संजू मोनिका और चंदा तीनो घर पहुंच गए....
घर पहुंचे फिर खाना वन खा के शादी की तैयारी में लग गए....
तभी संजू के फ़ोन पे कॉल आया ..
संजू - अरे ढोलू का कॉल...
संजू ने कॉल उठाया...
संजू - हां ढोलू बोल भाई....
ढोलू - अरे संजू भाई मई क्या बोल रहा था की इस कुत्रिये कल्लू को रेंज हाथ पकड़ने के लिए हम आज रात को छुपकर बैठते है और जैसे हे वोह लिखने आएगा उसको धार दबोचेंगे...
संजू - हां.... काफी सही आईडिया है
ढोलू - हां... तोह फिर आ जाओ....
संजू - ok... मई अभी आ रहा...
संजू अब घर से निकलने वाला होता है तोह देखता है लेडीज में कीच कीच हो रही थी
संजू - क्या हुआ... आप लोग लड़ क्यों रहे हो...
लेडी 1 - देखो न शादी कर रहे है और मेहमानो के रहने के लिए सोने के लिए इस घर में जगह हे नहीं है....
लेडी 2 - हां.... हां.. बहिन सही कह रही हो.... जब हमलोगो को यहाँ ठहराने की औकात हे नहीं थी तोह बुलाया क्यों....
संजू ( मैं में) - ारी सच में इन लोगो की बात में दम तोह है यहाँ तोह जगह हे नहीं है.... एक काम करता हु हवेली में सबको शिफ्ट करवाता हु.... वैसे भी वह के लोगो का भी मनोरंजन हो जायेगा शादी में ☺
संजू - आपको लोग शांत हो जाओ... मई कुछ करता हु....
संजू ने मल्टी के पास जेक कहा...
संजू - मल्लू माँ यहाँ इस घर में मेहमानो को दिक्कत हो रही है एक तोह जगह काम पड़ रही और ऊपर से यहाँ बाथरूम भी नहीं है....
मल्टी - हां बीटा वोह तोह हैं...
संजू - तोह मई ये कह रहा था की क्यों न आप ये सारा टॉम जहां हवेली में करे... वही से चंदा को बीड़ा करे....
मल्टी - सच में बीटा...
संजू - हां...
मल्टी - लेकिन उतनी बड़ी हवेली को सजाते सजाते तोह अरसा बीत जायेगा...
संजू - ारी.. नहीं.... नहीं... मई कुछ करता हु न आप बस वह के लिए निकल जाओ वही सबको लेके अभी वैसे भी 8 हे बजा है सभी खाना खा चुके है खाना खाने के बाद टहलना अच्छा होता है... मई हवेली खुलवा देता हु...
मल्टी - थैंक यू बीटा...
संजू :- ारी मल्लू माँ कैसी बात कर रही हो अपने हे बेटे से कोई थैंक यू बोलता है क्या....
मल्टी - मेरा बच्चा...
संजू - अच्छा मई आता हु मुझे कुछ काम है आप सबको लेके हवेली पहुँचो...
मल्टी - ठिक्क है...
संजू वह से निकल पड़ा... और ढोलू के पास पहुंच गया...
संजू - हां भाई ढोलू चल...
ढोलू - चलो....
ढोलू और संजू एक एक कम्बल ओड के कल्लू के घर के बहार खड़े हो गए छुपके....
ढोलू - अब जब ये बांगड़ू निकलेगा लिखने तोह हम इसका पीछा करेंगे और इसको रेंज हाथो पकड़ लेंगे और फिर इसकी होगी ढाकीतिकी ढाकीतिकी धाए....
संजू और ढोलू अपनी अपनी पोजीशन पकड़ चुके थी .......
थोड़ी हे देर में कल्लू के घर का दरवाजा खुला और वोह घर से बहार निकल के चल पड़ा....
कल्लू को निकलते देख संजू और ढोलू चुपके से उसका पीछा करने लगे...
कल्लू ढोलू के घर के पास पंहुचा....
और उसके दीवाल के पास पहुंच के..
कल्लू -( मैं में) - आखिर कौन है जो. मुझे बदनाम कर रहा ऐसे मेरे दोस्तों के बारे में उटपटांग सी बातें लिख के.... ये लोग मुझे गलत समझ रहे... लेकिन आज मई अपने दोस्तों के बारे में अच्छी बात लिखूंगा और उनका प्यार वापस पाउँगा..
कल्लू ने जैसे हे लिखने के लिए हाथ उठाया..
ढोलू - देखा भाई यही कमीना है चलो मारते है साले को....
संजू - है चल.
संजू और ढोलू ने कल्लू को पीछे से दबोच लिया और खूब कुटाई शुरू कर दी...
कल्लू - अबे.. अबे.. क्यों मार रहो हो मुझे...
ढोलू - साले.... चिरांद आदमी... रोज़ सबके बारे में गन्दा गन्दा लिखता है बी... ये ले चाताआकककक.... दिशुओंम...
कल्लू - आआआहहहहह... माआ.... बचाओ...
कल्लू - मई वोह नहीं हु.. मई वोह नहीं हु..
संजू - तोह वही है बी ये ले दिशुओंम....
कल्लू - aaaahhhhhhhhhh.......
संजू - आज रेंज हाथ पकड़ाया है तू कम्बलिया वाले......
संजू ने कम्बल खींच के फ़ेंक दिया और खूब धोने लगे.
अच्छे से धुलाई के बाद ढोलू और संजू ने उसको वही पटक दिया और चले गए हवेली की तरफ...
हवेली में अब सभी लोग शिफ्ट हो चुके थी.. यहाँ पर्याप्त मात्रा में जगह थी....
अब सुअभ जब संजू की नींद खुली तोह ढोलू ने बताया...
ढोलू - ारी भाई ये साला कल्लू इतनी मार खाने के बाद भी नहीं शुधरा....
संजू - क्या हुआ.....
ढोलू - अभी भोलू का फ़ोन आया था कह रहा था की दीवाल पे फिर लिखा है.....
ढोलू मदारी करदे छूट को काट के ारी...
संजू -

.... ये लाइन अच्छी है वैसे...
ढोलू - ारी.. यहाँ मई डर रहा हु की कही लोग मुझे ऐसा वैसा न समझ ले और आप यहाँ है रहे हो अभी तक शादी नहीं हुई मेरी अगर किसी को पता चला तोह लड़की नहीं देगा.... मैंने भोलू से कहके मितवा तोह दिया है लेकिन आज मई उस कल्लू को छोडूंगा नहीं...
संजू - चल फिर...
संजू और ढोलू चल पड़े...
कल्लू अपने घर में जेक गेट के आगे हे सोया पड़ा था....
संजू और ढोलू ने जाके उसको नींद में हे पेल दिया.
कल्लू - आआआयियीईई.... आआआआह्ह्ह्हह्ह.... अब क्यों मार रहे हो.....
ढोलू - साले तुझे.... इतना समझाया फिर भी समझ नहीं आया फिर भी तू ये लिखना बंद नहीं किया ....
कल्लू - अब क्या कर दिया मैंने...
संजू - ढोलू के घर के दिवार पे क्या लिखा है तूने... की ढोलू मदारी करदे छूट को काट के ारी...
संजू - वैसे लाइन मस्त है...
कल्लू - लेकिन मैंने नहीं लिखी...
ढोलू - साले झूट बोलता है तू हे तोह रात को आया था वह पे.... संजू भाई इसकी बात मत सुनो मारो साले को....
चाताआकककक .... चाताआकककक...
कल्लू - आअह्हह्ह्ह्ह... आआह्ह्ह्हह..
कल्लू को मार पीट के दोनों उठा के हवेली ले जाते है काम करवाने....
कल्लू - अबे कहा ले जा रहे हो...
संजू - तुझे काम पे लगाने... साले नल्ला है इसलिए ऐसी हरकत कर रहा काम करेगा तोह हे तू ऐसा करना बंद करेगा... चल चुप चाप
संजू और ढोलू कल्लू के हवेली ले चले... हवेली में उसको काम पे लगा दिया...
अब संजू भी नहाने जाने लगा...
संजू ने दरवाजा खटखटाया ,,,,,
“दो मिनट रुको, खोल रही hu..kapde तो पहन लू.” अंदर से किसी ने जवाब दिया.
थोड़ी hi देर में दरवाजा खुला तो खुलते hi मैं अंदर घुस gaya.....andar मोनिका अपनी साड़ी पहन रही थी तो बस उसको देखता hi रह gaya…Monika एकदम मस्त लग रही thi…mujhe बाथरूम के अंदर खड़े देख कर वो भी सकपका गयी पहले.
संजू (ऊपर से निचे तक देख कर)
मोनिका (सकपका kar)—kyaa... ?
Sanju—nahi..kuch nahi...main तो ये कह रहा था की ऊपर वाले ने बड़ी hi फुर्सत में बनाया है आप ko....kaash आप उस चंदा की सहेली नहीं होती तो...
Monika—to क्या... ?
Sanju—to मैं आप से शादी कर leta..vaise अभी भी कुछ नहीं bigda..sochta हु आप को भगा ले जाऊ कही ...
मोनिका (शर्मा kar)—kuch भी बोलते हो तुम संजू...
Sanju—sachchi, आप बहुत खूबसूरत ho….aap के लिए स्पेशल कपडे लाऊंगा आज, जो आप की खूबसूरती में चार चाँद लगा देंगे….
मोनिका (शरमाते huye)—tum nahao..main चलती हु..
Sanju—ek मिनट सुनिए तो…
Monika—(darwaje के पास रुक kar)..kyaaa….?
Sanju—kam से काम अपना साइज तो बता दो…
Monika—kyaaa…?
Sanju—aap के लिए कपडे लाना है na….size मालूम होगा तभी तो एकदम फिटिंग के लाऊंगा na….main चाहता हु की आप और भी सुन्दर दिखो..
मोनिका ने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया और शरमाते हुए वह से भाग gayi…uske जाते hi मैंने दरवाजा बंद कर के लोअर उतर कर नंगा हो gaya…chaddi तो आखिरी बार मैंने कब पहनी थी, याद hi नहीं hai…shower चालू कर के नहाने laga…Tabhi कोई दरवाजा नॉक करने laga...main तो फुल नंगा हो कर नाहा रहा था, ऐसी हालत में दरवाजा खोलना तो पॉसिबल था नहीं.
Sanju—koun है…?
“Vo..mere कुछ कपडे बाथरूम में hi रह गए hain…thoda खोल दो तो मैं अपने कपडे ले लू.” बहार से मोनिका की आवाज़ आयी.
ौज़ सुनते hi मैं समझ गया की ये मोनिका hai…maine बाथरूम में नज़र दौड़ाई तो हेंगर में मुझे उसकी ब्रा और पंतय के साथ साथ साड़ी, पेटीकोट टंगे हुए दिख गए जो की गीले the…khair साड़ी पेटीकोट से मुझे क्या लेना देना था तो अलबत्ता मैंने उसकी ब्रा और पंतय को उठा लिया और देखने लगा…
ब्रा का साइज 34’’ देख कर दिल खुश हो gaya…panty में सामने बुर के पास सफ़ेद दाग बना हुआ था जो काफी डार्क tha..shayad इसीलिए धोने के बाद भी नहीं छूटा tha…main उस दाग को गौर से देखने laga…lund अपने पूरे उफान पर आ गया बुर का ख्याल मैं में उभरते hi.
Monika—Sanju, दरवाजा खोलो न…
Sanju—haan, खोल रहा हु..
मैंने उसकी ब्रा और पंतय को अपने लुंड पर टांग दिया और फिर ऊपर से टॉवल लपेट liya…towel लपेटने पर भी वह का हिस्सा तम्बू की तरह उठा हुआ tha….phir मैंने दरवाजा khola…Monika अंदर आते hi अपने कपडे वाली जगह पर देखने लगी और मैंने मौके का फायदा उठा कर दूर लॉक कर diya….jaise hi उसे दरवाजा बंद होने का एहसास हुआ तो वह हड़बड़ा गयी.
Monika—ye…ye..darwaja क्यों लॉक कर दिया….?
Sanju—vo तो हवा से अपने आप hi बंद हो गया hai..maine थोड़े hi बंद किया है…
मोनिका की नज़र टॉवल के अंदर मेरे खड़े लुंड पर आ कर रुक gayi….uski ऊपर की सांस ऊपर और निचे की सांस निचे hi रह gayi…dil तेज़ी से धड़कने laga…usko ऐसे अपने लुंड को घूरते देख कर मेरे चेहरे पर मुश्कुराहट आ गयी.
संजू (धीरे se)—pasand आया…? चाहिए क्या.... ?
मोनिका (सकपका kar)—kkk...kyaa... ?
संजू (मुश्कुरा kar)—vahi..kapde....kyo..aap क्या समझी थी... ?
मोनिका (निचे देखते huye)—kkk..kuch nahi.....yaha तो सिर्फ दो hi कपडे hain...mere बाकि कपडे कहा हैं... ?
Sanju—baki के कपडे तो आपने पहन लिए honge....ek बार चेक कर के देख lo...pahne हैं की नहीं.... ?
Monika—main यहाँ हेंगर में टंगे कपड़ो की बात कर रही हु...
Sanju—kyo..aur कौन से कपडे थे साड़ी और पेटीकोट के अलावा.... ?
Monika—vo...vo...do कपडे और भी थे इनके साथ me....vo नहीं मिल rahe...main यही रख के ले जाना भूल गयी थी जल्दी जल्दी में..
Sanju—ye भी तो हो सकता है की जल्दी जल्दी में आप ने वो कपडे पहन लिए हो... ? एक बार चेक तो कर लो...
Monika—geele कपडे भला क्यों पहनूंगी…?
मोनिका अभी भी चोर नज़रो से बीच बीच में संजू के लुंड को देख लेती थी और खड़े खड़े अपने दोनों पेअर आपस में रगड़ रही thi…main उसकी तरफ बढ़ने लगा तो वो हड़बड़ाने लगी और पीछे हैट कर दीवार से टिक गयी.
मोनिका (धीरे se)—Sanju, प्लस दरवाजा खोल do…kisi को मालूम चला की मैं यहाँ तुम्हारे साथ बाथरूम में हु तो सब मेरे बारे में न जाने क्या क्या sochenge….aur प्लस मेरे कपडे दे दो…
संजू (पास आ कर धीरे se)—koi कुछ नहीं sochega….koun से कपडे नहीं मिल रहे आप के…?
Monika—mujhe नहीं malum…main जा रही hu..yaha से….
संजू (हाथ पकड़ ke)—aap ने मेरी बात का जवाब नहीं दिया.... ?
मोनिका (धीरे se)—Sanju, मुझे जाने दो...
Sanju—chali जाना, अच्छा यही बता do...aap को भगा ले जाऊ..... ?
मोनिका (धीरे se)—main शादी शुदा हु, Sanju…hihihi…
मेरे कपडे दे दो प्लस..
Sanju—chahiye क्या….?
Monika—kyaaa... ?
Sanju—vahi जो आप इतनी देर से देख रही हो...
मोनिका (हड़बड़ा kar)—nn..nahi..main ने कुछ नहीं देखा...
Sanju—phir भी बता do...chahiye क्या.... ?
मोनिका (धीरे se)—Sanju..hath chhodo..mujhe जाने दो..
Sanju—pahle बताओ चाहिए की नहीं….?
मोनिका (लुंड की तरफ देख kar)—(dhire se)…kyaa.... ?
Sanju—kapde
Monika—tum कपड़ो की बात कर रहे थे…?
Sanju—hmmm…kyo आप क्या समझी थी….?
मोनिका (शर्म se)—kuch नहीं..
Sanju—to बताओ चाहिए की नहीं….?
Monika—chahiye, तभी तो आयी hu….pls..de दो न…
Sanju—main तो दे hi दूंगा आप ko…lekin पहले आप मुझे अपनी तो दे दो…
मोनिका (चौंक kar)—kyaaa….?
Sanju—mera मतलब है की अपने साइज का नाप दे दो mujhe..tabhi तो मैं आप के लिए बाजार से कपडे ला कर दूंगा न… पता नहीं आप क्या समझ रही थी…? कुछ और भी चाहिए था क्या…?
Monika—mmm..mujhe कुछ नहीं chahiye…bas मेरे कपडे दे दो..
Sanju—tabhi तो बोल रहा हु की पहले आप मुझे, अपनी दे दो …मतलब अपने साइज का नाप..
मोनिका (शर्मा kar)—mere वो कपडे तो तुम्हारे पास hi hain…khud hi देख लो..
Sanju—ab मुझे क्या पता की वो कपडे आप के फिटिंग के हैं भी या nahi….kaho तो मैं खुद hi अपने हाथ से चेक कर लू..?
मोनिका (धीरे se)—mujhe जाने do…phir अकेले में चेक करते रहना…
Sanju—akele में क्यों, यही चेक कर लेता हु…
इतना कह कर संजू मोनिका के और करीब हो गया और उसके ऊपर झुकने लगा तो वो सकपकाने lagi…sanju ने हाथ बढ़ा के उसको कमर से पकड़ के अपनी तरफ खींच लिया.
मोनिका (हड़बड़ाते huye)—Sanju….ye गलत hai…pls जाने दो mujhe….agar किसी को मालूम चल गया तो मैं कही की नहीं रहूंगी.. pls..Sanju..
संजू (कान me)—mere होते हुए किसी की हिम्मत नहीं है आप को कुछ बोलने ki…aap डरो मत…
मैंने धीरे से उसके कान को चुम लिया जिससे वो एकदम से सिहर gayi….aur आंखे बंद कर li…main समझ गया की ये भी छोड़ना तो चाहती है बस दुनिया और समाज से डर्टी hai….kaan से चूमते हुए मैं उसके गालो तक आ गया और फिर उसके कांप रहे होठो पर अपने होठो की मोहर लगा di…..hotho को चूमते hi मोनिका जोर से मुझसे खुद hi चिपक गयी.
होठो को चूसते हुए मेरा एक हाथ उसकी कमर से होते हुए गांड पर पहुंच गया और उसके दोनों गोलों को दबा दबा कर उनका जायज़ा लेने में लगा जबकि दूसरा हाथ ब्लाउज के ऊपर पहुंच कर उसकी चूचियों को हलके हलके मसलने लगा.
मैं अभी कुछ और आगे करता की तभी बहार से चंदा की आवाज़ आने लगी जिससे मोनिका ने घबरा कर मुझे धक्का दे दिया.. इस चक्कर में मेरी टॉवल के अंदर लुंड में तंगी उसकी ब्रा पंतय निचे गिर gayi…Monika की नज़र जैसे hi उन् पर पड़ी तो वो उठाने के लिए निचे झुकी मगर उससे पहले hi मैंने उठा लिया.
मोनिका (धीरे se)—Sanju, दे दो na..dekho..Chanda भी इधर hi आ रही है प्लस..
संजू (पंतय दिखते huye)—pahle बताओ की ये दाग किस चीज़ का है…?
मोनिका (शर्मा kar)—mujhe नहीं मालूम..
” इस बार बिलकुल दरवाजे के पास से चंदा की आवाज़ आयी.
की आवाज़ सुनते hi मोनिका और भी ज्यादा डर gayi..usne मेरे हाथ से अपनी पंतय को झपटने की कोशिश की तो मैंने हाथ पीछे खींच liya…to उसने जल्दी से दरवाजा खोला और तेज़ी से बहार भाग gayi…mera दुर्भाग्य की चंदा वही दरवाजे के पास hi कड़ी थी.
तभी मेनका की भी ाआवाज़ आयी मेनका – चंदा इधर आओ मल्टी काकी बुला रही . मेनका की भी आवाज़ सुनके मोनिका दरवाजा जल्दबाज़ी में खोल के भाग निकली . वोह तोह भला था की चंदा भी जा चुकी थी वार्ना आज तोह संजू बाबा का ढाबा बंद हे हो जाता ..
अब आगे ---------
रात को शादी के समय...
बाराती आ रहे होते है...
गाना बज रहा होता है...
पीछे बाराती आगे बंद बाजा .
आये दूल्हे राजा गोरी खोल दरवाजा...
चंदा ( मैं में) - मई मर जाउंगी लेकिन ये शादी नहीं करुँगी...
चंदा - मोनिका एक काम करेगी क्या..
मोनिका - हां बता न...
चंदा - ये लेटर

मई जब मंडप पे जाओ तोह संजू को दे देना....
अब बिमला चंदा को लेने आ गयी...
बिमला लेके चली गयी चंदा को....
मंडप पे शादी शुरू हो गयी...
इधर मोनिका संजू को अब चंदा का लेटर देने के लिए ढूंढ रही थी....
संजू आखिरकार मोनिका को मिल हे गया..
मोनिका - संजू आप यहाँ हो... मई कबसे आपको ढूंढ रही...
संजू - मुझे आप दूध रही थी धन्य भाग हमारे जो आप हमको ढूंढ रही थी....
बताइये क्या सेवा करे हम आपकी...
मोनिका - ये लो लेटर...
संजू

- आप हमको लव❤ लेटर दे रही
मोनिका - ारी नहीं बुद्धू.... ये लेटर चंदा ने लिखा है और कहा की जब वोह मंडप पे पहुंचे तोह मई तुमको ये दे दू...
संजू -

अच्छा....
मोनिका - जल्दी खोल के देखो...
संजू - हां.....
ारी इसमें तोह एक लेटर है
मोनिका -

- अब लिफ़ाफ़े में लेटर नहीं होगा तोह क्या होगा
संजू - सॉरी सॉरी...
मोनिका - पढ़ो अब...
संजू - हां...
इसमें तोह लिखा है की....
संजू मई ये शादी नहीं करना चाहती इसलिए मई पाइजन

ले रही हु.....
मोनिका - क्या
संजू - है
दोनों दौड़ते हुए वह पहुंचे... तब तक चंदा बेहोस हो गयी.... पाइजन के कारन...
संजू और मोनिका ने उसको उठाया और कमरे में ले गए...
मोनिका - अब घर वालो को क्या बोले.....
संजू - एक काम करो.... दूल्हे ने तोह चेहरा देखा हे नहीं है... और वैसे भी अब बस विदाई हे बाकी है तोह क्यों न तुम दुल्हन बांके जाओ और चंदा की जगह लेलो.... प्लीज... मई बिमला को हॉस्पिटल पहुँचता हु और फिर मई भी आ रहा हु तुम्हारे साथ....
मोनिका - पर मई कैसे...
संजू - प्लीज अपनी सहेली के खातिर...
क्युकी अगर तुम नहीं गयी तोह बिमला काकी को शक हो जायेगा और अगर उनको पता चला की चंदा ने जहर खा लिया है तोह वोह खुद भी मर जाएगी...
मोनिका - ठीक है....
मोनिका ने अब दुल्हन का गेटउप लिया
और घूंघट नीचे तक दाल लिया....
और चली गयी मंडप की तरफ संजू भी उसके साथ चला गया..
मल्टी - क्या हुआ था चंदा बेटी को...
संजू - वोह कुछ नहीं मल्लू माँ चंदा मंडप के धुवे के कारन थोड़ा बेहोस हो गयी थी....
मल्टी - अच्छा अच्छा...
संजू अब मोनिका को वह छोड़ के चंदा के पास आया...
संजू ने ढोलू और कल्लू को बुलाया...
ढोलू - हां भाई...
संजू - देखो... चंदा ने ज़हर खा लिया है इसको तुरंत लेके हॉस्पिटल निकालो.... और ध्यान रहे किसी को कानोकान खबर नहीं होनी चाहिए....
ढोलू - ये सब कैसे हुआ..
संजू - पता नहीं जब होश में आएगी तोह हे पता चलेगा अभी चुपचाप इसको लेके जाओ..
कल्लू और ढोलू चंदा को लेके चले गए.... रास्ता में उनको एक जगह कोई कम्बल ूढ़े हुए दिवार पे कुछ लिखते हुए देखा....
ढोलू - अबे... कल्लू तू तोह यहाँ है तोह फिर ये दिवार पे कौन लिख रहा..
कल्लू - मैंने तोह कहा था की मई नहीं हु...
ढोलू - हां.. सॉरी भाई... आ इसको पकड़ते है...
ढोलू और कल्लू दोनों दबे पाँव उसके पास पहुंचे और उसको पकड़ के उसकी ढुलाई करने लगे ..
कल्लू - साले तेरे वजह से मई इतना मार खाया तेरी तोह ये ले छताछककककक... चटाककक...
दे घुसंड पे घुसंड....
ढोलू - कम्बल तोह उठा ताकि पता चले कौन है...
कल्लू - हां.....
कल्लू ने कम्बल उतःया...
कल्लू- अबे सोभाराम के लौंडे तू.....
ढोलू- अबे तू ऐसा क्यों कर रहा था...
-- क्युकी कल्लू भैया ने मुझे एक बार कूटा था तोह मई भी उनको कुटवाने चाहता था...
कल्लू - तेरी तोह भैसिडीके... चटककक चटककक..... निकल साले...
ढोलू - सॉरी भाई...
कल्लू - it's ok...
ढोलू - चल अब हॉस्पिटल निकले...
ढोलू और कल्लू हॉस्पिटल में चंदा को एडमिट कर दिए.... और संजू को कॉल कर दिए...
इधर मोनिका को चंदा समझ के उसकी विदाई कर दी गयी...
यहाँ मोनिका के लिए पॉजिटिव पॉइंट ये था की दूल्हे और दूल्हे की फॅमिली ने चंदा को देखा नहीं था... चंदा के साथ बचपन में हे रिश्ता तय हो गया था उस लड़के का इसलिए...