hotaks's latest activity

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    मेरे कुछ दोस्त है रबीन्द्र सिंह, durjoy Dutta, meenakshi Vo hamesha kahte the mujhe meri story likhni chaiye duniya ke saamne lana...
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    #53 मैं करू तो क्या करू, जाऊ तो कहाँ जाऊ, कुछ न सूझे मुझे, मेरी दुनिया मेरे सामने मेघा के रूप में बिखरी पड़ी थी , उसकी आँखे बंद थी , खून...
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    #52 हवाए थम गयी थी पर जंगल में जानवरों, पक्षियों ने ऐसा शोर मचाया हुआ था की दूर दूर तक उस कोलाहल को सुना जा सकता था , पर मेघा उसके...
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    जस्सी जैसी कोई नहीं ना तब उसकी जगह कोई ले पाया था ना आज मजबूरियाँ तब भी थी मजबूरियां आज भी है प्रेम कहानिया बस कहानिया ही होती है...
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    #51 न जाने आज ये कैसी सुबह हुई थी, हलकी सी ठंडी शुरू हो गयी थी पर आज सब गर्माने वाला था, मेघा का माथा घुमा हुआ था , बड़े चाव से लायी...
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    #50 माँ- कुछ कहने की जरुरत नहीं सब मालूम है मुझे, तुम दोनों एक दुसरे को पसंद हो तो मुझे और क्या चाहिए, कम से कम तुम्हारे बहाने ही सही...
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    #49 बाक्स में कुछ कपडे थे, जो जार जार थे, पर हमारी हैरानी थी उस लाल जोड़े की वजह से, जैसे अभी अभी ख़रीदा हो दुकान से, लाल रंग का दुल्हन...
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    #48 न वो कुछ बोल रही थी न मैं बस एक दुसरे के आगोश में इस वाकये को भूलने की कोशिश कर रहे थे , कोई छोटी मोटी बात हो तो भूल भी जाये, पर...
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    #47 मेघा- मेरा नसीब मैं खुद लिखूंगी, मेरे नसीब की इबारत तो उसी दिन से लिखनी शुरू हो गयी थी जब से मैंने उस डोर को पूरा करने की ठानी थी...
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    #46 कभी सोचा नहीं था की जिंदगी ऐसी परीक्षा लेगी, जब सारी दुनिया अपने आप में मग्न थी मैं इस अजीब से चुतियापे में उलझा था जिसके बारे...
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    #45 कोई और होता तो पागल हो जाता, मर जाता पर ये मैं था अपने आप से जूझते हुए कहे तो किस से कहे, ले देकर बस एक प्रज्ञा थी और एक मेघा थी...
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    मालूम हुआ की कुछ रोज पहले ही उसकी मौत हो गयी है , मैंने अपना माथा पीट लिया. जिस भी रस्ते पर चलने की कोशिश करता था तक़दीर उसे झट से बंद कर...
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    #43 प्रज्ञा को उसके यहाँ होने की बिलकुल उम्मीद नहीं थी , उसे देखते ही उसका गुस्सा जैसे छूमंतर हो गया . “छोड़ो मुझे, मैं नाराज हु...
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    #42 कुछ तो बात थी उस जगह में, कोई तो राज़ छुपा था वहां पर , मैं बहुत परेशान था इस चुतियापे से और मैंने अब निर्णय कर लिया था जल्दी ही...
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    #41 बिस्तर पर करवटे बदलते हुए प्रज्ञा गहरी सोच में डूबी थी उसके दिमाग में बस एक लाइन गूँज रही थी . “राणाजी और मुझ में से किसको...
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