- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 139,122
सभी खाना खाने लगते है...
मिल गए है... अब मेरे ख्याल से संजू तुम्हे
मल्टी - है... दीदी आपने सही कहा...
ये ठीक हे रहेगा... की संजू हवेली में जेक रहे और हवेली को जिस तरह से होटल
चंदा - क्या... ?? हवेली को बेचने का...
मल्टी - हां संजू ने मुझे कहा था की इस हवेली से भूत निकालने के बाद वोह हवेली बेच देगा और उसके बाद यहाँ से चला जायेगा...
मेनका - क्या..??
.( मैं में)
फिर मेरी जॉब का क्या होगा...
संजू - हआ... मैंने सोचा तोह कुछ ऐसा हे था... लेकिन...
सभी - लेकिन??... लेकिन क्या संजू...
संजू - लेकिन ये की... हवेली तभी अच्छे दामों में बिकेगी जब वोह एक होटल के रूप में तब्दील जो जाए... और इसके लिए अभी मुझे यही रुक के उस हवेली को एक अच्छे से होटल में बदलना होगा उसके बाद हे बेचने का सोचूंगा....
बिमला ( मैं में..) - हट... बहनचो... साला... कहा मई ये सोच के खुस हो रही थी की ये संजू नाम का काँटा यहाँ से निकलेगा लेकिन ये बकलोल तोह अभी और कुछ दिन यही अपना झंडा गाड़े रहना चाहता है....
क्या मस्त मई सोच रही थी की इसके जाने के बाद इस मल्टी को अपने जाल में फसा के साड़ी प्रॉपर्टी अपने नाम कर लुंगी लेकिन इस संजू ने मेरे सारे मंसूबों पे पानी फेर दिया...
संजू - वैसे... भी मई जब जाऊंगा तोह अपनी मल्लू माँ को यहाँ छोड़ के थोड़ी न जाऊंगा... उनको तोह अपने साथ लेके जाऊंगा...
मल्टी खुस हो जाती है...
तभी उसके पेअर पे बिमला का पेअर पड़ता है...
और उसके बाद....
मल्टी - नहीं.. नहीं... बीटा... मई इस घर को छोड़ के कही नहीं जाउंगी...
संजू
मई इस घर को छोड़ के तेरे साथ कही नहीं जाउंगी...
संजू - पर क्यों...
मल्टी - क्यों की इस घर से तेरे काका की यादें जुडी हुई है मई भला इस घर को छोड़ के कैसे जा सकती हु..
संजू - कुछ बोल हे रहा था की..
मल्टी - बस संजू... मई जानती हु की तू मुझे अपने साथ ले जाना चाहता है लेकिन मैंने जो बोल दिया वोह बोल दिया अब आगे मई कुछ भी नहीं सुन्ना चाहती...
इधर.... चमेली ममी का फ़ोन भी बज उठा...
मेनका संजू को थोड़ा परेशान देखकर..
मेनका - क्या हुआ बाबू...
संजू - कुछ नहीं... तुम टेंशन मत लो...
मुझे पता है तुम भी टेंशन में आ गयी हो जब तुमने सुना की मई हवेली बेच दूंगा तोह..
संजू - ोक्य... जल्दी से खाना ख़त्म करो हवेली चलते है फिर वह पे भी काम की शुरुआत करते है...
संजू फ़ोन में रील देखने लगा अपना मूड फ्रेश करने के लिए...
इधर कमरे में मल्टी और बिमला...
बिमला - वह.. मेरी मल्टी डार्लिंग तू तोह बड़ी सायानी हो गयी है मेरे इशारे का मतलब झट्ट से
समझ लिया तूने...
मल्टी - और नहीं तोह क्या... मई कोई अपने पति वती के घर के कारन थोड़ी न रुक रही हु मई तोह यहाँ बस तुम्हारे प्यार के कारन रुक रही हु... तुमने जो मुझे सुख की सैर कराई है मुझसे जो प्यार निभाया है न उसके लिए मई ऐसे 50 कुर्बानिया देने को तैयार हु मेरी बिमला रानी...
दोनों एक दूसरे से लिपट जाती है और एक दूसरे के गांड को दबाने लगती है...
इधर...
चिमकंदी चुड़ैल की हालत अब ठीक हो चुकी थी लेकिन उसके मैं में संजू से अपनी गांड
चिमकंदी - छोकरे तूने मेरी अर्थात चिमकंदी चुड़ैल की बुर और गांड मारने की गुस्ताखी की है
ये इस चिमकंदी चुड़ैल की प्रतिज्ञा है...