अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰 - Page 8 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰

लकड़हारा ( मैं में) - है... 😍



IMAGE-349c2fd9-83f8-4313-b702-b03f938ab7c7.jpg


इतना सुन्दर माल.... क्या गजब की गांड है... देखो तोह कैसे फूली हुई है... और इसका पेट तोह देखो फुल भरा हुआ है... और इसका चुका तोह देखो एक एक काम से काम 2 - 2 किलो से काम का नहीं होगा... और ये क्या.. है... 😍 साली रंडी ने तोह ब्लाउज हे नहीं पहना... ऐसा मौका बार बार नहीं मिलेगा बुटकू .... सोच क्या रहा है... इसके साथ कुछ बात कर...

( तोह आप लोगो को पता चल हे गया होगा की लकड़हारे का नाम है बुटकू... )

बुटकू अपना लकड़ी का गट्ठर सर पे लादे हुए..

थोड़ा रुक के



[URL=']
IMAGE-b5dcbfcf-c10a-4aae-b5a1-1673e31f9670.jpg
[/URL]
 
बुटकू - है... मैंने जैसे कहा है वह करोगी तोह तुम्हारी साड़ी समस्या ताल जायेगी..

लता - अच्छा.. अगर ऐसी बात है तोह फिर ठीक है...

लेकिन कौन सी डाली पकड़नी है??

बुटकू - है बता रहा हु बता रहा हु...

डाली पकड़ने के लिए... सबसे पहले तुम्हे आँख बंद करनी पड़ेगी... यही नियम है बाबाजी का...

लता - अच्छा... ठीक है मई आंखें बंद करती हु...

बुटकू - हां... आंखें बंद करके नीचे घुटने मोड़ के बैठ जाओ...

लता - वह क्यों...

बुटकू - नियम है..

लता - अच्छा... अच्छा...

लता ( मैं में ) - साले के पास बहुत दिमाग है.... कैसे मुझे अपने जाल में फसाने की कोशिश कर रहा है... लेकिन ये नहीं जनता की ये मुझे नहीं बल्कि मई इसको फसा रही हीहीही 😁

लता घुटने मोड़ के बैठ जाती है...

लता - अब बताइये कौन सा डाली पकड़ना है...

बुटकू - अपनी आंखें बंद हे रखना ठीक है मई अभी डाली लेके आता हु...

लता - ठीक है...

बुटकू ने अपनी धोती खोल दी... और अपना लुंड लता के आगे कर दिया..

और बुटकू ने लता का हाथ पकड़ा और अपने लुंड के ऊपर रख दिया...

लता - ये क्या है...

बुटकू - यही तोह डाली है..

लता - पर ये इतनी गर्म क्यों लग रही है...

बुटकू - धुप के कारन..

लता - अच्छा...

अब क्या करना होगा....

बुटकू ( मुश्कुयाते हुए ) - अब इसको अपने मुँह में भर के चुसो... और तब तक चुस्ती रहो जब तक की डाली से रास न निकले रास निकला तोह समझो रास के साथ तुम्हारा सारा संकट भी तुम्हारी लाइफ से चला गया...

लता ( मैं में) -

वाह... वाह...

लता - ठीक है मई करती...

लता ने बुटकू का लुंड अपने हाथो में पकड़ के अपने मुँह में भर लिया... और जोर जोर से चूसने लगी...

बुटकू - हां.. ऐसे हे... ऐसे हे चुस्ती रहो... आआह्ह्ह्ह......

बुटकू ने अपने दोनों हाथ लता के सर पे रख के लता के सर को अपने लुंड पे दबाने लगा...


E617738.gif


बुटकू - ऐसे हे हआ... आआह्ह्ह..... चुसो... और चुसो... ाःह..... आआह्ह्ह्ह....

लता बुटकू के लुंड को घू... घूऊ... करते हुए अपने मुँह में भर के चूसे जा रहा थी....

बुटकू ने अब अपने एक अब अपनी गांड को जोर जोर से धक्का देते हुए लता के मुँह में पेलने लगा...


hard-deepthroat.gif


लता का मुँह चाप चाप... चाप चाप... करे जा रहा था....

बुटकू -- आआह्ह.... बड़े दिनों बाद..... ाःह....

लता ने इतनी जोर जोर से उसका लुंड चूसा की बुटकू की 2 मिनट में हे निकल गयी....

लता ने बुटकू के लुंड का सारा पानी बड़ी हे तन्मयता के साथ पि लिया....


00F1B94.gif


बुटकू का लुंड सिकुड़ चूका था... और अब वह लता के मुँह से बहार भी निकल आया था...

लता - अब तोह डाली से पानी भी निकल गया... अब तोह मेरे सारे संकट दूर हो गए होंगे न...

बुटकू - हां.. लेकिन पूरा नहीं आधा...

लता - पूरा क्यों नहीं..

बुटकू - पूरा संकट दूर करने के लिए... तुम्हे अपने सारे कपड़ो का त्याग करके... किसी के साथ सम्भोग करना होगा...

लता - क्या...???.. ये तुम क्या कह रहे हो...

बुटकू - मई बिलकुल सही कह रहा हु.. वर्ण तुम्हारे संकट और भी बढ़ जाएगा..

लता - अच्छा.. ठीक है मई घर जाके आपके पति के साथ कर लुंगी.. आपका बहुत बहुत शुक्रिया...

अब मई आँख खोल लेती हु..

बुटकू - नहीं.. नहीं... ऐसे में तोह तुम्हारा संकट दूर नहीं होगा...

लता - पर क्यों...??

बुटकू - नियम ये है की इस डाली को चूसने के बाद 5 मिनट के अंदर सम्भोग शुरू हो जाना चाहिए.... वर्ण अगर तुम बाद में सम्भोग करोगी तोह सम्भोग से पहले तुम्हे फिर से डाली चूसना होगा... जो की तुम्हारे पास नहीं है..

लता - तोह आप हे अपना डाली दे दीजिये न....

बुटकू - नहीं... नहीं... मई अपना डाली नहीं दे सकता...

" मई किसी को गाली और औरतो को अपनी डाली नहीं देता.. "

लता - फिर अब मई क्या करू...?

बुटकू - अब तोह एक हे रास्ता बचा है... तुम्हे जल्दी से जल्दी यही किसी के साथ सम्भोग करना होगा..

लता - क्या..

बुटकू - हां..

लता - लेकिन यहाँ कहा से...

बुटकू - तुम्हारे सामने हे कोई होगा बस तुम समझ नहीं पा रही हो...

लता - मतलब...??

बुटकू - कुछ नहीं...

लता - अब मई इतनी जल्दी कहा से सम्भोग करू.. आप हे मेरी कुछ मदद कीजिये....

बुटकू - अवश्य....

चलो... तुम यहाँ आँख बंद करके कपडे खोल के लेट जाओ... फिर मई तुम्हे संकट से सदा सदा से चुटकाता दिलाने का मार्ग सिखाता हु...

लता - ठीक है...

लता अपने कपडे खोल के नानी होकर वही पेड़ के नीचे लेट जाती है..

बुटकू - वाह.. क्या गदरायी माल है... बिलकुल रास से भरी..

लता के ऊपर बुटकू चढ़ जाता है... और उसके ूठो पे अपने उठ रखके जैसे चूमने लगता है....


hard-kiss.gif


साथ हे साथ अपने हाथो से लता के दोनों ख़रबूज़े दबाने लगता है..

तभी लता के पेट में फिर से गुड़.. गुड़ाहट होनी शुरू हो जाती...

गूदड़.. गूदड़... गुड़...

लता (मैं में) - अब सही नहीं जा रहा... वैसे भी ये बकरा तोह फस हे चूका है अब चलो पेट पूजा की जाए...

लता बुटकू के चुम्बन का साथ देती हुई अपना हाथ ले जाकर बुटकू के सर पे रख के फेरने लगती है...

बुटकू( मैं में) - लगता है लाइन में आ रही 😌...

तभी...

बुटकू ( मैं में) - ारी.. ये क्या.. मेरे सर पे ये चुभन सी क्यों महसूस हो रही है...

बुटकू.... अभी कुछ समझ पाटा की... उससे पहले हे लता ने अपने नुकीले नाख़ून बुटकू के सर में गोभ दिया.... और दोनों हाथ से उसका सर पहाड़ के उसका भेजा ( दिमाग) निकल के... खाने लगी..

लता - उम्म्म... युम्मी 😋 ... बहुत उछाल रहा था न अपने दिमाग के दम पे ले.... तेरा दिमाग हे अब खा लिया मैंने...... साले... मुझे अपने नीचे लिटाना चाहता था .... अब खुद हे हमेशा हमेशा के लिए लिएट गया... हीहीही 😁

लता ने उसके जिस्म का सारा खून पी लिया और सारा का सारा मांस खा लिया....

और एक धकार मरी... ाऔउम्मम्म......

लता - अब जेक मिटी है मेरे पेट की भूक...... कुछ भी हो... लेकिन इसका मांस बड़ा मजेदार था.... खाने में स्वाद हे आ गया... चलो अब चलते है.... वह जहा के लिए निकले थी

लता फिर वह से चल पड़ी... अपने डेस्टिनेशन की ऑर्डर.......

कुछ हे देर में उसको उसकी मंज़िल एक गांव में मिल गयी....

लता - गांव तोह पहुंच गयी... अब उसका पता कैसे लागू.... हां याद आया एक बार उसने बताया था की वह गांव के तालाब के पीपल वाले पेड़ पे रहती है..... चलो वही चल के देखती हु...

लता ने फिर से अपने कदम ( उलटे) बढाए... और पहुंच गयी... पीपल के पेड़ के पास....

लता - चलो पहुंच गयी यहाँ....

लता -; अब उसको आवाज़ लगाती हु....

लता - चिमकाण्डी... चुड़ैल... कहा हो तुम... आय मेरी सखी सहेली..... बगिया में जैसे खिली चमेली.... निकल बहार... कर मेरा दीदार.... हो जाएगा... तेरा बेडा पार...

चिमकाण्डी चुड़ैल अभी सो रही थी... जो की लता की आवाज़ सुन जाग गयी...

चिमकाण्डी - कौन है..... किसने मेरी नींद ख़राब की है.....

लता - ारी.. ू सोतडू... मई हु तेरी सहेली.... लता...

चिमकाण्डी चुड़ैल - लता... क्या तुम हो..

लता - ारी.. है मई हे हु रे...

चिमकाण्डी - अच्छा अच्छा... माफ़ करना मई पहचान नहीं पायी थी.... आजा आ पेड़ के ऊपर आ बैठ के बात करते है...

लता - हां.... रुक आती हु....


चिमकाण्डी - और बता क्या हाल चाल... और इतने दिनों बाद यहाँ कैसे आना हुआ..

लता - क्या बताऊ... य्र्र.... मेरी मुँहबोली बेटी... जो मुझे अपनी माँ के सामान मानती है उसकी एक समस्या है... उसके निवारण के लिए हे तेरे पास आयी हु.... तेरे पास तोह मेरे सारे समस्या का समाधान होता है न...

चिमकाण्डी- है होता तोह है... लेकिन पहले ये बता की समाया क्या है...

लता - तोह बात ये है... की.... फिर लता ने सब कुछ शुरू से लेकर अभी तक जो भी हुआ सब बता दिया...

चिमकाण्डी - ओह्ह तोह ये बात है.,...

बाकि नेक्स्ट...
 






save-2023-10-21-12-13-40.jpg




चिमकाण्डी... - ओह तोह ये बात है...

तोह बताओ इसमें मई तुम्हारी कैसे और क्या मदद कर सकती हु...








चिमकाण्डी - अच्छा.... इस काम को अंजाम देने के लिए.... मई अपने एक प्यादे को तुम्हारे साथ भेज सकती हु...



लता - हां... कौन है वह....

चिमकाण्डी - रुको अभी बुलाती हु....

चिंकी... ओह.... चिंकी.... कहा है... जल्दी आ...





लता - क्या यही है तुम्हारी चिंकी...

चिमकाण्डी - हां.. यही है... मेरा प्यादा.... चिंकी...





save-2023-10-21-12-13-43.jpg






लता - अच्छा.... तब तोह सही है.. 😊

चिंकी - क्या हुआ... गुरु माँ... अपनी इस सिस्य को कैसे याद किया आज दिन में...

चिमकाण्डी - देखो... चिंकी... तुम मेरी सबसे होनहार स्टूडेंट में से एक हो.... इसलिए मई मानती हु की तुम में मेरे सामान हे ताकत है...





लता - वाह... क्या संस्कार है बच्ची के... 🙂

चिंकी - ये कौन है गुरु माँ..

चिमकाण्डी - तोह चिंकी... मई तुम्हे इनसे परिचाय करवाती हु...




चिंकी - ये तोह मेरा सौभाग्य है की... आपने मुझे चुना....

बताइये... क्या करना है और कब...

चिमकाण्डी ने उसको सब प्लान समझा दिया... और लता के साथ भेज दिया....



लता - देखो चिंकी चिमकाण्डी चुड़ैल ने जो कुछ भी समझाया है बिलकुल वैसा हे करना... और है... किसी को शक नहीं होना चाहिए की तुम कौन हो... तुम्हे सबसे छुप के ये काम करना होगा...



चिंकी - जी... मई उनसब पे नज़र रखूंगी.... लेकिन उनकी नज़र कभी मुझ पे नहीं पड़ेगी .

लता - ठीक है.. अब मई चलती हु... तुम भी अपने काम में लग जाओ...

चिंकी - जी...

लता कुवे में चली गयी..

लता को महल के पहरेदार ( मोना) ने फिर से रोक लिया...

मोना - लता जी आप आ गयी..

लता - हां.. मोना... आ गयी...

मोना - मलिका.. का काम हुआ... या नहीं.

लता - हां.. हो गया.. ठीक है अब मुझे अंदर जाने दो... मुझे मलिका से जरुरी बात करनी है...

मोना - जी...

लता महल के अंदर घुस गयी...

और अपने कदम बढ़ाते हुए.... सुमोना के कमरे में जाने लगी..

लता - सुमोना बेटी... सुमोना बेटी... कहा हो तुम...





लता सुमोना के कमरे में घुसती है...

लता - ारी... ये सुमोना तोह ध्यान में बैठी है.... अभी बात नहीं कर सकती... चलो कुछ देर बाद आती हु....





चंदा - कहा गए.. थी... इतनी देर से और ये सामान यहाँ छोड़ के क्यों गए थी...??

संजू - Aree...isme मेरी कोई गलती नहीं है...

मुझे लगा की आप लोग मेरे पीछे पीछे आ रहे हो.... फिर किसी के चीखने की आवाज़ आयी थी तोह बचाओ बचाओ करके तोह जब मई पीछे मुद के देखा तोह न तुम दिखी और न चमेली ममी अब मुझे तोह यही लगेगा न की आप दोनों किसी मुशीबत में हो.... वैसे ये बतिआए की आप दोनों कहा अटक गयी थी...

चंदा - वह मुझे सुसु आयी थी तोह हम दोनों रुक गए थी...





चमेली - ारी चंदा ज़रा पूछ तोह इस से की ये किस लड़की की बात कर रहा है और वह लड़की कहा है...

संजू - ारी ममी जी आप क्या बात कर रही... यही तोह कड़ी है मेरे पीछे... देखिये...

चमेली - अच्छा..... तोह फिर दिखाई क्यों नहीं दे रही....??

संजू - क्या...

चंदा - हां संजू... कहा है लड़की...





संजू अभी ऐसा बोल हे रहा था की... उसको और उसके साथ साथ.... चंदा और चमेली को सीटी की मधुर धवनि सुनाई देने लगी...

संजू - ये सीटी की मधुर आवाज़ इस जंगल में वह भी इतनी रात को कहा से आ रही.. कही वही भूतनी तोह नहीं बजा रही...





संजू - हो भी सकता है... कुछ कहा नहीं जा सकता...

तभी पेड़ के पीछे से मेनका निकल के आती है...

संजू मेनका को देखते हे.





संजू - ारी.. कमाल है यार जिधर देखो आज सबको सुसु हे आये जा रही है... वह भी इस घने जंगल में... और ऊपर से इन सबको सुसु आ रही है तोह इतना भी कॉमन सेंस नहीं है की सामने वाले को बता के जाए... साला यहाँ कदम कदम पे डर लगा रहता है की कही कोई भूत प्रेत आत्मा न टपक जाए....

मेनका - वह सॉरी बाबू... मई आईन्दा सुसु जाउंगी तोह आपसे पूछ के हे जाउंगी...

चंदा और चमेली के मुँह खुले के खुले रह गए...

चंदा - बाबू..??

चमेली - बाबू???.

मेनका - आप दोनों ऐसे क्यों चौक रही है....

चंदा - तुमने संजू को बाबू क्यों कहा...

मेनका - कौन संजू को....

चंदा - ारी.. जिसके साथ तुम यहाँ तक आयी हो...

मेनका - पर मई तोह बाबू के साथ आयी हु न..

चमेली - ारी... तेरे बाबू का नाम हे संजू है...



मेनका - ओह अच्छा... इन्होने कभी बताया नहीं था..
 
संजू - तुम कहा रुक गयी थी....

मेनका - वह मुझे बहुत ज़ोर की सुसु आयी थी इसलिए.....

संजू - अच्छा...

बता के तोह जाना था न.... मई यहाँ डर गया था की कही खैर छोडो... इनसे मिलो....


संजू - मेनका ये है... चंदा..

चंदा ये है मेनका...

मेनका ये है चमेली जी ...

चमेली जी ये मेनका है..




चमेली - है... बिटिया.. तुम सही कह रही हो लेकिन अभी इतनी रात को कहा जाएगी बेचारी... इसलिए संजू ने इसको अपने साथ रख लिया होगा...



चंदा - अबसे?

संजू - अबसे ये हवेली में हे रहेगी और वह की साफ़ सफाई का काम करेगी...

चंदा - क्या...??

संजू - हां..

चंदा - और इसके घर वाले....



चंदा - बाबू...?

चमेली - बाबू??

मेनका - है बाबू

संजू- हिहि hi 😁 है बाबू


चंदा - ये तुम संजू को बाबू क्यों बोल रही हो..

मेनका - कौन संजू... जी हम किसी संजू वणजु चपडगंजु को नहीं जानती हु... और मई भला उनको जानती भी होती तोह उनको क्यों बाबू बुलाती मई तोह बाबू को बाबू बुला रही हु... ये बाबू जिन्होंने मेरी शेर से जान बचायी है... यही है तोह बाबू 😊

चंदा - क्या...??..

चमेली - क्या..???

संजू -; हां... 😊


चंदा - क्या... हां.. संजू जी... आपका नाम तोह संजू है न फिर ये बाबू कबसे हो गया...



मेनका - जी बाबू...

चंदा( चिढ़ते हुए) - तुम बार बार इनको बाबू बोलना बंद करो... ये कोई बाबू बाबू नहीं है इनका नाम संजू है संजू...



चंदा - क्या.... बेबी...??

चमेली - बेबी??


संजू - हां.. बेबी...

संजू - अच्छा... एक जरुरी बात और... की रात घनी हो चुकी... चलो घर को चले हिहि 😆 इससे और जरुरी बात क्या हो सकती है...



चंदा ( मैं में) - ये कलमुही कहा से आ गयी... मेरी लव ❤ स्टोरी में विल्लन बनने... अभी ठीक से मेरे और संजू के बिच रोमांस की शुरुआत भी नहीं हुई थी और ये चुड़ैल... आ टपकी... शेर इसकी माँ की जगह इसको पहले क्यों नहीं अपना शिकार बनाया... काम से काम... इसकी माँ रहती तोह मेरे और संजू के बिच में तोह नहीं आती...



मेनका ( मैं में) - ये बाबू तोह बहुत अच्छे है... मुझे अपने साथ ले जा रहे मुझे काम दे रहे मुझे सहारा दे रहे...

संजू ( मैं में) - चलो सब सेट हो... गया.. अब कोई चिंता नहीं... अब बस जल्दी से घर पहुंच जाओ... अपनी मल्लू... डार्लिंग.. के हसन का दीदार करू... और उसके सामने आते हे उस से लिपट जाओ... और उसके संतरो की चुभन को अपने सीने पे महसूस कर सकू.. 🥰

ऐसे हे चलते चलते वह सब घर आ गए..

दरवाजा अंदर से बंद था..... वैसे तोह चंदा ने फ़ोन करके बिमला को बता दिया था की हम लोग आ रहे फिर भी... सेफ्टी के लिए उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद हे रखा था....


मेनका - क्या यही है बाबू आपकी हवेली...

संजू - ारी नहीं... हवेली नहीं... है ये लेकिन हवेली से काम भी नहीं है मेरे लिए ये मेरे माल सामान मल्टी काकी का घर है..

चंदा - क्या... कहा तुमने

संजू - सही तोह कहा... की ये मेरी माँ सामान मल्टी काकी का घर है...

चंदा - तुमने पहले कुछ और कहा था...

मेनका - मुझे भी अलग लगा था..

संजू - वह मौसम ठंढा है न इसलिए दाँतों के कड़कड़ाहट से कुछ और निकल गया होगा...

चमेली - पर तुम्हारा दांत कहा कड़कड़ा रहा..

संजू - वह मैंने कण्ट्रोल कर लिया अब नहीं कड़कड़ा रहा...

चलो चलो... अब...

संजू दरवाजे के पास जाकर दरवाजा खटखटाने लगा...

दरवाजा खटखटाने की आवाज़ सुनके... मल्टी और बिमला दोनों आने लगी और आकर दरवाजा खोला...

दोनों दरवाजे के पास कड़ी थी...

📷

save-2023-10-21-12-13-53.jpg
 
save-2023-10-21-12-13-53.jpg


ब्लैक वाली बिमला... 😍

और रेड वाली हीरो की माल... मल्टी 😍😘

मल्टी - ारी.. तुम लोग आ गए...

संजू - हां मल्लू माँ हम आ गए... और ये कहते हे संजू मल्टी के पास गया और उस से लिपट गया और टाइट हुग कर लिया.... जिससे मल्टी के चूचे संजू के चेस्ट पे चुभने लगे... जिससे संजू को बहुत मजा आने लगा..

संजू ( मैं में) - आह.... अब जाके मिली है मेरे सीने को ठंढक... कबसे इन संतरो को अपने सीने पे चुभाने के बारे में सोच रहा था....

फिर दोनों एक दूसरे से अलग होते है...

बिमला - ये लड़की कौन है संजू बीटा तुम्हारे साथ...

संजू - जी.. बात कुछ ऐसी है की.. ***********..... फिर संजू ने जंगल में हुई साड़ी घटना बता दी...

मल्टी - तुम खुद को अकेला मत समझना बेटी... अबसे हम लोग तुम्हारा परिवार है... मई तुम्हे कभी तुम्हारे माँ की कमी महसूस होने नहीं दूंगी...

मेनका रट हुए मल्टी के गले लग जाती है...

चमेली - अब अंदर भी चलना है की रात यही दरवाजे पे खड़े खड़े हे गुज़ारनी है...

बिमला - ारी. आओ आओ...

अंदर आते है... सभी...

मल्टी - सफर कैसा रहा...

संजू - मल्लू माँ सफर तोह अच्छा था.. लेकिन उस सफर में मैंने आपको बहुत मिस किया...

मल्टी - है.. मेरा बच्चा...

बिमला - काफी रात हो गयी है... तुम सब भी थक गए होंगे... चलो सो जाओ बाकि बातें कल सुबह कर लेना

सभी सोने चले गए...

मेनका को चंदा के साथ सोने के लिए कहा गया... और चमेली को बिमला के साथ सोना पड़ा...

मल्टी अपने रूम में अकेली सो रही थी... और संजू बहार सोफे पे सो रहा था....

संजू ( मैं में) -- चलो... एक और बुर का इंतज़ाम हो गया... वैसे मेनका किसी मेनका से काम नहीं हैं.. इस घर में अभी की डेट में सबसे सुन्दर कोई औरत है तोह वह मेनका हे है... मुझे कैसे भी करके मेनका को लाइन में लाना होगा... लेकिन इस काम के बिच में कही वह चंदा अपनी टांग न अदा दे.. उसकी भी बुर खुजला रही है लगता है उसका भी गेम बजाना पड़ेगा....

संजू ऐसे हे खयालो में खोया हुआ था...

उसको नींद बिलकुल भी नहीं आ रही थी...

तभी अचानक... छत्त पे कुछ हलचल सी महसूस हुई...

संजू ( मैं में) - ये इतनी रात को छत्त पे कौन है... घर वाले सभी तोह सो रहे है फिर कौन हो सकता है कही कोई चोर तोह नहीं घुस आया न...

संजू सोफे से उठ के छत पे जाने के लिए सीढ़ियां चढ़ने लगा...

संजू छत पे पहुंच गया.. संजू ने आस पास एक नज़र घुमा के देखा... लेकिन उस घने काळा अँधेरे में उसको कुछ साफ़ नज़र नहीं आया.. तभी वह पे एक कौवा.... फड़फड़ाते हुए घर घर के अंदर घुस गया

संजू - आई... साले कौवे... रुक... रुक बहनचोद... कहा घुसा चला आ रहा... है...

संजू उस कौवे का पीछा करते हुए सीढ़ियों से उतरने लगा... लेकिन अचानक कौवा संजू के नज़रो से ओझल हो गया...

संजू - कहा गया... कहा गया... वह काली गांड का कौवा... कहा गया....

साला... कही ये कौवा... उन्ही हमलावर कौवो का साथी तोह नहीं था जिनको मैंने पानी में डूबा डूबा के मारा.... पता नहीं साला आज कल क्या हो रहा है....

कौवे लोग भी साला गैंग रन कर रहे है...

चलो... भाग गया होगा... बरमारी का चलो सोते है...

संजू ने अपने फ़ोन पे टाइम देखा...

संजू - 4 तोह बज हे गए अब क्या हे सोऊंगा... इस से अच्छा है की कोई पोर्न देखु....

जैसे हे अभी संजू अपने फ़ोन में पोर्न देखने वाला था की...

वह कौवा... संजू के पास से उड़ता हुआ.... छत की तरफ भागने लगा....

संजू - ारी.. बेटीचोद... ये तोह अभी तक यही है... साले... रुक तेरी मैया की अभी पाकाटड़ा हु भैया...

संजू ने उसका पीछा फिर से करना शुरू किया...

संजू छत्त पे आ गया...

संजू जैसे हे छत्त पे आया वह कौवा... उड़द के एक पेड़ पे जाके बैठ गया

संजू - अब की बार आया तोह तोहरी माई की पहाड़ देब गांड बजता की नहीं रे...

ससुरा... बार बार भगाये जा रहा...

संजू कुछ देर वही पे रुक के उस कौवे के आने का इंतज़ार करने लगा... लेकिन कौवा नहीं आया...

तब जाकर संजू नीचे को आया... तब तक 5 बज चुके थी... और मल्टी बिमला भी उठ चुके थी...


बाकि नेक्स्ट एप में...
 


बुटकू - सुनिए... आप कौन है...??.

लता - जी मई एक औरत हु. 😅

बुटकू ( मैं में) - हट बरमारी की ये तोह मुझे भी पता है साली... मेरे साथ मजाक कर रही है... रुक... साली रुक... थोड़ी देर में देखना कैसे तुझे अपनी औरत बनता हु.. हीहीही😁

बुटकू - ारी है है... वह तोह मुझे दिख रहा है की आप एक औरत हो...

लता - जब दिख रहा है तोह फिर पूछा क्यों??

बुटकू ( मैं में) - ारी.. साला... क्रॉस ❌ क्वेश्चन कर रही है रंडी कही की... इसको तोह आज छोडूंगा नहीं... छोड़ के रहूँगा...

बुटकू - जी... मेरा ये मतलब था की आपका नाम क्या है..?..

लता - लेकिन आपने तोह नाम हे नहीं पूछा था तोह मैं नाम कैसे बताती..

बुटकू - अब तोह पूछ रहा हु अब बता दीजिये...

लता - मेरा नाम लता है...

बुटकू - वाह.... लता... कितना प्यारा नाम... है सुनके हे लत लग गयी... आपके नाम की तोह..

लता सरमाते हुए... हिहि 😄

बुटकू - आप कहा की है...

लता - घर की न घात की...

बुटकू - आआआआयीय... 🙄

लता - जी... न तोह मई घर की हु न घात की मई हु पप्पू के सास की...

बुटकू - आआआअययययययय.... 🤔.

( मैं में)

इ का होता है...

हम तोह बस पप्पू चैंट डांस साला के बारे में सुना था... ये पप्पू और डांस का तोह समझ में आया लेकिन इस औरत का पप्पू के साथ क्या सम्बन्ध हो सकता है ये समझ में नहीं आया...

बुटकू - आप क्या बोली हम नाही न समझ पाए...

लता - मई ये कह रही हु की मई हु पप्पू के सास की...

बुटकू - अच्छा अच्छा... अब समझ में आया... 😇

वैसे क्या है आप पप्पू के सास की 🤓

लता - बेटी... हु... और क्या.. 🙂

बुटकू - ओह्ह.... अच्छा.. अच्छा.. तोह आप पप्पू के सास की बेटी है... ठीक ठीक इसका मतलब पप्पू आपका बाप है 🤣🤣

लता - अबे... साले...

बुटकू - का हो गया जी.. हम कुछ गलत बोल गए क्या..??

लता - है... पप्पू मेरा बाप नहीं... मेरे हो चुके बच्चो का बाप है..

बुटकू - ओह्ह....

वैसे... पप्पू जैसा बनने के लिए क्या करना होगा...

लता - आप पप्पू के जैसे बनना क्यों चाहते हो..

बुटकू ( मैं में) - अब तुझे क्या बोलू.... पप्पू... साला कितना किस्मतवाला है की तुझे पेल पेल के गाभिन पे गाभिन करे जा रहा और तू पूछ रही है की पप्पू क्यों बनाना है..

लता - जी आप कौन है...?

बुटकू - मई... एक लुंड का हरा...

लता - जी... 🧐

बुटकू - वह मई एक लकड़हारा ये कह रहा था..

लता - आपका नाम नहीं है क्या...

बुटकू - नाम तोह है लेकिन उस से बड़ा मेरा काम करने वाला लाम= (lund)hai

लता - जी... ये लाम क्या होता है...

बुटकू - वोह एक प्रकार की पेड़ की टहनी की तरह होती है.... जिसको आप जैसी... नहीं नहीं... आप है वैसी औरत अपने हाथो में पकड़ती है...

लता - अच्छा..

बुटकू - हां.. इस्पे तोह हमारे एक मशहूर रैपर ... श्री श्री कररयनंद बाबा जी ने भजन भी बनाया है... क्या आप सुन्ना चाहोगी..

लता - जी जरूर...

बुटकू - ठीक है फिर... मई सुनाता हु...

" ए... रुपाली ए रुपाली... आके पकड़ मेरी डाली.. "🤣

लता - ये कैसा भजन है...

बुटकू - ारी... आपको नहीं पता इस भजन में जो जो कहा गया है अगर उसको सच में किया जाए तोह आपकी अकाल संकट ताल जाएगी...

लता ( मैं में) - साले मुझे अपना डाली पकड़वाना चाहता है.... अकाल संकट टलेगी नहीं... बीटा बल्कि तुझे अकाल और दर्द के साथ मौत मिलेगी... खेल खेल कितना खेलना हैं.. हीहीही 😁

बुटकू - जी.. तोह क्या आप इस भजन को आज़मा के देखना चाहोगी... हो सकता है आपकी भी अकाल संकट ताल जाए...

लता - अच्छा...

ठीक है... मई ये करने को तैयार हु अगर इससे अकाल संकट ताल जायेगा तोह....

बुटकू ( खुस होते हुए) अपना लकड़ी का गट्ठर सर से उतर के नीचे रख देता है और धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए लता के पास जाने लगता है...

लता - ... जी बताइये... की कैसे.. और कौन सी डाली पकड़ने से अकाल संकट टलेगा..

बुटकू - जी... मई अभी आपको बताये देता हु... लेकिन उस डाली को पकड़ने के लिए आपको आँख बंद करनी पड़ेगी....

लता - आँख बंद पर वह क्यों...

बुटकू... - यही नियम है वार्ना संकट टलेगा नहीं बल्कि बढ़ जायेगा...



लता ( मैं में) - कितना चालु आदमी है इसका तोह भेजा निकाल के खाउंगी.. थोड़ा दिमाग मेरे में भी आ जायेगा वैसे भी इंसान तोह हम औरतों को अकाल से पैदल समझते है अब मई अकाल से पैदल नहीं रहूंगी... हीहीही 😁
 


अब तक सुबह हो चुकी थी... संजू निचे आ जाता है... इधर बिमला और मल्ली भी उठ चुकी थी.... और अपने अपने रूम के दरवाजे खोल चुकी थी... और एक एक लोटा उठा के घर से निकलने लगी...

संजू - ारी... ये लोग तोह लोटा उठा के चल दी.... चल दी तोह चल दी मुझे अपना लोटा कहे दिखा... दी... ये तोह गड़बड़ हो गयी संजू... अब तोह मुरे पेट में भी गुदगुदी.. सुड़सुड़ी.. पुड़पुड़ी.... होने लगी है... अब लगता है..

लुंड हाथ mein...lota साथ mein....leke.... मुझे भी निकलना होगा

संजू भी एक लोटा पकड़ के निकल पड़ता है.... लेकिन तब तक... मल्टी और बिमला काफी आगे निकल चुकी थी....

संजू - ारी... अभी मेरे सामने हे तोह निकली थी दोनों... इतनी जल्दी कहा गायब हो गयी....

ज़मीन खा गयी या आस्मां निगल गया..

संजू - बीटा अभी ये ज़मीन आसमान का छोड़ वर्ण कही.... तेरे पेट का सारा सामान यही न निकल जाए... जल्दी से झड़ी पकड़ के घुस जा 😊

संजू एक झड़ी में... बोले तोह कबाड़ी में... घुस गया...

संजू - आआअह्ह्हआआहा..... सुकून का नाम सुना है किसी ने... बस... यही है... कितना सुकून मिल रहा जब ये लांब लांब... टट्टी की बौछार मई अपनी गांड के छेड़ से कर रहा... इसका अर्थ समझते हो... रहने दो.. क्यों की मई समझता हु.. और समझाएं के बिलकुल मूड में नहीं हु 😅

संजू - है तोह हम कहा थी... हम तोहरी मैया की तुटैया में थी 😅

आअह्ह्ह्ह.... हाय.... मजा हे आ गया हग्गु करके....

तभी.... बगल वाली झाडी से किसी के.... आआह्ह्ह..... उउउउनंनहहहह... निकल भोस्डिके... निकला न रे..... 5 दिन हो गए... निकल हे नहीं रहा... उउउउनंनहहहह........ कितना दम लागू और.... उउउउनंनहहहह.........

संजू ( मैं में) - ये कौन भोस्डिका है जो गांड सिले की तरह कर रहा है...

चलो थोड़ा झाँक के देखता हु....

संजू - ोई.. भोसदिया वाले.. भैया... कहे... ठाक रहे हो... ऐसे उउउउनंनहहहह उउउउनंनहहहह करके...

वह आदमी -... ारी का बताऊ भैया... हम 5 दिनों से तरय कर रहा हु की निकल जाए... लेकिन निकल हे नहीं रहा है...

संजू - इसका मतलब मई इसके बारे में सही था ये सच में गांड सिला हो गया है 😂

वह आदमी - बहुत तकलीफ है भैया... न तोह निकल रहा है... और न हे रोका जा रहा है...

संजू - किसी डॉक्टर को दिखाया...

वह आदमी - हां भैया... दिखाया.. डॉक्टर में मुझे लिटाया... मैंने चेकउप करवाया... डॉक्टर ने रिपोर्ट दिखाया... रिपोर्ट देख मेरा सर चकराया... डॉक्टर ने ऑपरेशन का मुझे बताया... अब आँखों में मेरे अँधेरा छाया.. ऑपरेशन का सुन के मुझे तेज़्ज़ बुखार है आया... और मई हॉस्पिटल से भाग के घर आया...

यहाँ तोड़ी रिम्स मैच करने की कोशिश की है😅

ok चलो अब आगे..

संजू - अच्छा... ऐसा बोलै डॉक्टर ने.

वैसे आप का नाम क्या है..

आदमी- मेरा नाम है अरीब...

संजू - अच्छा... तोह अरीब भाई ये बताओ की ये प्रॉब्लम कैसे हो गयी...

अरीब - पता नहीं भाई अचानक हे हो गयी...

संजू - अच्छा... कोई नहीं... मई आपकी प्रॉब्लम स्लोवे कर सकता हु...

अरीब 😀 - कैसे...?

संजू - वह ऐसे के... देखो... आपकी गांड का छेड़ मुझे लगता है छोटा हो गया है इसलिए ये सब पॉब्लम है... मई आपके गांड के छेड़ को बड़ा कर सकता हु... और आपकी ये समस्या दूर कर सकता हु...

अरीब - अच्छा... वह कैसे...

संजू - अगर आपको करवाना है तभी करूँगा...

अरीब - हां. हां.. अगर इसके बाद मेरी पॉब्लम सोल्वे हो जाएगी... ऑपरेशन नहीं लगेगा तोह मई जरूर करवायंगा...

संजू - ठीक है.. फिर आप यही रुको... मई आता हु...

संजू वह से खिसक लिया और एक पेड़ के पास गया जिसकी डालिये निकली हुई थी...

संजू - ये डाली अच्छी खासी मोती है... यही ठीक रहेगा... हीहीही 😂😂

संजू ने वह डाली को तोड़ लिया और अपने कपड़ो के अंदर भर लिया ताकि उसको दिखे न...

संजू अब अरीब के पास चला गया..

अरीब - तुम आ गए भाई...

संजू - हां आ गया और साथ में तुम्हारी दवाई भी लेके आया हु...

अरीब - कहा है दवाई जल्दी दो...

संजू - है.. रुको... ये क्युकी एक आयुर्वेदिक दवा है इसलिए.... इसके कुछ नियम है... सबसे पहले ये नियम है की दवा लेने वाले मरीज को अपनी आँख इस दवा के प्रयोग के समय बंद रखनी होगी और तब तक नहीं खोलनी जब तक दवा डाली जा रही हो वर्ण दवा का असर खत्म हो जाएगा... और एक और नियम है की आवाज़ नहीं करना है न किसी प्रकार की रोक टोक नहीं करनी है...

अरीब - ठीक है मुझे सब मजज़ूर है..

संजू - ठीक है फिर अपनी आंखें बंद करो...

अरीब ने अपनी आंखें बंद कर ली... और अब संजू ने डगाली... अरीब की पिछवाडी में घुसेड़ दी...

अरीब - aaaaaaaahhhhhhhhhh......... मा........ aaaaaaaahhhhhhhhhhh.......... यी..... क्या...... घुसेड़...... दिया........... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह........... निकाएआलललल...... निकाआलल्ल.......... इसको.... भोस्डिके nikal..........mai मर जाऊंगा....... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह........ निकल मादरचोद.......... आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह...........

संजू बिना रुके दगली अरीब की पिछवाडी में घुसेड़ के अंदर बहार किये जा रहा था....

अरीब - aaaaahhhhhh.....maar...... दिया..... री..... आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह..........

संजू - रुक बिहँसोड़.... रुक... होने वाला है.....

संजू डाली घुसेड़ घुसेड़ के अरीब की गांड का छेड़ बड़ा करने लगा....

डाली के घुसेड़ने से उसके पेट के अंदर जो अब तक से साद रही टॉयलेट.... ज़मीन में ड्रिलिंग के टाइम जैसे मिटटी निकलती है वैसे हे टॉयलेट ( टट्टी) निकलने लगी...

और कुछ देर में जब संजू को लगा की अब इसकी बुर में इसका हाथ घुसने लायक जगह बन गयी है तोह उसने डाली निकल ली....

संजू - ले भाई... हो गया तेरा काम अब आँख खोल दे... ( संजू ने डाली फ़ेंक दी... थी... )

अरीब ने आँख खोली..

अरब रट हुए - आआअह्हह्ह्ह्ह........ बहनचोद.... क्या किया ये तूने....

संजू - इधर देख तोह सही...

अरीब ने देखा... बहुत साड़ी टॉयलेट के छींटें ज़मीन पे थी...

संजू - अब देख करके... अब निकलेगा... और नहीं निकला न तोह अपना हाथ घुसा लेना... और निकल लेना...

अरीब ने तरय करके देखा सच में निकलने लगा...

अरीब - ये तोह सच में कमाल हो गया.. है थोड़ा दर्द हुआ... लेकिन चलता है... ऑपरेशन से तोह काम हे दर्द है... थैंक यू..

संजू - व्लकम.... चल अब चलता हु...

अरीब - ारी. अभी कहा चल दिए भाई... ये पॉब्लम तोह मेरी बीवी की भी है... उसका भी इलाज़ कर दीजिये... वह बेचारी... भी इस परेशानी से जूझ रही है...

संजू - क्या... तुम्हारी बीवी भी.. 😍

पहले क्यों नहीं बताया... चलो अभी चलो... जल्दी...

अरीब - है चलो... लेकिन मई चल कैसे पाउँगा..

मुझे गोदी में उठा के ले चलो...

संजू ( मैं में) - हॉट मादरचोद इसको गोदी में उठाना पड़ेगा नहीं नहीं.. ऐसा नहीं करने वाला मई.. इसकी बीवी का भोसड़ा मारु... इसको कैसे भी करके... सुल्ताना होगा...

संजू - ारी.. भाई.... देखो... मुझे तुम अपने घर का पता बता दो... और तुम फिर आराम से आते रहो मई तब तक तुम्हारी बीवी का इलाज कर दूंगा... पता बताओ जल्दी...

अरीब - पर क्यों... मुझे गोदी में उठा के ले चलो न मई आपको रास्ता भी बता दूंगा और मई भी बिना दर्द के घर पहुंच जाऊँगा..

संजू - आज कल के लोगो की यही दिक्कत है... साला... थोड़ा सा दर्द नहीं सहा जा रहा तेरे से क्या गांडू बनेगा रे तू... चुपचाप... घर का पता बता और खुद से चल के जा वर्ण मुझे और भी काम है मई जा रहा ऐसे तुम्हारे लिए हे अपना सारा टाइम वास्ते थोड़ी न करूँगा...

अरीब - माफ़ करियेगा... मई भूल गया था आप जैसे वैद्य को और भी काम होता है... मई आपको अपने घर का हे पता बताये देता हु...

संजू - हां बता..

अरीब - इधर जाना फिर उधर जाना फिर उधर से होक इधर जाना... फिर उधर इधर से उधर जाना... फिर पहुंच जाना...

संजू - अच्छा अच्छा... ठीक है मई पहुंच जाऊंगा... तू भी धीरे धीरे आ जा...

संजू अब उसके पास से निकल गया...
 
संजू अब चलते हुए अरीब के बताये अनुसार चलने लगा..



संजू अब घर के दरवाजे को खटखटाने लगा...

संजू - खोल खोल खोल.... घर का दरवाजा खोल...




save-2023-10-22-14-43-05.jpg
 
संजू ! ने जैसे हे उस सुंदरता से कड़ी... जवानी से भरी... ूठो पे लाली लगी... आखियो में आदयें जगी... छाती पे संतरो की तंगी

औरत का मदमस्त बदन देख.... संजू की आँखों में दिल बन आया 😍 उसका मुँह खुला का खुला रह गया...

संजू - ोोोू.. 😍लाआ...😍 लाए... 😍

औरत - जी.... !

कौन है आप...???

संजू - जी... मई वह... मई वह... आपका पति... ☺

औरत - क्या...?? ये क्या बोल रहे हो आप

355862544-652451780089354-6703037690931060887-n.jpg


औरत - अच्छा...


औरत - अच्छा.. ाचा... आइये... आप अंदर आईये..

संजू - जी.. शुक्रिया..

संजू उसके साथ अंदर आ गया..

संजू - वैसे आप का नाम क्या है..?



संजू - क्या... 🤯.... आपके पास ( बुर) पूड़ी... न है..

ऐसा कैसे हो सकता... है... ये कैसी नाइंसाफी है... आपके टांगो के बिच.... कोई कैसे पूड़ी न देने की भूल कर सकता है... हे भगवान्.... इसको पूड़ी क्यों न दी आपने...


पुदीना -... ारी... ारी.. ये क्या आप गन्दी गन्दी बात कर रहे...

संजू - मई क्या गन्दी बात कर रहा... पूड़ी.. न.. वाली भाभी जी...

पुदीना - ये क्या... आप पूड़ी न.. बोल रहे... मेरे पास पूड़ी है... और पुदीना मेरा नाम है...



संजू - accha...toh आपका ऐसा नाम किसने रखा...??



संजू -- फिर... जब आपके पास पूड़ी है.. तोह आपका नाम पूड़ी न क्यों रखा आपके माँ बाप ने...

पुदीना - ये कैसी बात कर रहे आप...



पुदीना - है मेरे पास वह...

संजू - क्या.. वह...??

पुदीना - वही जिसको. तुम मेरे में नहीं कहके राग अलाप रहे हो...

संजू - मई सही तोह कह रहा हु... अगर ऐसा नहीं होता तोह आपके माँ बाप आपका नाम ऐसा क्यों रखते



संजू - मई मान हे नहीं सकता की आपके पास पूड़ी है...

पुदीना - है मेरे पास पूड़ी...

संजू - मई हरगिज़ नहीं मानता...

पुदीना - मैंने कहा न की मेरे पास है लुङि...

संजू - हो hi नहीं सकता...



गुस्से में पुदीना का दिमाग ये भूल चूका था की वह क्या बोल रही और क्या कर रही...

पुदीना ने अपनी साड़ी और पेटीकोट उठा दी कमर तक... और अपना पूड़ी ( बुर) खोल के संजू के आंखों के सामने दिखने लगी...

पुदीना ( गुस्से में) - देख... देख.... और अब बता की... है की नहीं मेरे पास पूड़ी...



पुदीना - देख... है मेरे पास पूड़ी.

संजू - कहा है... मुझे तोह कही दिख नहीं रही...

पुदीना ( गुस्से में) - ये तोह रही... मेरी पूड़ी...

पुदीना अपने बुर के फांको को खोलते हुए दिखाने लगी....



images-2023-10-16-T104301-961.jpg






संजू 😍

संजू - कहा... मुझे तोह समझ में नहीं आ रहा... मुझे अभी भी नहीं दिखी शयद...


पुदीना ( गुस्से में) संजू का सर पकड़ के अपने बुर पे रखते हुए... ये ले ले... देख.... ले...

अब यकीन हुआ तुझे...

tumblr-m2xy18-PX4-P1r3e7qmo3-500.gif


पुदीना - आआह्ह...... ये क्या कर रहा है... कमीने....

पुदीना ने अब संजू के सर को धक्का देने की कोशिस की लेकिन..... शेर को खुद शिकार के पास ले जाओ और बस उसका दीदार करने के बाद उसको बोलो की चल यहाँ से तोह ऐसा थोड़ी होता है... शेर को तोह भोग लगाना हे था.. 😋

संजू की पकड़ पुदीना के कमर पे ऐसी कासी हुई थी की पुदीना चाह के भी न छूट पायी... और लेती रही अंगड़ाई.. और संजू ने पुदीना के बुर पे अपनी जीभ रख के शुरू .... कर दी... चटनी चटाई... 😋


save-2023-10-22-14-58-56.gif




288958442-421635106504357-7110860953655174566-n.jpg


संजू को घंटा कोई फरक नहीं पद रहा था... वह तोह मस्तमौला... होकर चटनी चटाई जारी रखा.... और.... अपने हाथो से पुदीना के पीछे से उसकी दोनों चुतड़ू को दबोच के मसलने लगा...



संजू बिना रुके... पूरी म्हणत से अपनी जीभ को पुदीना की लाल लाल.... गुफा के छेड़ में अंदर बहार करने लगा...


save-2023-10-22-15-01-42.gif


पुदीना.... कसमसाने लगी... लेकिन बुर के आग के आगे आखिर... कब तक टिक पाती बरमारी 😁 आखिर कार... बुर जीत गयी... और पुदीना पिट गयी...

और संजू के सर को अपनी बुर पे दबाने लगी....



संजू... ने पुदीना की बुर चूस चूस के लालम लाल..... कर दी..... संजू की बुर चूसै... चुत्तड़ दबायी से पुदीना काफी गरम हो गयी और भलभला के संजू के मुँह में झाड़ गयी...

save-2023-10-22-15-11-36.jpg


संजू - क्या... नशीली... बुर है तेरी.... पानी छोड़ा भी तोह नशीला.... साला... पि के नशा सा चढ़ने लगा है....


संजू.... चल देख लिया तेरी बुर.... अब मार भी लेता हु.....

संजू ने पुदीना को उठा के बीएड में पटक दिया.... और अपना पंत खोल के पुदीना के ऊपर चढ़ गया...

पुदीना - नहीं.... नहीं.... ये गलत है... जो हुआ उसको भूल जाओ मई ऐसी औरत नहीं हु.... छोड़ दो मुझे...



पुदीना - मन करती रही...

संजू ने अपना लुंड पुदीना की बुर के पास रखा... और घिसने लगा...

save-2023-10-22-14-59-07.gif
 




संजू अपना लुंड को पुदीना की बुर के नीचे की तरफ से घिसते हुए ऊपर की तरफ ले जाने लगा.... फिर ऊपर से घिसते हुए नीचे की तरफ..... संजू कुछ देर तक ऐसे हे पुदीना की बुर की घिसाई करते रहा....


save-2023-10-22-14-59-04.gif




पुदीना... ---- आआआह्ह्ह्ह..... माआ........ यी.... कययय्या...... कर.... रहे... ho...mat करो ऐसा... मई पागल हो रही हु.... आआआह्ह्ह्ह....... मत करो... ऐसा.... आआअह्ह्ह्ह.........

लेकिन संजू बाबा तोह संजू बाबा है... न रुकेगा... न हटेगा... ओनली.... घिसेगा.. जब तक वह से पानी न निकल जाए 😍

संजू ने बुर पे लुंड घिसने की स्पीड थोड़ी बढ़ा... दी...



save-2023-10-22-15-11-34.gif
 
Back
Top