अम्मा बेटा (लंड चुत की बाते) - SexBaba
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अम्मा बेटा (लंड चुत की बाते)

hotaks444

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Nov 15, 2016
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हाय,<br/><br/>ये कहानी उस रोज की है, जब एक दिन सुबह मैं नहा रही थी। नहाते वक्त अचानक मुझे आवाज सुनाई दी "अरी कलमुंही कब तक मेरे में उंगलिया डालती रहोगी, कभी उंगलिया कभी केले कभी कुकुंबर आखिर कब तक चलेगा ये"। मैं घबरा गयी। फिरसे आवाज आयी "अरी घबरामत कलमुंही नीचे देख मैं तेरी चूत बोल रही हु"। फिर कैसे तो मैंने अपने आपको संभाला और घरेलू काम मे लग गयी, लेकिन फिर भी मुझे मेरी चूत की आवाजे सुनायी दे रही थी वो तो नॉनस्टॉप बाते कर रही थी। मैं घरेलू शॉपिंग के लिए गयी तो मेरी चूत ने मेरे ही बाजू में एक लड़का था जो शॉपिंग करने आया था उसको हाय बोला ओर बाते करने लगी, उसके लंड की आवाज को भी मैं सुन सकती थी, मैं डर गयी और घर चली आयी। करीब तीन दिन मै घर से बाहर नही गयी इतनी डरी हुयी थी। मेरी चूत ने कहा "अरी कलमुंही डर मत ये मेरी आवाज ओर दूसरोंके लंड की आवाज ही खाली सुनायी देगी तुझे, मैं जिनकी आवाज सुन सकती हूं उनकी ही आवाज तुभी सुन सकती है"। मैं फिर से घर के बाहर जाने लगी, अब मुझे भी मजा आने लगा मेरी चूत मेरी सहेली बन गयी थी।<br/><br/>अब मेरे बारेमें, मेरा नाम वर्षा है मैं इकतालीस साल की हु, विधवा हु सासुमा के साथ रह ती हु, हमारा साडीयों का दुकान है, हमारी कोयी सगी संतान नही लेकिन मैंने पतीजी के देहांत के बाद एक लड़का अपनाया था, वोही मेरा बेटा है। उसे मैंने गोद लिया था।<br/>वो बाहर होता है पंचगनी में सिखने केलिये। वो मुझे अम्मा ही बोलता है।<br/>मैं टिपिकल हाउसवाइफ हु, हमेशा साड़ी ही पहनती हु,<br/>मेरी ऊंची पांच पॉइंट चार इंच है,<br/>मैं चुबी हु पर मोटी नही<br/>मेरे उरोज छत्तीस पॉइंट पच्चीस के बड़े बड़े मैं छत्तीस बी की ब्रा पहनती हु, कमर तीस की, और गांड चालीस की है बड़ी बाहर आयी हूयी।<br/><br/>तो अब आगे बढ़ते है, कहानी की ओर।<br/>अब ऐसा था के मैं और मेरी चूत एकदूसरे से बाते भी कर सकते है, और जो लंड मेरी चुत को अछा लगे उसकी भी बाते सुन सकती थी। मेरी चुत तो अब मेरी सहेली बन गयी थी और वो मुझे कलमुंही नाम से ही बुलाती थी।<br/><br/>आज का दिन कुछ स्पेशल था, मैं दिल लगाके खानेकी तयारी कर रही थी, कयी महीनों के बाद आज मेरा बेटा आनेवाला था छुट्टी लेके। करीब बारह बजेथे दोपहर के, डोरबेल बजी, मैंने दरवाजा खोला तो मेरा बेटा बादल आया था। मैंने तुरंत ही उसे घर लेके खुषीकेमारे गले लगाया। तभी एक आवाज आयी मेरी चुत ओर बेटे के लंड ने भी एक दूसरे को "हाय" बोला, ओर मुझे चुत ने निचेसे सुकेड के बेटे के लंड को ओर चिपक गयी।<br/>चुत ने लंड को कहा "वाह आप तो काफी तगड़े हो, काफी सालोके बाद मैं इस घर में एक तगड़ा लंड देख रही हु", लंड ने भी कहा "शुक्रिया मैं भी आप जैसी हसीन आंटी, सुंदर परिपक्व चुत पहली बार देख रहा हु इस घर मे"<br/>फिर मैंने उसे कहा अब फ्रेश हो जा मैं तेरेलिये चाय बनाती हु, मैं किचन में गयी तभी मेरी चुत ने मुझे कहा "देखा तेरे बेटे का लंड भी मुझमे इंटरेस्ट ले रहा है" मैंने कहा "चुपकर, कुछ भी मत बोल वो मेरा बेटा है"। चुतने तुरंत ही कहा "तेरा बेटा है लेकिन मेरे लिए वो एक जवान लंड ओर उसकेलिए मैं एक परिपक्व चुत ही हु, मैं उसके साथ मिलन करवाके ही रहूंगी"<br/>फिर कुछ दिन ऐसेहि गये, चुत मुझे ज्यादा परेशान करने लगी आखिर में मैने उसे हा बोल दिया कहा के शुरुवात मैं नही करूँगी, चुत ने भी कहा "कलमुंही तू खाली तैयार रहना, वैसे तेरा बेटा तेरेलिये और उसका लंड मेरेलिये उतावले है, अगर तू नही मानी तो एकदिन तेरा बेटा ही चढ़ेगा तेरेऊपर"। मैंने कहा ठीक है जैसा तू ठीक समझे, फिर एकदिन बहुत बारिश हो रही थी, चुत ने कहा "तू उसके रूम की खिड़की खोल के रख ताके उसकि गद्दी गीली होगी फिर तुम आज रात उसे अपने ही रूम में सोने बुला, सुन रात को निकर ब्रा मत पहना"। मैंने कहा "तो मैं रात को पंजाबी ड्रेस का खाली टॉप पेहन्ति हु", चुत ने कहा "बिलकुल नही तुम साड़ीपेही रहना नही तो उसे शक होगा", मैंने चुत से कहा "ठीक है" मैंने भी चुत से कहा "मेरी ओर एक शर्त है मै लाइट ऑन नही करूँगी" चुत ने भी हा केहदी।<br/>उसदीन जोर दार बारिश हो रही थी, मैने भी वैसा किया वो घर नहीथा मैंने पूरे दीन उसकी रूम की खिड़कियों को खुला रखा।<br/><br/>रात को खाना हुआ, मैंने कहा<br/>बादल मैं तेरा बेड तैयार करती हूं, उसने भी हा कही। मैंने उसे कहा "अरे बादल तेरे रूम में गद्दी गीली है तू नही सोपायेगा, दिनभर खिड़की खुली थी बारिश का पानी अंदर आगया"।<br/>बादल ने कहा "नही अम्मा मैं मेरे रूम मेंही सोऊंगा"। हम दोनोमे थोड़ी बहस हुई फिर मैंने कहा ठीक है तुझे नींद नही आयी तो मेरे रूम मेरेबेड पे सोजा"। फिर वो चला गया, फिर चुत ने कहा "अरे कलमुंही ये क्या किया तूने"। मैने चुत से कहा "बेरीरानी तू डर मत वो आएगा, मैंने उसके स्वीट डिश में उत्तेजित पावडर डाली है, आज रात तो वो तुझे तू समझ गयी ना"।<br/><br/>रात काफी हो गयी, मै सोयी हुयी थी,<br/>मैंने कुछ महसूस किया बेड पे, मैं समझ गयी बादल अब मेरे बेड पे है, रूम की लाइट फूल ऑफ थी, वो मेरी चद्दर में घुस गया, फिर थोड़े ही घंटों के बाद मैंने उसका हात अपने ऊपर महसूस किया, उसका हात मेरी कमर से होके उसने एक उंगली मेरी नाभि में डाली, मेरी नाभि गहरी है उसके उंगली का अगला टोपा मेरी नाभि में आराम से गया, फिर थोड़ी देर में उसने हाथ मेरे साड़ी में डाल के मेरे<br/>जघवास्थि (pubic hair) के बालो को सहलाने लगा,<br/>मै ये सब महसूस कर रही थी, उसने हाथ थोड़ा नीचे डाल के मेरे साड़ी मे घुसाया. मैंने निकर नही पहनी थी, रूम फूल अंधेरा था, फिर कुछ हलचल हुयी mai समज़ गयी उसने अपनी शॉर्ट उतारी अब वो पूरा नंगा था, फिर से उसने निकर मे हाथ डाला ओर मेरी चुत मे उंगलिया डालने लगा मुझे बड़ा मज़ा आरहा था, फिर मैंने ही हल्के से मेरे बोउस के दो बटन खोले.. मैंने ऐसी थोड़ी हलचल की के मेरा ब्लाउज पूरा खुल गया, वो ऊपर मेरे मम्मों को चूसने काटने लगा, अब तो मेरी साड़ी भी पूरी खुल गयी थी, अब वो सीधा मेरे ऊपर चढ़ गया, नीचेसे अपना लंड सीधा मेरे चुत पे रखा मैंने आपनी चुत को उंगलियों से फैलाके उसके लंड को घुसने के लिए थोड़ी आसानी कर दी, अब क्या अब तो वो मेरे ऊपर पूरी तरह से तूट गया, उसने जोर जोर पेलना चालू किया, रूम मे पूरा अंधेरा, बाहर जोरोसे बारिश, तूफानी बारिश, बादलों का आवाज, रूम मे मेरा बादल मेरे साथ, पूरे ज़ोर शोर मे हमारी चुदायी चल रही थी, बादल ने कहा "अम्मा तुम क्या सेक्सी हो, कब से मुज़े आप को चोद का मन कर रहा था" मेरी मुह से भी कामुक सिसकियाँ आने लगी मैंने कहा "तुम मुझे नाम से बुलाया करो, तुम मुझे वर्षा बोला करो" उसी वक़्त उसने अपने हाथ मेरे मम्मों पे लेके मेरे मम्मों को जोर से दबाया, काटा, चूसा बुरी तरह से ओर कहा "तुम्हारी साइज़ क्या है" मैंने भी कामुक सिसकिया लेते हुए कहा " अडतीस, अट्ठाइस ओर उनतालिस पॉइंट फाइव" ये सुनके उसमे जादा जोश आया ज़ोर ज़ोर से ओर पेलने लगा मुझे. फिर उसने कहा " तुम्हारी ब्रा साइज़ क्या है" मैंने सिसकिया लेते हुए कहा "अडतीस बी है" उसका जोश ओर बढ़ा फिर जोरशोर से चुदाई होने लगी फिर आखिरमे उसने एक ज़ोर का ज़्‍टका दिया पूरी तरह से मुझे लपेटा रुक गया. उसका पानी मेरे चुत मे घुसने लगा, मेरा भी पानी निकलने लगा फिर हम वैसे ही पड़े रहे. उस रात उसने मुझे तीन बार चोदा ओर मेरी गांड भी चोदी.<br/><br/>दूसरे दिन हम दोनों तो एकदम नॉर्मल थे लेकिन मेरी चुत उसका लंड उनमे बाते होनी लगी, वो बाते हम सुन ते रहे. उसके बाद हमने कयी बार चुदायी की.<br/><br/>आपकी,<br/><br/>[email protected]
 
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