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- Dec 5, 2013
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प्रेमा संजू को अपने घर ले आती है....
प्रेमा के साथ अनजान लड़के के देख सभी चौक जाते है.....
सविता - है राम ये किस लड़के को ले आयी ये लड़की... इसके पिताजी ने देख लिया तोह मुझपे गुस्सा करेंगे.....
तै जी ( नूरी ) - ारी प्रेमा बेटी ये किसको साथ ले आयी है.....
लैला - हां हां प्रेमा बिटिया ये बाबू साहब कौन है.....
प्रेमा :- फिर अपने साथ हुई सारी घटना बताती है और कह सुनती है की इस लड़के को नौकरी की जरुरत है और मैंने इसको अपने यहाँ नौकरी पे रख लिया है बस....
वनराज जो घर में हो रहे शोर को सुन्न के अपने कमरे से निकल के नीचे आता है...
वनराज - क्या हो रहा है भाई.....
प्रेमा - वोह पापा.... मई न इस लड़के को लेके आयी हु....
वनराज - पर क्यों बिटिया....
प्रेमा - हुआ यूँ की................ और इसने मेरी जान बचायी और मैंने इसको काम पे रख लिया..... क्युकी इसको काम की जरुरत थी....
वनराज - बस इतनी सी बात ठीक किया.... वैसे भी जिसने हमारी बिटिया रानी की जान बकहयि है वोह तोह इनाम का हकदार है hi....
प्रेमा - यह... पापा ने मेरी बात नहीं काटी यप्पी....
वनराज- तुम जाओ हाथ मुँह धो लो और खाना खा लो मई जरा इससे बात करता हु और देखता हु की ये क्या क्या काम करने लायक है....
प्रेमा - ok पापा....
प्रेमा के जाने के बाद....
वनराज - नाम क्या बताया तुमने अपना...
संजू - जी संजू नाम है मेरा...
वनराज - अच्छा... क्या क्या कर लेते हो....
संजू - जी साहब.... झाड़ू पूछा बर्तन कपडे सब कर लेता हु..
वनराज - ारी..... उसके लिए तोह हमारे पास लैला है उसके लिए हमको तुम्हारी जरुरत नहीं....
संजू - कौन लैला साहब जी.,....
वनराज :- ये हमारी कामवाली लैला...
( वनराज लैला की तरफ इशारा करते हुए)
संजू - ओह्ह... ये..... अच्छा... तोह साहब लैला जी की जरूरतों के लिए हमको रख लीजिये.....
लैला -
वनराज -
क्या बोलै बी....
संजू - हम ये बोले साहब की उनको हाथ बता देंगे काम में उनका भी काम आसान हो जायेगा......
वनराज - ऐसा....
( लैला की तरफ देखते हुए).......
लैला जो संजू का यौवन देख पहले हे उसपे अपना दिल हार चुकी है..
( आअह्ह्ह छोरे तू बड़ी कड़क चीज़ है..... तेरी जरुरत तोह मुझे दिन रात पड़ने वाली है....)
वनराज लैला की तरफ देखते हुए...
वनराज - क्यों लैला क्या किया जाय इसका.....
लैला - अब मई क्या बताऊ साहब...... आपकी जो मर्ज़ी वोह करिये....
वनराज - हम्म्म्म...... अच्छा ये बता और कुछ आता है तुझको घर के काम के अलावा......
संजू - घर के काम के अलावा..... हां... मुझे गाड़ी चलना भी आता है.....
बाइक चलना भी आता है......
वनराज - बस.. बस... इतना काफी है... और वैसे भी तेरा एक और गुण तोह देखा हे है प्रेमा बेटी ने ..... तोह ठीक है आज से तय रहा की तू हमारे यहाँ नौकरी करेगा....
घर में लैला की मदद करेगा और बहार गाड़ी में ड्रिवेरी करेगा... और जब भी हमारी बिटिया कही जाएगी उसके साथ उसके बॉडीगार्ड की तरह जायेगा.....
संजू - धन्यवाद बहहते... बहहते धन्यवाद साहिब.....
वनराज - यहाँ कहा रहने वाले हो कोई जगह है तुम्हारे पास......
संजू - जगह तोह नहीं हैं साहब....
वनराज - अच्छा ठीक है तुम्हारे रहने का इंतज़ाम भी हम करवा देंगे कल तक - तब तक तुम कही बहार होटल वगैरह में रुक जाओ....
संजू - साहब मई होटल कहा से दूधु....
लैला - मालिक... मालिक..... मई क्या कह रही थी की कहा ये होटल ढूढ़ता फिरेगा इससे अच्छा है जो आपने हमको रहने को घर दिया है वह रह ले वैसे भी एक hi दिन की तोह बात है....
वनराज - हां ये भी ठीक है..... तोह एक काम करना संजू तुम आज लैला के यहाँ रुक जाना.....
संजू - जी साहब.......
वनराज - अच्छा चलो अब अपना सामान यहाँ छोडो और जरा मेरे साथ चलो ......
संजू - कहा साहब.....
वनराज - ारी चलो तोह सही......
( मैं में - साले तुझ जैसे लोगो को मई अच्छी तरह से जानता हु..... बड़े घर की लड़की को फसाने का अच्छा बहाना हैं.......
अपने दोस्तों को भेज के पहले उस लड़की को डराओ उसकी इज़्ज़त लूटने की कोशिश करो और फिर खुद आकर उसकी जान बचा के उसकी नज़र में हीरो बन जाओ और फिर उसके दिल में जगह बना लो चल बीटा तुझे तेरी इस हरकत के लिए मजा चखता हु ताकि दुनिया याद रखे की वनराज की बेटी पे बुरी नज़र रखने वालो की क्या हालत होती है)
वनराज - ये लो कार की चाबी जाओ निकालो मई तुम्हारी ड्राइविंग देखना चाहता हु.....
संजू - जी.....
( संजू चाबी लेके कार निकलने चला गया.. )
वनराज - हां hello.... सुनो बी तुम लोग ********** समझे की नहीं.... ठीक है फिर मई रखता हु फ़ोन वोह आ गया....
संजू - चलिए बैठिये साहब....
वनराज - है हां...
वनराज कार में बैठ गया...
वनराज - चलो....
संजू कार
ड्राइव करते हुए ले जाने लगा....
वनराज - वह.... कार तोह अच्छी चला लेते हो...
संजू - जी शुक्रिया साहब....
वनराज - अच्छा उस उस पानवाले के पास रोकना...
संजू - जी अभी लीजिये....
संजू ने कार पान वाले की शॉप के आगे रोक दी....
वनराज - जाओ मेरे लिए 2 पान बनवा के लाओ....
संजू - जी साहिब.....
संजू कार से उतर के पान की शॉप पे जाता है
संजू - भैया 2 पान बना दीजियेगा...
शॉपकीपर - अभी बनता हु भाई....
तभी कुछ लोग लड़खड़ाते हुए पान की शॉप के पास आये और पान वाले से बदतमीज़ी करने लगे....
एक आदमी - क्यों रे गुटके वाले क्या कर रहा है.... इस गे लड़के को आज बुला लिया है अपनी गांड मरवाने.....
शॉपकीपर - ये क्या बकवास कर रहे हो और कौन हो तुम लोग....
2सरा आदमी - हमको नहीं पहचानता तू कल हे तोह आये थी तेरी गांड मारने इतनी जल्दी भूल गया....
आज इस छोकरे में ऐसा क्या देख लिया...
2सरा आदमी संजू के चेस्ट पे हाथ माल्टा हुआ...
संजू - ये क्या बदतमीज़ी है भाई साहब....
3सरा - ये बदतमीज़ी नहीं है बांगड़ू ये तोह ाधिकी है....
संजू - हाथ हटाइये....
4तह - अच्छा और नहीं हटाया तोह क्या करेगा....
संजू - जी प्लीज हाथ हटाइये...
5तह - देखो हटा दो बी देखो बच्चा कैसे गिड़गिड़ा रहा...
संजू - हां प्लीज हटा लीजिये ये अच्छा नहीं लग रहा हमको....
एक आदमी जो संजू की कनपटी पे खींच के एक तमाचा लगता है......
संजू को एक सेकंड के लिए होश हे नहीं रहता की हुआ क्या...
संजू ( मैं में ) - आआह्ह्ह्हह... मादरचोद ये क्या हुआ बी ये अचानक से मुझे दिन में सितारे क्यों नज़र आने लगे....
2ंद - ारी भाई इतनी जल्दी एक्शन में क्यों आ गए अभी तोह मजा आ रहा था बच्चे के साथ खेलने में देखो कैसा मारा है बेचारा अभी तक सदमे में है....
1सत - अबे जल्दी इसका मटर ख़त्म करो य्र्र मुझे मेरी गफ से भी मिलने जाना है यहाँ 10 बार फ़ोन कर चुकी....
3रद - तभी भाई ने रख के लगाया है....
1सत - हां
संजू जो सब कुछ सुन्न रहा था...
संजू - भैया आप ने मारा कहे... भैया...
1सत - तोह क्या तेरी आरती उतारू बी कबसे आना कानि करे जा रहा था.... हाथ हटाओ ये करो वोह करो
संजू - हां फिर भी भैया आपने मारा काहे....
1सत - ारी बताया तोह की क्यों मारा..
संजू - हां फिर भी मारा कहे.....
2ंद -- अबे पागल हो गया है क्या बहिन के लोडे जो एक बात बार बार रिपीट कर रहा मारा कहे मारा कहे....
संजू - भैया गाली क्यों दी आपने....
3रद - लो अब इसका ये रिपीट पे चलेगा अब...
संजू - मैंने कहा गाली क्यों दी आपने....
4तह - अजीब चुटिया बाँदा है बी....
5तह - इसकी तोह....
5तह बाँदा जो अपना हाथ उठा के संजू को मारने आगे बढ़ता है....
संजू हल्का सा उछाल के अपने लेफ्ट पेअर से 5तह वाले बन्दे के लेफ्ट वाले घुटने पे मारता है घुटना पीछे की तरफ दबता है जिससे घुटना टूट जाता है........ ( kadakkkkkk......ki ाआवाज़ के साथ....) aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
और संजू अपने लेफ्ट हैंड से 5तह वाले बन्दे के राइट हैंड को पकड़ के मरोड़ देता है और राइट हैंड से 5तह वाले का सर पकड़ के अपने घुटने पे मार देता है..... जिसके कारन उसका नाक फट जाता है और नाक से खून निकलने लगता है और वोह 5तह वाला बाँदा वही बेहोस हो जाता है.....
5तह वाले की ऐसी हालत देख सभी दांग रह जाते है..... पानवाला भी जल्दी जल्दी पान बनाने लगता है
उसके बाद 3रद और 2ंद वाले चम्मच चोर लोग मेरे पे अटैक मारते है
तोह था भाई संजू का सजेंडर कर सकते है न.... हां तोह ये सजेंडर था भाई सजेंडर उन दोनों चम्मच चोरो को अपने एक एक हाथ में छिपकली की शक्ति के साथ उठा लेता है और जोर जोर से घुमा घुमा के पटक देता है दोनों वही बेहोस हो जाते है....
1सत वाला - साले कुत्ते तूने हमारे दोस्त को मारा तेरी तोह
1सत वाला जैसे हे संजू को मारने के लिए आगे आता है..... संजू 4तह नंबर वाले को जो संजू के बगल में था उसको कीचे के अपने सामने ले आता है.....
1सत वाले के हाथ में रखा चाकू..... 4तह वाले को अचानक से खींच क्र अपने सामने लाने के कारन चाकू 4तह वाले की गांड में घुस जाता है

4तह - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh....
संजू - ाबी चिल्ला कहे रहा है....
4तह - पीछे देखो पीछे.....
संजू - अपने पीछे पलट के देखता है...
अबे काले मगूस पीछे तोह कोई नहीं है बी...
4तह - अपने नहीं मेरे पीछे देखो....
संजू - तेरे पीछे तोह ये गफ का गुलाम खड़ा है जो गुस्से में लाल हुआ पड़ा है...
क्युकी तू मुझसे लिप्त खड़ा है..
4तह - ारी नीचे तोह देखो.....
संजू - अभी ये क्या गोल गोल घुमा रहा है बी कभी पीछे देखो कभी नीचे देखो करके...
4तह - ारी देखो तोह सही.....
संजू - ok ok देखता हु मुन्ना रोने का नहीं
संजू ने जैसे hi पीछे का नीचे देखा....













ारीय दादा....... बहुत पैन हो रहा होगा न...
4तह - हां....
संजू - हम्म्म.... तू तोह छेदीलाल हो गया काले मांगूस भाई... अब तेरा कुछ नहीं हो सकता.... कल टॉयलेट में जाना और चिल्लाना है अभी यहाँ से कल्टी मारो....
4तह - आआह्ह्ह्हह
संजू - आ.. आए भाई... आए... काले मगूस भाई देखो मेरे सामने रोने गाने का नहीं है समझे की वार्ना मई भी रोने लग जाऊंगा न तोह यहाँ बाढ़ आ जाएगी चुपचाप अपने घर जाके रो...
4तह वाला - कैसे जाऊ घर.....
संजू - रुको बंदोबस्त करता हु.....
संजू 4तह वाले को जोर से पकड़ के खींचता है जिससे उसके गांड से चाकू निकल जाता है और वोह गधे की माफिक चिल्लाता है.....
संजू - हो गया न भाई... अब कहे को रो रहे हो अब तोह घर जाने का मच्छी फ्राई खाने का और दवा लगा के सो जाने का.....
4तह - थैंक यू भाई..... लेकिन तुम मुझको घर कैसे छोड़ोगे
संजू - गाडी से......
4तह - थैंक यू मेरे भाई... इतना तोह कोई सागा भी नहीं करता...
संजू - हां सागा नहीं हु इसलिए तोह कर रहा हु...
4तह - ायीयीएनननन.
संजू - वोह देखो गाडी दिख रही न....
4तह वाला कार को देख के हां हां दिख रही...
संजू - हां उसमे हे बैठा के आपको घर छोड़ के आएगा तेरा भाई
4तह - बहुत बहुत शुक्रिया भाई...
1सत - ये क्या हो रहा है ये साला 4तह इसका तोह दीवाना सा बनता जा रहा..
1सत - अबे ा 4तह तू क्या कर रहा है वोह अपना दुसमन है.
4तह - साले कमीने दुसमन वोह नहीं तू है भोस्डिके मेरी गांड में चाकू ठूस दिए..
संजू -;भाई भाई गाडी पे फोकस अभी 1 2 3 गईं ने का फिर चलेगी बाबू की मशीने....
आप बस गाडी को देखते रहो देखो मई आपको कैसे बैठता है गाड़ी में....
4तह - हां भाई मई गाड़ी को हे देख रहा....
संजू - 1 तवो 3 ये लो मोटा भाई.....
संजू ने एक लात 4तह वाले की गांड पे मारी
4तह - आआआअह्ह्ह्ह है थोड़ा दर्द हुआ पर चलता है..... कार में बैठूंगा एक में मस्त..... ारी ारी ारी ये कार में इतना खुला कुल सा जगह कहे दिख रहा..... धड़ाम...
संजू - बई बई भाई...
4तह - भाई भाई... ये कार में इतना ख्याल खुला सा क्यों लग रहा हैं..
1सत - क्युकी वोह कार नहीं ट्रक है चूतिये..... कार वोह कड़ी है....
4तह - मोये मोये

संजू - इस साले को क्या लगा था की इसको अपन कार से भेजेगा
....
हलवा समझा है क्या....
कुछ भी समझते है लोग..... हां हैंडसम चार्मिंग हूँ तोह क्या अच्छा आदमी समझ लिया क्या बी....
कोई चांस hi नहीं है... 
और बी भूतनी के तू.... तुझे अभी लेट नहीं हो रहा साले अब तक तोह अपनी गफ के डर के मारे मुझपे थप्पड़ बरसा रहा था तेरी तोह
संजू जे दौड़ते हुए जेक शॉपकीपर के हाथ से पान छीना और मुँह में भरके खाने लगा...
अब पान खाने के बाद क्या होता है की न उसका कत्था जो होता है वोह हाथो पे लग जाता है तोह लोग क्या करते है की न उसको बालो पे लगा लेते है तोह अपने संजू बाबा ( it's में) भी इंसान है क्युकी उनका जनम भी बचपन में हो गया था तोह मैंने क्या किया की कत्थे से सना हाथ बाल पे लगाने लगा ये देख के साला शॉपकीपर सदमे में आ गया..... क्युकी उसके पास बाल हे नहीं था और मई उसके बालो सॉरी तकले पे कत्थे लगा रहा था

शॉपकीपर का यहाँ मोये मोये
हो गया 

और इसके हे साथ मैंने शॉपकीपर के तकले को पकड़ के देवियो और सज्जनो थोड़ा ध्यान से अपनी जोर लगा के सुनियेगा ऐसा सुनियेगा की आपकी गुर्दे चिल जाए.. आपकी टट्टी निकल जाए
हां तोह मायने अब शॉपकीपर के तकले पे कत्थे लगते लगते उसका तकला पकड़ के 1सत वाले के सर पे दे मारा..... 1सत वाला गुंडा आआआअह्ह्ह्ह के साथ तोह बेहोस हो गया लेकिन साला ये समझ नहीं आया ये शॉपकीपर बेचारा अपने शॉप के अंदर जो अभी तक ायल्टी - पालथी मार्के बैठा था वोह रोड पे कब और कैसे पहुंच गया 
......
शॉपकीपर -


मुझे क्यों मारा मेरी क्या गलती थी......
संजू - किसने मारा तुम्हे मुझे बताओ उसका नाम बताओ मई अभी उसके हाथ पाँव तोड़ दूंगा....
शॉपकीपर - आईएन
( मैं में) - इसने हे तोह मारा है बोल रहा की किसने मारा..... साला पागल कहिका.....
किसी ने नहीं मारा भैया हम हे इधर खेलते खेलते आ गए...
संजू - उठो उठो.... भाई साहब जाओ जाओ अपनी शॉप पे बैठो ऐसे खेलते खेलते बहार मत भागा करो दूकान को खाली नहीं छोड़ते....
शॉपकीपर - हाव्
संजू - मेरा एक और पान...
शॉपकीपर - ये लो.... पैसे.... ????
संजू - पैसे कैसे पैसे.... !!!
शॉपकीपर - पान के पैसे... !!!
संजू - ारी मैंने आपको इन गुंडों से बचाया है उसका क्या.....
गुंडों से छुड़ाया है
मैंने तुझे बचाया है...
पूछ ले सामने जनता है...
एक पान तोह फ्री बनता है....
शॉपकीपर -
( मैं में ) -ारी गुदनों से बचाया है... साले मेरा तकला फोड़ दिया मुझे शॉप से उठा के रोड पे पटक दिया और कहता है की मुझे बचाया है....
संजू - अच्छा भैया मई चलता हु.....
संजू जाके कार में बैठ जाता है....
वनराज - इतनी देर कैसे लगा दी...
संजू एक पान वनराज को पकड़ाते हुए....
संजू - वोह थोड़ा भीड़ जयादा थी....
वनराज - ( मैं में ) - दम तोह है इस लौंडे में इसका मतलब इसने सही में मेरी बेटी को बचाया था..... क्या लड़ता है क्या कॉमेडी करता है मजा आ गया इसकी लड़ाई देख के....
संजू - का हुआ साहिब किस सोच में पद गए...
वनराज - मई ये सोच रहा था की मैंने तोह 2 पान मंगवाए थी...
संजू -
मोये मोये...
वोह वोह मालिक गलती से हम एक पान खा गया
..
वनराज -
ठीक किया..... चलो अब गाडी चलो
संजू -
ने कार स्टार्ट कर दी...
वनराज - ( मैं में - साला कॉमेडियन है
कैसे उस 4तह वाले को यहाँ से हकला और कैसे इस शॉपकीपर की मार ली...
...... इसको यहाँ नहीं किसी फिल्म में होना चाहिए.....
संजू - अब कहा चले साहब....
वनराज - वोह आगे चलता चल सामने एक अच्छा सा होटल है वह चलते है समोसे खाने
संजू - जी मालिक....
संजू ने कार होटल के सामने रोक दी....
संजू और वनराज ने नास्ता किया फिर दोनों घर को आ गए,.
वनराज घर पहुंच के....
वनराज -लैला... ो... लैला.. कहा को है....
लैला - हां मालिक.....
वनराज - इस लड़के का अबसे यही रहना खाना होगा... इसको वोह कमरा दिखा दे जो उधर पीछे की तरफ है....
लैला - जी मालिक.....
वनराज - जाओ संजू.... लैला के साथ जाओ... ये तुम्हे तुम्हारा कमरा दिखा देगी....
संजू - जी...
संजू लैला के पीछे को हो लिया....
जब लैला उससे पीछे बने रूम के तरफ ले जा रही thee….to वो बार-2
पीछे मुद कर उसकी तरफ देख रही थे…
लैला के उम्र 45 साल thee….aur एक बीटा और बेटी के माँ भी थी. बेटी बड़ी थी.
लैला के शादी ***** साल के उम्र मैं हुई thee…aur एक साल बाद ही उसने बेटी को
जनम दया tha…jiska नाम निम्मी tha…Nimmi प्रेमा से उम्र मैं 1 साल छोटी
thee…sanju को लैला का जून बार-2 मुद कर देखना और देख कर मुस्कारन अजीब सा
लग रहा tha…kyonki लैला संजू से दुगनी उम्र के थी. और संजू इनसब बातों और
इशारो को समजने के लये मातुरे नहीं था….
रूम के तरफ जाते हुए, लैला अपने चूतड़ों को कुछ जदया ही मटका कर चल रही
thee….laila और उसके पति के बीच सेक्स ख़तम हो चूका था. जब से लैला ने
वनराज से अपने पति को फटकार लगवाई thee…tab से उस्सने लैला से सेक्स करना बंद
कर दया tha…laila के चूड़ी हुए भी करीब 10 साल नहीं हुई thee…jab लैला रूम के
सामने जाकर दूर खोला, और संजू के तरफ पालते. “ये लो. आज से ये तुम्हारा कमरा
है.” लैला ने अपने होंटो पर मुस्कान लेट हुए कहा.
संजू सर झुकाये हुए रूम मैं घुस गया, और इधर उधर देखने लगा. रूम
पुराने सामान से भरा हुआ था. इतने मैं पीछे से वनराज भी आ गया, और
कमरें के अंदर झांकता हुआ बोलै. “हँ सच मैं अंदर तो पुराना सामान भरा
हुआ hai…aisa करो अपना झोला यही रखो. कल यहाँ से बेकार सामान बहार निकलवा
देते hain..aur आज रात का तुम्हार सोने का इंतजाम कहीं और करवा देता
hun…..Vanraj के बात सुन कर लैला ने झट से कहा. “सेठ जी अगर आप बोले तो,
ये आज हमारे घर पर ही सो जाता है” वनराज को लैला के बात ठीक लगी, और
वनराज ने लैला को हाँ कह दी…
रात ढल चुकी thee…sab खन्ना खा चुके thee….aur अपने रूम्स मैं जाकर सोने के तेरी कर रहे thee…Vanraj तो इस घडी के लये पहले से ही भोत ुटवाला
tha…laila अपना सारा काम निपटा कर संजू के पास गए. जो खन्ना खा कर अनजान
मैं जमीन पर ही लेता हुआ था. “चलो अब्ब चलते हैं. सारा काम ख़तम हो
गया है” संजू ने बेमन से लैला के तरफ dekha…jo उसकी तरफ देखते हुए कातिल
मुस्कान अपने होंटो पर लाये हुए thee….aur फिर संजू उठ कर खड़ा हो गया……
लैला रजनी के कमरे मैं गए और बोली. “दीदी सारा काम कर दया hai…abb मैं
जा रही hun…bahar का दरवाजा बंद कर लो.” उसके बाद लैला संजू को लेकर
वनराज के घर से निकल कर अपने घर के तरफ जाने lagee…raat घिर चुकी थी…
अप्प सब लोग तो जानते ही honge…uss समाये मैं लाइट नहीं होती thee….khastor पर
गाओं main..islye चारो तरफ अँधेरा चाय हुआ tha….raste मैं किसी-2 घर के
अंदर से लालटेन के रोशनी नज़र आ जाती.
गाओं के गललयों मैं सांता चाय हुआ tha….laila संजू के अग्गे-2 कुछ गुनगुनाते
हुए चल रही thee….andhere के वझे से संजू ठीक से देख भी नहीं पा रहा
tha….gaon के गालयों से गुजरते हुए, लैला और संजू गाओं के बहार आ चुके थी…
अँधेरे और अनजान जगह के कारन संजू थोड़ा दर रहा था. आखिर कार उस्सने लैला
से पूछ ही laya…”gaon तो ख़तम हो gaya…app का घर कहा हैं…” लैला ने
पीछे मुद कर संजू के तरफ देखा और पीछे के तरफ इशारा करते हुए कहा. “वो
उधर वो वाला घर है” संजू ने एक बार पीछे मुद कर उस घर के तरफ देखा…
जहाँ पर लालटेन जल रही थी…
संजू: पर फिर आप यहाँ क्यों आ गए….
लैला: वो दरसल मुझे भोत तेज पेशाब लगा tha.isslye यहाँ पर ए hun…aur सुनो
तुम भी यहीं मूट लो. घर पर पेशाब करने के लये जगह नहीं है.
ये कह कर लैला अपनी गांड मटकते हुए थोड़ा अग्गे हैकर रुकी, और एक बार पीछे
मुद कर 6-7 फुट दूर खड़े संजू के तरफ देखा, और अपना लहंगे को ोप्पेर
ुहताने lagee…ye देख कर पीछे खड़े संजू के हाथ पाऊँ कनापने lagee…aur
वो झेनापते हुए इधर उधर देखने laga…halaka चारो तरफ अँधेरा tha…par
आस्मां आधा चाँद निकला हुआ tha…jisse कुछ रोशनी तो चारो तरफ पहेली हुई
thee….jaise ही लैला ने अपने लहंगे को कमर तक ऊपर uhtya..mano जैसे संजू
के हलक मैं कुछ अटक गया हो. उसके ऑंखें लैला के हलके सांवले रंग के
मांसल और गुदाज चूतड़ों पर जैम gaye…laila अग्गे के तरफ देखते हुए मुस्करा
रही thee…ye सोच कर की, पीछे खड़ा संजू बेहाल हो रहा होगा. उसकी गांड
देख कर. और संजू था भी बेहाल.
लैला के मोती और गुदाज गांड को देखते ही, संजू का लुंड उसके प्याजमे मैं एक
दम तन कर खड़ा हो गया. लैला ने अपने एक हाथ से अपने लहंगे को पकड़ा हुआ
था, और उसने एक दूसरे हाथ से एक बार अपनी छूट के फांकों को खुजाया, और
धीरे-2 नीचे पंजो के बल बेथ gaye…aur फिर सर के तेज आवाज से उसकी छूट से
पेशाब के धार निकलने lagee…jisse सुन कर संजू का और बुरा हाल हो gya…laila का
दिल भी जोरों से धड़क रहा था.
वो मान मैं सोच रही थे, की संजू अभी उसी यही पटक कर छोड़ दी. पर अब्ब वो
ये सीधा-2 अपने मुँह से तो नहीं कह सकती thee…sanju का हाथ खुद बा खुद ही
प्याजमे के ऊपर से उसके लुंड पर पहुंच चूका tha…aur वो लैला के गांड को
देखते हुए, अपने लुंड को मसल रहा था. लैला पेशाब करने के बाद उठी. और अपनी
टांगों को थोड़ा सा पहला कर अपनी छूट के फांकों को अपनी उन्गलों से रगड़ कर
साफ़ करने लगी….
उससे कोई जल्दी नहीं थी, अपना लेहंगा नीचे करने के, भले ही उसकी बेटी के उम्र
का लड़का पीछे खड़ा उसकी गुदाज गांड देख रहा था. लैला के झांटों से भरी
छूट का कुछ हिस्सा संजू को भी दिखाई देने laga…sanju का लुंड तो बाग्वट पर
उतर आया हो tha..wo उसके पयजामे मैं ऐसे झटके मार रहा था. जैसे अभी उसका
पायजामा पहाड़ कर बहार आ जायेगा.
लैला ने अपना मुँह घुमा कर पीछे dekha….sanju के नज़रें लैला के गांड पर
तिकी हुई थी. और उसका हाथ अपने 8 इंच के लुंड को पयजामे के ऊपर से मसल रहा
था. जब लैला ने ये सब देखा तो, उसके होंटो पर मुस्कान फेल gaye….usne अपने
लेहंगा नीचे काया, और संजू के तरफ मुड़ी. जैसे ही लैला के गांड को लहंगे
ने देखा, संजू जैसे सपनो के हसीं दुन्या से बहार आया , और लैला के तरफ देखा.
लैला उसकी तरफ देखते हुए, मंद-2 मुस्करा रही thee….sanju ने अपना धयान
दूसरी तरफ कर laya…jaise उसने कुछ देखा ही ना हो.
लैला अपनी गांड को मटकते हुए, संजू के पास ए, और बोली. “तुम्हें नहीं मूतना”
लैला के बात सुन कर संजू हड़बड़या. “जी नहीं “ लैला के होंटो पर मुस्कान फेल
gaye…sanju के हालत देख कर. “अच्छा ठीक है चलो. रात भोत हो गए है. सुभे
सेठ के घर वापिस भी जाना है” ये कह कर लैला अपने घर के तरफ जाने लगी.
संजू बेचारा अपने लुंड को छुपाते हुए लैला के पीछे चल padha..laila ने अपने
घर के सामने जाकर लकड़ी से बने दरवाजे को खटखटया. थोड़ी देर बाद लैला के
बेटी निम्मी ने दरवाजा खोला.
वो अपनी नींद से भरी आँखों को मलते हुए बोली. “क्या माँ एंटी देर लगा दी. मैं
तो सो गए थी.” जब उस्सने अपनी आँखों को खोल कर लैला के तरफ देखा तो, लैला के
पीछे खड़े संजू के देख कर थोड़ा हरिजन होकर बोली. “ये कोण है माँ” लैला ने
संजू के तरफ देखा और बोली. “ये संजू है. ये सेठ जी के घर मैं रहेगा. उनका
नौकर है. आज ही सहर से आया है. “ लैला और संजू अंदर आ gaye..laila का घर
जायदा बड़ा नहीं था. उसके घर मैं अग्गे के तरफ एक कमरा था. और पीछे के
तरफ एक कमरा था. जिसमे लैला और उसकी बेटी सोते thee..agge वाले कमरे मैं जलवान
का सामान रखा हुआ था. पिछले कमरे के अग्गे एक छोटी से रोसी थी….
पूरा घर कच्चा था. नीचे जमीन भी कच्ची thee…laila संजू को लेकर पिछले
रूम मैं आ gaye….piclhe रूम मैं एक चारपाई दिवार के साथ कड़ी थी…
शायद गरीब लैला के घर वो ही एक चारपाई thee…aur नीचे टाट के ऊपर दो
बिस्तर लगे हुए thee…laila ने अंदर ात्ते ही अपनी नेति निम्मी को साथ मैं एक और
बिस्तर लगाने के लये kaha….sanju एक दिवार के साथ खड़ा था. लालटेन के रोशनी मैं
अब्ब उससे लैला और बेटी साफ़-2 दिखाई दे रही thee…laila के बेटी का बदन लैला से
भी भरा पूरा था….
निम्मी का कद 5, 4 इंच के करीब thee….badan अभी से भर चूका tha…har अनाज
उसकी जवानी को बयां करता था….32 साइज के चुच्यां एक दम कासी हुई लग रही थी.
लैला ने अपनी बेटी के साथ बिस्तर लगते हुए, संजू के तरफ dekha…uska लुंड उसके
पयजामे मैं बड़ा सा उभर बांये हुआ था. लैला के होंटो पर मुस्कान फेल
gaye…..aur अगले ही पल वो संजू के पयजामे मैं ए हुए उभर को देख कर उसके
लुंड के कल्पना करने lagee…..”aaj सर्दी भोत है” लैला ने संजू के तरफ देखते
हुए कहा.” लैला के बात सुन कर निम्मी भी बोली.” हाँ माँ आज तो कुछ जायदा
ही सर्दी hee…muje तो भोत ठण्ड लग रही है….”
लैला: (मुस्कारते हुए) हाँ ठण्ड तो लग रही hai…par ठण्ड का अपना ही मजा है….
ये कहते हुए वो लगतार संजू के तरफ देख रही thee…..bistar लगाने के बाद
निम्मी अपने बिस्तर पर पसर gaye…usse घर मैं संजू जैसे अनजान लड़के होने
से कोई फरक नहीं पढ़ा रहा tha…shayad नींद के वझे see….nimmi बिस्तर पर
पेट के बल लेत gaye…..jiske कारन पीछे से उसकी भरी हुई गांड बहार के और आ
गए thee….wo उस समाये सलवार कमीज पहने हुए thee…uske सलवार उसके
चूतड़ों पर एक दम कासी हुई थी…. जिसे देखे बेगर संजू से रहा नहीं गया…
अपनी बेटी के गांड को जून घूरता देख लैला ने संजू के तरफ तीखी आँखों से
देखा, और फिर निम्मी के ऊपर रजाई ुधा dee…..aur बुदबुदाते हुए बिस्तर पर लेत
गए…..
संजू वहां ठगा सा खड़ा tha…jab लैला ने अपने ऊपर रजाई ओढ़ते हुए संजू के
तरफ देखा तो वो अभी भी निम्मी के तरफ देख रहा था. “अब्ब तुन क्यों वहां
खड़ा hai…chal लेत जा सुभे सेठ के घर जाकर भोत काम करना है” लैला ने
तीखी ावा मैं कहा.
संजू: जी…..
और संजू लैला के साथ वाले बिस्तर पर लेत gaya….uske लुंड पर आज भोत जुल्म हो रहा
tha…abhi भी उसका लुंड एक दम तना हुआ tha…usne अपने ऊपर रजाई ोधी, और
अपने प्याजमे का नाडा खोल कर अपना हाथ अंदर सरका कर अपने लुंड को पकड़ कर
हिलना चालू कर daya…rajai के अंदर चलते हाथ से थोड़ी सरसरहाट होने लगी…
लैला पीठ के बल लती हुई thee…jab उस्सने वो आवाज़ सुनी तो, उसने कांखों से संजू
के तरफ देखा. उसकी रजाई कमर वाले हिस्से से थोड़ा हिल रही थी. लैला समाज गए
की, छोरा अपना लुंड को हिलाते हुए मुठ मार रहा hai…..ye बात दिमाग मैं ात्ते
ही, उसके दिल के धड़कन बढ़ gaye…..uski छूट के फांकें ये सोच कर कुलबुलाने
लगी, की उसकी बगल मैं जवान लड़का लेता हुआ अपना लुंड हिला कर मुठ मार रहा
है,……
ये सब लैला के बर्दास्त से बहार tha….laite हुए लैला के दिमाग मैं पता नहीं काया
aya….usne अपनी करवट बदली, और संजू के तरफ अपनी पीठ कर lee….awaz सुन कर
संजू एक पल के लये रुक gaya….jab उसने देखा के लैला ने दूसरी तरफ मुँह कर लाया
hai,,,usne फिर से अपने लुंड को हिलना चालू कर daya….uska लुंड अब्ब पूरी तर्हां
अकड़ा हुआ tha….wo तेजी से अपने लुंड को हिलाये जा रहा tha…masti के कारन उसकी
ऑंखें बंद हो gaye….kuch देर बाद फिर से कुछ आहत हुई, संजू झड़ने के बेहद
करीब tha…..ahat सुनकर उसने संजू एक दम से घबरा gaya…aur उसने अपने लुंड
को हिलना बंद कर dya….phir अपनी अधखुली आँखों से लैला के तरफ देखा… लैला
अभी भी करवट के बल लेती हुई thee…jab संजू ने अपनी नज़र को थोड़ा सा नीचे
काया, तो उसका मुँह खुला का खुला रह gaya…laila के पीठ अभी भी उसकी तरफ
thee…laila के बदन के कमर के ऊपर वाला हिस्सा रजाई मैं tha….aur कमर से
नीचे वाला हिस्सा रजाई से बहार tha…….usne अपने घंटो को मोड़ कर अपने पेट से
सत्ता रखा था….
और उसका लेहंगा, उसकी कमर के ऊपर तक चढ़ा हुआ tha…..agge के तरफ का पूरा
बदन धोखा हुआ, टंकी निम्मी अगर जग भी जाये तो, लैला को इस हालत मैं न
देख sake…peeche से उसकी गांड बहार के तरफ निकली हुई thee….jise देखते ही
उसका लुंड फिर से झटके खाने laga…jiss पोजीशन मैं संजू लेता हुआ tha…uss
पोजीशन मैं उससे उसकी गांड का ऊपर हिस्सा ही दिखाई डियर अहा tha….par इतना
देखने भर से ही उसका लुंड मैं जो कसाव आया, वो उसकी बर्दास्त से बहार
tha….sanju धड़कते हुए दिल के साथ धीरे से utha….aur जिस तरफ लैला के पेअर
thee,,,uss तरफ सरक कर लेत गया…..
भले ही लैला का मुँह दूसरी तरफ tha….par उससे पता था की, उसकी पीठ के पीछे
संजू काया कर रहा hai…jaise ही संजू उसके पैरो के तरफ leta….laila ने अपने
घंटो को और मोड़ कर पेट से सत्ता laya…laila के झंगें अप्प्स मैं सटी हुई
thee….waah क्या नज़ारा था संजू के आँखों के samne…..sati हुई झांगों के बीच
लैला के छूट बहार की तरफ निकली हुई दिखाई दी रही थी. गहरे गुलाबी रंग के
फांकों को देख संजू का हाथ एक बार फिर से अपने आप चलने लगा… लैला दूसरी
तरफ मुँह कए लेती हुई, संजू के तेज चल रही सांसों को साफ़ सुन पा रही थी.
संजू अब्ब पूरी रफ़्तार से लैला का छूट को देखते हुए अपने लुंड को हिलने
laga….uska लुंड और लैला के छूट के बीच मुश्किल से 1 फुट का फैसला tha….uske
लुंड के नशें अब्ब पूरी तर्हां वीर्ये से भर चुकी thee…aur अगले ही पल संजू
के ऑंखें बंद हो gaye….aur उसके लुंड से एक के बाद एक वीर्ये के पिचकारयण
छूटने लगी. जो सीधा जाकर सामने लेती लैला के छूट और चूतड़ों पर गिरने
lagee…issbaat से अनजान संजू अपनी ऑंखें बंद कए जानत के सैर कर रहा था. जैसे
ही संजू का गरम वीर्ये के धार लैला के छूट के फांकों और चूतड़ों पर गिरी,
लैला के पूरे बदन मैं सिहरन दौड़ gaye..uski छूट के फांकें गरम वीर्ये
को महसूस करते ही कुलबुलाने लगी….
लैला के ऊपर अजीब सा नशा च गया tha…..uski ऑंखें मस्ती मैं बंद हो
gaye….aur वो ऑंखें बंद कए संजू के वीर्ये को अपनी छूट के फांकों पर
बेहटा हुआ महसूस करने lagee…thodi देर बाद जब संजू के ऑंखें खुली, तो लैला
के छूट पर अपने वीर्ये को देख कर एक दम से घबर agaya….usse कुछ समाज
मैं नहीं aya…usne दूसरी तरफ करवट बॉडी, और रजाई ओढ़ कर लेत gaya…ye सोचा
कर लैला को पता ना चले..
ऐसे ही संजू ने दूसरी तरफ मुँह kya….laila ने अपने आप को अच्छे से रजाई से धक्
laya…..usne अपना एक हाथ पीछे लेजाकर अपने चूतड़ों और छूट के फांकों को
छुआ, उसके हाथ के उंगलयां संजू के लुंड से निकले वीर्ये से सं gaye…..ussne अपनी
छूट पर लगे वीर्ये पर अपनी गुंगल्यों को घुमय, और फिर पता नहीं उसके दिमाग
मैं क्या आया. उसने संजू के वीर्ये से सनी अपनी एक ऊँगली को अपनी छूट मैं घुसा
laya…aur अंदर बहार करने lagee….uske दिमाग मैं जैसे संजू के लुंड के छवि
से बन गए thee….jisse अभी तक उसने देखा भी नहीं था….
वो अपनी ऊँगली को तेजी से अंदर बहार करने lagee…..aur मान मैं कल्पना करने के
लगी, की संजू का लुंड उसकी छूट के अंदर बहार हो रहा hai…..par उस पतली से ऊँगली
से उसकी छूट के आग कहाँ बजाने वाली thee….wo तो और बाधक रही thee…..akhir
हार कर लैला ने अपने लहंगे को ठीक काया, और सीढ़ी होकर लेत गए…
इधर घर पर... संजू को बस स्टैंड पंहुचा के जब्ब चंदा और मेनाक लौटी....
तभी गेट के पास hi उन दोनों की मुलाक़ात एक अनजान औरत से हो गयी....
औरत- ठहरो.... कहे घुसे चली आ रही हो...
चंदा - आप कौन हो??
औरत - मई जो कोई भी हु लेकिन पहले तुम दोनों बताओ की ऐसे हे बिना पूछे किसी के घर में कैसे घुसे चली आ रही हो....
मेनका - ारी माजी.... हम यही रहते है
चंदा - हां लेकिन पहले ये बताओ की आप कौन हो और घर के अंदर कैसे घुसी....
औरत - घर के अंदर कैसे घुसी का क्या मतलब है..... ये मेरा घर है .....
चंदा - ू आंटी पागल वागल हो क्या या सुबह सुबह नशा करके आयी हो जो हमारे घर को अपना घर बता रही....
औरत - नशा तुम दोनों करके आयी होगी जो मेरे घर को अपना घर बता रही चलो निकलो निकलो यहाँ से...
उस औरत ने चंदा और मेनका को ढ़ाके देके निकाल दिया....
चंदा और मेनका उस औरत के धक्के देने से बहार रोड पे गिर गए....
चंदा - आह्हः..... चुड़ैल कही की कितनी जोर से धक्का मारा है मेरी कोहनी चिल गयी आह
मेनका - उठो.... अपना हाथ दो चंदा....
तुम ठीक तोह हो न...
चंदा - चोट लग गयी आआह्ह्ह्हह....
मेनका - समझ नहीं आ रहा आखिर माजरा क्या है ये औरत कौन है और ये हमारे घर को अपना घर क्यों बोल रही....
तभी मल्टी और बिमला जो नदी से नाहा धोके आ रही होती है....
मल्टी - ारी मेनका चंदा तुम दोनों रोड पे क्यों कड़ी हो घर के अंदर क्यों नहीं जा रही....
मेनका - वोह माजी बात दरअसल ये है की **************** तोह ये सब हुआ और चंदा को कोहनी पे चोट भी लग गई...
बिमला - क्या..... कौन है वोह औरत....
मल्टी - और कौन होगी बुआ जी hi होगी....
चंदा - बुआ जी कौन बुआ जी...
मल्टी - वही जिनके यहाँ हम दोनों गए थी और बुआ जी हमारे साथ यहाँ आ गयी....
चंदा - अच्छा तोह ये बुआ जी है.... लेकिन उन्होंने हमको घर में घुसने क्यों नहीं दिया...
मल्टी - हो सकता है उन्होंने तुम दोनों को पहचाना न हो..... क्युकी तुम दोनों से उनकी भेट हुई hi नहीं है जब तुम लोग आये तब वोह सके उठी नहीं थी इस कारन ऐसा किया होगा उन्होंने.....
मेनका - ओह अच्छा अब समझे में आया
मल्टी
- आओ आओ अंदर चलो....
सभी मल्टी के पीछे घर के अंदर चल पड़ते है.....
बुआ जी जो अभी टीवी देख रही थी....
उनकी नज़र जब मेनका और चंदा पर गयी...
बुआ - ारी तुम दोनों फिर आ गयी...
मल्टी - बुआ जी ये हमारे हे घर में रहती है हमारी hi बच्चियां है...
बुआ - ओह अच्छा माफ़ करना बीटा मुझे मालूम नहीं था मैंने कभी इनको देखा नहीं था न तुम्हारे साथ इसलिए....
मल्टी - कोई नहीं बुआ जी.... आप टीवी देखिये तब तक मई कपडे सूखा के आती हु....
मल्टी और बिमला कपडे सुखाने टेरेस पे चली गई...
इधर मेनका और चंदा भी अपने अपने रूम में चली गयी और थोड़ा आराम करने लगी...
इधर हवेली में ढोलू और भोलू कल्लू और बल्लू के साथ मिलके चोदामपट्टी की बातें पेले जा रहे थी....
कल्लू - भाई मैंने तोह अपनी जी जिंदगी में एक से बढ़के एक आइटम देखि है....
ढोलू - हां भाई तू देखने के अलावा कुछ कर भी तोह नहीं सकता न
सभी ढोलू की बात सुनके जोर जोर से हसने लगे...
कल्लू - हां यार अब तेरी तरह तोह हु नहीं न की राह चलती 89 साल की दादी अम्मा को भी छेड़ने से बाज न औ......
सभी -




ढोलू - अबे तुझे क्या पता बी साले बुढ़िया औरतों की बुर में आग होगी है....
सभी -
कल्लू - अच्छा तोह कल से बीड़ी जलाने के लिए मुझसे लाइटर मत माँगना वही जाके उससे हे बीड़ी जलना.....
सभी


ढोलू - नहीं मागूंगा साले तुझसे तू बीड़ी जलाने के बदले मेरे से एक बीड़ी कमीशन ले लेता है....
सभी

कल्लू - तोह क्या तेरे को फ्री में अपना लाइटर जलने दूंगा बी....
सभी


बल्लू - बहुत न इंसाफ़ी है भाई ढोलू इससे अच्छा है तू वही जाके अपनी बीड़ी जला आया कर....

सभी



ढोलू - सालू उदा लो..... और उड़ा लो मेरा मजाक
एक दिन ऐसा आएगा जब मई भी खुल के है लूंगा....
दुनिया से आगे होकर के मई भी थोड़ा कास के पकड़ लूंगा.....
कल्लू - ो.... मुनावर फारुकी के बड़े पापा...... अपना मुँह बंद कर और बता कहा चलना है....
ढोलू - किस लिए कहा चलना है....
कल्लू - ले तुझे मालूम नहीं है....
ढोलू - नहीं....
कल्लू - अबे भोलू तूने नहीं बतया अपने भाई को...
भोलू - सॉरी भूल गया था...
कल्लू - वह बीटा छोड़ने के बाद चड्डी पहनना याद रहता है और ये बात बताना भूल गया
सभी


ढोलू -


ढोलू - भोलू गद्दार तूने चुदाई भी कर ली और अपने सेज बड़े भाई को बुलाया तक नहीं....
भोलू -
नहीं बड़े भाई मैंने कोई चुदाई नहीं की.....
बल्लू - की है की है मैंने देखा है....
भोलू -
तूने कब देख लिया...
ढोलू - बल्लू भी बोल रहा है इसका मतलब तूने मुझसे छुपकर चुदाई की
मुझे पता तक चलने नहीं दिया....
भोलू -
( मैं में) - मैंने चुदाई भी कर दी और मुझे पता हे नहीं....
भोलू - नहीं बड़े भाई मई सच बोल रहा हु.... कल्लू - मैंने तुझे देखा है झूट मत बोल...
भोलू - कब देखा है बता जरा...
कल्लू - कल hi बगीचे में...
भोलू - पर मई तोह कल बगीचा गया हे नहीं था....
कल्लू - अच्छे से सोच ले...
भोलू - हां हां मई सूरे हु...
कल्लू - तू सूरे नहीं सूअर है सेल.... कल रात को ढोलू भाई तुम्हारा ये छोटा भाई भोलू मस्ती में बगीचे की तरफ गया और वह पे एक औरत नंगी लेती इसका इंतज़ार कर रही थी उसके साथ इसने तापा तप तापा तप तापा तप चोदामपट्टी करनी शुरू कर दी...
ढोलू -




भोलू..... गदार साले...... तुझे मई अपना भाई समझता रहा लेकिन तूने मुझे बताये बिना यहाँ औरत छोड़ दी..... 


भोलू - बड़े भाई मेरी बात तोह सुनो बड़े भाई....
ढोलू - मत बोल मुझे अपने इन गंदे मुँह से बड़े भाई.... मत बोल...
भोलू - ये झूट बोल रहा है मेरा यकीन करो बड़े भाई....
ढोलू - नहीं नहीं नहीं भोलू कल्लू झूट नहीं सच बोल रहा है साले कमीने तू भाई कहलाने के लायक नहीं है ये ले तेरी तोह
चटाककककक..... गद्दारी करबे.... चटककककककक.......
आआआअह्ह्ह्ह.... बड़े भाई..... आआह्ह्ह्ह....
गद्दारी करबे साले..... चटाककककककक.....
ढोलू - बता इसकी और करतूत.... बता
चटाककककक.... चटकककक....
कल्लू - फिर मेरी नींद खुल गयी और सपना टूट गया भाई.......












( ढोलू का रिएक्शन
)
क्या बोलै तूने....
कल्लू - हां भाई मेरा सपना टूट गया आज रात को फिर से देख के बताऊंगा की आगे क्या किया भोलू ने उस औरत के साथ....
ढोलू - साले कमीने कल्लू.... तूने जिन्दा लौंडा निपटवा दिया कमीने



ढोलू कल्लू को मारने के लिए दौड़ाने लगा...
भोलू इधर ढोलू की मार से अधमरा हो गया था .....

बाकि नेक्स्ट एप में....
प्रेमा के साथ अनजान लड़के के देख सभी चौक जाते है.....
सविता - है राम ये किस लड़के को ले आयी ये लड़की... इसके पिताजी ने देख लिया तोह मुझपे गुस्सा करेंगे.....
तै जी ( नूरी ) - ारी प्रेमा बेटी ये किसको साथ ले आयी है.....
लैला - हां हां प्रेमा बिटिया ये बाबू साहब कौन है.....
प्रेमा :- फिर अपने साथ हुई सारी घटना बताती है और कह सुनती है की इस लड़के को नौकरी की जरुरत है और मैंने इसको अपने यहाँ नौकरी पे रख लिया है बस....
वनराज जो घर में हो रहे शोर को सुन्न के अपने कमरे से निकल के नीचे आता है...
वनराज - क्या हो रहा है भाई.....
प्रेमा - वोह पापा.... मई न इस लड़के को लेके आयी हु....
वनराज - पर क्यों बिटिया....
प्रेमा - हुआ यूँ की................ और इसने मेरी जान बचायी और मैंने इसको काम पे रख लिया..... क्युकी इसको काम की जरुरत थी....
वनराज - बस इतनी सी बात ठीक किया.... वैसे भी जिसने हमारी बिटिया रानी की जान बकहयि है वोह तोह इनाम का हकदार है hi....
प्रेमा - यह... पापा ने मेरी बात नहीं काटी यप्पी....
वनराज- तुम जाओ हाथ मुँह धो लो और खाना खा लो मई जरा इससे बात करता हु और देखता हु की ये क्या क्या काम करने लायक है....
प्रेमा - ok पापा....
प्रेमा के जाने के बाद....
वनराज - नाम क्या बताया तुमने अपना...
संजू - जी संजू नाम है मेरा...
वनराज - अच्छा... क्या क्या कर लेते हो....
संजू - जी साहब.... झाड़ू पूछा बर्तन कपडे सब कर लेता हु..
वनराज - ारी..... उसके लिए तोह हमारे पास लैला है उसके लिए हमको तुम्हारी जरुरत नहीं....
संजू - कौन लैला साहब जी.,....
वनराज :- ये हमारी कामवाली लैला...
( वनराज लैला की तरफ इशारा करते हुए)
संजू - ओह्ह... ये..... अच्छा... तोह साहब लैला जी की जरूरतों के लिए हमको रख लीजिये.....
लैला -
वनराज -
संजू - हम ये बोले साहब की उनको हाथ बता देंगे काम में उनका भी काम आसान हो जायेगा......
वनराज - ऐसा....
( लैला की तरफ देखते हुए).......
लैला जो संजू का यौवन देख पहले हे उसपे अपना दिल हार चुकी है..
( आअह्ह्ह छोरे तू बड़ी कड़क चीज़ है..... तेरी जरुरत तोह मुझे दिन रात पड़ने वाली है....)
वनराज लैला की तरफ देखते हुए...
वनराज - क्यों लैला क्या किया जाय इसका.....
लैला - अब मई क्या बताऊ साहब...... आपकी जो मर्ज़ी वोह करिये....
वनराज - हम्म्म्म...... अच्छा ये बता और कुछ आता है तुझको घर के काम के अलावा......
संजू - घर के काम के अलावा..... हां... मुझे गाड़ी चलना भी आता है.....
बाइक चलना भी आता है......
वनराज - बस.. बस... इतना काफी है... और वैसे भी तेरा एक और गुण तोह देखा हे है प्रेमा बेटी ने ..... तोह ठीक है आज से तय रहा की तू हमारे यहाँ नौकरी करेगा....
घर में लैला की मदद करेगा और बहार गाड़ी में ड्रिवेरी करेगा... और जब भी हमारी बिटिया कही जाएगी उसके साथ उसके बॉडीगार्ड की तरह जायेगा.....
संजू - धन्यवाद बहहते... बहहते धन्यवाद साहिब.....
वनराज - यहाँ कहा रहने वाले हो कोई जगह है तुम्हारे पास......
संजू - जगह तोह नहीं हैं साहब....
वनराज - अच्छा ठीक है तुम्हारे रहने का इंतज़ाम भी हम करवा देंगे कल तक - तब तक तुम कही बहार होटल वगैरह में रुक जाओ....
संजू - साहब मई होटल कहा से दूधु....
लैला - मालिक... मालिक..... मई क्या कह रही थी की कहा ये होटल ढूढ़ता फिरेगा इससे अच्छा है जो आपने हमको रहने को घर दिया है वह रह ले वैसे भी एक hi दिन की तोह बात है....
वनराज - हां ये भी ठीक है..... तोह एक काम करना संजू तुम आज लैला के यहाँ रुक जाना.....
संजू - जी साहब.......
वनराज - अच्छा चलो अब अपना सामान यहाँ छोडो और जरा मेरे साथ चलो ......
संजू - कहा साहब.....
वनराज - ारी चलो तोह सही......
( मैं में - साले तुझ जैसे लोगो को मई अच्छी तरह से जानता हु..... बड़े घर की लड़की को फसाने का अच्छा बहाना हैं.......
अपने दोस्तों को भेज के पहले उस लड़की को डराओ उसकी इज़्ज़त लूटने की कोशिश करो और फिर खुद आकर उसकी जान बचा के उसकी नज़र में हीरो बन जाओ और फिर उसके दिल में जगह बना लो चल बीटा तुझे तेरी इस हरकत के लिए मजा चखता हु ताकि दुनिया याद रखे की वनराज की बेटी पे बुरी नज़र रखने वालो की क्या हालत होती है)
वनराज - ये लो कार की चाबी जाओ निकालो मई तुम्हारी ड्राइविंग देखना चाहता हु.....
संजू - जी.....
( संजू चाबी लेके कार निकलने चला गया.. )
वनराज - हां hello.... सुनो बी तुम लोग ********** समझे की नहीं.... ठीक है फिर मई रखता हु फ़ोन वोह आ गया....
संजू - चलिए बैठिये साहब....
वनराज - है हां...
वनराज कार में बैठ गया...
वनराज - चलो....
संजू कार
वनराज - वह.... कार तोह अच्छी चला लेते हो...
संजू - जी शुक्रिया साहब....
वनराज - अच्छा उस उस पानवाले के पास रोकना...
संजू - जी अभी लीजिये....
संजू ने कार पान वाले की शॉप के आगे रोक दी....
वनराज - जाओ मेरे लिए 2 पान बनवा के लाओ....
संजू - जी साहिब.....
संजू कार से उतर के पान की शॉप पे जाता है
संजू - भैया 2 पान बना दीजियेगा...
शॉपकीपर - अभी बनता हु भाई....
तभी कुछ लोग लड़खड़ाते हुए पान की शॉप के पास आये और पान वाले से बदतमीज़ी करने लगे....
एक आदमी - क्यों रे गुटके वाले क्या कर रहा है.... इस गे लड़के को आज बुला लिया है अपनी गांड मरवाने.....
शॉपकीपर - ये क्या बकवास कर रहे हो और कौन हो तुम लोग....
2सरा आदमी - हमको नहीं पहचानता तू कल हे तोह आये थी तेरी गांड मारने इतनी जल्दी भूल गया....
आज इस छोकरे में ऐसा क्या देख लिया...
2सरा आदमी संजू के चेस्ट पे हाथ माल्टा हुआ...
संजू - ये क्या बदतमीज़ी है भाई साहब....
3सरा - ये बदतमीज़ी नहीं है बांगड़ू ये तोह ाधिकी है....
संजू - हाथ हटाइये....
4तह - अच्छा और नहीं हटाया तोह क्या करेगा....
संजू - जी प्लीज हाथ हटाइये...
5तह - देखो हटा दो बी देखो बच्चा कैसे गिड़गिड़ा रहा...
संजू - हां प्लीज हटा लीजिये ये अच्छा नहीं लग रहा हमको....
एक आदमी जो संजू की कनपटी पे खींच के एक तमाचा लगता है......
संजू को एक सेकंड के लिए होश हे नहीं रहता की हुआ क्या...
संजू ( मैं में ) - आआह्ह्ह्हह... मादरचोद ये क्या हुआ बी ये अचानक से मुझे दिन में सितारे क्यों नज़र आने लगे....
2ंद - ारी भाई इतनी जल्दी एक्शन में क्यों आ गए अभी तोह मजा आ रहा था बच्चे के साथ खेलने में देखो कैसा मारा है बेचारा अभी तक सदमे में है....
1सत - अबे जल्दी इसका मटर ख़त्म करो य्र्र मुझे मेरी गफ से भी मिलने जाना है यहाँ 10 बार फ़ोन कर चुकी....
3रद - तभी भाई ने रख के लगाया है....
1सत - हां
संजू जो सब कुछ सुन्न रहा था...
संजू - भैया आप ने मारा कहे... भैया...
1सत - तोह क्या तेरी आरती उतारू बी कबसे आना कानि करे जा रहा था.... हाथ हटाओ ये करो वोह करो
संजू - हां फिर भी भैया आपने मारा काहे....
1सत - ारी बताया तोह की क्यों मारा..
संजू - हां फिर भी मारा कहे.....
2ंद -- अबे पागल हो गया है क्या बहिन के लोडे जो एक बात बार बार रिपीट कर रहा मारा कहे मारा कहे....
संजू - भैया गाली क्यों दी आपने....
3रद - लो अब इसका ये रिपीट पे चलेगा अब...
संजू - मैंने कहा गाली क्यों दी आपने....
4तह - अजीब चुटिया बाँदा है बी....
5तह - इसकी तोह....
5तह बाँदा जो अपना हाथ उठा के संजू को मारने आगे बढ़ता है....
संजू हल्का सा उछाल के अपने लेफ्ट पेअर से 5तह वाले बन्दे के लेफ्ट वाले घुटने पे मारता है घुटना पीछे की तरफ दबता है जिससे घुटना टूट जाता है........ ( kadakkkkkk......ki ाआवाज़ के साथ....) aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
और संजू अपने लेफ्ट हैंड से 5तह वाले बन्दे के राइट हैंड को पकड़ के मरोड़ देता है और राइट हैंड से 5तह वाले का सर पकड़ के अपने घुटने पे मार देता है..... जिसके कारन उसका नाक फट जाता है और नाक से खून निकलने लगता है और वोह 5तह वाला बाँदा वही बेहोस हो जाता है.....
5तह वाले की ऐसी हालत देख सभी दांग रह जाते है..... पानवाला भी जल्दी जल्दी पान बनाने लगता है
उसके बाद 3रद और 2ंद वाले चम्मच चोर लोग मेरे पे अटैक मारते है
तोह था भाई संजू का सजेंडर कर सकते है न.... हां तोह ये सजेंडर था भाई सजेंडर उन दोनों चम्मच चोरो को अपने एक एक हाथ में छिपकली की शक्ति के साथ उठा लेता है और जोर जोर से घुमा घुमा के पटक देता है दोनों वही बेहोस हो जाते है....
1सत वाला - साले कुत्ते तूने हमारे दोस्त को मारा तेरी तोह
1सत वाला जैसे हे संजू को मारने के लिए आगे आता है..... संजू 4तह नंबर वाले को जो संजू के बगल में था उसको कीचे के अपने सामने ले आता है.....
1सत वाले के हाथ में रखा चाकू..... 4तह वाले को अचानक से खींच क्र अपने सामने लाने के कारन चाकू 4तह वाले की गांड में घुस जाता है
4तह - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh....
संजू - ाबी चिल्ला कहे रहा है....
4तह - पीछे देखो पीछे.....
संजू - अपने पीछे पलट के देखता है...
अबे काले मगूस पीछे तोह कोई नहीं है बी...
4तह - अपने नहीं मेरे पीछे देखो....
संजू - तेरे पीछे तोह ये गफ का गुलाम खड़ा है जो गुस्से में लाल हुआ पड़ा है...
क्युकी तू मुझसे लिप्त खड़ा है..
4तह - ारी नीचे तोह देखो.....
संजू - अभी ये क्या गोल गोल घुमा रहा है बी कभी पीछे देखो कभी नीचे देखो करके...
4तह - ारी देखो तोह सही.....
संजू - ok ok देखता हु मुन्ना रोने का नहीं
संजू ने जैसे hi पीछे का नीचे देखा....
ारीय दादा....... बहुत पैन हो रहा होगा न...
4तह - हां....
संजू - हम्म्म.... तू तोह छेदीलाल हो गया काले मांगूस भाई... अब तेरा कुछ नहीं हो सकता.... कल टॉयलेट में जाना और चिल्लाना है अभी यहाँ से कल्टी मारो....
4तह - आआह्ह्ह्हह
संजू - आ.. आए भाई... आए... काले मगूस भाई देखो मेरे सामने रोने गाने का नहीं है समझे की वार्ना मई भी रोने लग जाऊंगा न तोह यहाँ बाढ़ आ जाएगी चुपचाप अपने घर जाके रो...
4तह वाला - कैसे जाऊ घर.....
संजू - रुको बंदोबस्त करता हु.....
संजू 4तह वाले को जोर से पकड़ के खींचता है जिससे उसके गांड से चाकू निकल जाता है और वोह गधे की माफिक चिल्लाता है.....
संजू - हो गया न भाई... अब कहे को रो रहे हो अब तोह घर जाने का मच्छी फ्राई खाने का और दवा लगा के सो जाने का.....
4तह - थैंक यू भाई..... लेकिन तुम मुझको घर कैसे छोड़ोगे
संजू - गाडी से......
4तह - थैंक यू मेरे भाई... इतना तोह कोई सागा भी नहीं करता...
संजू - हां सागा नहीं हु इसलिए तोह कर रहा हु...
4तह - ायीयीएनननन.
संजू - वोह देखो गाडी दिख रही न....
4तह वाला कार को देख के हां हां दिख रही...
संजू - हां उसमे हे बैठा के आपको घर छोड़ के आएगा तेरा भाई
4तह - बहुत बहुत शुक्रिया भाई...
1सत - ये क्या हो रहा है ये साला 4तह इसका तोह दीवाना सा बनता जा रहा..
1सत - अबे ा 4तह तू क्या कर रहा है वोह अपना दुसमन है.
4तह - साले कमीने दुसमन वोह नहीं तू है भोस्डिके मेरी गांड में चाकू ठूस दिए..
संजू -;भाई भाई गाडी पे फोकस अभी 1 2 3 गईं ने का फिर चलेगी बाबू की मशीने....
आप बस गाडी को देखते रहो देखो मई आपको कैसे बैठता है गाड़ी में....
4तह - हां भाई मई गाड़ी को हे देख रहा....
संजू - 1 तवो 3 ये लो मोटा भाई.....
संजू ने एक लात 4तह वाले की गांड पे मारी
4तह - आआआअह्ह्ह्ह है थोड़ा दर्द हुआ पर चलता है..... कार में बैठूंगा एक में मस्त..... ारी ारी ारी ये कार में इतना खुला कुल सा जगह कहे दिख रहा..... धड़ाम...
संजू - बई बई भाई...
4तह - भाई भाई... ये कार में इतना ख्याल खुला सा क्यों लग रहा हैं..
1सत - क्युकी वोह कार नहीं ट्रक है चूतिये..... कार वोह कड़ी है....
4तह - मोये मोये
संजू - इस साले को क्या लगा था की इसको अपन कार से भेजेगा
हलवा समझा है क्या....
कुछ भी समझते है लोग..... हां हैंडसम चार्मिंग हूँ तोह क्या अच्छा आदमी समझ लिया क्या बी....
और बी भूतनी के तू.... तुझे अभी लेट नहीं हो रहा साले अब तक तोह अपनी गफ के डर के मारे मुझपे थप्पड़ बरसा रहा था तेरी तोह
संजू जे दौड़ते हुए जेक शॉपकीपर के हाथ से पान छीना और मुँह में भरके खाने लगा...
अब पान खाने के बाद क्या होता है की न उसका कत्था जो होता है वोह हाथो पे लग जाता है तोह लोग क्या करते है की न उसको बालो पे लगा लेते है तोह अपने संजू बाबा ( it's में) भी इंसान है क्युकी उनका जनम भी बचपन में हो गया था तोह मैंने क्या किया की कत्थे से सना हाथ बाल पे लगाने लगा ये देख के साला शॉपकीपर सदमे में आ गया..... क्युकी उसके पास बाल हे नहीं था और मई उसके बालो सॉरी तकले पे कत्थे लगा रहा था
शॉपकीपर का यहाँ मोये मोये
और इसके हे साथ मैंने शॉपकीपर के तकले को पकड़ के देवियो और सज्जनो थोड़ा ध्यान से अपनी जोर लगा के सुनियेगा ऐसा सुनियेगा की आपकी गुर्दे चिल जाए.. आपकी टट्टी निकल जाए
शॉपकीपर -
संजू - किसने मारा तुम्हे मुझे बताओ उसका नाम बताओ मई अभी उसके हाथ पाँव तोड़ दूंगा....
शॉपकीपर - आईएन
किसी ने नहीं मारा भैया हम हे इधर खेलते खेलते आ गए...
संजू - उठो उठो.... भाई साहब जाओ जाओ अपनी शॉप पे बैठो ऐसे खेलते खेलते बहार मत भागा करो दूकान को खाली नहीं छोड़ते....
शॉपकीपर - हाव्
संजू - मेरा एक और पान...
शॉपकीपर - ये लो.... पैसे.... ????
संजू - पैसे कैसे पैसे.... !!!
शॉपकीपर - पान के पैसे... !!!
संजू - ारी मैंने आपको इन गुंडों से बचाया है उसका क्या.....
गुंडों से छुड़ाया है
मैंने तुझे बचाया है...
पूछ ले सामने जनता है...
एक पान तोह फ्री बनता है....
शॉपकीपर -
संजू - अच्छा भैया मई चलता हु.....
संजू जाके कार में बैठ जाता है....
वनराज - इतनी देर कैसे लगा दी...
संजू एक पान वनराज को पकड़ाते हुए....
संजू - वोह थोड़ा भीड़ जयादा थी....
वनराज - ( मैं में ) - दम तोह है इस लौंडे में इसका मतलब इसने सही में मेरी बेटी को बचाया था..... क्या लड़ता है क्या कॉमेडी करता है मजा आ गया इसकी लड़ाई देख के....
संजू - का हुआ साहिब किस सोच में पद गए...
वनराज - मई ये सोच रहा था की मैंने तोह 2 पान मंगवाए थी...
संजू -
वोह वोह मालिक गलती से हम एक पान खा गया
वनराज -
संजू -
वनराज - ( मैं में - साला कॉमेडियन है
संजू - अब कहा चले साहब....
वनराज - वोह आगे चलता चल सामने एक अच्छा सा होटल है वह चलते है समोसे खाने
संजू - जी मालिक....
संजू ने कार होटल के सामने रोक दी....
संजू और वनराज ने नास्ता किया फिर दोनों घर को आ गए,.
वनराज घर पहुंच के....
वनराज -लैला... ो... लैला.. कहा को है....
लैला - हां मालिक.....
वनराज - इस लड़के का अबसे यही रहना खाना होगा... इसको वोह कमरा दिखा दे जो उधर पीछे की तरफ है....
लैला - जी मालिक.....
वनराज - जाओ संजू.... लैला के साथ जाओ... ये तुम्हे तुम्हारा कमरा दिखा देगी....
संजू - जी...
संजू लैला के पीछे को हो लिया....
जब लैला उससे पीछे बने रूम के तरफ ले जा रही thee….to वो बार-2
पीछे मुद कर उसकी तरफ देख रही थे…
लैला के उम्र 45 साल thee….aur एक बीटा और बेटी के माँ भी थी. बेटी बड़ी थी.
लैला के शादी ***** साल के उम्र मैं हुई thee…aur एक साल बाद ही उसने बेटी को
जनम दया tha…jiska नाम निम्मी tha…Nimmi प्रेमा से उम्र मैं 1 साल छोटी
thee…sanju को लैला का जून बार-2 मुद कर देखना और देख कर मुस्कारन अजीब सा
लग रहा tha…kyonki लैला संजू से दुगनी उम्र के थी. और संजू इनसब बातों और
इशारो को समजने के लये मातुरे नहीं था….
रूम के तरफ जाते हुए, लैला अपने चूतड़ों को कुछ जदया ही मटका कर चल रही
thee….laila और उसके पति के बीच सेक्स ख़तम हो चूका था. जब से लैला ने
वनराज से अपने पति को फटकार लगवाई thee…tab से उस्सने लैला से सेक्स करना बंद
कर दया tha…laila के चूड़ी हुए भी करीब 10 साल नहीं हुई thee…jab लैला रूम के
सामने जाकर दूर खोला, और संजू के तरफ पालते. “ये लो. आज से ये तुम्हारा कमरा
है.” लैला ने अपने होंटो पर मुस्कान लेट हुए कहा.
संजू सर झुकाये हुए रूम मैं घुस गया, और इधर उधर देखने लगा. रूम
पुराने सामान से भरा हुआ था. इतने मैं पीछे से वनराज भी आ गया, और
कमरें के अंदर झांकता हुआ बोलै. “हँ सच मैं अंदर तो पुराना सामान भरा
हुआ hai…aisa करो अपना झोला यही रखो. कल यहाँ से बेकार सामान बहार निकलवा
देते hain..aur आज रात का तुम्हार सोने का इंतजाम कहीं और करवा देता
hun…..Vanraj के बात सुन कर लैला ने झट से कहा. “सेठ जी अगर आप बोले तो,
ये आज हमारे घर पर ही सो जाता है” वनराज को लैला के बात ठीक लगी, और
वनराज ने लैला को हाँ कह दी…
रात ढल चुकी thee…sab खन्ना खा चुके thee….aur अपने रूम्स मैं जाकर सोने के तेरी कर रहे thee…Vanraj तो इस घडी के लये पहले से ही भोत ुटवाला
tha…laila अपना सारा काम निपटा कर संजू के पास गए. जो खन्ना खा कर अनजान
मैं जमीन पर ही लेता हुआ था. “चलो अब्ब चलते हैं. सारा काम ख़तम हो
गया है” संजू ने बेमन से लैला के तरफ dekha…jo उसकी तरफ देखते हुए कातिल
मुस्कान अपने होंटो पर लाये हुए thee….aur फिर संजू उठ कर खड़ा हो गया……
लैला रजनी के कमरे मैं गए और बोली. “दीदी सारा काम कर दया hai…abb मैं
जा रही hun…bahar का दरवाजा बंद कर लो.” उसके बाद लैला संजू को लेकर
वनराज के घर से निकल कर अपने घर के तरफ जाने lagee…raat घिर चुकी थी…
अप्प सब लोग तो जानते ही honge…uss समाये मैं लाइट नहीं होती thee….khastor पर
गाओं main..islye चारो तरफ अँधेरा चाय हुआ tha….raste मैं किसी-2 घर के
अंदर से लालटेन के रोशनी नज़र आ जाती.
गाओं के गललयों मैं सांता चाय हुआ tha….laila संजू के अग्गे-2 कुछ गुनगुनाते
हुए चल रही thee….andhere के वझे से संजू ठीक से देख भी नहीं पा रहा
tha….gaon के गालयों से गुजरते हुए, लैला और संजू गाओं के बहार आ चुके थी…
अँधेरे और अनजान जगह के कारन संजू थोड़ा दर रहा था. आखिर कार उस्सने लैला
से पूछ ही laya…”gaon तो ख़तम हो gaya…app का घर कहा हैं…” लैला ने
पीछे मुद कर संजू के तरफ देखा और पीछे के तरफ इशारा करते हुए कहा. “वो
उधर वो वाला घर है” संजू ने एक बार पीछे मुद कर उस घर के तरफ देखा…
जहाँ पर लालटेन जल रही थी…
संजू: पर फिर आप यहाँ क्यों आ गए….
लैला: वो दरसल मुझे भोत तेज पेशाब लगा tha.isslye यहाँ पर ए hun…aur सुनो
तुम भी यहीं मूट लो. घर पर पेशाब करने के लये जगह नहीं है.
ये कह कर लैला अपनी गांड मटकते हुए थोड़ा अग्गे हैकर रुकी, और एक बार पीछे
मुद कर 6-7 फुट दूर खड़े संजू के तरफ देखा, और अपना लहंगे को ोप्पेर
ुहताने lagee…ye देख कर पीछे खड़े संजू के हाथ पाऊँ कनापने lagee…aur
वो झेनापते हुए इधर उधर देखने laga…halaka चारो तरफ अँधेरा tha…par
आस्मां आधा चाँद निकला हुआ tha…jisse कुछ रोशनी तो चारो तरफ पहेली हुई
thee….jaise ही लैला ने अपने लहंगे को कमर तक ऊपर uhtya..mano जैसे संजू
के हलक मैं कुछ अटक गया हो. उसके ऑंखें लैला के हलके सांवले रंग के
मांसल और गुदाज चूतड़ों पर जैम gaye…laila अग्गे के तरफ देखते हुए मुस्करा
रही thee…ye सोच कर की, पीछे खड़ा संजू बेहाल हो रहा होगा. उसकी गांड
देख कर. और संजू था भी बेहाल.
लैला के मोती और गुदाज गांड को देखते ही, संजू का लुंड उसके प्याजमे मैं एक
दम तन कर खड़ा हो गया. लैला ने अपने एक हाथ से अपने लहंगे को पकड़ा हुआ
था, और उसने एक दूसरे हाथ से एक बार अपनी छूट के फांकों को खुजाया, और
धीरे-2 नीचे पंजो के बल बेथ gaye…aur फिर सर के तेज आवाज से उसकी छूट से
पेशाब के धार निकलने lagee…jisse सुन कर संजू का और बुरा हाल हो gya…laila का
दिल भी जोरों से धड़क रहा था.
वो मान मैं सोच रही थे, की संजू अभी उसी यही पटक कर छोड़ दी. पर अब्ब वो
ये सीधा-2 अपने मुँह से तो नहीं कह सकती thee…sanju का हाथ खुद बा खुद ही
प्याजमे के ऊपर से उसके लुंड पर पहुंच चूका tha…aur वो लैला के गांड को
देखते हुए, अपने लुंड को मसल रहा था. लैला पेशाब करने के बाद उठी. और अपनी
टांगों को थोड़ा सा पहला कर अपनी छूट के फांकों को अपनी उन्गलों से रगड़ कर
साफ़ करने लगी….
उससे कोई जल्दी नहीं थी, अपना लेहंगा नीचे करने के, भले ही उसकी बेटी के उम्र
का लड़का पीछे खड़ा उसकी गुदाज गांड देख रहा था. लैला के झांटों से भरी
छूट का कुछ हिस्सा संजू को भी दिखाई देने laga…sanju का लुंड तो बाग्वट पर
उतर आया हो tha..wo उसके पयजामे मैं ऐसे झटके मार रहा था. जैसे अभी उसका
पायजामा पहाड़ कर बहार आ जायेगा.
लैला ने अपना मुँह घुमा कर पीछे dekha….sanju के नज़रें लैला के गांड पर
तिकी हुई थी. और उसका हाथ अपने 8 इंच के लुंड को पयजामे के ऊपर से मसल रहा
था. जब लैला ने ये सब देखा तो, उसके होंटो पर मुस्कान फेल gaye….usne अपने
लेहंगा नीचे काया, और संजू के तरफ मुड़ी. जैसे ही लैला के गांड को लहंगे
ने देखा, संजू जैसे सपनो के हसीं दुन्या से बहार आया , और लैला के तरफ देखा.
लैला उसकी तरफ देखते हुए, मंद-2 मुस्करा रही thee….sanju ने अपना धयान
दूसरी तरफ कर laya…jaise उसने कुछ देखा ही ना हो.
लैला अपनी गांड को मटकते हुए, संजू के पास ए, और बोली. “तुम्हें नहीं मूतना”
लैला के बात सुन कर संजू हड़बड़या. “जी नहीं “ लैला के होंटो पर मुस्कान फेल
gaye…sanju के हालत देख कर. “अच्छा ठीक है चलो. रात भोत हो गए है. सुभे
सेठ के घर वापिस भी जाना है” ये कह कर लैला अपने घर के तरफ जाने लगी.
संजू बेचारा अपने लुंड को छुपाते हुए लैला के पीछे चल padha..laila ने अपने
घर के सामने जाकर लकड़ी से बने दरवाजे को खटखटया. थोड़ी देर बाद लैला के
बेटी निम्मी ने दरवाजा खोला.
वो अपनी नींद से भरी आँखों को मलते हुए बोली. “क्या माँ एंटी देर लगा दी. मैं
तो सो गए थी.” जब उस्सने अपनी आँखों को खोल कर लैला के तरफ देखा तो, लैला के
पीछे खड़े संजू के देख कर थोड़ा हरिजन होकर बोली. “ये कोण है माँ” लैला ने
संजू के तरफ देखा और बोली. “ये संजू है. ये सेठ जी के घर मैं रहेगा. उनका
नौकर है. आज ही सहर से आया है. “ लैला और संजू अंदर आ gaye..laila का घर
जायदा बड़ा नहीं था. उसके घर मैं अग्गे के तरफ एक कमरा था. और पीछे के
तरफ एक कमरा था. जिसमे लैला और उसकी बेटी सोते thee..agge वाले कमरे मैं जलवान
का सामान रखा हुआ था. पिछले कमरे के अग्गे एक छोटी से रोसी थी….
पूरा घर कच्चा था. नीचे जमीन भी कच्ची thee…laila संजू को लेकर पिछले
रूम मैं आ gaye….piclhe रूम मैं एक चारपाई दिवार के साथ कड़ी थी…
शायद गरीब लैला के घर वो ही एक चारपाई thee…aur नीचे टाट के ऊपर दो
बिस्तर लगे हुए thee…laila ने अंदर ात्ते ही अपनी नेति निम्मी को साथ मैं एक और
बिस्तर लगाने के लये kaha….sanju एक दिवार के साथ खड़ा था. लालटेन के रोशनी मैं
अब्ब उससे लैला और बेटी साफ़-2 दिखाई दे रही thee…laila के बेटी का बदन लैला से
भी भरा पूरा था….
निम्मी का कद 5, 4 इंच के करीब thee….badan अभी से भर चूका tha…har अनाज
उसकी जवानी को बयां करता था….32 साइज के चुच्यां एक दम कासी हुई लग रही थी.
लैला ने अपनी बेटी के साथ बिस्तर लगते हुए, संजू के तरफ dekha…uska लुंड उसके
पयजामे मैं बड़ा सा उभर बांये हुआ था. लैला के होंटो पर मुस्कान फेल
gaye…..aur अगले ही पल वो संजू के पयजामे मैं ए हुए उभर को देख कर उसके
लुंड के कल्पना करने lagee…..”aaj सर्दी भोत है” लैला ने संजू के तरफ देखते
हुए कहा.” लैला के बात सुन कर निम्मी भी बोली.” हाँ माँ आज तो कुछ जायदा
ही सर्दी hee…muje तो भोत ठण्ड लग रही है….”
लैला: (मुस्कारते हुए) हाँ ठण्ड तो लग रही hai…par ठण्ड का अपना ही मजा है….
ये कहते हुए वो लगतार संजू के तरफ देख रही thee…..bistar लगाने के बाद
निम्मी अपने बिस्तर पर पसर gaye…usse घर मैं संजू जैसे अनजान लड़के होने
से कोई फरक नहीं पढ़ा रहा tha…shayad नींद के वझे see….nimmi बिस्तर पर
पेट के बल लेत gaye…..jiske कारन पीछे से उसकी भरी हुई गांड बहार के और आ
गए thee….wo उस समाये सलवार कमीज पहने हुए thee…uske सलवार उसके
चूतड़ों पर एक दम कासी हुई थी…. जिसे देखे बेगर संजू से रहा नहीं गया…
अपनी बेटी के गांड को जून घूरता देख लैला ने संजू के तरफ तीखी आँखों से
देखा, और फिर निम्मी के ऊपर रजाई ुधा dee…..aur बुदबुदाते हुए बिस्तर पर लेत
गए…..
संजू वहां ठगा सा खड़ा tha…jab लैला ने अपने ऊपर रजाई ओढ़ते हुए संजू के
तरफ देखा तो वो अभी भी निम्मी के तरफ देख रहा था. “अब्ब तुन क्यों वहां
खड़ा hai…chal लेत जा सुभे सेठ के घर जाकर भोत काम करना है” लैला ने
तीखी ावा मैं कहा.
संजू: जी…..
और संजू लैला के साथ वाले बिस्तर पर लेत gaya….uske लुंड पर आज भोत जुल्म हो रहा
tha…abhi भी उसका लुंड एक दम तना हुआ tha…usne अपने ऊपर रजाई ोधी, और
अपने प्याजमे का नाडा खोल कर अपना हाथ अंदर सरका कर अपने लुंड को पकड़ कर
हिलना चालू कर daya…rajai के अंदर चलते हाथ से थोड़ी सरसरहाट होने लगी…
लैला पीठ के बल लती हुई thee…jab उस्सने वो आवाज़ सुनी तो, उसने कांखों से संजू
के तरफ देखा. उसकी रजाई कमर वाले हिस्से से थोड़ा हिल रही थी. लैला समाज गए
की, छोरा अपना लुंड को हिलाते हुए मुठ मार रहा hai…..ye बात दिमाग मैं ात्ते
ही, उसके दिल के धड़कन बढ़ gaye…..uski छूट के फांकें ये सोच कर कुलबुलाने
लगी, की उसकी बगल मैं जवान लड़का लेता हुआ अपना लुंड हिला कर मुठ मार रहा
है,……
ये सब लैला के बर्दास्त से बहार tha….laite हुए लैला के दिमाग मैं पता नहीं काया
aya….usne अपनी करवट बदली, और संजू के तरफ अपनी पीठ कर lee….awaz सुन कर
संजू एक पल के लये रुक gaya….jab उसने देखा के लैला ने दूसरी तरफ मुँह कर लाया
hai,,,usne फिर से अपने लुंड को हिलना चालू कर daya….uska लुंड अब्ब पूरी तर्हां
अकड़ा हुआ tha….wo तेजी से अपने लुंड को हिलाये जा रहा tha…masti के कारन उसकी
ऑंखें बंद हो gaye….kuch देर बाद फिर से कुछ आहत हुई, संजू झड़ने के बेहद
करीब tha…..ahat सुनकर उसने संजू एक दम से घबरा gaya…aur उसने अपने लुंड
को हिलना बंद कर dya….phir अपनी अधखुली आँखों से लैला के तरफ देखा… लैला
अभी भी करवट के बल लेती हुई thee…jab संजू ने अपनी नज़र को थोड़ा सा नीचे
काया, तो उसका मुँह खुला का खुला रह gaya…laila के पीठ अभी भी उसकी तरफ
thee…laila के बदन के कमर के ऊपर वाला हिस्सा रजाई मैं tha….aur कमर से
नीचे वाला हिस्सा रजाई से बहार tha…….usne अपने घंटो को मोड़ कर अपने पेट से
सत्ता रखा था….
और उसका लेहंगा, उसकी कमर के ऊपर तक चढ़ा हुआ tha…..agge के तरफ का पूरा
बदन धोखा हुआ, टंकी निम्मी अगर जग भी जाये तो, लैला को इस हालत मैं न
देख sake…peeche से उसकी गांड बहार के तरफ निकली हुई thee….jise देखते ही
उसका लुंड फिर से झटके खाने laga…jiss पोजीशन मैं संजू लेता हुआ tha…uss
पोजीशन मैं उससे उसकी गांड का ऊपर हिस्सा ही दिखाई डियर अहा tha….par इतना
देखने भर से ही उसका लुंड मैं जो कसाव आया, वो उसकी बर्दास्त से बहार
tha….sanju धड़कते हुए दिल के साथ धीरे से utha….aur जिस तरफ लैला के पेअर
thee,,,uss तरफ सरक कर लेत गया…..
भले ही लैला का मुँह दूसरी तरफ tha….par उससे पता था की, उसकी पीठ के पीछे
संजू काया कर रहा hai…jaise ही संजू उसके पैरो के तरफ leta….laila ने अपने
घंटो को और मोड़ कर पेट से सत्ता laya…laila के झंगें अप्प्स मैं सटी हुई
thee….waah क्या नज़ारा था संजू के आँखों के samne…..sati हुई झांगों के बीच
लैला के छूट बहार की तरफ निकली हुई दिखाई दी रही थी. गहरे गुलाबी रंग के
फांकों को देख संजू का हाथ एक बार फिर से अपने आप चलने लगा… लैला दूसरी
तरफ मुँह कए लेती हुई, संजू के तेज चल रही सांसों को साफ़ सुन पा रही थी.
संजू अब्ब पूरी रफ़्तार से लैला का छूट को देखते हुए अपने लुंड को हिलने
laga….uska लुंड और लैला के छूट के बीच मुश्किल से 1 फुट का फैसला tha….uske
लुंड के नशें अब्ब पूरी तर्हां वीर्ये से भर चुकी thee…aur अगले ही पल संजू
के ऑंखें बंद हो gaye….aur उसके लुंड से एक के बाद एक वीर्ये के पिचकारयण
छूटने लगी. जो सीधा जाकर सामने लेती लैला के छूट और चूतड़ों पर गिरने
lagee…issbaat से अनजान संजू अपनी ऑंखें बंद कए जानत के सैर कर रहा था. जैसे
ही संजू का गरम वीर्ये के धार लैला के छूट के फांकों और चूतड़ों पर गिरी,
लैला के पूरे बदन मैं सिहरन दौड़ gaye..uski छूट के फांकें गरम वीर्ये
को महसूस करते ही कुलबुलाने लगी….
लैला के ऊपर अजीब सा नशा च गया tha…..uski ऑंखें मस्ती मैं बंद हो
gaye….aur वो ऑंखें बंद कए संजू के वीर्ये को अपनी छूट के फांकों पर
बेहटा हुआ महसूस करने lagee…thodi देर बाद जब संजू के ऑंखें खुली, तो लैला
के छूट पर अपने वीर्ये को देख कर एक दम से घबर agaya….usse कुछ समाज
मैं नहीं aya…usne दूसरी तरफ करवट बॉडी, और रजाई ओढ़ कर लेत gaya…ye सोचा
कर लैला को पता ना चले..
ऐसे ही संजू ने दूसरी तरफ मुँह kya….laila ने अपने आप को अच्छे से रजाई से धक्
laya…..usne अपना एक हाथ पीछे लेजाकर अपने चूतड़ों और छूट के फांकों को
छुआ, उसके हाथ के उंगलयां संजू के लुंड से निकले वीर्ये से सं gaye…..ussne अपनी
छूट पर लगे वीर्ये पर अपनी गुंगल्यों को घुमय, और फिर पता नहीं उसके दिमाग
मैं क्या आया. उसने संजू के वीर्ये से सनी अपनी एक ऊँगली को अपनी छूट मैं घुसा
laya…aur अंदर बहार करने lagee….uske दिमाग मैं जैसे संजू के लुंड के छवि
से बन गए thee….jisse अभी तक उसने देखा भी नहीं था….
वो अपनी ऊँगली को तेजी से अंदर बहार करने lagee…..aur मान मैं कल्पना करने के
लगी, की संजू का लुंड उसकी छूट के अंदर बहार हो रहा hai…..par उस पतली से ऊँगली
से उसकी छूट के आग कहाँ बजाने वाली thee….wo तो और बाधक रही thee…..akhir
हार कर लैला ने अपने लहंगे को ठीक काया, और सीढ़ी होकर लेत गए…
इधर घर पर... संजू को बस स्टैंड पंहुचा के जब्ब चंदा और मेनाक लौटी....
तभी गेट के पास hi उन दोनों की मुलाक़ात एक अनजान औरत से हो गयी....
औरत- ठहरो.... कहे घुसे चली आ रही हो...
चंदा - आप कौन हो??
औरत - मई जो कोई भी हु लेकिन पहले तुम दोनों बताओ की ऐसे हे बिना पूछे किसी के घर में कैसे घुसे चली आ रही हो....
मेनका - ारी माजी.... हम यही रहते है
चंदा - हां लेकिन पहले ये बताओ की आप कौन हो और घर के अंदर कैसे घुसी....
औरत - घर के अंदर कैसे घुसी का क्या मतलब है..... ये मेरा घर है .....
चंदा - ू आंटी पागल वागल हो क्या या सुबह सुबह नशा करके आयी हो जो हमारे घर को अपना घर बता रही....
औरत - नशा तुम दोनों करके आयी होगी जो मेरे घर को अपना घर बता रही चलो निकलो निकलो यहाँ से...
उस औरत ने चंदा और मेनका को ढ़ाके देके निकाल दिया....
चंदा और मेनका उस औरत के धक्के देने से बहार रोड पे गिर गए....
चंदा - आह्हः..... चुड़ैल कही की कितनी जोर से धक्का मारा है मेरी कोहनी चिल गयी आह
मेनका - उठो.... अपना हाथ दो चंदा....
तुम ठीक तोह हो न...
चंदा - चोट लग गयी आआह्ह्ह्हह....
मेनका - समझ नहीं आ रहा आखिर माजरा क्या है ये औरत कौन है और ये हमारे घर को अपना घर क्यों बोल रही....
तभी मल्टी और बिमला जो नदी से नाहा धोके आ रही होती है....
मल्टी - ारी मेनका चंदा तुम दोनों रोड पे क्यों कड़ी हो घर के अंदर क्यों नहीं जा रही....
मेनका - वोह माजी बात दरअसल ये है की **************** तोह ये सब हुआ और चंदा को कोहनी पे चोट भी लग गई...
बिमला - क्या..... कौन है वोह औरत....
मल्टी - और कौन होगी बुआ जी hi होगी....
चंदा - बुआ जी कौन बुआ जी...
मल्टी - वही जिनके यहाँ हम दोनों गए थी और बुआ जी हमारे साथ यहाँ आ गयी....
चंदा - अच्छा तोह ये बुआ जी है.... लेकिन उन्होंने हमको घर में घुसने क्यों नहीं दिया...
मल्टी - हो सकता है उन्होंने तुम दोनों को पहचाना न हो..... क्युकी तुम दोनों से उनकी भेट हुई hi नहीं है जब तुम लोग आये तब वोह सके उठी नहीं थी इस कारन ऐसा किया होगा उन्होंने.....
मेनका - ओह अच्छा अब समझे में आया
मल्टी
सभी मल्टी के पीछे घर के अंदर चल पड़ते है.....
बुआ जी जो अभी टीवी देख रही थी....
उनकी नज़र जब मेनका और चंदा पर गयी...
बुआ - ारी तुम दोनों फिर आ गयी...
मल्टी - बुआ जी ये हमारे हे घर में रहती है हमारी hi बच्चियां है...
बुआ - ओह अच्छा माफ़ करना बीटा मुझे मालूम नहीं था मैंने कभी इनको देखा नहीं था न तुम्हारे साथ इसलिए....
मल्टी - कोई नहीं बुआ जी.... आप टीवी देखिये तब तक मई कपडे सूखा के आती हु....
मल्टी और बिमला कपडे सुखाने टेरेस पे चली गई...
इधर मेनका और चंदा भी अपने अपने रूम में चली गयी और थोड़ा आराम करने लगी...
इधर हवेली में ढोलू और भोलू कल्लू और बल्लू के साथ मिलके चोदामपट्टी की बातें पेले जा रहे थी....
कल्लू - भाई मैंने तोह अपनी जी जिंदगी में एक से बढ़के एक आइटम देखि है....
ढोलू - हां भाई तू देखने के अलावा कुछ कर भी तोह नहीं सकता न
सभी ढोलू की बात सुनके जोर जोर से हसने लगे...
कल्लू - हां यार अब तेरी तरह तोह हु नहीं न की राह चलती 89 साल की दादी अम्मा को भी छेड़ने से बाज न औ......
सभी -
ढोलू - अबे तुझे क्या पता बी साले बुढ़िया औरतों की बुर में आग होगी है....
सभी -
कल्लू - अच्छा तोह कल से बीड़ी जलाने के लिए मुझसे लाइटर मत माँगना वही जाके उससे हे बीड़ी जलना.....
सभी
ढोलू - नहीं मागूंगा साले तुझसे तू बीड़ी जलाने के बदले मेरे से एक बीड़ी कमीशन ले लेता है....
सभी
कल्लू - तोह क्या तेरे को फ्री में अपना लाइटर जलने दूंगा बी....
सभी
बल्लू - बहुत न इंसाफ़ी है भाई ढोलू इससे अच्छा है तू वही जाके अपनी बीड़ी जला आया कर....
सभी
ढोलू - सालू उदा लो..... और उड़ा लो मेरा मजाक
एक दिन ऐसा आएगा जब मई भी खुल के है लूंगा....
दुनिया से आगे होकर के मई भी थोड़ा कास के पकड़ लूंगा.....
कल्लू - ो.... मुनावर फारुकी के बड़े पापा...... अपना मुँह बंद कर और बता कहा चलना है....
ढोलू - किस लिए कहा चलना है....
कल्लू - ले तुझे मालूम नहीं है....
ढोलू - नहीं....
कल्लू - अबे भोलू तूने नहीं बतया अपने भाई को...
भोलू - सॉरी भूल गया था...
कल्लू - वह बीटा छोड़ने के बाद चड्डी पहनना याद रहता है और ये बात बताना भूल गया
सभी
ढोलू -
ढोलू - भोलू गद्दार तूने चुदाई भी कर ली और अपने सेज बड़े भाई को बुलाया तक नहीं....
भोलू -
बल्लू - की है की है मैंने देखा है....
भोलू -
ढोलू - बल्लू भी बोल रहा है इसका मतलब तूने मुझसे छुपकर चुदाई की
भोलू -
भोलू - नहीं बड़े भाई मई सच बोल रहा हु.... कल्लू - मैंने तुझे देखा है झूट मत बोल...
भोलू - कब देखा है बता जरा...
कल्लू - कल hi बगीचे में...
भोलू - पर मई तोह कल बगीचा गया हे नहीं था....
कल्लू - अच्छे से सोच ले...
भोलू - हां हां मई सूरे हु...
कल्लू - तू सूरे नहीं सूअर है सेल.... कल रात को ढोलू भाई तुम्हारा ये छोटा भाई भोलू मस्ती में बगीचे की तरफ गया और वह पे एक औरत नंगी लेती इसका इंतज़ार कर रही थी उसके साथ इसने तापा तप तापा तप तापा तप चोदामपट्टी करनी शुरू कर दी...
ढोलू -
भोलू - बड़े भाई मेरी बात तोह सुनो बड़े भाई....
ढोलू - मत बोल मुझे अपने इन गंदे मुँह से बड़े भाई.... मत बोल...
भोलू - ये झूट बोल रहा है मेरा यकीन करो बड़े भाई....
ढोलू - नहीं नहीं नहीं भोलू कल्लू झूट नहीं सच बोल रहा है साले कमीने तू भाई कहलाने के लायक नहीं है ये ले तेरी तोह
चटाककककक..... गद्दारी करबे.... चटककककककक.......
आआआअह्ह्ह्ह.... बड़े भाई..... आआह्ह्ह्ह....
गद्दारी करबे साले..... चटाककककककक.....
ढोलू - बता इसकी और करतूत.... बता
चटाककककक.... चटकककक....
कल्लू - फिर मेरी नींद खुल गयी और सपना टूट गया भाई.......
( ढोलू का रिएक्शन
क्या बोलै तूने....
कल्लू - हां भाई मेरा सपना टूट गया आज रात को फिर से देख के बताऊंगा की आगे क्या किया भोलू ने उस औरत के साथ....
ढोलू - साले कमीने कल्लू.... तूने जिन्दा लौंडा निपटवा दिया कमीने
ढोलू कल्लू को मारने के लिए दौड़ाने लगा...
भोलू इधर ढोलू की मार से अधमरा हो गया था .....
बाकि नेक्स्ट एप में....