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बिमला - ारी तुमने तोह ब्रा भी पहना है
मल्टी- हां...
बिमला - फिर तोह ये ब्रा की भी पट्टी खोलनी पड़ेगी वार्ना बार बार रुकावट पैदा करेगी.....
मल्टी - अच्छा... तोह क्या करे... इसको भी निकलना पड़ेगा क्या...
बिमला - हां... निकलना तोह पड़ेगा....
वैसे भी यहाँ हम 2 औरतें हे है... तुम चाहो तोह निकल दो... वार्ना ऐसे हे कोशिश करके देखती हु..
मल्टी - आप सही कह रही हो बिमला दीदी.... अगर नहीं निकला तोह बार बार रुकावट करेगा और ऐसे में न आपको मालिश करने में रूचि आएगी न मुझे मालिश कराने का पूरा फायदा मिलेगा इसलिए मई इसको निकल हे देती हु...
बिमला - है...
मल्टी ने ब्रा की पत्तिया भी खोल दी और अपने ब्लाउज को निकल दिया... लेकिन ब्रा की पट्टी को खोल के पहनी हे रही...
बिमला चलो... अब लेट जाओ....
मल्टी लेट गयी..
बिमला ने फिर मालिश करनी शुरू कर दी...
मल्टी - ये क्या... हुआ आपको... आप इतने हलके हलके क्यों कर रही हो
बिमला - वोह ब्रा है न तोह जयादा जोर से करुँगी तोह आयल पीठ से बाह के ब्रा पे जायेगा और ब्रा गन्दी हो जाएगी इसलिए कह रही थी इसको भी निकाल हे दो...
मल्टी कुछ सोचती है...
मल्टी - ठीक है.... अगर ये दिक्कत है तोह
अभी निकल देती हु...
बिमला के चेहरे पे मुश्कान की चमकान आ जाती है...
मल्टी अपनी ब्रा को भी निकाल देती है...
मल्टी - अब तोह कोई परेशानी नहीं होगी न... और होगी तोह बिना मुझसे पूछे तुमको जिस तरह से आसानी हो वैसे कर लेना ठीक है...
बिमला - है ठीक है...
बिमला अब मल्टी के गोर गोर बदन पे अपनी उंगलियां..... से मालिश करने लगी..