फंतासी इम्मोर्टल्स - SexBaba
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फंतासी इम्मोर्टल्स

hotaks

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चलिए एक और अजीब सी कहानी शुरू करते hai....Aaasha है आप सब साथ दे..

इस कहानी के सभी घटनाये मेरे दिमाग की उपज hai...agar वो किसी भी वास्तविक घटना से कनेक्टेड है तो ये बस एक इत्तेफ़ाक़ है और कुछ नहीं...

चलिए अब शुरू करते hai...pahle अपडेट में इंट्रोडक्शन पे कुछ अगल एक्सपेरिमेंट किया मिलेगा अगर अच्छा लगे या ना भी लगे तो बताना जरूर..
 
अपडेट - 1

शुरू करते है एक सवाल से....

"जो कभी पैदा hi ना हुआ क्या वो कभी marega...jis रस्ते पे आपने कदम hi नहीं रखा क्या आप आप उस रस्ते से होक जाने वाले मुकाम तक कभी पहुंच paoge...jo ईमारत कभी बानी hi नहीं क्या वो तोड़ी जा सकती है....".

सायद ज्यादा हो gaya.....chaliye इसको छोड़ हम कहानी पे chalte...waise ये सवाल आते रहेंगे कहानी में इसी लिए लिखा है....

एक स्कूल hai...Earth का नहीं कही और kaa.....kaha का वो आगे देखते है....

हां तो स्कूल है तो क्लास भी hogi....ab यहाँ की तरह तो है नहीं की बिन्ना क्लास के hi स्कूल बिन्ना सोल्लगे के hi डिग्री..

तो क्लास चल रही thi...Teacher साहिबा पढ़ा रही थी और बच्चे पढ़ रहे थे...

टीचर- किट्टू चलो बताओ प्रमुख प्लैनेट्स कोण कोण से है....

किट्टू एक स्टूडेंट है जो कभी पढ़ाई में ध्यान नहीं देता उससे सवाल इस लिए पूछा टीचर ने क्यों की ये जनाब बैठे हुए थे लास्ट बेंच पे और खाना थुश रहे थे...

अब मैडम ने पूछा तो खड़ा होना होगा जवाब देना होगा वर्ण सज़्ज़ा के लिए तैयार रहो...

किट्टू खड़ा होता है और अगल बगल अपने दोस्तों को देखने लगता hai...par दोस्त भी इसके हरामी the...koi 3 कह रहा है कोई 6 तो कोई 1 बोल रहा hai...Kittu परेशां हो जाता है वक़्त तो था नहीं की सोचते रहे क्यूंकि मैडम जी को गुस्सा तो आ गया था पहले hi...to आँखें बंद कर एक अंदाज़ा लगता है वो....

किट्टू- 7

सायद आज किट्टू का नसीब अच्छा tha...usne अंदाज़े से hi पर सही जवाब दे दिया tha...aur उसका जवाब सुन सभी उसको देखे जा रहे the...Madam भी उसको देखे जा रही थी...

मैडम- हां सही jawab....chalo अब बताओ की कोण कोण से...

अब किट्टू फसा वो बेचारा जिसका पहले सवाल का जवाब hi तुक्के से सही हुआ है अब उसको उसी सवाल के बारे में बताना है....

किट्टू- मैडम नाम तो पता नहीं है....

मैडम- पता कैसे होगा आप तो खाना खाने आते हो yaha...padhayi करोगे नहीं तो कैसे पता होगा ये sab...chalo इस बार माफ़ किया क्यूंकि पहले सवाल का जवाब सही tha..tukke से hi सही..

किट्टू बैठ गया...

मैडम:- चलो कोण बताएगा 7 प्रमुख प्लैनेट्स के नाम...

एक स्टूडेंट खड़ा होता है...

स्टूडेंट- मैडम

"सबसे पहले आता है सबसे स्ट्रांग प्लेनेट "टाइटन planet".....yaha पे देवता रहते है...

दूसरा आता है "ओरियन Planet".....ye जादूगरों का प्लेनेट है...

तीसरा आता है "स्ट्रेंज world".....yaha तरह तरह के जीव होते hai.....hum भी यही के रहने वाले है...

चौथा आता है "Earth"....yaha अजीब से दिखने वाले लोग रहते hai...ye प्रमुख पटनेट्स में होना चाहिए या नहीं इस्पे विवाद है अभी भी...

पंचम आता है "डार्क world"....yaha पे सारे बुरे क्रेअटुरेस रहते है...

छठा आता है "फोमोस world"....ye है एक जेल जहा पे ऊपर के सभी प्लैनेट्स के सिवाय एअर्थ के बेहद खतरनाक मुजरिमों को भेजा जाता था सज़्ज़ा काटने के liye...par उन्सब्ने यहाँ पे कब्ज़ा कर लिया और इस जगह को चोर डक्कू इनसबका इलाका बना दिया है...

षत्व आता है "डेमोस world"....yaha पे शैतान रहते है...

वैसे और भी है प्लैनेट्स पर उनको इस शुचि में ना रखने की वजह है वह की पापुलेशन और कुछ और खास वजह..."

मैडम जी तो पूरी खुश उसने उस स्टूडेंट को सबसि दी और बैठने को कहा...

मैडमजी - हां तो आज का क्लास है एअर्थ के बारे mein....Haa पता है ये बोरिंग जगह hai...par ये पहले ऐसा नहीं tha...yaha पे जो मुख्या प्रजाति है वो है इंसान ki...par इस मुख्या प्रजाति के अलावा भी और प्रजातियां है यहाँ जो चुप कर रहती है इस जगह पे और उन्ही के कारन इस प्लेनेट को मुख्या प्लैनेट्स में गिनना जाता hai...Ab उनमे आते है ेल्फ्स, फैरिएस, Vampire...aur भी ना जाने कितने जीव....

अभी बात पूरी नहीं हुई की एक स्टूडेंट हाथ उठा के सवाल पूछने का इशारा करने laga...Madam जी ने उससे पूछने को कहा...

स्टूडेंट- मैडम ये सब जो प्रजातियां है वो तो वह की नहीं lagti...fairy अच्छे पावर्स की होती है वैम्पायर बुरे पावर्स के फिर दोनों एक प्लेनेट पे कैसे...

मैडम- हां ये एक अच्छा सवाल hai....chalo अब बताती hu...baat ये है की जब फोमोस प्लेनेट से सज़्ज़ा काटने के बाद क्रतुरेस को वापस अपने प्लेनेट पे जाने का मौका मिलता था तो उन्हें पहले कुछ वक़्त इस प्लेनेट पे रहना होता tha....ab ये नियम क्यों था इसका पता नहीं hai....Haa तो इसी नियम के कारन लोग पृत्वी पे jaaate...par वह से बहुत hi काम लोग वापस अपने प्लैनेट्स पे पहुंच पाते the...baaki के वही रह jaate...waha के लोगो के bitch...Ab ये सब चलता रहा और उनके बच्चो का भी जन्म होने लगा एअर्थ पे जिससे उन् सब की भी प्रजाति बढ़ने lagi...par अब उनके बच्चो को वापस उनके प्लेनेट पे नहीं लाया जा सकता tha...jab ऐसा हुआ तो उन् क्रीचर्स ने वह भी अपनी अपनी कम्युनिटी बना li....aur वही पे रहने लगे...

अब बहुत हो गयी पढ़ाई चलो यहाँ के लोगो के बारे में भी जान ले और कुछ मुख्या किरदारों के बारे में...

हां तो ये जो मैडमजी है ये बिल्ली की तरह दिखती है सिर्फ ये hi नहीं यहाँ इस स्कूल के बहुत से लोग बिल्ली की तरह hi दीखते hai...puch भी है इन् सबकी...

मैडमजी का नाम है िप अब ये क्यों है वो ये जाने...

इनका इस कहानी में रोले आता rahega...ab इस स्कूल के बारे में जान le...to ये स्कूल स्ट्रेंज वर्ल्ड में है और सभी 7 वर्ल्डस में सबसे अच्छे स्कूल में आता है ये स्कूल यहाँ पे हर वर्ल्ड के बच्चे आते है पढ़ने के लिए अपनी पावर्स जाने के liye...Har वर्ल्ड से मतलब ये है की ना सिर्फ इन् 7 वर्ल्डस बल्कि और भी अलग अलग वर्ल्डस से भी....

इस स्कूल के संस्थापक के बारे में किसी को कुछ पता नहीं hai....par उनकी शक्तियों से सब परिचित hai...chaliye आपको भी परिचय दिलवाते है एक घटना से...

कुछ साल पहले की बात hai...Demos वर्ल्ड का राजकुमार यहाँ पढ़ने आया tha...Demos वर्ल्ड का राजकुमार बोले तो देमोंस के राजा लूसिफ़ेर का beta....uska किसी कारन से झगड़ा हो गया किसी se...ab ये तो ठहरे गुस्से वाले rajkumar...to इन्होने अपनी बुरी काली शक्तियों का प्रयोग करना chaha....Par उसी वक़्त ये जनाब स्ट्रेंज वर्ल्ड से टेलिपोर्ट होक अपने प्लेनेट पे पहुंच gaye...matlab ये की इस स्कूल के संस्थापक ने यहाँ ऐसे जादू किये है जिससे स्टूडेंट्स अपनी शक्तियों का उसे बस उस क्लास में hi कर सके बहार nahi...aise hi बहुत सारे जादू वो करके गए hai...Ab उनका कोई पता नहीं है कोई नहीं जानता वो कहा है...

इस घटना को बताने का एक कारन ये भी था की इसी घटना के बाद से डेमोस वर्ल्ड स्ट्रेंज वर्ल्ड पे हमला करने की कोशिश में रहती hai...par स्ट्रेंज वर्ल्ड को भी ओरियन और टाइटन वर्ल्ड की सुरक्षा मिली हुई है तो वो नाकाम hi रहते है....

लूसिफ़ेर - डेमोस वर्ल्ड के किंग, डेमों लार्ड

िप- टीचर, स्ट्रेंज वर्ल्ड (कुछ और भी बातें है इनके बारे में जो बहुत खास है वो आगे पता चलेगी)

अभी के लिए बस इन् दोनों का hi इंट्रोडक्शन रखते hai...aur चलते है हम एअर्थ pe...Jaha पे आज एक मीटिंग चल रही थी सारे मैजिकल क्रीचर्स के हेड की...

बात ये थी की वो भी अपने बच्चो को स्ट्रेंज वर्ल्ड में पढ़ना चाहते थे par...Strange वर्ल्ड के लोग ये मान नहीं रहे थे...

एल्फ कम्युनिटी का हेड- बात सीधी है हममे भी अपने बाचो को स्ट्रेंज वर्ल्ड में पढ़ने का मौका मिलना chahiye....Maine एल्फ किंग को संदेसा भिजवाया है और वो हमारे सपोर्ट में है...

वैम्पायर कम्युनिटी का हेड- सन्देश हमने भी भिजवाया है पर कोई जवाब नहीं आया वह se...ab तो बस आप लोगो पे hi उम्मीद है...

वरवोल्फ कम्युनिटी का हेड- हमारे महाराज भी सपोर्ट में hai...unka कहना है की वो इस मुद्दे को स्ट्रेंज वर्ल्ड में जरूर उठाएंगे...

फेयरी कम्युनिटी की हेड- फेयरी क्वीन ने भी हममे कहा है की वो बात करेगी...

अभी मीटिंग चल hi रही थी की अच्चानक से रौशनी हुई वह pe...kisi को कुछ दिख नहीं रहा tha..sabki आँखें बंद thi...roshni तो काम नहीं हुई पर एक आवाज आयी उससे जिसको सुन सब खुश हो gaye...(Vampire चुप गया था वो रौशनी में नहीं आते)

आवाज- मैं स्ट्रेंज वर्ल्ड से आया हु आप सबको ये बताने की एकबार फिरसे एअर्थ से लोग स्ट्रेंज वर्ल्ड में पढ़ाई करने जा सकेंगे...

इतना बोल वो आवाज वो रौशनी सब चली gayi...aur यहाँ पे सबकी खुसी का कोई ठिकाना hi नहीं रहा...

ये बात हर जगह फैल गयी की एअर्थ से भी अब स्ट्रेंज वर्ल्ड पढ़ने जा सकते है...

2 दिन के अंदर hi सब बच्चे रेडी हो गए अपनी अपनी टेस्ट्स के लिए जो उन्हें देना था स्ट्रेंज वर्ल्ड में जाने ko...test था मैजिक का वेपन्स चलने का और भी कुछ चीज़ों का...

जब रिजल्ट्स आये तो स्ट्रेंज वर्ल्ड के लोग हैरान the...Earth के सारे बच्चे पास the..wo भी अच्छे नंबर्स se...Ab जब ऐसा हुआ तो स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन ने एक ऐसा फैसला लिया जिसका किसी को याक्किन hi नहीं हुआ...

फैशला ये था की एअर्थ पे भी इस स्कूल का एक ब्रांच खोला jaayega...Branch कुल्ला और पढ़ाई शुरू हो gayi....Par किसी ने ये नहीं सोचा था की एअर्थ क ब्रांच एक दिन स्ट्रेंज वर्ल्ड के ब्रांच से भी आगे निकल jaayega...jab ऐसा हुआ तो िप मैडम को एअर्थ के ब्रांच का प्रिंसिपल बना दिया गया...

अरे ये सब बहुत पहले की बातें हो रही hai...base बनाना भी तो जरुरी है naa...aur थोड़ी फालतू की बक बक आदत है मेरी..

अब हम आते है एअर्थ पे और कहानी हमारी यही पे घूमेगी जब जरुरत हो तब बहार भी घूम आया करेंगे...

ईयर - 1976

प्लेनेट - एअर्थ

प्लेस- इम्पीरियल कॉलेज, लंदन

अजीब सी घटना हुई थी यहाँ pe...jo इस कॉलेज के सिक्योरिटी, मैनेजमेंट सबको परेशां कर रही थी उनसे पूछ रही थी ये कैसे hua...Yaha से अच्चानक से स्टूडेंट्स गायब होने lage...ek दो नहीं पुररे 23 स्टूडेंट्स gayab...kisi ने उनको बहार जाते हुए नहीं देखा tha...wo अंदर hi थे सोल्लगे के हॉस्टल में और बस गायब हो gaye..Aaj तक उनका पता नहीं चला है कहा गए वो..

ईयर - 1989

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- यूनिवर्सिटी ऑफ़ कलकत्ता

यहाँ पे भी ऐसी hi घटना हुई बच्चे गायब हो गए इस यूनिवर्सिटी se...aur किसी को भी उनका पता नहीं chala...parents ने पूरी कोशिश की पर कुछ पता नहीं चला...

ये तो बस 2 जगहों के नाम है एअर्थ पे बहुत से ऐसे जगह थे जहा से ऐसे hi लोग जवान लोग जिनकी उम्र करीब 19 - 20 साल है वो गायब हो रहे the..aur उनका कुछ भी पता नहीं लग रहा था...

किसका हाथ था इन् सब के पीछे कोई नहीं जानता था...

चलिए हम एक जगह चलते है जहा सायद पता चल जाए kuch...ye एक जंगल है बहुत hi घन्ना jungle...jiske सेंटर में एक गुफा hai...Guffa के अंदर से बस चिल्लाने की और हसने की आवाजें आ रही hai...wo भी भयानक आवाजें...

जैसे जैसे गुफा के करीब जाते है वह कंकाल पड़े मिलते है इंसानो के कंकाल जानवरों के kankal...thoda और पास जाने पे बदबू आणि शुरू हो जाती है ऐसे भयानक बदबू की पूछो mat...aisa लगता है 1000 चूहे मरे पड़े हो यहाँ...

गुफा के द्वार पे एक मूर्ति जैसा कुछ बना हुआ hai...dikhne में तो किसी इन्शान की तरह hi लग रहा hai...par उससे लम्बा hai...ye ओरियन प्लेनेट के जादूगरों की तरह दिख रहा hai...Thoda और आगे जाने पे एक परछाई दिखाई di....jo कुछ खा रही thi...aahhh ाःहाहा ये तो ये तो इंसान खा रही है ये ये तो डायन hai....wo इंसान को कहती है और उसके बच्चे हुए कुछ अंगों को बॉडी पार्ट्स को अलग रखती hai...jab उसका खाना हो जाता है तो वो अपनी जगह से उठती है और उन् बॉडी पार्ट्स को गुफा के दूसरी ओर ले जाती hai...yaha कुछ बना हुआ tha...jispe मख्हियाँ भिनभिना रही thi...ye तो पूरा का पूरा मांस से बना हुआ है...

डायन उसके ऊपर वो बच्चे हुए चीज़ें लगाती hai...aur पागलों की तरह हसने लगती है...

डायन- मेरा सपना मेरा सपना पूरा करेगा तू करेगा पूरा तू hihiihihihhii....bas आँखें hi बाकी है अब .....वो भी लगा दूंगी फिर तुझे जिन्दा karungi...hihihihiii...tu राजा बनेगा इस पुरे प्लेनेट का सबको अपना गुलाम बनाएगा तू तू भी अमर hoga...Amar होगा तू bhi...fir फिर होगा बदले का खेल shuru...pahle एअर्थ फिर स्ट्रेंज वर्ल्ड फिर बाकी के प्लैनेट्स सबको सबको तेरा गुलाम बनना होगा sabko...hihhihiiihii..

वो डायन हस्ती, नाचती हुई ऐसे hi बातें करती रही...

अब यहाँ रहना सही नहीं है क्या पता मुझे hi पकड़ ले ये....

ये जो कुछ भी यहाँ हो रहा था उसका पता अभी तक किसी और वर्ल्ड को नहीं tha...Earth पे भी जो मैजिक स्कूल था उसको भी बस इतना hi पता था इंसान गायब हो रहे hai....par ये तो आम बात hai...yaha तो इंसान मार काट करते hi रहते है..

करीब 2 दिन बाद मतलब आज तो 15 जुलाई 2018 है तो ये घटना 27 जुलाई की थी...

जब दिल्ली से एक लड़का गायब hua...uske पीछे भी इसी डायन का हाथ tha....Daayan ने उसको पकड़ा और वापस ले गयी उसी गुफा में गुफा में जाने के बाद पहले तो डायन ने उसकी आँखें निकली और फिर बाकी का काम किया उसके बॉडी के साथ....

आज ना जाने कितने सालो की म्हणत पूरी होनी थी इस डायन ki...usne उस मांस से बनने जो भी था वो उसपे आँखें भी लगा di...aur फिर वही भयानक हस्सी...

हसने के बाद उसने गुफा से बहार आके आसमान की ओर dekha...grahan लगने hi वाला है तो उसने उस पत्थर के मूरत को एक बार देखा और उसके देखते hi वो मूरत हिलने lagi...Wo पाथेर जी utha...usme से एक लम्बा चौड़ा आदमी nikla....ji हां ये ओरियन प्लेनेट का जादूगर hi है....

जादूगर- ये तुम सही नहीं कर रही हो Sofia...bahut hi खतरनाक है ये...

सोफ़िया इस डायन का नाम है...

सोफ़िया- सही गलत कुछ नहीं होता Viraj....bas ताकत hi सही होती है जो ये मुझे देगा...

विराज जादूगर का नाम है..

विराज- सोफ़िया बात मानो meri....aahhhh..

विराज कुछ और बोलता उससे पहले hi सोफ़िया ने उसका हाथ काट दिया जिससे निकलते हुए खून को वो एक काटते में जम्मा कर रही थी...

विराज- सोफ़िया बहुत गलत है ये तुम भी जानती हो इससे वो अमर हो jaayega..usko कोई भी मार नहीं poaayega...Wo तुम्हे भी नुकशान पंहुचा सकता है...

पर सोफ़िया को इनसब बातों में कोई दिलचस्पी hi नहीं थी वो तो बस लगी हुई थी खून को इक्कठा करने mein...jab उसके जरुरत जितना खून आ गया उसके पास तो उसने विराज को वापस से पाथेर बनाना चाहा पर इस बार विराज ने ये नहीं होने दिया अपने मैजिक से वो वह से बच nikla...uske जाने पे सोफ़िया को ज्यादा फर्क नहीं पड़ा जिसकी उसको जरुरत थी वो उसको मिल चूका था...

सोफ़िया ने विराज के खून से पहले एक घेरा banaya...uske बिच में उस मांस से बनने हुए गुड्डे को rakha...fir खुद का हाथ काट कर विराज के खून के ऊपर डालने lagi...ussi घेरे pe...Jaise hi ये घेरा पूरा हुआ और चंद्रग्रहण laga...Kaali सफ़ीद रोशनियां चारो तरफ से उस घेरे में आने lagi...aur वो शेधा जा रही थी उस मांश के बनने हुए गुड्डे mein...Sofia ये सब देख बहुत खुश हो रही थी वो तो बस नाचे hi जा रही thi....usko तो उसका सपना पूरा होते दिख रहा tha....Chandragarahan ख़तम हुआ रोशनियां भी आणि ख़तम हो गयी....

वो मांस का टुकड़ा अब एक जीतता जागता इंसान बन गया tha...Insan हां इंसान पृत्वी के लोगो जैसा insan...Dekhne से hi जिसको कोई भी दर jaaye...Par उसका रूप तुरंत hi बदल गया और वो नार्मल लोगो की तरह दिखने लगा...

आस पास उसने देखा तो बस वो डायन यानी सोफ़िया hi नज़र आयी जो पागलों की तरह नाच रही थी है रही थी.....

"कोण हो तुम"

सोफ़िया- मैं मैं हु तेरी माँ तू तू मेरे हर एक सोने को पूरा karega...tu तू मुझे ये पूरी दुनिया जीत के देगा...

"माँ "

सोफ़िया- हां Maa...Abhi तो तेरी पढ़ाई करवानी है पर जब तू उस काबिल होगा मैं अपनी विद्या भी दूंगी तुझे और और तू फिर मेरे सपने पुरे karega...tera नाम तेरा नाम hoga...Slayer...

स्लेयर- जैसा तुम कहो माँ...

हां तो ये है हमारा Villain....Slayer

स्लेयर के अंदर विराज का खून था साथ में सोफ़िया का भी मतलब ब्लैक और वाइट दोनों powers....upar से इसका जन्म तो हुआ नहीं था बल्कि इसको बनय्या था सोफ़िया ने तो ये मरने वाला भी नहीं hai...par अभी दिक्कत ये थी की इसके अंदर वो शैतानी नहीं थी जो होनी चाहिए thi...ye शैतानी तो अब आते आते hi आएगी..

आज के लिए यही tak...agle दिन देखते है के स्लेयर कैसे मैजिक स्कूल पहुँचता है...

अभी कहानी विलन की hi chalegi...Ye विल्लन जब बना है तब से उसकी उम्र 18+ hi है
 
अपडेट - 2

अब तक....

अब तक हमने देखा की कैसे स्लेयर को जिन्दा किया सोफ़िया ne...aur उसके थ्रू वो अपने सपने पुरे करना छह रही है...

अब आगे

रात तो बस गुजर gayi...aise hi...

पर इसी रात में एक और घटना हुई thi....wo था इनसब का आभास hona...matlab ये की िप जो ी अपने रूम में सो रही थी अच्चानक से वातावरण में आयी ऐसी हलचल से वो जाग जाती hai...Wo तुरंत hi अपने रूम के खिड़की के पास जाती है बहार की ओर देखती है तो उसको बस अँधेरा hi दिखाई देता है और कुछ भी nahi...Aashman की ओर देखती है तो उसको वह पे चंद्र ग्रहण दिखती देता है...

ऐसा नहीं था की उसने पहले पृत्वी पे कभी चंद्र ग्रहण नहीं देखा tha...usne देखा था ये पर आज कुछ अजीब hi tha...aankhen बंद की उसने अपनी तो उसको ऐसा लगा की कोई अपनी तरफ बहुत सारा Aura(Energy) खिंच रहा hai...iss एनर्जी की मात्रा इतनी थी की ये कोई एक मैजिकल क्रेअटुरे नहीं कर सकता tha....IP ने उस ओर नज़र ध्यान लगाना चाहा तो उसका ध्यान टूट gaya...ye औरभी अजीब था ऐसा उसके साथ पहले कभी नहीं हुआ tha...usne फिर से कोशिह की पर इस बार भी नाकामियाब..

उसने एक लास्ट बार फिर से ये करना चाहा तो उसने पाया की अब कोई Aura(energy) ट्रांसफर नहीं हो रही hai...aasman की तरफ देखा तो चंद्र ग्रहण ख़तम हो चूका था...

ये सब देख वो ये सोचने पे मजबूर हो गयी की ये sab....chandra ग्रहण के कारन हुआ hai....par उसने इसके बारे में स्ट्रेंज वर्ल्ड के मैजिक स्कूल को खबर देना भी सह समझा...

उसने एक कागज़ पे जो भी उसने महशूस किया वो सब लिख दिया और पास में जल रही आग में उसको दाल दिया...

जब कागज़ जल रहा था वो कुछ बुदबुदा रही थी...

थोड़ी देर में कागज़ जल gaya...aur वो वही बैठ के इंतज़ार करने lagi...pata नहीं किस चीज़ का इंतज़ार करने लगी वो....

करीब 10 मिनट बाद उसके कमरे में धुंवा फैलने laga...matlab smoke....aur साथ hi में एक आवाज भी गुंजी..

"िप आपका संदेसा मैजिक स्कूल के हेड तक पहुंच गया है वो जल्द hi आपसे संपर्क करेंगे..."

ये आवाज वह रूम में गुंजी और फिर वो स्मोक गायब...

िप ने अपना काम कर दिया था अऊर वो वापस से अपने बीएड पे जाकर बैठ गयी....

इनको यही छोड़ हम एक और जनाब के पास चलते है जो की घायल है abhi...ji हां बात हो रही है जादूगर विराज जी ki...wo सोफ़िया के यहाँ से भागने के बाद पहुंच गए एक गाओं mein...insano का gaon...abhi भी उसके हाथ से खून बहता जा रहा ठौर उसको पता था की इसका इलाज शुबह से पहले होने से raha....Shubah इस लिए क्यूंकि सूरज की रौशनी जब पड़ती है ओरियन के लोगो को तो वो ताकतवर हो जाते hai..unki शक्तियां बढ़ने लगती है...

ये भी एक वजह थी की सोफ़िया उस घने जंगल में क्यों रहती थी और उसने विराज को वह पे क्यों रखा tha...uss घंने जंगल में सूरज की रोशनी उस गुफा के पास ना के बराबर आती थी जिसकी वजह से विराज को उसकी शकशयन या कहु खुराख नहीं मिल पा रही thi...aur यही कारन था उनका पत्थर का बनना रह जाना..

जब विराज उस गाओं में पहुंचे तो एक चोर से उनकी तकर हो gayi..wo चोर वही पे गिर गया और गिरने की वजह से जमीं पे पड़े एक पाथेर से उसको छूट लग gayi...jiski वजह से चीख निकल गयी चोर की...

अब रात के वक़्त कोई चीखेगा वो भी गाओं में तो लोग तो जागेंगे hi naa..bas फिर क्या था लोग जाग गए और आवाज वाली जगह की ओर जाने लगे...

वो चोर उठा और उसने विराज के गल्ले के पास चाकू लगा दिया...

गाओं वाले तबतक वह पहुंच चुके the..aur उन्होंने जब सामने का नज़ारा देखा तो ये समझे की चोर ने इस मुसाफिर के साथ ऐसा किया है उसका हाथ काट दिया है...\

गाओं वाले गुस्से में उस चोर की तरफ बढ़ने लगे...

चोर- आगे आये तो ये gaya...wahi रहना...

चोर की इस हरकत पे ना चाहते हुए भी विराज के चेहरे पे मुश्कान आ gayi....ek hi हाथ से उसने चोर को ऐसी पटकनी दी की चोर ढेर हो gaya...uske बाद बाकी का काम गाओं वालो ने कर दिया...

तभी कुछ लोगो की नज़र पड़ी विराज पे और उसके काटते हुए हाथ पे....

वो सब जल्दी से विराज के पास आये और उसको लेकर गए उस गाओं के वैदिया के pass....Viraj मन्ना करता रहा पर किसी ने उसकी एक नहीं सुन्नी...

वैद्य के पास जाने पर वैद्य ने उसके घाव को dekha...fir अपने पास पड़ी कुछ पौधों के लेप को उसके घाव पे लगा दिया...

वैद्य- ये खून रोक देगा tumhara...par इसका इलाज हॉस्पिटल में hi करना होगा...

Viraj-Ji ठीक है...

विराज को उन् सब गाओं वालो का केयरिंग नेचर बहुत hi अच्छा लगा....

उन् गाओं वालोने उसको रात गुजरने केलिए जगह भी दी....

अगले दिन...

शुबह हुई...

सोफ़िया बहुत hi ज्यादा खुश थी अपने सपना पूरा होने के बारे में सोच सोच कर....

उसने स्लेयर को उठाया और फिर उसको शुबह से hi वो बेसिक बातें बताने लगी समझने लगी जिसका पता होना स्लेयर के लिए जरुरी tha....unke बिन्ना उसका एडमिशन नामुमकिन सा था मैजिक स्कूल में...

सोफ़िया ने स्लेयर को बताया की वो उसको अगले 3 दिन तक उसको कुछ बातें बताएंगी जिसका उसको ध्यान रखना है...

स्लेयर तैयार था...

सोफ़िया ने सबसे पहले तो उसको ब्लैक एनर्जी और वाइट एनर्जी के बारे में थोड़ा थोड़ा bataya...fir उसको ध्यान लगाना sheekhaya...saath hi ये भी बताया की किस तरह धेयान लगाने से दोनों hi एनर्जी सामान्य रूप से उसमे बढ़ती रहेगी...

सोफ़िया ने उसको कुछ ऐसी भी बातें बताई जैसे की अगर उसके शरीर के अंदर का ब्लैक एनर्जी वहिते एनर्जी से बहुत ज्यादा बढ़ गया तो उसके लिए वो खतरा बन सकता hai...khatra इस रूप में की एअर्थ के मैजिकल क्रीचर्स को उसके होने का आभा हो jaayega...jo की अभी नहीं होना चाहिए....

सोफ़िया- जब तक तू अपनी साड़ी शक्तियों को अनलॉक नहीं कर लेता किसी को भी तेरे यहाँ होने का पता नहीं चलना chahiye...tujhe भी उसी तरह चिप के रहना है जैसे मैं रहती आ रही hu...aaj तक किसी को पता नहीं मैं कोण हु यहाँ कब से हु...

सोफ़िया ने फिर उसको कुछ हथियार चलना और निहनेबाज़ी की भी ट्रेनिंग di...saath में कुछ जादू के भी...

िन्न्न 3 दिंनो में ऐसे hi और कही बातें सोफिए ने स्लेयर को बताई...

वही इन् 3 दिंनो में िप को कोई जवाब नहीं आया था स्ट्रेंज वर्ल्ड से सायद वह के प्रिंसिपल कुछ ज्यादा hi व्यस्त हो गए honge....Wahi विराज का हाथ ठीक हो गया था और वो उस गाओं को छोड़ चला गया था पर उसने एअर्थ नहीं छोड़ी thi...wo किसी चीज़ के तलाश में लग गया tha...ab वो क्या है ये तो वही जाने..

नेक्स्ट डे...

आज वो दिन था जब सोफ़िया ने स्लेयर के एडमिशन करवाने के liye...usko उसका रूप बदलने bola....usko एक वरवोल्फ बनने को बोलै और वो खुद भी रूप बदल कर एक वरवोल्फ बन gayi...Sofia रूप बदलने में बहुत माहिर thi...iske इस शक्ति से सोफ़िया ने क्या क्या किया है वो आगे के उपदटेस में देखने को मिलेगा...

दोनों माँ बेटे वरवोल्फ banke...chal पड़े मैजिक स्कूल की ओर...

मैजिक स्कूल में पहुंच कर वह के प्रिंसिपल यानी िप के ऑफिस का पता ले दोनों hi पहुंच गए उनके ऑफिस में....

जब दोनों अंदर आये तो िप ने उनको dekha...dekha नहीं घूरा kahiye...kuch देर घूरने के बाद

िप- जी बलिये क्या काम है...

सोफ़िया- जी ये बीटा है मेरा स्लेयर इको यहाँ एडमिशन दिलाना है...

िप- एक और हाइब्रिड....

िप का हाइब्रिड बोलना था की सोफ़िया को झटका laga...usko उम्मीद hi नहीं थी की कोई ये जान पायेगा की स्लेयर अलग है सबसे...

सोफ़िया- Hybrid...nahi नहीं ये कोई हाइब्रिड नहीं है...

िप- पता नहीं आप क्यों झूट बोल रही है पर ये एक हाइब्रिड hi hai...iske अंदर आपकी ब्लैक एनर्जी के साथ साथ इसके पिता यानी आपके पति की वाइट एनर्जी भी hai...aur इससे साफ़ पता चलता है ये हाइब्रिड है...

सोफ़िया को पता चल गया की अब थोड़ा ड्रामा करने की जरुरत hai...to वो शुरू हो gayi...aankhon में आशु लिए अपनी कहानी सुननी शुरू की उसने...

सोफ़िया- अब क्या बताऊँ aapko...ek जादूगर ने मुझे अपने प्यार के जाल में फसा लिया और यहाँ ले आया aur....aur मेरे साथ.....

इतना बोल वो रोने लगी...

िप ने तुरंत hi स्लेयर को बहार जाने को कहा...

स्लेयर बहार चला गया...

िप- आप रोइये मत पूरी बात bataiye...aapke बेटे को बहार भेजा क्यूंकि सायद ये सब...

सोफ़िया- हां समझ सकती hu...aapko पता है उस जादूगर ने ना सिर्फ मुझे प्रेग्नेंट किया बल्कि मुझे छोड़ के भी भाग gaya...main मैं डार्क वर्ल्ड के नियमों की वजह से यही की हो gayi....aur अब bas....ab बस इतनी सी इच्छा है की मेरा बीटा पढ़ लिख जाए और यहाँ पृत्वी पे hi सही पर अच्छी जिंदगी बिताये...

िप थोड़ी इमोशनल टाइप की thi...par ये किसी को दिखती नहीं थी वो...

िप- जी आपकी इच्छा जरूर पूरी hogi...main आपकी हर मुमकिन मदद करुँगी...

सोफ़िया अपने ड्रामे में कामियाब हो चुकी thi...Sofia के शहर पे एक शैतानी मुश्कान आ गयी..

सोफ़िया- जी शुक्रिया बहुत बहुत शुक्रिया..

िप- देहि मैं ऐसे hi उसका एडमिशन तो ले नहीं सकती माना मैं प्रिंसिपल हु पर यहाँ के भी नियम hai...aur उन्हें फॉलो तो करना hi होगा...

सोफ़िया- जी मैं समझ सक्तु हु...

िप ने एक किताब सोफ़िया को दी और कहा की इसमें एक फॉर्म है उसको भरना hoga...fir आपके बेटे को एक टेस्ट के लिए बुलाया jaayega...agar वो पास होता है तो आपका बीटा यहाँ पढ़ सकता है...

सोफ़िया - जी फॉर्म तो मैं अभी भर दूंगी पर ये टेस्ट कब होगा...

िप - टेस्ट 2 दिन बाद होगा...

सोफ़िया ये सुन उदास हो गयी...

िप - क्या बात है..

सोफ़िया- जी बात ऐसी है हम दोनों यहाँ बहुत hi दूर से आये है...

िप- कोई बात नहीं मैं एक काम करती हु आज hi आपके बेटे का टेस्ट करवा देती ju...itna तो मैं कर hi सकती hu...bas अआप जल्दी से ये फिओरम फइलल कर दीजिये...

सोफ़िया खुश हो gayi...khush होने की 2 वजहें थी एक ये की स्लेयर का एडमिशन आज hi हो jaayega...dusri ये की उसको वापस से इस िप के सामने नहीं आना padega...sach पूछो तो सोफ़िया को िप के ांक्षों से दर लगने लगा tha...jis तरह उसने उन् दोनों के अंदर के एनर्जी को पहचान लिया अगर वो पूरी कोशिश लकारती है तो पक्का सोफ़िया की असलियत उसको पता चल जायेगी....

सोफ़िया ने जल्दी से फॉर्म भरा वही िप ने स्लेयर के टेस्ट की तैयारी करवा दी...

स्लेयर का टेस्ट लेने स्कूल के hi एक टीचर आये थे...

टीचर - तो Slayer...tum तैयार तो होंगे hi अब मैं तुम्हे इस टेस्ट के बारे में एक बार फिर से अपनी तरफ से बताना chahunga...Iss टेस्ट में 3 राउंड्स honge..1st round...magic round...isme तुम्हे जादू करके दिखाना hoga....Darne की बात नहीं है तुम्हे बस कहते मोठे जादू hi दिखने है ना की ओरियन वालो के बराबर jaadu....2nd round...hatiyar चलना और nishanebazzi...3rd round...iss राउंड में तुम्हे कुछ चीज़ों से बचना है उन् चीज़ों से जिनसे तुमपे हमला hoga....Darna नहीं तुमपे पानी के गोलों से हमला होगा और किसी चीज़ से nahi....Ab ये भी सुन लो की ऐसा टेस्ट क्यों तो हमारे स्कूल की ये सोच है की सबको पहले हर चीज़ का बेसिक बताया jaaye...yaha हर चीज़ से मतलब है जरुरी चीज़ों ka...baaki उनके अंदर जो टैलेंट है उनको तो हम निखारते hi है आगे.....

टीचर ने उसको सारे रूल्स और ना जाने क्या क्या बताया...

अब शुरू हुआ टेस्ट....

सबसे पहले मैजिक की baari...Slayer ने मैजिक दिखाया अपनी उँगलियों के इशारों पे चीज़ों को यहाँ से वह करने का jaadu....Teacher इसको देख बहुत ज्यादा इम्प्रेस हो gaya...fir बारी आयी हतियार चलने की और निशाने बाजी की इसमें भी उसने कम्मल कर diya...jab 3रद राउंड की बारी आयी तो उसने कुछ ऐसा किया की टीचर को समझ hi नहीं आ रहा था की क्या बोले..

टीचर्स ने जैसे hi पानी के गोले फेंकने के लिए kahha...to पानी के गोले आने लगे स्लेयर के पास पर ये तो हिल भी नहीं रहा tha...jaise hi ये पानी के गोली इसके बहुत पास आये इसने आँखें बंद कर ली और इसके शरीर से अच्चानक से बहुत hi ज्यादा गर्मी निकलने लगी इतनी की वो सारे बानी के गोले ेवपोरते हो gaye...aur ये देख टीचर के होश उड़द गए...

वो खुद को सँभालते हुए स्लेयर को बहार जा के इंतज़ार करने को बोलता है...

वो रिपोर्ट बनता है इस टेस्ट का और साथ में स्लेयर की तारीफ़ भी लिखता है उसमे और उस रिपोर्ट को भीलजवा देता है िप के पास....

िप भी रिपोर्ट देखती है और खुश हो जाती hai...wo तो ये सोच रही थी की वो हेल्प कर रही है एक जरूरतमंद की...

िप उसका एडमिशन ग्रांट कर देती है और ये बात सोफ़िया को बता देती hai...Sofia वह से उसका शुक्रिया करते हुए चली जाती hai...Slayer को कुछ बातें कहके...

स्लेयर को स्कूल के हॉस्टल में उसका रूम मिल जाता है औरसाथ hi में उसके पढ़ाई में लगने वाली चीज़ें भी...

आज के लिए अगले अपडेट में शुरू करेंगे स्कूल के स्ट्रुक्टर से साथ hi देखेंगे स्लेयर का स्कूल में पहला दिन...

बनने रहिये...
 
अपडेट - 3

अब तक

स्लेयर का एडमिशन हो गया tha....Sofia उसको वह पे छोड़ कर चली गयी थी...

अब आगे

पहले शुरू करते है मैजिक स्कूल के स्ट्रक्चर के बारे में...

ये स्कूल बिलकुल स्ट्रेंज वर्ल्ड के स्कूल जैसा hi था....

जंगल के बिच में एक बड़ा खली सा maidan....jaha हर वक़्त कोहरा hi कोहरा रहता hai....Agar इंसान चाहे भी तो अपने सटटेलिते से ना देख पाए उस जगह ko...aur जंगल के बिच में है तो आज तक कोई आया hi nahi...agar आ भी जाए तो यहाँ के जादू की वजह से कुछ ना दिखेगा जबतक वो उस सिमा को पार ना कर ले...

उसके बाद भी अगर कोई आये तो भी कुछ ना दिखेगा उनको कोहरे की वजह se...ye कोहरा इस्सलिये था क्यूंकि स्कूल के चरों तरफ नदी thi....isko नदी बोले या क्या पता नहीं जो भी था उससे स्कूल चरों तरफ से घिरा हुआ tha...Haa एक और चीज़ थी इस जगह से थोड़ी hi दुरी पे और वो था इस मैजिक स्कूल का खुद का स्टेडियम जहा सारे प्रोग्राम्स होते the...par वो भी इंसानो को कभी नहीं दिखेगा...

ये था बहार ka....Ab अंदर का देखते है तो नदी से शूल के पास तक जाने के लिए आपको बॉट्स का उसे करना होता hai...boats से होते हुए जब आप स्कूल के पास उतारते हो तो.. शुरू में आता है एंट्री गेट, बहुत बड़ा गेट था ye....aur खास bhi...gate में बहुत से मूर्तियां बनने हुई the...inn मूर्तियों की भी खासियत hai...ye पाथेर की मूर्तियां सुरक्षा के लिए है इस स्कूल ke....ye बात अलग है आज तक जरुरत नहीं पड़ी है इसको इस्तेमाल करने की...

गेट से अंदर जाते hi आपके सामने 4 बड़ी बड़ी बिल्डिंग्स नहीं नहीं कॉस्ट्ल्स कहना सही होगा हां कॉस्ट्ल्स मिलती hai...wo भी char....charon hi एक दूसरे से बिलकुल hi अलग...

नाम भी देख लेते है...

कैसल ा - ये है एडमिनिस्ट्रेशन block....ab आगे कुछ बताने की जरुरत hi नहीं hai...ji हां यही पे होते है सारे एडमिनिस्ट्रेटिव work...yaha पे सभी स्टाफ मेंबर्स के लिए अलग अलग काबिन्स बनने हुए hai...aur भी जो उनके लिए जरुरी होता है...

कैसल ह - ये है हॉस्टल मतलब स्टूडेंट्स के रहने के लिए castle...sabhi बच्चे यही रहते hai...unka खाना पिन्ना सब यही होता है...

कैसल म - इस कैसल में सभी तरह के माजिक्स की शिक्षा दी जाती है...

कैसल व- यहाँ पे वारफेयर की...

अब कुछ और बातें जो जानी जरुरी है...

कैसल ह में स्टूडेंट्स के वो 3 ग्रुप्स अलग अलग ब्लॉक्स में रहते hai...jinka नाम उनके ग्रुप्स पे hi है...

ग्रुप्स इस तरह से है...

पुरे

हाफ

Minors...(Ye ग्रुप बस एअर्थ पे hi है नाकि स्ट्रेंज वर्ल्ड में)

ये बिलकुल किसी कासते सिस्टम की तरह hi tha...iska विरोध बहुत वक़्त से हो रहा tha...khud िप मैडम और बहुत से टीचर्स इसके अगेंस्ट the...par फैसला स्ट्रेंज वर्ल्ड के प्रिंसिपल को लेना था जो की इस बारे में कुछ भी नहीं बता रहे the...ab इसके पीछे क्या कारन था ये तो वही जाने..

हम्म तो हम ये देखते है किस आधार पे बात जाता है यहाँ पे बच्चो को...

अगर आप में बस एक hi तरह की एनर्जी हो चाहे वो कैसा भी हो वो पुरे ग्रुप में आता है...

वही अगर आपके अंदर 2 तरह की ेनेर्गीएस हुई तो आपको हाफ में भेजा जाता hai...matlab आप मिलावट वाले हो यानी हाइब्रिड...

मिनर्स का कांसेप्ट सिर्फ एअर्थ पे hi hai...Minors उनको कहा जाता है जीने माता पिता दोनों में से कोई एक इंसान हो...

हां ऐसा भी होता है यहाँ कुछ मैजिकल क्रीचर्स इंसानो के संपर्क में भी the...wahi प्यार व्यार etc...inn जैसो को स्कूल में आने की इज्जाजत अभी कुछ साल पहले hi मिली है वो भी ना जाने कितनी मुश्किल से..

ये हो गया स्कूल का structure...aur उसके बारे में...

अब हम देखते है स्लेयर को की वो क्या कर रहा है....

स्लेयर क्यूंकि हाइब्रिड था उसके पास 2 तरह की ेनेर्गीएस थी तो उसको हाफ ग्रुप में रखा गया था...

कल से क्लासेज शुरू होनी थिओ उसकी...

सोफ़िया ने जाते जाते उसको कह दिया था की वो जब तक स्लेयर आए नहीं जाता तब तक के लिए यहाँ से डार्क वर्ल्ड और डेमोस प्लेनेट पे जा रही hai...waha से उसके लिए पावर्स और कुछ खास चीज़ो का इंतेज़ाम करने...

हां यहाँ भी वो बिना पासपोर्ट वाला तरीका है एक प्लेनेट से दूसरे प्लेनेट पे जाने का उसी तरीके से वो भी जाने वाली थी...

रूम में 2 बीएड थे मतलब एक उसका रूम मात भी hoga...wo भी एक हाइब्रिड hi होना चाहिए था...

स्लेयर अपना सामान जो कुछ भी उसको स्कूल से मिला था और एक दो चीज़ें जो उसको सोफ़िया ने दी थी वो सब सजाने laga...issi में उसका वक़्त बीत गया....

रात का समय हुआ उसको खाने के लिए बुलाया गया...

खाने खाने के लिए एक बड़ा सा हाल था जहा सभी बच्चो को एक साथ खाना दिया जाता tha...yaha का ये नियम था की सब अपने अपने ग्रुप को अलॉटेड टेबल पे hi बैठेंगे....

स्लेयर का गया अपने ग्रुप के बाचों के पास और किसी पुरे ग्रुप वाले ने अपना पेअर फसा के उसको गिर्रा दिया....

स्लेयर को गुस्सा आया वो चाहता तो अभी उस पुरे ग्रुप वाले का बुरा हाल करता par....uske ऐसा कुछ करने से पहले hi एक लड़का आया और उसको वह से उठा के ले गया...

लड़का- ये अब ऐसे hi है जब देखो हमारे और मिनर्स के साथ ऐसा करते रहते hai...tumhe चोट तो नहीं लगी...

स्लेयर ने पहले तो उसकी ओर देखा वो भी एक वरवोल्फ था...

स्लेयर- नहीं मैं ठीक हु...

लड़का- वैसे पहलके देखा नहीं तुम्हे kahi...naye हो क्या तुम....

स्लेयर- Haa....mera नाम स्लेयर है...

लड़का- और मेरा नाम पार्थ hai...chalo वह चलते वह टेबल खली है...

स्लेयर जिसको यहाँ कोई नहीं जानता था उसको कोई मिल गया tha...jiske जरिये वो यहाँ के बारे में सब जान सकता था...

दोनों बैठ के खाना खाने lage...itne में एक पुरे ग्रुप वाले ने अपना जूठा खाना स्लेयर की ओर fenka...ye यहाँ आम बात thi...aur इन्ही सब को लेकर िप मैडम और बाकी सब विरोध करते थे की इस ग्रुप वाले सिस्टम को हटाया जाए par....khair छोड़िये...

जिस पुरे ग्रुप वाले ने ये किया tha...kuch देर बाद उसके ऊपर सिर्फ और सिर्फ खाना hi गिर्रा हुआ था...

स्लेयर की चीज़ों को मूव करने की पावर्स से तो आप सब परिचित hi hai...ji उसी की मदद से उसने ये किया...

जैसे hi उस पुरे ब्लड वाले ने अपना जूठा खाना स्लेयर की ओर phenka...Slayer ने उस चीज़ को महसूस कर liya...apni आँखें बंद की उसने और अँगुलियों के इशारे से सबसे पहले वो खाना वापस से उसी लेक के मुँह पे दे maara...tab भी उसका मान नहीं bhara...usne हाफ ग्रुप के सभी बच्चो के थाली से थोड़ा थोड़ा खाना उठाया और उस लड़के के ऊपर गिराए diya...par बन्दे को खुसी मिले तब ना शामे काम उसने मिनर्स के खाने के साथ भी किया और इस बार ना सिर्फ उस पुरे ब्लड वाले बन्दे पे बल्कि उसपे भी जिसने अपना पेअर फंसा के उसको गिराया tha...par बन्दे को खुसी नहीं मिली पूरी तररह से...

उसकी नज़र कचरे के डब्बे पे gayi...par अभी पावर्स काम होने की वजह से वो उसको उठा नहीं पाया...

ये सब जब हुआ तो माहोल hi बदल गया उस जगह ka...abhi कुछ हो उससे पहले hi स्टाफ के लोग आ गए वह और सबको शांति से खाना खाने को kaha....aur उन् दोनों पुरे ब्लड वालो को वह से बाहरभेज दिया खुद को साफ़ करने ko...Dono hi मिनर्स ग्रुप और हाफ ग्रुप के बच्चो को घूरते हुए बहार निकल गया...

स्लेयर सब भूल के आराम से खाना खाने लगा....

खाना ख़तम करके सब अपने अप्न्मे रूम में चले गए...

जब स्लेयर रूम में जा रहा था तभी उसको पता चला की पार्थ hi उसका रूममेट hai...isse स्लेयर को जायदा फर्क नहीं pada...par पार्थ वो बड़ा खुश हुआ नया दोस्त बना के....

पर उसको क्या पता था की ये दोस्ती उसको कहा तक लेके जाएगा...

रात हुई दोनों सू गए....

आज के लिए इतना hi अब अगले अपडेट में देखते है वो क्लास का चाकर और एक इंट्रस्टिंग part भी है...
 
अपडेट - 4

अब तक

दिंनिंग हाल के काण्ड के बाद अभी लोग अपने अपने रूम्स में चले गए जहा pe....Slayer और पार्थ दोनों को पता चजलता है की दोनों hi रूममेट्स है ये जान स्लेटर को कुछ फर्क नहीं पड़ता पर पार्थ बड़ा खुश हो जाता हैउ...

रात हुई थी दोनों सो जाते है....

अब आगे

सुबह का वक़्त सब जल्दी से उठते है तैयार होते है और दिंनिंग हॉल मनें वापस इक्कठा होते है वह पे ब्रेकफास्ट के liye....par इसमें स्लेयर और पार्थ दोनों लेट हो जाते है तो जैसा की यहाँ का नियम है उनको खाना उनके रूम में मिल जाता है पर एक वार्निंग के साथ जो की पहली और आखरी वार्निंग थी....

वार्निंग एक चिट्ठी में आयी thi...Parth जो की जानता था अब क्या होगा क्यूंकि वो अपने बेसिक्स के लिए यही पढ़ा था इसी स्कूल में तो वो यहाँ के रूल्स से अच्छी तरह परिचित है par...Slayer नहीं...

तो स्लेयर को भी सभी चीजों से परिचित करने का जिम्मा अपने सर लेते hue...usne स्लेयर से बोलै लेटर खोलने ko...Slayer एक एक लुक दी फिर वो बढ़ गया उस लेटर की oor...jaise hi उसने लेटर खोला एक कागज़ बहार खुद आया और एक चेहरे की तरह बन गया...

"आप दोनों आज के ब्रेकफास्ट के लिए लेट ha....iss स्कूल के नियम के अनुशार आपको आज खाना दिया जा रहा है क्यूंकि पहली बार था ये पर उसके साथ वार्निंग भी मिल रही hai....ab अगर आगे भी ऐसा हुआ तो खाने के जगह बस वार्निंग hi दी जाएगी..."

इतना बोल वो कागज़ खुद से चुइठडे चीथड़े हो गया वही स्लेयर उसको देखता रहगा ये पहली बार जो था....

पार्थ ने तभी उसके कंडे पे हाथ रखा और बोलै अब ऐसे hi देखते रहे तो ऐसे बहुत से लेटर्स आएंगे हमारे pass...ab जल्दी से चलो खाना खाओ और नयी क्लास में chalo....main नया जादू सीखने को बहुत hi ज्यादा उत्साहित हु...

स्लेयर चुप चाप जेक खाना खाने लगा..

पार्थ - यार तुम बोलते नहीं क्या कल से सायद hi तुम एक बार भी कुछ बोले ho....arre बोलै करो बोलना बहुत अच्छा होता है इससे हम अपने अंदर की भावनाओ को बहार निकल सकते है...

ऐसे hi बकर बकर करते हुए वो खता रहा पर स्लेयर उसको कुछ मतलब hi नहीं था इन् सबसे....

दोनों ने खाना खाया और फिर दोनों चल दिए कैसल म की ओर जहा मैजिक क्लास थी आज दोनों की....

पर रस्ते में hi उन्हें कुछ लोगो ने अपनी ओर bulaya...POarth उनको देख दर गया tha....par स्लेयर बिन्ना किसिस भाव के आगे बढ़ता raha....jo उन् लोगो को पसंद नहीं aaya....unme से एक बाँदा दोनों के सामने आया...

लड़का- सुनाई नहीं देता क्या हाफ ब्लड हमने बुलाया मतलब आने का...

ये एक ग्रुप था सीनियर्स का जिसमे बस पुरे ब्लड वाले यही थे....

स्लेयर फिर भी कुछ नहीं बोलै बस उसको देखता रहा वही पार्थ उससे बोलै hi नहीं गया कुछ...

उसने दोनों को अपने पीछे आने को कहा दोनों जाने lage...sorry पार्थ जाने लगा स्लेयर हिल्ला भी नहीं था पर पार्थ ने उसको पकड़ा तब वो भी जाने लगा उसके saath....Wo लड़का उनको अपने ग्रुप के पास ले गया जहा पे करीब 7 लोग थे wo...Saato के साथ उन् डोमो के चारो ओर ऐसे खड़े हो गए जिससे आस पास किसिस को पता भी ना चले की वह पे कोई और भी hai..aur उन् दोनों को अपने साथ चलने को कहा....

स्लेयर का हाथ पकड़ के पार्थ उसको भी अपने साथ ले गया...

वो लोग उन् दोनों को कैसल म के तैखने की तरफ ले gaye....ye बहुत hi खतरनाक जगह thi...yaha पे बहुत hi अजीब अजीब घटनाये हुआ करती thi....Iss स्कूल के भी कुछ राज़ थे जो बहार किसी को पतानहीं the....aur उन् राज़ की बातों में इस जगह का जिक्र हमेशा किया जाता था....

जब ये दोनों वह गए तो देखा की एक लड़की है सायद इन्ही की क्लास की hogi....haa क्यूंकि इन्ही के उम्र की लग रही thi...usko वह पे बांध रखा था....

उन् साथो में से एक ने बोलै...

लड़का- एक माइनर दो हाफ ब्लड वो भी दोनों के दोनों hi वरवोल्फ hai...isse अच्छा और क्या hoga....ab हम अपने काम में जरूर कामियाब होंगे....

पार्थ को समझ में नहीं आ रहा था क्या हो रहा है पर उसकली फटती पड़ी thi...same हालत उस लड़की की भी पर स्लेयर उसको कुछ फरकल नहीं पद रहा था....

वो बाकी के सातो उन् लोगो ने अपने हाथो में कुछ मोमबत्तियां ली और फिर उनको जला के उन् तिमंनो के चाकर काटने lage....ye साथो डेमोस वर्ल्ड की एकल बहुत हिओ प्रचिलित जादू का उपयोग कर रहे the....isme होता ये है की जिनके साथ भी ये किया जाए उनकी आत्माएं आपके वश में हो जाती है आप उनसे कुछ भी करवा सकते ho....ab इन् सातो को पता नहीं क्या काम था जो ये सब कर रहे the....Jab ये शुरू हुआ तो पहले वो लड़की उसकी आँखे उलटी हो गयी m,atlab अंडरटेकर की तरह वो करना है ना जब आँखों का ब्लैक हिस्सा चिप जाता hai....Haa बिलकुल वैसे hi...aur जब ये हुआ ना तो उसके शरीर से कुछ निकला और वो चीज़ उस जगह घूमने lagi...wahi उस लड़की का सार भी अजीब तरीके से घूमने लगा वह pe....Todi देर बाद पार्थ के साथ ये होना शुरू hua....uske सहजारीर से भी कुछ वैसा hi निकला फिर उसकी बन्हि आँखें उलटी हुई और फिर वही अजीब तरीके से सार का हिलना...

अभी तक सब कुछ उन् सातो के हिसाब से चल रहा था par....Slayer के साथ ऐसा नहीं हो रहा tha...uske साथ कुछ बहुत hi अलग hua....ye अलग उन् सातो के लिए बहुत hi खतरनाक tha...jaisa की आप सब जानते होइ स्लेयर को बनाने में सोफ़िया ने ना जाने कितने hi इंसानो को मार दिया tha...ginti तक नहीं पता है किसी को ऊपर से वो रौशनी जो उसको जिन्दा करते वक़्त उसमे सम्मा रही थिओ वो उन् लोगो के आत्मा को ताकत देके एक आत्मा बनाने के लिए the...ek ऐसी आत्मा जिसको काबू करना लगभग नामुमकिन hi था...

एक बात क्लियर करना होगा यहाँ पे वर्ण कन्फूसिओं हो सकती hai...jaisa की कहा था की स्कूल में ऐसा जादू है जिससे वह पे अगर कोई हानिकारक जादू का उसे किया जाए तो वो जादू करने वाल्के को hi वह से टेलिपोर्ट कर देते hai...par कहते है ना रूल्स बनते है और लोग उनसे बचने का तरीका धुंध लेते है बस ऐसा hi यहाँ tha...saatho ने उस क्रिया को आपस में बात लिया था ताकि उस जाओ का इंपोट कोई असर hi ना होइ...

बैक तो स्टोरी

हां तो हुआ ये था की ससलयेर के बॉडी से भी उसके अंदर के सारे आत्माएं जो की अब एक आत्मा बन गयी थी वो भी इतनी शक्तिशाली की उसको काबू करना लगभग मुमकिन hi नहीं hai...Ab वो आत्मा भी बहार आने lagi....aur जैसे hi वो बहार aayi...aur स्लेयर जमीं पे girra....uss जगह पे मानो मनहूसियत चा गयी thi...waise पहले भी मनहुषग जगह hi थी वो पर अभी और ज्यादा मनहूष बन गयी थी...

वो साथो जो हातो में मोमबत्ती लिए उन् तीनो का चाकर काट रहे थे और कुछ बड़बड़ा रहे the...unn सब की मोमबत्ती एक एक कर के बुझ gayi...taikhana में अँधेरा च gaya....kisi को कुछ भी नहीं दिखने लगा की

आअह्हह्हह्ह्हह्हआआ

एक भयंकर चीख phir....kisi के हसने की आवाज आयी....

"चीहीयहीहीही एक चीहीहीहीहिक्की"

ये आवाज वह फैली....

सारे जो वह पे होश में थे सब के सब डरके मारे कांपने लगे जब ऐसी हस्सी सुन्नी thi...darre भी क्यों ना एक तो ये नौसिखिये थे इस जादू में और इस जादू को करने में अगर गड़बड़ हुई तो आपको अपनी जान से हाथ धोना hi padega...ye जरुरी होता hai...bas यही हुआ....

जस्सी की आवाज आती रही और काउंटिंग बढ़ती रही 2 , 3, 4, 5, 6, 7 और फिर अच्चना से वह रौशनी hui...jiske बाद उस जगह पे 3 लोग अच्चानक होश में आ gaye...wo तिण्णो थे स्लेयर पार्थ और वो माइनर ladki...jaise hi तिण्णो को होश आया वैसे hi वह तैखने में भुझे हुए मसल जलने लगे और वह रौशनी हो gayi...SLayer को बड़ा hi अजीब पर अच्छा लग रहा tha...ss जगह पे उन् तिण्णमो के अलावा और कोई नहीं था बस वही तिण्णो थे वह pe...Wo लड़की उसने तो एक बार यहाँ वह देखा उसको कोई नहीं दिखा तो वो पार्थ और स्लेयर को उसको खोलने को बोलने lagi...Oarth और उस लड़की को भी अजीब लग रहा था पर एक बंदी हुई थी इस वजह से और दूसरा हद से ज्यादा दर्रा हुआ था इस वजह से उठना ध्यान नहीं diya....Parth जल्दी से गया उस लड़की के पास और उसको आज़ाद kiya...fir तिण्णो जल्दी से वह से भाग gaye....sorry दो लोग तीसरे को तो खिंच केव ले जाय गया था...

जब बहार आये तब भी नहीं रुक्के वो टिन्नो सीधा क्लास में गए जहा वो लेट हो गए थे...

प्रोफ. - पहले hi दिन ितं.....

अभी वो आगे बोलते उससे पहले उन्होंने पार्थ और उस लड़की का चेहरा देखा वो समझ गए की कुछ हुआ है तो बस तिण्णो को अंदर ऐनी के लिए कह diya...tinno बैठ गए एक जगह पे...

हम्म क्लास के बारे में भी जान लेते hai..to वैसे तो िप मैडम ने कह दिया है की सबको साथ में बैठना है पैर पुरे ब्लड वाले ठहरे खुद को महँ समझने वाले हां तो उन्होंने क्लास को दो हिस्सों में अबॉट दिया है एक हिस्से में बस पुरे ब्लड hi बैठेगा बाकी के लोग दूसरे हिस्से mein...iss बात पे कुछ प्रोफ.. भी उनके साथ थे तो िप ज्यादा कुछ कर नहीं सकीय क्यूंकि एक बार ऐसा हुआ की कुछ माइनर और हाफ ब्लड पुरे ब्लड वालो के साथ बैठे the...par फिर उनका कोई पता hi नहीं रहा कहते है वो स्कूल छोड़ के चले गए the...par सच किसी को पता नहीं..

हां तो तिण्णो बैठ gaye...par स्लेयर को बड़ा अजीब लग रहा tha...ki तभी पुरे ब्लड वालो की तरफ से किसी ने एक कागज़ फेका उसकी oor...ab स्लेयर जी कही और खोये हुए थे तो उसको पता नहीं चलता par....ek आवाज उसको सुनाई दी...

"मालिक "

ये आवाज बस उसको hi नहीं बाकी के दोनों को भी सुनाई दी और दोनों ने देखा स्लेयर की ओर वही स्लेयर उस कागज़ की oor...ki कागज़ में आग लग गयी और वो वापस से पुरे ब्लड वालो की तरफ चला gaya...ussi के पास जिसने फेंका tha...ye सब होत्ये हुए पार्थ ने और उस माइनर लड़की ने भी देखा था...

समझ में नहीं आया उन् दोनों ो कुछ वही हाल स्लेयर का भी था उसको भी समझ नहीं आया क्यूंकि उसने नहीं भेजा था कागज़ को वह वो भी आग के साथ..

वो कागज़ वह गया और एक आवाज के साथ फैट gaya..jiski वजह से प्रोफ. की नजर ुसस्स ओर गयी और जब देखजा तो एक स्टूडेंट अपना मुँह कल्ला कियते हुए बैठा था...

प्रोफ. - ये क्या hai...kya कर रहे थे चिम...

वो क्या बवोल्टा जब कुछ समझ पता तब ना बोलता...

उसको प्रोफ. ने बहार मिलने को कहा वही थोड़ी देर में क्लास ख़तम hui...Prof. ने सबको जाने को कहा सिवाय 3 लोगो के स्लेयर, पार्थ और वो माइनर लड़की...

लड़की का नाम है नीलम

प्रोफ- हम्म बताओ क्या हुआ था तिण्णो के साथ...

तिण्णो में से कोई कुछ बोलता उससे पहले hi आवाज सुनाई दी तिण्णो को...

"राज़ है ये राज़ hi रखो हम काम आएंगे आपपके किसी को मत बताओ.."

पता नहीं दोनों को क्या हुआ पार्थ और नीलम ने बिओल दिया की ग्राउंड में कुछ सीनियर्स परेशां कर रहे थे पर एक प्रोफेसर ने हममे बच्चा कलिया बस इसी में लेट हुए....

प्रोफ. को उनकी बात पे याक्किन तो नहीं हुआ par...phir कुछ सोचते हुए उनको जाने के लिए बोल दिया...

तिण्णो जब बनहर आये...

नीलम- वो आवाज वो तुम दोनों को भी सुनाई दी थी ना....

स्लेयर ने कुछ नहीं कहा वही पार्थ ने हां कहा...

पार्थ - ये सब कही उन् लोगो की वजह से तो nahi....par वो गए कहा...

नीलम - तुम्हे उनकी पड़ी हुई है वो हम तिण्णो को मारने वाले the...kaas वो तिण्णो hi.,...

"हम मार hi गए है और अब से मालिक के वफादार है साथ hi आप दोनों क बन्हि..."

ये आवाज आयी और दोनों नहीं इस बार तिण्णो shocked....Ab स्लेयर को भी कहा पता था की ऐसा भी कुछ होता है उसको तो बस कुछ बातें बता के सोफ़िया चली gayi...baaki बातें तो इसको खुद hi सीखनी है तो शॉक आते रहेंगे...

थोड़ा देर तिण्णो एक दूसरे को घूरते rahe...pata नहीं नीलम को क्या सुझा उसने एक काम बोलै करने को....

नीलम- मेरे घहर में मेरा पप्पी है उसको यहाँ लेके आओ...

उसने बोलै और कुछ hi देर में उन् तिण्णो के बिच में एक कुत्ते का बच्चा आ गया जिसको देखज नीलम खुश भी थी और शॉकेड भी वही हालत पार्थ की भी thi...ab वो भला कैसे पीछे रहता उसने खाने के लिए कुचज चिझे मंगवाई और वो आ भी गयी...

स्लेयर- इसके बारे में किसी को पता नहीं छलना चाहिए ये हमारा सीक्रेट hai...itna बोल वो दोनों को देखने लगा...

पार्थ - ठीक है...

इतना बोल वो और स्लेयर अब नीलम, को देखने लगे...

नीलम - हां ठीक hai...accha हां मेरा नाम नीलम है और मैं....

पार्थ- माइनर हो एक ऐसी माइनर जिसके गुलाम अब प्यूरी ब्लड वाले है...

इतना बोल वो हसने laga...uske साथ नीलकं भी हसने लगी..

थोड़ी देर बाद एक और वक्लास जो की कैसल व में था वेपोनरी वाले कैसल में वह जाके भी तिण्णो साथ रहे....

पता नहीं ये तिण्णो जो किस्मत से मिले है इनको इनकी किस्मत कहा तक ले जाती है...

आज के लिए इतना hi रखते है आगे का अपडेट कल मिलेगा...

अगले अपडेट में हम बहुत आगे जानेवाले है मतलब अब यही पे तो रह नहीं सकते ना ये विलन हुआ हीरो को भी लाना hai...to स्पीड बढ़ने ka..Viraj के बारे में भी थोड़ा jaanege....Saath hi कुछ और बातें

बनने रहिये....
 
अपडेट - 5

अब तक

हमे देखा था कैसे पार्थ नीलम और स्लेयर के साथ वो सब हुआ और फिर उनके वो साथो उनके गुलाम बन गए..

अब आगे

नेक्स्ट डे..

आज भी क्लासेज थी आज तिण्णो साथ में थे और पार्थ और नीलम बहुत hi ज्यादा दर्रे हुए the...unko समझ नहीं आ रहा था की ये सब हो क्या रहा है...

हुआ ये था की रात को दोनों hi अपने अपने रूम में से पता नहीं कैसे उसी तैखने में पहुंच गए the....aur जो कुछ उन् दोनों ने देखा वो बहुत hi डरावना था दोनों के liye....dekha तो उसको स्लेयर ने भी था पर वो उठना नहीं दर्रा हुआ था....

अभी ये तिण्णो क्लास में एंटर हुए और बैठे hi थे की टीचर अंदर आये उसी ड्रेस में जो इन् तिण्णो ने देखा tha...fir chapter भी वही शुरू हुआ जो ये लोग कल रात को देख के आये the..bas यही नहीं सब कुछ वैसा hi हो रहा था जिसकी वजह से पार्थ और नीलम दोनों hi बहुत ज्यादा दर्रे हुए थे...

क्लास ख़तम hui...Parth ने स्लेयर को खींचते हुए एक जगह ले गया जहा कोई और नहीं था नीलम के alawa....neelam दार के मारे रो रही थी...

पार्थ- तो आज हम मार jaayenge...sab कुछ बिलकुल उसी तरह से हो रहा है...

स्लेयर- सायद

बस इतना बोल वो चुप हो गया....

नीलम - मैं नहीं मरना चाहती अभी अभी तो आयी हु यहाँ aur....nahi नहीं मैं भाग जाउंगी यहाँ से....

पार्थ- मुमकिन नहीं है वो तुम भी जानती हो...

स्लेयर- हममे उन्हें hi ख़तम कर देना चाहिए...

पार्थ- क्या बोल रहा hai..nahi हममे प्रिंसिपल मैडम को बोलना चाहिए...

नीलम - वो वो नहीं मानेगी कोई नहीं maanega...mujhe पता है सब हममे hi पागल बोलेंगे..

पार्थ- तो क्या इसकी बात मान ke....unko...

नीलम ने एक बार स्लेयर की ओर देखा...

नीलम- तुम सही हो हममे खुद को बचने के लिए उनको ख़तम करना hoga...par...

पार्थ- ये क्या है तुम भी अरे कोई और रास्ता होगा ना....

नीलम- नहीं है रास्ता कोई रास्ता नहीं है देखा नहीं था कल कैसे हममे मार दिया tha....ye सब हममे पता चल gaya...taaki हम खुद को बच्चा सक्के...

पार्थ- पर...

अभी वो और बात करता की घंटी बज गयी नेक्स्ट क्लास की और उसी के साथ पार्थ और नीलम का दर भी बढ़ गया....

नीलम- मुझे एक तलवार चाहिए...

उसका इतना बोलना था की एक तलवार उसके हाथ में आए गयी...

स्लेयर- एक कुल्हाड़ी....

उसके पास भी एक कुल्हाड़ी आ गयी...

पार्थ ने कुछ नहीं bola...wo वैसे hi रहा और करीब 2 मिनट में hi उस पुरे जगह पे kohra(fog) चा गया और तिण्णो के तिण्णो गायब....

सामने कुछ लोग खड़े the...sabhi के कपडे अजीब the...aur चेहरे ढके हुए...

"तो ये hai...wo जिनकी वजह se...chalo ख़तम कर दो इनको..."

एक आदमी जो बीच में था उसने कहा और उसके कहते hi 3 लोग उनके सामने आने लगे दौड़ते हुए...

स्लेयर अपने हाथ में कुल्हाड़ी लिए एकदम सीधा खड़ा था वही नीलम ने तलवार पकड़ रखा tha...aur पार्थ वो बस खड़ा था...

वह से वो लोग आये और उनपे हुम्ला करने lage...unke हाथों में भी कुछ हथियार थे....

स्लेयर ने एक उनका वॉर दौच kiya...Neelam ने भी पर वो पार्थ वो बस खड़ा tha...ye मरेगा आज....

वो तो अच्छा हुआ की नीलम ने उसको भी बचा liya.....aur इसी वक़्त पार्थ को भी होश आया और उसने एक भले के बारे में सोचा और भला उसके हाथ mein....aur वो भी शुरू हो गया....

यहाँ पे बड़ा hi अजीब सन था यार ये स्लेयर का समझ में आता है उसमे पावर्स है तो वो आराम से लड़ रहा है पर Parth..chalo उसका भी मान लेते है लेकिन नीलम वो भी कम्मल कर रही thi...wo हर हमले को ना सिर्फ रोक रही थी बल्कि मार भी रही थी....

ज्यादा देर नहीं लगी उन् तिण्णो को मारने में unko....uske बाद जो बच्चे हुए लोग थे वपो आये और उनके साथ भी कुछ उसी तरह का hua.....aur वो सब भी टाटा bye bye हो लिए...

बस एक बाँदा बच्चा था वो वह से चला गया गायब हो गया...

उसका जाना उसके बाद वह पे जितने भी लोग मर्रे थे सबके बॉडी से कुछ निकला और वो सब स्लेयर के अंदर चला गया...

थोड़ी hi देर में वो तिण्णो वापस से उसी जगह पे खड़े थे जहा पे से वो गायब हुए the...waqt देखा तो अभी भी वही वक़्त था जब वो गायब हुए the....ye और भी अजीब tha..tinno जल्दी से क्लास में गए और वह पे क्लास अटेंड की शाम के वक़्त फिर तिण्णो मिले...

पार्थ- ये क्या था....

नीलम - पता नहीं हम जिस वक़्त यहाँ से गए थे उसी वक़्त यहाँ पे वापस आ गए थे...

स्लेयर- तुम बहुत अच्छा लड़ी नीलम...

पार्थ- हां तुम तो किसी एक्सपर्ट की तरह तलवार चला रही थी....

नीलम- हम्म अपने डैड से सीखा है ये sab...unhone hi मुझे सब सिखाया है और अभी इतना कुछ आता है की यहाँ अपने से 1 साल सीनियर वाले को धूल छठा दू...

पार्थ- फिर उस दिन..

नीलम - वो लोग मुझे धोखे से पकड़ लाये the...wo सब छोड़ो और ये बताओ अब आगे kya...wo जो एक भाग गया वो पक्का वापस आएगा...

स्लेयर- हम्म आएगा और मारा जाएगा..

पार्थ - तो क्या हममे ये करते रहना होगा...

स्लेयर- अंत में वही बचता है जो बचने के लायक होता है....

इतना बोल वो आगे बढ़ गया दिंनिंग हॉल के तरफ खाना खाने को....

यहाँ से शुरू हुई इन् तिण्णो की एक अलग जिंदगी.....

2 साल बाद....

ये सब अब एक आम बात बन गयी थी तिण्णो के liye....week में 2 बार ऐसा hi कोई सपना इनको आता और फिर उसके बाद तिण्णो को लड़ना होता था अपनी जान बचने के liye...ye किसी ट्रेनिंग के जैसा था इनके liye...issi बीच पार्थ और नीलम को प्यार हो जाता है एक दूसरे se...ab अगर इनके एकेडेमिक्स की बात करे तो ये तिण्णो अपने क्लास के तोप्पेर्स में गिनने जाने lagge....Magic हो या वैपोनारी तिण्णो hi बहुत अच्छा कर रहे थे और इसका कारण वो लड़ाइयां भी थी जो इनको वीक में 2 बार करनी होती थी...

वही दूसरी तरफ स्ट्रेंज वर्ल्ड के स्कूल और एअर्थ के स्कूल के बिच किसी कम्पटीशन की बात शुरू हुई thi...jo की एअर्थ पे होना tha...competiton तो एक बहाना था वह से कुछ लोग आये थे जो यहाँ पे इंस्पेक्शन करने वाले the...pichle कुछ वक़्त से बहुत सी घटनाये होने लगी थी यहाँ जिनपे शुरू में तो ध्यान नहीं दिया किसी ने पर अब सबका ध्यान गया है... हां कुछ लोगो ने खबर करि थी वह पे पर वह से कोई भी जवाब hi नहीं आया और अब बात बढ़ने लगी थी क्यूंकि लगबगहाग बहुत सारे पुरे ब्लड वाले या तो लापता हो गए थे नहीं तो उनका स्वभाव ऐसा हो गया था जैसे वो कभी वो थे hi नहीं...

इन् दो सालो में िप के साथ कुछ ऐसे हादसे हुए की उनको स्कूल से निकल दिया gaya...aur अब स्कूल की जिम्मेदारी एक ऐसे साक्ष के हाथ में थी जो उस काबिल था hi नहीं...

वही विराज इन् दो सालो में वो भटकता रहा था एअर्थ पे hi ना जाने किस चूज़ की तलाश में वो बस भटकता रहा और एक दिन अचानक उसको उसकी मंज़िल मिल gayi...Ek गुफा ....वो वह गया और अंदर उसको एक बहुत hi ज्यादा बूढ़ा आदमी मिलता है उसको देख के ऐसा लग रहा था की वो कई हज़ार सालो से वही पे है ध्यान में बैठे हुए....

विराज भी उनके पास जाके बैठ जाता hai...aur इंतज़ार करने लगता है की कब वो उठे और वो उनसे बात kare....issi बिच िप ने अपना ठिकाना अब एअर्थ पे hi बना लिया tha...wo रूप बदल कर इंसानो के बिच रहती thi...aur सायद उन्ही में खो जाना चाहती thi....waise जो इलज़ाम उनपे लगे थे वो भी अपनी पूरी उम्र उस स्कूल के नाम करने के बाद उसके बाद कोई भी खू जाना चाहता भीड़ mein...Haa इन् सब में भी उन् तिण्णो का hi हाथ बता पार्थ नीलम और स्लेयर...

आअज के वक़्त में अगर सच कहा जाए तो इन् तिण्णो से ज्यादा शक्तिशाली सायद hi कोई hoga....Students के बिच बाकी टीचर्स को सही रास्ते पे लाने के लिए तिण्णो ने बहुत hi अच्छा प्लान बना लिया tha....Yee लोग उनको फसा लेते थे किसी भी तरह से उनको या फिर उनके फॅमिली को और फिर उनके थ्रू अपना काम करते रहते थे...

सायद hi अब स्कूल के लाइब्रेरी में कोई ऐसी किताब बच्ची हो जो इन् तिण्णो ने ना पढ़ी ho...ye सब कुछ जानते the...aur यही वजह थी की अब सोफ़िया के यहाँ आने का वक़्त हूँ चला tha....aur वो आयी भी और आते hi जब उसने स्लेयर के साथ उसके 2 साथी को देखा तो वो कुछ नाराज़ हुई और कुछ खुश bhi...Narazgi की वजह भी कुछ रही होगी अय्यर खुसी की भी....

देखते hi देखते ये गेम्स भी ख़तम हो गए और कम्मल की बातये हुई की इन् गेम्स के दौरान कुछ गड़बड़ नहीं हुई वह pe...saath hi जो लोग इंस्पेक्शन के लिए आये थेउन्हें भी कुछ नहीं milla...haa कुछ बाते पता चली पर वो नार्मल थी उनसे कुछ भी क्लियर नहीं हो सकता था...

करीब 1 साल बाद hi पार्थ और नीलम दोनों का प्यार बहुत ज्यादा आगे बढ़ गया था और नीलम प्रेग्नेंट हो gayi...Jab ये बात पार्थ को पता चला तो उसने उससे शादी करने का फैसला kiuya...rahi बात स्कूल की तो इन् दोनों ने स्कूल और स्लेयर का साथ छोड़ने का फैसला किया क्यूंकि इनको लगने लगा अगर इनका बच्चा ऐसे माहोल में ारः तो वो कुछ और ना बन jaaye...bas दोनों निकलने को तैयार हो gaye....Ye बात स्लेयर को पता चली उन्ही आत्मायों से जो इन् तिण्णो के hi गुलाम the...Par शुरू में स्लेयर ने कुछ भी नहीं किया उसको िश वक़्त तक यही लग रहा था जकी ये दोनों अपना मान बदल लेंगे और फिर यही रहेंगे पर ऐसा नहीं hua...wo दोनों के दोनों निकल गए..

ये बात जब सोफ़िया को p[ata चली तो उसने ज्यादा रियेक्ट नहीं किया जैसे उसको पता था की एक ना एक दिन ये होगा hi...usjko पता था की स्लेयर के साथ कोई और हमेशा के लिए रहे ये मुमकिन hi नहीं है...

स्लेयर को भी अब इन् डोमो की आदत सी हो गयी थी तिण्णो साथ hi रहा करते थे जो भी करते साथ hi में करते ना जाने कितनी बार hi तीनो ने क्या क्या किया था साथ में...

वो दोनों इन्शान के बिच चलेगये थे अपनी पहचान छुपा ली थी उन् दोनों ने पर स्लेयर से कैसे छुपते स्लेयर को पता था कहा पे है वो दोनों par...wo उन् डोमो को कुछ करना नहीं चाहता था अभी के लिए खासकर आगे का सायद उसने कुछ सोच रखा हो....

सोफ़िया ने उसके जरिये एअर्थ के स्कूल पे पूरा अपना कब्ज़ा बना लिया था और अब उसकी नज़र स्ट्रेंज वर्ल्ड पे थी पर स्लेयर ...उसके दिमाग में कुछ और hi चल रहा tha...wo बस अब अपने बारे में सोचने लगा tha...hota है ऐसा पहले तिण्णो दोस्त बनने फिर एक दिन अच्चानक उनमे से दो किसी एक को छोड़ के चले जाए तो बुरा तो लगता है और ऐसे केसेस में लोग खुदगर्ज़ से हो जाते है बस यही मामला स्लेयर के साथ भी था उसने भी wahikiya...ab वो किसी की बात नहीं सुनने लगा था अगर कोई उसको कुछ कहे तो उसको अनसुना कर दो स्कूल भी उसने उसी वक़्त से छोड़ दिया tha...Ek दिन पता नहीं क्या सुझा उसकको वो अपने घर यानी वही गुफा जहा उसको बनाया था वो वह जाता है और उस जगह को आग लगा देता है सॉफीए भी अंदर hi थी और वो भी जल जाती hai...Viraj ने सही कहा था उसको की ये तुम्हे भी मार dehga....Ye सब जो भी था अब उससे वो आत्माएं करवा रही थी जो उसके अंदर thio...unhe खुराक नहीं मिल रहा था ...स्लेयर ने पार्थ और नीलम के जाने के 2 महीनो तक कुछ नहीं किया था सायद यही वजह रही की उन् अआत्मायों ने उसको ऊपर काबू कर लिया और उससे वो करवा baithe...Jaise hi सोफ़िया जल्ली और उसकी आत्मा भी स्लेयर के अंदर गयी स्लेयर वापस से ठीक हो gaya...wo समझ गया की अगर सही रहना है तो भूख मिटते रहना होगा और भुख मिटेगी नायर नए आत्मायों se....shuru में कुछ दुःख हुआ होगा उस्जको सोफ़िया के मरने का फिर वो वो सब छोड़ आगे बढ़ गया...

सोफ़िया ने अपनी साड़ी विद्याएं इन् तिण्णो को hi सिखाई thi...har एक काली vidya...aur तिण्णो ने hi उनको अच्छे से सीखा था..

अब जब सोफ़िया नहीं रही तो उसका सपना भी नहीं रहा अब बस बच गया था तो सलयूएराउर उसकी भूख हां बस यही बच्ची हुई थी उसके लिए..

स्लेयर अब लोगो को मारने लगता मज़्ज़े के लिए भी और भूक मिटने के लिए bhi....par उसने ये पाया की मैजिकल क्रीचर्स को मार के उनकी आत्मा खानेमें जो मज़्ज़ा मिलत्ता है वो इन् इंसानो को मार के खाने में नहीं milta...to उसने तय किया की वो यहाँ से अभी के लिए चला जाएगा डार्क वर्ल्ड में जहा पे वो अपना खुद का साम्राज्य बनाएगा और वही पर से शाशन karega...har एक प्लेनेट पे....

बस ये सोच वो एअर्थ से निकलने को तैयार हो गया par..ek आखिरी काम करने के बाद उसने ये सोच लिया था की यहाँ पे वो अविसा किसी को नहीं छोड़ेगा जोकि उसको जानता ho...aur उसने शुरू कर दिया ऐसा karna...pahle स्कूल में फिर शूल के bahar....aur देखते hi देखते बस 2 hi लोग बच्चे उसकी नज़र में जो उसको जानते थे और वो थे पार्थ और नीलम....

पार्थ और नीलम दोनों का बच्चा हो चूका था एक बीटा ठगा unka..bada hi अलग सा हो भी क्यों ना वामप्रिय लड़की और वरवोल्फ लड़के का बच्चा था वो....

स्लेयर ने उन्ही आत्मायों से उन् दोनों का पता पूछा और पता मिलते hi स्लेयर निकल पड़ा उन् दोनों को मारने के liye...par आत्मायिन इनकी भी वफादार थी उन्होंने इन्हे भी बताया की वो आ रहा है इनको ख़तम करने ko....Kuch भी समझ नहीं आ रहा था इन् दोनों को इस वक़्त तभी पता नहीं कहा से एक बुड्ढा सा आदमी एक ाहजीब से कपडे में आता है इनके यहाँ और इनको कुछ बाते कहता hai...aur ये दोनों hi अपने बच्चे के साथ कुछ पॉल बीतता के उसको उस भुद्दे को सौप देते है साथ hi में कुछ चिट्ठियां भी और कुछ सामान bhi...jaate वक़्त दोनों ने उस बुड्ढे का शुक्रिया किया और अपने बच्चे को किश किया...

उनके जान ेके बाद...

पार्थ- तो कैसे मरना पसंद लकारोगी तुम उससे लड़ के या फिर...

नीलम - लड़ूंगी में उससे उसकी वजह से अपना baccha...aane दो उसको जब तक वो मुझे नमार ना दे तब तक उससे लड़ती रहूंगी ाअखिरी सांस तक...

पार्थ- आखिरी सांस तक..

स्लेयर- हहहहहह आखिरी सांस तक...

वो आता है और फिर लड़ाई shuru...Slayer के हाथ में वही उसकी कुल्हाड़ी थी....

स्लेयर- मुझे छोड़ के चले आये क्यों क्या मैं इतना बुरा हो गया था....

बोलते हुए उसने वार किया नीलम pe...usne भी जादू से अपने पास एक तलवार मगवाई और उससे लड़ने lagi....Wahi पार्थ भी अपना भला माँगा के उससे लड़ने लग gaya...par...Slayer अब तक बहुत hi ज्यादा ताकतवर हो चूका था उसकी पावर बहुत बढ़ गयी थी आत्मायों को कहते kahte....ye लड़ाई जल्द hi ख़तम हो गयी और नीलम और पार्थ की आत्माएं उनके बॉडी से निकल gayi...par जैसे hi ये हुआ एक बार वो पूरी जगह सफ़ेद रौशनी से भर गयी और वह पे बहार से 2 आत्माएं आयी और वो सलयूएर के अंदर चली गयी और उन् दोनों की आत्माएं कही और चली गयी...

स्लेयर इससे अनजान था वो यहाँ से निकल gaya...aur जा पहुचजः डार्क वर्ल्ड जहा से वो हर एक प्लेनेट पे शाशन करने का सोच रहा tha...par उसके जाते hi एअर्थ के चारो तयाराफ एक ऐसा कवच बन गया जिसके पार स्लेयर कभी नहीं जा सकता tha...par स्लेयर ने इस्पे ध्यान भी नहीं diya....uske द्वारा लोगो को मारे जाने के बाद यहाँ एअर्थ पे बहुत सी अफवाहे फ़ैल गईथी मैजिकल क्रीचर्स के बिच जिससे उसके नाम का एक खौफ सा बन गया tha...School की भी हालत बहुत अच्छी नहीं thi...kuch तीचेस लापता हो चुके थे स्टूडेंट्स का भी वही हाल tha...sab कुछ उथल पुथल हुआ पड़ा tha...issliye स्कूल चलते रहने के लिए कुछ वक़्त बाद यहाँ पे नए टीचर्स और स्ट्रेंज वर्ल्ड से hi नए नए naye...students भी आये...

चलो ये सब छोड़ो और अब हम उस बच्चे के पास चलते है पार्थ और नीलम का baccha...Wo इस वक़्त ुस्ससी गुफा में है जहा पे विराज गया था 1 साल पहले उस भुद्दे आदमी के pass.....uss आदमी की आँखें आज ही खुली और उसने सबसे पहले विराज से उस बच्चे को hi लाने को kaha...Wo बच्चा अभी उसी के गॉड में था...

बुड्ढे आदमी ने विराज को किसी को लेन के लिए वपा भेज diya...aur उस बनछए को देखता raha...Viraj के जाते hi उस गुफा में नीलम और पार्थ की आत्मा आती hai...jisko देख वो बुद्धा मुस्कुराता है...

नीलम- इसका ख्याल ठीक से rakhiyega...kaash मैं रख पाती...

बुद्धा - इसका ख्याल मैं नहीं बल्कि वो रराख्ने वाली है जिनको तुम लोहगो के कारन ना जाने क्या क्या सुन्ना पड़ा...

पार्थ और नीलम को कुछ भी समझ नहीं आया...

भूढ़े ने एक लॉकेट लिया अपने हाथ में और उन् दोनों को उसी लॉकेट में बंद कर दिया और वो लॉकेट उस बच्चे को पहना diya...thodi hi देर में वह पे िप आयी िप ने पहले से hi चौकी हुई थी विराज को देख के जो उसको लेने गया था और अब तो और ज्यादा चौक गयी जब सामने बैठे इस भुद्दे आदमी को देखा उसको समझ hi नहीं आ रहा था की ये यहाँ kaise....par वो कोई सवाल किये बिन्ना उस आदमी के सामने झुक गयी...

बूढ़ा- िप कड़ी हो जाओ मैं तुम्हे एक बहुत hi बड़ी जिम्मेदारी देने वाला हु क्या तुम तैयार हो...

िप- आपने मुझे किसी काम के काबिल समझा लार्ड ये मेरिख़ुशक़िस्मती है आप जो भी बोलेंगे मैं करने को तैयार हु...

बुड्ढे ने वो बच्चा िप को थमा दिया और उसका ध्यान रखने को कहा और वो खुद वुयराज के साथ वह से चला गया...

िप भी वह से उस बच्चे जको लेकर चल दी इंसानो के बेच जहा वो रहती thi...apne एक छोटे से घर में...

आज के लिए इतना hi रखते है अब सीधे मिलेंगे 18 साल baad....jab ये बच्चा भी स्कूल में jaaayega...tab देखेंगे स्कूल में क्या क्या बदला है...

स्लेयर के बहुत से कारनामे जो उसने स्कूल में किये है वो सब आपको आगे देखने को मिलेंगे अस फ्लैशबैक

बनने रहिये..
 
अपडेट -6

अब तक

बहुत कुछ हुआ पिछले अपडेट mein...Sofia को जला के मार दिया स्लेयर ne.....yaa उसके भूख ne...uske साथ ना जाने और भी कितने hi लोगो को मारा था स्लेयर नमे यहाँ तक की अपने दोस्त पार्थ और नीलम को भी मार दिया था usne..aur फिर एअर्थ को छोड़ डार्क वर्ल्ड में चला गया था वही नीलम और पार्थ का एक बच्चा भी था जो अभी िप को दे दिया गया था...

अब आगे...

आफ्टर !8 इयर्स

इंसानो की basti...sorry saher....Haa सहर hi है जहा पे एक आम से स्कूल से एक लड़का भागते हुए निकल रहा tha.....uske पीछे से और भी लड़के और लड़कियां भाग रही thi...wo स्कूल की छुट्टी हुई थी ना बस उसी वजह se....sabse लास्ट में एक लड़का अजीब सा दुबला patla..aankhon पे मोटा सा चस्मा था uske..dhire धीरे बहार की ओर जा रहा था...

"ुये प्रतीक चल ना बी अब क्या यही रहेगा..."

"आ रहा hu...yaar आज आखिरी दिन है यहाँ humara...yaha से जाने का दिल hi नहीं कर रहा mera.....kitni अजीब बात है ना जब स्कूल आना होता था तो हम बंक मारा करते थे और आज जब पता है की अब यहाँ नहीं आना है तो बुरा लग रहा है..."

"ये नहीं सुधरेगा साला जहा देखो वही शुर्रू हो जाता hai....Accha सुनने तुम दोनों मैं आगे की पढ़ाई के लिए दूसरी जग्गाह जा रहा hu..tum दोनों का क्या है..."

"मैं भी बहार जा रहा हु दूसरे सहर mein..wahi पढ़ाई करूँगा आगे ka...Prateek तेरा क्या प्लान है.."

अरे इंट्रो भूल गया यार :सिघ:

प्रतीक- ये hi है वो लड़का पार्थ और नीलम का beta...unn दोनों ने कुछ और नाम दिया था इसको पर िप ने वो नाम बदल के प्रतीक नाम रख diya...hoga कोई kaaran...umar 18 साल से बड़ा है ye....aankhhon पे एक मोटा सा chasma..sarir दुबला patla....aur क्या hi कहु हां इसकी एएब्रोस मिली हुई thi...baaki सब देखने में एकदम नार्मल सा लगता था ये...

(प्रतीक के रेस्पेक्ट में)

मैं उन् दोनों से ये सब सुन्न वापस से उद्दस हो gaya..Master मुझे कही नहीं bhejegi...wo मुझे यही ोपे रहने को kahegi...aur मैं भी उनकी बात मान लकूँगा जैसे आज तक मानते आया हु...

मैं कुछ नहीं बोलै और वह से निकल गया...

हमारा घर पहले सहर के बच्चो बिछ हुआ करता था पर कुचब साल पहले हमने शिफ्ट जकर liya...saher से थोड़ा dur...jaha पे लोग काम the...yaa ना के barabar....Master यहॉ मुझे लड़ने के तरीके सिखाती hai...ab तक तो मैं बहुत कुच्ग सीख चूका हु पर कभी मस्ट्रर को हर्रा नहीं payya...aur किसी और पे वो मुझे ये सब उसे करने से मन्ना करती hai...waise उसे करने की जरुरत hi नहीं पढ़ती यहाँ सब फ्रेंडली hai...Haa कुछ लोग मिले थे जो सहीनहीं the...par वो खुद से मुझसे दूर हो जाते the...pata नहीं क्या था....

मैं स्कूल से निकल के साइकिल लेके चल दिया घर की ओर....

मेरी स्पीड बहुत अच्छी thi...yaha से मेरे घर तक जाने में जहा ोगो को 30 मिनट तक साइकिल चलना पढता था वही मैं 5 मिनट में वह पहुंच जाता tha...par फिर भी मास्टर m,ujhe कछुवा कहती थी...

मैं घर pahucha...Master बहार गार्डन में बैठी मेडिटेट कर रही thi...haa वो मुझसे भी मेडिटेट कराती hai...usnka कहना है की इससे आप किसी एक चीज पे ज्यादा देर तक फोकस ार सकते है और उसको समझने में आपको आसानी hoogi...ek बार में hi आप किसी बन्हि नयी चीज़ को सीख सकते है...

याद नहीं कितने सालो से ये मैडिटेशन करता आ रहा हु मैं...

मैंने साइकिल पार्क की और फिर किचन में जाके हर्बल टिया बनायीं 2 कप एक मास्टर के लिए और एक मेरे liye...tea लेके में उनके ोपास गया और टिया को उनके पास रकलह fdiya...unhone आखें खोली और कट उठा के टिया पन्ने लगी...

मास्टर- स्कूल ख़तम कर लिया tumne...ab आगे का क्या सोचा है...

मैं जानता था की नाब क्या होगा आखिर पहले भी झील चुक्का हु naa..ye पहले मुझसे मेरा मात पूछेगी फिर उसको अच्छा बताएगी और सब सही चल रहा होगा मेरे दिम्माग में उस जगह पे जाके रहने तक की प्लानिंग बन जायेगी तब ये बोलेंगी वह नहीं तुंम कहइ और जाओगे...

मैं- मेरे दोस्त बाहर जा रहे है स्टडी के liye...main भी...

मास्टर- हम्म तुम भी जाना चाहते हो है ना...

मैं- हां मास्टर मैं जाना चाहता हु पर...

मटर- कोइन पर वॉर नहीं तुम जाओगे बहार सस्तउद्य के liye...bas ये तय हो gaya....kal सुभह हमारा सामान पैक करके रखना...

मैं ये सुन के एक बार ितंना jt=yada चौंका की मुँह में जो हर्बल टिया थी वो बहार नीकल gayi...kaano पे याक्किन hi नहीं हो रहा था आज खुद मास्टर ने बोलै मुझे की मैं बहार पढ़ने जा सकता hu.....Maine 1 बार और पूछा पक्का करने के लिए कही ऐसा तो नहीं की कान खराब हो गए है मेरे..

मैं जल्दी से उठा और अपना और उनका सामान पैक करने laga...jana कल सुबह था पर मैं अभी से लगा हुआ tha...aisa लग रहा था कही अगरकुछ छूट गया हो और मास्टर ने उसको देख अपना मैं ना बदल de..bas यही सब सोचते हुए मैं रात के खाने से पहले hi साड़ी पैकिंग कर daali.....uske बाद रात का खाना बनाया और फिर मैंने और मास्टर ने खाना khaya...FIr मैं अपने रूम में चला गया...

रूम के बारे में बता du...sayad अजीब ho..par ये रूम बिलुल वैसा hi था जैसे रूम में मैं पहले से रहता आया hu...ajeeb बस ये है की रूम के दीवारों पे अजीब तरह की ड्राइंग बननी हुई थी और ye...pata नहीं कुछ तो था inme...aisa लगता की ये मुझे रोकती हो बहार जाने mein....iss रूम की एक और बात thi...jab भी मैंज गुस्सा हो जाता किसी भी बात पे या फिर कुछ वैसा hi मैं इस रूम में आता और फिर जादू की तरह सब sahi...ajeeb है naa...yaha पे ना अगर में बनहुत ज्यादा थका हुआ भी आता था या फिर चोटों के साथ तो थकन या वो चोटें सब बहुत जल्दी hi ख़तम हूँ जाती thi...kuch तो अजीब था इस रूम में....

आज मेरा यहाँ पे आखिरी दिन hoga...main साब कुछ ध्यान से देख रहा था सब kuch....fir बेडपे लेता और सू गया..

नेक्स्ट मॉर्निंग....

मेरी आँख एक डरावने सपने से khuli....aur जब खुली to....sab कुछ अजीब सा लग रहा था ऐसा जैसे main...main नहीं hu...mujhe अपना शरीर थोड़ा अलग सा लग रहा tha...maine अपने हाथ dekhe...to हाथ बालो से भरे हुए the...nahkhun थे लम्बे लम्बे हाथों में...

ये सब बिलकुल उसी सपने जैसा लग रहा tha...usme भी यही हुआ था मैं एक जगह खड़ा हु सामने मेरे आहूत hi अजीब अजीब लोग the..jo इंसान की तरह दीखते थे पर उनकी हाइट ब्बहुत ज्यादा thi...(Devta)....kuch उनसे थोड़े छोटे थे पर उन् सब की आगे बहुत ज्यादा लग रही थी हाथों में एक अजीब सी stick..aur सर पे कोनिकल topi...(jadugar)...fir कुछ ऐसे भी थे जो इंसान की तरह hi थे सायद पर किसी के कान बहुत लम्बे तो किसी की पंच तो किसी के pankh....naa जाने क्या क्या था वह pe...Aur उन् लोगो ने मेरी ओर कुछ फेंका जो सीधा मेरे बॉडी में सम्मा गया और मैं हवा में उड़ने laga....daant बहार आ गए मेरे सरीर बालों से भर gaya...sar दर्द करने लगा में चिल्लाने laga...aur फिर धड़ाम से जम्में पे और बेहोश होने से पहले मास्टर वह आ गयी और मैं उनकी गॉड mein...ki तभी मुझे मास्टर किसी बिल्ली की तरह दिखने लगी aur...itnne में मेरी नींद खुल गयी...

मैं उस सोच से बहार आया और फिर से एक बार हाथ की ओर dekha..sab सही tha...bilkul normal....maine सोचा की ये सब बस उस सपने के कारन हुआ tha...main बीएड से उठा और पानी से मुँह dhoya...aur जैसे hi मिरर में खुद की सकल dekhi...dar के पीछे हो gaya....iss वक़्त सकल इतनी डरावनी लग hi रही thi..maine अपनी आँखें साफ़ की और फिर से देखा तो सब नार्मल hi tha..par एक बात अजीब थी बिन्ना चश्मे के मैं खुद का चहेरा साफ़ सार देख पा रहा tha...saath में मिरर पे लगे हुए स्टीकर पे छोटे छोटे शब्दों में जो लिखा हुआ था वो भी....

मैं रूम से जल्दी बहार gaya....Master के पास ये सब बताने को ki...par वो मिली hi nahi...ek चिठ्ठी मिली mujhe..Chitthi में कुछ लिखा था और साथ में एक सिक्का था उसमे अजीब सा सिक्का जिसमे एक आदमी की सकल थी पर उसके कान बड़े बड़े थे जैसे सपने में दिखा था...

"सामन पहुंच गया है वह पे हमारा मैं किसी से मिलने जा रही hu...ek बस आएगी घर के पास उसमे बैठ jaana....wo कुछ बोले तो ये सिक्का दिखा देना उन्हें..."

बस इतना hi लिखा था पर ये सब बड़ा अजीब tha...mere घर के pass...Sorry मास्टर के घर के पास जो की सहर से दूर hai...jaha बहुत काम लोग आते है वह पे एक बस aaayegi...aur वह वो ाजी सा सिक्का देना है mujhe..aur मास्टर मेरे से पहले hi कही जा चुकी hai...ye सब अजीब था और अभी मैं सोच hi रहा था की....

पूवोन पपपपूउउउऊँनं ppooooooooooooooooonnnn

हॉर्न की आवाज आयी aur...maine बहार देखा तो एक बड़ी सी बस कड़ी थी जिसके ऊपर अजीब अजीब से ड्रॉंइंग बनने हुए थे...

"ुये बच्चे चलेगा भी या जॉन main....tere कारण लेट हो रहा है..."

मैं अभी तक नहाया भी नहीं था और बस भी आ गयी थी हां अजीब hi thi....aur बस वाला थोड़ा चिड़चिड़ा लग रहा tha..Main वैसे hi चढ़ गया बस में ये सोच कर की वह पहुंच के नाहा लूंगा...

मैं गेट बंद करके लॉक लगा के निकल गया घर se...haa इसमें 10 मिनट लग गए mujhe...sab कुछ चेक भी तो करना pada...phir बस पे चढ़ा तो बस कंडक्टर पूरा गुस्से में...

"कहा जाना है..."

अब यहाँ पे मेरे को समझ नहीं आया क्या kahu...pata hi नहीं था कहा जाना है ना तो मैंने hi पूछा था मास्टर से और ना उन्होंने बताया tha....kuch समझ ना आया तो वो कॉइन निकल के उसको दिखा दिया...

उसने कॉइन को dekha...fir मुझे देखा...

"कमरा नंबर 23 में जाओ.."

मैं - कमरा नंबर ????..

B.Conductor- अरे यार कोण छोड़ देता है ऐसे नए लोगो को अकेले सफर करने के liye...Mohit इसको इसकी जगह दिखाओ re...ooye ड्राइवर चल बे जल्दी वैसे भी देर हो रही hai....Pata नहीं कहा कहा से आ जाते है..

वो बोल hi रहा था की किसी ने मेरे कंधे पे हाथ रखा और मैं पीछे मुद्दा कोई नहीं था आगे मुद्दा वह भी कोई नहीं tha...aur एकदम देखते hi देखते जहा में खड़ा था वो जगह hi बदल gayi..Main एक रूम में पहुंच gaya...par ये कैसे मैं तो बस में था वो भी गेट के पास और अब रूम में...

इतना सब कुछ कभी नहीं हुआ था मेरे साथ की तभी दरवाजे पे खटखट hui..aur मैं वह दरवाजे के पास गया डरते hue....dar तो लगेगा ना अब ऐसे hi अचानक से कुछ भी होने लगे तो दर तो लगेगा hi ना...

वह दरवाजे पे पहुंच के दरवाजा खोला तो एक अजीब सा दिखने वाला aadmi...haa आदमी hi hoga...bas उसके बाल नहीं थे मतलब एक भी बाल नहीं चेहरे pe....eyebrows भी nahi....ab क्या hi कहा जाए isko....ek पल को तो कोई भी दर jaayega....upar से मैं तो पहले से hi दर्रा हुआ tha...to चीख hi निकल gayi....salle को मारने वाला था में की वो भी चीखने laga...sala चल क्या रहा था...

वो- चिल्ला काहे रहे ho...salla हार्ट अटैक से मार मुर्रा गए तो का होगा समझ में आता भी है kuch....chalo कमरा खली करो स्टॉपेज आ गया है tumhara....bekar में डरता है....

वो इतना बोलै और दरवाजा बंद करके चला गया वही main....shocked की वो था कोण और क्या बोल के निकल गया की तभी एक जोर का झटका सा लगा मुझे और main...main रोड पे खड़ा हुआ tha...Haa रोड pe...bagal में और भी लोग the...par ये सब के सब इंसान की तरह hi दिख रहे थे...

मेरे को कुछ समझ में नहीं आ रहा था पहले वो बस फिर वो रूम और अब ye...aakhir हो क्या रहा tha...aur जब कुछ समझ में ना आये तो एक hi काम कर सकते है और वो hai...ruk के सोचने ka...par यार यहाँ वो भी नहीं हो रहा tha..abhi अभी मैं रोड पे था और देखते hi देखते अब में किसी गार्डन में एक लाइन में खड़ा tha...jaha पे और भी बहुत से लोग थे और वो किसी बड़े से जगह में जा रहे the..main जब थोड़ी देर रुक्का रहा वह तो पीछे से आवाज देने लग gaye...sab की आगे चलो आगे चलो...

मैं आगे बढ़ा और फिर उस गेट के पास पहुंच गया जहा पे सब जा रहे थे...

"पहचान बताइये.."

मैं- पहचान ????

अभी कुछ करता की एक आदमी aaya..Haa ये एक परफेक्ट आदमी की hi तरह दिख रहा था बस इसका पेट कुछ ज्यादा निकला हुआ था...

आदमी- ये मेरे साथ hai...chalo बीटा अंदर आओ कबसे सब तुम्हारा इंतज़ार कर रहे है...

मैं उसको जानता नहीं tha...wo मेरे को बीटा बोल रहा tha..agar और कोई दिन होता ना तो कभी ना जाता उसके पास पर चुकी आज सब कुछ इतना अजीब हो रहा था ki...to मैं भी चल दिया उसके साथ....

आदमी- कोई दिक्कत तो नहीं हुई ना बीटा आने mein.....chalo अब मेरे साथ आओ...

दिक्कत क्या hi बताऊँ दिक्कत का कुछ समझ में hi नहीं आ रहा था की क्या हुआ कैसे hua....main यहाँ तक पूछा कैसे...

आदमी- ाररे बीटा क्या हुआ..

मैं कुछ नहीं बोलै और ो भी चलने lage...main भी उनके पीछे पीछे चलने laga...aur देखते hi देखते एक bade..se कैसल के सामने पहुंच गए हम लोग...

आदमी - चलो अंदर chalo..log इंतज़ार कर रहे है...

मैं अंदर गया तो वह पे मास्टर पहले से thi...main उनके बगल में जाके बैठ gaya...saamne वाले चेयर पे एक आदमी बैठा हुआ tha...jo सायद कुछ देख रहा था हाथों में लेके और उस वक़्त बहुत hi ज्यादा उद्दस था और गुस्से में भी...

आदमी- मैडम हम बहुत सर्मिन्दा है इन् सब के लिए जो कुछ बी hua...wo बहुत hi गलत hua..par अब हम आपके लिए कुछ करना चाहते है...

मास्टर- (मेरी ओर इशारा करते हुए) इसको यहाँ दाखिला do...saath में इसको स्पेशल batch....samajh रहे हो ना उसमे भी रखना है....

आदमी- एडमिशन तो मैं करवा दूंगा पर स्पेशल batch...aapko भी पता होगा की वो सबके लिए नहीं hai...uske लिए टेस्ट देना होता है...

मास्टर- मैंने ये तो नहीं कहा की बिन्ना टेस्ट ke...lelo..

आदमी- Hmm..waqt का भी बता dijiye..kitna वक़्त चाहिए इसको...

मास्टर- आप तैयारी kariye...ye तैयार है...

मेरे समझ में नहीं आ रहा था की कोण सा टेस्ट और किस चीज़ की बात हो रही थी...

वो आदमी अपने टेबल पे रखे हुए एक बेल्ल को बजता है और बहार से कुछ लोग आ जाते है...

आदमी- मैडम को उनका रूम dikhao...(Master से) आपको वही रूम दिया जा रहा है जिसमे आप पहले रहते the...aur अब आपकी पोस्ट की बात कर्रे तो aap..iss स्कूल के चांसलर की पोस्ट दी जाती hai...Ye सब स्ट्रेंज वर्ल्ड से तय हुआ hai..sath में आप समझ रही है ना ओरियन और टाइटन प्लेनेट भी...

मास्टर- ये सब अभी बताने की जरुरत नहीं hai....Baad में बात करते है पहले इसका टेस्ट ले लेते है..

आदमी- Hmm...(logo से) समझ गए ना जाओ...

सभी निकल जाते है...

मास्टर भी चेयर से कड़ी होती है aur..mujhe देखती hai....main भी खड़ा हो जाता hu...aur फिर वह se...nikal जाते है हम दोनों...

बहार जाते hi मैंने....

मैं - मास्टर आज बहु....

मास्टर- हम्म पता है अब वो छोड़ो जो मैं बता रही हु वो सुनो...

मैं - जी मास्टर...

मास्टर- कुछ देर में तुम्हे लड़ना है....2 लोग honge...unko हराना hai....ho सकता है वो कुछ ऐसी चीज़े जानते हो जो तुम्हारी सोच से भी पर्रे हो पर तुम उन्हें haraoge...samhje...

मैं - हम्म

आज पहली बार मास्टर ने मुझे लड़ने को बोलै tha....aaj उनकी सिखाई हुई हर एक कला में उसे कर सकता tha...m,aster ने बोलै था जितना है मतलब जितना है...

मास्टर- चलो मेरे पीछे...

आज के लिए इतना hi अगले अपडेट में देखते hai...kaise प्रतीक लड़ता है...2 फिघ्टर्स se..wo भी बिन्ना मैजिक के क्यूंकि उसको मैजिक आता hi नहीं hai.....Saath में स्कूल में तब से अब तक हुए बदलाव के बारे में भी jaanege..aur भी कुछ बातें.....

बनने रहिये...
 
अपडेट - 7

अब तक

हां तो अपना हीरो स्कूल में पहुंच गया था और ऐसे पंहुचा था की उसको कुछ समझ में नहीं आ रहा था और अब उसकी मास्टर ने उसको बोल दिया की जाओ और लड़ो....

अब प्रतीक ने भी हां बोल दिया और फिर उसको मास्टर अपने पीछे चलने को कहती है और वो जाने लगता है...

अब आगे

(प्रतीक के रेस्पेक्ट में...)

मैं मास्टर के पीछे पीछे चलता गया और इस दौरान ना जाने क्या क्या देखा maine...ajeeb से दिखने वाले log...aur वो मैजिक कर रहे the...mujhe पता नहीं चल रहा था ये किस जगह पे आ गया हु main...sayad कोई मैजिकल स्कूल par...aisa कुछ तो होता hi नहीं hai...ye सब तो बस किताबों में aur...movies में दिखते है naaa...Fir ये सब...

मास्टर को सायद पता था की मेरे अंदर क्या कुछ चल रहा है...

मास्टर- सब पता चलेगा अभी bas...uss लड़ाई के बारे में socho....samjhe...naa

मैं - हां

और क्या bolta...ek तो पता नहीं कहा पे आ गया हु और ये सब है kya...bas एक मास्टर को जानता था तो अब उनके बाटों को माने के अलावा एक चारा था की मैं भाग जॉन यहाँ se....par वो करने का दिल नहीं कर रहा tha...kuch तो था यहाँ जो mujhe..bahut ज्यादा अपना सा लग रहा tha...Master से भी ज्यादा apna...wo चीज़ मुझे रुकने पे और खुद को जाने पे मजबूर कर रही thi...aur मैं मजबूर हो रहा tha....bas यही सब सोचते हुए और बाकी सब देखते hue..main pahucha...ek बड़े से कैसल के pass...waise हम पहले भी एक कैसल में hi थे उससे निकल के फिर किसी और कैसल में आये है और ये भी बिलकुल उसी के तरह दीखता tha...sayad hi कोई अंतर हो दोनों mein....Haa नाम भले hi अलग था वो कैसल ा था और ये कैसल म है...

मास्टर ने एक बार फिर मेरी ओर dekha..aur फिर आगे बढ़ gayi...main भी बढ़ गया उनके साथ साथ...

मास्टर- कुछ नहीं बदला है सबब वैसा hi है yaha...inko थोड़ी बहुत बदलाव करने चाहिए थे...

ये बोल hi रही थी वो की उनकी नज़र एक रूम में गयी जहा कुछ लोग पता नहीं क्या कर रहे the...room में थोड़ा थोड़ा धुवा सा फैला था....

मास्टर- देवताओं ने अपने कुछ राज़ खोल hi diye...ab सबके पास स्पिरितानीमल्स hai....chalo ये सही hai..warna पता नहीं क्या होता कैसे होते यहाँ पे...

मुझे समझ में नहीं आ रहा था kuch...bas धुवा फैला था वह पे रूम में और वो सब कुछ तो कर रहे थे...

थोड़ा और आगे जाने पे एक और रूम मिला वह पे मास्टर रुक gayi....dhyaan से अंदर देखने lagi...ek मुस्कान उनके चेहरे पे आ गयी...

मास्टर- अच्छा तो ये बात hai...ab सभी के बाचे यही पढ़ते hai...kisi को कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं milti...ye सही है...

मुझे अभी भी ज्यादा तो कुछ समझ नहीं आया बस ये दिखा की अंदर एक लड़का है उसके कान बड़े बड़े थे और बाल भी अजीब से उसको कुछ ladkiyan..haa लड़कियों जैसे hi दिख रहे थे wo...wo सब उसको सायद कुछ समझा रही thi...fassa हुआ था वो banda....par मास्टर इसको देख के क्यों खुस्स हो रही थी...

वो फिर आगे जाने लगी और इस बार सीधा रुक्की एक रूम में जहा पे पहले से कुछ लोग थे...2 लोग एक स्टेज जैसे बनने हुए प्लेटफार्म पे खड़े थे वही 3 लोग चेयर्स पे उनसे दूर बैठे हुए the...jaise hi मास्टर अंदर gayi.....wo सब के सब एक पल के लिए शॉकेड रह gaye....fir चेयर पे बैठे हुए एक बन्दे ने मैडम को बैठने के लिए अपनी कुर्सी खली कर di....Madam ने मन्ना किया पर वो नहीं maana....isse ये तो समझ गया मैं की मास्टर की यहाँ बहुत चलती hai...tabhi तो वह भी और यहाँ bhi....aur वो चांसलर वाली बात alag....bahut सी बातें है मास्टर की जो मुझे नहीं पता है...

मास्टर बैठ गयी और वो सब उनसे बातें करने लगे.....

मास्टर ने मेरी ओर देखा और इशारे में वह उस स्टेज पे जाने को कहा...

मैं भी वही पे चला gaya....jaha वो दो लोग थे देखने में हट्टे काटते लग रहे थे...

मेरे वह जाने पे उन् लोगो ने मुझे बस एक बार देखा और फिर आपस में मुस्कुराते hue..baatein करने lage...wo मुस्कान उनके चेहरे पे unke...ghamand को दिखा रहा tha...par वो कुछ बोले नहीं ....

अभी मैं उनको देख hi रहा था की उसी रूम में कोई और आया और वो एक साइड खड़ा हो gaya....pata नाहगी अब ये कोण tha...arre उसका क्या मुझे तो यहाँ पे किसी का भी पता नहीं tha....Wo स्टेज की तरफ देखने लगा और पता नहीं kaise...kuch तो हुआ की वो स्टेज एकदम से पैक हो gaya...aisa लग रहा था की जैसे कोई सीसा आ गया हो स्टेज के चारो taraf...Abhi मैं यही देख रहा था की वो दोनों जो वह पे the...unme से एक आएगी badha...aur दूसरा जम्में पे बैठ गया वही...

ये देख के बहार बैठे लोगो में से किसी एक ने कहा...

ा- तुम बैठ क्यों गए ये स्पेशल बैठ के लिए टेस्ट देने आया है दोनों का एक साथ मुकाबला करेगा ये....

ल2- सॉरी प्रोफेसर पैर मुझे नहीं लगता की ye...humme से किसी एक के सामने भी tikkega...iski और बहुत hi कमजोर है...

मास्टर ने उसकी बात सुन्नी और फिर मुस्कुराते हुई वह बैठे लोगो से बोली...

मास्टर- लगता है ये आप सभी के बेस्ट स्टूइडेण्ट्स में से एक hai...aur इतनी सी उम्र में और भी पहचान प् रहा hai...waah...

ये कहने को तारीफ़ थी पर था एक challenge...sidha challenge...unn सभी प्रोफेस्सोर्स को और उन् दोनों को bhi...ab प्रोफेस्सोर्स को समझने में देर नहीं लगफी और unhone...uss लड़के को फटकार लगते हुए बोलै...

ा - तुम्हे जितना कहा जायते उतना hi karo..bekar में अपना दिम्माग ना lagao...aur अगर इतना hi खुद पे याक्किन है ना तो अगर दोनों जीत गए isse...to तुम्हे इनाम भी मिलेगा...

मास्टर- अगर रतीक जीता तो उसको भी इनाम मिलना chahiye...hai ना

ा - हां जरूर अगर वो जीता तो उसको इनाम दिया जाएगा..

उन् लोगो की बात ख़तम hui...wahi यहाँ पे वो दोनों अब्ब मरे सामने आ गए और दहजेरे से bole....bahut ज्यादा भरोषा है उसको तेरे upar...chal आज वो भी तोड़ देते है...

मैं शांत रहा...

"शुरू करते..."

एक आवाज गुंजी चारो oor....aur वो दोनों पता नहीं हवा में हाथ हिलने लगे अपना पता नहीं क्या कर रहे the...hoga kuch...wahi मैंने टाइम वास्ते ना करते hue....khud उनपे हुम्ला कर diya...ab आप hi socho...ladayi शुरू हो गयी है और कोई मैदान में आके अपने हतियार को धार देने lage...to सामने वाला फायदा तो उठाएगा naa...bas वही किया maine....Wo दोनों कुछ कर रहे tyhe...main भागता हुआ उनके पसस गया और उनको मारने hi वाला था ki...unme से एक hi आँखें खुली और मैं दूर जा girra...kuch समझ में hi नहीं आया किकैसे ...बस खुद को उन् दोनों से दूर गिर्रा हुआ paya....Main उठा और एक बार मास्टर की ओर dekha..wo फोकस करने का इशारा कर रही thi...Maine भी एक बार आँखें बंद की और अपना ध्यान एक जगह kiya..fir जब आखें खोल के देखा तो दांग रह gaya....unnn दोनों के शरीर के आस पास कुछ तो tha...kuch अजीब sa...koi जानवर जैसा कुछ बना hua...par क्या था वो मुझे वो समझ मैंउन नहीं aaya...abhi देख hi रहा था ककी उनमे से किसी एक ने अपना हार्थ आगे की ओर kiya...wo मुझसे बहुत ज्यादा दूर था पर फिर भी मुझे चोट lagi..uska हाथ मुझसे सच में बनहुत दूर tha....bas एक चीज दिखी मुझे और वो थी उनके शरीर से जो जानवर जैसा कुछ लगा हुआ था ना उससे मुझे चोट लगी thi...matlab ऐसा था kuh..ki उन् दोनों का शरीर किसी चीज़ में बंद हो गया था और जैसे जैसे वो अपने शरीर को हिलाते वैसे वैसे hi वो चीज़ भी हिलती थी....

ये सब देखने और समझने में मुझे वक़्त लग गया और साथ hi 2 - 3 बार यहाँ वह भी फेक्का गया जमीन उनके dwara...par जब सब समझ मेंब aaya...to ये क्लियर हो गया किस्से बचना है और किस्से लड़ना hai...ye समझ नहीं आता अगर मैंने धेयान से ये नाह देखा होता की जब दोनों के वो बॉडी में जो भी था आपस में एक बार टकराया तो दोनों hi औपनि जगह से हिल गए the...matlab अब मुझे समझ में आ गया था कहा पे हुम्ला लरना है...

मैंने एक लम्बी दौड़ लगायी और पहुंच गया बचते बचते उनमे से एक के pass...bahut करीब उतना जितना में जा सकता था और फिर वही पर से अपने हाथ पेअर फुल स्पीड में चलना शुरू कर दिया maine...Usse उनको थोड़ा सा सायद फर्क पड़ा हो और कुछ नहीं....

अब मैं समझ नहीं पा रहा था की अब क्या किया jaaye...fir से दो थीं फटके लग चुक्के थे mujhe...inn सब में पता नहीं कैसे सायद नशीब अच्छा है मेरा इस वजह se...mera ध्यान गया उन् दोनों पे एक बार फिर और इस बार देखा उनको तो वो थक्के हुए the...bahut hi ज्यादा थके hue...sayad अपनी पावर ज्यादा उसे करने से ये हो रहा था उनके साथ और जब ये देखा तो दिम्माग में आया अगर ऐसे नहीं हर्रा सकता तो इतना थका दूंगा की ये खुद गिर jaaye...bas फिर क्या था मैं बचता बचता उनके पास जाता उनपे हुम्ला करता और जब वो मुझपे हुम्ला करने आते तो मैं भाग jaata...ye करीब 20 मिनट तक चलता रहा और उसके बाद तो दोनों की हालत का पूछो hi maat...bahut थक गए थे वो दोनों....

थका हुआ मैं भी था पर उनके जितना नहीं और मास्टर की ट्रेनिंग की वजह से एक तो मैं उनके वो दाव पेंच बहुत आसानी से समझ जाता था और उनसे बच जाता था और एक बात ये की मेरी स्टैमिना बहुत ज्यादा थी to...bas जैसे hi वो थक्के और उनके ऊपर वो जो भी था वो ख़तम हुआ मैं पहुंच गया दोनों के पास और fir...fir क्या एक दो बार hi सायद पंच या लात का उसे किया होऔर वो दोनों निच्चे लुड़क gaye...jaise hi वो निच्चे लड़के और मेरा ध्यान मास्टर और बाकी सब की ओर गया to....Master नाराज़ लग रही थी वही बाकी के सारे shocked...wo सीसा जैसा जो भी था वो गायड हो गया था और रूम में कुछ लोग आये और उन् दोनों को लेके चले gaye...baaki सब मुझे देख रहे थे....

ा1 - (मास्टर से) मैडम ये तो कमल है इसने बिन्ना अपने स्पिरिट के मदद से इन् दोनों को जिनकी स्पिरिट मध्यम क्लास पे थी उनको हरा दिया...

मास्टर- यहाँ ोे अब जादू पे ज्यादा जोर नहीं देते है kya...ek भी मैजिक नहीं हुआ है यहाँ pe...kaise स्टूडेंट्स थे ये....

मास्टर की बात सुनके वो सब अपना सार निच्चे कर लेते है....

मास्टर- क्या बात है...

ा2- मैजिक टीचर है तो पर वो आती नहीं है यहाँ pe...darashal उनके साथ कुछ हो गया था यह कैसल म के तैखने में to...bas तब से....

मास्टर ने जैसे hi वो sunna...unki आँखें बड़ी हो गयी....

मास्टर- उस जगह को तो बंद कर दिया था ना फिर वो वह कैसे...

ा3- पता नहीं कैसे क्यों कब वो वह पहुंची पर उसके बाद से वो bas...aayi hi nahi...humne उनको स्कूल की तरफ से खाट लिखे पर जवाब भी नहीं आया कोई....

मास्टर- उंनसे मिलने गया था कोई ये पता चला क्या की वो सही है या नहीं...

ा2- जी उनसे मिलने गए थे कुछ लोग वो बिलकुल सही है बस स्कूल नहीं आना चाहती थी abhi...unka कहना है अभ...

अभी वो बोल hi रहा था की रूम में कोई आता है दौड़ता हुआ और वो सीधा मेरे ओर आके मुझे गले लगा लेता hai...main क्या जानू कोण है क्या है ऐसे hi गले लगा लिया...

उसमे गले लगाने से ये पता चला की वो लड़की hai...mujhse बड़ी है पर ये नहीं की कोण है कैसे पता चलता...

मास्टर ने उसको देखा....

मास्टर - पूनम tum...tum यहाँ क्या कर रही हो...

ा3 - मैडम aap...aap आ गयी...

मास्टर ने एक बार ा3 की ओर देखा फिर पूनम हुए मेरी ओर जहा पूनम जी ने मुझे गले से लगाया हुआ था...

मास्टर ने ा3 से पूछा पूनम के बारे में तो उन्होंने बताया की यही है मैजिक टीचर यहाँ की जो बहुत दिंनो से क्या महीनो से गायब thi...ye यहाँ आ hi नहीं रही thi...aur आज आयी है...

मैं कोशिश किये जा रहा था उनसे बचने की पर वो छोड़ने को तैयार hi नहीं थी मुझे....

मास्टर- पूनम ये यही है ab...chalo रूम में बात करते hai...(professors की ओर देख के) पास तो हो गया ना ये...

प्रोफेसर- है है पास है ये वो भी बहुत hi अच्छे परफॉरमेंस के saath...aap जाइये बाकी सब हम संभल लेंगे...

मास्टर ने उसके बाद मेरी ओर देखा जहा वो लड़की अभी भी गले लगी हुई थी और अब ना जाने क्यों रू रही thi...yaar पता नहीं कोण है ये पहले तो ऐसे गले लगा लिया और अब रू रही है पागल वागल तो नहीं है ना ye....kuch समझ में नहीं आता...

वो तो मास्टर ने उसको पकड़ के खड़ा किया और फिर समझाया तब वो हिल्ली वर्ण पता नहीं क्या है usme...uske बारे में भी जान लो चहेरा बिलकुल बर्फ सा सफ़ेद मतलब कुछ ज्यादा hi सफ़ेद था chahera...honth हलके gulabim..aankhen...annkhen बड़ी अजीब सी थी उसकी लाल जैसी kuch..infection होगा सायद.. बाल एकदम से काले और lambe...choti सी naak...aur ज्यादा जानना जरुरी नहीं है...

उनको लेके हम चल पड़े रूम की ओर जो पता नहीं कहा पे था. .

मैं बस पीछे पिच्छे चला जा रहा था मास्टर के और वो पूनम bhi...bas वो बार बार मुझे देखती और मुस्कुराती थी..

कुछ देर में दूसरे कास्तके में हम एक रूम में गए जो सायद मास्टर का था...

मास्टर- हम्म चलो बैठो दोनों...

हम दोनों बैठ गए....

मास्टर- पूनम तुम यहाँ कैसे मतलब कव से प्रोफेसर हो यहाँ पे...

पूनम - आपको मेरा नाम याद है...

मास्टर- नाम पता सब मालुम है वो सब छोड़ो और जो पूछा वो बताओ...

पूनम- नहीं पहले आप बताइये की आपने मुझे इससे दूर क्यों रखा क्यों नहीं हमारे परिवार को पता चलने दिया इसके बारे mein...aur जब दूर रखना hi था तो अब क्यों वापस ले आयी इस्को यहाँ जहा इसको खतरा हो सकता है...

मास्टर- वो एक लम्बी कहानी hai...abhi बस इतना समझो ये जरुरी tha...rahi बात इसको यहाँ लाने की तो खतरे से डरने के लिए पैदा नहीं हुआ है ye...ye लड़ेगा और जीतेगा bhi...ab....

अभी मास्टर कुछ और बोलती या मैं कन्फूसिओं में कुछ और बोलता उससे पहले hi किसी ने गेट को नॉक किया...

आज के लिए इतना hi बाकी अगले अपडेट mein...dekhte है ये पूनम कोण आ गयी और क्या बोले जा रही है साथ hi मिलेंगे कुछ नेस चरक्टेर्स से और भी कुछ बातें..

तो बनने रहिये
 
अपडेट -8

अब तक

Main...Prateek..apni मास्टर के saath...jinke साथ में रहता आया hu...aaj एक अजीब से जगह इ आ गया hu..mere ख्याल से यहाँ जादू सिखाते hai....Master को यहाँ बहुत रेस्पेक्ट मिल रही hai...maine अभी hi एक फाइट kiya....aur मैंने उन्हें थक्का के हर्रा भी diya....par उसके बाद कोई पूनम करके आती है और मुझे गल्ले लगा लेती hai...main इसको जानता भी nahi...kuch देर में पता चला वो यहाँ की मैजिक वाली टीचर hai....Master ने उसको और मुझे अपने साथ चलने को कहा और हम वह गए तब hi वो पता नहीं क्या क्या बोले जा रही thi..ki तभी गेट नॉक हुआ...

अब आगे..

मास्टर ने बस दरवाजे की ओर देखा और दरवाजा खुल gaya....main ये देख चौक जाता अगर आज जो कुछ भी हुआ वो नहीं हुआ होता तो पर अब वो सब देख ये समझ में आ गया था की मास्टर को भी बहुत कुछ आता है तभी उनकी इतनी रेस्पेक्ट है यहाँ....

दरवाजे पे वही आदमी था जिनसे मैं उनके ऑफिस में मिला था मास्टर के साथ...

आदमी - मैडम मुझे पता चला की हमारी मैजिक की प्रोफेसर मस. पूनम जी यहाँ आयी है तो मिलने चला aaya...unse..kya कुछ देर उनसे...

मास्टर - हम्म आइये

मैं वही था तो उस आदमी ने मुझे देखा फिर मास्टर ko...main समझ गया ये मेरे यहाँ होने पे सवाल उठा रहा hai....main उठा और जाने लगा बहार...

मास्टर - बालकनी में जाओ वह से बहार के नज़रो का मज़्ज़ा लो हमारी बातें जल्द hi ख़तम हो जायेगी...

मैं - जी मास्टर...

मैं रूम से होते हुए बालकनी में चला गया और बहार देखने laga...Badi hi अजीब जगह थी ye....saare लोग दीखते तो इंसान के जैसे hi थे लगभग पर सब अलग the...main अभी देख hi रहा था की वही लड़का वापस दिखा जिसको फाइट के लिए जाते वक़्त देखा था एक रूम mein...jisko वो लड़कियां घेरे हुए thi.....abhi वो आगे भाग रहा था और कुछ लड़कियां जो सायद वही क्लास वाली hi thi....apna हाथ आगे करके कुछ फेंक रही थी उसके upar...aur वो बेचारा भाग रहा tha..kabhi यहाँ कभी waha...main उसको देखे जा रहा था....

थोड़ी hi देर तो हुई थी की मास्टर ने मुझे अंदर आने को कहा मैं भी अंदर चला gaya....Waha गया तो वो पूनम ji...wo बड़ी खुश thi...pata नहीं क्या हुआ था उनको....

पूनम- मैडम इसको मैं ले जाऊं क्या शॉपिंग करने को..

मास्टर - हां ले jaaao...tumse अच्छा इसके लिए कोण शॉपिंग करेगा...

मैंने मास्टर की बात सुनने के बाद उनकी ओर देखा तो वो मुझे जाने के लिए कह रही थी...

अब ये सब बहुत अजीब हो रहा था मेटर मुझे इस अनजान से जगह पे एक अनजान के साथ शॉपिंग पे जाने को बोल रही hai....par मैं क्या बोलता मैं भी चल दिया उनके साथ..

पूनम - हम्म तो बच्चू पहले खाना काओगे yaa...shoping करे...

खाने से याद आया मैं नहाया भी नहीं hu....aur ऐसे hi घूम रहा हु....

पता नहीं उसको क्या hua...sayad ये दिम्माग पढ़ती ho....isne मुझे मेरा रूम बताया और बोलै थोड़ी देर में chalenge...pahle लंच फिर शॉपिंग जाओ अब....

मैं भी चुप चाप चला आया अपने रूम में par....ye भी बिलकुल वैसा hi था जैसे रूम में मैं कब से रहता आया hu...deewar पे वही पेंटिंग्स drawings....pata नहीं क्या है ये sab...ye देख hi रहा था की ीक कागज़ दिखा...

मैंने उसको uthaya...aur पढ़ने laga...ye मास्टर ने लिखा था...

मास्टर - सारे सामान तुम्हारे रूम के बिलकुल उसी तरह है...

मैंने कागज़ पढ़ा और फिर उसको साइड में रख diya...bathroom में गया और वह तैयार hua...thodi देर में जब बहार aaya...tabhi किसी ने दरवाजे पे नॉक किया...

मैंने दरवाजा खोला तो ये वही थी पूनम जी....

पूनम - हां चलो अब जल्दी se...lunch भी करना है...

मैं बड़ा उनकंफर्टबले महसूस कर रहा था इसके saath...yaar जान पहचान होती तो बात अलग थी ऐसे में मज़्ज़ा नहीं आ रहा था ना..

मैं बोलना चाहता था पर अब मासटर ने कहा था तो चल दिया मैं भी वैसे भी सामान तो खरीदने hi the...to इसी के saath...sahi...

हम दोनों उस कैसल से nikle...fir एक रूम में gaye...mere को समझ नहीं आया रूम में kyun...ye रूम उन्ही चार कैसल से थोड़ा सा साइड में बनाया हुआ tha...ek छोटा सा कमरा hi था bas...usme गया तो आँखें फटती की फटती रह gayi..dekhne में ये छोटा सा कमरा है पर ander...ander कोई बहुत बड़ा बाजार है....

पूनम- ये सब कुछ बभी नहीं है अभी तो बहुत कुछ देखना है बच्चू...

मैं - मेरा नाम प्रतीक है...

पूनम - हां पता है मुझे...

मैं - तो मुझे वही bulaiyega...ye बच्चू सही नहीं लगता मुझे...

ये सुनके पता नहीं क्या हुआ उनको वो वही पे मेरे गल्ले लग gayi...Matlab हाड है यार मार्किट है यहाँ तो,,,,

मैं - अरे आप बार बार ऐसे क्यों गले लग जाती हो...

पूनम को जब मैंने खुद से अलग किया तो उनकी आँखों में पानी tha...Mujhe लगा मैंने कुछ गलत कह दिया..

मैं - सॉरी अगर कुछ गलत कह दिया हो to..par आप...

पूनम - नहीं कुछ गलत नहीं कहा तुमने चलो अब शॉपिंग करते है...

ये बोलते हुए वो मुस्कुरा रही थी यार समझ नहीं आ रहा था हो क्या रहा है...

हमने शॉपिंग की सॉरी उसने शॉपिंग की और बहुत सी चीज़े ली usne....kapde किताबें और भी बहुत से चीज़ज़े जो सायद hi मैंने कभी देखि thi....ek तलवार भी लिया उसने....

शाम बीत गयी ये सब करने mein...Lunch तो बहार hi किया था अब डिनर भी बहार hi किया humne...Jab बहार आने के लिए हम जा रहे थे तो उसने सामान को एक बॉक्स जैसा कुछ था उसमे फेंक diya...aur मैं देखता रह गया..

मैं - अरे इतनी देर में ये सामान ख़रीदा और फेंक दिया आपने...

पूनम (हस्ते हुए) - फेंका नहीं है तुम्हारे रूम में पहुंचाया hai....chalo अब जाओ तुम रूम में और सब कुछ देख lena...Main चलती हु अपने रूम में...

मैं - हम्म ठीक है...

मैं जाने लगा की वो मुझे रोक के हगलो पे एक किश की जैसे बच्चो को करते है और चली गयी... :युक:

मैं अपने गाल साफ़ करते हुए वह से अपने रूम में गया तो वह पे मास्टर थी...

मैं - मास्टर आप....

मास्टर - हां कुछ बातें है जो सायद अब तुम्हे पता होना चाहिए....

मैं - जी मास्टर बताइये...

मास्टर- वो जो ladki...jiske साथ तुम घूम रहे थे वो तुम्हारी बड़ी बुआ hai...tumhare डैड की बहन...

मैं- क्या...

मास्टर - हम्म वो तुम्हारी रिलेटिव hai..par...

मैं - पर आपने तो कहा था....

मास्टर- वो सही वक़्त नहीं था तुम्हे बताने का ना hi अब है पर उसको देख के और उसकी बातें सुन मुझे लगता है तुम्हे उसके बारे में साब पता होना चाहिए...

मैं कुछ नहीं bola...itni बड़ी बात चुप्पी रही mujhse....aaj तक बस यही कहा था की मेरे माँ डैड का कोई नहीं tha..unhone मुझे मास्टर को मरते वक़्त सौंप दिया tha...aur आज अज्ज वही मास्टर जिनको मैं अब अपना सब कुछ माने लगा था वो कह रही है मेरी एक बुआ भी hai...Dukh तो होगा hi...

मास्टर- हम्म पता है बहुत से सवाल hai...apne शॉपिंग में dekho...usne पक्का तुम्हारे डैड की डेरी जो वो लिखजे करता था यहाँ राखी hogi...main ये सब इस लिए बताने आयी हु क्यूंकि मैं नहीं चाहती तुम अभी उसको पढ़ो...

अब चुप कैसे रहता main...mujhe मेरी बुआ ने मेरे डैड की डेरी दी है और मास्टर बोल रही है मैं उसको ना पढू...

मैं- क्यों मास्टर क्यों नहीं चाहती आप की मैं वो डेरी पढू....

मास्टर- क्या कहु इस बारे में बस इतना hi kahungi...tumhare माँ डैड ने मुझे क्यों चुनना तुम्हारिदेख रेख के liye...tumhare परिवार वालो को क्यों नहीं kaha.....socho इसके बारे mein....ab अगर फिर भी मेरी बात नहीं मानी तो पढ़ लो वो डेरी...

इतना बोल वो वह से चली gayi...Mujhe इस मजधार में छोड़ ke...ab समझ में hi नहीं आ रहा था की या karu...itna कुछ एक साथ संभल पाना सायद मुमकिन नहीं था मेरे लिए..

मैं सोचने लगा मास्टर की कही हुई बातों को की कुयूं माँ डैड मुझे उनके पास छोड़ gaye....kuch देर सोचा फिर लगा मुझे मास्टर की बात मान लेनी चाहिए और डेरी मैंने अलग रखने के लिए उसको ढूंढने laga....ajeeb था यहाँ डेरी अभी मिला भी नहीं और ये sab......bahut अजीब दिन है ये...

कुछ देर जब वो सामान देखा तो कोई डेरी मिली hi nahi...Matllab सही मजाक चल रहा है यहाँ पे मेरे saath...par अब मास्टर ने जब कहा की पूनम मेरी बुआ है तो है bas...ab उन्होंने कहा और साथ hi पूनम जी का भी बर्ताव वैसा hi था जैसे मैं वो मुझे जानती ho...to इसको मन्ना जा सकता tha...aur मैंने मान भी लिया....

अब सामान जो भी आया था उन् सब को मैं अच्छे से रखने लगा जब मैं ये कर रहा था तो एक कागज मुझे उसी तलवार के हैंडल में मिली जो मुझे पूनम बुआ ने खरीद के दिया tha...Maine उस कागज़ को खोला और देखा....

ये एक चिट्ठी थी....

चिट्ठी -:

तुमसे मिलना एक सपना सा लग रहा है मुझे मैंने कभी नहीं सोचा था की मैं तुमको वापस से देख paungi...Ab तक तो मैडम ने बता hi दिया होगा मैं बुआ हु tumhari....unko कभी याक्किन नहीं था मुझे ना hi हमारे बाकी के परिवार वालो पे की हम तुम्हारी रक्षा कर sakenge...aur वो सही भी thi...tabhi तो तुम उनके साथ the...Tumhare माँ डैड की मौत एक बहुत बड़ा झटका था हमारे liye...halaki हम अलग रहते the...kyunki तुम्हारे माँ डैड कुछ गलत और बुर्रे कामो में लग गए the...par फिर जब दोनों ने शादी की और तुम पैदा हुए तो सब बदल gaya...wo अपना पास्ट भूलना चाहते the...wo हमसे मिलने आये the...par हममे याक्किन नहीं kiya....aur ये गलती थी hamari...wo दोनों बदल गए थे पूरी तरह se...fir...ek दिन हमने उनसे मिलने का तय kiya....unhe अपने यहाँ लाने का यतय kiya...sab साथ में रहने वाले थे ki...jab हम घर से nikle...tabhi कोई आया हमारे paas...unke साथ तुम the...usne हममे वह ना जाने को कहा और हम आगे ना बढ़ पाए इसके लिए कोई जादू कर diya....aur फिर तुम्हे लेके वहासे गायब हो गया wo...kuch भी समझना मुश्किल था उस वक़्त की bas...kuch hi देर में हम सभी के saamne....tumhare माँ डैड की आत्माये aayi....iska मतलब वो दोनों जाए चुके the...unhone हममे अपने बारे में बताया और तुम्हारे बारे में bataya...kuch ऐसी बातें जो मेरा तुम्हे बताना सही नहीं hoga...ye अधिकार सिर्फ और सिर्फ मैडम का hi hai...wo सब बताने के बाद वो चली गयी और हमपे से वो जादू भी ख़तम हो gaya....par अब कुछ भी कर पाना मुमकिन नहीं tha...Hum गए तुम्हारे घर पे देखने पर वह मिली क्या तो बस बॉडीज दोनों ki...humne वह पे सब कुछ देखा पर और कुछ भी नहीं milla.......Tumhe लग रहा होगा की मैंने कैसे पहचान लिया tumhe....to इसका जवाब है की मुझे पार्थ और नीलम ने bataya....wahi पे जहा से सब शुरू हुआ tha....Castle म का वो taikhana...Main उस जगह पे एक दिन किसी तरह पहुंच गयी और फिर मुझे वह पे और फिर मुझे तुम दिखने lage...tumhara bachpan...sab kuch....sab कुछ देख पा रही थी main....tumhara स्कूल जाना वो sab....jab ये सब ख़तम हुआ ना तब मुझे वह पे कुछ रोशनी के गोले दिखे मुझे पक्का पता है वो तुम्हारे माँ डैड ने hi भेजे honge...Fir वो सारे वह से गायब हो गए और मैं भी उस जगह से निकल aayi...fir मैं तुम्हे ढूंढने लगी यहाँ वह और इसी वजह से यहाँ स्कूल में आना नहीं हुआ मेरा....

बस इतना hi लिखा था....

मैंने उस चिट्ठी को एक साइड में रख दिया और बीएड पे लेट के सोचने लगा par....kuc hi देर में सो gaya....haa ये अजीब है ना पर ये अक्सर होता है जब भी मैं रूम में आता hu...har बार ये सब होता hai....sayad वो ड्राइंग वो painyting...unki वजह se....ya कुछ और....

नींद मेरी अगले दिन खुलती है....

चलिए अब अगले अपडेट में देखेंगे.....

नेक्स्ट update....new क्लास नई फ्रेंड्स एंड नई प्रोब्लेम्स....
 
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