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अपडेट-150
इधर रामलाल अपनी बेटी को लेकर घर की और निकल पड़ा था
रामलाल के घर से निकलने से पहले hi रवि गुस्से में खेतो की और निकल गया था...
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अपडेट-149
मल्टी और रामलाल बस स्टैंड तक्क पहुंच चुके थे यह से उन्हें सेहर के लिए बस पकड़नी थी
करीब 2-3 घंटे का सफरर था
थोड़ा इन्तजार...
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मल्टी अपने बापू के साथ घर की और जाती हुई
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अपडेट-148
मल्टी अब तक मेघा दीदी को मना चुकी थी
मेघा ने भी ज्यादा न नुकुर नहीं की क्योंकि अभी घर के कामो के लिए कम्मो और रेखा तो थी...
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अपडेट-147
मल्टी संडास करके घर के अंदर आ चुकी थी
अबतक रामलाल भी उठ चूका था पर उसके अंदर इतनी हिम्मत नहीं थी की अपनी hi बेटी से नजरे...
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अपडेट- 146
रात भर रामलाल अपनी बेटी की hi बेटी की गद्देदार गांड को अपने लुंड का तकिया बनाये उसमे सोया रहा
मल्टी अब भी गहरी नींद में...
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अपडेट-145
मल्टी की सांसे अब कुछ हद्द तक्क उसके काबू में आ चुकी थी
वो बेचारी चुप चाप उठ कर बहार जाती है और अपने मुँह पर लगा वीर्य साफ़...
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भाई गजब के विचार है आपके
आपका कमेंट पढ़ते पढ़ते मुझे सच में हसी आ गयी
आपतो भविस्यवादी कर रहे है वो भी कहानी की
गजब के आदमी हो यार...
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अपडेट-144
रामलाल की सांसे थमने का नाम नहीं ले रही थी
जो कुछ उसने थोड़ी देर पहले देखा था
रह रह कर वही सीन उसके दिमाग में घूम रहा था...
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अपडेट-143
कुछ देर तक्क मल्टी मेघा दीदी के पैरो की मालिश करती रही और जब उसे लगा की मेघा दीदी सो चुकी है तो वो एक नजर रवि की और डालती है...
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अपडेट-142
जब मेघा दीदी बहार आयी तो सब उसका hi इन्तजार कर रहे थे
बहार रामलाल भी था जो उठ कर मेघा को नमस्कार करता है
मेघा भी हस्ते...
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अपडेट-141
मेघा अपने भाई के hi बारे में सोच रही थी की कैसे कल रात उसने उसके hi सामने अपनी दूसरी दीदी को छोड़ा
और न जाने ये सब कब चल रहा...
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अपडेट-140
मेघा दीदी पूरी तरह गरमा चुकी थी पर उसके अंदर अब भी एक लिहाज था
क्योंकि वो जानती थी की जो गधे जैसा लुंड उसकी छूट में फसा हुआ...
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अपडेट-139
मेघा दीदी की आँख अचानक से खुल जाती है
अभी वो कुछ समझ पति उससे पहले hi रवि एक जबरदस्त झटका मरता हुआ अपना आधे से ज्यादा लुंड...