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113.......
रात को राबिआ जल्दी कहना पीना खा के सोने गयी.... लेकिन उसको नींद hi नहीं आ रही थी.... उसकी बुर कुलबुला रही थी... इसलिए वोह अपने बुर की कुलबुलाहट को शांत करने के लिए अपनी बुर में ऊँगली ग़ुस्सा ग़ुस्सा के अपनी बुर के साथ कहलने लगी..... बुर के साथ खेलने से राबिआ की बुर रोने लग गयी... और फिर राबिआ को पता hi नहीं चला की कब उसकी आँख लग गयी......
वही कोई और भी ऐसी थी जो असंतुस्ट थी....
सबने के घर पे उसका पति उसको छोड़ रहा था...
सबने - और जोर से... और.. और... यस... एस...
हतोऊ.... मेरे ऊपर से....
सबने का पति - सॉरी.... फिर से मई जल्दी गिर गया....
सबने - तुम किसी काम के नहीं हो.... आगे से मेरे पास भी मत आना.... कुछ कर तोह पाते नहीं.... बस मुझे गरम करके छोड़ देते हो.... जाओ... सो जाओ अपनी जगह पर..............
सबने ( मैं में...) - मेरी तोह किस्मत hi खराब है.... ऐसा नकारा पति मिला है किसी काम का नहीं.... साला अपनी बीवी की प्यास भी बुझा नहीं पाटा.... मुश्किल से 5 मिनट कर पाटा है.... मेरे गरम होने तक तोह इसका ठंडा पद जाता है.... कोई काम का नहीं है ये.... इससे तोह अच्छा मोटा और लम्बा उस राबिआ के बकरे का लुंड है और उसकी कैपेसिटी भी 1 घंटे है...... क्यों न उसका लुंड लिया जाए अपनी बुर में..... किसी को पता भी नहीं चलेगा... हां.. ये सही रहेगा... लेकिन राबिआ से छुप के करना होगा ये सब.... है.... ये बहाना सही रहेगा मई अपनी बकरी को उसके बकरे से छुड़वाने का कहके उस बकरे को अपने घर ले आउंगी और जी भर के उसका लुंड लुंगी और फिर वापस बकरे को छोड़ आउंगी..... हां... ये ठीक रहेगा.... मई कल hi राबिआ से उस बकरे को मांग लुंगी अपनी बकरी के साथ सम्भोग करवाने का कहके...


सबने अब सो जाती है.....
सुबह.... फिर से जब सबने राबिआ के घर आती है....
राबिआ - अरे.... सबने बहिन तुम.... आओ.. आओ...
सबने - हां.. राबिआ बहिन मई.... कल कहा था न तोह कैसे नहीं आती .....
राबिआ - हां... हां...
सबने - तोह कहा है तुम्हारी बकरी रानी.... चलो उसको थोड़ा सुख दिला देते है...
राबिआ-- है.. हां.. क्यों नहीं...
राबिआ और सबने को अपनी और आता हुआ देख मल्टी की गांड पाहट जाती है.... ये.. ये लोग मेरी तरफ क्यों आ रहे कही फिर से कल की तरह... नहीं.. नहीं....
सबने - आज तुम इस बकरी को पकड़ो मई इस बकरे को इसके पीछे खड़ा करवाती हु...
राबिआ - ठीक है....
राबिआ ने मल्टी
के दोनों आगे के पेअर को बाँध दिया और उसकी गर्दन पकड़ के बैठ गयी....
राबिआ - ले आओ अब बकरे को...
मल्टी
- छोड़ दो... मुझे ये सब तुम दोनों क्या करवा रही..... मुझ विधवा औरत को बार बार इस बकरे से क्यों छुड़वा रही हो 
सबने ने बकरे को खूटे से खोल दिया..... खूटे से खोलते hi बकता तोह जैसे इंतज़ार में hi था.... वोह जाके सीधा अपना मुँह मल्टी
के गांड में घुसा दिया और हचक हचक के मल्टी
की गांड चाटने लगा..... गांड चाटने के बाद बकरे ने अपना लुंड निकला और अपना लुंड मल्टी
की गांड के छेड़ पे रख के जोरदार तीन चार धक्के मारे और अपना लुंड जड़ तक घुसेड़ दिया मल्टी की गांड में...... मल्टी
बेचारी कर भी क्या सकती थी.... महहहह... Mehhhh..karke... चिल्लाते हुए... चुदवाती रही...... आज का सेशन भी 1 घंटे चला.....
चुदाई के बाद बकरे को सबने ने बकरी से दूर किया....
राबिआ - सुबह का तोह हो गया शाम को भी एक राउंड कहलायेंगे इनको....
सबने - हां....
अच्छा सुन न राबिआ मई क्या कह रही थी की क्या मई तेरे इस बकरे को अपने यहाँ ले जा सकती हु... मेरी भी बकरी को गर्मी चढ़ी है उसकी भी गर्मी उतार देगा तेरा ये बकरा...
राबिआ - देख.... सबने तू मेरी अच्छी सहेली है इसलिए सिर्फ तुझे ले जाने दे रही हु... वार्ना अहमद जी ने मुझे मन किया है की फ्री में किसी को भी इस बकरे से सम्भोग नहीं कराएंगे...
सबने - थैंक यू राबिआ... तू hi मेरी एक ाची और सच्ची दोस्त है....
ठीक है मई इसको थोड़ी देर बाद आके ले जाउंगी... तब तक इसको भी थोड़ा आराम कर लेने दे......
सबने - हां.... ठीक है ला मई इसको बाँध देती हु खूटे पे....
बकरी 2- ओह... भाई... इस मल्टी के तोह मजे hi मजे है देखो.... इस हैंडसम बकरे के लुंड को रोज अपनी गांड में ले रही कितना मजा आ रहा होगा हमारी ऐसी किस्मत कहाँ..
बकरी 3 - सही कह रही हो हमारी ऐसी किस्मत कहा.... मुझे तोह अब इस मल्टी से जलन होने लगी है....
बकरी 2 - सही कहती है तू... मुझे भी अब इसको देख के जलन होती हैं...
इधर सबने अपने सौहार के जाने के बाद अपने घर को खाली पाकर..... बकरे को लाने के लिए राबिआ के घर जाती है....
सबने - राबिआ... बहिन.... ारी... ो... राबिआ बहिन...
राबिआ - है.... आ गयी आप...
सबने - हां... कहा है बकरे महराज...
राबिआ - वही पे hi बंधा है... ले जाओ आप... मई भी थोड़ी देर सोऊंगी फिर...
सबने - है.. है.. अच्छे से सोना.... मई ले जाती हु....
सबने ने बकरे को खूटे से खोल दिया और फिर अपने घर ले जाने लगी.... राबिआ ने अपने घर का दरवाजा बंद कर दिया और खुद सोने चली गयी....
सबने अपने घर में घुसते hi घर का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया....
बकरा - चलो यहाँ भी एक बकरी की छूट मारने को मिलेगी मजा आएगा....
सबने.... बकरे को अपने कमरे में ले गयी...
बकरा - ये मुझे अपने कमरे में क्यों ले आयी... यहाँ तोह कोई बकरी नज़र नहीं आ रही...
सबने ने अब अपने कमरे के सारे खिड़की दरवाजे बंद कर दिए.... सारे खिड़की दरवाजे बंद करने के बाद सबने ने अपने कपडे उतारने शुरू कर दिए....
बकरा - मुझे इसके इरादे कुछ ठिक्क नहीं लगते रे बाबा.... कही मेरी इज़्ज़त खतरे में तोह नहीं...


सबने ने अपने बदन के सारे कपडे उतार दिए..... उसकी बॉडी पूरी नंगी हो चुकी थी....
सबने का बदन वाकई में खूब छोड़ने लायक था.....
बकरा - ये तोह बहनचोद बवाल है य्र्र.....
सबने अब बकरे के पास आकर घुटनो के बल बैठ गयी..... और बकरे के गाल पे पप्पी
देने लगी....
इतने से भी जब सबने बीबी का मैं नहीं भरा तोह वोह.... अपनी जीभ निकाल के बकरे की जीभ से मिलाने लगी....
ऐसे hi सबने बीबी कुछ मिनट्स.... बकरे महाराज का चुम्बन लेने लगी....
उसके बाद..... सबने बीबी ने बकरे को खींचते हुए अपने बीएड के पास ले गयी और बीएड पे बैठ गयी...... बीएड पे बैठने के बाद सबने बीबी ने बकरे का सर पकड़ा और उसके सर को पकड़ के अपनी बुर पे रख दिया और दबाने लगी....
अब बकरा महाराज कहा पीछे रहने वाले थी.. उनको तोह लगा यहाँ से अमृत रास बरसेगा वोह लगे चाटने.......
सबने - आअह्ह्ह... आआअह्ह्ह.... सस्शह्ह्हह्हा... ससससस.... स्स्सस्स्स्शह्ह्ह्ह... ाअम्म्ममममहहहह... आआआअह्ह्ह्ह..... यस.... यस.... ऐसे... hi... चाट ते रहो... आआह्ह्हह्ह्ह्ह.... उफ्फ्फ्फ़.......
सबने बकरे के सर पे हाथ फेरते हुए अपनी बुर चटाई का आनंद लेने लगी....
बकरे की बुर चटाई से सबने बीबी... गरम हो गयी..... और उनका बदन अकड़ गया और वोह भलभला के झाड़ गयी.... बकरा भी सबने बीबी के बुर से निकले कॉमर्स को आमरस समझ के चाट चाट के सफाचट कर गया... वोह भी बड़े प्रेम से
......
बकरा - वह... क्या था ये..... आमरस तोह नहीं था... लगता है कॉमर्स था... हां... हां...
बहुत टेस्टी
था.... मजा आ गया...
अब झड़ने जे बाद सबने बीएड से उठी.... और बकरे के पास ज़मीन में नीचे बैठ गयी और बकरे के लुंड को तलाशने लगी....
बकरे का लुंड तोह सबने का हाथ पड़ते hi एक्टिवटे हो गया....
बकरे का लुंड देख के सबने की आँखों में चमक आ गयी....
.....
उसने तुरंत लुंड को पकड़ा और अपने मुँह में भर लिया.... और चूसने लगी....
बकरा - आआहाआ.. हां... हां.... अद्भुत... अविस्मरणीय...... क्या आनंद आ रहा है इसमें.... ाआअहाहा....
सबने सलापपप... स्लाप्प... करके... बकरे का लुंड चूसने लगी...
सबने ने इतना चूसा इतना चूसा की बकरे के लुंड का पानी निकल गया....
अब कई लोग यहाँ बोलेंगे की बकरे का लुंड ित्नु
सा होता है.......... ित्नु
सा मतलब कित्नु सा अभी हम बताते है आपको...
ित्नु
सा.... लेकिन.... अगर आप सोचते है की इस बकरे का भी ऐसा होगा
तोह उनको हम ये पिक्चर दिखाना चाहता हु..
... इ देखो.... थे बकरा विथ ा लुंड जिसका है उसे घमंड
....
तोह समझ आया बांगड़ू... की कई बकरो के पास ऐसा लुंड भी होता है....
अब चूसा चूसी होने के बाद..... सबने बीबी बकरी बन जाती है बकरे महाराज के सामने ताकि वोह उसकी छूट मार सके.... कुछ इस प्रकार....
बकरा - वाओ
छूट मिलेगा.... मई तोह यहाँ बकरी की छूट मारने का सोच के आया था लेकिन यहाँ तोह इंसानी छूट मिल रहा है वह... बाक़रुद्दीन वह... क्या किस्मत है तेरी....
जी हां... इस बकरे का नाम है बाक़रुद्दीन.... जो इसके मालिक कॅशे ने रखा था.....
अब बाक़रुद्दीन ने अपनी आगे की दोनों टांगें उठा के सबने के ऊपर चढ़ाई करनी शुरू कर दी....
बाक़रुद्दीन का लुंड तोह टनटनाया हुआ था hi.... सबने बीबी ने उसके लुंड को पकड़ के अपने छूट के छेड़ पे सेट किया..... और फिर क्या था.... बाकी आगे तोह बाक़रुद्दीन समझदार था hi...... लगा पेलने सबने बीबी की छूट को...
घपपप... घपपप.... घपपप... घप्प....
करीब.... 45 मिनट की चुदाई के बाद बाक़रुद्दीन ने अपना पानी सबने बीबी की छूट के भीतर भर दिया.... इस दौरान..... सबने बीबी 4 दफा झाड़ चुकी थी.... आज तोह उनको एक बकरे असीम चरमसुख की प्राप्ति हुई थी....
सबने बीबी के चेहरे पे सांतोस था.... उनके चेहरे से पता चल रहा था की आज जो उनको सुख मिला था वोह सुख कभी उसको इंसान के लुंड से भी नहीं मिल पाया था...
थोड़ी देर... ऐसे हु हफ्ते हुए सबने बीबी लेती रही.... और बकरे को चूमती रही... फिर थोड़ी देर बाद वोह अपने कपडे पहनन के बकरे को वापस राबिआ के घर छोड़ने चली गयी...
राबिआ भी तब तक सके उठ चुकी थी....
राबिआ - ारी.. सबने बीबी आप ले आयी बकरे मिया को....
सबने - हां....
राबिआ - हुआ आपका काम...
सबने - हां..... बहुत अच्छे से हुआ...
सुन न राबिआ क्या मई इसको ऐसे hi रोज ले जा सकती हु क्या... वोह क्या है की न तेरे बकरी की तरह मेरी बकरी भी कुछ जायदा hi सुखी महसूस कर रही है इस से छुड़वाने के बाद इसलिए....
राबिआ - अच्छा ऐसा क्या... अगर ऐसी बात है तोह ठीक है ले जायेगा...
सबने - शुक्रिया राबिआ तू hi मेरी सच्ची सहेली है...
अच्छा चल मई थोड़ी देर में आती हु फिर तेरी इस बकरी के साथ फिर से इस बकरे का एक राउंड खेल करवाएंगे...
राबिआ - हां... जल्दी आना...
सबने - हां.. हां..
सबने अपने घर चली गयी....
शाम को फिर सबने जब आयी तोह राबिआ और सबने ने मिलके फिर से मल्टी
की बुर कुटाई करवा दी.... मल्टी
बेचारी फफकती रह गयी......
अब रोज यही सिलसिला चलने लगा..... रोज सबने आती और फिर राबिआ और सबने मिलके मल्टी
को बकरे से छुड़वाते है.... और फिर रोज सबने बकरे को लेके अपने घर जाती और सम्भोग करती फिर शाम को फिरसे मल्टी
को बकरे से छुड़वाते है ऐसे hi चलने लगा....
रात को राबिआ जल्दी कहना पीना खा के सोने गयी.... लेकिन उसको नींद hi नहीं आ रही थी.... उसकी बुर कुलबुला रही थी... इसलिए वोह अपने बुर की कुलबुलाहट को शांत करने के लिए अपनी बुर में ऊँगली ग़ुस्सा ग़ुस्सा के अपनी बुर के साथ कहलने लगी..... बुर के साथ खेलने से राबिआ की बुर रोने लग गयी... और फिर राबिआ को पता hi नहीं चला की कब उसकी आँख लग गयी......
वही कोई और भी ऐसी थी जो असंतुस्ट थी....
सबने के घर पे उसका पति उसको छोड़ रहा था...
सबने - और जोर से... और.. और... यस... एस...
हतोऊ.... मेरे ऊपर से....
सबने का पति - सॉरी.... फिर से मई जल्दी गिर गया....
सबने - तुम किसी काम के नहीं हो.... आगे से मेरे पास भी मत आना.... कुछ कर तोह पाते नहीं.... बस मुझे गरम करके छोड़ देते हो.... जाओ... सो जाओ अपनी जगह पर..............
सबने ( मैं में...) - मेरी तोह किस्मत hi खराब है.... ऐसा नकारा पति मिला है किसी काम का नहीं.... साला अपनी बीवी की प्यास भी बुझा नहीं पाटा.... मुश्किल से 5 मिनट कर पाटा है.... मेरे गरम होने तक तोह इसका ठंडा पद जाता है.... कोई काम का नहीं है ये.... इससे तोह अच्छा मोटा और लम्बा उस राबिआ के बकरे का लुंड है और उसकी कैपेसिटी भी 1 घंटे है...... क्यों न उसका लुंड लिया जाए अपनी बुर में..... किसी को पता भी नहीं चलेगा... हां.. ये सही रहेगा... लेकिन राबिआ से छुप के करना होगा ये सब.... है.... ये बहाना सही रहेगा मई अपनी बकरी को उसके बकरे से छुड़वाने का कहके उस बकरे को अपने घर ले आउंगी और जी भर के उसका लुंड लुंगी और फिर वापस बकरे को छोड़ आउंगी..... हां... ये ठीक रहेगा.... मई कल hi राबिआ से उस बकरे को मांग लुंगी अपनी बकरी के साथ सम्भोग करवाने का कहके...
सबने अब सो जाती है.....
सुबह.... फिर से जब सबने राबिआ के घर आती है....
राबिआ - अरे.... सबने बहिन तुम.... आओ.. आओ...
सबने - हां.. राबिआ बहिन मई.... कल कहा था न तोह कैसे नहीं आती .....
राबिआ - हां... हां...
सबने - तोह कहा है तुम्हारी बकरी रानी.... चलो उसको थोड़ा सुख दिला देते है...
राबिआ-- है.. हां.. क्यों नहीं...
राबिआ और सबने को अपनी और आता हुआ देख मल्टी की गांड पाहट जाती है.... ये.. ये लोग मेरी तरफ क्यों आ रहे कही फिर से कल की तरह... नहीं.. नहीं....
सबने - आज तुम इस बकरी को पकड़ो मई इस बकरे को इसके पीछे खड़ा करवाती हु...
राबिआ - ठीक है....
राबिआ ने मल्टी
राबिआ - ले आओ अब बकरे को...
मल्टी
सबने ने बकरे को खूटे से खोल दिया..... खूटे से खोलते hi बकता तोह जैसे इंतज़ार में hi था.... वोह जाके सीधा अपना मुँह मल्टी
चुदाई के बाद बकरे को सबने ने बकरी से दूर किया....
राबिआ - सुबह का तोह हो गया शाम को भी एक राउंड कहलायेंगे इनको....
सबने - हां....
अच्छा सुन न राबिआ मई क्या कह रही थी की क्या मई तेरे इस बकरे को अपने यहाँ ले जा सकती हु... मेरी भी बकरी को गर्मी चढ़ी है उसकी भी गर्मी उतार देगा तेरा ये बकरा...
राबिआ - देख.... सबने तू मेरी अच्छी सहेली है इसलिए सिर्फ तुझे ले जाने दे रही हु... वार्ना अहमद जी ने मुझे मन किया है की फ्री में किसी को भी इस बकरे से सम्भोग नहीं कराएंगे...
सबने - थैंक यू राबिआ... तू hi मेरी एक ाची और सच्ची दोस्त है....
ठीक है मई इसको थोड़ी देर बाद आके ले जाउंगी... तब तक इसको भी थोड़ा आराम कर लेने दे......
सबने - हां.... ठीक है ला मई इसको बाँध देती हु खूटे पे....
बकरी 2- ओह... भाई... इस मल्टी के तोह मजे hi मजे है देखो.... इस हैंडसम बकरे के लुंड को रोज अपनी गांड में ले रही कितना मजा आ रहा होगा हमारी ऐसी किस्मत कहाँ..
बकरी 3 - सही कह रही हो हमारी ऐसी किस्मत कहा.... मुझे तोह अब इस मल्टी से जलन होने लगी है....
बकरी 2 - सही कहती है तू... मुझे भी अब इसको देख के जलन होती हैं...
इधर सबने अपने सौहार के जाने के बाद अपने घर को खाली पाकर..... बकरे को लाने के लिए राबिआ के घर जाती है....
सबने - राबिआ... बहिन.... ारी... ो... राबिआ बहिन...
राबिआ - है.... आ गयी आप...
सबने - हां... कहा है बकरे महराज...
राबिआ - वही पे hi बंधा है... ले जाओ आप... मई भी थोड़ी देर सोऊंगी फिर...
सबने - है.. है.. अच्छे से सोना.... मई ले जाती हु....
सबने ने बकरे को खूटे से खोल दिया और फिर अपने घर ले जाने लगी.... राबिआ ने अपने घर का दरवाजा बंद कर दिया और खुद सोने चली गयी....
सबने अपने घर में घुसते hi घर का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया....
बकरा - चलो यहाँ भी एक बकरी की छूट मारने को मिलेगी मजा आएगा....
सबने.... बकरे को अपने कमरे में ले गयी...
बकरा - ये मुझे अपने कमरे में क्यों ले आयी... यहाँ तोह कोई बकरी नज़र नहीं आ रही...
सबने ने अब अपने कमरे के सारे खिड़की दरवाजे बंद कर दिए.... सारे खिड़की दरवाजे बंद करने के बाद सबने ने अपने कपडे उतारने शुरू कर दिए....
बकरा - मुझे इसके इरादे कुछ ठिक्क नहीं लगते रे बाबा.... कही मेरी इज़्ज़त खतरे में तोह नहीं...
सबने ने अपने बदन के सारे कपडे उतार दिए..... उसकी बॉडी पूरी नंगी हो चुकी थी....
सबने का बदन वाकई में खूब छोड़ने लायक था.....
बकरा - ये तोह बहनचोद बवाल है य्र्र.....
सबने अब बकरे के पास आकर घुटनो के बल बैठ गयी..... और बकरे के गाल पे पप्पी
इतने से भी जब सबने बीबी का मैं नहीं भरा तोह वोह.... अपनी जीभ निकाल के बकरे की जीभ से मिलाने लगी....
ऐसे hi सबने बीबी कुछ मिनट्स.... बकरे महाराज का चुम्बन लेने लगी....
उसके बाद..... सबने बीबी ने बकरे को खींचते हुए अपने बीएड के पास ले गयी और बीएड पे बैठ गयी...... बीएड पे बैठने के बाद सबने बीबी ने बकरे का सर पकड़ा और उसके सर को पकड़ के अपनी बुर पे रख दिया और दबाने लगी....
अब बकरा महाराज कहा पीछे रहने वाले थी.. उनको तोह लगा यहाँ से अमृत रास बरसेगा वोह लगे चाटने.......
सबने - आअह्ह्ह... आआअह्ह्ह.... सस्शह्ह्हह्हा... ससससस.... स्स्सस्स्स्शह्ह्ह्ह... ाअम्म्ममममहहहह... आआआअह्ह्ह्ह..... यस.... यस.... ऐसे... hi... चाट ते रहो... आआह्ह्हह्ह्ह्ह.... उफ्फ्फ्फ़.......
सबने बकरे के सर पे हाथ फेरते हुए अपनी बुर चटाई का आनंद लेने लगी....
बकरे की बुर चटाई से सबने बीबी... गरम हो गयी..... और उनका बदन अकड़ गया और वोह भलभला के झाड़ गयी.... बकरा भी सबने बीबी के बुर से निकले कॉमर्स को आमरस समझ के चाट चाट के सफाचट कर गया... वोह भी बड़े प्रेम से
बकरा - वह... क्या था ये..... आमरस तोह नहीं था... लगता है कॉमर्स था... हां... हां...
अब झड़ने जे बाद सबने बीएड से उठी.... और बकरे के पास ज़मीन में नीचे बैठ गयी और बकरे के लुंड को तलाशने लगी....
बकरे का लुंड तोह सबने का हाथ पड़ते hi एक्टिवटे हो गया....
बकरे का लुंड देख के सबने की आँखों में चमक आ गयी....
उसने तुरंत लुंड को पकड़ा और अपने मुँह में भर लिया.... और चूसने लगी....
बकरा - आआहाआ.. हां... हां.... अद्भुत... अविस्मरणीय...... क्या आनंद आ रहा है इसमें.... ाआअहाहा....
सबने सलापपप... स्लाप्प... करके... बकरे का लुंड चूसने लगी...
सबने ने इतना चूसा इतना चूसा की बकरे के लुंड का पानी निकल गया....
अब कई लोग यहाँ बोलेंगे की बकरे का लुंड ित्नु
ित्नु
तोह उनको हम ये पिक्चर दिखाना चाहता हु..
... इ देखो.... थे बकरा विथ ा लुंड जिसका है उसे घमंड
तोह समझ आया बांगड़ू... की कई बकरो के पास ऐसा लुंड भी होता है....
अब चूसा चूसी होने के बाद..... सबने बीबी बकरी बन जाती है बकरे महाराज के सामने ताकि वोह उसकी छूट मार सके.... कुछ इस प्रकार....
बकरा - वाओ
जी हां... इस बकरे का नाम है बाक़रुद्दीन.... जो इसके मालिक कॅशे ने रखा था.....
अब बाक़रुद्दीन ने अपनी आगे की दोनों टांगें उठा के सबने के ऊपर चढ़ाई करनी शुरू कर दी....
बाक़रुद्दीन का लुंड तोह टनटनाया हुआ था hi.... सबने बीबी ने उसके लुंड को पकड़ के अपने छूट के छेड़ पे सेट किया..... और फिर क्या था.... बाकी आगे तोह बाक़रुद्दीन समझदार था hi...... लगा पेलने सबने बीबी की छूट को...
घपपप... घपपप.... घपपप... घप्प....
करीब.... 45 मिनट की चुदाई के बाद बाक़रुद्दीन ने अपना पानी सबने बीबी की छूट के भीतर भर दिया.... इस दौरान..... सबने बीबी 4 दफा झाड़ चुकी थी.... आज तोह उनको एक बकरे असीम चरमसुख की प्राप्ति हुई थी....
सबने बीबी के चेहरे पे सांतोस था.... उनके चेहरे से पता चल रहा था की आज जो उनको सुख मिला था वोह सुख कभी उसको इंसान के लुंड से भी नहीं मिल पाया था...
थोड़ी देर... ऐसे हु हफ्ते हुए सबने बीबी लेती रही.... और बकरे को चूमती रही... फिर थोड़ी देर बाद वोह अपने कपडे पहनन के बकरे को वापस राबिआ के घर छोड़ने चली गयी...
राबिआ भी तब तक सके उठ चुकी थी....
राबिआ - ारी.. सबने बीबी आप ले आयी बकरे मिया को....
सबने - हां....
राबिआ - हुआ आपका काम...
सबने - हां..... बहुत अच्छे से हुआ...
सुन न राबिआ क्या मई इसको ऐसे hi रोज ले जा सकती हु क्या... वोह क्या है की न तेरे बकरी की तरह मेरी बकरी भी कुछ जायदा hi सुखी महसूस कर रही है इस से छुड़वाने के बाद इसलिए....
राबिआ - अच्छा ऐसा क्या... अगर ऐसी बात है तोह ठीक है ले जायेगा...
सबने - शुक्रिया राबिआ तू hi मेरी सच्ची सहेली है...
अच्छा चल मई थोड़ी देर में आती हु फिर तेरी इस बकरी के साथ फिर से इस बकरे का एक राउंड खेल करवाएंगे...
राबिआ - हां... जल्दी आना...
सबने - हां.. हां..
सबने अपने घर चली गयी....
शाम को फिर सबने जब आयी तोह राबिआ और सबने ने मिलके फिर से मल्टी
अब रोज यही सिलसिला चलने लगा..... रोज सबने आती और फिर राबिआ और सबने मिलके मल्टी