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- Dec 5, 2013
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संजू ने मल्टी और बिमला को लेस्बियन सेक्स करते देख लिया था अब
संजू अब सोचने लगा इन दोनों को फस्या कैसे जाए... क्या दोनों को अलग कर दू या फिर कुछ और सोचा जाए...
संजू - सोच संजू सोच..
संजू सोचते सोचते सो गया....
नेक्स्ट डे संजू सुबह उठ के नदी नहाने के लिए चला जाता है...
संजू अभी भी सोच रहा था की कैसे वोह बिमला और मल्टी को अपने जाल में फसा सके....
तभी संजू को एक साधू बाबा नदी के रास्ते से जाते हुए दिखे..
संजू - परनाम साधु बाबा...
साधु - खुस रहो बच्चा...
संजू - बाबा आपको यहाँ पहले कभी इस गांव में नहीं देखा...
साधु - हां.. बीटा.. वोह क्या है न की मई एक सन्यासी हु मेरा कोई पता ठिकाना नहीं है आज यहाँ तोह कल वह ...
संजू - जी. जी..
वैसे बाबा आपका नाम क्या है..
साधु - बीटा मेरा नाम है झोलवले बाबा...
संजू - अच्छा.. झोल है..
साधु - तुमने कुछ कहा बीटा...
संजू - जी नहीं.. नहीं..
आपके कान बजे होंगे...
साधु वह से चला गया...
संजू झोलवले बाबा व्हाट ा इंटरेस्टिंग नाम...
संजू अब नहाने के बाद घर के लिए निकल पड़ा...
संजू घर पे पहुंचते हे मल्टी को ढूढ़ने लगा...
मल्लू माँ... मल्लू माँ... वेयर अरे यू.. ( कहा हो आप)
चंदा - ारी.. तुम मल्टी काकी को क्यों ढूंढ रहे हो...
संजू - मेरा.. मैं...
चंदा - ये क्या मेरा मैं कर रहे हो.. कोई काम है तोह बताओ..
संजू - मई तुम्हे क्यों बताऊ... मई तोह अपनी मल्लू माँ को हे बताऊंगा...
चंदा - ठीक है फिर ढूंढो खुद हे...
चंदा वह से पेअर पटक के चली गयी अपने कमरे में...
मेनका - क्या हुआ बाबू.. किसे ढूंढ रहे हो..
संजू - मल्लू माँ को तुमने देखा है क्या उनको..
मेनका - हां.. वोह छत्त पे है .
संजू - अच्छा.. थैंक्स..
संजू छत्त की ऑर्डर चल पड़ा...
संजू ने देखा छत्त पे मल्टी अपने बाल सूखा रही थी...
संजू - मल्लू माँ... सुनिए तोह आज मेरे साथ कुछ ऐसा हुआ जैसा मैंने आज तक नहीं देखा था..
मल्टी - क्या हुआ बीटा..
संजू - आज जब मई नदी पे नहाने गया हुआ था तोह मुझे एक साधु बाबा दिखे मैंने उनको परनाम किया
मल्टी - ये तोह अच्छा किया बीटा..
संजू - आगे तोह सुनिए.
मल्टी - हां बोल बोल..
संजू - फिर उन्होंने मेरे बारे में सब बात एक एक करके बतानी शुरू कर दी... मल्लू माँ.. वोह कोई दिव्या पुरुष थी.. उन्होंने मेरा पास्ट प्रेजेंट फ्यूचर सब बता दिया...
मल्टी - क्या... सच में.??
संजू - और नहीं तोह क्या मल्लू माँ...
मल्टी - उन बाबा का नाम क्या था बीटा...
संजू - झोलवले बाबा..
मल्टी - क्या.. ये कैसा नाम है झोलवले बाबा..
संजू - अब नाम में क्या रखा है मल्लू माँ आप उनके काम को तोह देखिये..
मल्टी - लेकिन मुझे तोह अभी भी यकीन नहीं हो रहा है.. लेकिन तू कह रहा है इसलिए मान लेती हु...
संजू - ठीक है अब मई नीचे जा रहा खाना खा के हवेली के लिए निकलूंगा...
मल्टी - हां.. जा..
संजू नीचे आ जाता है...
संजू - मेनका... जल्दी खाना लगाओ.. तुम्हारे और मेरे लिए फिर दोनों हवेली के लिए निकलेंगे...
मेनका - जी बाबू..
ये सुनते हे की दोनों हवेली को निकलेंगे अपने कमरे में बैठी चंदा जल भून जाती है और खुद भी आके खाना खाने बैठ जाती है...
चंदा - मेनका मेरा भी खाना लगाओ... मई भी जाउंगी हवेली...
संजू - ok... चल लो...
संजू - ( मैं में) बढ़िया हे है ये भी चल ले ... मेरा हे फायदा है... हहै
तीनो कहना कहने के बाद हवेली के लिए निकल गए....
रस्ते में संजू...
संजू - ओह... शीट मेरा फ़ोन तोह घर पे हे रह गया...
चंदा - भुलक्कड़ हो एक नंबर के
संजू - हां toh..kya करू...
चंदा - जाओ और जल्दी लेके वापस आओ...
संजू - हां ये बढ़िया रहेगा..
तुम दोनों हवेली पहुँचो मई आता हु...
चंदा - ठीक है , चल मेनका..
संजू अब घर के लिए निकल पढता है...
इधर घर पे मल्टी जी की अभी अभी अपने बाल सूखा के नीचे उत्तरी थी..
दरवाज़े पे किसी बूढ़े साधू को देखती है...
मल्टी - कौन है बाबा आप...
साधु - देवी... मेरा नाम है झोलवले बाबा...
मल्टी - झोलवले बाबा ये नाम तोह कुछ सुना सुना सा लग रहा है...
साधु - हां.. सुना है तुमने ये नाम अभी कुछ देर पहले तुम्हारे लड़के संजू ने बताया होगा....
मल्टी - आश्चर्य से.. - आपको कैसे पता...
साधु - हमको सब पता है...
मल्टी - अच्छा..
साधु - हां.. हमको सब पता है की कैसे तुम अपनी सौतन बिमला के साथ रात भर बिना कपड़ो के बिस्तर पे क्या करती हो ये भी...
इतना सुनते हे मल्टी का दिमाग चक्र गया...
मल्टी साधु के पैरो में गिर पड़ी...
मल्टी - बाबा... बाबा.. चमा बाबा... ये बात किसी को मत बताइयेगा...
साधु - घबराओ नहीं मई किसी को कुछ नहीं बताऊंगा... मई तोह यहाँ सिर्फ तुम्हारी समस्या दूर करने आया हु....
मल्टी - मेरी समस्या..
साधु - हां...
देखो देवी तुम्ह्पे आने वाले कुछ दिनों में बहुत बड़ा संकट आने वाला है...
मल्टी - क्या... वोह कैसे..
साधु - वोह तुम्हे समय आने पे पता चल जायेगा...
बस... मई तुम्हे उस खतरे से सावधान कर रहा हु...
मल्टी - बाबा... कोई तोह उपाय बताइये...
साधु - उपाय तोह है लेकिन तुम कर पाओगी या नहीं ... ये सोच के नहीं बता रहा...
मल्टी - मई करुँगी बाबा...
साधु - फिर ठीक है... सुनो उपाय...
तोह उपाय ये है की तुम्हे अगले 3 महीने तक उस स्त्री से सम्भन्ध बनाने से बचना होगा...
मल्टी - जी... बाबा... मई करुँगी...
साधु - और तुम्हे उस स्त्री को 3 महीने के लिए इस घर से दूर भेजना होगा... क्युकी मेरा अनुमान है की वोह स्त्री हे इन सब का कारन है...
मल्टी - पर वोह कैसे इन सब का कारन है बाबा जी..
साधु - वोह तुझे समय आने पे पता चल जायेगा लेकिन मैंने जो जो कहा है अगर वैसा कर लेती हो तोह जो विप्पति आने वाली है वोह तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ पायेगी .
मल्टी - आपका बहुत बहुत शुक्रिया बाबा.....
साधु - अब मई चलता हु बेटी....
मल्टी - जी... बाबा जी...
साधु वह से चला गया....
मल्टी - मैं हे मैं ये सब सोच रही थी की वोह बिमला को कैसे बताएगी और उसको 3 महीने के लिए आखिर अपने से दूर कैसे रखेगी...
मल्टी अभी विचार कर हे रही थी की तभी संजू घर में एंटर हुआ...
संजू - ारी.. मल्लू माँ क्या हुआ आप इतनी टेंशन में कैसे लग रही...
मल्टी - वोह वोह कुछ नहीं बीटा... तू बता तू यहाँ कैसे तू तोह हवेली गया था न...
संजू - हां.. वोह मई हवेली गया तोह था... लेकिन मेरा फ़ोन यही टेबल पे छूट गया था इसलिए फ़ोन लेने आया था अब वापस से हवेली जाऊंगा...
संजू की बात सुनकर मल्टी का मुर्झाहया चेहरा खिल गया...
मल्टी - मई तोह भूल हे गयी थी... हां.. ये ठीक रहेगा... अब न बिमला से कुछ बात करने की टेंशन और न किसी भी चीज़ की टेंशन...
संजू - क्या हुआ मल्लू माँ...
मल्टी - बीटा... वोह तूने एक बार कहा था न की हम अब हवेली में शिफ्ट होंगे...
संजू - हआ कहा था लेकिन आपने मन कर दिया..
मल्टी - सॉरी मुझसे भूल हो गयी बीटा... कब शिफ्ट करना है बता देना... लेकिन हवेली में बिमला दीदी नहीं जाएगी ये एक मेरी शर्त है..
संजू - जी... मुझे आपकी साड़ी शर्त मंजूर है...
हम आज हे शिफ्ट कर लेंगे...
मल्टी - ठीक है फिर मई पैकिंग करती हु...
संजू - हां...
संजू अब हवेली के लिए निकल गया..
हवेली पे आज 2 - 3 कस्टमर्स अड़ देख के आये थी.. जो की सोंटी से संजू ने साइट पे अपलोड करवा दी थी...
संजू - जी... बोलिये... कैसा कमरा चाहिए आपको...
1सत कौस्ट्मर एक 50 यो अंकल थी जिनका नाम रतन सिंह था.... और उनके साथ थी उनकी बीवी जिसकी उम्र 45 साल थी नाम था रोजी...
रतन सिंह - हमें एक डीलक्स रूम चाहिए...
संजू --
जी... हो जायेगा...
संजू -: वैसे डीलक्स रूम किस डेट के लिए चाहिए...
रतन सिंह - आज की डेट पे...
संजू - सूरे सर... अभी आप कैसे रूम में स्टे करना चाहेंगे...
रतन सिंह - अभी स्टे नहीं करना है हमको हम अभी यहाँ के जंगल में घूमने जाएंगे...
संजू - ोक्य... ठीक है सर आपका रूम बुक कर लिया गया है आप जब चाहे अपने डीलक्स रूम की चाबी यहाँ रिसेप्शन से ले सकते है..
रतन सिंह - .. ठीक है...
चलो रोजी डार्लिंग....
रोजी... जो उसकी वाइफ थी....
संजू अब सोचने लगा इन दोनों को फस्या कैसे जाए... क्या दोनों को अलग कर दू या फिर कुछ और सोचा जाए...
संजू - सोच संजू सोच..
संजू सोचते सोचते सो गया....
नेक्स्ट डे संजू सुबह उठ के नदी नहाने के लिए चला जाता है...
संजू अभी भी सोच रहा था की कैसे वोह बिमला और मल्टी को अपने जाल में फसा सके....
तभी संजू को एक साधू बाबा नदी के रास्ते से जाते हुए दिखे..
संजू - परनाम साधु बाबा...
साधु - खुस रहो बच्चा...
संजू - बाबा आपको यहाँ पहले कभी इस गांव में नहीं देखा...
साधु - हां.. बीटा.. वोह क्या है न की मई एक सन्यासी हु मेरा कोई पता ठिकाना नहीं है आज यहाँ तोह कल वह ...
संजू - जी. जी..
वैसे बाबा आपका नाम क्या है..
साधु - बीटा मेरा नाम है झोलवले बाबा...
संजू - अच्छा.. झोल है..
साधु - तुमने कुछ कहा बीटा...
संजू - जी नहीं.. नहीं..
आपके कान बजे होंगे...
साधु वह से चला गया...
संजू झोलवले बाबा व्हाट ा इंटरेस्टिंग नाम...
संजू अब नहाने के बाद घर के लिए निकल पड़ा...
संजू घर पे पहुंचते हे मल्टी को ढूढ़ने लगा...
मल्लू माँ... मल्लू माँ... वेयर अरे यू.. ( कहा हो आप)
चंदा - ारी.. तुम मल्टी काकी को क्यों ढूंढ रहे हो...
संजू - मेरा.. मैं...
चंदा - ये क्या मेरा मैं कर रहे हो.. कोई काम है तोह बताओ..
संजू - मई तुम्हे क्यों बताऊ... मई तोह अपनी मल्लू माँ को हे बताऊंगा...
चंदा - ठीक है फिर ढूंढो खुद हे...
चंदा वह से पेअर पटक के चली गयी अपने कमरे में...
मेनका - क्या हुआ बाबू.. किसे ढूंढ रहे हो..
संजू - मल्लू माँ को तुमने देखा है क्या उनको..
मेनका - हां.. वोह छत्त पे है .
संजू - अच्छा.. थैंक्स..
संजू छत्त की ऑर्डर चल पड़ा...
संजू ने देखा छत्त पे मल्टी अपने बाल सूखा रही थी...
संजू - मल्लू माँ... सुनिए तोह आज मेरे साथ कुछ ऐसा हुआ जैसा मैंने आज तक नहीं देखा था..
मल्टी - क्या हुआ बीटा..
संजू - आज जब मई नदी पे नहाने गया हुआ था तोह मुझे एक साधु बाबा दिखे मैंने उनको परनाम किया
मल्टी - ये तोह अच्छा किया बीटा..
संजू - आगे तोह सुनिए.
मल्टी - हां बोल बोल..
संजू - फिर उन्होंने मेरे बारे में सब बात एक एक करके बतानी शुरू कर दी... मल्लू माँ.. वोह कोई दिव्या पुरुष थी.. उन्होंने मेरा पास्ट प्रेजेंट फ्यूचर सब बता दिया...
मल्टी - क्या... सच में.??
संजू - और नहीं तोह क्या मल्लू माँ...
मल्टी - उन बाबा का नाम क्या था बीटा...
संजू - झोलवले बाबा..
मल्टी - क्या.. ये कैसा नाम है झोलवले बाबा..
संजू - अब नाम में क्या रखा है मल्लू माँ आप उनके काम को तोह देखिये..
मल्टी - लेकिन मुझे तोह अभी भी यकीन नहीं हो रहा है.. लेकिन तू कह रहा है इसलिए मान लेती हु...
संजू - ठीक है अब मई नीचे जा रहा खाना खा के हवेली के लिए निकलूंगा...
मल्टी - हां.. जा..
संजू नीचे आ जाता है...
संजू - मेनका... जल्दी खाना लगाओ.. तुम्हारे और मेरे लिए फिर दोनों हवेली के लिए निकलेंगे...
मेनका - जी बाबू..
ये सुनते हे की दोनों हवेली को निकलेंगे अपने कमरे में बैठी चंदा जल भून जाती है और खुद भी आके खाना खाने बैठ जाती है...
चंदा - मेनका मेरा भी खाना लगाओ... मई भी जाउंगी हवेली...
संजू - ok... चल लो...
संजू - ( मैं में) बढ़िया हे है ये भी चल ले ... मेरा हे फायदा है... हहै
तीनो कहना कहने के बाद हवेली के लिए निकल गए....
रस्ते में संजू...
संजू - ओह... शीट मेरा फ़ोन तोह घर पे हे रह गया...
चंदा - भुलक्कड़ हो एक नंबर के
संजू - हां toh..kya करू...
चंदा - जाओ और जल्दी लेके वापस आओ...
संजू - हां ये बढ़िया रहेगा..
तुम दोनों हवेली पहुँचो मई आता हु...
चंदा - ठीक है , चल मेनका..
संजू अब घर के लिए निकल पढता है...
इधर घर पे मल्टी जी की अभी अभी अपने बाल सूखा के नीचे उत्तरी थी..
दरवाज़े पे किसी बूढ़े साधू को देखती है...
मल्टी - कौन है बाबा आप...
साधु - देवी... मेरा नाम है झोलवले बाबा...
मल्टी - झोलवले बाबा ये नाम तोह कुछ सुना सुना सा लग रहा है...
साधु - हां.. सुना है तुमने ये नाम अभी कुछ देर पहले तुम्हारे लड़के संजू ने बताया होगा....
मल्टी - आश्चर्य से.. - आपको कैसे पता...
साधु - हमको सब पता है...
मल्टी - अच्छा..
साधु - हां.. हमको सब पता है की कैसे तुम अपनी सौतन बिमला के साथ रात भर बिना कपड़ो के बिस्तर पे क्या करती हो ये भी...
इतना सुनते हे मल्टी का दिमाग चक्र गया...
मल्टी साधु के पैरो में गिर पड़ी...
मल्टी - बाबा... बाबा.. चमा बाबा... ये बात किसी को मत बताइयेगा...
साधु - घबराओ नहीं मई किसी को कुछ नहीं बताऊंगा... मई तोह यहाँ सिर्फ तुम्हारी समस्या दूर करने आया हु....
मल्टी - मेरी समस्या..
साधु - हां...
देखो देवी तुम्ह्पे आने वाले कुछ दिनों में बहुत बड़ा संकट आने वाला है...
मल्टी - क्या... वोह कैसे..
साधु - वोह तुम्हे समय आने पे पता चल जायेगा...
बस... मई तुम्हे उस खतरे से सावधान कर रहा हु...
मल्टी - बाबा... कोई तोह उपाय बताइये...
साधु - उपाय तोह है लेकिन तुम कर पाओगी या नहीं ... ये सोच के नहीं बता रहा...
मल्टी - मई करुँगी बाबा...
साधु - फिर ठीक है... सुनो उपाय...
तोह उपाय ये है की तुम्हे अगले 3 महीने तक उस स्त्री से सम्भन्ध बनाने से बचना होगा...
मल्टी - जी... बाबा... मई करुँगी...
साधु - और तुम्हे उस स्त्री को 3 महीने के लिए इस घर से दूर भेजना होगा... क्युकी मेरा अनुमान है की वोह स्त्री हे इन सब का कारन है...
मल्टी - पर वोह कैसे इन सब का कारन है बाबा जी..
साधु - वोह तुझे समय आने पे पता चल जायेगा लेकिन मैंने जो जो कहा है अगर वैसा कर लेती हो तोह जो विप्पति आने वाली है वोह तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ पायेगी .
मल्टी - आपका बहुत बहुत शुक्रिया बाबा.....
साधु - अब मई चलता हु बेटी....
मल्टी - जी... बाबा जी...
साधु वह से चला गया....
मल्टी - मैं हे मैं ये सब सोच रही थी की वोह बिमला को कैसे बताएगी और उसको 3 महीने के लिए आखिर अपने से दूर कैसे रखेगी...
मल्टी अभी विचार कर हे रही थी की तभी संजू घर में एंटर हुआ...
संजू - ारी.. मल्लू माँ क्या हुआ आप इतनी टेंशन में कैसे लग रही...
मल्टी - वोह वोह कुछ नहीं बीटा... तू बता तू यहाँ कैसे तू तोह हवेली गया था न...
संजू - हां.. वोह मई हवेली गया तोह था... लेकिन मेरा फ़ोन यही टेबल पे छूट गया था इसलिए फ़ोन लेने आया था अब वापस से हवेली जाऊंगा...
संजू की बात सुनकर मल्टी का मुर्झाहया चेहरा खिल गया...
मल्टी - मई तोह भूल हे गयी थी... हां.. ये ठीक रहेगा... अब न बिमला से कुछ बात करने की टेंशन और न किसी भी चीज़ की टेंशन...
संजू - क्या हुआ मल्लू माँ...
मल्टी - बीटा... वोह तूने एक बार कहा था न की हम अब हवेली में शिफ्ट होंगे...
संजू - हआ कहा था लेकिन आपने मन कर दिया..
मल्टी - सॉरी मुझसे भूल हो गयी बीटा... कब शिफ्ट करना है बता देना... लेकिन हवेली में बिमला दीदी नहीं जाएगी ये एक मेरी शर्त है..
संजू - जी... मुझे आपकी साड़ी शर्त मंजूर है...
हम आज हे शिफ्ट कर लेंगे...
मल्टी - ठीक है फिर मई पैकिंग करती हु...
संजू - हां...
संजू अब हवेली के लिए निकल गया..
हवेली पे आज 2 - 3 कस्टमर्स अड़ देख के आये थी.. जो की सोंटी से संजू ने साइट पे अपलोड करवा दी थी...
संजू - जी... बोलिये... कैसा कमरा चाहिए आपको...
1सत कौस्ट्मर एक 50 यो अंकल थी जिनका नाम रतन सिंह था.... और उनके साथ थी उनकी बीवी जिसकी उम्र 45 साल थी नाम था रोजी...
रतन सिंह - हमें एक डीलक्स रूम चाहिए...
संजू --
संजू -: वैसे डीलक्स रूम किस डेट के लिए चाहिए...
रतन सिंह - आज की डेट पे...
संजू - सूरे सर... अभी आप कैसे रूम में स्टे करना चाहेंगे...
रतन सिंह - अभी स्टे नहीं करना है हमको हम अभी यहाँ के जंगल में घूमने जाएंगे...
संजू - ोक्य... ठीक है सर आपका रूम बुक कर लिया गया है आप जब चाहे अपने डीलक्स रूम की चाबी यहाँ रिसेप्शन से ले सकते है..
रतन सिंह - .. ठीक है...
चलो रोजी डार्लिंग....
रोजी... जो उसकी वाइफ थी....