hotaks's latest activity

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    #9 आँख खुली तो पाया की सूरज सर पर चढ़ आया है , पंखा बंद था यानि की बिजली नहीं थी , उबासी लेते हुए मैंने बिस्तर छोड़ा और छज्जे पर आया ...
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    #8 “जेठ जी के लाकर में चोरी हुई है ” चाची ने मुझे बताया मैं- किसकी इतनी मजाल होगी जो ततैये के छत्ते में हाथ डालेगा, और पिताजी ने भला...
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    #7 “पिताजी बुला रहे है तुम्हे निचे ”भाभी ने मुझे उठाते हुए कहा . “इतनी सुबह भला मुझसे क्या काम उनको, आप जाओ मुझे सोने दो ” मैंने...
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    #6 और इसी उत्तेजना में साइकिल का संतुलन बिगड़ गया और मैं चाची को लिए लिए ही कच्चे रस्ते पर गिर गया . बेशक रास्ता कच्चा था पर कंकड़ की...
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    #5 पर गाडी के पास कोई नहीं था , थोड़ी दूर झाड़ियो में कुछ हलचल हो रही थी मैं दबे पाँव उस तरफ बढ़ा तो मैंने देखा की चाचा किसी आदमी से बात...
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    #4 मैं नहीं जानता था की मेरी तक़दीर मेरे लिए कुछ ऐसा लिख रही है जो नहीं होना था , बल्ब की पीली रौशनी में मैंने देखा चाची बिस्तर पर...
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    #3 इस से बेहतरीन सुबह और भला क्या होती , अचानक ही मेरी नजर उस पर पड़ी. और लगा की दिल साला कहीं ठहर से गया . लहराते आँचल से बेखबर वो...
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    #2 मैंने देखा भाई घर लौट आया था और अब मेरा यहाँ रहना मुश्किल था . मैं निचे आया और घर से निकल गया . “देवर जी चाय ” भाभी आवाज देते रह...
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    दिल अपना प्रीत पराई 2 “”मैंने जानती थी तुम यही मिलोंगे “ चाची की आवाज ने मेरा ध्यान तोडा . “इसके सिवा जाना ही कहा ” मैंने कहा “अब...
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    Adultery - गुजारिश @Musafir yaha par update aayega ? :confuse: xforum.live Will meet here soon
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    #85 अंतिम अध्याय जिन्दगी अपनी होकर भी अपनी नहीं थी, कहने को सब था मेरे पास मेरी जान आयत थी , मेरा गाँव देवगढ़ था पर फिर भी ये बर्बाद...
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    “तुम दूर हो जाओ कुंदन, अगर ये यही चाहती है तो ठीक है अब बात मेरी और इसकी है बेशक तब मैं छल से हारी थी पर आज नहीं ” आयत ने उठते हुए कहा ...
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    # तमाम बातो को भूल कर हम एक नयी दुनिया बसाने जा रहे थे पर क्या ये इतना आसान था, और फिर वो मोहब्बत ही क्या जो बार बार किसी कसौटी पर...
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    # देवगढ़, मेघा भरी दोपहर में आँगन में खड़ी थी,खुले बाल नीला लहंगा और सफ़ेद ब्लाउज , कमर तक आये गीले बाल , जैसे कोई प्यासा पानी के मटके...
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    # हजारो अफ़साने थे हजारो बहाने थे , आँखों से बहती गंगा थी तो दिल में उमड़ता सागर भी था, जिन्दगी ने जिन्दगी को ऐसे मोड़ पर ला पटका था की...
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