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रश्मी : (मुस्कुराते) बस.. आज सन्डेकी छुटी थी.. तो सोचा सब साथमे बैठकर खाना खायेगे.. हमारी तो अैसी ही पार्टी होती हे..
वंदना ...
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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २८६
सृती अपने हादसेके बाद ढाइ तीन महीना लखनसे दुर रही थी.. फीर लखनको भी भावीकासे परमीशन मील चुकी...
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इधर लखन जब देरसे हवेलीपे पहोचा तो ज्यादातर लोग सो चुके थे.. होलमे सीर्फ मंजु ओर पुनम ही बैठे बाते कर रहे थे.. पुनम मंजुको लखनके बारेमे...
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जीरना : (मुस्कराते धीरेसे सरमाते) साहील.. देखो.. मेने अपना वादा पुरा कीया.. आजसे ये चाची आपकी हे.. लेलो सलमा दीदीका बदला.. मे अुंह तक...
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जरीना : (गुस्सेसे देखते) दुर रहो मुजसे.. जाओ.. अपनी नइ बीजीके पास.. अब वोही आपको प्यार देगी.. आजके बाद मुजे हाथ भी मत लगाना..
फीरोज ...
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सलमा : (आंसु बहाते) जरीना.. लगता हे हमारा साहील मुजसे नाराज हो गया हे..
जरीना : (उनको सम्हालते) नही दीदी.. सांत होजाइअे.. वो कोइ नाराज...
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श्रीधर : (मुस्कुराते) डार्लींग मोम.. अभी तक ठीक नही हुइ क्या..?
ब्रीन्दा : (मनमे) कैसे ठीक हुगी..? अेक तो पुरी रात तुमने मुजे सोने नही...
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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २८५
गीताने अपनी चुतकी सफाइ भी करली.. जैसे सचमे मुनाके साथ अपना हनीमुन मनाने जा रही हो.. सुबह मुना...
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वीनोद : (परेसान होते) आइ नो.. मुनाभाइ मुजे पता हे सब.. की सरकारी कामकाज कैसा होता हे.. लेकीन मे कल जमीनके अेक बडे सोदेके लीये तीन दीनके...
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गीता मुनाके कहेने पे बीना जीजक नंगी हो जाती.. फीर जैसे मुना नीर्देश देता अैसा करती.. वो अपनी चुचीओको अपने हाथोसे मसलती.. अपनी चुत...
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भानु : (पुलीस वेन जाते ही) भाइ.. अच्छा हुआ लखन भैया आगये ओर हम खेत देखने चले गये.. वरना इतनी दुर तो हम जाते ही नही.. हम सीर्फ अपने...
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भानु : (सरमाकर मुस्कुराते) हां यार.. आपकी भाभीतो अब प्रेगनेन्ट हे.. तो मुजे हाथ भी लगाने नही देती.. ओर रीटा मेरा अेक बीवीकी तराह खयाल...
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ब्रीन्दा : (मुस्कुराते पास सटकर खीसकते) लेकीन वेकीन कुछ नही.. तो फीर अपनी मंजुमोमके आदेशका पालन करो.. समजलो ये मेरी भावना हे.. तो क्या...
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लखन : (मुस्कुराते) मोम.. आप बहुत कमजोर हो गइ हे.. कुछ दीन हमारे साथ रहेने चलो..
चंदा : (हसते) हां मंजुदी.. आप हमारे साथ रहेने चलो.. आप...
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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २८४
लखन मुस्कुराते उपर रुममे चला गया.. ओर चेन्ज करके पुनमके पास जाकर लेट गया तो पुनम करवट लते लखनकी...