- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 139,122
मेने उसकी क्लीट को होठों में पकड़कर खिंचा और उसकी छूट के फूले हुए होठों को भी होठों से पकड़कर बहार को खिंचा.
“ooooo….ooooofff….hey bhagwan….mujhshe बर्दास्त नहीं हो रहा , क्या करू मई.” पंडिताइन सिसकी.
फिर पंडिताइन ने अपना हाथ मेरे सर पे रखा और उसे सहलाने लगी . फिर धीरे से मेरे गाल छुए. मई सोच रहा था पंडिताइन अब मुझे धक्का देकर अपनी छूट से मेरा मुंह हटा देगी. लेकिन उसने मुझे नहीं हटाया. सायद मेरा वैसा करना उसे भी अच्छा लग रहा था.
इससे मेरे मन को शांति मिली.
मई बीच की दो अंगुली डालकर तेजी से पंडिताइन की छूट में अंदर बहार करने लगा.
और साथ hi साथ उसकी क्लीट को अपनी जीभ से छेड़ता रहा.
अब पंडिताइन की सांसे भरी हो चली थी.
मेने महसूस किया की पंडिताइन थोड़ा थोड़ा अपने नितम्बों को ऊपर को कर रही थी. पंडिताइन की छूट से बहुत कॉमर्स निकल रहा था. और उसकी गंध ( खुसबू ) से मई पागल हुआ जा रहा था. अचानक पंडिताइन ने अपने घुटने उल्टा व् शेप में मोड़ लिए और अपने पैरों के पंजों के बल पर अपनी गांड को मेरे मुंह और अँगुलियों पर (जो उसकी छूट के अंदर थी) तीन चार बार उछाला . उसने अपनी छूट को मेरे मुंह पर दबाया . उसको बहुत तेज ओर्गास्म आ गया था. फिर वो बहुत तेज़्ज़ झाड़ गयी .
“aaaaaa…….oooohhhhhhhhh…….Sanju , कहीं का नहीं छोड़ा तूने मुझे.”
“ooooo….ooooofff….hey bhagwan….mujhshe बर्दास्त नहीं हो रहा , क्या करू मई.” पंडिताइन सिसकी.
फिर पंडिताइन ने अपना हाथ मेरे सर पे रखा और उसे सहलाने लगी . फिर धीरे से मेरे गाल छुए. मई सोच रहा था पंडिताइन अब मुझे धक्का देकर अपनी छूट से मेरा मुंह हटा देगी. लेकिन उसने मुझे नहीं हटाया. सायद मेरा वैसा करना उसे भी अच्छा लग रहा था.
इससे मेरे मन को शांति मिली.
मई बीच की दो अंगुली डालकर तेजी से पंडिताइन की छूट में अंदर बहार करने लगा.
और साथ hi साथ उसकी क्लीट को अपनी जीभ से छेड़ता रहा.
अब पंडिताइन की सांसे भरी हो चली थी.
मेने महसूस किया की पंडिताइन थोड़ा थोड़ा अपने नितम्बों को ऊपर को कर रही थी. पंडिताइन की छूट से बहुत कॉमर्स निकल रहा था. और उसकी गंध ( खुसबू ) से मई पागल हुआ जा रहा था. अचानक पंडिताइन ने अपने घुटने उल्टा व् शेप में मोड़ लिए और अपने पैरों के पंजों के बल पर अपनी गांड को मेरे मुंह और अँगुलियों पर (जो उसकी छूट के अंदर थी) तीन चार बार उछाला . उसने अपनी छूट को मेरे मुंह पर दबाया . उसको बहुत तेज ओर्गास्म आ गया था. फिर वो बहुत तेज़्ज़ झाड़ गयी .
“aaaaaa…….oooohhhhhhhhh…….Sanju , कहीं का नहीं छोड़ा तूने मुझे.”