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कहेते पुनमने फोनको स्वीच ओफ करदीया.. ओर वो भी लाइट बंध करके सोनेका नाटक करने लगी.. पुनमकी दिलकी धडकन तेज चलने लगी थी.. आज वो लखनको...
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फीर सबलोग अपने अपने रुममे चले गये.. तो मंजुभी देवायतको लेकर अपने रुममे चली गइ.. तो चंदा अैसे ही ब्लाउस उचा करके बैठी थी.. विजय तो कबका...
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तो इधर हवेलीपे भी जब देवायत घरपे आया तब अेक बार फीर थोडा हंगामा हुआ.. चंदा देवायतसे लीपटकर जोरोसे रोने लगी.. ओर उनकी बार बार माफी...
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फीर सबलोग अपने अपने घरकी ओर नीकल गये.. देवायत भी लखनको जल्दी घर आनेको कहेकर घरपे चला गया.. तो लखनके सभी दोस्त काम नीपटाकर श्रीधर...
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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २३५
बहार सब बाते कर रही थी.. तब धीरे धीरे भावना लता भी पुनमके रुममे चली गइ.. ओर भावना अपनी बच्चीको...
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my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
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मंजुला : (सामने देखते) अच्छा..? सजा चाहीये आपको..? तो फीर ठीक हे.. सुनीये.. आजसे आपकी सजा ये हेकी अब आप विजयको अपने बेटेकी तराह पालेगी...
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ये सब बाते सुनकर चंदाका गुस्सा सातवे आसमानमे पहोंच गया.. ओर वो अपने दोनो हाथोसे अपना सर पीटने लगी.. चंदा पागलोकी तराह बरताव करने लगी...
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जब लखन इस गांवको छोडकर सहेर चला गया था.. इसी बीच जवेरीलालने भी सहेरमे अेक दो बेड वाला मकान अच्छी सोसायटीमे लेलीया था.. जो लखनकी...
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बसंती : (सरमाकर मुस्कुराते) छोडीये मुजे.. क्या अभी भी आपका जी नही भरा..? आज तो आपने अेक ही बारमे मेरी हालत बीगाडदी.. आज क्या हो गया था...
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ब्रीन्दा : (मुस्कुराते) कमीनी.. जा मीलले उसे सब यहा हे तो आज अच्छा मौका हे मीलनेका.. पता नही मे कब इनसे मील पाउगी.. ओर सुन.. काम होते ही...
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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २३४
फीर रमेश वापस सादीमे आजाता हे.. कीसीको पता भी नही चला की रमेश जयाकी चुदाइ करके कल भागनेकी...
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my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
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लखन : (चेट मेसेज) दीदी.. क्या ये सादी देखकर आपको कुछ नही होता..? मुजेतो बहुत कुछ होता हे.. क्या खयाल हे आपका..?
पुनम : (बहुत ही सर्मसार...
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तभी श्रीधरने लखनको मंडपमे अपने साथ रहेनेको बोला.. तो वहा ब्रीन्दा भी खडी थी.. जो सुबहसे श्रीधरके आस पास ही घुम रही थी.. तो लखनको...