जा रहा था,मैं इसी गांव में बड़ा हुआ था,यही मैंने लोगो के मुह से सुना था जब वो पिता जी को कहते थे की इसे पढ़ाकर क्या करेगा उससे अच्छा इसे भी मजदूरी ही करवा कम से कम घर में पैसे तो आएंगे,लेकिन मेरे मा बाप ने अपने पेट की चिंता किये बिना मुझे खिलाया और हमेशा मेरे पढ़ने पर जोर दिया,आज मेरे पास इतना पैसा था की मैं पूरे गांव को ही खरीद दु,मैं अपने मा बाप को खुश देखना चाहता था,मैं उस झोपड़ी के सामने पहुचा जिसे हम घर कहते थे…….

हम गाड़ी से उतरे पूरा गांव गाड़ी देखकर वंहा इकठ्ठा हो गया था,बच्चों के लिए ये कर किसी अजूबे से कम नही थी ,और बच्चे क्या बड़ो ने भी ऐसी कार शायद अपने जीवन में कभी ना देखी हो

दो हॉर्न के बाद मेरी माँ बाहर आयी मैं सामने ही खड़ा मुस्कुरा रहा था…

वो आंखे फाडे कभी मुझे देखती तो कभी मेरी गाड़ी को को तो मेरे दोस्तो को ,वो बहुत देर तक ऐसे ही खड़ी रही जैसे मुझे पहचानने की कोशिस कर रही हो ,वही मेरे पिता भी बाहर आ चुके थे,शायद अभी काम से आये थे और थककर लेटे होंगे …

“मुन्ना ये तू है क्या “

आखिर माँ ने बड़े ही संकोच से कहा और मैं दौड़ाता हुआ उनसे जा लिपटा

“हा माँ ये मैं ही हु,क्या तू भी मुझे पहचान नही पा रही है “

मेरे आंखों से आंसू बहने लगे थे

वो भी कुछ ना कह सकी थी बस मेरे कंधों में कुछ गीलेपन का अहसास हो रहा था...थोड़ी देर बाद वो मुझसे अलग हुई ,और फिर मैंने पिता जी के पैर पड़े

“आप भी नही पहचान रहे थे क्या “

मैंने माजक में कहा

“अरे कैसे पहचानते तू तो शहर से पूरा साहब बन कर आया है “

पास खड़े गांव के मुखिया ने कहा ,वही पिता जी के आंखों में बस गर्व के आंसू थे,उन्होंने बस आशीर्वाद के रूप में मेरे गालों पर हाथ फेरा ,मैने जाकर मुखिया के पैर पड़े ..

“खुश रहो बबुआ,हम जानते थे की तुम पढ़ लिखकर एक दिन बड़े आदमी बनोगे,हम कहते थे ना हरिया तुमसे की ये लड़का कुछ करेगा “

मुखिया के मुह से ये बात सुनकर मुझे हंसी आयी क्योकि ये ही वो आदमी था जिसने मेरे पिता को मेरे कालेज जाने के लिए पैसे देने से मना किया था,मेरे पिता जी इसी के खेतो में काम करते थे,और मुखिया नही चाहता था की उसके मजदूर का बेटा शहर में जाकर पढ़ाई करे …

“जी मालिक “

मुखिया की बात सुनकर मेरे पिता जी ने कहा

“अरे अब कहे का मालिक रे हरिया अब तो तेरा बेटा साहब बन गया है ,देख कितनी बड़ी गाड़ी में आया है,ऐसे कौन सी गाड़ी है हम भी लेने की सोच रहे थे,कितने की है “

मुखिया ने बड़े ही अजीब नजरो से उस कार को देखा और मेरे बोलने से पहले ही अविनाश बोल उठा

“ये ऑडी है मुखिया जी ,ज्यादा नही सिर्फ 70 लाख की है “

“70 लाख???? “

मुखिया का मुह खुला का खुला ही रह गया ,मुखिया हमारे गांव का सबसे अमीर आदमी था लेकिन ये एक कार उसकी पूरी जायजाद के आधे के बराबर थी ,वही 70 लाख सुनकर मेरे माता पिता का चहरा ही पिला पड़ गया था….

उस घर में सिर्फ एक ही कमरा था इसलिए हम सभी बाहर ही खाट पर बैठे थे,लोग अभी भी वंहा जमा था इएलिये माँ ने मेरा हाथ पकड़कर मुझे अंदर आने को कहा ,वो घबराई हुई लग रही थी,साथ ही मेरे पिता जी भी अंदर आ गए थे……

“क्या हुआ माँ “

“बेटा तू सच सच बता इतने कम दिनों में तूने इतने पैसे कैसे कमा लिए,तू कोई गलत काम तो नही करता ना और ये लोग कौन है बेटा जो तेरे साथ आये है सभी बड़े घर के लोग लगते है,इतने बड़े लोगो से दोस्ती करना हम जैसे गरीब लोगो के लिए ठीक नही है बेटा”

माँ सच में बहुत घबराई थी ,लेकिन उनके इस भोलेपन के कारण मुझे उनके लिए बहुत प्यार आया ..

“बेटा हम भूखे मर जाएंगे लेकिन कभी हमने हराम का नही खाया है,अगर तुमने गलत तरीके से पैसे कमाए यही तो थू है ऐसे पैसे पर,भूखे रह जाएंगे लेकिन गलत काम नही करेंगे,तू अपनी माँ की कसम खा की ये पैसे तूने किसी गलत काम से नही कमाए है बल्कि ये तेरे मेहनत के पैसे है …”

मेरे पिता ने मेरा हाथ पकड़ कर माँ के सर में रख दिया,मैं उन्हें भी प्यार भरी नजरो से देखने लगा,इन लोगो को 70 लाख सुनकर चक्कर आ गया था,अगर मैं इन्हें सच में बता देता की मेरे पास कितने पैसे है तो ये तो बेहोश ही हो जाते ,जीवन भर इन्होंने दो रोटी के लिए संघर्ष किया था ,सुख में रहने की भी इनकी आदत नही थी ,सभी बातों को सोचकर मेरे होठो में मुस्कान आ गई

“ये मेरी मेहनत के पैसे है मा,मैंने कोई गलत काम नही किया है और हा ये जो मेरे साथ आये है वो सभी मेरे दोस्त है बल्कि मेरे भाई बहन जैसे है और इनमें से एक तेरी बहु है “

माँ की आंखे फैल गई थी ,

“कौन ??”

“वो “मैंने झोपड़ी की खिड़की से काजल की ओर इशारा किया ,जबकि माँ बड़े ही हैरत से मेरी ओर देखने लगी

“इतनी सुंदर लड़की तेरे से शादी करेगी ??”

माँ की बात सुनकर मैं जोरो से हँस पड़ा था ,मैं इतना जोरो से हंसा था की बाहर बैठे लोग भी खिड़की की ओर देखने लगे थे,

मैंने इशारे से काजल को अंदर बुलाया काजल के साथ तरुणा भी आई थी ,मैंने काजल को दिखाते हुए फिर से कहा ..

“माँ ये है काजल तुम्हारी बहु “

मेरी बात सुनकर काजल थोड़ा चौकी फिर तुरंत ही माँ और पिता जी के चरण स्पर्श किये ऐसे जब काजल को पता चला की वो मेरे गांव जा रही है उसने जीन्स की जगह सलवार पहनने का फैसला किया था,और अब पैर पड़ते वक्त उसने अपनी चुन्नी ओढ़ ली थी …

मेरे माता पिता तो जैसे अभी इस दुनिया में ही नही थे वो किसी और ही दुनिया में खो गए थे,लेकिन जब काजल ने उनके पैर पड़े तो उनके मुह से अनायास ही निकल गया

“खुश रहो बेटा …”

काजल थोड़ी शर्माते हुए खड़ी थी तभी मेरी माँ ने उसे पूछ ही लिया

“बेटा क्या तुम सच में मेरे बेटे से शादी कर रही हो “

मैं और तरुणा जोरो से हँस पड़े वही काजल शर्मा गई थी ,माँ ने मुझे हंसता हुए देखकर मेरे बाजू में एक मुक्का मारा,अब मेरी मा की हालत सही हुई थी लेकिन अगले ही पल उसके आंखों में आंसू आ गए …

उसने बड़े ही प्यार से अपना हाथ से काजल के सर को सहलाया

“बहुत बहुत खुश रहो मेरी बेटी ,हम तो कभी तुझ जैसी सुंदर बहु नही ढूंढ पाते जैसा हमारे बेटे ने ढूंढ लिया है ...लेकिन बेटा मुझे माफ करो की तुम्हे देने के लिए मेरे पास कुछ भी नही है ,मैं भी कैसी अभागी हूं जो मेरी बहु मुझसे पहली बार मिल रही थी लेकिन मैं उसे कुछ भी नही दे पा रही …”

मैं माँ के दर्द को समझ सकता था असल में ये मेरी ही गलती थी मुझे माँ और पिता जी को कुछ पैसे पकड़ा देने थे ताकि वो काजल को वो दे सके ,लेकिन माँ की बात सुनकर काजल मुस्कुरा उठी

“मुझे कुछ भी नही चाहिए माँ जी अपने मुझे अपना लिया यही मेरे लिए बहुत है “

माँ ने अपने आंसुओ से भरे आंखों पर अपनी उंगली फेरी और थोड़ा काजल निकाल कर काजल के सर पर लगा दिया “

“नजर ना लगे मेरी बच्ची को “

बहुत ही एमोशनल सीन चल रहा था

“ऐसे मा जी मैं भी आपकी बेटी ही हु मुझे भी कुछ आशीर्वाद दे दो “

इस बार तरुणा थी ..

“क्यो नही क्यो नही “माँ ने फिर से अपने आंखों से काजल निकाल उसके सर पर लगाया और सभी को चौकाते हुए तरुणा माँ से लिपट गई ..कुछ ही देर में सभी घुल मिल गए थे,मैं अविनाश और पिता जी बाहर खाट में बैठे थे शाम हो चुकी थी लेकिन भीड़ जाने का नाम ही नही ले रही थी सभी शहर के किस्से कहानियां सुनना चाह रहे थे लेकिन आखिर मैं बताता भी क्या लेकिन इसका जिम्मा अविनाश ने उठा लिया था,वो सभी के सवालों के जवाब दे रहा था ,और वो भी बड़े ही मजेदार ढंग से जिससे लोगो का इंटरेस्ट और भी बढ़ रहा था ….

वही काजल और तरुणा माँ के साथ अंदर खाना बनने में लगी हुई थी …

रात होते होते लोग जाने लगे लेकिन खाना खाकर फिर से आने को कहकर …


ये तो सच है की माँ के हाथो की सामान्य सी रोटी किसी भी महंगे खाने से लाख गुना स्वादिष्ट होता है,क्योकि उसमें ममता और प्यार कूट कूट कर भरी होती है,जिन लोगो के नसीब में ये रोज ही लिखी हो उन्हें शायद इसका आभास कभी नही होता लेकिन जिनके पास ये नही होता वो ही इसकी कद्र जानते है ,उसी तरह मैं भी था,यंहा रहते हुए मुझे कभी इसकी कद्र नही हुई लेकिन आज इतने दिनों बाद जब रोटी का पहला निवाला मेरे मुह में गया तो मेरी आंखे अपने ही आप बंद हो गई थी ,मैं उस सुख में डूब ही गया था,इतना स्वादिष्ट खाना जैसे मैंने सालों से नही खाया था…

“तेरे हाथो में तो जादू है माँ”

“माँ के हाथो में तो जादू तो होता ही है लेकिन सिर्फ आज ही क्यो मैं तो रोज ही ऐसा खाना खाना चाहता हु “

अविनाश बोल उठा

“हा माँ आप दोनों कल ही मेरे साथ शहर जा रहे हो “

मेरी बात से जैसे पिता जी और माँ हड़बड़ा से गए थे..

“ये क्या बोल रहे हो बेटा हम वंहा जा कर क्या करेगें”

“अरे क्या करोगे हमारे साथ रहोगे ,मैं वंहा एक घर ले रहा हु ताकि हम सब एक साथ ही रहे “

पिता जी और माँ एक दूसरे का मुह ताकने लगे थे

“अरे इसमें सोचने वाली क्या बात है “

“बेटा हमारा जन्म इसी मिट्टी में हुआ है और हम यही रहकर मरना चाहते है ,शहर में हमे जानता ही कौन है यंहा हमारा पूरा परिवार है ,घर है “

पिता जी बोल उठे

“किस परिवार की बात कर रहे हो आप जब दुख था तब तो कोई सामने नही आता था मुझे तो पता भी नही की आप किस परिवार की बात कर रहे हो,बापू परिवार ये है आपके सामने आपका बेटा और बहु ,आप लोग साथ चल रहे हो बस “

“बेटा समझने की कोशिस करो हमने सारी जिंदगी यदि बिताई है ,हमे इस जगह की आदत सी हो गई है ,हम वंहा कैसे रह पाएंगे, तुम लोगो से मिलने आया करेंगे ना हम लोग लेकिन ...यहां सब छोड़कर वंहा रहना ...बेटा ये हमसे नही हो पायेगा “

इस बार माँ ने कहा था

“लेकिन माँ जब वंहा मेरे पास सब कुछ है तो फिर आप लोगो को यंहा दुख में रहने की क्या जरूरत है “

मैं थोड़ा चिढ़ सा गया था

“बेटा काहे का दुख ,तूने पैसा कमा लिया सुख देख लिए तो तुझे ये दुख लग रहा है वरना तू भी तो अपना बचपन यही बिताया था,इसी झोपड़े में रहकर ,तूने कभी हमे दूखी देखा था क्या,हा कभी कभी पैसों की थोड़ी दिक्कत होती है लेकिन इसे दुख तो नही कहते ना,तूने कभी मुझे और तेरी माँ को लड़ते हुए देखा ,या कभी तुझे लगा की हम तुझे प्यार नही करते नही ना…और पैसे वाले सुखी ही रहते है ये तू कैसे कह सकता है उन्हें भी तो दुख होता होगा ना “

पिता जी की बात सुनकर मैं पूरी तरह से अवाक रह गया था,पैसों से सुख नही खरीदा जा सकता ये मैंने सिर्फ सुना था लेकिन आज देख भी रहा था…

अविनाश ने मेरे कंधे पर हाथ रखा और वो बोलने लगा

“ठीक है ठीक है अगर आप लोगो को यही रहना है तो एक काम क्यो नही करते ,राहुल यंहा आपलोगो के लिए एक घर बनाएगा और कुछ जमीन खरीदेगा ,आप लोग किसी और के घर काम करे ये राहुल कैसे सह पायेगा जबकि उसके पास आज सब कुछ है ,यंहा मजदूरो के जरिये आप लोग खेती कीजिए और यही रहिए लेकिन अभी तो साथ चलिए आखिर राहुल की शादी भी तो करनी है आपलोगो को “

अविनाश की बात का मैंने भी समर्थन किया पिता जी ने भी सर हा में हिला दिया लेकिन फिर बोल उठे

“बेटा क्या शादी यही नही हो सकती “

इस बार मैंने सर पकड़ लिया था

लेकिन अविनाश हँसते हुए बोलने लगा

“अरे चाचा जी यंहा भी कर देंगे शादी लेकिन अभी कोर्ट में करना है फिर जब यंहा घर बन जाए तो यंहा फिर से कर देंगे “

अविनाश की बात सुनकर माँ पिता जी दोनों ही अजीब निगाहों से हमे देखने लगे

“बेटा दो दो बार शादी “

उन्होंने अचंभे से कहा

और मेरे साथ अविनाश भी हँस पड़ा

“हा बापू फिक्र मत करो शहर में ये सब होता है और 2 नही 3 बार शादी करेंगे आखिर वंहा भी तो पार्टी देनी पड़ेगी ना “

अब वो क्या कहते बेचारे बस हमारे चहरे को अजीब भाव से देख रहे थे …….

******************

रात हो चुकी थी गपसप चल रहा था,गांव के कई लोग हमे घेरे हुए बैठे थे वही महिलाएं घर के अंदर थी आसपास की महिलाएं भी काजल को देखने पहुच गई थी ,तभी एक पुलिस की गाड़ी आकर हमारे घर के सामने रुकी सभी चौक गए थे,एक पुलिस इंस्पेक्टर कुछ सिपाही और गांव का मुखिया भी साथ था…

पुलिस वाले हमारी ही ओर बढ़ रहे थे वही मुखिया के चहरे में एक अजीब सी मुस्कान खिल रही थी……….
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03-07-2020, 10:13 AM,
#54
RE: XXX Sex Kahani रंडी की मुहब्बत
अध्याय 38

इंस्पेक्टर बड़े ही रौब के साथ हमारे पास आ रहा था वही मुखिया ने मुस्कुराते हुए कहा,

“अरे हरिया ,साले भीखमंगे की औलाद के पास इतना पैसा कहा से आया रे,तेरा बेटा चोर है पता नही साले ने इतना पैसा कहा से कमाया है अभी जब स्टेशन में ले जाकर डंडे पड़ेंगे तो सब उगलेगा”

मुखिया की बात से मेरे पिता बुरी तरह से डर गए थे,वही इंस्पेक्टर आकर मेरे कॉलर को पकड़ चुका था ..

मेरे पिता के मुह से निकल गया

“मालिक…”

लेकिन वो कुछ और बोल पाते उससे पहले ही अविनाश ने उन्हें चुप करवा दिया और खुद बोलने लगा

“ये इंस्पेक्टर तू सरकार की खाता है या इस मुखिया का कुत्ता है ,जो इसकी एक बात पर यंहा दुम हिलाता हुआ चला आया..”

इंस्पेक्टर मेरा कॉलर छोड़ अविनाश की ओर मुड़ा वो अविनाश की बात से भन्ना गया था ….

“ये शहरी लड़के साले ज्यादा जुबान चल रही है तेरी... “

इंस्पेक्टर कुछ और बोलता उससे पहले ही अविनाश गरजा

“चुप कर भोसडीवाले तेरे जैसे दो कौड़ी के इंस्पेक्टर से डरेंगे हम लोग ,साले अपनी औकात में रह कर बात कर तू जानता नही तूने किसपर हाथ लगाया है ,जिसका तूने कॉलर पकड़ा है ना वो मेरा भाई है ,और मैं तेरा बाप हु ,रुक साले …”

अविनाश ने तुरंत ही अपना मोबाइल निकाला और किसी को फोन लगाने लगा,इंस्पेक्टर को जैसे सांप ही सूंघ लिया था,अविनाश ने चीजे इतने कांफिडेंस के साथ बोली थी की उसकी भी फटने लगी थी ,वही मुखिया भी मुह खोले सब देख रहा था,मुखिया ही क्यो सारे गांववाले भी अपना मुह फाड़े हुए थे…

“हैल्लो हा मंत्री जी ,हा मैं ठीक हु दोस्त के साथ गांव आया था,जी ,असल में एक इंपेक्टर मेरे दोस्त के साथ बत्तमीजी कर रहा है ,...जी ..ठीक है लीजिए बात कीजिये “

अविनाश ने फोन इंस्पेक्टर के सामने कर दिया ..

“ले गृहमंत्री है बात कर “

गृहमंत्री का नाम सुनकर वो कांपने लग गया था ..

“मुझे माफ कर दो सर “

वो गिड़गिड़ाया

“अरे बात कर साले “

अविनाश फिर से उसके ऊपर भड़का और उसने कांपते हुए हाथो से फोन पकड़ा

“जी ..जी सर ..समझ गया सर...सॉरी सर ...ओके सर ..ओके सर ..”

बात करके उसने फोन अविनाश को पकड़ा दिया और अपने माथे में आया हुआ पसीना पोंछा ..और सीधे अविनाश एक पैरों में गिर गया

“सर गलती हो गई माफ कर दीजिए मैं इस मुखिया की बातों में आ गया था,इसने ही कहा था की बहुत गरीब घर का लड़का है और इतने पैसे इतने कम समय में कमाया है तो जरूर कोई गलत काम किया हुआ इसने शायद कोई कोई बैक वगेरह लुटा हो या कोई बड़ा घोटाला ,नही पता था सर की आप लोग तो इतने पहुचे हुए लोग हो “

अविनाश ने उसे उसकी बांहे पकड़कर उठाया …

“कोई बात नही लेकिन गरीबो का माजक बनाना बंद कर दो तुमलोग ,और ये मुखिया तुझे लगता है इसने जो पैसे कमाए है वो सब इसकी मेहनत के है ,जांच करवाऊं क्या ,पता चल जाएगा की इसने कितने काले कारनामे किये है “

मुखिया के चहरे का रंग ही उड़ गया वो सीधा मेरे पिता के पैरों में गिर गया

“मुझे माफ कर दो हरिया,गलती हो गई ..”

उसकी इस दशा को देखकर मेरे होठो में मुस्कान आ गई लेकिन मेरे पिता तो ठहरे गांव के भोले आदमी

“नही मालिक ये आप क्या कर रहे हो ,आप तो मालिक हो आप तो हमारे अन्नदाता हो ‘

उनकी बात सुनकर मेरी नजर अविनाश पर पड़ी वो आंखों ही आंखों में मुझे इशारा किया जैसे कह रहा हो ‘ये नही सुधरेंगे ‘

***************

रात गई बात गई और हम शहर के लिए निकल पड़े ,मा पिता जी के आने के बाद मैंने अपने दो मंजिला घर का उद्घाटन किया और फिर शुरू हो गई मेरी शादी के तैयारियां,हमने प्लान किया था की पहले शादी कोर्ट में करेंगे फिर एक रिसेप्शन शहर में फिर जब गांव का घर बन जाए तो फिर वंहा रीति रिवाज से फिर से शादी करेंगे ..

काजल खुश थी बहुत ही खुश थी ,मैं भी खुश था,काम भी अच्छे से चल रहा था ,शादी की तारीख भी पास आ रही थी ..काजल अभी तरुणा के साथ ही रहती थी लेकिन अधिकतर समय हमारे घर में ही बिताती थी,वही अविनाश भी होस्टल नही छोड़ना चाहता था उसी की वजह से तो वो नेता बना था,मेरे दोस्त भी हमारे घर आते जाते रहते थे,

मेरे माता पिता भी शहर के वातावरण के साथ होतदे कंफरटेबल हो रहे थे,वो आसपास घूमने जाते ,बाजार जाय करते और पास के ही पार्क में बैठा करते सब कुछ ठीक चल रहा था,वो मेरे साथ यंहा रहने को भी राजी हो गए थे लेकिन कहते है ना की जब किस्मत में लगे हो लौड़े तो कहा से मिलेंगे पकोड़े ……….

माँ पिता जी एक दिन शाम गार्डन से घूम कर आये लेकिन इस बार उनका चहरा उतरा हुआ था वो बेहद ही दुखी लग रहे थे…

“क्या हुआ माँ ऐसे क्यो मुह उतार कर रखे हो “

मैं माजक में उनसे बोला

“बेटा ..”

माँ की आवाज कांप रही थी जैसे वो कुछ कहना तो चाहती थी लेकिन कह नही पा रही थी …

क्या हुआ मा..मुझे भी उनकी आवाज से बात की गहरी का आभास हुआ ,मैं उनके साथ सोफे में बैठ गया ..

“वो बेटा …”

वो फिर से बोलने को हुई लेकिन कुछ नही बोल पाई

“हा बोलो ना “

उन्होंने पिता जी की ओर देखा ,मैंने भी उनकी ओर देखा ,उनका चहरा मानो गुस्से से धधक रहा था ..

“क्या हुआ पिता जी “

अब मुझे भी डर लगने लगा था ,उन्होंने एक बार मुझे देखा जैसे आंखों में आग लिए हो ,मैं बुरी तरह से डर गया था

“क्या सर रही हो इससे बोल दो ना “

उन्होंने मा को देखा लेकिन वो कुछ नही बोल पाई बल्कि उनके आंखों में आंसू जरूर आ गए मैं बेहद ही असमंजस के भाव से दोनों को देख रहा था ..

“तेरी माँ और मैंने ये फैसला किया है की काजल से तेरी शादी नही हो सकती “

“क्या ???”

ऐसा लगा जैसे कोई आसमान ही मेरे ऊपर टूट पड़ा हो .

‘ये...ये आप लोग क्या कह रहे हो ..”मेरी आवाज लड़खड़ा रही थी

“हम सही कह रहे है ,हम इतने भी बेगैरत नही है की एक जिस्म बेचने वाली से अपने बेटे की शादी करवा दे “

पिता जी की बात से मैं बुरी तरह से चौका था की एक आहट ने मुझे और भी जोरो से चौका दिया था ,दरवाजे पर काजल खड़ी थी ,उसकी आंखों में आंसू था और चहरे में बेहद ही गहरे दर्द का भाव ..

“काजल ‘

मैं कुछ बोल पाता उससे पहले ही वो मुड़ी और भागी,मैं उसकी ओर भागने ही वाला था की किसी के हाथ ने मेरे हाथो को थाम लिया ,वो मेरे पिता जी थे…..उनकी आंखे अब भी जल रही थी और साफ साफ बता रही थी की वो क्या चाहते है ,वो नही चाहते थे की मैं काजल के पीछे जाऊ,

एक ओर वो लोग थे जिन्होंने मुझे अपना पेट काटकर पढ़ाया लिखाया था जो मेरे लिए देवता के समान थे तो दूसरी ओर मेरी काजल थी जिसके कारण ही तो इस मुकाम में पहुच पाया था,जो मेरा प्यार थी मेरा सहारा थी मैं बस इसी असमंजस में फंसा हुआ बस कभी दरवाजे को देख रहा था तो कभी अपने मा बाप को …………….
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03-07-2020, 10:14 AM,
#55
RE: XXX Sex Kahani रंडी की मुहब्बत
अध्याय 39

काजल जा चुकी थी और मैं बस देखता ही रह गया ….

मेरे मा और पिता जी गांव जाने की जिद कर रहे थे,वो मुझसे काजल के विषय में कोई भी बात नही करना चाहते थे,कुछ आधे घण्टे ही हुए थे की मेरे घर के सामने एक गाड़ी आकर रुकी ,

और अविनाश के साथ तरुणा अंदर आयी ..

अविनाश सीधे मेरे पिता जी के पैरों में जा बैठा था …

“बापू पता नही की आपको क्या पता चला है ,लेकिन यकीन करे ये उसकी बीती जिंदगी थी,और वो राहुल से बेहद ही प्यार करती है “

मेरे पिता जी उसका चहरा भी नही देख रहे थे.

“ये हमारे घर का मामला है ,अच्छा होगा की हमे अकेले छोड़ दो “

मेरे पिता ने बस इतना ही कहा

“वो बहुत अच्छी लड़की है ,इनकी शादी मत तोड़ो ये दोनों एक दूसरे के बिना जिंदा नही रह पाएंगे “

अविनाश के आंखों में आंसू थे,लेकिन मेरा बाप हंसा

“वाह बेटा तुम तो अपने को राहुल का दोस्त बोलते हो ,और ऐसी लड़की के साथ उसकी शादी करवाने को राजी हो गए,अगर तुम्हारा कोई अपना होता ना तो तुम्हे पता चलता की इज्जत क्या चीज होती है ,वो लड़की जिसे दुनिया रंडी कहती है ,जिसका नंगा जिस्म सारे दुनिया के सामने नुमाया हो रहा है,लोग मोबाइल में जिसे देख रहे है,उसे तू हमारे घर की इज्जत बनाना चाहता है ,ये हरगिज नही होगा,और अगर इसे उस लड़की से शादी करनी है तो …...तो इसे हमसे हमेशा के लिए रिश्ता तोडना होगा “

मेरे पिता जी के चहरे से मानो आग उगल रहा था,मैं जानता था की वो एक गरीब मजदूर जरूर है लेकिन अपने उसूलों के पक्के भी है,उन्होंने जो ठान लिया वो ठान लिया,एक सच्चे और सीधे आदमी के साथ यही सबसे बड़ी ताकत और कमजोरी दोनों ही होती है की वो अपने उसूल के सामने दुनिया की कुछ भी नही सुनते..

अविनाश मानो उनके पैरों में गिर ही गया था,उसने अपना सर पिता जी के पैरों में गिरा दिया …

“अपने कहा की मेरा क्या रिश्ता है तो सुनिए वो मेरी बहन है ,और उसके इस हालत का मैं ही जिम्मेदार हु मेरे ही कारण उसकी ये हालत हुई है ,वरना ……”

अविनाश फुट फुट कर रोने लगा था ,मैं और तरुणा तुरंत ही उसके पास आकर उसे दिलासा दिलाने लगे लेकिन अविनाश के दिल से मानो कोई ज्वालामुखी सा फुट गया था ,उसके रोने में वो करुण भाव था की एक बार को मेरे पिता भी गल से गए थे वही मेरी माँ तो अभी भी अपने ही आंसुओ को सम्हाल रही थी और अवाक सी बस अविनाश की ओर देख रही थी ….

“मेरी प्रिया कितनी प्यारी लड़की थी ,पूरे घर की दुलारी थी ,लेकिन मेरे ही कारण वो काजल बनी ,मेरी ही गलती थी की उसे ऐसा काम करना पड़ा ,मेरी गलती की सजा मेरी बहन को मत दो ,वो राहुल से प्यार करती है …”

अविनाश रोये जा रहा था,उसने कभी काजल को अपनी बहन नही कहा था लेकिन आज कह रहा था,आखिर मामला क्या था लेकिन जो भी था उसके बातों की सच्चाई उसके आंखों से आता हुआ पानी बयान कर रहा था वही उसके चहरे के भाव चीख चीख कर सच्चाई कह रहे थे….

अविनाश थोड़ा सामान्य हुआ और फिर उसने कहना शुरू किया ..

“प्रिया और मेरे पिता बहुत ही अच्छे दोस्त थे,उनकी अकस्मात मौत के बाद प्रिय हमारे ही साथ रहने लगी ,हम एक ही उम्र के थे ,मैंने कभी उसे बहन नही कहा ,असल में मेरे घर वाले चाहते थे की वो उनके घर की बहु बने,हमे ऐसे ही पाला गया था ,हमारे बीच प्रेम का रिश्ता तो था लेकिन उसे कोई नाम नही दिया गया था ,मेरे घर वाले नही चाहते थे की मैं उसे बहन कहु ,इस रिश्ते को हमने दोस्ती का नाम दे रखा था,मै उसे अपने जान से ज्यादा चाहता था वही वो अपनी जान मुझपर लुटाती थी,हमे एक दूसरे के आंसू और तकलीफें बर्दास्त नही थे ,हम जवान हुए और स्कूल के दिनों में मेरे जीवन में एक लड़की आयी ,नाम था काजल …..मुझे नही पता था की ये बस एक छलावा थी ,मैं एक बड़े बाप का लड़का था और उसे मुझसे नही मेरे पैसों से प्यार था लेकिन उस लड़की ने मेरे अंदर अपने लिए प्यार जगाया और मैं पीछे पागलों की तरह भागने लगा,प्रिया को जब इस बात का पता चला तो उसने मेरे कारण काजल से दोस्ती कर ली ,हम खुश थे लेकिन हमे क्या पता था की उस दोस्ती का ये सिला हमे मिलेगा,असल में काजल एक बहुत ही कमीने इंसान शकील की रखैल जैसी थी ,उसने पैसे के कारण मुझे प्यार के जाल में फसाया था लेकिन जब शकील की नजर प्रिया पर पड़ी तो वो उसे पाने को बेताब हो गया ,बेचारी मेरी प्रिय काजल के साथ इसी उम्मीद में रहती थी की वो मेरा प्यार है लेकिन उसे क्या पता था की उसे भी फसाया जा रहा है ,कजाल तो मेरी नही हो सकी लेकिन शकील ने प्रिय को पाने की बहुत कोशिस की लेकिन प्रिय ने उसे हर बार मना कर दिया लेकिन मेरे प्यार के कारण उसने कभी शकील का जिक्र मुझसे नही किया,उसे यही लगता था की शकील काजल का भाई है और जैसे बहन की आम आवारा आशिकों को अपने बहन की सहेलियों से लगाव हो जाता है वैसे ही शकील को भी उससे हो गया है ,आखिर वो वक्त आया जब शकील ने प्रिया और काजल को अपने घर बुलाया,प्रिया इसी भरोसें में उसके साथ चली गई की उसकी सहेली का भाई उसे बुला रहा है और उसकी सहेली उसके साथ है,लेकिन वंहा शकील के प्रिया को कोई मादक दवाई देकर उसके साथ जबरदस्ती की और मुझे बुलाकर ये सब दिखाया गया ,मुझे नही पता था की ये शकील ही था लेकिन मुझे प्रिया से उस वक्त नफरत सी हो गई ,मुझे लगा की वो एक बतचलन लड़की है ,मुझे काजल ने बताया की वो ऐसा पैसों के लिए कर रही है और वो एक रंडी है ,मुझे उसी दिन से रंडियों से चिढ़ सो हो गई मैं अब प्रिया का चहरन भी नही दिखना चाहता था,लेकिन फिर दिन बीते लेकिन प्रिय घर नही आयी ना ही काजल कभी लौट कर आई ,मैंने पता किया तो मुझे काजल की सच्चाई का पता चला की वो खुद किसी और की रंडी थी ,और दौलत वालो को फसाना उसका पेशा था ,तब मुझे समझ आया की मेरी प्रिया इन सबके जाल में फंस गई है मैंने उसे बहुत ढूंढा लेकिन वो कही नही मिली ,अब वो प्रिया से काजल बन चुकी थी ,फिर आपके बेटे की वजह से वो मुझे मिल गई ,शकील ने उसके ऊपर इतनी ज्यादती की है की अगर कोई सुन ले तो उसकी रूह कांप जाए ,फिर उसके जीवन में राहुल आया ,एक ऐसा लड़का जो उसकी हर हकीकत जानते हुए भी उसे प्यार करता है,ये दोनों एक दूसरे के प्यार में पड़ गए और आज हम आपके सामने है …….”

अविनाश की बात सभी बड़े ही ध्यान से सुन रहे थे,लेकिन किसी ने कुछ भी नही कहा

“मैंने ये कभी नही कहा,मैंने आज तक मेरे और प्रिया के रिश्ते को कोई नाम नही दिया ,लेकिन आज आप कह रहे हो की मेरा उससे रिश्ता क्या है तो मैं कहता हु,अपने दिल की गहराइयों से कहता हु की प्रिय मेरी बहन है ,हमारा रिश्ता इतना ही पवित्र और प्यार से भरा हुआ है जैसे किसी भाई बहन का होता है,उसने मेरे लिए बहुत कुर्बानियां दी है मैं उसे और दुख में नही देख सकता,उसके लिए जीवन की एक ही उम्मीद है वो है राहुल ,उसे और कुछ नही चाहिए उसे बस एक आम लड़की की तरह जिंदगी जीने का एक मौका चाहिए और वो मौका आप दे सकते है,इनके प्यार के दुश्मनों ने इन्हें अलग करने की कई कोशिशें की थी ,उनमे एक को अपने मोबाइल में देखा लेकिन आप ही मुझे बताइए की आखिर इसमें उस बेचारी की गलती क्या थी ??,उसे बंधक बना लिया गया था उसके साथ ज्यादती की गई ,जो एक सहानभूति की काबिल है उसे आप घृणा की दृष्टि से देख रहे है...मैं आपसे अपनी बहन के जीवन की भीख मांगता हु उसके जीवन में बस तकलीफें ही तकलीफें रही है मैं उसकी खुसी आपसे मांगता हु ,मैं आपका राहुल आपसे मांगता हु …..इन दोनों को जुदा मत कीजिये ये एक दूसरे के बिना मर जाएंगे…”

अविनाश रोता हुआ मेरे पिता के पैरों को जकड़ लेता है ..

“लेकिन समाज का क्या ???”

मेरे पिता ने अनायास ही कहा

“समाज किस समाज की बात कर रहे हो बापू तुम,जो एक बेसहारा लड़की के जिस्म को भोगता है और उसे ही रंडी कहकर तिरिस्कार की नजरो से देखता है,ऐसे समाज की चिंता है तुम्हे ,जिसने काजल को जिस्म बेचने पर मजबूर किया उसे कभी किसी ने कुछ नही कहा,जिसने ये वीडियो बनाया,जिसने ज्यादती की उसे ये समाज कुछ नही कहता और जो इन ज्यादतियों का शिकार हुआ उसे ही समाज गालियां दे रहा है ,और अगर ऐसा है तो मैं इस समाज को और इसके नियमो को नही मानता,आप मेरे लिए भगवान के समान हो लेकिन मेरी काजल से तो मुझे कोई भगवान भी जुदा नही कर सकता ……….”

मेरी बात सुनकर मेरे पिता सकते में आ गए थे ,आखिर उन्होंने चिल्लाकर कहा

“आज तो तू उसके प्यार में है लेकिन जब जिंदगी भर रास्ते में जाते हुए लोग तुझे एक रंडी का पति कहकर बुलाएंगे तो क्या ,ये कलंक लेकर तू जी पायेगा “

मेरे पिता भी भावुक हो गए थे उसके आंखों में ना सिर्फ आंसू थे बल्कि उनकी आवाज भी धीमी पड़ गई थी

मैं उसके चरणों में बैठ गया था ..

जो लोग किसी लकड़ी को रंडी कहते है उन्हें पहले ये सोचना चाहिए की वो लड़की रंडी क्यो है ,वो इसी समाज के किसी व्यक्ति के कारण एक रंडी है जो उसके जिस्म को भोगता है,लेकिन समाज उस इंसान को कुछ नही कहता जिसके कारण एक लकड़ी रंडी बनती है ,और अगर कोई कहे की मैं एक रंडी का पति हु तो भी मेरे लिए ये कोई जिल्लत की बात नही होगी क्योकि मुझे पता है की रंडी होना क्या होता है ,रंडी वो है जो इस समाज में फैले हुए वासना के आग को अपने जिस्म से बुझती है,जिस्म का शोदा तो हर जगह किया जाता है,कोई पैसे के लिए तो कोई पॉवर के लिए,और यंहा तक की लड़के भी दहेज की लालच में शादी करके अपना जिस्म बेच रहे है ,लेकिन समाज उन्हें तो ऐसे नामो से नही बुलाता …..”

सभी शांत थे बस शांत थे लेकिन ना जाने सबके अंदर क्या तूफान चल रहा था….

“तू प्यार में अंधा हो गया है पढ़ लिख कर और भी बेवकूफ हो गया है तुझे वो नही दिख रहा है जो सामने है मटर भविष्य क्या होगा बेटा उस लड़की से शादी करके “

मेरा बाप आखिर फुट ही गया था वो रोये जा रहा था,मेरी मा रो रही थी ,अविनाश रो रहा था,तरुणा रो रही थी और मैं भी ,इस कमरे में भावनाओ का तूफान सा आ गया था सभी के आंखों में आंसू थे लेकिन सबके अलग कारण थे ……

पिता जी की बात से मेरे होठो में एक अजीब सी मुस्कान खिल गई

“आप मेरे भविष्य की बात कर रहे है ,जब मैं गांव से यंहा आया तो क्या था,मैं आज जो भी हु वो इसी लड़की की वजह से हु,इसके प्यार ने मुझे हिम्मत दी वो करने की जो मैं सोच भी नही सकता था,मेरा भविष्य तो इसी के साथ है बापू,मुझे फर्क नही पड़ता की वो क्या थी मुझे बस इस चीज से फर्क पड़ता है की वो क्या है ,और वो मेरा प्यार है ,मेरी जान है ,मेरा सब कुछ वो ही है ,वो है वो मैं हु,उसके बिना मैं जिंदगी की कोई कल्पना भी नही कर सकता….

आप लोगो ने मुझे जन्म दिया मेरे लिए इतना कुछ किया आप मेरे भगवान है लेकिन उसने मुझे जीना सिखाया है मुझे जिंदगी का मतलब बताया है,आप का कहा मैं नही टाल सकता ,आप कहो तो मैं ये शादी नही करूंगा लेकिन …...आपका बेटा सिर्फ उसका है उसके सिवा किसी और का नही हो सकता ,और मेरी जिंदगी भी सिर्फ उसकी है उसके सिवा किसी और की नही हो सकती …….”

मेरी बात से वंहा बस शांति थी मेरे पिता ही नही कोई भी कुछ बोलने के हालत में नही था ………

तभी तरुणा का मोबाइल बज उठा ….

“क्या????????”

वो जोरो से चिल्लाई

“क्या हुआ “मैं और अविनाश एक साथ उसे देखने लगे

“काजल ……...काजल ने जहर खा लिया है “
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03-07-2020, 10:14 AM,
#56
RE: XXX Sex Kahani रंडी की मुहब्बत
अध्याय 40

वही हॉस्पिटल अब तो इस हॉस्पिटल का सारा स्टाफ भी मुझे और काजल को पहचानने लगा था ,आज काजल फिर से वहां थी,हमे बाहर तरुणा की सहेली मिल गयी जिसने काजल को यंहा लाया था,थोड़ी ही देर बाद डॉ ने हमे काजल से मिलने की इजाजत दे दी….

“ये क्या बचपना है काजल क्यो किया तुमने ऐसा “

मैं काजल के पास ही बैठा था ,वो आंखे खोले मुझे प्यार से देख जरूर रही थी लेकिन उसकी आंखों में अब भी दर्द साफ दिखाई दे रहा था …

“राहुल तुम्हे यंहा नही आना चाहिए था,तुम्हे मा-पिता जी के साथ ही रहना चाहिए था,तुम्हारे यंहा आने से उन्हें बुरा लगेगा..”

उसकी बात से मैं मुस्कुरा उठा ,

“तुम्हे क्या मेरे मा-पिता जल्लाद लगते है ,वो भी इंसान है और उनके सीने में भी दिल है ,वो भी मेरी खुशी चाहते है और वो भी मेरे साथ यंहा आये है बाहर ही बैठे है …”

मेरी बात से वो थोड़ी घबरा सी गई

“राहुल पिता जी सही कह रहे थे मैं तुम्हारे लायक नही हु “

“तूम पागल हो गई हो क्या,मैं आज जो भी हु वो तुम्ही ने तो बनाया है मुझे और अब तुम कह रही हो की तुम मेरे लायक नही हो ,अरे पागल हम तो बने ही एक दूसरे के लिए है “

“नही राहुल वो सही कह रहे थे,जीवन भर दुनिया तुम्हे ताने मारेगी ,हम जंहा भी रहे मेरी सच्चाई दुनिया से छिप नही सकती ,उन्होंने सही कहा राहुल की मैं एक रंडी हु..”

“मुझे दुनिया की कोई फिक्र नही है काजल ,मैं तो बस तुम्हारा साथ चाहता हु ,और तुम्हे किसने कहा की तुम रंडी हो तुम तो एक देवी हो जिसने मुझे इतना प्यार दिया इतना दुलार दिया,इस अदन से इंसान को तुमने क्या बना दिया ..”

“राहुल मैं तुम्हारे लिए कुछ भी हो सकती हु लेकिन ये दुनिया,ये तो मुझे उसी नजरो से देखेगी ,उसके लिए तो मैं वही रंडी हु जिसका वीडियो आज सभी लोग देख रहे है ,मैं दुनिया के सामने नंगी हो चुकी हु राहुल ,मैं अपने स्वार्थ के कारण तुम्हारा भविष्य खराब नही कर सकती ..”

“ओह तो तुम इसलिए अपनी जान देने निकल गई “

काजल सकपकाई और नीचे देखने लगी ,मैंने उसके चहरे को अपने हाथो से सहलाया ,उसकी इस हालत को देखकर मेरा दिल भर आया था.

‘तुम मेरी जान हो काजल ,और ये दुनिया मुझे तुमसे अलग नही कर सकती ,अगर मैं तुम्हारा नही हुआ तो और किसी का नही होऊंगा...और किस दुनिया के तानों से डर रही हो तुम ,उन लोगो से जो खुद ही इंटरनेट से ढूंढ ढूंढ कर तुम्हारे वीडियो निकाल कर देख रहे है,या उन नामर्दो से जो किसी लड़की की इज्जत लुटता देख कर भी मजे ले रहे है,या उन लोगो से जो खुद पैसे देकर अपनी हवस मिटाते है और फिर उन्ही को रंडी कहकर जलील करते है,नही काजल उन लोगो के ताने ना मेरे लिए कोई अहमियत रखते है ना ही तुम्हारे लिए रखने चाहिए ,इनका खुद का कोई जमीर नही है तो वो दूसरे को क्या जमीर की शिक्षा देंगे...मैं तुमसे प्यार करता हु और तुम मेरे लिए मेरी जान हो ,क्या तुम मेरी जान को मुझसे दूर कर दोगी …”

एक बार फिर से हमारी आंखे मिली लेकिन इस बार उसकी आंखों में दर्द नही था बल्कि अपार प्रेम था,वो मेरे गालों को सहलाते हुए उसे अपने पास लाई और हमारे होठ आपस में मिल गए ,ना जाने कितनी देर हम इस अहसास में ही डूबे हुए थे की दरवाजा खुला और किसी के खांसने की आवाज से हम दोनों अलग हुए ,वो मेरे मा-पिता जी थे …

“बेटी हमे माफ कर दो ,हम तुम दोनों के प्रेम को समझ नही पाए,मैं तो एक जाहिल मजदूर हु मुझे हीरे और कोयले में कोई फर्क समझ नही आया ,मुझे अपने बेटे की पसंद पर गर्व है बेटी ,एक वादा करो अब कभी मेरे बेटे को छोड़कर यू जाने की सोचोगी भी नही ..”

मेरे पिता जी भावुक हो गये थे वही मा ने अपने आंखों से कजाल निकाल कर मेरी काजल के माथे में लगा दिया …..

****************

ल गयेला जब लिपिस्टिक हिलेला आधा डिस्टिक …

डीजे के शोर में गाना अपने जोर पर था ,तभी मेरे पास खड़े संजय सर कह उठे …

“ये तेरे शादी की पार्टी कम और डांस बार ज्यादा लग रहा है,कौन है ये सब लडकिया जो इतने घण्टो से पागलों जैसे नाचे जा रही है,और इस साले प्यारे को तो देखो ऐसे लग रहा है जैसे बार में कोई शराबी आ गया है “

उनकी बात सुनकर मैं हँस पड़ा,मैं और काजल अभी अपने शादी के रिसेप्शन में स्टेज पर थे ,

“अरे सर ये सभी काजल की पुरानी दोस्त है आज कल सभी मॉडल बन गई है ,और प्यारे इनका डारेक्टर “

“ओह तो इस काम में बिजी है ये जनाब आजकल “

“कभी तू भी पुस्तक से बाहर निकल जाया कर “

इस बार अविनाश था जो संजय सर के पास आ खड़ा हुआ था वो पसीने से पूरी तरह भीगा हुआ था ..

“अरे सर आप तो जानते हो ..”

“बेटा मैं कुछ नही जानता आज तो तू पियेगा भी और नाचेगा भी “

संजय सर मानो वंहा से भागने को हुए लेकिन अविनाश और उसके दोस्तो ने उन्हें उठा ही लिया और शराब की एक बोतल उनके मुह में डाल दी अब वो मेरी तरफ बड़े मैं समझ गया था की क्या होने वाला था उन्होंने हमे भी उठाकर डांस फ्लोर में ला दिया …

मैं नाच रहा था काजल नाच रही थी ,मेरे माता पिता,शबनम ,प्यारे,अविनाश,चंपा मौसी,तरुणा, संजय सर,और हमारे कई दोस्त सभी नाच रहे थे…

सभी ने मिलकर मुझे और काजल को एक दूसरे की तरफ धकेल दिया ,काजल मेरे बांहों में थी उसके आंखों में पानी था …

हम उस शोर से थोड़ी दूर खड़े हो गए वंहा शांति थी क्योकि पार्टी तो खत्म हो चुकी थी बस डीजे चल रहा था और कुछ खास दोस्त बस रुके हुए थे...काजल को मैंने फिर से अपनी बांहों में भर लिया था ...

“यकीन नही होता की ये सच है “

उसने मेरे कानो में कहा ,

“अच्छा एक किस लेके देखो तो की पता तो चले की सच है या सपना “

उसने मेरे छाती पर एक जोर का मुक्का मारा ,तभी हमारे कानो में कुछ आवाज पड़ी ..

“अबे जानता है ये वो ही लड़की है जिसका वीडियो बना था ,सुना है पहले रंडी थी शकील भाई के चाल वाली “

कोई आदमी घिनोनी सी हंसी लिए बोल रहा था,

“हा सही है बड़ा अच्छा मुर्गा फसाया है साली ने ,और वो भी कैसा चूतिया है जो एक रंडी से प्यार कर बैठा “

दोनों ही जोरो से हँसने लगे

“ना जाने साली रांड कितनो से चुदी होगी, साला दूल्हा तो कड़ाई में चम्मच चलाएगा “दोनों फिर जोरो से हंसे

उनकी बात सुनकर मेरा खून ही ख़ौल गया ,वो दोनों वंहा के वेटर थे ,मैं गुस्से में आग बबूला होकर उधर जा ही रहा था की काजल ने मुझे और भी जोरो से जकड़ लिया …

“इन मादरचोदों को तो मैं ..”

काजल ने मेरे होठो में उंगली रख दी

“अब एक रंडी से प्यार किया है तो ये सब बाते तो होती ही रहेगी,”

इतना सुनने के बाद भी उसके होठो में मुस्कान ही थी ..

“तुम फिर से शुरू हो गई “

“आपका अतीत आपका पीछा कभी नही छोड़ता राहुल ये सच्चाई है,लेकिन मैंने तुमसे ही सीखा है की अतीत को पीछे छोड़कर आगे बढ़ जाना चाहिए चाहे वो हमारा पीछा क्यो ना छोड़े “

“लेकिन ..”

उसने फिर से मेरे होठो में उंगली टिका दी

“अगर दुनिया की बातों से तुम्हे कोई फर्क पड़ता है तो हमे अगल हो जाना चाहिए “

“ये क्या बोल रही हो ..”

“सच बोल रही हु,अगर तुम ऐसे लोगो की बातों में आकर गुस्सा करोगे तो मुझे प्यार कब करोगे ,दुनिया में ऐसी सोच के लोग मिलेंगे ही राहुल,दुनिया इनसे भरी हुई है ,हमे इनसे फर्क नही पड़ना चाहिए हमे तो बस इस बात से फर्क पड़ना चाहिए की हम एक दूसरे से प्यार करते है या नही और मैं तुमसे बहुत प्यार करती हु “

काजल की आंखों में आंसू थे मैंने अपने होठो से उसके आंसू को पी लिया …

“पगली कही की बात बात पर रो देती है “

“पगली हु या जैसी भी हु अब तुम्हारी हु,बस तुम्हारी हु “

हम दोनों एक दूजे के आंखों में गहराई से देख रहे थे ,जैसे हमारे रूह भी एक हो गए हो हमारे होठ अपने ही आप मिल गए ,जब हम अलग हुए तो दिल में कोई दुख नही था बस पाने की खुसी थी अपना प्यार पाने की ...दोनों के ही होठो में मुस्कान थी …

“अब चले सब ढूंढ कर रहे होंगे “काजल ने धीरे से कहा

“ह्म्म्म ,यार उस वेटर ने जो कहा ,कढ़ाई में चम्मच चलाना इसका मतलब क्या होता है “

मुझे सच में ये बात समझ नही आयी थी ,लेकिन काजल जोरो से हँस पड़ी …

“तुम सच में चूतिया ही हो ,अब चलो जल्दी “

अब उसका मतलब जो भी हो लेकिन मेरी काजल की हंसी सुनकर और उसके मुह से ये शब्द सुनकर ऐसा लगा जैसे मुझे जन्नत ही मिल गई ,मैं चाहता था की वो ऐसे ही हंसते रहे और मुझे कहती रहे ..

‘तुम सच में चूतिया हो ….’


**************** समाप्त ***************
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